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छत्तीसगढ़ विधानसभा का 25 साल का इंतजार खत्म : रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिला अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन,प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य को किया समर्पित

रायपुर. 1 नवम्बर 2025. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण के साथ ही विधानसभा के खुद के भवन का 25 साल का इंतजार खत्म हो गया। राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ को अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में नए विधानसभा परिसर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि यह हम सबके लिए बहुत गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सदैव लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहरा विश्वास रहा है। राज्य की समृद्धि और खुशहाली के फैसले अब इस भवन में होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां राज्य के हित से जुड़े विधेयकों व मुद्दों पर सार्थक चर्चा से जनता की आकांक्षाएं और अपेक्षाएं पूर्ण होंगी। यह नया भवन छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा तथा लोकतंत्र की भावनाओं को और मजबूत करेगी एवं इनका गौरव बढ़ाएंगी। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लिए स्वर्णिम है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पिछले 25 वर्षों में गौरवशाली इतिहास रहा है। राज्य सरकार पिछले 21-22 महीनों से मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अटलजी ने बनाया है और मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। आज यह भवन, भूमि और मंच अभूतपूर्व समय का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। आज के दिन ही 25 वर्ष पहले स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने राज्य का निर्माण किया था और आज ही यह अपने निर्माण से विधान तक का सफर पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि नया विधानसभा भवन 80 प्रतिशत स्वदेशी मटेरियल से बना है। सदन में बस्तर के सागौन से निर्मित फर्नीचर और दरवाजे हैं, सीलिंग में धान की बालियों की कलाकारी है। छत्तीसगढ़ को यहां समाहित किया गया है। राज्यपाल श्री रमेन डेका, केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी विधानसभा भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए।   

खूबसूरत इमारत ही नहीं, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक

छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज 1 नवम्बर के दिन एक नया अध्याय जुड़ा। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिल गया है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।

कृषि-प्रधान संस्कृति और बस्तर के काष्ठ शिल्प की झलक

‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन

नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।

324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर

कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।

हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन

यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।

500 सीटर ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।

तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

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नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के लिए, आज का दिन एक स्वर्णिम शुरुआत

रायपुर 1 नवम्बर 2025 : छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका जी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष, मेरे मित्र रमन सिंह जी, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, केंद्र सरकार में मेरे सहयोगी मंत्री तोखन साहू जी, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जी, अरुण साव जी, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत जी, उपस्थित अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मौजूद देवियों और सज्जनों!

छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के लिए, आज का दिन एक स्वर्णिम शुरुआत का दिन है। और मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर ये बहुत ही सुखद दिन है, अहम दिन है। मेरा बीते कई दशकों से इस भूमि से बहुत आत्मीय नाता रहा है। एक कार्यकर्ता के रूप में मैंने छत्तीसगढ़ में बहुत समय बिताया, यहां से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मेरे जीवन को गढ़ने में यहां के लोगों का, यहां की भूमि का बहुत बड़ा आशीर्वाद रहा है।  छत्तीसगढ़ की परिकल्पना, इसके निर्माण का संकल्प और फिर उस संकल्प की सिद्धि, हर एक क्षण पर मैं छत्तीसगढ़ के परिवर्तन का साक्षी रहा हूं। और आज जब छत्तीसगढ़ 25 वर्षों की यात्रा के अहम पड़ाव पर पहुंचा है, तो मुझे इस क्षण का भी, सहभागी बनने का अवसर मिला है। आज इस रजत जयंती के उत्सव पर, मुझे राज्य के लोगों के लिए, इस नई विधानसभा के लोकार्पण करने का सौभाग्य मिला है। मैं छत्तीसगढ़ के लोगों को, राज्य सरकार को, इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देता हूं, बधाई देता हूं।

साथियों,
2025 का ये वर्ष भारतीय गणतंत्र का अमृत वर्ष भी है। 75 वर्ष पहले भारत ने अपना संविधान देशवासियों को समर्पित किया था। ऐसे में, आज इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं इस अंचल से संविधान सभा के सदस्य रहे, रविशंकर शुक्ल जी, बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल जी, घनश्याम सिंह गुप्त जी, किशोरी मोहन त्रिपाठी जी, रामप्रसाद पोटाई जी और रघुराज सिंह जैसे मनीषियों का स्मरण करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देता हूं। तब के काफ़ी पिछड़े रहे इस क्षेत्र से, दिल्ली पहुंच कर इन विभूतियों ने बाबा साहेब के नेतृत्व में, संविधान के बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

साथियों,
आज का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बनकर चमक रहा है। आज जब हम इस भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन का लोकार्पण कर रहे हैं, तो ये केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जन-आकांक्षा, जन-संघर्ष और जन-गौरव का उत्सव बन गया है। आज छत्तीसगढ़ अपने स्वप्न के नए शिखर पर खड़ा है। और इस गौरवशाली क्षण में, मैं उन महापुरुष को नमन करता हूं, जिनकी दूरदृष्टि और करुणा ने इस राज्य की स्थापना की। वो महापुरुष हैं- भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी।

साथियों,
साल 2000 में जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, तो वो निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं था। वो निर्णय था विकास की नई राह खोलने का, और वो निर्णय था छत्तीसगढ़ की आत्मा को पहचान दिलाने का। इसलिए, आज जब इस भव्य विधानसभा के साथ-साथ अटल जी की प्रतिमा का भी अनावरण हुआ है, तो मन कह उठता है, मेरे भाव व्यक्त हो रहे हैं, अटल जी जहां भी हो- अटल जी, देखिए, आपका सपना साकार हो रहा है। आपका बनाया हुआ छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास से भरा है, विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,
छत्तीसगढ़ विधानसभा का इतिहास अपने आप में प्रेरणास्रोत है। 2000 में जब इस सुंदर राज्य की स्थापना हुई, तो पहली विधानसभा की बैठक राजकुमार कॉलेज, रायपुर के जशपुर हॉल में हुई थी। वो समय सीमित संसाधनों का तो था, लेकिन असीम सपनों का था। तब केवल एक भावना थी कि हम अपने भाग्य को और तेजी से उज्ज्वल बनाएंगे। बाद में विधानसभा का जो भवन तैयार हुआ, वो भी पहले किसी दूसरे विभाग का परिसर था। वहीं से छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की यात्रा नई ऊर्जा के साथ प्रारंभ हुई। और आज, 25 वर्षों के बाद, वही लोकतंत्र, वही जनता, एक आधुनिक, डिजिटल और आत्मनिर्भर विधानसभा के भवन का उद्घाटन कर रही है।

साथियों,
यह भवन लोकतंत्र का तीर्थ स्थल है। इसका हर स्तंभ पारदर्शिता का प्रतीक है। इसका हर गलियारा जवाबदेही की याद दिलाता है। और इसका हर कक्ष जनता की आवाज़ का प्रतिबिंब है। यहाँ लिए गए निर्णय दशकों तक छत्तीसगढ़ के भाग्य को दिशा देंगे। और यहां कहा हर एक शब्द, छत्तीसगढ़ के अतीत, इसके वर्तमान का और इसके भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। मुझे विश्वास है, ये भवन आने वाले दशकों के लिए छत्तीसगढ़ की नीति, नियति और नीतिकारों का केंद्र बनेगा।

साथियों,
आज पूरा देश विरासत और विकास को साथ लेकर चल रहा है। और ये भावना, सरकार की हर नीति, हर निर्णय में भी दिखती है। आज देश की संसद को, हमारा पवित्र सेंगोल प्रेरणा देता है। नई संसद की नई गैलरियां, पूरी दुनिया को भारत के लोकतंत्र की प्राचीनता से जोड़ती हैं। संसद परिसर में लगी प्रतिमाएं, पूरे विश्व को ये बताती हैं कि भारत में लोकतंत्र की जड़ कितनी गहरी है।

साथियों,
मुझे प्रसन्नता है कि भारत की यही सोच, यही भावना, छत्तीसगढ़ के इस नए विधानसभा में भी झलकती है।

साथियों,
छत्तीसगढ़ का नया विधानसभा परिसर राज्य की समृद्ध संस्कृति का प्रतिबिंब है। इस विधानसभा के कण-कण में, छत्तीसगढ़ की भूमि पर जन्मे हमारे महापुरुषों की प्रेरणा है। वंचितों को वरीयता, सबका साथ, सबका विकास, ये भाजपा सरकार के सुशासन की पहचान है, यही देश के संविधान की स्पिरिट है, यही, हमारे महापुरुषों, हमारे ऋषियों, मनीषियों के दिए संस्कार हैं।

साथियों,
मैं जब इस भवन को देख रहा था, तो मुझे बस्तर आर्ट की सुंदर झलक दिखाई दी। मुझे याद है, कुछ महीने पहले थाईलैंड के प्रधानमंत्री जी को मैंने यही बस्तर आर्ट भेंट की थी, बस्तर की ये कला हमारी सृजनशीलता और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है।

साथियों,
इस भवन की दीवारों में बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश है, जो हमें, सबका साथ, सबका विकास, सबका सम्मान सिखाता है। यहां के हर द्वार में, माता शबरी की सिखाई आत्मीयता है, जो हमें हर अतिथि, हर नागरिक का स्नेह स्वागत करने की बात बताती है। इस सदन की हर कुर्सी में संत कबीर का सिखाया सच्चाई और निडरता का भाव है। और यहां की नींव में, महाप्रभु वल्लभाचार्य जी का बताया- नर सेवा, नारायण सेवा का संकल्प है।

साथियों,
भारत लोकतंत्र की जननी है, मदर ऑफ डेमॉक्रेसी है, हमारा आदिवासी समाज तो, पीढ़ियों से लोकतांत्रिक परंपराओं को जीता आया है। मुरिया दरबार- बस्तर की ‘आदिम संसद’ इसका जीवंत उदाहरण है। वो आदिम संसद थी, सालों से हमारे यहां समाज और शासन मिलकर, समस्याओं का समाधान करते रहे हैं। और मुझे प्रसन्नता है कि इस विधानसभा में भी मुरिया दरबार की परंपरा को स्थान मिला है।

साथियों,
एक ओर, इस सदन के हर कोने में, हमारे महापुरुषों के आदर्श हैं, तो वहीं इसकी अध्यक्ष पीठ पर, रमन सिंह जी जैसा अनुभवी नेतृत्व भी है।  रमन जी, इस बात का बहुत बड़ा उदाहरण हैं कि एक कार्यकर्ता अपने परिश्रम से, अपने समर्पण भाव से लोकतांत्रिक व्यवस्था को कितना सशक्त बना सकता है।

साथियों,
क्रिकेट में तो देखते हैं, कि जो कभी कैप्टन रहता है, वो कभी टीम में खिलाड़ी बनकर के भी खेलता है, लेकिन राजनीति में ऐसा देखने को नहीं मिलता है, ये उदाहरण रमण सिंह जी दे सकते हैं, कि जो कभी कैप्टन हुआ करते थे, वो आज सच्चे स्पिरिट से कार्यकर्ता के छत्तीसगढ़ की सेवा के लिए समर्पित हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा के रूप में कार्य कर रहे हैं।

साथियों,
राष्ट्रकवि निराला जी ने अपनी कविता में माँ सरस्वती से प्रार्थना की थी- प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव भारत में भर दे, यह केवल काव्य नहीं था, यह आज़ाद भारत के नवसृजन का मंत्र था। उन्होंने नव गति, नव लय, नव स्वर की बात कही, यानी कि एक ऐसे भारत की, जो परंपरा से जुड़ा हो, लेकिन भविष्य की ओर पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़े। आज जब हम छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा में खड़े हैं, तो यह भावना यहां भी उतनी ही सार्थक है। यह भवन भी उसी ‘नव स्वर’ का प्रतीक है, जहाँ पुराने अनुभवों की ध्वनि है, और नए सपनों की ऊर्जा भी है। और इस ऊर्जा के साथ, हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करना है, एक ऐसे छत्तीसगढ़ की नींव बनानी है, जो विरासत से जुड़कर, विकास के पथ पर आगे बढ़ सके।

साथियों,
नागरिक देवो भव:, ये हमारे सुशासन का मंत्र है। और इसीलिए, हमें विधानसभा के हर निर्णय में जनता के हित को ध्यान में रखकर काम करना होगा। यहां कानून ऐसे बनें, जो रिफॉर्म को गति दे, जिससे लोगों का जीवन आसान हो, जो लोगों के जीवन से सरकार के अनावश्यक दखल को बाहर करे। सरकार का न अभाव हो और न ही अनावश्यक प्रभाव हो, यही तेज़ प्रगति का एकमात्र मंत्र है।

साथियों,
यह हमारा छत्तीसगढ़ तो भगवान श्रीराम का ननिहाल है। भगवान श्रीराम इस धरती के भांजे हैं। आज इस नए परिसर में श्रीराम के आदर्शों को याद करने का इससे बेहतर दिन और क्या होगा। भगवान राम के आदर्श, हमें सुशासन की सीख देते हैं।

साथियों,
अयोध्या में राममंदिर की प्राणप्रतिष्ठा के समय, हम सभी ने देव से देश और ‘राम से राष्ट्र’ का संकल्प लिया था। हमें याद रखना है, राम से राष्ट्र का अर्थ है- रामराज बैठे त्रैलोका। हरषित भए गए सब सोका। इसका अर्थ है, सुशासन और जनकल्याण का राज! इसका अर्थ है, सबका साथ, सबका विकास की भावना से शासन! राम से राष्ट्र का अर्थ है, नहिं दरिद्र कोउ, दुखी न दीना। जहां कोई ना गरीब हो, ना कोई दुखी हो, जहां भारत गरीबी से मुक्त होकर आगे बढ़े, राम से राष्ट्र का अर्थ है- अल्पमृत्यु नहिं कवनिउ पीरा। यानी, बीमारियों से असमय मृत्यु ना हो, यानी स्वस्थ और सुखी भारत का निर्माण हो, राम से राष्ट्र का मतलब है- मानउँ एक भगति कर नाता। अर्थात हमारा समाज ऊंच नीच के भाव से मुक्त हो, और हर समाज में सामाजिक न्याय की स्थापना हो

साथियों,
राम से राष्ट्र का एक अर्थ ये भी है कि, “निसिचर हीन करउँ महि भुज उठाइ पन कीन्ह”। यानी, मानवता विरोधी ताकतों का, आतंक के विनाश की प्रतिज्ञा! और यही तो हमने ऑपरेशन सिंदूर में देखा है। भारत, आतंक के विनाश की प्रतिज्ञा करके आतंकियों की कमर तोड़ रहा है। भारत आज नक्सलवाद, माओवादी आतंक को भी समाप्त करने की तरफ बढ़ रहा है। भारत आज अभूतपूर्व विजय के गर्व से भरा हुआ है। और गर्व की यही भावना, आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के इस नए परिसर में हमें चारों तरफ दिख रही है।

साथियों,
पिछले पच्चीस वर्षों में छत्तीसगढ़ ने जो परिवर्तन देखा है, वह अद्भुत और प्रेरणादायी है। कभी यह राज्य नक्सलवाद और पिछड़ेपन से पहचाना जाता था। आज वही राज्य समृद्धि, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक बन रहा है। आज बस्तर ओलंपिक की चर्चा देश के कोने-कोने में है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आज विकास की लहर और सुकून की मुस्कान लौट आई है। और इस परिवर्तन के पीछे है छत्तीसगढ़ की जनता का परिश्रम और भाजपा सरकारों का दूरदर्शी नेतृत्व।

साथियों,
छत्तीसगढ़ के रजत जयंती समारोह का उत्सव, अब एक बड़े लक्ष्य का आरंभ बिंदु बनने जा रहा है। 2047 तक, जब भारत अपनी आजादी के 100 साल मनाएगा, हमें विकसित भारत निर्माण के जो लक्ष्य तय किए हैं, उसमें छत्तीसगढ़ की भूमिका बहुत बड़ी होने वाली है। और इसीलिए, मैं यहां उपस्थित सभी साथियों से भी कहूंगा, सभी जनप्रतिनिधियों से कहूंगा, कि आप एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करिए, एक ऐसी विधानसभा का उदाहरण बनाइए, जो विकसित भारत के हर राज्य को कुछ नया करने के लिए प्रेरित करे। यहां होने वाले संवादों में, यहां पूछे जाने वाले प्रश्नों में, सदन में होने वाली कार्यवाहियों में, सब में एक श्रेष्ठता लाने का प्रयास हो, और हम जो भी करें, जिस भी रूप में करें, सबका लक्ष्य विकसित छत्तीसगढ, विकसित भारत का निर्माण हो।

साथियों,
छत्तीसगढ़ की इस नई विधानसभा की श्रेष्ठता इसके भवन की भव्यता से ज्यादा, यहां लिए जाने वाले जनकल्याण के निर्णयों से निर्धारित होगी। यह इस बात से तय होगी कि यह सदन छत्तीसगढ़ के सपनों को, इसकी सोच को कितनी गहराई से समझता है, और उन्हें साकार करने के लिए कितनी दूर तक चलता है। हमारा हर निर्णय ऐसा होना चाहिए, जो किसान की मेहनत को सम्मान दे, युवा के सपनों को दिशा दे, नारीशक्ति के जीवन में नई आशा की किरण लेकर आए, और समाज में अंत्योदय का माध्यम बने। हम सबको ये याद रखना है कि यह विधानसभा केवल कानून बनाने का स्थान नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के भाग्य निर्माण का प्रखर केंद्र है, जीवंत इकाई है। इसीलिए हम सब को ये सुनिश्चित करना होगा, कि यहां से निकलने वाले हर विचार में जनसेवा की भावना हो, विकास का संकल्प हो, और भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने का विश्वास हो। यही हमारी कामना है।

साथियों,
लोकतंत्र में कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए, हम सब सार्वजनिक जीवन में अपनी भूमिका निभायें, यह संकल्प लेना ही नए विधानसभा भवन के लोकार्पण के इस अवसर के सबसे बड़ी सार्थकता होगी। आइए इस परिसर से हम सभी, भारतीय गणतंत्र के इस अमृत वर्ष में यह संकल्प लेकर जाए, कि जनता-जनार्दन की सेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाएंगे। आप सभी को लोकतंत्र के इस सुंदर नव मंदिर के लोकार्पण पर मैं पुन: शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। मैं मुख्यमंत्री जी को और विशेष रूप से मेरे मित्र रमन सिंह जी को इस कल्पना को साकार करने के लिए हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। जय भारत – जय छत्तीसगढ़। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का 25 साल का इंतजार खत्म, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नए विधानसभा भवन को राज्य को किया समर्पित

रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिला अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन

परंपरा और आधुनिकता का संगम छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन

रायपुर. 1 नवम्बर 2025. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण के साथ ही विधानसभा के खुद के भवन का 25 साल का इंतजार खत्म हो गया। राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ को अपना भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में नए विधानसभा परिसर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि यह हम सबके लिए बहुत गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सदैव लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहरा विश्वास रहा है। राज्य की समृद्धि और खुशहाली के फैसले अब इस भवन में होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां राज्य के हित से जुड़े विधेयकों व मुद्दों पर सार्थक चर्चा से जनता की आकांक्षाएं और अपेक्षाएं पूर्ण होंगी। यह नया भवन छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा तथा लोकतंत्र की भावनाओं को और मजबूत करेगी एवं इनका गौरव बढ़ाएंगी। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लिए स्वर्णिम है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पिछले 25 वर्षों में गौरवशाली इतिहास रहा है। राज्य सरकार पिछले 21-22 महीनों से मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अटलजी ने बनाया है और मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। आज यह भवन, भूमि और मंच अभूतपूर्व समय का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। आज के दिन ही 25 वर्ष पहले स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने राज्य का निर्माण किया था और आज ही यह अपने निर्माण से विधान तक का सफर पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि नया विधानसभा भवन 80 प्रतिशत स्वदेशी मटेरियल से बना है। सदन में बस्तर के सागौन से निर्मित फर्नीचर और दरवाजे हैं, सीलिंग में धान की बालियों की कलाकारी है। छत्तीसगढ़ को यहां समाहित किया गया है। राज्यपाल श्री रमेन डेका, केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी विधानसभा भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए।   

*खूबसूरत इमारत ही नहीं, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक*

छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज 1 नवम्बर के दिन एक नया अध्याय जुड़ा। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिल गया है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।

*कृषि-प्रधान संस्कृति और बस्तर के काष्ठ शिल्प की झलक*

‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।

*भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन*

नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।

*324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर*

कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।

*हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन*

यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।

*500 सीटर ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल*

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 200 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।

*तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक*

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जशप्योर उत्पादों की सराहना की,दूरस्थ अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की सशक्त मिसाल 

जशपुर 1 नवम्बर 25/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जशपुर जिले के स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाएं गए प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस रजत जयंती समारोह के अवसर पर ट्राइबल म्यूजियम, नवा रायपुर अटल नगर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था।


 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जशपुर जिले की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित जशप्योर ब्रांड’ के अंतर्गत तैयार किए गए उत्पादों — महुआ लड्डू, महुआ कैंडी, महुआ टी, महुआ हेक्टर संग्रह आदि को देखा और उनकी गुणवत्ता की सराहना की।
साथ ही, उन्होंने जशपुर की पारंपरिक हस्तकला ‘छिंद कांसा टोकरी’ (हाथ से बनी बांस/छिंद की टोकरियाँ) की जानकारी ली।उन्होंने स्थानीय संसाधनों से बनी इस कलाकृति की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने समूह की दीदी अनिता भगत और अन्नेश्वरी भगत से वार्ता की तथा उनके उत्कृष्ट कार्य और आजीविका सशक्तिकरण के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर बगीचा विकास खंड की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा लखपति दीदी मनकुंवर बाई भी उपस्थित थीं।
उन्होंने कहा कि जशपुर जैसे दूरस्थ अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की सशक्त मिसाल हैं और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना गर्व की बात है।
[01/11, 5:40 pm] PRO NUTAN MEM JSP: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सार्थक प्रयास कर रहे हैं। महिलाओं द्वारा उत्पाद की जबरदस्त मांग बनी हुई है। तैयार जशप्योर ब्रांड के माध्यम से स्थानीय आदिवासी स्व-सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पादों को विभिन्न राज्यों जैसे पुणे  दिल्ली, मध्यप्रदेश , उड़ीसा आदि अन्य राज्यों में प्रदर्शनी लगाया गया।
 जहां प्रदर्शनी का अवलोकन करके लोग बड़ी मात्रा में खरीदी भी किए हैं और उत्पाद को भी पसंद किया जा रहा है।

जिला प्रशासन जशपुर की पहल पर जशप्योर ब्रांड का पुणे के विभिन्न स्थानों पर नियमित स्टॉल लगाई जा रही है। जहां जशपुर जिले के स्थानीय कच्चे माल से बने उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है जो जशपुर की आदिवासी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हैं। ये उत्पाद अपनी शुद्धता और स्वास्थ्य लाभ के कारण उच्च मांग में हैं, क्योंकि इनमें कोई रसायन नहीं होते हैं, जिससे वे बाजार के अन्य उत्पादों की तुलना में एक स्वस्थ विकल्प बन जाते हैं।

 महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उत्पाद, जैसे महुआ सिरप (शहद का महुआ आधारित विकल्प), महुआ आधारित चीनी मुक्त च्यवनप्राश विकल्प फॉरेस्टगोल्ड वन्यप्राश और बाजरा पास्ता के नियमित ग्राहक प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त छिन्द घास के हाथ से बने टोकरियां त्यौहारी मौसम के दौरान उच्च मांग में हैं। स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और जशपुर और जवाहर दोनों के आदिवासियों को स्थायी रोजगार प्रदान करने में जिला प्रशासन के प्रयास सराहनीय हैं। यह पहल न केवल आदिवासी समुदायों को सशक्त बना रही है बल्कि इन अद्वितीय, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के माध्यम से उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी सुनिश्चित कर रही है।

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प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएँ दीं

रायपुर 1 नवंबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएँ दी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के प्रति समर्पित छत्तीसगढ़ आज प्रगति के नए मानदंड स्थापित कर रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि जो क्षेत्र कभी नक्सलवाद से प्रभावित थे, वे अब विकास की दौड़ में अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के मेहनती और प्रतिभाशाली लोग अपनी लगन और उद्यमशीलता से ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

प्रधानमंत्री ने एक्स (X) पर लिखा- 'छत्तीसगढ़ के अपने सभी भाई-बहनों को राज्य के स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ की अनेकानेक शुभकामनाएँ। प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए मानदंड गढ़ने में जुटा है। कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे यहां के कई इलाके आज विकास की प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। मुझे भरोसा है कि यहां के मेहनती और हुनरमंद लोगों की लगन और उद्यम से हमारा यह राज्य विकसित भारत के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।'

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क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय रहे खजरी टीम को 5 विकेट से हराकर लुडेग की टीम ने जीता फाइनल मुकाबला....

जशपुरनगर 1 नवम्बर 2025 : खेल के क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं को प्रोत्साहन देने और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से चंदागढ़ में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। इस समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल को युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।फाइनल मुकाबला लुडेग और खजरी टीम के बीच खेला गया, जिसमें दोनों टीमों ने शानदार खेल भावना का प्रदर्शन किया। खजरी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 49 रनों का लक्ष्य निर्धारित किया। जवाब में लुडेग की टीम ने जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट से मुकाबला जीत लिया और प्रतियोगिता की विजेता बनी।विजेता टीम लुडेग को ₹20,000 नकद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता खजरी टीम को ₹10,000 नगद पुरस्कार और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि सालिक साय जी ने कहा —ग्रामीण क्षेत्र के युवा खेलों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल प्रतिभा को निखारती हैं, बल्कि एकता, अनुशासन और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती हैं। खेलों से ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।”इस अवसर पर मंच पर मंडल अध्यक्ष श्री विशाल अग्रवाल, सरपंच संघ अध्यक्ष श्री रोशन प्रताप सिंह, चंद्रपुर सरपंच श्रीमती नंदनी पैंकरा, सूरजगढ़ सरपंच श्रीमती सरस्वती पैंकरा, सरपंच श्रीमती शशिकांता पैंकरा, तांमता सरपंच श्रीमती शीता बाज, एवं चंदागढ़ उपसरपंच श्री रामप्रसाद चौहान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पूरे दिन दर्शक खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर तालियों की गूंज से मैदान को जीवंत बनाए रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन से क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा और खेल के प्रति रुचि देखने को मिली।

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने  छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की

रायपुर, 1 नवंबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सर्वांगीण विकास की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संस्कृति के अनुरूप पूजा-अर्चना कर राज्य की धरोहर, संस्कृति, मातृशक्ति और स्वाभिमान की प्रतीक छत्तीसगढ़ महतारी को नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी हमारी अस्मिता, आस्था और गर्व का प्रतीक हैं। 
             
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भूमि मातृशक्ति की आराधना वाली भूमि है और छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से ही प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार आम जनता के जीवनस्तर में सुधार, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास, युवाओं को रोजगार, आदिवासी समाज की उन्नति और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजत जयंती वर्ष प्रदेश के लिए नई ऊर्जा और संकल्प का प्रतीक है। आज का दिन विशेष रूप से गौरव का क्षण है, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आज छत्तीसगढ़ आगमन है और राज्य स्थापना दिवस पर अनेक ऐतिहासिक कार्यक्रम होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से आने वाले समय में प्रदेश निश्चित ही देश के अग्रणी और समृद्ध राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

                       इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित गणमान्य नागरिक और प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का किया सम्मान,सभी संभागीय मुख्यालयों में स्थापित होगी सरदार पटेल की प्रतिमा

रायपुर, 1 नवम्बर 2025/ देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल अपनी कर्मठता और दृढ़ इच्छाशक्ति से लौहपुरुष बने। आज़ादी के बाद के कठिन हालातों में उन्होंने अपनी सूझबूझ और फौलादी इरादों से 562 रियासतों का भारत में विलय कर अखंड भारत का निर्माण किया। किसानों के संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अमूल्य रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में यह बात कही। यह कार्यक्रम खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा विधायक श्री राजेश मूणत उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर उनके महान योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि “सरदार पटेल ने अपनी विराट सोच और अटूट इच्छाशक्ति से टुकड़ों में बंटी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया।” सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक है। उनकी 150वीं जयंती पर आज पूरे देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य को भी आमंत्रित किया गया है, जहाँ राज्य का विशेष स्टॉल भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ केवल देश की एकता और अखंडता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह फिटनेस और सामूहिक ऊर्जा का भी संदेश देता है। 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की आज़ादी और किसानों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध कठोर संघर्ष किया।” उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए ही उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को साकार किया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने घोषणा की कि राज्य के सभी संभागीय मुख्यालयों में सरदार पटेल की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संबंधित नगरीय निकायों को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए रंगोली और चित्रों का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनों को स्वदेशी अपनाने और भारत में निर्मित वस्तुओं के उपयोग की शपथ दिलाई।

राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रन फॉर यूनिटी के साथ ही महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए रंगोली, चित्रकला, भाषण एवं काव्य पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने रंगोली, चित्रकला, भाषण और काव्य पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया तथा रन फॉर यूनिटी के प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ के प्रचार रथ को भी हरी झंडी दिखाई। यह प्रचार रथ बस्तर संभाग के सभी जिलों में पहुंचकर बस्तर ओलंपिक का प्रचार-प्रसार करेगा।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम आगामी डेढ़ महीनों तक निरंतर जारी रहेंगे।

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, विभागीय अधिकारी, खिलाड़ी तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री आज छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में हिस्सा लेंगे,14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे

प्रधानमंत्री शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक और जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे

दिल की बात: प्रधानमंत्री जन्मजात हृदय रोगों का उपचार करा रहे बच्चों से परस्पर बातचीत करेंगे

प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन करेंगे और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे

प्रधानमंत्री आध्यात्मिक शिक्षा और ध्यान के आधुनिक केंद्र ब्रह्माकुमारी के 'शांति शिखर' का उद्घाटन करेंगे

रायपुर 1 नवम्बर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10 बजे, 'दिल की बात' कार्यक्रम के तहत, नवा रायपुर अटल नगर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में 'जीवन का उपहार' समारोह में जन्मजात हृदय रोगों का सफलतापूर्वक उपचार करा चुके 2500 बच्चों से परस्पर बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री इसके बाद लगभग 10:45 बजे ब्रह्माकुमारी के "शांति शिखर" का उद्घाटन करेंगे, जो आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान का एक आधुनिक केंद्र है।

प्रधानमंत्री इसके बाद लगभग 11:45 बजे, नवा रायपुर अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद, वह छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। यह भवन ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा पर बनाया गया है, जिसे पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित और वर्षा जल संचयन प्रणाली से सुसज्जित करने की योजना है। इस अवसर पर वह उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 1:30 बजे शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और उसका अवलोकन करेंगे। यह संग्रहालय राज्य के जनजातीय समुदायों के साहस, बलिदान और देशभक्ति की विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करेगा। प्रधानमंत्री स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में संग्रहालय पोर्टल और ई-बुक "आदि शौर्य" का शुभारंभ करेंगे और स्मारक स्थल पर शहीद वीर नारायण सिंह की घुड़सवार प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

प्रधानमंत्री इसके बाद, दोपहर लगभग 2:30 बजे छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख सेक्टरों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और रूपांतरकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में 12 नए स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) ब्लॉकों का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री 3.51 लाख पूर्ण हो चुके घरों के गृह प्रवेश में शामिल होंगे और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 3 लाख लाभार्थियों को 1200 करोड़ रुपये की किश्तें जारी करेंगे, जिससे राज्य भर के ग्रामीण परिवारों के लिए सम्मानजनक आवास और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक चार लेन वाले ग्रीनफील्ड हाईवे की आधारशिला रखेंगे। इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 3,150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। यह रणनीतिक गलियारा कोरबा, रायगढ़, जशपुर, रांची और जमशेदपुर में प्रमुख कोयला खदानों, औद्योगिक क्षेत्रों और इस्पात संयंत्रों को जोड़ेगा। यह एक प्रमुख आर्थिक मार्ग के रूप में कार्य करेगा और क्षेत्रीय व्यापार संबंधों को सुदृढ़ करेगा तथा मध्य भारत को पूर्वी क्षेत्र के साथ समेकित करेगा।

प्रधानमंत्री इसके अतिरिक्त, बस्तर और नारायणपुर जिलों में कई खंडों में फैले राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी (नारायणपुर-कस्तूरमेटा-कुतुल-नीलांगुर-महाराष्ट्र सीमा) के निर्माण और उन्नयन की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-130सी (मदंगमुडा-देवभोग-ओडिशा सीमा) को पक्के शोल्डर वाले दो-लेन राजमार्ग में उन्नत करने का भी उद्घाटन करेंगे। इससे जनजातीय और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बाजारों तक पहुंच में सुधार होगा और दूरदराज के क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री विद्युत क्षेत्र में अंतर-क्षेत्रीय ईआर-डब्ल्यूआर इंटरकनेक्शन परियोजना का उद्घाटन करेंगे, जिससे पूर्वी और पश्चिमी ग्रिडों के बीच अंतर-क्षेत्रीय विद्युत अंतरण क्षमता में 1,600 मेगावाट की वृद्धि होगी, ग्रिड विश्वसनीयता में सुधार होगा और पूरे क्षेत्र में स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री इसके साथ ही 3,750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई ऊर्जा क्षेत्र परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की बिजली अवसंरचना को सुदृढ़ करना, आपूर्ति विश्वसनीयता में सुधार करना और ट्रांसमिशन क्षमता को बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री पुनरोद्धार वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत लगभग 1,860 करोड़ रुपये के कार्यों को समर्पित करेंगे। इनमें नई बिजली लाइनों का निर्माण, फीडर का विभाजन, ट्रांसफार्मरों की स्थापना, कंडक्टरों का रूपांतरण और ग्रामीण एवं कृषि बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए निम्न-दाब नेटवर्क को सुदृढ़ करना शामिल है। प्रधानमंत्री रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, गरियाबंद और बस्तर जैसे जिलों में लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नौ नए बिजली सबस्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे। इनसे स्थिर वोल्टेज सुनिश्चित होने, कटौती कम होने और सुदूरवर्ती तथा जनजातीय क्षेत्रों में भी विश्वसनीय बिजली उपलब्ध होने से 15 लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा। इसके अतिरिक्त, राज्य में बिजली की पहुंच और गुणवत्ता को और बढ़ाने के लिए कई जिलों में नए आरडीएसएस कार्यों के साथ-साथ कांकेर और बलौदाबाजार-भाटापारा में प्रमुख सुविधाओं सहित 1,415 करोड़ रुपये से अधिक के नए सबस्टेशनों और ट्रांसमिशन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।

प्रधानमंत्री पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में रायपुर में एचपीसीएल के अत्याधुनिक पेट्रोलियम तेल डिपो का उद्घाटन करेंगे। यह डिपो 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित है और इसकी भंडारण क्षमता 54,000 किलोलीटर पेट्रोल, डीजल और इथेनॉल की है। यह सुविधा केंद्र एक प्रमुख ईंधन केंद्र के रूप में काम करेगा और छत्तीसगढ़ तथा पड़ोसी राज्यों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। 10,000 किलोलीटर इथेनॉल भंडारण क्षमता के साथ, यह डिपो इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का भी समर्थन करता है, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है और स्वच्छ ऊर्जा विकास को बढ़ावा मिलता है।

प्रधानमंत्री लगभग 1,950 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 489 किलोमीटर लंबी नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का भी लोकार्पण करेंगे। यह परियोजना भारत के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने और "एक राष्ट्र, एक गैस ग्रिड" का लक्ष्य अर्जित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पाइपलाइन छत्तीसगढ़ के 11 जिलों को राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जोड़ेगी, जिससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र को स्वच्छ एवं किफायती ईंधन उपलब्ध होगा।

प्रधानमंत्री औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए दो स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्रों—एक जांजगीर-चांपा जिले के सिलादेही-गतवा-बिर्रा में और दूसरा राजनांदगांव जिले के बिजलेटला - की आधारशिला रखेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में एक फार्मास्युटिकल पार्क की आधारशिला रखेंगे। यह पार्क औषधि और स्वास्थ्य सेवा विनिर्माण के लिए एक समर्पित क्षेत्र के रूप में कार्य करेगा।

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों — मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और गीदम (दंतेवाड़ा) में और बिलासपुर में सरकारी आयुर्वेद कॉलेज तथा अस्पताल — की आधारशिला रखेंगे। ये परियोजनाएं छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करेंगी, स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाएंगी और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देंगी।

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आज प्रधान मंत्री के हाथों होगा आदिवासी वीर नायकों को समर्पित देश का पहला डिजिटल संग्रहालय

रायपुर 1 नवम्बर 2025/छत्तीसगढ़ की धरती पर 1 नवम्बर को इतिहास रचा जाएगा, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूज़ियम शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। यह भव्य संग्रहालय उन आदिवासी वीर नायकों को समर्पित है, जिन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध अपने प्राणों की आहुति दी और छत्तीसगढ़ की अस्मिता की रक्षा की।

आदिवासी नायक भगवान बिरसा मुंडा जहां देशभर के आदिवासियों के प्रेरणापुंज हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में सोनाखान के ज़मींदार वीर नारायण सिंह ने फिरंगियों के विरुद्ध बिगुल फूंका था। उन्होंने अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहीद वीर नारायण सिंह और अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले आदिवासी नायकों की स्मृतियों को सहेजने के उद्देश्य से नवा रायपुर में इस अद्वितीय संग्रहालय की स्थापना का निर्णय लिया। 

*50 करोड़ की लागत से बना अनूठा डिजिटल संग्रहालय*

नवा रायपुर के सेक्टर-24 में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है। इसकी डिज़ाइन, अवधारणा और तकनीकी संरचना आधुनिकतम मानकों पर आधारित है। संग्रहालय में अत्याधुनिक वीएफएक्स टेक्नोलॉजी, प्रोजेक्शन सिस्टम, डिजिटल स्क्रीन, और मोबाइल पर क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आगंतुक हर कथा को डिजिटल माध्यम से अनुभव कर सकेंगे।

*आदिवासी विद्रोहों की जीवंत कहानी – 14 सेक्टरों में सजा इतिहास*

संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी आंदोलनों—हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह—की जीवंत झलक दिखाई जाएगी। इन ऐतिहासिक विद्रोहों को 14 सेक्टरों में विभाजित कर प्रस्तुत किया गया है, ताकि दर्शक हर संघर्ष और उसकी प्रेरक गाथा को समझ सकें।

संग्रहालय परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह का भव्य स्मारक भी बनाया गया है। यह स्मारक न केवल श्रद्धांजलि का स्थल होगा, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा। प्रवेश द्वार पर सरगुजा के कलाकारों द्वारा तैयार की गई सुंदर नक्काशीदार पैनलें लगाई गई हैं। वहीं परिसर में 1400 वर्ष पुराने साल, महुआ और साजा वृक्ष की प्रतिकृतियाँ स्थापित की गई हैं, जिनकी पत्तियों पर 14 विद्रोहों की डिजिटल कहानियाँ उकेरी गई हैं। 

*सुविधाओं से सुसज्जित आधुनिक परिसर*

संग्रहालय में सेल्फी प्वाइंट, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएँ, ट्राइबल आर्ट से सजा फर्श, और भगवान बिरसा मुंडा, शहीद गैंदसिंह की मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। ये सभी तत्व संग्रहालय को एक जीवंत सांस्कृतिक और भावनात्मक अनुभव का केंद्र बनाते हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने की परंपरा की शुरुआत की थी। उन्होंने आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना प्रारंभ की। इन पहलों के अंतर्गत आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा  शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष के एक ऐसे क्षण के रूप में दर्ज होगा जो इतिहास, परंपरा और आधुनिकता को एक सूत्र में पिरो देगा।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन : परंपरा और आधुनिकता का संगम : आज रजत जयन्ती वर्ष पर प्रधानमंत्री द्वारा भव्य और आधुनिक विधानसभा भवन का लोकार्पण

रायपुर, 1 नवम्बर 2025/छत्तीसगढ़ के इतिहास में 1 नवम्बर का दिन एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्य की जनता को विधानसभा का नया भवन समर्पित करेंगे। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिलने जा रहा है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है।

‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन

नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा।

324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर

कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं।

हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन

यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है।

500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल

विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है।

तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था  का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

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पत्थलगांव एसडीएम एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर एसआईआर से जुड़ी प्रक्रियाओं और तैयारियों के संबंध में दी जानकारी

जशपुरनगर, 1 नवम्बर 2025/ विशेष गहन पुनरीक्षण  (एसआईआर) के संबंध में पत्थलगांव एसडीएम और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री ऋतुराज सिंह  ने गुरुवार को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ एक  बैठक की। बैठक में उन्होंने एसआईआर से जुड़ी प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करने की अपील भी की। उन्होंने जानकारी दी कि एसआईआर का कार्य डिजिटल तरीके से किया जाएगा।
   उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम मतदाता सूची की शुद्धता और अद्यतनता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। 

बैठक में बताया गया कि बीएलओ नए मतदाताओं के पंजीकरण हेतु फॉर्म-6 भरवाएंगे, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करेंगे।  बीएलओ द्वारा प्रत्येक मतदाता के घर का तीन बार भ्रमण किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई भी अपात्र नाम शामिल न हो।

*विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रमुख तिथियाँ*

प्रशिक्षण एवं मुद्रण कार्य – 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025 तक,
घर-घर गणना चरण (सत्यापन कार्य) – 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक, मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसम्बर 2025 दावे एवं आपत्ति अवधि – 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक, नोटिस, सुनवाई एवं सत्यापन चरण – 9 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक औरअंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026 को होगा।

*गणना प्रपत्र हेतु सूचना पत्रक*

मतदाता अपने तथा अपने संबंधित परिजनों के नाम पिछले एसआईआर निर्वाचक नामावली में.https://voters.eci.gov.in/ पर देख सकते हैं, ताकि गणना प्रपत्र में आवश्यक विवरण सही रूप से भर सकें। सहायता हेतु, मतदाता अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। यदि गणना प्रपत्र में दिए गए पिछले एसआईआर निर्वाचक नामावली के विवरण उपलब्ध नहीं हैं या डेटाबेस से मेल नहीं खाते हैं, तो ईआरओ  ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी करेगा। नोटिस प्राप्त होने पर मतदाता को निम्नलिखित श्रेणियों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे -
यदि जन्म 01.07.1987 से पहले भारत में हुआ है
स्वयं के लिए नीचे दी गई सूची से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। यदि जन्म 01.07.1987 से 02.12.2004 के बीच भारत में हुआ है तो स्वयं के लिए नीचे दी गई सूची से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो
पिता या माता के लिए भी नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो उनकी जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। यदि जन्म 02.12.2004 के बाद भारत में हुआ है तो
स्वयं के लिए नीचे दी गई सूची से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। पिता के लिए नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें। जो उनकी जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो, माता के लिए नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें जो उनकी जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो।  यदि किसी पिता या माता में से कोई भारतीय नागरिक नहीं है, तो आपके जन्म के समय उसका वैध पासपोर्ट और वीज़ा की प्रति संलग्न करें। यदि जन्म भारत के बाहर हुआ है (विदेश स्थित भारतीय मिशन) द्वारा जारी जन्म पंजीकरण प्रमाणपत्र की प्रति संलग्न करें।) यदि भारतीय नागरिकता पंजीकरण,स्वाभाविकरण  द्वारा प्राप्त की गई है नागरिकता पंजीकरण प्रमाणपत्र संलग्न करें।

संकेतात्मक दस्तावेजों की सूची नीचे दिए गए दस्तावेज़ स्वयं, पिता और माता तीनों के लिए अलग-अलग स्वयं सत्यापित रूप में संलग्न किए जाने चाहिए यदि लागू हों

1. किसी भी नियमित कर्मचारी,पेंशनभोगी को केंद्र,राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम द्वारा जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
2. 01.07.1987 से पूर्व भारत में किसी भी सरकारी,स्थानीय निकाय,बैंक,डाकघर, एलआईसी, पीएसयू  द्वारा जारी पहचान पत्र या प्रमाणपत्र।
3. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र।
4. पासपोर्ट।
5. मैट्रिकुलेशन या शैक्षणिक प्रमाणपत्र।
6. स्थायी निवास प्रमाणपत्र ।
7. वन अधिकार प्रमाणपत्र।
8. OBC/SC/ST या अन्य जाति प्रमाणपत्र।
9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जहाँ लागू हो।
10. परिवार रजिस्टर (राज्य/स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार)।
11. सरकार द्वारा जारी भूमि/मकान आवंटन प्रमाणपत्र।

12. आधार से संबंधित मामलों में आयोग के पत्र क्रमांक 23/2025-ERS/Vol.II दिनांक 09.09.2025 (Annexure II) के निर्देश लागू होंगे।
13. दिनांक 01.07.2025 के सन्दर्भ में बिहार SIR की निर्वाचक नामावली का उद्धरण

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कलेक्टर की अध्यक्षता में जिलास्तरीय सड़क  सुरक्षा समिति की बैठक हुआ आयोजित, घायलों को मिले शीघ्र उपचार

 जशपुरनगर, 1 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
   बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता अत्यंत आवश्यक है।  इसलिए स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल व्यक्ति को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा  कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही बार-बार यातायात नियमों  का उल्लंघन करने वालों पर कि नियमानुसार लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई करने को कहा। 
    उन्होंने लर्निंग लाइसेंस निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की और इसे सतत रूप से जारी रखने को कहा।  कलेक्टर ने गांवों, हाट बाजारों, स्कूलों कॉलेजों और अन्य जगहों में हेलमेट के उपयोग  और यातायात के प्रति जागरुकता प्रसार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग एवं ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने हेतु भी निर्देशित किया। कलेक्टर ने  दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में किए गए सुधारात्मक कार्यों की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर के कार्यों की समीक्षा,अवैध मादक पदार्थों की

जशपुरनगर, 1 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
  बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने जिले में कोटपा एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अब तक की गई कार्यवाहियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सफेमा के तहत गांजा तस्करी के खिलाफ कार्यवाही की जानकारी ली और गांजा तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया।
    उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि जिले में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके। कलेक्टर श्री व्यास ने अवैध पशु तस्करी के खिलाफ नियमों के तहत कार्यवाही सतत रूप से जारी करने को कहा। साथ ही उन्होंने जिले के सभी ढाबों एवं होटलों का नियमित निरीक्षण करने और और किसी भी स्थान पर मादक पदार्थों की बिक्री पाए जाने  संबंधितों के खिलाफ  कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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जिले में 2 से 4 नवम्बर तक मनाया जाने वाला राज्योत्सव की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे जिला पंचायत सीईओ ने,दिया आवश्यक निर्देश


जशपुर 1 नवम्बर 2025/ जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने शुक्रवार को रणजीता स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में जिला में 2 नवंबर से 4 नवंबर तक तीन दिवसीय राज्योत्सव की तैयारी का लिया जायजा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशान्त कुशवाहा डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि जिले में रणजीता स्टेडियम में राज्योत्सव 
 मनाया जाना है । कार्यकम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल रहेंगे।
कार्यकम में सभी अधिकारियों को अपने अपने विभाग से संबंधित शासकीय योजनाओं और विकास से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जानी है। 

उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने विभाग को आबंटित स्टालों का अवलोकन करने और  अपने विभागीय योजनाओं से संबंधित बैनर पोस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं।जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि राज्योत्सव के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा इसके लिए संबंधित विभागों को कलाकारों का चयन करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंन कार्यक्रम स्थल पर मंच पंडाल एवं स्टॉल निर्माण की संपूर्ण व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था,बांस बल्ली विद्युत आपूर्ति, जनरेटर,माइक साउंड सिस्टम की व्यवस्था,लोक कला नृत्य व्यवस्था, आमंत्रण पत्र वितरण, कार्यक्रम स्थल पर पानी टैंकर,चलित सुलभ शौचालय,साफ सफाई की व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था , इंटरनेट आदि सम्पूर्ण व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

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आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा रजत जयंती एवं राज्य स्थापना दिवस पर जिले के 13000 हितग्राहियों को कराया जाएगा गृह प्रवेश 

*समाचार*

जशपुरनगर 1 नवम्बर 2025/राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर संपूर्ण प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित होगा।  
            राज्योत्सव स्थल रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा सांकेतिक रूप से गृह प्रवेश कार्यक्रम किया जाएगा। वर्ष 2016 से 2026 तक स्वीकृत आवास 112355 हैं जिनमें कुल 81466 आवास पूर्ण  हो चुके हैं।ं 13000 हितग्राहीयों के आवास में गृह प्रवेश होना है। 
         01 नवंबर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जशपुर जिले के सभी ग्राम पंचायत में सामूहिक गृह प्रवेश कराया जाएगा। इस दौरान नवनिर्मित घरों में दिए, रंगोली, पारंपरिक साज सज्जा से सजाया जाएगा। लाभार्थियों को खुशियों की चाबी, आभार पत्र, स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए जाएंगे। 
          कलेक्टर श्री रोहित व्यास के दिशा-निर्देश और मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में सभी जनपदों में तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रत्येक जनपद पंचायत सीईओ के माध्यम से ग्राम पंचायत में  कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए  नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिसमें तकनीकी सहायक, सचिव, रोजगार सहायक, आवास मित्र एवं अन्य विभागों के अधिकारी कर्मचारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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मुख्यमंत्री श्री साय से अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर 31 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मंत्रालय महानदी भवन स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने सक्ती जिले के ग्राम नंदेली में 29 दिसंबर को आयोजित होने वाले रामनामी मेला एवं संत समागम में मुख्यमंत्री श्री साय को आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। 

इस अवसर पर अखिल भारतीय रामनामी महासभा की अध्यक्ष श्रीमती सेत बाई रामनामी, महासचिव श्री गुला राम रामनामी सहित रामनामी संप्रदाय से जुड़े अनेक सदस्य उपस्थित थे।

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सरदार पटेल जयंती पर जिला मुख्यालय सहित पूरे थाना/चौकी क्षेत्र  में 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन हुआ. इसके जरिए दिया गया राष्ट्रीय एकता व देशभक्ति का संदेश 

                                      
जशपुर 31 अक्टूबर 2025 : जिला जशपुर मुख्यालय जशपुर सहित पूरे थाना/चौकी में आज राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर 2025 के अवसर पर रन फाॅर यूनिटी का आयोजन किया गया, जिसमें जशपुर विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिले के कलेक्टर श्री रोहित व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, एसडीएम श्री विष्वास राव मस्के, एसडीओपी जशपुर श्री चंदशेखर परमा, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती आशा तिर्की, अन्य सम्माननीय जनप्रतिनिधिगण क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं स्कूल एवं महाविद्यालय छात्र-छात्राएं, प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी कर्मचारी गण सहभागी रहे।
                                  रक्षित केन्द्र जशपुर में विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत के द्वारा रन फाॅर यूनिटी समूह को हरी झंडी दिखाकर दौड़ लगाने हेतु रवाना किया गया, समूह द्वारा जशपुर शहर का दौड़ लगाया लगाकर वापस रक्षित केन्द्र जशपुर परिसर में उपस्थित हुये। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं नागरिकों द्वारा *एकता वृक्षारोपण* रक्षित केंद्र परिसर में किया गया। 
                                  तत्पष्चात् रक्षित केन्द्र जशपुर के सभागार में कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगणों ने लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की जीवनी एवं देश की एकता-अखंडता हेतु उनके योगदान पर प्रेरणादायक उद्बोधन कर जनसमूह को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लें - विधायक श्रीमती रायमुनी भगत।
                                        
                           विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने एक भारत अखण्ड भारत के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया। उन्होंने बताया कि उस समय परिस्थितियाँ अत्यंत विपरीत थीं हमारा देश ब्रिटिश शासन के अधीन था, और अनेक छोटी-बड़ी रियासतों में विभाजित था। ब्रिटिश शासन द्वारा भारतीयों पर विभिन्न प्रकार के कर और प्रतिबंध लगाए जाते थे, जिससे आम नागरिक का जीवन अत्यंत कठिन था। विधायक श्रीमती भगत ने कहा कि ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सरदार पटेल ने अडिग राष्ट्रभक्ति और अद्भुत नेतृत्व का परिचय दिया। उन्होंने देशभर की 562 रियासतों को एकसूत्र में जोड़कर भारत को एक अखण्ड राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्होंने आगे कहा कि सरदार पटेल का जीवन त्याग, समर्पण और दृढ़़ संकल्प का प्रतीक है। उनकी दूरदृष्टि और मजबूत इच्छाशक्ति से ही भारत आज एकजुट, स्वतंत्र और सशक्त राष्ट्र के रूप में विश्व के सामने खड़ा है। श्रीमती भगत ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और विकास के मार्ग पर अग्रसर हों।
                                     कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास ने संबोधित करते हुये कहा कि सरदार पटेल का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका यह विश्वास कि “ *राष्ट्र की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है”* आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उनके प्रयासों से ही हम आज एक मजबूत, एकजुट और स्वतंत्र भारत में गर्व से जी रहे हैं। उन्होनें कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल देश की एकता के शिल्पी ही नहीं, बल्कि *भारत के आधुनिक प्रशासनिक ढांचे के संस्थापक भी थे।* उन्होंने स्वतंत्रता के बाद ऐसे मजबूत संस्थानों की नींव रखी जो आज भी देश की स्थिरता, निष्पक्षता और अखण्डता के आधारस्तंभ हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ, और राष्ट्र की एकता, अखण्डता और भाईचारे को सुदृढ़ करने में अपना योगदान दें।
                                अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री अनिल सोनी ने कार्यक्रम के दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि *"सरदार पटेल का योगदान न केवल देश स्वतंत्रता के लिए आंदोलन का नेतृत्व और सक्रिय सहभागिता में रही वरन स्वतंत्रता के पश्चात राष्ट्र के एकीकरण और अखण्ड भारत के निर्माण के शिल्पी रहे । उन्होंने देश की एकता के लिए जो योगदान दिया, वह सदा के लिए इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।"* उन्होंने बताया कि उस समय भारत ब्रिटिश शासन और अनेक रियासतों में विभाजित था। आजादी के बाद जब देश को एक सूत्र में बांधने की चुनौती सामने आई, तब सरदार पटेल ने अपने दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल राजनीतिक नेतृत्व के बल पर उन रियासतों को भारतीय संघ में विलय कराया। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, समझदारी और देशभक्ति से भारत को एक अखण्ड राष्ट्र के रूप में एकजुट किया।

                            इस अवसर पर *चित्रकला में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली एनईएस काॅलेज की छात्रा सुश्री प्रति मेंगरा, द्वितीय स्थान सरोज गर्वे, तृतीय स्थान सुश्री नेहा यादव एवं रंगोली प्रतियोगिता के प्रथम सुश्री प्रियंका बाई द्वितीय सुश्री अनुषा चैहान एवं तृतीय सुलोचना बाई को प्रशस्ति पत्र* प्रदान कर सम्मानित किया गया। 
                                  कार्यक्रम के दौरान माननीय विधायक जशपुर के द्वारा उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान मंच का संचालन रक्षित निरीक्षक श्री अमरजीत खूंटे द्वारा किया गया एवं उपस्थित लोगों का आभार प्रदर्षन उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज द्वारा किया गया। इसके अलावा जिला के सभी थाना एवं चौकी में उपरोक्त अनुसार कार्यक्रम कराया गया है। 

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