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मुख्यमंत्री श्री साय ने बगिया में बालक आश्रम के बच्चों से की आत्मीय संवाद,बच्चों का हालचाल पूछा, पढ़ाई में आगे बढ़ने के लिए किया प्रोत्साहित

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जशपुर प्रवास उस समय बेहद भावनात्मक बन गया जब वे ग्राम बगिया स्थित हेलिपैड पर उतरते ही पास में खेल रहे बालक आश्रम बगिया के बच्चों से मिलने स्वयं उनके पास पहुँच गए। मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे खुशी से झूम उठे और उत्साह के साथ उनके चारों ओर इकट्ठा हो गए। हेलिपैड के समीप स्थित बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय बातचीत करते हुए उनसे पढ़ाई के बारे में पूछा। उन्होंने पूछा कि कितने शिक्षक हैं, आश्रम में भोजन कैसा मिलता है और रोज खाने में क्या-क्या मिलता है। बच्चों ने मुस्कुराते हुए बताया कि उन्हें चावल, दाल, आलू, मटर सहित पौष्टिक भोजन मिलता है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अच्छे से रहने, मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया।

      मुख्यमंत्री के इस सहज और संवेदनशील व्यवहार से बच्चे भावविभोर हो उठे। वे चहकते हुए मुख्यमंत्री से बातें करते नजर आए। इस दौरान वातावरण खुशियों से भर गया। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ भी दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय की इस आत्मीय मुलाकात ने यह संदेश दिया कि शासन केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के नन्हे भविष्य – बच्चों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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करोड़ों की सोना चोरी मामले में जशपुर पुलिस का सघन तलाशी अभियान जारी

रैनीडांड़ क्षेत्र में हुई सनसनीखेज वारदात, अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, 3 फरार

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दी जा रही दबिश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जल्द गिरफ्तारी का किया दावा

जशपुर, 14 जनवरी 2026/
जिले के रैनीडांड़ (थाना नारायणपुर) क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सोना एवं नगदी चोरी की सनसनीखेज घटना को लेकर जशपुर पुलिस द्वारा सघन तलाशी अभियान लगातार जारी है। पुलिस टीम फरार आरोपियों के निवास स्थानों एवं सभी संभावित ठिकानों पर निरंतर दबिश दे रही है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है, जबकि तीन आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

भतीजी ने ही रची चोरी की साजिश

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि प्रार्थी की भतीजी ने अपने बॉयफ्रेंड एवं अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने ही बड़े पिताजी के घर में इस सुनियोजित चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद आरोपियों ने चोरी किए गए सोने एवं नगदी को छिपाने और फरार होने की योजना बनाई, किंतु पुलिस की सक्रियता से अधिकांश आरोपी शीघ्र ही पुलिस के शिकंजे में आ गए।

थाना नारायणपुर में दर्ज हुआ अपराध

प्रकरण में थाना नारायणपुर में अप.क्र. 114/25 के तहत
धारा 331(4), 305(ए), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

फरार आरोपियों की सूची

  1. अविनाश राम
    पिता – जयराम | उम्र – 27 वर्ष
    निवासी – पुरनानगर रानीबगीचा, थाना सिटी कोतवाली, जशपुर

  2. घनश्याम प्रधान
    पिता – बालमोहन प्रधान
    निवासी – जुड़वाइन अम्बाटोली, चौकी आरा
    हाल मुकाम – बाकीटोली, थाना सिटी कोतवाली, जशपुर

  3. अनमोल भगत
    पिता – सीताराम भगत
    निवासी – आरा

एसएसपी शशि मोहन सिंह का बयान

जशपुर पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि,
"जशपुर पुलिस इस पूरे मामले में अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से कार्य कर रही है। फरार आरोपियों के प्रत्येक संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

जनता से सहयोग की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फरार आरोपियों के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

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जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने जशपुर के नवीन जिला परिवहन कार्यालय किया शुभारंभ 

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ नवीन जिला परिवहन कार्यालय भवन,गम्हरिया जशपुर का आज जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने शुभारंभ किया गया। 

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला परिवहन अधिकारी श्री विजय कुमार निकुंज सहित समस्त स्टाफ एवं  गम्हरिया के समस्त गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 
          जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि आज से समस्त परिवहन संबंधित कार्य और शासकीय कार्य नवीन जिला परिवहन कार्यालय में सम्पादित होंगे।

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श्री रामलला दर्शन योजना के तहत जशपुर जिले से 204 श्रद्धालुओं का अयोध्या धाम के लिए भव्य प्रस्थान जनप्रतिनिधियों ने दिखाई हरी झंडी,

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रद्धालुओं को प्रभु श्री रामलला अयोध्या धाम के दर्शन का सिलसिला निरंतर जारी है।  
       इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिले के स्थानीय निवासियों को श्री रामलला दर्शन योजना के तहत  14 से 17 जनवरी 2026 तक अयोध्या धाम यात्रा हेतु जिले से कुल-204 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया। जिले के सभी विकास खंड के जनपद पंचायत कार्यालय और नगरीय निकाय से जनप्रतिनिधियों ने अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
             रवाना किए गए 204 श्रद्धालुओं में जशपुर विधानसभा से 64, कुनकुरी विधानसभा से 67 एवं पत्थलगांव विधानसभा से 73 श्रद्धालु शामिल हैं।

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निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में नहीं होगी बर्दाश्त — कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने पीडब्ल्यूडी एवं पीएमजीएसवाई कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्वीकृत, प्रगतिरत, निर्माणाधीन तथा अप्रारंभ कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए सभी लंबित एवं प्रगति पर चल रहे कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इस दौरान बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

     कलेक्टर श्री व्यास ने पीडब्लूडी अंतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में चल रहे सड़क, स्कूल भवन, तहसील भवन, हाई स्कूल भवन, विभिन्न भवनों के उन्नयन कार्य, पहुंच मार्ग, परिवार न्यायालय भवन, नवीन पॉलिटेक्निक भवन, विश्राम गृह भवन सहित अन्य सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-सीमा से बाहर चल रहे कार्यों पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से विलंब के कारण पूछे और निर्माण गति तेज करने के निर्देश दिए। 
      पीएमजीएसवाई अंतर्गत संचालित सड़कों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने निर्देशित किया कि सड़कों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। साथ ही नए स्वीकृत कार्यों की गूगल एंट्री अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्यों की समयबद्ध प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके।

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दिव्यांग बच्चों के लिए समाज कल्याण विभाग की सराहनीय पहल, शैक्षणिक भ्रमण एवं वनभोज से बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ समाज कल्याण विभाग द्वारा विगत दिवस 10 जनवरी को दिव्यांग बच्चो का शैक्षणिक भ्रमण एवं वन भोज कराया गया। 
                    विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार संचालित दृष्टि बाधितार्थ विशेष विद्यालय गम्हरिया एवं समर्थ आवासीय दिव्यांग प्रशिक्षण केन्द्र के नियमित अध्ययनरत दिव्यांग बच्चो को विशेष बसों से कुनकुरी तहसील के ग्राम ठेठेटांगर स्थित संगम डेम के प्राकृतिक स्थल का भ्रमण में मनोरंजानात्मक खेल-कूद और वनभोज का आयोजन किया गया। जहां जाकर दिव्यांग बच्चो को पंरपरागत खेल-कूद के मनोरंजन के साथ-साथ  शिक्षकीय अमले के माध्यम से पर्यावरण और उसके संरक्षण के महत्व को जानने, समझने और महसूस करने हेतु ज्ञानवर्धन का अवसर मिला। समस्त दिव्यांगजन इस शैक्षणिक भ्रमण से बहुत आंनदित हुए।

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साय सरकार की संवेदनशील सोच से बदली सुकमा के श्रमिकों की किस्मत, मजदूरी से कौशल की ओर ऐतिहासिक बदलाव

रायपुर, 14 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील, समावेशी और जनकल्याणकारी सोच का प्रभाव अब सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में सम्मानजनक बदलाव लाना है। इसी सोच का जीवंत उदाहरण सुकमा जिले में देखने को मिल रहा है, जहां मनरेगा के अकुशल श्रमिक अब कुशल राज मिस्त्री बनकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से मनरेगा में पंजीकृत 30 श्रमिकों के लिए विशेष राज मिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में ईंट-चिनाई, भवन ले-आउट, प्लिंथ से छत तक निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण एवं कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।

यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब सुकमा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2024-26 के लिए 25,974 आवास स्वीकृत किए गए हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रारंभ यह प्रयास दोहरे उद्देश्य को साध रहा है। एक ओर स्थानीय स्तर पर दक्ष राज मिस्त्री उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण श्रमिकों को अपने गांव के पास ही सम्मानजनक रोजगार मिल रहा है। 

इस कौशल उन्नयन से श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी और उनके परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होगा। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और कौशल विकास का यह त्रिवेणी संगम सुकमा जैसे दूरस्थ जिले में आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत कर रहा है। राज मिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जैमेर गांव के चेतननाल का कहना है कि यह सिर्फ ईट गारे का काम नहीं है, यह हमारे स्वाभिमान और आत्मसम्मान के साथ रोजगार हासिल करने की बात है। अब हमे काम के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और हमारी आमदनी भी पहले से ज्यादा होगी। अब हम दूसरों के घरों का निर्माण करने के साथ-साथ अपने सपनों को भी हकीकत में बदलने में कामयाब होंगे।

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वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो बड़ी उपलब्धियाँ, नवाचार और तकनीक को मिला राष्ट्रीय स्तर का सम्मान

रायपुर,14 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को वर्ष 2025–26 के मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। विभाग को यह सम्मान अपनी दो महत्वपूर्ण और नवाचार आधारित पहल FDS 2.0 (ई-कुबेर डिजिटल पेमेंट सिस्टम) तथा वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए दिया गया है।

            FDS 2.0 (eKuber डिजिटल पेमेंट सिस्टम) भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और तेजी FDS 2.0 एक आधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसके माध्यम से वन विभाग की सभी वित्तीय गतिविधियाँ ई-कुबेर प्लेटफ़ॉर्म से सीधे जुड़ी हैं। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है, पारदर्शिता बढ़ी है। मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हुई है तथा कार्यों, योजनाओं और कर्मचारियों के भुगतान में गति आई है। इस नवाचार से विभाग के प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ी है और आम नागरिकों से जुड़े भुगतान संबंधी कार्य भी सरल और समयबद्ध हुए हैं।

*वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली मानव–हाथी संघर्ष में राहत*

            वन विभाग द्वारा विकसित यह प्रणाली आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसके माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी की जाती है। इस पहल के माध्यम से वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को समय पर अलर्ट भेजा जाता है, ग्रामीणों को संभावित खतरे से पहले ही सूचना मिल जाती है,मानव– हाथी संघर्ष कम हुआ है, वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण सुरक्षा दोनों को मजबूत सहारा मिला है। यह प्रणाली विभाग के वन्यजीव प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और जनहितकारी बनाती है।

*नेतृत्व और टीमवर्क का परिणाम*

           इन दोनों उपलब्धियों के पीछे विभागीय नेतृत्व की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। गौरतलब है कि एसीएस श्रीमती ऋचा शर्मा,पीसीसीएफ एवं होएफएफ श्री श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ़) श्री अरुण पांडे, तथा अधिकारीगण श्रीमती शालिनी, श्रीमती सतोविषा और श्री वरुण का मार्गदर्शन, नवाचार को प्रोत्साहन और कार्य निष्पादन पर विशेष ध्यान प्रशंसनीय रहा। विभाग की पूरी टीम ने मिलकर इन पहलों को सफलतापूर्वक लागू किया, जिसके परिणामस्वरूप विभाग को दो महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हुए हैं।

*सुशासन और नवाचार को नई दिशा*

            मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के ये सम्मान दर्शाते हैं कि वन विभाग पारदर्शी शासन, तकनीक-आधारित समाधान, नागरिक–केंद्रित सेवा तथा प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। यह उपलब्धि विभाग की उस प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है, जिसके माध्यम से वह राज्य में सुशासन, नवाचार और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देता है।

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रायपुर साहित्य उत्सव 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद, व्यवस्थाओं को लेकर हुई समीक्षा बैठक

रायपुर, 14 जनवरी 2026/ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के रूप में छत्तीसगढ़ की राजधानी में शब्दों और विचारों का एक भव्य उत्सव आकार ले रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन की तैयारियों को लेकर नवा रायपुर स्थित संवाद भवन में आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। 

*तय हुई आयोजन की रूपरेखा*

इस अवसर पर आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों की सहभागिता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, साहित्यिक सत्रों तथा प्रचार-प्रसार की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा ने बैठक में कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बौद्धिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का अवसर है। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर के पुरखौती मुक्तांगन में 23 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 

*देशभर के साहित्यकार और विचारक होंगे शामिल*

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 में देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक साथ मंच साझा करेंगे। इस दौरान साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर पुस्तक मेले का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के ख्यातिनाम प्रकाशण समुह शामिल होंगे।

*पुरखौती मुक्तांगन बनेगा साहित्य और संस्कृति का केंद्र*

यह उत्सव पुरखौती मुक्तांगन, अटल नगर, नवा रायपुर में आयोजित किया जाएगा, जहाँ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।

*राष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ता रायपुर साहित्य उत्सव*

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 को देश के प्रमुख साहित्यिक आयोजनों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। यह उत्सव न केवल लेखकों और पाठकों को जोड़ेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छवि को भी राष्ट्रीय स्तर पर और सुदृढ़ करेगा। आयोजन से जुड़ी विस्तृत कार्यक्रम-सारणी और अतिथियों की सूची शीघ्र ही सार्वजनिक की जाएगी। बैठक में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वरंजन, अपर संचालक जनसंपर्क श्री उमेश मिश्रा एवं श्री आलोक देव ने भी रायपुर साहित्य उत्सव के सफल आयोजन को लेकर मार्गदर्शन दिया।

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रणनीतिक संचार और एआई से जनसंपर्क को मिलेगा नया आयाम जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का आयोजन

रायपुर. 14 जनवरी 2026. बदलते मीडिया परिदृश्य में प्रभावी, विश्वसनीय और समयबद्ध संचार आज जनसंपर्क की सबसे बड़ी चुनौती है। इसी दृष्टि से आयोजित जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला के दूसरे दिन आज रणनीतिक संचार, प्रशासनिक भूमिका और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावहारिक उपयोग पर व्यापक एवं गहन मंथन किया गया। कार्यशाला में अधिकारियों ने प्रशिक्षण देने आए विशेषज्ञों से सवाल-जवाब के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान भी किया। जनसंपर्क विभाग के सभी जिला कार्यालयों में पदस्थ तथा संचालनालय के अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए। 

कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा ने जनसंपर्क अधिकारियों के मीडिया से प्रगाढ़ संबंध स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी और समयानुकूल बताते हुए उम्मीद जताई कि यह व्यावहारिक प्रशिक्षण सभी अधिकारियों की पेशेवर दक्षता बढ़ाएगा। वे आधुनिक तकनीकों और टूल्स के साथ जनसंपर्क के दायित्वों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने विभाग के अधिकारियों की दक्षता बढ़ाने इस तरह का प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित करने का सुझाव दिया।

कार्यशाला के दूसरे दिन आज पहले सत्र में 'आज की जनधारा' समाचार पत्र के संपादक तथा जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त अपर संचालक श्री सुभाष मिश्रा ने रेस (RACE) फार्मूला के माध्यम से जनसंपर्क में उभरते रुझानों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शोध (Research), कार्य (Action), संचार (Communication) एवं मूल्यांकन (Evaluation) के जरिए प्रभावी जनसंपर्क के उपाय बताए।  उन्होंने बताया कि प्रभावी जनसंपर्क केवल सूचना प्रसारण नहीं, बल्कि शोध आधारित योजना, सुविचारित कार्यान्वयन, स्पष्ट संवाद और निरंतर मूल्यांकन की प्रक्रिया है। उन्होंने कई उदाहरण देकर बताया कि इस मॉडल को अपनाकर जनसंपर्क को अधिक परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है।

दूसरे सत्र में 'जनसंपर्क की चुनौतियाँ' विषय पर 'समाचार पच्चीसा' के संपादक तथा छत्तीसगढ़ साहित्य परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने मीडिया की बदलती कार्यशैली, डिजिटल माध्यमों की बढ़ती भूमिका, फेक न्यूज तथा त्वरित एवं तथ्यपरक प्रतिक्रिया की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों को मीडिया संस्थानों की अपेक्षाओं को समझते हुए विश्वसनीय और संतुलित जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। आज के तीसरे सत्र में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी तथा लेखक श्री सुशील त्रिवेदी ने जनसंपर्क अधिकारी के गुणों एवं प्रशासन में उनकी भूमिका पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच विश्वास की कड़ी होते हैं। उनकी भूमिका केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनभावनाओं को समझकर उसे प्रशासन तक पहुँचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अंतिम सत्र में वरिष्ठ पत्रकार श्री जोसेफ जॉन ने जनसंपर्क विभाग के कार्यों में एआई के प्रभावी उपयोग की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने एआई टूल्स से अच्छे परिणाम हासिल करने के लिए स्पष्ट प्राम्प्ट देने की तकनीक, प्रॉम्प्ट्स के विभिन्न प्रकार—जीरो शॉट से लेकर चेन-ऑफ-थॉट तक, बेसिक प्रॉम्प्ट से कॉन्टेक्स्ट इंजीनियरिंग, एआई हैलुसिनेशन (गलत आउटपुट) की पहचान तथा ह्यूमैन-इन-द-लूप (Human-in-the-Loop) की अनिवार्यता पर चर्चा की। उन्होंने कुछ एआई टूल्स के व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ ही इनके माध्यम से त्वरित अनुसंधान, कंटेंट रीपरपजिंग, तथ्य-जांच, विचार-मंथन तथा जनसंपर्क विभाग के रोजाना के कार्यों को सरल, तेज तथा अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों का अभ्यास भी कराया। कार्यशाला में अपर संचालक श्री जवाहरलाल दरियो, श्री उमेश मिश्रा, श्री संजीव तिवारी, श्री आलोक देव, श्रीमती हर्षा पौराणिक एवं श्री संतोष मौर्य सहित संचालनालय एवं जिलों में पदस्थ अधिकारी मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़ में आईपीएल की गूंज: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आरसीबी की जर्सी भेंट, रायपुर में ऐतिहासिक क्रिकेट आयोजन की ओर बढ़ता राज्य

रायपुर 13 जनवरी 2026/रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को टीम का आधिकारिक जर्सी भेंट कर रायपुर में प्रस्तावित आईपीएल मैच के आयोजन के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर आरसीबी के वाइस प्रेसिडेंट श्री राजेश मेनन तथा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के संयुक्त सचिव श्री प्रभतेज सिंह भाटिया उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ेगा, खेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और राज्य को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रस्ताव रायपुर को एक उभरते हुए स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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नक्सलवाद के निर्णायक अंत के साथ बस्तर में विकास का नया सूर्योदय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीन वर्षीय मिशन मोड एक्शन प्लान के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, संचार और रोजगार के सर्वांगीण विस्तार का किया ऐलान

रायपुर 13 जनवरी 2025/ छत्तीसगढ़ के विकास में लंबे समय से सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद का अंत अब निर्णायक चरण में पहुँच चुका है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के सशक्त नेतृत्व तथा सुरक्षाबलों के अदम्य साहस के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल हो रही है। यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है कि नक्सलवाद की हिंसक विचारधारा फिर कभी सिर न उठा सके और इसके लिए बस्तर अंचल से सतत संवाद, विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का स्पष्ट लक्ष्य बस्तर का सर्वांगीण और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों के लिए बस्तर के विकास का एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार कर मिशन मोड में उसका क्रियान्वयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा सचिवों को बस्तर क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र गति से विस्तार अत्यंत आवश्यक है, ताकि दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुँचे और शासन-प्रशासन पर लोगों का भरोसा सुदृढ़ हो। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में स्वस्फूर्त जनभागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

बैठक में पेयजल, विद्युतीकरण और मोबाइल कनेक्टिविटी की गहन समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान के लिए सतही जल स्रोतों से आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने, शेष गांवों के शीघ्र विद्युतीकरण तथा दूरस्थ इलाकों में मोबाइल टावरों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार कार्ड निर्माण, बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। पर्यटन विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने होम-स्टे को प्रोत्साहन देने, स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत चिन्हित स्थलों के विकास, बस्तर टूरिज्म कॉरिडोर के निर्माण तथा युवाओं को पर्यटन आधारित आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आईआईटीटीएम ग्वालियर से प्रशिक्षित बस्तर के 32 स्थानीय गाइडों को प्रशिक्षण दिए जाने के पहल की विशेष रूप से सराहना की।

बैठक में वनधन केंद्रों के माध्यम से लघु वनोपज के संग्रहण एवं प्रसंस्करण, शिक्षा के क्षेत्र में भवन विहीन विद्यालयों के लिए शीघ्र राशि स्वीकृति, नवोदय एवं पीएमश्री स्कूलों का विस्तार, स्वास्थ्य अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, पीएम-अभीम योजना, बाइक एम्बुलेंस सेवा, सिंचाई परियोजनाएँ, आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी संचालन, ग्रामीण बस योजना तथा रोजगार और आजीविका से जुड़े विभिन्न कार्ययोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी संबंधित विभागों को विशेष केंद्रीय सहायता के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए, ताकि बस्तर के समग्र, संतुलित और टिकाऊ विकास को नई गति मिल सके।

बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., समस्त विभागीय सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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बगीचा विकासखंड में मुख्यमंत्री का 15 जनवरी को दौरा, मेगा हेल्थ कैंप का शुभारंभ, करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन और उज्ज्वला योजना से महिलाओं को मिलेगा निःशुल्क गैस कनेक्शन


जशपुर 13 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्यों को गंभीरता से करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 

उन्होंने कहा आगामी 15 जनवरी को बगीचा विकास खंड में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके लिए विभाग को सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि आम सभा के साथ विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भूमिपूजन भी करेंगे स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मेगा हेल्थ कैंप का भी शुभारंभ करेंगे साथ ही महिलाओं को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन का भी वितरण किया जाएगा मुख्यमंत्री फरसाबहार विकास खंड के ग्राम पम्पशाला में कंवर समाज के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है उन कार्यों के लिए प्रथम किश्त की राशि शीघ्र जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सकें।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने  कार्यक्रम स्थल में मंच व्यस्था बैठक व्यस्था, पेयजल की व्यस्था, गणमान्य नागरिकों को आमंत्रण पत्र वितरण व्यवस्था सहित जरूरी सारी व्यस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को देने के निर्देश दिए हैं।

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“9700 क्विंटल धान की भारी कमी उजागर, कलेक्टर के निर्देश पर वेदांश राइस मिल सील, धान माफियाओं में हड़कंप”


जशपुरनगर, 13 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले में धान के अवैध परिवहन एवं अवैध खपत के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं खपत के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और  दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
     खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार  खाद्य विभाग, राजस्व विभाग एवं मार्कफेड की संयुक्त टीम द्वारा विकासखंड कांसाबेल के बगिया स्थित वेदांश राइस मिल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मिल परिसर में उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन में लगभग 9700 क्विंटल धान की कमी पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए राइस मिल को सील कर दिया गया है तथा आगे की जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है एवं दोषी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में नगर पंचायत कुनकुरी को दो वर्षों में मिली बड़ी उपलब्धियाँ,नए सब स्टेशन, नालंदा परिसर, हाईटेक बस स्टैंड एवं ऑडोटोरियम निर्माण लिख रही विकास की नई गाथा

जशपुरनगर 13 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऊर्जा, खेल, परिवहन, शिक्षा, पर्यटन तथा नगरीय विकास के क्षेत्रों में बीते दो वर्षों के भीतर जशपुर जिला सहित नगर पंचायत कुनकुरी में जिस तरह से कार्यों को स्वीकृति और गति मिली है, उसने स्थानीय नागरिकों का विश्वास और मजबूत किया है। इन परियोजनाओं से न केवल सुविधा बढ़ रही है बल्कि भविष्य के रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी नया आधार तैयार हो रहा है।

*9 सब स्टेशन और 117 नए ट्रांसफार्मर से ऊर्जा की होगी निर्बाध आपूर्ति* :- 

जिले में बिजली व्यवस्था के विस्तार और आधुनिकीकरण का सीधा लाभ लोगों तक पहुँच रहा है। अतिरिक्त वितरण ट्रांसफॉर्मर के 117 कार्यों में से 98 कार्य पूरे होने से कई गांवों में कम वोल्टेज की समस्या समाप्त होने लगी है। उपकेंद्र निर्माण में हुई प्रगति से आने वाले समय में अधिक क्षमता उपलब्ध होगी, जिससे ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और ओवरलोड की समस्याएँ न्यूनतम होंगी। विभाग का उद्देश्य है कि हर घर तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाई जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, किसानों की सिंचाई और छोटे व्यवसायों की गतिविधियाँ बिना रुकावट चल सकें। स्वीकृत 9 उपकेंद्रों  में से 2 उपकेंद्र तैयार हैं जबकि 7 उपकेंद्र निर्माणाधीन हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बिजली की गुणवत्ता बढ़ाना, वोल्टेज की समस्या कम करना और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। विभाग के अनुसार इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।


नालंदा परिसर, हाईटेक बस स्टैंड एवं ऑडोटोरियम निर्माण से लोगों को होगी सहूलियत* :-

नगर विकास के क्षेत्र में कुनकुरी नगर पंचायत को मिली करोड़ों रुपए की स्वीकृतियाँ आगामी वर्षों में स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और सामाजिक जीवन को नया आकार देने वाली हैं। इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से युवाओं को अत्याधुनिक खेल सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे जिले में खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार होगी और खेल प्रतिभाओं को बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। हाईटेक बस स्टैंड निर्माण से यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, आधुनिक टिकटिंग सिस्टम और सुरक्षित यात्री सुविधाएँ मिलेंगी। इससे दैनिक आवागमन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। 250 सीटर नालंदा परिसर निर्माण से शिक्षा एवं प्रशिक्षण सुविधाएँ मजबूत होंगी। यह परिसर कोचिंग, वर्कशॉप, जनशिक्षा कार्यक्रम और युवा कैरियर निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। ऑडिटोरियम भवन नगर को सांस्कृतिक पहचान प्रदान करेगा, जहाँ नाटकों, सम्मेलनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक आयोजनों के लिए आधुनिक मंच उपलब्ध होगा। 


*सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों का हो रहा विस्तार* :- 

छटघाट विकास परियोजना से कुनकुरी में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार भी सृजित होंगे। विसर्जन तालाब और चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण से नगर अधिक स्वच्छ, आकर्षक और सुव्यवस्थित दिखाई देगा। ये सौंदर्यीकरण कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होंगे बल्कि नगरवासियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएँगे। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और नगर की छवि में सकारात्मक बदलाव आएगा।


*बदलाव अब दिखने लगा है* :

कुनकुरी निवासी सुनील एक्का कहते हैं कि पहले बिजली की समस्या के कारण कई काम रुक जाते थे। अब ट्रांसफॉर्मर और उपकेंद्रों के निर्माण से बिजली स्थिर हुई है। बस स्टैंड और चौक-चौराहे सुन्दर बनने से शहर का रूप ही बदल रहा है।
स्थानीय व्यापारी सीमा टोप्पो बताती हैं कि हाईटेक बस स्टैंड से यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। इससे व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा। नगर का सौंदर्यीकरण होने से बाहर से आने वाले लोगों पर भी अच्छा प्रभाव पड़ेगा। वहीं छात्र अजय मिंज कहते हैं, कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नालंदा परिसर हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है। अब हमें अच्छी सुविधाएँ यहीं मिलेंगी। इससे पढ़ाई और खेल दोनों में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

      मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में चल रहे इन विकास कार्यों का मूल उद्देश्य जनजीवन को सरल बनाना, युवाओं को अवसर प्रदान करना, बेहतर आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना और क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर जशपुर और कुनकुरी क्षेत्र निश्चित रूप से प्रदेश के विकसित और प्रगतिशील क्षेत्रों में अपनी नई पहचान दर्ज करेंगे।

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रौतिया समाज की राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और युवा नेतृत्व का ऐतिहासिक संगम: जशपुर के बरगांव में राष्ट्रीय स्तरीय युवा महोत्सव का भव्य और गौरवपूर्ण समापन

पूर्व न्यायाधीश प्रकाश भाऊ ऊईके जी के प्रेरणादायी उद्बोधन से गूंजा मंच, हजारों समाजबंधुओं की सहभागिता ने आयोजन को दिया राष्ट्रीय स्वरूप

जशपुर, 13 जनवरी 2026।
राष्ट्रीय स्तरीय रौतिया समाज युवा महोत्सव 2026 का दो दिवसीय आयोजन 11 एवं 12 जनवरी को जशपुर जिले के आरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बरगांव में अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं ऐतिहासिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन रौतिया समाज की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक पहचान, युवा चेतना एवं राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।

          इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय प्रकाश भाऊ ऊईके जी, पूर्व न्यायाधीश एवं वरिष्ठ सलाहकार, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग, नई दिल्ली (भारत सरकार) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि तथा हजारों की संख्या में समाजबंधु सम्मिलित हुए।

परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र की मजबूती का संदेश

       अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में माननीय ऊईके जी ने कहा कि समाज की सबसे मजबूत नींव परिवार होता है। यदि परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करें, संवाद करें और एक-दूसरे को समझें, तो समाज स्वतः सशक्त बनता है। उन्होंने युवाओं को अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का युवा ही कल के भारत का नेतृत्व करेगा।

        उन्होंने रौतिया समाज की संगठित संरचना की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की एक साथ सहभागिता यह दर्शाती है कि यह समाज केवल जीवित नहीं, बल्कि जागरूक, अनुशासित और भविष्य के लिए तैयार है।

खेल, संस्कृति और नेतृत्व का अद्भुत समन्वय

        दो दिवसीय महोत्सव के दौरान समाज के युवाओं के लिए खेल प्रतियोगिताओं में फुटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, दौड़, मटका फोड़ एवं रस्साकशी जैसे रोमांचक आयोजन हुए, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जनजातीय नृत्य, पारंपरिक गीत, जनजातीय फैशन शो ने रौतिया समाज की समृद्ध परंपरा और पहचान को मंच पर जीवंत कर दिया। वहीं पोस्टर मेकिंग, रील मेकिंग, युवा संवाद, नशामुक्ति शपथ और प्रश्न–उत्तर सत्रों के माध्यम से सामाजिक चेतना को मजबूत किया गया।

युवाओं के भविष्य पर केंद्रित विशेष सत्र

        महोत्सव में नेतृत्व विकास, करियर मार्गदर्शन, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप, योग, प्राणायाम तथा व्यक्तित्व विकास पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने युवाओं को रोजगार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित किया।साथ ही युवा-युवती परिचय सम्मेलन ने सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को नई दिशा प्रदान की।

देशभर से पहुंचे समाजबंधु, बना राष्ट्रीय मंच

      इस आयोजन में रौतिया समाज के प्रांतीय अध्यक्ष श्री हेमनारायण सिंह, प्रांतीय सचिव श्री पालू राम प्रधान, प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री बजरंग राम सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।देश के विभिन्न राज्यों से आए विशिष्ट अतिथियों में श्री रामनारायण जी (सूरजपुर), श्री बिंदेश्वर जी (रायगढ़), श्री अभिषेक पल्लव जी (झारखंड), श्री श्रवण जी, श्री अशोक जी (उड़ीसा) एवं श्री विजय जी (शक्ति) प्रमुख रूप से शामिल रहे।झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, असम सहित देश के अनेक राज्यों से हजारों समाजबंधुओं की सहभागिता ने इस महोत्सव को वास्तविक राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

एकता, आत्मसम्मान और भविष्य निर्माण का संकल्प

     पूरा आयोजन स्थल रौतिया समाज की एकता, सांस्कृतिक गौरव, आत्मसम्मान और संगठन शक्ति से गूंजता रहा। समापन अवसर पर समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार, संस्कृति संरक्षण और युवा नेतृत्व को लेकर सामूहिक संकल्प लिया गया।

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पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में अवैध वन तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शीसो इमारती लकड़ी से भरा लावारिस पिकअप वाहन किया जब्त

जशपुर/ पत्थलगांव  13 ,जनवरी 2026 : जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत अवैध वन तस्करी के खिलाफ वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शीसो इमारती लकड़ी से भरा एक लावारिस पिकअप वाहन जब्त किया है। यह कार्रवाई पंगसुवा–झक्करपुर क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग गश्त के दौरान की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिन ग्राम झक्करपुर के आसपास पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम गश्त पर थी। इसी दौरान सड़क किनारे एक पिकअप वाहन पीले रंग के प्लास्टिक से ढका हुआ संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। संदेह के आधार पर जब वाहन की जांच की गई तो उसमें भारी मात्रा में लकड़ी लोड पाई गई।

मौके पर मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ करने पर पता चला कि वाहन में भरी लकड़ी शीसो प्रजाति की इमारती लकड़ी है, जिसका अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था। इसके बाद वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पिकअप वाहन सहित उसमें भरी 07 नग शीसो इमारती लकड़ी को जब्त कर लिया।

लगभग 3 घन मीटर लकड़ी जब्त, कीमत करीब 60 हजार रुपये

वन विभाग के अनुसार जब्त की गई शीसो लकड़ी की मात्रा लगभग 3 घन मीटर है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 60 हजार रुपये आंकी गई है। जब्ती के बाद वाहन और लकड़ी को सुरक्षार्थ थाना परिसर में रखा गया है।

लकड़ी का मालिक फरार, तलाश जारी

वन विभाग के एसडीओ के. एस. कंवर ने बताया कि वाहन का चालक एवं लकड़ी का मालिक मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है। मामले में छत्तीसगढ़ वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अवैध वन गतिविधियों पर सख्ती जारी

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध लकड़ी कटाई, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध आगे भी सघन निगरानी रखते हुए कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अवैध वन गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।

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बड़ी कार्यवाही :–शासन ने दिखाई जीरो टॉलरेंस नीति, शासकीय खरीदी नियमों की अनदेखी पर उच्च शिक्षा संस्थानों में कड़ी कार्रवाई,दोषी प्राचार्य और अधिकारी निलंबित

रायपुर 12 जनवरी2026 : 

    छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में शासकीय खरीदी नियमों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर प्रकरणों पर शासन द्वारा त्वरित और कठोर कार्रवाई लगातार की जा रही है। विश्वविद्यालयों एवं शासकीय महाविद्यालयों में बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये की खरीदी किए जाने की शिकायत विभिन्न माध्यम से प्राप्त हुई थी।विभागीय जांच में यह उजागर हुआ कि कुछ विश्वविद्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों द्वारा बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए बड़े पैमाने पर क्रय आदेश जारी किए गए।
     प्राप्त जानकारी के अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर द्वारा 15 अप्रैल 2025 को एक ही दिन में लगभग 1 करोड़ रुपये के 26 क्रय आदेश बिना निविदा के जारी किए गए। इसी तरह शासकीय बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को एक ही दिन में 35 लाख रुपये के 22 क्रय आदेश तथा शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट महासमुंद द्वारा 22 अक्टूबर 2025 को 1 करोड़ रुपये मूल्य के 36 क्रय आदेश बिना निविदा प्रक्रिया के जारी किए गए।
      मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 28 नवंबर 2025 को अपर संचालक की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहारकोट महासमुंद के प्राचार्य एवं क्रय समिति के सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर तथा बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर के प्रकरणों में भी कार्रवाई के तहत प्राचार्य सहित 4 सहायक प्राध्यापकों को निलंबित किया गया है।
     उच्च शिक्षा आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि शासकीय खरीदी नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यह मामला प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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