चिरायु योजना बनी बच्चों की संजीवनी, जशपुर के तीन बच्चों का सफल निशुल्क उपचार,मुख्यमंत्री को जताया आभार
जशपुरनगर, 10 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु योजना जिले के मासूम बच्चों के लिए जीवनदायी सिद्ध हो रही है। इस योजना ने न केवल गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई बच्चों को नया जीवन दिया है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर भी मुस्कान लौटा दी है। कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर चिरायु टीम जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच अभियान चला रही है। गंभीर बीमारी या जन्मजात विकृति पाए जाने पर बच्चों को बेहतर चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला नोडल अधिकारी चिरायु के मार्गदर्शन में विकासखंड पत्थलगांव की टीम ने विभिन्न स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा किया। यहां जन्मजात हृदयरोग, कटे-फटे होंठ एवं तालू सहित अन्य शल्य-चिकित्सा योग्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान की गई।
चिरायु टीम द्वारा पुष्टि के बाद तीन बच्चों को उपचार हेतु रायपुर ले जाया गया, जहां उनका सफल और पूरी तरह निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। इनमें आंगनबाड़ी केंद्र गौटियापारा, कोतबा के 4 वर्षीय समीर खड़िया, प्राथमिक शाला धनुपारा, मुड़ाबहला की 8 वर्षीय स्तुति तिर्की—दोनों जन्मजात हृदयरोग से पीड़ित—और आंगनबाड़ी केंद्र कार्राडांड, चिकनीपानी के 1 वर्षीय जॉन्सन टोप्पो, जिनके होंठ एवं तालू में विकृति थी, शामिल हैं। तीनों बच्चे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके चेहरों की खिली मुस्कान परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और चिरायु टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कमज़ोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने बच्चों का निःशुल्क उपचार कराकर उन्हें नया जीवन दिया है।
उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच की जाती है। जांच के पश्चात 44 प्रकार की बीमारियों और विकृतियों की पहचान कर जरूरतमंद बच्चों को देशभर के श्रेष्ठ अस्पतालों में भेजकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
