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सोगड़ा-गम्हरिया में धूमधाम से मनाया गया श्री सर्वेश्वरी समूह का 65 वाँ स्थापना दिवस 

जशपुर 22 सितम्बर 2025 : 
21 सितंबर को श्री सर्वेश्वरी समूह का 65 वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सुबह 5:00 बजे प्रभात फेरी अघोर पीठ आश्रम वामदेव  नगर गम्हरिया से बाकी टोली रोड से शहर गके मुख्य मार्ग से होते हैं सती चौराहा पहुंची जहां ध्वजोतोलन और पूजा अर्चना के पश्चात प्रभात फेरी सोगड़ा आश्रम पहुंचे जहां ध्वजोतोलन और पूजा अर्चना के पश्चात प्रभात फेरी वापस अघोर पीठ आश्रम वामदेव नगर गम्हरिया मैं आकर सम्पन्न हुई यहां  ध्वजो तोलन पश्चात  सफल योनि का पाठ उपेंद्रनाथ सहदेव के द्वारा किया गया मंगलाचरण  संतोष मिश्रा के द्वारा एवं गुरु स्तुति श्री सर्वेश्वरी महिला संगठन जशपुर के द्वारा किया लघु गोष्ठी में श्रीमती राय मुनि भगत विधायक जशपुर के द्वारा बाबा अवधूत भगवान राम जी के बताये मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया गया और आने वाले नवरात्र की बधाई दी गयी।

   लघु गोष्ठी में डॉक्टर आरके सिंह जशपुर , वैभव उपाध्याय जशपुर श्रीमती कविता सिंह जशपुर , अनंत शाह जशपुर अनुराग सिंह सोगड़ा आश्रम एवं पी के श्रीवास्तव जशपुर के द्वारा अपने अपने विचार रखे गए संचालन  विद्यासागर उपाध्याय के द्वारा किया गया । प्रसाद वितरण के साथ पूजा अर्चना एवं लघु गोष्टी का समापन किया गया ।

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सीएम श्री साय ने शारदीय नवरात्रि के मौके पर दी प्रदेशवाशियों को दी बधाई.....

जशपुरनगर 22 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने कहा कि शक्ति उपासना का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा का संचार करे।

     मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि नवरात्रि का पर्व मातृ शक्ति की आराधना और श्रद्धा का प्रतीक है। यह पर्व हमें सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस पावन पर्व को आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना के साथ मनाएं।श्री साय ने कामना की है कि देवी मां की कृपा से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का जीवन सुखमय बने और छत्तीसगढ़ प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर होता रहे।

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अघोर पीठ आश्रम, पड़ाव में हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया श्री सर्वेश्वरी समूह का 65वाँ स्थापना दिवस....हमें साधु और सैनिक दोनों के कर्तव्यों को करना है -औघड़ गुरुपद संभव राम जी

वाराणसी 21 सितम्बर 2025 :

सर्वेश्वरी संस्था की स्थापना 21 सितम्बर को हुई जब दिन-रात बराबर होते हैं। संस्था का उद्देश्य सभी मनुष्यों में कोई ऊँच-नीच नहीं होना चाहिए, मनुष्य-मनुष्य बराबर होने चाहिए- चाहे वो किसी धर्म के हों, किसी जाति के हों, किसी ओहदे पे हों, कोई भी अधिकारी हों, बड़े हों, छोटे हों। यह विशुद्ध रूप से आध्यात्मिक और सामाजिक संस्था है और इसके द्वारा जनमानस की सेवा निरंतर होती रहती है।

        आज रविवार, दिनांक 21 सितम्बर, 2025 को श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव, वाराणसी में श्री सर्वेश्वरी समूह का 65वाँ स्थापना दिवस, संस्था के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी के सान्निध्य में समूह के सदस्यों व पदाधिकारियों द्वारा बड़े ही उत्साह के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर सफाई-श्रमदान के साथ ही प्रातःकाल में 6 बजे एक पड़ाव आश्रम से चलकर प्रह्लादघाट-मछोदरी-मैदागिन-कबीरचौरा-लहुराबीर से कचहरी व पांडेयपुर होते हुए सारनाथ स्थित अघोर-टेकरी तक गई। वहाँ अवस्थित परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के चरणपादुका का पूजन व ध्वजोत्तोलन संस्था के मत्री डॉ. शिवपूजन सिंह ने किया। श्री पृथ्वीपाल द्वारा सफलयोनि पाठ के पश्चात् प्रसाद ग्रहण करके श्रद्धालुगण आशापुर, पांडेयपुर व चौकाघाट होते हुए जी टी रोड पर गोलगड्डा-कज्जाकपुरा से राजघाट पुल के रास्ते पड़ाव स्थित अघोर पीठ आश्रम पर पहुँचे। पड़ाव आश्रम में लगभग 9:15 बजे श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने अघोराचार्य महाराजश्री बाबा कीनाराम जी कि प्रतिमा का पूजन व सर्वेश्वरी ध्वजोत्तोलन किया। अघोर शोध संसथान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार जी द्वारा सफलयोनि पाठ के उपरांत श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रभातफेरी में सबसे आगे मोटर साईकिल सवार चल रहे थे उसके पीछे समूह संस्थापक परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी का बड़ा चित्र लगा वाहन फिर पीछे सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगण अपने-अपने निजी वाहनों में सवार होकर प्रभातफेरी में सम्मिलित हुए। 

        हमें साधु और सैनिक दोनों के कर्तव्यों को करना है। जब राष्ट्र पर कोई कठिनाई आती है या कोई राष्ट्र-विरोधी तत्व आते हैं, रहते हैं, तो उनका भी हमें सामना करना होगा। वहाँ पर साधुताई नहीं चलेगी। वहाँ आपको एक सैनिक कि भांति कार्य करना होगा। पूज्य बाबा जी ने कहा कि राष्ट्र-रक्षण के लिए हमें अपनी आहुति भी देनी हो तो दें, ताकि हमारी आनेवाली पीढ़ी सुरक्षित रहे। नहीं यदि हम अपने-आप को बचाए भागते फिरेंगे, समय पर अपना कार्य नहीं करेंगे तो फिर हम अपनी पीढ़ी को नहीं बचा सकेंगे। हमें राष्ट्र-रक्षण के साथ ही आत्मरक्षा भी करनी होगी। जो आलस से युक्त हैं, जो दिग्भ्रमित हैं, जो मानसिक रूप से विकृत हो रहे हैं, उन्हीं के लिए यह संस्था सर्वेश्वरी समूह खोला गया कि ऐसे लोगों को सुधारा जाय। और ऐसे ही लोगों के लिए, आपलोगों के सहयोग से कार्यक्रम हो भी रहे हैं। ईश्वर ने हमको जो अपना विवेक-बुद्धि दिया है उसका इस्तेमाल करें और अच्छे से पेश आयें। अघोरेश्वर के विचारों को, संस्था के विचारों को सुनकर लोग प्रभावित होते हैं। आपका आचरण, आपका व्यवहार, आप किस तरह बोल रहे हैं, उस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। एकता में शक्ति होती है। सत्य बोलने में शक्ति होती है। हमें शक्ति-संपन्न होना है। एक होकर, एक विचार होकर रहना है।उक्त बातें श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने श्री सर्वेश्वरी समूह के ६५वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित गोष्ठी में संस्था के सदस्यों, पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अपने आशीर्वचन में कहीं। गोष्ठी के अन्य वक्ताओं में अशोक कुमार सिंह, कर्नल अमिताभ, डॉ. बामदेव पाण्डेय, अतुल यादव, सुभाष सिंह, सुरेश सिंह तथा देवेन्द्र सिंह थे। गोष्ठी में मंगलाचरण कुमारी राशि ने किया। सञ्चालन संस्था के पारसनाथ यादव ने किया और धन्यवाद् ज्ञापन अरविन्द कुमार सिंह ने किया।

     उलेखनीय है कि श्री सर्वेश्वरी समूह की देशभर में फैली शाखाओं में भी उक्त कार्यक्रम संस्था के सदस्यों व पदाधिकारियों द्वारा बड़े ही उत्साह के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। वाराणसी में मडु़वाडीह (बनारस) स्टेशन के सामने स्थित अघोरेश्वर महाप्रभु की साधना-स्थली सर्वेश्वरी निवास प्रांगण, हाजी सुलेमान का बगीचा में भी उक्त कार्यक्रम बड़े ही उत्साहपूर्वक मनाया गया।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने जगतू माहरा एवं धरमू माहरा के योगदान सहित माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को किया रेखांकित

रायपुर 21 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर के गुरु गोविंद सिंह वार्ड में एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से निर्मित माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया।  

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय का पारंपरिक मोहरी बाजा के साथ भव्य स्वागत किया गया। माहरा समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री श्री साय को पारंपरिक माहरा पाटा पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने फीता काटकर भवन का विधिवत उद्घाटन किया और इस ऐतिहासिक क्षण में आमंत्रण एवं आत्मीय स्वागत के लिए समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि जगदलपुर की स्थापना जगतू माहरा तथा धरमपुरा की स्थापना धरमू माहरा द्वारा की गई थी। उन्होंने भूमकाल जैसे आंदोलनों में समाज की सक्रिय भूमिका और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष को विशेष रूप से रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रयासों से माहरा समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा मिला है। इस ऐतिहासिक निर्णय से समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े अवसर प्राप्त होंगे और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्य लक्ष्य गरीबों का कल्याण और किसानों का आर्थिक विकास है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों को मंजूरी दी गई है। किसानों से 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदा जा रहा है, जिसके लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है।

युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति बनाई गई है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी मिले और स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के समूल उन्मूलन के लिए तेजी से कार्य कर रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में  सड़कों का निर्माण, बिजली की आपूर्ति और मोबाइल टावरों की स्थापना जैसे विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें और लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ जनहितकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में नियद नेल्लानार योजना दूरगामी परिणाम देने वाली साबित हो रही है।

कार्यक्रम में  माहरा समाज के संभाग अध्यक्ष श्री राजू बघेल ने स्वागत उद्बोधन दिया। शांति नाग ने प्रतिवेदन का वाचन किया तथा समाज के संरक्षक श्री बिच्चेम पोंदी ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर श्री संजय पांडे, पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक श्री महेश गागड़ा, श्री लच्छूराम कश्यप, श्री बैदूराम कश्यप, श्री सुभाऊ कश्यप, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, माहरा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण व्यवहार : नन्ही बच्ची भूमिका बघेल को दुलारते हुए खिलाया महुआ लड्डू

रायपुर 21 सितम्बर 2025/ धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया।

जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।"

यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण  स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।

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पशुओं से भरा स्कार्पियों वाहन खराब,ईब नदी के समीप वाहन छोड़ भागे तस्कर....पुलिस से बचने गौ-तस्कर अब लग्जरी वाहनों का भी कर रहे प्रयोग....पुलिस कार्यवाही में जुटी

नारायणपुर : 21 सितम्बर 2025 :जशपुर जिले में पशु तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है। क्षेत्र में पशु तस्कर रात को चोरी छिपे पशुओं को चोरी कर उसकी तस्करी कर रहे हैं। नारायणपुर थाना अंतर्गत 21 सितम्बर की सुबह साढ़े 5 बजे गौ वंश से भरा स्कार्पियो वाहन खराब हो जाने के कारण रानीकोम्बो ईब नदी के पास तस्कर डर से वाहन छोड़कर भाग निकले।

ग्रामीणों से प्राप्त  जानकारी के अनुसार, पशु तस्कर रविवार सुबह साढ़े 5 बजे बेखौफ होकर स्कार्पियो वाहन में पशुओं की तस्करी कर ले जा रहे थे। इस दौरान वाहन रानिकोम्बो ईब नदी के पास खराब हो गया,खराब वाहन को धक्का देकर सड़क से कुछ दूर ले जाकर खड़ा कर वाहन का चक्का निकाल कर वँहा से  डर के मारे वाहन छोड़कर भाग निकले। वाहन में बंद पशुओं के चिल्लाने की आवाज जब आस पास के लोगों ने सुनी तब वँहा पहुंचकर पशुओं को वाहन से मुक्त कराया। 

वाहन छोड़कर भागे तस्कर

 तस्कर स्कार्पियो वाहन में पशुओं को भरकर ले जा रहे थे। जैसे ही वो ईब नदी के पास पहुंचे तो उनकी गाड़ी खराब हो गई। उन्होंने खराब गाड़ी को बनाने का काफी प्रयास किया होगा सफल नही हुए जिससे गाड़ी को धकेल कर एक घर के बगल में ले जाकर रख दिया गया और पीछे का एक चक्का खोल कर ले गए  इसी बीच उनकी आवाज सुनकर आस-पास के लोग अपने घरों से बाहर निकले। लोगों को बाहर निकलते देख स्कार्पियो सवार लोग वाहन छोड़कर भाग निकले।

पशु तस्करी के लिए वाहन से निकाला बीच का सीट

वाहन से पशुओं के चिल्लाने की आवाज आने लगी। जिसे सुनकर लोग वाहन के समीप पहुंचे। उन्हें समझ मे आ गया कि भागने वाले तस्कर थे और वाहन खराब होने के बाद उन्हें आता देख वे मौके से भाग खड़े हुए। मौके पर खराब वाहन के अंदर का नजारा देखते ही लोग भौचक हो गए  तस्करों ने पशु तस्करी के लिए वाहन से बीच का सीट निकाल दिया था और उसमें 5 गौ वंश को ठूस कर भरा गया था।

लोगों ने चार नग गाय और एक नग बैल को मुक्त कराया तस्करों ने रस्सी से पशुओं के हाथ पैर बांध दिए थे, ताकि वो न हिल डुल सके और न आवाज निकाल सके। लोगो ने बड़ी मुश्किल से उनके हाथ पैर खोलते हुए उन्हें वाहन से बाहर निकाला।  काफी देर तक बंधे होने के कारण ठीक से चल भी नही पा रहे थे। 

पुलिस ने वाहन को किया जब्त 

पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि गायों को कहां से लाया गया था और कहां ले जाया जाना था। पुलिस फरार तस्करों की पहचान कर रही है।

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धुरवा समाज के नुआखाई एवं सामाजिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय.... डोम निर्माण हेतु 75 लाख रुपए की घोषणा

रायपुर 21 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा।

उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया।  उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है।

कार्यक्रम को वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं।

आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष श्री पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

इस अवसर पर चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

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शाला प्रबंध समिति डूमरटोली द्वारा राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों का किया गया सम्मान

 जशपुर 21 सितम्बर 2025
शाला प्रबंधन समिति डूमर टोली के द्वारा भव्य कार्यक्रम कर राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों का सम्मान किया गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अरविंद भगत अध्यक्ष नगर पालिका परिषद जशपुर श्रीमती शांति भगत जिला पंचायत सदस्य पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत जशपुर गोविंद राम भगत पूर्व जनपद अध्यक्ष मनोरा सलमा भगत डीडीसी जगपति भगत डीडीसी एवं पूर्व के वर्षों में राज्यपाल प्राप्त शिक्षक सुदामा मिश्रा व सुधीर कुमार पाठक पार्षद जशपुर  संकुल प्राचार्य श्रीमती निर्मला तिर्की सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम सरपंच मालती कुजूर व ग्राम डूमरटोली मारगा फतेहपुर के ग्राम वासियों ने उपस्थित होकर इस वर्ष राज्यपाल पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक प्रवीण कुमार पाठक प्रधान पाठक माध्यमिक शाला डुमरटोली एवं सरिता नायक प्रधान पाठक मटासी विकासखंड कुनकुरी का सम्मान किया गया। 
          ग्राम वासियों ने अपने पारंपरिक ढंग से नृत्य मांदर बाजा आम पल्लव से पानी छिटना हांथ धुलाना कुमकुम चंदन लगा नृत्य करते हुए मंच में स्थान देकर पुष्प गुच्छ से सम्मानित कर आसन ग्रहण करवाया गया नृत्य दल फतेपुर का नेतृत्व श्रीमती जयमुनी बाई एवं फ्लोरेंशिया भगत फतेपुर के द्वारा किया गया। स्वागत समारोह पश्चात ग्राम पंचायत बुमतेल एवं डुमरटोली के महिला समूहों अभिभावकों ग्रामीणों शिक्षकों के साथ उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को शाल-श्रीफल पुष्पगुच्छ माल्यार्पणकर सम्मान दिया गया। 
      शिक्षक सम्मान कार्यक्रम में प्रति वर्ष अनुसार रामानुजन गणित विज्ञान क्लब डूमर टोली की ओर से शाला प्रबंध समिति एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोरा के अनुमोदन से विकासखंड में उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य करने के लिए श्री बलदेव ओहदार ओपी चौधरी श्री खैटू राम महतो वंदना मांझी को सम्मान पत्र मोमेंटो देखकर सम्मानित किया गया इसके साथ विगत वर्षों में राज्यपाल पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक श्री सुदामा मिश्रा एवं आगामी वर्ष 25-26 राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित श्री रवि गुप्ता का भी सम्मान किया गया। रामानुजन गणित विज्ञान क्लब डुमरटोली प्रभारी शिक्षक  सत्यदीप प्रसाद एवं संजीव यादव ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष विकास खंड शिक्षा अधिकारी व संकुल प्राचार्य के मार्गदर्शन में किया जाताहै
      उक्त शाला प्रबंध समिति डुमरटोली के द्वारा संपादित शिक्षक सम्मान कार्यक्रम समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री मनेजर राम एवं अध्यक्ष मधुमती प्रजापति,शिक्षक किरण राम महारथी श्रीमती मंत्री बाई व संतोषी ओहदार सुचिता तिर्की सुमित्रा बाई रमसी बाई के सहयोग से सम्पन्न हुआ।

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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच : इंद्रावती नदी में स्वयं नाव चलाकर कोंडे गाँव पहुँचे स्वास्थ्य कर्मचारी

रायपुर 21 सितम्बर 2025/
छत्तीसगढ़ में जब बस्तर के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने की बात होती है तो सबसे पहले दुर्गम जंगलों और उफनती इंद्रावती नदी का ख्याल आता है। बरसात के मौसम में दुर्गम गाँवों तक पहुँचना बेहद जोखिमपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश का प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए लोगों की जान बचाने की प्राथमिकता के साथ कार्य कर रहा है।

नक्सल प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अब आमजन तक पहुँच रहा है। यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम है, जिसने बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया और आयुक्त-सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में प्रदेशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान ने बीजापुर जिले के सबसे दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की है। बीते शनिवार को स्वास्थ्य दल ने स्वयं नाव चलाकर उफनती इंद्रावती नदी पार की और अबूझमाड़ से लगे ग्राम कोंडे में शिविर लगाया। इस शिविर में कुल 132 मरीजों की जांच की गई, जिनमें मलेरिया, सर्दी-खाँसी और त्वचा रोग से पीड़ित रोगी प्रमुख रहे। विशेष रूप से 10 गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और परामर्श प्रदान किया गया। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत महिलाओं को पोषण, एनीमिया से बचाव और सुरक्षित मातृत्व संबंधी विस्तृत जानकारी भी दी गई। बीजापुर जिले में बीते तीन दिनों के दौरान अभियान की गति उल्लेखनीय रही है। इस अवधि में हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें उच्च रक्तचाप के 3,177 मामले सामने आए। इसके अतिरिक्त, महिलाओं में मुख, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की 2,823 स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया। साथ ही 314 गर्भवती महिलाओं को जांच, टीकाकरण और परामर्श का लाभ मिला। अभियान के अंतर्गत दूरस्थ अंचलों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अब तक 1,200 से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 800 से अधिक व्यक्तियों की सिकल सेल जांच भी की जा चुकी है।

ये आँकड़े केवल संख्याएँ नहीं, बल्कि उस संकल्प का प्रमाण हैं जिसके तहत प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बीजापुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम अंचलों में भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बाधित न हो। यही कारण है कि स्वास्थ्य कर्मी नदी, पहाड़ और जंगल पार करके महिलाओं और बच्चों तक जीवन रक्षक सेवाएँ पहुँचा रहे हैं। प्रदेश सरकार का यह प्रयास इस विचार को सशक्त करता है कि “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है।” इसी दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर पहुँच इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।

बस्तर संभाग में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे ये सुधार न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठा रहे हैं, बल्कि यह भी प्रमाणित कर रहे हैं कि सुशासन और समर्पित प्रयासों से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।

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स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में स्वच्छता संवाद एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित

जशपुरनगर, 21 सितम्बर 2025/  जिले में स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान के अंतर्गत आज विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्वच्छता संवाद एवं श्रमदान कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामवासियों को स्वच्छता के महत्व से अवगत कराना, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी देना, खुले में शौच मुक्त वातावरण बनाने तथा घर-घर कचरा संग्रहण जैसी गतिविधियों के प्रति जागरूक करना था।
    कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने श्रमदान कर सार्वजनिक स्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालय परिसरों एवं ग्राम चौपालों की सफाई की। इसमें बच्चों और महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस दौरान  जनप्रतिनिधियों, स्वच्छाग्रहियों और स्वयंसेवी संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि हर नागरिक अपनी भूमिका निभाए, तो हम सब मिलकर अपने जिले को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बना सकते हैं।

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बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत हेतु 283 ग्राम पंचायतों का हुआ चयन

जशपुर, 21 सितंबर 2025/ बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ अभियान अंतर्गत  शासन द्वारा प्राप्त निर्देशानुसार कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में जिले के ग्राम पंचायतों को, जिनमें पिछले 02 वर्षों में एक भी बाल विवाह नहीं हुए है, ऐसे ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जाकर लोगों को बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा रहा है तथा बाल विवाह के प्रभावी रोकथाम के लिए जिला स्तरीय एवं विकासखण्ड स्तरीय टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। 
          इस टास्क फोर्स द्वारा जिले में कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलते ही बाल विवाह रोकने के साथ विवाह करने वाले परिवार को समझाईश देकर बाल विवाह के दूष्परिणामों की जानकारी देने का कार्य किया जाएगा।  बाल विवाह होने की सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, अनुविभागीय अधिकारी (रा.), परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा टोल फ्री नम्बर चाईल्ड हेल्प लाईन 1098, महिला हेल्प लाईन 181 पर दिए जाने के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
         इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी  श्री अजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा छत्तीसगढ राज्य को वर्ष 2028-29 तक बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने की घोषणा की गई है, उक्त क्रम में वर्ष 2025-26 में 40%, वर्ष 2026-27 में 60%, वर्ष 2027-28 में 80% व वर्ष 2028-29 में 100% ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त बनाना है। उक्त घोषणा के अनुक्रम में जिले के ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषणा हेतु पंचायतों के प्रमुखों से बैठक कर प्रस्ताव मंगाई गई है, जिले के सभी विकासखंडों में से कुल 283 ग्राम पंचायतों मे पिछले 02 वर्षों में एक भी बाल विवाह नहीं होने के जानकारी के साथ बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उक्त प्रस्तावों का ग्राम पंचायतों में होने वाले आगामी ग्राम सभा में अनुमोदन पश्चात बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायतों हेतु कलेक्टर द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जावेगा।

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आवासहीन परिवारों के सपना हो रहा साकार : प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीणों को मिल रहा है सुरक्षित छत और सम्मानजनक जीवन

जशपुर 21 सितम्बर 25// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत सुदूर गाँवों में बसे जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को अब सुरक्षित छत और सम्मानजनक जीवन मिल रहा है। इस योजना ने न केवल आवासहीन परिवारों के सपनों को साकार किया है, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और आत्मसम्मान का नया आधार भी प्रदान किया है।

मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत बुमतेल निवासी श्री लखन उरांव इस योजना से लाभान्वित होकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले एक सशक्त उदाहरण बने हैं। वर्षों तक कच्चे मकान में रहने के कारण उन्हें और उनके परिवार को बारिश और ठंड में असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। छत से पानी टपकना, बार-बार घर की मरम्मत करना और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण का अभाव, इनके जीवन की सबसे बड़ी समस्या रही।

प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वीकृत आवास ने श्री लखन के इन सभी कष्टों को दूर कर दिया। उन्होंने समय पर मकान निर्माण पूरा किया और अब उनके परिवार के पास स्थायी व सुरक्षित घर है। हितग्राही श्री लखन ने भावुक होकर बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमें सुरक्षित छत दिया है। बरसात के दिनों में अब हमें पानी टपकने की चिंता नहीं होती और बार-बार मरम्मत के झंझट से भी मुक्ति मिल गई है।

उन्होंने आगे बताया कि उन्हें शासन से आयुष्मान भारत कार्ड और राशन कार्ड की सुविधा भी प्राप्त हुई है, जिससे उनके जीवन में और अधिक सहजता और सुरक्षा आई है। अब वे न केवल सुरक्षित घर में रह रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से भी लाभान्वित हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक आवास निर्माण की योजना नहीं, बल्कि यह सम्मान और नई उम्मीद की आधारशिला है। इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवार भयमुक्त होकर सुरक्षित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जशपुर जिले में यह योजना ग्रामीण जीवन में स्थायी परिवर्तन ला रही है और हर गरीब परिवार के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है।

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सेवा पखवाड़ा अंतर्गत नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जशपुर में हुआ मैराथन दौड़ का आयोजन

जशपुर, 21 सितम्बर 2025 : सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज जशपुर में नशा मुक्त भारत अभियान को बढ़ावा देने हेतु एक प्रेरणादायक मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नागरिकों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मैराथन दौड़ जशपुर जयस्तंभ चौक से शुरू होकर रणजीता स्टेडियम में समापन किया गया।

इस आयोजन में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, एवं समाज कल्याण अधिकारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

क्रीड़ा परिसर के 500 से अधिक बच्चों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मैराथन में भाग लिया। विशेष रूप से समर्थ स्कूल के दिव्यांग बच्चों ने भी भाग लेकर आम नागरिकों से नशा से दूर रहने की भावपूर्ण अपील की।

कार्यक्रम का समापन रणजीता स्टेडियम में हुआ, जहां विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने बच्चों को नशा मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और नागरिकों से आग्रह किया कि वे समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाने में सहयोग करें।

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जिले के तेरह गांवो में बिखरेगी सुशासन की रौशनी,अंधेरे से मुक्ति दिलाने सीएम की पहल में खुशी की लहर...58 लाख स्वीकृत

जशपुरनगर 21 सितम्बर 25/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीणों की इस समस्या को दूर कर दी। सीएम साय ने जिले के कांसाबेल ब्लॉक के ग्राम पूसरा,पोंगरो,कांसाबेल,बाँसबहार,चोगरीबहार,देवरी,दोकड़ा,सारूकछार,बटईकेला,नरियलडांड,फरसाजुड़वाईन,खूंटीटोली,बेलटोली के कई आश्रित बस्तियों,मजरा टोली में अधूरे पड़े विद्युतीकरण के काम को पूरा कराने के लिए 58 लाख रूपये की स्वीकृति देते हुए राशि जारी कर दी है,जिसके बाद इन बस्तियों में विद्युत केबल तार लगाकर ग्रामीणों को अंधेरे से मुक्ति दिलाने का कार्य शुरू हो गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संज्ञान में जैसे ही जिले काँसाबेल ब्लाक में अधूरे पड़े विद्युतीकरण के काम का मामला आया,उन्होंने इसे पूरा कराने के लिए विभाग की निर्देशित कर किया था। 

ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री साय का आभार
विद्युतीकरण कार्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 58 लाख रूपये की स्वीकृति देकर उन्हें अंधेरे से मुक्ति मिलने के बाद ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है। ग्रामीणों ने वर्षों की समस्या को दूर करने के लिए सीएम साय का आभार जताया है।

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नई समिति के गठन के साथ ही बगीचा में क्रिकेट को मिलेगी एक नई दिशा,जिला व राज्य स्तर पर नई पहचान बनाने का मिलेगा अवसर

बगीचा 21 सितम्बर 2025- बगीचा क्रिकेट समिति का निर्वाचन संपन्न हो गया है। इस निर्वाचन में सुबोध जायसवाल निर्विरोध अध्यक्ष एवं सुरेश सोरेन निर्विरोध सचिव चुने गए, वहीं आर्यन गुप्ता को उपाध्यक्ष और जगदीश गुप्ता कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए।समिति के संरक्षक ताहिर चिश्ती,गुड्डू मिश्रा, मनोज गुप्ता, वरुण जैन ,दीपक सिंह संतोष गुप्ता बनाये गए हैं

वहीं समिति के कार्यसमिति सदस्य अवधेश जायसवाल,नीरज गुप्ता ,कौशल शर्मा, डेविड चिश्ती, विनोद शर्मा, रूपेंद्र कौशले, अनिल तिर्की, सुरजन कुजूर राहुल सुमन, विक्की बाखला, नितिन शर्मा , विवेक अग्रवाल आसिफ राजा,बबला गुप्ता,दीपक राजपूत,खगेन्द्र चौहान,धनंजय निराला, शुभम सिडाम,उमेश सोनी नवीन सिन्हा,मुरली भगत,दिलीप जायसवाल,दिवाकर गुप्ता,जयप्रकाश कुजूर,राकेश भगत,सुबेचंद,भरत गुप्ता को सदस्य बनाया गया है।

20 सितंबर को बगीचा के हाईस्कूल मैदान में हुए निर्वाचन में अध्यक्ष पद हेतु सुबोध जायसवाल और सचिव पद हेतु सुरेश सोरेन को निर्विरोध निर्वाचित किया गया।उपाध्यक्ष पद के लिए 2 उम्मीदवारों आर्यन गुप्ता और संतोष भगत में आर्यन गुप्ता ने 1 मतों से जीत हासिल किया,आर्यन गुप्ता को 14 वोट तो वहीं संतोष भगत को 13 वोट मिले।
कोषाध्यक्ष पद के लिए जगदीश गुप्ता और दीपक राजपूत दोनों ही उम्मीदवारों के बीच काफी कड़ा संघर्ष देखने को मिला पर अंतिम दौर में जगदीश गुप्ता ने बढ़त बनाते हुए जीत हासिल की।जगदीश गुप्ता 15 वोट और दीपक राजपूत 12 वोट मिले।नवनिर्वाचित सदस्यों ने कहा की बगीचा विकासखंड में क्रिकेट को बढ़ावा देने हर संभव प्रयास किया जाएगा, बगीचा विकासखंड मुख्यालय के इकलौते क्रिकेट मैदान के मैदान के समतलीकरण और मैदान में लाइट की सुविधा समेत मैदान में समस्याओं के निराकरण और सुविधाओं के विस्तार के लिए समिति द्वारा शासन से मांग की जाएगी। कार्यकारिणी के गठन के पश्चात समिति के लिए विभिन्न निर्णय भी लिए गए।

नई समिति के गठन के साथ ही बगीचा विकासखंड में क्रिकेट को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बगीचा के इकलौते खेल मैदान की समस्याओं का निराकरण करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल समिति की प्राथमिकता रहेगी। स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई है कि नई समिति के नेतृत्व में क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और बगीचा के क्रिकेट खिलाड़ियों को जिला व राज्य स्तर पर नई पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

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मुख्यमंत्री गुरु श्री तेगबहादुर सिंह जी की 350वीं शहादत शताब्दी पर नगर कीर्तन यात्रा में हुए शामिल

रायपुर, 21 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सेरीखेड़ी में गुरु श्री तेगबहादुर सिंह जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु श्री तेगबहादुर सिंह जी ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यह हमारा सौभाग्य है कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर आयोजित कीर्तन यात्रा का दर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की अगुवाई कर रहे पंच प्यारों का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को पवित्र सिरोपा और कृपाण भेंट की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य और गर्व का विषय है। आज हम नगर कीर्तन यात्रा के दर्शन कर रहे हैं, जो गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर असम के गुरुद्वारा धुबरी साहिब से प्रारंभ होकर देश के अनेक स्थानों से होते हुए छत्तीसगढ़ पहुँची है। लगभग 10 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर यह नगर कीर्तन यहां पहुँचा है। हमारे प्रदेशवासियों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण और पुण्य अवसर है कि हमें इस यात्रा का स्वागत करने और इसमें भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी की शहादत के बारे में हम सभी भलीभांति जानते हैं। वे मुगलों के सामने कभी नहीं झुके और अपने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। आज भी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब गुरु तेगबहादुर जी की शहादत का अमर प्रतीक है। हम गुरु तेगबहादुर जी को नमन करते हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की शहादत भी अद्वितीय है। साहिबजादों ने मुगलों के सामने झुकने के बजाय धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने साहिबजादों की इस वीरता को नमन करते हुए हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वीर बाल दिवस को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है।

इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, पूर्व विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री बलदेव सिंह भाटिया, श्री गुरचरण होरा, गुरुद्वारा कमेटियों के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में सिख धर्म के अनुयायी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने असम राइफल्स पर हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

रायपुर, 20 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन रंजीत कश्यप सहित दो जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्र शहीद जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार शोकसंतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों का यह त्याग हम सबको देश की रक्षा और एकता के मार्ग पर और अधिक दृढ़ संकल्पित करता है।

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प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त प्रधानपाठकों तथा व्याख्याताओं को काल्पनिक पदोन्नति आदेश जारी किया जाये-फेडरेशन

 जशपुर 20 सितम्बर 2025 : 
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी को  प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त प्रधानपाठकों तथा व्याख्याताओं को काल्पनिक पदोन्नति देने ई-मेल किया है। 
प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता एवं महामंत्री संजीव शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ राजपत्र 5 मार्च 2019 द्वारा एजुकेशन एवं ट्राइबल के शिक्षक संवर्गों के लिये समेकित भर्ती-पदोन्नति नियम बनाया गया था। प्राचार्य पद पर पदोन्नति हेतु मार्च/अप्रैल 2025 में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में पात्र व्याख्याताओं एवं प्रधानपाठकों के पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक (डी.पी.सी) हुआ था। लेकिन विभागीय प्रक्रिया में व्यवधान के फलस्वरूप 30/4/25 को टी-संवर्ग में 1335 तथा ई-संवर्ग में 1478 प्राचार्य पदोन्नति आदेश जारी हुआ था। लेकिन टी-संवर्ग अंतर्गत जारी पदस्थापना आदेश दिनाँक 29/8/25 को जारी हुआ था। जिसमें 30/4/25 से 31/7/25 तक टी-संवर्ग के सेवानिवृत्त व्याख्याता एवं प्रधानपाठकों के नाम पदस्थापना आदेश से हटा दिया गया था। जबकि विभाग के द्वारा टी संवर्ग में प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त व्याख्याता एवं प्रधानपाठकों को प्राचार्य पद पर काल्पनिक पदोन्नति *कार्य नहीं वेतन नहीं* के सिद्धांत के आधार पर काल्पनिक पदोन्नति आदेश जारी करना था।जोकि ई-संवर्ग में प्राचार्य पदोन्नति आदेश तिथि एवं पदस्थापना आदेश तिथि तक में भी लागू होगा।  
         उन्होंने बताया कि मंत्रालय स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश  6/10/18 के द्वारा 171 व्याख्याताओं/प्रधानपाठकों (माध्यमिक शाला स्नातकोत्तर) को 15600-39100 ग्रेड पे 5400 (वेतन मैट्रिक लेवल-12) में काल्पनिक पदोन्नति *कार्य नहीं वेतन नहीं* के सिद्धांत पर किया गया था। नोशनल पे फिक्सेशन होने से संबंधितों को पेंशन एवं ग्रेच्यूटी में आर्थिक लाभ मिला था। प्राचार्य पद का वास्तविक लाभ भले ही नहीं मिला हो लेकिन सेवानिवृत्त प्राचार्य का पदनाम मिला था।
      फेडरेशन ने सेवानिवृत्ति के कारण प्राचार्य पदोन्नति से  वंचित हुए पात्र व्याख्याता एवं प्रधानपाठकों को *कार्य नहीं वेतन नहीं* सिद्धांत के अंतर्गत *काल्पनिक पदोन्नति* देने का माँग शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव से किया है।

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