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वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ में राष्ट्रभक्ति का महासंगीत, 19 से 26 जनवरी तक गांव ओर शहर में गूंजेगा राष्ट्रगीत, गणतंत्र दिवस पर रायपुर और जगदलपुर में होंगे ऐतिहासिक राज्यस्तरीय आयोजन

*वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर राज्यभर में द्वितीय चरण के कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी तक*

*26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में होंगे विशेष आयोजन*

*व्यापक जनभागीदारी के साथ ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर कार्यक्रमों का होगा आयोजन*

रायपुर, 16 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण में कार्यक्रमों का आयोजन 19 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। 

गणतंत्र दिवस के दिन रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

द्वितीय चरण में 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।
सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वंदे मातरम् की पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। 

उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वही तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा एवं चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।

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छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम,रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में होगा तीन दिवसीय भव्य आयोजन

रायपुर 16 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त पहचान दिलाने के उद्देश्य से 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होने वाले ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ की तैयारियों का जायज़ा लेने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल ने आज आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉल, मुख्य मंच, साहित्यिक सत्रों के स्थल, फूड ज़ोन, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं दर्शक सुविधाओं सहित समस्त व्यवस्थाओं को समयबद्ध और सुव्यवस्थित रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

*‘आदि से अनादि तक’—भारतीय साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव*

'रायपुर साहित्य उत्सव' के प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन का केंद्रीय विचार ‘आदि से अनादि तक’ है, जो भारतीय साहित्य की निरंतर, जीवंत और विकसित होती परंपरा को रेखांकित करता है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव साहित्य, विचार और संस्कृति के संगम का उत्सव है। उन्होंने निर्देशित किया कि आगंतुकों को सहज, सुरक्षित और यादगार अनुभव मिले, इसके लिए सभी व्यवस्थाएँ उच्च गुणवत्ता की हों।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा  कि रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में बच्चों, युवाओं, शिक्षकों, लेखकों और आम पाठकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य, विचार और संस्कृति से जोड़ना इस उत्सव का प्रमुख उद्देश्य है।

*नवा रायपुर बनेगा साहित्य, विचार और कला का केंद्र*

तीन दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला-प्रदर्शनियों का जीवंत केंद्र बनेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

*देशभर के साहित्यकार, विचारक और रचनाकार होंगे शामिल*

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से आए ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक मंच पर संवाद करते नज़र आएँगे। कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ खुले संवाद, समकालीन विषयों पर विचार-विमर्श और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी।

*युवाओं और बच्चों को मिलेगा सशक्त मंच*

उत्सव की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें नई पीढ़ी को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है। रायपुर जिले के स्कूली बच्चों द्वारा स्वलिखित कविताओं, कहानियों एवं अन्य रचनाओं पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। साथ ही बच्चों और युवाओं के लिए ओपन माइक जैसे मंच उपलब्ध कराए जाएँगे, जहाँ वे अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। 

युवाओं में आयोजन को लेकर खासा उत्साह है—अब तक 4,000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।

*भव्य पुस्तक मेला और लेखक–पाठक संवाद*

उत्सव के दौरान लगभग 40 स्टॉल्स के साथ एक भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित की जायेंगी एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगी। यह मंच लेखकों और पाठकों के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करेगा।

*‘चाणक्य’ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहेंगी विशेष आकर्षण*

रायपुर साहित्य उत्सव में विशेष रूप से ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा, जो भारतीय बौद्धिक परंपरा और नाट्यकला का प्रभावशाली उदाहरण होगा। इसके साथ ही लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को राज्य की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।

*कवि सम्मेलन और संवाद सत्र*

विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जहाँ उनकी सशक्त रचनाएँ श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराएँगी। साथ ही पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएँगे, जिनमें समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर सार्थक चर्चा होगी।

निरीक्षण के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने आयोजन को सुव्यवस्थित, प्रभावी और यादगार बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए। 

यह आयोजन छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, विचार परंपरा और सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय संवाद से जोड़ने की एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 न केवल लेखकों और पाठकों के बीच सेतु बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और विचार के प्रति संवेदनशील बनाने का भी माध्यम बनेगा। साहित्यिक विमर्श, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध यह तीन दिवसीय उत्सव नवा रायपुर को देश के प्रमुख साहित्यिक केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय सिद्ध होगा।

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धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जिला स्तरीय समन्वयक चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी, दावा–आपत्ति 23 जनवरी तक

जशपुरनगर 16 जनवरी 2026/ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर गठित वन अधिकार प्रकोष्ठ में मानव संसाधन के रूप में जिला स्तरीय समन्वयक (वन अधिकार अधिनियम) की नियुक्ति प्रक्रिया प्रगति पर है। इस संबंध में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग द्वारा नियुक्ति हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया गया था, जिसमें आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 05 जनवरी 2026 निर्धारित की गई थी।
जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण उपरांत कुल 35 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 03 आवेदक पात्र तथा 32 आवेदक अपात्र पाए गए हैं। पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची प्रकाशित कर दी गई है, जिस पर दावा–आपत्ति आमंत्रित की गई है।

      सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जशपुर ने बताया कि पात्र अथवा अपात्र घोषित अभ्यर्थी यदि किसी प्रकार की आपत्ति अथवा दावा प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो वे 23 जनवरी 2026 तक आवश्यक प्रमाणिक दस्तावेजों के साथ अपना लिखित अभ्यावेदन कार्यालय, सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जिला-जशपुर (छत्तीसगढ़) में कार्यालयीन समय के भीतर प्रस्तुत कर सकते हैं।
उक्त पद के लिए चयनित जिला स्तरीय समन्वयक को 30,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय देय होगा। नियुक्ति से जिले में वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकारों के क्रियान्वयन, समन्वय एवं निगरानी कार्यों को गति मिलने की अपेक्षा है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जिले की आधिकारिक वेबसाइट http://jashpur.nic.in पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जशपुर कार्यालय में कार्यालयीन समय के दौरान संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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नवगुरूकुल ने दिए हुनर और आत्मविश्वास, आकांक्षा ने आत्मनिर्भर बनकर दिखाया अपना दम

जशपुर 16 जनवरी 2026/ जिला प्रशासन जशपुर द्वारा संचालित नवगुरूकुल संस्थान जिले के युवाओं एवं छात्राओं के लिए कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन एवं अनुशासित शिक्षण वातावरण के माध्यम से विद्यार्थी निरंतर सफलता प्राप्त कर रहे हैं। नवगुरूकुल में छात्राओं को प्रोग्रामिंग एवं बिजनेस से जुड़े आधुनिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ जीवन कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे रोजगारोन्मुखी बन रही हैं।

नवगुरूकुल की छात्रा आकांक्षा विश्वकर्मा, जो मध्यमवर्गीय परिवार से हैं, इस पहल की एक मिसाल हैं। आकांक्षा ने शासकीय विजय  भूषण सिंह देव गर्ल्स कॉलेज, जशपुर से स्नातक की पढ़ाई पूर्ण करने के पश्चात नवगुरूकुल संस्थान से जुड़कर अपने करियर को नई दिशा दी। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण, सतत मार्गदर्शन एवं सीखने के अनुकूल वातावरण ने उन्हें आगे बढ़ने का सशक्त अवसर प्रदान किया।

नवगुरूकुल के स्कूल ऑफ प्रोग्रामिंग के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए आकांक्षा लाइफ स्किल कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्य की। आज वे एचटीएमएल, सीएसएस एवं जावास्क्रिप्ट जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी कौशल में दक्ष हैं। इसके साथ ही संस्थान ने उनमें आत्मविश्वास, टीमवर्क एवं समस्या-समाधान जैसे आवश्यक जीवन कौशल का भी विकास किया है।

वर्तमान में आकांक्षा लाइफ स्किल एसोसियेट के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें 15 हजार रुपए मासिक मानदेय प्राप्त हो रहा है, जो इंटर्नशिप पूर्ण होने के उपरांत 18 हजार रुपए तक हो जाएगा। यह उपलब्धि उनके निरंतर परिश्रम और नवगुरूकुल के समर्पित प्रशिक्षण मॉडल का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन जशपुर द्वारा संचालित नवगुरूकुल संस्थान ग्रामीण एवं सामान्य पृष्ठभूमि के युवाओं को आधुनिक कौशल से सुसज्जित कर आत्मनिर्भर बना रहा है। यह पहल न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है, बल्कि जिले के युवाओं को आत्मविश्वास के साथ भविष्य निर्माण की दिशा में अग्रसर कर रही है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर को मिलेगी विश्वस्तरीय खेल पहचान, पहाड़ी कोरवा बच्चों के लिए बनेगी अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी

जशपुरनगर 16 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत दिवस बगीचा विकास खंड के एक दिवसीय प्रवास के दौरान विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों के लिए 20 करोड़ 53 लाख की लागत से बनाए जा रहे आर्चरी अकादमी के
 निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया 

 संबंधित विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बगीचा विकास खंड के सन्ना तहसील के पण्डपाठ में  तीरंदाजी अकादमी बनाने के लिए निविदा प्रक्रियाधीन हैं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल जशपुर को कार्य एजेंसी बनाया गया है।

जशपुर जिला खेल प्रतिभाओं की भूमि के रूप में शुरूआत से ही जाना जाता रहा है। यहां के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल के दम पर न केवल प्रदेश, बल्कि देश और विदेशों में भी जशपुर का नाम गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर की लोकसंस्कृति और यहां के खेलप्रेम से भलीभांति परिचित हैं। उनके नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में खेल अधोसंरचना के विकास के तहत आधुनिक स्टेडियमों और खेल मैदानों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यहां विभिन्न महत्वपूर्ण खेल आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के  निर्देश पर जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए स्टेडियमों और खेल मैदानों की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय को जन्म से ही तीरंदाजी में प्राकृतिक निपुणता प्राप्त होती है। इस पारंपरिक कौशल को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से सन्ना में 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जाएगा।  इस अकादमी में लाइब्रेरी, मेडिकल सेंटर, नर्सरी, हर्बल प्लांटेशन, अत्याधुनिक ग्राउंड, चेंजिंग रूम, कोच रूम, उपकरण केंद्र, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, प्रशिक्षण कक्ष, वार्डन एवं गार्ड रूम जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही उपकरण, परिवहन के लिए बस, हाईमास्ट लाइट जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
    
खिलाड़ियों, नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

 खेल प्रेमियों और आम नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने हमेशा खेलों को समाज और युवाओं के विकास का माध्यम माना है। उनकी प्राथमिकताओं में खेल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों तक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराना शामिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए और अधिक तैयार हो पाएंगे। यह पहल जिले में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी और आने वाली पीढ़ियों को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से बगीचा में मेगा हेल्थ कैंप, 1100 से अधिक मरीजों को मिला निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार


जशपुरनगर, 16 जनवरी 2026/ बगीचा में गुरुवार को एक दिवसीय मेगा हेल्थ कैंप एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन हुआ। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में 2 करोड़ 43 लाख 72 हजार रुपये की लागत से निर्मित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन का लोकार्पण के साथ ही मेगा स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया था। मेगा हेल्थ कैंप में बगीचा सहित आसपास के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श, स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की सुविधा प्रदान की गई। शिविर के दौरान कुल 1109 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिन्हें आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराया गया तथा निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया।
    स्वास्थ्य शिविर में जनरल मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हड्डी रोग, प्रसूति एवं स्त्री रोग, नाक-कान-गला (ईएनटी), नेत्र रोग, नेफ्रोलॉजी एवं प्लास्टिक सर्जरी जैसे विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सेवाएं दी गईं। शिविर में गंभीर एवं जटिल बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बेहतर उपचार हेतु सर्वसुविधायुक्त उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किए जाने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी। शिविर में न्यूरोलॉजी के 125, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के 65, नाक-कान-गला के 148, मेडिसिन के 172, प्लास्टिक सर्जरी के 46, नेफ्रोलॉजी के 29, हड्डी रोग के 161, प्रसूति एवं स्त्री रोग के 60, नेत्र रोग के 80 तथा सामान्य ओपीडी में 223 मरीजों का स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया गया।

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टैक्स वसूली जारी, सुविधाएं गायब — गोरिया का साप्ताहिक बाजार बना पंचायत की लापरवाही का आईना,टूटे टिनशेड, जर्जर फर्श और बारिश में बहती व्यवस्था, किसान-व्यापारी परेशान

जशपुर/नारायणपुर 16 जनवरी 2026 ।

कुनकुरी विकासखंड की ग्राम पंचायत गोरिया में हर गुरुवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार आज विकास की नहीं, बल्कि पंचायत की लापरवाही की पहचान बन चुका है।बाजार में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण व्यापारियों और किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।दूर-दराज से आने वाले किसान और व्यापारी यहां अपनी मेहनत की कमाई बेचने पहुंचते हैं, लेकिन बदले में उन्हें टूटी छत, उखड़ी फर्श और बदहाल व्यवस्था का सामना करना पड़ता है।

बाजार में दुकानदारों के लिए लगाया गया टिनशेड पिछले करीब पांच वर्षों से क्षतिग्रस्त हालत में है। कई स्थानों पर यह बांस के सहारे टिका हुआ है, जबकि कई जगह से पूरी तरह उखड़ चुका है। बारिश के मौसम में दुकानदारों को अपना सामान समेटना पड़ता है, जिससे व्यापार प्रभावित होता है।

बाजार की फर्श भी जगह-जगह से टूटी हुई है। इससे दुकानदारों को बैठने और दुकान लगाने में कठिनाई होती है, वहीं ग्रामीणों को भी आवागमन में परेशानी होती है।बाजार में दुकानदारों के लिए बनाया गया टिनशेड पिछले पांच वर्षों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। कई जगह यह बांस के सहारे खड़ा है, तो कहीं पूरी तरह उखड़ा हुआ

किसानों का कहना है कि वे दिन-रात मेहनत कर सब्जियां उगाते हैं और साप्ताहिक बाजार में बेचने आते हैं, लेकिन यहां की अव्यवस्था के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

व्यापारियों का आरोप है कि पंचायत हर सप्ताह बाजार टैक्स तो पूरे सख्ती से वसूलती है, लेकिन बदले में कोई सुविधा नहीं देती। वर्षों से शेड टूटे हुए हैं, पर मरम्मत के नाम पर केवल आश्वासन मिलते हैं।

व्यवस्था नहीं तो टैक्स क्यों?
सरपंच ने बजट अभाव की बात स्वीकार की, लेकिन सवाल साफ है — जब हर सप्ताह टैक्स वसूला जा रहा है तो वह पैसा आखिर गया कहां? और अगर बजट नहीं है तो टैक्स किस बात का लिया जा रहा है?

    गोरिया का साप्ताहिक बाजार आज पंचायत के विकास के दावों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। यहां विकास फाइलों में चमकता है, लेकिन जमीन पर टूटे टिनशेड दिखाई दे रहा है।

इस संबंध में ग्राम पंचायत सरपंच ने बताया कि बाजार शेड मरम्मत योग्य है, लेकिन बजट के अभाव में अभी तक मरम्मत कार्य नहीं कराया जा सका है।

ग्रामीणों और व्यापारियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द बाजार शेड और फर्श की मरम्मत कराई जाए, ताकि साप्ताहिक बाजार में हमे दुकान लगाने में परेशानी न हो ।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बगिया को मॉडल सिंचाई क्लस्टर बनाने की दिशा में की एक और पहल, किसानों के 49 सदस्यीय दल को मध्यप्रदेश की जल परियोजनाओं के अध्ययन के लिए किया रवाना

समृद्धि–एमकैड योजना के तहत जिले के किसान मोहनपुरा–कुंडलिया परियोजना का करेंगे अध्ययन भ्रमण

जशपुरनगर 16 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले में समृद्धि – कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एमकैड) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने बगिया क्लस्टर में प्रस्तावित प्रेशराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क निर्माण से पूर्व जिले के चयनित किसानों को 16 से 20 जनवरी 2026 तक मध्यप्रदेश की मोहनपुरा एवं कुंडलिया वृहद सिंचाई परियोजनाओं के अध्ययन भ्रमण के लिए विगत दिवस बगिया से रवाना किए। कलेक्टर के नेतृत्व में 13 गांव के 26 किसान एवं अधिकारी कर्मचारियों सहित कुल 49 सदस्य बस से बिलासपुर के लिए रवाना हुए। सभी सदस्य आज 11 बजे बिलासपुर से ट्रेन के माध्यम से मध्यप्रदेश के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निज निवास बगिया से स्वयं किसानों को शुभकामनाएँ देते हुए इस अध्ययन दल के बस को हरि झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि वे वहां की आधुनिक सिंचाई प्रणालियों, जल प्रबंधन तकनीकों, फसल पैटर्न और जल उपभोक्ता समितियों के कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन करें ताकि बगिया समृद्धि परियोजना को जिले का आदर्श मॉडल बनाया जा सके।
उन्होंने कहा की बगिया क्लस्टर अंतर्गत प्रदेश की पहली अंडरग्राउंड पाइप सिस्टम से खेतों में सिंचाई प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके तहत भौतिक रूप से नहर बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही पाइप के माध्यम से सिंचाई होने से जल के दुरुपयोग एवं बर्बादी को भी रोका जा सकेगा। अध्ययन भ्रमण के दौरान किसान मोहनपुरा एवं कुंडलिया परियोजनाओं में स्थापित जल प्रबंधन संरचनाओं, पाइप नेटवर्क संचालन, खेत-स्तरीय वितरण प्रणाली, सौर ऊर्जा आधारित पम्पिंग, जल मापन व्यवस्था, आधुनिक एवं इंटरनेट ऑन थिंग्स आधारित निगरानी प्रणाली तथा जल उपभोक्ता समितियों की भूमिका को प्रत्यक्ष रूप से समझेंगे। इससे किसानों को यह सीख मिलेगी कि कैसे वैज्ञानिक ढंग से सिंचाई कर फसल उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है और जल अपव्यय को रोका जा सकता है। इस दौरान जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसपी श्री शशिमोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं आमजन मौजूद रहे।


     उल्लेखनीय है कि समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास और जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण हेतु भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग विंग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य से जशपुर जिले के अंतर्गत बगिया क्लस्टर में मैनी नदी से दाबयुक्त पाईपलाईन सिचाई प्रणाली के माध्यम से 4 हजार 831 हेक्टेयर क्षेत्र में सिचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसी तारतम्य में यह भ्रमण बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत प्रस्तावित प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आयोजित किया गया है। समृद्धि–एमकैड योजना के तहत बगिया क्लस्टर के 13 ग्रामों में आधुनिक सिंचाई सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को खरीफ और रबी दोनों मौसमों में सुनिश्चित सिंचाई उपलब्ध होगी। इस परियोजना में परंपरागत नहर प्रणाली के स्थान पर पाइप आधारित सिंचाई नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे पानी की हर बूंद का अधिकतम उपयोग संभव होगा। इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से किसान केवल लाभार्थी ही नहीं, बल्कि परियोजना के सक्रिय सहभागी बनेंगे। लौटने के बाद यही किसान अन्य कृषकों को भी तकनीकी जानकारियाँ साझा करेंगे, जिससे बगिया समृद्धि एमकैड योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी तथा टिकाऊ बन सकेगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बगिया में जनदर्शन के दौरान  आमजनों से किया सीधा संवाद,समस्याओं के त्वरित, संवेदनशील एवं प्राथमिकता से निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 16 जनवरी 2026/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत दिवस अपने गृह ग्राम बगिया में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद किया। जनदर्शन में ग्रामीणजन, महिलाएँ, किसान तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित हुए और अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी आवेदनों को गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुना तथा मौके पर उपस्थित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण करते हुए शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य आमजन के जीवन को सरल बनाना और विकास को गति देना है, इसलिए यह आवश्यक है कि योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुँचे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनका त्वरित निपटारा किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। जनदर्शन के दौरान कई आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया, वहीं कुछ मामलों में मुख्यमंत्री ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। 
कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता से संवाद करते हुए आमजन को भरोसा दिलाया कि शासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है और प्रत्येक प्रकरण का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।

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15 वर्षों से बदहाली की सजा भुगत रहे घटमुंडा पंचायत के ग्रामीण,पंचायती चुनावी वादों की धूल में दब गई महुवाढाबा से बैगाटोली तक की ग्रामीण सड़क, पंचायत की उदासीनता पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

विकास की राह में रोड़ा बनी बदहाल सड़क, पंचायत की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश”

एक सड़क, हजारों परेशानियां: महुवाढाबा से बैगाटोली तक की राह पर हर कदम खतरा

प्रधानमंत्री सड़क से लेकर मुख्यमंत्री सड़क तक, योजनाओं की लाइन में भी जगह नहीं बना पाई घटमुंडा की यह बदहाल सड़क”

जशपुर/नारायणपुर 16 जनवरी 2026 : 
कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घटमुंडा की ग्रामीण सड़कें आज विकास की नहीं, बल्कि पंचयात की लापरवाही और उपेक्षा की जीती-जागती मिसाल बन चुकी हैं। घटमुण्डा के  महुवाढाबा से टंगराटोली, सरनापारा होते हुए बैगाटोली तक जाने वाली यह दो किमी मुख्य ग्रामीण सड़क तथा गिनाबहार मार्ग के जामुन पेड़ से नवाटोली तक लगभग आधा किलोमीटर लंबी सड़क आज पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुकी है।

इन सड़कों पर जगह-जगह एक से दो फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिनसे होकर गुजरना ग्रामीणों के लिए किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं है। बरसात के मौसम में ये गड्ढे तालाब में तब्दील हो जाते हैं, वहीं गर्मी में उड़ती धूल राहगीरों की आंखों और सांसों के लिए परेशानी बन जाती है।

ब्लॉक मुख्यालय, अस्पताल और जिला पहुंचने का मार्ग

ग्रामीणों के लिए यही सड़कें ब्लॉक मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला कार्यालय, तहसील कार्यालय और बाजार तक पहुंचने का एकमात्र माध्यम हैं। स्कूली बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग मरीज और दैनिक मजदूरी करने वाले लोग रोज इसी जानलेवा सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीण बताते हैं कि कई बार बाइक सवार गिरकर घायल हो चुके हैं।इस सड़क से सफर करना जान जोखिम से कम नही है।

15 वर्षों से सिर्फ वादे, जमीन पर नहीं उतरा कोई काम

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों में हर पंचायत चुनाव, जनपद चुनाव और जिला पंचायत चुनाव के दौरान नेताओं ने इस सड़क की मरम्मत और प्रधानमंत्री सड़क योजना से जोड़ने का बड़ा बड़ा वादा किया गया था लेकिन चुनाव बीतते ही यह सड़क फिर नेताओं की प्राथमिकता सूची से बाहर हो गई है। जिसका खामियाजा आज तक यंहा की जनता भुगत रही है।ग्रामीणों ने कहा, “हमने हर बार भरोसा किया, लेकिन हर बार सिर्फ ठगे गए। सड़क आज भी वैसी ही है जैसी 15 साल पहले थी।”

पंचायत और स्थानीय प्रशासन पर सीधा आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से पंचायत कार्यालय में शिकायत और मौखिक निवेदन करते आ रहे हैं, लेकिन न तो स्थायी मरम्मत कराई गई और न ही इस सड़क को किसी योजना में शामिल कराया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले में कई छोटी-छोटी सड़कों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत स्वीकृति मिल रही है, स्थानीय जन जनप्रतिनिधियों की लाफ़रवाही की वजह से घटमुंडा पंचायत की यह महत्वपूर्ण सड़क आज तक योजनाओं की सूची में भी जगह नहीं बना पाई।

सर्वे तक नहीं, अब तक योजना से भी बाहर

ग्रामीणों का आरोप है कि जिला पंचयात स्तर के जनप्रतिनिधियों ने कई बार कहा कि सड़क प्रधानमंत्री सड़क योजना में बनेगी, लेकिन आज तक न तो इसका सर्वे हुआ और न ही इसे किसी योजना में शामिल किया गया। इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।

पंचायत प्रतिनिधियों का पक्ष

इस संबंध में जब ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती निशा केरकेट्टा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 15वें वित्त या मूलभूत मद की राशि प्राप्त होते ही सड़क में मिट्टी-मुरुम का कार्य कराया जाएगा।

वहीं पंचायत सचिव श्रीमती दीपा चौहान ने बताया कि करीब 5 वर्ष पूर्व सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन वर्तमान में बजट की कमी के कारण दोबारा मरम्मत संभव नहीं हो सकी है।

अब देखना  है कि क्या जनपद पंचायत और जिला पंचयात के प्रतिनिधि घटमुंडा पंचायत के ग्रामीणों की इस पीड़ा को सुनेगा?क्या 15 वर्षों से बदहाल इस सड़क को आखिरकार मरम्मत की सौगात मिलेगी? या फिर ग्रामीणों को आने वाले वर्षों तक इसी बदहाली में सफर करना पड़ेगा? 

क्या कहतें हैं ग्रामीण:

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पमशाला स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में की पूजा-अर्चना

जशपुर, 15 जनवरी 2026/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विकासखंड फरसाबहार के ग्राम पमशाला में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में शामिल होने से पूर्व परिसर में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने पूजा के दौरान प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ उपस्थित रहें।

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शिक्षा से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,फरसाबहार के  पमशाला में तीन दिवसीय अखिल भारतीय कंवर समाज सम्मेलन का हुआ समापन,समाज के सर्वोच्च सम्मान  कंवर रत्न से किया गया सम्मानित

जशपुर, 15 जनवरी 2026/ फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम पमशाला में आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज के विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर जीवन, राजनीति, व्यापार एवं समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का माध्यम है। उन्होंने समाजजनों से बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षा दिलाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या  साय, समाज के अध्यक्ष श्री भरत साय, सांसद रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र श्री राधेश्याम राठिया, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, श्री रोहित साय, श्री जगदीश साय पैंकरा, श्री आर पी साय, श्री अंनत राम पैंकरा,  श्री अशोक साय,  श्री आर एन साय, श्री शिवशंकर साय सहित समाज के क्षेत्रीय एवं अंचल के पदाधिकारी उपस्थित थे। 

*समाज के उत्कृष्ट व्यक्तियों को  सर्वोच्च सम्मान से किया गया सम्मानित*

कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय को पुरे देश में समाज को गौरवांवित करने के लिए कंवर रत्न से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार समाज के डॉ नंद कुमार साय को कंवर गौरव एवं श्रीमती कौशल्या  साय, श्री भरत साय, श्री आर एन साय, श्री आर पी साय, श्री सुगम साय, श्री जगदम्ब साय एवं सेवानिवृत्त आईएएस श्री एम एस पैंकरा को कंवर वैभव सम्मान प्रदान किया गया।

ग्राम पमशाला में आयोजित कंवर समाज के सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समाजजनों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए समिति के केंद्रीय कार्यालय पमशाला को बधाई देते हुए सम्मेलन में आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कँवर समाज के और आदिवासी समाज पर भरोसा जताते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है। यह समाज के लोगों के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आदिवासी कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता में है और केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज का आशीर्वाद उन पर बना रहे। आप लोगों के  दिए सम्मान को बनाए रखने एवं राज्य के मुख्यमंत्री के दायित्व को पूरे निष्ठा के साथ निभाउंगा।  उन्होंने कहा कि यह बहुत सराहनीय है कि कंवर समाज विकास समिति द्वारा वार्षिक सम्मेलन की इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। आयोजन का भव्यता समय के साथ बढ़ती जा रही है। ऐसे आयोजन समाज को चिंतन, मंथन और प्रगति का अवसर देते हैं। तीन दिवस तक नृत्य, गायन व सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।  आगे भी इसे ऐसी बनाए रखना है, संस्कृति को बचाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के पदाधिकारियों द्वारा अनूठा पहल करते हुए समाज के उत्कृष्ट व्यक्तियो को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कंवर रत्न से सम्मानित करने के लिए  सभी का धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज क्षेत्र में *12 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण* किया गया है, जिससे  क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। 
उन्होंने कहा कि अभी सरकार गठन के 2 वर्ष पूर्ण हुए है। छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी को पूरा करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारा राज्य विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में स्थापित होगा।  सरकार गठन के साथ ही 18 लाख से अधिक लोगों के पीएम आवास की स्वीकृति,  2 वर्ष के बकाया धान का बकाया बोनस किसानों के खाते में अंतरित किया गया। 3100 रुपये पक्विंटल से धान की खरीदी की जा रही। 70 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में प्रतिमाह 1 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।  तेंदूपत्ता संग्राहकों को  लाभ पहुचाने के लिए प्रति मानक बोरा में वृद्धि करते हुए 5500 रुपये 
में खरीदी, चरणपादुका का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि  देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का ध्येय रखा गया है। प्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया  कि श्री राम लला दर्शन योजना के माध्यम से राज्य से प्रतिमाह हजारों भक्तों को सरकारी खर्च से अयोध्या धाम में श्री राम के दर्शन का लाभ मिल रहा है। नई औद्योगिक नीति की भी जानकारी दी।
 मुख्यमंत्री ने समाज के सभी लोगो से शासकीय योजनाओं की जानकारी रखने एवं लाभ लेने की बात कही। समाज के उत्थान में सभी को अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। 
मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति की *केंद्रीय अध्यक्ष पद पर पहली बार महिला का चयन* होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए श्रीमती कौशल्या साय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निरंतर वार्षिक आयोजनों से समाज में जागरूकता, संगठनात्मक मजबूती और समग्र विकास को बल मिलता है।

कार्यक्रम को श्रीमती कौशल्या साय , डॉ नंद कुमार साय एवं श्री भरत साय ने भी सम्बोधित करते हुए  कहा कि  यह सम्मेलन साल में एक बार अवश्य किया जाना चाहिए ताकि समाज के नई पीढ़ी को समाज की संस्कृति से जोड़ते हुए समाज के विकास को और आगे बढ़ाया जा सकें। 

*पमशाला में गार्डवाल व एनीकट निर्माण के लिए 39 लाखप्रदान करने की घोषणा*

*ढुरूडाड़ में सामाजिक भवन हेतु 25 लाख,  पोंगराबहार में समाज के भवन हेतु 20 लाख की घोषणा*

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पमशाला स्थित केंद्रीय सामाजिक कार्यालय के क्षेत्र विस्तार हेतु ईब नदी पर गार्डवाल व  एनीकट निर्माण के लिए 39 लाख प्रदान करने की घोषणा की। इसी प्रकार  ढुरूडाड़ में कंवर समाज के सामाजिक भवन हेतु 25 लाख एवं पोंगराबहार में सामाजिक भवन हेतु  20 लाख प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणा पर समाज के लोगों ने आभार जताया।

*समाज के मेधावी छात्रों का किया गया सम्मान*

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं अतिथियों द्वारा 
समाज के 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र- छात्राओं को प्रोत्साहन राशि एवं प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।

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बगीचा में उज्ज्वला महोत्सव, मुख्यमंत्री साय ने 2 हजार महिलाओं को प्रदान किए निशुल्क गैस कनेक्शन, मुद्रा लोन चेक वितरण के साथ पुल, स्कूल कक्ष एवं रेस्ट हाउस उन्नयन की घोषणा

जशपुरनगर 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज विकासखंड मख्यालय बगीचा में उज्जवला महोत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने 2 हजार से अधिक महिलाओं को उज्ज्वला योजना अंतर्गत घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा की भारत सरकार की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना से महिलाओं को घरेलू गैस कनेक्शन निशुल्क प्रदान की जा रही है। इससे महिलाओं को लकड़ी से खाना बनाने और चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिल रही है। उन्होंने हितग्राहियों को योजना अंतर्गत प्रदान किए गए गैस कनेक्शन का उपयोग करने एवं शासन की योजना का भरपूर लाभ लेने की अपील की। हितग्राहियों ने नया गैस कनेक्शन मिलने पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने  हितग्राहियों को मुद्रा लोन योजना अंतर्गत चेक राशि का भी वितरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बगीचा स्वामी आत्मानंद स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, बगीचा से बिंदे मार्ग में पुल निर्माण, कन्हर नदी में पुल निर्माण एवं बगीचा रेस्ट हाउस के उन्नयन कार्य की घोषणा की।
कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिडाम, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि अधिकारी कर्मचारी एवं भारी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

      इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर जनता ने विश्वास जताया। सरकार बनते ही सभी गारंटियों को पूर्ण किया जा रहा है। जिससे लोग लाभान्वित हो रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए सरकार बनते ही 14 दिसम्बर 2023 को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख गरीब परिवारों के आवास स्वीकृत किए गए। अब तक 8 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को एकमुश्त राशि में धान का भुगतान किया जा रहा है, 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से खरीदी और 3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिया जा रहा है। लंबित बोनस राशि का भुगतान किया गया तथा तेंदूपत्ता 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से खरीदा जा रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। महिलाएं इस राशि से सब्जी-भाजी व्यवसाय, पशुपालन, किराना दुकान जैसे कार्य कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रही हैं। जशपुर जिले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आर्चरी अकादमी और मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। साथ ही नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, नालंदा परिसर एवं पर्यटन अधोसंरचना का विकास भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर वर्ग को सुविधा और अवसर मिले और जनता की उम्मीदों पर सरकार खरी उतरे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 110.47 करोड़ रूपए लागत के 46 विकासकार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन,3.34 करोड़ रुपए  की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों का किया लोकार्पण

जशपुरनगर 15 जनवरी 2026 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  आज विकासखंड बगीचा के हाई स्कूल में मैदान में आयोजित उज्जवला महोत्सव कार्यक्रम में  110.47 करोड़ रूपए लागत के 46 विकासकार्यों का  लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 3  करोड़ 34 लाख 22 हजार रूपए की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों  का लोकार्पण और 107 करोड़ 13  लाख 29 हजार रुपए लागत के 37 विकासकार्यों  का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत एवं श्रीमती गोमती साय, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, आईजी श्री दीपक कुमार झा,कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, कृष्ण कुमार राय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और  बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
       मुख्यमंत्री श्री साय ने 107 करोड़ 13  लाख 29 हजार रुपए लागत के जिन 37 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें प्रमुख रूप से 18.37 करोड़ रुपए लागत के ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट लं. 13. 60 किमी. का निर्माण कार्य, 20.53 करोड़ रुपए लागत के पंडरापाठ तहसील सन्ना में प्रस्तावित आर्चरी अकादमी परिसर का निर्माण एवं विकास कार्य, 7.35 करोड़ रुपए लागत के जशपुर-सन्ना मार्ग पर घेरडेवा नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग का निर्माण कार्य, 4.87 करोड़ रुपए लागत के केरापाठ से गायबुढ़ा पहुंच मार्ग लं. 4.86 किमी. पुल, पुलिया सहित निर्माण कार्य, 2.96 करोड़ रुपए लागत के कामारिमा से बगीचा  में स्थित सुखा नाला में वृहद पुल निर्माण कार्य, 3.04 करोड़ रुपए लागत के जबला से नवापारा में स्थित सुखा नाला में वृहद पुल निर्माण कार्य, 3.03 करोड़ रुपए लागत के ढोढ़रअम्बा कदमटोली से डुहडुहकोना में स्थित नाला में वृहद पुल निर्माण कार्य,  2.51 करोड़ रुपए लागत के घुघरी से भगवान ढोढहा में स्थित नाला में वृहद पुल निर्माण और 3.86 करोड़ रुपए लागत के बगीचा बतौली मार्ग, उपरपारा से कोरवाटोली  में स्थित सुखा नाला में वृहद पुल निर्माण कार्य शामिल है। इसी तरह मुख्यमंत्री ने 3  करोड़ 34 लाख 22 हजार रूपए की लागत से निर्मित जिन  9 विकासकार्यों  का लोकार्पण किया उनमें प्रमुख रूप से 24.70 लाख रुपए की लागत से सोनक्यारी में निर्मित महतारी सदन शामिल है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में 1 करोड़ की लागत से बन रहे मंगल भवन निर्माण कार्य का किया अवलोकन,गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया विशेष जोर


जशपुर 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगीचा विकास खंड के मंगल भवन निर्माण कार्य का अवलोकन किया।  इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम आईजी श्री दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह, जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के जशपुर जिला प्रवास के दौरान बगीचा में एक करोड़ की लागत से मंगल भवन बनाने की घोषणा की गई थी जिसके तारतम्य में नगर पंचायत बगीचा में स्थल का चयन कर वार्ड क्र० 09 में निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया हैं।  

निर्माण एजेंसी द्वारा लगभग 06 माह की समयावधि सर्व सुविधायुक्त मंगल भवन आगामी मार्च 2026 तक उक्त भवन का निर्माण पूर्ण करा निकाय क्षेत्रान्तर्गत के नागरिको का विभिन्न कार्यक्रमों हेतु उपलब्ध कराया 

मंगल भवन का निर्माण कार्य डोर लेबल पर कार्य प्रगतिरत है। उक्त मंगलभवन में कुल 9,550 वर्गफीट में एक वृहद हॉल, एक छोटा हॉल, दो कमरा अटेच्ड लेटबॉथ एवं एक स्टेज इनके साथ ही सामान्य महिला एवं पुरूष लेटबॉथ व बराम्दा भी निर्माणाधीन है। उक्त भवन के सामने वृहद पार्किंग की व्यवस्था है। जिसका उपयोग निकाय क्षेत्रान्तर्गत के नागरिको को शादी, जनसभा व अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमो के आयोजन हेतु उपयोग किया जा सकेगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में मेगा हेल्थ कैंप का किया शुभारंभ,बगीचा सहित आसपास क्षेत्र के लोगों ने कराया निशुल्क स्वास्थ्य जांच

जशपुरनगर 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगीचा  में मेगा हेल्थ कैंप स्वास्थ्य जांच शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में राज्य के सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दी। शिविर में बगीचा सहित आसपास क्षेत्र के लोगों ने भारी संख्या में शामिल होकर स्वास्थ्य जांच एवं इलाज कराया। शिविर में लोगों का आवश्यकतानुसार लैब टेस्ट किया गया। साथ ही निशुल्क दवाइयों का भी वितरण किया गया। स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निशुल्क जांच और इलाज से क्षेत्र के लोगों को अपनी स्वास्थ्यगत समस्याओं का एक ही जगह पर समाधान मिल रहा है। जिससे दूरस्थ क्षेत्र के अस्पतालों में जाना नहीं पड़ा। नए अस्पताल के शुभारम्भ से बगीचा सहित आसपास के लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही सभी प्रकार की बीमारियों का जांच और इलाज मिल सकेगा। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र एवं शिविर में शामिल होने आए लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने लोगों से बीमारी एवं स्वास्थ्यगत समस्याओं का निसंकोच डॉक्टर से जांच एवं इलाज करने की अपील भी की।

     उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने बगीचा में 2 करोड़ 43 लाख 72 हजार की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आज लोकार्पण किया। साथ ही अस्पताल में लोगों के निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और इलाज के लिए शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में विभिन्न  विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों का गंभीरता पूर्वक स्वास्थ्य जांच एवं इलाज किया। इनमें जनरल मेडिसिन, न्यूरो विभाग, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ, नेफ्रोलॉजिस्ट एवं प्लाटिक सर्जन चिकित्सकों ने शिविर में सेवाएं दी। स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न बीमारियों का स्वास्थ्य जांच किया गया। विभिन्न प्रकार के टेस्ट भी किए गए और गंभीर मरीजों को सर्वसुविधा युक्त उच्च अस्पताल में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। ताकि मरीजों अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सकें।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन का किया लोकार्पण, वनांचल को मिली आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की बड़ी सौगात

जशपुरनगर , 15 जनवरी 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विकासखंड बगीचा में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सौगात दी। इस आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न रोगों की लैब   जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है।
     सुदूर वनांचल क्षेत्र बगीचा में दूरस्थ एवं पहुंचविहीन इलाकों में निवासरत लगभग 14 हजार पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति सहित करीब दो लाख की आबादी को अब अपने ही क्षेत्र में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस केंद्र के संचालन से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर शहरों की यात्रा में कमी आएगी, समय की बचत होगी और मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
     इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा सहजता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि बगीचा जैसे वनांचल एवं विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को निःशुल्क और बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने हेतु निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। जशपुर में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में जिले को चिकित्सा शिक्षा एवं सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत और श्रीमती गोमती साय,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, आईजी श्री दीपक कुमार झा,कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
    
*वनांचल क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा साबित होगी नवीन सीएचसी भवन*

करीब 2 करोड़ 43 लाख 72 हजार रुपये की लागत से नवनिर्मित इस 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन में जनरल सर्जरी, नाक-कान-गला, शिशु रोग, अस्थि रोग, स्त्री रोग सहित अन्य विशेषज्ञ सेवाएं तथा आधुनिक लैब जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके सुचारू संचालन के लिए शासन से 100 मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। यह स्वास्थ्य केंद्र निश्चित ही बगीचा एवं आसपास के ग्रामीण एवं वनांचल अंचलों के लिए जीवन रेखा सिद्ध होगा और क्षेत्र की जनता को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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मुख्यमंत्री ने बगीचा के आधुनिक बैडमिंटन कोर्ट निर्माण कार्य का किया अवलोकन ,2 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा निर्माण कार्य 

जशपुर 15 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगीचा विकास खंड में क्षेत्र के खिलाड़ियों की लंबे समय से की जा रही माँग को ध्यान में रखते हुए यहाँ 2 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से आधुनिक बैडमिंटन कोर्ट निर्माण कार्य का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने  निर्माणाधीन कार्य स्थल का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के अंतर्गत दो वुडन बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग शौचालय, ड्रेसिंग रूम, बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। निर्माण कार्य को आगामी मई माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता, समय-सीमा और खेल मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।

इस सर्व सुविधायुक्त खेल अधोसंरचना के निर्माण से स्थानीय एवं जिले के युवा खिलाड़ियों को नया मंच प्राप्त होगा, जिससे वे बैडमिंटन खेल में आगे बढ़ सकेंगे। यह सुविधा क्षेत्र के युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करेगी और जिले में खेल को नई दिशा देगी।

इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय,जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द गुप्ता कृष्णा राय,आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित थे।

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