मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांसाबेल में जनप्रतिनिधियों संग सुनी ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी,मन की बात देश की सामूहिक चेतना, नागरिक कर्तव्य और जनभागीदारी का उत्सव
जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल में जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की रेडियो वार्ता ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह देश की सकारात्मक सोच, नागरिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने वाला मंच है। आज की कड़ी में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता बनना किसी भी नागरिक के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है और इसे उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही मतदाता पंजीयन कराने की अपील की और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया की 10 वर्षों की यात्रा का स्मरण करते हुए बताया कि आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने युवाओं द्वारा एआई, अंतरिक्ष विज्ञान, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की और गुणवत्ता को देश के विकास का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि अब हर भारतीय उत्पाद की पहचान टॉप क्वालिटी से होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में जनभागीदारी से हुए जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया। उत्तर प्रदेश की तमसा नदी के पुनर्जीवन, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जलाशयों के संरक्षण, अरुणाचल प्रदेश और असम में युवाओं द्वारा स्वच्छता अभियान, तथा पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के व्यक्तिगत प्रयासों को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि देशभर में अब तक 200 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है, जो पर्यावरण के प्रति बढ़ती जन-जागरूकता का प्रतीक है। साथ ही प्रधानमंत्री ने श्रीअन्न (मिलेट्स) को पोषण और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और सामूहिक प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने गुजरात के सामुदायिक किचन, जम्मू-कश्मीर में नशा मुक्ति के प्रयास, तथा मलेशिया में भारतीय संस्कृति के संरक्षण जैसे उदाहरणों के माध्यम से भारतीय मूल्यों की वैश्विक पहचान को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए ये सभी उदाहरण यह दर्शाते हैं कि जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्यबोध से देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री के संदेशों को आत्मसात कर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक सहभागिता और गुणवत्ता आधारित कार्य संस्कृति को अपनाने की अपील की। इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
