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मैत्री महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री:उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित, आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था के लोगो का किया विमोचन

रायपुर, 28 सितम्बर 2025। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित मैत्री महोत्सव में शामिल हुए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में आयोजित गुरु शरणम् – मैत्री महोत्सव – क्षमादान उत्सव में विधायक श्री राजेश मूणत, जैन समाज के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच पर पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में जैन समाज की पारंपरिक पगड़ी और गमछा पहनाकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया तथा आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था के लोगो का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मैत्री महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति और शुद्धिकरण का पावन अवसर है। भारत की पुण्यभूमि केवल सभ्यता और संस्कृति की जननी ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता की जीवंत प्रयोगशाला भी रही है। यहाँ धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला है।

उन्होंने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने ‘जियो और जीने दो’ का संदेश दिया। हाल ही में मनाए गए क्षमादान पर्व का सार यही है कि ‘उत्तम क्षमा, सबसे क्षमा और सबको क्षमा’—यही बड़प्पन है और यही वसुधैव कुटुम्बकम का वास्तविक संदेश है। जैन धर्म ने इस भावना को सबसे सुंदर और गहन रूप में प्रस्तुत किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन समाज परोपकारी समाज है और इसके सेवा भाव का लाभ छत्तीसगढ़ को निरंतर मिलता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत के सिद्धांत समरस समाज की आधारशिला हैं। मैं पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के पावन स्मरण और पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में उन सभी संतों को नमन करता हूँ, जिन्होंने अपने संयम, तप और साधना से समाज को दिशा दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी का जीवन-दर्शन हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सिखाया कि सच्चा धर्म त्याग, सेवा और आत्मसंयम में है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि आचार्य जी ने अपने कठोर साधना के अनेक वर्ष यहाँ व्यतीत किए और चंद्रगिरी तीर्थ पर समाधि ली।

श्री साय ने कहा कि जैन धर्म के तीर्थंकरों के दिए आदर्श—अहिंसा परमो धर्मः, अनेकांतवाद, सत्य और संयम—केवल जैन समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आत्मा हैं।

कार्यक्रम में सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष श्री विनोद बड़जात्या ने आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था द्वारा संचालित आचार्य विद्यासागर कल्याण योजना की जानकारी दी और समाज के सभी लोगों से इस योजना से जुड़ने की अपील की। सीआईआई के अध्यक्ष श्री संजय बड़जात्या ने भी सभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जैन तीर्थों के निर्माण और संरक्षण के लिए श्री मनीष जैन, आयुर्वेद सेवा के लिए श्री विजय गोधा तथा समाज सेवा के लिए श्री सुनील संगोलिया को सम्मानित किया। उन्होंने चांदी पर उत्कीर्ण गुरु-स्मृति तथा आचार्य श्री विद्यासागर द्वारा रचित हाइकू, जिसे चांदी पर उत्कीर्ण किया गया है, का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर जैन समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इनमें सर्वश्री नरेन्द्र जैन, यशवंत जैन, रतनलाल बड़जात्या, सुधीर बाकलीवाल सहित अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल थे।

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अमर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण कर किया नमन

रायपुर, 28 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित भगत सिंह चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वह तेजस्वी नायक थे, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अटूट देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान से आने वाली पीढ़ियों के लिए अमिट प्रेरणा छोड़ी है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और स्वतंत्रता के लिए त्याग ही सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह के विचार और आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर-चिटकवाइन में निकला मां भगवती का डोला, ढोल, नगाड़ों से गूंजा वनांचल, आस्था का दिखा अद्भूत सैलाब

शारदीय नवरात्र पर मां के भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा हैं। 

निरंजन मोहन्ती-नारायणपुर

नारायणपुर 28 सितम्बर 2025 :- जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर - चिटकवाइन में आज आस्था का अद्भूत सैलाब दिखा। अवसर था मां भगवती का डोला निकलने का । इसमें शामिल होने दूर दूर से श्रद्धालु नारायणपुर पहुंचे हैं । आश्रम में सप्तमी तिथि के प्रवेश के साथ ही देवी मां का डोला भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से निकाला गया । बाबा उत्साही राम जी ने विशिष्ठ अनुष्ठान, पूजा आराधना की, जिसके बाद भक्तगण मां का डोला लेकर जयकारा लगाते हुए आश्रम प्रांगण से  निकले।

ज्ञात हो कि प्रतिवर्ष जनसेवा अभेद आश्रम नारायणपुर  में नवरात्र के उपलक्ष्य में माता रानी का हर्षोल्लास के साथ डोला निकालने की परंपरा है।जिसको पूरे ग्राम में भ्रमण कराया जाता है। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर लोग स्वागत करते है।डोले में माता रानी का स्वरूप भक्तों में आकर्षण का केंद्र बना रहा। भक्तों ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नवरात्र पर मांं का डोला हषोल्लास के साथ निकाला गया हैं। यह डोला कई वर्षो से लगातार निकाला जा रहा है।

यहां हर वर्ष डोला यात्रा के अवसर पर श्रद्घालुओं की भीड़ जुटती है और यात्रा में शामिल होकर श्रद्घालु खुद को धन्य समझते हैं । सप्तमी तिथि को हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी देवी मां का डोला यात्रा धूमधाम से निकाला गया । पूजा आराधना के बाद विशेष रूप से बने डोला में मां के तस्वीर को स्थापित करने के बाद नारायणपुर आश्रम से यात्रा निकाली गई । ढोल, नगाड़ों सहित विभिन्न वाद्य यंत्रों के साथ जयकारे व संकीर्तन करते हुए श्रद्घालु डोला यात्रा में शामिल हुए ।

आज माता रानी का डोला यात्रा नारायणपुर जयस्तम्भ चौक, अटल चौक मुख्य मार्ग, गांव भ्रमण करते हुए  पुनः आश्रम में समाप्त हुई जहां पूजा अर्चना के साथ महाआरती की गई । नारायणपुर में माता रानी का स्वागत पुष्प वर्षा करते पूजा आरती कर जगह जगह स्वागत की गई।

 आज सप्तमी में डोला यात्रा को लेकर सर्वेश्वरी अनुयायियों में काफी उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ यहां उमड़ी । संकीर्तन में हर आयु वर्ग के लोगों में उत्साह देखने को मिला ।

इस अवसर पर पप्पू जी प्रमोद जी चितरंजन जी गणेश यादव जी अनिल बागे जी उत्तम यादव जी बोधनाथ प्रजापति जी सहित बड़ी संख्या में महिलांए, युवा और बच्चे भी यात्रा में सहभागी बनें । इस अवसर पर यात्रा में श्रद्घालुओं को वाद्य यंत्रों के साथ झूमते देखा गया । उल्लेखनीय है कि इस यात्रा में क्षेत्र के सभी वर्गों के सदस्य भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं ।

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मोदी जी के मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, प्रेरित करने, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का माध्यम : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 28 सितंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित सिंधु पैलेस में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 126वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, उन्हें प्रेरित करने तथा नवाचार और बेहतर कार्यों को सामने लाने का सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुण्य स्मरण किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को शक्ति उपासना के पर्व नवरात्रि की शुभकामनाएँ भी दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शक्ति उपासना के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश की दो बहादुर बेटियों, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा की ‘नाविका सागर परिक्रमा’ का उल्लेख किया। दोनों अधिकारियों ने 47 हजार 500 किलोमीटर की समुद्री यात्रा 238 दिनों में पूरी की और दुनिया के सबसे सुदूर स्थान ‘नीमो प्वाइंट’ पर तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय देशभर में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी दरों में हुई कटौती से लोगों को दैनिक जरूरतों की वस्तुओं से लेकर वाहनों, कृषि उपकरणों और मशीनों तक में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत का आह्वान करते हैं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम केवल सामान नहीं लेते, बल्कि एक परिवार की उम्मीद, एक कारीगर की मेहनत और एक उद्यमी के सपनों को सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि खादी उत्पादों की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है और हम सभी को खादी के वस्त्रों और उत्पादों का उपयोग करना चाहिए।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

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फरसाबहार में मुख्यमंत्री के पहल से  37.80 करोड़ की लागत से बन रहा है सर्वसुविधायुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का नवीन भवन

जशपुरनगर, 28 सितंबर 2025/ फरसाबहार में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। जशपुर जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अनुसूचित जनजातीय छात्रों को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ने, उनके शैक्षिक व सह-पाठ्यचर्या कौशल के विकास और उज्ज्वल भविष्य निर्माण के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री के निर्देश पर फरसाबहार में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन निर्माण के लिए 37.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह भवन आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त होगा, जिसमें विद्यार्थियों के लिए शिक्षा से लेकर जीवन कौशल विकास तक की सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
     
   एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में 6वीं से 12वीं तक के छात्रों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। वर्तमान में फरसाबहार में 8 वीं तक शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिसे आगे बढ़ाकर 12 वीं तक करने की योजना है।  37.80 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह विद्यालय विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा।  यह भवन सर्वसुविधायुक्त होगा और इसमें आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं के साथ-साथ विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध होंगे। यहां पर आधुनिक लैब, निःशुल्क शिक्षा, गणवेश, पुस्तकें, भोजन, छात्रावास की सुविधा, खेल मैदान, कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कंप्यूटर, विकलांग बच्चों के लिए सुलभ भवन आदि की सुविधाएँ  होंगी। इसके साथ ही छात्रों को कैरियर मार्गदर्शन, जीवन कौशल विकास और  ई-लर्निंग की सुविधा मिलेगी।

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ट्रिपल-आईटी नवा रायपुर में डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण विषय पर प्रशिक्षण

रायपुर, 27 सितंबर 2025/ नवा रायपुर स्थित ट्रिपल-आईटी में डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की पहल पर मंत्रालय में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को आईटी एवं एआई की नवीनतम तकनीकों और अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण देकर प्रशासनिक कार्यों की गति और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, विशिष्ट अतिथि सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत थे, जबकि अध्यक्षता ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदार प्रशासन को मजबूत करने के लिए डिजिटल उत्पादकता को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई। पहले दिन प्रतिभागियों को MS Word, Google Docs, Excel और Google Sheets के उन्नत फीचर्स, साथ ही डेटा मॉडलिंग के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया गया।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कौशल उन्नयन एक सतत प्रक्रिया है, जिससे व्यक्तित्व और कार्यसंस्कृति दोनों निखरते हैं। उन्होंने एआई-आधारित प्रशिक्षण को कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि में एक मील का पत्थर बताया और प्रतिभागियों से इसका पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने नागरिक-केंद्रित शासन में तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकारी कार्यकुशलता बढ़ाने में एआई टूल्स अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक का प्रभावी उपयोग शासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बना सकता है।

ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एआई का स्मार्ट उपयोग करने के लिए हमें जागरूक और सतर्क रहना होगा। एआई के व्यवहारिक अनुप्रयोग से शुरुआत कर निरंतर सीखने की आदत हमें एआई से और अधिक फ्रेंडली बनाएगी। उन्होंने कहा कि डेटा की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है, इसलिए हमें संवेदनशील जानकारी एआई को नहीं देनी चाहिए ताकि सार्वजनिक डोमेन में इनका दुरुपयोग न हो सके।

प्रो. के. जी. श्रीनिवास ने भरोसा दिलाया कि यह प्रशिक्षण उच्च गुणवत्ता वाला और परिणामोन्मुखी होगा। इस प्रशिक्षण के प्रथम चरण में सामान्य प्रशासन, गृह एवं अन्य विभागों के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। यह प्रशिक्षण 24 सितंबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है।

"प्रशासनिक कार्यों की गति और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल प्रोडक्टिविटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समुचित उपयोग आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। शासन-प्रशासन को अधिक जवाबदेह और कुशल बनाने में एआई टूल्स और डिजिटल तकनीकें अभूतपूर्व सहायक सिद्ध होंगी। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यक्षमता में गुणात्मक सुधार लाएंगे और नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती प्रदान करेंगे।"  - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने को लेकर छत्तीसगढ़ के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने मंजूर किए 50 करोड़.....मुख्यमंत्री उप मुख्यमंत्री ने भारत सरकार को दिया धन्यवाद

रायपुर. 27 सितम्बर 2025. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की विशेष पहल पर केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य के नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। पहले चरण में सभी 14 नगर निगमों और सभी 55 नगर पालिकाओं में ये केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। ये सुविधा केंद्र नागरिकों को विभिन्न तरह के प्रमाण पत्र और लाइसेंस प्राप्त करने तथा पंजीयन व शिकायत निवारण जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत केंद्र की तरह काम करेंगे। भारत सरकार ने नगरीय निकायों से जुड़ी सभी तरह की सेवाओं पर आधारित आदर्श सुविधा केन्द्र खोलेने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर (Municipal Shared Services Centre) के अंतर्गत सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर (Citizen Experience Centre) के लिए यह राशि मंजूर की है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र स्थापित किए जाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारी सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हम प्रदेश के नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएँ और जीवन स्तर प्राप्त हो, यह हमारी सरकार का लक्ष्य है। आदर्श सुविधा केंद्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नगरीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगा। 

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार नगरीय निकायों के नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के माध्यम से केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रदेश में सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर स्थापित करने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के अंतर्गत प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के इस प्रस्ताव को स्वीकृति एवं अनुशंसा प्रदान करते हुए इसके लिए 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। ये सिटीजन एक्सपीरियंस सेंटर नगरीय निकायों से संबंधित सेवाओं (म्यूनिसिपल सर्विसेस) के लिए वन-स्टॉप हब के रूप में काम करेंगे। श्री साव ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी है। 
  
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि आदर्श सुविधा केंद्रों (Citizen Experience Centers) के माध्यम से ‘‘वन स्टेट - वन पोर्टल‘‘ सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर नागरिकों को जन्म, मृत्यु, विवाह जैसे आवश्यक प्रमाण पत्र, व्यापार, वेंडिंग, विज्ञापन के लिए लाइसेंस सेवाएं, संपत्ति कर, जल/सीवरेज, ठोस अपशिष्ट सेवाएँ, नगर निगम संपत्ति बुकिंग के लिए  पंजीकरण, शिकायत निवारण की सुविधा तथा डिजिटल समावेशन सेवाओं का लाभ सुलभ और समयबद्ध रूप से प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि ये केन्द्र नागरिक सेवाओं को सरल और मानकीकृत करने के साथ ही प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर करेगी, जिससे लोगों और नगरीय निकायों के अधिकारियों के मध्य पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही यह पहल पूरे राज्य में समावेशिता को बढ़ावा देगी तथा इज ऑफ लिविंग (Ease of Living) में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करेगी। 

क्या है आदर्श सुविधा केन्द्र

आदर्श सुविधा केन्द्र नगरीय निकायों में जनसुविधाओं से संबंधित समस्त सेवाओं के लिए एकीकृत केन्द्र की तरह कार्य करेगी। इस केन्द्र के माध्यम से नगरीय निकायों में नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य नागरिक सुविधा पोर्टल जैसे निदान-1100, मोर संगवारी, संपत्ति कर तथा नगरीय प्रशासन से संबंधित अन्य सेवाओं व सुविधाओं को भी आदर्श सुविधा केन्द्र के साथ जोड़ा जाएगा। 

कैसे मिलेगी नागरिकों को सुविधाएं

आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अपनी इच्छित सेवाओं से संबंधित आवेदन सुविधा केन्द्र में जाकर दर्ज/जमा करानी होगी। नागरिकों से प्राप्त आवेदन की प्रकृति एवं गुण-दोष के आधार पर नगरीय निकाय द्वारा आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी होगी और इसकी मॉनिटरिंग राज्य शहरी विकास अभिकरण में स्थापित राज्य स्तरीय कमाण्ड एंड कण्ट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी।

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धड़ल्ले से फल-फूल रहा है अवैध कबाड़ की दुकान..... कबाडिय़ों पर पुलिस प्रशासन की मौन स्वीकृति

जशपुर/नारायणपुर : 27 सितम्बर 2025 : नारायणपुर थाना के अंतर्गत  खुलेआम कबाड़ियों का अवैध कारोबार फल फूल रहा है।   लेकिन कबाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नारायणपुर पुलिस हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। यही वजह है कि अब चोर, लोगों के घरों और आंगनों से छोटे छोटे लोहा उखाड़कर कबाड़ दुकानों में आसानी से खपा रहे हैं।  छोटे छोटे सामनो की चोरी होने पर ग्रामीणों के द्वारा भी थानों में शिकायत नही की जाती है। जिसकी वजह से भी चोरों का हौसला बुलन्द है।

 कबाड़ी व्यवसाय में बिना लाइसेंस के सालाना लाखों रूपए की आमदनी होती है। इस कारोबार में बेहिसाब कमाई के बाद भी सरकारी तंत्र कोई दखल नहीं देती। जी हां बात कर रहे है नारायणपुर क्षेत्र में अवैध तरीके से चल रहे कबाड़ी दुकानों की जो बिना अनुमति के चल रहे। इन दुकानों पर सरकारी तंत्र का कोई नियंत्रण नहीं है। जो बिना लाइसेंस के खुलेआम चल रहे है। बिना अनुमति के संचालित इन दुकानों में कीमती सामानों को पानी के मोल खरीदकर कारोबारी लाखो रूपए कमा रहे है। इन दुकानों में कबाड़ खरीदी बिक्री का न तो रसीद होती है और ना ही कोई रिकार्ड, इसके बावजूद इन कबाडिय़ों ने आज पर्यन्त तक लाइसेंस लेना जरुरी नहीं समझा। अवैध कबाड़ दुकानों को बंद करवाने के लिए पुलिस हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। आखिर किसके संरक्षण से कबाड़ दुकानें संचालित हो रही हैं। क्या कारण है कि इस व्यसाय में पुलिस और प्रशासन का कोई रोकटोक नहीं है।  सभी संचालक प्रत्येक माह कई किंवटल लोहे का कबाड़ खरीद रहे हैं। इतनी मात्रा में लोहे कहां से आ रहा है। इसके बारे में किसी को पता नहीं है।  चोरी की घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार प्रयासरत है। लेकिन, कबाड़ दुकानों को बंद करवाने के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया है

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हाईकोर्ट का रजत जयंती समारोह : इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता के साथ समय पर न्याय उपलब्ध कराने राज्य सरकार कटिबद्ध : मुख्यमंत्री

रायपुर, 26 सितम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना का रजत जयंती समारोह’ का आयोजन महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू को पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस भी इस अवसर पर  मौजूद रहे। कार्यक्रम में रजत जयंती समारोह पर केंद्रित स्मारिका का विमोचन भी किया। 

 मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इस गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की रजत जयंती समारोह में आप सभी को संबोधित करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। 1 नवम्बर 2000 को जब छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई, तब शासन के साथ-साथ न्याय के क्षेत्र में भी एक नई शुरुआत हुई। इस राज्य के जन्म के साथ ही इस महान संस्था छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की स्थापना हुई। तभी से यह न्यायालय संविधान का व्याख्याकार, नागरिक अधिकारों का संरक्षक और न्याय का प्रहरी बनकर खड़ा है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोक अदालत के अंतर्गत लंबित मामलों के हो रहे त्वरित निराकरण के लिए न्यायपालिका की सराहना की। उन्होंने न्यायपालिका में नैतिकता, सुदृढ़ीकरण और न्यायपालिका के लंबित मामलों को कम कर आम जनों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि न्याय केवल सामर्थ्यवान लोगों के लिए ही उपलब्ध नहीं हो बल्कि गांव गरीब एवं आमजनों के लिए भी सर्व सुलभ न्याय उपलब्ध हो तभी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका की भूमिका सार्थक बनेगी। 

 राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हम उन दूरदर्शी व्यक्तित्वों और संस्थापकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करते हैं, जिन्होंने इस न्यायालय की नींव रखी। प्रथम मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति डब्ल्यू.ए. शिशक और उनके उत्तराधिकारियों ने इस नवगठित न्यायालय को गरिमा, विश्वसनीयता और सशक्त न्यायिक परंपरा प्रदान की। इसी प्रकार अधिवक्ताओं, न्यायालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा और परिश्रम ने इस संस्था को पच्चीस वर्षों तक सुदृढ़ बनाए रखा। इन वर्षों में न्यायालय ने संवैधानिक नैतिकता, नागरिक स्वतंत्रता, आदिवासी अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और सामाजिक न्याय जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय दिए। इसने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचानदृउसके जंगल, खनिज, संस्कृति और वंचित समुदायों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया। विकास और अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए इसने यह सुनिश्चित किया कि प्रगति कभी भी न्याय की कीमत पर न हो।

 समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। यह शुभ अवसर हमारे हाईकोर्ट की रजत जयंती का भी है। यह वर्ष हमारी विधानसभा का रजत जयंती वर्ष भी है। इन सभी शुभ अवसरों पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूँ।. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर की नगरी को एक नई पहचान दी है। इस शुभ अवसर पर हम भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं हमारे राज्य के निर्माता श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी दूरदर्षिता से छत्तीसगढ़ राज्य एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना संभव हो सकी। 

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही हम किसी भी हालत में समय पर न्याय उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। इसी क्रम में हमने वर्ष 2023-24 की तुलना में विधि एवं विधायी विभाग के बजट में पिछले साल 25 प्रतिशत और इस वर्ष 29 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि इस पीठ के न्यायाधीश जस्टिस ए.एम. खानविलकर, जस्टिस श्री नवीन सिन्हा, जस्टिस श्री अशोक भूषण, जस्टिस श्री भूपेश गुप्ता और जस्टिस श्री प्रशांत कुमार मिश्रा जैसे न्यायाधीश देश की सर्वाेच्च अदालत तक पहुँचे। न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्चुअल कोर्ट और लाइव स्ट्रीमिंग जैसे डिजिटल नवाचारों को बढ़ावा दिया है। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड रूम, आधार आधारित सर्च और न्यायिक प्रशिक्षण के नए माड्यूल भी अपनाये जा रहे हैं। अपने 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ऐसे उल्लेखनीय फैसले दिये हैं जो देश भर में नजीर के रूप में प्रस्तुत किये जाते हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के बाद छत्तीसगढ़ के युवाओं में लॉ प्रोफेशन की ओर भी रुझान बढ़ा है। इससे उन्हें करियर के नये अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नेा कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अंग्रेजों के समय की दंड संहिता को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता को लागू किया। अंग्रेजों के समय भारतीय दंड संहिता का जोर दंड पर था। भारतीय न्याय संहिता का जोर न्याय पर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का प्रयास है कि लोगों को आधुनिक समय के अनुरूप आये नये तकनीकी बदलावों को भी शामिल किया गया है। इसमें फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी पहलुओं का काफी महत्व है। लोगों को त्वरित और सुगम न्याय मिल सके, इसके लिए न्यायपालिका को मजबूत करने समय-समय पर जो अनुशंसाएँ की गईं, उनका बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है। 

 उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यह धान्य पूर्णता की ओर ली जाती है। जहां धर्म है वहां विजय है। हमार सच्चा कर्म और विचार ही धर्म है। चेतना ही सहज धर्म से जोड़ती है। अगले 25 साल में हम न्यायपालिका को कहां रखना चाहते है इस पर विचार और योजना बनाने का समय है। आम आदमी कोर्ट के दरवाजे पर एक विश्वास के साथ आता है उस मूल भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने न्याय व्यवस्था से जुड़े बेंच, बार और लॉयर को विजन के साथ आगे बढ़ने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी समेकित विजन बनाएं ताकि न्यायपालिका अपने जनकल्याण के अंतिम उद्वेश्य तक पहुंच सके। न्यायाधीश श्री माहेश्वरी ने कहा कि भारत के संविधान में रूल ऑफ लॉ की भावना पूरी हो इसके लिए सभी कार्य करें और अंतिम पायदान तक खड़े व्यक्ति तक न्याय पहंुचे इस सोच के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आमजनों का विश्वास प्राप्त करना न्यायपालिका का सर्वाेत्तम उद्देश्य है। हाईकोर्ट की स्थापना के साक्षी रहे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार मिश्रा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजत जयंती कार्यक्रम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी और न्यायालय से जुड़े अपने संस्मरण साझा किया। 

 रजत जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि आज केवल न्यायपालिका के 25 वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि न्यायपालिका की उस सुदृढ़ परंपरा का सम्मान है जिसने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा में अपना निरंतर योगदान दिया है। पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने न्याय की पहुंच को आम जनता तक सरल बनाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तकनीकी को क्रांति की तरह अपनाने में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। 

 छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया। न्यायालय की स्थापना के रजत जयंती अवसर पर सभी अतिथियों और उपस्थित जनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का रजत जयंती कार्यक्रम निश्चित रूप से हम सभी के लिए गौरवशाली क्षण है। पिछले 25 वर्षों में न्यायालय ने विधि के शासन को स्थापित करने बेहतर कार्य किया है। उन्होंने न्यायालय की स्थापना से लेकर अब तक उपलब्धि एवं कामकाज में आए सकरात्मक बदलाव से सभा को अवगत कराया।  

 समारोह के अंत में न्यायाधीश श्री संजय के अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री एम.एम. श्रीवास्तव, तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पी सैम कोसी, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री यतीन्द्र सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरूणदेव गौतम, महाधिवक्ता श्री प्रफुल्ल भारत, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष श्री चंदेल सहित अन्य न्यायाधीश, अधिवक्ता, जन प्रतिनिधिगण तथा न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

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एसडीएम ने जशपुर एवं मनोरा के दवा व्यवसायियों की ली बैठक, दिए आवश्यक दिशा निर्देश

जशपुर, 27 सितंबर 2025/ अनुविभागीय दण्डाधिकारी जशपुर के द्वारा शनिवार को एसडीएम कार्यालय सभाकक्ष में जशपुर अनुभाग के अंतर्गत आने वाले समस्त दवा व्यवसायियों का बैठक ली। इस बैठक में  कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार एसडीएम विश्वास राव मस्के ने औषधि विभाग के अधिकारियों को मेडिकल दुकानों का नियमित निरीक्षण करने को कहा साथ ही दवा व्यवसाईयों को नियमानुसार दुकान संचालन हेतु अपना शपथ पत्र भरकर औषधि निरीक्षक के पास जमा करने का निर्देश दिए गए।
         इस अवसर पर सभी दवा व्यवसायियों को एसडीएम ने एनकॉर्ड समिति के निर्देशानुसार आवश्यक दिशा निर्देशों के संबंध में जानकारी दी। एसडीएम ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को औषधि दुकानों निरीक्षण कर सभी में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने नार्कोटिक्स दवाइयों को चिकित्सकीय सलाह पर ही लोगों को विक्रय करने एवं हर विक्रय का नियमित रिकार्ड रखने हेतु कहा। नव युवक-युवतियों में बढ़ रहे नशे की लत की रोकथाम हेतु सभी व्यवसायियों को प्रतिबंधित नशीली दवाईयों के विक्रय न करने की समझाईश दी गई। इस बैठक में जशपुर एवं मनोरा के सभी मेडीकल संचालक उपस्थित रहे।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष: जशपुर में विजयादशमी पर होगा पथ संचलन : आर एस एस के कार्यकर्ता कल रविवार को कल्याण आश्रम से करेंगे शुरुआत

जशपुर 27 सितम्बर 2025 :  विजयादशमी पर्व के अवसर पर नगर में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया जा रहा है। शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस बार नगर के 06 बस्ती स्तर पर संचलन कार्यक्रम रखे गए हैं। यह संचलन अलग–अलग दिनों में जशपुर शहर की विभिन्न बस्तियों से होकर गुज़रेगा।पहला संचलन कल रविवार को कल्याण आश्रम से प्रारंभ होगा और बसंत विहार में इसका समापन किया जाएगा। संघ 1925 से प्रारंभ होकर 2025 तक 100 वर्ष पूर्ण हो चुका है।इस निमित नगर में छः पथ संचलन तथा जिला मिलाकर  कुल 56 संचलन होना है। इस अवसर पर कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम को लेकर नगर की प्रत्येक बस्ती में तैयारियां जोर–शोर से चल रही हैं। नए गणवेशधारी कार्यकर्ता संचलन में शामिल होने के लिए उत्साहित दिखाई दे रहे हैं। नगर शेष पांच बस्ती में भी अलग अलग तिथि में संचलन होना है। वहीं, माताएं–बहनें जगह–जगह पुष्पवर्षा की तैयारी में जुटी हुई हैं, जिससे माहौल और अधिक उल्लासपूर्ण बनने की संभावना है।विजयादशमी पथ संचलन के माध्यम से समाज में संगठन, अनुशासन और संस्कृति के संदेश का प्रसार किया जाएगा।इस कार्यक्रम में बस्ती के कार्यकर्ता और सज्जन शक्तियां अधिक संख्या में उपस्थित रहेंगे।

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लोगों के लिए मुसीबत बन गया प्रधानमंत्री सड़क के किनारे गड्‌ढे....वंही ठेकेदार केबल बिछाने को गड्ढा खोदकर छोड़ा, लोग हो रहे दुर्घटना के शिकार,,,,, जिम्मेदार बेखबर

जशपुर 27 सितम्बर 2025 : नारायणपुर से बेने तक  जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क चिटकवाइन के पुल के पास पिछले काफी समय से एक गहरा गड्ढा बना हुआ है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता हैं। राहगीरों एवं ग्रामीणों ने बताया कि कई बार दुर्घटना होते यंहा लोग बचे है।

 ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह रास्ता जशपुर रांची को भी जोड़ती है जिससे सैकड़ो वाहनों का आवागमन होता है। जिले के बड़े अधिकारियों की गाड़ियां भी इसी मार्ग से लगातार गुजरती है लेकिन किसी भी विभाग के अधिकारीयों  को सड़क किनारे का गड्डा दिखाई नही देता,प्रधानमंत्री सड़क के कर्मचारियों के द्वारा भी क्षेत्र में विजिट नही किया जाता जिसके कारण सड़क के गड्ढे की मरम्मत नही हो रही है।जिसके कारण लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि वर्षा के घांस पुन्स उग आने के कारण गड्डा दिखाई नहीं देता, जिसके कारण वाहन चालक कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि गड्ढा गहरा होने के कारण इसमें वाहनों के फंसने के साथ उनके पलटने का खतरा आए दिन बना रहता है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने गड्ढे को शीघ्र बंद नहीं कराया तो यहां कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। विभागीय अधिकारियों को इस मामले में गंभीरता बरतनी चाहिए और गड्ढे को बंद कराकर समस्या का समाधान करना चाहिए।


वन्ही दूसरी ओर नारायणपुर क्षेत्र में एयरटेल  के ठेकेदारों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पर केबल बिछाने के नाम पर गड्ढा खोदा गया है, लेकिन लगभग एक माह वहां से काम चल रहा है। जिसके चलते इस सड़क किनारे गड्ढे में लोग गिरकर घायल होने का डर हमेशा बना रहता है, ना कोई सूचना बोर्ड लगाया गया है ना ही संकेतक बोर्ड। काम लंबे समय से अधूरा है, क्यों अधूरा है इसकी भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जब काम समय पर पूरा नहीं करना था तो शुरू ही क्यों किया गया। इसे जल्द से जल्द गड्ढे को भरना चाहिए। काम अधूरा छोड़ कर लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है। कई बाइक सवार इस गड्ढे में रात में गिर कर घायल हो चुके हैं। यह गड्ढा हादसे को न्योता दे रहा है। एयरटेल के कर्मचारियों  की लापरवाही इसमें नजर आ रही है। जो संबंधित ठेकेदार को यह निर्देश भी नहीं कर पा रही है कि काम को जल्द पूरा करें। वहीं संबंधित ठेकेदार की अंधेर गर्दी दिख रही है, जो गड्ढा तो खुदवा दिया है लेकिन आगे कोई काम हुआ ही नहीं है। ना ही ठेकेदार के कर्मचारी यहां झांकने के लिए आ रहे हैं।

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सीएम साय की बड़ी सौगात : झारखंड को जोड़ने वाली जिले के दो सड़कों के निर्माण हेतु 11 करोड़ 44 लाख रुपए की मंजूरी, 

जशपुरनगर 27 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों के विकास की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र के लिए दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।पहला मार्ग छेरडांड से टुकुटोली पहुँच मार्ग है, जिसकी लागत 5 करोड़ 48 लाख रुपए स्वीकृत हुई है। यह सड़क बनने से ग्रामीण अंचल के लोगों को आने-जाने में बड़ी सुविधा होगी और क्षेत्र के कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। वहीं दूसरा मार्ग टुटिअम्बा से कादोपानी, झारखंड पहुँच मार्ग तक का निर्माण है, जिसके लिए 5 करोड़ 96 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। यह सड़क न केवल छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को सुविधा प्रदान करेगी बल्कि सीधे झारखंड राज्य को भी जोड़ेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन, व्यापार और सामाजिक संपर्क और सुदृढ़ होगा।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को इस सौगात के लिए आभार जताया और कहा कि सड़कों का जाल बिछने से क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

जिले में बिछ रहा है सड़कों का जाल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले को एक के बाद एक सौगातें मिल रही हैं,सड़क निर्माण के लिए मिली नई मंजूरियों से अब गांव–गांव तक आवागमन सुगम होगा। ग्रामीणों को कीचड़ और धूल से निजात मिलेगी, वहीं मुख्य मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से लोगों की यात्रा आसान होगी।जिले में बिछने वाले सड़कों का यह जाल आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर गढ़ेगा।

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सिलतरा फैक्ट्री हादसे में 6 श्रमिकों की मौत, कई घायल – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

रायपुर, 26 सितम्बर 2025/ राजधानी रायपुर के सिलतरा स्थित फैक्ट्री में आज हुए दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की मृत्यु हो गई तथा कई श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुट गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को घायलों के इलाज की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

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जशपुर में होगा छत्तीसगढ़ ओपन स्टेट लेवल चेस टूर्नामेंट,,,एसडीएम विश्वासराव म्हस्के की अध्यक्षता में हुई चेस आयोजन समिति की बैठक

जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास की पहल पर अक्टूबर में जशपुर में छत्तीसगढ़ ओपन  स्टेट लेवल चेस टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है।  यह टूर्नामेंट छत्तीसगढ़ राज्य शतरंज संघ के मार्गदर्शन  और गाईडलाइन का पालन करते हुए किया जा रहा है l 25 सितंबर को एसडीएम विश्वासराव मस्के की अध्यक्षता में टूर्नामेंट के लिए  आयोजन समिति की बैठक संपन्न हुई। जिसमें प्रतियोगिता आयोजन की रूपरेखा पर विस्तृत  से चर्चा की गई। आयोजन समिति के सचिव जिला खेल अधिकारी समीर बड़ा सहित संजीव शर्मा ,श्रीमती कल्पना टोप्पो, अवनीश पांडेय, प्रदीप चौरसिया, श्रीमती लक्ष्मी शुक्ला, सत्य प्रकाश तिवारी, पुरुषोत्तम बनर्जी और अरशद आलम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

चेस टूर्नामेंट जशपुर के बालाजी मंदिर के पास स्थित कम्युनिटी हॉल में 11 से 13 अक्टूबर तक चलेगा। टूर्नामेंट के दौरान प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस साथ में रखना वर्जित रहेगा। टूर्नामेंट के पहले दिन पंजीकृत प्रतिभागियों को 11 अक्टूबर को प्रातः 9:30 बजे तक कम्युनिटी हॉल में उपस्थिति देनी होगी।

जिला प्रशासन के द्वारा सर्वप्रथम पंजीयन करने वाले 50 पुरुषो और 30 महिलाओं को डॉरमेट्री आधारित निःशुल्क आवास उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों को रियायती दरों पर लॉज, होटल तथा टूर्नामेंट स्थल पर रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
 
ओपन टूर्नामेंट आयोजित हो रहा है। इसलिए इसमें सभी आयु वर्ग के प्रतिभागी सम्मिलित हो सकते हैं। पुरस्कार के रूप में विभिन्न श्रेणियां में कुल दो लाख इक्यावन हजार रुपए की नकद राशि और ट्रॉफी 38 विजेता प्रतिभागियों को प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।

आयोजन समिति के जॉइंट सेक्रेटरी विनोद गुप्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिले के निवासी टूर्नामेंट के लिए पंजीयन कर सकते हैं। जशपुर जिले के स्थाई निवासियों के लिए पंजीयन शुल्क ₹100 और अन्य जिलों के लिए निवासियों के लिए ₹500 रखा गया है। पंजीयन के लिए ऑनलाइन फॉर्म गूगल लिंक के माध्यम से जारी किया जाएगा । पंजीयन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर शाम 5:00 बजे तक होगी ‌। 6 अक्टूबर के बाद पंजीयन करने वाले प्रतिभागियों को 250 रुपए अतिरिक्त शुल्क देने पड़ेंगे। 9 अक्टूबर के बाद पंजीयन पुरी तरह बंद हो जाएगा। 

पंजीयन के लिए समिति के सदस्य अवनीश पांडेय 7828697878 और प्रदीप चौरसिया 7587460009 से संपर्क किया जा सकता है।

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मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा बैठक में हुए शामिल.....ओलंपिक प्रतिभागियों को मिलेगा 21 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि

रायपुर 26 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान बैठक में वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट का अनुमोदन, वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट प्रस्तुतिकरण एवं अनुमोदन, वर्ष 2025-26 हेतु ऑडिटर की नियुक्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण एजेंडा पर चर्चा की गई।

छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ से ओलंपिक में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को 21 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। इन प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और निखारने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। हमने पूर्व में बंद हुए खेल अलंकरण समारोह को पुनः प्रारंभ किया है और जल्द ही उत्कृष्ट खिलाड़ी सम्मान समारोह भी प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया के नए परिसरों की शुरुआत की गई है। कुछ महीने पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया का भी छत्तीसगढ़ आगमन हुआ था, जहां हमने उनसे खेल अधोसंरचना के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की। विशेषकर ओलंपिक खेलों को लेकर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु हमने विशेष तैयारी की है। ओलंपिक खेलों में प्रदेश के स्वर्ण पदक विजेताओं को तीन करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को दो करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं को एक करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया गया है। स्वाभाविक रूप से इससे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि खेलों का बजट बढ़ाया जाए और कॉरपोरेट क्षेत्र की सहभागिता को भी प्रेरित किया जाए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2036 में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ओलंपिक खेलों के लिए भारत की मेजबानी का प्रस्ताव रखा है और अहमदाबाद शहर को इसके लिए प्रस्तावित किया गया है। स्वाभाविक रूप से केंद्र सरकार का पूरा ध्यान देश में खेलों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर है, ताकि एक दशक के भीतर हम खेलों के क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में उभर सकें। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी हमें राष्ट्रीय स्तर के खेलों के आयोजन हेतु सामूहिक प्रयास करने होंगे।

कैबिनेट मंत्री एवं संघ के उपाध्यक्ष श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर ओलंपिक जैसी खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई है, जिससे सुदूर वनांचल की खेल प्रतिभाओं को एक सुनहरा मंच मिला है।

इस अवसर पर सचिवीय प्रतिवेदन का वाचन महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया ने किया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष श्री हिमांशु द्विवेदी, श्री गजराज पगारिया एवं कोषाध्यक्ष श्री संजय मिश्रा सहित खेल संघ से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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जीएसटी बचत उत्सव के बीच मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर शोरूम पहुंचकर किसानों से किया आत्मीय संवाद...ट्रैक्टर  खरीदी में किसानों को मिली बड़ी राहत – सीएम श्री साय

रायपुर, 26 सितंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जीएसटी बचत उत्सव के बीच औचक निरीक्षण पर देवपुरी स्थित ट्रैक्टर शोरूम पहुंचे। श्री साय ने यहां किसानों से आत्मीय संवाद कर जीएसटी कटौती पर उनकी प्रतिक्रिया और खरीदी में हुई बचत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने शोरूम में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर खरीदने आए किसानों को चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अभनपुर के बिरोदा निवासी श्री रवि कुमार साहू को उनके नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए श्री रवि साहू ने कहा, "मैने सपने में भी नहीं सोच था कि मैं नया हार्वेस्टर खरीदूंगा। मैं सेकेंड हैंड हार्वेस्टर खरीदने के बारे में सोच रहा था। जीएसटी उत्सव में नए हार्वेस्टर खरीद पर मुझे पूरे 2 लाख रुपए की बचत हुई है। किसानों की चिंता का समाधान हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री मोदी जी और किसानहितैषी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ही कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी ने स्वयं मुझे मेरे नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी और मुझसे बेहद आत्मीयता से संवाद किया। मैंने उन्हें बताया कि मेरे पास दो एकड़ खेत है और अब हार्वेस्टर आने से मैं गांव में साझेदारी से और अधिक खेती कर पाऊंगा।” श्री रवि ने जीएसटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अभनपुर कोलर से आए वरिष्ठ किसान श्री ज्ञानिक राम साहू को उनके नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए श्री साहू ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद नए ट्रैक्टर की खरीदी पर उन्हें पूरे 60 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इस बचत से उनका परिवार त्योहार को और अच्छे से मना सकेगा।

ट्रैक्टर शो रूम के प्रोप्राइटर श्री अशोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से संवाद में बताया कि जीएसटी में कटौती के कारण बिक्री में इज़ाफ़ा हो रहा है और ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा, “पहले जो ट्रैक्टर 10.25 लाख रुपए का आता था, वह अब 9.75 लाख रुपए में उपलब्ध है, जिससे किसानों को 50 हजार रुपए की बचत हो रही है। इसी तरह 7.62 लाख का ट्रैक्टर अब 7.21 लाख और 6.51 लाख का ट्रैक्टर अब 6.11 लाख रुपए में मिल रहा है। कीमतों में कटौती और फेस्टिवल डिस्काउंट से किसानों की बड़ी बचत हो रही है। जीएसटी दर घटने के बाद हार्वेस्टर भी सस्ते हो गए हैं।”

*जीएसटी कटौती से बाइक खरीदी में 7 हजार की बचत*

इसके बाद मुख्यमंत्री श्री साय देवपुरी के बजाज बाइक शोरूम पहुंचे और यहां मौजूद ग्राहकों से जीएसटी कटौती पर आत्मीय चर्चा की। उन्होंने बाइक खरीदने आए संतोषी नगर निवासी श्री एम.डी. गुलाब को उनकी नई बाइक की चाबी सौंपी।  श्री गुलाब ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद बाइक खरीदने पर उन्हें 7 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा, “मैंने बजाज प्लेटिना 110 सीसी बाइक खरीदी है, जिसकी पहले कीमत 89,000 रुपए थी, जो अब मुझे 82,000 रुपए में मिली।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने आम जनता, किसानों और उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दी है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों की कीमतों में आई कमी से किसानों को सीधा लाभ हो रहा है, जिससे उनकी खेती-किसानी और जीवनयापन और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि इस जीएसटी बचत उत्सव से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है और त्यौहारी सीजन में परिवारों की खुशियाँ बढ़ी हैं।  यह सुधार न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उत्साह और समृद्धि का नया वातावरण भी बना रहा है।

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात

रायपुर, 26 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री  निवास कार्यालय में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर रायपुर की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 10 से 13 अक्टूबर तक माउण्ट आबू में आयोजित होने वाले वैश्विक शिखर महासम्मेलन में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधि मण्डल को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा शांति, आध्यात्मिकता और मानवता के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्य अनुकरणीय हैं।

भेंट के दौरान सविता दीदी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आगामी रायपुर प्रवास के दौरान नवा रायपुर, सेक्टर-20 स्थित शान्ति शिखर के नये भवन "एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड- शान्ति शिखर" के लोकार्पण कार्यक्रम की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी।

प्रतिनिधि मण्डल में ब्रह्माकुमारी सविता दीदी के साथ बीके रश्मि दीदी, बीके महेश डोडवानी और बीके हीरेन्द्र नायक भी उपस्थित रहे।

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