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दिल्ली के लाल क़िले पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति का रंग, भारत पर्व 2026 में लोकनृत्य, ठेठरी-खुरमी और पर्यटन पवेलियन बने आकर्षण का केंद्र

*भारत पर्व 2026 : 

*लाल क़िले पर छत्तीसगढ़ के स्वाद और लोक परंपराओं का उत्सव*

रायपुर, 29 जनवरी 2026/ लाल किले के सामने लॉन और ज्ञान पथ पर आयोजित भारत पर्व 2026 में छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केन्द्र बनकर उभरा है। छह दिवसीय इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और पर्यटन पवेलियन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। यह आयोजन गणतंत्र दिवस समारोहों के अंतर्गत किया जा रहा है।

        छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे पंथी सहित अन्य पारंपरिक लोक नृत्य दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। रंग-बिरंगे परिधानों, जोशीले कदमों और सशक्त जनजातीय तालों से सजी प्रस्तुतियों को देखने के लिए लोग रुक-रुक कर कार्यक्रम का आनंद ले रहे हैं और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे हैं।

             छत्तीसगढ़ के फूड स्टॉल पर भी दिनभर अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। चिला, ठेठरी, खुरमी और फरा जैसे पारंपरिक व्यंजनों को चखने के लिए लोग खास रुचि दिखा रहे हैं। कई आगंतुक पहली बार छत्तीसगढ़ी ब्यंजन का स्वाद ले रहे हैं और इसकी सादगी, स्वाद और पौष्टिकता की सराहना कर रहे हैं।

           वहीं छत्तीसगढ़ पर्यटन पवेलियन को भी दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। पवेलियन के माध्यम से राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, त्यौहारों और विशिष्ट पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य देश-विदेश के पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों से जोड़ना है।

          पर्यटक विशेष रूप से चित्रकोट जलप्रपात, बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य और सिरपुर जैसे प्राकृतिक एवं विरासत स्थलों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। लोग यात्रा मार्गों, ईको-टूरिज्म संभावनाओं और होमस्टे सुविधाओं के बारे में सक्रिय रूप से जानकारी ले रहे हैं।

     इसके अलावा कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल छत्तीसगढ़ की झांकी भी भारत पर्व में प्रदर्शित की गई है, जो दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय की अवधारणा पर आधारित यह झांकी अपनी कलात्मक प्रस्तुति और सार्थक संदेश के लिए सराही जा रही है। बड़ी संख्या में लोग झांकी के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और छत्तीसगढ़ के इतिहास, जनजातीय विरासत और जीवनशैली के प्रभावशाली प्रदर्शन की प्रशंसा कर रहे हैं।

            31 जनवरी को समापन होने वाला भारत पर्व 2026 देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का भव्य मंच बनकर उभरा है, 1जहां विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं, पारंपरिक परिधान, हस्तशिल्प, संगीत और क्षेत्रीय व्यंजन एक साथ देखने को मिल रहे हैं।

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इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह,राज्यपाल श्री रमेन डेका के हाथों 5 को डी.लिट्, 64 को शोध उपाधि तथा 236 विद्यार्थियों को मिला पदक

रायपुर, 28 जनवरी 2026/राज्यपाल श्री रमेन डेका आज इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के 17 वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने विभिन्न संकायों के सफल विद्यार्थियों को उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि कला, संगीत और संस्कृति समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कला का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा समाज के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, धरसींवा विधायक डॉ. अनुज शर्मा उपस्थित रहे। समारोह में  5 शोधार्थियों को डी.लिट् की उपाधि प्रदान की गई। 64 शोधार्थियों को शोध उपाधि प्रदान की गई। 236 विद्यार्थियों को पदक वितरण किया गया जिसमें 232 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं 4 विद्यार्थियों को रजत पदक दिया गया।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते राज्यपाल ने कहा कि खैरागढ़ का यह संगीत विश्वविद्यालय राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय के नाम से जाना जायेगा। इसके लिये उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने कहा। श्री डेका ने कहा कि भारतीय संस्कृति की बहुमूल्य धरोहर ललित कलाओं के विकास में इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का अविस्मरणीय योगदान है। लघु भारत का स्वरूप इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय दानवीर राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह एवं रानी पद्मावती देवी के दान का प्रतिफल है। अपनी राजकुमारी इन्दिरा की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए अपने महल को दान देकर उन पुण्यात्माओं ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। कला राष्ट्र के जीवन का एक मुख्य अंग है। संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, स्थापत्य और साहित्य का सम्बन्ध प्रत्यक्ष रूप से जीवन और समाज से रहा है। आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य यंत्रवत और संवेदनहीनता की ओर बढ़ रहा है, इसे हमें रोकना है। ललित कलाओं के माध्यम से हम मानव जीवन में सरसता ला सकते हैं। कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय के सत्रहवें दीक्षान्त समारोह में पदक प्राप्तकर्ताओं एवं उपाधि धारकों को उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना करते हुये उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि किसी भी देश अथवा समाज को सभ्य और सुसंस्कृत बनाने के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये  कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा ने कहा कि  दीक्षांत समारोह केवल प्रमाण-पत्र बांटने की रस्म नहीं है, यह अपनी उपलब्धियों के सिंहावलोकन और भविष्य के संकल्प का दिन है। मुझे गर्व है कि हमारे विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परचम न केवल प्रदेश में बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है। 

कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने राजकुमारी शारदा देवी सिंह बावली नामपट्टिका का अनावरण किया। विश्वविद्यालय प्रांगण में स्थित यह बावली प्राचीन धरोहर है, जिसका संरक्षण किया जा रहा है। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचार एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग का चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न,1536 छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी उपाधि प्रदान की गई

रायपुर, 29 जनवरी 2026/दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग का चतुर्थ दीक्षांत समारोह आज विश्वविद्यालय परिसर में राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह में 1536 छात्रों को पशुचिकित्सा एवं पशुपालन, दुग्ध प्रौद्योगिकी एवं मात्स्यिकी संकाय में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी उपाधि प्रदान की गई। 45 उपाधि धारकों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक तथा पशुचिकित्सा एवं पशुपालन में 08 स्नातक उपाधि धारकों को पंडित तीरथ प्रसाद मिश्रा मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। 

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने अपने करकमलों से विद्यार्थियों को उपाधि पत्रक एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया। समारोह में प्रदेश के पशुधन विकास, मछली पालन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। छ.ग. राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, अहिवारा विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा भी मौजूद थे। 

समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई पूरी होने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन की एक नई जिम्मेदारियों भरी यात्रा की शुरुआत है। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा किसी एक दिन समाप्त नहीं होती और सीखने की प्रक्रिया जीवन भर चलती रहती है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है और यह क्षेत्र ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं और छोटे किसानों की आय का प्रमुख साधन है। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन और मत्स्य पालन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आज पशुधन क्षेत्र को केवल संख्या बढ़ाने के बजाय आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों से मजबूत करने की आवश्यकता है। 

राज्यपाल श्री डेका ने विश्वविद्यालय द्वारा संक्रामक रोगों की रोकथाम और नस्ल सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने डेयरी प्रौद्योगिकी के छात्रों को मिलावट की समस्या के प्रति सचेत करते हुए गुणवत्ता पर ध्यान देने कहा, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद बन सकें। राज्यपाल ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में उन्होंने कांकेर जिले की सफलता से प्रेरणा लेने और आधुनिक तरीकों को अपनाने की बातें कही।

राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी ढूंढने वाले न बनें, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा और डेयरी जैसे विषय केवल पढ़ाई नहीं बल्कि मानवता की सेवा के माध्यम हैं। राज्यपाल ने शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान की सराहना करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास के साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े स्टार्टअप को प्रोत्साहन, अनुदान और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। 

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह ने विश्वविद्यालय के प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश सी शाह ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बी.पी. राठिया ने समारोह का संचालन किया। 

इस अवसर पर निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जी.के. दत्ता, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रवि आर सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के उपाधिधारित विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

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जशपुर में वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन की दिशा में बड़ा कदम, सोलर टनल ड्रायर से महुआ और वनौषधियों को मिला वैज्ञानिक संरक्षण

जशपुर 29 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में जिला पहले से ही महुआ फूल के मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में अग्रणी जिलों में गिना जाता है। यहां महुआ आधारित विभिन्न खाद्य उत्पादों पर कार्य हो रहा है, जिनमें महुआ नेक्टर, महुआ चवन्यप्राश, महुआ लड्डू, कुकीज़ एवं अन्य पारंपरिक खाद्य उत्पाद शामिल हैं। इसके बावजूद, पूरी मूल्य श्रृंखला में खाद्य-ग्रेड महुआ संग्रह और सुरक्षित निर्जलीकरण एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा स्वीकृत एक परियोजना — “Technological Augmentation of Indigenous Practices of ST Communities of Chhattisgarh for Sustainable Livelihood and Entrepreneurial Development” — वर्तमान में जशपुर जिले में क्रियान्वित की जा रही है। यह परियोजना DST द्वारा वैज्ञानिक डॉ. प्रसन्ना कुमार जीवी को प्रदान की गई है, जिसे वे जशपुर जिले में स्थानीय सहभागिता के साथ लागू कर रहे हैं।

परियोजना के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM), कुंडली के वैज्ञानिक Dr Prasanna Kumar GV द्वारा जशपुर जिले में सोलर टनल ड्रायर की स्थापना की गई है। इस कार्य में स्थानीय स्तर पर जय जंगल फार्मर्स प्रोडूसर कंपनी लिमिटेड का सहयोग रहा है।

इस विषय पर फूड प्रोसेसिंग कंसल्टेंट एवं युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने बताया,
“जशपुर में महुआ का मूल्य संवर्धन भले ही आगे बढ़ चुका हो, लेकिन ताज़े महुआ फूलों को खाद्य-ग्रेड मानकों के अनुसार सुखाना अभी भी एक निर्णायक चुनौती है। पारंपरिक खुले में सुखाने की प्रक्रिया में धूल, नमी और कीटों के कारण गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे खाद्य उपयोग और बाज़ार की संभावनाएँ सीमित हो जाती हैं।”

उन्होंने कहा कि इन्हीं व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए इस परियोजना के तहत वैज्ञानिक और नियंत्रित निर्जलीकरण प्रणाली की आवश्यकता महसूस की गई, जिससे महुआ को सुरक्षित रूप से खाद्य उपयोग और बाज़ार से जोड़ा जा सके।

स्थापित सोलर टनल ड्रायर के माध्यम से महुआ फूलों को नियंत्रित तापमान में तेज़, समान और स्वच्छ तरीके से सुखाया जा सकता है। इससे महुआ की गुणवत्ता, रंग, सुगंध और पोषण तत्व सुरक्षित रहते हैं तथा दीर्घकालीन भंडारण संभव होता है। यह प्रणाली वर्षा, धूल और कीटों से सुरक्षा प्रदान करती है और पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित होने के कारण पर्यावरण-अनुकूल भी है।

महुआ फूलों के साथ-साथ परियोजना के अंतर्गत विभिन्न वनौषधियों (वनोपज) के निर्जलीकरण पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। आदिवासी महिला लाभार्थियों को गिलोय और अडूसा जैसी महत्वपूर्ण वन औषधियों के वैज्ञानिक और स्वच्छ निर्जलीकरण का व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं लाइव डेमोंस्ट्रेशन कराया गया। इसके अलावा पालक जैसी मौसमी सब्ज़ियों के निर्जलीकरण का भी प्रदर्शन किया गया।

परियोजना के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सुरक्षित हैंडलिंग, ट्रे लोडिंग, नमी नियंत्रण और भंडारण की वैज्ञानिक विधियों पर विशेष जोर दिया गया, जिससे वन एवं कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहे और उनका उपयोग लंबे समय तक किया जा सके।

यह उल्लेखनीय है कि डॉ. प्रसन्ना कुमार जीवी पिछले तीन वर्षों से जशपुर जिले के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं, और खाद्य प्रसंस्करण एवं तकनीकी क्षमता निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी दीर्घकालिक सहभागिता के कारण यह परियोजना स्थानीय जरूरतों और अनुभवों पर आधारित एक व्यावहारिक मॉडल के रूप में विकसित हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की निर्जलीकरण प्रणालियाँ योजनाबद्ध ढंग से उन क्षेत्रों में स्थापित की जाएँ, जहां महुआ, वनौषधियाँ और अन्य कृषि-वन उत्पाद संग्रह के बाद नष्ट हो जाते हैं, तो यह अपव्यय में कमी, खाद्य-ग्रेड संग्रह और आदिवासी आजीविका को सशक्त बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। जशपुर में चल रही यह परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।

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नवगुरुकुल की तैयारी से बदली जशपुर की नीलम की किस्मत, गांव की बेटी ने मेहनत और हुनर के दम पर हासिल किया निजी कंपनी में सम्मानजनक रोजगार


जशपुर 29 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस कड़ी में जशपुर जिले की नीलम यादव अपने सफलता की कहानी बयां कर रही है।
 उन्होंने बताया कि वे जशपुर, छत्तीसगढ़ की रहने वाली है। उनके पिता का नाम महेश यादव है और  माता का नाम कमला यादव है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा 10 वीं तक शिशु निकेतन हाई स्कूल, जशपुर में पूरी की है। 11वीं और 12वीं की शिक्षा  गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, गामहरिया से पूरी की।  नवगुरुकुल के बारे में अपने स्कूल में सेविर के आयोजन से पता चला। इसके बाद,  स्वामी आत्मानंद बॉयज़ स्कूल के सेमिनार में भाग लिया, जहाँ मुझे नवगुरुकुल के लर्निंग मॉडल के बारे में विस्तार से समझने का अवसर मिला। 

उन्होंने बताया कि इसके बाद,  नवगुरुकुल की एंट्रेंस परीक्षा दी और दस दिन बाद नवगुरुकुल कैंपस, जशपुर में शामिल हो गई। नवगुरुकुल में आना मेरे जीवन का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यहाँ मैंने अपने परिवार के बिना अपनी पढ़ाई शुरू की और धीरे-धीरे डेटा एनालिटिक्स और बेसिक अकाउंट सीखा। टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ नवगुरुकुल ने मेरी अंग्रेज़ी कम्युनिकेशन, आत्मविश्वास, लाइफ स्किल्स और सॉफ्ट स्किल्स को भी मजबूत किया, जिससे मेरी पूरी दिनचर्या में बदलाव आया। मुझे एक साल होते ही एक कंपनी का जॉब ऑफर आया, वो कंपनी है उमाश्री टेक्सप्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद। इस जॉब में मेरा रोल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव का था और मेरी नवगुरुकुल से ली गई शिक्षा का सफलतापूर्वक फल प्राप्त हुआ। इस जॉब में मैंने खुद को उन स्किल्स के साथ निखारा जो नवगुरुकुल से प्राप्त हुई थी, जैसे सेल्फ कॉन्फिडेंट, मेहनत और खुद पर भरोसा रखना। नवगुरुकुल ने मुझे एक सामान्य और झिझकने वाली लड़की से आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार इंसान बना दिया है। नवगुरुकुल ने न सिर्फ मुझे पढ़ाया, बल्कि मुझे खुद पर भरोसा करना भी सिखाया। मैं नवगुरुकुल की दिल से आभारी हूँ, जिसने मेरे जीवन को सही दिशा दी और मुझे आगे बढ़ने का मौका दिया।

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि विकास योजना का दिखा जमीनी असर, जशपुर में स्ट्रॉबेरी और ऑयल पाम खेती से किसानों को मिल रहा बेहतर मुनाफा

जशपुरनगर 29 जनवरी 2026/ प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि विकास योजना के अंतर्गत केन्द्रीय नोडल अधिकारी एवं उप कृषि विपणन सलाहकार श्री बी.के. प्रुस्ती ने जशपुर जिले का भ्रमण कर जिले में संचालित उद्यानिकी गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों द्वारा अपनाए गए नवाचारों, विभागीय सहयोग और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की सराहना की। भ्रमण के दौरान केंद्रीय नोडल अधिकारी श्री बी.के. प्रुस्ती ने जशपुर जिले में उद्यानिकी क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नवाचार, विभागीय समन्वय और किसानों की सक्रिय भागीदारी से जिले को उद्यानिकी विकास का मॉडल बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को अधिक से अधिक केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया।


*स्ट्रॉबेरी की खेती से बदली आय की तस्वीर* - 

भ्रमण के दौरान केंद्रीय नोडल अधिकारी ने ग्राम गम्हरिया में कृषक श्री रमेश गर्ग के स्ट्रॉबेरी प्रक्षेत्र का अवलोकन किया। कृषक ने बताया कि उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन एवं सहयोग से उन्होंने नवाचार फसल के रूप में स्ट्रॉबेरी की खेती को अपनाया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत 1 हेक्टेयर क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी विस्तार हेतु 80 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदाय की गई है। कृषक ने बताया कि इस फसल से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और क्षेत्र के अन्य कृषक भी स्ट्रॉबेरी खेती के लिए प्रेरित हो रहे हैं।


*अघोर आश्रम में फल विविधता का अनूठा उदाहरण* -

केंद्रीय नोडल अधिकारी श्री प्रुस्ती ने उद्यानिकी, कृषि एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों के साथ अघोर आश्रम, गम्हरिया का भ्रमण किया। यहां मनरेगा के माध्यम से लगभग साढ़े 12 एकड़ क्षेत्र में रोपित आम, लीची, सेव एवं चीकू के पौधों का अवलोकन किया गया। आश्रम प्रबंधक श्री कृष्णा सिंह ने जानकारी दी कि आम की 53 विभिन्न किस्में—जैसे बादाम, केसर, पुनसा, मियाजाकी, ब्लैक स्टोन, थाई मैंगो, बनाना मैंगो, बस्तर वैरायटी—सहित लीची की 5 किस्मों एवं अन्य फलदार पौधों का रोपण कराया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से भविष्य में क्षेत्रवासियों को विविध प्रकार के फलों का स्वाद और किसानों को बेहतर आजीविका का अवसर मिलेगा। केंद्रीय नोडल अधिकारी को अवगत कराया गया कि जशपुर जिले में उद्यानिकी क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से उपयोग में लाने की आवश्यकता है।


*ऑयल पाम और आम से किसानों को मिल रहा दोहरा लाभ* -
इसके बाद ग्राम हर्राडीपा, जशपुर में कृषक श्री अनारथ साय के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया गया। यहां नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयल पाम एवं समेकित उद्यान विकास योजना के अंतर्गत 17 एकड़ क्षेत्र में रोपित ऑयल पाम एवं आम के पौधों का निरीक्षण किया गया। कृषक ने बताया कि विभागीय योजनाओं के तहत अनुदान सहायता प्राप्त होने से वे भविष्य में अन्य उद्यानिकी फसलों का भी क्षेत्र विस्तार करना चाहते हैं।

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प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान बनेगा रजत जयंती पदक : मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस के रजत जयंती पदक का किया अनावरण

रायपुर 29 जनवरी 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस बल को समर्पित रजत जयंती पदक का विमोचन किया। उन्होंने पुलिस बल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पदक प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान बनेगा। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य पुलिस बल को रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई थी, जिस पर त्वरित अमल करते हुए आज इस पदक का विमोचन किया गया है।

         मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह पदक उनके समर्पण को सदैव स्मरणीय बनाए रखेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पदक छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और परंपरा की पहचान को आत्मसात करता है। पदक गोल आकार का एवं चांदी के रंग का होगा, जिसके अग्र भाग में साल वृक्ष तथा पीछे के भाग में पहाड़ी मैना का उभरा हुआ चित्र अंकित रहेगा और इसे रिबन के साथ धारण किया जाएगा। वर्दी के बाईं ओर जेब के ऊपर यह पदक अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, वीरता पदक, राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक तथा राष्ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक के पश्चात वरीयता क्रम में लगाया जाएगा।
         पदक में अंकित पहाड़ी मैना सतर्कता, संवाद, निडरता, स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव और पुलिस बल की टीम भावना का प्रतीक है, जबकि साल वृक्ष मजबूती, दृढ़ता, दीर्घायु, संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन तथा मौन रहकर भी प्रभावशाली योगदान का संदेश देता है। छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल में पूजनीय साल वृक्ष की भांति यह पदक भी पुलिस बल के समर्पण, सेवा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता को सम्मानित करेगा और छत्तीसगढ़ पुलिस की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बनेगा।
             इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम,  पुलिस महानिर्देशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ,अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 28 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 20 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने नगरीय निकायों के सीएमओ की बैठक लेकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

श्रम योगी मानधन योजना से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिलेगा पेंशन का लाभ

एनपीएस ट्रेडर्स योजना से छोटे व्यापारियों को मिलेगी पेंशन सुविधा

जशपुरनगर, 28 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में श्रम योगी मानधन योजना एवं एनपीएस ट्रेडर्स योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगरपालिका एवं नगरपंचायतों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने नगरीय निकायों में योजनाओं के सुचारु संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने निर्देशित किया कि दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए तथा विशेष शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देकर उनका पंजीयन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुँचना चाहिए और कोई भी योग्य व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।

*प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना*

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 60 वर्ष के आयु पश्चात् मासिक पेंशन प्रदाय करने के लिये भारत सरकार, श्रम एंव रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना में 18 से 40 वर्ष आयु समूह के असंगठित श्रमिक योजना में शामिल हो सकते हैं। इसमें असंगठित श्रमिक जैसे फुटकर विक्रेता, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक, घरेलु श्रमिक, कचरा बिनने वाले, कृषि श्रमिक, बीड़ी श्रमिक, मोची, हस्तकरघा श्रमिक, धोबी, चमड़े का काम करने वाले, अन्तर्राज्यीय श्रमिक और इस व्यवसाय में कार्यरत श्रमिकों जिनकी मासिक आमदनी 15 हजार से कम हो योजना में शामिल होंगे। इस योजना के तहत्  55 से 200 रुपए तक अगल-अगल आयु समूह के अनुसार प्रतिमाह अंशदान देय होगा एंव अंशदान के बराबर के राशि भारत सरकार, श्रम मंत्रालय के द्वारा देय होगा।
   60 वर्ष के पश्चात् प्रत्येक श्रमिक को राशि 3000 रुपए न्यूनतम प्रतिमाह पेंशन देय होगा, योजना में शामिल श्रमिक की 60 वर्ष पूर्व मृत्यु हो जाने पर उसके नॉमित द्वारा निर्धारित अंशदान देय होगा,  60 वर्ष की आयु पश्चात् पेंशन हितग्राही की मृत्यु हो जाने पर उसके नामित को 50 प्रतिशत पेंशन देय होगी।
 यदि कोई अंशदाता 60 वर्ष आयु के पूर्व योजना से बाहर होना चाहता है तो उसे उस समय तक उसके खाते में जमा राशि नये ब्याज के साथ एकमुश्त वापस कर दिया जावेगा।  यह योजना का क्रियान्वयन भारतीय जीवन बीमा निगम के सहयोग से किया जावेगा। उक्त योजना का लाभ लेने के लिये अपने निकटतम लोक सेवा केन्द्र , च्वाईश सेंटर में आवश्यक दस्तावेज लेकर योजना का लाभ ले सकते हैं।

                   *एनपीएस ट्रेडर्स योजना*

व्यापारियों और स्व-नियोजित व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को 60 साल के बाद 3000 रुपए की न्यूनतम मासिक पेंशन सुनिश्चित करने के लिए है, जिसमें सरकार और खुदरा व्यापारी दोनों योगदान करते है, यह एक स्वैच्छिक योजना है जिसमें कम करोबार वाले व्यापारी शामिल हो सकते हैं और यह सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। यह योजना उन खुदरा दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और स्व-नियोजित व्याक्तियों (जैसे वर्कशॉप मालिक छोटे होटल मालिक, रियल एस्टेट दलाल) के लिए है जिनका वार्षिक करोबार 1.5 करोड़ से अधिक नहीं है। 
    न्यूनतम पेंशनः 60 वर्ष आयु के बाद  3000 रुपए प्रति माह की निश्चित पेंशन। केन्द्र सरकार ग्राहक के खाते में ग्राहक के बराबर राशि का अंशदान करती है (जैसे ग्राहक 100 रुपए देता है तो सकरकार भी 100 रुपए देगी।)नस्वैच्छिक और अंशदायीः यह एक स्वैच्छिक योजना है जिसमें ग्राहक को नियमित रूप से योगदान करना होता है। पोर्टेबलः यह योजना नौकरी बदलने पर भी पोर्टेबल (साथ ले जाने योग्य) है। सामाजिक सुरक्षाः इसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद व्यापारियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। पारिवाकि पेंशनः ग्राहक की मृत्यु होने पर, जीवनसाथी को पेंशन का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है।

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कलेक्टर रोहित व्यास ने जल परियोजनाओं पर कसा शिकंजा – समय और गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं!

जशपुरनगर, 28 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से प्रगतिरत, स्वीकृत और अपूर्ण कार्यों की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करें।  
     बैठक में कलेक्टर ने सिंचाई योजनाओं के तहत बन रहे एनीकट, स्टॉप डेम, जलाशय, नहर निर्माण सहित अन्य संरचनाओं की प्रगति और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों को उनके फसलों के लिए आवश्यक सिंचाई सुविधा प्राप्त होती है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।
      कलेक्टर श्री व्यास ने यह भी कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से भू-जल स्तर में सुधार आता है, जिससे गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या में भी काफी हद तक राहत मिलती है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करने के निर्देश दिए ताकि कार्यों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन हो सके और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, कार्यपालन अभियंता श्री विनोद भगत सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

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समयबद्ध सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कलेक्टर रोहित व्यास का कड़ा रुख,दिए कई अहम निर्देश

जशपुरनगर 28 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की समीक्षा बैठक लेकर जिले के समस्त विभागों में लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों से जुड़े आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करना और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना रहा। बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर जनदर्शन एवं पीजीएन पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरणों की विभागवार जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ समय-सीमा में निराकरण किया जाए, ताकि जनता को निर्धारित समय में सेवाओं का लाभ मिले। कलेक्टर श्री व्यास ने बिजली, पेयजल, सड़क, आवास एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये विषय सीधे आमजन के दैनिक जीवन से जुड़े हैं, अतः इनमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सहित जिले के समस्त विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


*प्रशासन गांव की ओर शिविरों की प्रगति की समीक्षा* - 
बैठक के दौरान प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों में प्राप्त आवेदनों की निराकरण स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शिविरों का उद्देश्य ही ग्रामीण स्तर पर त्वरित समाधान है, इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।


*निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि* - 
निर्माण विभाग को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने लंबित एवं शिकायतग्रस्त कार्यों का त्वरित निराकरण करते हुए समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।


*पीएम सूर्यघर योजना को मिले गति* - 
कलेक्टर श्री व्यास ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को भी इस योजना से जोड़ने पर बल दिया गया।

*ई-ऑफिस से बढ़ेगी पारदर्शिता* - 
बैठक में ई-ऑफिस प्रणाली और बायोमेट्रिक उपस्थिति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत फाइल मूवमेंट ई-ऑफिस के माध्यम से किया जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता आए और समय व संसाधनों की बचत हो।

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जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम,आंगनबाड़ी स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों में दवा का किया जायेगा वितरण

जशपुरनगर 28 जनवरी 2026/ जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सामूहिक दवा सेवन गतिविधि का आयोजन किया जायेगा। फाइलेरिया के रोकथाम एवं जागरूकता के लिए इस गतिविधि के जरिये 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। यह कार्यक्रम जिले के सभी 8 विकासखंडों में विशेष रूप से चलाया जायेगा। इसके तहत बूथ लगाकर, घर-घर भ्रमण, मॉप-अप राउंड एवं एमडीए कॉर्नर गतिविधि कर दवाईयों का वितरण किया जायेगा। इसके तहत फाइलेरियारोधी इवरमेक्टिन डीईसी की गोली और कृमि नाशक अल्बेंडाजोल की गोली 2 वर्षों से अधिक उम्र के बच्चों और बड़ों को सेवन कराया जायेगा। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिला समन्वय समिति की बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समन्वय कर कार्यक्रम को सक्रियतापूर्वक क्रियान्वित करने के निर्देश दिये है। साथ ही आवश्यक संख्या में अधिकारी - कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर गंभीरतापूर्वक विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने के निर्देश दिये है। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी एस जात्रा ने बताया कि कार्यक्रम के तहत 10 से 12 फरवरी तक बूथ लगाकर आंगनबाड़ी स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों दवा का सेवन कराया जायेगा। इसी प्रकार 13 से 22 फरवरी तक घर-घर भ्रमण कर समुदाय स्तर पर दवा वितरण किया जायेाग। छूटे हुए जनसंख्या को 23 से 25 फरवरी तक मॉप-अप राउंड के तहत दवा का सेवन कराया जायेगा। इसके अलावा 16 दिवसीय इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों में भी ओपीडी के पास बूथ लगाकर दवा का सेवन कराया जायेगा। 


*मच्छरों से सावधानी ही बचाव का कारगर उपाय* - 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी एस जात्रा ने बताया कि फाइलेरिया एक संक्रामक बीमारी है जो कि मादा क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से होता है। इस बीमारी में व्यक्ति के पैर हाथी पैर की तरह हो जाते है, इस कारण से इसे हाथी पांव कहते है। संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को यदि यह मच्छर काटता है तो उसमें एक साल बाद इस बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं। मुख्यतः हाथी पांव बीमारी के परजीवी शरीर के लिम्फ नोड्स, लिम्फ वाहिकाओं को प्रभावित करता है। शर्म या संकोच न करते हुए अंडकोष में सूजन, पैरों में सूजन होने पर नजदीकी अस्पताल जाकर इसकी जाँच अवश्य कराना चाहिए । प्रारंभिक जांच में बीमारी का पता चलने पर दवाइयों के सेवन से हाथी पांव बीमारी से पूर्ण रूप से बचा जा सकता है। साथ ही मच्छरों के प्रसार को रोकने तथा बीमारी से बचाव हेतु सोते समय मच्छरदानी का उपयोग, घरों के आसपास साफ सफाई के अलावा पानी के गड्डों, टूटे बर्तन, गमलों, में पानी जमा न होने देना या जला हुआ तेल डालना चाहिए। अनुपयोगी कुंआ में भी जला हुआ तेल डालना चाहिए। इससे मच्छरों के पनपने के स्त्रोत को नियंत्रित कर सकते हैं। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हाथी पांव बीमारी से बचाव और नियंत्रण हेतु फाइलेरिया रोधी इवरमेक्टिन डीईसी की गोली और कृमि नाशक अल्बेंडाजोल की गोली सेवन के लिए विशेष कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है।

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इंडिया इन स्पेस की गूंज जशपुर में -अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत 4 फरवरी को रूबरू होंगे जिले के विद्यार्थी 

जशपुरनगर 28 जनवरी 2026/ जिले में विज्ञान, नवाचार और अंतरिक्ष चेतना को नई ऊँचाई देने के उद्देश्य से ‘इंडिया इन स्पेस’ थीम पर आधारित ‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जाएगा। 4 फरवरी को  रणजीता स्टेडियम जशपुरनगर में आयोजित इस प्रेरक कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में जाने वाले पहले भारतीय और अशोक चक्र से सम्मानित प्रतिष्ठित अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला का शामिल होना प्रस्तावित है। कार्यक्रम में जिले के लगभग 10 हजार स्कूली विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी विभागों को स्पष्ट दायित्व सौंपते हुए आवश्यक निर्देश दिए हैं। नोडल अधिकारी के रूप में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार कार्यक्रम का समन्वय करेंगे। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस विभाग को दी गई है। साथ ही आपातकालीन चिकित्सा, एम्बुलेंस, अग्निशमन, निर्बाध विद्युत व जनरेटर, पेयजल, स्वच्छता, टेंट व बैठक, माइक-साउंड, लाइव स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया प्रचार व आमंत्रण पत्र, फ्लोर लिपाई व रंगोली, मंच सज्जा व पुष्प व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं के लिए विभागवार अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।


*शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष से जुड़ी प्रेरक यात्रा का साझा करेंगे अनुभव* -

अंतरिक्ष में भारत का नाम रोशन करने वाले वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को ए एक्स 4 मिशन के दौरान असाधारण साहस दिखाने के लिए 77वें गणतंत्र दिवस पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। 18 दिन तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहकर उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रयोगों को अंजाम दिया। यह भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि रही। अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला विद्यार्थियों से अपने अंतरिक्ष सफर, प्रशिक्षण, चुनौतियों और भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर संवाद करेंगे। वे बताएंगे कि किस तरह विज्ञान, अनुशासन और नवाचार के बल पर भारत अंतरिक्ष अनुसंधान में वैश्विक पहचान बना रहा है। यह संवाद विद्यार्थियों में तकनीकी शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रनिर्माण के प्रति उत्साह बढ़ाएगा।उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम जशपुर के विद्यार्थियों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान से सीधे संवाद का दुर्लभ अवसर प्रदान करेगा और ‘इंडिया इन स्पेस’ के संदेश को जमीनी स्तर तक पहुँचाएगा।

*छात्रों के लिए विविध बौद्धिक व रचनात्मक गतिविधियाँ* - 
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों के लिए बौद्धिक प्रतियोगिताएँ, नारा लेखन, चित्रकारी, निबंध, रंगोली और स्केच एक्टिविटी आयोजित होंगी। साथ ही विद्यार्थियों के आकर्षण के लिए सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किए जाएंगे, जहाँ वे ‘इंडिया इन स्पेस’ थीम के साथ यादगार क्षण संजो सकेंगे। कार्यक्रम स्थल पर अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाएगी। अंतरिक्ष संगवारी जैसे कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टि, रचनात्मकता और राष्ट्रीय गौरव को सुदृढ़ करते हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि आयोजन अनुकरणीय और स्मरणीय बने।

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दमेरा पिकनिक स्पॉट को शराबियों से मुक्त कराने आबकारी विभाग हुआ सख्त, लगातार गश्त से मचाई हड़कंप- दो आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज

जशपुरनगर 28 जनवरी 2026/  "दमेरा में गंदगी, हर तरफ बिखरी हैं शराब की बोतलें" के संबंध में आबकारी अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जॉच आबकारी उपनिरीक्षक, वृत्त जशपुर से कराये जाने पर जॉच प्रतिवेदन अनुसार आबकारी टीम द्वारा समय-समय पर दमेरा पिकनिक स्पॉट एवं आस-पास गश्त की जाती है। पूर्व में ही दिनांक 22 जनवरी 2026 को दो आरोपियों के विरूद्ध सार्वजनिक स्थल दमेरा स्पॉट के पास मदिरापान करने के विरूद्व छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 36 (च) (1) का प्रकरण कायम किया गया है। आगे भी इस क्षेत्र में आबकारी अमला द्वारा गश्त बढाई जावेगी।

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आस्था के साथ खिलवाड़ ! छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कैलाश गुफा शिव मंदिर के कपाट वर्षों से बंद, श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश,सनातन समाज ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन,2 फरवरी तक मंदिर नहीं खुला तो 5 फरवरी से  अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान

जशपुर/28 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध एवं पौराणिक धार्मिक स्थल कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने को लेकर क्षेत्र में असंतोष चरम पर पहुंच गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं, सनातन समाज और धार्मिक संगठनों ने जिला प्रशासन के विरुद्ध नाराज़गी जताते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मंदिर के कपाट तत्काल खुलवाने की मांग की है। समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 2 फरवरी 2026 तक मंदिर नहीं खोला गया, तो 5 फरवरी से कैलाश गुफा परिसर में विशाल एवं अनिश्चितकालीन जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

पूज्य गहिरा गुरु की साधना से स्थापित पवित्र शिवालय आज ताले में कैद भगवान भोलेनाथ

ज्ञापन में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर की स्थापना पूज्य गहिरा गुरु द्वारा वर्षों की कठोर साधना के पश्चात की गई थी। इस पवित्र स्थल के निर्माण, संरक्षण एवं विकास में सनातन परंपरा से जुड़े संतों, भक्तों और समाज के लोगों का अथक श्रम, अंशदान एवं सहयोग रहा है। इसके बावजूद कोरोना काल के बाद से आज तक मंदिर के कपाट बंद हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।

लगातार आश्वासन देकर किया गया टालमटोल

श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि मंदिर संस्था के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह द्वारा लगातार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक मंदिर खोलने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। समाज का कहना है कि 6 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर संत समाज के एक पदाधिकारी द्वारा 45 दिनों के भीतर मंदिर खोलने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन तय समयसीमा समाप्त होने के बाद भी मंदिर बंद ही रहा।

आमसभा में लिखित घोषणा के बाद भी नहीं खुले कपाट

मकर संक्रांति का वादा भी निकला खोखला

31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था। सभा में मौजूद प्रतिनिधियों के अनुसार, मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी 2026 तक मंदिर खोलने की लिखित घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक मंदिर के कपाट नहीं खोले गए। इससे श्रद्धालुओं में रोष और अविश्वास दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

81 वर्षीय बुजुर्ग श्रद्धालु से कथित मारपीट का आरोप

ज्ञापन में एक बेहद गंभीर आरोप भी शामिल है। समाज के अनुसार, मंदिर खुलवाने की मांग को लेकर कैलाश गुफा पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि 21 सितंबर 2025 को 81 वर्षीय बुजुर्ग श्रद्धालु सियाराम यादव के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। इस घटना से समाज में भय, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बन गया है। हालांकि इस मामले में अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

पारदर्शी व्यवस्था के लिए नई समिति गठन की मांग

श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्तमान में मंदिर संचालन के लिए कोई संगठित सार्वजनिक ट्रस्ट या विधिवत समिति सक्रिय नहीं है, जिसके कारण अव्यवस्था बनी हुई है। समाज ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र एक नया सार्वजनिक ट्रस्ट गठित किया जाए, ताकि मंदिर का संचालन पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से किया जा सके।

प्रशासन को अंतिम चेतावनी

अब नहीं खुले तो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी,ज्ञापन में साफ शब्दों में कहा गया है कि यदि 2 फरवरी 2026 तक मंदिर के कपाट नहीं खोले गए, तो 5 फरवरी से कैलाश गुफा परिसर में अनिश्चितकालीन जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, क्षेत्रीय सांसदों, स्थानीय विधायक, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इससे पूर्व भी सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस संवेदनशील धार्मिक मुद्दे पर कब और क्या निर्णय लेता है, क्योंकि यह मामला केवल एक मंदिर का नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की त्वरित और संवेदनशील पहल से ग्राम घटमुण्डा में दूर हुआ बिजली संकट, खराब ट्रांसफार्मर बदलते ही लौटी गांव में रौशनी

    जशपुरनगर 28 जनवरी 2026 /  मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की  पहल पर विकासखंड कुनकुरी  के ग्राम घटमुण्डा में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बाधित विद्युत आपूर्ति पुनः प्रारंभ हो गई है।  बिजली संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को  इससे बड़ी राहत मिली है। ग्रामवासियों ने त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
    विकासखंड कुनकुरी  के ग्राम घटमुण्डा के मोहम्मद गहरीउद्दीन के घर के समीप लगा ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली की आपूर्ति बाधित थी। इससे ग्रामवासियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके तहत विद्युत विभाग द्वारा ग्राम घटमुण्डा में ट्रांसफार्मर बदल दिया गया। इससे बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो गई है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्याओं का तत्परता के साथ समाधान किया जाता है। विशेषकर बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित समस्याओं पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जा रही है।

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होटल ढाबा रेस्टोरेंट में लकड़ी से नहीं बनेगा भोजन कमर्शियल गैस कनेक्शन लेना होगा अनिवार्य, 

जशपुर 28 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को जिला पंचायत, महिला बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, मत्स्य विभाग, खाद्य विभाग, स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।

कलेक्टर ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विकास खंड में पदस्थ मत्स्य निरीक्षक अपने अपने विकास खंड के जनपद पंचायत कार्यालय में सुबह 10 बजे उपस्थित देंगे इसके पश्चात फिल्ड विजिट करके किसानों और स्व सहायता समूह की महिलाओं को मत्स्य विभाग की योजना के संबंध में जानकारी देंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीकों से मछली पालन की विधि और स्व सहायता समूह की महिलाओं को तालाब को पट्टे में लेकर किस प्रकार मछली पालन किया जा सकता इसकी विधि बताने के लिए कहा गया है।
मत्स्य निरीक्षक का मुख्यालय अपने संबंधित विकास खंड का जनपद पंचायत कार्यालय रहेगा इसका विशेष ध्यान रखें।
कलेक्टर ने महिला बाल विकास अधिकारी से आंगनबाड़ी के भवन स्वीकृति और निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी ली। साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती पदों की भी जानकारी लेकर रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए राशन वितरण, राशनकार्ड संबंधित आवेदनों का निराकरण और फूड इंस्पेक्टर के कार्यों की जानकारी ली।
कलेक्टर ने कहा कि विकास खंड में पदस्थ फूड इंस्पेक्टर प्रतिदिन एसडीएम कार्यालय में प्रतिदिन अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे उसके बाद फिल्ड विजिट करके प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित भी करेंगे इसके साथ ही समाधान शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण करके पात्र महिलाओं को योजना का लाभ देने के लिए प्रक्रिया बताने के निर्देश।
कलेक्टर ने कुनकुरी के फूड इंस्पेक्टर संदीप गुप्ता और दुलदुला के फूड इंस्पेक्टर अजय प्रधान को विशेष ध्यान देकर कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि होटल ढाबा में लकड़ी से खाना नहीं बनेगा सभी को कमर्शियल गैस कनेक्शन लेने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं इसके लिए जांच दल बनाकर होटल और ढाबों रेस्टोरेंट में निरीक्षक करने के लिए कहा गया। 
कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को अवैध धान परिवहन करने वाले कोचिंग बिचौलियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी अंतिम पड़ाव में अवैध धान परिवहन करने वाले कोचियां बिचौलियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा जिन किसानों ने अपना पूरा धान बेच दिया है उन्हें रकबा समर्पण करवाने के निर्देश दिए हैं।।

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अंतिम सीटी तक सांसें थामे रहे दर्शक-पेनल्टी शूटआउट में फरसाबहार ने रचा इतिहास- स्वामी विवेकानंद स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता की ट्रॉफी पर किया कब्जा

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

जशपुरनगर 28 जनवरी 2026 : स्वामी विवेकानंद स्मृति नॉकआउट फुटबॉल प्रतियोगिता केरसई का मंगलवार को भव्य एवं रोमांचक समापन हुआ। फाइनल मुकाबला फरसाबहार और जीआर जशपुर के बीच खेला गया, जिसमें निर्धारित समय तक मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया। पेनल्टी शूटआउट में फरसाबहार की टीम ने दो गोल से बढ़त बनाते हुए जशपुर को पराजित कर प्रतियोगिता की ट्रॉफी अपने नाम की।समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास करता है, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करता है,इस मौके पर भरत साय पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव, दुलारी सिंह जिला पंचायत सदस्य,नटवर मूंदड़ा जिला कोषाध्यक्ष भाजपा,कपिलेश्वर सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष,दिलीप साहू मंडल अध्यक्ष,विनोद पैंकरा मंडल महामंत्री,राजेश चौधरी अध्यक्ष भाजयुमो, संगीता वर्मा सरपंच,शिवकुमार गुप्ता उपसरपंच,गोपाल कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे।इस प्रतियोगिता में विजेता टीम फरसाबहार को 51,000 रुपये नगद एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता जीआर जशपुर को 21,000 रुपये नगद एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
        उल्लेखनीय है कि इस प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिता में कुल 12 टीमों ने भाग लिया था, जिनमें छत्तीसगढ़ , ओडिशा एवं झारखंड की टीमें शामिल रहीं। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय दिया, जिससे दर्शकों में भारी उत्साह देखने को मिला।समापन समारोह में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।आयोजन समिति की सफल व्यवस्था की सभी ने सराहना की।इस मौके पर सीताराम प्रसाद गुप्ता, अर्जुन प्रसाद साहू, दूधेश्वर साय, जयगोपाल यादव, राहुल कुमार वर्मा, नीरज वर्मा, अशोक यादव, नंदकुमार राम, शीला देवी पंच, अशांति प्रधान पंच सहित ग्रामीणजन शामिल हुए।

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