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जशपुर में तीन दिवसीय स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट के स्पर्श खंडेलवाल बने ओवरऑल चैंपियन....प्रतियोगिता में राज्य के 18 जिलों के कुल 204 खिलाडियों ने लिया भाग

जशपुरनगर, 14 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर में आयोजित तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस राज्य स्तरीय स्पर्धा में प्रदेश के 18 जिलों के कुल 204 खिलाड़ियों ने भाग लिया।
टूर्नामेंट में राजनांदगांव के स्पर्श खंडेलवाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता। उन्हें 31 हजार रुपये की पुरस्कार राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। वहीं दूसरे स्थान पर दुर्ग के 10 वर्षीय खिलाड़ी वी. विराट अय्यर रहे, जिन्हें 21 हजार रुपये और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। तीसरा स्थान संकल्प कश्यप को प्राप्त हुआ, जिन्हें 11 हजार रुपये की राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। स्पर्धा में विभिन्न आयु वर्गों, महिला वर्ग एवं दिव्यांग श्रेणी में भी विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई।
     समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और आयोजनकर्ताओं को बेहतर आयोजन के लिए सराहना भी की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खूबसूरती के लिए मशहूर जशपुर खेल के क्षेत्र में भी आगे है। यहां से निकले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय खेलों में भी अच्छा प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर में खेलों को आगे ले जाने विशेष रूप से प्रयासरत हैं। यहां पर खेल के लिए अधोसरंचना विकास के साथ विभिन्न खेलों का आयोजन किया जा रहा है ताकि खिलाड़ी उभर का सामने आए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट ने सभी खिलाड़ियों उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शतरंज खेल हमारे सोचने और समझने की क्षमता का विकास करता है। हम इससे सटीकता, रणनीति निर्माण की कला सीख सकते हैं। हम जितना ज्यादा प्रैक्टिस करते हैं उतना की निखरते जाते हैं। नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने अपने संबोधन में सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि इस तरह के आयोजन से उभरते खिलाड़ी प्रेरित होंगे और आगे की स्पर्धाओं में निखर का सामने आएंगे। 

204 खिलाडियों ने लिया भाग, जशपुर के लगभग 137 खिलाड़ियों ने भी लिया हिस्सा

इस प्रतियोगिता में राज्य के 18 जिलों के कुल 204 खिलाडियों ने भाग लिया। सबसे ज्यादा भागीदारी जशपुर जिले की रही, यहां से लगभग 137 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। स्पर्धा के  तीसरे और अंतिम दिन पूरे आठ राउंड के खेल के बाद विजेताओं का चयन किया गया। जिसमें 09 आयुवर्ग में वेदांश यादव विजेता रहे। इसी तरह 11 आयुवर्ग में प्रांजल सिंह, 13 आयुवर्ग में देवांश जैन, 15 आयुवर्ग में सानिध्य गुप्ता, महिला 09 आयुवर्ग में अनिरुद्धि अनंत, महिला 11 आयुवर्ग में सावी गौरी, महिला  13 आयुवर्ग में श्रेया शिल्पी, महिला 15 आयुवर्ग में अंशिका मिंज विजेता रही। इसी प्रकार से दिव्यांग श्रेणी में रूपेश कुमार मिश्रा विजेता रहे। बेस्ट जशपुर वर्ग के विजेता अमन कुमार रवानी, सरगुजा डिविजन वर्ग के विजेता मुहम्मद हसनैन अली, वेटरन श्रेणी में विजेता सेनगुप्ता दीपांकर और बेस्ट महिला श्रेणी वर्ग का खिताब मादके इशिका ने जीता। सभी को चार-चार हजार रुपए की पुरस्कार राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। सभी खिलाड़ियों ने बेहतर आयोजन और  सुविधा प्रदान किए जाने के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

सफल बनाने में आयोजनकर्ताओं की रही प्रमुख भूमिका
  
टूर्नामेंट का आयोजन छत्तीसगढ़ स्टेट चेस एसोसिएशन के सहयोग से कराया जा रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के और सचिव जिला खेल अधिकारी श्री समीर बड़ा थे। चेस एसोसिएशन की ओर से आर्बिटर अनीश अंसारी, रॉकी देवांगन, हर्ष शर्मा, शुभम बसोने, शेष रतन जायसवाल, प्रदीप कुमार मंडल और अनिल शर्मा ने खिलाड़ियों को गाइड करने के साथ ही निर्णायक की भी भूमिका निभाई। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ शतरंज संघ के सचिव श्री हेमंत खूंटे, बाल कल्याण समिति जशपुर के अध्यक्ष  श्री नितिन राय, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, आयोजन समिति के जॉइंट सेक्रेटरी विनोद गुप्ता की भी मौजूदगी रही।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम सम्पन्न — जिलों के नवाचारों पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर, 13 अक्टूबर 2025/ मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित ऑडिटोरियम में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, विभागीय सचिव, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नवाचार जनसेवा के केंद्र में हो - मुख्यमत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवाचार ऐसे हों जो दीर्घकालिक रूप से व्यवहारिक हों, नागरिकों की सुविधा बढ़ाएं, और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं को सहयोग दें। राज्य सरकार नवाचारों का स्वागत करती है, परंतु यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बुनियादी प्रशासनिक कार्य इससे प्रभावित न हों।  उन्होंने कहा कि नवाचार तुगलकी प्रयोग न बनें, बल्कि नागरिक जीवन को सरल बनाने का माध्यम बनें।

स्थायी और व्यावहारिक नवाचारों पर जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जो भी नवाचार हों, उनमें लोगों की राय अवश्य शामिल की जाए और उनके प्रभाव का फीडबैक लिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार जिले में किए गए नवाचार आने वाले अधिकारियों की प्राथमिकता में नहीं रहते, इसलिए इनकी स्थायित्व और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। नवाचार का उद्देश्य जनता की सेवा और पारदर्शिता में वृद्धि होना चाहिए।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम को सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सेवाएं निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से दी जाएं और यदि देरी होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में यह देखा जाएगा कि कितने मामलों का समय पर निराकरण हुआ और कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।

कार्यालयीन अनुशासन और स्वच्छता पर विशेष बल

सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आरंभ किए गए ‘पुराने दस्तावेज हटाओ’ अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालयों में वर्षों पुराने अनुपयोगी फाइलें न केवल जगह घेरती हैं, बल्कि नागरिकों में गलत छवि भी बनाती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कलेक्टर अपने कार्यालयों को व्यवस्थित करें ताकि पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ सके।

ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम ई-ऑफिस प्रणाली है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा में इसे पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता घटाना आवश्यक है और सभी लंबित फाइलों को डिजिटल माध्यम में लाना होगा ताकि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके।

ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल गवर्नेंस का युग है। सभी कलेक्टर सुनिश्चित करें कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अधिकाधिक सेवाएं उपलब्ध हों और जनता ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों में डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक सेवा को डिजिटल करना ही पारदर्शी शासन की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।

शिकायतों के समाधान में पारदर्शी व्यवस्था

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी कलेक्टर शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करें और डिजिटल माध्यम में उनके समाधान की स्थिति उपलब्ध कराएं। इससे नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त होंगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में मैनुअल गवर्नेंस से भ्रष्टाचार बढ़ा, जबकि डिजिटल प्रणाली जवाबदेही सुनिश्चित करती है।

फील्ड विजिट और निरीक्षण की स्थायी प्रणाली बने

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केवल आकस्मिक निरीक्षण से प्रशासन नहीं सुधरता। फील्ड विजिट को स्थायी प्रक्रिया के रूप में अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे पानी की गहराई का अंदाजा पानी में उतरे बिना नहीं होता, वैसे ही योजनाओं की सच्चाई फील्ड में जाकर ही पता चलती है। नियमित निरीक्षण से न केवल सुधार होता है बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी पर भी नियंत्रण रहता है।

मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी को ट्रांसफॉर्म करने का समय आ गया है। नई कार्य संस्कृति और तकनीक को अपनाए बिना सुशासन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता में विश्वास बढ़ाना है, तो उच्चाधिकारियों को खुद उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम स्वयं समय पर दफ्तर पहुंचेंगे, तभी नीचे तक अनुशासन की संस्कृति बनेगी।

जिलों के नवाचारों की प्रस्तुति और कॉफी टेबल बुक का विमोचन

कार्यक्रम में रायपुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जशपुर और उदंती वन अभयारण्य के नवाचारों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने जिलों में हो रहे नवाचारों पर आधारित ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन किया और अधिकारियों को सराहा जिन्होंने जमीनी स्तर पर योजनाओं को परिणाममुखी बनाया।

कार्यक्रम के दौरान ‘जशप्योर’ ब्रांड के स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की सफलता का उल्लेख किया गया। महुआ को सुपरफूड के रूप में स्थापित करने वाला भारत का पहला ‘महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ जशपुर में संचालित है। जशप्योर उत्पाद अब पाँच राज्यों में बिक रहे हैं और विक्रय में 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नारायणपुर जिले के 'डेटा प्लेटफॉर्म’ द्वारा नक्सल गतिविधियों की ट्रैकिंग और दंतेवाड़ा में ब्लॉकचेन तकनीक से 7 लाख भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन को मुख्यमंत्री ने अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने अबूझमाड़ और दंतेवाड़ा में प्रशासन के हाई-टेक सिस्टम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही आधुनिक छत्तीसगढ़ की दिशा है।

सुशासन संवाद में रायपुर जिले में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त पहल ‘टीम प्रहरी’ के कार्यों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस पहल के तहत अवैध अतिक्रमणों को हटाने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। नारायणपुर जिले में ‘इंटिफाई’ डेटा मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसके माध्यम से नक्सल गतिविधियों की प्रभावी ट्रैकिंग की जा रही है तथा शासकीय योजनाओं से संबंधित सभी आंकड़ों को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित किया गया है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करते हुए 7 लाख भूमि अभिलेखों का डिजिटाइजेशन किया गया है, जिससे भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और त्वरित समाधान सुनिश्चित हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन कोई एक दिन का लक्ष्य नहीं, बल्कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया है। इसके लिए हर अधिकारी को अपने भीतर से बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा कि “हमारे छोटे-छोटे प्रयास ही विकसित छत्तीसगढ़ की बड़ी तस्वीर बनाएंगे।” मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से अपेक्षा की कि वे जनता के बीच जाकर योजनाओं का वास्तविक प्रभाव देखें, तकनीक और अनुशासन को प्रशासन की संस्कृति बनाएं और राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित भारत की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करें।

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लघु वनोपजों से आत्मनिर्भरता की राह — मुख्यमंत्री श्री साय ने तय किया हरित विकास का रोडमैप

रायपुर, 13 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर–डीएफओ संयुक्त कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के वन प्रबंधन, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित, लघु वनोपजों के मूल्य संवर्द्धन (वैल्यू एडिशन), ईको-टूरिज्म, औषधीय पौधों की खेती और वनों से जुड़ी आजीविका के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक हितग्राहियों की संख्या आज 12 लाख से अधिक हो चुकी है, जो हमारे सामूहिक प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आवश्यकता इस बात की है कि हम वन उपज का अधिकतम वैल्यू एडिशन करें। उन्होंने कहा कि राज्य में वन धन केंद्रों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ग्रामीणों को अधिक आय के साधन मिल सकें और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश में अब 46 प्रतिशत वन आवरण हो चुका है, जो लगभग दो प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में कैम्पा योजना और “एक पेड़ मां के नाम” जैसी अभिनव पहल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कॉन्फ्रेंस में जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को भुगतान सात से पंद्रह दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भुगतान की जानकारी एसएमएस के माध्यम से सीधे संग्राहकों के मोबाइल पर भेजी जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में बताया गया कि लगभग 15 लाख 60 हजार संग्राहकों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज हो चुकी है और सभी भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्रहण प्रक्रिया के पूर्ण कंप्यूटरीकरण की पहल को और तेज करने के निर्देश दिए।

कॉन्फ्रेंस में औषधीय पौधों की खेती के विस्तार हेतु प्रचार-प्रसार गतिविधियों को बढ़ाने और इसके लिए कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के मैदानी अमले की सहायता लेने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में पिछले सीजन में हुए तेंदूपत्ता संग्रहण की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी सीजन के लिए पूर्व-कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि संग्राहकों को समय पर लाभ मिल सके और किसी प्रकार की देरी न हो।

लघु वनोपज आधारित स्टार्टअप और वन धन केंद्रों को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लघु वनोपजों को वनांचल क्षेत्रों में आजीविका के प्रमुख साधन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। बैठक में लघु वनोपज आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और वन धन केंद्रों को सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सके।

छत्तीसगढ़ हर्बल और संजीवनी ब्रांड के उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया। बैठक में निर्देश दिए गए कि इन उत्पादों की बिक्री ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में बढ़ाई जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों के लिए एक मजबूत मार्केट नेटवर्क विकसित हो सके। साथ ही, उत्पादों के जैविक प्रमाणीकरण (Organic Certification) की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने पर बल दिया गया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि पहली बार वन अधिकारियों की बैठक आयोजित कराने के लिए वे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सभी कलेक्टर और वन अधिकारी समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्य करें, तो इसके अत्यंत अच्छे परिणाम सामने आएंगे।

वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर और सरगुजा संभागों में विशेष रूप से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसे आजीविका से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब 75 प्रकार की लघु वनोपजों की खरीदी करने जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि लाख उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है, और यदि ठोस कार्ययोजना बनाकर लक्षित रूप से कार्य किया जाए तो प्रदेश देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर सकता है।

औषधीय पौधों की खेती के विस्तार की नई पहल

बैठक में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। धमतरी, मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिलों में औषधीय पौधों की खेती से संबंधित विषयों पर उपस्थित डीएफओ को विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि औषधीय पौधों की खेती न केवल लोगों की आजीविका बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि पारंपरिक उपचार पद्धतियों के ज्ञान को भी आगे बढ़ाएगी। औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और लोगों की आय में वृद्धि के अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

इस अवसर पर सभी संभागायुक्त, जिला कलेक्टर  एवं वन मंडलाधिकारी उपस्थित थे।

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अपर कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आम जनता की समस्याएं....समयबद्ध निराकरण को दिए निर्देश

जशपुरनगर, 13 अक्टूबर 2025/ अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरता से अवलोकन किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनका समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    अपर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। जनदर्शन के दौरान आज लगभग 32 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका संबंधी और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस — अपराधियों में हो कानून का भय और जनता में हो सुरक्षा का अहसास — मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 13 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति, मादक पदार्थ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिन जिलों में दोनों के बीच समन्वय मजबूत है, वहां बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को प्रशासनिक उदासीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने, चाकूबाजी और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। गौ-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों पर सघन निगरानी रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार किया है, उनके अनुभवों को अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नशाखोरी और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, और इसे समाप्त करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। मुख्यमंत्री श्री साय ने एनकॉर्ड (NCORD) के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट के तहत समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में सघन जांच की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की अनदेखी अक्सर गंभीर अपराधों को जन्म देती है, इसलिए प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

बैठक में आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास और आजीविका सशक्तिकरण पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति में माओवादियों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्थानीय रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि वे मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।

कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गहन मंथन हुआ। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था सुधार हेतु कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कार्य किए जाने, रात 10 बजे के बाद डीजे या लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने और नशे में वाहन चलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि साइबर अपराध आधुनिक युग का सबसे जटिल खतरा बन चुका है। इसे रोकने के लिए पुलिस बल को निरंतर तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया। साथ ही  साइबर हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार जनसंपर्क विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों को देखते हुए प्रत्येक जिले में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि आम नागरिक ठगी, फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराधों से सुरक्षित रह सकें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन, टीम भावना और साझा उत्तरदायित्व ही विकसित छत्तीसगढ़ की वास्तविक नींव है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन तभी सशक्त बन सकते हैं, जब प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए और टीम के रूप में मिलकर परिणाम दे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल नीतियों पर नहीं, बल्कि उन्हें लागू करने वाली टीम की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर निर्भर करती है। यही भावनात्मक और प्रशासनिक समन्वय “विकसित छत्तीसगढ़” को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

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रजत जयंती विशेष सप्ताह में आयुष विभाग द्वारा  सामूहिक योगाभ्यास,औषधीय पौधों की जानकारी और निःशुल्क जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों को किया गया उपचार

जशपुरनगर 13 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वां वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती के अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास निर्देशन एवं जिला आयुष अधिकारी जशपुर के मार्गदर्शन में रजत जयंती विशेष सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। 
         इसी कड़ी में आयुष विभाग के द्वारा विगत् दिवस 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शासकीय आयुर्वेद औषधालय जशपुर में सामूहिक योगाभ्यास किया गया एवं 11 अक्टूबर को स्कूली छात्र छात्राओं द्वारा जिले के समस्त आयुष संस्थाओं में हर्बल गार्डन भ्रमण किया गया एवं औषधीय पौधों शतवारी, सहिजन, एलोवेरा, अपराजिता, एरण्ड, अमलतास, नीम, तुलसी इत्यादि के बारे में जानकारी दी गयी।
         रजत जंयती विशेष सप्ताह के जिला नोडल एवं आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिकृष्ण श्रीवास और आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा  
रजत जयंती विशेष सप्ताह के रविवार को जशपुर के बाजारडांड में निःशुल्क जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर एवं औषधीय पौधों के प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 446 रोगियों का उपचार किया गया। इनमें आयुर्वेद पद्धति से 248 एवं होम्योपैथी पद्धति से 198 रोगियों का तथा रक्त परीक्षण से 56 रोगीयों को लाभान्वित किया गया। 
         आयुष स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत  के द्वारा किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि आयुर्वेद एक प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है, जिसका प्रयोग जीर्ण रोगों में अत्यंत कारगर है। जशपुर जिला वनौषधियों का भण्डार है। औषधियों की पहचान एवं उपयोग की आवश्यकता है। आयुर्वेद की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि औषधियों की पहचान एवं उनकी रोगों में उपयोग की जानकारी जनता तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण पहल आयुष विभाग द्वारा किया जा रहा है। जो अत्यंत सराहनीय है।
        शिविर प्रभारी आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. एल.आर. भगत द्वारा आयुष विभाग की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गयी। शिविर में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिकृष्ण श्रीवास, डॉ. कपिल श्रीवास्तव आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, डॉ. अम्बिका नायक होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी, डॉ. योग्या यादव आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, डॉ. निकिता मिंज आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, डॉ. पूजा भगत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, शरद साहू आयुर्वेद फार्मासिस्ट, कृष्ण कुमार दिनकर पंचकर्म सहायक इत्यादि ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।

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100 वर्षो की गौरवगाथा :  बगीचा के बछरांव - कुनकुरी के केराडीह में आरएसएस का पद संचलन... पुष्प वर्षा से हुई जगह जगह स्वागत....

बच्छरांव - पथ संचलन में  दिखा एकता और राष्ट्रभाव का अद्भुत संगम

नारायणपुर 13 अक्टूबर 2025 : बच्छरांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से घोष की ताल पर कदम से कदम मिलाते हुए रविवार को पथ संचलन निकाला गया। रास्ते में जगह जगह पर सामाजिक संगठनों,व ग्रामीणों ने घरों के सामने पथ संचलन का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।  
         इस पथ संचलन कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता,संघ संस्थापक डा केशव राव बली राम हेडगेवार और माधव राव सदाशिव गोवलकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन कर शस्त्र पूजन कर बैंड बाजाओं के साथ पथ संचलन शुरु किया गया।पथ संचलन बच्छरांव हाई स्कूल ग्राउंड से शुरु कर कुशुमटोली,अटल चौक, गंझुटोली होते हुए माझाटोली तक कंधे मे दंड लेकर संघ के गानों के साथ भ्रमण किया गया।पथ संचलन के समय हर चौक चौराहों पर भगवा रंगों मे मातृ शक्ति माताओं,बहनों के द्वारा स्वयं सेवकों पर पुष्प वर्षा,आरती एवं वन्दे मातरम,भारत माता की जय के नारों से स्वागत कर स्वयं सेवकों का उत्साह बढ़ा रहे थे साथ ही जगह जगह पर पथ संचलन मार्ग पर रंगोली से सजा रखे थे जो देखने लायक था।राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना विजयादशमी के दिन वर्ष 1925 मे डा हेडगेवार ने की सौ। संघ की सौ वर्ष पूर्ण होने पर संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है।संघ आज विश्व की सबसे बड़ा स्वयं सेवी संघठन बन चुका है।संघ ने समाज के हर वर्ग को संघठित करने और राष्ट्रहित मे कार्य किया है।संघ ने राष्ट्रनिर्माण के लिए समय समय पर सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के हर वर्ग हेतु कार्य किया है।शाखाओं के माध्यम से शारीरिक,बौद्धिक और नैतिक प्रशिक्षण देकर संघ स्वयं सेवकों मे अनुशासन,त्याग और सेवा की भावना का संचार करता है।संघ का मूल उद्देश्य हिन्दु समाज को संघठित करना और राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाना है।
 इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं संघ के प्रांत प्रमुख छ ग ललित कुमार मानिकपुरी प्रमुख वक्ता ने कहा स्वयं सेवकों को जय जय कार नही चाहिए,भारत माता की जय जय कार होनी चाहिए।उन्होंने आगे कहा संघ का कार्य ईश्वरीय कार्य है।सनातन ही राष्ट्र है,सामान्य समाज मे ही देश भक्ति का भावना है।भारत के सर्वागिन विकास के लिए स्वयं सेवकों ने आजन्म काम करने के लिए संकल्प लिए हैँ। प्रांतीय अध्यक्ष मुंडा समाज के शंकर राम बरला ने अपने संबोधन मे राष्ट्र ही सर्वोपरी विचारों को रखते हुये जाति धर्म,संस्कृति पूजा पद्धति को नही बदलने एवं संघ मे युवा युवती को जोड़ने के साथ गांव मे संघठित रहने को कहा। 
  उक्त कार्यक्रम मे खंड संचालक सुभास चंद्र सहित,सहखंड कार्यवाह एवं जिला के प्रकाश यादव सम्पर्क प्रमुख एवं शारीरिक शिक्षण प्रमुख अर्जुन नागदेव बौद्धिक प्रमुख सुखनाथ राम खंड सम्पर्क प्रमुख विमल नायक एवं मुख्य वक्ता तुलसीदास मानिकपुरी सहित जिला,खंड एवं मंडल के स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति एवं मातृ शक्ति माताएँ बहनें उपथ उपस्थित रहे।

संघ के शताब्दी वर्ष पर केराडीह में भव्य पथ संचलन, भारी संख्या में स्वयंसेवकों ने बढ़ाई राष्ट्रभक्ति की भावना

केराडीह : कुनकुरी के मंडल-केराडीह में विजयादशमी एंव पथसंचलन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ,पथसंचलन के बाद धुप दीप जला कर और भारत माता ,डाॅ, हेडगेवार,श्री गुरूजी  के चित्र पर माल्यार्पण कर  इसके बाद सत्र की पुजा हुवी तत पश्चात ध्वज लगाकर प्रार्थना  हुवी मुख्यतिथि श्री प्रभाकर यादव जी के द्वारा उदबोधन हुवा मुख्य वक्ता श्री हेमन्त नाग जी विभाग प्रचारक,विभाग सरगुजा,के द्वारा  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ   सितम्बर सन् 1925 को विजयादशमी के दिन संघ की स्थापना की गयी थी सितम्बर सन् 2025 को 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष के रूप मनाने के उदेश्य के बारे बताया गया जिसमे हिन्दु संगठन को  मजबूत करने व देश हित ,राष्ट्र हित आपतकाल स्थिति में सहयोग करने  व सन् 1947 में भारत देश की आजादी के समय बलिदान हुवे और स्वयं सेवक देश ,व राष्ट्रीय हित और धर्म रक्षा के लिए हमेशा सबसे आगे खड़े रहते है  डाॅ ,केशव बलीराम  हेडगेवार जी के जीवनी के बारे में भी बताए राष्ट्रीय स्वयं सेवकों की बीर गाथा के बारे बताया गया  और संघ के सात (7) बिन्दु पर कार्ययोजना के बारे में  बताए 1,विजयादशमी,2,गृह संपर्क 3,हिन्दु  सम्मेलन ,4,युवा  सम्मेलन 5, समाजिक सदभाव,6, प्रमुख जनगोष्टी ,7,शाखा अधिकतम स्थान में लगाना, मुख्यतिथि श्री प्रभाकर यादव जी ,मुख्य वक्ता श्री हेमन्त नाग जी, विभाग प्रचारक ,विभाग सरगुजा,खण्ड कार्यवाह श्री अशोक चौहान जी,श्री खेमलाल खुटे जी ,श्री शंकर यादव जी श्रीविद्याधर सिंह जी,श्री चन्द्रकिशोर सिंह(मंडल पालक),श्री महानंद सिंह श्री देवचरन चौहान,मंडल कार्यवाह श्री अनुपनारायण सिंह ,श्री बिहारी नायक,श्री  दिनेश राम श्री संतोष यादव,मंडल संयोजक श्री विनय यादव सह संयोजक श्री राहुल कश्यप ,घोष प्रमुख श्री कार्तिक चक्रवर्ती श्री  पोसनारायण , एंव सैकड़ों स्वयं सेवक व जिला ,खण्ड ,मंडल,के दायित्व वान कार्यक्रताऔर  मंडल केराडीह के बंधु,भगिनी उपस्थित हुवे ।

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रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में चिरायु योजना से अमीषा के हृदय रोग का हुआ निशुल्क सफल इलाज...परिजनों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

जशपुरनगर, 13 अक्टूबर 2025/ चिरायु योजना आज जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल बच्चों को नई जिंदगी दी है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान भी लौटा दी है। इसी कड़ी में चिरायु योजना से ही दिल की बीमारी से जूझ रही किसान परिवार में जन्मी अमीषा केरकेट्टा को नवजीवन देने का काम किया है। 
     मनोरा विकासखंड के छोटे से ग्राम ओरडीह की एक  जनजातीय परिवार में जन्मी अमीषा केरकेट्टा अक्सर बीमार रहने लगी थी। परिजन बार-बार उसकी तबीयत बिगड़ने से चिंतित थे। जब अमीषा की जांच जिला चिकित्सालय जशपुर में चिरायु टीम द्वारा की गई, तो पता चला कि वह जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित है। खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले उसके पिता अशोक केरकेट्टा यह सुनकर परेशान हो उठे। उनके सामने सबसे बड़ी चिंता थी कि वे इतने महंगे इलाज का खर्च कैसे उठा पाएंगे। तभी चिकित्सकों ने उन्हें चिरायु योजना के बारे में जानकारी दी। यह सुनकर परिवार को मानो एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी। योजना के तहत अमीषा को शासकीय व्यय पर बेहतर उपचार के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नया रायपुर भेजा गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उसका सफल ऑपरेशन किया। कुछ ही समय में अमीषा पूरी तरह स्वस्थ हो गई।
     आज 11 वर्ष की अमीषा न केवल स्वस्थ है, बल्कि पहले से अधिक उत्साह और ऊर्जा से भरी हुई है। उसका मुस्कुराता चेहरा अब उसके माता-पिता के जीवन को सुकून से भर देता है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने गरीबों की पीड़ा को समझा और इलाज के लिए बेहतर संस्थानों में भेजकर निःशुल्क इलाज करा रही है।  उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जांच के उपरांत 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति की जानकारी होने के बाद चिरायु योजना से बच्चों का इलाज कराया जाता है। आवश्यकता होने पर बच्चों को देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती चली 9 घंटे मैराथन बैठक....सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर मंथन हुआ

रायपुर, 12 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तय किए गए। बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले हुई, जिसने पूरे प्रशासन को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन और परिणाम केंद्रित कार्यशैली का सीधा संदेश दिया।  बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रारंभ से ही स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है — और इस दिशा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं। 

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग  हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इससे जिलों में निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुँचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा सम्भाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत प्रसव सभी अस्पतालों में  सुनिश्चित हो। साथ ही टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए।

उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित और प्रभावी होना चाहिए तथा माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों  के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को “मलेरिया-मुक्त राज्य” बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षण सामग्री अलमारियों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिक्षण संसाधनों का उपयोग कक्षा में सुनिश्चित करें और नियमित मॉनिटरिंग करें।

मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता और छात्र लाभ वितरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी आधार पर छात्रों को गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में परीक्षा परिणाम सुधार की ठोस योजना बने। जो जिले बेहतर कर रहे हैं, उनके मॉडल अन्य जिलों में लागू किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन शिक्षकों का प्रदर्शन उत्कृष्ट है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली की सख्त मॉनिटरिंग की जाए और गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि शाला विकास समितियों को फिर से सक्रिय किया जाए और शहरी क्षेत्रों में अनुपस्थित छात्रों के परिजनों से संपर्क कर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा अभियान राज्य के आदिवासी अंचलों के सर्वांगीण विकास का प्रतीक है। सभी 17 विभागों को आपसी समन्वय से योजनाओं के 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल, छात्रावास, पेयजल, आजीविका, पशुपालन, डेयरी, मछलीपालन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में एकीकृत दृष्टिकोण से काम किया जाए ताकि आदिवासी गाँव आत्मनिर्भर बन सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने  बधाई दी कि आदि कर्मयोगी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर रहा। बैठक में बताया गया  कि 128 विकासखंडों के 6650 गांवों में 1.33 लाख वालेंटियरों के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान जनजातीय समुदायों में उत्तरदायी शासन और आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त कर रहा है।

*पीएम जनमन योजना — मार्च 2026 तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि सभी कलेक्टर्स पाँच विशेष पिछड़ी जनजातियों के ग्राम विकास कार्यों में तेजी लाएं। 11 विभागों को गुणवत्ता से समझौता किए बिना स्वीकृत कार्य शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए गए।
राज्य की 2300 से अधिक बस्तियों में दो लाख से अधिक जनसंख्या को इस योजना से लाभ मिला है। मनेंद्रगढ़ और धमतरी के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने अन्य जिलों को उनके अनुकरण की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी नगरीय निकायों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के सभी शेष मकानों का निर्माण 31 दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाए। जो मकान तैयार हैं, उनका अधिपत्य अगले दो माह में हितग्राहियों को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसियों को सक्रिय करें और भुगतान व मॉनिटरिंग में सुधार लाएं। औसत प्रतिदिन पूर्णता में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। बैठक में बताया गया कि "मोर गांव मोर पानी अभियान" के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए गए कार्यों के भुगतान में विलंब पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि भुगतान समय-सीमा में नहीं हो रहा, जिससे अभियान की गति प्रभावित हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि आगे से सभी भुगतान तय समय में किए जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे सुबह 7 बजे से पहले नगरीय वार्डों में जाकर निरीक्षण करें और नगर निगम, नगर पालिका के कार्यों की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार प्राथमिकता से हो। उन्होंने चेताया कि केवल कागज़ी रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी — फील्ड विज़िट अनिवार्य हैं।

*तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास — युवाओं के लिए नए अवसर, समयबद्ध प्रशिक्षण और रोजगार पर फोकस*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए युवाओं के लिए राज्य स्तरीय रोजगार मेला आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार प्रशिक्षण बैचों का संचालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे कौशल विकास से संबंधित गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा समय-समय पर करें और लाइवलीहुड कॉलेजों के निर्माण के लिए भूमि का शीघ्र चिन्हांकन कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर स्किल गैप एनालिसिस कर वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हर तिमाही लोन मेले आयोजित करने तथा रोजगार कार्यालयों के माध्यम से काउंसलिंग कर औद्योगिक जिलों से रिक्तियां प्राप्त कर विभाग को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल प्रमाणपत्र तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक रोजगार और आत्मनिर्भरता में परिणत हो — यही कौशल विकास का वास्तविक उद्देश्य है।

*ई-सेवाएं एवं लोक सेवा गारंटी — नागरिकों को समय पर सुविधाएं, डिजिटल सेवा विस्तार पर जोर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ई-सेवाएं एवं लोक सेवा गारंटी से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ही आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त हों, इसके लिए त्वरित व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत आने वाली सभी आवश्यक सेवाओं का समय-सीमा में निस्तारण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के तहत 86 सेवाएं ऑनलाइन संचालित की जा रही हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करें और संबंधित विभागों से समन्वय कर अधिकाधिक सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए, ताकि जनता को पारदर्शी, तेज़ और सुविधा-जनक सेवा वितरण सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान स्पष्ट चेतावनी दी कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, रेत के अवैध उत्खनन या प्रशासनिक अनियमितता पर शासन की सख्त नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ पर पूरी दृढ़ता से अमल कर रही है, और इस नीति के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य एजेंसियों को भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए, ताकि विकास कार्यों की गति में किसी प्रकार की बाधा न आए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही तभी सुनिश्चित होगी जब अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर कार्यों की स्थिति का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण करने और लापरवाही पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुशासन और कार्यालय में उपस्थिति पर नियंत्रण के लिए राज्य स्तर के साथ-साथ सभी जिला कार्यालयों में भी बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली शीघ्र प्रारंभ की जाए। 

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रत्येक कलेक्टर अपने जिले की रैंकिंग सुधारने का संकल्प लें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रैंकिंग केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि जनता तक पहुँचने वाले वास्तविक परिणामों का प्रतिबिंब होनी चाहिए।

बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें, उनकी बातों को गंभीरता से सुनें और उनके सुझावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल योजनाओं के क्रियान्वयन या कार्य निष्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता, संवाद और जवाबदेही का भी विषय है। एक संवेदनशील प्रशासन ही जनता का विश्वास अर्जित कर सकता है, और वही सुशासन की वास्तविक पहचान है।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत जशपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट में 10 वर्षीय विराट और सावी ने वयस्क प्रतिद्वंदियों पर पड़े भारी

जशपुर नगर,12 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट के दूसरे दिन तक 6 राउंड का खेल संपन्न हुआ। आयोजन समिति के अध्यक्ष एसडीएम विश्वास राव मस्के और सचिव, जिला खेल अधिकारी समीर बड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक खेल गए पांच राउंड के परिणाम में सेनगुप्त दीपांकर, स्पर्श खंडेलवाल, सालिक नवाज मनिहार, ईशान सैनी, वी. विराट अय्यर, रूपेश कुमार मिश्रा, संस्कार कश्यप, शेख इदु और शुभम सिंह टॉप टेन स्थान पर रहे हैं। विजेता का निर्धारण पूरे आठ राउंड के बाद ही हो सकेगा ‌।
         टूर्नामेंट में 06 वर्ष से 67 वर्ष तक के खिलाड़ी शतरंज खेल रहे हैं। खेल के कुछ आश्चर्यजनक परिणाम भी मिल रहे हैं। कुछ विलक्षण प्रतिभावान खिलाड़ियों ने अपने खेल से सभी को रोमांचित किया। दुर्ग के 10 वर्षीय नन्हे खिलाड़ी वी. विराट अय्यर ने अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्राप्त अपने प्रतिद्वंदी 04 वयस्क खिलाड़ियों को हराया। वहीं रायपुर की 10 वर्षीय नन्ही बालिका खिलाड़ी सावी गौरी ने भी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्राप्त अपने प्रतिद्वंदी 04 वयस्क खिलाड़ियों को हराया। इस ओपन प्रतियोगिता में सभी वर्गों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लेते हुए समिति द्वारा की गई तैयारियों की सराहना की।
          इस टूर्नामेंट का आयोजन छत्तीसगढ़ स्टेट चेस एसोसिएशन के सहयोग से कराया जा रहा है। चेस एसोसिएशन की ओर से आर्बिटर अनीश अंसारी, रॉकी देवांगन, हर्ष शर्मा, शुभम बसोने, शेष रतन जायसवाल, प्रदीप कुमार मंडल और अनिल शर्मा खिलाड़ियों को गाइड करने के साथ निर्णायक की भूमिका निभाई। जिला प्रशासन की ओर से टूर्नामेंट के सफल संचालन के लिए आयोजन समिति के जॉइंट सेक्रेटरी विनोद गुप्ता के साथ समिति के सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं ‌।

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प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अब नहीं आता बिजली बिल, घर की छत से ही मिल रही ऊर्जा

जशपुर, 12 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक बड़ी पहल बनकर सामने आई है। इस योजना ने लोगों के जीवन में बचत, सुविधा और स्थायी ऊर्जा का नया रास्ता खोल दिया है।

जिले के पत्थलगांव निवासी श्री बालेश्वर यादव ने इस योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट लगाया है। योजना के अंतर्गत उन्हें केंद्र और राज्य सरकार से ₹78,000 हजार की सब्सिडी मिली, जबकि संयंत्र की कुल लागत लगभग ₹2 लाख रही।


*अब नहीं आता बिजली बिल, उल्टा हो रही बचत*

श्री यादव बताते हैं कि पहले हर महीने करीब ₹5,000 तक बिजली बिल देना पड़ता था। लेकिन सोलर सिस्टम लगने के बाद अब उनका बिल लगभग शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, घर में उपयोग से बची बिजली ग्रिड में भेजने से उन्हें हर माह आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घर में सोलर सिस्टम लगने से “अब बिजली कटने या बिल बढ़ने की चिंता नहीं रहती। हम खुद की जरूरत की बिजली बना रहे हैं और पर्यावरण को भी सुरक्षित रख रहे हैं।” श्री यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

*हर घर में पहुँच रही सौर ऊर्जा*

राज्य में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत हर परिवार को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना में सोलर संयंत्र की क्षमता के अनुसार ₹30,000 से ₹78,000 तक की सब्सिडी दी जाती है।

लाभार्थी pmsuryaghar.gov.in पोर्टल या मोबाइल एप से पंजीकरण कर सकते हैं। चयनित वेंडर द्वारा संयंत्र स्थापित करने के बाद डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर लगाया जाता है, और सत्यापन उपरांत सब्सिडी सीधे लाभार्थी के खाते में जमा कर दी जाती है। इच्छुक उपभोक्ता कम ब्याज दर पर बैंक ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए इसे जनसमर्थन पोर्टल से जोड़ा गया है।

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सीएम कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से  ग्राम  खजरीढाप में लौटी रोशनी

जशपुरनगर, 12 अक्टूबर 2025/  मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की  पहल पर विकासखंड पत्थलगांव , ग्राम पंचायत खजरीढाप के गांधी चौक मोहल्ला में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बाधित विद्युत आपूर्ति पुनः प्रारंभ हो गई है।  बिजली संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को  इससे बड़ी राहत मिली है। ग्रामवासियों ने त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
   उल्लेखनीय है कि विकासखंड पत्थलगांव , ग्राम पंचायत खजरीढाप के गांधी चौक मोहल्ला में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली की आपूर्ति बाधित थी। इससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके तहत विद्युत विभाग द्वारा ग्राम पंचायत खजरीढाप में ट्रांसफार्मर बदल दिया गया। इससे बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो गई है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्याओं का तत्परता के साथ समाधान किया जाता है। विशेषकर बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित समस्याओं पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत जशपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट में दूसरे दिन तक 06 राउंड का खेल हुआ संपन्न।

जशपुर नगर 12 अक्टूबर 2025 : 

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट के दूसरे दिन तक 6 राउंड का खेल संपन्न हुआ।
  
आयोजन समिति के अध्यक्ष एसडीएम विश्वास राव मस्के और सचिव, खेल अधिकारी समीर बड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक खेल गए पांच राउंड के परिणाम में सेनगुप्त दीपांकर, स्पर्श खंडेलवाल, सालिक नवाज मनिहार, ईशान सैनी, वी. विराट अय्यर, रूपेश कुमार मिश्रा, संस्कार कश्यप, शेख इदु और शुभम सिंह टॉप टेन स्थान पर रहे हैं। विजेता का निर्धारण पूरे आठ राउंड के बाद ही हो सकेगा ‌।

टूर्नामेंट में 06 वर्ष से 67 वर्ष तक के खिलाड़ी शतरंज खेल रहे हैं। खेल के कुछ आश्चर्यजनक परिणाम भी मिल रहे हैं। कुछ विलक्षण प्रतिभावान खिलाड़ी भी सामने आ रहे हैं। दुर्ग के 10 वर्षीय नन्हे खिलाड़ी वी. विराट अय्यर ने अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्राप्त अपने प्रतिद्वंदी  04 वयस्क खिलाड़ियों को हराया। वहीं रायपुर की 10 वर्षीय नन्ही बालिका खिलाड़ी सावी गौरी ने भी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्राप्त अपने प्रतिद्वंदी 04 वयस्क खिलाड़ियों को हराया।

इस टूर्नामेंट का आयोजन छत्तीसगढ़ स्टेट चेस एसोसिएशन के सहयोग से कराया जा रहा है। चेस एसोसिएशन की ओर से आर्बिटर अनीश अंसारी, रॉकी देवांगन, हर्ष शर्मा, शुभम बसोने, शेष रतन जायसवाल, प्रदीप कुमार मंडल और अनिल शर्मा खिलाड़ियों को गाइड करने के साथ निर्णायक की भूमिका में कार्य कर रहे हैं।

जिला प्रशासन की ओर से टूर्नामेंट के सफल संचालन के लिए आयोजन समिति के जॉइंट सेक्रेटरी विनोद गुप्ता के साथ समिति के सदस्य संजीव शर्मा , श्रीमति कल्पना टोप्पो , मिंकू बनर्जी, सत्यप्रकाश तिवारी , श्रीमती लक्ष्मी शुक्ला , अवनीश पांडेय , प्रदीप चौरसिया , टूमनु गोसाई, सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं ‌।

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कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में  सीएम के सख्त निर्देश “जनहित में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : 

रायपुर, 12 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तय किए गए। बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले हुई, जिसने पूरे प्रशासन को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन और परिणाम केंद्रित कार्यशैली का सीधा संदेश दिया।  बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रारंभ से ही स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है — और इस दिशा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं। 

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग  हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इससे जिलों में निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुँचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा सम्भाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत प्रसव सभी अस्पतालों में  सुनिश्चित हो। साथ ही टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए।

उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित और प्रभावी होना चाहिए तथा माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों  के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को “मलेरिया-मुक्त राज्य” बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षण सामग्री अलमारियों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिक्षण संसाधनों का उपयोग कक्षा में सुनिश्चित करें और नियमित मॉनिटरिंग करें।

मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता और छात्र लाभ वितरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी आधार पर छात्रों को गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में परीक्षा परिणाम सुधार की ठोस योजना बने। जो जिले बेहतर कर रहे हैं, उनके मॉडल अन्य जिलों में लागू किए जाएँ।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ

*मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला के चयन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का माना आभार,कहा प्रदेश में खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता आएगी


रायपुर, 11 अक्टूबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित मुख्य समारोह से देश के किसानों को 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर दो नई योजनाएं- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। इनमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30 हजार करोड़ रूपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11 हजार करोड़ रूपए शामिल है। इसके अलावा श्री मोदी कृषि और संरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार से हजारों किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ऑनलाईन जुड़कर इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी वर्चुअली रूप से जुड़े थे। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती के दिन आज देश कृषि आत्मनिर्भरता का नया इतिहास रच रहा है। आज से प्रारंभ हुई दोनों योजनाएं देश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और कृषि आत्मनिर्भरता के नए युग की शुरुआत है। खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर सिद्ध होंगी। उन्होंने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात बढ़ा है, शहद उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सहायक कृषि गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है।  

           प्रधानमंत्री ने बताया कि विकास के पैरामीटर में पिछड़ रहे जिलों के लिए  केंद्रित आकांक्षी जिला योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से सुधार का काम हुआ है। ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत खेती किसानी में पिछड़े देश के 100 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 36 नई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा किसानों की भागीदारी से खेती की तस्वीर बदलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

           प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया गया है। यह मिशन न केवल कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रयास है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए हमें मिलकर दलहन उत्पादन की सशक्त व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी दलहन आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा नहीं कर पा रहा है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से दाल उत्पादन में वृद्धि होगी और लगभग दो करोड़ दाल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बड़ी ख़ुशी की बात है कि किसान हित में दो नई योजनाओं में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को भी शामिल किया गया है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से विशेष रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  और केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने इन दो नई योजनाओं के लिए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन योजनाओं से खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि अभियांत्रिकी सब मिशन योजना के तहत किसानों को टैªक्टरों, कृषि उपकरणों की चाबी भी सौपी और अनुदान राशि का चेक प्रदान किया।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। जीएसटी रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है।

श्री साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि योजनाओं के मजबूतीकरण के लिए कई अहम कार्य हुए। किसान क्रेडिट कार्ड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर सीमांत किसान हैं, उन्हें सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं का बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए सतत प्रयासरत है और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा और गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर सिंह पटेल, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, सदस्य श्री सौरभ साहेब, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शाहला निगार, रायपुर कलेक्टर श्री सौरभ सिंह, कृषि संचालक श्री राहुल देव, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम एमडी श्री अजय अग्रवाल, उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री एस.जगदीशन राव, मत्स्य विभाग के संचालक श्री नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, का निकला पथ संचलन : बारिश में भींगते हुए सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा किया नगर भ्रमण,जगह जगह पुष्पवर्षा कर हुवा भव्य स्वागत

कोतबा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने पर संघ जिला कांसाबेल के तत्वावधान शुक्रवार को कोतबा नगर में पथ संचलन निकाला गया। स्वयंसेवकों ने अचानक हुए बारिश के बीच मे ही उत्साहपूर्वक अनुशासन में पथ संचलन निकाला। घोष की धुन पर पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए स्वयंसेवकों ने नगर एवं आस पास के पत्थलगांव, बागबहार, कांसाबेल,सुरंगपानी क्षेत्रों के सैकड़ों स्वयं सेवकों ने भाग लिया।
राष्ट्र स्वंय सेवक संघ के पथ संचलन का नगर में जगह-जगह समाजसेवियों माताओं बहनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पथ संचलन से पहले सभी स्वंयसेवक पारंपरिक वेशभूषा धारण कर दण्ड अस्त्र शस्त्र सहित नगर के तिलगोड़ा प्रांगण में एकत्रित हुए। यहां संघ के पदाधिकारियों सहित पथ संचलन में बाल से लेकर प्रौढ़ स्वयंसेवक शामिल रहे। वयोवृद्ध स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शताब्दी वर्ष की अनुभूति हर स्वयंसेवक में नई ऊर्जा व दायित्व का बोध करा रही है। विजयदशमी पर वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। संघ का ध्येय मातृभूमि के लिए नि:स्वार्थ सेवा भाव से कार्य करना है। प्रार्थना व भगवा ध्वज प्रणाम के बाद कदम-कदम मिलाकर बैंड बाजा की धुन में पथ संचलन निकाला गया। पथ संचलन तिलगोड़ा प्रांगण से प्रारंभ होकर, चौहान पारा ,राम मंदिर पारा खड़िया पारा, खालपारा, चट्टानपारा,से गंझूपारा से मुख्य मार्ग में परशुराम चौक,बस स्टैण्ड,रायगढिया चौक, से कारगिल चौक, झिंगरेल पारा होकर पुन: तिलगोड़ा मैदान में पथ संचलन का समापन किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतबा पुलिस चौकी कोतबा के पुलिस बल के साथ तैनात रहे। पथ संचलन के दौरान भी पुलिस बल साथ-साथ मौजूद रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रकाश यादव कोतबा ने कहा कि आज समाज में संघ की स्वीकार्यता बढ़ी है। पूरा समाज आज संघ की ओर सकारात्मक रूप से देख रहा है। प्रतिकूल परिस्थितियों में काम करने वाले कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में काम करने की आवश्यकता है। अपरिचित को परिचित, परिचित को मित्र और फिर मित्र को स्वयंसेवक, स्वयंसेवक को कार्यकर्ता बनाने की प्रक्रिया है। कार्यकर्ताओं के बलिदान पर ही आज संगठन नित्य निरंतर बढ़ रहा है। शम्भूनाथ चक्रवर्ती प्रमुख वक्ता ने संघ की स्थापना की आवश्यकता, उद्देश्य व उसकी 100 वर्ष की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज व स्वयंसेवकों से अपने जीवन में पंच परिवर्तन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के परम वैभव के लिए पंच परिवर्तन के अंतर्गत हम सब अपने दैनिक जीवन में सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली एवं स्वदेशी को अपनाएं तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करें।विजयदशमी उत्सव के साथ ही संघ शताब्दी वर्ष प्रारंभ हो गया जिसके अंतर्गत वर्षपर्यंत समाज द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें वृहद गृह संपर्क व हिंदू सम्मेलन प्रमुख है। नीलध्वज शास्त्री संचालक ने कहा कि आदर्श स्वयंसेवक समाज में अपनी अलग ही छवि रखता है। संघ का स्वयंसेवक विषम परिस्थितियों में भी देश की सेवा करने में अग्रणी भूमिका निभाता है।आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वंयसेवी संगठन है। शताब्दी वर्ष में स्वयंसेवक समाज के बीच पंच परिवर्तन : पर्यावरण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, कुटुंब प्रबोधन के विषयों को लेकर समाज के बीच में जाएंगे।

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जशपुर दर्शन 2025: विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जशपुरनगर 10 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अधोसंरचना विकास सहित अनेक कार्यक्रमों को संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की इस पहल से जहां जशपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है, वहीं स्थानीय युवाओं और समुदाय के लिए  आजीविका के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले में पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु विभिन्न नवाचारी कार्यक्रमों और गतिविधियों का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे जशपुर पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
  आज कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए जशपुर दर्शन 2025 की शुरूआत की। विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जशपुर पुरातत्व संग्रहालय से जशपुर दर्शन वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, श्री कृष्ण कुमार राय, श्री रामप्रकाश पांडेय, श्री रोपण राम अगरिया और श्री राजा सोनी मौजूद रहे। आज पहले दिन समर्थ आवासीय दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र जशपुर के छात्र पर्यटन स्थलों का दर्शन करेंगे। 

 जशपुर दर्शन में करीब से देख सकेंगे जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता

  जशपुर दर्शन 2025, 10 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। एक दिन की इस खास यात्रा में पर्यटकों को जशपुर की खूबसूरती को करीब से जानने का मौका मिलेगा। इसके अंर्तगत पर्यटकों को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग के रूप में दर्ज मधेश्वर पहाड़ का दर्शन करने के अवसर प्राप्त होगा। इसके अलावा रानीदाह जलप्रपात, पुरातत्व संग्रहालय, शारदा धाम, देशदेखा, मयाली वाटर स्पोर्ट्स, सारूडीह चाय बगान और गुल्लू जलप्रपात जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर भी कराई जाएगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए इस यात्रा का पैकेज शुल्क प्रति व्यक्ति मात्र 1000 रखा गया है। वहीं पूरी गाड़ी बुकिंग करने पर 5000 रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है । बुकिंग एवं विस्तृत जानकारी के लिए मोबाइल नंबर +91 9329074651 पर संपर्क किया जा सकता है।

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मनोरा में आयोजित मुद्रा एवं क्रेडिट लोन मेला में 1.2 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण स्वीकृत एवं वितरित

जशपुरनगर, 10 अक्टूबर 2025/ जनपद पंचायत मनोरा में गुरुवार को आयोजित मुद्रा एवं क्रेडिट लोन मेला में विभिन्न लाभार्थियों को कुल 01 करोड़ 2 लाख 30 हजार रुपए का ऋण स्वीकृत एवं वितरण किया गया। इनमें 21 स्व-सहायता समूहों को बैंकों से लिंकेज के माध्यम से 88 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया, वहीं 17 लाभार्थियों को 13 लाख 80 हजार रुपये का मुद्रा लोन स्वीकृत एवं वितरण किया गया। 
  इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य डीपीएम श्री अमीन खान, एलडीएम श्री वॉलटर वेगरा, जिला प्रमुख साधन श्री अखिल परासेठ, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनोरा सहित सभी बैंक शाखा के मैनेजर एनआरएलएम से बीपीएम, एसी पीआरपी एवं बिहान की दीदियां भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।

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