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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया “मेक-इन-सिलिकॉन” पोस्टर और वेबसाइट का शुभारंभ

रायपुर, 26 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में “मेक-इन-सिलिकॉन: राष्ट्रीय सिंपोजियम ऑन एनेबलिंग इंडिजिनस सेमीकंडक्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर” के पोस्टर और आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया। यह संगोष्ठी भारत में सेमीकंडक्टर मिशन को नई दिशा देने और देश में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की पहल है। 

ट्रिपल आईटी-नया रायपुर के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश व्यास  ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी 7–8 नवम्बर 2025 को ट्रिपल आईटी-नया रायपुर में आयोजित होगी। इसमें देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और नीति-निर्माता शामिल होंगे। संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की घरेलू सेमीकंडक्टर व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए ठोस रणनीति बनाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों को मिलकर नवाचार करना होगा और नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी। उनके अनुसार, स्वदेशी सेमीकंडक्टर अधोसंरचना ही भारत की डिजिटल और आर्थिक मजबूती की नींव है। यह आयोजन भारत सरकार के “सेमीकंडक्टर इंडिया मिशन” और छत्तीसगढ़ सरकार की तकनीकी आत्मनिर्भरता की सोच के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे।

इस अवसर पर संयोजक डॉ. मनोज मजूमदार, डॉ. दीपिका गुप्ता और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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जन-संवाद और जनभागीदारी आधारित सुशासन नीति का प्रतिफल है यह सफलता – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 25 सितम्बर 2025/ जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर इतिहास रचा है। जल संचय जनभागीदारी 1.0 (JSJB) के परिणामों में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि जल प्रबंधन और जनभागीदारी के संगम का जीवंत उदाहरण है। प्रदेश में अब तक 4,05,563 कार्य पूर्ण कर जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन में बदल दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस सफलता पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल-संपदा की नींव है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में यह उस  सामूहिक चेतना का प्रमाण है, जिसने छत्तीसगढ़ को देश के लिए एक प्रेरणा बना दिया है।

प्रदेश के शहरी निकायों में भी छत्तीसगढ़ ने अपनी श्रेष्ठता स्थापित की है। रायपुर नगर निगम ने पूरे देश में शीर्ष स्थान प्राप्त करते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है। यहाँ 33,082 कार्यों के माध्यम से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा दिया गया, बल्कि इसे जन-सहभागिता आधारित शहरी विकास का मॉडल बना दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को रायपुर के नागरिकों और निगम प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

जिला स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। कैटेगरी-1 में बालोद को प्रथम स्थान,  राजनांदगांव को द्वितीय स्थान और रायपुर को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। इन तीन जिलों को पुरस्कार स्वरूप ₹2-2 करोड़ की राशि प्राप्त होगी।  वहीं केटेगरी 2 में महासमुंद, बलौदा बाजार और गरियाबंद को ₹1-1 करोड़ से सम्मानित किया जाएगा। कैटेगरी 3 में बिलासपुर, रायगढ़, बलरामपुर, धमतरी, सुरजपुर और दुर्ग को उनकी उत्कृष्ट भागीदारी के लिए ₹25-25 लाख के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।  यह दर्शाता है कि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को प्राथमिकता के साथ अपनाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि हर किसान, हर महिला, हर नौजवान और हर जनप्रतिनिधि का है, जिन्होंने पानी की हर बूंद को बचाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही जनकल्याण संभव है और छत्तीसगढ़ ने इसे सिद्ध कर दिखाया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि राज्य की ‘जन-संवाद एवं जनभागीदारी आधारित सुशासन नीति’ का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और दीर्घकालिक विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया।

रायपुर नगर निगम को मिले राष्ट्रीय सम्मान पर मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निगम प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में सामुदायिक सहयोग से जल संचय की यह मिसाल पूरे देश के लिए अनुकरणीय है और अन्य नगर निगम भी इससे सीख सकते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि जल संरक्षण के इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि बूंद-बूंद का संरक्षण ही भविष्य की जल-सुरक्षा की गारंटी है।

छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि जब सरकार और जनता मिलकर कार्य करें तो असंभव भी संभव हो जाता है। JSJB 1.0 की सफलता ने न केवल प्रदेश को सम्मान दिलाया है, बल्कि इसे जल प्रबंधन का राष्ट्रीय मॉडल भी बना दिया है।

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ऑपरेशन अंकुश: म्यूल अकाउंट व साइबर ठगी के मामले में फरार आरोपी गौस खान उर्फ बाबा खान आया पुलिस की गिरफ्त में ,गिरफ्तार कर, भेजा जेल

 जशपुर 25 सितम्बर 2025 : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर, जशपुर पुलिस ,साइबर ठगी पर रोक लगाने हेतु,म्यूल अकाउंट ( साइबर ठगी हेतु किराए पर बैंक खाता देना)  को चिन्हित कर उनके खिलाफ लगातार कार्यवाही कर रही है। इसके पूर्व भी जशपुर पुलिस के द्वारा, दुलदुला , कुनकुरी व जशपुर क्षेत्रांतर्गत म्यूल खाताधारकों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए, आरोपियों को जेल भेजा गया है,इसी क्रम में जशपुर पुलिस के साइबर सेल के द्वारा आईडीएफसी बैंक के पत्थलगांव शाखा में एक म्यूल अकाउंट क्रमांक 10170772636 को  जिससे कि देश के विभिन्न लोगों से अवैध रूप से ठगी की रकम की ट्रांजेक्शन की गई थी, को चिन्हित कर,पत्थलगांव पुलिस को जांच विवेचना व कार्यवाही हेतु भेजा गया था। जिस पर पुलिस के द्वारा मामले में बी एन एस की धारा 317(2)(4),318(4),61(2)(a) के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए जांच विवेचना में लिया गया था।
      जांच के दौरान पुलिस ने जब उक्त संदेही म्यूल अकाउंट के खाताधारक के संबंध में, बैंक से जानकारी ली तो पता चला कि, उक्त खाता, ग्राम कापू, जिला रायगढ़ निवासी एक व्यवसायिक महिला यशोदा कुर्रे का है, जो कि कापू में ही, कुर्रे कंप्यूटर्स के नाम से फोटो कॉपी, व स्टेशनरी दुकान चलाती है,। पुलिस के द्वारा जब उक्त व्यावसायिक महिला से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि, वह उसका आईडीएफसी बैंक पत्थलगांव में चालू खाता क्रमांक 10170772636 है, जिसमें वह व्यावसायिक लेन देन करती है। दिसम्बर 2024 में, रामपुर कोरबा निवासी, फिरोज खान, जो कि अपने आप को मानवाधिकार कार्यकर्ता बताता था, उसके दुकान में आने जाने से, उसका जान पहचान हो गया था, इसी दौरान एक दिन आरोपी फिरोज खान के द्वारा, व्यवसायी महिला यशोदा कुर्रे को बोला गया कि, मेरे खाते में अत्यधिक ट्रांजेक्शन हो जाने से, उसका खाता होल्ड हो गया है, उसके विभाग से पैसा आने वाला है, जो कि खाता होल्ड होने के कारण नहीं आ पा रहा है, पैसा मंगवाने के लिए खाते की आवश्यकता है , कहकर यशोदा कुर्रे को झांसे में लेते हुए, उसका खाता नंबर व खाते से लिंक मोबाइल सिम को ले लिया गया, और मोबाइल सिम को वापस मांगने पर सिम गुम हो जाना बताया, तब यशोदा कुर्रे के द्वारा, नया मोबाइल सिम लेकर  पुनः पुराने मोबाइल नंबर को चालू कराया गया, व आई डी एफ सी बैंक पत्थलगांव जाकर अपने खाते की जांच कराने पर पता चला कि आरोपी फिरोज खान के  द्वारा उसके खाते व मोबाइल नंबर का दुरपयोग करते हुए ,  अवैध रूप से ठगी के  लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन   किया गया है। पुलिस के द्वारा मामले में कार्यवाही करते हुए पूर्व में ही आरोपी फिरोज खान को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
   जांच के दौरान पुलिस के द्वारा मामले में  अन्य व्यक्तियों की भी संलिप्तता पाई गई थी, पूर्व में गिरफ्तार आरोपी फिरोज खान की निशानदेही पर पुलिस ने  मामले में एक अन्यआरोपी गौस खान उर्फ बाबा खान  को भी  चिन्हित कर लिया था।  जो कि फरार था, पुलिस के द्वारा  लगातार पता साजी की जा रही थी।
    इसी दौरान पुलिस को टेक्निकल टीम व मुखबिर से पता चला कि  मामले का फरार आरोपी गौस उर्फ बाबा खान, शक्ति में अपने गृह ग्राम में आया हुआ है , जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर तत्काल पुलिस टीम के द्वारा शक्ति से, आरोपी गौस उर्फ बाबा खान को हिरासत में  लेकर वापस लाया गया।
    पुलिस की पूछताछ पर आरोपी गौस उर्फ बाबा खान  ने बताया कि वह 2024 में बिलासपुर के एक पैथोलॉजी लैब में, लैब टेक्निशन का काम करता था, इसी दौरान उसका परिचय एक जितेन्द्र पांडे नाम के व्यक्ति से हुआ, जिसने बताया कि वह रायपुर में एक व्यक्ति को जानता है, जिसके द्वारा अवैध रूप से रुपए का ट्रांजेक्शन कराया जाता है, जिसके लिए एक बैंक खाता व खाता से लिंक मोबाइल नंबर की आवश्यकता है, उसे यदि बैंक खाता व मोबाइल से लिंक मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने पर उसके द्वारा जो भी ट्रांजैक्शन कराया जायेगा, उसमें हर ट्रांजेक्शन पर एक नियत राशि हिस्सा के रूप में मिलेगी, जिस पर आरोपी गौस उर्फ बाबा खान के द्वारा, पूर्व में गिरफ्तार अपने साथी आरोपी फिरोज खान के साथ मिलकर, कापू जिला रायगढ़ निवासी व्यवसाई महिला को झांसे में लेकर उसका बैंक खाता व खाता से लिंक मोबाइल नंबर को उनके द्वारा ले लिया गया था, व उक्त खाते से अवैध रूप से ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन किया जाता था। उक्त खाते से जो अवैध ट्रांजेक्शन हुए थे, उसके एवज में उसे 50000रु मिले थे, जिसे कि उसके द्वारा खर्च कर दिया गया है। पुलिस के द्वारा आरोपी गौस उर्फ बाबा खान के कब्जे से एक मोबाइल फोन , सिम व पेन कार्ड को जप्त कर लिया गया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है, शीघ्र ही मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर लिया जायेगा।
      पूछताछ पर आरोपी गौस उर्फ बाबा खान के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर, उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
    मामले की कार्यवाही व फरार आरोपी की पता साजी कर , गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पांडे,  आरक्षक कमलेश्वर वर्मा व राजेंद्र रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
      मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि साइबर अपराधियों पर जशपुर पुलिस कार्यवाही कर रही है, म्यूल अकाउंट व साइबर ठगी के एक आरोपी को शक्ति जिला से पकड़कर, गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, उक्त मामले संलिप्त में   एक आरोपी को पुलिस , पूर्व में गिरफ्तार कर   जेल भेज चुकी है,जशपुर पुलिस  म्यूल अकाउंटों पर सतत् नजर बनाई हुई है, ऐसे अपराध में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा

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कुनकुरी मंगल भवन में भाजपा का आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान, हुआ संगोष्ठी का संयुक्त आयोजन......आत्मनिर्भर भारत का मूल मंत्र है – “लोकल को ग्लोबल बनाना”  : नेहरू निषाद

 जशपुर/नारायणपुर :25 सितम्बर 2025 :  मंगल भवन कुनकुरी में भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर की ओर से आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान, नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म पर जिला स्तरीय कार्यशाला तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर संगोष्ठी का संयुक्त आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए *जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने प्रस्तावना रखते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य एवं विषय-वस्तु पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। हमें अपने-अपने क्षेत्र में उत्पादन, सेवा और रोजगार के अवसर बढ़ाकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देना चाहिए।


*पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद* ने आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान पर विस्तृत उद्बोधन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मूल मंत्र है – “लोकल को ग्लोबल बनाना”। हमें अपने पारंपरिक व्यवसायों, लघु उद्योगों और कृषि आधारित उद्यमों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर वैश्विक स्तर तक पहुंचाना होगा। आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक मजबूती नहीं बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण भी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, किसानों को तकनीक से जोड़ना, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना इस अभियान के अहम हिस्से हैं।


*जशपुर विधायक रायमुनी भगत** ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों पर विस्तृत उद्बोधन देते हुए कहा कि उपाध्याय जी का ‘एकात्म मानववाद’ आज भी राष्ट्र निर्माण का आधार है। उनका मानना था कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। रायमुनी भगत ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी का दर्शन हमें यह सीख देता है कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज सेवा है। आज देश जिस प्रकार आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है, यह पं. दीनदयाल के ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत को ही साकार कर रहा है।

सरगुजा संभाग प्रभारी एवं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय  ने नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म पर अपने उद्बोधन को विस्तार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का दृष्टिकोण हमेशा दूरदर्शी रहा है। किसी भी बड़े आर्थिक सुधार को लागू करने से पहले वर्षों तक उसका गहन अध्ययन और अभ्यास किया जाता है, ताकि उसका लाभ दीर्घकालिक रूप से देश को मिले। उन्होंने कहा “जैसे नोटबंदी से देश में आतंकवाद और नकली नोटों की कमर टूटी, काले धन पर प्रहार हुआ और डिजिटलीकरण को बल मिला, उसी तरह GST लागू करने से पहले केंद्र सरकार ने वर्षों तक इसके हर पहलू पर गहन मंथन किया। अब सरकार अगली पीढ़ी यानी नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो न केवल व्यापारियों के लिए सरल और पारदर्शी होगा बल्कि आम उपभोक्ता को भी राहत देगा।”

उन्होंने कहा कि GST के पिछले कुछ वर्षों में मिले अनुभव के आधार पर अब सरकार कर ढाँचे को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। करदाताओं के लिए फेसलेस स्क्रूटनी, रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग, और फ्रॉड डिटेक्शन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अगले चरण का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इससे न केवल सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि ईमानदार करदाताओं को त्वरित सेवाएं मिलेंगी।

राजा पांडेय ने आगे कहा कि इन सुधारों से व्यापारियों को अनावश्यक कागजी कार्यवाही से मुक्ति मिलेगी और देश की आर्थिक व्यवस्था और अधिक प्रतिस्पर्धी एवं निवेशक अनुकूल बनेगी*। उन्होंने विश्वास जताया कि नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म आने वाले समय में भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व विधायक रोहित साय, जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, आनंद शर्मा, कपिल देव साय, नटवर मूंदड़ा, संतोष सहाय, संतोष सिंह, श्रीनायक मिश्रा, राजकपूर भगत, सुनीति भोई, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नपा अध्यक्ष अरविंद भगत, नपा उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, शंकर गुप्ता, विजय आदित्य सिंह जूदेव, गेंदबिहारी सिंह, शरद चौरसिया, शांति भगत, कमला निराला, पिंकी गुप्ता, उमा देवी, केशव यादव, गोविंद भगत, कृपा भगत, राजकुमार गुप्ता, मुकेश सोनी, हरीश आरिक, सुनील अग्रवाल, अमन शर्मा, विक्रांत सिंह, देवधन नायक, असलम आज़ाद, मुनेश्वर सिंह केसर, विवेकानंद झा, गणेश जैन, गणेश गुप्ता, गंगा राम भगत, धर्मपाल अग्रवाल, तुलाधर यादव, संजीव ओझा, राजकिशोर जायसवाल, सुनील राय, विनोद निकुंज, अमित मिश्रा सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कार्यक्रम का समापन आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए किया गया।

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सीएम श्री साय से राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात...प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की है अहम भूमिका – मुख्यमंत्री

रायपुर, 25 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आपको प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे, जहाँ वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आपका सौभाग्य है कि आपको राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर सभी को नहीं मिलता। पूरे मनोयोग से इस अवसर का लाभ उठाते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का काम जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर ही रहती है। छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज और वन संपदा है, मिट्टी उर्वरा है और पावर सेक्टर बहुत मजबूत है। राज्य के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी रुकावट था, जो अब अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा। हमारे बहादुर जवान डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद छत्तीसगढ़ और तेजी से विकसित होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी भी और अधिक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज को आगे लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में  ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। अब तक हमें साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने में आप सभी की भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की एक छोटी-सी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक श्री प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता - राइट एट्रियम या बैकमैन बंडल में लीड लगाने का पहला मामला.....जटिल हृदय उपचारों में छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 25 सितम्बर 2025/ प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की उत्कृष्टता का प्रतीक, प्रदेश का सबसे पुराना और सबसे बड़ा पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय तथा इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉक्टरों की टीम ने जटिल उपचारों में लगातार ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिन पर हर किसी को गर्व हो सकता है। ताज़ा उदाहरण एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में हुआ, जहाँ 68 वर्षीय महिला मरीज पर देश का छठा और किसी भी सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग सफलतापूर्वक किया गया।

डॉक्टरों के अनुसार यह जटिल प्रक्रिया अब तक एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे शीर्ष संस्थानों में भी नहीं की गई थी। बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का अर्थ है – हृदय की धड़कन को पूरी तरह प्राकृतिक कंडक्शन सिस्टम (conduction system) के जरिए नियंत्रित करना, ताकि मरीज को लंबे समय तक स्थिर और सुरक्षित हृदय गति मिल सके।

यहां ध्यान देने योग्य है कि अब तक एसीआई और अन्य सरकारी कार्डियक संस्थानों में लेफ्ट बंडल या हिज़ बंडल में लीड लगाने के कई केस हो चुके हैं, लेकिन राइट एट्रियम यानी बैकमैन बंडल में लीड लगाने का यह पहला मामला है। इससे हृदय के दोनों चैम्बर्स की धड़कनें प्राकृतिक विद्युत मार्ग (conduction system) से संचालित होती रहती हैं।

एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी यह मरीज सिक साइनस सिंड्रोम नामक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थी। इस रोग में हृदय को धड़कन देने वाली कोशिकाएँ (पेसमेकर कोशिकाएँ) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और धड़कन अनियमित हो जाती है। सामान्यतः ऐसे मामलों में वेंट्रिकुलर या लेफ्ट बंडल पेसिंग की जाती है, लेकिन इस मरीज का हृदय कमजोर था और एट्रियल रिद्म भी अनियमित थी। केवल वेंट्रिकुलर पेसिंग करने से हार्ट फेल्योर और तेज धड़कन का खतरा था।

इसी कारण एसीआई की टीम ने बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में हृदय की प्राकृतिक विद्युत संरचना के एट्रियम भाग में पेसमेकर की लीड लगाई गईं। यह तकनीक हृदय को उसके स्वाभाविक ढंग से धड़कने में मदद करती है और हार्ट फेल्योर का जोखिम बेहद कम कर देती है।

*इस तरह संपन्न हुई प्रक्रिया*

सबसे पहले लेफ्ट बंडल की स्थिति का इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग किया गया। फिर ठीक उसी तरह राइट एट्रियम के बैकमैन बंडल की मैपिंग कर लीड इंप्लांट की गई। इस तरह पूरा पेसिंग सिस्टम प्राकृतिक ढंग से काम करने लगा।

उपचार करने वाली टीम में कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. अनुराग कुजूर और डॉ. वेद प्रकाश शामिल थे। यह उपचार मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत किया गया, जिसमें योजना का लाभ दिलाने में मेडिको सोशल वर्कर खोगेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट द्वारा किया गया यह सफल उपचार छत्तीसगढ़ की चिकित्सा सेवाओं के उच्च स्तर और निरंतर प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वस्तरीय जटिल प्रक्रियाओं को भी सफलतापूर्वक अंजाम दे रहा है। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की टीम को साधुवाद देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल मरीजों के जीवन को नई आशा देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी संस्थान चिकित्सा विज्ञान में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट, रायपुर द्वारा किया गया यह जटिल उपचार प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती और चिकित्सकों की उत्कृष्ट क्षमता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के मरीजों को अत्याधुनिक कार्डियक प्रक्रियाओं के लिए महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सक दल को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर और अधिक प्रतिष्ठित करेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के सर्वाधिक मामलों के उपचार में एसीआई देशभर में पाँचवें स्थान पर रहा है।

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छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू राम निषाद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित

जशपुरनगर, 25 सितंबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद की अध्यक्षता में आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान श्री निषाद ने अधिकारियों से जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण हेतु संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और इसके शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
     अध्यक्ष श्री निषाद ने कहा कि शासकीय योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देशित किया कि जागरूकता के अभाव में वंचित रह रहे पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। तकनीकी कारणों या त्रुटिवश लाभ प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रभावी प्रयास करने पर भी उन्होंने जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का जाति प्रमाणपत्र किसी कारणवश लंबित है, उनकी समस्या के निराकरण के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
      बैठक में उन्होंने कहा कि सभी वर्गों की अपनी-अपनी समस्याएं हैं, जिन्हें संज्ञान में लेकर गंभीरता से समाधान किया जाना चाहिए। इस दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, सहायक अनुसंधान अधिकारी श्रीमती अनिता डेकाटे, सचिव श्री संकल्प साहू, निज सचिव श्री एल. के. मिश्रा, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्री संजय सिंह मौजूद थे। 
      महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष श्री निषाद ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ दिलाएं, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसके कोई वंचित न हो। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने और इसके लाभों के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने को कहा। मत्स्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन रोजगार का एक बड़ा साधन है, जिससे आमजन की आजीविका मजबूत होने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलती है। उन्होंने अधिकारियों से मत्स्य सहकारी समितियों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और सामूहिक उत्पादन व विपणन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
     कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के लिए संचालित सभी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक अवश्य पहुँचे। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें योजनाओं एवं कार्यक्रमों के महत्व की जानकारी दें, ताकि कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रह सके। श्रम विभाग की समीक्षा में उन्होंने श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी ली और कहा कि इनका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसा करने से जिले में पलायन की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। शिक्षा विभाग की समीक्षा में अध्यक्ष श्री निषाद ने पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को सभी योजनाओं से लाभान्वित करने पर बल दिया। उन्होंने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण की प्रगति की जानकारी ली और इसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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मयाली नेचर कैंप एवं ईब नदी पर बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों के मॉक ड्रिल का हुआ आयोजन

जशपुर, 25 सितम्बर 2025/ भारत शासन गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जशपुर के संयुक्त तत्वाधान में मयाली नेचर कैम्प एवं ईब नदी पर हस्तिनापुर पुल में बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों के अभ्यास हेतु एकदिवसीय राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक आभाषी आपदा का संभावित परिदृश्य बनाकर बाढ़, जलभराव आदि के समय प्रभावित लोगों के बचाव के मानक संचालन प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। 
          कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में इस राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल में विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर सेना, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग डीडीआरएफ के द्वारा संयुक्त रूप से बचाव प्रक्रिया का अभ्यास एवं प्रदर्शन किया गया। जिसमें बाढ़ के समय जल स्त्रोतों में फसें लोगों, पेड़ पर फंसे लोगों, सड़क में जल भराव, डूबते व्यक्ति के बचाव जैसी परिस्थितियां बनाकर उसमें 09 लोगों के बचाव का कार्य किया गया।
           इसमें बाढ़ के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां, सर्पदंश पर उपचार, विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए उपचार सावधानियां, सीपीआर, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, बाढ़ के उपरांत मौसमी बीमारियों से रक्षा, राहत बचाव कैम्प का संचालन, पीड़ितों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था, सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियों से बचने हेतु सही जानकारियों के प्रेषण, लोगों को बाढ़ से सावधान करने, आपातकालीन चिकित्सा केंद्र स्थापना आदि का पूर्वाभ्यास किया गया। इसमें 05 लोगों को बाढ़ के दौरान बाढ़ के पानी से बने टापू में फंसे लोगों को बचाया गया, जिसमें गर्भवती स्त्री, सर्पदंश पीड़ित व्यक्ति, वृद्ध आदि के बचाव की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। 02 व्यक्तियों को बाढ़ के दौरान पानी में डूबने पर बचाव का भी प्रदर्शन किया गया। 
           इस अवसर पर बाढ़ पीड़ितों के लिए ग्रीन कॉरिडोर निर्माण, राहत शिविर में व्यवस्था आदि का भी प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, एनएसएस के कैडेट भी शामिल हुए उन्हें आपातकालीन प्रक्रिया के प्रदर्शन के साथ आपातकालीन बचाव प्रक्रिया में प्रयुक्त उपकरणों की भी जानकारी दी गयी। इसके साथ ही स्थानीय वस्तुओं से जुगाड़ द्वारा बाढ़ से बचाव के उपकरण बनाने के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें मानक संचालन प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इस ड्रिल में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम नंदजी पांडेय, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जीएस जात्रा, जिला सेनानी विपिन किशोर लकड़ा, तहसीलदार प्रमोद कुमार पटेल, सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

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सीएम कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से ग्राम शब्दमुंडा में लौटी रोशनी

 जशपुरनगर, 25 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनसमस्याओं के निराकरण हेतु स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया, अपनी त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता के वजह से लोगों के विश्वास और उम्मीदों का केंद्र बन चुका है।

    विकासखंड कांसाबेल के ग्राम शब्दमुंडा के प्रधानटोली सहित अन्य पारा मोहल्ला के ग्रामीणों ने  बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या सीएम कैंप कार्यालय बगिया के समक्ष रखी। कैंप कार्यालय ने तत्काल विद्युत बहाल करने के लिए विभाग को निर्देशित किया। विभाग के द्वारा त्वरित कार्यवाही कर ग्राम में ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति पुनः बहाल कर दी गई। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

जनआकांक्षाओं को पूरा कर रहा है सीएम कैंप कार्यालय

सीएम कैंप कार्यालय बगिया में रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर  पहुंच रहे हैं। बिजली, सड़क, पेयजल या विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं यहां तुरंत सुनी जाती हैं और समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाते हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से तीव्र गति से बन रहा कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय भवन

 जशपुरनगर 25 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य को प्राथमिकता क्रम में हमेशा शीर्ष पर रखा है। उनके नेतृत्व में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे आने वाले समय में जशपुर जिले में न केवल आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेगी, बल्कि यहाँ स्वास्थ्य शिक्षा का भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टरेट के समीप एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से 35.53 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहे स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय का नवीन भवन तेज़ी से आकार ले रहा है। 

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल

छह मंजिला बनने वाला जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय 100 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। यहाँ 15 ओपीडी, आईसीयू, 4 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथेरेपी सेंटर, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, एमआरआई, डायलिसिस यूनिट, एक्स-रे, ईसीजी और इमरजेंसी वार्ड जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप का भी निर्माण किया जाएगा।

जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा विस्तार

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। हाल ही में कुनकुरी ब्लॉक अंतर्गत गिनाबहार में 8 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत के 50 बिस्तरीय मातृ-शिशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके अतिरिक्त जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का भी निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए आधा दर्जन नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति दी गई है और 11 अतिरिक्त एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दो सड़कों के निर्माण के लिए दी बड़ी सौगात, 4 करोड़ 53 की लागत से जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य, क्षेत्र वासियों ने जताया आभार.....


जशपुरनगर 24 सितम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले के सड़क विकास को नई दिशा देते हुए दो महत्वपूर्ण मार्गों के निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की है। ग्रामीण अंचल के लोगों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार जिले के कुंजारा बोराटोंगरी से ढोंगाअंबा पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 2 करोड़ 75 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।वहीं NH-43 मुख्य मार्ग से बोड़ाटोंगरी पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु 1 करोड़ 78 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों के आवागमन में बड़ी सुविधा होगी। अब तक इन इलाकों के लोगों को बरसात के दिनों में कीचड़ और धूल से जूझना पड़ता था, वहीं किसानों को भी अपनी उपज बाजार तक पहुँचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचना आसान होगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सौगात क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा करेगा और आने वाले समय में गांवों की तस्वीर बदलेगा।

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डबल इंजन सरकार का संकल्प – 2026 तक नक्सलवाद को करेंगे खत्म......छँट रहा है नक्सलवाद का अंधियारा - मुख्यमंत्री

रायपुर, 24 सितम्बर 2025 / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि  राज्य सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में चलाए जा रहे पूना मारगेम अभियान तथा दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हाल ही में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 30 नक्सलियों पर 50 हजार से 8 लाख रुपये तक का कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हमारी नीतियों की प्रभावशीलता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन की शुरुआत के लिए 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं। साथ ही उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और भरोसेमंद वातावरण के कारण अब तक 1770 से अधिक माओवादी मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। डबल इंजन की सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और आत्मसमर्पित साथियों को सम्मानजनक पुनर्वास एवं बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब बस्तर बदल रहा है और नक्सलवाद का अंधियारा छंट रहा है। यह परिवर्तन बस्तर के उज्ज्वल भविष्य और शांति की ओर बढ़ते कदमों का सशक्त संकेत है।

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एआई एकीकरण विषय पर प्रशिक्षण का शुभारंभ : प्रशासनिक कामकाज की गति बढ़ाने अधिकारियों-कर्मचारियों को आई.टी एवं ए.आई का प्रशिक्षण

रायपुर, 24 सितंबर 2025/  नवा रायपुर स्थित ट्रिपल-आईटी में आज डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसे राज्य सरकार की ओर से मंत्रालय में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को आई.टी एवं ए.आई के नवीनतम तकनीकों और अनुप्रयोगों में प्रशिक्षित करने, प्रशासनिक कामकाज की गति बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, विशिष्ट अतिथि सुशासन एवं अभिसरण विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं अध्यक्षता ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने की। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदार प्रशासन को मजबूत करने के लिए डिजिटल प्रोडक्टिविटी को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई। पहले दिन प्रतिभागियों को MS Word, Google Docs, Excel और Google Sheets के उन्नत फीचर्स के साथ AI के उपयोग और डेटा मॉडलिंग की ट्रेनिंग दी गई।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि कौशल उन्नयन सतत प्रक्रिया है, इससे व्यक्तित्व और कार्यसंस्कृति दोनों ही निखरते हैं, उन्होंने एआई-आधारित प्रशिक्षण को कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि में मील का पत्थर बताया और प्रतिभागियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने नागरिक केंद्रित शासन में तकनीक की अहम भूमिका पर अपने विचार रखते हुए सरकारी कार्यकुशलता बढ़ाने में एआई टूल्स की भूमिका पर जोर दिया। श्री भगत ने ई-ऑफिस प्रणाली  का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक का प्रभावी उपयोग शासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बना सकता है।

ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. ओपी व्यास ने कार्यशाला में अपना सम्बोधन देते हुए कहा कि एआई के स्मार्ट उपयोग के लिए हमें जागरूक और सतर्क रहना होगा। एआई के व्यवहारिक अनुप्रयोग से शुरुआत कर उसके बारे में निरंतर सीखने की आदत हमें एआई से और अधिक फ्रैंडली बनाएगी। हमें डेटा को सुरक्षित रखते हुए एआई का उपयोग करना होगा, जिसके लिए हमें एआई को संवेदनशील जानकारी देने से बचना होगा ताकि पब्लिक डोमेन में जाकर इनका दुरुपयोग न हो सके। 

वहीं, प्रो. के. जी. श्रीनिवास ने भरोसा दिलाया कि यह प्रशिक्षण उच्च गुणवत्ता वाला और परिणामोन्मुखी होगा। इस प्रशिक्षण के प्रथम चरण में सामान्य प्रशासन, गृह एवं अन्य विभागों के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए, जो कि 24 सितंबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।

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जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने "के मार्ट" पहुंचे मुख्यमंत्री.....ग्राहक बन कर घरेलू सामान की खरीद कर उठाया जीएसटी दरों में कटौती का लाभ.....

रायपुर, 24 सितम्बर 2025/ राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, इसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया पहुँचे हैं।

दरअसल, जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की और यूपीआई से भुगतान भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मार्ट में ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामान खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गद्गद हो उठे और बोले कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है।

इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—“यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुँचे।” इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—“यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा—“आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं।”

जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है

मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी श्री टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—“पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।”

स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो

राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी श्री लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—“पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे बताया—“पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।”

चार ज़रूरी सामान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान

मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—“मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।”

देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी

शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति श्री जितेंद्र और श्रीमती पद्मा देवांगन ने कहा—“हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।” गृहिणी श्रीमती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—“पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।”

बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका

श्रीमती सविता मौर्य और श्रीमती अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—“श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।”

उल्लेखनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

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जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई : सितार गुटखा घोटाले का भंडाफोड़.......कारोबारी गिरफ्तार

रायपुर, 24 सितम्बर 2025/ राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने गुटखा कारोबार में बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए सितार ब्रांड के गुटखा निर्माता गुरूमुख जुमनानी को गिरफ्तार कर लिया है। विभागीय जांच में सामने आया कि जुमनानी पिछले चार वर्षों से बिना जीएसटी पंजीयन के गुटखा निर्माण कर करोड़ों रुपये का कर अपवंचन कर रहा था।

जीएसटी विभाग द्वारा 25 और 27 जून 2025 को दुर्ग और राजनांदगांव में की गई जांच के दौरान यह मामला उजागर हुआ। जांच में पाया गया कि वर्ष 2021 से लगातार सितार गुटखा का उत्पादन अवैध रूप से किया जा रहा था। इसके बाद विभाग द्वारा जुमनानी को समन जारी किया गया, लेकिन वह दो माह तक उपस्थित नहीं हुआ।

जांच में पाया गया कि उन्होंने अप्रैल 2021 से सितम्बर 2022 तक राजनांदगांव के ग्राम मनकी और खैरागढ़ के ग्राम ठेलकाडीह में, जनवरी 2023 से जून 2023 तक रायपुर के मंदिर हसौद एवं भनपुरी में तथा जुलाई 2023 से जून 2025 तक दुर्ग के बाईरडीह, जोरातराई और गनियारी क्षेत्र में फैक्ट्रियां संचालित कीं। प्रशासनिक छापों से बचने के लिए कारोबारी हर महीने फैक्ट्री का स्थान बदल देते थे तथा माल को विभिन्न नामों से गोदामों में छिपाकर बाजार में बेचते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि जुमनानी ने अपने बेटे सागर जुमनानी के नाम से कोमल फूड नामक सुपारी गोदाम दुर्ग जिले में संचालित किया। यहां से सुपारी को गुटखे में बदलकर बेचा जाता था, जबकि कागजों में केवल सुपारी बिक्री दर्शायी जाती थी। उल्लेखनीय है कि सुपारी पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है, जबकि गुटखे पर 28 प्रतिशत तथा 204 प्रतिशत तक का सेस लगाया जाता है। इस हेराफेरी से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।

पूर्व में भी विभाग ने मार्च 2024 में दुर्ग और राजनांदगांव में छापेमारी कर 50 लाख रुपये टैक्स जमा कराया था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी लगभग 1.5 करोड़ रुपये की सुपारी जब्त की थी।

जांच से यह भी पता चला कि जुमनानी फैक्ट्री में मध्यप्रदेश के युवकों को बंधुआ मजदूर की तरह काम कराता था। मजदूरों से पूरी रात काम लिया जाता था और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। हर तीन माह में मजदूरों को बदल दिया जाता था। मजदूरों को रातभर काम करना होता था और उन्हें फैक्ट्री से बाहर निकलने की मनाही थी। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री का वास्तविक संचालन स्वयं गुरूमुख जुमनानी ही कर रहे थे।

राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने 23 सितम्बर 2025 को जुमनानी को जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का गुटखा तैयार कर विक्रय करता था। पिछले चार वर्षों से जारी इस अवैध कारोबार के आधार पर विभाग द्वारा अपवंचित कर की गणना की जा रही है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है तथा आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, अवैध कारोबार और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सरकार ने दोहराया कि जो भी कारोबारी या संस्था कानून तोड़कर अवैध ढंग से व्यापार करेगी, राजस्व की चोरी करेगी या आम नागरिकों की सेहत को खतरे में डालेगी, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में न केवल टैक्स वसूला जाएगा बल्कि दंडात्मक प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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उत्कृष्ट कार्य कर रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित.....व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य है सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य – सीएम श्री साय

रायपुर, 24 सितंबर 2025/ व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।

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प्रदेश में 'महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस' का भव्य कार्यक्रम,,,,,,हजारों महिलाओं ने जागरूकता गतिविधियों में लिया सक्रिय भाग

रायपुर, 23 सितंबर 2025 /
‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था।

राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:

6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच 
23,000 से अधिक  टीकाकरण 
बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी।

यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।

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छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल हुए मुख्यमंत्री......मोदी जी के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा – सीएम श्री साय

रायपुर, 24 सितंबर 2025/ छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

                 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे।

मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं।

निवेश प्रक्रिया की सरलता

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया।

नई तकनीक और एआई सेक्टर

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

पावर हब की ओर कदम

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।

कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।

सेवा क्षेत्र की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।

        कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थानों पर भी इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया है। प्रदेश में 5 से अधिक बार निवेशकों के साथ बैठक हुई है, इससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। हमने होटल एवं पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अच्छे से अच्छा काम हो सके हम यह प्रयास कर रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हेल्थकेयर और होटल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश के बड़े प्रस्ताव पेश किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11 बड़े अस्पताल समूहों ने कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए, जिनसे लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई ऊँचाइयाँ स्थापित होंगी। 

कार्यक्रम में मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने 300 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 680.37 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 500 रोजगार उपलब्ध होंगे। माँ पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर 750 बेड क्षमता वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 340 करोड़ निवेश और 1,500 रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी रायपुर द्वारा इंटरनल वेलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 300 करोड़ के निवेश और 1,000 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर 600 बेड क्षमता और 302 करोड़ के निवेश से 1,400 रोजगार सृजित करेगा। गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल रायपुर में 500 बेड का 307 करोड़ का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रस्तावित है, जिसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर (वंदना ग्रुप) द्वारा 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 205.23 करोड़ के निवेश और 302 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर 150 बेड क्षमता वाले संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 101 करोड़ निवेश और 400 रोजगार अवसर लेकर आया है। मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट रायपुर 150 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में 91.8 करोड़ के निवेश से 555 रोजगार उत्पन्न करेगा। श्रीराम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल बिलासपुर 100 बेड 70 करोड़ निवेश और 200 लोगों को रोजगार  के साथ प्रस्तावित है।
आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी 50 बेड अस्पताल के लिए 59.37 करोड़ का निवेश और 76 रोजगार अवसर लेकर आया है। वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस रायपुर 50 बेड की सुविधा 10 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित है।

होटल वेस्टिन रायपुर (सारदा ग्रुप नागपुर) ने 212.7 करोड़ का निवेश और 400 रोजगार का प्रस्ताव रखा है। पंचामृत एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर (अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल) 80.91 करोड़ निवेश से 300 रोजगार सृजित करेगा। चौहान हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट रायपुर 80 करोड़ निवेश के साथ प्रस्तावित है।
होटल जिंजर रायपुर (डीएसएस ग्रुप) 78 करोड़ निवेश और 135 रोजगार अवसर लेकर आया है।
एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स रायपुर 63 करोड़ निवेश से 110 रोजगार अवसर सृजित करेगा।
प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स धमतरी 41.82 करोड़ निवेश और 30 रोजगार अवसर लेकर आया है। इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट बालोद और होटल राजनांदगांव के लिए 25-25 करोड़ निवेश और कुल 175 रोजगार अवसर प्रस्तावित हैं। गोदरीवाला और एमएम ग्रुप रायपुर द्वारा प्रस्तावित अम्यूज़मेंट पार्क 24.9 करोड़ निवेश और 70 रोजगार अवसर प्रदान करेगा। बाफना लॉन एंड होटल धमतरी (सरोवर पोर्टिको ग्रुप) द्वारा 20.97 करोड़ निवेश और 22 रोजगार अवसर प्रस्तावित किया गया है।

इस प्रकार कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर 7 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध हैं। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी। मुझे विश्वास है कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर हम छत्तीसगढ़ में विकास का नया अध्याय लिखेंगे। 

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य, संचालक उद्योग श्री प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमेन श्री संजय जैन भी उपस्थित रहे।

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