मंत्रोच्चार, भक्ति संगीत और विशाल भंडारे के साथ श्रीहनुमान मंदिर का दूसरा स्थापना दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया,कड़ाके की ठंड में भी नहीं डगमगाई आस्था, हवन-पूजन और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ जशपुर
मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत के बीच श्रीहनुमान मंदिर का दूसरा स्थापना दिवस श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया
भंडारा में उमड़ा आस्था का सैलाब, कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
हनुमान भक्ति से गूंज उठा सीटी कोतवाली परिसर, भक्तिमय हुआ नगर का माहौल

जशपुरनगर, 17 जनवरी 2026/ शहर के सीटी कोतवाली परिसर में स्थित भगवान श्रीहनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन संपन्न हुआ तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें शहर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई थी। पुरोहितों के नेतृत्व में वैदिक विधि से भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की गई। हवन-पूजन के पश्चात दोपहर 11 बजे से भंडारे की शुरुआत हुई, जो देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालु अनुशासित ढंग से कतार में खड़े होकर प्रसाद ग्रहण करते नजर आए।
उल्लेखनीय है कि इस मंदिर का निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा वर्ष 2024 में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी रविशंकर तिवारी द्वारा शहरवासियों के सहयोग से कराया गया था। बीते दो वर्षों में यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर नगरवासियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन एवं भजन-कीर्तन के लिए पहुंचते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है।
कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत, जय श्रीराम और जय बजरंगबली के उद्घोष से मंदिर परिसर और आसपास का इलाका गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से भगवान हनुमान से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
इस धार्मिक आयोजन में एसएसपी शशि मोहन सिंह, एएसपी राकेश पाटनवार, एसडीओपी सी.एस. परमा, कोतवाली प्रभारी मोरध्वज देशमुख सहित पुलिस विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया।
स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर नगरवासियों ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए इसे आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।

