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मुख्यमंत्री ने स्वच्छता सुपर लीग के टूल-किट का किया विमोचन, स्वच्छता की दिलाई शपथ.. . पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों को वितरित किए चेक

रायपुर. 18सितम्बर 2025. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के श्री अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ’स्वच्छता ही सेवा’ और ‘अंगीकार-2025’ अभियान तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 एवं लोक कल्याण मेला का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 11 हजार लाभार्थियों को गृहप्रवेश भी कराया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायकद्वय श्री राजेश मूणत और श्री सुनील सोनी तथा रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।  

मुख्यमंत्री श्री साय और अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में राज्य स्तरीय स्वच्छता सुपर लीग के टूल-किट का विमोचन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत हितग्राहियों को उनके स्वीकृत आवासों के भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र तथा पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। उन्होंने रायपुर नगर निगम के दिवंगत कर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने रायपुर नगर निगम और अन्य नगरीय निकायों में स्वच्छता को समर्पित डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि देश को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बड़ा काम किया है। स्वच्छता अब लोगों की आदत में शुमार हो गया है। उन्होंने कहा कि घर के अंदर और बाहर साफ-सफाई केवल महिलाओं का ही दायित्व नहीं है, बल्कि यह पुरूषों का भी काम है। उन्होंने देश में स्वच्छता को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में छत्तीसगढ़ को सात राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। बीस हजार से कम आबादी वाले देश के 100 सबसे स्वच्छ शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहर शामिल हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए नगरीय निकायों में काम कर रहे स्वच्छता दीदियों, सफाई कर्मियों और वहां के नागरिकों को धन्यवाद देते हुए रैंकिंग में आगे और भी सुधार करने को कहा। उन्होंने कहा कि हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत बनाने के लिए अपने विजन डॉक्युमेंट-2047 के अनुरूप काम कर रहे हैं। 

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले 11 वर्षों में देश के एक-एक व्यक्ति की चिंता की है। ‘सबका साथ सबका विकास’ के ध्येय पर चलते हुए देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में ‘अंगीकार-2025’ अभियान के तहत हर पात्र परिवार तक आवास पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए 4 सितम्बर से 31 अक्टूबर तक यह विशेष अभियान संचालित है। स्ट्रीट वेंडर्स को आगे बढ़ाने और उनके कल्याण के लिए भारत सरकार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 लेकर आई है। आज से पूरे प्रदेश में यह लागू हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज से प्रारंभ हो रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान से हर व्यक्ति को जोड़कर स्वच्छता को जन आंदोलन बनाया जाएगा। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम राज्य के सभी शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए काम कर रहे हैं। हर शहर में नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ा रहे हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में आज से प्रारंभ हो रहे अभियानों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज से शुरू हो रहा स्वच्छता पखवाड़ा इस बार ‘स्वच्छोत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान सभी नगरीय निकायों में गंदगी के ब्लैक-स्पॉट्स को चिन्हांकित कर साफ-सफाई का अभियान चलाया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री आर. एक्का, रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन और सुडा के वरिष्ठ अधिकारी, रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्य, पार्षदगण और विभिन्न योजनाओं के हितग्राही बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय रक्तदान अमृतोत्सव 2.0 कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर, 17 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित रक्तदान अमृतोत्सव 2.0 कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा अनिवार्य है। शिक्षा केवल डिग्री या नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मूल आधार है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य प्रकोष्ठ, उच्च शिक्षा विभाग एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में प्रदेशभर के महाविद्यालयों में रक्तदान सहित विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रक्तदान कर रहे युवाओं से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल जीवन रक्षा का माध्यम है, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यह सबसे बड़ा दान है, जिसे बार-बार किया जा सकता है।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है और विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा सहित अनेक क्षेत्रों में समृद्ध है। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ की पहचान पूरे देश में है। नक्सलवाद जैसी बाधाओं को सुरक्षा बलों के साहस और निरंतर अभियानों से समाप्त किया जा रहा है। जल्द ही बस्तर में विकास की गंगा बहेगी और एक विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि युवाओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उच्च शिक्षा विभाग में 700 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने एनएसएस को समाज को जोड़ने वाला सशक्त विचार बताया।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा का भाव निहित है और रक्तदान सबसे बड़ा दान है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराते हुए उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सेवा जीवन का सार है। रक्तदान या शिक्षा—किसी भी माध्यम से सेवा जीवन को यशस्वी बनाती है।

कार्यक्रम में आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवांगन, कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, कुलसचिव प्रो. अम्बर व्यास सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक विद्यार्थी उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुरू हुई स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान विकसित भारत की ठोस नींव साबित होगी  :   मुख्यमंत्री श्री साय....2 अक्टूबर तक देशभर में स्वास्थ्य शिविरों का होगा आयोजन

रायपुर, 17 सितम्बर 2025/  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्यप्रदेश के धार जिले से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान और 8वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी भी आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि मंडपम से हजारों महिलाओं के साथ इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर इन अभियानों के शुभारंभ के साक्षी बने। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और पोषण कैलेंडर का विमोचन किया। 

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि विकसित भारत की यात्रा नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान, इन चार स्तंभों पर टिकी है और यह अभियान इस लक्ष्य को नई मजबूती देगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक देशभर में एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें टीबी, एनीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच व दवाई उपलब्ध होगी। उन्होंने माताओं-बहनों से अपील की कि वे इन शिविरों में जरूर जाएं ताकि किसी भी महिला को जानकारी के अभाव में गंभीर बीमारी का सामना न करना पड़े।

 प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति राष्ट्र का मुख्य आधार है और मां के स्वस्थ होने से परिवार के साथ-साथ समाज भी सशक्त होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 4.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को 19 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी समाज को सुरक्षित करने के लिए सिकल सेल एनीमिया मिशन की शुरुआत शहडोल से की गई थी। अब तक 5 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है और 1 करोड़ कार्ड जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान से आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने गरीबों और किसानों को योजनाओं के केंद्र में बताते हुए कहा कि मुफ्त राशन से लेकर आयुष्मान कार्ड तक, सरकार की हर योजना गरीब के जीवन को बदलने के लिए है। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ चुके हैं और यह मोदी की गारंटी है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पीएम मित्र पार्क और पीएम विश्वकर्मा योजना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इससे लाखों रोजगार सृजित होंगे और छोटे कारीगरों को नई पहचान मिलेगी। त्योहारों के अवसर पर उन्होंने स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि “जो भी खरीदें, वह स्वदेशी हो, ताकि पैसा देश में रहे और विकास की गति तेज हो।

  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता और नेतृत्व ने भारत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई है। नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान को विकसित भारत के चार स्तंभ मानकर जो योजनाएं उनके नेतृत्व में शुरू की गई हैं, वे देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों में महिलाओं की टीबी, एनीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच व दवाई उपलब्ध कराई जाएगी। यह मातृशक्ति के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान और सिकल सेल एनीमिया मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे करोड़ों महिलाओं और आदिवासी भाई-बहनों का जीवन सुरक्षित हुआ है। इसी तरह पीएम मित्र पार्क और पीएम विश्वकर्मा योजना लाखों युवाओं और कारीगरों को रोजगार व पहचान दिला रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियों के परिणामस्वरूप 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं, जो उनके संवेदनशील नेतृत्व का प्रमाण है। श्री साय ने कहा कि त्योहारों के अवसर पर प्रधानमंत्री का स्वदेशी अपनाने का आह्वान हर भारतीय के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर प्रारंभ हुई ये योजनाएं विकसित भारत के संकल्प की ठोस नींव हैं।

*मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के स्टालों का किया अवलोकन*

*मेधावी छात्राओं का किया सम्मान, पोषण कैलेंडर का किया विमोचन*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कृषि मंडमप में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ के अवसर पर पोषण माह कैलेंडर का विमोचन किया। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत मेधावी छात्राओं को सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से आयोजित स्वास्थ्य शिविर और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों का अवलोकन कर जानकारी लीं। विशेष रूप से पोषण संगोष्ठी, हमर स्वस्थ लइका, रेडी-टू-ईट, छत्तीसगढ़ के मिलेट्स, मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, बाल विवाह मुक्त अभियान, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी जांच, ईएनटी, सिकल सेल जांच, किशोरी स्वास्थ्य, मातृत्व स्वास्थ्य के लिए केंद्रित स्टालों को देखा और आगंतुकों से शासकीय योजनाओं से मिल रहे लाभ के संबंध में चर्चा की। 

*मुख्यमंत्री ने पोषण रथ को दिखाई हरी झंडी, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लगाया चंदन का पौधा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 8वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ के अवसर पर पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सभी वाहन प्रदेश के जिलों का भ्रमण कर माताओं-बहनों को पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी जानकारी देगी। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में चंदन के पौधे लगाये। 

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री सुनील सोनी भी उपस्थित रहे।

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हॉफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहा पीएम सूर्यघर योजना का आवेदन,लोग चाहने लगे आत्मनिर्भरता

रायपुर, 17 सितंबर 2025/ प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा भी सब्सिडी देने से आवेदनों तथा रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट की औसत मासिक संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल से शून्य बिजली बिल की ओर कदम बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयार हो रहे हैं, जिसका असर आने वाले महीनों में बड़ी उपलब्धि के रूप में दिखाई पड़ेगा। शासन की मंशानुसार उपभोक्ताओं का रुझान अब सस्ती बिजली हेतु सरकारी योजना के बदले आत्मनिर्भरता की तरफ बढने लगा है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा एक किलोवाट के लिए 30,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 60,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए 78,000 रूपये सब्सिडी प्रदान की जा रही थी। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 18 जून, 2025 को आयोजित राज्य मंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से भी सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत एक किलोवाट के लिए 15,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 30,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए भी 30,000 रूपये सब्सिडी देने की घोषणा की गई। जिससे एक से लेकर तीन किलोवाट तक कुल सब्सिडी क्रमशः 45,000 रूपये, 90,000 रूपये तथा 1,08,000 रूपये हो गई है। मार्जिन मनी के लिए बैंकों से 10 वर्षों के लिए 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल पर राज्य सब्सिडी का प्रदाय जल्दी से जल्दी करने के निर्देश दिये गये। जिसके कारण 8 सितम्बर को आयोजित एक कार्यक्रम में 618 हितग्राहियों के बैंक खाते में 1.85 करोड़ रूपये की सब्सिडी उनके बैंक खातों में अंतरित कर दी गई। साथ ही यह व्यवस्था की गई है कि अब स्थापना के एक माह के भीतर स्टेट सब्सिडी दे दी जाएगी। इस तरह उपभोक्ताओं का विश्वास तथा उत्साह तेजी से बढ़ा है। राज्य सब्सिडी घोषित होने के पूर्व औसत मासिक आवेदनों की संख्या 1,607 थी तथा स्थापनाओं की सख्या 337 थी। वहीं 18 जून को स्टेट सब्सिडी घोषित होने के बाद आवेदनों की औसत मासिक सख्या 3,906 हो गई है तथा स्थापनाओ की औसत प्रतिमाह सख्या 744 हो गई है।

इस तरह अब प्रदेश में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए काफी उत्साह देखा जा रहा है। कुल आवेदनों की संख्या 58,500 हो गई है, जिनमें से 6,500 घरों में रूफटॉप सोलर पेनल लगाये जा चुके हैं तथा 17,000 का कार्य प्रगति पर है।

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छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकास में श्रमवीरों की भूमिका अतुलनीय:  मुख्यमंत्री....श्रमिकों के मकान निर्माण हेतु अनुदान राशि 1.50 लाख रुपये करने की घोषणा

श्रमवीर समाज की रीढ़ हैं, उनके योगदान से ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने 1.84 लाख श्रमिकों को 65 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की

मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा जयंती पर श्रमवीरों को दी बड़ी सौगात

दीदी ई-रिक्शा योजना की सहायता राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की घोषणा

पंजीकृत श्रमिकों के नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और उपचार की घोषणा

रायपुर, 17 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकास में श्रमवीरों की भूमिका अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि श्रमवीर समाज की रीढ़ हैं और उनके योगदान से ही विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत का सपना साकार होगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों के परिश्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि श्रमवीरों के उत्साह और भागीदारी से प्रदेशवासियों के सपने पूरे होंगे। इस अवसर पर उन्होंने भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ दीं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर के मेहनतकश श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। उन्होंने घोषणा की कि दीदी ई-रिक्शा योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की जाएगी। इसी प्रकार मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना के अंतर्गत श्रमिकों को मकान निर्माण के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की जाएगी। साथ ही, पंजीकृत श्रमिकों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और इलाज का संपूर्ण खर्च अब श्रम विभाग द्वारा किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया और बीते 11 वर्षों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जनहितैषी कार्यों से प्रदेश के विकास को नई गति दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर हम सभी श्रमवीरों के परिश्रम को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है—चाहे वह स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा हो या आवास और औजारों की सुविधा, सरकार हर कदम पर श्रमिकों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि आज 1 लाख 84 हजार 220 श्रमिकों के खातों में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं—दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, निर्माण श्रमिक मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, छात्रवृत्ति योजना आदि के अंतर्गत 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता हमारी सरकार की पहचान है। किसानों और श्रमिकों का पैसा सीधे उनके खातों में पहुँच रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए ई-श्रम पोर्टल से श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है। अब अपंजीकृत श्रमिक की कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर भी एक लाख रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘श्रमेव जयते’ वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए ‘‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’’ और श्रमिकों के बच्चों के लिए आईआईटी, जेईई, नीट एवं सीए जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए ‘ट्राइबल हॉस्टल’ की सीटें 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई हैं।

इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि श्रमिकों की देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश के 1.84 लाख श्रमिकों के खातों में 65.16 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी को पूरी निष्ठा से पूरा कर रही है। श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से 72 योजनाएँ संचालित हो रही हैं, जिनका लाभ लगातार श्रमिक भाई-बहनों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में चयनित बच्चों से भेंट की थी और घोषणा की थी कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना में सीटें 100 से बढ़ाकर 200 कर दी जाएँगी।

समारोह में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण सर्वश्री राजेश मुणत, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति आयोग के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, श्रम विभाग के सचिव श्री हिम शिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम, अपर आयुक्त श्रम श्री एस.एल. जांगड़े, श्रीमती सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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रायपुर एवं राजिम के मध्य आने-जाने के लिए मिलेगी यात्री सुविधा....मुख्यमंत्री मेमू पैसेंजर नई सेवा का कल करेंगे शुभारंभ

रायपुर, 17 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 18 सितम्बर को रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा का शुभारंभ राजिम रेलवे स्टेशन से प्रातः 10:30 बजे करेंगे। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू और श्री रोहित साहू की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।

रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा से यात्रियों को सुगम, सुलभ और किफायती यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा। ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अधिक सुविधाजनक बनेगा। राजधानी आने वाले विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग के लिए यह ट्रेन विशेष रूप से उपयोगी होगी। इसके साथ ही इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग—राजिम तक सीधी रेल पहुँच सुनिश्चित होगी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर और अभनपुर के मध्य संचालित रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक विस्तार किया जा रहा है। 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोर से—राजिम और रायपुर से—संचालित होगी। इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे।

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बोलेगा बचपन कार्यक्रम : "जशपुर का उभरता चेहरा – शिक्षा, संस्कृति और नई पीढ़ी ने दिखाया सामर्थ्य"

जशपुर 17 सितम्बर 2025 : जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में तथा यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता द्वारा संचालित ओपन लिंक्स फाउंडेशन के द्वारा आज वर्चुअल रूप से बोलेगा बचपन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में ओपन लिंक फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ के चयनित शिक्षक अपने विद्यार्थियों के साथ सम्मिलित हुए जिसमें जशपुर जिले से प्रतिनिधित्व करते हुए सेजेस बगीचा से छात्र एंजेल शर्मा के साथ कार्तिक कुमार सिन्हा एवं प्राथमिक शाला  जामटोली से छात्रा रूपाली बाई के साथ श्रीमती रत्ना गुरु शामिल रहे। मशहूर अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी के साथ बोलेगा बचपन के अंतर्गत जशपुर जिले की तरफ से रस के विभिन्न प्रकार में से  रौद्र रस और अद्भुत रस का प्रस्तुतीकरण किया । बॉलीवुड अभिनेत्री व लेखिका सुश्री कुलकर्णी ने दोनों शिक्षकों से संवाद कर उनकी सराहना की। उन्होंने कहा —
"आदिवासी अंचल से आकर शिक्षा व तकनीक को बच्चों तक पहुँचाना जशपुर के लिए गर्व की बात है।" इस अवसर पर यशस्वी जशपुर से संजीव शर्मा,  अवनीश पांडे और प्रोजेक्ट ऑफिसर सोमनाथ साहू ने शिक्षकों को राज्य स्तर पर प्रस्तुतीकरण हेतु बहुत-बहुत बधाई संदेश दिया।

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बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों की लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था, बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही परेशानी

नारायणपुर 17 सितम्बर 2025 : नारायणपुर क्षेत्र में हल्की-सी बारिश हुई तो बिजली गुल होने का सिलसिला शुरू हो जाता है। शहर में मंगलवार की रात साढ़े 7 बजे  मामूली बारिश होना शुरू हुई कि बिजली विभाग की पोल खुल गयी। बारिश की वजह से पूरे नारायणपुर फीडर में बिजली की आंख मिचौली का खेल कल रात तक चलता रहा जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आज शाम को भी बारिश शुरू हुई और कई घंटों से बिजली आपूर्ति ठप्प है बिजली विभाग के जे ई अधिकारी का कहना है बारिश की वजह से लाइटिंग हो रही है जिससे बिजली सप्लाई को कुनकुरी से रोका गया है । प्रतिवर्ष विद्युत कंपनी बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उसके बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। 
   ज्ञात हो कि यह ग्रामीण क्षेत्र है यंहा चारो ओर जंगल से सटे हुए कई गांव बसे हुए है एक सप्ताह से इस क्षेत्र में 3 जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है गांवों में घुस कर उत्पात मचा रहा है वन्ही किसानों के खेतों में आये दिन घुस कर फसल बर्बाद कर रहा है। ऐसे में बिजली के नही रहने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहता है।

नारायणपुर के पावर हाउस से सप्लाई विद्युत लाइन में मौसम का मिजाज बिगड़ते ही फाल्ट आना यंहा के लिए आम बात हो गई है। थोड़ी बारिश क्या होती है, बिजली कट होने का सिलसिला शुरू हो जाता है।जिस तरह यंहा की बिजली व्यवस्था का हाल है  ग्रामीणों को 15 साल पूर्व की याद ताजा कर रही है।पूर्व में यंहा बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी पावर हाउस बना तो लोगो मे उम्मीद जगी थी पर आज भी वही पुराना रवैया की तरह यंहा बिजली व्यवस्था चल रही है। बुधवार को शाम साढ़े 4 बजे बारिश शुरू होते ही नारायणपुर में बिजली गुल हो गई। बारिश के साथ गरज- चमक भी होती रही। समाचार लिखे जाने तक बिजली आपूर्ति बंद है।

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मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में श्रद्धा और उत्साह एवं मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हुआ श्री विश्वकर्मा पूजा का आयोजन....


जशपुरनगर 17 सितम्बर2025 : मुख्यमंत्री निवास बगिया में आज श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में श्री विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित परिवारजन पूजा-अर्चना में शामिल हुए और विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की आराधना की। मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।

       श्रीमती कौशल्या साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को श्री विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन और निर्माण के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और नई ऊर्जा का संचार हो।पूजा के बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्यमंत्री निवास में हुए इस आयोजन में सामाजिक सौहार्द और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा जयंती पर की पूजा अर्चना

श्रम की सार्थकता और सृजन की भावना को समाज में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 17 सितम्बर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संसार के प्रथम वास्तुकार एवं सृजन-निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर प्रदेश की प्रगति और निर्माण के वास्तविक आधारस्तंभ हैं। श्रम की सार्थकता और सृजन की भावना को समाज में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को जाता है। विश्वकर्मा जयंती का यह अवसर हम सभी को समर्पण और ईमानदारी से कार्य करने की प्रेरणा देता है।

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मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर किया पौधारोपण, शाम को होगा दीप प्रज्वलन कार्यक्रम....एकजुटता और राष्ट्र प्रगति का दिया संदेश

जशपुरनगर-17 सितम्बर 2025 :  आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने प्रातः 9 बजे बगिया स्थित श्री फलेश्वर नाथ मंदिर परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित रहे।
श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पिछले 11 वर्षों से राष्ट्र निर्माण के लिए लगातार समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है, साथ ही छत्तीसगढ़ ने भी नक्सलमुक्ति की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों से अपील की है कि आज प्रत्येक घर में दीप प्रज्वलित कर एकजुटता और राष्ट्र प्रगति का संदेश दें। शाम 6 बजे कुनकुरी के छठ घाट में भव्य दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें घाट को दीपों से सजाकर रोशन किया जाएगा।नगरवासियों ने इस आयोजन की तैयारी पूरे उत्साह के साथ की है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उज्ज्वल भविष्य एवं राष्ट्र की उन्नति की कामना की जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि पेड़ लगाना केवल एक परंपरा नहीं बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण और शुद्ध वायु सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी लोग अपने घरों में पौधारोपण करें और इसे जनआंदोलन का रूप दें।उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाना ही धरती बचाना है और यही राष्ट्र सेवा का सच्चा मार्ग है।

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क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से दौरासांड से दाइजबहार के बीच ईब नदी पर बनेगा उच्च स्तरीय पुल

9 करोड़ 18 लाख की लागत से होगा निर्माण


जशपुर 17 सितम्बर 2025 :- ख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले के विकास कार्यों को नई गति मिल रही है।लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी होने जा रही है। फरसाबहार क्षेत्र के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धौरासांड से दाईजबहार मार्ग पर ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की है।यह निर्माण कार्य निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। पुल बन जाने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा और वर्षों से महसूस की जा रही बड़ी आवश्यकता पूरी होगी।


मिलेगी आवागमन की बड़ी सुविधा

इस पुल के निर्माण के बाद दाईजबहार, बरकशपाली, साजबहार, बामहनमारा, तपकरा से धौरासांड, खुटगांव, बनगांव, हेटघिंचा और तुबा जैसे गांवों की दूरी काफी कम हो जाएगी। ग्रामीणों को अब लंबा चक्कर लगाकर आवागमन नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और संसाधनों की भी बचत होगी।

ओडिशा और झारखंड राज्य से होगा सीधा संपर्क

ईब नदी पर बनने वाला यह उच्च स्तरीय पुल केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।यह मार्ग छत्तीसगढ़ को सीधे ओडिशा और झारखंड राज्यों से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग बन जाएगा। इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

फरसाबहार क्षेत्र के ग्रामीणों ने ईब नदी में पुल निर्माण की।मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह पुल न केवल उनके जीवन को आसान बनाएगा बल्कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ आगमन की तैयारियों को लेकर हुआ उच्च स्तरीय बैठक....

रायपुर, 16 सितम्बर 2025/ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ आगमन की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वनमंत्री एवं संसदीय कार्यमंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री अजय चंद्राकर, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, विधायक श्री अनुज शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियों को समयबद्ध तरीके से और सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उल्लखेनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष में आयोजित राज्योत्सव समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवीन भवन, छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे तथा राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे।

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स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” गाँव-गाँव और घर-घर तक पहुँचेगा पोषण व स्वास्थ्य का संदेश : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 16 सितम्बर 2025/  भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 का भी आयोजन 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक पूरे देश में किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के इंदौर से इस अभियान और पोषण माह का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ करेंगे। 

छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन राजधानी रायपुर में कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।

अभियान के तहत प्रदेशभर में 7,500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में महिलाओं और बच्चों के उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, क्षय रोग, कुष्ठ जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच और उपचार किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसवपूर्व जांच, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड वितरण, बच्चों का टीकाकरण और किशोरी बालिकाओं के लिए पोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे।

राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत विशेष गतिविधियां जैसे पोषण पंचायतें, आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायत स्तर पर सामुदायिक सहभागिता, स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और मातृ-शिशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। पात्र महिलाओं का विशेष पंजीकरण कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। साथ ही, मिलेट्स और स्थानीय पौष्टिक खाद्य जैसे कोदो, कुटकी, रागी को अपनाने के लिए महिलाओं और परिवारों को प्रेरित किया जाएगा। बच्चों की परवरिश में पुरुषों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की वास्तविक आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला और बाल स्वास्थ्य को लेकर जो राष्ट्रीय अभियान प्रारंभ हो रहा है, वह हर घर और हर समाज को नई शक्ति देगा। छत्तीसगढ़ में इस अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह को हम सभी के सामूहिक प्रयास और सामाजिक सहयोग से एक सफल जन आंदोलन बनाएंगे। पंचायत प्रतिनिधियों, नगरीय निकायों, महिला मंडलों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से यह संदेश हर गांव और हर शहर तक पहुँचेगा।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की व्यापक जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रदेशभर में 7,500 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला एवं बाल स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इस अभियान से न केवल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी बल्कि किशोरियों और परिवारों में पोषण व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिला और बाल स्वास्थ्य एवं पोषण ही सशक्त परिवार और सशक्त राष्ट्र की नींव है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ और राष्ट्रीय पोषण माह पूरे देश में एक नई जनचेतना का संचार कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और समाज की सहभागिता से एक सफल जन आंदोलन का स्वरूप मिलेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर माँ और हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं पहुँचें, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सक्षम बन सके।

उल्लेखनीय है कि अभियान के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” विशेष कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण को मातृ सम्मान और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, रक्तदान शिविर, निक्षय मित्र नामांकन और दूरस्थ अंचलों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की सेवाएं भी शामिल रहेंगी। जिला और विकासखंड स्तर पर कैंसर स्क्रीनिंग, एएनसी जांच, किशोरी स्वास्थ्य सत्र, पोषण काउंसलिंग और इम्यूनाइजेशन ड्राइव आयोजित की जाएगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी जिले को बड़ी सौगात, 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए  41 करोड़ 59 लाख रुपए की मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य......

जशपुर16 सितम्बर 2025 :  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा और विद्यार्थियों के हित में जशपुर जिले को एक बड़ी सौगात मिली है।छात्र छात्रों के लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्रामों में नए छात्रावास भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इन भवनों पर करोड़ों रुपये व्यय किए जाएंगे।छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए मंजूरी से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।जिले में नए भवन निर्माण के लिए पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास जशपुर 1 करोड़ 92 लाख, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लोदाम 1 करोड़ 53 लाख, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पैकु 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास मनोरा 1करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बगीचा 1करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास रौनी 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल 2 करोड़ 89 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास पतराटोली 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास रौनी 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कुनकुरी वार्ड 2 में 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तपकरा 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लवाकेरा 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी – 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बटाईकेला 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 92 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बागबहार  1 करोड़ 53 लाख,प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास गाला 1 करोड़ 53 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है,जिसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।

जर्जर भवन से छात्र छात्राओं को मिलेगी मुक्ति, सर्व सुविधायुक्त भवन का किया जाएगा निर्माण

जिले में इन भवनों के बन जाने से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधा मिलेगी। खासतौर पर आदिवासी एवं सुदूर अंचल के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने और भोजन की सुविधा भी बेहतर ढंग से उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जिले वासियों ने जताया आभार

जिले के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा और आदिवासी बच्चों के भविष्य को नई दिशा देगा।

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मुख्यमंत्री दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल....दूरदर्शन ने समाज को वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारों को संवारने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 16 सितम्बर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित दूरदर्शन केंद्र में आयोजित दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और दूरदर्शन परिवार, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं दर्शकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी अपनी स्मृतियाँ साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री के समक्ष कलाकारों ने गौर नृत्य, बांस गीत, जवारा नृत्य, सुआ नृत्य और गौरी-गौरा जैसे लोकनृत्य प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरदर्शन ने मनोरंजन के साथ-साथ हमें वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने 1982 में एशियाई खेलों के रंगीन प्रसारण, रामायण और महाभारत जैसे धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में दूरदर्शन का जादू ऐसा था कि प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “मिले सुर मेरा तुम्हारा” जैसे गीतों के माध्यम से दूरदर्शन ने देश की एकता और सांस्कृतिक एकरूपता का संदेश दिया। समाचारों की गरिमा और भाषा की शुचिता बनाए रखने में दूरदर्शन की परंपरा सदैव सराहनीय रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरदर्शन के प्रादेशिक केंद्रों ने स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। रायपुर दूरदर्शन ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों और विशेषकर “हमर चिन्हारी” के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि दर्शन, महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों और युवाओं के लिए प्रस्तुत विशेष सामग्री के माध्यम से दूरदर्शन ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। उन्होंने अपनी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालने के बाद “अपनी बात” कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि दूरदर्शन हमेशा स्पष्टता से और विस्तारपूर्वक अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों हितग्राहियों को मिल रहा है और दूरदर्शन के द्वारा समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी एक व्यक्ति की सफलता की कहानी दूरदर्शन पर प्रसारित होती है, तो वह लाखों लोगों के जीवन को बदलने का सशक्त आधार बनती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दूरदर्शन परिवार को पुनः स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि दूरदर्शन इसी प्रकार आम जनता का मनोरंजन, संस्कार और जागरूकता का प्रमुख माध्यम बना रहेगा।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी दूरदर्शन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।

इस अवसर पर रायपुर दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक श्री संजय कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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युक्तियुक्तकरण के बाद नई पदस्थापना में ज्वाइनिंग नही करने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

बिलासपुर में किसी भी अतिशेष शिक्षक की नियम विरूद्ध पदस्थापना नहीं

केवल दो शिक्षकों के प्रकरण जिला-संभागीय स्तरीय समितियों की अनुशंसा पर हुए मान्य

जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश- युक्तियुक्तकरण के बाद आबंटित स्कूल में जल्द उपस्थिति दें शिक्षक

रायपुर, 16 सितंबर 2025/ बिलासपुर जिले में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के बाद केवल दो शिक्षकों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इन दोनों शिक्षकों की पदस्थापना में परिवर्तन जिला एवं संभाग स्तरीय समितियों के अनुशंसा पर निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया गया है। बिलासपुर जिले में युक्तियुक्तकरण के बाद अतिशेष शिक्षकों की नई पदस्थापनाएं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही की गई है। बिलासपुर के डीईओ ने युक्तियुक्तकरण के बाद आबंटित स्कूलोें में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश सभी शिक्षकों को दिए है। डीईओ ने कहा कि नई पदस्थापना में बिना कारण ज्वाइनिंग नही करने वाले शिक्षकों पर नियम अनुसार वेतन रोकने से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। 

 डीईओ ने बताया कि युक्तियुक्तकरण के बाद जिले के दूरदराज के स्कूलों में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दे दी है। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण में एक बार शाला आबंटन के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव जिला स्तर पर नहीं किया जा रहा है। जिन शिक्षकों को युक्तियुक्तकरण से कोई परेशानी है या नई पदस्थापना में उपस्थित होने में समर्थ नहीं है, ऐसे सभी शिक्षकों के अभ्यावेदन जिला स्तरीय समिति में निराकृत किए गए है। जिला समिति का निर्णय मान्य नहीं होने पर शिक्षकों के प्रकरण संभागीय समिति में सुलझाएं गए है। जिला एवं संभाग स्तरीय समितियों ने शिक्षकों के अभ्यावेदनों पर सूक्ष्म जांच कर अनुशंसा की है। अधिकांश आवेदनों को अमान्य किया गया है। और शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण के बाद की पदस्थापना को यथावत रखा गया है। 

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया छतौना की पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक धीरेन्द्र कुमार पाण्डे का तबादला युक्तियुक्तकरण के बाद किया गया था। श्री पाण्डे द्वारा इसके विरूद्ध उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। उच्च न्यायालय ने प्रकरण को जिला स्तरीय समिति को अवलोकन कर नियमानुसार निराकृत करने को कहा था। जिला स्तरीय समिति ने इस प्रकरण पर परीक्षण कर उसे नियमानुसार पाया था और श्री पाण्डे के अभ्यावेदन को अमान्य कर दिया गया था। श्री पाण्डे ने इसके विरूद्ध फिर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और उच्च न्यायालय के निर्देश पर अभ्यावेदन का पुनः सूक्ष्म परीक्षण कर प्रकरण को मान्य किया गया। 

इसी तरह शासकीय प्राथमिक शाला, उरैहापारा नगौई में पदस्थ सहायक शिक्षक एलबी कुलदीप सिंह सलुजा का नाम अतिशेष में था। युक्तियुक्तकरण में उनका स्थानांतरण प्राथमिक शाला संजय नगर जोंधरा मस्तूरी में किया गया था, याचिकाकर्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। न्यायालय में जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। जिला स्तरीय समिति ने अभ्यावेदन अमान्य कर दिया था। शिक्षक द्वारा संभागीय स्तरीय समिति में पुनः अभ्यावेदन प्रस्तुत किया। समिति ने सूक्ष्म जांच के बाद शिक्षक का नाम अतिशेष सूची में होना दोषपूर्ण पाया। इसके बाद प्रकरण को संभाग स्तरीय समिति द्वारा मान्य किया गया है।

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14 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होगा मनेंद्रगढ़, जशपुर समेत प्रदेश के 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालय.... छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा को देंगे नई उड़ान – मुख्यमंत्री श्री साय

मनेंद्रगढ़, जशपुर समेत छत्तीसगढ़ में 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को मिली प्रशासकीय स्वीकृति

फिजियोथेरेपी सेवाओं के विस्तार से गांव-गांव तक पहुंचेगी राहत – स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
 
रायपुर, 16 सितंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार नए आयाम जुड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण से न केवल युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे,  बल्कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन जिलों में नए फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे उनमें मनेंद्रगढ़, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर शामिल हैं।  इन महाविद्यालयों के निर्माण के लिए सरकार ने कुल 83 करोड़ 62 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। प्रत्येक महाविद्यालय के लिए लगभग 13 करोड़ 93 लाख 71 हजार रुपए (करीब 14 करोड़) का बजट तय किया गया है। यह निवेश न केवल आधुनिक इमारतों और प्रयोगशालाओं के निर्माण पर खर्च होगा बल्कि छात्रों के लिए आवश्यक उपकरणों और अधोसंरचना पर भी किया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश की युवाशक्ति के लिए नई राह खोलेगा। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य और हमारे युवाओं का भविष्य, दोनों हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। आज जिन 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्वीकृति दी गई है, वे केवल संस्थान नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नई इमारत की नींव हैं। इन महाविद्यालयों से प्रदेश के युवा डॉक्टर और विशेषज्ञ बनकर न केवल छत्तीसगढ़ की सेवा करेंगे बल्कि पूरे देश में राज्य की पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा नई ऊँचाइयों को छू रही है। 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य शिक्षा के अवसर मिलेंगे और फिजियोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण सेवा अब गांव-गांव तक पहुंच सकेगी। यह निर्णय प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ ही युवाओं के लिए नए रोजगार और अवसरों का द्वार खोलेगा।

उल्लखेनीय है कि फिजियोथेरेपी वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इन नए महाविद्यालयों से प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार होंगे, जो आने वाले समय में समाज को बेहतर सेवाएं देंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत प्रदान करेगा। अब मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि अपने ही जिले में सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रदेश में पहले से मौजूद मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग कॉलेजों के साथ फिजियोथेरेपी कॉलेजों की यह नई श्रृंखला स्वास्थ्य शिक्षा की व्यापकता को और बढ़ाएगी। इससे छत्तीसगढ़ न केवल डॉक्टर और नर्स तैयार करेगा बल्कि विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट भी बड़ी संख्या में उपलब्ध कराएगा। इस निर्णय से रोजगार के नए अवसर भी सामने आएंगे। इन महाविद्यालयों के निर्माण से लेकर संचालन तक स्थानीय स्तर पर अनेक लोगों को रोजगार मिलेगा और स्नातक होने वाले विद्यार्थी स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर प्रदेश की जरूरतें पूरी करेंगे।

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