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शांति, समृद्धि और सफलता की कामना के साथ कलेक्टर ने दी नववर्ष की बधाई

जशपुर 1 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी लोगों को नव वर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा की नया साल आपके लिए खुशियों, सफलता लाए अपना  लक्ष्य निर्धारित करके निरंतर आगे बढ़े।
यह नया साल नई शुरुआत नई संभावनाएं से भरा हो आने वाला वर्ष आपके के जीवन में शांति और आनंद लाए।

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आधुनिक दौर में भी परंपरा की मजबूत पकड़ :जब डांटा (डांडिया) नृत्य बनता है उत्सव और परंपरा बनती है पहचान..... मिट्टी की खुशबू और मांदर की गूंज के साथ ग्रामीण आज भी गांवों की पहचान को रखे है जीवित,

मांदर की थाप पर धड़कती परंपरा,डांटा खेल में आज भी जीवित है गांवों की आत्मा

निरंजन मोहन्ती - जशपुर/नारायणपुर

नारायणपुर 01 जनवरी 2026 : जब शहरों में आधुनिकता की चकाचौंध तेज होती जा रही है, उसी समय ग्रामीण अंचलों में आज भी मिट्टी की खुशबू, लोकसंगीत की गूंज और सामूहिक जीवन की गरिमा पूरी मजबूती से जीवित है। इन्हीं परंपराओं में से एक है डांडिया नृत्य, जिसे स्थानीय भाषा में डांटा खेल भी कहा जाता है। यह खेल केवल नृत्य या मनोरंजन नहीं, बल्कि गांव के सामाजिक ताने-बाने, एकता और आपसी सहयोग की मजबूत डोर है।

हर वर्ष धान कटाई–मिसाई के बाद, जब खेतों में लहलहाती फसल घरों तक पहुंच जाती है और किसान की मेहनत रंग लाती है, तब गांव में उत्सव का माहौल बनने लगता है। इसी खुशी को साझा करने के लिए शुरू होता है डांटा खेल। गांव के पुरुष वर्ग अपनी दिनभर की थकान भूलकर, पारंपरिक वेशभूषा में मांदर की थाप पर थिरकने लगते हैं।

15 से 20 लोगों का एक दल बनता है। मांदर जैसे ही बोल उठता है, उसकी गूंज पूरे गांव में फैल जाती है। ढोल की हर थाप मानो धरती की धड़कन बन जाती है। गीतों में खेत-खलिहान, प्रकृति, देवता और समाज की झलक मिलती है। यह दल गांव के हर घर, हर आंगन तक पहुंचता है। जैसे ही नृत्य दल किसी घर के सामने पहुंचता है, वहां के बच्चे उत्साह से दौड़ पड़ते हैं, बुजुर्ग मुस्कुराते हुए आशीर्वाद देते हैं और महिलाएं आंगन से इस लोकनृत्य को निहारती हैं।

नृत्य के बाद घर के स्वामी या सदस्य अपनी श्रद्धा, प्रेम और सामर्थ्य के अनुसार धान या धन प्रदान करते हैं। इसे स्थानीय भाषा में “जाली मांगना” कहा जाता है, लेकिन यह मांगना नहीं बल्कि आपसी सहयोग और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक है। कोई मुट्ठी भर धान देता है, तो कोई अपनी खुशी के अनुसार राशि—हर योगदान बराबर सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है।

डांटा खेल की यह यात्रा लगातार 15 से 20 दिनों तक चलती है। इस दौरान पूरा गांव एक परिवार की तरह जुड़ जाता है। हर दिन मांदर की आवाज के साथ गांव की गलियां जीवंत हो उठती हैं। हंसी-मजाक, गीत-संगीत और नृत्य के बीच ग्रामीण जीवन की सादगी और अपनापन साफ झलकता है।

जब 15 से 20 दिन बाद पूरे गांव में डांटा खेल का समापन होता है, तब एकत्रित धान और धन से समस्त ग्रामवासियों के लिए सामूहिक पिकनिक का आयोजन किया जाता है। यह पिकनिक केवल भोजन का आयोजन नहीं, बल्कि गांव की सामूहिक खुशी का उत्सव होता है। एक साथ बैठकर खाना, गीत गाना, बच्चों की किलकारियां और बुजुर्गों की बातें—यह दृश्य किसी पर्व से कम नहीं होता।

इसी जीवंत परंपरा का नज़ारा कल ग्राम साहीडाँड़ में देखने को मिला। धान मंडी में मांदर की थाप पर डांटा दल ने पूरे जोश और उमंग के साथ नृत्य किया। थिरकते कदम, ताल से ताल मिलाते नृत्य दल और चारों ओर उमड़ती भीड़—हर पल ग्रामीण संस्कृति की सुंदर तस्वीर पेश कर रहा था। इसके बाद यह दल गांव की गलियों से गुजरता हुआ घर-घर पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने खुले दिल से स्वागत किया।

आज के बदलते दौर में, जब कई परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं, ऐसे में डांटा खेल यह संदेश देता है कि गांव आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। यह परंपरा न केवल संस्कृति को जीवित रखती है, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी मिट्टी, अपने समाज और अपने संस्कारों से जोड़ती है।

डांटा खेल सचमुच ग्रामीण जीवन की आत्मा है—जहां संगीत है, मेहनत का सम्मान है, और सबसे बढ़कर है साथ मिलकर खुशियां बांटने की भावना।

आज जब बहुत सी परंपराएं धीरे-धीरे खत्म होती जा रही हैं, ऐसे समय में डांटा खेल यह बताता है कि गांव आज भी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े हुए हैं। यह खेल सिखाता है कि खुशी अकेले नहीं, बल्कि मिलकर मनाई जाती है।डांटा खेल आज भी गांव की शान है, पहचान है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अनमोल विरासत है।

देखें गांव का डांटा नृत्य

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BIG breking:– नई साल में बड़ी सौगात, CM विष्णुदेव साय ने जिले को 77 सड़कों की दी मंजूरी, ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी, मुख्यमंत्री का जताया आभार..


जशपुरनगर। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी सौगात मिली है।नए साल में जिले के विभिन्न विकासखंडों में 77 सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर बड़ी सौगात दी है। इन सभी कार्यों के लिए कुल ₹192 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इससे जिले के ग्रामीण, दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों में आवागमन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी।जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत गायबुड़ा–खालपारा मार्ग के लिए ₹3 करोड़ 24 लाख, टोरा–परसुरा ₹4 करोड़ 33 लाख, समदुरा–तेतरटोली ₹63 लाख, टीआर-02 से अक्रिकोना ₹2 करोड़ 21 लाख, बगडोल–गायरटोली ₹1 करोड़ 90 लाख, छिछली–सन्ना से चीवराडांड ₹2 करोड़ 33 लाख तथा सरईपानी–रागरा मार्ग के लिए ₹2 करोड़ 02 लाख की मंजूरी दी गई है।दुलदुला विकासखंड दुलदुला विकासखंड में कोरना–डोभ (कदमटोली होकर) मार्ग के लिए ₹4 करोड़ 18 लाख, कस्तुरा–सरईटोली ₹2 करोड़ 92 लाख, फरसा–सुनकाडंड कादोबहर ₹2 करोड़ 66 लाख, कंटासारू–तुर्री ₹2 करोड़ 77 लाख, एनएच से कोरकोटटोली ₹4 करोड़ 40 लाख, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी–आसनबहार (नोनियाताला) ₹2 करोड़ 57 लाख, चटकपुर–सुकबासुटोली–खुंटीटोली–नगेराटुकु ₹3 करोड़ 19 लाख, खुंटीटोली–डंडाडीह ₹2 करोड़ 45 लाख एवं चराईडांड–गिधासांड मार्ग के लिए ₹2 करोड़ 45 लाख स्वीकृत किए गए हैं।जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत तेलाइन–मोहांटोली मार्ग ₹6 करोड़ 88 लाख, खुटगांव–केंदुटोली ₹3 करोड़ 03 लाख, नवाटोली–सहसपुर ₹4 करोड़ 25 लाख, बनखेता–जुनाडीह ₹3 करोड़ 09 लाख, सागजोर–सोनाजोरी ₹3 करोड़ 34 लाख, घुमरा–बुरुशापार ₹2 करोड़ 50 लाख, बलुआबहार–करमटोली ₹1 करोड़ 68 लाख, बेलडीपा–रेगरमुंडा ₹2 करोड़ 56 लाख, घुमरा रोड–छकलपुर ₹1 करोड़ 64 लाख एवं कुनकुरी–लावकेरा से मयूरटोली मार्ग के लिए ₹1 करोड़ 49 लाख की स्वीकृति दी गई है।जिले के कुनकुरी विकासखंड में एमडीआर से रेमते ₹3 करोड़ 80 लाख, खुटगांव से बतानटोली (धान खरीदी केंद्र तक) ₹1 करोड़ 87 लाख, महुवाटोली–पुटुकेला नदी तक ₹1 करोड़ 30 लाख, कुनकुरी–मज्हाटोली ₹2 करोड़ 11 लाख, धुमाडांड–बुधीडेरा ₹1 करोड़ 31 लाख, दमगड़ा–डडगांव ₹2 करोड़ 87 लाख, रानीकोम्बो–छातापारा ₹4 करोड़ 11 लाख, प्रधानमंत्री सड़क से लोढ़ाम्बा ₹2 करोड़ 40 लाख, एनएच-43 से परसाकानी ₹1 करोड़ 96 लाख, बरडांड–सेंदरीमुंडा ₹1 करोड़ 92 लाख, कुनकुरी–राजाडांड ₹2 करोड़ 06 लाख, रजौटी–कोटिया ₹3 करोड़ 84 लाख एवं करमटोली–बोडाटोंगरी मार्ग के लिए ₹5 करोड़ 57 लाख स्वीकृत किए गए हैं।जिले के मनोरा विकासखंड
मनोरा विकासखंड अंतर्गत करडीह–सरईटोली (केराकोना) ₹4 करोड़ 78 लाख, रांझाडीपा–पियारटोली ₹4 करोड़ 86 लाख, टीआर-05–रुकुरमा ₹1 करोड़ 84 लाख, टीआर-07–घटगांव ₹1 करोड़ 42 लाख, बोरोकोना–वनग्राम ₹2 करोड़ 11 लाख, जरहापाठ ₹4 करोड़ 03 लाख एवं मतरलौंगा मार्ग के लिए ₹1 करोड़ 77 लाख की मंजूरी दी गई है।जिले के पत्थलगांव विकासखंड में लखझार–मुडापारा ₹2 करोड़ 28 लाख, चंदागढ़–डूमरमुड़ा ₹1 करोड़ 13 लाख, डूमरबहार–पकरीढाप ₹2 करोड़ 53 लाख, लुडेग–सुरंगपानी (जोरामा) ₹2 करोड़ 94 लाख, सावाटोली–बिछीटोला ₹2 करोड़ 53 लाख, तिरशोथ–मुदापारा ₹1 करोड़ 50 लाख, सरगुजा सीमा–चिमटापानी ₹98 लाख, धवईपारा–दर्रापारा ₹1 करोड़ 20 लाख, बुढ़ाडांड–बरपारा ₹2 करोड़ 07 लाख, लुड़ेग–सुरंगपानी–खगेश्वरपारा ₹2 करोड़ 06 लाख, कदमपारा–लोटापारा ₹1 करोड़ 17 लाख, खरकट्टा–पंडरीपारा ₹1 करोड़ 70 लाख, किलकिला–केराकछार–लाइनपारा ₹1 करोड़ 31 लाख, बंधनपुर–घोटमुड़ा ₹2 करोड़ 19 लाख, लुड़ेग–सुरंगपानी–बरपानी ₹3 करोड़ 31 लाख, पकपानी–घुटारीपारा ₹1 करोड़ 09 लाख तथापतराटोली–पकरीपारा मार्ग के लिए ₹80 लाख स्वीकृत किए गए हैं।जशपुर विकासखंड में जशपुर कॉलेज रोड–ग्रनचटोली (लक्ष्मी नगर) ₹2 करोड़, सिटोंगा–छेंनगोंटोली ₹2 करोड़ 57 लाख, बरगांव–हर्राकोना ₹2 करोड़ 88 लाख, बडबनाई–खुंटीटोली ₹6 करोड़ 57 लाख एवं लोखंडी–बस्ता (घुमलू होकर) मार्ग के लिए ₹4 करोड़ 28 लाख की स्वीकृति दी गई है।वहीं जिले के कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत फरसाजुनवाइन–रेनकुटोली ₹1 करोड़ 56 लाख, नक्तिमुंडा–बिहाबल–पतरापाली ₹3 करोड़ 72 लाख, कोडलिया–गतीमहुवा ₹1 करोड़ 93 लाख, सोनारपहरी–मुख्य मार्ग ₹3 करोड़ 20 लाख, खुंटेरे–करमटोली ₹2 करोड़ 72 लाख, एनएच-43–महादेवमुड़ा ₹1 करोड़ 78 लाख, पालीडीह–कटंगजोर–डूमरकोना ₹3 करोड़ 05 लाख, बंधनपुर रोड–बरडांडपरा ₹1 करोड़ 48 लाख तथा लुड़ेग–सुरंगपानी–फिटिंगपारा मार्ग के लिए ₹1 करोड़ 27 लाख स्वीकृत किए गए हैं।इन सड़क कार्यों की स्वीकृति से जशपुर जिले में आवागमन सुलभ होगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वर्षों से लंबित मांगें पूरी होने पर क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।

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1 जनवरी 2026 का 12 राशियों का  राशिफल — सोच, व्यवहार, अवसर और सावधानियों के साथ


♈ मेष (Aries)

नया साल – नई ऊर्जा
आज आप भीतर से बहुत सक्रिय और प्रेरित महसूस करेंगे। कुछ नया शुरू करने की इच्छा होगी।
करियर/पढ़ाई: लक्ष्य स्पष्ट होंगे, लेकिन जल्दबाज़ी से बचें। योजना बनाकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।
धन: शुरुआत में खर्च अधिक हो सकता है, इसलिए बजट बनाना जरूरी है।
रिश्ते: आपकी स्पष्ट बातों से कुछ लोग प्रभावित होंगे, कुछ असहज भी। विनम्रता रखें।
स्वास्थ्य: ऊर्जा अधिक रहेगी, लेकिन नींद की कमी थकान दे सकती है।


♉ वृषभ (Taurus)

स्थिर और सकारात्मक शुरुआत
आज मन शांत रहेगा और आप भविष्य को लेकर व्यावहारिक सोच रखेंगे।
करियर/पढ़ाई: धीरे लेकिन ठोस प्रगति होगी। जो काम अधूरे थे, उन्हें पूरा करने का अच्छा समय है।
धन: धन से जुड़ा कोई पुराना निर्णय सही साबित हो सकता है।
रिश्ते: परिवार के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा।
स्वास्थ्य: आराम और संतुलित भोजन से लाभ मिलेगा।


♊ मिथुन (Gemini)

विचारों की तेजी
दिमाग बहुत सक्रिय रहेगा, कई योजनाएँ एक साथ आएँगी।
करियर/पढ़ाई: लेखन, बोलने या सीखने से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है।
धन: छोटी-छोटी बचत भविष्य में लाभ देगी।
रिश्ते: बातचीत आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगी।
स्वास्थ्य: स्क्रीन टाइम कम रखें।


♋ कर्क (Cancer)

भावनात्मक लेकिन समझदार दिन
आप अपने भीतर की आवाज़ को अधिक सुनेंगे।
करियर/पढ़ाई: धैर्य से किए गए प्रयास आगे चलकर फल देंगे।
धन: खर्च परिवार या घर से जुड़ा हो सकता है।
रिश्ते: माता-पिता या किसी बड़े से मार्गदर्शन मिलेगा।
स्वास्थ्य: भावनात्मक तनाव से बचने के लिए खुद को समय दें।


♌ सिंह (Leo)

आत्मविश्वास से भरा दिन
आपकी उपस्थिति लोगों को प्रभावित करेगी।
करियर/पढ़ाई: नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता है।
धन: मान-सम्मान के साथ आर्थिक लाभ के संकेत हैं।
रिश्ते: लोग आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे।
स्वास्थ्य: ऊर्जा अच्छी रहेगी, लेकिन अहंकार से बचें।


♍ कन्या (Virgo)

योजना और अनुशासन का दिन
आप चीज़ों को व्यवस्थित करना चाहेंगे।
करियर/पढ़ाई: पढ़ाई या विश्लेषण वाले कार्यों में सफलता मिलेगी।
धन: फालतू खर्च परेशान कर सकता है।
रिश्ते: छोटी बातों पर आलोचना से बचें।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव को हल्के व्यायाम से कम करें।


♎ तुला (Libra)

संतुलन की परीक्षा
आज आपको निर्णय लेते समय दिल और दिमाग में तालमेल बैठाना होगा।
करियर/पढ़ाई: सहयोग से काम करने पर सफलता मिलेगी।
धन: आय-व्यय संतुलित रहेगा।
रिश्ते: दोस्ती मजबूत होगी।
स्वास्थ्य: शरीर को हल्का रखने वाले भोजन लें।


♏ वृश्चिक (Scorpio)

गहराई और आत्मचिंतन
आप अपने भविष्य को लेकर गंभीर सोच में रहेंगे।
करियर/पढ़ाई: गुप्त रूप से की गई मेहनत रंग लाएगी।
धन: निवेश से पहले पूरी जानकारी लें।
रिश्ते: भावनाएँ दबाने के बजाय सही तरीके से व्यक्त करें।
स्वास्थ्य: ध्यान और शांति जरूरी है।


♐ धनु (Sagittarius)

उत्साह और आशा
नया साल आपके लिए उम्मीद लेकर आया है।
करियर/पढ़ाई: नई दिशा या नई सीख मिल सकती है।
धन: यात्रा या शिक्षा पर खर्च संभव है।
रिश्ते: सकारात्मक सोच लोगों को आकर्षित करेगी।
स्वास्थ्य: शारीरिक गतिविधि आपको अच्छा महसूस कराएगी।


♑ मकर (Capricorn)

जिम्मेदारी और लक्ष्य
आप साल की शुरुआत ही लक्ष्य तय करके करेंगे।
करियर/पढ़ाई: मेहनत का सही परिणाम मिलने लगेगा।
धन: बचत बढ़ाने का अवसर है।
रिश्ते: परिवार आपकी गंभीरता को समझेगा।
स्वास्थ्य: शरीर को जरूरत से ज्यादा न थकाएँ।


♒ कुंभ (Aquarius)

नवाचार और अलग सोच
आप कुछ नया करने की सोचेंगे।
करियर/पढ़ाई: टेक्नोलॉजी, विज्ञान या रचनात्मक क्षेत्रों में लाभ।
धन: नए अवसर मिल सकते हैं।
रिश्ते: दोस्त आपके विचारों से प्रेरित होंगे।
स्वास्थ्य: पानी और आराम पर ध्यान दें।


♓ मीन (Pisces)

संवेदनशील और आध्यात्मिक दिन
आपका मन शांत लेकिन गहरा रहेगा।
करियर/पढ़ाई: रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा।
धन: भावनाओं में आकर खर्च न करें।
रिश्ते: दूसरों की भावनाएँ अच्छे से समझेंगे।
स्वास्थ्य: योग, ध्यान या संगीत लाभ देगा।


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औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में संशोधन : छत्तीसगढ़ को और अधिक निवेश-अनुकूल एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की बड़ी पहल

रायपुर 31 दिसंबर 2025 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अन्य राज्यों की तुलना में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट एवं निवेश-अनुकूल बनाया गया है। इससे राज्य में औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावनाएँ सुदृढ़ हुई हैं।

मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य के मूल निवासियों के लिए स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार का सृजन सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा रोजगार सृजन अनुदान से संबंधित नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले विशेष सेक्टर के उद्यम — जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, आईटी आदि के एमएसएमई इकाइयों को भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को दिए जाने वाले वेतन पर अनुदान प्राप्त होगा।

सेवा क्षेत्र के दायरे का विस्तार करते हुए, मंत्रिमंडल ने कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स एवं ऐप-आधारित एग्रीगेटर, तथा NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब को भी नीति के अंतर्गत सम्मिलित किया है। इन संस्थाओं को अब औद्योगिक विकास नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन एवं अनुदान का लाभ मिलेगा।

पर्यटन एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास को गति देने के उद्देश्य से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पाँच सितारा होटलों तथा अन्य जिलों में तीन सितारा होटलों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक संशोधन किए गए हैं। इसी प्रकार राज्य में बड़े निजी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि NIRF Ranking में शीर्ष 100 में शामिल शिक्षण संस्थानों द्वारा राज्य में परिसर स्थापित किए जाने पर उन्हें नीति के अंतर्गत विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवाओं को विश्व-स्तरीय शिक्षा एवं बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत ये संशोधन छत्तीसगढ़ को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन निर्णयों से राज्य में निवेश बढ़ने, व्यापक रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति को और अधिक तेज एवं संतुलित बनाने में सहायता मिलेगी।

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पारंपरिक हस्तशिल्प से आजीविका की नई राह:‘जशक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत तीन माह का विशेष डिजाइन एवं विकास प्रशिक्षण प्रारंभ

जशपुर 30 दिसम्बर 2025/ जशपुर जिले में पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “जशक्राफ्ट” ब्रांड के अंतर्गत कालीन उत्पादन में उत्कृष्टता लाने हेतु विकास आयुक्त हस्तशिल्प, भारत सरकार, वस्त्र मंत्रालय, नई दिल्ली की CHCDS परियोजना के तहत “डिजाइन एंड डेवलपमेंट वर्कशॉप ऑन कारपेट क्राफ्ट” का आयोजन किया जा रहा है।

यह कार्यशाला जशपुर विकासखंड के बालाछापर ग्राम पंचायत स्थित रीपा परिसर में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन जशपुर एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समन्वय से किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 दिसंबर 2025 से 18 मार्च 2026 तक कुल तीन माह की अवधि का होगा।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘जशक्राफ्ट ब्रांड’ के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य कालीन, छिंद-कांसा, बांस एवं काष्ठ शिल्प से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं कारीगरों को तकनीकी दक्षता प्रदान करने के साथ-साथ स्थायी बाजार से जोड़ना है।

यह संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री राजेंद्र राजवाड़े ने बताया कि प्रशिक्षण में भाग ले रही 30 महिलाओं को प्रति दिवस ₹300 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। साथ ही, तैयार उत्पादों के विपणन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा स्वयं वहन की जाएगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा जशपुर जिले में कालीन उद्योग के अतिरिक्त ‘काष्ठ हस्तशिल्प’ का दो माह का प्रशिक्षण मनोरा विकासखंड के अलोरी ग्राम पंचायत में तथा ‘गोदना शिल्प’ पर एक माह का प्रशिक्षण दुलदुला विकासखंड में आयोजित किया जा रहा है।

बालाछापर में संचालित कालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिल्ली से डिजाइनिंग प्रशिक्षक सुश्री कौशिकी सौम्या तथा स्थानीय प्रशिक्षक श्री चिंतामणि भगत (अंबिकापुर) द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

 इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संविदा भर्ती : अंतिम मेरिट सूची जारी, जिले की वेबसाइट पर उपलब्ध

जशपुरनगर 31 दिसम्बर 2025/ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालन एवं प्रबंधन समिति जशपुर द्वारा संविदा भर्ती सत्र 2025-26 के अंतर्गत दावा-आपत्ति निराकरण के उपरांत अंतिम एकीकृत मेरिट सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। यह सूची जिले के वेबसाइट www.jashpur.nic.in पर प्रकाशित की गई है। अभ्यर्थी इसका अवलोकन कर सकते है। प्राप्त जानकारी के अनुसार  संविदा भर्ती के लिए विभिन्न पदों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके पश्चात प्रारंभिक दावा-आपत्ति सूची 25 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई थी, जिस पर प्राप्त आपत्तियों के निराकरण के उपरांत 04 सितम्बर 2025 को प्रवर्गवार एवं विषयवार 30 गुनांक अभ्यर्थियों की एकीकृत मेरिट सूची जिले की वेबसाइट www.jashpur.nic.in पर प्रकाशित की गई थी। 30 गुनांक अभ्यर्थियों की अंतिम दावा-आपत्ति के निराकरण के पश्चात विज्ञापन की चयन प्रक्रिया के अंतर्गत अब प्रत्येक पद के विरुद्ध 25 गुनांक अभ्यर्थियों की एकीकृत मेरिट सूची प्रकाशित की गई है। भृत्य एवं चौकीदार पदों के लिए 25 गुनांक की पृथक मेरिट सूची जारी की जाएगी।

      जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 25 गुनांक अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज सत्यापन, साक्षात्कार एवं कौशल परीक्षा की तिथि पृथक से निर्धारित कर शीघ्र ही जिले की वेबसाइट के माध्यम से सूचना दी जाएगी। सभी अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे नियमित रूप से जिले की वेबसाइट www.jashpur.nic.in का अवलोकन करते रहें, ताकि आगामी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी समय पर प्राप्त हो सके।

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दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

*प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक पहुँचाई जाएंगी नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ*

रायपुर 31 दिसंबर 2025/ दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।

स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, किसानों एवं वनवासी परिवारों के हित, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा तथा प्रशासनिक सुधारों की दिशा में मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले”

रायपुर 31 दिसम्बर 2025
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -*

1. मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई।

2. मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई।

3. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है।

4. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम।

वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी।

5. मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि - 
 उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल

 सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी
   
6. मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

8. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 

9. मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

10. मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।

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नववर्ष से पहले जशपुर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ऐतिहासिक सौगात, ग्रामीण व दूरस्थ अंचलों की 10 सड़कों के लिए 31 करोड़ 91 लाख रुपये की मंजूरी, वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी


जशपुरनगर 30 दिसम्बर 2025 : नववर्ष की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले जिलेवासियों के लिए खुशखबरी लेकर आई है।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की आवागमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 10 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन हेतु कुल 31 करोड़ 91 लाख रुपए की बड़ी राशि स्वीकृत की है।वर्षों से लंबित ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने पर क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार जताया है।
             स्वीकृत सड़कों में जिले के मुड़ापारा के एनएच-43 रोड से चर्चपारा होते हुए सुकबासुपारा तक 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार रुपए, ग्राम पंचायत कछार से सरपंच बस्ती चौक पक्की सड़क से तिरसोठ तक 3 करोड़ 41 लाख रुपए, कांसाबेल के डांडपानी से खूटेरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 52 लाख रुपए, पाले पखना से जुनवाईंन पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।इसी तरह कांसाबेल के सेमरकछार भट्टीटोली से लपई पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 69 लाख रुपए, ग्राम पंचायत कर्रबेवरा से पखनापारा माड़ो गुफा तक पहुंच मार्ग के लिए 1 करोड़ 88 लाख रुपए, ग्राम पंचायत घरजियाबथान के ठाकुर मुड़ा से रघुनाथपुर जोड़ा तालाब मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपए, ग्राम पंचायत पाकरगांव से तुरवाआमा होते हुए चौराआमा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपए, ग्राम पंचायत भगरपुर से भगोरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 60 लाख रुपए तथा अटल चौक से पंडरीपानी होते हुए तिलंगा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 43 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

      इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, किसानों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा विकास को नई गति मिलेगी। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नए साल से पहले जिले को विकास की बड़ी सौगात देकर उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया है।

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छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों का 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण,मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से घर बैठे कर सकते हैं केवायसी

रायपुर, 30 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है। 

 खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं। 

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है।

 अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारांे को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं। 

राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।

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मखाना खेती से बदलेगी धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर,महिलाओं ने मखाना खेती में देखी आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह

रायपुर, 30 दिसंबर 2025/ कृषि विविधीकरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में धमतरी जिले ने एक और ठोस कदम बढ़ाया है। विकासखंड नगरी के ग्राम सांकरा से 40 इच्छुक महिला किसान समूह का एक दल रायपुर जिले के विकासखंड आरंग अंतर्गत ग्राम लिंगाडीह पहुंचा, जहाँ उन्होंने मखाना प्रोसेसिंग एवं आधुनिक खेती तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अध्ययन भ्रमण एवं प्रशिक्षण की संपूर्ण व्यवस्था जिला उद्यानिकी विभाग, धमतरी द्वारा की गई। 
ख़ास कर कलेक्टर धमतरी ने मखाना खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी को लेकर रुचि ले रहे हैं । 

*ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी*

       अब जल्द ही धान से आगे सोच से मखाना खेती से धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी ।  छोटी छोटी डबरी से समृद्धि तक धमतरी की महिलाओं को मखाना खेती में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह दिखायी दे रही है । शासकीय प्रयासों का प्रतिफल है कि मखाना खेती से धमतरी में आर्थिक सशक्तिकरण होगा ।

*मखाना का उत्पादन लागत और बाजार संभावनाओं पर विस्तार से दी जानकारी*

     कलेक्टर के सतत प्रयासों से धमतरी जिले के ग्राम राखी, पीपरछेड़ी, दंडेसरा, राँकाडोह एवं सांकरा में लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में डबरी चिन्हांकन कर मखाना खेती की शुरुआत हो चुकी है। महिला किसानों ने  स्थानीय ओजस फार्म का भ्रमण करते हुए मखाना की खेती, कटाई, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी संपूर्ण श्रृंखला को नजदीक से समझा। फार्म प्रबंधक श्री संजय नामदेव ने किसानों को बताया कि मखाना की खेती के लिए जलभराव वाली डबरी, तालाब या जल संरचनाएं उपयुक्त होती हैं। उन्होंने तकनीकी पहलुओं, बीज चयन, उत्पादन लागत और बाजार संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी तथा यह भी बताया कि उचित प्रशिक्षण एवं सरकारी सहयोग से यह फसल किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

*स्थायी आय का मजबूत स्रोत विकसित*

      इस अवसर पर श्री शिव साहू ने मखाना खेती के व्यावसायिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह फसल कम जोखिम वाली है और इससे स्थायी आय का मजबूत स्रोत विकसित किया जा सकता है। महिला किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मखाना खेती से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का नया अवसर दिखाई दे रहा है।
 
*एक किलो मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप तैयार*

       बिहार के दरभंगा निवासी मखाना प्रोसेसिंग विशेषज्ञ श्री रोहित साहनी फोड़ी ने प्रसंस्करण की बारीकियां समझाते हुए बताया कि 1 किलो मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप तैयार होता है, जिसकी बाजार कीमत 700 रुपये से 1000 रुपए प्रति किलो तक होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसान स्वयं उत्पादन के साथ प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करें, तो प्रति एकड़ लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

*औसत उत्पादन 10 क्विंटल तक प्राप्त*

         इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रमुख वैज्ञानिक ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जानकारी देते हुए बताया कि प्रति एकड़ लगभग 20 किलो बीज की आवश्यकता होती है और औसत उत्पादन 10 क्विंटल तक प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि छह माह की अवधि वाली इस फसल में कीट-व्याधि का प्रकोप नगण्य होता है तथा चोरी जैसी समस्याएं भी नहीं होतीं, जिससे यह किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प बनती है।

*किसानों ने मखाना बोर्ड एवं राज्य शासन की योजनाओं की दी गई जानकारी*

           उप संचालक उद्यानिकी, धमतरी  डॉ.पूजा कश्यप साहू के मार्गदर्शन में ग्रामीण उद्यानिकी अधिकारी श्री चंद्रप्रकाश साहू एवं बीटीएम श्री पीताम्बर भुआर्य के साथ आए किसानों ने मखाना बोर्ड एवं राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। डॉ.पूजा ने बताया कि मखाना की खेती को प्रोत्साहन देने हेतु प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं सब्सिडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
   
 *राज्य का पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित*

      उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम व्यावसायिक मखाना उत्पादन आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा प्रारंभ किया गया था, जहाँ राज्य का पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित हुआ।

*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा*
        आज मखाना उत्पादन छत्तीसगढ़ की नई कृषि पहचान बन रहा है। धमतरी की महिला किसानों का यह प्रयास न केवल कृषि नवाचार का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन,प्रशिक्षण और प्रशासनिक संकल्प से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।

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 गौ वंश संरक्षण की दिशा में जशपुर पुलिस की निर्णायक पहल, ऑपरेशन शंखनाद के अंतर्गत 05 गौ वंश सुरक्षित, 02 गौ तस्कर सलाखों के पीछे

जशपुर : - 30 दिसम्बर 2025
जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। चौकी सोन क्यारी क्षेत्र में पुलिस ने जंगल के रास्ते पैदल गौ वंशों की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 05 नग गौ वंशों को सकुशल मुक्त कराया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई। पुलिस के अनुसार, दिनांक 29 दिसंबर 2025 को ग्राम कोयली बथान निवासी जगदेव राम (44 वर्ष) ने चौकी सोन क्यारी पुलिस को सूचना दी थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति कुछ गौ वंशों को हांकते हुए बलादरपाठ की ओर ले जा रहे हैं। ग्रामीणों को संदेह होने पर उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही चौकी सोन क्यारी पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए मौके पर दबिश दी। ग्राम कोयली बथान क्षेत्र में पुलिस को दो संदिग्ध व्यक्ति 05 नग गौ वंशों के साथ मिले। पूछताछ करने पर उन्होंने अपने नाम किशोर मिंज (43 वर्ष) एवं बुलकन तिर्की (40 वर्ष) बताए, जो ग्राम सरईटोली, थाना सन्ना, जिला जशपुर के निवासी हैं।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गौ वंशों को कुछ लोगों ने खरीदा था और उन्हें झारखंड राज्य के ग्राम गोविंदपुर ले जाने के लिए कहा गया था। इसी उद्देश्य से वे जंगल के रास्ते पैदल गौ वंशों को हांकते हुए ले जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गौ वंशों के कथित खरीदारों की पहचान कर ली है, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश लगातार की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात पुलिस ने कही है।

 पुलिस द्वारा जब आरोपियों से गौ वंशों से संबंधित वैध दस्तावेजों की मांग की गई, तो वे कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेते हुए सभी 05 गौ वंशों को बरामद किया। बरामद पशुओं का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया, जिसमें सभी गौ वंश स्वस्थ पाए गए।

मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने एवं आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर पुलिस ने उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी सोन क्यारी सहायक उप निरीक्षक वैभव कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक विशाल गुप्ता एवं आरक्षक विमल मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस संबंध में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी के विरुद्ध अत्यंत संवेदनशील है और जिले में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और गौ तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जशक्राफ्ट हस्तशिल्प उत्पादों की सराहना

जशपुरनगर 30 दिसंबर 2025/राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णु देव साय को जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों- बाँस एवं सवई घास से निर्मित आकर्षक हस्तशिल्प उत्पादों को पारंपरिक कलाकृतियों के रूप में उपहार स्वरूप भेंट किया गया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जशक्राफ्ट के हस्तशिल्प उत्पादों को देखकर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की तथा स्थानीय कारीगरों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ विकसित की गई इन पारंपरिक कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। यह अवसर जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय कला, स्थानीय कारीगरों के उत्कृष्ट कौशल तथा जशपुर वनमंडल द्वारा किए जा रहे नवाचारपूर्ण एवं जनकल्याणकारी प्रयासों के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण रहा।
               जशपुर वनमंडल द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की नवाचारपूर्ण पहलें निरंतर जारी रखी जाएंगी, ताकि स्थानीय संसाधनों का संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान का संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ कर सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।

               जशपुर वनमंडल द्वारा नवाचार के अंतर्गत ग्राम कोटानपानी के संयुक्त वन प्रबंधन समिति को चक्रीय निधि से वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे ग्रामीण महिला कारीगरों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके हैं। प्रदत्त सहायता से संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों बाँस एवं सवई घास का उपयोग करते हुए आकर्षक एवं पर्यावरण-अनुकूल हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत तैयार किए जा रहे उत्पादों में झुमके, माला, टोपी सहित अन्य पारंपरिक आभूषण एवं दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं। ये सभी उत्पाद स्थानीय कारीगरों की पारंपरिक कला, कौशल, रचनात्मकता तथा पीढ़ियों से संचित जनजातीय ज्ञान का सशक्त प्रतिबिंब हैं। उत्पाद निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया में पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत् उपयोग के सिद्धांतों का विशेष रूप से पालन किया जा रहा है।
           जशक्राफ्ट पहल के माध्यम से न केवल स्थानीय कारीगरों एवं ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय कला एवं हस्तकला को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास किया जा रहा है। इस पहल से स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार उपलब्ध होंगे तथा स्वरोजगार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आगडीह हवाई पट्टी से हुई रवाना 

जशपुर 30 दिसम्बर 2025/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जशपुर आगडीह हवाई पट्टी से रवाना हुई।  इस दौरान छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णुदेव साय कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सांसद श्री चिन्तामणी महाराज, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय,जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री पुरन्दर  मिश्रा, कमिश्नर सरगुजा श्री नरेन्द्र दुग्गा ,आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह मौजूद रहे।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आगडीह हवाई पट्टी आगमन पर हुआ आत्मीय स्वागत

जशपुर 30 दिसम्बर 2025/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जशपुर आगडीह हवाई पट्टी आगमन पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विष्णुदेव साय कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सांसद श्री चिन्तामणी महाराज, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय,जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री पुरन्दर  मिश्रा, कमिश्नर सरगुजा श्री नरेन्द्र दुग्गा ,आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह ने आत्मीय स्वागत किया।

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रायकेरा में विशाल हिंदू सम्मेलन संपन्न,सनातन संस्कृति की रक्षा व सामाजिक एकता पर दिया गया जोर

जशपुर/नारायणपुर : 30 दिसम्बर 2025 : कुनकुरी खण्ड के रायकेरा मंडल में रविवार को एक विशाल हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संघ से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन संस्कृति की महत्ता, सामाजिक एकता एवं राष्ट्रहित के विषयों पर जनजागरूकता फैलाना रहा।


        इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदरणीय श्रीमान शौर्य प्रताप सिंह जूदेव उपाध्यक्ष, जिला पंचायत एवं राज्य युवा मोर्चा सदस्य रहे। मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमान हरिओम शर्मा प्रांत कुटुंब प्रबोधन प्रमुख, छत्तीसगढ़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमान राजीव रंजन नंदे  जिला संघचालक ने की।विशिष्ट अतिथियों में श्रीमान इंदर हेडा खण्ड संघचालक तथा श्रीमान शंभूनाथ चक्रवर्ती  पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, धार्मिक प्रांत प्रमुख एवं अध्यक्ष माटीकला बोर्ड, छत्तीसगढ़ शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें स्थानीय कलाकारों ने सहभागिता निभाई। अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत एवं परिचय कराया गया, जिसके बाद वक्ताओं ने क्रमशः अपने विचार रखे।


     मुख्य अतिथि श्रीमान शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें यह विशाल हिंदू सम्मेलन भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित रहकर अपनी संस्कृति, सभ्यता एवं धर्म के प्रति सजग रहना चाहिए तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव बनाए रखना चाहिए। स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर सनातन धर्म की रक्षा हेतु कार्य किया और समाज को संगठित करने के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित किए। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जी द्वारा भी सामाजिक एवं धार्मिक जागरण के कार्य किए जा रहे हैं।श्री जूदेव जी ने कहा कि देश, धर्म और संस्कृति के विरोधी तत्वों की पहचान आवश्यक है तथा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना के साथ समाज को आगे बढ़ना चाहिए।
         मुख्य वक्ता हरिओम शर्मा ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय हिंदू समाज में व्याप्त विखराव, मतभेद और सामाजिक असंगठन के कारण समाज कमजोर हो रहा था, जिसे संगठित करने के उद्देश्य से संघ की स्थापना हुई।
श्री शर्मा  ने पाँच परिवर्तन के पाँच प्रमुख बिंदुओं—सामाजिक समरसता,कुटुंब प्रबोधन,पर्यावरण संरक्षण,स्व का बोध,नागरिक कर्तव्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से मातृशक्तियों से आह्वान किया कि वे इन मूल्यों को अपने घर से अपनाने की शुरुआत करें।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनसमूह द्वारा भारत माता की सामूहिक आरती की गई। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
              इस अवसर पर विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे— उमेश सिंह  सरपंच, कोमड़ो,श्रीमती मालती बाई सरपंच, बोड़ोकछार),
श्रीमती अनिता होता बी.डी.सी., सह खण्ड संघचालक राधेश्याम , शंकर यादव,  गोविंद यादव,  विद्याधर सिंह,  उदय शर्मा,  अशोक चौहान, बिहारी नायक मंडल पालक,  राजकुमार चौहान, देवचरण, मनीष हेडा, कर्नेल सिंह, शशिभूषण यादव मंडल कार्यवाह श्री दरगादास,  पवन सिंह,  गुलाब यादव, उमेश विश्वकर्मा, रवि यादव, देवराज यादव, संतोष सहाय,l विष्णु राय,  दिगंबर दास,  मनोज दास, बसंत यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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“25 साल का छत्तीसगढ़, सुशासन सरकार के 2 वर्ष: बगिया से मुख्यमंत्री का विकास संदेश”,मोदी की गारंटी से बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर,आवास, किसान, महिला और आदिवासी विकास सहित जनकल्याणकारी योजनाओं से बदली प्रदेश की तस्वीर

जशपुरनगर 30 दिसम्बर 2025/ सुशासन सरकार के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया स्थित अपने निज निवास में आयोजित आमजनों एवं पत्रकारों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर वीडियो डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया। बगिया में मौजूद लोगों ने वीडियो के माध्यम से सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 दिसम्बर को सरकार के दो वर्ष पूर्ण हुए और इसी वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के भी 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया, जो विकास के स्वर्णिम काल की ओर संकेत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर जनता ने विश्वास जताया। सरकार बनते ही सभी गारंटियों को पूर्ण किया जा रहा है। जिससे लोग लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 36 वादे किए थे, जिन्हें पूरा नहीं किया गया, जबकि वर्तमान सरकार ने शपथ लेते ही जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए ठोस निर्णय लिए। कार्यक्रम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव,  जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, श्री सुनील गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, आम नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए सरकार बनते ही 14 दिसम्बर 2023 को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख गरीब परिवारों के आवास स्वीकृत किए गए। अब तक 8 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को एकमुश्त राशि में धान का भुगतान किया जा रहा है, 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से खरीदी और 3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिया जा रहा है। लंबित बोनस राशि का भुगतान किया गया तथा तेंदूपत्ता 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से खरीदा जा रहा है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। महिलाएं इस राशि से सब्जी-भाजी व्यवसाय, पशुपालन, किराना दुकान जैसे कार्य कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रही हैं। उन्होंने रायगढ़ जिले के एक गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां महतारी वंदन की राशि से चंदा कर ग्रामीण महिलाओं ने श्रीराम मंदिर का निर्माण करा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही के लिए पृथक सुशासन विभाग का गठन किया गया है। बस्तर एवं दण्डकारण्य क्षेत्र में इमली, महुआ, चिरौंजी जैसे वनोपज के प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा के अनुरूप सुरक्षा बलों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुनर्वास नीति लागू कर नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत 400 से अधिक गांवों में सड़क, बिजली, पानी और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में सवा लाख करोड़ रुपए का निवेश कर व्यापक विकास किया जाएगा।

उद्योग एवं रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित युवाओं को उद्योग नीति के अंतर्गत 1 रुपए प्रति एकड़ की दर से भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू हुए हैं। माइक्रो-चिप्स निर्माण के लिए सिलिकॉन वैली की तर्ज पर परियोजना लाई जा रही है। कोसा, तसर, सिल्क एवं वस्त्र उद्योग की इकाइयों के लिए भी करार किए गए हैं। अब तक 15 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जिनमें बिजली, सहकारिता, पीडब्ल्यूडी तथा अन्य विभाग शामिल है। साथ ही 5000 शिक्षक भर्ती भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

जनजातीय विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘जश-प्योर' ब्रांड के माध्यम से जशपुर में महुआ कैंडी जैसे उत्पाद तैयार कर वैल्यू एडिशन किया जा रहा है। वन-धन योजना के तहत स्थानीय वन उपजों की खरीदी कर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। 80 हजार करोड़ रुपए की धरती आबा योजना के अंतर्गत प्रदेश में 6691 जनजातीय गांवों का विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 4000 करोड़ रुपए से विशेष पिछड़ी जनजातियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इन दोनों योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इन योजनाओं से पहाड़ी कोरबा, बिरहोर, अबूझमाड़ियां, कमार एवं बैगा इन पांच विशेष पिछड़ी जनजातियों का समग्र विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि अबूझमाड़ के बच्चे मलखंभ में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। बस्तर के धुर्मारास गांव का चयन विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में देश से एकमात्र छत्तीसगढ़ के गांव के रूप में हुआ है, जिससे पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।

जशपुर जिले के लिए की जा रही घोषणाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां आर्चरी अकादमी और मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। फरसाबहार में सत्य साईं हृदय चिकित्सा यूनिट 14 जनवरी से प्रारंभ होगी, जहां बच्चों के दिल की बीमारी का निःशुल्क उपचार होगा। नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, हर्राडांड में विद्युत उत्पादन इकाई, नालंदा परिसर एवं पर्यटन अधोसंरचना का विकास भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर वर्ग को सुविधा और अवसर मिले और जनता की उम्मीदों पर सरकार खरी उतरे।

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