ताजा खबरें


बड़ी खबर

सोशल मीडिया की दीवानगी ने फिर बढ़ाया खतरा! ट्रक के आगे स्टंट करते युवक का वीडियो वायरल सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

जशपुर 27 अक्टूबर 2025 :- कुनकुरी-तपकरा मार्ग पर स्थित श्रीनदी पुल से पहले एक युवक द्वारा खतरनाक स्टंट करने का मामला सामने आया है। युवक अपनी केटीएम ड्यूक बाइक से ट्रक के ठीक आगे व्हीली (पहिया उठाकर स्टंट) करता नजर आ रहा है। इस दौरान पीछे से किसी ने मोबाइल में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

वीडियो में साफ दिखाई देता है कि युवक ट्रक के बेहद करीब खतरनाक तरीके से बाइक चलाते हुए आगे का पहिया उठाकर स्टंट कर रहा है। सड़क पर तेज रफ्तार ट्रक और बाइक के बीच महज कुछ फीट की दूरी थी, जिससे किसी भी पल बड़ा हादसा हो सकता था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के स्टंट से न केवल स्टंट करने वाले की बल्कि अन्य वाहन चालकों की जान को भी खतरा होता है। बावजूद इसके पुलिस अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

लोगों का मानना है कि ऐसे खतरनाक करतबों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी चाहिए। विशेषकर स्पोर्ट्स बाइकों पर बेवजह स्टंट करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जरूरत है।

पुलिस प्रशासन से अपील की जा रही है कि इस तरह के घटनाओं पर तत्काल संज्ञान लेकर सड़क सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन कराए ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।

और भी

पशु औषधालय खुद बीमार...यंहा पांच वर्षों से सहायक पशु चिकित्सक नही,एक चपरासी के भरोसे औषधालय,,,दर्जनों पंचायतों के पशुपालक कहां कराएं पशुओं का इलाज -पढ़ें पूरी खबर....

जशपुर/नारायणपुर 27 अक्टूबर 2025 : नारायणपुर सहित दर्जनों पंचायत के गांवों के पशुपालकों को समय पर मवेशियों का इलाज नहीं होने से काफी परेशानीयों  का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालक 25 से 30 किलोमीटर दूर कुनकुरी चिकित्सालय ले जाकर इलाज कराने को मजबूर हैं। 

     नारायणपुर स्थित पशु औषधालय में पिछले पांच वर्षों से सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी की स्थायी पदस्थापना न होने के कारण पशुपालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पांच साल पहले यहां पदस्थ सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी के स्थानांतरण के बाद से अब तक किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। परिणामस्वरूप यह दर्जनों पंचायतों का एक मात्र महत्वपूर्ण पशु औषधालय केवल एक  चपरासी के भरोसे संचालित हो रहा है, जिससे पशुपालक परेशान हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते पांच वर्षों से पशुपालकों को अपने मवेशियों के इलाज और टीकाकरण के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पशुओं को समय पर टीके नहीं लग पाते हैं और कृत्रिम गर्भाधान जैसी आवश्यक सेवाएं भी ठप्प हैं। इससे न केवल पशुधन के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, बल्कि पशुओं की बीमारियों के कारण मृत्यु के मामले भी बढ़े हैं। यह औषधालय अपने अधीन आने वाले दर्जनों ग्राम पंचायतों के पशुधन के इलाज की जिम्मेदारी निभाता है, लेकिन सहायक पशु चिकित्सक की अनुपस्थिति में पशुपालक विवश हैं।

ज्ञात है कि ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों की मुख्य आमदनी दूध है। कई पशुपालकों ने एक और कई पशुपालकों ने आधा दर्जन से अधिक गाय पाल रखी हैं। अपने परिवार का खर्चा दूध से निकाल रहे हैं, लेकिन पशु औषधालय में सहायक चिकित्सक और फार्मासिस्ट न होने के कारण उन्हें कई प्रकार की परेशानी झेलनी पड़ रही है। पशु बीमार होने पर समय पर उपचार भी नहीं मिल रहा है। विभाग की अनदेखी हजारों पशुपालकों पर भारी पड़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि जब कोई जानवर बीमार होता है, तो उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलती, जिसके कारण कई बार पशुओं की जान चली जाती है। बीमार मवेशियों के इलाज के लिए पशुपालकों को निजी चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।

औषधालय में AVFO की नियुक्ति जल्द की जाएगी

नारायणपुर के पशु औषधालय में सहायक पशु चिकित्सक का पद रिक्त है। केराडीह के सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, लेकिन अब उन्हें पुनःनिर्देशित किया जाएगा कि वे सप्ताह में कम से कम तीन दिन नारायणपुर में उपस्थित रहकर पशुपालकों को अपनी सेवाएं प्रदान करें। डॉ. बघेल ने यह भी कहा कि नए सहायक पशु चिकित्सक अधिकारी की नियुक्ति शासन स्तर से की जाती है। जैसे ही जिले के लिए नई नियुक्ति होगी, नारायणपुर को प्राथमिकता के आधार पर डॉक्टर की नियुक्ति की जाएगी।

                        डॉ. एम.एस. बघेल

         उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं - जशपुर

और भी

मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के संग बांटी दीपावली की खुशियां,दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए सरकार संकल्पित – मुख्यमंत्री

रायपुर, 27 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए पूर्णतः संकल्पित है। उन्होंने कहा कि रायपुर में 5 एकड़ भूमि में दिव्यांगजनों के लिए सर्व-सुविधायुक्त पार्क का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग बच्चों से बड़ी आत्मीयता के साथ भेंट की और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कोंपलवाणी और अर्पण दिव्यांग संस्था में अध्ययनरत बच्चों ने मुख्यमंत्री सहित उपस्थित अतिथियों के समक्ष साइन लैंग्वेज का सुंदर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के इशारों को दोहराते हुए उनसे साइन लैंग्वेज में गुड मॉर्निंग और गुड आफ्टरनून जैसे शब्द सीखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के विकास के लिए सराहनीय कार्य हो रहा है। दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऋण की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक ने रायपुर में दिव्यांग पार्क बनाए जाने की घोषणा की थी, और अब रायपुर में 5 एकड़ भूमि पर यह सर्व-सुविधायुक्त दिव्यांग पार्क विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली मिलन कार्यक्रम के आयोजन हेतु छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा जनसेवा के कार्यों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट निर्वहन किया जा रहा है। पूर्व में एसोसिएशन द्वारा मरीजों के लिए एम्बुलेंस भी प्रदान की गई थी, जिसका लाभ अनेक जरूरतमंद लोगों को प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ निर्माण का 25वां वर्ष है, जिसे हम रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि इस वर्ष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है। इस हेतु राज्य सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। सभी के सहयोग से इस लक्ष्य को हम अवश्य प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  राज्य में सड़कों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर–विशाखापत्तनम तथा रायपुर–धनबाद मार्गों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

महाराष्ट्र और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस ने कहा कि मैं सांसद के रूप में दिव्यांगजनों के लिए गठित सोशल जस्टिस स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य रहा हूँ। संसद में दिव्यांग बिल के लिए हमने व्यापक अध्ययन किया था। बिल पारित होने के पश्चात दिव्यांगजनों को मिलने वाली सुविधाओं में तीन गुना वृद्धि हुई। राज्यपाल रहते हुए मुझे दिव्यांगजनों के लिए कार्य कर रही संस्थाओं में जाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की चुनौतियों को सामान्यजन अक्सर समझ नहीं पाते।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस बार जीएसटी दरों में कमी के कारण दीपावली का उत्सव और अधिक भव्य रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, जिसकी हम आज रजत जयंती मना रहे हैं।

राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत छत्तीसगढ़ का योजनाबद्ध विकास निरंतर हो रहा है। सभी के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि दिव्यांगजनों के साथ दीपावली मिलन का आयोजन उत्तम सोच का प्रतीक है। खुशियां बांटने से बढ़ती हैं, और यह देखकर प्रसन्नता होती है कि एसोसिएशन जनसेवा में सक्रिय है तथा समाज के अन्य लोगों को भी इससे जोड़ रही है।

मुख्यमंत्री के समक्ष पैरों से पेंटिंग करने वाले दिव्यांग चित्रकार श्री गोकर्ण पाटिल ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने उनकी कला की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों को गर्म कपड़ों का वितरण भी किया।

इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारीगण, कोंपलवाणी और अर्पण दिव्यांग संस्था के बच्चे तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह में हुए शामिल

रायपुर 26 अक्टूबर 2025/शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार, कृषि या कोई अन्य क्षेत्र — प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान — जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट — छत्तीसगढ़ में स्थापित किए गए हैं, जिनसे राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को शिक्षा और अवसर दोनों प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि आपके समाज का कला और साहित्य के क्षेत्र में भी आदिकाल से अतुलनीय योगदान रहा है। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान काछनदेवी रस्म में देवी माँ जिस कन्या पर अवतरित होती हैं, वह भी पनिका समाज की होती है — यह निश्चित ही पूरे समाज के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मूलमंत्र है — सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार पिछले 22 महीनों से सभी वर्गों के कल्याण के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है। हमने अन्नदाताओं के हित में कृषक उन्नति योजना, पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना, तथा दूरस्थ अंचलों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम उठाए हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भु नाथ चक्रवर्ती ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के अध्यक्ष श्री भरत दास मानिकपुरी सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

और भी

सीएम श्री साय ने छठ पर्व की दी हार्दिक शुभकामनाएँ,छठ मइया की उपासना सूर्य आराधना और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि छठ पूजा आस्था, पवित्रता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व है, जो सूर्यदेव और छठ मइया की उपासना के माध्यम से मानव और प्रकृति के मधुर संबंध का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छठ पर्व का प्रत्येक अनुष्ठान – अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने से लेकर उदीयमान सूर्य की आराधना तक – जीवन में अनुशासन, संयम और स्वच्छता के महत्व को दर्शाता है। यह पर्व समाज में सामूहिकता, पवित्रता और पारिवारिक एकता की भावना को सशक्त बनाता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस अवसर पर सूर्योपासना के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जलस्रोतों की स्वच्छता और समाज में सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लें।

और भी

चक्रवाती तूफान : बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम , इन जिलों में होगी भारी बारिश , किसानों की बढ़ी चिंता, पढ़े मौसम विभाग का पूर्वानुमान......

रायपुर 26 अक्टूबर 2025 :  दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर नया चक्रवात सिस्टम सक्रिय हो गया है। इससे गतिविधियों में तेजी आने संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम दो दिनों में गंभीर साइक्लोन तूफान के रूप ले सकता है।27 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में बारिश जताई गई है। मौसम विभाग साइक्लोनि तूफान रूप ले सकता है, जो 28 अक्टूबर रात आंध्र प्रदेश तट को पार करेगा। बंगाल खाड़ी में उठ रहा चक्रवात 72 घंटे में गंभीर रूप लेगा।

90 से 110-किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवाएं

मौसम विज्ञान  रायपुर अनुसार खाड़ी में बना डिप्रेशन पश्चिम उत्तर-पश्चिम और बढ़ते हुए 26 अक्टूबर तक गहरे डिप्रेशन और 27 तारीख सुबह तक साइक्लोनि तूफान में तब्दील हो सकता है। यह 28 अक्टूबर रात नाडा से लिंगपट्टनम बीच तटीय आंध्र प्रदेश पार कर सकता है। इस दौरान 90 से 110 मी प्रति घंटे रफ्तार से हवाएं चलने की आशा है।

प्रदेश का तापमान और वर्षा का हाल

प्रदेश में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री रायपुर में और न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री अम्बिकापुर में दर्ज किया गया।

बना हुआ है सिस्टम

दक्षिण-पूर्वी बंगाल खाड़ी में बना डिप्रेशन उसी क्षेत्र में केंद्रित है।26 अक्टूबर तक इस गहरे डिप्रेशन में बदलने और 27 को साइक्लोनि तूफान बनने संभावना है। यह सिस्टम धीरे धीरे उत्तर पश्चिम दिशा कि और बढ़ेगा और 28 अक्टूबर रात आंध्र प्रदेश तट से टकराएगा।

प्रदेश में 27 से 29 अक्टूबर तक रहेगा असर

मौसम विभाग ने बताया तुफान का सीधा असर छत्तीसगढ़ दक्षिणी हिस्सों बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जिलों में दिखाई देगा। इसका असर से 27 अक्टूबर से हल्के से मध्यम बारिश, 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश जबकि 29 अक्टूबर भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी गई है।

बादल छाए, हवा में बढ़ी नमी

रविवार को रायपुर अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमश: 1.7 और 4.1 डिग्री अधिक रहा। सुबह आद्रता 88 प्रतिशत और शाम 67 प्रतिशत दर्ज गई। आसमान में करीब 50 प्रतिशत बादल छाए रहे, जिससे दिन में उमस महसूस गई। 26 अक्टूबर को भी आकाश सामान्यतः मेघमय रहने की संभावना है और तापमान लगभग 32 डिग्री अधिकतम तथा 24 डिग्री न्यूनतम आसपास रह सकता है।
Rns

और भी

हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी!..स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से दिल्ली के लिए दो नई उड़ानें

 रायपुर 26 अक्टूबर 2025. विमानन कंपनियों का नया शेड्यूल लागू होने के साथ ही स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से दिल्ली के लिए दो नई उड़ानें मिलेंगी. वहीं, रायपुर को प्रयागराज को जोड़ने वाली फ्लाइट को इंडिगी ने हटा दिया है. रायपुर एयरपोर्ट को प्रयागराज से जोड़ने के लिए इंडिगो ने सबसे पहले 28 जून 2019 को पलाइट शुरू की थी. इस फ्लाइट को कंपनी ने 29 अक्टूबर 2023 को अचानक बंद कर दिया. इसके बाद फिर 16 अगस्त 2024 को स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से प्रयागराज के लिए सीधी फ्लाइट की शुरुआत की गई. कंपनी ने नए उड़ान शेडयूल में इस फ्लाइट को हटा दिया है.

शनिवार को रायपुर से प्रयागराज के लिए आखिरी उड़ान का संचालन किया गया. इंडिगो की यह फ्लाइट रोजाना सुबह 9.05 बजे रायपुर से उड़ान भरकर 10.25 बजे प्रयागराज पहुंचती थी. प्रयागराज से फ्लाइट के सुबह 10.50 बजे उड़ान भरने के बाद रायपुर पहुंचने का समय 12.20 बजे निर्धारित था. रायपुर को प्रयागराज से जोड़ने के लिए यह एकमात्र पलाइट थी. जिसमें कंपनी 72 सीटर एटीआर विमान का संचालन करती थी. सूत्रों का कहना है कि लगभग 80 प्रतिशत बुकिंग के साथ यह फ्लाइट संचालित की जा रही थी.

दूसरी और छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों के लिए दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में एयर इंडिया की नई फ्लाइट 26 अक्टूबर से शुरु हो रही है. इस नई उड़ान के साथ ही दिल्ली के लिए एयर इंडिया की तीन फ्लाइट रोजाना उपलब्ध होगी. फिलहाल एयर इंडिया को दो उड़ानें सुबह शाम संचालित की जा रही है. प्रस्तावित शेड्यूल के तहत एयर इंडिया की फ्लाइट 2635 दिल्ली से दोपहर 12.10 बजे उड़ान भरेगी. उसके रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने का समय दोपहर 2.05 बजे है. रायपुर से फ्लाइट 2636 दोपहर 2.35 बजे रवाना होकर शाम 4.45 बजे दिल्ली पहुंचेगी,

दिल्ली-रायपुर सेक्टर में रोजाना 8 उड़ानें 26 अक्टूबर से दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में रोजाना आठ उड़ानों का विकल्प उपलब्ध होगा. 26 अक्टूबर से ही इंडिगो की एक नई पलाइट दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में संचालित होगी. फिलहाल इंडिगों की रोजाना 4 उड़ानें संचालित की जाती हैं. उड़ान संख्या 6ई2120 दिल्ली से सुबह 10.15 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.15 बजे रायपुर पहुंचेगी. वापसी में उड़ान संख्या 66640 रायपुर से दोपहर 12.45 बजे उड़ान भरेगी और दोपहर 2.45 बजे दिल्ली पहुंचेगी. एक नई उड़ान शुरू होने से रायपुर दिल्ली सेक्टर में इंडिगो की कुल पांच उड़ानें हो जाएंगी.RNS

और भी

जिला खनिज न्यास निधि पण्ड का सही उपयोग अंधेरे में प्रकाश की ओर बना किरण, 50 बालिकाएँ बनीं नगर सैनिक, बनीं प्रेरणा की मिसाल

जशपुरनगर 26 अक्टूबर 2025/
डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) का सही उपयोग कैसे अंधेरे में प्रकाश की किरण बन सकता है, इसका उत्कृष्ट उदाहरण जशपुर जिले ने पुनः प्रस्तुत किया है। 25 अक्टूबर को अंबिकापुर में नगर सेना के प्रशिक्षु सैनिकों की पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ। समारोह के दौरान जब प्रशिक्षु नगर सैनिक गर्व से मस्तक ऊँचा किए, सुसज्जित वर्दी में मंच के सामने से गुजरे, तो वातावरण करतल ध्वनि से गूंज उठा। इस परेड में शामिल 50 छात्राएँ जशपुर जिले के सुदूर वनांचलों एवं ग्रामीण अंचलों से आती हैं। इन सभी ने जशपुर जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से संचालित ‘नव संकल्प शिक्षण संस्थान’ में निःशुल्क शिक्षा, भोजन, आवास एवं शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इन छात्राओं ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ अपने परिश्रम और दृढ़ निश्चय से न केवल स्वयं का और अपने परिवार का भविष्य उज्जवल बनाया है, बल्कि जिले की अन्य बालिकाओं के लिए भी प्रेरणा की मिसाल बनी हैं।

      नगर सैनिक हेमवती, खेमा, रूपा और अमीना जैसी छात्राएँ, जिन्होंने कभी विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए नव संकल्प में प्रवेश लिया था, आज आत्मनिर्भर बनकर समाज सेवा के पथ पर अग्रसर हैं। राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डीएमएफ के माध्यम से संचालित नव संकल्प जैसी पहल  को प्रदेश के अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय बताया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नव संकल्प संस्थान ने अनेक बालिकाओं के जीवन में आशा और आत्मविश्वास का संचार किया है। हमारा प्रयास है कि जशपुर की हर बालिका को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर अवसर मिलते रहें।

और भी

स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत रजत जयंती वर्ष पर   ग्राम पंचायत कुनकुरी में स्वच्छता संकल्प कार्यक्रम का किया गया आयोजन 

जशपुर 26 अक्टूबर 2025 /स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत रजत जयंती वर्ष 2025-26 के उपलक्ष्य में जिले के पत्थलगांव विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुनकुरी में आज स्वच्छता संकल्प कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता रैली, स्वच्छता श्रमदान, हाथ धुलाई कार्यक्रम एवं स्वच्छाग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में श्रीमती सरिता ठाकुर, ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती क्रांति सिदार, एसआरएलएम प्रतिनिधि श्री निरन एक्का, मनरेगा तकनीकी सहायक श्री नरेन्द्र नागेश्री, तथा उप सरपंच श्री अन्प्रेस एक्का विशेष रूप से उपस्थित रहे।

स्वच्छता रैली के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्लास्टिक मुक्त ग्राम के लिए प्रेरित किया गया। हाथ धुलाई कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं ग्रामीणों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के तरीके समझाए गए। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में स्वच्छाग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सरपंच क्रांति सिदार ने कहा कि 'स्वच्छता केवल सफाई का कार्य नहीं, बल्कि यह स्वस्थ समाज और उज्जवल भविष्य की नींव है। वहीं सरिता ठाकुर ने सभी ग्रामवासियों से अपने गांव को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

और भी

जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच प्रकृति और सुंदर झरनों का आनंद लेने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रानीदाह का भ्रमण जरूर करें 

जशपुर 26 अक्टूबर 25/छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच स्थित रानीदाह जलप्रपात जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत प्रतीक है। यह झरना जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ख़ूबसूरत सड़कों से होकर जब कोई इस स्थल तक पहुँचता है, तो सामने फैली हरियाली, चट्टानों से गिरता दूधिया जल और पक्षियों की आवाज़ें मिलकर एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करती हैं। बरसात के मौसम में रानीदाह अपने पूरे वैभव पर होती है, जब पानी कई धाराओं में बँटकर ऊँची चट्टानों से नीचे गिरता है। गर्मी के मौसम में जल प्रवाह भले थोड़ा कम हो जाए, लेकिन आसपास की प्राकृतिक शांति और वातावरण का सौंदर्य हमेशा समान रूप से मनमोहक रहता है।

रानीदाह जलप्रपात केवल प्राकृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपनी लोककथाओं और रहस्यमयी कहानियों के कारण भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले ओडिशा की एक राजकुमारी, रानी शिरोमणि जशपुर की इन पहाड़ियों में आ पहुँची थीं। जब उसके पिता और पाँच भाई उनका पीछा करते हुए यहाँ पहुँचे, तो रानी ने अपमान और जबरन विवाह से बचने के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगा दी और अपने प्राण त्याग दिए। उसी समय से यह झरना “रानीदाह” के नाम से जाना जाने लगा, जिसका अर्थ है “रानी का जलप्रपात।” कहा जाता है कि झरने के पास स्थित कुछ चट्टानें “पाँच भैया” के नाम से जानी जाती हैं, जो रानी के भाइयों के प्रतीक माने जाते हैं। यह कथा आज भी स्थानीय लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है और इस स्थल को एक रहस्यमयी और भावनात्मक पहचान देती है।

पर्यटकों के लिए रानीदाह जलप्रपात एक शांत और मनोरम पिकनिक स्थल है।

और भी

कांकेर जिले में 21 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर किया आत्मसमर्पण,माओवादी विचारधारा का खात्मा, बस्तर में हो रही शांति की स्थापना — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में माओवाद की समाप्ति अब  वास्तविकता बनने की ओर अग्रसर है। “पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी जनोन्मुख पहल ने बस्तर में शांति और विश्वास की नई बयार बहा दी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज कांकेर जिले में 21 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया, जो प्रदेश में चल रही “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025” तथा “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद की झूठी और भ्रामक विचारधारा से भटके युवा अब समझने लगे हैं कि बंदूक नहीं, विकास की राह ही भविष्य का सही विकल्प है। सरकार इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, पुनर्प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्संस्थापन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़कर समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।

मुख्यमंत्री ने  कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर के लोगों का विश्वास जीता है। यही कारण है कि अब माओवादी संगठन तेजी से कमजोर पड़ रहे हैं और बड़ी संख्या में हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति को स्वीकार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में अब नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और क्षेत्र तेजी से शांति, विकास और सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सलमुक्त बनाना है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से अग्रसर है।

और भी

मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री साय

प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन देने वाली अनोखी पहल ‘गार्बेज कैफे’ को देशभर में मिली पहचान

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में कहा – नगर निगम अंबिकापुर के प्लास्टिक मुक्त संकल्प से बदली शहर की तस्वीर

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025/‘मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ और भारतीय नस्ल के श्वानों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे पूरे प्रदेश के लिए सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के शांति नगर में ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे नवाचारी, प्रेरणादायी और जनहितकारी कार्यों को जोड़ने वाला एक विशेष मंच है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वालों प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का उल्लेख होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अंबिकापुर नगर निगम की अनूठी पहल ‘गार्बेज कैफे’ की सराहना की, जिसने प्लास्टिक मुक्त शहर की दिशा में एक मिसाल कायम की है। यहाँ प्लास्टिक कचरा देने वालों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है — यह पहल स्वच्छता, पुनर्चक्रण और सामाजिक संवेदना का अद्भुत उदाहरण बन चुकी है।अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे कैफे हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने त्योहारों की बढ़ी रौनक, सामाजिक एकता के प्रतीक छठ पर्व और नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ते भारत की भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवादी गतिविधियों के सिमटते प्रभाव पर गर्व का अनुभव होता है। डबल इंजन की सरकार के मजबूत संकल्प से देश में शांति और सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अब मूलभूत सुविधाएं सुदूर गाँवों तक पहुँच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। इस बार उन इलाकों में भी खुशियों के दीप जले हैं, जहाँ कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था। उन्होंने कहा कि लोग उस माओवादी आतंक का जड़ से खात्मा चाहते हैं जिसने उनके बच्चों के भविष्य को संकट में डाल दिया था।

श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों में भारतीय नस्ल के श्वानों को शामिल किए जाने के निर्णय की भी सराहना की। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक देशी श्वान ने 8 किलो विस्फोटक का पता लगाकर जवानों की जान बचाई। यह सिद्ध करता है कि भारतीय नस्ल के श्वान अधिक अनुकूल, दक्ष और विश्वसनीय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण पर भी विशेष जोर देते हुए सभी नागरिकों से पेड़ लगाने का आग्रह किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नवाचारों को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर इसे उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे राष्ट्रप्रेम की अमर अभिव्यक्ति बताते हुए प्रत्येक नागरिक से इसके गौरवगान में स्वस्फूर्त रूप से सहभागिता करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के पुण्य स्मरण के साथ जनजातीय अधिकारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके सर्वोच्च योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस उन महान जननायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है, जिन्होंने देश की आज़ादी और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास हो रहे नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को अवश्य साझा करें, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर समाजहित में योगदान दे सकें।

मुख्यमंत्री ने पुंगनूर नस्ल की गायों को खिलाया चारा

‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुंगनूर नस्ल की गायों को चारा खिलाया और उनकी विशेषताओं की जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश में पाई जाने वाली यह विशेष नस्ल अपनी अनूठी शारीरिक बनावट और विशिष्ट गुणों के कारण प्रसिद्ध है।

कार्यक्रम में विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री क्रिटिकॉन रायपुर-2025 कॉन्फ्रेंस में हुए शामिल....सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं हमारी सरकार की प्राथमिकता – सीएम श्री साय

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज राजधानी के नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित क्रिटिकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘क्रिटिकॉन रायपुर-2025’ में शामिल हुए।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्रिटिकॉन रायपुर-2025 चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का मंच है। यह देश और विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने का अवसर देता है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन जीवन रक्षा की रीढ़ है, जो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नया जीवन देती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों, क्रिटिकल केयर इकाइयों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा  कि नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी और फार्मा हब का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी लगातार नए अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रामकृष्ण केयर ग्रुप की पूरी टीम को इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देशभर में एक चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस की मेजबानी रायपुर को मिलना गौरव की बात है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से निश्चित रूप से ऐसे उत्कृष्ट नवाचार सामने आएंगे, जो मानव स्वास्थ्य उपचार के लिए वरदान साबित होंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी के उपयोग से इलाज की नई संभावनाएं खुल रही हैं। यही नई तकनीक नए भारत की नई कहानी लिख रही है। उन्होंने चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब घर में कोई आपात स्थिति होती है और मरीज को सही समय पर हॉस्पिटल पहुँचाया जाता है, तब परिवार के भय को मिटाने में क्रिटिकल केयर डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हर जिले और प्रत्येक बड़े अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट्स स्थापित हों। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करने वाले देश-विदेश और प्रदेश के डॉक्टरों का मंच से सम्मान भी किया गया।

इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संदीप दवे, केयर ग्रुप के सीईओ श्री वरुण खन्ना, तथा देश-विदेश और राज्य भर से आए 1300 से अधिक डॉक्टर  उपस्थित थे।

और भी

रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में बस्तर ओलंपिक 2025 का किया शुभारंभ


 
 रायपुर, 25 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 'बस्तर ओलंपिक 2025' का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में  शुभारंभ आज उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। 
      इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी। उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। 
    इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे। 
     इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी श्री रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा श्री मंगडूराम नूरेटी सरपंच कच्चापाल श्रीमती रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
     उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री साय पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल....कहा पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को विश्व में मिली पहचान

रायपुर 25 अक्टूबर 2025/पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू एवं श्री जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई जी की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने  नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की। 

कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।

कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, एसएसपी श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

और भी

जशपुर जम्बुरी का होगा आयोजन :   लोक संस्कृति लोक नृत्य पारंपरिक त्योहार को भी नजदीक से जानने का मिलेगा अवसर 

जशपुर 25 अक्टूबर 25/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के  निर्देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जशपुर में आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक  ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ का आयोजन किया जा रहा है।
जिसमें प्रदेश और देशभर से आए पर्यटक जशपुर की प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगे जशपुर के जनजाति संस्कृति,रहन सहन,खान पान और उनकी जीवन शैली को जान सकेंगे 

चार दिन का उत्सव में जशपुर के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा इसके साथ ही जनजातीय  संस्कृति,लोक त्यौहार, लोक नृत्य को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।

हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच
इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे।

कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंद
फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव
प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।

खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स
रात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा।

लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौल

हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे। 

‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी औरआदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी।

जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है। 

इस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी।

और भी

जशपुर एसडीएम ने छठ पूजा की तैयारी के सबंध में छठ समितियों के सदस्यों के साथ बैठक ली

जशपुर 25 अक्टूबर 25/जशपुर एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के एवं सी.एस.परमा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जशपुर की उपस्थिति में आज शनिवार को एसडीएम कार्यालय में समिति सदस्यों की  बैठक आयोजित किया गया। जिसमें 25 से 28 अक्टूबर तक जशपुर में होने वाले छठ पूजा के संबंध में घाटों की साफ-सफाई, ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था आदि के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई जिसमें भास्कर छठ पूजा समिति के अध्यक्ष श्री विद्या भूषण पाठक एवं श्री जयंत सोनी एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

     भास्कर छठ पूजा समिति द्वारा अवगत कराया गया कि लाईट एवं सी.सी.टी.वी. तथा छठ घाट में पूजा पंडाल समीप हेल्प डेस्क हेतु पंडाल की व्यवस्था समिति द्वारा किया जावेगा। ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था पुलिस विभाग द्वारा किया जावेगा। नगर सेना का दल गोताखोर एवं नांव सहित लगातार गस्त करते रहेंगे। एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल टीम छठ घाटों में उपस्थित रहकर अपनी सेवाएं देंगे। पूजा के दौरान समिति के स्वयं सेवक सतर्कता रखते हुए कार्य में सहयोग करेंगे। विद्युत विभाग को भी निर्देशित किया गया कि छठ घाटों में अनवरक एवं निर्वात विद्युत व्यवस्था बनाये रखें। दिनांक 27.10.2025 को दोपहर 02:00 से रात्रि 07:00 तक एवं 28.10.2025 को प्रातः 03:00 से 09:00 तक कदमटोली मार्ग पर वाहनों का आवागमन निषेधित रहेगा।

और भी

महतारी वंदन और आवास योजना बनीं ग्रामीण महिला की ताकत,पीएम आवास से साकार हुआ पक्के घर का सपना

जशपुर 25 अक्टूबर 25/ जिले के बगीचा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सन्ना गांव की रहने वाली श्रीमती महंती बेक का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने की राह पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके पति श्री सुनील के नाम से पक्के मकान की स्वीकृति मिली है, जिसका निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से प्रगतिरत है। मिट्टी और टिन की झोपड़ी में जीवन बिताने वाली महंती बेक अब अपने नए पक्के घर की दीवारें खड़ी होते देख खुश हैं।

महंती बेक बताती हैं कि “हमारा जीवन कठिनाइयों से भरा रहा। मैं और मेरे पति रोज़ मजदूरी करके किसी तरह घर का खर्च चलाते हैं। दो छोटे बच्चों की परवरिश के साथ पक्का घर बनाना हमारे लिए एक सपना ही था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने यह सपना पूरा कर दिया।”

वे बताती हैं कि इस योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता मिली, जिससे घर का निर्माण कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ा। सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान की भावना दी है।

महंती बेक आगे कहती हैं कि “महतारी वंदन योजना के माध्यम से मुझे ₹1000 प्रतिमाह की सहायता मिलती है, जिससे बच्चों की जरूरतें पूरी करने में बड़ी मदद मिलती है। उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर मिलने के बाद अब खाना पकाने में आसानी होती है।”

महंती बेक कहती हैं — “पहले बरसात में छत टपकती थी, सर्दी में हवा अंदर आती थी, गर्मी में मिट्टी की दीवारें झुलसाती थीं। अब जल्द ही हम अपने नए पक्के घर में रहेंगे। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने हम गरीबों के लिए घर का सपना साकार किया।”

और भी