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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में द्वितीय पालक-शिक्षक बैठक सम्पन्न

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में द्वितीय पालक-शिक्षक बैठक सम्पन्न

जशपुर 31 अक्टूबर 2025 : शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को द्वितीय पालक-शिक्षक बैठक (Parent-Teacher Meeting) का सफल आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, उपस्थिति तथा सर्वांगीण विकास पर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य श्री तिनतियुस टोप्पो, के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “विद्यालय और घर, दोनों ही बच्चे के जीवन के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जब पालक और शिक्षक एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब ही विद्यार्थी अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ते हैं।” बैठक में कक्षा-वार विद्यार्थियों की तिमाही परीक्षा परिणाम  रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

     शिक्षकों ने अभिभावकों को विद्यार्थियों की अध्ययन स्थिति, परीक्षा परिणाम और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया। अभिभावकों ने भी विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और विद्यार्थियों के व्यवहार पर अपने सुझाव दिए तथा विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर विद्यार्थी , शिक्षक, अभिभावक सभी ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ ली। माहौल प्रेरणादायक रहा।

    प्रधानाचार्य ने सभी अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों के उज्जवल भविष्य हेतु सदैव तत्पर रहेगा और पालक-शिक्षक संवाद इसी तरह निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्रीमती निर्मला भगत, दिनेश कुमार राम, शुकदेव कुमार कुर्रे, रामपति सायं पैकरा, रोपना उरांव, अजित मिश्रा,सुसन्ना तिर्की, संजय भगत (एसएमडीसी सदस्य) अभिभावक राजबल निराला, श्रीमती संतोषी बाई, पेट्रोल राम, दिलीप कुमार, सरोज भगत, सेवंती भगत उपस्थित थे।

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मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य के निष्पादन हेतु अंग्रेजी माध्यम स्कूल मनोरा में प्रशिक्षण 01 नवम्बर को

जशपुरनगर 31 अक्टूबर 2025/ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रायपुर के द्वारा दिये गये निर्देशानुसार निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण अर्हता तिथि 01 जनवरी 2025 के संदर्भ में 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025 तक मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य बी.एल.ओ.व अविहित अधिकारियों के माध्यम से घर-घर जाकर किया जाना है। 
             तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी मनोरा ने गहन पुनरीक्षण कार्य हेतु प्रत्येक 10 मतदान केन्द्र पर एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है एवं प्रभारी अधिकारी के नियंत्रण में नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, बी०एल०ओ० सुपरवाईजर, अविहित अधिकारी, बी०एल०ओ० कार्य करेंगे जिस हेतु पृथक से नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। उक्त कार्य के निष्पादन हेतु  01 नवम्बर 2025 को स्वामी आत्मानंद हिन्दी, अंग्रेजी माध्यम स्कूल मनोरा में 12.00 बजे से प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल :– फरसाबहार में खुलेगा सत्यसाईं मातृत्व शिशु अस्पताल, पांच एकड़ जमीन चिन्हांकित, क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात........


जशपुरनगर 31 अक्टूबर 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं नए आयाम गढ़ रही हैं। अब जिले के फरसाबहार क्षेत्र में देश की प्रसिद्ध समाजसेवी संस्था सत्यसाईं ट्रस्ट की ओर से मातृत्व शिशु चिकित्सालय अत्याधुनिक बाल हृदय रोग चिकित्सा उपचार अस्पताल की स्थापना की जा रही है। इस अस्पताल के लिए जिला प्रशासन ने पांच एकड़ भूमि का चिन्हांकन कर लिया है, और जब तक स्थायी भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक संस्था फरसाबहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अस्थायी तौर पर अस्पताल का संचालन करेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा फरसाबहार में आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प शिविर के दौरान की। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर स्थित सत्यसाईं अस्पताल देशभर में अपने नि:स्वार्थ सेवा कार्यों के लिए प्रसिद्ध है — जहां बच्चों के हृदय रोग का उपचार पूरी तरह निशुल्क किया जाता है। इस अस्पताल में किसी प्रकार का कैश काउंटर तक नहीं है। अब तक वहां 40 हजार से अधिक बच्चों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है।मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सत्यसाईं ट्रस्ट की इस सेवा भावना से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस अस्पताल का निरीक्षण करने जा रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर ट्रस्ट के संचालकों से जशपुर जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में योगदान देने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री की इस अपील पर ट्रस्ट ने फरसाबहार में अस्पताल खोलने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि,जिले के लिए यह अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं है। इसके शुरू होने से जशपुर के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों — ओडिशा और झारखंड —के सीमावर्ती इलाकों के बच्चों को भी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं निःशुल्क मिल सकेंगी।

 *जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा है व्यापक विस्तार*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिसंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद से जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए गए हैं।जिले को कुनकुरी मेडिकल कॉलेज – मुख्यमंत्री साय के पहले बजट में कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज की घोषणा कर जिले का दशकों पुराना सपना पूरा हुआ।प्रथम चरण में 220 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत।संचालन हेतु 90 पदों की स्वीकृति दी गई।चराईडांड में भवन निर्माण हेतु भूमि चिन्हांकित भी की गई है।अस्थायी रूप से राजा देवशरण जिला चिकित्सालय में संचालन की प्रक्रिया जारी।जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय, जशपुरनगर – 35 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य प्रगति पर।सीटी स्कैन, आधुनिक आपातकालीन चिकित्सा सहित उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
गिनाबहार मातृ-शिशु अस्पताल (MCH) – गर्भवती माताओं व नवजात शिशुओं के लिए उच्च स्तरीय सुविधा केंद्र निर्माणाधीन।
नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना – स्वास्थ्य शिक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम।कुनकुरी में डायलिसिस केंद्र शुरू – किडनी से पीड़ित मरीजों को मिल रही है निःशुल्क डायलिसिस सेवा।जिले में6 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उन्नत किया गया, वहीं जिले में एंबुलेंस की संख्या में वृद्धि और चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति से सेवा पहुंच में तेजी आई है।मुख्यमंत्री साय की इस संवेदनशील पहल से स्पष्ट है कि सरकार जशपुर को प्रदेश का स्वास्थ्य सेवा मॉडल जिला बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। सत्यसाईं ट्रस्ट के अस्पताल की स्थापना से अब आदिवासी अंचल में भी विश्वस्तरीय उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी वह भी पूरी तरह निःशुल्क और सेवा भावना के साथ।

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सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन, राष्ट्रीय एकता दिवस पर पुलिस सहित छात्र छात्राओं ने लगाई एकता की दौड़,दिलाई गई शपथ

नारायणपुर 31 अक्टूबर 2025 : देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के 150 वीं जयंती के अवसर पर थाना नारायणपुर के द्वारा आज राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता दौड़ का आयोजन किया गया। जिसमे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र छात्राओं ने  आयोजित ’रन फॉर यूनिटी’ में शामिल होकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया। 
  
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर शुक्रवार को नारायणपुर में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन, स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस थाना परिसर से हुआ, जहां थाना प्रभारी सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, स्कूली बच्चे, शिक्षक और नागरिक इसमें शामिल हुए। जैसे ही दौड़ का शुभारंभ हुआ, प्रतिभागियों ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत, "जय सरदार पटेल" और वंदे मातरम् के नारों से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

   रन फॉर यूनिटी का कारवां जय स्तम्भ चौक से रवाना होकर नगर के प्रमुख मार्गों अटल चौराहा, बस स्टैंड रोड होते हुए स्कूल परिसर तक पहुंचा। यहां अधिकारियों और प्रतिभागियों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को नमन किया।

थाना नारायणपुर के द्वारा स्कूल में कराई गई प्रतियोगिता

जयंती समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस मौके पर थाना प्रभारी के मार्ग दर्शन में विभिन्न कार्यक्रम जैसे रंगोली प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता निबंध, वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन  विद्यालय में किया गया। इस निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कु.अन्नया नायक,द्वितीय ऋतिक राम,तृतीयआसुदेव राम चित्रकला में अभय महतो-प्रथम,कुमारी जयंती बाई-द्वितीय, शिवप्रसाद बैगा-तीसरा स्थान प्राप्त किया।रंगोली प्रतियोगिता में संगम भगत-प्रथम चंचल प्रजापति-द्वितीय कु.मीना प्रजापति-तीसरा स्थान प्राप्त किया।
 विजेता छात्र छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।

सरदार पटेल जयंती पर थाना परिसर में पौधा रोपण

शुक्रवार को भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पौधा रोपण का कार्य किया गया, जयंती समारोह की शुरुआत सुबह 10 बजे मानव श्रृंखला बनाकर हुई। 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम में भारी संख्या में  लोगों ने भाग लिया।इसी क्रम में, नारायणपुर थाना परिसर में थाना प्रभारी श्री कश्यप, हवलदार पुरन पटेल, भाजपा नेता गोपाल यादव,ग्रामीण युवा मंडल उपाध्यक्ष  तुलेश्वर यादव,यशवंत यादव  के साथ वृक्षारोपण किया।

प्रभारी ने दिलाई राष्टीय एकता दिवस की शपथ

राष्ट्रीय एकता दिवस और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी ने  राष्ट्र निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल के अमूल्य योगदान को नमन किया। इस अवसर पर पुलिसकर्मियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई। सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प लिया।

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केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात

 

रायपुर 31 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जुएल ओराम का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम से छत्तीसगढ़ में जनजातियों के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने श्री ओराम को राज्य में आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सहित समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने श्री ओराम को बताया कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति बहुत समृद्ध है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री ओराम ने राज्य में आदिवासी उत्थान की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। 

 इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव और श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

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राष्ट्रीय एकता दिवस पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने दिलाई एकता व अखंडता की शपथ

जशपुरनगर, 31 अक्टूबर 2025/ देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आज राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिला कार्यालय परिसर में समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम में अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए स्वयं को समर्पित करने तथा देशवासियों के बीच एकता का संदेश फैलाने की शपथ ली।
इस दौरान अधिकारी-कर्मचारियों ने अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईमानदारी व निष्ठा से योगदान देने का संकल्प भी लिया।

इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कुनकुरी क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी सौगात — मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए दी 37 करोड़ 9 लाख रुपए की मंजूरी, क्षेत्र के किसानों ने जताया आभार......

जशपुरनगर 31 अक्टूबर 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक और बड़ा कदम उठाते हुए जशपुर जिले के विकासखंड कुनकुरी की ईंब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के लिए ₹37 करोड़ 09 लाख 63 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। इस स्वीकृति से कुनकुरी क्षेत्र के हजारों किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।योजना के पूर्ण होने के बाद 3323 हेक्टेयर के विरुद्ध 1453 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी इजाफा होगा।

    कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ईब व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार से कृषि योग्य भूमि की सिंचाई क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार होगा। लंबे समय से मरम्मत की आवश्यकता को लेकर किसान मांग कर रहे थे, जिसे अब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूरा किया है।कुनकुरी क्षेत्र के किसानों ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उनका कहना है कि इस योजना के पुनर्जीवन से उनकी खेती फिर से सशक्त होगी और अब उन्हें सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

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मुख्यमंत्री श्री साय धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ आंवला वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की

रायपुर, 31 अक्टूबर 2025/ आंवला नवमी के पावन अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ आंवला वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आंवला नवमी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में आंवला वृक्ष को दिव्य और औषधीय गुणों  से युक्त माना गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, धन, आरोग्य और समृद्धि का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता है कि आंवला वृक्ष के नीचे भोजन करने और आंवला फल का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्राकृतिक एवं औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी संस्कृति का आधार है, और वृक्ष हमारे जीवन के पोषक हैं। वृक्षों की पूजा करने के साथ ही उन्हें सुरक्षित रखना भी हमारा सामूहिक दायित्व है।

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केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कवरेज वाली पंचायतों के सरपंच गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में होंगे सम्मानित

हर जिले से दो सर्वश्रेष्ठ पंचायतों का किया जायगा चयन

जशपुरनगर, 31 अक्टूबर 2025/ केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में “संतृप्ति” यानी पात्र लाभार्थियों का 90 प्रतिशत या उससे अधिक कवरेज करने वाले पंचायतों के सरपंचों को भारत सरकार के द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह 2026 के दिन विशेष अतिथि के रूप में सम्मानित किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा चयन के लिए नौ प्रमुख योजनाओं को चिन्हित किया गया है। इनमें हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मिशन इन्द्रधनुष, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, किसान क्रेडिट कार्ड योजना (कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन हेतु) और पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना शामिल है। 
    इन योजनाओं में से कम से कम छह योजनाओं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक कवरेज हासिल करने वाली पंचायतें जिला स्तर की प्रतियोगिता के लिए पात्र मानी जाएंगी। पात्र पंचायतों को उनके प्रदर्शन के अनुसार क्रमांकित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में जिला मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे। समिति में जिला पंचायत के सीईओ, पंचायती राज अधिकारी, डीआरडीए के परियोजना निदेशक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। 
    स्थानीय स्तर पर पंचायत द्वारा किए गए नवाचार, रचनात्मकता और सामुदायिक भागीदारी को भी 20 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज के रूप में शामिल किया जाएगा। समिति 30 नवंबर 2025 की स्थिति के आधार पर पंचायतों का मूल्यांकन करेगी और प्रत्येक जिले से दो सर्वश्रेष्ठ पंचायतों का चयन कर भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय को भेजेगी। अंतिम निर्णय मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। गणतंत्र दिवस 2026 के दिन इन चयनित पंचायतों के सरपंचों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। जिससे देशभर में उत्कृष्ट पंचायत कार्यों को प्रोत्साहन मिल सके।

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राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण,विविधता में एकता ही भारत की असली ताकत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 31 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि वे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने वाले ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने अपने अदम्य साहस और दृढ़ निष्ठा से देश की रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ राजधानी रायपुर के शास्त्री चौक से शारदा चौक तक आयोजित ‘एकता दौड़’ में शामिल होकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरदार पटेल को उनकी दूरदृष्टि और अद्भुत नेतृत्व क्षमता के कारण ही ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है। राष्ट्र को एकजुट करने के उनके प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर आज पूरे देश में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जा रहा है, जो राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत विविधताओं से परिपूर्ण देश है, और  'विविधता में एकता' की भावना हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह जोश सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने का प्रण लेने का आह्वान किया और सभी को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा तथा छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी,  जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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गुजरात की धरती पर बस्तर का सम्मान — एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी ने दिखाया विकास का नया मॉडल,नए झलक देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुए प्रभावित

एकता नगर (गुजरात), 31 अक्टूबर 2025-गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज आयोजित एकता परेड में इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” ने सभी का मन मोह लिया। यह झांकी छत्तीसगढ़ के जनजातीय जीवन, परंपराओं और विकास यात्रा का जीवंत प्रतीक बनकर उभरी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने परेड में सम्मिलित सभी झांकियों का अवलोकन किया और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों की सराहना की। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपने सौंदर्य, प्रतीकात्मकता और सशक्त संदेश से सबका ध्यान आकर्षित किया।

झांकी के अग्रभाग में पारंपरिक वेशभूषा में सजे माड़िया जनजाति के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गौर नृत्य ने बस्तर की आन-बान और सामूहिकता की भावना को सजीव कर दिया। उनके पास रखी पारंपरिक तुरही बस्तर के पर्वों की गूंज और लोक उल्लास की प्रतीक बनी। वहीं, नंदी का चित्रण बस्तर की गहरी लोक आस्था और शिव उपासना की परंपरा को अभिव्यक्त करता नजर आया।

झांकी के मध्य भाग में बस्तर के विकास और परिवर्तन की यात्रा को कलात्मक रूप में दर्शाया गया। कभी नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बस्तर आज तेजी से बदलते भारत का प्रतीक बन चुका है। अब यहाँ बंदूक की नहीं, विकास की गूंज सुनाई देती है।

झांकी के अंतिम भाग में टोकरी लिए महिला की प्रतिमा बस्तर की स्त्री शक्ति, श्रम और सृजनशीलता का प्रतीक बनी। संपूर्ण झांकी की ढोकरा शिल्पकला से की गई सजावट ने बस्तर के शिल्पकारों की अद्भुत कलात्मकता और परंपरागत कौशल को दर्शाया।

छत्तीसगढ़ की यह झांकी न केवल अपनी संस्कृति और कला में समृद्ध है, बल्कि यह बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव की कहानी भी कहती है। झांकी ने दिखाया कि आज का नया बस्तर परंपरा, प्रकृति और विकास का सुंदर संगम बन चुका है। कभी दुर्गम और पहुँच से दूर रहने वाले इलाकों में अब सड़कों का जाल बिछ गया है, जिन पर बच्चों के स्कूल जाने की चहल-पहल सुनाई देती है और स्कूलों में घंटियाँ बजने लगी हैं।

गांवों में बिजली की रौशनी और इंटरनेट की पहुँच ने नई आशाएँ जगाई हैं। युवाओं में कुछ करने, आगे बढ़ने का जोश दिखाई देता है। महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं—हस्तशिल्प, वनोपज , विभिन्न विकासात्मक योजनाओं ने उनके जीवन में नई दिशा दी है। लोग अब विकास पर भरोसा करने लगे हैं।

यह झांकी इस विश्वास का प्रतीक है कि बस्तर अब सिर्फ़ अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ते एक नए युग के लिए भी जाना जा रहा है।

एकता परेड के लिए झांकियों का चयन गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित एक उच्चस्तरीय समिति और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने देशभर के राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय संगठनों के प्रजेंटेशन देखे। हर राज्य ने अपनी थीम, मॉडल और विचार समिति के सामने प्रस्तुत किए। इसी प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की झांकी को उसकी मौलिकता, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास के जीवंत चित्रण के लिए चयनित किया गया।

अंतिम सूची में छत्तीसगढ़ के साथ एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार द्वीप, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुद्दुचेरी और उत्तराखंड की झांकियाँ शामिल हुईं।

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अक्षय नवमी पर्व पर महिलाओं ने की आंवला वृक्ष की पूजा

 

जशपुर 31 अक्टूबर 2025 : 
आंवला नवमी  आज मनाई   जा रही है । कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि से लेकर पूर्णिमा तिथि तक भगवान विष्णु आंवला के वृक्ष में निवास करते हैं इसलिए इस दिन आंवला के वृक्ष की पूजा अर्चना की जाती है.
मान्यता है इससे आरोग्य, सुख-शांति और अखंड सौभाग्य, संतान सुख की प्राप्ति  होता है. इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, कहते हैं इस दिन आंवला से कुछ खास उपाय करने पर मां लक्ष्मी अक्षय पुण्य प्रदान करती है, यानी जिसका कभी नाश नहीं होता.
     आंवला नवमी के दिन प्रातः काल स्नान करके पूजा करने का संकल्प लें. इसके बाद आंवले के वृक्ष के निकट पूर्व की ओर मुख करके शुभ मुहूर्त में जल अर्पित करें. आंवला के पेड़ पर मौली बांधकर भगवान विष्णु के मंत्र का जप करना चाहिए. भगवान की आरती के साथ ही पेड़ की 108 बार या 11 बार परिक्रमा करें. अब आंवले, वस्त्र, अन्न का दान करें. इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे ही भोजन करना चाहिए, भोजन में आंवला जरुर खाएं।
     आंवला नवमी के दिन श्रीहरि को आंवला अर्पित करें और फिर आंवले का दान करें. मान्यता है इससे देवी लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और धन-धान्य से घर भर जाता है. परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है.
     आंवला खाने से आयु  बढ़ती है. इस फल का रस पीने से धर्म-संचय होता है. आंवले के जल से स्नान करने से दरित्रता दूर होती है तथा सब प्रकार के ऐश्वर्य प्राप्त होते हैं. आंवले का दर्शन, स्पर्श तथा उसके नाम का उच्चारण करने से वरदायक भगवान श्री विष्णु अनुकूल हो जाते हैं.

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अवैध कच्ची महुवा शराब पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कुनकुरी के सुखबासु पारा में 10 लीटर महुआ शराब जब्त,एक आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल


जशपुर - 31 अक्टूबर 2025 : कुनकुरी पुलिस को मुखबीर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि, सुखबासु पारा, कुनकुरी, निवासी जीतू उर्फ डैनी, अपने साथ दो जरकिन में अवैध रूप से महुआ शराब भरकर, गड़ाकाटा  की ओर पैदल जा रहा है, व बिक्री हेतु ग्राहक तलाश रहा है, ।
            जिस पर कुनकुरी पुलिस के द्वारा, मुखबिर की सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, तत्काल पुलिस टीम के साथ, गड़ा काटा कुनकुरी की ओर रवाना हुआ गया, तभी रास्ते में दुर्गा पंडाल के पास  मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार एक संदिग्ध व्यक्ति मिला , जो कि एक झोला में, दो प्लास्टिक की जरकिन को रखा था, पुलिस के द्वारा उक्त संदिग्ध को रोककर, पूछताछ करने पर, उसने अपना नाम , जीतू उर्फ डैनी, सुखबासु पारा, कोरवा डेरा कुनकुरी का रहने वाला बताया। पुलिस  के द्वारा जब संदिग्ध जीतू उर्फ डैनी, के पास रखे, झोले की तलाशी ली गई तो, उसमें प्लास्टिक की दो ज़रकीन में, अवैध रूप से रखा गया, कच्चा महुआ शराब मिला। पुलिस के द्वारा आरोपी जीतू उर्फ डैनी से उक्त कच्चा महुआ शराब को रखने व बिक्री करने के संबंध में वैध दस्तावेजों की मांग करने पर, उसके द्वारा कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। जिस पर पुलिस के द्वारा आरोपी जीतू उर्फ डैनी को हिरासत में लिया गया व उसके कब्जे से  दो जरकिन सहित 10 लीटर कच्ची महुआ शराब को जप्त किया गया।
           पुलिस की पूछताछ पर अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर, आरोपी जीतू उर्फ डैनी के खिलाफ थाना कुनकुरी में आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर, विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
            मामले की कार्यवाही व 10 लीटर कच्ची महुआ शराब सहित आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, प्रधान आरक्षक छवि कांत पैंकरा, आरक्षक सुजीत खाखा , व नगर सैनिक अजय श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
          मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि कुनकुरी क्षेत्र में 10 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ, एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, नशे सौदागरों के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन आघात जारी है।

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जशपुर पुलिस का गौ तस्करी के खिलाफ कार्यवाही निरंतर जारी,फिर छुड़ाया 15 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से



जशपुर : 31 अक्टूबर 2025 : पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में गौ तस्करी के खिलाफ, जशपुर पुलिस के द्वारा ऑपरेशन शंखनाद चलाया जा रहा है, जिसके तहत जशपुर पुलिस लगातार गौ तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही कर रही है, जशपुर पुलिस, अब तक जहां सैकड़ों गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त करा चुकी है, वही 50 से अधिक गौ तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। इसी क्रम में जशपुर पुलिस को चौकी मनोरा क्षेत्र में फिर 15 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराने में सफलता मिली है।
           मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 28.10.25 को चौकी  मनोरा पुलिस को,  मुखबिर से सूचना मिली थी कि, दो व्यक्ति ग्राम केसरा के जंगल से होते हुए,लावा नदी पुल के रास्ते, 15 नग गौ वंशों को, पैदल, मारते पीटते हुए, हांक कर, झारखंड राज्य की ओर ले जा रहे हैं। जिस पर चौकी मनोरा पुलिस के द्वारा तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित करते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तत्काल अपनी पुलिस टीम के साथ, केसरा जंगल की ओर रवाना होकर, लावा नदी पुल के पास जाकर देखा तो पाया कि दो व्यक्ति जल्दी जल्दी गौ वंशों को हांक रहे हैं, जिस पर पुलिस के द्वारा आरोपियों को पकड़ने हेतु घेराबंदी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को देखकर संदिग्ध तस्कर, गौ वंशों को छोड़कर, जंगल का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। पुलिस के द्वारा  मौके से 15 नग गौ वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया व पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस फरार आरोपियों की पता साजी कर रही है, जिन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।
          मामले में पुलिस के द्वारा चौकी मनोरा में आरोपी तस्करों के विरुद्ध छ ग कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4,6,10  व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 (1)(क)( घ)के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।
           मामले की कार्यवाही व गौ वंशों की सकुशल बरामदगी में चौकी प्रभारी मनोरा  उप निरीक्षक दिनेश पुरैना , सहायक उप निरीक्षक शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक प्रीतम टोप्पो, आरक्षक रोशन पैंकरा व जगजीवन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
           मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि चौकी मनोरा क्षेत्र से 15 नग गौ वंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया है, फरार आरोपियों की पता साजी की जा रही है, गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद निरंतर जारी है।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: 1 से 5 नवम्बर तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की होगी शानदार प्रस्तुतियां

रायपुर, 31 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत महोत्सव में देश एवं प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। एक नवम्बर से 5 नवम्बर तक मुख्यमंच के अलावा शिल्पग्राम मंच पर भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। राज्योत्सव में इस बार छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकारों के साथ ही देश के जाने-माने कलाकार, श्री हंशराज रघुवंशी, श्री आदित्य नारायण, श्री अंकित तिवारी, श्री कैलाश खेर, सुश्री भूमि त्रिवेदी अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। 

राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर नवा रायपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाणिज्य एवं व्यापार परिसर में बनाये गए मुख्यमंच से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत सुबह 11 बजे सुश्री ऐश्वर्या पंडित के गायन से होगी। इसके बाद श्री पीसी लाल यादव, सुश्री आरू साहू, श्री दुष्यंत हरमुख, श्रीमती निर्मला ठाकुर तथा शाम 8 बजे राष्ट्रीय कलाकार श्री हंशराज रघुवंशी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 2 नवम्बर को सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक श्री आदित्य नारायण प्रमुख आकर्षण के केन्द्र होंगे। उनके द्वारा गीतों की प्रस्तुति रात्रि 9 बजे से दी जाएगी। इस दिन सांस्कृति कार्यक्रमों की शुरूआत शाम 6.30 बजे से होगी। सबसे पहले श्री सुनील तिवारी, सुश्री जयश्री नायर चिन्हारी द गर्ल बैंड, पद्मश्री डोमार सिंह कंवर नाचा दल का कार्यक्रम होगा। 

इसी प्रकार 3 नवम्बर को पार्श्व गायिका सुश्री भूमि त्रिवेदी रात्रि 9 बजे से प्रस्तुति देंगी। इस दिन सांस्कृति संध्या में शाम 6 बजे से पद्मश्री उषा बारले पण्डवानी, श्री राकेश शर्मा सूफी-भजन गायन, श्री कुलेश्वर ताम्रकार लोकमंच की प्रस्तुति होगी तथा 4 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री अंकित तिवारी प्रस्तुति देंगे। इस दिन शाम 6 बजे कला केन्द्र रायपुर बैण्ड, श्रीमती रेखा देवार की लोकगीत, श्री प्रकाश अवस्थी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 5 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे। सांस्कृतिक संध्या में शाम 6 बजे से श्रीमती पूनम विराट तिवारी, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का कार्यक्रम होगा। 

*शिल्पग्राम मंच की प्रस्तुतियां-*

शिल्पग्राम मंच में 1 नवम्बर को श्री मोहम्मद अनस पियानो वादन, श्रीमती बासंती वैष्णव द्वारा कत्थक, सुश्री रमादत्त जोशी और श्रीमती सोनाली सेन का गायन, सुश्री स्वीटी पगारिया कत्थक, श्री मंगलूराम यादव की बांसगीत, सुश्री चारूलता देशमुख भारत नाट्य, श्री दुष्यंत द्विवेदी की पण्डवानी, श्री लोकेश साहू की भजन, श्रीमती बॉबी मंडल की लोक संगीत तथा श्री चन्द्रभूषण वर्मा लोकमंच की प्रस्तुति होगी। 

2 नवम्बर को श्रीमती रेखा जलक्षत्रीय की भरथरी, श्री ईकबाल ओबेराय की म्यूजिक ग्रुप, श्री बसंतबीर उपाध्याय मानस बैंड, संश्री दीपाली पाण्डेय की कत्थक, श्री लिलेश्वर सिंहा की लोक संगीत, सुश्री अंविता विश्वकर्मा भारतनाट्यम, सुश्री आशिका सिंघल कत्थक, श्री प्रांजल राजपूत भरथरी, सुश्री प्रसिद्धि सिंहा कत्थक, श्री जीवनदास मानिकपुरी लोकमंच एवं श्री जितेन्द्र कुमार साहू सोनहा बादर की प्रस्तुति होगी। 

3 नवम्बर को श्री सुरेश ठाकुर भजन, डॉ. आरती सिंह कत्थक, श्रीमती राखी राय भरतनाट्यम, श्री पुसउराम बंजारे पण्डवानी, सुश्री इशिका गिरी कत्थक, श्री गिरवर सिंह ध्रुव भंुजिया नृत्य, सुश्री राधिका शर्मा कत्थक, श्रीमती शांतिबाई चेलक पण्डवानी, श्री दुष्यंतकुमार दुबे सुआ नृत्य, श्रीमती गंगाबाई मानिकपुरी पण्डवानी, सुश्री संगीता कापसे शास्त्रीय नृत्य, श्री महेन्द्र चौहान की चौहान एव बैंड तथा श्री घनश्याम महानंद फ्यूजन बैंड की प्रस्तुति होगी। 

4 नवम्बर को सुश्री भुमिसूता मिश्रा ओडिसी, श्री चैतुराम तारक नाचा दल, सुश्री आशना दिल्लीवार कत्थक, सुश्री पुष्पा साहू लोक संगीत, श्री महेन्द्र चौहान पण्डवानी, सुश्री प्रिति गोस्वामी कत्थक, सुश्री पृथा मिश्रा शास्त्रीय गायन, श्री महेश साहू लोकमंच, श्री विजय चंद्राकर लोक संगीत तथा श्री तिलक राजा साहू लोकधारा की प्रस्तुति होगी। 

5 नवम्बर को सुश्री दुर्गा साहू पण्डवानी, सुश्री डाली थरवानी कत्थक, श्री संजय नारंग लोकसंगती, सुश्री सारिका शर्मा कत्थक, सुश्री महेश्वरी सिंहा लोकमंच, श्री चंद्रशेखर चकोर की लोक नाट्य, श्री नीतिन अग्रवाल लोकसंगीत, श्री द्वारिकाप्रसाद साहू की डंडा नृत्य, सुश्री महुआ मजुमदार की लोकसंगीत तथा श्री नरेन्द्र जलक्षत्रीय लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।

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Rashifal: मेष से लेकर मीन राशिवालों के लिए कैसा रहेगा 31 अक्टूबर का दिन,किन राशियों को मिलेगी बड़ी सफलता? जानें सभी राशियों का हाल

मेष - सुख-आनंद कारक समय है। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। निर्मूल शंकाओं के कारण मनस्ताप भी पैदा हो सकते है। सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। शुभांक-4-5-6

वृष - शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। मनोविनोद बढ़ेगे। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। कामकाज की अधिकता रहेगी। लाभ होगा और पुराने मित्रों से समागम। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। शुभांक-4-6-7

मिथुन - नौकरी में सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में वृद्घि होगी। शत्रुपक्ष पर आप हावी रहेंगे। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। सुबह की महत्त्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। शुभांक-4-6-7

कर्क - आध्यात्मिक रुचि बनेगी। प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच अप्रत्याशित विघ्न पैदा होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-1-7-9

सिंह - प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगेे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। वाहन चालन में सावधानी बरतें। शुभांक-3-5-8

कन्या - आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। शनै:-शनै: स्थिती पक्ष की बनने लगेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-2-5-7

तुला - स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान रहें। व्यापार में वृद्घि होगी। नौकरी में सहयोगियों का सहयोग प्राप्त होगा। शत्रुपक्ष पर आप हावी रहेंगे। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। यश-प्रतिष्ठा में वृद्घि व शिक्षा में परेशानी आ सकती है। स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान रखें। शुभांक-2-6-8

वृश्चिक - आवेश में आना आपके हित में नही होगा इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियत्रंण रखें। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। अपने अधीनस्त लोगों से कम सहयोग मिलेगा। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। जो चल रहा हैं उसे सावधानीपूर्वक संभालें। शुभांक-3-6-8

धनु - धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। रुका हुआ लाभ प्राप्त हो सकता है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों में प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। शुभांक-4-6-7

मकर - अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। कामकाज की व्यस्तता बढ़ेगी। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होंगी। आज का परिश्रम आगे लाभ देगा। शुभांक-3-5-6

कुम्भ - आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। इच्छित कार्य सफल होंगे। शुभांक-4-6-8

मीन - ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कार्यक्षेत्र में आगे बढऩे में रुकावट का एहसास होगा। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। जो चल रहा हैं उसे सावधानीपूर्वक संभालें। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। इच्छित कार्य सफल होंगें। शुभांक-5-6-8

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S.I.R : केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की होगी जरूरत,असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 तथा बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से ले सकते हैं मदद

रायपुर. 30 अक्टूबर 2025. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर जो मिलान किया गया है उसमें बीएलओ द्वारा वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया गया है जो कि 71 प्रतिशत के करीब है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिफ्ट हुए हैं, मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है। एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं। बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा। इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा और केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 तथा बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट (BLO Call Request) के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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हिमालय में गूँजी जशपुर की गूंज: आदिवासी युवाओं ने जगतसुख पीक पर खोला नया मार्ग

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल के सम्मान में दिया गया विष्णु देव रूट नाम

रायपुर 30 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले के आदिवासी युवाओं के एक दल ने भारतीय पर्वतारोहण के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। इस दल ने हिमाचल प्रदेश की दूहंगन घाटी (मनाली) में स्थित 5,340 मीटर ऊँची जगतसुख पीक पर एक नया आल्पाइन रूट खोला, जिसे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल के सम्मान में “विष्णु देव रूट” नाम दिया गया है। टीम ने यह चढ़ाई बेस कैंप से केवल 12 घंटे में पूरी की — वह भी आल्पाइन शैली में, जो तकनीकी रूप से अत्यंत कठिन मानी जाती है।

यह ऐतिहासिक अभियान सितंबर 2025 में आयोजित हुआ, जिसका आयोजन जशपुर प्रशासन ने पहाड़ी बकरा एडवेंचर के सहयोग से किया। इस अभियान को हीरा ग्रुप सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का सहयोग प्राप्त हुआ।

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस दल के पाँचों पर्वतारोही पहली बार हिमालय की ऊँचाइयों तक पहुँचे थे। सभी ने “देशदेखा क्लाइम्बिंग एरिया” में प्रशिक्षण प्राप्त किया, जो जशपुर प्रशासन द्वारा विकसित भारत का पहला प्राकृतिक एडवेंचर खेलों के लिए समर्पित प्रशिक्षण क्षेत्र है। विश्वस्तरीय मानकों को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को जोड़ा, जिनमें बिलासपुर के पर्वतारोही एवं मार्गदर्शक स्वप्निल राचेलवार, न्यूयॉर्क (USA) के रॉक क्लाइम्बिंग कोच डेव गेट्स, और रनर्स XP के निदेशक सागर दुबे शामिल रहे। इन तीनों ने मिलकर तकनीकी, शारीरिक और मानसिक दृष्टि से युवाओं को तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाया। दो महीनों की कठोर तैयारी और बारह दिनों के अभ्यास पर्वतारोहण के बाद टीम ने यह चुनौतीपूर्ण चढ़ाई पूरी की।

अभियान प्रमुख स्वप्निल राचेलवार ने बताया कि जगतसुख पीक का यह मार्ग नए पर्वतारोहियों के लिए अत्यंत कठिन और तकनीकी था। मौसम चुनौतीपूर्ण था, दृश्यता सीमित थी और ग्लेशियरों में छिपी दरारें बार-बार बाधा बन रही थीं। इसके बावजूद टीम ने बिना फिक्स रोप या सपोर्ट स्टाफ के यह चढ़ाई पूरी की — यही असली आल्पाइन शैली है। यह अभियान व्यावसायिक पर्वतारोहण से अलग था, जहाँ पहले से तय मार्ग और सहायक दल पर निर्भरता होती है; इस दल ने पूरी तरह आत्मनिर्भर रहते हुए नई मिसाल कायम की।

अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली। स्पेन के प्रसिद्ध पर्वतारोही टोती वेल्स, जो इस अभियान की तकनीकी कोर टीम का हिस्सा थे और स्पेन के पूर्व वर्ल्ड कप कोच रह चुके हैं, ने कहा कि “इन युवाओं ने, जिन्होंने जीवन में कभी बर्फ नहीं देखी थी, हिमालय में नया मार्ग खोला है। यह साबित करता है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ये पर्वतारोही विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।”

“विष्णु देव रूट” के अलावा दल ने दूहंगन घाटी में सात नई क्लाइम्बिंग रूट्स भी खोले। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि रही एक अनक्लाइम्ब्ड (पहले कभी न चढ़ी गई) 5,350 मीटर ऊँची चोटी की सफल चढ़ाई, जिसे टीम ने ‘छुपा रुस्तम पीक’ नाम दिया। इस पर चढ़ाई के मार्ग को ‘कुर्कुमा (Curcuma)’ नाम दिया गया — जो हल्दी का वैज्ञानिक नाम है और भारतीय परंपरा में सहनशक्ति और उपचार का प्रतीक माना जाता है।

यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा, अवसर और संसाधन मिलें तो भारत के सुदूर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों से भी विश्वस्तरीय पर्वतारोही तैयार हो सकते हैं। बिना किसी हिमालयी अनुभव के इन युवाओं ने आल्पाइन शैली में जो उपलब्धि हासिल की है, उसने भारतीय साहसिक खेलों को नई दिशा दी है। इस पहल ने तीन बातों को सिद्ध किया — आदिवासी युवाओं में प्राकृतिक शक्ति, सहनशीलता और पर्यावरण से जुड़ी सहज समझ उन्हें एडवेंचर खेलों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाती है; “देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर” जैसे स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र पेशेवर पर्वतारोही तैयार करने की क्षमता रखते हैं; और हिमालय की अनदेखी चोटियाँ भारत में सतत एडवेंचर पर्यटन की नई संभावनाएँ खोल सकती हैं।

अभियान का नेतृत्व स्वप्निल राचेलवार ने किया, उनके साथ राहुल ओगरा और हर्ष ठाकुर सह-नेता रहे। जशपुर के पर्वतारोही दल में रवि सिंह, तेजल भगत, रुसनाथ भगत, सचिन कुजुर और प्रतीक नायक शामिल थे। अभियान को प्रशासनिक सहयोग डॉ. रवि मित्तल (IAS), रोहित व्यास (IAS), शशि कुमार (IFS) और अभिषेक कुमार (IAS) से मिला। तकनीकी सहायता डेव गेट्स, अर्नेस्ट वेंटुरिनी, मार्टा पेड्रो (स्पेन), केल्सी (USA) और ओयविंड वाई. बो (नॉर्वे) ने दी। पूरे अभियान का डॉक्यूमेंटेशन और फोटोग्राफी ईशान गुप्ता की कॉफी मीडिया टीम ने किया।

प्रमुख सहयोगी और प्रायोजक संस्थानों में पेट्ज़ल, एलाइड सेफ्टी इक्विपमेंट, रेड पांडा आउटडोर्स, रेक्की आउटडोर्स, अडवेनम एडवेंचर्स, जय जंगल प्राइवेट लिमिटेड, आदि कैलाश होलिस्टिक सेंटर, गोल्डन बोल्डर, क्रैग डेवलपमेंट इनिशिएटिव और मिस्टिक हिमालयन ट्रेल शामिल रहे।

यह अभियान केवल एक पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है कि भारत के गाँवों और आदिवासी क्षेत्रों से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सफलता प्राप्त की जा सकती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “भारत का भविष्य गाँवों से निकलकर दुनिया की ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।”

इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ अब जशपुर को एक सतत एडवेंचर एवं इको-टूरिज़्म केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

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