ताजा खबरें


बड़ी खबर

नारायणपुर में गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन: स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में अनुशासित प्रभात फेरी और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, प्राथमिक शाला रानीकोम्बो में लोकनृत्य और देशभक्ति गीत, तथा सरस्वती शिशु मंदिर में भारत माता की आरती और ग्रामीण उत्साह ने बढ़ाया राष्ट्रीय गौरव

नारायणपुर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन, प्रभात फेरी से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक दिखा देशभक्ति का उत्साह

प्राचार्या श्रीमती अगुस्टिना तिग्गा ने किया ध्वजारोहण, विद्यार्थियों ने अनुशासित प्रभात फेरी निकालकर दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश

नारायणपुर 26 जनवरी 2026 :  जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, नारायणपुर में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः साढ़े 7 बजे संस्था प्रमुख एवं विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती अगुस्टिना तिग्गा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। ध्वजारोहण के पश्चात विद्यालय परिसर में राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रगौरव से गूंज उठा।

ध्वजारोहण के उपरांत विद्यार्थियों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी की शुरुआत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय से हुई, जिसमें छात्र-छात्राएं अनुशासित कतार में हाथों में तिरंगा लिए शामिल हुए। प्रभात फेरी जय स्तम्भ चौक पहुँची, जहाँ विहान समूह के भवन में ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद रैली जनपद विद्यालय होते हुए अटल चौक पहुँची तथा वहाँ से कन्या छात्रावास और हाई स्कूल मार्ग से गुजरते हुए पुनः स्वामी आत्मानंद विद्यालय परिसर पहुँची। प्रभात फेरी के माध्यम से विद्यार्थियों ने नागरिकों को देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

प्रभात फेरी के समापन के पश्चात विद्यालय परिसर में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्य शुरुआत की गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर तिरंगे की शान, देशभक्ति गीतों और राष्ट्रगौरव की भावना से ओत-प्रोत नजर आया। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण देशभक्ति के रंगों में रंगा रहा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, मनोहारी नृत्य प्रस्तुतियाँ, प्रेरणादायक नाट्य मंचन एवं प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम के बलिदान, संविधान की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रभावी ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती अगुस्टिना तिग्गा ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है, साथ ही हमारे कर्तव्यों का भी बोध कराता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से सत्यनिष्ठा, अनुशासन और संवेदनशीलता को जीवन का आधार बनाकर एक जिम्मेदार, जागरूक एवं राष्ट्रहित में कार्य करने वाला नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताते हुए निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर शिक्षा समिति अध्यक्ष श्री संतन राम, श्रीमती संतोषी वन्दे, श्री शंकर राम यादव, श्री गोपाल यादव, श्री विकास नाग, श्री राहुल बंग, श्री अर्जुन यादव, श्री अभिषेक पूरी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, विद्यालय स्टाफ एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगौरव और देशसेवा के संकल्प के साथ किया गया।

प्राथमिक शाला रानीकोम्बो में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया

रानीकोम्बो
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्राम रानीकोम्बो स्थित प्राथमिक शाला में राष्ट्रीय पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के तहत ग्राम के वरिष्ठ नागरिक मनबहाल राम द्वारा ध्वजारोहण किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। छोटे बच्चों ने लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, वहीं डीजे की धुन पर देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति भी हुई।

कार्यक्रम में ग्राम सरपंच छक्कन राम निराला, जनपद सदस्य संजय बंग, उप सरपंच लीलाम्बर यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

 नारायणपुर सरस्वती शिशु मंदिर में धूमधाम से मना गणतंत्र दिवस

नारायणपुर। ग्राम नारायणपुर में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह भारतीय परंपरा एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः अतिथियों की उपस्थिति में राष्ट्रगान एवं भारत माता की आरती के साथ किया गया। ध्वजारोहण विद्यालय अध्यक्ष श्री रामकृत नायक द्वारा संपन्न कराया गया।

इस अवसर पर भारत माता की आकर्षक झांकी एवं तिरंगे झंडे के साथ छात्र-छात्राओं ने गांव में प्रभात फेरी निकाली। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और देशभक्ति नारों से पूरा ग्राम देशभक्ति के रंग में रंग गया। प्रभात फेरी के पश्चात विद्यालय परिसर में देशभक्ति गीतों एवं छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को देर तक बांधे रखा। लगातार हुई प्रस्तुतियों को ग्रामवासियों से भरपूर सराहना और तालियां मिलीं।

कार्यक्रम में विद्यालय समिति के अध्यक्ष श्री रामकृत नायक, उपाध्यक्ष श्री शंकर राम यादव, व्यवस्थापक श्री परशु राम यादव, कोषाध्यक्ष श्री भुनेश्वर राम यादव, सदस्य श्रीमती संतोषी बंदे, श्री मुकेश प्रजापति एवं श्री विजय प्रताप शाह देव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अभिभावक श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने की। मुख्य अतिथि के रूप में अभिभावक श्रीमती पिंकी यादव एवं श्रीमती सियावती सिंह उपस्थित रहीं। साथ ही बड़ी संख्या में अभिभावक एवं ग्रामवासी समारोह में शामिल हुए।

अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री त्रिविक्रम यादव ने उपस्थित सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

और भी

77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में शान से फहराया गया तिरंगा, श्रीमती कौशल्या साय ने किया ध्वजारोहण....


जशपुरनगर। 77 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में देशभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने विधिवत तिरंगा फहराया और गणतंत्र की गरिमा को नमन किया।ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारी-कर्मचारी,देश के जवान उपस्थित रहे। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया, साथ ही देश के वीर सपूतों को नमन किया गया।इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस हमारे लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने संविधान निर्माताओं एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह गरिमामय एवं प्रेरणादायी रहा।

और भी

रायपुर साहित्य उत्सव: ‘ट्रैवल ब्लॉग: पर्यटन के प्रेरक’ विषय पर लाल जगदलपुरी मंडप में परिचर्चा आयोजित

रायपुर, 26 जनवरी 2026/
रायपुर साहित्य उत्सव के तीसरे और समापन दिवस पर लाल जगदलपुरी मंडप में प्रथम सत्र के रूप में “ट्रैवल ब्लॉग: पर्यटन के प्रेरक” विषय पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इस सत्र में प्रसिद्ध यात्रा पत्रकार, ब्लॉगर एवं एकल यात्री सुश्री कैनात काज़ी तथा “देसी चश्मे से लंदन डायरी” की लेखिका सुश्री शिखा वर्शनी ने अपने अनुभव साझा किए। सत्र का संचालन श्री राहुल चौधरी ने किया।

अपने वक्तव्य में सुश्री कैनात काज़ी ने कहा कि हिंदी साहित्य ने उनकी यात्रा-यात्रा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साहित्य से प्रेरित होकर उन्होंने यात्रा आरंभ की और भारत के विभिन्न हिस्सों में किए गए अपने भ्रमण अनुभवों ने उन्हें ब्लॉग लेखन और अनुभवों के दस्तावेजीकरण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वे मूलतः सीखने और खोज की भावना से यात्रा करती हैं, जबकि ब्लॉगिंग, डायरी लेखन और लोकप्रियता इस यात्रा के स्वाभाविक उपफल मात्र हैं।
सचेत यात्रा पर बल देते हुए उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया कि वे यात्रा को केवल देखने तक सीमित न रखें, बल्कि उसमें पूर्ण रूप से डूबें। उन्होंने कहा कि ट्रैवल ब्लॉगिंग पर्यटन स्थलों, संस्कृतियों और घटनाओं के प्रत्यक्ष अनुभवों को संजोने का एक सशक्त माध्यम है।

अपने यात्रा-सफर से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में सुश्री शिखा वर्शनी ने कहा कि जिज्ञासा ही उनकी यात्राओं और लेखन की मूल प्रेरणा रही है। उन्होंने साझा किया कि सरकारी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने के दौरान उनका परिचय हिंदी साहित्य से हुआ, जिसने उन्हें अपने अनुभवों को अभिव्यक्त करने के लिए आवश्यक शब्द-सम्पदा और संवेदनशीलता प्रदान की। उन्होंने बताया कि यद्यपि वे भारत में केवल 14–15 वर्ष ही रहीं, लेकिन अपने पिता के साथ देश के विभिन्न हिस्सों की यात्राओं ने उन्हें भारतीय संस्कृति के विविध रंगों से परिचित कराया।

उन्होंने कहा, “दुनिया भर की यात्रा के बाद मुझे यह एहसास हुआ कि हम अपने ही देश की पर्यटन संभावनाओं को अक्सर कम आँकते हैं। भारत का ऐतिहासिक वैभव और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हमारी परंपराओं, रीति-रिवाजों, स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों में प्रतिबिंबित होती है। भारतीय होने के नाते हमें न केवल इस धरोहर पर गर्व करना चाहिए, बल्कि इसे स्वयं अनुभव करने के लिए भी गंभीर प्रयास करने चाहिए।”

सत्र का संचालन करते हुए श्री राहुल चौधरी ने अपने यात्रा अनुभव साझा किए और यात्रा लेखन में सूक्ष्म अवलोकन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर क्षेत्र, अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध लोक-संस्कृति और हरित परिदृश्य के कारण प्रत्येक यात्री की ‘मस्ट-विज़िट’ सूची में अवश्य शामिल होना चाहिए।

युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए पैनलिस्टों ने कहा कि पठन-पाठन की घटती प्रवृत्ति के कारण युवाओं की शब्द-सम्पदा सीमित होती जा रही है। उन्होंने युवाओं से साहित्य के साथ गहन जुड़ाव की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही लेखकों से भी आग्रह किया कि वे अपनी भाषा और लेखन शैली को अधिक सहज, सरल और युवा-अनुकूल बनाएं।

और भी

सरस्वती शिशु मंदिर कांसाबेल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीईओ, बीआरसी एवं शिक्षकों का हुआ सम्मान, सम्पर्क स्मार्ट शाला–स्मार्ट स्कूल कार्यक्रम का 50 आश्रम शालाओं में हुआ शुभारंभ

डिजिटल युग में कदम रखता जशपुर, कांसाबेल में उत्कृष्ट शिक्षक-बीआरसी सम्मानित, 10 दूरस्थ आश्रम शालाओं से शुरू हुआ स्मार्ट शाला मिश


जहाँ सम्मान मिला समर्पण को, वहीं जली डिजिटल शिक्षा की लौ—सरस्वती शिशु मंदिर कांसाबेल में शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक दिन

जशपुर/नारायणपुर :  25 जनवरी 2026 :

सरस्वती शिशु मंदिर कांसाबेल के प्रांगण में शनिवार को माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण आयोजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड स्रोत समन्वयकों, विद्यालयों एवं शिक्षकों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान कलेक्टर रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक जी के द्वारा सम्पर्क फाउंडेशन की ओर से प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीईओ, बीआरसी, स्कूल एवं शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, ‘I AM TOP TEACHER’ सम्मान एवं सम्पर्क दीदी मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने उपस्थित शिक्षकों और शैक्षणिक समन्वयकों से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी निष्ठा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका समाज के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण होती है और तकनीक के समुचित उपयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान बीआरसी कांसाबेल एवं कुनकुरी में स्थापित सम्पर्क टीवी डिवाइस एवं एसएसएस शैक्षणिक संसाधनों के सही क्रम और प्रभावी उपयोग को लेकर विस्तृत जानकारी एवं मार्गदर्शन भी दिया गया, जिससे कक्षाओं में डिजिटल शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

  सम्मान समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वालों में से कुनकुरी से बीआरसीसी  बिपिन अम्बस्थ,कांसाबेल  से राजेंद्र कुमार, विकासखंड स्रोत समन्वयक,डीपाटोली, कुनकुरी – प्रधानपाठक  लव कुमार गुप्ता,बगिया प्रधानपाठक श्रीमती बरांती खलखो,तपकरा प्रधानपाठक श्रीमती श्वेता हंसराज,सुश्री अनुजा लकड़ा,श्रीमती रुकमनिया सिदार,जगलाल राम भगत ,विजय कुमार पैंकरा श्रीमती सरिता बाई को सम्मानित किया गया।

         इसी अवसर पर सम्पर्क स्मार्ट शाला–स्मार्ट स्कूल कार्यक्रम का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जशपुर जिले की 50 आश्रम शालाओं में आधुनिक डिजिटल शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रथम चरण में जिले की 10 दूरस्थ एवं दुर्गम आश्रम शालाओं को सम्पर्क टीवी डिवाइस एवं शैक्षणिक नवाचारों से सुसज्जित किया गया।

       उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 16 जुलाई 2025 को माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने गृह ग्राम बगिया स्थित शासकीय हाई स्कूल को सम्पर्क स्मार्ट शाला के रूप में लॉन्च कर इस पहल की शुरुआत की थी। यह कार्यक्रम सम्पर्क फाउंडेशन एवं स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में डिजिटल एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है।

           इस कार्यक्रम में सम्पर्क फाउंडेशन के राज्य प्रमुख  उपदेश नारायण दुबे, जिला इंचार्ज ओमनाथ रात्रे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कांसाबेल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

और भी

संकल्प, सेजेस, प्रयास और डीपीएस की छात्राओं ने बढ़ाया जशपुर का मान,राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कोतबा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले की 9 मेधावी बालिकाओं को किया सम्मानित

जशपुर नगर 25 जनवरी 2026 

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर कोतबा में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर जिले की नौ मेधावी बालिकाओं को मुख्यमंत्री विष्णु देव के हाथों पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

कोतबा में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग की ओर से बालिकाओं के लिए सम्मान कार्यक्रम आयोजित हुआ था। जिसमें कक्षा दसवीं और बारहवीं में मेरिट में आने वाली बालिकाओं को ₹5000 और ₹3000 की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। 

कलेक्टर रोहित व्यास, सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार और जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर ने बालिकाओं को शुभकामनाएं दी हैं।

संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने संस्थान के व्याख्याता राजेंद्र प्रेमी के साथ बालिकाओं को कार्यक्रम में उपस्थित कराने के लिए भेजा था। सम्मानित होने वाली बालिकाओं में संकल्प जशपुर से पूर्णिमा पैंकरा, हर्षिता सिंह, पूजा चौहान, संकल्प पत्थलगांव से संजना पैंकरा, सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जशपुर से अनुष्का सिंह, ईशा सहारे, निशिता  थवाइट , प्रयास जशपुर से स्तुति पांडेय, डीपीएस जशपुर से निशा एक्का रहे हैं।

और भी

समुद्र, विज्ञान और उद्योग की जीवंत पाठशाला बना विशाखापट्टनम, जशपुर जिले के विद्यार्थियों के लिए यादगार रहा अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण

जशपुर 25 जनवरी 2026 : 
समग्र शिक्षा ,राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र ,छात्राओं का अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। जिला कलेक्टर   रोहित व्यास के निर्देश पर जिले के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र - छात्राओं को  विशाखापटनम ( आंध्र प्रदेश ) ले जाकर 19 से 24 जनवरी तक एक्पोजर विजिट कराया गया।  19 जनवरी को जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष कुनकुरी  बालेश्वर यादव  के द्वारा दल को  हरी  झंडी दिखाकर रवाना किया गया था ।भ्रमण के दूसरे दिन बच्चों ने मैत्री गार्डन भिलाई पहुंचकर वन्य प्राणियों का अध्ययन किया,साथ ही साथ भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना और बॉक्साइड से ठोस लोहे तक की यात्रा को समझा।तीसरे दिन भिलाई से प्रस्थान करने के बाद दल  विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश पहुंचा और जहां छात्र,छात्राओं ने सबमरीन म्यूजियम, Air क्राफ्ट म्यूज़ियम, का अध्ययन किया।  चौथे दिन के भ्रमण की  शुरुआत  फिशिंग हार्बर, से प्रारंभ होकर आर के बीच, ट्रिनिटी पार्क,सागर नागर बीच होते हुए कैलाशगिरी पर्वत पर समाप्त हुई। जहां विद्यार्थियों ने बोट निर्माण,मछली व्यापार,समुद्री जहाज,भारतीय तट रक्षा व्यवस्था के साथ आयात निर्यात की प्रणाली को समझने का प्रयास किया । छात्र,छात्राओं ने विशाखापत्तनम की स्थानीय बोली ,भाषा ,संस्कृति के साथ साथ स्थानीय पाक ,खान पान , बाजार और अर्थव्यवस्था को भी अध्ययन किया। खूबसूरत समुद्री तट के किनारे बैठकर  आती जाती लहरों को निहारते हुए बच्चों का उत्साह देखते बनता था।जिला शिक्षा अधिकारी  प्रमोद कुमार भटनागर एवं जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा नरेंद्र कुमार सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन से  अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण विशाखापत्तनम( आंध्र प्रदेश ) का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।यह भ्रमण सभी विद्यार्थियों के ज्ञान और अनुभव में वृद्धि करेगा।

और भी

रायपुर साहित्य महोत्सव : पत्रकारिता और साहित्य’ पर पैनल चर्चा आयोजित,वरिष्ठ पत्रकारों और साहित्यकारों ने साझा मूल्यों पर किया विमर्श

रायपुर, 25 जनवरी 2026/ रायपुर साहित्य उत्सव के तीसरे एवं समापन दिवस पर ‘पत्रकारिता और साहित्य’ विषय पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। यह सत्र लाला जगदलपुरी मंडप में आयोजित दूसरे सत्र के रूप में सम्पन्न हुआ। यह चर्चा दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय श्री बबन प्रसाद मिश्र की स्मृति को समर्पित रही। पैनल में वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार सुश्री स्मिता मिश्र, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, श्री अवधेश कुमार और श्री गिरीश पंकज शामिल रहे, जबकि सत्र का संचालन श्री विभाष झा ने किया।

चर्चा के दौरान अपने विचार रखते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री गिरीश पंकज ने कहा कि चाहे पत्रकारिता हो या साहित्य, लेखन का मूल आधार सदैव जनहित और सामाजिक उत्तरदायित्व होना चाहिए।

‘हरिभूमि’ के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि तथ्यों को निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करना पत्रकारिता का मूल सिद्धांत है, वहीं तथ्यों और परिस्थितियों पर चिंतन साहित्य को व्यापक और गहन दृष्टि प्रदान करता है। उन्होंने पत्रकार और साहित्यकार के बीच मूलभूत अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि पत्रकार प्रायः संस्थागत मर्यादाओं, मूल्यों और संपादकीय प्राथमिकताओं के दायरे में कार्य करते हैं, जबकि साहित्यकार को विषय के विविध आयामों को स्वतंत्रता के साथ अभिव्यक्त करने का अधिक अवसर मिलता है।

वरिष्ठ पत्रकार सुश्री स्मिता मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता और साहित्य के बीच अंतर मुख्यतः शैली, भाषा और दृष्टिकोण का है। पत्रकारिता जहाँ तथ्यप्रधान होती है, वहीं साहित्य भावनाओं और संवेदनाओं की ओर अधिक झुकाव रखता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भाषा में संवेदनशीलता, रिपोर्टिंग में सहानुभूति और व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने की क्षमता दोनों ही क्षेत्रों के लिए अनिवार्य है, क्योंकि दोनों ही जनमानस को प्रभावित करने की सामर्थ्य रखते हैं।

पत्रकार और साहित्यकार दोनों रूपों में अपने अनुभव साझा करते हुए श्री अवधेश कुमार ने पत्रकारिता और साहित्य को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया। उन्होंने कहा कि उनके पत्रकारिता के अनुभव अक्सर उनके साहित्यिक लेखन की प्रेरणा बनते हैं तथा अनेक मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरें उन्हें उन विषयों के गहरे सामाजिक और मानवीय पक्षों को साहित्य के माध्यम से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करती हैं।

सत्र के दौरान संचालक श्री विभाष झा ने छत्तीसगढ़ के प्रख्यात पत्रकारों, जिनमें श्री मुक्तिबोध और श्री माधवराव सप्रे प्रमुख हैं, के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक चेतना के विस्तार के लिए साहित्य को माध्यम बनाया। पैनल में समकालीन पत्रकारिता में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उससे उत्पन्न चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर सुश्री स्मृति दुबे के कविता संग्रह ‘करुण प्रकाश’ तथा श्री लोकनाथ साहू ललकार के कविता संग्रह ‘यह बांसुरी की नहीं बेला है’ का विमोचन भी अतिथियों के करकमलों से सम्पन्न हुआ।

और भी

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्येंद्र कुमार साहू के आतिथ्य में जिला स्तरीय समारोह आयोजित, नये मतदाताओं को ई-पिक कार्ड देकर किया गया सम्मान, बूथ लेवल अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्येंद्र कुमार साहू के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय समारोह का आयोजन स्वर्ण जयंती सेमीनार हॉल, शासकीय राम भजन राय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय जशपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अमरेन्द्र, प्राचार्य शासकीय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय जशपुर द्वारा की गई। इस अवसर पर अतिरक्ति जिला एवं सत्र न्यायाधीश मान.श्री जनार्दन खरे, प्रथम सिविल न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रभाग और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सुमन सिंह,  सचिव जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव सुश्री श्वेता बघेल, द्वितीय सिविल न्यायाधीश वरिष्ठ प्रभाग, श्री क्रांति कुमार सिंह, प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, प्रथम सिविल न्यायाधीश, सुश्री चौतली खाण्डेकर, द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश सिविल न्यायाधीश कनिष्ठ प्रभाग सुश्री पूनम नसीम अपर कलेक्टर जशपुर श्री प्रदीप कुमार साहू, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री हरिओम द्विवेदी, बूथ लेवल अधिकारी, माय भारत वॉलिंटियर, नये मतदाता सहित निर्वाचन कार्यालय व महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  
               प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सत्येंद्र कुमार साहू ने समारोह में मतदाताओं को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं निर्भिक बिना प्रलोभन के मतदान करने के लिए शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि मतदाताओं का लोकतंत्र में बहुत बड़ा योगदान है। प्रत्येक मतदाता किसी न किसी रूप में लोकतंत्र में अपना योगदान कर रहा है। सबकी सहभागिता से लोकतंत्र बना है। उन्होंने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि वोट करना सबकी जिम्मेदारी है। इसलिए वोट आवश्यक करें। एक अच्छा सुशासन बनाने में सहयोग करने के लिए मतदान करना अति आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को अपने मतों का उचित रूप से प्रयोग करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आज हम विश्व का सबसे बड़ा सफल लोकतंत्र में है यह हमारी बहुत बड़ी उपलब्धि है।  समारोह में मुख्य अतिथि एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा नये मतदाताओं को ईपिक कार्ड प्रदाय करते हुए मतदाता बनने पर स्वागत कर उनका सम्मान किया गया। साथ ही एसआईआर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बूथ लेवल अधिकारी को भी प्रशस्ति पत्र प्रदाय सम्मानित किया गया। 
            अपर कलेक्टर श्री साहू ने नये मतदाओं और युवाओं को जागरूक करते हुए कहा कि वयस्क होने पर अपना नाम मतदाता सूची में आवश्य जुड़वाएं। निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए सरल प्रक्रिया किया गया है। सभी युवा घर बैठे ऑनलाईन के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में जोड़वा सकते हैं और किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधार कर सकते हैं। उन्होंने मतदान के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एक-एक वोट महत्वपूर्ण है। प्रत्येक मतदाता को मतदाता सूची में अपना पंजीयन आवश्यक कराना चाहिए। 
          उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि जशपुर जिले अंतर्गत तीन विधान सभा है। जिसमें विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 12 में 338 मतदान केन्द्र, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 13 कुनकुरी में 298 मतदान केन्द्र एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 14 पत्थलगांव में 298 मतदान केन्द्र बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय, अनुविभाग एवं तहसील मुख्यालय पर राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण  अर्हता तिथि 01 जनवरी 2025 के संदर्भ में 23 दिसम्बर 2025 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है। वर्तमान में पुरुष मतदाता संख्या 301574, महिला मतदाता संख्या 308921 एवं थर्ड जेण्डर के 14 सहित कुल मतदाता संख्या 614509 हैं। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से आने वाले प्रत्येक निर्वाचन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।    
             इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शासकीय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमरेन्द्र ने भी अपने उदबोधन में मतदाताओं को जाकरूक करते हुए अपने मतों का प्रयोग करने की अपील की। इसके साथ ही माय भारत के वॉलिंटियरों द्वारा मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई। जिसके माध्यम से उन्होंने नये मतदाताओं का स्वागत किया और युवाओं को मतदान हेतु प्रेरित किए। अंत में मुख्य अतिथि एवं अधिकारियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर कार्यक्रम की समाप्ति की गई।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास का किया शुभारंभ, आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी निर्देशन में जिले में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु नवीनतम तकनीकों के माध्यम से स्मार्ट क्लास का संचालन किया जा रहा है। आज की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण  शिक्षा मिल सकेगी। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय ने आज कांसाबेल विकासखंड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। स्मार्ट क्लास के शुभारंभ से क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा और उनकी सीखने की क्षमता में नया आयाम जुड़ेगा।  उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से विगत माह जिला प्रशासन, SECL एवं EdCIL  के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था।
        इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। 
     एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही एमओयू में इंटरएक्टिव पैनल की स्थापना के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण, संचालन एवं नियमित मेंटेनेंस के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि उपकरणों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। इस परियोजना के लिए SECL द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने SECL एवं EdCIL के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस परियोजना से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

और भी

जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा नई दिशा, ग्राम केरे को बनाया जाएगा मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम, मुख्यमंत्री ने होमस्टे परियोजना का किया उद्घाटन

जशपुर 25 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया ने जशपुर जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ शासन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह एमओयू 25 जनवरी 2026 को जशपुर जिले के 
मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया  निवास में संपन्न हुआ। यह समझौता जशपुर को राज्य में जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल है।
समझौते पर श्री रोहित व्यास, जिला कलेक्टर, जशपुर तथा श्री विनोद वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार अधिकारी होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठ शासकीय अधिकारी उपस्थित रहे।
इस सहयोग के अंतर्गत, होमस्टेज़ ऑफ इंडिया और जिला प्रशासन मिलकर जशपुर को समुदाय-आधारित पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने हेतु एक सशक्त एवं सहयोगात्मक ढांचा तैयार करेंगे। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
यह साझेदारी केरे को जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य करेगी, जिससे एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा लक्षित क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।
इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।

और भी

गौवंश संरक्षण के साथ महिला उद्यमिता को बढ़ावा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुधारू पशु प्रदाय योजना अंतर्गत आदिवासी महिलाओं को वितरित कीं साहिवाल नस्ल की दुधारू गायें

जशपुरनगर, 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने गृह निवास बगिया में गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन तथा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग की पात्र महिलाओं को साहिवाल नस्ल की दो-दो दुधारू गायों का वितरण किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने पशुपालकों को पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विधिवत गाय की पूजा की तथा अपने हाथों से चारा खिलाया। श्रीमती कौशल्या साय और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय भी इस दौरान मौजूद रहे।    
     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कहा कि गाय को हम सभी माता मानकर पूजते हैं। गाय जीवनदायिनी है इसके दूध एवं दूध से बने उत्पाद हमें पोषण प्रदान करते हैं, वहीं गोबर और गौमूत्र का औषधीय सहित विभिन्न अन्य उपयोगों में भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।  दुधारू पशु प्रदाय योजना से लाभान्वित मंजू भगत एवं अरुणा देवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इन गायों से प्राप्त दूध के विक्रय से वे अब अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने की खुशी के साथ-साथ गाय की सेवा कर पुण्य अर्जित करने का संतोष भी उन्हें प्राप्त हो रहा है।

*पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड में पशुओं के देखभाल सहित मिलेगी अन्य जानकारियां*

 पशुपालक स्वास्थ्य कार्ड की शुरुआत प्रथम चरण में जिले के 40 गांवों के लगभग 21 हजार पशुपालकों को दी जाएगी। इस कार्ड के माध्यम से पशुओं की देखभाल, स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं आहार संबंधी समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पशुपालकों को वैज्ञानिक ढंग से पशुपालन करने में सहायता मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।

*हितग्राहियों को एक वर्ष तक मिलेगा बीमा सहित अनेक सुविधाओं का लाभ*

डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग की पात्र महिलाओं को साहिवाल नस्ल की दो दुधारू गायें प्रदान की जाती हैं। इसके साथ ही हितग्राहियों को एक वर्ष की अवधि के लिए निशुल्क गाय बीमा, पशु स्वास्थ्य की निगरानी हेतु पशु निगरानी उपकरण, प्रति पशु प्रतिदिन 5 किलोग्राम साइलेज चारा, 2 किलोग्राम पशु आहार तथा 50 ग्राम खनिज मिश्रण उपलब्ध कराया जाता है।
इसके अतिरिक्त पशु प्रेरण से पहले और बाद में वैज्ञानिक पशु प्रबंधन प्रथाओं पर किसानो को प्रशिक्षण, शासकीय पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु उपचार, कृत्रिम गर्भधान एवं पशु टीकाकरण सहित सभी सुविधाए दी जाती है।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बगिया बनेगा प्रदेश का मॉडल सिंचाई क्लस्टर,समृद्धि–एमकैड योजना से बदलेगी बगिया की तस्वीर, 13 गांवों तक पहुँचेगी आधुनिक पाइपलाइन सिंचाई सुविधा

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समृद्धि–कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एमकैड) योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की मोहनपुरा एवं कुंडलिया वृहद सिंचाई परियोजनाओं का अध्ययन भ्रमण कर लौटे जशपुर जिले के किसानों के दल से आत्मीय संवाद कर उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री ने किसानों से पाँच दिवसीय अध्ययन यात्रा के दौरान देखी गई व्यवस्थाओं, तकनीकों और वहाँ के ग्रामीण जीवन से जुड़ी जानकारियाँ विस्तार से पूछा और चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि समृद्धि–एमकैड योजना के क्रियान्वयन से बगिया क्लस्टर के प्रत्येक गांव को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक से खेतों तक पानी पहुँचेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में स्थायी सुधार आएगा। उन्होने कहा कि किसानों के अनुभव इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना जशपुर के लिए एक मॉडल सिंचाई परियोजना सिद्ध होगी।

*किसानों ने साझा किए अध्ययन भ्रमण के अनुभव* - 
अध्ययन भ्रमण दल में शामिल ग्राम नरियरडांड की किसान नेहा गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मोहनपुरा–कुंडलिया परियोजना में ड्रिप लाइन और फव्वारा पद्धति से सिंचाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि वहाँ अधिकारियों ने जल प्रबंधन प्रणाली को विस्तार से समझाया और यह जानकारी दी कि किस प्रकार मोबाइल के माध्यम से पाइप लाइन को ऑन-ऑफ किया जाता है। नेहा गुप्ता ने कहा कि इसी प्रकार की सुविधा बगिया क्लस्टर के 13 गांवों में मिलने से आजीविका को बड़ा संबल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया। ग्राम बांसबहार के किसान शिवशंकर साय ने बताया कि अध्ययन भ्रमण के दौरान मोहनपुरा बांध और पाइपलाइन नेटवर्क का अवलोकन कराया गया। उन्होंने कहा कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा पूरे भ्रमण के दौरान मार्गदर्शन किया गया। वहाँ के ग्रामीणों द्वारा किया गया आदर-सत्कार और खेती की उन्नत पद्धतियाँ देखकर मन अत्यंत प्रसन्न हुआ। उन्होंने कहा कि पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन में भी आधुनिक सिंचाई तकनीक के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर फसल उत्पादन संभव है। शिवशंकर साय ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस योजना से सभी किसानों को समान रूप से लाभ मिलेगा। ग्राम चोंगरीबहार के किसान संजीवन कुमार राम ने बताया कि जिस क्षेत्र में पहले जमीन उपजाऊ नहीं होने के कारण खेती संभव नहीं थी, वहाँ अब आधुनिक सिंचाई व्यवस्था से खेती-बाड़ी हो रही है। इससे गांव में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और लोग आजीविका से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव देखकर बगिया क्लस्टर के लिए भी नई उम्मीद जगी है।

*मुख्यमंत्री का संदेश - किसान होंगे परियोजना के सहभागी* - 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य किसानों को केवल लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें परियोजना का सक्रिय सहभागी बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि भ्रमण से लौटे किसान अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा करेंगे, जिससे समृद्धि–एमकैड योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनेगा।

उल्लेखनीय है कि समृद्धि–एमकैड योजना के तहत बगिया क्लस्टर के 13 ग्रामों में मैनी नदी से दाबयुक्त पाइपलाइन सिंचाई प्रणाली के माध्यम से 4,831 हेक्टेयर क्षेत्र को खरीफ और रबी दोनों मौसमों में सुनिश्चित सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। परंपरागत नहर प्रणाली के स्थान पर पाइप आधारित नेटवर्क से जल की प्रत्येक बूंद का वैज्ञानिक और नियंत्रित उपयोग संभव होगा। इस प्रकार, किसानों के अनुभव और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन से बगिया क्लस्टर को प्रदेश का आदर्श और मॉडल सिंचाई क्षेत्र बनाने की दिशा में एक और सशक्त कदम आगे बढ़ चुका है।

और भी

जशपुर की जनजातीय कला पहुँचेगी देश-दुनिया तक : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में रेयर प्लेनेट से ऐतिहासिक एमओयू, अब जशपुर की आदिवासी महिलाओं के हस्तशिल्प देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर बिकेंगे

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ वन विभाग की पहल पर जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण और वन आधारित आजीविका को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में विगत दिवस बगिया में रेयर प्लेनेट संस्था तथा जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों जागरण, स्माईल आरती, राखी एवं मुस्कान समूह के मध्य जशक्राफ्ट ब्रांड के उत्पादों के विपणन हेतु अनुबंध समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के अंतर्गत अब जशपुर की जनजातीय महिलाओं द्वारा बांस , छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से निर्मित हस्तशिल्प, आभूषण एवं सजावटी उत्पाद देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर संचालित रेयर प्लेनेट के बिक्री केंद्रों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्व-सहायता समूहों को स्थायी बाज़ार, बेहतर मूल्य तथा नियमित आय का अवसर प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एमओयू को जशपुर की महिलाओं के लिए एक निर्णायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि जशक्राफ्ट जैसे ब्रांड के माध्यम से हमारी आदिवासी बहनों की कला अब देशभर के लोगों तक पहुँचेगी। यह केवल उत्पादों की बिक्री नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की मजबूत नींव है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वन एवं परंपरागत ज्ञान आधारित आजीविका को बाजार से जोड़ा जाए, ताकि महिलाएं अपने गांव में रहकर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह एमओयू ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करता है तथा जशपुर की जनजातीय महिलाओं को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक ठोस पहल है। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित स्व सहायता समूह की महिलाएं एवं रेयर प्लैनेट संस्था के प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

*पुस्तक विमोचन और जशक्राफ्ट उत्पादों की सराहना* - 
कार्यक्रम के दौरान  मुख्यमंत्री द्वारा “जशक्राफ्ट” पर आधारित विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने जशक्राफ्ट के अंतर्गत तैयार किए गए आभूषणों एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन कर उनकी गुणवत्ता, कलात्मकता और नवाचार की प्रशंसा की। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी एवं विधायक श्रीमती गोमती साय का जशक्राफ्ट ब्रांड के पारंपरिक आभूषण पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। जो महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संस्कृति के सम्मान का प्रतीक बना।
इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा जशक्राफ्ट ब्रांड के प्रचार-प्रसार हेतु तैयार वीडियो का भी विमोचन किया गया, जिससे जशक्राफ्ट को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

*जशक्राफ्ट: जशपुर की सांस्कृतिक विरासत से जन्मा सशक्त ब्रांड* - 

उल्लेखनीय है कि जशक्राफ्ट केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की अभिव्यक्ति है। जिले की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या जनजातीय समुदायों से आती है, जहाँ पीढ़ियों से बाँस, कांसा घास, छिंद पत्ते, लकड़ी और मिट्टी से हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ तैयार की जाती रही हैं। पूर्व में संगठित व्यवस्था और बाज़ार की कमी के कारण कारीगरों की प्रतिभा सीमित रह जाती थी। जिला प्रशासन की पहल से जशक्राफ्ट के रूप में ऐसा मंच तैयार हुआ, जो जशपुर के आठों विकासखंडों के कारीगरों को एकजुट कर उनकी कला को पहचान, संरक्षण और बाज़ार उपलब्ध करा रहा है।
इस पहल के केंद्र में आदिवासी महिला कारीगर हैं, जिनके हाथों से बिना मशीनों के बने उत्पाद परंपरा, प्रकृति और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हैं। जशक्राफ्ट आज स्वदेशी ज्ञान से आकार लेते हुए एक टिकाऊ और सम्मानजनक आजीविका मॉडल के रूप में उभर रहा है।

वनमण्डलाधिकारी जशपुर वनमण्डल जशपुर ने बताया कि वन विभाग द्वारा संचालित यह पहल महिला स्वावलंबन, वन आधारित आजीविका और स्थानीय उत्पादों के राष्ट्रीय बाजारीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जो आने वाले समय में जशपुर को हस्तशिल्प के मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगी।

और भी

सामाजिक भवन कुनकुरी में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनी जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती, समाज के सभी ब्लॉक पदाधिकारी रहे मौजूद

कुनकुरी में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती मनाई गई

कुनकुरी, 24 जनवरी 2026 :
शनिवार को सामाजिक भवन कुनकुरी में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में जशपुर जिला समाज संगठन के सभी ब्लॉक के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सभापति श्री मुल्तान पवार ने की। उप-सभापति एवं समाज के जिला उपाध्यक्ष श्री प्रकाश ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे। मंच संचालन समाज संगठन के वरिष्ठ संरक्षक श्री बद्रीनाथ श्रीवास ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर की गई। इसके पश्चात वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और समाज के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।

जिला अध्यक्ष श्री उमा शंकर ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्म के साथ-साथ जीवन का एक लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी का जीवन संघर्ष, दृढ़ संकल्प और जनसेवा की भावना से भरा रहा है, जिससे समाज को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

वरिष्ठ संरक्षक श्री बद्रीनाथ श्रीवास ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी ने कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए कभी हार नहीं मानी। एक गरीब परिवार में जन्म लेकर उन्होंने अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर बिहार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद तक दो बार पहुंचकर इतिहास रचा। उन्होंने कहा कि समाज को उनके आदर्शों को अपनाना चाहिए।

जिला कोषाध्यक्ष श्री हरिहर ठाकुर ने समाज में एकता बनाए रखने पर जोर दिया। जिला सचिव श्री चंदन कुमार ठाकुर ने केश शिल्पी कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि समाज के युवक-युवतियों को सैलून एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण हेतु तीन माह का निःशुल्क कोर्स उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें रहने-खाने की व्यवस्था भी निःशुल्क है।

कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से संगठनात्मक नियुक्तियां की गईं। श्री रवि ठाकुर को सैलून संघ का जिला अध्यक्ष, श्री संदीप कुमार श्रीवास को जिला उपाध्यक्ष, श्री कैलाश ठाकुर को जिला उपाध्यक्ष सचिव, श्री कलिंदर ठाकुर को सह-सचिव तथा श्री राजेंद्र ठाकुर को दायित्व सौंपा गया।

युवा प्रकोष्ठ में श्री सुजीत कुमार ठाकुर को जिला सचिव एवं श्री खिरोधर श्रीवास को जिला सह-सचिव बनाया गया।

कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती अनुपमा ठाकुर, समाज संगठन के जिला उपाध्यक्ष श्री प्रकाश ठाकुर, युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष श्री रिंकू श्रीवास, दुलदुला ब्लॉक से लव कुश ठाकुर, विक्की कुमार ठाकुर, महिला मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा ठाकुर, श्रीमती बबिता देवी, पत्थलगांव ब्लॉक अध्यक्ष श्री धवर साय श्रीवास, बजरंग श्रीवास, ओम श्रीवास, बबलू श्रीवास, फरसाबहार ब्लॉक अध्यक्ष श्री राम ठाकुर, कांसाबेल सैलून संघ ब्लॉक अध्यक्ष श्री राजू ठाकुर, बगीचा ब्लॉक से बिरजू ठाकुर, कुनकुरी ब्लॉक अध्यक्ष श्री संतोष ठाकुर सहित ब्रह्मदेव ठाकुर, विजय ठाकुर, दीपक ठाकुर, आशीष कुमार ठाकुर, सुनील कुमार ठाकुर, दिलीप ठाकुर, फूलचंद ठाकुर, मेवालाल श्रीवास, दौलत ठाकुर एवं सुरेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांसाबेल में जनप्रतिनिधियों संग सुनी ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी,मन की बात देश की सामूहिक चेतना, नागरिक कर्तव्य और जनभागीदारी का उत्सव

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल में जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की रेडियो वार्ता ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह देश की सकारात्मक सोच, नागरिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने वाला मंच है। आज की कड़ी में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता बनना किसी भी नागरिक के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है और इसे उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही मतदाता पंजीयन कराने की अपील की और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया की 10 वर्षों की यात्रा का स्मरण करते हुए बताया कि आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने युवाओं द्वारा एआई, अंतरिक्ष विज्ञान, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की और गुणवत्ता को देश के विकास का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि अब हर भारतीय उत्पाद की पहचान टॉप क्वालिटी से होनी चाहिए।

     प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में जनभागीदारी से हुए जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया। उत्तर प्रदेश की तमसा नदी के पुनर्जीवन, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जलाशयों के संरक्षण, अरुणाचल प्रदेश और असम में युवाओं द्वारा स्वच्छता अभियान, तथा पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के व्यक्तिगत प्रयासों को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि देशभर में अब तक 200 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है, जो पर्यावरण के प्रति बढ़ती जन-जागरूकता का प्रतीक है। साथ ही प्रधानमंत्री ने श्रीअन्न (मिलेट्स) को पोषण और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और सामूहिक प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने गुजरात के सामुदायिक किचन, जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति के प्रयास, तथा मलेशिया में भारतीय संस्कृति के संरक्षण जैसे उदाहरणों के माध्यम से भारतीय मूल्यों की वैश्विक पहचान को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए ये सभी उदाहरण यह दर्शाते हैं कि जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्यबोध से देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री के संदेशों को आत्मसात कर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक सहभागिता और गुणवत्ता आधारित कार्य संस्कृति को अपनाने की अपील की। इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

और भी

150 करोड़ की लागत से 100 एकड़ में बनेगी चित्रोत्पला फिल्म सिटी, छत्तीसगढ़ की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

चित्रोत्पला फिल्म सिटी छत्तीसगढ़ की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को देगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

फिल्म सिटी और कल्चरल कन्वेंशन सेंटर से युवाओं, कलाकारों और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का किया भूमि पूजन

फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में मिलेगी विशेष पहचान

150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 100 एकड़ में विकसित होगी फिल्म सिटी

रायपुर 24 जनवरी 2026//
छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम माना-तूता में चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों, फिल्म कलाकारों, निर्माता-निर्देशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के अभिनय और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के माध्यम से प्रदेश के हजारों हुनरमंद कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। स्थानीय फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की कला और कलाकारों को उचित सम्मान मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन के साथ ही फिल्म निर्माण और कन्वेंशन सेंटर से संबंधित विभाग को चार प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों को नई गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर स्थान मिलेगा।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज का यह अवसर छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं फिल्म विकास उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और रचनात्मक भविष्य की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण राज्य है और इस पहल से पर्यटन के साथ-साथ फिल्म उद्योग को भी नया आयाम मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। हमारी स्पष्ट योजना है कि आगामी दो वर्षों के भीतर इन परियोजनाओं को पूर्ण कर राज्य को समर्पित किया जाएगा।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल तथा पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री ने फिल्म सिटी के प्रस्तावित मास्टर प्लान का किया अवलोकन*

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने परियोजना के प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा परियोजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी देखी।

*चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन अवसर पर पर्यटन विभाग को मिले 4 प्रस्ताव*

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन के साथ ही पर्यटन विभाग को फिल्म निर्माण एवं कन्वेंशन सेंटर में इकाइयों की स्थापना हेतु चार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। समारोह के दौरान ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे गए।
गदर फिल्म के निर्माता श्री अनिल शर्मा ने अपनी आगामी फिल्म का निर्माण चित्रोत्पला फिल्म सिटी में करने का प्रस्ताव दिया। इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमेन श्री राकेश कुमार ने ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में इंटरनेशनल एक्जीबिशन सेंटर एवं ट्रेड मार्ट के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के चेयरमेन श्री नीरज खन्ना ने यहां वर्ल्ड क्लास हैंडीक्राफ्ट्स एंड गिफ्ट फेयर आयोजित करने का प्रस्ताव दिया। वहीं एटी फिल्म्स हॉलीवुड से श्री आशुतोष वाजपेयी ने हॉलीवुड फिल्मों एवं स्ट्रीमिंग वीडियो कंटेंट को चित्रोत्पला फिल्म सिटी में लाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपा।

उल्लेखनीय है कि राज्य में फिल्म टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की “कैपिटल इन्वेस्टमेंट हेतु राज्यों को विशेष सहायता – ग्लोबल स्तर के आइकॉनिक पर्यटन केंद्रों का विकास” योजना के अंतर्गत इन दोनों परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण हेतु 95.79 करोड़ रुपये तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण हेतु 52.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र से लगभग 300 करोड़ रुपये के निवेश की भी संभावना है। परियोजनाओं को दो वर्षों की समयावधि में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे। फिल्म सिटी के निर्माण से छत्तीसगढ़ में स्थानीय एवं अन्य वाणिज्यिक फिल्मों और वेब सीरीज़ के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य के प्राकृतिक दृश्य, पर्यटन स्थल एवं समृद्ध संस्कृति फिल्म शूटिंग के लिए अत्यंत अनुकूल हैं।

फिल्म सिटी में गांव, शहर एवं गलियों के सेट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, जेल एवं पुलिस चौकी, स्कूल-कॉलेज, मंदिर एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के सेट, स्कल्प्चर गार्डन, शॉपिंग स्ट्रीट, प्रोडक्शन ऑफिस, स्टूडियो, प्रशासनिक भवन एवं पार्किंग विकसित की जाएगी। साथ ही पर्यटकों के लिए टॉय म्यूजियम, स्नो वर्ल्ड, होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स एवं एक्सपीरियंस सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में लगभग 1500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक कन्वेंशन हॉल विकसित किया जाएगा, जिसमें मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, बैंक्वेट, रेस्टोरेंट, अतिथि कक्ष, जिम, लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल एवं प्रशासनिक ब्लॉक जैसी सुविधाएं होंगी।

*फिल्म शूटिंग, फेस्टिवल और रोजगार के नए अवसर*

उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ में न्यूटन, जहानाबाद, कौन प्रवीण तांबे, द ग्रेट इंडियन मर्डर, ग्राम चिकित्सालय जैसी फिल्मों एवं वेब सीरीज़ की शूटिंग हो चुकी है, जिससे राज्य में वाणिज्यिक फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं स्पष्ट होती हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को नए अवसर प्राप्त होंगे। फिल्म फेस्टिवल, अवॉर्ड शो एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी। इसके साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार होगा तथा फिल्म टूरिज्म के साथ सामान्य पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोतबावासियों को स्वच्छ पेयजल की दी बड़ी सौगात,9.85 करोड़ की जल आवर्धन योजना का किया लोकार्पण,8,500 से अधिक नागरिकों को मिलेगा घर-घर शुद्ध पेयजल

​जशपुर, 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिले के विकास की कड़ी में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए नगर पंचायत कोतबा में जल आवर्धन योजना' का विधिवत लोकार्पण किया। लगभग 9.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कोतबावासियों को शुद्ध पेयजल की इस नई सुविधा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस योजना के प्रारंभ होने से क्षेत्र की लगभग 8,580 की आबादी के लिए शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। 

लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार "हर घर जल" के संकल्प को तेजी से पूरा कर रही है। कोतबा की इस योजना से न केवल लोगों को स्वच्छ पानी मिलेगा, बल्कि जलजनित बीमारियों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि शुद्ध जल न केवल एक आवश्यकता है, बल्कि यह एक स्वस्थ जीवन का आधार भी है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र वासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह योजना आप सभी के जीवन में समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य लेकर आए।" मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार हर गांव और हर घर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है।

*​योजना का तकनीकी स्वरूप और विस्तार*

​लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पूर्ण की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत लगभग 9.85 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने आज लोकार्पण के साथ ही इस योजना को विधिवत रूप से जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है।
​परियोजना के तहत तकनीकी बुनियादी ढांचे को बेहद मजबूत बनाया गया है। इसमें एक आधुनिक इंटेक वेल और पंप हाउस निर्माण के साथ ही 1.50 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का जल शुद्धीकरण संयंत्र स्थापित किया गया है, जो पानी की गुणवत्ता को मानकों के अनुरूप बनाए रखेगा। स्वच्छ जल के भंडारण के लिए 350 किलो लीटर क्षमता की विशाल आरसीसी उच्च स्तरीय टंकी (16 मीटर ऊंचाई) का निर्माण किया गया है।
​क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पानी पहुँचाने के लिए विभाग ने पाइपलाइन का एक विस्तृत नेटवर्क तैयार किया है। इस वितरण प्रणाली के अंतर्गत क्षेत्र की विभिन्न गलियों और वार्डों में कुल 32,178 मीटर (32.17 किमी) लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। स्रोत से पानी लाने एवं शुद्धिकरण के लिए 20 एचपी क्षमता के शक्तिशाली 02 रॉ वाटर सेंट्रीफ्यूगल पंप एवं 02 नग क्लीयर वाटर सेंट्रीफ्यूगल पम्प का उपयोग किया गया है। इस नेटवर्क में 100 मिमी से लेकर 200 मिमी व्यास के टिकाऊ डी.आई. पाइपों का उपयोग किया गया है, ताकि पानी का दबाव बना रहे और भविष्य की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके। विद्युत की सुचारू आपूर्ति हेतु सबस्टेशन स्थापित कर 25 केवीए के 02 नग ट्रांसफार्मर लगाए गए है।

*ग्रामीणों में हर्ष की लहर*
शुद्ध पेयजल की इस बड़ी सौगात से उत्साहित कोतबा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आत्मीय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके इस सराहनीय प्रयास से अब घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुँचने का सपना साकार हो गया है।"

​लोकार्पण समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय  विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर सरगुजा श्री  नरेंद्र दुग्गा, आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डीआईजी श्री शशि मोहन सिंह, डीएफओ जशपुर श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, नगर पंचायत कोतबा के अध्यक्ष श्री हितेंद्र कुमार पैंकरा,  अन्य विभागीय अधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

और भी

मुख्यमंत्री ने पत्थलगांव के प्रेस क्लब का किया लोकार्पण ,पत्थलगांव प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद 

जशपुर 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पत्थलगांव विकास खंड के ग्राम कोतबा में प्रेस क्लब भवन पत्थलगांव का किया शुभारंभ। 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को नगर पंचायत कोतबा के हाईस्कूल ग्राउंड में जिले को करोड़ों की सौगात दी। इस दौरान जहां कई विकास कार्यों की नींव रखी गई वही कई योजनाओं के तहत कराए गए निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। गौरतलब है कि पत्थलगांव के प्रेस क्लब भवन का शासन की लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता के संरक्षण और संवर्धन की योजना के तहत 25 लाख रु की लागत से निर्माण कराया गया है। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद से ही इसके लोकार्पण का पत्थलगांव के साथ ही पूरे जिले के पत्रकारों को बेसब्री से इंतजार था। शनिवार को नगर पंचायत कोतबा के हाईस्कूल में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में इसका भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा लोकार्पण किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशिष्ट अतिथि के रूप में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय के साथ ही कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में प्रेस क्लब पत्थलगांव के अध्यक्ष विजय त्रिपाठी, गोविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार चेतवानी, अतुल त्रिपाठी, सचिव राजेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी रमेश तिवारी, संयुक्त सचिव निसामुद्दीन खान, छत्रमोहन यादव, नीरज गुप्ता, शिव प्रताप सिंह, जितेंद्र सोनी, श्याम चौहान, अभिषेक शुक्ला, प्रदीप ठाकुर, विवेक तिवारी, सौरभ त्रिपाठी, आकाश शर्मा, बाबर खान, विकास शर्मा, कमलेश अंबष्ट, हरीश यादव, आयुष बंसल एवं अन्य पत्रकारगण उपस्थित रहे।

और भी