ताजा खबरें


बड़ी खबर

बगीचा के आम नागरिकों की मांग हुई पूरी : मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत बगीचा में बस स्टैंड के पास गौरव पथ के निर्माण कार्य का किया भूमि पूजन 

जशपुर 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगीचा विकास खंड के बस स्टैंड के पास गौरव पथ के निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव,  नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम,जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द गुप्ता,कृष्णा राय, आईजी श्री दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत बगीचा वासियों के प्रमुख मांग पर तहसील चौक से हाई स्कूल चौक तक गौरव पथ निर्माण कार्य  1279.77 लाख की लागत से कार्य किया जाएगा।

  अधोसंरचना मद अन्तर्गत संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास नवा रायपुर अटल नगर के तहत् स्वीकृति प्रदाय किया गया।
कार्य पूर्ण हो जाने से नगर की सौन्दर्यता में वृद्धि के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, जिससे वाहन दुर्घटना में कभी आयेगी। बगीचा वासियों की मांग पूरी होने पर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बगीचा पहुंचे,हेलीपैड पर हुआ आत्मीय स्वागत

जशपुरनगर, 15 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  विकासखंड बगीचा पहुंचे। डी. ए. व्ही. पब्लिक स्कूल स्थित हेलीपैड आगमन पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, आईजी श्री दीपक कुमार झा,कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात, गड़ेरटोली से जमुंडा–कटंगखार मार्ग निर्माण को मिली मंजूरी, 4 करोड़ 62 लाख की लागत से बनेगी 5 किमी सड़क, ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी....

जशपुरनगर 15 जनवरी 2026 : प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील क्षेत्र को बड़ी विकास सौगात दी है। मुख्यमंत्री द्वारा गड़ेरटोली से जमुंडा–कटंगखार मार्ग के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है। इस मार्ग का निर्माण 4 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसमें 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है।यह मार्ग लंबे समय से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग रहा है। सड़क की स्वीकृति मिलने से कांसाबेल तहसील के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। अब गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से बेहतर होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।क्षेत्रवासियों ने कहा कि खराब सड़क के कारण वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही थी, विशेषकर बरसात के दिनों में स्थिति और भी दयनीय हो जाती थी। अब सड़क निर्माण से ग्रामीणों का जीवन सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री की यह सौगात जनकल्याण और समावेशी विकास की सोच को दर्शाती है।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जशपुर दौरा, विभिन्न कार्यक्रम में करेंगे शिरकत, बगिया में रात्रि 8 बजे तक आमजनों से करेंगे मुलाकात...

जशपुरनगर 15 जनवरी 2026/प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गुरुवार 15 जनवरी 2026 को जशपुर जिले के विस्तृत दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण, भूमिपूजन एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 10:40 बजे अपने निज निवास ग्राम बगिया से प्रस्थान कर बगीचा पहुंचेंगे। इस दौरान वे निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण, गौरव पथ भूमिपूजन कार्यक्रम, उज्ज्वला महोत्सव कार्यक्रम एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रमों में शामिल होंगे।इसके पश्चात मुख्यमंत्री दोपहर 1:30 बगीचा हेलीपेड से फरसाबहार विकासखंड के पमशाला कंवर धाम पहुंचेंगे,वहां विभिन्न कार्यों के भूमिपूजन लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में शामिल होने के पश्चात पुनः शाम को बगिया आगमन करेंगे।कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बगिया में रात्रि 8 बजे तक स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों मुलाकात कर सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे।मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। वहीं मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

और भी

धान खरीदी में नया रिकॉर्ड: 13 जनवरी तक 17.77 लाख किसानों के खातों में पहुंचा ₹23,448 करोड़

रायपुर 15 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे धान खरीदी महाअभियान ने इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 

दिनांक 13 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है।

यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही  उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी  सीधे बढ़कर  ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।

यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान प्रणाली और किसान-हितैषी नीतियों ने प्रदेश के किसानों का भरोसा मजबूत किया है। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर पात्र किसान से हर दाना खरीदा जाएगा और हर रुपये का भुगतान समय पर किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ का किसान और अधिक समृद्ध, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के भंडारण में सूखत एवं अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। जिन संग्रहण केन्द्रों में 0.5 प्रतिशत से अधिक एवं 1 प्रतिशत से कम कमी पाई गई, वहाँ केन्द्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 01 से 02 प्रतिशत तक कमी पाए जाने पर विभागीय जांच शुरू की गई, जबकि 02 प्रतिशत से अधिक कमी वाले केन्द्र प्रभारियों को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई तथा आपराधिक पाए जाने पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।

विगत 02 वर्षों में धान खरीदी एवं भण्डारण में अनियमितता तथा लापरवाही पाए जाने पर कुल 33 खाद्य निरीक्षकों एवं खाद्य अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए, 02 मामलों में संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 01 संग्रहण केन्द्र प्रभारी को निलंबित किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता नीति पर कार्य कर रही है।

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में आई सूखत के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 06 जिला विपणन अधिकारियों एवं 06 संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में कुल 25.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 80.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में खरीदी का दायरा, मात्रा और किसानों को मिलने वाला प्रत्यक्ष लाभ ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल के अंतर्गत 78 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 116 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो पाया। शेष धान का निराकरण नीलामी के माध्यम से किया गया।केन्द्रीय लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त चावल की मिलिंग में FCI के पास गोदाम क्षमता कम होने के कारण धान के अंतिम निराकरण में लगभग 12 से 15 माह का समय लग गया, जिससे संग्रहण केन्द्रों में ड्रायज (सूखत) होना संभावित रहा। वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में रखे धान का उठाव प्रगतिरत है तथा ऑक्शन एवं नीलामी से विक्रय किए गए धान का उठाव प्रक्रियाधीन है। संपूर्ण धान निराकरण के पश्चात ही कुल सूखत का वास्तविक आंकलन किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी, भुगतान, भंडारण और निराकरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी निगरानी में रखा गया है ताकि हर किसान को समय पर भुगतान और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ मिले।

और भी

मुख्यमंत्री श्री साय ने बगिया में जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं,आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने गृह ग्राम बगिया में जनदर्शन आयोजित कर आम नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, किसान, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों और समस्याओं के साथ उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री ने सभी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाएं जनता की सुविधा और विकास के लिए हैं, इसलिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इनका लाभ समय पर पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दें ताकि आमजन को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह भी मौजूद रहे।
        जनदर्शन के दौरान प्राप्त कई आवेदनों में तत्काल कार्रवाई करते हुए समाधान किया गया। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कुछ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और संबंधित विभागों को जनहित के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी  ग्रामीणजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि शासन जनता के साथ है और हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

और भी

मुख्यमंत्री से भारतीय वन सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की मुलाकात,संवाद, कर मुख्यमंत्री ने दिया समर्पण और कर्तव्य का संदेश

रायपुर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मंत्रालय महानदी भवन में भारतीय वन सेवा के 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को भारतीय वन सेवा में नियुक्ति होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्रशिक्षु अधिकारियों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग एवं दंतेवाड़ा जिले के दो अधिकारी भी शामिल हैं। 

प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां न सिर्फ समृद्ध वन्य जीवन है बल्कि वनों से हमारे बहुसंख्यक नागरिकों की आजीविका और सामाजिक जीवन जुड़ा हुआ है। इसीलिए छत्तीसगढ़ में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं।  

मुख्यमंत्री श्री साय को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही श्रीनिवास राव ने बताया कि भारतीय वन सेवा के 06 अधिकारी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से 16 सप्ताह की ऑन जॉब ट्रेनिंग पर छत्तीसगढ़ भेजा गया है। इन्हें राज्य के वन मंडल बस्तर, रायगढ़, धमतरी, राजनांदगांव, कटघोरा और जशपुर के अंतर्गत पदस्थ किया गया है। यह प्रशिक्षण 05 जनवरी से 25 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसके अंतर्गत अधिकारी वन सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जमीनी स्तर पर जान पाएंगे। 

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक रायपुर श्री मणि वासगन एस तथा प्रशिक्षु अधिकारी अक्षय जैन, कुणाल मिश्रा,  एम जालिंदर यादव, पारख सारदा,  प्रीति यादव, यशस्वी मौर्या उपस्थित थे।

और भी

श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की पत्रकार वार्ता श्रम विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना की दी जानकारी


    दिनांक 14 जनवरी 2026

          श्रम विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के संबंध में श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन  द्वारा आज  प्रेस वार्ता में  जानकारी दी गई कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा विगत 02 वर्षो में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिसमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल है। 

           विभाग के अधीन मंडलों द्वारा संचालित कुल 71 योजनाओं में विगत 02 वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ राशि से लाभान्वित किया गया है, जिसमें से 28,49,167 निर्माण श्रमिकांे को लगभग रूपये 653.75 करोड़, 91,595 असंगठित श्रमिकों लगभग रूपये 143.77 करोड़, एवं 14,592 संगठित श्रमिकों को रूपये 7.24 करोड़ रूपये से लाभांवित किया गया है। विभाग द्वारा श्रमिकों को देय हितलाभ केन्द्रीयकृत डी0बी0 टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि अवगत कराया गया कि इज ऑफ डूईंग व्यवस्था के तहत कारखनों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में प्रदेश के कारखानों का कारखाना अधिनियम अंतर्गत कुल 2218 निरीक्षण किये गये हैं। प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 666 अभियोजन माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं तथा कुल 05 करोड़ रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है। 

         उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम अंतर्गत विगत 02 वर्षो में बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा भिलाई में 100 बिस्तर-युक्त चिकित्सालय संचालित है तथा शीघ्र ही बिलासपुर में चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार राज्य में 43 औषधालय संचालित है और 04 नवीन औषधालय खोले जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। 

       मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार के अनुशंसा एवं बिजनेस रिफार्मस के तहत निर्धारित सभी 17 रिफार्मस  को राज्य के श्रमिकों तथा नियोजकों के हित में लागू किया जा चुका है। छोटे व्यापारियों को छूट प्रदाय करने हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 सहपठित नियम, 2021 को 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है। 

          उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नयी श्रेणी ‘‘नियत कालिक नियोजन कर्मकार’’ का प्रावधान किया गया है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी। महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत रात्रिपाली में महिला कर्मकारों को सशर्त नियोजन का अधिकार दिया गया है। कारखाना लायसेंस की अवधि 10 से 15 वर्ष कर दी गई है।

           मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर नये 04 श्रम संहिता लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत राज्य में 04 नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नये कोड के परिणामस्वरूप श्रमिकों का हित संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। प्रत्येक श्रमिक को नियुक्ति पत्र, महिला श्रमिकों को सभी प्रकार के नियोजनों में काम करने का अधिकार, श्रमिकों को बेहतर न्यूनतम वेतन, नियोक्ता द्वारा श्रमिकों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण करने, गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु ‘‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल’’ का गठन का प्रावधान इत्यादि लाभ सुनिश्चित होगा। 

                श्रम मंत्री द्वारा विभाग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गयी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या 20 से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले दुकान एवं स्थापनाओं में लागू करने हेतु राज्य विधानसभा में पुनः विधेयक पारित कर, माननीय राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।

            कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी तथा बीरगांव औषधालय का उन्नयन कर इन्हे मॉडल औषधालय केे रूप में विकसित किया जायेगा। 

           श्री देवांगन ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक योजना प्रारंभ की जावेगी। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के संतानों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नवीन योजना ’’अटल कैरियर निर्माण योजना’’ प्रारंभ की जावेगी। 

            शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार समस्त जिलों में श्रम अन्न केन्द्र स्थापित कर किया जाएगा।शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली का सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से मैसेजिंग सुविधा, मोबाईल नंबर सत्यापन, एजेंटी को ए.आई. की सुविधा प्रारंभ की जायेगी,  जिससे शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे प्राप्त हो सके। अंत में मंत्री श्री देवांगन द्वारा सभी मीडिया कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

और भी

धान भंडारण में सूखत एवं कीट-जनित क्षय: वैज्ञानिक एवं स्वाभाविक प्रक्रिया,सूखत और कीट-क्षति पर शासन की व्यवस्था से सुरक्षित हुई धान खरीदी प्रणाली

रायपुर 14 जनवरी 2026/धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान को लेकर कुछ स्थानों पर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह तथ्यों से परे है। वस्तुस्थिति यह है कि धान भंडारण के दौरान नमी में कमी के कारण वजन में आंशिक गिरावट (सूखत) एक स्वाभाविक और तकनीकी प्रक्रिया है, जो वर्षों से चली आ रही है और देश के सभी धान उत्पादक राज्यों में देखी जाती है।

सरकारी अभिलेखों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 6.32 प्रतिशत और 2020-21 में 4.17 प्रतिशत सूखत दर्ज की गई थी। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सूखत कोई नई या अचानक उत्पन्न हुई स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली भौतिक-तकनीकी प्रक्रिया है।

धान संग्रहण केंद्रों में नमी, तापमान, भंडारण अवधि, परिवहन और वातावरण के प्रभाव से धान में प्राकृतिक रूप से कुछ प्रतिशत वजन घटता है। इसे वैज्ञानिक रूप से “मॉइस्चर लॉस” या “ड्रायिंग लॉस” कहा जाता है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे नियंत्रित, मापा और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में लगभग 3.49 प्रतिशत सूखत की संभावना व्यक्त की गई है, जो पूर्व वर्षों के औसत के अनुरूप है और असामान्य नहीं है।  

वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था में संग्रहण केंद्रों पर डिजिटल स्टॉक एंट्री, वजन सत्यापन, गुणवत्ता परीक्षण, गोदाम ट्रैकिंग, परिवहन एवं उठाव की निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता को तुरंत पहचाना जा सके। अब सूखत केवल एक अनुमान नहीं, बल्कि डेटा-आधारित और ट्रैक-योग्य प्रक्रिया बन चुकी है। जहां यह प्राकृतिक सीमा में रहती है, उसे सामान्य माना जाता है, और जहां यह असामान्य रूप से अधिक पाई जाती है, वहां जांच और उत्तरदायित्व तय किया जाता है।

धान खरीदी व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके धान का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिले, भंडारण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और पूरी प्रणाली विश्वसनीय और पारदर्शी बनी रहे।

आज प्रदेश की धान खरीदी प्रणाली डिजिटल टोकन, ऑनलाइन भुगतान, स्टॉक ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं के माध्यम से देश की सबसे संगठित और निगरानी-आधारित व्यवस्थाओं में शामिल हो चुकी है। इससे किसानों का विश्वास मजबूत हुआ है और प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ी है।

इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि सूखत भंडारण की एक वैज्ञानिक वास्तविकता है — जिसे अब पहली बार पूरी पारदर्शिता, निगरानी और नियंत्रण के साथ संचालित किया जा रहा है।

और भी

मुख्यमंत्री श्री साय ने बगिया में बालक आश्रम के बच्चों से की आत्मीय संवाद,बच्चों का हालचाल पूछा, पढ़ाई में आगे बढ़ने के लिए किया प्रोत्साहित

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जशपुर प्रवास उस समय बेहद भावनात्मक बन गया जब वे ग्राम बगिया स्थित हेलिपैड पर उतरते ही पास में खेल रहे बालक आश्रम बगिया के बच्चों से मिलने स्वयं उनके पास पहुँच गए। मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे खुशी से झूम उठे और उत्साह के साथ उनके चारों ओर इकट्ठा हो गए। हेलिपैड के समीप स्थित बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय बातचीत करते हुए उनसे पढ़ाई के बारे में पूछा। उन्होंने पूछा कि कितने शिक्षक हैं, आश्रम में भोजन कैसा मिलता है और रोज खाने में क्या-क्या मिलता है। बच्चों ने मुस्कुराते हुए बताया कि उन्हें चावल, दाल, आलू, मटर सहित पौष्टिक भोजन मिलता है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अच्छे से रहने, मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया।

      मुख्यमंत्री के इस सहज और संवेदनशील व्यवहार से बच्चे भावविभोर हो उठे। वे चहकते हुए मुख्यमंत्री से बातें करते नजर आए। इस दौरान वातावरण खुशियों से भर गया। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ भी दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय की इस आत्मीय मुलाकात ने यह संदेश दिया कि शासन केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के नन्हे भविष्य – बच्चों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

और भी

करोड़ों की सोना चोरी मामले में जशपुर पुलिस का सघन तलाशी अभियान जारी

रैनीडांड़ क्षेत्र में हुई सनसनीखेज वारदात, अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, 3 फरार

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दी जा रही दबिश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जल्द गिरफ्तारी का किया दावा

जशपुर, 14 जनवरी 2026/
जिले के रैनीडांड़ (थाना नारायणपुर) क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सोना एवं नगदी चोरी की सनसनीखेज घटना को लेकर जशपुर पुलिस द्वारा सघन तलाशी अभियान लगातार जारी है। पुलिस टीम फरार आरोपियों के निवास स्थानों एवं सभी संभावित ठिकानों पर निरंतर दबिश दे रही है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है, जबकि तीन आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

भतीजी ने ही रची चोरी की साजिश

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि प्रार्थी की भतीजी ने अपने बॉयफ्रेंड एवं अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने ही बड़े पिताजी के घर में इस सुनियोजित चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद आरोपियों ने चोरी किए गए सोने एवं नगदी को छिपाने और फरार होने की योजना बनाई, किंतु पुलिस की सक्रियता से अधिकांश आरोपी शीघ्र ही पुलिस के शिकंजे में आ गए।

थाना नारायणपुर में दर्ज हुआ अपराध

प्रकरण में थाना नारायणपुर में अप.क्र. 114/25 के तहत
धारा 331(4), 305(ए), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

फरार आरोपियों की सूची

  1. अविनाश राम
    पिता – जयराम | उम्र – 27 वर्ष
    निवासी – पुरनानगर रानीबगीचा, थाना सिटी कोतवाली, जशपुर

  2. घनश्याम प्रधान
    पिता – बालमोहन प्रधान
    निवासी – जुड़वाइन अम्बाटोली, चौकी आरा
    हाल मुकाम – बाकीटोली, थाना सिटी कोतवाली, जशपुर

  3. अनमोल भगत
    पिता – सीताराम भगत
    निवासी – आरा

एसएसपी शशि मोहन सिंह का बयान

जशपुर पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि,
"जशपुर पुलिस इस पूरे मामले में अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से कार्य कर रही है। फरार आरोपियों के प्रत्येक संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

जनता से सहयोग की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फरार आरोपियों के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

और भी

जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने जशपुर के नवीन जिला परिवहन कार्यालय किया शुभारंभ 

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ नवीन जिला परिवहन कार्यालय भवन,गम्हरिया जशपुर का आज जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने शुभारंभ किया गया। 

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला परिवहन अधिकारी श्री विजय कुमार निकुंज सहित समस्त स्टाफ एवं  गम्हरिया के समस्त गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 
          जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि आज से समस्त परिवहन संबंधित कार्य और शासकीय कार्य नवीन जिला परिवहन कार्यालय में सम्पादित होंगे।

और भी

श्री रामलला दर्शन योजना के तहत जशपुर जिले से 204 श्रद्धालुओं का अयोध्या धाम के लिए भव्य प्रस्थान जनप्रतिनिधियों ने दिखाई हरी झंडी,

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रद्धालुओं को प्रभु श्री रामलला अयोध्या धाम के दर्शन का सिलसिला निरंतर जारी है।  
       इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिले के स्थानीय निवासियों को श्री रामलला दर्शन योजना के तहत  14 से 17 जनवरी 2026 तक अयोध्या धाम यात्रा हेतु जिले से कुल-204 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया। जिले के सभी विकास खंड के जनपद पंचायत कार्यालय और नगरीय निकाय से जनप्रतिनिधियों ने अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
             रवाना किए गए 204 श्रद्धालुओं में जशपुर विधानसभा से 64, कुनकुरी विधानसभा से 67 एवं पत्थलगांव विधानसभा से 73 श्रद्धालु शामिल हैं।

और भी

निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में नहीं होगी बर्दाश्त — कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने पीडब्ल्यूडी एवं पीएमजीएसवाई कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्वीकृत, प्रगतिरत, निर्माणाधीन तथा अप्रारंभ कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए सभी लंबित एवं प्रगति पर चल रहे कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इस दौरान बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

     कलेक्टर श्री व्यास ने पीडब्लूडी अंतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में चल रहे सड़क, स्कूल भवन, तहसील भवन, हाई स्कूल भवन, विभिन्न भवनों के उन्नयन कार्य, पहुंच मार्ग, परिवार न्यायालय भवन, नवीन पॉलिटेक्निक भवन, विश्राम गृह भवन सहित अन्य सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-सीमा से बाहर चल रहे कार्यों पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से विलंब के कारण पूछे और निर्माण गति तेज करने के निर्देश दिए। 
      पीएमजीएसवाई अंतर्गत संचालित सड़कों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने निर्देशित किया कि सड़कों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। साथ ही नए स्वीकृत कार्यों की गूगल एंट्री अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्यों की समयबद्ध प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके।

और भी

दिव्यांग बच्चों के लिए समाज कल्याण विभाग की सराहनीय पहल, शैक्षणिक भ्रमण एवं वनभोज से बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान

जशपुरनगर 14 जनवरी 2026/ समाज कल्याण विभाग द्वारा विगत दिवस 10 जनवरी को दिव्यांग बच्चो का शैक्षणिक भ्रमण एवं वन भोज कराया गया। 
                    विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार संचालित दृष्टि बाधितार्थ विशेष विद्यालय गम्हरिया एवं समर्थ आवासीय दिव्यांग प्रशिक्षण केन्द्र के नियमित अध्ययनरत दिव्यांग बच्चो को विशेष बसों से कुनकुरी तहसील के ग्राम ठेठेटांगर स्थित संगम डेम के प्राकृतिक स्थल का भ्रमण में मनोरंजानात्मक खेल-कूद और वनभोज का आयोजन किया गया। जहां जाकर दिव्यांग बच्चो को पंरपरागत खेल-कूद के मनोरंजन के साथ-साथ  शिक्षकीय अमले के माध्यम से पर्यावरण और उसके संरक्षण के महत्व को जानने, समझने और महसूस करने हेतु ज्ञानवर्धन का अवसर मिला। समस्त दिव्यांगजन इस शैक्षणिक भ्रमण से बहुत आंनदित हुए।

और भी

साय सरकार की संवेदनशील सोच से बदली सुकमा के श्रमिकों की किस्मत, मजदूरी से कौशल की ओर ऐतिहासिक बदलाव

रायपुर, 14 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील, समावेशी और जनकल्याणकारी सोच का प्रभाव अब सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में सम्मानजनक बदलाव लाना है। इसी सोच का जीवंत उदाहरण सुकमा जिले में देखने को मिल रहा है, जहां मनरेगा के अकुशल श्रमिक अब कुशल राज मिस्त्री बनकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से मनरेगा में पंजीकृत 30 श्रमिकों के लिए विशेष राज मिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में ईंट-चिनाई, भवन ले-आउट, प्लिंथ से छत तक निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण एवं कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।

यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब सुकमा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2024-26 के लिए 25,974 आवास स्वीकृत किए गए हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रारंभ यह प्रयास दोहरे उद्देश्य को साध रहा है। एक ओर स्थानीय स्तर पर दक्ष राज मिस्त्री उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण श्रमिकों को अपने गांव के पास ही सम्मानजनक रोजगार मिल रहा है। 

इस कौशल उन्नयन से श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी और उनके परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होगा। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और कौशल विकास का यह त्रिवेणी संगम सुकमा जैसे दूरस्थ जिले में आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत कर रहा है। राज मिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जैमेर गांव के चेतननाल का कहना है कि यह सिर्फ ईट गारे का काम नहीं है, यह हमारे स्वाभिमान और आत्मसम्मान के साथ रोजगार हासिल करने की बात है। अब हमे काम के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और हमारी आमदनी भी पहले से ज्यादा होगी। अब हम दूसरों के घरों का निर्माण करने के साथ-साथ अपने सपनों को भी हकीकत में बदलने में कामयाब होंगे।

और भी

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो बड़ी उपलब्धियाँ, नवाचार और तकनीक को मिला राष्ट्रीय स्तर का सम्मान

रायपुर,14 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को वर्ष 2025–26 के मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। विभाग को यह सम्मान अपनी दो महत्वपूर्ण और नवाचार आधारित पहल FDS 2.0 (ई-कुबेर डिजिटल पेमेंट सिस्टम) तथा वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए दिया गया है।

            FDS 2.0 (eKuber डिजिटल पेमेंट सिस्टम) भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और तेजी FDS 2.0 एक आधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसके माध्यम से वन विभाग की सभी वित्तीय गतिविधियाँ ई-कुबेर प्लेटफ़ॉर्म से सीधे जुड़ी हैं। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है, पारदर्शिता बढ़ी है। मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हुई है तथा कार्यों, योजनाओं और कर्मचारियों के भुगतान में गति आई है। इस नवाचार से विभाग के प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ी है और आम नागरिकों से जुड़े भुगतान संबंधी कार्य भी सरल और समयबद्ध हुए हैं।

*वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली मानव–हाथी संघर्ष में राहत*

            वन विभाग द्वारा विकसित यह प्रणाली आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसके माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी की जाती है। इस पहल के माध्यम से वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को समय पर अलर्ट भेजा जाता है, ग्रामीणों को संभावित खतरे से पहले ही सूचना मिल जाती है,मानव– हाथी संघर्ष कम हुआ है, वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण सुरक्षा दोनों को मजबूत सहारा मिला है। यह प्रणाली विभाग के वन्यजीव प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और जनहितकारी बनाती है।

*नेतृत्व और टीमवर्क का परिणाम*

           इन दोनों उपलब्धियों के पीछे विभागीय नेतृत्व की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। गौरतलब है कि एसीएस श्रीमती ऋचा शर्मा,पीसीसीएफ एवं होएफएफ श्री श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ़) श्री अरुण पांडे, तथा अधिकारीगण श्रीमती शालिनी, श्रीमती सतोविषा और श्री वरुण का मार्गदर्शन, नवाचार को प्रोत्साहन और कार्य निष्पादन पर विशेष ध्यान प्रशंसनीय रहा। विभाग की पूरी टीम ने मिलकर इन पहलों को सफलतापूर्वक लागू किया, जिसके परिणामस्वरूप विभाग को दो महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हुए हैं।

*सुशासन और नवाचार को नई दिशा*

            मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के ये सम्मान दर्शाते हैं कि वन विभाग पारदर्शी शासन, तकनीक-आधारित समाधान, नागरिक–केंद्रित सेवा तथा प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। यह उपलब्धि विभाग की उस प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है, जिसके माध्यम से वह राज्य में सुशासन, नवाचार और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देता है।

और भी

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद, व्यवस्थाओं को लेकर हुई समीक्षा बैठक

रायपुर, 14 जनवरी 2026/ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के रूप में छत्तीसगढ़ की राजधानी में शब्दों और विचारों का एक भव्य उत्सव आकार ले रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन की तैयारियों को लेकर नवा रायपुर स्थित संवाद भवन में आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। 

*तय हुई आयोजन की रूपरेखा*

इस अवसर पर आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों की सहभागिता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, साहित्यिक सत्रों तथा प्रचार-प्रसार की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा ने बैठक में कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बौद्धिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का अवसर है। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर के पुरखौती मुक्तांगन में 23 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 

*देशभर के साहित्यकार और विचारक होंगे शामिल*

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 में देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक साथ मंच साझा करेंगे। इस दौरान साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर पुस्तक मेले का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के ख्यातिनाम प्रकाशण समुह शामिल होंगे।

*पुरखौती मुक्तांगन बनेगा साहित्य और संस्कृति का केंद्र*

यह उत्सव पुरखौती मुक्तांगन, अटल नगर, नवा रायपुर में आयोजित किया जाएगा, जहाँ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।

*राष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ता रायपुर साहित्य उत्सव*

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 को देश के प्रमुख साहित्यिक आयोजनों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। यह उत्सव न केवल लेखकों और पाठकों को जोड़ेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छवि को भी राष्ट्रीय स्तर पर और सुदृढ़ करेगा। आयोजन से जुड़ी विस्तृत कार्यक्रम-सारणी और अतिथियों की सूची शीघ्र ही सार्वजनिक की जाएगी। बैठक में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वरंजन, अपर संचालक जनसंपर्क श्री उमेश मिश्रा एवं श्री आलोक देव ने भी रायपुर साहित्य उत्सव के सफल आयोजन को लेकर मार्गदर्शन दिया।

और भी