कड़ाके की ठंड से ठिठुरा नारायणपुर, ओस की बूंदें भी जमीं,अलाव का सहारा; बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत
ताजा खबरें

बड़ी खबर

कड़ाके की ठंड से ठिठुरा नारायणपुर, ओस की बूंदें भी जमीं,अलाव का सहारा; बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत

जशपुर/नारायणपुर 10 दिसम्बर 2025 :  जिले में बुधवार की सुबह सीजन की सबसे तेज ठंड दर्ज की गई। कड़कड़ाती सर्दी का आलम यह रहा कि ओस की बूंदें तक जम गईं। सुबह के समय इतनी सर्द रही कि लोग 8 बजे तक अलाव का सहारा लेते दिखाई दिए।

     दिसंबर की दस्तक के साथ ही मौसम अचानक करवट ले चुका है।  हवा के चलने कारण तापमान में लगातार गिरावट आ रही है, जिससे सिहरन और कनकनी बढ़ गई है। बढ़ती ठंड ने लोगों की दिनचर्या के साथ स्वास्थ्य पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े, गर्म भोजन और गुनगुना पानी बेहद आवश्यक है।

   नारायणपुर में शीतलहर लगातार कहर बरपा रही है। क्षेत्र में ठंड इस कदर बढ़ गई है कि सुबह-सवेरे ओस की बूंदें भी जमने लगी हैं। न्यूनतम तापमान में आई गिरावट ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।कड़ाके की ठंड के चलते लोग घरों से कम ही निकल रहे हैं। बाज़ार व मुख्य चौक-चौराहों पर अलाव जलाकर लोग ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं

कड़ाके की ठंड में 5 से 10 किमी दूर से स्कूल पहुँचना बच्चों के लिए बना चुनौती

 शीतलहर और बढ़ती ठंड के बीच ग्रामीण इलाकों के बच्चों को शिक्षा तक पहुँचना मुश्किल होता जा रहा है। प्रतिदिन 5 से 10 किलोमीटर की दूरी तय कर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सुबह के समय तापमान में लगातार गिरावट के कारण बच्चों को ठिठुरते हुए रास्ता तय करना पड़ रहा है। तेज ठंड के चलते स्कूल जाने वाले बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई बच्चे सुबह बिस्तर छोड़ने को तैयार नहीं होते,ठंड का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर दिखाई दे रहा है। सुबह की पाली के विद्यार्थी तीखी हवा और कम तापमान के कारण स्कूल पहुँचने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।  वहीं अभिभावकों को उन्हें तैयार कर स्कूल भेजने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।लगातार बढ़ती ठंड के बीच लोगों के लिए अलाव ही फिलहाल सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है।

Leave Your Comment

Click to reload image