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*रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री श्री साय ने दी हार्दिक शुभकामनाएं ......भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 08 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और परस्पर सौहार्द की मंगलकामना करते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन का त्यौहार भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है, जिसमें बहनें अपने भाई की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए रक्षा-सूत्र बांधती हैं, वहीं भाई भी बहनों की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं। रक्षाबंधन पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को सशक्त करने वाला पर्व है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पारंपरिक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास, प्रेम, करुणा और दायित्वबोध की भावना को भी उजागर करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर पर समाज में सौहार्द्र, भाईचारा और महिला सम्मान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए संकल्प लें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से प्रदेश की बेटियों, बहनों और मातृशक्ति को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पावन पर्व सभी नागरिकों के जीवन में प्रेम, उमंग और एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।

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*बिलासपुर निवाशी शशांक के घर की छत पर सौर ऊर्जा से लगने से घर का बिजली बिल हुआ शून्य, सरकार को भी कर रहे हैं बिजली की आपूर्ति*

रायपुर, 08 अगस्त 2025/ प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने सौर ऊर्जा के माध्यम से अनेक घरों को रोशन किया है। बिलासपुर जिले के निवासी श्री शशांक दुबे ने अपने घर की छत पर एक पूर्ण सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कर लिया है। इस सौर ऊर्जा संचालित प्लांट से न केवल उनका घर रोशन हो रहा है, बल्कि उनका बिजली बिल भी अब शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, श्री दुबे अब सरकार को भी बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं।

श्री दुबे ने बताया कि जब से उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं, तब से उनके घर का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। सौर पैनलों के माध्यम से छत पर हो रहा बिजली उत्पादन उनके मासिक बिजली व्यय की पूर्णतः बचत कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी छत पर पाँच किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित है, जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से उन्हें अब मासिक बिजली बिल की कोई चिंता नहीं रह गई है, साथ ही वे एक उत्पादक के रूप में बिजली की सप्लाई भी कर रहे हैं। सोलर पैनल लगवाने के पश्चात उनके घर का बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है।

श्री दुबे ने बताया कि पाँच किलोवाट सोलर पैनल लगवाने में उन्हें लगभग दो लाख रुपये की लागत आई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा ₹78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई है, और राज्य सरकार की ओर से भी शीघ्र ही ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी प्राप्त होने वाली है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत केवल एक बार निवेश करना होता है, जिसके पश्चात 25 वर्षों तक निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति मिलती रहती है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु उपभोक्ता pmsuryaghar.gov.in पोर्टल या पीएम सूर्यघर ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। दीर्घकालिक दृष्टि से यह योजना अत्यंत किफायती सिद्ध होती है, जिसमें बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी प्रदान की जाती है।

श्री दुबे ने यह भी बताया कि एक बार सोलर पैनल लगवाने के पश्चात इस पर किसी प्रकार का नियमित मेंटेनेंस खर्च नहीं आता, तथा सोलर पैनल लगाने वाली कंपनी द्वारा पाँच वर्षों तक नि:शुल्क सर्विसिंग की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। सौर ऊर्जा का उपयोग कर वे स्वच्छ (ग्रीन) ऊर्जा के उत्पादन में सहभागी बन रहे हैं, जिससे नवीनीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री दुबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस योजना को अपनाएं, सौर ऊर्जा का उपयोग करें और बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें। साथ ही, पर्यावरण संवर्धन में भी अपना सक्रिय योगदान दें।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह प्लांट नेट मीटरिंग के माध्यम से विद्युत ग्रिड से जुड़ता है, जिससे उपभोक्ता अपनी आवश्यकता से अधिक उत्पन्न बिजली को ग्रिड में भेज सकता है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड को दी गई अतिरिक्त बिजली के बदले उन्हें आय भी प्राप्त होती है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इस योजना से उपभोक्ताओं को अधिक आमदनी, न्यूनतम बिजली बिल तथा नवीन रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, नवीनीकृत ऊर्जा स्रोतों के प्रति जन-जागरूकता में भी वृद्धि होगी।

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*आदर्श विद्यालय में हुआ पालक-शिक्षक सम्मेलन : शिक्षित बच्चे ही गढ़ेंगे देश का भविष्य- श्रीमती रायमुनी भगत*

जशपुरनगर 08 अगस्त 2025/ शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर नगर में विगत दिवस 07 अगस्त को पालक-शिक्षक सम्मेलन एवं प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के द्वारा दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण कर किया गया। मां सरस्वती की वंदना की सुमधुर प्रस्तुति की गई।
         इस अवसर पर श्रीमती रायमुनी भगत ने उपस्थित पालकों और बच्चों को सम्बोधित करते हुए  कहा कि  देश का भविष्य शिक्षित समाज से ही संवरेगा, निखरेगा, उज्ज्वल बनेगा। आज के बच्चे ही कल के भविष्य हैं। इसलिए बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। श्रीमती भगत ने कई उदाहरण के माध्यम से जीवन में शिक्षा के महत्व के बारे में पालकों और बच्चों को समझाया। श्रीमती भगत ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अच्छी पढ़ाई करने से ही आपका भविष्य उज्ज्वल बनेगा। आप लोगों को सरकार के द्वारा आवास, भोजन, किताबें, ड्रेस सब कुछ उपलब्ध कराया जा रहा है। आप लोगों को केवल पढ़ाई करना है। इसलिए अपना सब कुछ पढ़ने के लिए लगा दीजिये। आपका भविष्य अच्छा होगा, तो आपका परिवार मजबूत होगा, जिससे समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा। 
       कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि, शासकीय रामभजन राय इन ई एस महाविद्यालय जशपुरनगर के प्राध्यापक डॉ. अमरेंद्र ने बच्चों की बढ़ती उम्र के साथ उनके  व्यवहार में होने वाले बदलाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार परिवर्तन पर  नजर रखनी चाहिए । थोड़ी सी भी शंका होने पर शिक्षकों को तुरंत बताएं। शिक्षक काउंसिलिंग करके बच्चों की उचित सहायता करेंगे।  
      विद्यालय के प्राचार्य खान वक्कारुज्जमां खां ने पालक शिक्षक सम्मेलन की आवश्यकता के साथ ही अन्य निर्धारित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। 
      श्रीमती कल्पना टोप्पो, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी जशपुर ने अपने उदबोधन में छात्र जीवन से जुड़ी बातें बताते हुए अभिभावकों को बच्चों की भावनायें समझकर उनके समस्या हल करने के कई तरीके बताए। शाला की एसएमसी की अध्यक्ष श्रीमती संझौती बाई ने बच्चों को समझाया कि परिवार में अभाव को दूर करने का एक सबसे आसान उपाय है - अच्छी शिक्षा प्राप्त करना। विद्यालय की व्याख्याता श्रीमती सुनीता केरकेट्टा ने नशामुक्ति पर बच्चों और पालकों के साथ  विस्तार से चर्चा की। कक्षा 10 वीं के छात्र रविशंकर राम के द्वारा  परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में अपनी  सहभागिता के  अनुभव साझा किये गए। कक्षा 6वीं के नवप्रवेशित छात्रों ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित पालकों से भी, उनके सुझाव आमंत्रित किये गए।  पालकों की अतिथियों और शिक्षकों के साथ  भोज  के पश्चात कार्यक्रम की समाप्ति हुई।
        कार्यक्रम में  पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री कृपा शंकर भगत; युवा समाजसेवी श्री आशुतोष राय; शाला  विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती संझौती बाई; सेवानिवृत्त प्रधानपाठक श्री एल. डी. चौहान, श्री टी गोसाई, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी जशपुर, श्री अमित अम्बष्ट सीएसी, शाला के सभी शिक्षक, कर्मचारी के अलावा बड़ी संख्या संख्या में पालक भी उपस्थित रहे। 
शाला प्रवेशोत्सव का हुआ आयोजन
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती रायमुनी भगत ने नवप्रवेशित बच्चों का तिलक लगाकर, पुस्तक व गणवेश वितरण किया। नवप्रवेशित बच्चों के हस्तछाप लिए गए। विशेष रूप से बनाये गए सेल्फी जोन में नवप्रवेशित बच्चों के साथ श्रीमती भगत ने सेल्फी ली।
बाल कैबिनेट का हुआ शपथ ग्रहण
शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जशपुरनगर में इको क्लब फ़ॉर लाइफ के अंतर्गत बाल कैबिनेट का गठन किया गया है। बाल कैबिनेट के द्वारा पूरे सत्र में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। श्रीमती रायमुनी भगत ने बाल कैबिनेट के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। 
वार्षिक परीक्षा में प्रथम को मिला सम्मान
श्रीमती रायमुनी भगत ने इस साल 2025 की परीक्षाओं में अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

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*पी.एम. श्री केन्द्रीय विद्यालय  जशपुर में छात्र-छात्राओं को दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ*

जशपुरनगर 08 अगस्त 2025/ नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम के तहत आज पी.एम. श्री केन्द्रीय विद्यालय जशपुर में नशामुक्ति शपथ का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 600 की संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और शपथ दिलाया गया।
          शपथ समारोह में समाज कल्याण विभाग जशपुर के अधिकारी द्वारा युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा गया कि नशापान समाज एवं देश के विकास के लिए सर्वाधिक बाधक तत्व है। नशापान से व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, प्रतिष्ठा कम होती है तथा आये दिन सड़क दुर्घटनाएं, चोरी, हिंसा, हत्या, व्यभिचार आदि अनेक अपराधों के पीछे नशा एक बहुत बड़ी वजह है। इससे कैंसर, पक्षाघात मिर्गी, अल्सर इत्यादि असाध्य गम्भीर बीमारियाँ होती है। मद्यपान एवं धूम्रपान से दूर रहना चाहिए। तथा जन सामान्य को भी दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए हैं। 
          कार्यक्रम के अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण, स्कूल के प्राचार्य श्री नरेंद्र कुमार सिंह, व्याख्याता श्री डी.डी स्वर्णकार, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में न केवल नशा के दुष्प्रभावों से अवगत कराना था, बल्कि नशामुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण हेतु सामुहिक प्रयास करना है।

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगांव में  पालक-शिक्षक सम्मेलन सम्पन्न....हुनर भी बन सकता है कैरियर की सीढ़ी- दुर्गेश्वरी 

जशपुर 08 अगस्त 2025
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगांव में आज पालक-शिक्षक बैठक सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह आयोजन विद्यालय, शिक्षकों, पालकों और छात्रों के समन्वय से एक सार्थक संवाद और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला रोजगार अधिकारी सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह और विशिष्ट अतिथि ग्राम सरपंचश्रीमती आरती भगत पूर्व शिक्षक गोविंद मिश्रा तथा एसएमडीसी अध्यक्ष प्रतिनिधि  सहित समिति के समस्त सदस्य उपस्थित रहे।विद्यालय की प्राचार्य  के नेतृत्व में कार्यक्रम का सांस्कृतिक और बौद्धिक समन्वयपूर्ण संचालन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुई। छात्राओं ने स्वागत गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सभी अतिथियों का मन मोह लिया।
प्राचार्य ने अपने उदबोधन में कहा –
> "शिक्षक और अभिभावक जब एक दिशा में कदम मिलाते हैं, तो बच्चों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है।हमारा उद्देश्य है बच्चे सिर्फ अच्छे अंक नहीं, अच्छे इंसान भी बने। इस बैठक का उद्देश्य सिर्फ उपलब्धियों को बताना नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि हम सब मिलकर बच्चों की कमियों को कैसे दूर करें, उनकी खूबियों को कैसे और निखारें, और उन्हें आत्मविश्वासी, जिम्मेदार नागरिक कैसे बनाएं।

मुख्य अतिथि सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह ने कहा –
> "बच्चों से तो अक्सर मिलती हूँ, पर पालकों से संवाद का यह अवसर बरगांव ने दिया।
रोजगार केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, टेक्निकल, स्किल और क्रिएटिव क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं हैं। मैं आपको बताना चाहती हूं कि रोजगार का कोई भी क्षेत्र कम नहीं होता सिर्फ सरकारी नौकरी के लिए हम पढ़ाई नहीं करते बल्कि एक अच्छे नागरिक बनने के  साथ-साथ हमें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपने बच्चों के कै रियर को ध्यान में रखना चाहिए ताकि वे और भी अच्छा कर सके चाहे वह कोई भी क्षेत्र हो वह टेक्नीशियन,  प्लंबिंग,विद्युत, मेकेनिक या कोई भी क्षेत्र हो  अपने हुनर के दम पर भी वह अच्छे रोजगार की प्राप्ति कर सकते हैं रोजगार अधिकारी के रूप में मैं आपको लगातार मार्गदर्शन देती रहूंगी.
विशिष्ट अतिथि  गोविंद मिश्रा ने अपनी "जादुई पिटारा प्रस्तुति" से कार्यक्रम में उल्लास का संचार किया।
कार्यक्रम में बस्ता रहित शनिवार, बच्चा बोलेगा बेझिझक, स्वास्थ्य पोषण, डिजिटल लाइब्रेरी, पॉक्सो एक्ट और गुड टच–बैड टच जैसे संवेदनशील विषयों पर शिक्षक और पालकों में सकारात्मक चर्चा हुई।
पालकों की भागीदारी सराहनीय रही, विशेषकर श्रीमती विद्यावती, कालेश्वर, शशिध्वज, श्रीमती सुनीला लकड़ा आदि ने अपने विचार आत्मीयता से साझा किए।
शिक्षकों ने भी विषयानुसार प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यालय की कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय के संचालन, कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई, रेडक्रॉस, खेलकूद और करियर मार्गदर्शन जैसी गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया।
सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के पालकों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का सारगर्भित संचालन डॉ. मिथिलेश कुमार पाठक द्वारा किया गया।

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*छत्तीसगढ़ शासन, आईआईएम, एनआईटी और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर.....हस्ताक्षर के साक्षी बने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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रायपुर, 08 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्यमिता केंद्र का निर्माण वर्ष 2025-26 में प्रारंभ होगा तथा इसे वर्ष 2027-28 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

*गांव-गांव तक पहुंचेगी शिक्षा, कौशल और नवाचार की क्रांति: मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज हस्ताक्षरित एमओयू से "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन" को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। इस साझेदारी से प्रदेश में गांव-गांव तक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र" की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को शोध, प्रयोग और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल आईआईएम या एनआईटी के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव के युवाओं को भी लाभान्वित करे। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से भी इस शिक्षा और कौशल विकास के आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया।

*संसाधन-आधारित नहीं, नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेगा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ अब कोर सेक्टर के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। बीते 20 महीनों में किए गए साढ़े तीन सौ से अधिक सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है और केवल आठ माह में 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी यह संकल्प लें कि छत्तीसगढ़ को संसाधन-आधारित नहीं, बल्कि नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला राज्य बनाएंगे – जहाँ युवा बदलाव के वाहक बनें और उद्यमिता से समाज को दिशा दें।

*किसानों के लिए बनेगा देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र*

मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन श्री रामदेव अग्रवाल ने कार्यक्रम में रायपुर में किसानों हेतु देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उनका फाउंडेशन इस विकास यात्रा में पूर्णतः समर्पित है। श्री अग्रवाल ने बताया कि फाउंडेशन ने अपनी कुल निधि का 10 प्रतिशत समाज कल्याण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग शिक्षा, कौशल और कृषि से संबंधित कार्यों में किया जाएगा।

*मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन का 172 करोड़ रुपये का योगदान*

मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने आईआईएम रायपुर एवं एनआईटी रायपुर को कुल 172 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की है। इसमें से 101 करोड़ रुपये आईआईएम रायपुर को तथा 71 करोड़ रुपये एनआईटी रायपुर को प्रदान किए जाएंगे।

इस दानराशि से आईआईएम रायपुर में "ओसवाल छात्रावास" के 202 कमरे और "दाऊ राम गोपाल अग्रवाल नॉलेज सेंटर" की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से छह अंतरराष्ट्रीय एमबीए कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।

इसी प्रकार, एनआईटी रायपुर में "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" की स्थापना की जाएगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन और क्लीन एनर्जी जैसे डीप-टेक क्षेत्रों पर कार्य करेगा।

यह केंद्र वर्ष 2030 तक 10,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देगा, 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा और 5,000 से अधिक कुशल नौकरियों का सृजन करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ की औद्योगिक आवश्यकताओं – विशेषकर खनन, इस्पात और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों – के अनुरूप विकसित की गई है, और यह स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहेगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के, एनआईटी रायपुर के चेयरमैन डॉ. सुरेश हावरे, आईआईएम रायपुर के चेयरमैन श्री पुनीत डालमिया, एनआईटी के निदेशक श्री एन. वी. प्रसन्ना राव, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. संजीव पाराशर, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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बहनों ने प्रेम और भाईचारे का दिया संदेश :कलेक्टर को ब्रह्मकुमारी बहनों ने बांधी राखी 

जशपुर 8 अगस्त 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास को शुक्रवार को कलेक्टर कक्ष में प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सदभावना भवन बिजली टोली जशपुर की ब्रह्माकुमारी बहनों ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राखी बांधकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। बहनों ने कलेक्टर को स्मृति चिन्ह भेंट भी किया।

कलेक्टर ने बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। कलेक्टर को ब्रह्माकुमारी नीलम बहन, रूक्मणी बहन, ममता बहन, कुमारी श्यामा ने राखी बांधी इस अवसर पर सूरज भाई भी उपस्थित थे।

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*जशपुर के तुमला में सनसनीखेज वारदात : कलयुगी बेटे की हैवानियत....माँ को टांगी से लगातार प्रहार कर उतारा मौत के घाट...पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा जेल*

जशपुर : 08 अगस्त 2025 : जशपुर के थाना तुमला के फरदबहार  गांव से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. एक कलयुगी बेटे ने आपसी विवाद में अपनी ही मां को टांगी से लगातार वार कर निर्मम हत्या कर दी,वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी बेटे  को मौके से गिरफ्तार कर जेंल भेज लिया.

   पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी सुबरन राम, उम्र 70 वर्ष निवासी फ़रदबहार, थाना तुमला, जिला जशपुर ( छ ग) ने थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी बहन मृतिका दशमती बाई व उसका भांजा आरोपी कमल राम  जो कि थाना फरसाबहार क्षेत्रांतर्गत ग्राम गौरीघाट में रहते हैं,दिनांक 06.08.25 को  मेहमान के रूप में प्रार्थी के घर फ़रदबहार आए थे, इसी दौरान दोपहर में वे सभी खाना खाकर आराम कर रहे थे, प्रार्थी की बहन मृतिका दशमती बाई, उसके घर की परछी में चटाई बिछा कर लेटी हुई थी व प्रार्थी अपने कमरे में लेटा हुआ था, इसी दौरान दोपहर करीबन 02.30 बजे प्रार्थी को अपने घर के आंगन में अपनी बहन मृतिका दशमती बाई व अपने भांजे आरोपी कमल राम की झगड़े की आवाज आ रही थी, कि तभी आवाज सुनकर प्रार्थी ने जब अपने घर के आंगन में जाकर देखा तो पाया कि, उसका भांजा आरोपी कमल राम अपनी मां मृतिका दशमती बाई के गर्दन में टांगी से लगातार वार कर रहा है, जिस पर प्रार्थी के द्वारा आस पड़ोस में चिल्लाने पर, आरोपी कमल राम टांगी को छोड़कर भाग गया, प्रार्थी ने जब मृतिका दशमती बाई के पास जाकर देखा तो पाया, कि मृतिका दशमती बाई की गर्दन में लगी चोट की वजह से मृत्यु हो गई है।
       रिपोर्ट पर पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी कमल राम उम्र 25 वर्ष के खिलाफ थाना तुमला में हत्या के लिए बी एन एस की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया व घटना स्थल का निरीक्षण कर, शव का डॉक्टर से पोस्ट मार्डम कराते हुए, आरोपी कमल राम को घटना के चंद घंटों के भीतर ही हिरासत में ले लिया गया।
     पुलिस की पूछताछ पर आरोपी कमल राम के द्वारा अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उक्त घटना दिनांक को उसका व उसकी मां मृतिका दशमती बाई के मध्य पारिवारिक बात को लेकर वाद विवाद हो रहा है, इसी दौरान उसकी मां की किसी बात से , वह इतना क्षुब्ध हो गया कि, आंगन में रखी लोहे की टांगी से अपनी मां मृतिका दशमती बाई के गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस के द्वारा आरोपी कमल राम के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी को भी जप्त कर लिया गया है।
    आरोपी कमल राम के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
 मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तुमला निरीक्षक कोमल नेताम, प्रधान आरक्षक फ्रांसिस बेक, आरक्षक हीरा लाल यादव, नगर सैनिक बेनुधर बारीक व देवनन्दन राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
      मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि थाना तुमला क्षेत्र में अपनी मां की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है, उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी को भी जप्त किया गया है।

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*अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर, 7 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है।

बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया।

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया।

बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, श्री लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है।

बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से श्री राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से श्री गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री बसव राजू, पुलिस महानिदेशक श्री अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, श्री रोहित यादव, श्री कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, श्री आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा....सरलता, करुणा और जनसामान्य से जुड़ाव की मिसाल बने मुख्यमंत्री श्री साय : किसान पिता बोले, जीवन भर रहेगा याद*

रायपुर, 7 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। आज जांजगीर चांपा जिले में आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा।

किसान श्री योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुश्री सृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री श्री साय से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री श्री साय  की दृष्टि  मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया।  मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई। 

सृष्टि के पिता श्री योगेंद्र पांडेय ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी के आने की खबर सुनकर मैंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलवाऊँगा। जब मुख्यमंत्री जी ने उसे गोद में उठाया, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी बेटी और हम दोनों के लिए यह पल हमारे जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी।

सुश्री सृष्टि, जो वर्तमान में नर्सरी कक्षा की छात्रा हैं, अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री श्री साय को देखने के लिए अत्यंत उत्साह के साथ पहुंची थीं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और सृष्टि स्वयं शामिल हैं।

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*छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की नीति पर कर रही है कार्य: सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को पक्का घर देने के लिए संकल्पित - मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर. 5 अगस्त 2025. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचलों के हर परिवार को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने सरकार लगातार पहल कर रही है। राज्य में नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष परियोजना के तहत करीब तीन हजार आवास बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह कर आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्तों में नहीं आ पा रहे थे, उनके लिए विशेष परियोजना के तहत 15 हजार आवास स्वीकृत कराया है। 

विशेष परियोजना के तहत राज्य में अब तक पात्र पाए गए पांच हजार परिवारों में से तीन हजार परिवारों के लिए आवास स्वीकृत कर 2111 परिवारों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त और 128 परिवारों को दूसरी किस्त भी जारी की जा चुकी है। सुदूर वनांचलों में रहने वाले इन परिवारों के आवास तेजी से बन रहे हैं। नक्सल हिंसा से प्रभावित सुकमा की सोडी हुंगी और कांकेर की दशरी बाई का विशेष परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत पीएम आवास दुर्गम क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में ही बनकर तैयार हो गया है। इस साल मार्च में स्वीकृति के बाद मई में इनके आवासों का निर्माण प्रारंभ हुआ था।
  
बस्तर में नक्सल हिंसा से प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिवारों में खुशियों ने फिर से दस्तक देना शुरू कर दिया है। विशेष परियोजना के तहत स्वीकृत उनके पक्के आवास तेजी से आकार ले रहे हैं। दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्र होने के बावजूद इन परिवारों के हौसले और शासन-प्रशासन की मदद से उनके सपनों के आशियाने मूर्त रूप ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में यह विशेष परियोजना न केवल एक ठोस कदम है, बल्कि पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में मील का पत्थर भी है।

*दुर्गम क्षेत्र और विपरीत हालातों के बीच भी तीन महीने में निर्माण पूरा*

कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 200 किलोमीटर दूर कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के उलिया ग्राम पंचायत में रहने वाली श्रीमती दसरी बाई नुरूटी के पति श्री दोगे नुरूटी की विधानसभा चुनाव के दौरान माओवादी घटना में मृत्यु हो गई थी। पीएम आवास योजना में नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के तहत इस साल मार्च में उसका आवास स्वीकृत किया गया था। मई में उसके आवास का निर्माण शुरू हुआ था। अब मात्र तीन महीनों की अल्प अवधि में ही उसके आवास का निर्माण पूर्ण हो गया है। दसरी बाई के हौसले के कारण कठिन परिस्थितियों के बावजूद बहुत कम समय में आवास तैयार हुआ और उसके परिवार को पक्का मकान मिला।

श्रीमती दसरी बाई बताती हैं कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण आवास के निर्माण में कई व्यावहारिक दिक्कतें आईं। विकासखंड मुख्यालय से बहुत दूर होने के कारण चारपहिया वाहनों के लिए कोई मार्ग नहीं है। इस कारण से निर्माण सामग्री लाने में बहुत कठिनाइयां आईं। बारिश होने पर दोपहिया वाहन से भी पहुंचना अत्यंत मुश्किल होता था, जिसके चलते राजमिस्त्री और श्रमिक समय पर पहुंचने से मना कर देते थे। अंदरूनी क्षेत्र होने से निर्माण सामग्रियों को लाना सामान्य क्षेत्र के मुकाबले महंगा पड़ता था। 

श्रीमती दसरी बाई कहती हैं कि आवास का काम तेजी से पूरा करने में कांकेर जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और प्रधानमंत्री आवास योजना के अधिकारियों का बहुत सहयोग मिला। निर्माण सामग्रियां पहुंचाने तथा राजमिस्त्रियों और श्रमिकों की व्यवस्था में ग्राम पंचायत एवं आवास टोली ने बहुत सहायता की। वह कहती हैं कि नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए सरकार ने संवेदनशील और प्रभावी नीति बनाई है। शासन-प्रशासन के लगातार सहयोग से बहुत कम समय में उसका पक्का आवास बन गया है। 

*बरसों टपकती छत वाले कच्चे मकान में रहने वाली सोडी हुंगी अब परिवार के साथ अपने नए पक्के घर में*

सुकमा जिले के गादीरास ग्राम पंचायत के आश्रित गांव ओईरास की श्रीमती सोडी हुंगी ने भी अपना पक्का आवास तीन महीने में बना लिया है। वर्ष 2005 में उसके पति श्री मासा सोडी की नक्सलियों ने मुखबिरी के संदेह में हत्या कर दी थी। उसका परिवार गरीबी में वर्षों तक कच्चे घर में रहने को मजबूर था, जहां बरसात में टपकती छत और जहरीले कीड़े-मकोड़ों से जान का खतरा बना रहता था।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में विशेष परियोजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर सोडी हुंगी को चरणबद्ध रूप से तीन किस्तों में कुल एक लाख 35 हजार रुपए मिले। ग्राम पंचायत के तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर निगरानी के चलते इस साल जुलाई में उसके आवास का निर्माण पूरा हुआ। अब वह परिवार के साथ अपने पक्के नए घर में रहती है।

*विशेष परियोजना में सुकमा में सर्वाधिक 984 परिवारों को आवास स्वीकृत, बीजापुर के 761 और नारायणपुर के 376 परिवार शामिल*

प्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष परियोजना के तहत अब तक करीब तीन हजार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 984 परिवार सुकमा जिले के हैं। बीजापुर जिले में ऐसे 761 परिवारों, नारायणपुर में 376, दंतेवाड़ा में 251, बस्तर में 214, कोंडागांव में 166, कांकेर में 146, गरियाबंद में 27, बलरामपुर-रामानुजगंज में 25 और मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी में 23 परिवारों के आवास मंजूर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की रणनीति पर कार्य कर रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने हेतु राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विशेष परियोजना के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध कर 15 हजार आवास स्वीकृत कराए हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ ईंट और सीमेंट का निर्माण नहीं, बल्कि नए विश्वास, सुरक्षा और स्थायित्व की नींव है। दुर्गम और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में आवास पूर्ण होना यह दर्शाता है कि शासन और जनता मिलकर असंभव को भी संभव बना सकते हैं। सरकार सभी पात्र परिवारों को पक्का घर देने के लिए कटिबद्ध है।

उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मान की नीति पर कार्य किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जो पहल की गई है, वह सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सोडी हुंगी और दशरी बाई जैसे उदाहरण यह सिद्ध करते हैं कि यदि सरकार संवेदनशील हो और प्रशासन सक्रिय, तो दूरस्थ वनांचलों में भी विकास की रोशनी पहुँचाई जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पीड़ित परिवार को छत और सम्मान दोनों मिले। यह मिशन पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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नयी शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु पालक और शिक्षक के मध्य चर्चा - परिचर्चा होना अति आवश्यक : प्रधान पाठक

कुनकुरी 07 अगस्त 2025:-  राज्य शासन द्वारा सभी शालाओं में पालक-शिक्षक बैठक आयोजित कराने के निर्देश दिए गए थे। इस तारतम्य में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की पहली पालक-शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली कुनकुरी में किया गया। सर्वप्रथम बच्चों ने सरपंच, उपसरपंच, शाला समिति एवं पालक समिति अध्यक्ष एवं पालकों का स्वागत मुख्य द्वार पर पुष्प वृष्टि कर एवं आरती उतारकर किया। इसके पश्चात बच्चों ने स्वागत गीत के साथ पुनः सभी अतिथियों एवं पालकों को पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।
तत्पश्चात प्रधान पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा कि नयी शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु पालक और शिक्षक के मध्य चर्चा - परिचर्चा होना अति आवश्यक है, इसके साथ ही पालक शिक्षक बैठक का उद्देश्य शिक्षक व पालकों के मध्य समन्वय, पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई में मदद के लिए समाधानात्मक कारक उपाय सुझाना और शासन द्वारा बच्चों के लिए संचालित विभिन्न हितग्राही योजनाओं व शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए राज्य में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से पालकों को अवगत कराना है जिसका लाभ बच्चों को मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि इस सत्र विद्यालय का लक्ष्य है बच्चों में अंग्रेजी भाषा का विकास इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु कार्ययोजना बनाकर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। तत्पश्चात सरपंच ने पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पालकों एवं शिक्षकों के मध्य मधुर संबंध अति आवश्यक है, आप सभी बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजें एवं यह भी जानने का प्रयास करें कि बच्चे क्या सीख रहे हैं। शिक्षक महेश तिर्की ने संपर्क स्मार्ट कक्षा से पालकों को अवगत कराया और संपर्क फाउंडेशन के द्वारा तैयार किए गए विडियो दिखाते हुए बताया कि संपर्क स्मार्ट स्कूल से बच्चे आसानी से गणितीय  अवधारणाओं एवं अंग्रेजी भाषा को गतिविधियों के साथ आनंद लेकर सीखते हैं, संपर्क स्मार्ट शाला से सीखने की गति में वृद्धि हुई है आगे उन्होंने पालकों को ई जादुई पिटारा से अवगत कराते हुए डाउनलोड कराया गया। 
पालक शिक्षक बैठक के मध्य विकास खंड स्त्रोत समन्वयक बिपिन अम्बस्थ एवं लेखापाल मुकेश सिंह का आगमन हुआ, बी आर सी बिपिन अम्बस्थ ने  बैठक की महत्ता बताते हुए कहा कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय एवं पालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होना अति आवश्यक है साथ ही शिक्षक एवं पालकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों के पढ़ाई के लिए सकारात्मक वातावरण बनेगा। उन्होंने प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता एवं शिक्षक महेश तिर्की की तारीफ करते हुए कहा कि इनके पदस्थापना से विद्यालय निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। उनके द्वारा बच्चों को गणवेश का द्वितीय सेट वितरित किया गया साथ ही बच्चों के साथ क्रिकेट का आनंद लिया गया।
आज के पालक शिक्षक मेगा बैठक में नयी शिक्षा नीति 2020, नवीन पाठ्य-पुस्तक, एफ एल एन मिशन एवं बच्चों की सम्पूर्ण गतिविधि से पालकों को अवगत कराया गया साथ ही बैठक में छात्र हित में शासन द्वारा संचालित योजनाओं, शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए संचालित योजनाओं, अध्ययन-अध्यापन में आने वाली समस्याओं, सुचारू अध्यापन एवं पालकों की भागीदारी पर चर्चा की गई।

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में पालक- शिक्षक बैठक का आयोजन 


जशपुर : राज्य शासन के मंशा के अनुरूप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता के सभागार में पूर्व जनपद पंचायत मनोरा आदरणीय श्री दिनेश्वर प्रधान की अध्यक्षता एवं ग्राम पंचायत खरसोता के सरपंच श्रीमती पद्मावती की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। पालको के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने, उन्हें बच्चे की प्रगति से अवगत एवं भविष्य की सम्भावनाओं का आकलन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मंशानुरूप विभिन्न उद्देश्यों को लेकर समन्वय साधते हुए पालकों का उन्मुखीकरण करने पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया था। जिसका उद्देश्य  बच्चों की शारीरिक मानसिक एवं सर्वांगीण विकास,सतत प्रेरणा, उचित मार्गदर्शन, पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल बनाना,ड्राप आउट रोकने के लिए गांववाइज जिम्मेदारीयां दी गई है।

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हाई स्कूल शैला में पालक शिक्षक बैठक  संपन्न ....पालक शिक्षक एजेंडा पर विस्तार पूर्वक हुई चर्चा

जशपुर 07 अगस्त 2025 : 
हाई स्कूल शैला में पालक शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य अतिथि मनोरा जनपद अध्यक्ष परमेश्वर राम भगत एवं ग्राम पंचायत खूंटापानी की सरपंच श्रीमती  रंजतो भगत के द्वारा सरस्वती जी की प्रतिमा पर धूप अगरबत्ती प्रज्वलित कर प्रारंभ किया गया। जनपद अध्यक्ष परमेश्वर राम ने अपने उद्बोधन में कहा कि पालक शिक्षक मिलकर विद्यार्थी के शैक्षणिक विकास के बाधाओं को दूर कर सकते हैं ।आपसी संवाद से उनके आगे बढ़ाने में मदद मिलेगा।  बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया ।सरपंच श्रीमती   रंजतो  भगत ने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने के लिए पालकों से कहा एवं कृषि कार्य के लिए बच्चों की पढ़ाई को ना रोका जाए कहा ।हाई स्कूल शैला के प्राचार्य मनोज कुमार चौहान द्वारा पालक शिक्षक एजेंडा पर विस्तार पूर्वक बताया और उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है विद्यार्थी की पहली प्राथमिकता प्रतिदिन स्कूल आना है और विद्यालय द्वारा दिए गए कार्यों को करना है। श्रीमती संजीता एक्का  द्वारा पास्को एक्ट के बारे में बताया गया ।समस्त कार्यक्रम का संचालन कुमारी पुष्पा टोप्पो द्वारा किया गया साथ ही  प्रभास्वर्णलता मिंज एवं श्रीमती सुनिता किस्पोट्टा छात्रावास अधीक्षिका  कुमारी लक्ष्मी भगत ,आनंद भगत इन सभी की  सहभागिता  विशेष रूप से रही।

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छत्तीसगढ़ सूचना-प्रसार की दिशा में बना रोल मॉडल: छत्तीसगढ़ संवाद व जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली ने महाराष्ट्र के अधिकारियों को किया प्रभावित*

रायपुर, 07 अगस्त 2025/ महाराष्ट्र सरकार के जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक अध्ययन दल 5 से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रवास पर रहा। इस दौरे का उद्देश्य छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सूचना, जनसंपर्क और शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में किए जा रहे नवीनतम नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणालियों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं अध्ययन करना था।

अध्ययन दल में महाराष्ट्र शासन की उप सचिव श्रीमती समृद्धि अंगोलकर, निदेशक श्री किशोर गंगरडे सहित कुल छह वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दल ने छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग एवं उसकी सहायक संस्था छत्तीसगढ़ संवाद की संपूर्ण कार्यप्रणाली का अध्ययन किया।

भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने ई-न्यूज़ क्लिपिंग, ई-आरओ सिस्टम, ई-पब्लिकेशन, पत्रकार अधिमान्यता प्रणाली, तथा पत्रकारों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं का गहन अध्ययन किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ संवाद की संगठनात्मक संरचना, संचालन तंत्र तथा तकनीकी नवाचारों के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की।

इस अवसर पर अध्ययन दल ने जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल से सौजन्य मुलाकात की। जनसंपर्क आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग का यह सतत प्रयास रहा है कि शासकीय योजनाओं और जनहितकारी नीतियों की जानकारी आम जनता तक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावशाली ढंग से पहुँचे। सूचना के क्षेत्र में तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के संतुलित समावेशन ने हमारी कार्यप्रणाली को विशिष्ट बनाया है। यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि अन्य राज्य भी हमारे नवाचारों में रुचि ले रहे हैं। यह अनुभव-साझाकरण एक सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में उठाया गया कदम है।

अध्ययन दल ने इंद्रावती भवन स्थित जनसंपर्क संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं के संचालन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और विभाग की प्रमुख गतिविधियों को निकट से जाना।

अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री संजीव तिवारी ने अध्ययन दल को विभाग की प्रमुख गतिविधियों, कार्यप्रणाली और तकनीकी अनुप्रयोगों की जानकारी विस्तार से प्रदान की।महाराष्ट्र से आए अध्ययन दल के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें अपने राज्य में भी लागू करने की संभावनाओं में गहरी रुचि जताई।

इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग   और छत्तीसगढ़ संवाद के विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।

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*राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री से बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात.....सीएम श्री साय को करघा भेंटकर किया अभिनंदन*

रायपुर, 07 अगस्त 2025/ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज की सराहना करते हुए कहा कि  हथकरघा कला हमारी समृद्ध विरासत है, जो प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त बनाती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बुनकर समाज अपने श्रम, कौशल और रचनात्मकता के माध्यम से राज्य का गौरव बढ़ा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की समृद्धि, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। कच्चा माल सुलभ कराने से लेकर लागत कम करने और विपणन की बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने तक, हर मोर्चे पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की आत्मनिर्भरता ही उनकी रचनात्मक उड़ान को नई ऊँचाई दे सकती है। 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "वोकल फॉर लोकल" के मंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय हमारे पारंपरिक उत्पादों और हुनर को प्रोत्साहन देने का है। हथकरघा उद्योग केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है, जिसे बुनकर समाज आज भी सहेजे हुए है।

इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बुनकरों द्वारा निर्मित करघा (कपड़ा बुनने की पारंपरिक मशीन) की प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी यह भेंट न केवल आपके सम्मान और भावनाओं का प्रतीक है, बल्कि सृजन, परंपरा और हमारे प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बुनकर समाज के हर संभव सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बुनकरों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण का होगा।

इस अवसर पर बुनकर समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री महेश देवांगन, श्री पुरुषोत्तम देवांगन, श्री धनेश देवांगन, श्री गजेंद्र देवांगन सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।

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*कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय तमता के बच्चों से चर्चा कर व्यवस्था सुधार एवं मरम्मत हेतु अधिकारियों को दिए निर्देश*

जशपुर, 07 अगस्त 2025/ विकासखंड पत्थलगांव के तमता स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय का बुधवार को कलेक्टर रोहित व्यास ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की उपस्थिति की जानकारी ली।उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी पढ़ाई और अन्य समस्याओं पर चर्चा की। इस बीच बच्चे अपने बीच कलेक्टर को पाकर बहुत खुश नजर आए।
         कलेक्टर ने शिक्षकों को नवाचारों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने को कहा। उन्होंने सभी कमरों में उचित लाइटिंग, फैन, पेंटिंग, सफाई के साथ साथ कमरों की मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव के जनप्रतिनिधियों को स्कूल के कर्मचारियों के साथ मिलकर सभी को स्वच्छता का संदेश देने हेतु स्कूल के आस पास श्रमदान अभियान चलाने के निर्देश दिए। बिना हेलमेट के किसी भी शिक्षक या कर्मचारी के स्कूल आने पर उनपर जुर्माना लगाने हेतु कलेक्टर ने निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निकट बने पुराने जर्जर छात्रावास भवन के नवनिर्माण हेतु प्रस्ताव निर्माण करवाने को कहा। इस अवसर पर एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन, जनपद पंचायत सीईओ आकांक्षा रानी गुप्ता, सीएमएचओ डॉ. जीएस जात्रा, सरपंच सीता बाज सहित स्कूल के शिक्षक उपस्थित रहे।

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*कलेक्टर ने केशलापाठ पर्यटकों की सुविधा का लिया जायजा एवं घोघरा डैम में पर्यटन विस्तार हेतु किया निरीक्षण* 


 जशपुर, 07 अगस्त 2025/ विकासखंड पत्थलगांव के तमता स्थित प्रसिद्ध केशलापाठ एवं घोघरा डैम का बुधवार को कलेक्टर रोहित व्यास ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इन क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं के विकास एवं पर्यटन द्वारा लोगों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से चर्चा की। इस हेतु सर्वप्रथम वे केशलापाठ पहुंचे। जहां हर वर्ष पौष पूर्णिमा के दूसरे दिन मेले का आयोजन किया जाता है। यह क्षेत्र यहां के रहवासियों के लिए पूज्यनीय एवं वंदनीय है। इस स्थान के प्रति लोगों की आस्था और महाभारत युग से जुड़े इसके इतिहास के बारे में स्थानीय लोगों ने कलेक्टर को जानकारी दी।
         कलेक्टर ने इसे पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए मेला स्थल पर मंच निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण, लाइटिंग की व्यवस्था हेतु प्रस्ताव निर्माण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्थानीय आस्था के अनुसार नंगे पैर केशलापाठ में चढ़कर क्षेत्र के विकास के लिए स्थानीय लोगों से चर्चा की। उन्होंने श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए ऊपर सुरक्षा हेतु रेलिंग, कुंडों की सफाई, पानी बोतल बैन, मंदिर निर्माण, विश्राम स्थल निर्माण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने वहां स्थानीय लोगों एवं अधिकारियों के साथ विधिवत पूजा अर्चना भी की।

*घोघरा डैम में वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी का होगा निर्माण*

      कलेक्टर ने घोघरा डैम का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से यहां के पर्यटन क्षमताओं पर चर्चा करते हुए, इसे एक वृहद पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु चर्चा की। जहां उन्होंने होम स्टे नीति के तहत निर्माणाधीन होम स्टे का निरीक्षण किया। जिसमें व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए शौंचालय, विद्युतीकरण के कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डैम में पानी के उचित स्तर की व्यवस्था कर यहां के वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं के विकास पर चर्चा की डैम में मोटर बोट, पैडल बोट, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेट्टी जैसे वाटर स्पोर्ट्स के संचालन हेतु व्यवस्था निर्माण करने के निर्देश दिए। इसके लिए पानी का स्तर सुनिश्चित करने हेतु जल संसाधन विभाग  निरीक्षण एवं सर्वे करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने इन वाटर स्पोर्ट्स के संचालन एवं प्रबंधन हेतु स्थानीय स्वसहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार दिलाने को कहा। उन्होंने डैम में केज फ़िशिंग के द्वारा मछली उत्पादन के लिए युवाओं को प्रेरित करने के लिए जनप्रतिनिधियों से चर्चा की।

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