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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर दौरे पर, कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत...

जशपुरनगर। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री अपराह्न 4 बजे फरसाबहार तहसील क्षेत्र अंतर्गत मिनी स्टेडियम पगुराबहार स्थित हेलीपेड पर आगमन करेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय इसके पश्चात पमशाला कंवर धाम में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन में सहभागिता करेंगे, जहां वे पेंशनरों को संबोधित भी करेंगे। सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री शाम 5 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार पहुंचकर पोषण पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन करेंगे।कार्यक्रमों की समाप्ति के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अपने निज निवास बगिया के लिए रवाना होंगे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सौर सुजला योजना से जिले के 755 किसानों को दी सौगात, सिंचाई के लिए हुई बड़ी सुविधा, CM साय का जताया आभार....

जशपुरनगर। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है।

*दो वर्षो में जिले के  755 किसानों को मिली बड़ी राहत*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है।

*बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर,मुख्यमंत्री का जताया आभार*


जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है।
इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

*कम लागत,अधिक उत्पादन—किसानों को मिला आत्मविश्वास*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

*दो साल में दिखा सुशासन का असर*

बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भिलाई में आयोजित दिव्य श्री हनुमंत कथा समारोह में सपत्निक हुए शामिल


 
रायपुर, 28 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जयंती स्टेडियम मैदान भिलाई में आयोजित 5 दिवसीय दिव्य श्री हनुमंत कथा समारोह में आज सपत्निक सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के लिए बड़े सौभाग्य की बात है। पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज जी का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को हमेशा मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवासकाल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताए है। छत्तीसगढ़ माता शबरी का भी यह जगह है। इस दौरान उन्होंने भक्त माता ने जूठे भोजन को खिलाई थी। 

मुख्यमंत्री ने श्रीराम लला अयोध्या धाम योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन करा चुके हैं और लगातार भक्तों को दर्शन करा रहे हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि विगत 5 वर्षों से बंद यह योजना पुनः प्रारम्भ की गई। अभी तक 5000 बुजुर्ग लाभान्वित हो चुके है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना शुरू कर एक हजार रूपए प्रतिमाह दिया जा रहा है। इस योजना से लगभग 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि सारंगढ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि का चंदा करके प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही हैं। 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अखंड भारत की जो कल्पना की है, वह एक दिन जरूर पूरा होगा। देश-दुनिया में जागृति का यह समय आ चुका है और आप सब जिस भाव के साथ शामिल हुए हैं, उससे ऐसा लगता है कि भारत को विश्व गुरू बनाने का समय आ चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सपत्निक आरती में शामिल हुए और उन्होंने प्रदेश की सुख- समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन 25 दिसम्बर से 29 दिसम्बर 2025 तक सेवा समर्पण समिति द्वारा किया जा रहा है। 

इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग अन्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना, श्री अरूण वोरा एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

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एनएच-43 पर भीषण सड़क हादसा: दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर, दोनों चालक का मौके पर ही मौत


जशपुर 27 दिसम्बर 25: जशपुर जिले से होकर गुजरने वाले गुमला–कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-43) पर बीती रात एक भयावह सड़क हादसा हुआ। लोरो घाटी के काईकछार गांव के पास देर रात लगभग 12 बजे दो भारी मालवाहक ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें दोनों ट्रकों के चालक केबिन में फंस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
       प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में शामिल पहला ट्रक कोयला लेकर झारखंड से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा था, जबकि दूसरा ट्रक मक्का लोड कर छत्तीसगढ़ से झारखंड की ओर जा रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
मौके पर राहत और बचाव कार्य
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कटर मशीन की मदद से दोनों ट्रकों के केबिन काटकर फंसे हुए शव बाहर निकाले।
         समाचार लिखे जाने तक तक दुर्घटना के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने नियंत्रण कर जल्द ही सुचारू कर दिया।

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रायपुर सहित प्रमुख शहरों में रेल संचालन क्षमता दोगुनी करने की ऐतिहासिक योजना,मुख्यमंत्री ने कहा – यह निर्णय छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए बड़ा तोहफ़ा

रायपुर 26 दिसम्बर 2025/भारतीय रेलवे द्वारा अगले पाँच वर्षों में देश के 48 प्रमुख शहरों में रेलगाड़ियों की संचालन क्षमता को दोगुना करने की जो महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है, उसमें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को भी शामिल किया गया है। इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ा तोहफ़ा है और इससे राज्य की कनेक्टिविटी, व्यापार, उद्योग तथा पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित इस योजना से छत्तीसगढ़ जैसे उभरते हुए राज्य को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर जंक्शन देश के प्रमुख रेल जंक्शनों में से एक है और यहाँ प्रतिदिन लाखों यात्री आवागमन करते हैं। संचालन क्षमता दोगुनी होने से लोगों को अधिक ट्रेनें, बेहतर आवृत्ति तथा कम भीड़भाड़ का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के साथ-साथ अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक नगरों के लिए भी यह योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेल संरचना के विस्तार से निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स की सुगमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

रेल मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार वर्ष 2030 तक संचालन क्षमता दोगुनी करने के लिए मौजूदा टर्मिनलों पर अतिरिक्त प्लेटफार्म, पिट लाइन एवं स्टेबलिंग लाइन का निर्माण,
शहरी क्षेत्र और आसपास नए टर्मिनलों की स्थापना, सिग्नलिंग, यार्ड आधुनिकीकरण और मल्टीट्रैकिंग के माध्यम से अनुभागीय क्षमता में वृद्धि और मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स एवं आधुनिक रखरखाव सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर में इन सुविधाओं के विकसित होने से आम यात्रियों के साथ-साथ छात्रों, मरीजों, उद्योगपतियों और व्यापारियों सभी वर्गों को राहत मिलेगी। राज्य सरकार रेलवे मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर इस योजना को तेज गति से धरातल पर उतारने के लिए हर संभव सहयोग देगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के सर्वाधिक बेहतर रेल संपर्क वाले राज्यों में शामिल होगा और यह परिवर्तन “विकसित भारत @2047” के संकल्प को सशक्त करेगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में 41 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेलवे सुविधाओं के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है, जिसमें रेल्वे ट्रैक का विस्तार, रेलवे लाईन का दोहरीकरण, रेलवे फ्लाई ओवर एवं ब्रिज आदि का निर्माण शामिल है। केंद्र सरकार ने इस साल के बजट में छत्तीसगढ़ राज्य में रेल्वे सुविधा के विकास के लिए  6925 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। इससे राज्य में रेल परियोजनाओं के कामों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। 

छत्तीसगढ़ में रेलवे के उन्नयन और विकास के लिए 41,000 करोड़ रुपए के निवेश से नई रेल लाइनों, रेलवे फ्लाईओवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य में रेलवे का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो गया है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय रेलवे मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी को छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व रेल परियोजनाओं की सौगात मिली है। ये परियोजनाएं राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी और जनता को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय के कारण छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क विस्तार की ऐतिहासिक पहल हो रही है। इससे यात्री सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ औद्योगिक, खनिज और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क विस्तार से न केवल यात्री परिवहन बल्कि खनिज संपदा और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी। इससे राज्य में व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में रेलवे के दीर्घकालिक विकास के लिए रावघाट-जगदलपुर, धरमजयगढ़-लोहरदगा और खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा जैसी कई नई रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को ऐतिहासिक रेलवे बजट प्राप्त हुआ है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और यात्री सुविधाओं को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार इस विकास यात्रा को और आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गौरतलब है कि रावघाट रेलवे लाइन के अन्तर्गत दल्लीराजहरा-अंतागढ़ (77 किमी) सेक्शन चालू, यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। रावघाट तक विस्तार कार्य प्रगति पर, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र को लौह अयस्क की आपूर्ति होगी और ग्रामीणों को किफायती यातायात सुविधा मिलेगी। इसी तरह के.के. रेल लाइन दोहरीकरण के अन्तर्गत 170 किमी में से 148 किमी का कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे बस्तर और दंतेवाड़ा जिले की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। आवागमन आसान और माल परिवहन सुविधाजनक हो सकेगा। 4021 करोड़ रूपए की लागत वाली डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन परियोजना की लंबाई 295 किमी है। इसके निर्माण से खनिज परिवहन, यात्री सुविधाएं और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कोरबा-अंबिकापुर नई रेल लाइन से सरगुजा क्षेत्र को नए विकास की दिशा मिलेगी। गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली 490 किमी लंबी परियोजना के सर्वेक्षण के लिए 12.25 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। सरडेगा-भालुमुडा डबल लाइन से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

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देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नायकों का योगदान अद्वितीय - मुख्यमंत्री श्री साय,समाज के नवनिर्मित कार्यालय भवन के लोकार्पण सहित कई घोषणाएं

रायपुर, 27 दिसंबर 2025/स्वाधीनता आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी नायकों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। हल्बा, हल्बी एवं आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने हमारे देश में आजादी का आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद किया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जिला मुख्यालय दुर्ग के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित 35वां मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस पर्व को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण भी किया। श्री साय ने शक्ति स्थल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हल्बा समाज के युवा-युवतियों को आवासीय कोचिंग सुविधा प्रदान करने हेतु 50 लाख रूपए तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु 25 लाख रूपए  की स्वीकृत किए जाने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उन्होंने हल्बा-हल्बी समाज के सामाजिक पत्रिका ’समाज’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में आजादी के आंदोलन का सूत्रपात सर्वप्रथम जनजातीय समाज के नायको ने किया था। शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक सहित जनजाति नायकों एवं देशभक्तों ने अंग्रेजों के खिलाफ कुल 14 क्रांतियों का शंखनाद किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी ने जनजाति वर्ग के उत्थान एवं विकास के लिए सर्वप्रथम केन्द्रीय जनजाति कार्यालय मंत्रालय का गठन भी किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राजधानी रायपुर में जनजाति समाज के नायकों एवं वीर सपूतों के योगदान तथा अमर गाथाओं को नई पीढ़ी को परिचित कराने साथ-साथ उसके संरक्षण और संवर्धन हेतु विशाल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्षों में प्रधानमंत्री श्री मोदी की अधिकांश गारंटियों को प्राथमिकता से पूरा किया है। राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रूपए प्रति मानक बोरा के हिसाब से पारिश्रमिक तथा किसानों को धान का मूल्य 3100 रूपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। 26 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की मंजूरी दी गई है। राज्य में भी नक्सलवाद अपने अंतिम सांस गिन रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक गांवों में विकास के काम तेजी से हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर पूरे देश में अग्रणी राज्य बनाने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है। 
कार्यक्रम को सांसद श्री विजय बघेल और पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, हल्बा-हल्बी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री खलेन्द्र ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष श्री ललित चन्द्राकर, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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जिले में बच्चों और नागरिकों की सहभागिता के साथ मनाया गया वीर बाल दिवस, पेंटिंग, खेल-कूद और शिक्षात्मक गतिविधियों से हुआ उत्सवपूर्ण आयोजन"


जशपुरनगर 27 दिसंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा के दिशा-निर्देश पर विगत दिवस 26 दिसंबर को "वीर बाल दिवस" का आयोजन किया गया। 
          वीर बाल दिवस पर जिला मुख्यालय एवं जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों, बाल देखरेख संस्थाओं, एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय, नवा बिहान, सखी वन स्टॉप सेन्टर, पंचायत स्तर, वार्ड स्तर पर आयोजित किए गए। जिले में संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में पेंटिंग, पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन, नारा लेखन, भाषण एवं कहानी सुनाना आदि कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, साथ ही राष्ट्रपति द्वारा "प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार" प्रदाय कार्यक्रम देखा गया तथा  प्रधानमंत्री का "वीर बाल दिवस" का संबोधन सुना गया। जिसमें मुख्य रूप से मिशन वात्सल्य अंतर्गत एकीकृत बाल संरक्षण इकाई एवं चाईल्ड हेल्प लाईन (1098) में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा ग्राम एवं ब्लाक स्तर पर सभा आयोजित कर "वीर बाल दिवस" के उपलक्ष्य में मनोरा, केसरा, सोगड़ा, फतेहपुर, बधिमा, बुमतेल, भागलपुर, तपकरा, चीरबगीचा में गतिविधियां जिसमें पेंटिंग प्रतियोगिता, ड्राईंग प्रतियोगिता, पीयर-लर्निंग प्रतियोगिता, सर्कल, ग्रुप डिस्कशन, रस्सीकूद, खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चें एवं आम नागरिक द्वारा अपनी सहभागिता प्रदान किया गया।

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सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व: प्रधानमंत्री आवास योजना से संवरा दिव्यांग राजेश राम का जीवन

जशपुर 27 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार में जनकल्याणकारी विभिन्न योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना ने बगीचा विकासखंड के सन्ना निवासी श्री राजेश राम के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। श्री राजेश राम पैर से दिव्यांग हैं और कपड़ा सिलाई कर जीवन यापन कर रहे हैं। पहले वे मिट्टी के घर में रहते थे, जहाँ बारिश, ठंड और समय-समय पर मरम्मत की समस्याएँ उनके लिए बड़ी चुनौती बनी रहती थीं।

साल 2024‑25 में उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई और उन्होंने अपने लिए सुरक्षित एवं सुविधासम्पन्न पक्का घर बनाया। अब उनका परिवार ठंड, बारिश और अन्य कठिन परिस्थितियों से सुरक्षित रूप से रह रहा है। राजेश राम ने कहा, “दिव्यांग होने के कारण घर की मरम्मत और कठिन मौसम में खुद को सुरक्षित रखना मुश्किल था। अब अपने पक्के घर में सारी चिंताओं से मुक्ति मिल गई है।”

इस उपलब्धि के लिए श्री राजेश राम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद जताया, जिनकी योजनाओं और मार्गदर्शन से उनके जीवन में स्थायी सुधार और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है

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नए साल का धमाकेदार स्वागत: मयाली नेचर कैम्प में रोमांच, सुकून और साहसिक गतिविधियों का महासंगम,पर्यटक ले सकेंगे रोमांच,

जशपुरनगर 27 दिसम्बर 2025/ नववर्ष 01 जनवरी 2026 के पावन अवसर पर जशपुर वनमण्डल द्वारा मयाली नेचर कैम्प में पर्यटकों के लिए रोमांचक एडवेंचर एवं इको-टूरिज़्म गतिविधियों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन वन विभाग द्वारा वन प्रबंधन समितियों के सहयोग से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पर्यटकों को सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल तथा प्रकृति के बीच यादगार अनुभव प्रदान करना है। घने वनों, शांत जलाशय और हरियाली से आच्छादित मयाली नेचर कैम्प में इस नववर्ष पर साहसिक गतिविधियों की विशेष श्रृंखला तैयार की गई है। यहाँ आने वाले पर्यटक स्पीड बोटिंग, कायकिंग, एटीवी राइडिंग तथा क्रिकेट जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद उठा सकेंगे। इन सभी गतिविधियों के लिए नाममात्र शुल्क मात्र 100 रुपये प्रति गतिविधि निर्धारित किया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस आयोजन का हिस्सा बन सकें।

      वनमण्डलाधिकारी जशपुर वनमण्डल श्री शशि कुमार ने बताया कि सभी गतिविधियाँ प्रशिक्षित कर्मियों की निगरानी में एवं पूर्ण सुरक्षा मानकों के साथ संचालित की जाएंगी। इससे पर्यटकों को न केवल रोमांच का अनुभव मिलेगा, बल्कि वे पूरी तरह सुरक्षित माहौल में प्रकृति के करीब समय भी बिता सकेंगे। मयाली नेचर कैम्प का यह आयोजन इको-टूरिज़्म को बढ़ावा देने, स्थानीय वन समितियों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा जिले के पर्यटन को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह स्थान उन लोगों के लिए आदर्श है जो नए साल का स्वागत प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और सुकून के संग करना चाहते हैं। वन विभाग जशपुर द्वारा सभी नागरिकों एवं पर्यटकों से अपील की गई है कि वे नववर्ष के अवसर पर अपने परिवार एवं मित्रों के साथ मयाली नेचर कैम्प में पधारें। इन आकर्षक गतिविधियों का भरपूर आनंद लें तथा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

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वृक्षों को नुकसान पहुँचना अब पड़ेगा भारी,वन भूमि पर पोस्टर-बैनर नहीं: उल्लंघन पर जुर्माना सहित होगी वैधानिक कार्रवाई,वन विभाग ने शुरू किया सघन निरीक्षण

जशपुरनगर 27 दिसम्बर 2025/ जशपुर जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित आरक्षित एवं संरक्षित वन भूमि में कुछ व्यक्तियों एवं संस्थाओं द्वारा वृक्षों पर गर्डलिंग जैसे छाल उतारना या कटाव करना तथा पोस्ट, बैनर व होर्डिंग लगाने की गतिविधियाँ सामने आई हैं, जिसे वन विभाग ने गंभीरता से लिया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 के अंतर्गत स्पष्ट रूप से दण्डनीय अपराध है। धारा 26 के प्रावधानों के अनुसार आरक्षित वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार से वृक्ष को क्षति पहुँचाना, काटना, छाल उतारना, कील या तार ठोंकना, पोस्ट-बैनर लगाना अथवा वन संपदा को नुकसान पहुँचाना कानूनन निषिद्ध है। इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल वृक्षों की जैविक संरचना को नुकसान पहुँचाती हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे विकसित हरित पट्टी को भी प्रभावित करती हैं।

      वनमण्डलाधिकारी जशपुर वनमण्डल श्री शशि कुमार ने बताया कि वन विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे आरक्षित एवं संरक्षित वन क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान जहाँ-जहाँ वृक्षों पर गर्डलिंग अथवा पोस्ट-बैनर लगाए पाए जाएंगे, वहाँ तत्काल जप्ती, प्रकरण पंजीबद्ध कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर बैनर अथवा पोस्टर हटाने का व्यय भी संबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं से वसूला जाएगा।
वन विभाग ने सभी विज्ञापन एजेंसियों, ठेकेदारों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे वन भूमि या वन वृक्षों पर किसी भी प्रकार का पोस्ट, बैनर, होर्डिंग या अन्य संरचना न लगाएँ। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। वन विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे वन संपदा के संरक्षण में सक्रिय सहयोग करें। इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी वन कार्यालय को दें। ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके और जिले की हरित धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का किया विमोचन

रायपुर, 26 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा–2025 के लिए तैयार किए गए संदर्भ ग्रंथ “गाय धर्म एवं विज्ञान” के नवीनतम संस्करण का अपने निवास कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रंथ को गौ विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों और समाज के लिए उपयोगी बताते हुए समिति के प्रयासों की सराहना की और इसे ज्ञानवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

इस अवसर पर ग्रंथ के संपादक श्री सुबोध राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तक में गौ की उत्पत्ति से जुड़े पौराणिक तथ्यों के साथ-साथ गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र पर हुए विभिन्न वैज्ञानिक शोधों को प्रमाणों सहित बच्चों के अध्ययन हेतु सरल एवं व्यवस्थित रूप में संकलित किया गया है। इसके साथ ही गौ-आधारित कृषि, पंचगव्य उत्पादों का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा गौ के पर्यावरणीय महत्व को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

विमोचन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत संयोजक श्री अन्ना सपारे, श्री मनोज पाण्डेय, श्री हार्दिक कोटक, श्री मन्मथ शर्मा, श्री दुलार सिंह सिन्हा, श्री हेमराज सोनी, श्री विक्रम केवलानी, श्री अनुज तुलावी, श्रीमती रेवा यादव, श्री विक्रांत शर्मा, श्री श्याम अड़ेपवार, श्री शंभु दास महंत सहित संपादक मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

रायपुर 26 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर की प्रथम महिला विधायक स्वर्गीय श्रीमती रजनी दत्तात्रेय उपासने के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री “अनटोल्ड स्टोरी ऑफ स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने” का विमोचन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्रीमती उपासने के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसेवा से जुड़े योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक रहा है। आपातकाल जैसे कठिन दौर में लोकतंत्र की रक्षा से लेकर रायपुर के विकास, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान तक उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कि यह डॉक्यूमेंट्री आने वाली पीढ़ियों को उनके व्यक्तित्व और कार्यों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगी। विमोचन कार्यक्रम के दौरान श्री सच्चिदानंद उपासने सहित उनके परिजन उपस्थित थे।

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जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर योगिता मंडावी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

रायपुर 26 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की प्रतिभाशाली बालिका योगिता मंडावी ने जूडो खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह, कोण्डागांव में पली-बढ़ी योगिता को उनकी उल्लेखनीय खेल उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा योगिता मंडावी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में देशभर से चयनित प्रतिभाशाली बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा, कला एवं संस्कृति आदि में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि योगिता मंडावी ने कम उम्र में ही जूडो खेल में अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय दिया है। मात्र 13 वर्ष की आयु में उन्होंने राज्य की श्रेष्ठ जूडो खिलाड़ी का दर्जा प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार पदक अर्जित कर अपनी निरंतर प्रगति और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योगिता मंडावी की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है तथा कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों की सफलता से नई पीढ़ी को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा मिलती है। योगिता की उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है, बल्कि बालिका गृह एवं बाल कल्याण संस्थाओं में रह रहे बच्चों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत भी है। उन्होंने यह साबित किया है कि संसाधनों की सीमाएँ नहीं, बल्कि सपनों के प्रति लगन और परिश्रम ही सफलता का वास्तविक आधार है।

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राज्य के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा,स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन विभाग की पहल

रायपुर. 26 दिसम्बर 2025. स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग लगातार नई पहल कर रहा है। शहरों में रहने वाले परिवारों की सुविधा के लिए 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस सुविधा से लोग अपने घर या कार्यस्थल से किसी भी समय अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा वाले नगरीय निकायों के नागरिकों को संपत्ति कर जमा करने अब न तो किसी कार्यालय में जाने की जरूरत है और न ही लाइन लगने की। वे अपनी सुविधा से किसी भी समय इसे जमा कर सकते हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लोगों को घर बैठे संपत्ति कर जमा करने की सुविधा प्रदान करने इस साल अगस्त में 46 नए नगरीय निकायों में यह सुविधा प्रारंभ की है। पहले केवल राज्य के सात नगर निगमों रायपुर, दुर्ग, रिसाली, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ में ही ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा थी। अगस्त-2025 में तीन और नगर निगमों बीरगांव, भिलाई-चरोदा एवं धमतरी के साथ ही 43 नगर पालिकाओं में भी इस सुविधा को लॉन्च किया गया है। जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल के जरिए अब प्रदेशभर के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा किए जा सकते हैं।

*इन नगर पालिकाओं में है ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस साल 12 अगस्त को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बिलासपुर में आयोजित ‘स्वच्छता संगम’ में 43 नगर पालिकाओं में जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल को लॉन्च किया था। अगस्त-2025 से तिल्दा-नेवरा, गोबरानवापारा, आरंग, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, बागबहरा, सराईपाली, कुम्हारी, अहिवारा, जामुल, बालोद, दल्लीराजहरा, बेमेतरा, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, तखतपुर, रतनपुर, मुंगेली, दीपका, कटघोरा, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, अकलतरा, खरसिया, सारंगढ़, जशपुर नगर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चर्चा नगर पालिकाओं में नागरिकों को ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मिल रही है।

*"छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों को पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। अब लोगों को कर जमा करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और न ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।*

*हमें प्रसन्नता है कि कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी डिजिटल सुविधाएँ पहुँच रही हैं और लोग घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा कर रहे हैं। यह स्थानीय स्वशासन के आधुनिकीकरण के साथ-साथ ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।*

*हमारा लक्ष्य है कि शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और नागरिक-केंद्रित बनाया जाए, ताकि प्रत्येक परिवार को सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत—तीनों का लाभ मिल सके।"-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*“नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा से शहरों के लाखों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। यह व्यवस्था पारदर्शी शासन, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा सुधार है। अब कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जैसे दूरस्थ नगर पालिकाओं के लोग भी घर बैठे आसानी से टैक्स जमा कर पा रहे हैं। इससे नागरिकों का समय बचेगा, भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और स्थानीय स्वशासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी। हमारी सरकार शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन, सरल एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव*

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राशन वितरण में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं –अनियमितता करने वाली उचित मूल्य दुकानों के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई दो दुकानों का संचालन समाप्त, एक पर अर्थदंड

रायपुर 26 दिसम्बर 2025/सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण कर राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। हितग्राही अपने राशन प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन कर सामग्री का उठाव करते हैं, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होती है। इस व्यवस्था के माध्यम से वास्तविक पात्रों तक ही खाद्यान्न की आपूर्ति पहुँचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय द्वारा उचित मूल्य दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। इन टीमों द्वारा विभिन्न उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण एवं जांच कार्य किया गया। निरीक्षण के दौरान वितरण प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण तथा आधार प्रमाणीकरण की स्थिति का विशेष रूप से परीक्षण किया गया।

जांच के दौरान कुछ उचित मूल्य दुकानों में अनियमितताएँ पाई गईं। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकान संचालकों के विरुद्ध नियंत्रक प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई की गई है। शासन की मंशा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त न करने की है।

खाद्य नियंत्रक, जिला रायपुर ने आईडी क्रमांक 441001314 “मां भगवती खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति, बैरन बाजार” तथा आईडी क्रमांक 441001256 “श्री जय शीतला काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, बढ़ईपारा” से दुकान संचालन का अधिकार समाप्त कर उन्हें अन्य उचित मूल्य दुकानों में संलग्न किया गया है। इसके अतिरिक्त आईडी क्रमांक 441001148 “दूधाधारी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक-62” को अनियमितता पाए जाने पर ₹7000 का अर्थदंड अधिरोपित कर कड़ी चेतावनी दी गई है।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य की किसी भी उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत कड़ी एवं आवश्यक कार्रवाई की जाती है। राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं लाभार्थी-केंद्रित खाद्यान्न वितरण प्रणाली के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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"खुटगांव में वैज्ञानिक पद्धति से गेहूं की कतारबद्ध बुवाई: सीड ड्रिल और पीसीबी कल्चर से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से किया जा रहा लाभान्वित

जशपुरनगर 26 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले के किसानों को आधुनिक कृषि के लिए कृषि विभाग द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन  दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने का  निरंतर सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
     
 इसी कड़ी में विगत दिवस कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र जशपुर के तकनीकी मार्गदर्शन से कुनकुरी विकास खंड के ग्राम खुटगांव में वैज्ञानिक पद्धति से सीड ड्रिल द्वारा फसल गेहूं को कतार बोनी द्वारा लगाया गया और  पीसीबी कल्चर का उपयोग किया गया।

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पुनर्मूल्यांकन ने बदली सफलता की तस्वीर सेजेस जशपुर के छात्र रूपेश लायेक ने 96.60 प्रतिशत अंकों के साथ राज्य मेरिट सूची में छठा स्थान हासिल कर रचा नया कीर्तिमान

जशपुर नगर 26 दिसंबर 2025/

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम नवीन आदर्श विद्यालय, जशपुर नगर के होनहार छात्र रूपेश लायेक ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है।
रूपेश लायेक ने गत वर्ष कक्षा 12वीं की परीक्षा में पहले 476 अंक प्राप्त किए थे। जिनका प्रतिशत में अंक 95.20‌ होता है। अंग्रेजी विषय में पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके अंक 85 से बढ़कर 92 हो गए, जिसके फलस्वरूप उनका कुल प्राप्तांक 483 और प्रतिशत में कुल अंक 96.60 हो गया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ उन्होंने राज्य मेरिट रैंक 06 प्राप्त कर जिले और विद्यालय का नाम रोशन किया है।

रूपेश लायेक के पिता विनय लायेक पेशे से फूड वेंडर हैं, जबकि माता अन्नू लायेक गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद रूपेश की यह उपलब्धि कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। रूपेश का सपना इंजीनियर बनना है और वे आगे तकनीकी क्षेत्र में देश की सेवा करना चाहते हैं।

इस उल्लेखनीय सफलता पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री पी. के. भटनागर, विद्यालय के प्राचार्य श्री विनोद गुप्ता और व्याख्याता भैरव भौमिक सहित विद्यालय के सभी शिक्षकों ने रूपेश लायेक को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया है कि रूपेश भविष्य में भी इसी लगन और परिश्रम से सफलता की नई ऊँचाइयाँ हासिल करेंगे और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।

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लखपति दीदी की दिशा में जशपुर की पशु सखियों का सशक्त कदम, बिहान मिशन के तहत 48 दीदियों का रांची व बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक परिभ्रमण

जशपुरनगर 26 दिसम्बर 2025/
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत जशपुर जिले की पशु सखियों को वैज्ञानिक पद्धतियों से अवगत कराने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत जिले से चयनित 48 पशु सखियों का दल 22 दिसम्बर 2025 को रांची कॉलेज ऑफ वेटरिनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंड्री, रांची (झारखंड) पहुँचा, जहाँ उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
इस दल में मनोरा, दुलदुला, कुनकुरी और जशपुर विकासखंडों से चयनित पशु सखियां शामिल रहीं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मुर्गी पालन, गौवंश पालन, शूकर पालन, बकरी पालन, भेड़ पालन एवं खरगोश पालन से संबंधित आधुनिक तकनीकों, यंत्रों एवं प्रबंधन विधियों की जानकारी दी गई तथा संबंधित प्रयोगशालाओं एवं प्रशिक्षण इकाइयों का अवलोकन भी कराया गया।
प्रशिक्षण उपरांत पशु सखियों ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने विश्वविद्यालय के पशु वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पशुपालन की बारीकियाँ समझीं। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी पशु नस्लों का भी अवलोकन किया तथा लैब सुविधाओं को नजदीक से देखा। यह संपूर्ण कार्यक्रम कलेक्टर श्री रोहित व्यास के नेतृत्व एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।

 कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशु सखियों को वैज्ञानिक तरीकों से पशुपालन की जानकारी देकर उन्हें अपने-अपने ग्राम पंचायतों में पशुपालक किसानों को उन्नत तकनीकों से जोड़ने में सक्षम बनाना है। पशु सखियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण और परिभ्रमण से उन्हें नवीन जानकारी प्राप्त हुई है, जिससे वे अपने क्षेत्र के पशुपालक किसानों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकेंगी और उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगी। वहीं बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पशु वैज्ञानिकों ने मुर्गी, गौवंश, शूकर, बकरी एवं भेड़ पालन से अधिक लाभ प्राप्त करने के तरीकों का व्यापक प्रचार–प्रसार जशपुर जिले में करने की सलाह दी।

     उल्लेखनीय है कि इस तरह के शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम जशपुर जिले के सभी आठ विकासखंडों की पशु सखियों एवं कृषि सखियों के लिए आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं। इसका उद्देश्य बिहान से जुड़ी महिलाओं को अन्य जिलों एवं राज्यों की उन्नत पशुपालन, उद्यानिकी एवं कृषि तकनीकों से अवगत कराकर उन्हें उत्पादन एवं रोजगार से जोड़ना तथा शत-प्रतिशत महिलाओं को “लखपति दीदी” की श्रेणी में लाना है।

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