15 वर्षों से बदहाली की सजा भुगत रहे घटमुंडा पंचायत के ग्रामीण,पंचायती चुनावी वादों की धूल में दब गई महुवाढाबा से बैगाटोली तक की ग्रामीण सड़क, पंचायत की उदासीनता पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
विकास की राह में रोड़ा बनी बदहाल सड़क, पंचायत की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश”
एक सड़क, हजारों परेशानियां: महुवाढाबा से बैगाटोली तक की राह पर हर कदम खतरा
प्रधानमंत्री सड़क से लेकर मुख्यमंत्री सड़क तक, योजनाओं की लाइन में भी जगह नहीं बना पाई घटमुंडा की यह बदहाल सड़क”

जशपुर/नारायणपुर 16 जनवरी 2026 :
कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घटमुंडा की ग्रामीण सड़कें आज विकास की नहीं, बल्कि पंचयात की लापरवाही और उपेक्षा की जीती-जागती मिसाल बन चुकी हैं। घटमुण्डा के महुवाढाबा से टंगराटोली, सरनापारा होते हुए बैगाटोली तक जाने वाली यह दो किमी मुख्य ग्रामीण सड़क तथा गिनाबहार मार्ग के जामुन पेड़ से नवाटोली तक लगभग आधा किलोमीटर लंबी सड़क आज पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुकी है।
इन सड़कों पर जगह-जगह एक से दो फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिनसे होकर गुजरना ग्रामीणों के लिए किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं है। बरसात के मौसम में ये गड्ढे तालाब में तब्दील हो जाते हैं, वहीं गर्मी में उड़ती धूल राहगीरों की आंखों और सांसों के लिए परेशानी बन जाती है।

ब्लॉक मुख्यालय, अस्पताल और जिला पहुंचने का मार्ग
ग्रामीणों के लिए यही सड़कें ब्लॉक मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला कार्यालय, तहसील कार्यालय और बाजार तक पहुंचने का एकमात्र माध्यम हैं। स्कूली बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग मरीज और दैनिक मजदूरी करने वाले लोग रोज इसी जानलेवा सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीण बताते हैं कि कई बार बाइक सवार गिरकर घायल हो चुके हैं।इस सड़क से सफर करना जान जोखिम से कम नही है।
15 वर्षों से सिर्फ वादे, जमीन पर नहीं उतरा कोई काम
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों में हर पंचायत चुनाव, जनपद चुनाव और जिला पंचायत चुनाव के दौरान नेताओं ने इस सड़क की मरम्मत और प्रधानमंत्री सड़क योजना से जोड़ने का बड़ा बड़ा वादा किया गया था लेकिन चुनाव बीतते ही यह सड़क फिर नेताओं की प्राथमिकता सूची से बाहर हो गई है। जिसका खामियाजा आज तक यंहा की जनता भुगत रही है।ग्रामीणों ने कहा, “हमने हर बार भरोसा किया, लेकिन हर बार सिर्फ ठगे गए। सड़क आज भी वैसी ही है जैसी 15 साल पहले थी।”
पंचायत और स्थानीय प्रशासन पर सीधा आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से पंचायत कार्यालय में शिकायत और मौखिक निवेदन करते आ रहे हैं, लेकिन न तो स्थायी मरम्मत कराई गई और न ही इस सड़क को किसी योजना में शामिल कराया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले में कई छोटी-छोटी सड़कों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत स्वीकृति मिल रही है, स्थानीय जन जनप्रतिनिधियों की लाफ़रवाही की वजह से घटमुंडा पंचायत की यह महत्वपूर्ण सड़क आज तक योजनाओं की सूची में भी जगह नहीं बना पाई।
सर्वे तक नहीं, अब तक योजना से भी बाहर
ग्रामीणों का आरोप है कि जिला पंचयात स्तर के जनप्रतिनिधियों ने कई बार कहा कि सड़क प्रधानमंत्री सड़क योजना में बनेगी, लेकिन आज तक न तो इसका सर्वे हुआ और न ही इसे किसी योजना में शामिल किया गया। इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
पंचायत प्रतिनिधियों का पक्ष
इस संबंध में जब ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती निशा केरकेट्टा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 15वें वित्त या मूलभूत मद की राशि प्राप्त होते ही सड़क में मिट्टी-मुरुम का कार्य कराया जाएगा।
वहीं पंचायत सचिव श्रीमती दीपा चौहान ने बताया कि करीब 5 वर्ष पूर्व सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन वर्तमान में बजट की कमी के कारण दोबारा मरम्मत संभव नहीं हो सकी है।
अब देखना है कि क्या जनपद पंचायत और जिला पंचयात के प्रतिनिधि घटमुंडा पंचायत के ग्रामीणों की इस पीड़ा को सुनेगा?क्या 15 वर्षों से बदहाल इस सड़क को आखिरकार मरम्मत की सौगात मिलेगी? या फिर ग्रामीणों को आने वाले वर्षों तक इसी बदहाली में सफर करना पड़ेगा?
क्या कहतें हैं ग्रामीण:
