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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल

जशपुरनगर, 30 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढूढरूडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए उनके योगदान को सराहा। कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं। वरिष्ठजनों एवं समाजसेवियों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है, जिससे वे एक अच्छे नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा में अग्रसर होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार के गठन के साथ ही पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। किसानों के हित में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख महिलाओं को 22वीं किस्त प्रदान की जा चुकी है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी के लिए अत्यंत आवश्यक है और छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय महत्व के आईआईटी, एम्स, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी सहित 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं। युवाओं को इन संस्थानों का अधिकतम लाभ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।    
     मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत राज्य को 7.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस नीति में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे यह वर्ग भी व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ सके। जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार हेतु मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद तेजी से समाप्ति की ओर है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। खेलों के क्षेत्र में सन्ना में तीरंदाजी अकादमी का निर्माण करने सहित स्टेडियमों एवं खेल मैदानों का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर छत्तीसगढ़ को मिला है।
   कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं सुसंस्कृत नागरिक बनाने पर भी जोर देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज से जुड़कर आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को जागरूक कर आगे बढ़ाने में योगदान दें। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि समाज को सभी क्षेत्रों में मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को समर्पण भाव से कार्य करना होगा। यदि समाज के बुजुर्ग एवं जागरूक वर्ग संकल्प लें, तो समाज के साथ-साथ देश भी तेजी से प्रगति करेगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कंवर समाज के महासचिव श्री अशोक पैंकरा, अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज उत्तरी क्षेत्र-ढूढरूडांड के अध्यक्ष श्री विष्णु प्रसाद साय, सचिव श्री राजेश पैंकरा, कोषाध्यक्ष श्री गुलसागर साय सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के 18 विकासकार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

जशपुरनगर 30 दिसम्बर  2025 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढुढरुडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में 40.25 करोड़ रूपए लागत के 18 विकासकार्यों का  लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें  13 करोड़ 56 लाख 86 हजार रूपए की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों  का लोकार्पण और 26 करोड़ 68  लाख 97 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों  का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित कंवर समाज के पदाधिकारी मौजूद थे।
        मुख्यमंत्री श्री साय ने और 26 करोड़ 68  लाख 97 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों  का भूमिपूजन किया, उनमें 2.71 करोड़ रूपए लागत के DA-IGUA योजना के अंतर्गत ग्राम - आमाटोली विकासखण्ड-पत्थलगांव में 100 सीटर बालक छात्रावास भवन निर्माण कार्य, 3.04 करोड़ रुपए लागत के  ग्राम पंचायत पंगसुवा दर्रापारा तक मार्ग लं. 3.20 कि.मी.सड़क निर्माण कार्य, 2.35 करोड़ रुपए लागत के सराईटोला से बरपारा पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य लंबाई 3.20 किमी., 3.06 करोड़ लागत के  पालीडीह बस्ती से लाखझार (पेट्रोल पम्प) तक लं. 2.60 किमी. का निर्माण कार्य, 6.34 करोड़ लागत के ग्राम पंचायत मुड़ाबहला में कर्राजोर से होते हुए बरपारा, धनुपारा से काडरो पहुंच मार्ग लं. 5.30 कि.मी. सड़क निर्माण कार्य, 2.73 करोड़ रुपए लागत के ग्राम पंचायत बंधनपुर से छातासराई तक पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य लं. 2.85 किमी निर्माण कार्य, 2.16 करोड़ रुपए लागत के ग्राम पंचायत सूरजगढ़ के मिडिल स्कूल पक्की सड़क से लुडेग गौठान तक पहुंच मार्ग लं. 2.55 किमी. निर्माण कार्य, 2.01 करोड़ लागत के ग्राम पंचायत तिलडेगा अटल चौक से आमाकानी पहुंच मार्ग लं. 2.26 किमी. का निर्माण कार्य और 2.25 करोड़ रुपए लागत के एस.टी.पी. निर्माण कार्य शामिल है।
         इसी तरह उन्होंने 13 करोड़ 56 लाख 86 हजार रूपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों  का लोकार्पण किया उनमें 2.63 करोड़ रुपए लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के कोरंगा बस्ती से ग्यारटोली पहुंच मार्ग लं. 2.20 किमी. तक का निर्माण कार्य पुल-पुलियों सहित, 1.07 करोड़ रुपए लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के छुरीटोली से अलंगीझार पहुंच मार्ग लं. 1.10 किमी. तक का निर्माण कार्य पुल-पुलियों सहित, 1.97 करोड़ रुपए लागत से निर्मित  वि.ख. कांसाबेल के करंजटोली डाड़ीडिपा होते हुए चक्रधर नगर पहुंच मार्ग लं. 1.00 किमी. तक का निर्माण कार्य, 1.72 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के कोरंगा बस्ती श्याम घर से खैरवारटोली पहुंच मार्ग लं. 1.50 किमी. तक का निर्माण कार्य पुल-पुलियों सहित, 4.28 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के मुसकुटी से मुख्य मार्ग पहुंच मार्ग लं. 3.50 किमी. पुल-पुलियों सहित निर्माण कार्य, 3 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित वि.ख. कांसाबेल के करंजटोली-रजौटी पहुचं मार्ग लं. 1.20 किमी. पुल-पुलियों सहित निर्माण कार्य, 1.23 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ग्राम पंचायत घोघरा के चौक से फरसाटोली मेन रोड तक लं. 1.00 किमी. का निर्माण कार्य, 10 लाख रुपए की लागत से निर्मित सी.सी. रोड निर्माण प्राथमिक शाला पातरतोरा से जंगलू भगत के घर तक, ग्राम पंचायत नक्टीमुंडा और 54.01 लाख रुपए की लागत से निर्मित वि.खं. कांसाबेल कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), पत्थलगांव, विकासखण्ड़- पत्थलगांव का भवन निर्माण कार्य शामिल है।

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राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना : जिले के 10 कृषक भ्रमण के लिए पहुंचे जमशेदपुर झारखण्ड,35 वीं वार्षिक पुष्प प्रदर्शन का किए अवलोकन


जशपुरनगर 29 दिसम्बर 2025/राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना अंतर्गत जशपुर जिले के कुल 10 कृषकों का दल उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों के साथ भ्रमण हेतु 28 दिसम्बर को जमशेदपुर (झारखण्ड) पहुंचा। इस भ्रमण का उद्देश्य कृषकों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत पद्धतियों, पुष्प प्रदर्शनी में बोन्साई बनाना, टोपियरी बनाना, गार्डन, छत पर गार्डनिंग इत्यादि एवं नवाचार पुष्प फसलों की जानकारी प्रदान करना रहा।
           जमशेदपुर (झारखण्ड) प्रवास के दौरान कृषकों को जमशेदपुर के गोपाल मैदान में 28 दिसंबर से 1 जनवरी तक हो रहे 35 वीं वार्षिक पुष्प प्रदर्शन का भ्रमण कराया गया। कार्यक्रम में पुष्प फसलों की जीवंत प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया। किसानों ने आधुनिक तकनीकों को प्रत्यक्ष देखकर काफी उत्साह जताया एवं कहा कि इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रमों से उन्हें उद्यानिकी कार्य को वैज्ञानिक तरीके से करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि यहाँ सीखी गई तकनीकों को वे अपने घर लौटकर अपने प्रक्षेत्र पर अपनाएंगे जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और आय में सुधार आएगा। इस अवसर पर उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसानों को योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी देकर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। विभाग का उद्देश्य है कि जिले के कृषकों को आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की जाए।

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दोकड़ा में 95 लाख रुपये की लागत से बनेगा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का चिकित्सालय भवन

जशपुरनगर 29 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दोकड़ा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल लेकर दोकड़ा गांव को विकास की बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से होने वाले 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 95 लाख रुपये की लागत से दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के चिकित्सालय भवन , 10 -10 लाख रुपए के दो आरसीसी पुलिया, 20 - 20 लाख रुपए दो सामुदायिक भवन एवं 20 लाख रुपए की लागत के स्वागत द्वार निर्माण कार्य शामिल हैं। इस अवसर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन कार्यों से दोकड़ा गांव सहित क्षेत्र के लोगों को भी लाभ होगा। अस्पताल के निर्माण होने से स्थानीय स्तर पर ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर जाना नहीं पड़ेगा। इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट, जिला पंचायत सदस्य हीरामती पैंकरा, दोकड़ा सरपंच श्रीमती चंद्रकला भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशिमोहन सिंह, डीएफओ श्री शशि कुमार, वनवासी कल्याण आश्रम के सदस्यों सहित भारी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

     इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दोकड़ा में वनवासी कल्याण आश्रम की शुरुआत वर्ष 1986 में एक छोटे से अस्पताल प्रकल्प के रूप में हुई थी। उस समय सीमित संसाधनों और पुराने भवन में कार्य प्रारंभ किया गया, लेकिन आश्रम से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से जुड़कर क्षेत्र के लोगों की सेवा की और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए भूमिपूजन से बड़े और सुसज्जित अस्पताल भवन के निर्माण से इस अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी और जनजातीय समाज को अपने ही क्षेत्र में बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। आश्रम का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की धर्म-संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास को गति देना है। इस संस्था ने जहां-जहां कार्य किया है, वहाँ समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार मोदी की गारंटी के अनुरूप सभी विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कर रही है। उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों को बताया कि फरसाबहार में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा बगिया सिंचाई योजना प्रारंभ की जा रही है, जिससे 14 ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।

        इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम क्षेत्र में सेवा कार्य कर रहा है और अब नए अस्पताल भवन के निर्माण से जनजातीय अंचल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र का लगातार उन्नयन हो रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट ने अपने संबोधन में कहा कि ग्राम दोकड़ा से कल्याण आश्रम की शुरुआत उस समय हुई थी, जब जनजातीय समाज की रीति-रिवाज, धर्म और संस्कृति पर लगातार आघात हो रहा था। ऐसे समय में आश्रम ने समाज को मार्गदर्शन दिया, लोगों के ठहरने, आने-जाने और उपचार की सुविधा विकसित की तथा धर्म एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता का वातावरण निर्मित किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान प्रारंभ से ही सेवा, श्रद्धा जागरण और स्वास्थ्य सेवा का केंद्र रहा है, जो आज सामाजिक एवं सनातन मूल्यों का प्रमुख आधार बन चुका है। श्री बापट ने कहा कि पुराना भवन अब जीर्ण-शीर्ण हो चुका था, जिसके कारण नए अस्पताल भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस हेतु 95 लाख रुपये की स्वीकृति दिए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री एवं शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भवन आने वाले वर्षों में क्षेत्र के हजारों जरूरतमंद लोगों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बनेगा।

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ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता पर सख्त संदेश: मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा ने दिए अधिकारियों व ठेकेदारों को कड़े निर्देश

जशपुर/कुनकुरी 28 दिसंबर 2025
ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (सीएमजीएसवाई) के अंतर्गत संचालित कार्यों की गुणवत्ता को लेकर शासन स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समीक्षक हरिओम शर्मा ने जिला जशपुर के विकासखंड कुनकुरी में निर्माणाधीन एवं संधारणाधीन सड़कों का गहन निरीक्षण करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट एवं कड़े निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप, उच्च गुणवत्ता के साथ और समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क निर्माण एवं संधारण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, गुणवत्ता में समझौता या कार्य में अनावश्यक देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सतत निगरानी रखने और ठेकेदारों को जवाबदेह बनाते हुए कार्य कराने के निर्देश दिए।

वनांचल क्षेत्रों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन मुख्य मार्ग कुंजारा–बारोटोंगरी से डोगाअम्बा पहुँच मार्ग (लंबाई 3.12 किलोमीटर), विकासखंड कुनकुरी का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। यह सड़क वनांचल क्षेत्र के ग्रामों को सीधे राज्य मार्ग से जोड़ती है। मुख्य अभियंता ने कहा कि इस मार्ग के पूर्ण होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि उपज के परिवहन एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं तक सहज पहुँच सुनिश्चित होगी। यह सड़क क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

निरीक्षण के दौरान सड़क की परत, चौड़ाई, किनारों की मजबूती, जल निकासी व्यवस्था एवं निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की गई और आवश्यक सुधार तत्काल करने के निर्देश दिए गए।

संधारण कार्यों की समयबद्धता पर विशेष जोर

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चल रहे संधारण कार्यों का भी विस्तार से निरीक्षण किया गया। इनमें टी-02 बनकोम्बो से कुनकुरी मार्ग लंबाई 10.53 कि.मी.,टी.आर.-03 से बेलघुटरी मार्ग लंबाई 2.80 कि.मी.,टी.आर.-03 रायकेरा से बोड़ोकछार मार्ग लंबाई 2.30 कि.मी.विकासखंड कुनकुरी शामिल हैं।

मुख्य अभियंता ने निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी संधारण कार्यों को नियमित रूप से और तय समयावधि में पूर्ण किया जाए, ताकि सड़कों की स्थिति बनी रहे और आम नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि संधारण कार्यों की उपेक्षा सड़कों की आयु घटाती है, जिसका सीधा असर ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षा पर पड़ता है।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा ने कहा कि ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सीधे ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी हुई है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी समझें और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि गुणवत्ता परीक्षण, प्रगति रिपोर्ट और फील्ड निरीक्षण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

        निरीक्षण के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं संधारण में गुणवत्ता सर्वोपरि है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

अधिकारी एवं ठेकेदार रहे उपस्थित

निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता अंबिकापुर सोहन चन्द्र, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय के कार्यपालन अभियंता सानुज कुमार घृतलहरे सहित समस्त सहायक अभियंता, उपअभियंता एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई तथा सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया।

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मुख्यमंत्री ने सामरबार के संत गहिरा गुरु आश्रम में गुरु पीठाधीश्वर संत श्री बभ्रुवाहन सिंह जी महाराज से किए मुलाकात 


जशपुर 29 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बगीचा विकास खंड के ग्राम सामरबार के संत गहिरा गुरु आश्रम में गुरु पीठाधीश्वर संत श्री बभ्रुवाहन सिंह जी महाराज से मुलाकात करके स्वास्थ्य एवं आश्रम गतिविधियों की जानकारी ली।
  मुख्यमंत्री ने पूज्य गहिरागुरुजी महाराज के अनुयायियों,कंवर समाज ,साहू समाज विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा  समाज रौतिया ,बिझीयां समाज,यादव समाज, नागवंशी , गौड़ समाज, उरांव समाज, संस्था के ट्रस्टी आश्रम प्रमुख एवं आमसभा सदस्य अन्य समाज के सदस्यगण से मुलाकात किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय , जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द गुप्ता,कृष्णा राय, भरत सिंह अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू अन्य लोग उपस्थित थे।

उल्लेखनीय मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा विकास खंड के ग्राम सामरबार 
 स्थान पर स्थित शासकीय संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी महाविद्यालय  एवं प्राच्य संस्कृत के आवासीय विद्यालय संचालित है।
जो क्षेत्र के गरीब आदिवासी पिछड़े 
 एवं दलित निर्धन छात्र छात्राओं को शिक्षा के साथ साथ संस्कार व व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है और इसका नाम प्रसिद्ध समाज सुधारक संत गहिरा गुरु जी के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने वनवासी क्षेत्रों में काम किया  यह क्षेत्र उनके आध्यात्मिक कार्यों और तपस्या से जुड़ा है, खासकर उनकी तपोभूमि, कैलाश गुफा के पास। 

शासकीय ,संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी महाविद्यालय, सामरबार एक सह-शिक्षा संस्थान है जो कला, संस्कृत साहित्य व्याकरण और ज्योतिष में स्नातक पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
संत गहिरा गुरु मूल नाम रामेश्वर, वे एक संत और समाज सुधारक थे जिन्होंने छत्तीसगढ़ के वनवासी क्षेत्रों में सनातन धर्म और संस्कृति का प्रचार किया।

 क्षेत्र संत गहिरा गुरु के कार्यों और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ा है, खासकर कैलाश गुफा।
कॉलेज का लक्ष्य ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देना है। 
संत गहिरा गुरु आश्रम सामरबार, शिक्षा और आध्यात्मिकता का एक केंद्र है, जो संत गहिरा गुरु की विरासत को आगे बढ़ाता है और क्षेत्र के विकास में योगदान देता
यहां के शिक्षक और विद्यार्थीगण भारतीय संस्कृति के अनुकूल वेशभूषा, धोती कुर्ता, साड़ी, खान-पान रहन-सहन धारण करते हैं।
आश्रम सामरबार में लगभग 1000 से ऊपर छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं।
लगभग 100 से अधिक शिक्षक और कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।
गहिरा गुरु महाराज के अनुयायियों के द्वारा सादगी पूर्ण जीवन स्वच्छता,एवं पवित्रता का पूर्ण ध्यान रखते हुए अध्यात्मिकता पूर्ण वातावरण में जीवन यापन किया जाता है। सभी के घरों में तुलसी का चंवरा एवं सफेद झंडा लगाया जाता है। प्रतिदिन स्नान कर तुलसी में जल और सूर्य अर्घ्य अर्पित कर ही दिनचर्या की शुरुआत की जाती है। एवं संध्याकाल बेला में रामचरित मानस का पाठ करते हैं। प्रति गुरुवार को गांव एवं क्षेत्र के सदस्यगण एक जगह उपस्थित होकर सत्संग, रामायण का पाठ कर मानस की चौपाई पर ढोलक मृदंग, झांझ, आदि वाद्य यंत्रों के साथ लीला संकीर्तन करते हैं। समय समय पर संस्था के ग्रामों में सामूहिक रूप से मुट्ठी दान, श्रमदान, से जगत के कल्याण एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए यज्ञ का आयोजन किया जाता है। समाज से जुड़े लोग पूज्य गहिरागुरुजी महाराज की प्रेरणा से मद्य, मांस, एवं किसी भी प्रकार के नशा से पूर्णतः दूर है।

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समरसता, समानता और विकास का संकल्प: बेमेतरा को 166 करोड़ की सौगात,बाबा गुरु घासीदास का का संदेश देशदृदुनिया के लिए प्रासंगिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,

रायपुर 29 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज, देश और दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक है, जो सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाता है। मुख्यमंत्री आज बेमेतरा जिले में आयोजित गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव एवं राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नवागढ़ क्षेत्र के विकास के लिए 165 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत वाले 44 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नवनिर्मित लगभग 950 पूर्ण आवासों का गृह प्रवेश के लिए हितग्राहियों को घर की चाबी भेंट की। उन्होंने बेमेतरा जिले में सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार के लिए 40 करोड़ रुपये, नवागढ़ की 10 ग्राम पंचायतों को सीसी रोड निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बनाएं गए नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण तथा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने नवागढ़ के जैतखाम में विधिवत श्वेत ध्वज चढ़ाया और वहां 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सतनाम मंदिर के निर्माण हेतु भूमिपूजन भी किया। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु घासीदास ने समाज में व्याप्त जाति-पाति, ऊँच-नीच, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने का कार्य किया। उन्होंने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाते हुए मानवता को एक सूत्र में बाँधने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके संदेशों के अनुरूप जनता के हित में अनेक क्रांतिकारी और जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में धान खरीदी, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना तथा आवासहीन परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना प्रदेश के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनकल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि अटल जी केवल एक महान नेता ही नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और समर्पण के प्रतीक थे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि गिरौदपुरी में निर्मित दुनिया का सबसे ऊँचा जैतखाम आज वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुका है, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक बाबा के जीवन दर्शन के लिए आते हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस अवसर पर गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव एवं राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनी में उन्होंने लाभार्थी हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण किया। कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री दीपेश साहू, ईश्वर साहू, अनुज शर्मा, पुन्नूलाल मोहले सहित अनेक जन प्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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हाथी–मानव द्वंद प्रबंधन की दिशा में बड़ी पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘गजरथ यात्रा–2025’ पुस्तक का किया विमोचन,उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मी सम्मानित

जशपुरनगर, 29 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निज निवास बगिया में  गजरथ यात्रा–2025  पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक जशपुर जिले में हाथी विचरण क्षेत्रों एवं संवेदनशील इलाकों के वर्गीकरण, विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों, गज सूचना एवं नियंत्रण कक्ष की स्थापना, मानव–हाथी द्वंद प्रबंधन हेतु तकनीकी पहल एनीमल ट्रैकर ऐप प्रशिक्षण, तथा जिलेभर में गजरथ यात्रा के विस्तार एवं उपलब्धियों का व्यापक विवरण प्रस्तुत करती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाथी–मानव द्वंद को कम करने और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले 6 वनकर्मियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें वनपाल उमेश पैंकरा, वनरक्षक श्री दुर्गेश नंदन साय तथा आरआरटी से महत्तम राम सोनी, गणेश राम और रविशंकर पैंकरा, हाथी मित्र दल से फूल सिंह सिदार शामिल हैं।
   इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुस्तक में समाहित जानकारियां आमजन को हाथियों के व्यवहार को समझने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यक सतर्कता उपायों को अपनाने में सहायक होंगी। उन्होंने विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सम्मानित किए गए वनकर्मियों और आरआरटी सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी सतर्कता, साहस और सेवाभाव के कारण ही कई गांवों में बड़ी घटनाएं टल सकी हैं, जिससे जान-माल की रक्षा संभव हो पाई है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह तथा वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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जशपुर में शिक्षा की नई शुरुआत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में शिक्षा को मिला डिजिटल विस्तार,ग्रामीण बच्चों को मिलेगा शहरों जैसा डिजिटल क्लासरूम,

जशपुरनगर, 29 दिसंबर 2025/ जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से  आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में बगिया में जिला प्रशासन, SECL एवं EdCIL  के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर श्री रोहित व्यास, SECL की ओर से जनरल मैनेजर श्री सी. एम. वर्मा तथा EdCIL की ओर से प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री विकास सहरावत उपस्थित रहे।
       मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। 
     एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही एमओयू में इंटरएक्टिव पैनल की स्थापना के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण, संचालन एवं नियमित मेंटेनेंस के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि उपकरणों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। इस परियोजना के लिए SECL द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने SECL एवं EdCIL के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस परियोजना से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने मुख्यमंत्री साय ने शुरू किया ‘बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान,जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी”

जशपुरनगर, 29 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो बिना झिझक 1098 पर सूचना दें और इस सामाजिक बुराई के उन्मूलन में सहभागी बनें। 
     अभियान रथ के माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान, विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। 
      रथ पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है, ताकि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकें। सूचना प्राप्त होते ही  बाल विवाह प्रतिषेध की संयुक्त टीम  के द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इसके साथ ही 1098 हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान भी किया जाता है।

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डिलिस्टिंग की मांग पर जनजातीय सुरक्षा मंच का बिगुल, 22 मई को दिल्ली में महाआंदोलन की तैयारीब— जशपुर से 15 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य, जनजातीय सुरक्षा मंच ने कसी कमर

जशपुरनगर 29 दिसम्बर 25 - डिलिस्टिंग की मांग को लेकर 22 मई 2026 को प्रस्तावित दिल्ली चलो आंदोलन की तैयारियों को लेकर रविवार को जनजातीय सुरक्षा मंच की एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जशपुर के बांकी टोली स्थित जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय मुख्यालय में राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आंदोलन की रणनीति, समय-सारिणी तथा राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की ठोस योजना पर विस्तृत मंथन किया गया।

बैठक के पश्चात मीडिया से चर्चा करते हुए गणेश राम भगत ने बताया कि डिलिस्टिंग अर्थात धर्मांतरण कर चुके लोगों को आदिवासियों को मिलने वाले आरक्षण सहित सभी शासकीय सुविधाओं से वंचित करना जनजातीय समाज की प्रमुख और वर्षों पुरानी मांग है। इस मांग को लेकर जनजातीय सुरक्षा मंच लंबे समय से आंदोलनरत है। अब इसे वृहद स्वरूप देते हुए 22 मई 2026 को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा तथा राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

उन्होंने बताया कि दिल्ली चलो आंदोलन की श्रृंखला में पूर्व में मध्यप्रदेश के बैतूल, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और गुजरात के सूरत में राष्ट्रीय स्तर की बैठकें हो चुकी हैं। इसी क्रम में जशपुर प्रांत की यह बैठक आयोजित की गई, जिसमें जशपुर, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया सहित सात जिलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

घर-घर संपर्क, पीला चावल देकर दिया जाएगा न्यौता -

बैठक में निर्णय लिया गया कि जशपुर प्रांत के सभी सात जिलों में व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को पीला चावल देकर दिल्ली चलो आंदोलन में शामिल होने का आमंत्रण देंगे। साथ ही मतांतरण से जनजातीय समाज और देश को हो रहे नुकसान के विषय में लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक गांव में सभाएं आयोजित करने और दीवार लेखन (वॉल पेंटिंग) के माध्यम से आंदोलन का प्रचार किया जाएगा।
गणेश राम भगत ने कहा कि डिलिस्टिंग की मांग को लेकर यह आंदोलन जनजातीय समाज के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके लिए जनजातीय सुरक्षा मंच अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार है।

दिल्ली में जुटेंगे देशभर से 10 लाख आदिवासी -

जनजातीय सुरक्षा मंच के प्रांत संयोजक रोशन प्रताप सिंह ने बताया कि 22 मई 2026 को दिल्ली में होने वाले आंदोलन के लिए देशभर से लगभग 10 लाख आदिवासियों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाने वाले लोगों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके लिए ग्राम सभाओं से प्रस्ताव पारित कराने का भी निर्णय लिया गया है।

रोशन प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि जशपुर प्रांत के सात जिलों के 45 विकासखंडों से लगभग 15 हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी जिलों में समन्वित और चरणबद्ध अभियान चलाने पर सहमति बनी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा में पोषण पुनर्वास केंद्रों का किया शुभारंभ....

जशपुरनगर, 28 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार परिसर से फरसाबहार के साथ-साथ कुनकुरी एवं मनोरा विकासखंडों में स्थापित किए गए पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) का शुभारंभ किया। इन सभी पुनर्वास केंद्रों को 10-10 बिस्तरों की सुविधा के साथ प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही जिले में अब पोषण पुनर्वास केंद्रों की संख्या 6  हो गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों में भर्ती माता से उनके बच्चों के बारे में पूछा और पोषण कीट के साथ खिलौने भी दिए।
    मुख्यमंत्री ने सीएचसी फरसाबहार में बन रहे श्री सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से सीएचसी में निर्माणाधीन श्री सत्य साईं मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय जिलेवासियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। चिकित्सालय में आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें नवजात शिशुओं एवं बच्चों के उपचार के साथ-साथ गर्भवती माताओं के लिए भी ऑपरेशन सहित सभी आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएँ विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी।    
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। 
    
*पोषण पुनर्वास केंद्र में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की समुचित देखभाल*
  
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में 6 माह से 5 वर्ष तक की आयु के गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को उनकी माताओं के साथ 15 दिनों तक भर्ती रखा जाता है। इस अवधि के दौरान बच्चों को चिकित्सीय निगरानी, संतुलित पोषण एवं आवश्यक कौशल आधारित देखभाल प्रदान की जाती है, ताकि वे स्वस्थ होकर घर लौट सकें और भविष्य में कुपोषण से मुक्त रह सकें। केंद्र में बच्चों को दूध के साथ खिचड़ी, हलवा सहित अन्य पौष्टिक आहार दिए जाते हैं। इसके साथ ही चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार     माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स को दवाई के रूप में उपलब्ध कराया जाता है, जिससे बच्चों की पोषण संबंधी कमी को दूर किया जा सके। कार्यक्रम के तहत बच्चों की माताओं को भी केंद्र में ही रहने एवं भोजन की सुविधा प्रदान की जाती है। साथ ही मां के खाते में 2250 रूपए क्षतिपूर्ति भुगतान भी किया जाता है। तथा शिशु पोषण, स्वच्छता एवं घर पर संतुलित आहार तैयार करने संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि माताएं घर लौटने के बाद भी बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकें और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पमशाला में राधा कृष्ण मंदिर का किया दर्शन 

कामना की 

जशपुरनगर 28 दिसम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पमशाला में सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन में शामिल होने के पश्चात कार्यक्रम स्थल परिसर में स्थित राधा कृष्ण मंदिर का किया दर्शन लाभ लिया। उन्होंने इस दौरान राधा कृष्ण की पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित पेंशनर संघ के सदस्यों, जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिक गण मौजूद रहे।

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प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में पेंशनर सदस्यों का शासकीय अनुभव महत्वपूर्ण - मुख्यमंत्री श्री साय,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन में हुए शामिल

जशपुरनगर 28 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज ग्राम पमशाला कंवरधाम (तपकरा) में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संभाग के विभिन्न जिलों से आए लगभग एक हजार पेंशनर्स की उपस्थिति से कार्यक्रम भावनात्मक एवं गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने मंच में आते ही बड़ी आत्मीयता के साथ पेंशनर सदस्यों से मुलाकात की। उनका हाल चाल जाना। साथ ही उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान संघ के सदस्यों ने ग़जमाला से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपने सेवाकाल में शासन-प्रशासन की नींव को सुदृढ़ किया है और आज राज्य के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में पेंशनर सदस्यों का शासकीय अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है।सभी ने सरकारी सेवा में अमूल्य सेवा दिए है, जिसके कारण प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से निरन्तर है। सभी ने खूब मेहनत की है, सूझ बुझ के साथ काम किया। साथ ही कठिनाइयों का सामना करते हुए दायित्वों का निर्वहन किए। पहले आवागमन का भी पर्याप्त साधन नहीं था। सूचना तंत्र मजबूत नहीं था। फिर भी सुविधा विहीन समय में भी निष्ठापूर्वक जिम्मेदारी निभाई। आपके अच्छे काम से हम आगे बढ़ रहे है। आगे भी यह अनुभव काम आएगा। शासन में कोई भी नया निर्णय से पहले पूर्व निर्णय देखा जाता है। इसलिए निश्चित रूप से यह अनुभव आने वाले पीढ़ी को काम आएगा। आप लोगों ने अपने कामों के प्रति समर्पित होकर निष्ठा के साथ दायित्वों का निर्वहन किया। इसके लिए सभी पेंशनर का आभार। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, पूर्व विधायक श्री भरत साय, पेंशनर संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर, आईजी श्री दीपक कुमार झा, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित संभागीय एवं जिला स्तरीय पेंशनर संघ के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व सरगुजा कमिश्नर रिटायर्ड आईएएस श्री महेश्वर साय पैंकरा द्वारा लिखित किताब करमडार एवं अन्य कथनी एवं महुवा के फूल का विमोचन किया।

         इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर ने कहा कि आज तक कोई भी मुख्यमंत्री पेंशनर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे। श्री साय पेंशनर संघ सम्मलेन में शामिल होने वाले पहले मुख्यमंत्री बने। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने संघ की कुछ महत्वपूर्ण मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर इन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। सम्मेलन के माध्यम से न केवल वरिष्ठ नागरिकों में सम्मान और आत्मविश्वास का संचार हुआ, बल्कि शासन और पेंशनर्स के मध्य संवाद का एक सशक्त एवं सकारात्मक मंच भी स्थापित हुआ।

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मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुनी गई ‘मन की बात’, स्वदेशी और स्वास्थ्य जागरूकता का मिला संदेश

रायपुर, 28 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज एवं विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने, देश में निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा युवाओं के नवाचारों और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया।

मन की बात में प्रधानमंत्री ने मणिपुर के युवा मोइरांगथेम सेठ के सौर ऊर्जा से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख किया। साथ ही ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने समाज सेवा और त्याग के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में आईसीएमआर की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों से चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लेने की अपील की। 

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला कार्यक्रम है, जिसकी प्रत्येक कड़ी प्रेरणा, जागरूकता और जनभागीदारी की नई भावना का संचार करती है और जिसका सभी नागरिकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

रायपुर 28 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रख्यात जननायक कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहितऔर समाज-सेवा के लिए समर्पित रहा। वे सत्ता-प्राप्ति को उद्देश्य नहीं, बल्कि जनसेवा को राजनीति का परम लक्ष्य मानते थे।मूल्य-आधारित राजनीति, चरित्र, अनुशासन और कर्मठता उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकतांत्रिक संस्कारों के प्रसार में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। वे सरलता और आत्मीयता के माध्यम से लोगों के हृदय से जुड़ने वाले विरले नेता थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ कुशाभाऊ ठाकरे जी का गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि राजनीति का मूल उद्देश्य सेवा, राष्ट्रहित एवं समाज कल्याण ही होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की पावन स्मृतियाँ हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं और हमें जनकल्याण के कार्यों में सदैव सक्रिय रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

*‘महतारी गौरव वर्ष’ तथा सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित है इस वर्ष का कैलेंडर*

रायपुर 28 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।

कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पाँच प्रमुख शक्तिपीठ — मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है।

शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा आयुक्त जनसंपर्क श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।

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बस्तर पंडुम का वर्ष 2026 में भी होगा भव्य एवं आकर्षक ढंग से आयोजन: मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में बस्तर पंडुम की तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक

रायपुर, 28 दिसंबर 2025/बस्तर अंचल की समृद्ध लोकपरंपराओं, जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयोजन की विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने तैयारियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आयोजन को सुव्यवस्थित, गरिमामय तथा अधिक प्रभावी स्वरूप में संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है।

बैठक में यह बताया गया कि बस्तर पंडुम 2026 का लोगो, थीम गीत और आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में ही मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ मांझी–चालकी, गायता–पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकार उपस्थित रहेंगे। इस बार विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया।

प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है। 

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संचालक श्री विवेक आचार्य सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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