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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी बड़ी सौगात:–उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए दो महाविद्यालयों की होगी स्थापना

जशपुरनगर 21 अक्टूबर 25/छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार प्रभावी कदम उठा रहे हैं। अब मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार , करडेगा महाविद्यालयों के संचालन के लिए शिक्षकीय और कार्यालयीन कर्मचारियों की पदस्थापना की स्वीकृति दी है। इस कदम से प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में  युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर मिलने की दिशा में एक नया अध्याय शुरू होगा। मुख्यमंत्री की इस पहल से जशपुर जिले के फरसाबहार, दुलदुला के करडेगा ,बस्तर के नगरनार और किलेपाल में नवीन महाविद्यालयों का संचालन संभव हो सकेगा। छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग ने इन महाविद्यालयों के लिए एक-एक प्राचार्य, 48 सहायक प्राध्यापक, 4 ग्रंथपाल, 4 क्रीड़ाधिकारी और 4 प्रयोगशाला सहायक पदों को स्वीकृति दी है। अब राज्य सरकार इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करेगी।


*जशपुर जिले के छात्रों के लिए बड़ी राहत*

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम से जशपुर जिले के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जिले के फरसाबहार और दुलदुला के करडेगा में महाविद्यालयों के स्थापना से स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्र में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।फरसाबहार में लंबे समय से महाविद्यालय की मांग की जा रही थी।अब यहाँ महाविद्यालय स्थापित होने से यहाँ के छात्रों को तपकरा या बागबहार की ओर दौड़ने की आवश्यकता नहीं होगी। विशेष रूप से छात्राओं को इस पहल से घर के पास ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिलेगी।
वहीं, दुलदुला ब्लॉक के करडेगा में चारों ओर घने जंगल हैं, और छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए ब्लॉक मुख्यालय दुलदुला जाना पड़ता था।अब यहाँ भी महाविद्यालय के संचालन से छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में होने वाली दिक्कतें समाप्त हो जाएंगी।

प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में मुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण कदम

इस कदम के साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह राज्य के युवा और शिक्षा क्षेत्र के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रदेश में उच्च, तकनीकी और स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार के लिए इस तरह के कदम शिक्षा के स्तर को सुधारने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।मुख्यमंत्री के इस पहल का जशपुर जिले के छात्रों और उनके परिवारों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा उनका आभार व्यक्त किया है।

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जिले के पत्रकारों को मिली बड़ी जिम्मेदारी — राज्य एवं संभाग स्तरीय अधिमान्यता समितियों में मिली जगह,

जशपुर 20 अक्टूबर 2025 :  राज्य शासन द्वारा राज्य स्तरीय एवं संभाग स्तरीय अधिमान्यता समितियों के सदस्यों के नामों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है। इस सूची में जशपुर प्रेस क्लब के पत्रकारों को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला है, जिससे जिले के पत्रकारों में हर्ष का माहौल है।

राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ संचार प्रतिनिधि कल्याण समिति में जशपुर प्रेस क्लब के संरक्षक विजय त्रिपाठी को शामिल किया गया है। वहीं सरगुजा संभाग अधिमान्यता समिति में जशपुर से विकास पांडे (अध्यक्ष, जशपुर प्रेस क्लब एवं ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर), रविन्द्र थवाईत (ब्यूरो चीफ नई दुनिया) और दीपक सिंह (संवाददाता, NEWS18) को सदस्य के रूप में स्थान मिला है।

इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर जशपुर प्रेस क्लब के सभी सदस्यों एवं जिलेभर के पत्रकारों ने चयनित पत्रकार साथियों को बधाई दी है। पत्रकारों का कहना है कि यह जशपुर प्रेस क्लब की सक्रियता और निष्पक्ष पत्रकारिता की पहचान है, जिसने जिले का नाम एक बार फिर राज्य स्तर पर रोशन किया है।
पत्रकारों का मानना है कि इन समितियों में जिले के प्रतिनिधित्व से स्थानीय पत्रकारों को इसका लाभ होगा।

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गृह ग्राम बगिया में मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के साथ दीपावली का मनाया त्योहार ....प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी

जशपुर 20 अक्टूबर 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव देव साय ने अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में उत्साह और उमंग के साथ दीपावली का त्योहार मनाया इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या और परिवार के सदस्य भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियो को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है और परिवार के साथ मिलकर समय बिताने का अवसर मिलता है।
दीपावली हम सभी को अंधकार से उजाले की प्रेरणा देती है। 

मुख्यमंत्री ने अपने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और  परिवार के अन्य सदस्य के साथ इस पर्व को खास बनाने के लिए खुशी जताई। दीपावली का पर्व सिर्फ घरों में दीप जलाने का नहीं, बल्कि अपने विचारों और जीवन में भी सकारात्मकता लाने का पर्व है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दीपावली की बधाई देने वालों का लगा रहा तांता, सभी से भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की

जशपुरनगर, 20 अक्टूबर 2025/  दीपावली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया में शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा। सुबह से ही जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, समाज के विभिन्न वर्गों के लोग और आम नागरिक मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए पहुंचे और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से आत्मीयता पूर्वक भेंट की और उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की। 
    उन्होंने कहा कि दीपावली प्रकाश और उत्साह का पर्व है, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें और स्थानीय कारीगरों व कुम्हारों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल की भावना से ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। पूरे दिन मुख्यमंत्री निवास पर दीपावली की रौनक बनी रही और शुभकामनाओं का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
     इस अवसर पर लोगों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो तथा प्रत्येक आवेदक को समयबद्ध समाधान प्राप्त हो।

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दीपावली और गोवर्धन पूजा की मुख्यमंत्री श्री साय ने दी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं...कहा दीपावली का पर्व प्रकाश, सत्य और सद्भाव का प्रतीक

रायपुर 19 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व प्रकाश, सत्य और सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दीपों का यह उत्सव हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आशा का संचार करता है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे दीपावली को स्वदेशी भावना के साथ, पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए मनाएं और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश फैलाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, पशुधन और पर्यावरण के प्रति हमारी श्रद्धा और आभार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें यह सिखाती है कि प्रकृति का संरक्षण ही समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दीपावली और गोवर्धन पूजा का यह पावन अवसर छत्तीसगढ़ राज्य में खुशहाली, समृद्धि और विकास की नई रोशनी लेकर आएगा तथा हर घर में आनंद, शांति और उजाला फैलाएगा।

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मुख्यमंत्री कंडोरा में सोहरई करमा महोत्सव 2025 में   हुए शामिल...रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण,,,करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक: सीएम विष्णुदेव साय

जशपुरनगर, 19 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा  ग्राम कण्डोरा में आयोजित महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025) में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा मद से कुनकुरी में 20 लाख रुपए लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण और ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए और रायपुर में रौतिया भवन पहुंच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंच में रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्र में माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, श्रीमती कौशल्या साय सहित मुख्यमंत्री के परिवारजन मौजूद थे। 
      इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा, जितिया करमा और बांबा करमा जैसी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं । यह उत्सव समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई। 
   उन्होंने कहा कि  महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1000 की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 कर दिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2800 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।  दो दिनों पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन जागरूकता मिशन में जशपुर जिले को शामिल किया गया है, जिससे जिले के कृषि क्षेत्र में व्यापक विकास होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने मांदर बजाते हुए करमा नर्तक दल के साथ किया पारंपरिक नृत्य

मुख्यमंत्री ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान के आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति रिवाज से पूजा कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने  करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टांगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य भी किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवारजन भी उपस्थित रहे।

सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज के द्वारा मनाया जाने वाला पर्व

   सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज के द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस पर्व के दिन नया फसल को पूरे रीति रिवाज से पूजा पाठ करके घर ले जाया जाता है। आज ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कुल 52 मंडलों के नर्तक दलों ने सहभागिता की। विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर कर दिया। इस अवसर अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्री आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री श्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य श्रीमती उमा देवी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

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धरती आबा से कोरिया को मिली राष्ट्रीय पहचान,,,,राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने धरती आबा’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी को किया सम्मानित

रायपुर, 19 अक्टूबर 2025/ देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ऑन आदि कर्मयोगी अभियान’ में छत्तीगसढ के कोरिया जिले ने एक बार फिर अपनी विकास यात्रा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान में उत्कृष्ट कार्यों के लिए कोरिया जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी को सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम एवं राज्यमंत्री श्री दुर्गा दास उइके भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा को भी राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ।

154 जनजातीय ग्रामों में विकास की नई मिसाल

          ‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत कोरिया जिले के 154 जनजाति बहुल ग्रामों,  बैकुंठपुर ब्लॉक के 138 और सोनहत ब्लॉक के 16 ग्रामों में लगभग 38 हजार जनजातीय परिवारों को शासन की 17 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। शिविरों और डोर टू डोर अभियानों के माध्यम से लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, पीएम जन धन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्जवला, जाति-निवास प्रमाण पत्र, वनाधिकार पट्टा, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम आवास योजना, सिकल सेल टेस्टिंग, सुकन्या समृद्धि योजना तथा पीएम विमान बीमा योजना जैसे योजनाओं से जोड़ा गया। समयबद्ध क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर नवाचारों के चलते यह पहल जनसहभागिता का प्रतीक बनी है।

राष्ट्रीय स्तर पर नवाचारों की सराहना

        छत्तीसगढ के कोरिया जिले के जनजातीय अंचलों में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जिले के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास की दिशा में कोरिया की उपलब्धियों का प्रतीक है।

बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए-श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा श्यह सम्मान हमारे उन कर्मयोगियों की पहचान है जिन्होंने जनजातीय सशक्तीकरण को धरातल पर साकार किया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उन्हें हर स्तर पर सशक्त किया जाए।

योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुंचाना ही सुशासन

        छत्तीसगढ़ शासन में आदिम जाति विकास मंत्री एवं कोरिया जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा यह उपलब्धि हमारे अधिकारियों, फील्ड स्टाफ और जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुँचाया है, उन्होंने कहा कि जन-जन तक योजनाओं को पहुंचाना व लाभ मिलना ही सुशासन है।

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विकासखंड स्तरीय महाकुल समाज सेवा समिति की अहम बैठक संपन्न, अध्यक्ष रतन प्रसाद यादव एवं सचिव पूनम चंद्र यादव निर्विरोध निर्वाचित....


कांसाबेल 19 अक्टूबर 2025 :  महाकुल समाज सेवा समिति कांसाबेल की विकासखंड स्तरीय एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक ग्राम गरियादोहर में रविवार को संपन्न हुई।बैठक का शुभारंभ श्री कृष्ण जी की पूजा अर्चना करते हुए द्वीप प्रज्वलन के साथ किया गया।इस बैठक में समाज के संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने और एकता को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की गई।बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्लॉक स्तरीय संगठन का गठन एवं पदाधिकारियों का चयन करना था। सर्वसम्मति से हुए इस चयन में समाज के सभी प्रतिनिधियों और सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान अध्यक्ष पद के लिए रतन प्रसाद यादव ग्राम गरियादोहर एवं सचिव पद के लिए पूनम चंद्र यादव ग्राम चिड़ौरा को निर्विरोध रूप से चुना गया।चयन प्रक्रिया के बाद जिला अध्यक्ष श्री अशोक कुमार यादव ने नव नियुक्त अध्यक्ष एवं सचिव को प्रमाण पत्र देकर बधाई देते हुए उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की एकता, शिक्षा, और युवा सशक्तिकरण ही प्रगति का आधार है। उन्होंने समाज के युवाओं से संगठित होकर समाज सेवा और जनहित के कार्यों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर प्रांत उपाध्यक्ष गोवर्धन यादव, जिला अध्यक्ष अशोक कुमार यादव, वरिष्ठ समाजसेवी प्रदीप यादव, नंदलाल यादव, कैलाश यादव, लीलाधर यादव, गणेश यादव, बालेश्वर यादव, चिंतामणि यादव, सरोज यादव, चूड़ामणि यादव, सदाशिव यादव, निराकार यादव, जयंत यादव, शत्रुध्न यादव, चंद्रकुमार यादव, गोविंद यादव, भूपेंद्र यादव, ओमप्रकाश यादव, नवीन यादव सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित रहे।बैठक में समाज के भविष्य की दिशा तय करने हेतु शिक्षा, रोजगार, सामाजिक एकता और अगली पीढ़ी को संस्कारित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। अंत में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने समाज की सेवा में समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।

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जनता को दीपावली के पहले शासन से दिया गया तोहफा : प्रधानमंत्री उज्जवला योजनांतर्गत दिए जाएंगे 2.23 लाख से अधिक नवीन घरेलू एलपीजी कनेक्शन


रायपुर, 19 अक्टूबर 2025 : 
भारत सरकार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत 10.33 करोड़ से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं घरेलू एलपीजी कनेक्शन देने के उपरांत एक बार फिर दीपावली के पूर्व लोगों को उपहार देते हुए पीएमयूवाय अंतर्गत 25 लाख नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन प्रदान करने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 23 हजार नवीन घरेलू एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने हेतु लक्ष्य प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस योजना के तहत् नवीन कनेक्शन दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति अभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। 
*हितग्राहियों को 15 दिनों में दिए जाएंगे नवीन कनेक्शन*
         विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देश अनुसार सभी जिलो में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला उज्जवला समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति द्वारा जिले में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के क्रियान्वयन एवं प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा में निराकरण हेतु नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। योजनांतर्गत पात्र परिवारों से नवीन गैस कनेक्शन हेतु आगामी 07 दिनों में आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे। जिले की गैस एजेंसियों द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण एवं सत्यापन कराकर 15 दिनों में नवीन गैस कनेक्शन जारी करने की कार्यवाही की जाएगी।
*नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत हितग्राहियों को दी जाएगी प्राथमिकता*
        नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत आने वाले बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा जिलों में सर्वप्रथम हितग्राहियों को चिन्हांकित कर इन ग्रामों को विशेष प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत चिन्हांकित हितग्राहियों को उज्जवला गैस योजना के कनेक्शन दिए जाएंगे। पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाये जाने हेतु ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय करते हुए सुगम नेटवर्क कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर आयोजित किये जाएंगे। योजनांतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्ति हेतु शेष सभी 34 हजार 425 परिवारों के आवेदन चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर लिए जाएंगे। दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों के ई-केवाईसी के लिये कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर द्वारा उन्हें लाभांवित किया जायेेगा। 


जिला स्तरीय उज्जवला समिति के कलेक्टर होंगे अध्यक्ष
        प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में से कम से कम 05 प्रतिशत आवेदनों का सत्यापन एवं परीक्षण जिला उज्जवला समिति द्वारा किया जाएगा। इस हेतु जिले के सभी गैस एजेंसियों की बैठक कर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नवीन गैस कनेक्शन जारी करने हेतु जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय उज्जवला समिति में अध्यक्ष, जिला कलेक्टर या उनके द्वारा अधिकृत कोई वरिष्ठ अधिकारी होंगे तथा समन्वयक सदस्य के रूप में जिला नोडल अधिकारी होंगे जो तेल विपणन कंपनी से होंगे। दो सदस्य अन्य दो तेल विपणन कंपनियों के अधिकारी होंगे। जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी एवं दो गैर-आधिकारिक सदस्य भी समिति में सदस्य होंगे। 
योजनांतर्गत नवीन कनेक्शन हेतु जारी किए गए मापदंड निर्धारित
         पीएमयूवाय के अंतर्गत नवीन गैस कनेक्शन हेतु पात्रता के लिए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। जिसके अनुसार यदि परिवार का कोई भी सदस्य 10 हजार रूपए प्रति माह से अधिक कमाता हो, घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम वाले परिवारों को शामिल नहीं किया गया है। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड की 50 हजार रूपए से अधिक की क्रेडिट सीमा वाले किसान, सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, कम से कम 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि का स्वामी जिनके पास कम से कम एक सिंचाई उपकरण हो, 30 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट क्षेत्र वाले मकान के स्वामी, स्वयं की मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन अथवा मछली पकड़ने वाली नाव अथवा यंत्रीकृत तीन या चार पहिया कृषि उपकरण के मालिक एवं ऐसे परिवार जिनके पास पूर्व से ही एलपीजी कनेक्शन हों योजनांतर्गत लाभ पाने हेतु अपात्र होंगे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ग्राम कण्डोरा पहुंचे, हुआ आत्मीय स्वागत

जशपुरनगर, 19 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान हेलीपैड, ग्राम कण्डोरा पहुंचे। इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, श्री कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित जनप्रतिनिधियो, अधिकारियों और रौतिया समाज के पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। हेलीपैड पर पारंपरिक करमा नर्तक दलों ने उत्साहपूर्वक नृत्य प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और मनमोहक करमा नृत्य करते हुए उन्हें भव्य स्वागत के साथ कार्यक्रम स्थल तक लेकर गए।

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मुख्यमंत्री ने धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब जी को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें शॉल व पुष्पगुच्छ किया भेंट   


रायपुर, 19 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के नवा रायपुर स्थित नवीन शासकीय आवास के गृहप्रवेश कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय के धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब जी को उनके जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उन्हें शॉल व पुष्पगुच्छ भेंट किया। 
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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प्रदेश के धर्मस्व व पर्यटन मंत्री ने जशपुर में ली पत्रकारवार्ता...आपरेशन सिंदूर को बताया स्वदेशी की सबसे बड़ी सफलता

स्वदेशी से खुलेगी खुशहाली और आत्मनिर्भरता का मार्ग: राजेश अग्रवाल

जशपुरनगर 18 अक्टूबर 2025 : प्रदेश के धर्मस्व व पर्यटन मंत्री अग्रवाल शनिवार को सर्किट हाउस में स्वदेशी के विषय में सर्किट हाउस में पत्रकारवार्ता ली। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होनें कहा कि भारत 2 सौ सालों तक अंग्रेजों की गुलामी रहा। स्वतंत्रता के बाद 60 साल तक देश में राज करने वाली कांग्रेस ने देश को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकालने के लिए गंभीरता से प्रयास नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्ववाली केंद्र सरकार ने स्वदेशी के मंत्र से आत्म निर्भर भारत का बिगुल फूंका है। इसका असर महानगरों से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचल तक दिखाई दे रहा है। उन्होनें कहा कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले का बदला लेने के लिए भारत ने आपरेशन सिंदूर के तहत भारत में बैठे-बैठे ही आतंकवादियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इतना ही नहीं,जब पाकिस्तान ने भारत पर हमला करने की कोशिश की तो स्वदेशी तकनीक से विकसी सुदर्शन और ब्रम्होस मिसाइल ने पाक के मंसूबों पर पानी फेर दिया। भारत के स्वदेशी रक्षा उपकरणों के शौर्य को पूरे विश्व देखा। इसका असर यह हुआ है कि भारत का रक्षा निर्या 1 हजार 941 करोड़ रूपये से बढ़ कर 2024-25 में 23 हजार 622 करोड़ पहुंच गया। रक्षा के क्षेत्र में 17 लाख से युवाओं को रोजगार मिल रहा है। मंत्री अग्रवाल ने अपील करते हुए कि त्यौहार के इस सीजन में हम स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी करके अपने देश के छोटे व मझोले उत्पादकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। इससे देश की अर्थ व्यवस्था भी मजबूत होगी। पत्रकारवार्ता में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिन्हा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेश नंदे, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत,पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव,शंकर गुप्ता, श्रीमती रजनी प्रधान,गोविंद राम, राजेश गुप्ता,देवधन नायक,फैजान सरवर खान,मुकेश सोनी, सतीश गोस्वामी, दीपक गुप्ता, सज्जु खान, राहुल गुप्ता, आशु राय, नीतू गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, विनोद निकुंज,प्रतिमा भगत सहित भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रायपुर में विकसीत होगा स्वदेशी बाजार -
   मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश की भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल के मंत्र पर चलते हुए रायपुर में स्वदेशी उत्पादों के लिए एक विशेष बाजार विकसीत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होनें बताया कि इस बाजार में प्रदेश में उत्पादित होने वाले स्वदेशी वस्तुओं की मार्केटिंग और क्रेताओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ताकि उत्पादकों को बाजार उपलब्ध हो सके और उन्हें उत्पादांे का सही मूल्य मिल सके। 
जशपुर और बस्तर में पर्यटन की अपार संभावना -
   पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होनें कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग में पर्यटन के विकास की अपार संभावना मौजूद है। इसे विकसीत करने के लिए प्रदेश सरकार सर्वे करा रही है। जशपुर जिले में पर्यटन स्थलों में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। प्रदेश में बिजली बिल को लेकर आ रही शिकायतों के संबंध में उन्होनें कहा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लक्ष्य बिजली उपभोक्ताओं का बिल शून्य करना है। उन्होनें कहा कि  बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है उसे सुधारने का काम किया जा रहा है। धर्मातंरण पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि धर्मातंरण रोकने के लिए दिसंबर में होने वाले विधानसभा सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा। इसमें धर्मातंरण रोकने के लिए कड़े प्रावधान किये गए हैं। 

स्वदेशी को अपनाएं - प्रबल प्रताप सिंह जूदेव
   पत्रकारवार्ता में मौजूद भाजपा के प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि प्रधाानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत का मंत्र हम सबको आत्मसम्मान के साथ विश्वमंच में खड़े होने का अवसर देता है। उन्होनें कहा कि इससे भारत के गांव के अंतिम छोर में रहने वाले किसान व मजदूरों की आर्थिक उन्नति का रास्ता खुलता है। उन्होनें त्यौहार के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी करने की अपील की।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर दिया वोकल फॉर लोकल का संदेश.....

जशपुरनगर 18 अक्टूबर 2025 : दीपों के पर्व दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने स्थानीय बाजार पहुंचकर कुम्हारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी दीयों और सजावटी सामग्रियों की खरीदारी की। उन्होंने मिट्टी के दीयों से अपना घर रोशन करने का संदेश दिया और कहा कि इस दीपावली हर घर में स्वदेशी दीप जलाएं। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और स्थानीय कारीगरों व उद्योगों को सशक्त बनाएं।

     श्रीमती साय ने कहा कि दीपावली खुशियों और उमंग का पर्व है। इस अवसर पर स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है और रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस दीपावली स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और कुम्हारों, हस्तशिल्पियों व छोटे व्यापारियों की दीपावली को भी उजाला दें।

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एकादशी पर्व पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में हुआ भव्य दीप प्रज्वलन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं महाआरती में शामिल....


नारायणपुर 18 अक्टूबर 2025 : एकादशी पर्व की इस विशेष तिथि के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में शुक्रवार की संध्या एक भव्य द्वीप प्रज्वलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पवित्र अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल छा गया। मंदिर परिसर में सैकड़ों दीपों की लौ से जब पूरा वातावरण आलोकित हुआ, तो दृश्य अत्यंत मनमोहक प्रतीत हो रहा था।।             इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने मंदिर परिसर में विधि-विधान से दीप प्रज्वलन कर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आराधना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।दीप प्रज्वलन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से पूरा मंदिर प्रांगण गूंज उठा। श्रद्धालु महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर दीप थाली लिए मंदिर पहुंचीं। बच्चों और युवाओं ने भी इस धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

          इस कार्यक्रम के दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने कहा–“दीप प्रज्वलन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। भगवान जगन्नाथ की कृपा से छत्तीसगढ़ और जशपुर क्षेत्र में सुख, शांति और विकास का प्रकाश सदैव बना रहे।मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि यह परंपरा पिछले रथ यात्रा से प्रत्येक एकादशी तिथि पर आयोजित की जाती है।दीपों की जगमगाहट से पूरा दोकड़ा गांव आस्था और भक्ति के रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के जयघोष के साथ पूजा-अर्चना की और एक-दूसरे को एकादशी की शुभकामनाएं दीं।
       कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीणजन उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

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आत्मनिर्भर भारत विधानसभा स्तरीय सम्मेलन जशपुर में हुआ सम्पन्न......हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी का लिया संकल्प....आत्मनिर्भर भारत, आत्मविश्वासी भारत का प्रतीक है"- रायमुनी भगत

जशपुर 17 अक्टूबर 2025 : आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत विधानसभा स्तरीय सम्मेल का आयोजन जशपुर विधानसभा के सन्ना मंडल स्थित कल्याण आश्रम प्रांगण में किया गया।
         कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैंकरा तथा जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत उपस्थित रहीं।सम्मेलन में *हर घर स्वदेशी – घर-घर स्वदेशी** का संकल्प लिया गया।


 "स्वावलंबन ही राष्ट्र की शक्ति है"- कृष्ण कुमार राय

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है।उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का संकल्प है।
श्री राय ने कहा  “जब तक हर नागरिक स्थानीय उत्पादों को अपनाएगा, तब तक देश आर्थिक रूप से मज़बूत नहीं हो सकता। हमें ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना ही सच्चा स्वदेशी आंदोलन है।”

 महिलाएँ आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ हैं"- उद्धेश्वरी पैंकरा

अपने उद्बोधन में सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैंकरा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएँ चला रही है “यदि हमारे गाँव की महिलाएँ स्वरोजगार अपनाएँगी, तो परिवार ही नहीं, पूरा समाज आत्मनिर्भर बनेगा। हमें छोटे उद्योग, कुटीर उद्योग और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए।”

 "आत्मनिर्भर भारत, आत्मविश्वासी भारत का प्रतीक है"- रायमुनी भगत

विधानसभा की विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपने कौशल और संसाधनों का सही उपयोग करेगा।उन्होंने कहा  “आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक नहीं, यह मानसिक और सामाजिक स्वतंत्रता का भी प्रतीक है। हमें अपने पारंपरिक हुनर, कृषि और स्थानीय उत्पादों पर गर्व करना चाहिए।”

कार्यक्रम के प्रारंभ में आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के जिला संयोजक उपेन्द्र यादव ने सम्मेलन की विषयवस्तु रखते हुए बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना है।

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने किया,समापन अवसर पर आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के सहसंयोजक शंकर गुप्ता ने उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया और कहा कि “संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाएगा।”

जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने जानकारी दी कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए।मुख्य रूप से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शांति भगत, जशपुर नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गायत्री नागेश, राजकपूर भगत, डीडीसी गेंदबिहारी सिंह, शरद चौरसिया, रीना बरला, शंकर गुप्ता, केशव यादव, कृपा शंकर भगत, संजीत ओझा, मुकेश सोनी, नेहरू सिंह, आनंद यादव, देवलाल भगत, हरीश आरिक, प्रभाकर यादव, हरिशंकर यादव, नसरुल्लाह सिद्दीकी, बलवंत गुप्ता, आशुतोष राय, विनोद निकुंज, राजा सोनी, राहुल गुप्ता, नागेंद्र भगत, काजल राय, सविता नागेश, इलियास अंसारी, रामनारायण यादव, सुषमा सिंह, सुरेन्द्र भगत, रागिनी भगत, नीतू गुप्ता, सावित्री निकुंज, प्रतिमा भगत सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में संकल्प लिया –“हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी – यही है आत्मनिर्भर भारत की दिशा और देश की शक्ति।

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नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” — बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 17 अक्टूबर 2025/आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। वर्षों तक हिंसा और भय की छाया में जी रहे 210 माओवादी कैडरों ने आज “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के अंतर्गत बंदूक छोड़कर संविधान को अपनाने का निर्णय लिया है। यह छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास के नए युग का शुभारंभ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री  साय ने कहा कि जो युवा कभी माओवाद की झूठी विचारधारा के जाल में उलझे हुए थे, वे आज लोकतंत्र की शक्ति, संविधान के आदर्शों और राज्य सरकार की संवेदनशील नीतियों पर विश्वास जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि कुल 210 आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य, एक रीजनल कमेटी सदस्य, 22 डिविजनल कमेटी सदस्य, 61 एरिया कमेटी सदस्य और 98 पार्टी सदस्य शामिल हैं। इन पर कुल 9 करोड़ 18 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

समारोह में 210 माओवादी कैडरों ने कुल 153 हथियार समर्पित किए, जिनमें 19 AK-47, 17 SLR, 23 INSAS राइफलें, एक INSAS LMG, 36 .303 राइफलें, 4 कार्बाइन, 11 BGL लॉन्चर, 41 शॉटगन और एक पिस्तौल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर को अपने जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोषजनक क्षणों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने बंदूकें नीचे रखकर संविधान को थामा, उन्होंने छत्तीसगढ़ के भविष्य में शांति और एकता के बीज बोए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है, भय और हिंसा से नहीं।

राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025”, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी पहल आज न केवल बस्तर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में बदलाव की ठोस आधारशिला सिद्ध हो रही हैं। इन योजनाओं ने बंदूक और बारूद की जगह संवाद, संवेदना और विकास को स्थापित किया है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभूतपूर्व आत्मसमर्पण केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठन और नागरिक समाज — सभी ने मिलकर जिस समन्वित और निरंतर प्रयास से यह परिवर्तन संभव किया, वह बस्तर के इतिहास में मील का पत्थर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह दृश्य न केवल बस्तर बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा है — कि यदि नीयत साफ हो और नीतियाँ जनसंबंधी हों, तो हिंसा का अंत और शांति की शुरुआत संभव है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामूहिक आत्मसमर्पण बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास की सबसे बड़ी सफलता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण हिंसा की जड़ को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम है। “अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर, जहाँ कभी भय का शासन था, वहाँ आज विश्वास का शासन है। जो कल जंगलों में छिपे थे, आज वे समाज के निर्माण में सहभागी बन रहे हैं,”।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार की यह दृढ़ प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा — “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हम इस लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। बस्तर का यह परिवर्तन उसी संकल्प का प्रमाण है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित कैडरों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रत्येक व्यक्ति को स्वरोजगार, प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और आजीविका के अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” के उस मूल भाव का विस्तार है, जो यह संदेश देता है कि परिवर्तन का मार्ग हिंसा नहीं, बल्कि विश्वास है। यह कार्यक्रम अब पूरे बस्तर क्षेत्र में पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुधार की दिशा में नई ऊर्जा लेकर आएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक घटना यह सिद्ध करती है कि जब सरकार की नीतियाँ संवेदनशील और जनकेंद्रित होती हैं, तब सबसे कठिन समस्याएँ भी सुलझाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा — “हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत नहीं, बल्कि एक नए बस्तर का निर्माण है — जहाँ हर घर में विश्वास और हर मन में विकास का उजाला हो।”

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता, जनप्रतिनिधियों, मीडिया, सुरक्षा बलों और नागरिक समाज को इस परिवर्तन के सहयोगी बनने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शांति, विकास और समृद्धि की यह यात्रा तभी स्थायी होगी जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस परिवर्तन की भावना को आत्मसात करेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर को नए उद्योग, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के माध्यम से आत्मनिर्भर क्षेत्र में परिवर्तित करेगी। जंगलों की हरियाली के साथ यहाँ के युवाओं के जीवन में भी उजाला फैलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के इतिहास में यह वह क्षण है, जब “बंदूक की गूंज” की जगह “विकास की गूंज” सुनाई दे रही है। यह उस बस्तर का पुनर्जन्म है, जहाँ अब भय नहीं, विश्वास और बंधुत्व का शासन होगा।

अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा — “यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि आत्मजागरण की यात्रा है। यह छत्तीसगढ़ की नई पहचान है — शांति, विश्वास और विकास की। आने वाले समय में बस्तर न केवल नक्सल मुक्त होगा, बल्कि देश के लिए शांति और परिवर्तन का मॉडल बनेगा।
 
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, पुलिस महानिदेशक श्री अरुणदेव गौतम, एडीजी सीआरपीएफ श्री अमित कुमार, एडीजी बीएसएफ श्री नामग्याल, एडीजी (एएनओ) श्री विवेकानंद झा, बस्तर रेंज के आईजी श्री सुंदरराज पी, बस्तर के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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निखरेंगी खेल प्रतिभाएं, खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं....मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बन रहे अत्याधुनिक स्टेडियम और खेल अकादमियां

*जशपुरनगर, 17 अक्टूबर 2025/ जशपुर जिला खेल प्रतिभाओं की भूमि के रूप में शुरूआत से ही जाना जाता रहा है। यहां के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल के दम पर न केवल प्रदेश, बल्कि देश और विदेशों में भी जशपुर का नाम गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर की लोकसंस्कृति और यहां के खेलप्रेम से भलीभांति परिचित हैं। उनके नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में खेल अधोसंरचना के विकास के तहत आधुनिक स्टेडियमों और खेल मैदानों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यहां विभिन्न महत्वपूर्ण खेल आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। 

*तेजी से हो रहा है स्टेडियम का निर्माण, उभरेंगे प्रतिभाशाली खिलाड़ी*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के  निर्देश पर जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए स्टेडियमों और खेल मैदानों की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय को जन्म से ही तीरंदाजी में प्राकृतिक निपुणता प्राप्त होती है। इस पारंपरिक कौशल को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से सन्ना में 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जाएगा।  इस अकादमी में लाइब्रेरी, मेडिकल सेंटर, नर्सरी, हर्बल प्लांटेशन, अत्याधुनिक ग्राउंड, चेंजिंग रूम, कोच रूम, उपकरण केंद्र, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, प्रशिक्षण कक्ष, वार्डन एवं गार्ड रूम जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही उपकरण, परिवहन के लिए बस, हाईमास्ट लाइट जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
       इसी तरह कुनकुरी में 63 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को भी मंजूरी मिल चुकी है। यह कॉम्प्लेक्स आधुनिक खेल ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिसमें एथलेटिक्स ट्रैक एवं पवेलियन, बास्केटबॉल कोर्ट, कबड्डी और खो-खो मैदान, स्विमिंग पूल, ड्रेस चेंजिंग रूम, वॉलीबॉल ग्राउंड, जंपिंग गेम और खेल उपकरण शामिल होंगे। इसी प्रकार से मुख्यमंत्री श्री साय के कार्यकाल में 2.83 करोड़ लागत के बगीचा में स्वीकृत हुए आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके साथ ही मयाली‌ में एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालित है। घोलेंग में फुटबॉल स्टेडियम के लिए भूमि का चिन्हांकन किया गया है। जिला मुख्यालय जशपुर में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान के पास 3.50 करोड़ लागत के बास्केट बाल कोर्ट का निर्माण कार्य जारी है। रणजीता स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाए जाने की घोषणा की गई है।
    नगरीय क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों तक स्टेडियमों और खेल मैदानों के जीर्णोद्धार व निर्माण की निरंतर स्वीकृति दी जा रही है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और माण देशी फाउंडेशन द्वारा जिले में 20 आधुनिक खेल ग्राउंड विकसित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य उभरते खिलाड़ियों को ओलंपिक जैसे बड़े मंचों के लिए तैयार करना है। इसके लिए बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं, अनुभवी कोचिंग स्टाफ और अत्याधुनिक उपकरण खिलाड़ियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।


*खिलाड़ियों, नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

 खेल प्रेमियों और आम नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने हमेशा खेलों को समाज और युवाओं के विकास का माध्यम माना है। उनकी प्राथमिकताओं में खेल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों तक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराना शामिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए और अधिक तैयार हो पाएंगे। यह पहल जिले में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी और आने वाली पीढ़ियों को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

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संकल्प शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों को जिला सीईओ ने किया मोटिवेट— जेईई और नीट की पुस्तकों का किया वितरण

जशपुर /17 अक्टूबर 2025

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने गुरुवार को संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर पहुँचकर कक्षा 11वीं और 12वीं पढ़ने वाले विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें इंजीनियरिंग तथा चिकित्सा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मोटिवेट किया। इस अवसर पर उनके साथ डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा भी उपस्थित रहे।‌ उन्होंने भी विद्यार्थियों से फिजिक्स और केमिस्ट्री के कई बेसिक कॉन्सेप्ट्स पर बात की।

सीईओ अभिषेक कुमार ने जेईई और नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ प्रोफेशनल कोर्सेस के दृष्टिकोण से भी अध्ययन किया जाना आवश्यक होता है। 12वीं के बाद इनका महत्व बढ़ जाता है, इसलिए उसी के अनुरूप तैयारी की जानी चाहिए।

सीईओ अभिषेक कुमार और श्री कुशवाहा ने विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और चिकित्सा प्रवेश परीक्षा  हेतु भौतिकी , रसायन, जीव विज्ञान और गणित विषय के विभिन्न खंडो और टापिक्स की उपयोगी पुस्तकें भी प्रदान की। एच. सी. वर्मा, एस.के. गोयल, अमित एम अग्रवाल, डी सी. पांडेय एवं एलन करियर इंस्टिट्यूट जैसे लेखकों और पब्लिकेशन्स की कई किताबें इसमें शामिल रही। 

इन पुस्तकों के वितरण से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता प्राप्त होगी।
संस्थान के प्राचार्य विनोद गुप्ता और विद्यार्थियों ने इस प्रेरणादायक पहल के लिए आभार व्यक्त किया।

मोटिवेशनल सेशन के दौरान संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता सहित समस्त स्टाफ  उपस्थित रहे।

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