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माई दंतेश्वरी की धरती से केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने दी महतारी वंदन की सौगात.....65 लाख महिलाओं के बैंक खातों में जमा हुए रुपये......महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में लाई है नई रोशनी – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

महतारी वंदन योजना से छत्तीसगढ़ की बहनें बन रही हैं आत्मनिर्भर – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 4 अक्टूबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की ‘मोदी की गारंटी’ के तहत शुरू की गई महतारी वंदन योजना  छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में नई रोशनी लाई है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज जगदलपुर में बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार के अवसर पर माई दंतेश्वरी की धरती से राज्य की 64 लाख 94 हजार 768 हितग्राही महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त के रूप में 606 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि अंतरित करते हुए यह बात कही। 

केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि हर महिला सशक्त और आत्मनिर्भर बने तथा देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में बराबरी की भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस पारदर्शिता और प्रतिबद्धता से इस योजना को लागू किया है, वह पूरे देश के लिए एक आदर्श है। यह योजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के सतत विकास और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव साबित होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान की नई ऊर्जा का संचार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में मिली यह सौगात हमारे प्रदेश की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहयोग दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज और परिवार में एक नई पहचान भी दिला रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला सशक्त बने और विकास की यात्रा में बराबरी की भागीदार बने। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं को न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का साधन दिया है, बल्कि उन्हें समाज में आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।

उल्लेखनीय है कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल कही जाने वाली महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी। इस योजना का उद्देश्य 21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अब तक योजना की 19 किस्तों में लाभार्थी महिलाओं को कुल 12376 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी थी। आज 20वीं किस्त जारी होने के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 12983 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक हो गया है।

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केन्द्रीय मंत्री अमित शाह बस्तर दशहरा महोत्सव में हुए शामिल...किसी ने हथियार लेकर बस्तर की शांति को भंग  किया तो सशस्त्र बल और पुलिस मिलकर इसका जवाब देंगे,नक्सल क्षेत्र के विकास के लिए सरकार  समर्पित

75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा मेला आदिवासी समाज, छत्तीसगढ़ या भारत के लिए ही नहीं बल्कि दुनियाभर का सबसे बड़ा सांस्कृतिक महोत्सव है

कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद विकास की लड़ाई है, लेकिन पूरा बस्तर विकास से वंचित रहा, इसका मूल कारण नक्सलवाद है

मोदी जी की ओर से यह भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि 31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवादी बस्तर के विकास और यहाँ के लोगों के अधिकार को नहीं रोक पाएँगे

बस्तर की जनता नक्सलवाद से गुमराह बच्चों को हथियार डालकर मुख्य धारा में शामिल होने और बस्तर के विकास में सहभागी बनने के लिए समझाएँ

केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और समस्त नक्सल क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हैं

अगर किसी ने हथियार लेकर बस्तर की शांति को भंग  किया तो सशस्त्र बल और पुलिस मिलकर इसका जवाब देंगे

बस्तर का दशहरा, बस्तर ओलंपिक, यहाँ का खानपान, वेशभूषा, कला और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर बल्कि पूरी दुनिया में आकर्षण का केन्द्र बने हैं

1874 से आज तक मुरिया दरबार की सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को बचाने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा एक वैश्विक धरोहर है

बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं

14वीं शताब्दी से शुरू हुई माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा ने पूरे बस्तर क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की

अगर 140 करोड़ लोग स्वदेशी के संकल्प को आत्मसात करें तो हमारे भारत को दुनिया की सर्वोच्च आर्थिक व्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता

रायपुर 4 अक्टूबर 2025/ केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया। इससे पहले श्री अमित शाह ने प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन किया। बस्तर दशहरा महोत्सवअवसर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री डॉ. विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे बड़ा और अनूठा बस्तर दशहरा मेला न केवल आदिवासी समाज, बस्तर, छत्तीसगढ़ या भारत बल्कि पूरे विश्व में सबसे बाद सांस्कृतिक महोत्सव है। श्री शाह ने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के दौरान उन्होंने प्रार्थना की कि वे हमारे सुरक्षा बलों को शक्ति दें ताकि वे 31 मार्च 2026 तक बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त कर सकें। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, जबकि सच यह है कि बस्तर के विकास से वंचित रहने का मूल कारण नक्सलवाद ही है। उन्होंने कहा कि आज देश के हर गाँव में बिजली, पेयजल, सड़क, हर घर में शौचालय, पाँच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा और पाँच किलो मुफ्त अनाज के साथ-साथ चावल को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था पहुँच चुकी है, लेकिन बस्तर प्रगति की इस दौड़ में पीछे रह गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से यह आश्वासन देना चाहते हैं कि 31 मार्च, 2026 के बाद नक्सलवादी न तो बस्तर के विकास और न ही बस्तर के लोगों के अधिकारों को रोक पाएंगे। श्री शाह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के जो बच्चे भटक कर नक्सलवाद से जुड़ गए हैं, वे स्थानीय गांवों के ही हैं। श्री शाह ने बस्तर के लोगों से अपील की कि वे भटके हुए इन बच्चों को हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने की बात समझाएं, ताकि वे बस्तर के विकास में सहभागी बनें। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने देश की सबसे बेहतर सरेंडर नीति बनाई है। पिछले एक महीने में ही 500 से अधिक लोग सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरेंडर कर दें। श्री शाह ने कहा कि जिस गाँव में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा, वहाँ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गाँव के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए दिए जाएँगे। श्री शाह ने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं हुआ है और यह समस्या अब काफी हद तक कम हो चुकी है।

श्री अमित शाह ने कहा कि कि केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर सहित सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूर्णतः समर्पित हैं और इसके लिए आकर्षक नीतियाँ बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पिछले 10 वर्षों में लगभग 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ का विकास दिन-दूनी,रात-चौगुनी गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित हो रहे हैं, शिक्षा के संस्थान बन रहे हैं, और स्वास्थ्य संस्थानों का विकास हो रहा है। साथ ही हमारे लघु उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने बहुत मोहक आत्मसमर्पण नीति बनाई है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डाल दें। श्री शाह ने साथ ही  चेताया भी कि यदि हथियारों के जरिए बस्तर की शांति को भंग करने का प्रयास किया गया, तो हमारे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस मिलकर इसका करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 की तिथि तय है, जब नक्सलवाद को इस देश से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि इस बार बस्तर ओलंपिक में देशभर के आदिवासी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर का पंडुम उत्सव, खान-पान, वेश-भूषा, कला, और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर में, बल्कि पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का यही संकल्प है कि हमारी संस्कृति, भाषा, खान-पान, वेश-भूषा और वाद्य यंत्र सदियों तक न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए संरक्षित रहें। इस संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार कटिबद्ध हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में 1874 से आज तक मुरिया दरबार में सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा किसी वैश्विक धरोहर से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि मुरिया दरबार पूरे देश के लिए प्रेरणा और जानकारी का विषय है।

श्री अमित शाह ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लंबे समय से स्वदेशी पर जोर दिया है। स्वदेशी जागरण मंच कई वर्षों से स्वदेशी को जन-आंदोलन के रूप मेंचला रहा है। अब मोदी जी ने सभी से आह्वान किया है कि प्रत्येक घर को यह संकल्प लेना है कि हम केवल अपने देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को यह संकल्प लेना है कि उनकी दुकान या शॉपिंग मॉल में विदेशी वस्तुएँ उपलब्ध नहीं होंगी। श्री शाह ने कहा कि यदि 140 करोड़ की आबादी स्वदेशी के इस संकल्प को आत्मसात कर ले, तो भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की माताओं-बहनों को 395 वस्तुओं पर जीएसटी में भारी छूट देकर बड़ी राहत प्रदान की है। खाने-पीने की लगभग सभी चीजों को कर-मुक्त कर दिया गया है, और रोजमर्रा की उपयोग की वस्तुओं पर केवल पाँच प्रतिशत कर रखा गया है। उन्होंने कहा कि देश में इतनी बड़ी कर कटौती पहले कभी नहीं हुई, जितनी मोदी जी ने की है। इसके साथ ही, यदि हम स्वदेशी के संस्कारों को अपनाते हैं, तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव में 300 से अधिक स्वदेशी कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वॉकथॉन स्वदेशी भावना को नई पहचान देने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। आज देशभर में आयोजित हो रहे स्वदेशी मेलों के माध्यम से स्वदेशी अभियान को और गति मिल रही है।

श्री अमित शाह ने कहा कि श्रावण अमावस्या से अश्विन शुक्ल त्रयोदशी तक चलने वाला बस्तर का 75 दिनों का दशहरा हम सभी के लिए गौरव, पहचान और अभिमान का विषय है। उन्होंने कहा कि 14वीं शताब्दी से शुरू हुई रथ यात्रा ने इस पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की। श्री शाह ने कहा कि माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा में 66 आदिवासी और कई गैर-आदिवासी समूह भाग लेते हैं। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने आदिवासियों के सम्मान में अनेक योजनाएँ शुरू की हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने पहली बार देश के सर्वोच्च पद पर आदिवासी समुदाय की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर गौरवपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जब महामहिम द्रौपदी मुर्मू जी विश्व के राष्ट्राध्यक्षों से मिलती हैं, तो न केवल आदिवासी समाज, बल्कि हम सभी का हृदय गर्व से भर जाता है। लोकतंत्र के सर्वोच्च पद पर ओडिशा के एक गरीब परिवार की बेटी का महामहिम के रूप में आसीन होना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उनकी जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में स्थापित किया गया। बस्तर संभाग के सातों जिलों में नक्सलवाद छोड़कर सरेंडर करने वाले व्यक्तियों और नक्सली हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 15,000 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का कार्य भी प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि नारायणपुर जिले के पंडी राम मंडावी और हेमचंद मांझी, तथा कांकेर के अजय कुमार मंडावी को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव के अवसर पर आज ‘महतारी वंदन योजना’ की 20वीं किस्त के रूप में 70 लाख छत्तीसगढ़ी माताओं को 607  करोड़ रुपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ किया गया है। यह योजना बस्तर और सरगुजा संभागों में लागू की गई है और इसके तहत 250 गाँव समाहित किए गए हैं।

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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सलाहकार बोर्ड के सदस्य प्रकाश मोदी का हुआ जशपुर आगमन....अल्पसंख्यक वर्गों के प्रतिनिधियों से  विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

जशपुर, 04 अक्टूबर 2025/ जिला जशपुर में विगत दिवस राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सलाहकार बोर्ड के सदस्य श्री प्रकाश मोदी का आगमन हुआ। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में अल्पसंख्यक समुदायों की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक सहभागिता का मूल्यांकन करना तथा जनसमस्याओं को समझते हुए उनके निराकरण के लिए पहल करना था।
          जशपुर आगमन के उपरांत श्री मोदी ने  कलेक्टर श्री रोहित व्यास से सौजन्य मुलाकात की तथा जिला पंचायत के सभाकक्ष में अल्पसंख्यक समुदाय जैसे जैन, ईसाई, सिख, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले की सामाजिक स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं की स्थिति जैसे विभिन्न मुद्दों तथा शासन की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। 
           बैठक के दौरान श्री मोदी ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज की प्रगति किसी भी जिले की समग्र प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने  सभी योजनाओं का लाभ निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शासन और समाज के बीच सेतु का कार्य करते हुए आयोग हर संभव प्रयास करेगा कि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
          श्री मोदी द्वारा सभी शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया की आयोग स्तर पर इन मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी तथा जिले स्तर की समस्याओं के संबंध में उपस्थित समाज के लोगों को अपर कलेक्टर के द्वारा समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए आश्वस्त किया गया । इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सहायक आयुक्त श्री संजय सिंह, सहायक संचालक, जैन समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री गजेंद्र पटानी सहित सभी समाजों के सभी प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली का मांगा आशीर्वाद

रायपुर 4 अक्टूबर 2025/केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर स्थित बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दंतेश्वरी से देश और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जुरुडांड में गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के पीड़ित परिवारों को 32 लाख की दी गई आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार की दी गई आर्थिक मदद

जशपुरनगर, 04 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर बगीचा विकासखंड के जुरुडांड में गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में मृतकों एवं घायलों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 32 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। विदित हो कि इस हृदयविदारक घटना में चार लोगों की मृत्यु हो गई थी, जबकि 24 अन्य घायल हुए थे। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को घायलों की समुचित चिकित्सा सुविधा और आवश्यक मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
     आज प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने जुरुडांड में घर-घर जाकर पीड़ित परिवारों का हालचाल जाना और मृतक के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। मुआवजा वितरण के दौरान श्री मुकेश शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सीदाम, जनपद उपाध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता, श्री हरिश आरीक, मंडल उपाध्यक्ष श्री बंधर यादव, तहसीलदार श्री महेश्वर उईके, नायब तहसीलदार श्री मिश्रा अन्य तहसील स्टाफ सहित सरपंच और ग्रामवासी मौजूद रहा।

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करम परब : करम परब हमारी संस्कृति और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 4 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी स्थित अखिल भारतीय वनवासी आश्रम परिसर में उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ रायपुर द्वारा आयोजित करम पूजा परब 2025 महोत्सव में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने भारत माता के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि करम परब हमारी संस्कृति और हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि यह हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। करम परब हमारे प्रकृति-प्रेम और पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने सभी को करम परब की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी तथा उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ से जुड़े परिवार और सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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आज माई दंतेश्वरी की धरती से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों मिलेगी महतारी वंदन की सौगात....65 लाख महिलाओं के बैंक खातों में होगा अंतरण

रायपुर, 04 अक्टूबर 2025/केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह 4 अक्टूबर को माई दंतेश्वरी की धरती जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार के मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं के बैंक खाते में 606 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि अंतरित करेंगे। महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त की राशि का लाभ प्रदेश की 64,94,768 लाभार्थी महिलाओं को मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 से की थी। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य 21 वर्ष से अधिक आयु की सभी विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे न केवल अपनी घरेलू जरूरतें पूरी कर सकें बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें।

अब तक इस योजना के अंतर्गत 19 किस्तों में महिलाओं को कुल 12376 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराई जा चुकी है। यह प्रक्रिया न केवल वित्तीय पारदर्शिता का उदाहरण है बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम भी है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के हाथों 4 अक्टूबर को जारी होने वाली 20वीं किस्त की राशि 606 करोड़ 94 लाख रुपये के अंतरण के बाद, महतारी वंदन योजना का कुल वित्तीय आंकड़ा बढ़कर 12983 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा। यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि राज्य की लाखों महिलाएं इस योजना के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त कर रही हैं।

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया आत्मीय स्वागत

रायपुर 03 अक्टूबर 2025/ केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर राजधानी रायपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।

विमानतल पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ,पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, आईजी श्री अमरेश मिश्रा, संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने भी केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वागत किया।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ जगदलपुर प्रवास पर रहेंगे, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

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प्रदेश की दीदियां बनीं आत्मनिर्भरता की ब्रांड एंबेसडर : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लखपति दीदी बनाने के संकल्प से महिलाएं बनी आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री


रायपुर, 03 अक्टूबर 2025/महिलाएं आज जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ रही हैं। तकनीक ने पूरी दुनिया के उत्पादों को फिंगरटिप्स पर ला दिया है और अब डिजिटल माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुँचना संभव हो गया है। इसी उद्देश्य से बिहान की दीदियों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि छत्तीसगढ़ के उत्पाद देश और दुनिया के बाजारों तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पॉलिसी वॉच द्वारा आयोजित बिहान दीदियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमारी संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान और पूजन का प्रतीक है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं इतिहास रच रही हैं। बिहान की बहनों की कामयाबी हमें गर्व से भर देती है। छत्तीसगढ़ की दीदियां अब आत्मनिर्भरता की ब्रांड एम्बेसडर  बन रही हैं। लखपति दीदियां सपनों को नए पंख दे रही हैं और आज उन्हें डिजिटली सक्षम बनाकर उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि हम संकल्प लेकर आगे बढ़ें तो सफलता निश्चित है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। वर्ष 2027 तक देशभर में 3 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि जशपुर जैसे जिलों में महुआ आधारित उत्पाद तैयार हो रहे हैं, जिन्हें ‘जशप्योर’ ब्रांड के रूप में राष्ट्रीय पहचान मिली है। कोरोना काल में महुआ से सैनिटाइज़र बनाकर महिलाओं ने अपनी क्षमता और नवाचार का परिचय दिया था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिली है। आत्मनिर्भरता का मार्ग संकल्प और प्रयास से ही संभव है। महिला स्व-सहायता समूहों के नवाचार और परिश्रम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।

महिलाओं ने साझा किया लखपति बनने का शानदार सफर

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी बनने की प्रेरक कहानियाँ सुनीं। बलरामपुर जिले के तारकेश्वरपुर की श्रीमती पूनम गुप्ता ने बताया कि सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। प्रशासन के सहयोग से किराना दुकान खोली, आटा चक्की स्थापित की और अब पिकअप व ट्रैक्टर खरीदकर व्यवसाय को विस्तार दिया है।

गरियाबंद की श्रीमती हेमिन साहू ने बताया कि एक समय सब्जी खरीदने तक में कठिनाई होती थी। बिहान से लोन लेकर आचार-पापड़ का व्यवसाय शुरू किया, जो अब राजिम में दुकान तक पहुँच चुका है। आज उन्हें प्रतिदिन लगभग 4 हजार रुपए की आय हो रही है। हाल ही दिल्ली के सरस मेले में उन्होंने 2 लाख 31 हजार रुपए की बिक्री की।

श्रीमती गीता वैष्णव ने भावुक होकर कहा कि पहले उन्हें 10 रुपए के लिए हाथ फैलाना पड़ता था। लेकिन बिहान के माध्यम से मां वैभवलक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आचार-पापड़ व्यवसाय शुरू किया। अब वे अपनी कमाई से बेटे को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाने का सपना पूरा कर रही हैं।

रायपुर की श्रीमती गीता वर्मा ने बताया कि वैभव स्व-सहायता समूह से जुड़कर हल्दी-मसाले का व्यवसाय शुरू किया और आज हर महीने 15 से 20 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के लखपति दीदी बनाने के संकल्प ने उनकी और लाखों बहनों की जिंदगी बदल दी है।

मुख्यमंत्री ने बिहान दीदियों के स्टॉलों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहीद स्मारक भवन परिसर में पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन द्वारा लगाए गए बिहान दीदियों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा कर उनके उत्पादों और आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली।

इस दौरान उन्होंने भारत माता संकुल, डोंगरगांव की महिलाओं से साहीवाल और गिर गाय के A2 मिल्क से निर्मित घी की खरीदारी की। समूह की श्रीमती दिनेश्वरी साहू ने बताया कि उनके पास 25 से 30 गाएं हैं, जिनसे डेयरी उत्पाद तैयार कर महिलाएं अच्छी आय कमा रही हैं।

जालाग्राम संगठन, सेरीखेड़ी की श्रीमती खिलेश्वरी मधुकर ने बताया कि उनके समूह की महिलाएं फिनायल, धूपबत्ती, मोमबत्ती, कुकीज़ और ग्लिसरीन सोप बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

वहीं जय माँ भवानी स्व-सहायता समूह, मुंदगांव (डोंगरगढ़) की श्रीमती लक्ष्मी गंधर्व ने मुख्यमंत्री को अगरवुड का पौधा भेंट किया और बताया कि अगरवुड से बनने वाले तेल की कीमत लाखों रुपए होती है। इसका उपयोग अगरबत्ती, परफ्यूम और एसेंशियल ऑयल निर्माण में किया जाता है।

राष्ट्रीय पहचान की ओर बिहान की दीदियां

उल्लेखनीय है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और पॉलिसी वॉच के संयुक्त तत्वाधान में बिहान की दीदियों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई है। इसके अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म पर बेच सकेंगी। उन्हें प्रोडक्ट की ब्रांडिंग, कास्टिंग और पैकेजिंग जैसी बारीकियों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह तथा फ्लिपकार्ट के मुख्य  कॉरपोरेट अधिकारी श्री रजनीश कुमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में हुए शामिल......गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों में ही छिपा है मानवता और समानता का मार्ग : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 03 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर जिले के आरंग तहसील अंतर्गत भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।  इस अवसर पर उन्होंने 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिनमें नवीन सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मेला स्थल पर डोम निर्माण, तेलासी-भंडारपुरी मार्ग में स्ट्रीट लाइट लगवाने तथा कुटेसर प्राथमिक विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि समाज से पाँच युवा पायलट बनना चाहें तो उनका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और उन्हें पायलट बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सर्वप्रथम गुरु गद्दी का दर्शन कर प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों पर चलकर हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उनके आदर्शों में मानवता और समानता की सीख निहित है। गुरु बाबा ने समाज को एकजुट होने का संदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप सतनामी समाज आज प्रगति और सौहार्द की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष भी मुझे मुख्यमंत्री के रूप में इस मेले में शामिल होने का अवसर मिला। लेकिन इस वर्ष और पिछले वर्ष में बड़ा अंतर आया है। पिछले वर्ष जब मैं यहां आया था तब आपके समाज के गुरु श्री खुशवंत साहेब विधायक थे, अब वे मंत्री बने हैं। उन्हें अनुसूचित जाति और जनजाति के विकास तथा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। आपके समाज के गौरव से हमें अपार उम्मीदें हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र का विकास तेजी से हो रहा है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता से जो भी वादे किए थे, उन्हें हम ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में पूरा कर रहे हैं। अब तक नौ हजार से अधिक सरकारी भर्तियाँ पूरी हो चुकी हैं और हाल ही में शिक्षा विभाग में पाँच हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है।

उन्होंने कहा कि शासन के प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में अनुसूचित जाति समाज के विकास हेतु प्राधिकरण का गठन किया गया था। वर्तमान सरकार ने उसके बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ कर दिया है।

धर्मगुरु गुरु श्री बालदास साहेब ने कहा कि यह मेला सामाजिक सौहार्द और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने समाज के गुरु खुशवंत साहेब को कैबिनेट मंत्री बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया और कहा कि सतनामी समाज ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश आज विकास की राह पर अग्रसर है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कुतुब मीनार से भी ऊँचा जैतखाम छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में है। यह किसी व्यक्ति की उपलब्धि नहीं बल्कि गुरु बाबा घासीदास की प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गरीबों के उत्थान और प्रदेश को आगे बढ़ाने का जो संकल्प लिया है, वह साकार हो रहा है। किसानों, महिलाओं, युवाओं और मजदूरों के हित में योजनाएँ बन रही हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आज 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ है, जो आरंग विधानसभा के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की गोद में अनेक संत-महात्मा और तपस्वी जन्मे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे’ का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश की सड़कों के विकास के लिए 700 से अधिक टेंडर जारी किए गए हैं और बरसात के बाद प्रदेश की सड़कें नए स्वरूप में नजर आएँगी।

मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह मेला गुरु घासीदास बाबा के पुत्र गुरु श्री बालकदास साहेब के गद्दीनशीन होने की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होता है। यह सतनाम धर्म के आदर्शों का प्रतीक है। आज ही के दिन गुरु श्री बालकदास जी ने राजगद्दी स्वीकार कर भंडारपुरी की पावन भूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया था।

इस अवसर पर राजागुरु, धर्मगुरु गुरु श्री बालदास साहेब, बाबा गुरु श्री ढालदास साहेब, गुरु श्री मकसूदन साहेब, गुरु श्री सोमेश बाबा, गुरु श्री सौरभ साहेब, सांसद श्री कमलेश जांगड़े, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री केदार गुप्ता, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, श्रीमती मोना सेन, श्री अमित चिमनानी, श्री श्याम नारंग, श्री नवीन मार्कण्डेय सहित समाज के संतजन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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नवरात्रि में जुड़ा स्वास्थ्य का संकल्प – महिलाओं ने लिया जागरूकता का व्रत...स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान: 31 हज़ार शिविरों में 22 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच

रायपुर 3 अक्टूबर 2025/ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” ने छत्तीसगढ़ में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बीते पखवाड़े भर में प्रदेशभर में 31 हजार से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 22 लाख लोगों ने जांच और उपचार की सेवाएं प्राप्त कीं। विशेष बात यह रही कि इन शिविरों में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। यह इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि अब ग्रामीण अंचलों में भी महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो रही हैं। यह सहभागिता अभियान के उस मूल विचार को सशक्त करती है, जिसके अनुसार जब महिला स्वस्थ होती है, तभी पूरा परिवार और समाज सशक्त बनता है।

इन शिविरों में महिला स्वास्थ्य, पोषण और अनीमिया जांच को विशेष प्राथमिकता दी गई। इस दौरान पाँच लाख से अधिक लोगों की अनीमिया जांच की गई। यह न केवल जांच की व्यापकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार महिलाओं में खून की कमी जैसी पुरानी समस्या के समाधान हेतु ठोस कदम उठा रही है। शिविरों में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, बच्चों का टीकाकरण, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, टीबी, कैंसर और सिकल सेल जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग को भी शामिल किया गया। परिणामस्वरूप 1.91 लाख गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, 2.72 लाख लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग हुई, 3.72 लाख लोगों की टीबी जांच की गई और 67 हजार से अधिक बच्चों को टीके लगाए गए।

अभियान अंतर्गत महिला स्वास्थ्यकर्मियों और विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की महत्ता, स्वच्छता और जीवनशैली में सुधार जैसे विषयों पर परामर्श दिया। यह पहल उपचार से आगे बढ़कर समय रहते रोगों की पहचान और रोकथाम की दिशा में भी कारगर सिद्ध हो रही है। लगभग 13 लाख लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर जागरूक किया गया, जिससे यह स्पष्ट है कि यह अभियान केवल बीमारियों का उपचार नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सोच बदलने का प्रयास भी है।

अभियान की व्यापकता का अनुमान इस तथ्य से भी लगाया जा सकता है कि इसे नवरात्रि महोत्सव से जोड़कर महिला स्वास्थ्य और परिवार सशक्तिकरण की अभिनव पहल की गई। राज्य के विभिन्न जिलों में नवरात्रि के दौरान माता पंडालों और गरबा स्थलों पर हजारों महिलाओं ने ‘स्वस्थ नारी–सुरक्षित परिवार’ का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने महिलाओं को स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया।

राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ा है। इस दौरान 36,186 हितग्राहियों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड एवं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्ड वितरित किए गए, जिससे अब उन्हें उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं तक निःशुल्क पहुंच मिल सकेगी। छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का एक मॉडल बनकर उभर रहा है। गांव-गांव और दूरस्थ अंचलों तक पहुँचते हुए यह पहल दर्शाती है कि जब नीतियां ज़मीन पर उतरती हैं, तो बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन के हर स्तर पर दिखाई देता है।

*टीबी उन्मूलन की दिशा में केंद्र और राज्य की साझा प्रतिबद्धता*

भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसी दिशा में लगातार निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहे हैं।‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के दौरान ही 3,72,985 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जिनमें लक्षण पाए जाने पर तुरंत इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई। टीबी रोगियों के पोषण और सहयोग के लिए 7,000 से अधिक ‘निक्षय मित्रों’ को पंजीकृत किया गया है, जो उन्हें पोषण आहार और मानसिक संबल प्रदान कर रहे हैं।

"स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और समाज की नींव है और इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान ने व्यापक सफलता हासिल की है। बीते पखवाड़े में आयोजित हजारों शिविरों में लाखों लोगों ने जांच व उपचार कराए, जिनमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि अब ग्रामीण अंचलों में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इस अभियान में महिला स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और गंभीर बीमारियों की जांच के साथ-साथ परामर्श और जागरूकता पर भी जोर दिया गया है, जिससे यह पहल सिर्फ इलाज तक सीमित न रहकर सामाजिक सशक्तिकरण का मॉडल बन गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत 2025 संकल्प की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह योगदान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

"स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान ने गांव-गांव और दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लाखों महिलाओं को अनीमिया, सिकल सेल और टीबी जैसी बीमारियों की जांच एवं परामर्श की सुविधा मिली है।  राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है कि हर परिवार तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे और यह अभियान इस दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है।"

-स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

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जशपुर जिले में ब्राउन शुगर की पहली कार्यवाही : तीस हजार के ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा गया आरोपी तकीम खान, गिरफ्तार कर, भेजा जेल

जशपुर : 03 अक्टूबर 2025 : जशपुर पुलिस ने ब्राउन शुगर खरीदने-बेचने वाले एक आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 1 ग्राम 95 मिली ग्राम ब्राउन शुगर जब्त किया गया।

    लोदाम पुलिस को मुखबीर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि, एक तकिम खान नाम का व्यक्ति, साईं टांगर टोली में है, व अपने पास ब्राउन शुगर का पुड़िया रखा है, व बेचने हेतु ग्राहक तलाश रहा है।
 जिस पर लोदाम पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर, तत्काल पुलिस टीम, संदिग्ध आरोपी की पता साजी हेतु, मुखबिर के बताए स्थान, साईं टांगर टोली रवाना हुई। साईं टांगर टोली में पुलिस के टीम के द्वारा, जब मुखबिर के बताए अनुसार एक संदिग्ध व्यक्ति को रोकने की कोशिश की गई, तब वह पुलिस को देखकर भागने लगा, जिस पर पुलिस के द्वारा संदिग्ध आरोपी का पीछा किया गया, व घेरा बंदी कर उसे, हिरासत में ले लिया गया।
   पुलिस के पूछताछ पर हिरासत में लिए गए संदिग्ध आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद तकीम खान उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम साईं टांगर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर (छ .ग ) का रहने वाला बताया , पुलिस ने जब उसके शरीर की विधिवत तलाशी ली, तो उसके  फूलपेंट की जेब में, एक पीले रंग की छोटी, प्लास्टिक की पन्नी, के अंदर, छोटे छोटे, कागज की पुड़िया में लपेट कर, रखा गया, कुल 19 पुड़िया में ब्राउन शुगर मिला। पुलिस के द्वारा सभी 19 कागज की पुड़िया में लपेट कर रखा गया, ब्राउन शुगर को जप्त कर लिया गया है। जप्त ब्राउन शुगर का कुल वजन पुड़िया सहित 1 ग्राम 95 मिली ग्राम है। जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 30 हजार रुपए है।
    लोदाम पुलिस के द्वारा आरोपी मोहम्मद तकीम खान के विरुद्ध थाना लोदाम में अवैध रूप से ब्राउन शुगर रखने पर ,21(a)NDPS एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया। मामले में आरोपी तकीम खान के द्वारा ब्राउन शुगर को कहां से लाया गया था, व उसके साथ मामले में कौन कौन शामिल हैं, के संबंध में पुलिस की जांच जारी है।
    पुलिस के द्वारा आरोपी तकीम खान के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
   मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी तथा ब्राउन शुगर की बरामदगी में, थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे,उप निरीक्षक सुनील सिंह, सहायक उप निरीक्षक सहबीर भगत  आरक्षक मोरिस किस्पोट्टा, धनसाय राम, व राजेश गोप की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
    मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि लोदाम क्षेत्र में, ब्राउन शुगर के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।  आरोपी से, वह कहां से माल लाता था, इसकी अगली कड़ी के बारे में पूछताछ की गई है। इस मामले में पुलिस के द्वारा एंड तू एंड विवेचना की जा रही है। नशे के कारोबारियों के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन आघात जारी रहेगा।

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दोकड़ा के जगरनाथ जगन्नाथ मन्दिर में एकादशी पर्व पर दीपों की जगमगाहट, महाआरती में शामिल हुईं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय.......

जशपुरनगर 3 अक्टूबर 2025 :  जिले में धार्मिक आस्था और परंपरा के अनुरूप एकादशी पर्व का आयोजन बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा-भक्ति के साथ किया गया। श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा में इस अवसर पर विशेष द्वीप प्रज्वलन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पूरे मंदिर परिसर को दीपों की रोशनी से आलोकित कर भक्ति का अद्भुत वातावरण निर्मित किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत की और भगवान जगन्नाथ की महाआरती में शामिल होकर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।रथयात्रा के बाद यहां शुरू हुई एकादशी पर्व में द्वीप प्रज्वलन की कार्यक्रम, स्थानीय परंपरा और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी हुई है।श्रद्धालु मानते हैं कि इस दिन द्वीप प्रज्वलन कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

      इस अवसर पर बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने विभिन्न रंग-बिरंगे फूलों से सुंदर-सुंदर मालाओं की सजावट की और उन्हें मंदिर में अर्पित किया। इससे पूरा वातावरण और भी भक्तिमय हो उठा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भक्ति-भाव से दीप जलाकर,इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर पर्व की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।

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आदि कर्मयोगी अभियान” को लेकर ग्राम सभाओं में व्यापक तैयारी और सहभागिता देखने को मिली

जशपुर 3 अक्टूबर 2025/ जिले में प्रारंभ हो रहे “आदि कर्मयोगी अभियान” को लेकर ग्राम सभाओं में व्यापक तैयारी और सहभागिता देखने को मिली है। इस अभियान के तहत जिले के सभी 417 ग्राम पंचायतों में विलेज एक्शन प्लान पारित किया जा रहा है, जिसमें हर ग्राम की अलग-अलग तारीख तय है। यह पहल सामुदायिक नेतृत्व और सहभागिता के साथ विकास की नयी दिशा तय कर रही है।
               आदि कर्मयोगी अभियान जशपुर में
जिले के लोग स्वयं आगे बढ़कर विकास की योजनाओं में सहभागिता निभा रहे हैं। ग्रामसभा में किए गए ट्रांजेक्ट वॉक के माध्यम से ग्रामीणों ने अपने गाँव की ज़रूरतें, समस्याएँ और विकास की प्राथमिकताओं को प्रत्यक्ष तौर पर चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार की है।
जनसहयोग और जमीनी भागीदारी
इस अभियान में जिले के लगभग 4000 आदि साथी और 6000 आदि सहयोगी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे न सिर्फ़ ग्रामवासियों को अभियान से जोड़ रहे हैं बल्कि हर घर तक जागरूकता और भागीदारी का संदेश पहुँचा रहे हैं।
                  प्रशासनिक दिशा-निर्देश
  जशपुर ज़िले के कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने भी अभियान की प्रगति और प्रभावी संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि हर ग्रामसभा में पारित होने वाली योजना पारदर्शी हो और आमजन की प्राथमिकताओं को सर्वोच्च महत्व दिया जाए। जशपुर जिले के हर एक गाँव में ग्रामसभा का आयोजन उत्सव जैसा माहौल लिए हो रहा है। ग्रामीण उत्साह के साथ अपने विचार रख रहे हैं और कार्ययोजना बनाने में हाथ बँटा रहे हैं। यह प्रक्रिया न केवल शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास मज़बूत कर रही है बल्कि ग्रामीण समाज को अपनी समस्याओं और समाधानों का साझेदार भी बना रही है।
जनभागीदारी से विकास की ओर
      आदि कर्मयोगी अभियान यह संदेश दे रहा है कि शासन की कोई भी योजना तभी सफल होगी जब उसे आम जनता का सहयोग और नेतृत्व मिले। ग्रामसभाओं में पारित विलेज एक्शन प्लान भविष्य की विकास यात्रा का रोडमैप बनेगा।
     जशपुर ज़िला प्रशासन और ग्रामीण मिलकर जिस प्रकार इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं, वह आने वाले समय में एक आदर्श मॉडल सिद्ध होगा। यह पहल ग्रामीण विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और स्थानीय लोगों को अपने गाँव की प्रगति के साथ जोड़ने का मज़बूत अवसर प्रदान करेगी।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुनकुरी-रनपुर मार्ग पर ढोढ़ीडाँड़ ईब नदी पर बनेगा 120 मीटर लम्बा पुल, आवागमन होगा और भी सुरक्षित 

जशपुरनगर, 03 अक्टूबर 2025/   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकास ने नई रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में लगातार ठोस पहल की जा रही है। सड़कों, पुलों और अन्य अधोसंरचनाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे आमजन को सुविधा मिल रही है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा संस्थानों की पहुंच आसान हुई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुनकुरी-रनपुर मार्ग पर ईब नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। 
   लोक निर्माण विभाग द्वारा 120 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण के लिए 4 करोड़ 86 लाख 74 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में यह कार्य निविदा स्तर पर है। यह मार्ग कुनकुरी विकासखंड को बगीचा तहसील मुख्यालय और सरगुजा जिले से जोड़ता है। ईब नदी पर बनी पुरानी पुलिया समय के साथ जर्जर हो चुकी थी और संकरी होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। बारिश के दिनों में पुलिया पर पानी बहने से आवाजाही और भी जोखिमपूर्ण हो जाती थी। नागरिक लंबे समय से नए पुल की मांग कर रहे थे। नए उच्चस्तरीय पुल के निर्माण से यातायात सुरक्षित व सुगम होगा। वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी और आमजन निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगे।

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कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा हेतु ली बैठक....संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

*समाचार*

जशपुर, 03 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर ने जिले में संचालित क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए टीबी की जांच तीव्र करने एवं टीबी के पीडितों को निक्षय पोषण अभियान के तहत पोषक आहार प्रदान करने को कहा। उन्होंने सिकलसेल, वक्ष कैंसर, ग्रीवा कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्त चाप आदि रोगों की नियमित जांच संचालित कर सभी मरीजों से नियमित रूप से उसका फॉलो अप लेने के निर्देश दिए।
           कलेक्टर ने जिले के बाहर होने वाले प्रसवों की समीक्षा करते हुए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव की व्यवस्था सुदृढ करते हुए लोगों को संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सास बहू सम्मेलन, एएनसी जांच, टीकाकरण समय पर करवाने एवं प्रत्येक गर्भवती महिला की जानकारी संधारित करने एवं उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा। इसके साथ ही नवजात बच्चे का जन्म के साथ रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश दिए। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत आयोजित कैम्पों की जानकारी लेते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे लाभान्वित करने को कहा।
        उन्होंने जिले के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव एवं कुनकुरी में उपलब्ध डायलिसिस सुविधा का लाभ अधिक से अधिक लोगों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने डायलिसिस सुविधा के बारे में अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी का प्रसार करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों की गुणवत्ता स्व प्रमाणीकरण के लिए नेशनल क्वालिटी एससुरेन्स कार्यक्रम के तहत रजिस्ट्रेशन करने को कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने आरबीएसके, कीमोथेरेपी सुविधा, एएनसी जांच, एनआरसी केंद्र आदि के कार्यों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, सीएमएचओ डॉ जीएस जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जिले में शतरंज को नई दिशा - 11 से 13 अक्टूबर तक जशपुर में होगा छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट 

जशपुर 03 अक्टूबर 2025 : 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप खेलों को नई ऊर्जा देने और छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति विकसित करने की पहल लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले में छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट का आयोजन 11 से 13 अक्टूबर तक कराया जा रहा है।

भारत में शतरंज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। यह खेल हमारी प्राचीन संस्कृति और ज्ञान की गहराई को दर्शाता है। शतरंज की शुरुआत भारत में ही चतुरंग नाम के खेल से हुई थी। कालांतर में यह पूरे विश्व में फैला। आधुनिक रूप में आने के बाद ‌आज विश्वभर में इसे चेस के नाम से जाना जाता है। भारत के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया हैं। विश्वनाथन आनंद ने पहली बार भारत को विश्व चैंपियन बनाकर शतरंज की दुनिया में एक नई पहचान दिलाई और वे पांच बार वर्ल्ड चैंपियन बने। उनके बाद कोनेरू हंपी, हरिका द्रोणावल्ली, अर्जुन एरिगैसी, आर. प्राज्ञनानंदा, , डी. गुकेश जैसे युवा खिलाड़ी भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहे हैं। 

कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर यह टूर्नामेंट छत्तीसगढ़ राज्य शतरंज संघ के मार्गदर्शन और गाईडलाइन का पालन करते हुए कराया जा रहा है l उनका मानना है कि जशपुर में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जशपुर की प्रतिभाएं भी शतरंज के क्षेत्र में आगे आकर देश का नाम रोशन कर सकतीं हैं। 

कलेक्टर श्री व्यास ने छत्तीसगढ़ के सभी जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों  को जशपुर में आयोजित होने जा रहे इस टूर्नामेंट में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने और जशपुर की प्राकृतिक वादियों का आनंद लेने के लिए आमंत्रित किया है l पुरस्कार के रूप में विभिन्न श्रेणियों में कुल दो लाख इक्यावन हजार रुपए की नकद राशि और ट्रॉफी 38 विजेता प्रतिभागियों को प्रदान की जाएगी, साथ ही उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। जिला प्रशासन के द्वारा सर्वप्रथम पंजीयन करने वाले 50 पुरुष और 30 महिला खिलाड़ियों  को डॉरमेट्री आधारित निःशुल्क आवास उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों को रियायती दरों पर लॉज, होटल तथा‌ टूर्नामेंट स्थल पर रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

एसडीएम विश्वासराव मस्के के द्वारा आधिकारिक रूप से टूर्नामेंट की मार्गदर्शिका और पोस्टर जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिले के निवासी इस टूर्नामेंट में प्रवेश ले सकते हैं। जशपुर जिले के स्थायी निवासियों के लिए प्रवेश शुल्क ₹100 और अन्य जिलों के निवासियों के लिए ₹500 रखा गया है। प्रवेश की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर तक है ‌। 6 अक्टूबर के बाद प्रवेश के लिए 250 रुपए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा। 9 अक्टूबर के बाद प्रवेश पुरी तरह बंद हो जाएगा। टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए  छत्तीसगढ़ स्टेट चेस एसोसिएशन में वर्ष 2025-26 के लिए लागू शुल्क जमा कर सदस्यता लेनी होगी। जशपुर जिले के निवासियों के लिए 75 रुपए और अन्य जिले के निवासियों के लिए यह पंजीयन शुल्क ₹150 है। जिन खिलाड़ियों ने पहले से सदस्यता ली हुई है उन्हें दुबारा पंजीयन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

आयोजन समिति के सचिव और जिला खेल अधिकारी समीर बड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जशपुर में ओपन टूर्नामेंट आयोजित हो रहा है, इसमें छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों‌ के सभी आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। यह टूर्नामेंट जशपुर के बालाजी मंदिर के पास स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित होना है।

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नवरात्रि का भव्य समापन : नारायणपुर में धूमधाम से निकली देवी शोभायात्रा.......भव्य आतिश बाजी के साथ रावण दहन,,,देखें वीडियो

नारायणपुर : 03 अक्टूबर 2025 : शारदीय नवरात्रि के समापन के प्रतीक, महानवमी का पावन पर्व नारायणपुर में पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दुर्गा प्रतिमा का एक विशाल और भव्य जुलूस गांव के प्रमुख मार्गों से निकाला गया।जुलूस में शामिल महिलाएँ, पुरुष और बच्चों की भारी संख्या आस्था और उत्साह से भरी दिखी। सभी भक्तजनो ने डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए खुशियाँ मनाया। पूरा नगर मां दुर्गा के जयकारों और अबीर-गुलाल से सराबोर हो गया।रानीकम्बो तालाब में विसर्जन प्रक्रिया को शांति व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न किया गया।

गुरुवार को दशहरा के दिन विसर्जन के लिए माता जी की प्रतिमा के समक्ष लोगों ने एक दूसरे को दशहरा की बधाई दी और विदाई गीत 'नवरात नौ दिन माई दसम दिन बिदाई' के बजते ही उपस्थित सभी लोग भावुक हो गए और आंखों से आंसू छलकने लगे।

गुरुवार को पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन करने के बाद श्रद्धालुओं ने जयकारों, ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे की गूंज के बीच धूमधाम से प्रतिमाओं का विसर्जन किया। उत्सवमय माहौल में भक्तों ने मां को विदाई दी और सुख-समृद्धि की कामना की। 

महिलाएं डीजे की धुन पर झूमे

विसर्जन जुलूस में शामिल भक्तों ने मां दुर्गा की जय-जयकार के साथ धार्मिक भजनों पर नृत्य कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। बच्चे, युवा और महिलाएं ढोल-नगाड़ों की ताल पर झूम उठे। श्रद्धालुओं ने कहा कि मां दुर्गा की विदाई केवल एक परंपरा है, दरअसल यह उनके घर-घर व दिल-दिल में स्थायी निवास का प्रतीक है।

भव्य आतिश बाजी के साथ रावण दहन

मां दुर्गा की पूजा-अर्चना लगातार नौ दिन चलने के बाद दसवें दिन गुरुवार को धूमधाम से गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ रावण दहन के बाद विसर्जन किया गया।मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ लोग नगर भ्रमण करने लगे और रावण दहन स्थल पर माता की मूर्ति पहुंचने के बाद भव्य आतिशबाजी के साथ रावण का दहन कर बुराई पर अच्छाई की विजय का त्योहार दशहरा धूमधाम से मनाया गया। नारायणपुर में रावण दहन कार्यक्रम की भव्यता से सभी लोग आनंदित दिखे। रावण दहन के पहले से शुरू हुई आतिशबाजी ने सभी का मन मोह लिया
       कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय दुर्गा पूजा समिति, युवा मित्र मंडली और  आमजनों का सराहनीय योगदान रहा।

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