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खनिजों से चमक रही छत्तीसगढ़ प्रदेश की अर्थव्यवस्था – खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि

हरित विकास और आर्थिक समृद्धि का छत्तीसगढ़ मॉडल

खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण दोहन – आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम

वन संरक्षण और खनन का संतुलन: विकास के साथ हरियाली का विस्तार

रायपुर 23 अक्टूबर 2025/छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है। 

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है। 

खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है। 

छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।

चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, श्री सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।

देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।

राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं। 

छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है।

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बगीचा - तंत्र मंत्र के चक्कर मे भतीजे ने अपनी रिश्ते  की फुआ को टांगी से मारकर कर दी हत्या,पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल


     जशपुर 23 अक्टूबर 2025 :  ग्राम जामुन जोबला निवासी प्रार्थी पंकज पहाड़ी, उम्र 45 वर्ष ने थाना बगीचा में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 21.10.25 की शाम को वह अपनी पत्नी मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी उम्र 40 वर्ष के साथ, अपने ग्राम में ही पड़ोस के एक व्यक्ति के घर हंडिया पीने  गए हुए थे, व शाम करीबन 05.30 बजे के लगभग पड़ोस से हंडिया पीकर वापस लौट रहे थे, उसकी पत्नी मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी, पेशाब करने के लिए रुकी हुई थी, कि इसी दौरान प्रार्थी का रिश्ते का भतीजा आरोपी मुकेश पहाड़ी, जो कि उनका पीछा करते हुए आ रहा था,हाथ में टांगी लेकर आया व प्रार्थी की पत्नी मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी, जो कि आरोपी मुकेश पहाड़ी की रिश्ते में फ़ुआ थी, के गले में टांगी से वार कर दिया, फिर प्रार्थी के ऊपर भी टांगी से वार किया था, जिससे कि प्रार्थी के दाहिने पैर के घुटने में  चोट लगा है, प्रार्थी भय से वहां से भाग गया, फिर कुछ देर में, आरोपी मुकेश पहाड़ी के वहां से चले जाने के बाद, प्रार्थी, अपनी पत्नी के पास आकर देखा तो पाया कि, उसके गले से, खून बह रहा था, व उसकी मृत्यु हो गई थी। प्रार्थी व आरोपी मुकेश पहाड़ी के परिवार के मध्य, खेती की जमीन को, कमाने के नाम पर पूर्व में लड़ाई, मारपीट हो चुका था, शायद उसी तरह बात को आरोपी मुकेश पहाड़ी के, उसकी पत्नी की हत्या की गई होगी।
             चूंकि मामला हत्या का था व आरोपी नामजद था, अतः मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल थाना बगीचा में आरोपी मुकेश पहाड़ी उम्र 22 वर्ष के विरुद्ध बी एन एस की धारा 103(1) व 109 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया। व आरोपी की गिरफ्तारी तथा घटना स्थल के निरीक्षण हेतु बगीचा पुलिस की टीम तत्काल ग्राम जामुन जोबला रवाना हुई, पुलिस के द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर, शव का पंचनामा किया गया, व शव का डॉक्टर से पोस्ट मार्डम कराया गया। शॉर्ट पोस्ट मार्डम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण मृतिका के गले में, टांगी की वार से आए चोट से होना बताया गया।,
        आरोपी मुकेश पहाड़ी, हत्या करने के बाद से फरार था, पुलिस के द्वारा उसकी पातासाजी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को घटना दिनांक की रात्रि में पता चला कि आरोपी मुकेश पहाड़ी, ग्राम जामुन जोबला में ही एक अन्य घर में छिपा हुआ है, जिस पर पुलिस टीम के द्वारा, घेराबंदी कर आरोपी मुकेश पहाड़ी को हिरासत में लेकर थाना गया।
          पुलिस की पूछताछ पर आरोपी मुकेश पहाड़ी के द्वारा अपराध स्वीकार करते हुए बताया गया कि, उसका अपने गांव के ही रिश्ते के फूफा  पंकज पहाड़ी व फुआ मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी के साथ काफी समय से, खेती की जमीन का, कमाने के नाम से विवाद चल रहा था, घटना के पांच माह पूर्व , उसी बात को लेकर आरोपी मुकेश पहाड़ी का पंकज पहाड़ी के परिवार के साथ, वाद विवाद तथा मारपीट भी हुई थी। अभी कुछ दिनों से आरोपी मुकेश पहाड़ी के बच्चों की तबीयत, अधिकतर खराब रह रही थी, उसे शक था कि, उसकी फुआ मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी के द्वारा ही उसके बच्चों पर तंत्र मंत्र कर दिया गया था, जिससे वह अत्यंत   क्षुब्ध था, कि दिनांक 21.10.25 को शाम करीबन 05.30 बजे जब उसके फूफा पंकज पहाड़ी व फुआ मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी , गांव के ही एक घर से हड़िया पीकर आ रहे थे, तब आरोपी मुकेश के द्वारा घर से टांगी लेकर, हत्या करने की नियत से, उनका पीछा किया गया, रास्ते में जब एक जगह मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी रुकी थी, उसी दौरान आरोपी मुकेश पहाड़ी के द्वारा, मृतिका सुखाड़ी पहाड़ी के गले में टांगी से वार कर हत्या कर दी गई व फूफा पंकज पहाड़ी के ऊपर भी वार किया गया था, परंतु वह भाग गया। पुलिस के द्वारा आरोपी मुकेश पहाड़ी की निशानदेही पर उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी व हत्या के दौरान पहने कपड़े को भी जप्त कर लिया गया है।
        पूछताछ पर आरोपी मुकेश पहाड़ी उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम जामुन जोबला के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
      मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक गौरव कुमार पांडे, प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह, आरक्षक फुलजेंस टोप्पो व नगर सैनिक बलि राम रवि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
          मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि बगीचा क्षेत्र के ग्राम जामुन जोबला में एक व्यक्ति ने तंत्र मंत्र के शक पर, एक महिला की टांगी से मारकर हत्या कर दी थी, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज भेज दिया है, व हत्या में प्रयुक्त टांगी  तथा हत्या के दौरान आरोपी के द्वारा पहने कपड़े को भी जप्त कर लिया है।

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पतराटोली के नारी शक्ति ग्राम संगठन में समूह के दीदियों को दी गई पोषण स्वच्छता और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी 

जशपुरनगर 23 अक्टूबर 2025/ जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु  स्वरोजगार, उद्यमिता एवं समूह-आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे है और शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शत् कार्य किया जा रहा है।
              इसी कड़ी में रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर विगत दिवस कलस्टर संगठन एवं ग्राम संगठन के संयुक्त तत्वावधान में जनपद पंचायत दुलदुला के ग्राम पंचायत पतराटोली के नारी शक्ति ग्राम संगठन में समूह के दीदियों को पोषण, स्वच्छता, लैगिंग उत्पीड़न के संबंध में जानकारी दी गई और जागरूक किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस दौरान स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका आधारित गतिविधियों की जानकारी भी प्रदान की गई।

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रजत जयंती के तहत स्वच्छाग्राहीयों का पंजीयन एवं स्वास्थ्य परीक्षण संपन्न

जशपुरनगर 23 अक्टूबर 2025/ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत रजत जयंती वर्ष 2025-26 के आयोजन के तहत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्वच्छाग्राहीयों का पंजीयन एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस अवसर पर स्वच्छता कार्य में सक्रिय रूप से संलग्न स्वच्छाग्राहीयों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा उन्हें स्वच्छ एवं  स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। 
             कार्यक्रम के दौरान हाथ धुलाई कार्यक्रम का आयोजन कर ग्रामीणों को स्वच्छता के आदतों को अपनाने और बीमारियों से बचाव के महत्व की जानकारी दी गई। उपस्थित स्वच्छाग्राहीयों ने अपने अनुभव साझा किए और ग्रामों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया।  रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत जिले में ऐसे विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और ग्राम स्तर पर सतत स्वच्छता सुनिश्चित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं।

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प्री मैट्रिक बालक छात्रावास और एमएलबी कन्या विद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

जशपुरनगर 23 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के स्टेट प्लॉन ऑफ एक्शन वर्ष 2025-26 के अनुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर श्री सत्येन्द्र कुमार साहू के निर्देशन में प्री. मैट्रिक बालक छात्रावास जशपुर एवं एमएलबी कन्या विद्यालय जशपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम व शिविर का आयोजन किया गया।
                  इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर श्रीमती सुमन सिंह द्वारा शिक्षा का अधिकार, संवैधानिक अधिकार एवं कर्तव्य, नशा मुक्ति, बालश्रम निषेध, मोटर दुर्घटना दावा अधिनियम, नालसा हेल्पलाईन नंबर 15100, नशीली दवाओं के दुरूपयोग एवं अवैध तस्करी के संबंध में कानूनी जानकारी, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012, समझौते के माध्यम से प्रकरण निराकरण हेतु नेशनल लोक अदालत, मध्यस्थता तथा निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता के संबंध में जानकारी दी गई।
           व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर कु. प्रज्ञा सिंह द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत विधिक सहायता व सलाह हेतु पात्रता, घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005, बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 एवं बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कु. चेताली खाण्डेकर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश जशपुर, कु. पूनम, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश जशपुर, कु. नेहा तिर्की, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी जशपुर न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश जशपुर, कु. चेताली कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के पैरालीगल वॉलिण्टियर श्री निरंतर कुजूर श्रीमती आशामती भगत सहित कुल 180 लाभार्थी उपस्थित रहे।

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पंजाब सरकार के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री श्री साय से  सौजन्य मुलाकात कर गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को दिया आमंत्रण

रायपुर, 23 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में पंजाब सरकार के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री हरदीप सिंह मुण्डियन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सौजन्य मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को 9वें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, त्याग और मानवता के प्रति उनके संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस आयोजन में देशभर से श्रद्धालुओं, संत महात्माओं और विभिन्न राज्यों के गणमान्य नागरिकों के सम्मिलित होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंजाब सरकार के मंत्रियों द्वारा दिए गए आमंत्रण के लिए हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया। मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने अपने जीवन में धर्म, मानवता और समानता के जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने पंजाब सरकार के इस आयोजन की सराहना करते हुए इसके सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान न केवल सिख समाज के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए अमर संदेश है, जिसने हमें सत्य और धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी है।

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बस्तर ओलिंपिक 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खेलों के माध्यम से शांति और समरसता का संदेश

रायपुर, 22 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातीय बाहुल्य बस्तर संभाग में युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का आयोजन किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में गृह (पुलिस) विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह आयोजन प्रदेश के रजत जयंती वर्ष में बस्तर की नई पहचान बनेगा।

बस्तर ओलंपिक 2025 के प्रति लोगों में उत्साह का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक बस्तर संभाग के 7 जिलों से 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें 1 लाख 63 हजार 668 पुरुष और 2 लाख 27 हजार 621 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। यह  संख्या न केवल बस्तर के युवाओं का खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि बस्तर की धरती पर अब खेल एक नई सामाजिक चेतना और समान भागीदारी का प्रतीक बन चुके हैं।

*बस्तर की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर लाने की पहल*

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके भीतर निहित नैसर्गिक खेल प्रतिभा को पहचानना है। यह पहल केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास व संवाद का सेतु बनेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा था – “बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं है, यह ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है, जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं।"यह मॉडल पूरे देश में ‘खेल के माध्यम से शांति और विश्वास’ की अनूठी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, फुटबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, कराते, वेटलिफ्टिंग और हॉकी जैसे खेल शामिल हैं। इसमें न केवल आधुनिक खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि स्थानीय परंपरा से जुड़े खिलाड़ियों को भी मंच मिलेगा।

बस्तर ओलंपिक में जूनियर (14-17 वर्ष) और सीनियर वर्ग के अलावा विशेष श्रेणी के प्रतिभागियों—नक्सल हिंसा से दिव्यांग हुए व्यक्ति और आत्मसमर्पित नक्सलियों—को भी सम्मिलित किया जा रहा है। यह पहल खेल के माध्यम से पुनर्वास, पुनर्जीवन और सामाजिक एकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

प्रतियोगिताएं तीन स्तरों—विकासखण्ड, जिला और संभाग स्तर—पर आयोजित हो रही हैं।  विकासखण्ड स्तर पर प्रतियोगिता 25 अक्टूबर से, जिला स्तर पर 5 नवम्बर से और संभाग स्तर पर 24 नवम्बर से आयोजित की जाएगी। विजेताओं को जिला और संभाग स्तर पर नगद पुरस्कार, मेडल, ट्रॉफी और शील्ड प्रदान की जाएगी। नगद राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से खिलाड़ियों के बैंक खाते में जमा की जाएगी। संभागीय स्तर के विजेता खिलाड़ियों को “बस्तर यूथ आइकॉन” के रूप में प्रचारित किया जाएगा। यह ‘स्पोर्ट्स फॉर पीस’ मॉडल बस्तर में नई सामाजिक चेतना का प्रतीक बनेगा।

‘बस्तर ओलंपिक 2025’ के लिए वन भैंसा और पहाड़ी मैना को शुभंकर (Mascot) बनाया गया है, जो बस्तर की जीवंतता और सामुदायिक शक्ति का प्रतीक हैं। यह आयोजन न केवल खेलों का, बल्कि बस्तर की संस्कृति, सौहार्द और विकास के नए युग का उत्सव बनेगा।

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राजभवन में दीपावली मिलन समारोह का हुआ आयोजन,मुख्यमंत्री श्री साय सहित जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

रायपुर, 22 अक्टूबर 2025/राजभवन में आज दीपावली पर्व के अवसर राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। श्री डेका ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । उन्होंने सभी अतिथियों को दीपावली  पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। साथ ही सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। समारोह में  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित आमंत्रित अतिथियों ने भी राज्यपाल को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी एवं राज्यपाल के परिजन उपस्थित थे।

कार्यक्रम में विभिन्न रंगारंग प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति को दर्शाया गया। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक नृत्य राउत नाच की प्रस्तुति श्री केशव राम यादव एवं दल के द्वारा और सूफी गायक पद्मश्री मदन चौहान के मधुर गायन और विधायक श्री अनुज शर्मा ने भजन की प्रस्तृति से समारोह के उत्साह को दोगुना कर दिया ।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री विकासशील पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों के लिए ‘श्रेष्ठ योजना’ हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए देश के श्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में मिलेगा प्रवेश अवसर

रायपुर, 22 अक्टूबर 2025/ अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों को देश के सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार की “श्रेष्ठ योजना” (Scheme for Residential Education for Students in High Schools in Targeted Areas – SHRESHTA) के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025, शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कक्षा 9 और 11 में प्रवेश के लिए 3000 नए विद्यार्थियों का चयन किया जाता है, जो कक्षा 12वीं तक की शिक्षा पूरी करते हैं। स्कूलों का आबंटन योग्यता और विद्यार्थियों की प्राथमिकता के आधार पर आनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से किया जाता है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022-23 से संचालित यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश का अवसर प्रदान करती है। इसके लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा “राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा (श्रेष्ठ)” (NETS) का आयोजन किया जाता है। आगामी परीक्षा दिसंबर 2025 में संभावित है।

श्रेष्ठ योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष सर्वोत्तम निजी आवासीय विद्यालयों का चयन का मापदंड ऐसे विद्यालय हैं जो न्यूनतम पाँच वर्षों से सतत रूप से संचालित हों, पिछले तीन वर्षों में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में कम से कम 75 प्रतिशत या उससे अधिक उत्तीर्णता दर प्राप्त कर चुके हों, तथा जिनके पास कक्षा 9वीं और 11वीं में अतिरिक्त रूप से कम से कम 10 अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को समायोजित करने हेतु आवश्यक एवं उपयुक्त बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हों।

इस योजना के अंतर्गत चुने गए विद्यार्थियों को शिक्षण एवं छात्रावास शुल्क का पूरा व्यय भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है। विद्यार्थियों को किसी प्रकार का शुल्क या अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता। साथ ही, शैक्षणिक समायोजन में सहायता हेतु ‘ब्रिज कोर्स’ के लिए वार्षिक शुल्क का 10% तक का प्रावधान है।

योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन NTA की वेबसाइट पर किया जा सकता है। आवेदन सुधार हेतु विंडो 1 से 2 नवंबर 2025 तक खुली रहेगी। विस्तृत दिशा-निर्देश एवं सार्वजनिक सूचना https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s388a839f2f6f1427879fc33ee4acf4f66/uploads/2025/10/202510101384621454.pdf पर उपलब्ध हैं।

राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में स्कूलों, वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि पात्र विद्यार्थी समय पर आवेदन कर सकें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के इस अवसर का लाभ उठा सकें।

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गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया गौपूजन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर, 22 अक्टूबर 2025/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास रायपुर में स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गौ माता को खिचड़ी खिलाकर गोसेवा की परंपरा निभाई। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

              पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने गौशाला में सेवा कर रहे गौसेवकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने गौसेवा के लिए उनकी सराहना करते हुए सभी से गौवंश की रक्षा एवं संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने  गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौशाला में गौवंश की देखरेख की सभी व्यवस्था मौजूद है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारे जीवन में प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, जो न केवल हमारे ग्रामीण जीवन से जुड़ी है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और आस्था दोनों का केंद्र भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गोसेवा और प्रकृति पूजन की भावना गहराई से रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय, अन्न और धरती का सम्मान करना उस मातृशक्ति को प्रणाम करना है, जिससे हमारा जीवन जुड़ा है। जब हम इन्हें नमन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति की जड़ों, अपनी आत्मा की गहराइयों और समृद्धि के स्रोतों को स्पर्श करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय गौमाता के रूप में पूजनीय है, और इसी भावना के साथ राज्य सरकार गोसेवा को ग्रामीण विकास की धुरी बनाने के लिए कार्य कर रही है।

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छत्तीसगढ़ की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर 5 नवम्बर को नवा रायपुर में रजत जयंती महोत्सव के दौरान होगा ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’...

रायपुर, 22 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजधानी नवा रायपुर का आसमान 5 नवम्बर को एक ऐतिहासिक दृश्य का साक्षी बनेगा। भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) अपने रोमांचकारी करतबों से छत्तीसगढ़ और देशवासियों को गर्व, उत्साह और देशभक्ति की भावना से भर देगी। यह शो रजत जयंती समारोह का सबसे विशेष आकर्षण होगा।

छत्तीसगढ़ के आकाश में गूंजेगा भारतीय शौर्य

राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित यह एरोबैटिक शो छत्तीसगढ़ की प्रगति, उपलब्धियों और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। नवा रायपुर के आसमान में जब सूर्यकिरण टीम उड़ान भरेगी, तब ‘बॉम्ब बर्स्ट’, ‘हार्ट-इन-द-स्काई’ और ‘एरोहेड’ जैसी प्रसिद्ध फॉर्मेशन्स पूरे दर्शक समुदाय को रोमांच और गर्व से भर देंगी।

सूर्यकिरण टीम का यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह दिखाएगा कि अनुशासन, तकनीक और टीमवर्क से कैसे असंभव को संभव बनाया जा सकता है।  राज्य शासन और भारतीय वायुसेना के संयुक्त प्रयास से आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। 

जनसहभागिता से सजेगा रजत जयंती का आकाश

रायपुर और आसपास के जिलों से हजारों नागरिक, विद्यार्थी और परिवार इस एरोबैटिक शो को देखने नवा रायपुर पहुँचेंगे। यह छत्तीसगढ़ की जनसहभागिता और राष्ट्रीय गर्व का जीवंत उदाहरण बनेगा। ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’ केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह भारतीय वायुसेना के शौर्य, सटीकता और समर्पण का प्रतीक है। 

छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर गर्व की उड़ान

5 नवम्बर को नवा रायपुर का आसमान गर्व, रोमांच और देशभक्ति के रंगों से भर उठेगा। सूर्यकिरण टीम का यह ऐतिहासिक शो छत्तीसगढ़ की रजत जयंती को यादगार बना देगा और हर दर्शक के मन में भारत के वीर वायुसैनिकों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना जगाएगा।

उल्लेखनीय है कि 1996 में गठित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भारतीय वायुसेना की सटीकता, साहस और तकनीकी दक्षता का प्रतीक है। अपने गठन के बाद से इस टीम ने भारत की हवाई क्षमता और अनुशासन का भव्य प्रदर्शन देश-विदेश के अनेक मंचों पर किया है। सूर्यकिरण टीम एशिया की एकमात्र नौ विमान की एरोबैटिक डिस्प्ले टीम है, जो भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता, अनुशासन और समन्वय की मिसाल मानी जाती है। इनके विमानों की उड़ानें इतनी सटीक होती हैं कि कभी-कभी पंखों के बीच की दूरी पाँच मीटर से भी कम रह जाती है — यही वह कौशल है जो भारत को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान देता है।

स्वदेशी तकनीक से आत्मनिर्भर भारत की उड़ान

टीम ने अपनी यात्रा की शुरुआत HJT-16 Kiran Mk-II से की थी। वर्ष 2015 में इसने स्वदेशी तकनीक पर आधारित HAL Hawk Mk-132 Advanced Jet Trainer के साथ नई उड़ान भरी। सूर्यकिरण टीम केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा के लिए प्रेरित करती है।

देश और दुनिया में 700 से अधिक प्रदर्शन

अब तक सूर्यकिरण टीम ने भारत और विदेशों में 700 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, ब्रिटेन और थाईलैंड जैसे देशों में इस टीम ने भारत का गौरव बढ़ाया है। टीम ने सिंगापुर एयर शो, दुबई एयर शो और रॉयल थाई एयर फोर्स की 88वीं वर्षगांठ पर भी शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रदर्शनों ने भारत की तकनीकी क्षमता और रक्षा सहयोग की भावना को दुनिया के सामने रखा है। 

खेल और संस्कृति से जुड़ा गौरवपूर्ण अध्याय

2023 में सूर्यकिरण टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में क्रिकेट विश्वकप के दौरान अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया था। इस अवसर ने खेल और सैन्य गौरव को एक साथ जोड़ने का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। 

“यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव का अवसर है कि भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम हमारे रजत जयंती समारोह का हिस्सा बनेगी। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के इस ऐतिहासिक अवसर पर यह शो राज्य के विकास, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की उड़ान का प्रतीक बनेगा। यह प्रदर्शन न केवल हमारे युवाओं में देशभक्ति और गर्व की भावना को प्रबल करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा भी देगा। मैं प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और हमारे वीर वायुसैनिकों के कौशल को सलाम करें।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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रजत जयंती : जुमईकेला में ग्रामीणों ने हाट बाजार की साफ-सफाई कर दिया स्वच्छता का संदेश

जशपुरनगर 22 अक्टूबर 2025/ जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत रजत जयंती वर्ष 2025-26 के आयोजन के तहत हाट बाजार की साफ सफाई ग्रामीणों के श्रमदान से किया जा रहा है। जिसके तहत आज ग्राम पंचायत जुमईकेला की सरपंच बैंजंति टोप्पो के नेतृत्व में जुमाईकेला के बाजार डांड का श्रमदान से साफ सफाई करके ग्रामीणों नें स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सरपंच बैंजंति टोप्पो ने कहा कि "स्वच्छता केवल एक दिन का कार्य नहीं, बल्कि यह हमारी आदत और जिम्मेदारी बननी चाहिए।"

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बगिया में मुख्यमंत्री ने सुनी लोगों की समस्या,आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश 

जशपुरनगर, 22 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को अपने गृह ग्राम बगिया में जनदर्शन आयोजित कर आमजनों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में मुख्यमंत्री से आम नागरिकों ने मांगों एवं समस्याओं को रखा कुछ आवेदनों में तत्काल समाधान किया गया।
     
जनदर्शन में आए ग्रामीणों, महिलाओं, किसानों, छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

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प्रतीक स्वरूप गोवर्धन पर्वत की मुख्यमंत्री ने पूजा अर्चना कर प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की 

जशपुर 22 अक्टूबर 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में सपरिवार प्रतीक स्वरूप गोवर्धन पर्वत की पूजा अर्चना की और प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की माता श्रीमती जसमनी देवी साय मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा एक पवित्र त्यौहार है इस दिन अन्नकूट की परंपरा निभाई जाती है।
एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है, जो दीपावली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। यह पूजा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को उठाने की लीला की स्मृति में की जाती है।

 उन्होंने कहा कि गोकुलवासियों को लगातार वर्षा और संकट का सामना करना पड़ा, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाकर गांववासियों को शरण दी। जिससे आने वाले संकट को दूर किया जा सके।

इस दिन गोवर्धन का चित्र या प्रतीक बनाया जाता है। घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत का चित्र या आकृति बनाई जाती है।अन्नकूट के तहत तरह-तरह के पकवान, सब्जियाँ, मिठाइयाँ बनाकर थाल में सजाए जाते हैं — इसे "अन्नकूट" कहा जाता है। भगवान कृष्ण की पूजा कर उन्हें अन्नकूट का भोग लगाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा के दिन 
 गायों की विशेष पूजा की जाती है । जिससे गोवंश के संरक्षण संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।

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किसान परिवार के पूरे हुए सपने : बोरियों में 10-10 के सिक्के भरकर देवनारायण होंडा शोरूम पहुंचा गरीब किसान, खरीद लाया स्कूटी,बताई ये वजह........

 

जशपुर 22 अक्टूबर 2025 : कभी-कभी सपनों को हकीकत में बदलने के लिए सिर्फ़ हिम्मत और लगन की जरूरत होती है। ऐसा ही कुछ जशपुर के एक किसान परिवार ने कर दिखाया।* 

 *बजरंग राम भगत ग्राम केसरा अपनी बेटी चम्पा भगत को एक्टिवा दिलाने की ठानी और परिवार को ले कर पहुंच गए जशपुर के देवनारायण होंडा शोरूम और  शंकुचाएं मन से कहा कि सिक्का लाने हो एक्टिवा मिलीही का* 

 बजरंग राम की आमदनी कम होने की वजह से उसने पिछले 6 महीनों तक तिनका-तिनका जोड़कर ₹40,000 के सिक्के जमा किए। परिवार के साथ सिक्के को  बोरे में भर कर उन सिक्कों को लेकर पहुँचा देवनारायण होंडा शोरूम, जशपुर - एक ही सपना लेकर, "अपनी खुद की होंडा एक्टिवा लेने का।"

शोरूम के डायरेक्टर श्री आनंद गुप्ता को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने न केवल किसान परिवार का सम्मानपूर्वक स्वागत किया बल्कि अपने स्टाफ को उन सिक्कों की गिनती में लगा दिया।
बड़े स्नेह और आदर के साथ उन्होंने किसान की इच्छा पूरी करते हुए उसे होंडा एक्टिवा की चाबियाँ सौंपी।

यही नहीं, शोरूम में चल रहे “Scratch & Win” ऑफर के तहत किसान परिवार को उपहार स्वरूप मिक्सर ग्राइंडर भी भेंट किया गया।

यह वाकया दर्शाता है कि मेहनत, उम्मीद और सच्चे सपनों के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती।
देवनारायण होंडा परिवार को भी गर्व है कि उसने किसान परिवार के इस सपने को साकार करने में भूमिका निभाई।

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गृह ग्राम बगिया में मुख्यमंत्री श्री साय ने सुनी आम जनता की समस्याएं,त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 21 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  आज मंगलवार को अपने गृह ग्राम बगिया में जनदर्शन आयोजित कर आमजनों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके निराकरण के लिए तत्काल निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगों एवं समस्याओं को प्रस्तुत किया। कुछ मामलों में त्वरित समाधान के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। 
     जनदर्शन में आए ग्रामीणों, महिलाओं, किसानों, छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को  त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 
   मुख्यमंत्री के समक्ष विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क, जनसुविधाओं और विभिन्न योजनाओं से संबंधित मांगे और समस्याओं से संबंधित आवेदन आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक आवेदक को समयबद्ध समाधान मिले।

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सीएम ने कार्यकर्ताओं के साथ किया स्नेह मिलन.....संगठन का हर कार्यकर्ता वैचारिक क्रांति के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तो होगा आत्मनिर्भर भारत का निर्माण :मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रदेश महामंत्री पवन साय ने दीप महापर्व पर दिया राष्ट्रवाद का संदेश

वसुधैव कुटुंबकम् की भावना से ओतप्रोत हों भाजपा के हर कार्यकर्ता 

जशपुरनगर 21 अक्टूबर 2025 :

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृहग्राम बगिया में दीपावली के अवसर पर कार्यकर्ताओं के लिए स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं से सीएम ने संवाद कर दीपावली की बधाई दी।श्री मुनेश्वर ने अपने सुमधुर गान से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।उन्होंने अपने गाने में मोदी की गारंटी से लेकर सीएम साय के कार्यों की बखूबी सराहना की।जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने मंचीय संचालन किया।भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह,जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय,रायगढ़ जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार समेत पार्टी के पदाधिकारी,जिला पंचायत सदस्य,कार्यकर्ता हजारों की संख्या में उपस्थित रहे।

प्रदेश संगठन के महामंत्री पवन साय ने कार्यकर्ता स्नेह मिलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह पल सौभाग्य का है जब प्रदेश के नेतृत्व की जिम्मेदारी कुनकुरी विधानसभा के विधायक विष्णुदेव साय जी को मिली है।कार्यकर्ताओं के परिश्रम को सम्मान देना संगठन का कार्य है इसके बावजूद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं कार्यकर्ताओं का सम्मान कर रहे हैं यह गर्व का विषय है।कार्यकर्ताओं का संघर्ष सतत चलता रहता है उन्हें पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना है और संगठन का कार्य करते रहना है।उन्होंने पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता के उत्कृष्ट कार्यों को याद करते हुए उन्हें संगठन में श्रेष्ठ कार्य के लिए साधुवाद दिया।कालरात्रि,महाशिवरात्रि के बाद दीपावली की बेला में सुखरात्रि आती है जो जीवन में शांति सुख व समृद्धि लेकर आती है।

भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता का लक्ष्य स्वयं के सुख की कामना का नहीं होना चाहिए।समाज के सुख की कामना के साथ उन्हें लक्ष्य की ओर अग्रसर होना चाहिए।समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति को हम समर्थ सशक्त बनाएं इस दिशा में हमारा प्रयास होना चाहिए।पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्मवाद,भारत दर्शन के सिद्धांत की व्याख्या करते हुए उन्होंने वैचारिक क्रांति की बात कही।भाजपा के कार्यकर्ताओं को राष्ट्रभक्ति,देशभक्ति के जज्बे के साथ जन जन में वैचारिक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।दीपोत्सव के इस पावन पर्व पर हम सभी को विचार क्रांति का संकल्प लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गृहग्राम बगिया में  कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सभी कार्यकर्ताओं को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।छत्तीसगढ़ के खुशहाली की कामना करते हुए श्री साय ने बताया कि भाजपा राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ आज विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी है।प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।केंद्र में तीसरी बार एनडीए की सरकार है अधिकांश प्रदेशों में नेतृत्व भाजपा के पास है जो इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता को संगठन पर पूर्ण विश्वास है।भाजपा की कथनी और करनी एक है जिसके कारण आज संगठन सतत देश को समृद्ध और खुशहाल बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत का नया लक्ष्य भारत देश को समृद्धि की ओर लेकर जाने वाला है।इस दिशा में गांव के हर अंतिम व्यक्ति को हम समृद्ध आत्मनिर्भर बना सकें ऐसा कार्य हर कार्यकर्ता को करना होगा। बाईस महीनों के कार्यकाल में बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा करने का लक्ष्य पूरा होने जा रहा है जिसके लिए केंद्रीय संगठन का सतत सहयोग मिल रहा है।

श्री साय ने कहा कि विकास कार्यों के लिए वे सतत कार्यरत हैं।दो हजार एक सौ सोलह करोड़ के विभिन्न निर्माण कार्य पिछले 22 महीनों में स्वीकृत हुए हैं जिसके पूर्ण होने के बाद क्षेत्र का विकास जमीन पर दिखने लगेगा।उन्होंने छत्तीसगढ़ के साथ जशपुरवासियों के सुख समृद्धि की कामना की।

उक्त कार्यक्रम में कुनकुरी मंडल अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ,उमेश यादव, दिलीप साहू,मुक्तेश्वर साय,सरोजनी सिंह,पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता,ममता कश्यप,उपेंद्र यादव,मुनेश्वर केशर,अनूप बड़ाईक,मलिता बाई,ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह,कपिलदेव साय, मनीष अग्रवाल, कपिलेश्वर सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित रहे।श्री साय ने कार्यकर्ताओं के साथ स्नेह भोज कर उनका उत्साहवर्धन किया।

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मुख्यमंत्री श्री साय लैलूंगा के भुईयांपानी में दीप महोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल.....

संतों की कृपा और जनता के विश्वास से ही संभव हुआ सुशासन का दीपोत्सव: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

गुरुधाम में एक करोड़ रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त भवन और महतारी सदन के लिए 29 लाख रुपए सहित कई घोषणाएं

 रायपुर, 21 अक्टूबर 2025/ दीपावली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा तहसील के ग्राम भुईयांपानी पहुँचे। यहाँ उन्होंने गुरुधाम में आयोजित दीप महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर अपने आराध्य संत गुरुदेव स्वामी धनपति पंडा जी एवं श्रीमती प्रेमशीला पंडा की प्रतिमाओं के समक्ष नमन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह दीपोत्सव हर घर में उजियारा और हर जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं प्रेम का प्रकाश फैलाए। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद सदैव हम सब पर बना रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिवमंदिर में जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया तथा हनुमान मंदिर एवं वटवृक्ष की पूजा-अर्चना भी की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह संतों और प्रदेश की जनता का ही आशीर्वाद है कि एक किसान का बेटा मुख्यमंत्री बना है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के 22 महीनों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के विकास के लिए राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। धान खरीदी की सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी गई है। धान का मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। ई-गवर्नेंस प्रणाली की शुरुआत हो चुकी है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। भूमिहीन मजदूर सहायता योजना, तेंदूपत्ता खरीदी 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा, रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना जैसी अनेक जनहितकारी योजनाएँ सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुधाम में एक करोड़ रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण, महतारी सदन के लिए 29 लाख रुपए के साथ ही गुरुधाम परिसर में हाईमास्ट लाइट की स्थापना, तालाब का सौंदर्यीकरण, बोर खनन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए घोषणा की।

लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने उपस्थित सभी लोगों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस संसार में गुरु से बढ़कर कोई नहीं है। गुरु ही वह प्रकाशस्तंभ हैं जो हमें अंधकारमय जीवन से निकालकर ज्ञान, अनुशासन और नैतिकता के पथ पर अग्रसर करते हैं। गुरु की प्रेरणा ही जीवन में सच्चा आनंद, आत्मिक शांति और सर्वाेच्च सुख प्रदान करती है। उनका मार्गदर्शन जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, संत सनातन धर्मदेवी संत समाज के अध्यक्ष श्री सहदेव पंडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री सत्यानंद राठिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

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