CG Big News : गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित पोस्ट..24 घंटे बाद भी FIR दर्ज नहीं होने पर सांसद के साथ भाजपाइयों ने थाने का किया घेराव..पढ़ें पूरी ख़बर
Chhattisgarh News/कांकेर। देर रात कांकेर कोतवाली थाने में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद भोजराज नाग सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और संगठन से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।
हालांकि, कांग्रेस नेता द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक विवादास्पद पोस्ट किए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। शिकायत दिए जाने के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद केस दर्ज नहीं होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और थाने में जमकर हंगामा किया। वहीं पदस्थ टीआई को हटाने की मांग को लेकर भी भाजपाइयों ने जमकर नारेबाजी की।
ज्ञात हो कि, इस दौरान मौके पर मौजूद सांसद भोजराज नाग ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक व्यक्ति ने आपत्तिजनक बातें लिखी हैं और उनके भाषण के वीडियो को एडिट किया गया है जो वायरल हो रहा है। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं और आमजन की भावनाओं को ठेस पहुंची है। भाजपा जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ हमने थाना आकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। थाना प्रभारी का कहना है कि एसपी ने एफआईआर लिखने से मना किया है।
वहीं, उन्होंने आगे कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी और आरोपी पर कार्रवाई नहीं होगी, हम यहां से नहीं हटेंगे। अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं, उनका अपमान हम सबका अपमान है।
दरअसल, सांसद नाग ने स्पष्ट कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति पर तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो वे शासन को पत्र लिखकर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जनता का प्रतिनिधि और सांसद कहने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता की शिकायतों पर कैसे न्याय मिलेगा?
फिलहाल, उन्होंने कहा कि कोई मनमानी हम नहीं चलने देंगे। निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी की सरकार में आम जनता की सुनी जाती है और जो भी कानून सम्मत बात होगी, जो भी कार्रवाई होगी, उसे करना ही पड़ेगा। क्योंकि संविधान में सबको अधिकार है और संविधान सर्वोच्च है, उसका पालन करना ही पड़ेगा। इसलिए ऐसे टीआई के खिलाफ मैं शासन को पत्र लिखूंगा।
