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नारायणपुर सहित चार ग्राम पंचायतों में श्रद्धा व राष्ट्रभक्ति के साथ मनाई गई भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती


नारायणपुर 25 दिसम्बर 2025 :- भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतीय राजनीति के युगपुरुष श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर नारायणपुर, रानीकोम्बो, बनकॉम्बो एवं जामचूँवा ग्राम पंचायतों में भारतीय जनता पार्टी द्वारा श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में अटल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर अटल जी की अमर पंक्तियाँ—
“हार नहीं मानूंगा,
रार नहीं ठानूंगा,
काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूँ,
गीत नया गाता हूँ…”
—का सामूहिक रूप से स्मरण करते हुए उनके दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना को नमन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष उमेश यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कवि, कुशल प्रशासक और सशक्त राष्ट्रनिर्माता थे। पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, ग्राम सड़क योजना तथा विदेश नीति में भारत की सशक्त पहचान जैसे ऐतिहासिक निर्णय उनके दूरदर्शी नेतृत्व के प्रतीक हैं। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सदैव देशहित को सर्वोपरि रखा।
              जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह ने  कहा कि अटल जी का जीवन और विचार आज भी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को सेवा, समर्पण, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उनका आदर्श जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।
        इसी क्रम में नारायणपुर अटल चौक में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा उनके देशभक्ति से ओत-प्रोत विचारों और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को विस्तार से याद किया गया।

    कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के दिखाए मार्ग पर चलने, राष्ट्र सेवा और समाज कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

      इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, रानीकोम्बो सरपंच छक्कन राम भगत, बनकॉम्बो सरपंच श्रीमती सरिता अंगिरा, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, मंडल उपाध्यक्ष संतन राम, रामकृत नायक,परशु राम यादव,संजय भगत,उमाशंकर खत्री, संजय बंग, गोपाल यादव, अरुण मोहंती, गांव के वरिष्ठ कार्यकर्ता जठाराम, भोआ राम, भोला प्रजापति, सुरेश प्रजापति, बूथ अध्यक्ष भुनेश्वर यादव, सतकुमार यादव, जामचूँवा सरपंच जॉर्ज खलखो, उमेश प्रधान, उमेश सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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रानीकोम्बो में भटके हाथी का आतंक,वन विभाग बेखबर, खेतों में हाथी बेखौफ—एक 15 दिन से किसान परेशान — फसलें तबाह, जान पर खतरा

नारायणपुर : 25 दिसम्बर 2025 
कुनकुरी वन परिक्षेत्र के नारायणपुर सर्किल अंतर्गत रानीकोम्बो क्षेत्र के किसान इन दिनों झुंड से बिछड़े एक जंगली हाथी के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। बीते करीब 15 दिनों से यह हाथी लगातार किसानों के खेतों में घुसकर अरहर एवं सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहा है। हाथी की गतिविधियों से न केवल किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है, बल्कि उनकी जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।
       किसानों के अनुसार हाथी का स्थायी आश्रय स्थल रानीकोम्बो के कुम्हारतला जंगल में है। प्रतिदिन शाम ढलते ही हाथी जंगल से निकलकर आसपास के गांवों के खेतों की ओर रुख करता है और रात के अंधेरे में फसलों को रौंद देता है। खेतों में लगी अरहर, सब्जी एवं अन्य  फसलों को हाथी लगातार नुकसान पहुँचा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से भारी क्षति उठानी पड़ रही है।


             बीती रात हाथी ने किसान  गोविंद भगत,सुधीर भगत,सुनील भगत,दिनेश भगत के खेत में लगी अरहर की पूरी फसल को बर्बाद कर दिया। वन्ही गजेन्द्र नायक की बाड़ी में घुस कर आलू की लगी फसल को पूरी तरह बरबाद कर दिया। पीड़ित किसानो ने बताया कि खेतों में हाथी के प्रवेश से महीनों की मेहनत और लागत एक ही रात में समाप्त हो जाती है। क्षेत्र के अन्य किसानों का भी कहना है कि हाथी कई बार खेतों में मौजूद लोगों पर आक्रामक होकर जानलेवा हमला करने की कोशिश कर चुका है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
       ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी वन कर्मचारी को दी जा चुकी है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों का कहना है कि रात के समय हाथी की मौजूदगी की सूचना देने के बावजूद वन विभाग के कर्मचारी गश्त करने नहीं पहुँचते। मजबूरन किसानों को स्वयं ही रातभर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है।
लगातार कई दिनों से रतजगा करने के कारण किसान शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं। खेतों की सुरक्षा के दौरान कभी भी हाथी के हमले का खतरा बना रहता है, जिससे जान-माल की सुरक्षा को लेकर किसानों में चिंता बढ़ती जा रही है।प्रभावित किसानों का कहना है कि वन विभाग की ओर से अब तक केवल आश्वासन ही दिया गया हैं, लेकिन  निगरानी दल तैनात करने या नियमित रात्रि गश्त जैसी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर हाथी को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास में भेजने तथा प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा देने की मांग की है।
      

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सीएम कैंप कार्यालय बगिया की तत्परता से पीड़ित परिवार को मिला त्वरित समाधान, एक आवेदन और मिली बड़ी राहत, दी गई 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व और सीएम कैंप कार्यालय बगिया की तत्पर भूमिका के चलते एक पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद न्याय और राहत मिली है। मिट्टी निकालने के दौरान जमीन धंसने से हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में जान गंवाने वाली महिला के परिजनों को मुख्यमंत्री के निर्देश पर 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।गौरतलब है कि जिले के ग्राम मटासी, थाना नारायणपुर, जिला जशपुर निवासी कौशल्या बाई, पति महिपाल राम, कि 2023 में चूही मिट्टी निकालने के दौरान जमीन धंसने से घटनास्थल पर ही दुखद मृत्यु हो गई थी। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन लंबे समय तक मुआवजा राशि नहीं मिलने से परिजन मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान थे।मृतिका के पुत्र दुर्योधन राम ने आखिरकार न्याय की आस लेकर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री तक पहुंचाई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए तत्काल आवश्यक निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप शासन द्वारा मृतिका के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत कर शीघ्र प्रदान की गई।आर्थिक सहायता मिलने से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में सरकार का यह सहयोग उनके लिए संबल बना है।यह मामला न केवल मुख्यमंत्री की संवेदनशील प्रशासनिक सोच को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रमाणित करता है कि सीएम कैंप कार्यालय बगिया आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर कार्य कर रहा है। सुशासन की इस पहल से यह संदेश स्पष्ट है कि राज्य सरकार पीड़ितों को न्याय और सहायता दिलाने के लिए सदैव तत्पर है।

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मुख्यमंत्री श्री साय से अखिल भारतीय राष्ट्रीय महासभा हल्बा हल्बी आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की,अमर शहीद गैंदसिंह जी के शहादत दिवस कार्यक्रम के लिए किया आमंत्रित

रायपुर 24 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय महासभा हल्बा हल्बी समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 20 जनवरी 2026 ग्राम खैरवाही जिला बालोद में आयोजित होने वाले क्रांतिकारी अमर शहीद गैंदसिंह जी के 201 वी शहादत दिवस समारोह कार्यक्रम में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए पूरे हल्बा हल्बी समाज के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री मंतुराम पवार, श्री जी आर राणा,श्री श्याम सिंह तारण, जी आर चुरेंद्र एवं श्री देवेंद्र सिंह भाऊ सहित समाज के अन्य सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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खेतों में अब सिर्फ धान नहीं, खुशबू भी उग रही है,छत्तीसगढ़ में पुष्प खेती से बदल रही किसानों की तकदीर

 रायपुर, 24 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ के खेतों में अब धान की फसल के साथ-साथ खुशबू और रंग भी लहलहाने लगे हैं। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए प्रदेश के किसान तेजी से पुष्प खेती की ओर रुख कर रहे हैं। बीते ढाई वर्षों में राज्य में फूलों की खेती का रकबा 3405 हेक्टेयर बढ़ा है और उत्पादन 35 हजार 866 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। यह बदलाव न सिर्फ खेती के स्वरूप को बदल रहा है, बल्कि किसानों की आमदनी में भी नई खुशहाली घोल रहा है।

 राज्य सरकार की फसल विविधिकरण नीति के तहत वर्तमान में पुष्प फसलों का कुल रकबा 12 हजार हेक्टेयर हो चुका है। किसान अब ग्लेडियोलस, रजनीगंधा और गेंदा जैसे फूलों की खेती कर रहे हैं, जिन्हें बाजार आसानी से मिल जाता है। मांग स्थिर होने के कारण फूल किसानों के लिए नगदी फसल बनते जा रहे हैं।

 केंद्र परिवर्तित राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार से 2.50 लाख रुपए की इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है, यानि किसानों को 20 हजार से एक लाख रुपए तक की सहायता सीधे मिल रही है। 

 उद्यानिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्लेडियोलस और रजनीगंधा फूल की अधिकतम दो हेक्टेयर में खेती पर अनुदान की पत्रता का प्रावधान है, जो कि 2.5 लाख की इकाई लागत पर एक लाख रुपए है। राज्य में इस वर्ष 125 हेक्टेयर में ग्लेडियोलस तथा 50 हेक्टेयर में रजनीगंधा पुष्प की खेती का लक्ष्य रखा गया है। गेंदा फूल की खेती के लिए इस वर्ष 1200 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इसकी खेती करने पर 50 हजार की लागत पर 20 हजार रुपए अनुदान का प्रावधान है। इस तरह राज्य में कुल 1375 हेक्टेयर क्षेत्र में पुष्प खेती के लिए सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।

 राज्य में संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस और शेडनेट में एंथुरियम, ऑर्किड, कार्नेशन, जरबेरा, गुलाब, क्राइसेंथिमम और लीलियम जैसे उच्च मूल्य वाले फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। एंथुरियम और ऑर्किड के लिए 4000 वर्गमीटर तक 1000 रुपए प्रति वर्गमीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसी तरह गुलाब, क्राइसेंथिमम और लीलियम पर 45 रुपए प्रति वर्गमीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पुष्प खेती किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को कृषि से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। सरकार अनुदान, तकनीक और बाजार की व्यवस्था कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ फूलों की खेती का बड़ा केंद्र बनेगा। पुष्प खेती अब किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत साधन बन रही है। सरकारी प्रोत्साहन, बाजार की मांग और नई तकनीक के सहारे छत्तीसगढ़ के खेतों में फूलों की यह खुशबू दूर-दूर तक फैलने लगी है।

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अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया नमन

रायपुर, 24 दिसंबर/भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस 25 दिसंबर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी विचारक और जनकल्याण को सर्वाेपरि रखने वाले प्रधानमंत्री थे। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई दिशा प्राप्त की। “अंत्योदय” की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का उनका दृष्टिकोण आज भी हमारी शासन-नीति का आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और जनविश्वास की पुनर्स्थापना, ये सभी प्रयास अटलजी के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प दिवस भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में आत्मसात करें तथा राष्ट्र और प्रदेश के समावेशी विकास में सहभागी बनें।

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जशपुर पुलिस की सरहदी सतर्कता: झारखंड से अवैध धान लेकर आए पिकअप को धर-दबोचा, 26 क्विंटल धान जब्त


जशपुर 24 दिसम्बर 2025 : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के इस सीजन में पुलिस और प्रशासन की सतर्कता सरहदी राज्यों से अवैध धान लाने वालों के लिए बड़ा संदेश है कि कोई भी अवैध कार्य बख्शा नहीं जाएगा।

     सरहदी राज्यों से छत्तीसगढ़ में अवैध धान की आमद पर जशपुर पुलिस ने लगातार कड़ी निगरानी बनाए रखी हुई है। इसी कड़ी में थाना लोदाम पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने 23 दिसंबर 2025 को शाम लगभग 08:00 बजे रूपसेरा पतराटोली के ग्रामीण रास्ते में एक पिकअप वाहन को पकड़कर 26 क्विंटल अवैध धान जप्त किया।
पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया वाहन टाटा सूमो पिकअप (नंबर JH-03-AF-9899) झारखंड के चैनपुर से अवैध धान लेकर छत्तीसगढ़ में खपाने की कोशिश में था। वाहन में कुल 65 बोरी, लगभग 26 क्विंटल धान लदी हुई थी, जिसकी अनुमानित कीमत ₹59,800 बताई गई है।
      पिकअप चालक सचिन गोप (23 वर्ष), निवासी प्रेम नगर, चैनपुर, जिला गुमला, झारखंड, ने पुलिस को बताया कि धान को वह झारखंड से जशपुर लाकर बेचने की योजना बना रहा था। जब पुलिस ने वैध दस्तावेजों की मांग की, तो चालक कोई प्रमाण नहीं पेश कर सका। इस पर पुलिस ने पिकअप और धान को जप्त कर अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को सौंप दिया।
जशपुर पुलिस के अनुसार, अब तक 07 ट्रक, 20 पिकअप और 02 ट्रैक्टरों से कुल 1742 क्विंटल अवैध धान पकड़ा जा चुका है और सभी को जिला प्रशासन को सौंपा जा चुका है।
     वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस सरहदी क्षेत्रों में चौकस है और धान कोचियों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि अवैध धान परिवहन में शामिल न हों।पुलिस सरहदी रास्तों पर लगातार नाकाबंदी और पेट्रोलिंग कर रही है ताकि अवैध धान की आवक को रोका जा सके।
   थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे, प्रधान आरक्षक प्रदीप लकड़ा, और आरक्षक हेमंत कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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क्रिसमस और नव वर्ष से पहले जशपुर में ट्रैफिक उल्लंघनों पर पैनी नजर,44,300 रुपये का जुर्माना वसूला,स्टंट करने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों को कुनकुरी में सबक,दी जीवन बचाने की चेतावनी

जशपुर 34 दिसम्बर 2025 : आगामी क्रिसमस व नव वर्ष के मद्देनजर जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जशपुर पुलिस सख्त हो गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गत दिवस संपूर्ण जिले में तीन सवारी, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोडिफाइड साइलेंसर, तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाने जैसे मामलों में कुल 120 प्रकरण दर्ज किए गए। इन पर 44,300 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
थाना कुनकुरी क्षेत्र में मोडिफाइड साइलेंसर और ओवर स्पीड में स्टंट करने वाले बाइकर्स को भी पकड़कर, पुलिस ने चालानी कार्रवाई के साथ उठक बैठक कर ट्रैफिक नियमों का पालन करने की समझाइश दी। इसी क्षेत्र में कुल 12 प्रकरणों में से 3 प्रकरणों में लाइसेंस निलंबन प्रक्रिया शुरू की गई, 2 प्रकरण न्यायालय में पेश किए गए, 1 प्रकरण में शराब पीकर वाहन चलाने पर कार्रवाई हुई और 6 अन्य मामलों में 3,600 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
अन्य क्षेत्रों में कार्रवाई इस प्रकार रही – मनोरा 1,800 रुपये, आरा 900 रुपये, लोदाम 2,400 रुपये, दुलदुला 3,300 रुपये, आस्ता 3,800 रुपये, सन्ना 2,200 रुपये, सोन क्यारी 500 रुपये, बगीचा 3,000 रुपये, नारायणपुर 300 रुपये, तपकरा 2,100 रुपये, करडेगा 1,900 रुपये, ऊपर कछार 6,500 रुपये, कांसाबेल 1,100 रुपये, फरसाबहार 900 रुपये, पत्थलगांव 4,900 रुपये, बागबहार 800 रुपये, कोल्हेनझरिया 1,700 रुपये और यातायात पुलिस जशपुर 2,600 रुपये।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि दुर्घटनाओं से बचने के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें और नशे में वाहन न चलाएं। उन्होंने कहा, “आपका जीवन आपके और आपके परिवार के लिए अमूल्य है। नियमों का पालन करके ही आप सुरक्षित रह सकते हैं। जशपुर पुलिस इस दिशा में लगातार सख्ती बरकरार रखेगी।

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छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का नया युग,महिला विकास की नई इबारत लिख रही है साय सरकार,आगामी वर्ष ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित

रायपुर 24 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार नित-नये फैसले ले रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के लिए छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 तैयार किया गया है। विकसित छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सशक्त भागीदारी को देखते हुए राज्य में आगामी वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ में महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का सशक्त संकल्प सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का एक नया अध्याय लिखेगा, जो विकसित, समरस और सशक्त छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार को सबसे बड़ा आशीर्वाद माताओं और बहनों से प्राप्त होता है। उनके विश्वास, समर्थन और आशीष से ही जनसेवा के कार्यों को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है। इसी भावनात्मक और सामाजिक दायित्वबोध से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित रहा, जिसमें शासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना हुई। दूसरा वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जिसके दौरान आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। अब सेवा का आगामी वर्ष मातृशक्ति को समर्पित ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु माताएँ और बहनें होंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर किए गए कार्यों ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और निर्णय क्षमता को अपनी नीतियों का मूल आधार बनाते हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की एक नई दिशा तय की है।

महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूती देने वाली महतारी वंदन योजना के अंतर्गत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 22 किश्तों में 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिला कल्याण के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में महिलाएँ हैं।

महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने के उद्देश्य से रजिस्ट्री शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट, 368 महतारी सदनों का निर्माण, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का ऑनलाइन भुगतान जैसे निर्णयों ने सुशासन और पारदर्शिता को और सुदृढ़ किया है। स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 42,878 महिला समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान किया गया है। वहीं, बस्तर सहित छह जिलों में रेडी-टू-ईट का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है।

महिला आजीविका के नए अवसर सृजित करने के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नवाबिहान योजना, डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा योजना, सिलाई मशीन सहायता, तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना जैसी पहलें लागू की गई हैं। कन्याओं के विवाह में सहयोग हेतु मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सहायता राशि का बड़ा हिस्सा सीधे कन्या के बैंक खाते में जमा किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता दोनों को बल मिला है।

महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक पहल की है। वन-स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के एकीकृत संचालन ने संकट की घड़ी में त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की है। सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है।

किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए शुचिता योजना, साइकिल वितरण योजना, तथा नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित ‘जशप्योर’ ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास भी महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण तैयार करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, नवाबिहान, लखपति दीदी, शुचिता और महतारी सदन जैसी पहलें महिलाओं के समग्र विकास का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

वर्ष 2025-26 में महिला एवं बाल विकास विभाग को 8,245 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई दिशा, नई उम्मीद और नए परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

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भारत रत्न अटल जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया याद


नारायणपुर 24 दिसम्बर 2025– भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार शाम 6 बजे जामचुंवा और बनकोम्बो के अटल चौक पर भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अटल जी के विचारों, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया और दीपों की रौशनी से पूरा अटल चौक जगमगा उठा। ग्राम पंचायत जामचुआ और बनकोम्बो के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव एवं समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दीप प्रज्ज्वलन रहा, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने अटल जी की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर उन्हें नमन किया।

          जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह ने इस अवसर पर कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं थे, बल्कि वे विचारों की मर्यादा, भाषा की गरिमा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक भी थे। उन्होंने राजनीति को सेवा, संवाद और संस्कार से जोड़ा। उनका मशहूर मंत्र “राष्ट्र प्रथम” आज भी सभी के लिए मार्गदर्शक है।
         ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष उमेश यादव ने कहा कि अटल जी के निर्णयों में हमेशा देशहित सर्वोपरि रहा, चाहे वह पोखरण की धरती पर परमाणु परीक्षण का निर्णय हो या समाज के गरीब एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण का संकल्प। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि अटल जी के विचार—सुशासन, समरसता और राष्ट्रनिर्माण—को अपने जीवन में अपनाएँ और भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।
          इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ एवं स्थानीय नेता उपस्थित रहे। इसमें जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव,सत कुमार यादव,उमेश प्रधान, बुई अध्यक्ष उमेश सिंह, वीओलो गुदन राम, तथा कार्यकर्ता राजकुमार राम, महेश नायक, विरेन्द, शिवकुमार, कान्ती वाई, सुगन्ती वाई, गुलापी वाई, गौरी वाई, सुगन्ती धक्कन, रामनाथ समेत भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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किराना दुकान से ट्रैक्टर तक का अद्भुत सफर: शांति दुग्गा ने बिहान योजना के साथ बनाई ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरक मिसाल


रायपुर, 24 दिसम्बर 2025
जिला नारायणपुर के विकासखण्ड ओरछा अंतर्गत ग्राम कुरूषनार की निवासी शांति दुग्गा आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान बन चुकी हैं। रोशनी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य और प्रतीज्ञा ग्राम संगठन से जुड़ी शांति दुग्गा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की बिहान योजना के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
शांति दुग्गा 19 अगस्त 2019 को स्व सहायता समूह से जुड़ीं। इससे पहले उनके परिवार की आजीविका कृषि कार्य और वनोपज संग्रहण पर निर्भर थी, जिससे आय सीमित रहती थी। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत की शुरुआत की। शासन द्वारा समूह को 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि एवं 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश कोष राशि प्राप्त हुई, जिससे वित्तीय अनुशासन और आपसी लेन-देन की समझ विकसित हुई।
बैंक लिंकेज के माध्यम से शांति दुग्गा ने पहली बार 1 लाख रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान शुरू की। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का ऋण लेकर कपड़ा व्यवसाय प्रारंभ किया।  बाजार-हाट के कार्य को विस्तार देने के उद्देश्य से उन्होंने एक पिकअप वाहन भी खरीदा। नियमित आय के चलते वे समय पर ऋण की किश्तें और ब्याज का भुगतान करती रहीं।
लगातार बढ़ते व्यवसाय और आत्मविश्वास के साथ शांति दुग्गा ने तीसरे चरण में 6 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा। आज उनके परिवार की वार्षिक आय 4 से 5 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है, जिससे परिवार का जीवन स्तर उल्लेखनीय रूप से सुधरा है।
शांति दुग्गा का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही हैं। उनकी सफलता कहानी यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।

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भोरमदेव मंदिर को मिलेगा काशी जैसा भव्य रूप: 146 करोड़ की कॉरिडोर परियोजना से छत्तीसगढ़ बनेगा विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र


रायपुर, 24 दिसंबर 2025
केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रू. की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है। भूमिपूजन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों को जोड़कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा।
            1000 वर्ष पुरानी धरोहर को नया जीवन
भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार वाटर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक पहल हो रही है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर समेत मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ, सरोधा दादर तक कॉरिडोर का समग्र विकास होगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर 6 प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारों का संवर्धन, बाउंड्री वॉल साज-सज्जा, बोरवेल से पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी। ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सफाई, जल गुणवत्ता सुधार, किनारों पर हरित क्षेत्र, बैठने की जगह और पैदल पथ विकसित किए जाएंगे। भोरमदेव मंदिर आने वाले हजारों कांवड़ यात्रियों के लिए आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा। शेडों में पेयजल, स्वच्छता, विश्राम की समुचित व्यवस्था होगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सकेगा। 
            स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के पूर्ण होने पर धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी।

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मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी

रायपुर, 24 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय श्री विनोद कुमार शुक्ल के निवास पहुँचे और उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं तथा असंख्य पाठकों और साहित्य-प्रेमियों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से हिंदी साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है। उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता, मानवीय सरोकारों और सरल किंतु गहन अभिव्यक्ति की अनुपम मिसाल हैं।
उन्होंने कहा कि श्री शुक्ल की लेखनी ने हिंदी साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। उनका साहित्य न केवल पाठकों को गहराई से स्पर्श करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना रहेगा। साहित्य जगत में उनका अवदान सदैव स्मरणीय रहेगा। श्री शुक्ल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

इस अवसर पर कवि डॉ. कुमार विश्वास, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री अलोक सिंह, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार, जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे।

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जशपुर में पीएम-जनमन योजना से पी.व्ही.टीजी. समुदाय के जीवन में बड़ा बदलाव, जिले ने राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियाँ हासिल की

जशपुरनगर, 24 दिसंबर 2025/ विशेष पिछड़ी जनजातिय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित प्रधानमंत्री जनमन योजना का जिले में हो रहे प्रभावी क्रियान्वयन से निर्धारित लक्ष्य तीव्र गति से हासिल हो रहे हैं। सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में यह योजना उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ सबका विकास के मंत्र को साकार करने विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के विकास हेतु तैयार की गई पीएम-जनमन योजना को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में सुनियोजित कार्ययोजना के साथ लागू किया जा रहा है, जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। यह योजना विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सड़क और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। 

*राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में ऐतिहासिक उपलब्धि*

जशपुर जिला राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत टारगेट आबादी की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग पूर्ण करने वाला देश का पहला जिला बन गया है। इसके साथ ही सभी पी.व्ही.टीजी. वर्ग की गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल एनीमिया जांच भी पूर्ण कर ली गई है। पीएम-जनमन की शुरुआत में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय की 11,762 गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित था, जिसे विशेष शिविरों के माध्यम से शत-प्रतिशत हासिल किया गया। यह उपलब्धि जिले के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता का प्रमाण है।

*जल जीवन मिशन से पहाड़ियों तक पहुंचा स्वच्छ पेयजल*

पहाड़ी एवं दुर्गम पी.व्ही.टीजी. क्षेत्रों में स्वच्छ जल पहुंचाना बड़ी चुनौती थी। इसे देखते हुए पीएचई विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत मास्टर प्लान तैयार किया गया। जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन से अब तक 7 गांवों में 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष गांवों में कार्य तेजी से संचालित हो रहा है। पहले हैंडपंप पर निर्भर ग्रामीणों को अब नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है, उसे जलजनित बीमारियों से प्रभावी बचाव संभव हुआ है

*वनधन केन्द्र सन्ना में फॉक्सटेल बाजरा प्रोसेसिंग यूनिट*

सन्ना स्थित पी.व्ही.टीजी. वनधन केन्द्र में पीएम-जनमन योजना अंतर्गत फॉक्सटेल बाजरा को चावल में प्रोसेस करने हेतु आधुनिक मशीन स्थापित की जा रही है। इससे समुदाय को तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रोसेस किया गया उत्पाद छत्तीसगढ़ स्टेट माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस फेडरेशन के मार्ट एवं संजीवनी के माध्यम से देशभर में विपणन किया जाएगा, जिससे होने वाली आय सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी।

*पीएम-जनमन अंतर्गत तेजी से हासिल किय गए लक्ष्य* 

* 11 बहुउद्देशीय केन्द्रों में से 8 पूर्ण

* 1006 पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण, जहरीले जीवों एवं मौसम की मार से राहत

* 23 संपर्क सड़कें निर्मित, आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी, शासकीय योजनाओं की पहुंच हुई आसान

* 06 आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण एवं संचालन, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को मिल रहा है पोषक आहार

* 1474 अविद्युतिकृत घरों में विद्युतीकरण, लक्ष्य के विरुद्ध 101 प्रतिशत उपलब्धि, 43 घर सौर ऊर्जा से हुए रोशन

* 14 मोबाइल टावरों की स्थापना, आसान हुआ संपर्क

* 146 कौशल एवं रोजगारपरक कार्य, 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल

* बने 3378 आधार कार्ड, 98 प्रतिशत टारगेट हुआ पूरा

* बने 8135 आयुष्मान भारत कार्ड, 89.7 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण

* बनाए गए 465 किसान क्रेडिट कार्ड, 97 प्रतिशत टारगेट पूर्ण

* बैंगिंग गतिविधियों से जोड़ने खोले गए 3290 बैंक खाते, 96 प्रतिशत लक्ष्य हुआ हासिल

* 5601  लोगों के बने जाति प्रमाण-पत्र, लगभग 100 प्रतिशत उपलब्धि हुई हासिल

* 4070 हितग्राही पीएम किसान सम्मान निधि से हुए लाभान्वित, लगभग 99 प्रतिशत लक्ष्य पूरा

* 70 महिलाएं पीएम मातृत्व वंदन योजना से लाभान्वित, 100 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण

* 100 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, बनाए गए 5830 राशन कार्ड, 

पीएम-जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, जिससे यह समुदाय  तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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डबरी निर्माण से किसान मधुसूधन को मिली सिंचाई सुविधा, मछली पालन और उद्यानिकी फसलों से सालाना लाखों की आय

जशपुर 24 दिसंबर 25/महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण से न केवल जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को बढावा मिल रहा है, बल्कि किसानों को सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध हो रही है। डबरी निर्माण के बाद नियमित आय प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे है। जिससे डबरी आजीविका का स्थाई साधन बन गया है।
 जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार के निर्देशन में मनरेगा योजनान्तर्गत लोगों को स्थायी आजीविका में नियोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड बगीचा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुदमुरा निवासी मधुसूदन पिता भादो द्वारा अपनी कृषि भूमि पर डबरी का निर्माण कर लगभग 220000 हजार रूपये की अतिरिक्त वार्षिक आमदनी प्रतिवर्ष अर्जित कर रहा है। मधुसुदन को ग्राम पंचायत बैठक से जानकारी मिला कि मनरेगा योजना अंतर्गत छोटे किसानों की निजी भूमि पर आजीविका डबरी का निर्माण किया जाता है। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होने अपनी कृषि भूमि में डबरी का निर्माण का निर्णय लिया एवं मनरेगा योजनान्तर्गत उस के खेत में 2.85 लाख रूपये की लागत से डबरी स्वीकृत हुआ और कार्य शीघ्र प्रारंभ किया गया। डबरी निर्माण कार्य के दौरान 52 जाब कार्डधारी परिवारों के 271 श्रमिकों को रोजगार मिला जिससे कुल 1565 मानव दिवस का सृजन हुआ।
 *मनरेगा से बदला किसान का जीवन* 
डबरी निर्माण के पश्चात मधुसूदन ने डबरी से लगे हुए लगभग 80 डिसमिल जमीन में उद्यानिकी फसलों के रूप में टमाटर, फूल गोभी, मिर्च आदि का खेती कर इससे लगभग 150000 की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही इनके द्वारा डबरी में मछली पालन के लिये मछली बीज का संचयन कर मछली पालन से प्रतिवर्ष लगभग 70000 हजार रूप्ये की अतिरिक्त आय हुआ। आजीविका डबरी ने मधुसूदन के लिये आय का स्थाई एवं मजबूत आधार तैयार किया है। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिये प्रेरणा स्त्रोत है जो  मनरेगा योजना के माध्यम से अपनी आजीविका सुदृढ़ कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा संकते है।

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रजत जयंती के अवसर पर जिलेभर के विकास खण्ड में आयुष स्वास्थ्य मेले का भव्य आयोजन, तीन हजार से अधिक रोगियों को मिला निःशुल्क उपचार व औषधि


 
जशपुरनगर 24 दिसम्बर 2025/ संचालनालय आयुष रायपुर निर्देशानुसार जिला आयुष अधिकारी जशपुर के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखण्ड में रजत जयंती 2025 के अवसर पर आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया है। 
          आयुष अधिकारी ने बताया कि शिविर में सामान्य रक्त परीक्षण कर निःशुल्क औषधि वितरण किया गया है। शिविर में मुख्य रूप से वात रोग, उदररोग, कास रोग, चर्म रोग और प्रतिश्याय रोग के मरीज पाये गये। जिसमें आयुर्वेद पद्धति से 2523 एवं होम्योपैथी पद्धति से 964 कुल रोगी संख्या 3487 का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क औषधि प्रदाय किया गया और सभी मरीज हितग्राहियों को नजदीक के आयुष स्वास्थ्य केन्द्र से फिर औषधि प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया है।

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अल्पसंख्यक विकास योजनाओं पर प्रशासन सख्त, जशपुर में पीएमजेवीके व नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम की जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न,पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के दिए गए निर्देश

जशपुरनगर, 24 दिसंबर 2025/ अल्पसंख्यक समुदायों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री का नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम के  क्रियान्वयन के संबंध में मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के तहत जिले के 05 विकासखंड जशपुर, दुलदुला, मनोरा, कांसाबेल और कुनकुरी शामिल है। इस योजना के क्रियान्यवन के लिए 15 किलामीटर क्षेत्र में 25 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक आबादी होना आवश्यक है। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, पार्षद फैजान खान मौजूद रहे। इस अवसर पर श्री सालिक साय ने कहा कि विकास से कोई क्षेत्र अछूता नहीं रहे, सरकार सभी के हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने इन योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने और विकासकार्यों को समय से पूरा करने को कहा।
   कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने इन योजनाओं के तहत चलाए जा रहे विकासकार्यों की समीक्षा की और प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला केंद्रित परियोजनाओं के अतिरिक्त खेल, पेयजल, स्वच्छता आदि से संबंधित प्रस्ताव प्राकल्लन के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूल भवनों के निर्माण, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, विद्यालयों में शौचालय, स्टेडियम एवं खेल मैदानों के निर्माण एवं विकास, कौशल विकास से जुड़े कार्यों, पेयजल एवं स्वच्छता तथा महिला केंद्रित परियोजनाओं के लिए स्थल चिन्हांकन कर शीघ्र प्रस्ताव भेजने को कहा।  कलेक्टर श्री व्यास ने प्रधानमंत्री के नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने तथा जीवन स्तर में सुधार से संबंधित प्रावधानों के क्रियान्वयन करने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर सीएमएचओ श्री जी. एस. जात्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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हजारों किसानों की उम्मीदों को मिला नया सहारा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के लिए 199 करोड़ की 11 सिंचाई योजनाओं को दी मंजूरी


जशपुरनगर 24 दिसम्बर 2025 :मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बीते दो वर्षों में जशपुर जिले के कृषि एवं ग्रामीण विकास को सशक्त बनाने हेतु 11 सिंचाई योजनाओं को ऐतिहासिक मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के माध्यम से जिले के हजारों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।प्रदेश की साय सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप जशपुर जिले में बैराज, एनीकट, तालाब एवं व्यपवर्तन योजनाओं के निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 199 करोड़ 49 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।जशपुर जिले को स्वीकृत प्रमुख सिंचाई योजनाएं –मैनी नदी बगिया स्थित बैराज उद्वहन सिंचाई योजना हेतु 79 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति,कुनकुरी ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 37 करोड़ 9 लाख रुपये की मंजूरी,
सहसपुर तालाब योजना के लिए 4 करोड़ 27 लाख रुपये की स्वीकृति,डुमरजोर (डुमरिया) व्यपवर्तन योजना हेतु 10 करोड़ 36 लाख रुपये की स्वीकृति,तुबा एनीकट योजना के लिए 2 करोड़ 67 लाख रुपये की मंजूरी,बारो एनीकट योजना हेतु 7 करोड़ 6 लाख रुपये की स्वीकृति,मेडरबहार तालाब योजना के लिए 5 करोड़ रुपये की मंजूरी,पमशाला एनीकट योजना हेतु 28 करोड़ 2 लाख रुपये की स्वीकृति,कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 47 लाख रुपये की स्वीकृति,अंकिरा तालाब योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 3 करोड़ 47 लाख रुपये की मंजूरी,कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 17 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है।

कृषि विकास को मिलेगा नया आयाम

इन सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन से जिले के अनेक ग्रामों में खरीफ एवं रबी दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। इससे वर्षा पर निर्भरता कम होगी और किसानों को खेती से स्थायी आय का साधन प्राप्त होगा।

सुशासन के दो वर्ष – विकास की मजबूत नींव

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सिंचाई, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। बीते दो वर्षों में जशपुर जिले को मिली ये सिंचाई सौगातें सुशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।वहीं किसानों के चेहरे में नई खुशियां देखने को मिल रही है।

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