ताजा खबरें


बड़ी खबर

बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक दिन, बंदूक छोड़ संविधान अपनाने वालों का स्वागत —मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 17 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में 210 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि जो युवा कभी माओवाद के झूठे विचारधारा के जाल में फंसे थे, उन्होंने आज संविधान, लोकतंत्र और विकास की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। जिन युवाओं ने वर्षों तक अंधेरी राहों पर भटककर हिंसा का मार्ग चुना, उन्होंने आज अपने कंधों से बंदूक उतारकर संविधान को थामा है। यह न केवल आत्मसमर्पण का क्षण है, बल्कि विश्वास, परिवर्तन और नये जीवन की शुरुआत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में बंदूकें छोड़कर सुशासन पर विश्वास जताने वाले इन युवाओं से मेरी मुलाकात मेरे जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोष देने वाले पलों में से एक रही। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी योजनाएँ विश्वास और परिवर्तन का आह्वान हैं। इन्हीं नीतियों के प्रभाव से नक्सल प्रभावित इलाकों में बंदूक छोड़कर लोग शासन की विश्वास और विकास की प्रतिज्ञा को स्वीकार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज का यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है। यह छत्तीसगढ़ के शांतिपूर्ण भविष्य का शिलान्यास है। हमारी सरकार आत्मसमर्पितों के पुनर्वास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में यह प्रतिज्ञा पूर्ण हो रही है। छत्तीसगढ़ अब शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है।

और भी

बिहान की दीदियों ने तैयार किए संगिनी ब्रांड के आकर्षक गिफ्ट हैम्पर आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय कदम, सक्ती प्रशासन का सतत सहयोग

रायपुर, 17 अक्टूबर 2025 / दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कार्यरत जिला सक्ती की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई मिसाल पेश की है। ग्राम पलाड़ीखुर्द की राधा कृष्ण स्व-सहायता समूह की सदस्याएं अपने “संगिनी” ब्रांड के अंतर्गत आकर्षक गिफ्ट हैम्पर तैयार कर रही हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार के सुगंधित एवं डिज़ाइनर मोम उत्पाद शामिल हैं।

*महिलाओं की सशक्तिकरण और रोज़गार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*

         यह अभिनव पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और रोज़गार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। जिला प्रशासन सक्ती द्वारा दीदियों को उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन के लिए निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।  समूह की सदस्य श्रीमती पुष्पा दीदी ने बताया कि समूह द्वारा त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए राखी, रंगोली, आचार, गुलाल, तथा मोम उत्पाद जैसे विविध वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से हमें न केवल आर्थिक लाभ मिला है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

*समूह को 2 लाख रुपये तक की आय*

         पुष्पा दीदी ने आगे बताया कि समूह की दीदियों ने पूर्व में आर-सेटी (त्ैम्ज्प्) से डिज़ाइनर कैंडल बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसके बाद यूट्यूब वीडियो के माध्यम से गिफ्ट हैम्पर तैयार करने का विचार आया। इस समय जिले की विभिन्न इंडस्ट्रीज और संस्थानों से गिफ्ट हैम्पर के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जिनकी आपूर्ति दीदियों द्वारा समय पर और आकर्षक पैकेजिंग में की जा रही है।  इस पहल से समूह को लगभग 1 लाख 50 हजार  से 2 लाख रुपये तक का व्यवसाय प्राप्त होने की संभावना है। इन्हें अभी तक लगभग 60 हज़ार रुपए के गिफ्ट हैंपर के ऑर्डर मिल चुके हैं । यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें स्थायी आजीविका और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान कर रहा है। बिहान मिशन के तहत संचालित यह पहल महिलाओं की सृजनशीलता, परिश्रम और नवाचार की उत्कृष्ट मिसाल है, जो अन्य समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

और भी

पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’: दण्डकारण्य के 210 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का लिया निर्णय 

रायपुर, 17 अक्टूबर 2025/
राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और शांति, संवाद एवं विकास पर केंद्रित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग में आज नक्सल विरोधी मुहिम को ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के अंतर्गत दण्डकारण्य क्षेत्र के 210 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।

यह आत्मसमर्पण विश्वास, सुरक्षा और विकास की दिशा में बस्तर की नई सुबह का संकेत है। लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में यह ऐतिहासिक घटनाक्रम नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा अपनाई गई व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति ने क्षेत्र में स्थायी शांति की मजबूत नींव रखी है। पुलिस, सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और सजग नागरिकों के समन्वित प्रयासों से हिंसा की संस्कृति को संवाद और विकास की संस्कृति में परिवर्तित किया जा सका है।

यह पहली बार है जब नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ माओवादी कैडरों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार डीकेएसजेडसी सदस्य, 21 डिविजनल कमेटी सदस्य सहित अनेक वरिष्ठ माओवादी नेता शामिल हैं। इन कैडरों ने कुल 153 अत्याधुनिक हथियार—जिनमें AK-47, SLR, INSAS रायफल और LMG शामिल हैं—समर्पित किए हैं। यह केवल हथियारों का समर्पण नहीं, बल्कि हिंसा और भय के युग का प्रतीकात्मक अंत है—एक ऐसी घोषणा, जो बस्तर में शांति और भरोसे के युग की शुरुआत का संकेत देती है।

मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख माओवादी नेताओं में सीसीएम रूपेश उर्फ सतीश, डीकेएसजेडसी सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मांडवी, रनीता, राजू सलाम, धन्नू वेत्ती उर्फ संतू, आरसीएम रतन एलम सहित कई वांछित और इनामी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संविधान पर आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया।

यह ऐतिहासिक आयोजन जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में हुआ, जहाँ आत्मसमर्पित कैडरों का स्वागत पारंपरिक मांझी-चालकी विधि से किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और शांति, प्रेम एवं नए जीवन का प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री अरुण देव गौतम ने कहा कि “पूना मारगेम केवल नक्सलवाद से दूरी बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने का अवसर है। जो आज लौटे हैं, वे बस्तर में शांति, विकास और विश्वास के दूत बनेंगे।” उन्होंने आत्मसमर्पित कैडरों से समाज निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर एडीजी (नक्सल ऑपरेशन्स) श्री विवेकानंद सिन्हा, सीआरपीएफ बस्तर रेंज प्रभारी, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, बस्तर रेंज आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस., बस्तर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास सहायता राशि, आवास और आजीविका योजनाओं की जानकारी दी गई। राज्य शासन इन युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

मांझी-चालकी प्रतिनिधियों ने कहा कि बस्तर की परंपरा सदैव प्रेम, सहअस्तित्व और शांति का संदेश देती रही है। जो साथी अब लौटे हैं, वे इस परंपरा को नई शक्ति देंगे और समाज में विश्वास की नींव को और मजबूत करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में सभी आत्मसमर्पित कैडरों ने संविधान की शपथ लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे अब हिंसा के बजाय विकास और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में योगदान देंगे।

‘वंदे मातरम्’ की गूंज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह क्षण केवल 210 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण का नहीं, बल्कि बस्तर में विश्वास, विकास और शांति के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन गया।

और भी

सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! दीपावली से पहले सभी के खातों में अग्रिम वेतन भुकतान -मुख्यमंत्री श्री साय का संवेदनशील निर्णय....इस तारीख को मिलेगी अक्टूबर की सैलरी

रायपुर 17 अक्टूबर 2025/दीपावली के शुभ अवसर पर राज्य शासन ने अपने शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए माह अक्टूबर 2025 का वेतन 17 एवं 18 अक्टूबर को अग्रिम रूप से भुगतान करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सभी विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेरे लिए शासन केवल तंत्र नहीं, बल्कि उन कर्मठ साथियों का परिवार है जो पूरे मन से जनता की सेवा में लगे हैं। दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान का यह निर्णय उसी आत्मीयता का प्रतीक है — कि सरकार अपने हर साथी की खुशियों में सहभागी बने और हर घर में उजियारा तथा प्रसन्नता फैले।

उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व प्रसन्नता, एकता और उत्साह का प्रतीक है। शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी इस पर्व को परिवार सहित उल्लासपूर्वक मना सके और किसी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।

वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न करने हेतु राज्य के सभी कोषालय एवं उपकोषालय 18 अक्टूबर (शनिवार, अवकाश दिवस) को भी खुले रहेंगे, ताकि किसी कर्मचारी को भुगतान प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।

राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मजदूरी, मानदेय एवं पारिश्रमिक जैसे अन्य मदों में भी नियमानुसार अग्रिम भुगतान किया जा सकेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दीपावली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान से न केवल शासकीय कर्मचारियों को आर्थिक सुविधा और राहत प्राप्त होगी, बल्कि इससे जीएसटी बचत उत्सव के दौरान राज्य के बाजारों में रौनक, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और आर्थिक प्रवाह में तीव्रता आएगी। इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी प्रत्यक्ष लाभ होगा तथा राज्य की अर्थव्यवस्था में उत्सव और विश्वास का वातावरण बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का हर निर्णय अपने कर्मठ साथियों की खुशियों और सम्मान से जुड़ा है। दीपावली से पहले अग्रिम वेतन भुगतान उसी आत्मीय भावना का प्रतीक है कि हर घर में उजियारा फैले और हर हृदय में प्रसन्नता एवं विश्वास का दीप जले।

और भी

नक्सल उन्मूलन अभियान ऐतिहासिक सफलता की ओर : उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ हुए नक्सलमुक्त — बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री

रायपुर 16 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ का नक्सलमुक्त होना यह प्रमाण है कि अब बस्तर भय नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की नई पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत आज नक्सलवाद के अंत की दहलीज़ पर खड़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते दो दिनों में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की शक्ति जीत रही है। उन्होंने कहा कि बीते 22 महीनों में छत्तीसगढ़ में 477 नक्सली मारे गए, 2110 ने आत्मसमर्पण किया और 1785 गिरफ्तार हुए — यह आँकड़े हमारे राज्य को नक्सलमुक्त बनाने के अडिग संकल्प के साक्षी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य अब बहुत निकट है। यह परिवर्तन राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है। डबल इंजन सरकार की संवेदनशील नीतियों, बस्तर में लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में शासन के प्रति बढ़ते विश्वास ने इस सकारात्मक परिवर्तन को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 64 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे न केवल सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, बल्कि विकास और विश्वास की किरण भी हर गांव तक पहुँची है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही आज बस्तर भयमुक्त हुआ है और शांति की राह पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सल आतंक से पूर्णतः मुक्त हो चुके हैं, जबकि दक्षिण बस्तर में यह लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं ने बस्तर में संवाद, विकास और संवेदना की नई धरती तैयार की है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति दो टूक है — हिंसा का कोई स्थान नहीं। जो नक्सली शांति और विकास का मार्ग चुनना चाहते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो बंदूक उठाकर समाज में आतंक फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की सख़्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने सभी नक्सलियों से अपील की — “हिंसा की राह अंतहीन पीड़ा देती है, जबकि आत्मसमर्पण जीवन को एक नई दिशा देते हुए एक नई शुरुआत का रास्ता खोलता है। अपनी मातृभूमि के भविष्य और अपने परिवारों के उज्जवल कल के लिए हथियार त्यागें और विकास की रोशनी में कदम रखें।”

उल्लेखनीय है कि  देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर जानकारी  कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर जैसे क्षेत्र, जो कभी नक्सल आतंक के गढ़ हुआ करते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित किए जा चुके हैं। 

उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी सफलता है, बल्कि विकास, विश्वास और संवेदना की नई कहानी भी है। बीते दो दिनों में देश में कुल 258 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। 

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि बंदूक नहीं, बल्कि संविधान पर विश्वास की शक्ति जीत रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। 

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम उनके बेहतर भविष्य और देश की एकता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और देश की प्रगति में सहभागी बनें।

और भी

शिक्षक फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव विकासशील से मिला...शासकीय सेवक कल्याण के मुद्दों पर हुआ है चर्चा-राजेश चटर्जी

जशपुर 16 अक्टूबर 2025 :
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी (सचिव छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन) के नेतृत्व में मुख्य सचिव श्री विकासशील को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दिया है।साथ ही शासकीय सेवक हितार्थ मुद्दों पर ज्ञापन दिया है।
     फेडरेशन के  जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता महामंत्री संजीव शर्मा , कोषाध्यक्ष अवनीश पांडेय ने बताया कि मुख्यसचिव महोदय को प्रदेश के कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का प्रस्ताव प्रस्तुत कर गहन चर्चा किया है। प्रदेश के सभी कर्मचारियों के लिए चार स्तरीय समयमान वेतनमान का प्रारूप प्रस्तुत किया गया है।
      उन्होंने बताया कि NPS पेंशन योजना के स्थान पर अप्रैल 22 से लागू किये गये OPS योजना को LB संवर्ग तथा अन्य शासकीय सेवक एवं परिवार के बेहतर भविष्य के दृष्टिगत नवंबर 2012 से प्रभावशील करने का निवेदन किया है।सहायक शिक्षक संवर्ग को भी समस्त शासकीय सेवक के समान त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृति हेतु तथ्यात्मक ज्ञापन दिया है।सभी शिक्षक संवर्ग को समयबद्ध पदोन्नति,समयमान वेतनमान एवं सेजस स्कूलों में प्रतिनियुक्ति वाले शिक्षक संवर्ग तथा अन्य कर्मचारियों को कोषालय से मासिक वेतन भुगतान, सेवाकालीन सुविधा तथा स्वत्वों के अंतिम भुगतान के सरलीकरण जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुआ है।
        प्रतिनिधिमंडल में प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, उप-प्रांताध्यक्ष पवन सिंह,बालोद जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू (प्रदेश अध्यक्ष ओ बी सी महासभा),रायपुर जिला अध्यक्ष देवमणि साहू,जिला सचिव नीलम सोनी एवं मनसुख दास साहू शामिल हुए। पदाधिकारियों ने बताया कि मुख्यसचिव महोदय ने प्रस्तुत मुद्दों का समीक्षा कर राज्य शासन की मंशा अनुसार शासकीय सेवक हित में सकारात्मक निर्णय लेने आश्वस्त किया है।

और भी

सुशासन शिविर के माध्यम से राशन कार्ड, श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, फसल बीज एवं मछली जाल का किया गया वितरण....ग्रामीणों के आवेदनों का मौके पर किया गया निराकरण

जशपुरनगर 16 अक्टूबर 2025/ लोगों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने एवं ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण करने के उद्देश्य से जिले में सुशासन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी  में आज पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुलडेगा में जिला स्तरीय सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय स्टाल लगाए गए, जिनके माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में भारी संख्या में बुलडेगा सहित आसपास गांव के लोग शामिल हुए। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जिनका विभागों द्वारा यथासंभव निराकरण भी किया गया। शिविर में सरगुजा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र विधायक श्रीमती गोमती साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। साथ ही कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं प्रशासनिक अधिकारियो ने लोगों को विभागीय योजनाओं एवं उनके लाभ के बारे में जानकारी दी। विधायक श्रीमती साय ने शिविर स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाल का निरीक्षण कर लोगों को लाभान्वित किये जा रहे गतिविधियों की जानकारी ली। शिविर में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं जैसे राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, फसल बीज, मछली जाल आदि से लोगों को लाभान्वित किया गया। साथ ही मौके पर आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी बनाया गया।इस दौरान विधायक श्रीमती साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बच्चों के अन्नप्रासन्न एवं गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म अदा की। इस दौरान शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुरुचि पैंकरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती धनियारो परहा, एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे।

       शिविर में विधायक श्रीमती साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि समस्त योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले। साथ ही उनके सभी समस्याओं का निराकरण भी हो। इसी उद्देश्य से सुशासन शिविर लगाया जा रहा है। इसके तहत लोगों की समस्याओं का यथा संभव निराकरण भी किया जा रहा है। साथ ही लोगों को उनके आवेदनों के निराकरण की जानकारी भी दी जा रही है। विधायक ने कहा कि केन्द्र और राज्य की सरकारें गांव, गरीब, किसान की प्रगति और खुशहाली के लिए सतत् कार्य कर रही हैं। उन्हें विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के आवास, जल जीवन मिशन के तहत घर पहुंच पानी, बिजली, सड़क, अस्पताल, स्कूल, शौचालय एवं विभिन्न सुविधाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। 

       कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने तथा शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के अलावा आम जनता के समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के उद्देश्य से सुशासन शिविर लगाया जा रहा है। शिविर स्थल में विभिन्न विभागों के द्वारा स्टॉल लगाकर अपने-अपने विभाग के योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कलेक्टर श्री व्यास ने आम जनता को यह आश्वस्त किया कि सुशासन शिविर के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा लोगों को आवास की सुविधा से लाभान्वित करने प्रधानमंत्री आवास योजना का सुचारु क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके तहत जिले में 50 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। जिससे सभी परिवारों को आवास की सुविधा मिलेगी। कलेक्टर ने लोगों से प्रगतिरत आवास के कार्यों को तेजी से पूर्ण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह सभी ग्राम पंचायत में ग्रामीण सचिवालय का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत स्थानीय अधिकारी कर्मचारी पंचायत में मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त कर यथासंभव निराकरण करेंगे।

और भी

आईआईटी बॉम्बे, जिला प्रशासन और  एसएमडीटी संस्था की संयुक्त पहल से जशपुर में पोषण की पाठशाला कार्यक्रम का शुभारंभ

जशपुरनगर, 16 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर जिले में बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और उनमें पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोषण की पाठशाला कार्यक्रम का जिला पंचायत सभागार में शुभारंभ एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हायर और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के  नोडल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, आईआईटी बॉम्बे और एसएमडीटी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में प्रारंभ किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य बच्चों में एनीमिया, बौनापन और शरीर में वसा की कमी जैसी पोषण संबंधी समस्याओं का उन्मूलन करना तथा विद्यार्थियों में संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि बच्चों को सही पोषण मिलना उनके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। आज के बच्चे ही कल के देश के भविष्य हैं। इस अभियान के माध्यम से हम न केवल बच्चों को जागरूक बनाएंगे, बल्कि उन्हें अपने परिवार और समाज में भी पोषण का दूत बनने के लिए प्रेरित करेंगे।  
    आईआईटी बॉम्बे द्वारा तैयार किए गए विशेष पोषण वीडियो 01 नवंबर 2025 शनिवार से जिले के विद्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे और उसके बाद विधार्थियों से चर्चा एंव सवाल-जवाब का 20 मिनट का सेशन आयोजित किया जाएगा। नियुक्त नोडल अधिकारियों के द्वारा 9,10,11,12 कक्षा में इस कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा। इसमें 10 मिनट का एक वीडियो संचालन के साथ 20 मिनट की चर्चा भी शामिल होगी। नोडल अधिकारी कक्षा में दिखाए गए वीडियो पर बच्चों से 5-10 सवाल जवाब एंव चर्चा करेंगे।
                   
                   पोषण की पाठशाला
 
स्कूल जाने वाले बच्चों के माध्यम से समुदाय में पोषण को बढ़ावा देना। किशोरी लड़कियों में एनीमिया को कम करना। उचित पोषण प्रथाओं के माध्यम से शैक्षिक और खेल संबंधी उपलब्धियाँ प्राप्त करना। जागतिक स्तर के ब्रिलियंट शारीरिक, मानसिक रूप से तंदरुस्त और बुद्धिमान बच्चे तैयार होने के लिए पोषण की पाठशाला का अयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत हर सप्ताह के शनिवार को चयनित पोषण सबंधी 10 मिनट का विडियो संचालन एंव 20 मिनट की चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही विशेषज्ञ मार्गदर्शन, पोषण सबंधी प्रोजेक्ट, पोषण प्रोजेक्ट प्रतियोगिता प्रस्तुति, शनिवार को पोष्टिक आहार दिन का आयोजन होगा। वीडियो में जंक फूड के नुकशान, प्रोटीन मैग्नीशियम कैल्शियम विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी 12 के का महत्त्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर हायर और हायर सेंकेडरी स्कूलों के पोषण कार्यक्रम हेतु नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया,जिस पर त्वरित अमल, मुसाफिर पंजी में दर्ज होने लगा रिकॉर्ड

रायपुर, 16 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा हाल ही में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के साथ ही 'मुसाफिर पंजी' के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया था कि गांवों में बाहरी राज्यों एवं शहरों से आने वाले व्यक्तियों का पूरा ब्यौरा संधारित किया जाए वे किस उद्देश्य से आए हैं, कहां से आए हैं, कितने समय के लिए रुके हैं, तथा उनका नाम, पता, आधार और मोबाइल नंबर इत्यादि जानकारी कोटवार के पंजी में दर्ज की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के त्वरित अनुपालन में  कोरिया जिले के  तहसील सोनहत में सभी 79 कोटवारों द्वारा मुसाफिर पंजी संधारित किया गया है। पंजी का निरीक्षण संबंधित पटवारी एवं कानूनगो द्वारा किया गया है, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन सुनिश्चित हुआ है।

इन पंजियों में बाहरी शहरों एवं राज्यों से आने वाले फेरीवाले, बर्तन बेचने वाले, श्रृंगार सामग्री विक्रेता सहित अन्य मुसाफिरों का विवरण नियमित रूप से दर्ज किया जा रहा है। इस पहल से ग्राम स्तर पर आने-जाने वालों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

और भी

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सहित अन्य निर्माण कार्यों में सेंटरिंग प्लेट लगाकर रश्मि के हौसले बुलंद


रायपुर 16 अक्टूबर 2025/ जांजगीर चांपा जिले के जनपद पंचायत बम्हनीडीह के बिर्रा गांव की महिला श्रीमती रश्मि कहरा ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर हौसला बुलंद हो और अवसर मिले, तो गांव की मिट्टी से भी सफलता की कहानी लिखी जा सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सहित गांव के अन्य निर्माण कार्यों में सेंटरिंग प्लेट की आपूर्ति कर आज वह हर महीने 20 हजार रुपये की आमदनी अर्जित कर रही हैं। यह सफलता उन्हें बिहान योजना और स्व-सहायता समूह के माध्यम से मिली जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी।

       श्रीमती रश्मि कहरा ने बताया कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च दोनों ही मुश्किल में थे। तब उन्होंने हिम्मत जुटाकर रानी लक्ष्मीबाई स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह के सहयोग और बिहान के मार्गदर्शन से उन्हें आत्मनिर्भरता की राह मिली। उन्होंने ग्राम संगठन की सहायता से समुदायिक निवेश कोष  से 25 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि से उन्होंने 1000 वर्गफीट का सेटरिंग प्लेट तैयार कराया, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य निर्माण कार्यों में किराये पर दिया जा रहा है। इसी से आज उनकी नियमित आय 20,000 रुपये मासिक हो गई है। वे कहती हैं पहले जीवन बहुत कठिन था, लेकिन बिहान समूह से जुड़ने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा। अब मैं खुद कमा रही हूँ, बच्चों की पढ़ाई कराती हूँ और दूसरों को भी प्रेरित कर रही हूँ। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।

        गांव की साथी महिलाओं के अनुसार, रश्मि की सफलता से अब कई अन्य महिलाएं भी समूहों से जुड़कर प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य आजीविका गतिविधियों में सक्रिय हो रही हैं। बिहान के जिला अधिकारी का कहना है कि रश्मि की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अगर महिला को अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वह न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज की भी आर्थिक रीढ़ बन सकती है। आज बिर्रा गांव में रश्मि का नाम गर्व से लिया जाता है कभी जो परिवार आर्थिक तंगी में था, वही अब दूसरों की प्रेरणा बन चुका है। सच में, यह है  बिहान से निकली उड़ान की मिसाल है जिसने गांव की एक साधारण महिला को आत्मनिर्भरता की पहचान दिलाई।

और भी

गजरथ यात्रा के माध्यम से 9800 छात्रों को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की दी गई जानकारी

जशपुरनगर, 16 अक्टूबर 2025/ गजरथ यात्रा द्वारा निरंतर स्कूलों  में जाकर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा रही है। जशपुर वनमण्डलाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार गजरथ यात्रा के माध्यम से अब तक जिले के 90 स्कूलों में 9800 छात्र-छात्राओं को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा चुकी है। इनमें फरसाबहार, कुनकुरी एवं बगीचा विकासखण्ड अन्तर्गत आने वाले 75 स्कूलों के लगभग 8205 छात्र-छात्राएं एवं  पत्थलगांव विकासखण्ड अंतर्गत 15 स्कूलों के 1595 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। 
    वर्तमान में पत्थलगाव विकासखंड में निरंतर गजरथ यात्रा अपना कार्य कर रही है। गजरथ यात्रा हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर रही है। विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 06वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को जानकारी देकर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही गांव के चौपालों में चलचित्र के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों में जागरूकता लाने का कार्य करेगी।  
     उल्लेखनीय है कि गजरथ यात्रा 2025 का शुभारंभ मुख्यमत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा 21 जून 2025 को किया गया था। इसका उद्देश्य हाथी मानव द्वद को न्यूनतम करने  लोगों में जागरुकता प्रसार करना था। विगत कई वर्षों से जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र रहा है एवं हाथियों की उपस्थिति निरंतर बनी हुई है। यहां की भौगोलिक संरचना तथा घने वनक्षेत्र एवं अन्तर्राज्य सीमा से लगे होने के कारण कई स्थलों से हाथियों का प्रवेश जशपुर जिले में होता है। जिससे हाथी मानव द्वंद की घटनायें होने की संभावनायें बनी रहती है।

और भी

जगा नया आत्मविश्वास और स्वाभिमान,महतारी वंदन योजना से मिली राशि से महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर

 जशपुरनगर, 16 अक्टूबर 2025/  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक समानता की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वाभिमान की नई भावना जागृत की है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों को आवश्यक प्रशिक्षण, पूंजी और ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत होकर परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 

*महतारी वंदन योजना से महिलाओं के जीवन में आ रहा है सकारात्मक बदलाव*

    महतारी वंदन योजना महिलाओं के श्रम, योगदान और भागीदारी के लिए सम्मानित करती है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को प्रतिमाह 1 000 की राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मार्च 2024 से सितंबर 2025 तक इस योजना के माध्यम से जिले की 2 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 406 करोड़ 77 लाख 62 हजार 800 रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। कोई महिला इस धनराशि का उपयोग अपनी सिलाई की दुकान चलाने में कर रही है, तो कोई अपने बच्चों की पढ़ाई, फीस, किताबें, कपड़े या त्योहारों की तैयारियों में कर रही है। कई महिलाएं इस राशि को अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर रही हैं।
    योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा की जाती है। महिलाएं इस धन से अपने घर, मोहल्ले या गांव की दुकानों से किराना, सब्जियां, फल, मनिहारी सामान, मिठाइयां आदि खरीदती हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों की आमदनी में भी वृद्धि हुई है। अब महिलाएं ही नहीं, बल्कि व्यापारी भी योजना की राशि के अंतरण का उत्सुकता से इंतजार करते हैं । जैसे ही राशि खातों में आती है, सभी के चेहरे खुशी से खिल उठते हैं। इस प्रकार महतारी वंदन योजना ने न केवल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता का भाव जगाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी बन गई है। इस योजना ने महिलाओं की आर्थिक निर्भरता की बेड़ियों को तोड़ते हुए उन्हें अपने छोटे-छोटे निर्णय स्वयं लेने की शक्ति दी है। आज महिलाएं केवल घरेलू खर्चों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्राप्त राशि का निवेश अन्य उत्पादक गतिविधियों और छोटे उद्यमों में कर रही हैं।

*विभिन्न योजनाओं का संचालन कर महिलाओं को बनाया जा रहा है सशक्त*
  
    महतारी वंदन योजना के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भी अनेक योजनाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार करना है, ताकि वे अपने और अपने परिवार के विकास की मज़बूत आधारशिला बन सकें। विभाग द्वारा विधवा, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं के लिए संचालित सक्षम योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने हेतु 3 लाख 20 हजार का ऋण प्रदान किया गया है। यह योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी कही जाने वाली महिला स्व-सहायता समूहों को भी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निरंतर सशक्त किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 56 महिला स्व-सहायता समूहों को कुल 44 लाख 70 हजार का ऋण प्रदान किया गया है, जिससे वे आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही हैं।
    इसके अलावा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले की 411 कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए हैं। इस हेतु राज्य सरकार द्वारा कुल 2 करोड़ 5 लाख 50 हजार की राशि खर्च की गई है। इसके साथ ही  प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना से जिले की 11071 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है, जिसमें कुल 4 करोड़ 47 लाख 80 हजार की राशि का व्यय हुआ है।

और भी

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए टेली-मानस एक मजबूत पहल

जशपुरनगर 16 अक्टूबर 2025/ भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए टेली-मानस पहल को निरंतर मजबूत कर रही है। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम देशभर में नागरिकों को निःशुल्क, गोपनीय और 24x7 मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराता है, जो टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1-800-891-4416 के माध्यम से सुलभ है।  राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने हेतु प्रारंभ की गई है। टेली-मानस के माध्यम से कॉल करने वाले व्यक्तियों को प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य, मनोवैज्ञानिकों एवं मनोचिकित्सकों से जोड़ा जाता है, जिससे उन्हें तात्कालिक सहायता और आवश्यकता अनुसार रेफरल सेवा प्राप्त होती है ।

*टेली-मैनस की प्रमुख विशेषताएँ*
           टेली-मानस 24x7 निःशुल्क हेल्पलाइन-सभी के लिए गोपनीय एवं निशुल्क परामर्श सेवा। कई भारतीय भाषाओं में सहायता उपलब्ध है। विशेषज्ञ सहायता प्रणाली के तहत् मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सक उपलब्ध है। संपूर्ण भारत में संचालन किया जा रहा है, सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सेवा उपलब्ध।
       इस पहल के संबंध में डॉ. जे. एस. जात्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जशपुर, ने कहा कि टेली-मानस सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह लोगों को बिना किसी भय या कलंक के सहायता लेने के लिए प्रेरित करता है। हमारा उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को दयालु एवं पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध हो ।
        स्वास्थ्य विभाग जिला जशपुर सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे किसी भी प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य चिंताओं जैसे तनाव, चिंता, अवसाद, नशा या भावनात्मक परेशानी की स्थिति में टेली-मानस का उपयोग करें। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को इस सेवा के बारे में जानकारी दें ताकि एक मानसिक रूप से स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके ।

और भी

सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु संत शिरोमणि श्री सांईं चाँडूराम साहिब जी के निधन पर मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया गहरा शोक

रायपुर 15 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु, संत शिरोमणि श्री सांईं चाँडूराम साहिब जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री सांईं चाँडूराम साहिब जी का जीवन सेवा, करुणा और मानवता के आदर्शों से ओतप्रोत था। गरीब, असहाय, दिव्यांग एवं पशुधन की सेवा के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने उपदेशों और जीवन-मूल्यों के माध्यम से समाज को प्रेम, करुणा, और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनका स्नेहिल व्यक्तित्व और सेवा का भाव हमेशा समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस दुःखद घड़ी में उनकी संवेदनाएँ संत श्री चाँडूराम साहिब जी के परिवारजनों, अनुयायियों और श्रद्धालुओं के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और उनके अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति दें।

और भी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 01 नवंबर को पांच कार्यक्रमों में होंगे शामिल...राज्योत्सव के साथ नई विधानसभा भवन का होगा लोकार्पण...अपर मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा 

रायपुर, 15 अक्टूबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 01 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी नया रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव स्थल में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड “शांति शिखर” का शुभारंभ और सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय का ऑपरेशन कराने वाले बच्चों से चर्चा करेंगे। 

अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नए विधानसभा भवन के लोकार्पण और राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर सभाएं होंगी। इन आयोजनों के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी जाए। बैठक में कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन, कमिश्नर रायपुर श्री महादेव कावरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।  

अपर मुख्य सचिव श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाए। इसी प्रकार राज्योत्सव मेला स्थल और अन्य कार्यक्रमों के स्थल पर पार्किंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि नया रायपुर के चौक-चौराहों को व्यवस्थित और सौंदर्यीकरण कर ली जाए। राज्योत्सव मेला स्थल में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए को सेक्टरों में बांटकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कार्यक्रम के दौरान सतत् रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इसी प्रकार साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्तायुक्त हो। साथ ही दूर संचार विभाग के अधिकारियों को संचार व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

 राज्योत्सव मेला स्थल पर मुख्य मंच के सामने तीन विशाल डोम बनाएं जा रहे हैं। जिनमें 60 एलईडी स्क्रीनिंग लगाए जाएंगे। मेला स्थल पर लोगों बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। लोगों के प्रवेश के लिए दो द्वार होंगे। एक द्वार विभागीय प्रदर्शनी के लिए होगा। विभागीय प्रदर्शनी में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्य मंच के नजदीक ही डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेला स्थल पर प्रधानमंत्री आवास का मॉडल भी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्योत्सव मेला स्थल के दोनों तरफ 20-20 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य शहरों से रायपुर पहुंचने वाले मार्गों पर भी पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। राज्योत्सव मेला स्थल पर 300 शौचालय बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 बैड का हॉस्पिटल तथा आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके अलावा 25 एम्बुलेंस और पर्याप्त संख्या में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था की जा रही है।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के हितों की सुरक्षा हेतु पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ व्यवस्था

रायपुर 15 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की विस्तृत नीति घोषित की है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के हितों और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने जानकारी दी कि धान की खरीदी 3100 प्रति क्विंटल की दर पर की जाएगी। धान उपार्जन का कार्य 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इस वर्ष भी प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। 

धान खरीदी का सम्पूर्ण कार्य छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (MARKFED) के माध्यम से किया जाएगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली हेतु चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड होगी।धान खरीदी केवल उन्हीं प्राथमिक कृषि साख समितियों और लेम्पस के माध्यम से होगी जो मार्कफेड के कम्प्यूटरीकरण कार्यक्रम से जुड़ी होंगी।

प्रदेश के सभी जिलों में विगत वर्ष संचालित 2739 खरीदी केन्द्रों और नए स्वीकृत केन्द्रों के माध्यम से खरीदी होगी। इसके साथ ही 55 मंडियों और 78 उपमंडियों का उपयोग धान उपार्जन केन्द्र के रूप में किया जाएगा।

धान खरीदी के लिए आवश्यक साख-सीमा की व्यवस्था मार्कफेड द्वारा राज्य शासन के निर्देशानुसार की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर भुगतान में कोई विलंब न हो।

प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत एवं पारदर्शी होगी। किसान अपने निकटस्थ समितियों में पंजीकरण कर एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से धान विक्रय कर सकेंगे। पोर्टल पर ऋण पुस्तिका आधारित फार्म आईडी से खरीदी की अनुमति दी जाएगी। 

भारत सरकार कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टैक पंजीयन आईडी के आधार पर एकीकृत किसान पंजीयन पोर्टल में कराए पंजीयन फार्मर आईडी से होगा किसान लिंकिंग खरीदी एवं समिति में एग्रीस्टैक पंजीयन होने से समिति में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता नहीं होगी।

धान खरीदी प्रक्रिया में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को जारी रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और वास्तविक किसान की पहचान सुनिश्चित की जा सके। केवल किसान स्वयं, या उनके माता-पिता, पति/पत्नी, या पुत्र/पुत्री ही धान विक्रय कर सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में एसडीएम द्वारा प्रमाणित “विश्वसनीय व्यक्ति” को अधिकृत किया जा सकेगा।

धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी कर नियंत्रित और व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सीमांत व लघु किसानों को दो टोकन और दीर्घ किसानों को तीन टोकन दिए जाएंगे। अंतिम दिन नई पर्ची जारी नहीं होगी और शाम 5 बजे तक पहुँचे धान की खरीदी उसी दिन की जाएगी।

धान की खरीदी 50:50 अनुपात में नये और पुराने जूट बोरे (Gunny Bags) में की जाएगी। नये जूट बोरे मार्कफेड द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता से क्रय किए जाएंगे। पुराने बारदानों को उपयोग योग्य बनाकर नीले रंग में “Used Bag allowed for KMS 2025-26” का स्टेंसिल लगाया जाएगा।

सभी उपार्जन केन्द्रों में कांटे-बांट का विधिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। किसानों को पारदर्शी प्रक्रिया का भरोसा दिलाने के लिए सत्यापन प्रमाणपत्र खरीदी केन्द्रों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। धान की नमी 17% से अधिक नहीं होनी चाहिए। हर केन्द्र पर आर्द्रतामापी यंत्र उपलब्ध रहेंगे।

धान के संग्रहण हेतु ऐसे केन्द्र चुने जाएंगे जो ऊँचे एवं जलभराव-रहित हों। सभी केन्द्रों में पॉलिथीन कवर, सीमेंट ब्लॉक, और ड्रेनेज सुविधा अनिवार्य रूप से होगी ताकि बारिश में धान सुरक्षित रहे।

किसानों के खाते में भुगतान पीएफएमएस सिस्टम के माध्यम से सीधे किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि राशि केवल किसान के खाते में ही अंतरण हो; किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भुगतान नहीं किया जाएगा।

हर उपार्जन केन्द्र में कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, और नेटवर्क सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। डाटा-एंट्री ऑपरेटरों का नियोजन 6 माह के लिए ₹18,420 प्रतिमाह के मानदेय पर किया जाएगा। सभी खरीदी केन्द्रों के डाटा का अपलोडिंग 72 घंटे के भीतर अनिवार्य किया गया है।

धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व सभी केन्द्रों का निरीक्षण, उपकरणों की जांच और सॉफ्टवेयर ट्रायल रन 31 अक्तूबर तक पूरा किया जाएगा। एनआईसी और मार्कफेड की टीम द्वारा यह तैयारी सुनिश्चित की जाएगी।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26: धान खरीदी की उन्नत व्यवस्था—ट्रायल रन, प्रशिक्षण, गुणवत्ता व पर्यवेक्षण के सख्त प्रोटोकॉल लागू

राज्य शासन ने समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया को और पारदर्शी, तकनीकी एवं जवाबदेह बनाने हेतु नए चरण की विस्तृत व्यवस्थाएँ लागू की हैं। मार्कफेड के नेतृत्व में प्रशिक्षण, ट्रायल-रन, गुणवत्ता-निगरानी, भंडारण-परिवहन, नियंत्रण कक्ष और बीमा से जुड़ी स्पष्ट समयसीमाएँ तय की गई हैं।

मार्कफेड द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार धान उपार्जन से जुड़े सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को कम्प्यूटरीकरण का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिलाया जाएगा। प्रशिक्षण में खरीदी सॉफ्टवेयर, भुगतान प्रविष्टि, गुणवत्ता/नमी एंट्री, टोकनिंग व PFMS प्रक्रियाएँ शामिल रहेंगी।

जिले के प्रत्येक धान उपार्जन और संग्रहण केन्द्र में 3 से 6 नवंबर 2025 तक ट्रायल-रन होगा। सभी स्वीकृत केन्द्रों में 31 अक्तूबर 2025 तक कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण कर ट्रायल-रन में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

भारत सरकार के निर्देशानुसार PCSAP (Procurement Centers Self-Assessment Portal) पर खरीदी केन्द्रों की ग्रेडिंग हेतु जारी SOP का पालन अनिवार्य रहेगा, जिससे केन्द्र-वार प्रदर्शन की नियमित स्वयं-मूल्यांकन और निगरानी संभव होगी।

भारत सरकार की FAQ विनिर्दिष्टियों और कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था पर FCI/NIC के साथ संभाग-स्तरीय प्रशिक्षण कराए जाएंगे। इसके बाद उपखंड-स्तर पर समितियों के अध्यक्ष/प्राधिकृत अधिकारी, प्रबंधक, मार्कफेड/राजस्व अमला (निरीक्षक/पटवारी) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुविभाग-स्तरीय प्रशिक्षण 25 अक्तूबर 2025 तक पूर्ण होगा।

गुणवत्ता नियंत्रण की दो-स्तरीय समितियाँ संग्रहण केंद्र स्तर पर और समिति स्तर पर कार्य करेंगी। संग्रहण केन्द्र-स्तर पर तहसीलदार की अध्यक्षता में गठित दल निगरानी करेगा और आवश्यकता पर ही धान को रिजेक्ट घोषित करेगा—प्रभारी अपने स्तर पर अमान्य नहीं कर सकेंगे।

समिति-स्तर पर अध्यक्ष/प्राधिकृत अधिकारी, सरपंच, कलेक्टर नामित प्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री द्वारा अनुमोदित 02 जनप्रतिनिधियों (राइस मिलर नहीं) की समिति केवल पंजीकृत किसानों से FAQ अनुरूप धान खरीदी सुनिश्चित करेगी।

किसानों को भुगतान केवल पीएफएमएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में होगा। मार्कफेड खरीदी अवधि में समर्थन मूल्य, प्रासंगिक व्यय और भंडारण/सुरक्षा व्यय की अग्रिम राशि समितियों को उपलब्ध कराएगा; प्रथम प्राथमिकता किसानों के भुगतान को ही रहेगी और मद-वार व्यय की कम्प्यूटर एंट्री अनिवार्य होगी।

भंडारण केन्द्रों पर कैप-कवर, ड्रेनेज सामग्री, नमी-मापी (कैलिब्रेशन सहित) और जहाँ संभव हो धर्मकांटा की व्यवस्था रहेगी। खरीदी केन्द्रों में संचित समस्त धान का 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य उठाव कराया जाएगा। सुरक्षित भंडारण हेतु विभाग का SOP लागू रहेगा।

परिवहन दरें राज्य-स्तरीय समिति की अनुशंसा के अनुसार होंगी; चावल का परिवहन-दर भी धान के परिवहन-दर पर आधारित रहेगा। केन्द्र-वार बफर-लिमिट संयुक्त दल के भौतिक परीक्षण से कलेक्टर द्वारा निर्धारण कराई जाएगी। त्वरित निराकरण हेतु अधिक क्षमता वाले जिलों/मिलर्स से पूर्व-संलग्नीकरण किया जाएगा और जहाँ संभव हो सीधा मिलर्स को उठाव बढ़ाया जाएगा।

पड़ोसी राज्यों से धान की अनधिकृत आमद रोकने सीमाई चेकिंग दल तैनात होंगे। 30 अप्रैल 2026 तक अन्य राज्यों से धान का आयात संचालक (खाद्य) की अनुमति से ही होगा।

पंजीकृत मिलों द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया से होगी। विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजनांतर्गत PDS हेतु चावल का उपार्जन छ.ग. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन करेगा; सरप्लस चावल एफसीआई को प्रदाय किया जाएगा।

धान उपार्जन के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण हेतु प्रत्येक जिले में प्रभारी सचिव को जिम्मेदारी दी जाएगी। राज्य व जिला-स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित होंगे। शिकायतों के लिए कॉल सेंटर: 1800-233-3663 प्रदर्शित रहेगा, शिकायत का निवारण 3 दिवस में कराया जाएगा। प्रत्येक केन्द्र/समूह-केन्द्र के लिए नोडल अधिकारी तैनात होंगे। संवेदनशील केन्द्र कलेक्टर के प्रस्ताव पर अधिसूचित कर वहाँ वरिष्ठ अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। अभिलेख-प्रपत्रों का एकरूप मुद्रण मार्कफेड कराएगा।

धान खरीदी की एंड-टू-एंड निगरानी और रिसाइक्लिंग रोकथाम हेतु मार्कफेड मुख्यालय में इंटीग्रेटेड कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा (व्यय राज्य शासन वहन करेगा)। बैंक-राशि परिवहन के दौरान आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। धान और उपार्जन केन्द्रों में कार्यरत समस्त व्यक्तियों का बीमा मार्कफेड कराएगा (आवश्यक विवरण 31 अक्तूबर 2025 तक उपलब्ध कराना होगा)। समितियाँ/बैंक/मार्कफेड द्वारा खरीदी केन्द्रों का मिलान 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाएगा।

पारदर्शिता, जवाबदेही और किसान हित सर्वोपरि

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के हर अन्नदाता को उसके परिश्रम का पूरा मूल्य मिले,  यही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य शासन ने इस बार भी यह सुनिश्चित किया है कि खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, बायोमेट्रिक-आधारित और तकनीकी रूप से मजबूत हो। किसानों को समय पर भुगतान, गुणवत्तायुक्त प्रक्रिया और निष्पक्ष अवसर मिलना इस नीति का मूल उद्देश्य है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि हर अन्नदाता को उसके परिश्रम का पूरा मूल्य समय पर मिले—यही हमारी सर्वोच्च प्रतिबद्धता है।

और भी

विश्व हाथ धुलाई दिवस पर मॉडल हॉयर सेकेंडरी डोडकचोरा में कार्यक्रम हुआ संपन्न

जशपुर 15 अक्टूबर 2025 : स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत "स्वच्छ संकल्प अभियान" के तहत विश्व हाथधुलाई दिवस का जिला स्तरीय आयोजन मॉडल हॉयर सेकेंडरी डोडकचोरा ( जशपुर) में संपन्न हुआ ।

 आज दिनांक 15 अक्टूबर  2025 को स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु   विद्यार्थियों को हाथ धोने के महत्व के बारे में बताया गया तथा सही तरीके से हाथ धोने के चरणों का डेमोंस्ट्रेशन भी दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में यूनिसेफ के प्रतिनिधि श्री शास्त्री कुमार , विद्यालय के प्राचार्य, एवं संस्थान के शिक्षकगण उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को स्वच्छ आदतों को अपनाने, विशेषकर खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोने की आदत को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

और भी

जागरूक शिक्षक संघ की चेतावनी : बस्तर जेडी जल्द नहीं हटाए गए तो जगदलपुर में करेंगे अनिश्चितकालीन चक्काजाम ....

जगदलपुर 15 अक्टूबर 2025 : 
 बस्तर जेडी राकेश पांडे द्वारा शिक्षकों से दुर्व्यवहार की बातें सोशल मीडिया में लगातार छाई हुई है। विगत दिनों जेडी राकेश पांडे द्वारा एक शिक्षक के पहनावे को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए उसे कार्यालय से भगा दिया गया था।
         जिससे प्रदेश का शिक्षक समाज काफी नाराज है। इस मामले में बस्तर के शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी एवं वर्तमान विधायक नीलकंठ को ज्ञापन सौंपा है।
        छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने दो टूक कहा है कि ऐसे अधिकारी जो शिक्षकों को प्रताड़ित एवं शोषण करें वह कतई बर्दाश्त नहीं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने राज्य सरकार को तीन दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि बस्तर जेडी को आगामी तीन दिवस के भीतर नहीं हटाया गया तो पूरे बस्तर संभाग के हजारों शिक्षकों द्वारा जगदलपुर हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा।
        साथ ही बस्तर के सारे स्कूलों में अनिश्चितकालीन तालेबंदी कर दी जाएगी इसके जिम्मेदार बस्तर जेड राकेश पांडे होंगे। 
          संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार साहू, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, प्रदेश संयुक्त सचिव हरिशंकर पटेल,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार पटेल, अमर दास बंजारे, रामसेवक पैकरा, सहित संघ के सभी सदस्यों ने बस्तर जेडी राकेश पांडे को तत्काल हटाने की मांग राज्य सरकार से की है।

और भी