ताजा खबरें


बड़ी खबर

मुख्यमंत्री श्री साय से इसरो के वैज्ञानिकों ने की सौजन्य भेंट...इसरो की उपलब्धियाँ प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व का विषय

रायपुर 08 अक्टूबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और वैज्ञानिकों के बीच इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बढ़ाने, राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, शासन के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए इसरो की तकनीक के उपयोग तथा स्कूल–कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए इसरो द्वारा संचालित गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इसरो की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नवाचार और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदेश के युवा स्पेस साइंस के प्रति रुचि लेकर देश के अंतरिक्ष अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसरो द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की तकनीक का उपयोग कृषि, खनन नियंत्रण, भू-अतिक्रमण की निगरानी तथा धान खरीदी के दौरान अवैध गतिविधियों की पहचान जैसे कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है।

इस अवसर पर इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई ने मुख्यमंत्री को इसरो द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने के लिए इसरो कई अभिनव कार्यक्रम चला रहा है, जिन्हें छत्तीसगढ़ में भी विस्तारित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में एक ‘स्पेस गैलरी’ की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

डॉ. देसाई ने मुख्यमंत्री श्री साय को इसरो अहमदाबाद केंद्र के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया और उन्हें इसरो द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए उपग्रहों तथा मिशन चंद्रयान की प्रतिकृतियाँ स्मृति स्वरूप भेंट कीं।

*इसरो के वैज्ञानिक भगवान मधेश्वर की तस्वीर देखकर हुए अभिभूत*

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित  बैठक के दौरान इसरो के वैज्ञानिकों की नजर जब भगवान मधेश्वर की तस्वीर पर पड़ी, तो वे उसे देखकर अभिभूत हो गए। जिज्ञासावश उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से इसके बारे में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मधेश्वर पहाड़ जशपुर जिले में स्थित है, जहाँ भगवान शिव विशाल प्राकृतिक शिवलिंग स्वरूप में पूजे जाते हैं। स्थानीय लोग भगवान शिव के इस स्वरूप की अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी वैज्ञानिकों को भगवान मधेश्वर के छायाचित्र भेंटस्वरूप प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण श्री विजय दयाराम के., संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार, इसरो के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. डी. के. पटेल, डॉ. दीपक कुमार सिंह, कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है विकास और आस्था के मार्ग पर - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 7 अक्टूबर 2025/छत्तीसगढ़ की पुण्यभूमि माता कौशल्या की जन्मस्थली होने के साथ-साथ प्रभु श्रीराम का ननिहाल भी है — यह हमारे लिए परम सौभाग्य और गर्व का विषय है। प्रभु श्रीराम ने अपने चौदह वर्षों के वनवास काल का अधिकांश समय इसी पावन छत्तीसगढ़ की धरती पर व्यतीत किया, जिससे यह भूमि भक्ति, त्याग और मर्यादा की दिव्यता से आलोकित हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम बड़े जुंगेरा स्थित माँ कौशल्या धाम, जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने संत श्री रामकृष्णदास महात्यागी एवं संत श्री रामजानकीदास महात्यागी के समाधि स्थल पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दोनों संत महापुरुषों के राष्ट्र, समाज और अध्यात्म के प्रति योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग, तप और सेवा से छत्तीसगढ़ की यह भूमि आज भी आलोकित है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबाजी तेजस्वी साधक और त्याग, सेवा व अध्यात्म के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन लोककल्याण और मानवता की सेवा को समर्पित किया। 
उन्होंने कहा कि ऐसे संतों की प्रेरणा ही हमारे समाज की आत्मा और राज्य के सांस्कृतिक गौरव की आधारशिला है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में आकार ले रहा यह दिव्य धाम छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और गौरव का प्रतीक बनेगा। उन्होंने संत बालक दास महात्यागी जी से भेंट कर निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

और भी

धान खरीदी के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल में किसान पंजीयन अनिवार्य : किसान 31 अक्टूबर तक करा सकेंगे पंजीयन

रायपुर 7 अक्टूबर 2025/ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। एग्रीस्टैक पोर्टल से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर संपर्क किया जा सकता है।

एग्रीस्टैक पोर्टल भारत सरकार द्वारा विकसित एक यूनिफाइड एग्रीकल्चर डेटाबेस है, जिसमें किसानों का भूमि एवं आधार लिंक्ड पंजीयन किया जाता है। पंजीकरण उपरांत किसानों को एक यूनिक फार्मर आईडी (Unique Farmer ID) प्राप्त होती है। यह आधार लिंक्ड डेटाबेस शासन की विभिन्न योजनाओं के लाभ केवल वास्तविक पात्र किसानों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तहत किसानों को सीधे भुगतान किया जाता है। अतः शासन की मंशा है कि सभी पात्र किसान सुशासन एवं पारदर्शिता के साथ इस योजना का वास्तविक लाभ प्राप्त करें। एग्रीस्टैक में आधार-आधारित पंजीयन और ई-केवाईसी की व्यवस्था से संपूर्ण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, सटीकता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित होगा।

गत वर्ष राज्य के 25.49 लाख किसानों ने धान विक्रय किया था। वर्तमान वर्ष में अब तक 21.47 लाख किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। शेष किसान अपने निकटतम सहकारी समिति या निर्धारित केंद्र में जाकर 31 अक्टूबर 2025 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। इस संबंध में सभी समितियों और जिला कलेक्टरों को पूर्व में आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि एग्रीस्टैक पोर्टल डिजिटल क्रांति की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, सटीक और किसान हितैषी बनाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष राज्य के 20 हजार ग्रामों में से 13 हजार 879 ग्रामों में डिजिटल क्रॉप सर्वे किया गया है। इस डिजिटल क्रॉप सर्वे और मैनुअल गिरदावरी की रिपोर्टों का 2 से 14 अक्टूबर 2025 तक ग्राम सभाओं में पठन किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक पंचायत में मुनादी कर सूचना दी गई है और सर्वे सूची का पंचायत भवनों में प्रदर्शन (चस्पा) भी किया गया है।

इस कार्यवाही की सतत निगरानी जिला कलेक्टर, खाद्य अधिकारियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जा रही है। यह पहल “डिजिटल एग्रीकल्चर और गुड गवर्नेंस” की दिशा में राज्य का एक सशक्त और दूरदर्शी कदम है।

और भी

छत्तीसगढ़ की बेटी, देश का गौरव — लखनी साहू को मिला “MY Bharat NSS राष्ट्रीय पुरस्कार

रायपुर 7 अक्टूबर 2025/छत्तीसगढ़ की माटी ने एक बार फिर पूरे देश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। कोरबा जिले की सुश्री लखनी साहू, ई. विश्वेश्वरैया इंजीनियरिंग कॉलेज की एनएसएस स्वयंसेविका ने अपने समर्पण, सेवा और कर्मनिष्ठा से प्रदेश का नाम रोशन किया है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें “MY Bharat NSS राष्ट्रीय पुरस्कार (2022-23)” से सम्मानित किया है। यह उपलब्धि न केवल लखनी साहू के अथक प्रयासों की पहचान है, बल्कि हर छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस सम्मान पर लखनी साहू को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने समाजसेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के माध्यम से समाजहित में किए गए उनके योगदान ने यह सिद्ध किया है कि जब युवा संकल्प लेकर आगे बढ़ते हैं, तो परिवर्तन निश्चित होता है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को देश सेवा और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा देकर उन्हें समाज निर्माण और राज्य के नवोदय में सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

और भी

मुख्यमंत्री साय व उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रयासों से जशपुर को मिली 86.99 करोड़ की सौगात....मिलेगा भरपूर पानी

जशपुरनगर 07 अक्टूबर 2025 :  जशपुर शहर के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा अमृत मिशन 2.0 (अटल शहरी नवीनीकरण एवं परिवर्तन मिशन) के अंतर्गत जशपुर नगरपालिका को 8699.21 लाख रुपये (लगभग 86 करोड़ 99 लाख 21 हजार) की जल आवर्धन योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है।

राज्य स्तरीय हाई पावर स्टीयरिंग कमेटी की 13वीं बैठक में यह स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुरनगर में अमृत मिशन लागू करने के निर्देश दिए थे। वहीं, उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने जशपुर नगरपालिका को डीपीआर तैयार कर विभाग में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर इस योजना की स्वीकृति हेतु निवेदन किया था, जिस पर दोनों ने तत्काल स्वीकृति का आश्वासन दिया था। अब यह वादा साकार हुआ है।

अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत यह योजना जशपुर की सबसे बड़ी नगरीय विकास परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। शहर में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई थी — लोगों को दिन में सिर्फ एक बार ही जल आपूर्ति हो पाती थी। इस योजना के लागू होने से अब पूरे शहर में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, फिल्टर प्लांट, इंटकवेल तथा नई पानी टंकियों का निर्माण किया जाएगा।

भविष्य की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए इस योजना का स्वरूप तैयार किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में जशपुर नगर को नियमित और पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा।

नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि यह उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि है और उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने भी इस स्वीकृति को जशपुर के विकास के लिए मील का पत्थर बताया और मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री का धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में विकास योजनाओं को त्वरित स्वीकृति देने की नीति अपनाई है, जिसका लाभ अब जशपुर नगर को भी मिला है।

और भी

बस्तर राइजिंग” अभियान 8 अक्टूबर से होगा शुरुआत :बस्तर की प्रतिभा, संस्कृति और संभावनाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

रायपुर 7 अक्टूबर 2025/छत्तीसगढ़ शासन  के जनसंपर्क विभाग और बस्तर संभाग के सभी जिलों के जिला प्रशासन  के संयुक्त प्रयास से “बस्तर राइजिंग” नामक विशेष अभियान 8 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। दो सप्ताह तक चलने वाला यह अभियान बस्तर संभाग के सातों जिलों में आयोजित किया जाएगा।

     इस अभियान का उद्देश्य बस्तर की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और उद्यमशील क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है। अभियान के दौरान विशेषज्ञों, युवाओं, शिल्पकारों और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किए जाएंगे।

    “बस्तर राइजिंग” का कारवां केशकाल, नारायणपुर, कोण्डागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, चित्रकोट, बारसूर और जगदलपुर का भ्रमण करेगा। इस दौरान बस्तर की कला, हस्तशिल्प, कृषि, पर्यटन, खेल और शिक्षा से जुड़ी संभावनाओं पर विशेष फोकस किया जाएगा।

    अभियान का समापन रायपुर में “हार्मोनी फेस्ट 2025” के रूप में होगा, जिसमें बस्तर की प्रेरक कहानियाँ, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शित की जाएंगी। यह आयोजन “दिल मेला - दिल में ला” थीम पर आधारित होगा।

और भी

गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन से छत्तीसगढ़ को मिलेगा विकास का नया ट्रैक : डबल इंजन सरकार में विकास की पटरी पर दौड़ रहा छत्तीसगढ़ - मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 7 अक्टूबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने आज रेल मंत्रालय की ₹24,634 करोड़ की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत परियोजनाओं में  ₹2,223 करोड़ लागत की गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना भी शामिल है, जो प्रदेश के पश्चिमी अंचल के औद्योगिक और व्यापारिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार कर रहा है। “डबल इंजन सरकार” के समर्पित प्रयासों से छत्तीसगढ़ विकास की पटरी पर तेज़ी से अग्रसर है।  उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, बल्कि इस परियोजना से सम्पूर्ण मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का रेल नेटवर्क आधुनिकता, गति और जनसुविधा के नए युग में प्रवेश कर चुका है। छत्तीसगढ़ को इस दिशा में जो निरंतर सहयोग मिल रहा है, वह राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विस्तार का सशक्त आधार बनेगा।

उल्लेखनीय है कि 84 किलोमीटर लंबी परियोजना राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) और गोंदिया (महाराष्ट्र) जिलों से होकर गुजरेगी। इसे पांच वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के तहत 15 प्रमुख पुल, 123 लघु पुल, 1 सुरंग, 3 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और 22 रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण किया जाएगा।

आकांक्षी जिला राजनांदगांव में यह परियोजना न केवल यात्रियों के आवागमन को सुलभ बनाएगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और निवेश को भी नई दिशा देगी। यह रेल मार्ग क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूती प्रदान करेगा।

परियोजना पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष लगभग 30.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल यातायात संभव होगा। इससे रेलवे की आमदनी में वृद्धि होगी और राज्य की औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल व तैयार उत्पादों के परिवहन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही अनुमानतः 23 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी, 4.6 करोड़ लीटर डीज़ल की बचत और लगभग ₹514 करोड़ की लॉजिस्टिक लागत में कमी का लाभ मिलेगा, जो पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत सकारात्मक प्रभाव डालेगा। यह पहल हर वर्ष लगभग 1 करोड़ पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी, जो सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई रेल लाइन के माध्यम से रायगढ़ मांड, कोरबा और इब घाटी की खदानों से कोयला परिवहन की गति बढ़ेगी, जिससे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के थर्मल पावर प्लांट्स को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे प्रदेश की खनिज अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक तंत्र दोनों को स्थायित्व मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना छत्तीसगढ़ के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा, औद्योगिक प्रगति और पर्यावरणीय संतुलन का सशक्त आधार प्रदान करेगी।यह परियोजना छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने और “विज़न विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

और भी

कलेक्टर रोहित व्यास ने राजस्व विभाग की बैठक ले राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण समयसीमा में सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

 जशपुरनगर, 07 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण समयसीमा में सुनिश्चित करें।
       बैठक में कलेक्टर ने आधार एवं मोबाइल नम्बर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित नामांतरण, फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख शुद्धता एवं व्यपर्वतन जैसे मामलों की विस्तृत समीक्षा की । कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी कार्य नियमों के अनुरूप और तय समय पर पूरा करें। कलेक्टर श्री व्यास ने भू-अर्जन एवं मुआवजा से जुड़े प्रकरणों की भी जानकारी ली और इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। इसके साथ ही डिजिटल हस्तांतरित खसरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे शत-प्रतिशत पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर श्री व्यास ने मुख्यमंत्री जनदर्शन एवं प्रधानमंत्री पोर्टल में प्राप्त लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों के पंजीयन कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने हेतु निर्देशित भी किया। 
     बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने आदि कर्मयोगी अभियान को जिले में प्राथमिकता के साथ प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर प्रभावित परिवारों को सहायता राशि प्रदान करने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम और तहसीलदार मौजूद थे।

और भी

कलेक्टर रोहित व्यास ने जनपद पंचायत, समाज कल्याण और मत्स्य पालन विभाग की ली समीक्षा बैठक

   जशपुरनगर, 07 अक्टूबर  2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जनपद पंचायत, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, समाज कल्याण और मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
     बैठक के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने स्वच्छता अभियान से संबंधित सभी गतिविधियों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, सेग्रीगेशन शेड की प्रगति, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, फीकल स्लज मैनेजमेंट की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों की प्रगति की समीक्षा की और इसके सफल क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। कलेक्टर श्री व्यास ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों, सखी वन स्टॉप भवनों, प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों  को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही समस्त आवासों को जियो टैगिंग करने को कहा। उन्होंने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत जिन पात्र हितग्राहियों का आधार लिंक नहीं हो पाया है, उनके प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
     राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में कलेक्टर ने अधिकारियों को अधिक से अधिक महिलाओं को बिहान योजना से होने वाले लाभों के प्रति जागरूक कर इससे जोड़ने को कहा। इसके अलावा उन्होंने स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज बढ़ाने को कहा, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन सके।  कलेक्टर ने एफपीओ से जुड़ी महिला किसानों को सशक्त बनाकर उनकी उत्पादकता और आमदनी में वृद्धि लाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश दिए। 
 मत्स्य विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने शासकीय तालाबों के पट्टा आबंटन की स्थिति की जानकारी ली तथा शेष तालाबों में मत्स्य पालन गतिविधि प्रारंभ करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय रोजगार के अवसर मिल सकें। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, जनपद पंचायतों के सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

मयाली नेचर कैम्प में ऑनलाईन गेटमनी सुविधा प्रारंभ प्रारंभ


 
जशपुर 7 अक्टूबर 25/ जिले के कुनकुरी परिक्षेत्र अन्तर्गत स्थित मयाली नेचर कैम्प सभी ऋतुओं में एक मनोहारी दृश्य के रूप में प्रतीत होता है। यह क्षेत्र साल के लहलहाते वनों से आच्छादित है जिससे छोटी बड़ी नालायें वृहद संख्या में निकलती है जो कि नीचे जाकर मैदानी इलाकों को जीवन्त बनाती है। यह क्षेत्र जशपुर जिले को प्रकृति का अनुपम उपहार है।

मयाली नेचर कैम्प देवबोरा तथा मयाली ग्राम के बीच में स्थित है। यह स्थान पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ, जो साहसिक कार्य पसंद करते हैं उनके लिये लंबी दूरी की पैदल यात्रा के लिये भी उपयुक्त स्थल है। वर्तमान में मयाली नेचर कैम्प में ऑनलाईन गेटमनी सुविधा प्रारंभ की गई है। आम जनमानस से अपील किया जाता है कि अधिक से अधिक संख्या में ऑन लाईन सुविधा का लाभ उठाएं।

और भी

महिलाओं को मिला रोजगार : जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा महिलाओं को मिल रहा लाभ

जशपुर, 07 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए हैं।
इसी कड़ी में जशपुर वनमण्डल के परिक्षेत्र बगीचा अंतर्गत ग्राम कुटमा, में पी.एम. जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति की महिलाएं स्व सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही है।
 महिलाओं के लिए दोना-पत्तल निर्माण केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र का संचालन मीनू लक्ष्मी स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता श्रीमती फूलों बाई कर रही हैं।

इस केन्द्र में समूह की महिलाएं माहुल पत्तों से मशीनों की सहायता से पर्यावरण अनुकूल दोना-पत्तल का निर्माण कर रही हैं। यह पहल न केवल उनके लिए सतत् आजीविका का साधन बनेगी, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

वन विभाग द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा महिलाओं रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।

और भी

मनरेगा का डबरी ने खोले समृद्धि के द्वार, बहेराडीह के दुलार सिंह का सपना हुआ साकार

 रायपुर, 7 अक्टूबर 2025/जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायत जाटा के बहेराडीह के दुलार सिंह खेत में एक डबरी बनाने से ही खेती और पशुपालन में होने वाली बढ़ौत्तरी का सजीव उदाहरण बन गए हैं। दुलार सिंह ने यह डबरी भी मनरेगा योजना के माध्यम से बनवाई है। ग्रामीण जीवन का आधार सदैव कृषि और पशुपालन रहा है, परंतु इन दोनों ही कार्यों की आत्मा जल है । यदि जल की व्यवस्था सुदृढ़ हो जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वयं सशक्त हो जाती है। इसी सोच को श्री दुलार सिंह ने साकार रूप दिया है।

       डबरी निर्माण होने से पूर्व श्री दुलार सिंह को अपने खेतों की सिंचाई हेतु जल की कमी रहती थी, जिससे सीमित फसल ही ले पाते थे। इसके अलावा बतख पालन, मछली पालन एवं धान की खेती की सिंचाई करने के लिए हमेशा पानी की कमी को महसूस करते आ रहे थे, ऐसे में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्राम पंचायत जाटा में श्री दुलार सिंह के खेत पर डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम जाटा के किसान श्री दुलार सिंह द्वारा अपनी निजी भूमि पर डबरी निर्माण कार्य कराया गया। इस कार्य के लिए  2.14 लाख की प्रशासकीय राशि स्वीकृत की गई इसका कार्य प्रारंभ हुआ और जून 2024 को पूर्ण हुआ। इसमें कुल 380 मानव दिवसों के सृजन से 37 श्रमिक परिवारों को 92,577 की मजदूरी प्राप्त हुई। इससे न केवल रोजगार सृजन हुआ बल्कि जल संरक्षण और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई। अब डबरी में वर्षा जल का संचयन होने से वर्षभर खेतों की सिंचाई सुचारू रूप से हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने मत्स्य पालन एवं पशुपालन शुरू किया, जिससे अतिरिक्त आमदनी का स्रोत भी बना।

        श्री दुलार सिंह बताते हैं कि मनरेगा योजना के अंतर्गत डबरी निर्माण से अब मेरी खेती सिंचित हो रही है। इससे धान के साथ-साथ मेढ़ पर सब्ज़ियाँ भी उगा पा रहा हूँ। डबरी में रोहू एवं पंगास मछली 2 कि.ग्रा. मछली के बीज डाले गये है। आगामी माह में मछली 01 किलो होने के बाद इन्होने बाजार में बिक्री करेंगे, जिससे आमदनी प्राप्त होगी। श्री दुलार सिंह अपने निर्मित डबरी के मेंड़ पार पर हल्दी एवं तिल का फसल लगाया हुआ है, जिसे वह हल्दी एवं तिल को अपने घर के लिये उपयोग करेंगे। मत्स्य पालन और पशुपालन से घर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राम पंचायत सरपंच एवं रोजगार सहायक ने बताया कि इस कार्य से गांव के अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली है। ग्रामीण अब अपनी भूमि पर जल संरक्षण संरचनाएँ बनवाने हेतु आगे आ रहे हैं। इस डबरी निर्माण कार्य ने न केवल श्री दुलार सिंह के जीवन में स्थायी आजीविका का आधार तैयार किया है, बल्कि यह मनरेगा के उद्देश्य रोजगार के साथ स्थायी संपत्ति निर्माण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।

और भी

विलंब शुल्क के साथ अब खिलाड़ी कर सकेंगे जशपुर में होने वाले छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट में प्रवेश के लिए पंजीयन

जशपुर नगर ‌ 07 अक्टूबर 2025 : कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर में छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट का आयोजन 11 से 13 अक्टूबर तक कराया जा रहा है। 

आयोजन समिति के अध्यक्ष एसडीएम विश्वासराव मस्के से प्राप्त जानकारी के अनुसार खिलाड़ियों के पंजीयन के लिए 6 अक्टूबर अंतिम तिथि थी। अब खिलाड़ी 8 अक्टूबर की रात 12:00 बजे तक ₹250 विलंब शुल्क के पंजीयन कर सकते हैं ‌। यह विलंब शुल्क , प्रवेश शुल्क के साथ खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग जशपुर के खाते में जमा करना अनिवार्य होगा। अभी तक 155 खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए पंजीयन किया है, जिसमें जशपुर जिले के 99 और अन्य जिलों के 56 खिलाड़ी शामिल हैं।
  
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के द्वारा सर्वप्रथम पंजीयन करने वाले 50 पुरुष और 30 महिला खिलाड़ियों  को डॉरमेट्री आधारित निःशुल्क आवास उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों को रियायती दरों पर लॉज , होटल तथा‌ टूर्नामेंट स्थल पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिले के निवासी इस टूर्नामेंट में प्रवेश ले सकते हैं। जशपुर जिले के स्थायी निवासियों के लिए प्रवेश शुल्क ₹100 और अन्य जिलों के निवासियों के लिए ₹500 के साथ ही अतिरिक्त विलंब शुल्क ₹250 देना होगा। टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए अलग से छत्तीसगढ़ स्टेट चेस एसोसिएशन में वर्ष 2025-26 के लिए लागू शुल्क जमा कर सदस्यता लेनी होगी। जशपुर जिले के निवासियों के लिए 75 रुपए और अन्य जिले के निवासियों के लिए यह पंजीयन शुल्क ₹150 है। जिन खिलाड़ियों ने पहले से सदस्यता ली हुई है उन्हें दुबारा पंजीयन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए आयोजन समिति के सदस्य अवनीश पांडेय 7828697878 और प्रदीप चौरसिया 7587460009 से संपर्क किया जा सकता है।

और भी

संघ के स्वयंसेवकों ने शताब्दी वर्ष पर दोकडा में किया भव्य भव्य पथ संचलन एवं शस्त्र पूजन का आयोजन.....पूर्व सैनिक बने मुख्य अतिथि, फूल बरसा कर नगर वासियों ने किया स्वागत....

नारायणपुर/दोकडा 07 अक्टूबर 2025 :  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मंडल दोकड़ा द्वारा सोमवार 6 अक्टूबर 2025 को पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर के 10 ग्रामों के 130 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगल भवन से हुआ और पूरा संचलन श्री जगन्नाथ मंदिर होकर मुख्य चौक चौराहे होकर गुजरा,जहां पथ संचलन कर रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक को फूल बरसा कर स्वागत किया गया।

    संचलन में मुख्य अतिथि के रूप में नैनसुख राम भगत, पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि “देश सेवा का सर्वोच्च माध्यम संघ कार्य है, जो व्यक्ति राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से कार्य करता है वही सच्चा सेवक कहलाता है।”मुख्य वक्ता के रूप में श्री नारायण नामदेव ने संबोधित करते हुए कहा कि “संघ के कार्यों के माध्यम से समाज में संगठन, अनुशासन और सेवा की भावना का विकास होता है।” उन्होंने संघ के सेवाकार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ वर्षों से सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य कर रहा है।उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघ जीवनभर सीखने और समाज के लिए कुछ करने की भावना सिखाता है। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक समरसता, स्वदेशी अभियान, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों पर विशेष चर्चा की गई।इस अवसर पर नगर के अनेक स्वयंसेवक, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

और भी

कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प से गूँजा भारत का परचम,वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में जीते 22 पदक...... मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी  बधाई

रायपुर, 6 अक्टूबर 2025/ नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के पैरा-एथलीट्स ने अदम्य जज़्बे और अथक परिश्रम के बल पर विश्व पटल पर नया इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 22 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भारतीय पैरा-एथलीट्स के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमारे पैरा-एथलीट्स ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प अडिग हो और मेहनत निरंतर, तब कोई भी मंज़िल असंभव नहीं होती। यह प्रदर्शन न केवल खेल जगत के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विजेता खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता “नए भारत की नई उड़ान” का सजीव उदाहरण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को अपने पैरा-एथलीट्स पर गर्व है, जिन्होंने दुनिया के सामने भारतीय जज़्बे की नई परिभाषा लिखी है।

और भी

पहली बार जशपुर को मिला 61 करोड़ का सीएसआर फंड.....इससे अस्पताल और तीरंदाजी और स्कूल भवनो का होगा निर्माण

जशपुरनगर 6 अक्टूबर 25‌ / लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतेहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है।इसी का नतीजा है कि जशपुर जिले को पहली बार सीएसआर फंड से 61 करोड़ की राशि विकास कार्यो के लिए आबंटित की गई है। इस राशि से जिले में स्वास्थ्य सुविधा,शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचा विकसीत करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। 
    35 करोड़ से बन रहा है आधुनिक अस्पताल -
जिला मुख्यालय जशपुर में 35 करोड़ से सौ बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन स्व जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को दी गई है। 17 करोड़ से तैयार होने वाला इस अस्पताल के भवन निर्माण का कार्य रायगढ़ रोड में कल्याण आश्रम अस्पताल के प्रांगण में तेजी से चल रहा है। अगले साल 2026 तक इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 18 करोड़ की राशि इस आधुनिक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और भौतिक संसाधन जुटाने के लिए किया जाएगा। इस अस्पाताल में मरीजों के लिए सीटी स्कैन,एमआरआई,आईसीयू,आईसीसीयू,डायलिसिस,आपातकालिन चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल के लिए चिकित्सा,नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। अस्पताल के चालू हो जाने से जिलेवासियों को उपचार के लिए अंबिकापुर,रांची,झारसुगड़ा,रायपुर जैसे दूरस्थ शहर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी। 
  20 करोड़ से तैयार होगा तीरंदाजी केंद्र -
  सीएसआर फंड से जिले में तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए 20.53 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इस तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने सन्ना में जमीन तय कर ली है। इस आवासिय तीरंदाजी केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंर्तराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के सपने का मूर्त रूप देते हुए पहाड़ी कोरवाओं के धर्नुविद्या को निखार कर राष्ट्रीय ओैर अंर्तराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल प्राप्त करना है। वर्तमान में खनिज न्यास निधि के सहयोग से एकलव्य अकादमी का संचालन किया जा रहा है। इस अकादमी में तीरंदाजी के साथ ताईक्वांडो और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सन्ना में तीरंदाजी केंद्र के शुरू हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों से लैस बड़ी सुविधा मिल सकेगी। जिससे खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा की चमक बिखेरने का अवसर मिल  सकेगा। 
   आठ स्कूल भवन का होगा निर्माण -
  सीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें फरसाबहार ब्लाक में पंडरीपानी,गारीघाट,कंदईबहार,कांसाबेल ब्लाक में बांसबहार,कुनकुरी ब्लाक में गिनाबहार,लोधमा,बगीचा ब्लाक में टटकेला और दुलदुला में नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन स्कूल भवनों के निर्माण से जिले के छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।

और भी

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आम जनता की समस्याएं

जशपुरनगर, 06 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरता से अवलोकन किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनका समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा।
   जनदर्शन के दौरान आज कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका संबंधी और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

और भी

छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर होगा नौसेना के नए पोतों का नामकरण....केंद्रीय रक्षा मंत्री से मिलकर प्रदेश में सेना भर्ती रैली का रखा प्रस्ताव

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का  अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

और भी