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Big News : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि.! छत्तीसगढ़ के 68 हजार किसान 20वीं किस्त से वंचित..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त की राशि बीते 2 अगस्त को छत्तीसगढ़ के 25 लाख 47 हजार 538 किसानों को मिली है. जबकि इसके पहले प्रदेश के 26 लाख 15 हजार 671 किसानों को 19वीं किस्त की राशि मिली थी. इस तरह छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त अंतर्गत लाभान्वित होने वाले किसानों की संख्या 19वीं किस्त की तुलना में 68 हजार 133 कम है और इन किसानों के बैंक खाते में 20वीं किस्त की राशि नहीं आई. अब 20वीं किस्त पाने से वंचित हजारों किसान सत्यापन के लिए भटक रहे हैं.

वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत जिन किसानों की ई-केवायसी, आधार व लैंड सीडिंग पूर्ण है, उन्हीं किसानों को ही पात्र माना गया है. केंद्र सरकार द्वारा राशन कार्ड पोर्टल से पीएम-किसान पोर्टल डाटा के मिलान के बाद एक ही परिवार के सदस्यों यानी 52 हजार 257 किसानों की सूची राज्य शासन को उपलब्ध कराई गई है, जिसका सत्यापन कार्य विकासखंड स्तर पर किया जा रहा है. पोर्टल पर प्रदर्शित आंकड़ों के अनुसार अब तक 37 हजार 751 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है. वहीं, 14 हजार 506 किसानों का सत्यापन होना अभी बाकी है. जिलों की आईडी पर सत्यापन कार्य के लिए किसान सूची इन आंकड़ों से भिन्न (कम) प्रदर्शित हो रही है. कृषि विभाग के मुताबिक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत इस समय प्रदेश के 25.47 लाख किसान ही लाभान्वित हो रहे हैं. वहीं, राज्य के लाखों किसान अपात्र घोषित हो चुके हैं. अपात्रों में कुछ की मृत्यु हो चुकी है या दूसरी जगह पलायन कर चुके हैं या उनकी पहचान नहीं हो पाई है. कुछ आयकर दाता हैं, तो पेंशनधारी या शासकीय सेवक होने के कारण भी अपात्र हुए हैं. केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को ई-केवायसी के साथ ही भूमि को आधार, राज्य के भुइंया पोर्टल व पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल से लिंक करना तथा आधार नंबर का बैंक अकाउंट नंबर से मिलान कराना अनिवार्य है. जिन किसानों के ये तीनों कार्य पूर्ण नहीं हुए हैं, उन्हें बैंक खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20 वीं किस्त की राशि नहीं दी गई है. पिछली बार सम्मान निधि की 19 किस्त का लाभ छत्तीसगढ़ से लगभग 26.15 लाख से अधिक किसानों को मिला था.

ये अपात्र माने जाएंगे

दरअसल, कृषि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र किसान परिवार इस योजना से वंचित न रहे, इसके लिए राज्यों और जिलों को नियमित रूप से पात्रता की जांच कर लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता. सरकार ने कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा है. इनमें सभी संस्थागत भूमि धारक, संवैधानिक पदों के पूर्व और वर्तमान धारक, सांसद, विधायक, मंत्री, महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल हैं. शासकीय अधिकारी-कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) तथा 10,000 रुपए या उससे अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी भी योजना का लाभप्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है. आयकरदाता परिवार भी इस योजना के दायरे से बाहर है.

3 सालाना किस्तों में 6 हजार रुपए

फिलहाल, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पात्र किसानों को सालाना 6 हजार रुपए, 2-2 हजार रुपए की तीन किस्तों में प्रदाय किए जाते हैं. योजनांतर्गत सभी वर्ग व श्रेणी के किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है.

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CG Big News : गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित पोस्ट..24 घंटे बाद भी FIR दर्ज नहीं होने पर सांसद के साथ भाजपाइयों ने थाने का किया घेराव..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कांकेर। देर रात कांकेर कोतवाली थाने में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद भोजराज नाग सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और संगठन से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।

हालांकि, कांग्रेस नेता द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक विवादास्पद पोस्ट किए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। शिकायत दिए जाने के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद केस दर्ज नहीं होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और थाने में जमकर हंगामा किया। वहीं पदस्थ टीआई को हटाने की मांग को लेकर भी भाजपाइयों ने जमकर नारेबाजी की।

ज्ञात हो कि, इस दौरान मौके पर मौजूद सांसद भोजराज नाग ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक व्यक्ति ने आपत्तिजनक बातें लिखी हैं और उनके भाषण के वीडियो को एडिट किया गया है जो वायरल हो रहा है। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं और आमजन की भावनाओं को ठेस पहुंची है। भाजपा जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ हमने थाना आकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। थाना प्रभारी का कहना है कि एसपी ने एफआईआर लिखने से मना किया है।

वहीं, उन्होंने आगे कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी और आरोपी पर कार्रवाई नहीं होगी, हम यहां से नहीं हटेंगे। अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं, उनका अपमान हम सबका अपमान है।

दरअसल, सांसद नाग ने स्पष्ट कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति पर तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो वे शासन को पत्र लिखकर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जनता का प्रतिनिधि और सांसद कहने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता की शिकायतों पर कैसे न्याय मिलेगा?

फिलहाल, उन्होंने कहा कि कोई मनमानी हम नहीं चलने देंगे। निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी की सरकार में आम जनता की सुनी जाती है और जो भी कानून सम्मत बात होगी, जो भी कार्रवाई होगी, उसे करना ही पड़ेगा। क्योंकि संविधान में सबको अधिकार है और संविधान सर्वोच्च है, उसका पालन करना ही पड़ेगा। इसलिए ऐसे टीआई के खिलाफ मैं शासन को पत्र लिखूंगा।

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CG Big News : नक्सली मुठभेड़ में 1 करोड़ के इनामी नक्सली समेत 10 हुए ढेर..केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को गुरुवार को बड़ी सफलता मिली है। गरियाबंद जिले में हुई मुठभेड़ में केंद्रीय कमेटी सदस्य और 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को मारा गिराया गया है। सुरक्षा बलों को इस सफलता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि नक्सलवाद का अंत अब निश्चित है। साथ ही उन्होंने समय रहते आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी है।

समय रहते बचे-खुचे नक्सली भी कर दें आत्मसमर्पण – अमित शाह

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “नक्सलियों के विरुद्ध हमारे सुरक्षा बलों ने आज एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वे बधाई के पात्र हैं, छत्तीसगढ़ में CRPF की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG ने जॉइंट ऑपरेशन चलाकर ₹1 करोड़ के इनामी सीसीएम मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को मारा गिराया है। समय रहते बचे-खुचे नक्सली भी आत्मसमर्पण कर दें। आगामी 31 मार्च से पहले लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है।”

मुठभेड़ में 1 करोड़ के इनामी नक्सली मोडेम बालकृष्णा समेत 10 ढेर

फिलहाल, गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में आज सुबह नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना सुरक्षा बलों को मिली थी। इसके बाद गरियाबंद E-30, STF और कोबरा की टीम घटनास्थल की ओर रवाना हुई। वहां पहुंचते ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई, जो रुक-रुक कर कई घंटों तक चली। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 नक्सलियों को मार गिराया। मनोज पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह नक्सल संगठन में केंद्रीय कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय था।

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CG Big News : गौ माता को ‘राजमाता’ का दर्जा दिलाने को लेकर जोरदार प्रदर्शन..गौ रक्षकों ने हाइवे पर किया चक्का जाम..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बेमेतरा। गौ माता को ‘राजमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर बेमेतरा जिला मुख्यालय में शुरू हुआ आंदोलन रात होने के बावजुद अब तक जारी है। आज शिव गंगा धाम के दंडी स्वामी ज्योतिर्मयानंद के नेतृत्व में हजारों की संख्या में गौ भक्त, युवा, महिलाएं और बच्चे कलेक्टरेट परिसर पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और परिसर के बाहर मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गए है। मौजुदा समय में धरना और चक्का जाम जारी है, जिससे रायपुर-जबलपुर हाइवे पर जाम की स्थिति बन गई है।

गौसेवकों ने गौ तस्करी और दुर्घटनाओं पर जताई नाराजगी

बता दें कि क्षेत्र में लगातार गौ तस्करी की घटनाएं सामने आ रही हैं। साथ ही सड़कों पर दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में गायों की मौत हो रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में निरंकुश रवैया अपनाए हुए हैं। गौ रक्षकों का कहना है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो वे सड़क पर संघर्ष करने को मजबूर होंगे और हर हाल में गौ माता को राजमाता का दर्जा दिलाकर रहेंगे।

“गाय विश्व की माता, पशु श्रेणी से बाहर निकाला जाए”

ज्ञात हो कि दंडी स्वामी ज्योतिर्मयानंद ने इस दौरान कहा- “यह देश सनातन धर्मियों का है और हमारे यहां गौ माता सर्वोपरि मानी जाती हैं। पूज्य जगतगुरु शंकराचार्य पूरे देश में अभियान चला रहे हैं कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए। राज्य स्तर पर कम से कम गौ माता को राजमाता का दर्जा मिलना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है ‘विश्वस्य मात्रा गाय’, यानी गाय पूरे विश्व की माता है। लेकिन आज उन्हें पशु श्रेणी में रखकर मवेशी की तरह व्यवहार किया जा रहा है। गौ माता के मांस की खुलेआम कटाई हो रही है और विदेशों में भेजा जा रहा है। यह हमारी परंपरा और संस्कृति के लिए कलंक है।”

वहीं, उन्होंने आगे कहा कि गौ माता को माता की श्रेणी में लाकर संवैधानिक मान्यता दी जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर आज कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जा रहा है।

दरअसल, कलेक्टर परिसर के बाहर डटे हुए हैं स्वामी ज्योतिर्मयानंद और गौसेवक

खबर लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी कलेक्टर परिसर के बाहर डटे हुए हैं। दंडी स्वामी ज्योतिर्मयानंद अपने अनुयायियों और गौसेवकों के साथ सड़क पर बैठकर भजन-कीर्तन कर रहे थे। कलेक्टर अब तक प्रदर्शनकारियों से मिलने नहीं पहुंचे थे, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।

“हम संघर्ष के लिए तैयार हैं” – दंडी स्वामी ज्योतिर्मयानंद

दरअसल ज्योतिर्मयानंद ने कहा, “हमारी मांग सीधी है – गौ माता को राजमाता का दर्जा मिले। प्रशासन केवल दो मिनट समय देकर हमारी बात सुन ले तो मामला खत्म हो सकता है, लेकिन कलेक्टर का रवैया टालमटोल वाला है। यदि प्रशासन उदासीन रहेगा तो हम आंदोलन को और व्यापक करेंगे। चाहे दिन हो या रात, हम यहां भजन-कीर्तन करते हुए बैठे रहेंगे। हमारी लड़ाई शांतिपूर्ण है, किसी भी तरह की गाली-गलौज या हिंसा नहीं होगी। लेकिन गौ माता के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

फिलहाल, बेमेतरा में यह आंदोलन फिलहाल लगातार बढ़ रहा है और जिले की शांति व्यवस्था के लिए चुनौती बनता दिख रहा है। आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे सड़क से नहीं हटेंगे।

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CG Crime : पुलिस को मिली बड़ी सफलता.! चोरी की वारदात का हुआ खुलासा..3 मोटरसाइकिल बरामद.. 2 आरोपी गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh Crime News/सूरजपुर। सूरजपुर जिले में पुलिस ने चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर द्वारा चोरी और नकबजनी की घटनाओं को रोकने के लिए दिए गए सख्त निर्देशों के तहत चौकी बसदेई पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 3 मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद मोटरसाइकिलों की कीमत लगभग 1 लाख रुपये बताई जा रही है।

ज्ञात हो कि, पुलिस को 11 सितंबर 2025 को मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे फाटक के पास दो व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिल बेचने के फिराक में ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में विकास देवांगन (22 वर्ष), निवासी ग्राम मसीरा जोड़ा सरई, और रितेश कुमार सारथी (22 वर्ष), निवासी भटठापारा थाना सूरजपुर शामिल हैं।

वहीं, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों से मोटरसाइकिलों के दस्तावेज की मांग की गई, लेकिन वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस की सख्ती और पूछताछ के बाद आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चोरी की मोटरसाइकिलें विभिन्न स्थानों से चुराई हैं। उन्होंने बताया कि एक होण्डा सीडी डिलक्स मोटरसाइकिल जयनगर थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी, जबकि एक सुजुकी मोटरसाइकिल साप्ताहिक बाजार सूरजपुर से तथा एक बजाज CT100 मोटरसाइकिल पानी टंकी के पास चिरमिरी जिला एमसीबी से चोरी की गई थी। 

दरअसल आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का एक और मोटरसाइकिल बरामद किया। इस प्रकार कुल 3 मोटरसाइकिलें पुलिस ने जब्त कीं, जिनकी कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई जा रही है। दोनों आरोपियों को विधिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया। 

फिलहाल, इस कार्रवाई में चौकी बसदेई के प्रभारी योगेंद्र जायसवाल, प्रधान आरक्षक शिवकुमार सारथी, आरक्षक देवदत्त दुबे, रामकुमार सिंह, दिलीप साहू, निलेश जायसवाल, राकेश सिंह, शिवराज सिंह और अशोक केवट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम ने मौके पर जाकर न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि चोरी की घटनाओं में शामिल अन्य अपराधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। डीआईजी और एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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Raigarh News : रायगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 30,000 नए आवास निर्माण कार्य पूर्ण..ओपी चौधरी ने दी बधाई..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायगढ़। रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 30,000 नए आवास निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। यह जानकारी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल सरकारी आंकड़ा नहीं है, बल्कि 30,000 परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायी आवास का नया अध्याय है। योजना के माध्यम से जरूरतमंदों को पक्का घर मिलने से उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और स्थिरता बढ़ेगी।

वहीं, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सभी लाभार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार गरीबों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को एक सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है ताकि वे बेहतर जीवन जी सकें। 

दरअसल,मं ने बताया कि रायगढ़ जिले में आवास निर्माण का कार्य निर्धारित समय में पूर्ण किया गया है। सभी आवास आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं और लाभार्थियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य सिर्फ घर उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को मुख्यधारा में शामिल कर उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता, निर्माण सामग्री और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही आवास निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निरंतर निरीक्षण किया गया।

 

फिलहाल, लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पक्का घर मिलने से उन्हें जीवन में नई सुरक्षा और स्थिरता मिली है। महिलाएँ विशेष रूप से खुश दिखाई दीं, क्योंकि उनके लिए यह घर परिवार के भविष्य की नींव साबित होगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अंत में कहा कि सरकार आने वाले समय में भी प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से गरीबों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहेगी। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सहयोग करने की अपील की। यह पहल सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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CG Big News : CM साय के निर्देश पर NHM कर्मियों की हड़ताल के बीच 25 संविदा चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति..आदेश जारी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। प्रदेश में NHM अधिकारी और कर्मचारियों की हड़ताल के बीच 24 चिकित्सा अधिकारियों साथ एक 1 विशेषज्ञ चिकित्सक के संविदा नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर यह नियुक्ति की गई है।

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में 01 विशेषज्ञ चिकित्सक सहित 24 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना से त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञ चिकित्सक (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. विकास कुमार साहू को जिला अस्पताल धमतरी में पदस्थापना की गई है।

दरअसल, जिलों के लिए चिकित्सा अधिकारी(संविदा) के जारी आदेश में डॉ आकाश नागदेव, डॉ जयंती लाल दारियो, डॉ. प्रशांत सिंह, डॉ विशाल पत्रे, डॉ अदिति मारिया लाकर, डॉ भाविका टंडन, डॉ मेनका दांडेकर, डॉ वर्षा कुमारी, डॉ जयालक्ष्मी बिंझवार, डॉ नीतू नन्द, डॉ विनीता मिर्झा, डॉ बी. दिव्यांशी, डॉ निशा पैकरा, डॉ अल्का कुजूर, डॉ जॉन कुजूर, डॉ. संगीता कंवर, डॉ हीना कश्यप, डॉ शायल पटेल, डॉ नीरज कुमार गंगराले, डॉ प्रवीन कुमार, डॉ आशुतोष, डॉ दीप्ति जतवार, डॉ दीपाली भूआर्य, डॉ झरना रानी मारकोले को प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ किया गया है।

फिलहाल, NHM कर्मियों की हड़ताल अभी भी जारी है। हाल ही में हड़ताली कर्मचारियों को काम पर लौटने का अल्टीमेटम देने के बाद 25 कर्मचारियों की सेवा बर्खास्त कर दी गई थी। इसके बाद प्रदेश भर के NHM कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफा स्वास्थ्य विभाग को सौंपा। फ़िलहाल, NHM कर्मचारियों का हड़ताल अब भी जारी है।

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CG Big News : आयुष्मान भारत योजना के नियम तोड़ने वाले 118 अस्पतालों पर कार्रवाई.! योजना से अब मरीजों को लगातार मिल रही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत निजी अस्पतालों में मरीजों को लगातार निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1,600–1,700 दावे प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनकी राशि प्रतिदिन 4 करोड़ रुपये से अधिक है। राज्य सरकार अब तक 375 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है, जबकि केंद्र से 130 करोड़ रुपये जल्द मिलने वाले हैं, जिससे दावों का भुगतान सुचारू रूप से हो सके। वहीं, नियम तोड़ने वाले 118 अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई भी की गई है।

बता दें कि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025–26 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक रु. 375 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इस राशि से जुलाई 2025 तक के लगभग रु. 280 करोड़ के दावे भुगतान कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार से रु. 130 करोड़ इस सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है, जिससे निरंतर अस्पतालों के दावे भी भुगतान किये जाएंगे।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग लगातार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ परामर्श कर रहा है और सभी पंजीकृत अस्पताल लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोई भी गरीब अथवा कमजोर वर्ग का परिवार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत नि:शुल्क उपचार से वंचित न हो, यह सुनिश्चित किया गया है। सभी पैनल में शामिल अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि मान्य आयुष्मान कार्डधारकों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार का शुल्क न लें।

ज्ञात हो कि, स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले 118 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें 24 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट तथा 11 अस्पतालों का निलंबन शामिल है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जल्द होगी स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला आयोजित

वहीं, राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार बिना किसी आर्थिक बोझ के प्राप्त हो। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार शीघ्र ही एक स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला आयोजित करने जा रही है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों के साथ योजनागत मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी।

राज्य सरकार से 375 करोड़ और केंद्र से 130 करोड़ रुपये की स्वीकृत

वहीं, डॉ. सुरेंद्र शुक्ला, चेयरमैन, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ ने बताया कि विभागीय मंत्री की पहल पर 375 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज यह भी जानकारी दी कि इसके अतिरिक्त 130 करोड़ रुपये केंद्र से आबंटित किए जा चुके हैं, जो इस सप्ताह प्राप्त हो जाएंगे। इस प्रकार लगभग 505 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों के लंबित बकाया भुगतान के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।

दरअसल, राज्य एवं जिला शाखाओं के प्रतिनिधियों ने मरीजों के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शासन द्वारा बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है, तो ऐसी स्थिति में मरीजों का निःशुल्क इलाज किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा।

फिलहाल, आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे और कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था, सख्त निगरानी और निरंतर सुधार के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश में निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सभी नागरिकों को उपलब्ध हो।

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CG Big News : इंद्रावती भवन में धूमधाम से तीज मिलन समारोह का हुआ आयोजन..महिला अधिकारी और कर्मचारियों ने दी रंगारंग प्रस्तुति..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण उत्सवों में एक तीज के पावन पर्व के उपलक्ष्य पर इंद्रावती भवन में कार्यरत समस्त महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विगत 3 वर्षों से अनवरत तीज मिलन का कार्यक्रम रखा गया। इस कार्यक्रम में शामिल समस्त महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा इस पावन अवसर पर सोलह श्रृंगार के साथ विभिन्न प्रकार के वेशभूषा में अत्यंत हर्ष और उत्साह के साथ सम्मिलित हुए।

बता दें कि, समस्त महिला शासकीय सेवकों को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे किसी आसमान में इंद्रधनुष की छठा निखर कर सामने आ गई है। इस अवसर पर महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विभिन्न प्रकार के छत्तीसगढ़ से संबंधित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। इंद्रावती भवन अध्यक्ष जय कुमार साहू द्वारा समस्त महिला साथियों के लिए छत्तीसगढ़ी व्यंजन जिसमें ठेठरी, खुर्मी, चाकोली, खाजा, गुजिया की व्यवस्था की जाती है।

ज्ञात हो कि, कार्यक्रम में महिला अधिकारियों-कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर इंद्रावती भवन के अध्यक्ष जय कुमार साहू द्वारा पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसे ठेठरी, खुर्मी, चाकोली, खाजा और गुजिया की व्यवस्था की गई, जिसने समारोह में चार चांद लगा दिए।

वहीं, कार्यक्रम का संचालन संचालयीन कर्मचारी संघ की महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष जगदीप बजाज एवं संयुक्त सचिव सोनाली तिड़के द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा मुख्य अतिथि संचालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जय कुमार साहू, कार्यकारी अध्यक्ष संतोष वर्मा, संगठन सचिव लोकेश वर्मा, भू-अभिलेख विभाग अध्यक्ष अमित शर्मा, संचनालय कर्मचारी संघ से हेमप्रसाद गायकवाड उपस्थित रहे।

दरअसल, अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा ने कहा कि यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि सामूहिक एकता और उत्साह का भी प्रतीक बना। तीज मिलन समारोह ने सभी को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर के और करीब लाने का कार्य किया।

फिलहाल, कमल वर्मा ने कहा कि तीज पर्व नारी शक्ति के सम्मान और उनके आत्मबल का प्रतीक है। यह पर्व केवल सुहागिनों की मंगलकामना से ही नहीं, बल्कि संस्कार, श्रद्धा और सामाजिक एकता के प्रतीक रूप में भी महत्वपूर्ण है। इस आयोजन ने न केवल महिला सशक्तिकरण की भावना को सुदृढ़ किया, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और सौहार्द का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।

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CG Big News : नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के पर्यटकों की सकुशल वापसी के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर  11 सितम्बर 2025 : नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तत्काल संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, मुख्यमंत्री साय ने X पर पोस्ट करते हुए यह बताया है कि भारत सरकार के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क साधा जा रहा है और सभी पर्यटकों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस कठिन परिस्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार अपने प्रत्येक नागरिक की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

फिलहाल, मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के पर्यटकों की स्थिति को लेकर परिजनों में चिंता बनी हुई है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर संभव मदद और समन्वय कर उन्हें सुरक्षित स्वदेश लौटाया जाएगा।

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CG News : ये लो, चल रही थी अंतिम संस्कार की तैयारी, तभी युवक जिंदा लौटा..लोग भागने लगे भूत-भूत चिल्लाकर., फिर..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा से हैरान कर देने वाला अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. नदी में युवक की लाश मिलने के बाद शिनाख्ती प्रक्रिया कर परिजनों को शव सौंप दिया गया. घर में युवक की मौत से मातम पसरा हुआ था. रिश्तेदारों को सूचना भी दे दी गई थी. तभी अचानक दरवाजे पर वही शख्स खड़ा हो गया, जिसे सभी ने मृत मान लिया था. मौजूद कुछ लोग उसे देखकर भूत-भूत चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगे. लेकिन धीरे-धीरे यकीन हुआ कि वह असल में जिंदा है. अब सवाल है कि जिस युवक का शव घर में है, वह किसका है.  

जानकारी के अनुसार, पूरा मामला कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत गेवरा बस्ती, विश्रामपुर का है. दरअसल हरीओम वैष्णव ( करीब 27 वर्ष) 4 दिन पूर्व अपने ससुराल दर्री परिवार सहित आया हुआ था. लेकिन वह ससुराल से निकला तो वापस घर नहीं लौटा. परिजनों और रिश्तेदारों ने उसे ढूंढने की काफी कोशिश की, लेकिन हरिओम वैष्णव का कही कुछ पता नहीं चला. इसके बाद परीजनों ने संबंधित थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. मामला में पुलिस लगातार लापता युवक की तलाश में जुटी हुई थी. 

नदी में मिला शव 

दरअसल, तलाशी के दौरान डंगनिया नदी में एक युवक का शव मिला. इस दौरान पुलिस ने लापता हरिओम वैष्णव के परिजनों को सूचना के लिए बुलाया। पानी में डूबे रहने के कारण लाश की पहचान कर पाना मुश्किल हो गया था. परिजनों ने कद-कांठी, रंग-रूप, जिंस और हाथ पर वाले अक्षर वाले टैटू के आधार पर परिजनों ने शव को हरिओम को मान लिया. इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कर परजिनों को शव सौंप दिया. घर पर मातम पसर चुका था. 

फिलहाल, घर में अंतिम संस्कार की तैयारी चल रहा था. इसी बीच हरिओम वैष्णव जिंदा वापस घर लौट गया. लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि युवक जिंदा है. कई लोग तो भूत-भूत चिल्लाकर इधर-उधर भागने लगे. हालांकि धीरे-धीरे उन्हें यकीन हो गया. कुसमुंडा पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से शव को संबंधित थाना बांकीमोंगरा पुलिस को सौंपा गया. फिलहाल शव को मर्चुरी में रखा गया है.

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CG Breaking : भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की बड़ी कार्रवाई से इलाके में मचा हड़कंप..पटवारी को 13 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर तहसील में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने पण्डरी गांव में पदस्थ पटवारी मोहन सिंह को 13 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। यह रिश्वत एक किसान से जमीन बंटवारे के नाम पर ली जा रही थी।

वहीं, वाड्रफनगर के एक किसान ने अपनी पैतृक जमीन के बंटवारे के लिए पटवारी कार्यालय में आवेदन दिया था। किसान का आरोप है कि पटवारी लंबे समय से काम को टालता रहा और बार-बार पैसों की मांग करता रहा। आखिरकार उसने बंटवारे के बदले 13 हजार रुपये रिश्वत तय कर दी। जब किसान ने देने से इंकार किया तो पटवारी ने काम करने से भी साफ मना कर दिया। लगातार दबाव और परेशानियों से तंग आकर किसान ने ACB में शिकायत दर्ज कराई।

दरअसल,ज्ञशिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने योजना बनाकर जाल बिछाया और पटवारी को पैसे लेते ही धर दबोचा। मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक पूछताछ के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।

फिलहाल, ACB की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि राजस्व विभाग में अक्सर कर्मचारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार से आम लोग परेशान रहते हैं। ACB की त्वरित कार्रवाई से लोगों में यह विश्वास बढ़ा है कि अब भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।

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CG Big News: बच्ची की कस्टडी मामले में हाईकोर्ट का निर्देश..बेटी की जन्मदिन के दिन पति-पत्नी को रहना होगा साथ..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। पति पत्नी के बीच सालों से चल रहा विवाद हाई कोर्ट में आपसी सहमति से सुलझ गया. दरअसल, बेटी की कस्टडी के मामले को लेकर विवाद को हाई कोर्ट ने मध्यस्थता से सुलह का प्रयास करने की पहल करते हुए दोनों को प्रशिक्षित मध्यस्थ के पास भेजा था. कई दौर की बैठकों के बाद दोनों आखिरकार सहमति से विवाद सुलझाने पर सहमत हो गए. वहीं, बेटी के जन्मदिन और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में दोनों की उपस्थिति अनिवार्य होगी.

रायपुर निवासी और वर्तमान में जबलपुर के डूमना एयरपोर्ट में पदस्थ

दरअसल, सीआईएसएफ के जवान रवि कुमार राय ने धमतरी के फैमिली कोर्ट के आदेश के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. दरअसल, मां के पास रह रही 4 साल की बेटी की कस्टडी की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में मामला प्रस्तुत किया गया था. फैमिली कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था. इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की. जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की पहल करते हुए दोनों को प्रशिक्षित मध्यस्थ एडवोकेट बीनू शर्मा के पास भेजा. मध्यस्थ की मौजूदगी में दोनों के बीच बातचीत हुई, इसके बाद दोनों ने सहमति से विवाद सुलझाने का निर्णय लिया.

फिलहाल, नाबालिग बेटी की कस्टडी पिता को दे दी गई है. मां को महीने में एक बार मुलाकात का अधिकार होगा. मुलाकात का समय और स्थान फोन पर आपसी सहमति से तय किया जाएगा. मां चाहे तो वीडियो कॉल पर भी बात कर सकेगी. मां को छुट्टियों में बेटी को अपने साथ ले जाने का अधिकार होगा, लेकिन पिता को इसकी पूर्व सूचना देनी होगी. बेटी को दिए गए उपहारों का उपयोग करने का अधिकार होगा. बेटी के जन्मदिन और स्कूल की पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में मां की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी. स्कूल रिकॉर्ड में मां का नाम सह अभिभावक के रूप में दर्ज होगा. इसके अलावा मां ने घरेलू हिंसा अधिनियम और अन्य लंबित प्रकरणों को वापस लेने पर भी सहमति जताई. दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तय किया कि भविष्य में एक-दूसरे पर कोई नया केस दर्ज नहीं करेंगे.

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CG Accident : BSF जवानों को सलाम.! बने राहगीरों के मददगार..सड़क दुर्घटना में घायलों की बचाई जान..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh Accident News/कांकेर. पंखाजूर क्षेत्र के अति संवेदनशील इलाके ग्राम कटगांव और कटगांव पुल के बीच मंगलवार की शाम दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हो गई. इस हादसे में तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल सूरज लाल, महेश कुमार और पवन कुलदीप सड़क पर तड़पते हुए मदद की आस में थे. इस दौरान सूचना पर 47वीं बटालियन बीएसएफ कटगांव कैंप के जवान तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

जानकारी के मुताबिक, ग्राम कटगांव और कटगांव पुल के बीच करीब सवा 7 बजे दो मोटरसाइकिल आपस में भीड़ गई. दुर्घटना की जानकारी मिलते ही कमांडेंट विजेंद्र नाथ गंगोली के दिशा-निर्देश पर जवान मौके पर पहुंचे. जवानों ने मानवता का परिचय देते हुए घायलों को प्राथमिक उपचार दिया. इसके बाद बीएसएफ की एम्बुलेंस से सभी को सिविल अस्पताल पंखाजूर पहुंचाया गया.

गौरतलब है कि नक्सल प्रभावित

फिलहाल, कोयलीबेड़ा–परतापुर मार्ग पर तैनात 47वीं बटालियन के जवान लगातार ड्यूटी के साथ-साथ राहगीरों और ग्रामीणों की मदद करते रहते हैं. इससे आम जनता का भरोसा बीएसएफ पर लगातार मजबूत होता जा रहा है.

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CG Big News : सरपंचों ने प्रशासन पर लगाया उपेक्षा का आरोप, कहा - पंचायतों के छोटे काम ठेकेदार को दे रहे, मजदूर पलायन मजबूर..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/गरियाबंद. जिला प्रशासन के खिलाफ सरपंचों ने मोर्चा खोल दिया है. सरपंघ संघ ने पंचायतों के अधीन किए जाने वाले कई निर्माण कार्य ठेकेदार को देने, मनरेगा के काम में मनमानी को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और कहा कि काम के अभाव में मजदूर पलायन करने मजबूर हो रहे. अधिकारों का हनन किया जा रहा. सरपंचों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने ग्राम पंचायतों की उपेक्षा बंद नहीं की तो आंदोलन करेंगे.

मैनपुर जनपद के सरपंच संघ अध्यक्ष हलमंत ध्रुवा के नेतृत्व में सरपंचों ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जताई. सरपंच संघ ने मांग की है कि 50 लाख तक के सभी निर्माण कार्य पंचायतों को ही दिया जाए.

ठेकेदारी प्रथा बंद कर पंचायतों को सशक्त बनाया जाए. मनरेगा कार्यों का समान रूप से सभी पंचायतों में वितरण हो, ताकि मजदूरों को रोजगार और सम्मानजनक जीवन मिले.

क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम ने सरपंच संघ की मांगों को जायज ठहराते हुए समर्थन किया है. सरपंच संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने पंचायतों की उपेक्षा बंद नहीं की तो यह आंदोलन और व्यापक स्तर पर होगा. ज्ञापन सौंपने वालों में सरपंच संघ अध्यक्ष हलमन धुर्वा, घनश्याम मरकाम, गजेंद्र नेगी, हेमोबाई नागेश, कृष्णा बाई मंडावी, शंकर नेताम, पुनीत नागेश, मुकेश कपिल, अरविंद नेताम, खेलसिंह मरकाम, यशवंत मरकाम, जयराम मांझी, हेमंत नागेश, द्रुप सिंह ओटी, गोरेलाल ध्रुव, हनिता नायक, मालती बाई, उपासिन नागेश, निर्मला ध्रुव, रमशिला बाई सहित और भी सरपंच उपस्थित थे।

ज्ञापन में सरपंच संघ ने कही ये बातें

ग्राम पंचायतों को नजरअंदाज करते हुए महज

 1 लाख तक के छोटे-छोटे कार्य भी ठेकेदारों के माध्यम से कराए जा रहे हैं। यहां तक कि मरम्मत और जीर्णोद्धार जैसे छोटे कामों में भी पंचायतों को कोई भूमिका नहीं दी जा रही है।

मनरेगा कार्य आबंटन में भेद भाव – जिले में केवल चिन्हांकित कुछ पंचायतों को ही मनरेगा के कार्य दिए जा रहे हैं, जबकि अधिकांश पंचायतें पूरी तरह उपेक्षित हैं।

मजदूरों में आक्रोश और पलायन– काम के अभाव

 वहीं, पंचायतों में ग्रामीणों का आक्रोश सरपंचों पर फूट रहा है, लोग लगातार सवाल कर रहे हैं कि “हमारे पंचायत में काम क्यों नहीं है?”ऐसी स्थिति में मजदूर रोजगार की तलाश में पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।

50 लाख तक काम पंचायत का अधिकार – शासन का आदेश स्पष्ट है कि 50 लाख तक के कार्य ग्राम पंचायतों को दिया जाए तो फिर जिला प्रशासन क्यों पंचायतों के अधिकारों का हनन कर रहा है? पूछा है क्या प्रशासन जानबूझकर ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने में लगा है?

जिला पंचायत सदस्यों ने भी रखा अपना पक्ष

वहीं, जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि निश्चित ही सरपंचों के साथ भेदभाव नहीं होनी चाहिए. सभी पंचायतों को बराबरी से कार्य मिलना चाहिए. पंचायतों के अधिकार छीनकर ठेकेदारों को सौंपना सीधे-सीधे पंचायती राज व्यवस्था पर प्रहार है. पंचायतों को दरकिनार कर जिला प्रशासन न केवल सरपंचों का अपमान कर रहा है बल्कि आम जनता की भावनाओं को भी आहत कर रहा है. हम सरपंचों की इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”

दरअसल, जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि सरकार की मंशा है कि पंचायतों को मजबूत बनाया जाए, लेकिन गरियाबंद जिले में हालात इसके विपरीत हैं. पंचायतों की उपेक्षा से ग्रामीण विकास ठप हो रहा है. विशेषकर महिलाएं और मजदूर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं. मैं मांग करती हूं कि जिला प्रशासन तत्काल ठेकेदारी प्रथा बंद करे और पंचायतों को उनका हक लौटाए.

योजनाओं के अनुरूप जैसे काम आएंगे कराए जाएंगे : सीईओ

फिलहाल, इस मामले में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कहा, मनरेगा के तहत पीएम आवास निर्माण में 90 दिवस काम दिया जा रहा है. इसके अलावा वृक्षारोपण कार्य भी प्राथमिकता में है. शासन की योजनाओं के अनुरूप जैसे कार्य आएंगे कराए जाएंगे. अन्य विभागों के कार्य के बारे में कुछ नहीं कह सकता.

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CG Big News : 32 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित..प्रदेश स्वास्थ्य मितानिनों के वेतन में 50% राशि वृद्धि को मिली मंजूरी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ ने बीते 32 दिन से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित कर दिया है। मितानिन संघ के दबाव के चलते स्वास्थ्य विभाग ने उनकी अधिकांश मांगें मान ली हैं। स्वास्थ्य संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के स्वास्थ्य सचिव अमित कटरिया के साथ चर्चा के बाद हड़ताल स्थगित की गई है।

वहीं, मितानिनों के वेतन में 50% राशि वृद्धि को मंजूरी मिली है। इसके अलावा, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलीटेटर और ब्लॉक समन्वयक की राशि NHM के माध्यम से भुगतान की जाएगी। पिछले आर.ओ.पी. के अनुसार, प्रशिक्षक को 16 रुपये प्रति दिन, हेल्प डेस्क फैसिलीटेटर को 23 रुपये प्रति दिन और ब्लॉक समन्वयक को 1875 रुपये दिए जाने की सकारात्मक चर्चा हुई है।

दरअसल, प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ की अध्यक्ष सरोज़ सिंह सेंगर ने कहा, “आज सार्थक बैठक हुई और हमारी मांगें पूरी हुईं। 32 दिन तक धरने पर हड़ताल करने वाले सभी साथियों को मैं बधाई देती हूँ, जिन्होंने जोर-शोर से अपनी आवाज़ उठाई।”

फिलहाल, इस हड़ताल के स्थगन के बाद स्वास्थ्य मितानिनों को लंबे समय से प्रतीक्षित वेतन सुधार और अन्य लाभ मिलना तय हुआ है।

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CG Big News: पंजाब बाढ़ राहत कोष के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की मार्मिक अपील..PM मोदी को पत्र लिखा, एक लाख करोड़ रुपए की मांग की..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर पंजाब बाढ़ राहत कोष में एक लाख करोड़ रुपये देने की मांग की है। इस मांग के पीछे का कारण पंजाब की वर्तमान स्थिति और वहां के लोगों की दयनीय स्थिति है, जो बाढ़ के कारण भारी तबाही का सामना कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में पंजाब की विस्तृत जानकारी के साथ एक मार्मिक अपील की है, उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग बाढ़ के कारण भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं और उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है।

फिलहाल, छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की एक आवश्यक बैठक में सभी सदस्यों की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया कि हमें प्रधानमंत्री से अनुरोध करना चाहिए कि वे पंजाब बाढ़ राहत कोष में एक लाख करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करें। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज का मानना है कि प्रधानमंत्री जी हमारी इस अपील पर ध्यान देंगे और पंजाब के लोगों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे पंजाब बाढ़ राहत कोष में एक लाख करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करें।

- पंजाब के लोगों की तत्काल राहत और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाएं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराएं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री जी हमारी इस अपील पर ध्यान देंगे और पंजाब के लोगों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। हम उनके साथ खड़े हैं और उनकी मदद के लिए तैयार हैं।

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CG News : 24वीं राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता संपन्न..सौ से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। रायपुर के माना शूटिंग रेंज में 28 अगस्त से 6 सितंबर तक आयोजित 24वीं राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से सौ से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए।

फिलहाल, इस प्रतियोगिता में राजधानी स्थित टॉपगन शूटिंग एकेडमी के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और सर्वाधिक पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही ये प्रतिभागी आने वाली ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता, बिहार ऑल इंडिया जी-वी मावलंकर चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई भी कर गए। अपनी सफलता का श्रेय शूटरों ने अपने माता-पिता एवं अनुभवी कोच को दिया।

इन प्रतिभागियों को प्राप्त हुआ पदक

मुस्कान मलानी – 388/400 (गोल्ड)

प्रीत आहुजा – 378/400 (गोल्ड)

श्रद्धा वैष्णव – 376/400 (ब्रॉन्ज)

आयुष अग्रवाल – 363/400 (गोल्ड)

लक्ष्य सोनी – 361/400 (सिल्वर)

आध्या सिंह – 377/400 (गोल्ड)

नमन बरगट – 355/400 (गोल्ड)

ओम गुप्ता – 382/400 (गोल्ड)

ईशान साहू – 354/400 (गोल्ड)

वान्या त्रिपाठी – 300/400 (सिल्वर)

वीरभद्र ठाकुर – 364/400 (ब्रॉन्ज)

विक्रम सिंह बघेल – 324/400 (गोल्ड)

त्रिलोचन साहू – 344/500 (ब्रॉन्ज)

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