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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल....छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम: 5000 शिक्षक भर्ती का मार्ग हुआ प्रशस्त

रायपुर 24 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने आज 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। 

प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की मंशा के अनुरूप शिक्षा को राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों की भर्ती की सहमति देना इसी संकल्प का हिस्सा है। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इस निर्णय से स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी, ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए शिक्षा जैसे मूलभूत क्षेत्र को संसाधन उपलब्ध कराना हमारी सरकार की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता दोनों है।" - वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

"शिक्षा राज्य के विकास की सबसे सशक्त आधारशिला है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर विद्यालय में योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय न केवल शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।" -

                    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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सड़क दुर्घटना में घायलों को मिली एलएस एंबुलेंस की सहायता, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपलब्ध कराई है यह सुविधा, सड़क दुर्घटना में घायलों का बना जीवन रक्षक......

जशपुरनगर 24 अक्टूबर 2025 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा कुनकुरीवासियों को उपलब्ध कराया गया एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस एंबुलेंस में गंभीर रूप से घायल हुए मरीजों को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचने में सहायता मिल रही है। गुरूवार की शाम लगभग पौने 7 बजे कुनकुरी के सलियाटोली के पास दो बाइक के मध्य हुई सीधी भिड़ंत में दोनों बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही संजीवनी एंबुलेंस के जिला प्रबंधक दीपक साहू स्वयं एएलएस और एक संजीवनी एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए राजेश गुप्ता को एएलएस एंबुलेंस मे लाईफ स्पोर्ट सिस्टम की सहायता से अस्पताल तक पहुंचाया गया। वहीं समान्य रूप से घायल बाइक चालक को संजीवनी एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया। घायलों  के परीक्षण व प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल राजेश गुप्ता को बेहतर उपचार के लिए रांची रेफर कर दिया है। वहीं दूसरे घायल का उपचार हालीक्रास अस्पताल में जारी है। 
ट्रामा वैन से एडवांस है एएलएस एंबुलेंस -
   संजीवनी एंबुलेंस सेवा के जिला प्रबंधक दीपक साहू ने बताया कि एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस एक तरह से चलता हुआ आईसीयू है। उन्होनें बताया कि इस एंबुलेंस में कार्डियक मानिटर लगा होता है। इसमें मरीज के हार्ट बीट और प्लस रेट की निगरानी की जाती है। इसके साथ ही डी फबुलेटर की सुविधा भी इसमें दी गई है। इस मेडिकल इक्यूपमेंट का उपयोग गंभीर मरीज की जान बचाने झटका देने के लिए किया जाता है। आईसीयू की तरह इन्फ्यूजन पंप की सुविधा भी है। इसका उपयोग घायल मरीज को अस्पताल पहुंचने तक विशिष्ट रूप से दवा देने के लिए किया जाता है। जिले में अगस्त 2024 से दो एएलएस एंबुलेंस घायलों की जान बचाने के लिए सेवा दे रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एक एएलएस एंबुलेंस कुनकुरी और एक जशपुर के जिला चिकित्सालय में तैनात किया है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और घोषणा पर लगी मुहर,जशपुर सहित 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण को मिली 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर, 24 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा।

प्रत्येक नर्सिंग महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। ये नवीन नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी।


"हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।" -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।" - स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर सृजन और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।" - वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी

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विद्यार्थियों के हित में माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की विशेष पहल : मानसिक तनाव को दूर करने हेल्पलाइन सेवा हुआ जारी

रायपुर, 24 अक्टूबर 2025 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को दूर करने हेतु एक विशेष हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की जा रही है। देश में आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं तथा शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए मण्डल ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है l इस हेल्पलाइन से विद्यार्थी अपने मानसिक तनाव, घबराहट या अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त कर सकेंगे।
           यह हेल्पलाइन सेवा माध्यमिक शिक्षा मण्डल कार्यालय, रायपुर में संचालित की जाएगी। विद्यार्थी टोल फ्री नम्बर 1800-233-4363 पर प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इस सेवा का शुभारंभ 31 अक्टूबर 2025 से किया जा रहा है। इस अवधि में योग्य मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
           छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल का यह प्रयास विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय एवं सकारात्मक पहल है।

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जशपुर जिले को मुख्यमंत्री ने दी और एक बड़ी सौगात, कांसाबेल–बगीचा मार्ग के मजबूतीकरण व पुलिया निर्माण कार्य के 29 करोड़ 37 लाख रूपए की दी मंजूरी,


जशपुरनगर 24 अक्टूबर 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात दी है। वर्ष 2025-26 के बजट में कांसाबेल–बगीचा मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सड़क लगभग 39 किलोमीटर लंबी होगी,जिसके लिए 29 करोड़ 37 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।इस मार्ग के मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुलिया निर्माण भी शामिल है।इस सड़क निर्माण से कांसाबेल, बगीचा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आवागमन की सुविधा में बड़ी राहत मिलेगी।खासकर यह मार्ग कांसाबेल विकासखंड के क्षेत्र वासियों को बगीचा तक आवागमन के लिए सुगम होगी,वहीं यह मार्ग जशपुर जिले को सरगुजा जिले को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग भी है।

  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि –“प्रदेश के हर जिले में सड़क और आधारभूत संरचना का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। ग्रामीण अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रदेश सरकार का संकल्प है।इस स्वीकृति के साथ जशपुर जिले के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलने जा रही है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।इस सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने पर क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर है।

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आदिवासियों के 14 विद्रोहों और जंगल सत्याग्रह एवं झंडा सत्याग्रह के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन...राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे देश के पहले डिजीटल संग्रहालय का लोकार्पण


रायपुर, 24 अक्टूबर 2025 : 

नवा रायपुर अटल नगर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विद्रोहों पर बन रहे स्मारक सह-संग्रहालय जल्द ही लोगों के लिए समर्पित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के मौके पर देश के पहले डिजीटल संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज निर्माणाधीन संग्रहालय स्थल का निरीक्षण कर लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गौरतलब है कि राज्य सरकार इस वर्ष छत्तीसगढ़ निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती के रूप में मना रहा हैं। नवा रायपुर में बन रहे शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय के निर्माण कार्यों का निरीक्षण के दौरान मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आगंतुकों एवं पर्यटकों के हिसाब से संग्रहालय में आडियो-विडीयो विजुवल की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि आगंतुक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संबंध में भंलिभांति परिचित हो सके। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना का परिणाम है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक स्मारक सह-संग्रहालय धरातल पर दिखाई देगा। यह निर्माणाधीन संग्रहालय सदियों के लिए आने वाली नई पीढ़ियों को पुरखों का याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि सभी वर्गों सहित देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणाप्रद बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस जीवंत संग्रहालय के माध्यम से लोगों में बड़ी से बड़ी ताकतों के अन्याय, अत्याचार के खिलाफ विद्रोह करने का साहस पैदा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि सोच का परिणाम है कि आज प्रदेश का पहला संग्रहालय है जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शौर्य गाथा एवं बलिदान को समर्पित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी राज्योत्सव के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रस्तावित उद्घाटन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति की जानकारी ली।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को संग्रहालय में निर्माणाधीन 14 गैलरियों सहित झंडा सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह, जनजातीय संस्कृतियों पर बने गैलरियों आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ वन एवं जलवायु परिर्वतन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री महादेव कावरे, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ रवि मित्तल, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, टीआरटीआई संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित  अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   
वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क से तैयार हो रहा है संग्रहालय
गौरतलब है कि यह स्मारक सह- संग्रहालय छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारिकी के साथ अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया रहा है। संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन स्टैच्यू के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। वहीं आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत प्रस्तुति के सामने स्कैनर से मोबाईल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।  
16 गैलेरियों में तैयार हो रहा है संग्रहालय
उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे - हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है।

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जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने 35 दीदियों को लखपति दीदी बनने की उपलब्धि पर किया गया सम्मानित

जशपुरनगर 24 अक्टूबर 2025/ जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास और स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली लखपति दीदियों, सरपंच गणों एवं स्वच्छग्रही दीदियों का भव्य सम्मान समारोह और एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत जशपुर के सभाकक्ष में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में सभी आठ विकासखंड से कुल 35 दीदियों को लखपति दीदी बनने की उपलब्धि पर सम्मानित किया गया। उपस्थित लखपति दीदियों के साथ साथ , उत्कृष्ट कैडर , उत्कृष्ट बीसी सखी एवं अति उत्कृष्ट लखपति दीदियों ने अपने अनुभव और सफलता की कहानी का उद्बोधन किया । लखपति दीदियों में बबीता सिदार बीसी सखी पत्थलगांव, अनीता साहू एफएलसीआरपी कांसाबेल , बेबी गुप्ता बीसी सखी मनोरा एवं सुलेमा तिर्की  पत्थलगांव से किराना  एवं कटहल प्रसंस्करण में किए गए कार्यों की चर्चा की ।
           कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर श्री अभिषेक कुमार ने की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि “बिहान मिशन ने जशपुर जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में नई पहचान दी है। आज हमारी लखपति दीदियाँ न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव की प्रेरणा बन चुकी हैं।”
             उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के लिए वर्ष 2024 से 2027 तक 30,877 लखपति दीदियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से वर्ष 2024–25 की शुरुआत में ही 18,218 दीदियाँ एक लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आमदनी प्राप्त कर चुकी हैं, जबकि 12,659 दीदियों का लक्ष्य वर्ष 2025–26 के लिए रखा गया है। अब तक 70,079 संभावित लखपति दीदियाँ चिन्हांकित की जा चुकी हैं। इन दीदियों को सीआईएफ, बैंक लोन तथा मुद्रा लोन के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
              विशेष उल्लेखनीय है कि मुद्रा लोन की उपलब्धि में जशपुर जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। वर्ष 2025–26 में 4,330 स्व-सहायता समूहों को लगभग 102 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि वर्ष 2024–25 में 5,000 समूहों को लगभग 125 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिले में पशुपालन,रेशम धागा उत्पादन, मत्स्य पालन, कृषि, उद्यानिकी ,किराना व्यवसाय, उद्यमिता प्रशिक्षण, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
       खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में “जशप्योर ब्रांड” ने जिले की पहचान पूरे प्रदेश और देश में बनाई है। यह ब्रांड पैकेजिंग और ब्रांडिंग के क्षेत्र में पूरे राज्य में सर्वश्रेष्ठ पाया गया है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रहा है। इस अवसर पर ग्राम पंचायतों के सक्रिय सरपंचों एवं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्वच्छग्रही दीदियों का भी सम्मान किया गया।
इन दीदियों ने ग्राम स्तर पर स्वच्छता, जन-जागरूकता और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
     मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में  कहा कि “स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली है। जशपुर की स्वच्छग्रही दीदियाँ इस सोच को घर-घर तक पहुँचा रही हैं।”
         कार्यक्रम के दौरान सीईओ जिला पंचायत  के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन की विशेष सराहना की गई। साथ ही बिहान जिला दल, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बैंक प्रतिनिधियों को भी इस सामूहिक प्रयास के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने लखपति दीदियों, सरपंचों और स्वच्छग्रही दीदियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और गर्व से ओतप्रोत रहा।

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जशपुर की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, बेमिसाल हस्तशिल्प और आत्मीय आतिथ्य ने जर्मनी के मेहमानों को गहराई से किया प्रभावित 

जशपुर 24 अक्टूबर 25/ जशपुर की जनजातीय संस्कृति ने जर्मन मेहमानों को किया मंत्रमुग्ध,जशपुर की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, बेमिसाल हस्तशिल्प और आत्मीय आतिथ्य ने जर्मनी से आए मेहमानों को गहराई से प्रभावित किया। श्री बर्नहार्ड और श्रीमती फ्रांजिस्का ने क्षेत्रीय स्टार्टअप “ट्रिप्पी हिल्स” के अनुभवात्मक पर्यटन कार्यक्रम के तहत यहां के जनजातीय समुदायों के जीवन, कला और संस्कृति को करीब से महसूस किया।
यात्रा की शुरुआत हुई मलार समुदाय से, जो अपने सुंदर आभूषणों और हस्तनिर्मित उपयोगी वस्तुओं के लिए प्रसिद्ध है। बारीकी से बनाए गए ये शिल्प न केवल स्थानीय पहचान का प्रतीक हैं, बल्कि परंपरा और रचनात्मकता की गहराई को भी दर्शाते हैं। इसके बाद उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा जनजाति के जीवन शैली और रहन सहन खान पान को देखा, जहां प्रकृति के साथ सामंजस्य में जीने की सीख हर पहलू में झलकती है।
         यात्रा का एक विशेष पड़ाव रहा अगरिया समुदाय, जो आज भी पारंपरिक लौह गलाने की प्राचीन तकनीक को जीवित रखे हुए हैं। धधकते भट्टों और हाथ से चलने वाले औजारों के बीच इस शिल्प की झलक ने दोनों मेहमानों को अचंभित कर दिया।

     यात्रा का समापन हुआ जशपुर के स्थानीय जनजातीय हाट बाजार में, जहां रंग-बिरंगे वस्त्र, मिट्टी की खुशबू और पारंपरिक संगीत ने जनजातीय जीवन की विविधता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
       इस अनूठे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सफल बनाने में कल्चर देवी और अनएक्सप्लोर्ड बस्तर की संयुक्त भूमिका रही। उनके सहयोग से न केवल विदेशी मेहमानों ने जशपुर की आत्मा को महसूस किया, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी अपने हुनर और संस्कृति को साझा करने का अवसर मिला।
         यह यात्रा इस बात का सशक्त प्रमाण बनी कि जशपुर की संस्कृति केवल इतिहास नहीं, बल्कि एक जीवित, सांस लेती विरासत है, जो हर आगंतुक को अपने रंगों और आत्मीयता से बाँध लेती है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा: सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देश

रायपुर 24 अक्टूबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आगामी छत्तीसगढ़ प्रवास के मद्देनज़र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दौरान प्रत्येक व्यवस्था उत्कृष्टता का प्रतीक बने और प्रदेश की संस्कृति, आत्मगौरव एवं प्रगति की झलक हर स्थल पर दृष्टिगोचर हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक

मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके। उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

*राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सचिव श्री राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा है ऐतेहासिक विस्तार: सालिक साय, कहा कांग्रेसियों की झूठ की राजनीति को समझ रही है जशपुर की जनता, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा के सुशासन का दिख रहा है असर.....


जशपुरनगर 24 अक्टूबर 2025 :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार के लिए दो साल में ऐतीहासिक कदम उठाएं है।जशपुर में मेडिकल कालेज शुरू करने के लिए 220 बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने अपने दूसरे बजट में स्वीकृति देते हुए इसके लिए 32 करोड़ की राशि भी जारी कर चुकी है।इसके लिए कांग्रेसियों को चिंता करने की नहीं जानकारी लेने की जरूरत है। जशपुर की जनता मुख्यमंत्री विष्णुदेव के सुशासन में जिले के हो रहे विकास की प्रत्यक्ष गवाह है। प्रस्तावित मेडिकल कालेज के संबंध में उन्होनें बताया कि  इस अस्पताल के निर्माण के लिए चराईडांड़ के पास जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। यह अस्पातल आगे चल कर मेडिकल कालेज का रूप लेगा। इस बीच,50 सीट से अस्थायी मेडिकल कालेज की पढ़ाई शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसके लिए जशपुर के झरगांव में संचालित पालिटेक्निक कालेज भवन और  कौशल विकास केंद्र भवन का प्रस्ताव रखा है। जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सालिक साय ने कहा कि मेडिकल कालेज शुरू हो जाने से जशपुर जिले की जनता की एक बरसों पुराना सपना पूरा हो जाएगा। इस बारे में कांग्रेसी पांच साल सरकार में रहने के दौरान सोच भी नहीं सके। 

जिले में 24 एंबुलेंस और 2 ट्रामा वैन

जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने बताया कि इस समय जिले में 24 एंबुलेंस लोगों को सेवाएं दे रही है। कांग्रेस के शासन काल में इसकी संख्या 10 तक सिमटी हुई है। कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र की बात की जाए तो यहां कुनकुरी में एक 3 एंबुलेस जिसमें एक एलएस एंबुलेंस (एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस) भी शामिल है। इसके साथ ही नारायणपुर,तपकरा,फरसाबहार,दुलदुला,कोल्हेनझरिया,करडेगा में एक-एक एंबुलेंस तैनात है। जिले के सभी 8 ब्लाक में एक-एक शव वाहन उपलब्ध कराया गया है। जिले में कहीं भी एंबुलेंस और शव वाहन की कोई कमी नहीं है। 

गांव से लेकर शहर तक अस्पतालों का विस्तार

 सालिक साय ने कहा कि बीते दो साल के अंदर जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल से लेकर शहरी क्षेत्र तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार ने काम किया है। जिला मुख्यालय में 35 करोड़ की लागत से जगदेव राम स्मृति अस्पताल भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह अस्पताल सीटी स्केैन,एमआरआई,आपातकालिन चिकित्सा जैसे आधुनिक संसाधनों से लैस होगा। इसके लिए आवश्यक सभी पदों में भर्ती के लिए स्वीकृृति देते हुए,प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही कुनकुरी में 8 करोड़ की लागत से मातृ शिशु अस्पताल और डायलिसिस केंद्र की स्वीकृति भी मिल चुकी है। जशपुर में फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के लिए 14 करोड़ और कोतबा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 4.37 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए हैं। गंभीर बीमारी से जूझ रहे जिलेवासियों को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंर्तगत 62 मरीजों को 2.85 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

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कलेक्टर रोहित व्यास ने  राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के तैयारीयों को लेकर के खेल स्टेडियमों का किया निरीक्षण,दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

*कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने खेल स्टेडियमों का किया निरीक्षण*

जशपुरनगर, 24 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर को खेलों का गढ़ बनाने की दिशा में निरंतर पहल की जा रही है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश पर जिला प्रशासन स्वीकृत खेल मैदानों, अकादमियों और स्टेडियमों के निर्माण को गति दे रहा है। साथ ही राज्य स्तरीय खेल आयोजनों की तैयारी भी तेजी से चल रही है, ताकि  खिलाड़ियों को बड़े मंच मिल सकें। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री व्यास ने गुरूवार को इन्डोर बैडमिंटन स्टेडियम, तरण ताल, जिला चिकित्सालय के समीप इण्डोर स्टेडियम, ताइक्वाडों स्टेडियम और निर्माणाधीन बास्केटबाल स्टेडियम का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 
      अगामी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरूवार को इन्डोर बैडमिंटन स्टेडियम का निरीक्षण किया।  इस दौरान उन्होंने स्टेडियम में बेहतर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सीपेज समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने दीवारों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाने वाले साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु, प्रकाश पादुकोण जैसे खिलाड़ियों की थ्रीडी पेंटिंग लगाने को कहा, ताकि युवा खिलाड़ी प्रेरित हो सकें। कलेक्टर ने रणजीता स्टेडियम के पास स्थित तरण ताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को तैराकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु कोर्स डिजाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने अलग-अलग आयु वर्ग के लड़के-लड़कियों के लिए अलग ग्रुप बनाकर प्रशिक्षण देने और महिला प्रशिक्षक की व्यवस्था करने को कहा।
        इसके अलावा कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के समीप इनडोर स्टेडियम में निर्माणाधीन वाल क्लाइम्बिंग प्रशिक्षण सेंटर का निरीक्षण कर इसे गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। इस सेंटर में पर्वतारोहण के इच्छुक युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।  इसके साथ ही कलेक्टर ने इनडोर ताइक्वांडो स्टेडियम में प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और लाइटिंग, साफ सफाई व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने हॉकी स्टेडियम के पास निर्माणाधीन बास्केट बाल कोर्ट का निरीक्षण किया और आज की नवीनतम मानकों को ध्यान में रखकर गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा,  यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे

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कलेक्टर ने छठ घाटों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जाएगा

जशपुरनगर, 24 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को जशपुर के दोनों प्रमुख तालाबों के छठ घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाटो पर लाइटिंग की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
    कलेक्टर ने  तलाबों में प्रशिक्षित गोताखोरों की व्यवस्था करने के और आवश्यक बचाव उपकरण और कर्मचारियों की तैनाती करने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा उन्होंने घाटो तक पहुंचने वाले मार्गों को दुरुस्त करने के साथ ही कचरा निष्पादन की  व्यवस्था करने और पार्किंग स्थल चिन्हांकित करने को कहा।

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दिव्यांग बच्चों के लिए बनने वाले आदर्श आवासीय परिसर का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता के समय सीमा में पूर्ण करने दिए निर्देश

जशपुरनगर, 24 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को जशपुर के गम्हरिया स्थित शासकीय दृष्टि बाधितार्थ बालक-बालिका विशेष विद्यालय के निकट  दिव्यांग बच्चों हेतु बनने वाले आदर्श आवासीय परिसर के लिए चिन्हांकित स्थल का निरीक्षण किया।  01 करोड़ 77 लाख 43 हजार रुपए की लागत से बनने वाले इस परिसर का उद्देश्य दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है। इस  आवासीय परिसर में दृष्टि बाधितार्थ विद्यार्थियों के लिए कक्षा 6वीं से 12वीं तक तथा श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए कक्षा पहली से 12वीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें दृष्टिबाधित छात्रों के लिए ब्रेल लिपि आधारित पाठ्यक्रम और श्रवण बाधित बच्चों के लिए सांकेतिक भाषा पर आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
    कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों से कहा कि परिसर का निर्माण गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा किया जाए, साथ ही विशेष सुविधाओं और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह परिसर एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद गुप्ता, समाज कल्याण विभाग के सहायक अधीक्षक श्री वेद प्रकाश कुलदीप सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सव : जशपुर में होगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025' का आयोजन....सजेगा ‘ रोमांच, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत उत्सव

रायपुर, 23 अक्टूबर 2025/छत्तीसगढ़ का पर्वतीय और हरियाली से आच्छादित जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। यहाँ आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाले ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ में प्रदेश और देशभर से पर्यटक प्रकृति की गोद में रोमांचक अनुभवों, जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक उत्सव के रंगों का आनंद लेंगे।  यह आयोजन प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सव

जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इन चार दिनों में यह जिला उत्साह, उमंग और अनूठे अनुभवों का जीवंत मंच बन जाएगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां रोमांचक खेलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनजातीय लोकपर्वों की रंगीन झलक का आनंद लेंगे।

हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच

इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे। नीले आसमान और हरी वादियों का यह संगम एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।

कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंद

फेस्टिवल में कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ रोमांच प्रेमियों को अपनी सीमाओं को परखने का अवसर देंगी। झरनों की धारा में कयाकिंग और जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर एटीवी चलाने का रोमांच हर आगंतुक के लिए यादगार रहेगा।

फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव

प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।

खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स

रात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा।

लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौल

हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। पारंपरिक गीतों की धुन और आग की लपटों के बीच साझा होती मुस्कानें इस आयोजन को आत्मीयता का नया अर्थ देंगी।

फेस्टिवल में स्थानीय व्यंजनों का विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे। 

‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी और आदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी।

जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है। 

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगी पहचान

इस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी।

 "हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। जशपुर जम्बूरी 2025’  न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा करते हैं। जशपुर के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, उतने ही उत्साही और साहसी भी हैं।

 ‘जशपुर जम्बूरी’ जैसे आयोजन इस क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहे हैं। यह फेस्टिवल छत्तीसगढ़ को ‘एडवेंचर टूरिज्म हब’ के रूप में आगे  बढ़ाएगा।" - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत चन्दन बाई जी को दी श्रद्धांजलि:शोक संतप्त परिवार से मिलकर व्यक्त की संवेदना

रायपुर, 23 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची की माताजी स्वर्गीय श्रीमती चन्दन बाई जी की तेरहवीं एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर श्री मरपच्ची सहित शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे स्वर्गीय चन्दन बाई जी की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

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खनिजों से चमक रही छत्तीसगढ़ प्रदेश की अर्थव्यवस्था – खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि

हरित विकास और आर्थिक समृद्धि का छत्तीसगढ़ मॉडल

खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण दोहन – आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

वन संरक्षण और खनन का संतुलन: विकास के साथ हरियाली का विस्तार

रायपुर 23 अक्टूबर 2025/छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है। 

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है। 

खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है। 

छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।

चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, श्री सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।

देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।

राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं। 

छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है।

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बगीचा - तंत्र मंत्र के चक्कर मे भतीजे ने अपनी रिश्ते  की फुआ को टांगी से मारकर कर दी हत्या,पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल


     जशपुर 23 अक्टूबर 2025 :  ग्राम जामुन जोबला निवासी प्रार्थी पंकज पहाड़ी, उम्र 45 वर्ष ने थाना बगीचा में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 21.10.25 की शाम को वह अपनी पत्नी मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी उम्र 40 वर्ष के साथ, अपने ग्राम में ही पड़ोस के एक व्यक्ति के घर हंडिया पीने  गए हुए थे, व शाम करीबन 05.30 बजे के लगभग पड़ोस से हंडिया पीकर वापस लौट रहे थे, उसकी पत्नी मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी, पेशाब करने के लिए रुकी हुई थी, कि इसी दौरान प्रार्थी का रिश्ते का भतीजा आरोपी मुकेश पहाड़ी, जो कि उनका पीछा करते हुए आ रहा था,हाथ में टांगी लेकर आया व प्रार्थी की पत्नी मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी, जो कि आरोपी मुकेश पहाड़ी की रिश्ते में फ़ुआ थी, के गले में टांगी से वार कर दिया, फिर प्रार्थी के ऊपर भी टांगी से वार किया था, जिससे कि प्रार्थी के दाहिने पैर के घुटने में  चोट लगा है, प्रार्थी भय से वहां से भाग गया, फिर कुछ देर में, आरोपी मुकेश पहाड़ी के वहां से चले जाने के बाद, प्रार्थी, अपनी पत्नी के पास आकर देखा तो पाया कि, उसके गले से, खून बह रहा था, व उसकी मृत्यु हो गई थी। प्रार्थी व आरोपी मुकेश पहाड़ी के परिवार के मध्य, खेती की जमीन को, कमाने के नाम पर पूर्व में लड़ाई, मारपीट हो चुका था, शायद उसी तरह बात को आरोपी मुकेश पहाड़ी के, उसकी पत्नी की हत्या की गई होगी।
             चूंकि मामला हत्या का था व आरोपी नामजद था, अतः मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल थाना बगीचा में आरोपी मुकेश पहाड़ी उम्र 22 वर्ष के विरुद्ध बी एन एस की धारा 103(1) व 109 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया। व आरोपी की गिरफ्तारी तथा घटना स्थल के निरीक्षण हेतु बगीचा पुलिस की टीम तत्काल ग्राम जामुन जोबला रवाना हुई, पुलिस के द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर, शव का पंचनामा किया गया, व शव का डॉक्टर से पोस्ट मार्डम कराया गया। शॉर्ट पोस्ट मार्डम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण मृतिका के गले में, टांगी की वार से आए चोट से होना बताया गया।,
        आरोपी मुकेश पहाड़ी, हत्या करने के बाद से फरार था, पुलिस के द्वारा उसकी पातासाजी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को घटना दिनांक की रात्रि में पता चला कि आरोपी मुकेश पहाड़ी, ग्राम जामुन जोबला में ही एक अन्य घर में छिपा हुआ है, जिस पर पुलिस टीम के द्वारा, घेराबंदी कर आरोपी मुकेश पहाड़ी को हिरासत में लेकर थाना गया।
          पुलिस की पूछताछ पर आरोपी मुकेश पहाड़ी के द्वारा अपराध स्वीकार करते हुए बताया गया कि, उसका अपने गांव के ही रिश्ते के फूफा  पंकज पहाड़ी व फुआ मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी के साथ काफी समय से, खेती की जमीन का, कमाने के नाम से विवाद चल रहा था, घटना के पांच माह पूर्व , उसी बात को लेकर आरोपी मुकेश पहाड़ी का पंकज पहाड़ी के परिवार के साथ, वाद विवाद तथा मारपीट भी हुई थी। अभी कुछ दिनों से आरोपी मुकेश पहाड़ी के बच्चों की तबीयत, अधिकतर खराब रह रही थी, उसे शक था कि, उसकी फुआ मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी के द्वारा ही उसके बच्चों पर तंत्र मंत्र कर दिया गया था, जिससे वह अत्यंत   क्षुब्ध था, कि दिनांक 21.10.25 को शाम करीबन 05.30 बजे जब उसके फूफा पंकज पहाड़ी व फुआ मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी , गांव के ही एक घर से हड़िया पीकर आ रहे थे, तब आरोपी मुकेश के द्वारा घर से टांगी लेकर, हत्या करने की नियत से, उनका पीछा किया गया, रास्ते में जब एक जगह मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी रुकी थी, उसी दौरान आरोपी मुकेश पहाड़ी के द्वारा, मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी के गले में टांगी से वार कर हत्या कर दी गई व फूफा पंकज पहाड़ी के ऊपर भी वार किया गया था, परंतु वह भाग गया। पुलिस के द्वारा आरोपी मुकेश पहाड़ी की निशानदेही पर उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी व हत्या के दौरान पहने कपड़े को भी जप्त कर लिया गया है।
        पूछताछ पर आरोपी मुकेश पहाड़ी उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम जामुन जोबला के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
      मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक गौरव कुमार पांडे, प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह, आरक्षक फुलजेंस टोप्पो व नगर सैनिक बलि राम रवि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
          मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि बगीचा क्षेत्र के ग्राम जामुन जोबला में एक व्यक्ति ने तंत्र मंत्र के शक पर, एक महिला की टांगी से मारकर हत्या कर दी थी, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज भेज दिया है, व हत्या में प्रयुक्त टांगी  तथा हत्या के दौरान आरोपी के द्वारा पहने कपड़े को भी जप्त कर लिया है।

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पतराटोली के नारी शक्ति ग्राम संगठन में समूह के दीदियों को दी गई पोषण स्वच्छता और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी 

जशपुरनगर 23 अक्टूबर 2025/ जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु  स्वरोजगार, उद्यमिता एवं समूह-आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे है और शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शत् कार्य किया जा रहा है।
              इसी कड़ी में रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर विगत दिवस कलस्टर संगठन एवं ग्राम संगठन के संयुक्त तत्वावधान में जनपद पंचायत दुलदुला के ग्राम पंचायत पतराटोली के नारी शक्ति ग्राम संगठन में समूह के दीदियों को पोषण, स्वच्छता, लैगिंग उत्पीड़न के संबंध में जानकारी दी गई और जागरूक किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस दौरान स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका आधारित गतिविधियों की जानकारी भी प्रदान की गई।

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