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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 110.47 करोड़ रूपए लागत के 46 विकासकार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन,3.34 करोड़ रुपए  की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों का किया लोकार्पण

जशपुरनगर 15 जनवरी 2026 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  आज विकासखंड बगीचा के हाई स्कूल में मैदान में आयोजित उज्जवला महोत्सव कार्यक्रम में  110.47 करोड़ रूपए लागत के 46 विकासकार्यों का  लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 3  करोड़ 34 लाख 22 हजार रूपए की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों  का लोकार्पण और 107 करोड़ 13  लाख 29 हजार रुपए लागत के 37 विकासकार्यों  का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत एवं श्रीमती गोमती साय, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, आईजी श्री दीपक कुमार झा,कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, कृष्ण कुमार राय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और  बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
       मुख्यमंत्री श्री साय ने 107 करोड़ 13  लाख 29 हजार रुपए लागत के जिन 37 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें प्रमुख रूप से 18.37 करोड़ रुपए लागत के ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट लं. 13. 60 किमी. का निर्माण कार्य, 20.53 करोड़ रुपए लागत के पंडरापाठ तहसील सन्ना में प्रस्तावित आर्चरी अकादमी परिसर का निर्माण एवं विकास कार्य, 7.35 करोड़ रुपए लागत के जशपुर-सन्ना मार्ग पर घेरडेवा नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग का निर्माण कार्य, 4.87 करोड़ रुपए लागत के केरापाठ से गायबुढ़ा पहुंच मार्ग लं. 4.86 किमी. पुल, पुलिया सहित निर्माण कार्य, 2.96 करोड़ रुपए लागत के कामारिमा से बगीचा  में स्थित सुखा नाला में वृहद पुल निर्माण कार्य, 3.04 करोड़ रुपए लागत के जबला से नवापारा में स्थित सुखा नाला में वृहद पुल निर्माण कार्य, 3.03 करोड़ रुपए लागत के ढोढ़रअम्बा कदमटोली से डुहडुहकोना में स्थित नाला में वृहद पुल निर्माण कार्य,  2.51 करोड़ रुपए लागत के घुघरी से भगवान ढोढहा में स्थित नाला में वृहद पुल निर्माण और 3.86 करोड़ रुपए लागत के बगीचा बतौली मार्ग, उपरपारा से कोरवाटोली  में स्थित सुखा नाला में वृहद पुल निर्माण कार्य शामिल है। इसी तरह मुख्यमंत्री ने 3  करोड़ 34 लाख 22 हजार रूपए की लागत से निर्मित जिन  9 विकासकार्यों  का लोकार्पण किया उनमें प्रमुख रूप से 24.70 लाख रुपए की लागत से सोनक्यारी में निर्मित महतारी सदन शामिल है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में 1 करोड़ की लागत से बन रहे मंगल भवन निर्माण कार्य का किया अवलोकन,गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया विशेष जोर


जशपुर 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगीचा विकास खंड के मंगल भवन निर्माण कार्य का अवलोकन किया।  इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम आईजी श्री दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह, जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के जशपुर जिला प्रवास के दौरान बगीचा में एक करोड़ की लागत से मंगल भवन बनाने की घोषणा की गई थी जिसके तारतम्य में नगर पंचायत बगीचा में स्थल का चयन कर वार्ड क्र० 09 में निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया हैं।  

निर्माण एजेंसी द्वारा लगभग 06 माह की समयावधि सर्व सुविधायुक्त मंगल भवन आगामी मार्च 2026 तक उक्त भवन का निर्माण पूर्ण करा निकाय क्षेत्रान्तर्गत के नागरिको का विभिन्न कार्यक्रमों हेतु उपलब्ध कराया 

मंगल भवन का निर्माण कार्य डोर लेबल पर कार्य प्रगतिरत है। उक्त मंगलभवन में कुल 9,550 वर्गफीट में एक वृहद हॉल, एक छोटा हॉल, दो कमरा अटेच्ड लेटबॉथ एवं एक स्टेज इनके साथ ही सामान्य महिला एवं पुरूष लेटबॉथ व बराम्दा भी निर्माणाधीन है। उक्त भवन के सामने वृहद पार्किंग की व्यवस्था है। जिसका उपयोग निकाय क्षेत्रान्तर्गत के नागरिको को शादी, जनसभा व अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमो के आयोजन हेतु उपयोग किया जा सकेगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में मेगा हेल्थ कैंप का किया शुभारंभ,बगीचा सहित आसपास क्षेत्र के लोगों ने कराया निशुल्क स्वास्थ्य जांच

जशपुरनगर 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगीचा  में मेगा हेल्थ कैंप स्वास्थ्य जांच शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में राज्य के सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दी। शिविर में बगीचा सहित आसपास क्षेत्र के लोगों ने भारी संख्या में शामिल होकर स्वास्थ्य जांच एवं इलाज कराया। शिविर में लोगों का आवश्यकतानुसार लैब टेस्ट किया गया। साथ ही निशुल्क दवाइयों का भी वितरण किया गया। स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निशुल्क जांच और इलाज से क्षेत्र के लोगों को अपनी स्वास्थ्यगत समस्याओं का एक ही जगह पर समाधान मिल रहा है। जिससे दूरस्थ क्षेत्र के अस्पतालों में जाना नहीं पड़ा। नए अस्पताल के शुभारम्भ से बगीचा सहित आसपास के लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही सभी प्रकार की बीमारियों का जांच और इलाज मिल सकेगा। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र एवं शिविर में शामिल होने आए लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने लोगों से बीमारी एवं स्वास्थ्यगत समस्याओं का निसंकोच डॉक्टर से जांच एवं इलाज करने की अपील भी की।

     उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने बगीचा में 2 करोड़ 43 लाख 72 हजार की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आज लोकार्पण किया। साथ ही अस्पताल में लोगों के निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और इलाज के लिए शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में विभिन्न  विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों का गंभीरता पूर्वक स्वास्थ्य जांच एवं इलाज किया। इनमें जनरल मेडिसिन, न्यूरो विभाग, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ, नेफ्रोलॉजिस्ट एवं प्लाटिक सर्जन चिकित्सकों ने शिविर में सेवाएं दी। स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न बीमारियों का स्वास्थ्य जांच किया गया। विभिन्न प्रकार के टेस्ट भी किए गए और गंभीर मरीजों को सर्वसुविधा युक्त उच्च अस्पताल में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। ताकि मरीजों अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सकें।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन का किया लोकार्पण, वनांचल को मिली आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की बड़ी सौगात

जशपुरनगर , 15 जनवरी 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विकासखंड बगीचा में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सौगात दी। इस आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न रोगों की लैब   जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है।
     सुदूर वनांचल क्षेत्र बगीचा में दूरस्थ एवं पहुंचविहीन इलाकों में निवासरत लगभग 14 हजार पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति सहित करीब दो लाख की आबादी को अब अपने ही क्षेत्र में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस केंद्र के संचालन से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर शहरों की यात्रा में कमी आएगी, समय की बचत होगी और मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
     इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा सहजता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि बगीचा जैसे वनांचल एवं विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को निःशुल्क और बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने हेतु निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। जशपुर में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में जिले को चिकित्सा शिक्षा एवं सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत और श्रीमती गोमती साय,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, आईजी श्री दीपक कुमार झा,कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
    
*वनांचल क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा साबित होगी नवीन सीएचसी भवन*

करीब 2 करोड़ 43 लाख 72 हजार रुपये की लागत से नवनिर्मित इस 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन में जनरल सर्जरी, नाक-कान-गला, शिशु रोग, अस्थि रोग, स्त्री रोग सहित अन्य विशेषज्ञ सेवाएं तथा आधुनिक लैब जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके सुचारू संचालन के लिए शासन से 100 मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। यह स्वास्थ्य केंद्र निश्चित ही बगीचा एवं आसपास के ग्रामीण एवं वनांचल अंचलों के लिए जीवन रेखा सिद्ध होगा और क्षेत्र की जनता को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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मुख्यमंत्री ने बगीचा के आधुनिक बैडमिंटन कोर्ट निर्माण कार्य का किया अवलोकन ,2 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा निर्माण कार्य 

जशपुर 15 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगीचा विकास खंड में क्षेत्र के खिलाड़ियों की लंबे समय से की जा रही माँग को ध्यान में रखते हुए यहाँ 2 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से आधुनिक बैडमिंटन कोर्ट निर्माण कार्य का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने  निर्माणाधीन कार्य स्थल का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के अंतर्गत दो वुडन बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग शौचालय, ड्रेसिंग रूम, बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। निर्माण कार्य को आगामी मई माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता, समय-सीमा और खेल मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।

इस सर्व सुविधायुक्त खेल अधोसंरचना के निर्माण से स्थानीय एवं जिले के युवा खिलाड़ियों को नया मंच प्राप्त होगा, जिससे वे बैडमिंटन खेल में आगे बढ़ सकेंगे। यह सुविधा क्षेत्र के युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करेगी और जिले में खेल को नई दिशा देगी।

इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय,जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द गुप्ता कृष्णा राय,आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित थे।

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बगीचा के आम नागरिकों की मांग हुई पूरी : मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत बगीचा में बस स्टैंड के पास गौरव पथ के निर्माण कार्य का किया भूमि पूजन 

जशपुर 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगीचा विकास खंड के बस स्टैंड के पास गौरव पथ के निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव,  नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम,जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द गुप्ता,कृष्णा राय, आईजी श्री दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत बगीचा वासियों के प्रमुख मांग पर तहसील चौक से हाई स्कूल चौक तक गौरव पथ निर्माण कार्य  1279.77 लाख की लागत से कार्य किया जाएगा।

  अधोसंरचना मद अन्तर्गत संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास नवा रायपुर अटल नगर के तहत् स्वीकृति प्रदाय किया गया।
कार्य पूर्ण हो जाने से नगर की सौन्दर्यता में वृद्धि के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, जिससे वाहन दुर्घटना में कभी आयेगी। बगीचा वासियों की मांग पूरी होने पर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बगीचा पहुंचे,हेलीपैड पर हुआ आत्मीय स्वागत

जशपुरनगर, 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  विकासखंड बगीचा पहुंचे। डी. ए. व्ही. पब्लिक स्कूल स्थित हेलीपैड आगमन पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, आईजी श्री दीपक कुमार झा,कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात, गड़ेरटोली से जमुंडा–कटंगखार मार्ग निर्माण को मिली मंजूरी, 4 करोड़ 62 लाख की लागत से बनेगी 5 किमी सड़क, ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी....

जशपुरनगर 15 जनवरी 2026 : प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील क्षेत्र को बड़ी विकास सौगात दी है। मुख्यमंत्री द्वारा गड़ेरटोली से जमुंडा–कटंगखार मार्ग के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है। इस मार्ग का निर्माण 4 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसमें 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है।यह मार्ग लंबे समय से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग रहा है। सड़क की स्वीकृति मिलने से कांसाबेल तहसील के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। अब गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से बेहतर होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।क्षेत्रवासियों ने कहा कि खराब सड़क के कारण वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही थी, विशेषकर बरसात के दिनों में स्थिति और भी दयनीय हो जाती थी। अब सड़क निर्माण से ग्रामीणों का जीवन सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री की यह सौगात जनकल्याण और समावेशी विकास की सोच को दर्शाती है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जशपुर दौरा, विभिन्न कार्यक्रम में करेंगे शिरकत, बगिया में रात्रि 8 बजे तक आमजनों से करेंगे मुलाकात...

जशपुरनगर 15 जनवरी 2026/प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गुरुवार 15 जनवरी 2026 को जशपुर जिले के विस्तृत दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण, भूमिपूजन एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 10:40 बजे अपने निज निवास ग्राम बगिया से प्रस्थान कर बगीचा पहुंचेंगे। इस दौरान वे निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण, गौरव पथ भूमिपूजन कार्यक्रम, उज्ज्वला महोत्सव कार्यक्रम एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रमों में शामिल होंगे।इसके पश्चात मुख्यमंत्री दोपहर 1:30 बगीचा हेलीपेड से फरसाबहार विकासखंड के पमशाला कंवर धाम पहुंचेंगे,वहां विभिन्न कार्यों के भूमिपूजन लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में शामिल होने के पश्चात पुनः शाम को बगिया आगमन करेंगे।कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बगिया में रात्रि 8 बजे तक स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों मुलाकात कर सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे।मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। वहीं मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

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धान खरीदी में नया रिकॉर्ड: 13 जनवरी तक 17.77 लाख किसानों के खातों में पहुंचा ₹23,448 करोड़

रायपुर 15 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे धान खरीदी महाअभियान ने इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 

दिनांक 13 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है।

यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही  उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी  सीधे बढ़कर  ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।

यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान प्रणाली और किसान-हितैषी नीतियों ने प्रदेश के किसानों का भरोसा मजबूत किया है। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर पात्र किसान से हर दाना खरीदा जाएगा और हर रुपये का भुगतान समय पर किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ का किसान और अधिक समृद्ध, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के भंडारण में सूखत एवं अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। जिन संग्रहण केन्द्रों में 0.5 प्रतिशत से अधिक एवं 1 प्रतिशत से कम कमी पाई गई, वहाँ केन्द्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 01 से 02 प्रतिशत तक कमी पाए जाने पर विभागीय जांच शुरू की गई, जबकि 02 प्रतिशत से अधिक कमी वाले केन्द्र प्रभारियों को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई तथा आपराधिक पाए जाने पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।

विगत 02 वर्षों में धान खरीदी एवं भण्डारण में अनियमितता तथा लापरवाही पाए जाने पर कुल 33 खाद्य निरीक्षकों एवं खाद्य अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए, 02 मामलों में संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 01 संग्रहण केन्द्र प्रभारी को निलंबित किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता नीति पर कार्य कर रही है।

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में आई सूखत के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 06 जिला विपणन अधिकारियों एवं 06 संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में कुल 25.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 80.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में खरीदी का दायरा, मात्रा और किसानों को मिलने वाला प्रत्यक्ष लाभ ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल के अंतर्गत 78 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 116 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो पाया। शेष धान का निराकरण नीलामी के माध्यम से किया गया।केन्द्रीय लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त चावल की मिलिंग में FCI के पास गोदाम क्षमता कम होने के कारण धान के अंतिम निराकरण में लगभग 12 से 15 माह का समय लग गया, जिससे संग्रहण केन्द्रों में ड्रायज (सूखत) होना संभावित रहा। वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में रखे धान का उठाव प्रगतिरत है तथा ऑक्शन एवं नीलामी से विक्रय किए गए धान का उठाव प्रक्रियाधीन है। संपूर्ण धान निराकरण के पश्चात ही कुल सूखत का वास्तविक आंकलन किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी, भुगतान, भंडारण और निराकरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी निगरानी में रखा गया है ताकि हर किसान को समय पर भुगतान और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ मिले।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने बगिया में जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं,आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने गृह ग्राम बगिया में जनदर्शन आयोजित कर आम नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, किसान, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों और समस्याओं के साथ उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री ने सभी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाएं जनता की सुविधा और विकास के लिए हैं, इसलिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इनका लाभ समय पर पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दें ताकि आमजन को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह भी मौजूद रहे।
        जनदर्शन के दौरान प्राप्त कई आवेदनों में तत्काल कार्रवाई करते हुए समाधान किया गया। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कुछ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और संबंधित विभागों को जनहित के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी  ग्रामीणजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि शासन जनता के साथ है और हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री से भारतीय वन सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की मुलाकात,संवाद, कर मुख्यमंत्री ने दिया समर्पण और कर्तव्य का संदेश

रायपुर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मंत्रालय महानदी भवन में भारतीय वन सेवा के 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को भारतीय वन सेवा में नियुक्ति होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्रशिक्षु अधिकारियों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग एवं दंतेवाड़ा जिले के दो अधिकारी भी शामिल हैं। 

प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां न सिर्फ समृद्ध वन्य जीवन है बल्कि वनों से हमारे बहुसंख्यक नागरिकों की आजीविका और सामाजिक जीवन जुड़ा हुआ है। इसीलिए छत्तीसगढ़ में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं।  

मुख्यमंत्री श्री साय को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही श्रीनिवास राव ने बताया कि भारतीय वन सेवा के 06 अधिकारी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से 16 सप्ताह की ऑन जॉब ट्रेनिंग पर छत्तीसगढ़ भेजा गया है। इन्हें राज्य के वन मंडल बस्तर, रायगढ़, धमतरी, राजनांदगांव, कटघोरा और जशपुर के अंतर्गत पदस्थ किया गया है। यह प्रशिक्षण 05 जनवरी से 25 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसके अंतर्गत अधिकारी वन सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जमीनी स्तर पर जान पाएंगे। 

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक रायपुर श्री मणि वासगन एस तथा प्रशिक्षु अधिकारी अक्षय जैन, कुणाल मिश्रा,  एम जालिंदर यादव, पारख सारदा,  प्रीति यादव, यशस्वी मौर्या उपस्थित थे।

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श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की पत्रकार वार्ता श्रम विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना की दी जानकारी


    दिनांक 14 जनवरी 2026

          श्रम विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के संबंध में श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन  द्वारा आज  प्रेस वार्ता में  जानकारी दी गई कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा विगत 02 वर्षो में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिसमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल है। 

           विभाग के अधीन मंडलों द्वारा संचालित कुल 71 योजनाओं में विगत 02 वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ राशि से लाभान्वित किया गया है, जिसमें से 28,49,167 निर्माण श्रमिकांे को लगभग रूपये 653.75 करोड़, 91,595 असंगठित श्रमिकों लगभग रूपये 143.77 करोड़, एवं 14,592 संगठित श्रमिकों को रूपये 7.24 करोड़ रूपये से लाभांवित किया गया है। विभाग द्वारा श्रमिकों को देय हितलाभ केन्द्रीयकृत डी0बी0 टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि अवगत कराया गया कि इज ऑफ डूईंग व्यवस्था के तहत कारखनों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में प्रदेश के कारखानों का कारखाना अधिनियम अंतर्गत कुल 2218 निरीक्षण किये गये हैं। प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 666 अभियोजन माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं तथा कुल 05 करोड़ रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है। 

         उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम अंतर्गत विगत 02 वर्षो में बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा भिलाई में 100 बिस्तर-युक्त चिकित्सालय संचालित है तथा शीघ्र ही बिलासपुर में चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार राज्य में 43 औषधालय संचालित है और 04 नवीन औषधालय खोले जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। 

       मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार के अनुशंसा एवं बिजनेस रिफार्मस के तहत निर्धारित सभी 17 रिफार्मस  को राज्य के श्रमिकों तथा नियोजकों के हित में लागू किया जा चुका है। छोटे व्यापारियों को छूट प्रदाय करने हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 सहपठित नियम, 2021 को 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है। 

          उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नयी श्रेणी ‘‘नियत कालिक नियोजन कर्मकार’’ का प्रावधान किया गया है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी। महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत रात्रिपाली में महिला कर्मकारों को सशर्त नियोजन का अधिकार दिया गया है। कारखाना लायसेंस की अवधि 10 से 15 वर्ष कर दी गई है।

           मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर नये 04 श्रम संहिता लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत राज्य में 04 नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नये कोड के परिणामस्वरूप श्रमिकों का हित संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। प्रत्येक श्रमिक को नियुक्ति पत्र, महिला श्रमिकों को सभी प्रकार के नियोजनों में काम करने का अधिकार, श्रमिकों को बेहतर न्यूनतम वेतन, नियोक्ता द्वारा श्रमिकों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण करने, गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु ‘‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल’’ का गठन का प्रावधान इत्यादि लाभ सुनिश्चित होगा। 

                श्रम मंत्री द्वारा विभाग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गयी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या 20 से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले दुकान एवं स्थापनाओं में लागू करने हेतु राज्य विधानसभा में पुनः विधेयक पारित कर, माननीय राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।

            कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी तथा बीरगांव औषधालय का उन्नयन कर इन्हे मॉडल औषधालय केे रूप में विकसित किया जायेगा। 

           श्री देवांगन ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक योजना प्रारंभ की जावेगी। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के संतानों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नवीन योजना ’’अटल कैरियर निर्माण योजना’’ प्रारंभ की जावेगी। 

            शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार समस्त जिलों में श्रम अन्न केन्द्र स्थापित कर किया जाएगा।शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली का सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से मैसेजिंग सुविधा, मोबाईल नंबर सत्यापन, एजेंटी को ए.आई. की सुविधा प्रारंभ की जायेगी,  जिससे शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे प्राप्त हो सके। अंत में मंत्री श्री देवांगन द्वारा सभी मीडिया कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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धान भंडारण में सूखत एवं कीट-जनित क्षय: वैज्ञानिक एवं स्वाभाविक प्रक्रिया,सूखत और कीट-क्षति पर शासन की व्यवस्था से सुरक्षित हुई धान खरीदी प्रणाली

रायपुर 14 जनवरी 2026/धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान को लेकर कुछ स्थानों पर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह तथ्यों से परे है। वस्तुस्थिति यह है कि धान भंडारण के दौरान नमी में कमी के कारण वजन में आंशिक गिरावट (सूखत) एक स्वाभाविक और तकनीकी प्रक्रिया है, जो वर्षों से चली आ रही है और देश के सभी धान उत्पादक राज्यों में देखी जाती है।

सरकारी अभिलेखों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 6.32 प्रतिशत और 2020-21 में 4.17 प्रतिशत सूखत दर्ज की गई थी। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सूखत कोई नई या अचानक उत्पन्न हुई स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली भौतिक-तकनीकी प्रक्रिया है।

धान संग्रहण केंद्रों में नमी, तापमान, भंडारण अवधि, परिवहन और वातावरण के प्रभाव से धान में प्राकृतिक रूप से कुछ प्रतिशत वजन घटता है। इसे वैज्ञानिक रूप से “मॉइस्चर लॉस” या “ड्रायिंग लॉस” कहा जाता है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे नियंत्रित, मापा और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में लगभग 3.49 प्रतिशत सूखत की संभावना व्यक्त की गई है, जो पूर्व वर्षों के औसत के अनुरूप है और असामान्य नहीं है।  

वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था में संग्रहण केंद्रों पर डिजिटल स्टॉक एंट्री, वजन सत्यापन, गुणवत्ता परीक्षण, गोदाम ट्रैकिंग, परिवहन एवं उठाव की निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता को तुरंत पहचाना जा सके। अब सूखत केवल एक अनुमान नहीं, बल्कि डेटा-आधारित और ट्रैक-योग्य प्रक्रिया बन चुकी है। जहां यह प्राकृतिक सीमा में रहती है, उसे सामान्य माना जाता है, और जहां यह असामान्य रूप से अधिक पाई जाती है, वहां जांच और उत्तरदायित्व तय किया जाता है।

धान खरीदी व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके धान का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिले, भंडारण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और पूरी प्रणाली विश्वसनीय और पारदर्शी बनी रहे।

आज प्रदेश की धान खरीदी प्रणाली डिजिटल टोकन, ऑनलाइन भुगतान, स्टॉक ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं के माध्यम से देश की सबसे संगठित और निगरानी-आधारित व्यवस्थाओं में शामिल हो चुकी है। इससे किसानों का विश्वास मजबूत हुआ है और प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ी है।

इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि सूखत भंडारण की एक वैज्ञानिक वास्तविकता है — जिसे अब पहली बार पूरी पारदर्शिता, निगरानी और नियंत्रण के साथ संचालित किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने बगिया में बालक आश्रम के बच्चों से की आत्मीय संवाद,बच्चों का हालचाल पूछा, पढ़ाई में आगे बढ़ने के लिए किया प्रोत्साहित

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जशपुर प्रवास उस समय बेहद भावनात्मक बन गया जब वे ग्राम बगिया स्थित हेलिपैड पर उतरते ही पास में खेल रहे बालक आश्रम बगिया के बच्चों से मिलने स्वयं उनके पास पहुँच गए। मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे खुशी से झूम उठे और उत्साह के साथ उनके चारों ओर इकट्ठा हो गए। हेलिपैड के समीप स्थित बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय बातचीत करते हुए उनसे पढ़ाई के बारे में पूछा। उन्होंने पूछा कि कितने शिक्षक हैं, आश्रम में भोजन कैसा मिलता है और रोज खाने में क्या-क्या मिलता है। बच्चों ने मुस्कुराते हुए बताया कि उन्हें चावल, दाल, आलू, मटर सहित पौष्टिक भोजन मिलता है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अच्छे से रहने, मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया।

      मुख्यमंत्री के इस सहज और संवेदनशील व्यवहार से बच्चे भावविभोर हो उठे। वे चहकते हुए मुख्यमंत्री से बातें करते नजर आए। इस दौरान वातावरण खुशियों से भर गया। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ भी दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय की इस आत्मीय मुलाकात ने यह संदेश दिया कि शासन केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के नन्हे भविष्य – बच्चों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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करोड़ों की सोना चोरी मामले में जशपुर पुलिस का सघन तलाशी अभियान जारी

रैनीडांड़ क्षेत्र में हुई सनसनीखेज वारदात, अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, 3 फरार

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दी जा रही दबिश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जल्द गिरफ्तारी का किया दावा

जशपुर, 14 जनवरी 2026/
जिले के रैनीडांड़ (थाना नारायणपुर) क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सोना एवं नगदी चोरी की सनसनीखेज घटना को लेकर जशपुर पुलिस द्वारा सघन तलाशी अभियान लगातार जारी है। पुलिस टीम फरार आरोपियों के निवास स्थानों एवं सभी संभावित ठिकानों पर निरंतर दबिश दे रही है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है, जबकि तीन आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

भतीजी ने ही रची चोरी की साजिश

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि प्रार्थी की भतीजी ने अपने बॉयफ्रेंड एवं अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने ही बड़े पिताजी के घर में इस सुनियोजित चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद आरोपियों ने चोरी किए गए सोने एवं नगदी को छिपाने और फरार होने की योजना बनाई, किंतु पुलिस की सक्रियता से अधिकांश आरोपी शीघ्र ही पुलिस के शिकंजे में आ गए।

थाना नारायणपुर में दर्ज हुआ अपराध

प्रकरण में थाना नारायणपुर में अप.क्र. 114/25 के तहत
धारा 331(4), 305(ए), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

फरार आरोपियों की सूची

  1. अविनाश राम
    पिता – जयराम | उम्र – 27 वर्ष
    निवासी – पुरनानगर रानीबगीचा, थाना सिटी कोतवाली, जशपुर

  2. घनश्याम प्रधान
    पिता – बालमोहन प्रधान
    निवासी – जुड़वाइन अम्बाटोली, चौकी आरा
    हाल मुकाम – बाकीटोली, थाना सिटी कोतवाली, जशपुर

  3. अनमोल भगत
    पिता – सीताराम भगत
    निवासी – आरा

एसएसपी शशि मोहन सिंह का बयान

जशपुर पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि,
"जशपुर पुलिस इस पूरे मामले में अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से कार्य कर रही है। फरार आरोपियों के प्रत्येक संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

जनता से सहयोग की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फरार आरोपियों के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

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जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने जशपुर के नवीन जिला परिवहन कार्यालय किया शुभारंभ 

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ नवीन जिला परिवहन कार्यालय भवन,गम्हरिया जशपुर का आज जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने शुभारंभ किया गया। 

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला परिवहन अधिकारी श्री विजय कुमार निकुंज सहित समस्त स्टाफ एवं  गम्हरिया के समस्त गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 
          जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि आज से समस्त परिवहन संबंधित कार्य और शासकीय कार्य नवीन जिला परिवहन कार्यालय में सम्पादित होंगे।

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श्री रामलला दर्शन योजना के तहत जशपुर जिले से 204 श्रद्धालुओं का अयोध्या धाम के लिए भव्य प्रस्थान जनप्रतिनिधियों ने दिखाई हरी झंडी,

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रद्धालुओं को प्रभु श्री रामलला अयोध्या धाम के दर्शन का सिलसिला निरंतर जारी है।  
       इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिले के स्थानीय निवासियों को श्री रामलला दर्शन योजना के तहत  14 से 17 जनवरी 2026 तक अयोध्या धाम यात्रा हेतु जिले से कुल-204 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया। जिले के सभी विकास खंड के जनपद पंचायत कार्यालय और नगरीय निकाय से जनप्रतिनिधियों ने अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
             रवाना किए गए 204 श्रद्धालुओं में जशपुर विधानसभा से 64, कुनकुरी विधानसभा से 67 एवं पत्थलगांव विधानसभा से 73 श्रद्धालु शामिल हैं।

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