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*आरएसएस और बजरंग दल पर टिप्पणी करने वाले कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष को भाजपा ने दी चेतावनी.....जेल और बेल की राह ताक रहे कांग्रेसी रखें भाषा की मर्यादा– सुनील गुप्ता*

जशपुरनगर -05 अगस्त 2025 : छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर से सियासी तापमान चढ़ गया है। कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बजरंग दल पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद भाजपा में उबाल आ गया है। इस बयान पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने जमकर हमला बोलते हुए कांग्रेस पर तीखे शब्दों में प्रहार किया है।सुनील गुप्ता ने कहा –भ्रष्टाचार में आकंठ तक डूबी कांग्रेस के नेता भाषा की मर्यादा भूल चुके हैं। सत्ता से बेदखली के बाद इनका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। कुछ बेल पर हैं, कुछ जेल में, और कई जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।भाजपा नेता ने साफ कहा कि 2018 से 2023 तक कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को लूटा, और जब जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें उखाड़ फेंका तो अब बौखलाहट में संघ और राष्ट्रवादी संगठनों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि –जनता का धन लूटने वाले कांग्रेसी और उनके संरक्षक अफसर अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कानून के शिकंजे में आ रहे हैं। इसलिए कांग्रेस नेता हताश होकर प्रलाप कर रहे हैं।


 संघ देशभक्ति का प्रतीक है, बदजुबानी बर्दाश्त नहीं

सुनील गुप्ता ने आरएसएस को देश और समाज सेवा का प्रतीक बताते हुए चेतावनी दी कि –नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील को आरएसएस और बजरंग दल पर बोलने से पहले इन संगठनों का इतिहास पढ़ना चाहिए। कुर्सी मिलते ही कांग्रेसियों की जबान फिसलने लगती है। अगर यही सिलसिला जारी रहा, तो भाजपा सड़क से सदन तक मुंहतोड़ जवाब देगी।

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सात दिनों में आवारा पशुओं को सड़कों से हटाने पशुपालकों को कलेक्टर ने दिए स्पष्ट निर्देश.....आवारा पशुओं के विरूद्ध अभियान चलाने अधिकारियों को दिए निर्देश 

 जशपुर, 05 अगस्त 2025/ जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन मंगलवार को कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में किया गया। इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह,एडीएम प्रदीप कुमार साहू, एएसपी अनिल सोनी, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य विभाग, आबकारी विभाग, पुलिस विभाग, यातायात विभाग, परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
       इस बैठक में कलेक्टर ने सड़कों पर घुमंतू मवेशियों के कारण किसी अप्रिय घटना की संभावना पर संज्ञान लेते हुए आवारा पशुओं के विरूद्ध विशेष अभियान चलाने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। जिसके तहत उन्होंने सभी नगरीय निकायों में सड़कों पर आवारा पशुओं को पकड़ने अभियान चलाने को कहा। उन्होंने सभी एसडीएमों को राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मुख्य मार्गों के किनारे बसे ग्रामों के सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर 07 दिवस के भीतर मवेशियों को सड़कों से हटाने हेतु निर्देश देने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि पशुपालक पशुओं को सड़कों से नहीं हटाते तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाए। उन्होंने मवेशियों के विरूद्ध अभियान हेतु अधिकारियों से तैयारियों की भी जानकारी ली।
         जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई की जानकारी लेते हुए उन्होंने बार बार नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध नियमानुसार लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिले में अधिक से अधिक लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस निर्माण हेतु कलेक्टर ने लर्निंग लाइसेंस निर्माण हेतु निरंतर कॉलेजों, स्कूलों, हाट-बाजारों आदि जगहों में तिथि निर्धारित कर शिविरों का आयोजन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एक माह के भीतर सभी कॉलेजों में लर्निंग लाइसेंस शिविर लगाने को कहा। इसके अतिरिक्त गाड़ी से शिक्षण संस्थान आने वाले विद्यार्थियों के लाइसेंस की जांच कर लाइसेंस ना होने पर गाड़ी सीज़ करने को कहा।
      कलेक्टर ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को ओवरलोडिंग एवं ओवर स्पीडिंग करने वाली गाड़ियों के विरुद्ध कार्यवाही करने को कहा सड़क सुरक्षा हेतु बच्चों को जागरूक करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा संचालित 'सड़क सुरक्षा- जीवन रक्षा' अभियान में सहयोग हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए गए। उन्होंने सड़कों को सुरक्षित करने हेतु समिति द्वारा दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों हेतु सुझाये गए सुधारों पर की गई कार्यवाही की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

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*ब्रेकिंग न्यूज : पशुपालकों को एस एस पी की कड़ी चेतावनी : एक सप्ताह में करें व्यवस्था, वरना की जाएगी कड़ी कार्रवाई*

जशपुर, 5 अगस्त 2025 

आज जशपुर में आयोजित NCoRD, रोड सेफ्टी एवं लॉ एंड ऑर्डर की महत्वपूर्ण बैठक में एक अहम निर्देश जारी किया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने की, जिसमें एसएसपी श्री शशिमोहन सिंह समेत जिले के सभी विभाग प्रमुख मौजूद रहे।

बैठक के दौरान एसएसपी श्री शशिमोहन सिंह ने पशुपालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि —

 “पशुपालक अपने-अपने पशुओं की उचित देखरेख और रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। यदि एक सप्ताह के भीतर सड़कों पर आवारा पशु नजर आते हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बाधित होती है, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कों पर मवेशियों की उपस्थिति से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है और आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी को अंतिम समझें — लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी।

समस्त पशुपालकों से अपील है कि समय रहते अपने पशुओं की समुचित व्यवस्था कर लें।


 ट्रैफिक नियमों एवं नागरिक सुरक्षा में बाधा डालने वालों पर अब सख्ती से निपटा जाएगा।

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*मुख्यमंत्री श्री साय ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यों की समीक्षा की.....हिंसक वन्यप्राणियों से होने वाले हानि के प्रकरणों का संवेदनशीलता से करें निराकरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय*

*हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, फसल हानि के प्रकरणों का संवेदनशीलता से करें निराकरण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर, 05 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति के प्रकरणों में त्वरित, नियमानुसार एवं संवेदनशीलता से क्षतिपूर्ति सहायता प्रदान की जाए। वनांचल में निवासरत लोगों को कई बार वन्यप्राणियों के हमलों से अपनों को खोने की पीड़ा सहनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रभावितों के दुख-दर्द का मानवीय दृष्टिकोण से शीघ्र निराकरण किया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हाथी-मानव द्वंद्व और अन्य हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति की घटनाएं राज्य के वनांचल क्षेत्रों में चुनौती बनकर उभर रही हैं। ऐसी स्थितियों में शासन की जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को शीघ्र एवं न्यायसंगत सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगली हाथियों द्वारा धान जैसी प्रमुख फसल के अतिरिक्त गन्ना, केला, पपीता एवं कटहल जैसी नगदी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी दोहरी मार झेलनी पड़ती है। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रदत्त व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टों की अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदत्त सहायता समय पर प्रभावितों तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाए। जनहानि, स्थायी अपंगता, पशुहानि, मकान क्षति तथा फसल हानि के लिए दी जाने वाली क्षतिपूर्ति दरों में वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किया गया।
बैठक में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति के आरबीसी के प्रावधानों के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि पर भी चर्चा की गई।

बैठक मे मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कृषि विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी सचिव श्री अंकित आनंद, सचिव (वन) श्री अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री सुधीर अग्रवाल, अपर मुख्य वन संरक्षक श्री प्रेम कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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*कौशल से समृद्धि की ओर –कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ें, युवाओं को बनाएं आत्मनिर्भर – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 05 अगस्त 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि युवाओं के कौशल प्रशिक्षण को सीधे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है। इसके लिए विभाग द्वारा निरंतर नवाचार और प्रभावी कार्ययोजना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए वर्ष 2025–26 के लिए जिलेवार प्रशिक्षण उपलब्धि और आबंटित बजट पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0, और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के सम्बन्ध में जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि अब तक 549 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि पुनर्वास केंद्रों में 382 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसी क्रम में पीएम जनमन योजना के तहत अत्यंत पिछड़ी जनजाति (PVTG) के युवाओं को दिए जा रहे कोर्सवार प्रशिक्षण की भी समीक्षा की गई।

बैठक में विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 1 जुलाई 2025 से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत चेहरा-आधारित स्कैनिंग प्रणाली द्वारा प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी में सुधार हुआ है।
बैठक में विभाग द्वारा निजी संस्थाओं के साथ किए गए एमओयू की जानकारी भी साझा की गई, जिनमें नांदी फाउंडेशन और महिंद्रा एंड महिंद्रा संस्थानों से किए गए समझौते शामिल हैं। इन संस्थानों के माध्यम से राज्य में गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है।

बैठक में ‘कौशल तिहार 2025’ के आयोजन की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई, जिसका उद्देश्य युवाओं में कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह प्रतियोगिता जिला और राज्य स्तरीय दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसमें दो आयु वर्ग – 22 वर्ष से कम एवं 22 वर्ष से अधिक – के प्रतिभागी भाग लेंगे। प्रतियोगिता में 10 प्रमुख ट्रेड ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्रिकलेइंग, रिन्युएबल एनर्जी
हेल्थ एंड सोशल केयर, प्लंबिंग एंड हीटिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशंस, इलेक्ट्रॉनिक्स फील्ड टेक्नीशियन, कंप्यूटर, मोबाइल फोन टेक्नीशियन, ग्राफिक डिजाइन टेक्नोलॉजी/डेस्कटॉप पब्लिशिंग तथा रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग शामिल है।जिला स्तर पर प्रत्येक ट्रेड और आयु वर्ग से दो विजेताओं का चयन किया जाएगा, जो राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। राज्य स्तर के विजेताओं को पुरस्कार, ट्रॉफी और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्हें इंडिया स्किल्स 2025 की क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा, जहाँ से चयनित प्रतिभागी ‘वर्ल्ड स्किल्स 2026’, शंघाई (चीन) में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कौशल विकास योजनाओं को युवाओं की आजीविका, आत्मनिर्भरता और भविष्य के निर्माण से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में सतत प्रयास करने के निर्देश दिए।

बैठक में वन एवं कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन तथा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास अभिकरण (CSDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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*रणनीतिक खनिजों की खोज में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक छलांग:छत्तीसगढ़ में निकेल-क्रोमियम-PGE की पुष्टि*

रायपुर, 5 अगस्त 2025/
खनिज विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। मेसर्स डेक्कन गोल्ड माइनिंग लिमिटेड (DGML) ने राज्य में हाल ही में प्राप्त संयुक्त अनुज्ञा क्षेत्र में निकल (Nickel), क्रोमियम (Chromium) और प्लेटिनम समूह के तत्वों (PGEs) की खोज की है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि छत्तीसगढ़ में रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और उनके सतत विकास के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।

यह खोज महासमुंद जिले के भालुकोना–जामनीडीह निकल, क्रोमियम और PGE ब्लॉक में हुई है, जो लगभग 3000 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इस क्षेत्र का प्रारंभिक अन्वेषण भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा G4 स्तर पर किया गया था, जिसमें इन खनिजों की उपस्थिति की संभावना प्रकट हुई थी। इस आधार पर, छत्तीसगढ़ शासन के खनिज साधन विभाग के अंतर्गत भूविज्ञान एवं खनिकर्म संचालनालय (DGM) ने विस्तृत भू-वैज्ञानिक आंकड़ों का संकलन कर ब्लॉक की ई-नीलामी प्रक्रिया संपन्न कराई।

दिनांक 6 मार्च 2023 को ब्लॉक का सफलतापूर्वक नीलामीकरण हुआ, जिसमें DGML ने 21%  सबसे ऊँची बोली लगाकर इसे हासिल किया। इसके पश्चात DGM छत्तीसगढ़ द्वारा अन्वेषण कार्यों को शीघ्र गति देने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग प्रदान किया गया। आवश्यक वन और पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ प्राप्त होने के बाद, DGML ने अन्वेषण कार्यों की शुरुआत की, जिनमें विस्तृत भू-वैज्ञानिक मानचित्रण, रॉक चिप सैम्पलिंग, ड्रोन आधारित मैग्नेटिक सर्वेक्षण तथा इंड्यूस्ड पोलराइजेशन (IP) सर्वेक्षण शामिल हैं। प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। अब तक लगभग 700 मीटर लंबी खनिजीकृत पट्टी की पहचान की गई है, जो संभावित मैफिक-अल्ट्रामैफिक चट्टान संरचनाओं में स्थित है। भूभौतिकीय सर्वेक्षणों से प्राप्त संकेतों के अनुसार 300 मीटर गहराई तक सल्फाइड खनिजों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जो इस ब्लॉक की समृद्ध खनिज क्षमता को रेखांकित करती है।

भालुकोना ब्लॉक के समीप ही स्थित केलवरडबरी निकल, क्रोमियम एवं PGE ब्लॉक पूर्व में मेसर्स वेदांता लिमिटेड को नीलामी के माध्यम से प्रदान किया गया था। इन दोनों ब्लॉकों के संयुक्त विकास से महासमुंद क्षेत्र को देश के रणनीतिक खनिजों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की संभावनाएँ सशक्त हुई हैं।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक खोज राज्य और देश के लिए अत्यावश्यक खनिज संसाधनों को सुरक्षित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन की भावना को सशक्त करती है और रणनीतिक क्षेत्रों में सतत एवं आत्मनिर्भर विकास को प्रोत्साहित करती है। छत्तीसगढ़ शासन वैज्ञानिक एवं विस्तृत खनिज अन्वेषण तथा विकास को पूर्ण समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य शासन द्वारा रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसका प्रमाण 2024-25 के अन्वेषण प्रस्तावों में परिलक्षित होता है, जहां 50% से अधिक प्रस्ताव इन्हीं खनिजों पर केंद्रित हैं। अब तक राज्य द्वारा 51 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है, जिनमें ग्रेफाइट, निकल, क्रोमियम, PGEs, लिथियम, ग्लॉकोनाइट, फॉस्फोराइट एवं ग्रेफाइट-वैनाडियम जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 6 टिन ब्लॉकों को भारत सरकार के खनिज मंत्रालय को आगामी नीलामी हेतु सौंपा गया है।

इस दिशा में योजनाबद्ध एवं संस्थागत प्रयासों को गति देने के लिए DGM, छत्तीसगढ़ ने एक क्रिटिकल मिनरल सेल (Critical Mineral Cell) का गठन किया है, जो शोध, शैक्षणिक एवं पेशेवर संस्थानों के साथ सहभागिता बढ़ाकर खनिज अन्वेषण एवं परिशोधन को प्रोत्साहित कर रहा है।

इस संदर्भ में खनिज संसाधन विभाग के सचिव, श्री पी. दयानंद, ने कहा कि यह खोज केवल एक वैज्ञानिक सफलता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक छलांग है। बढ़ती वैश्विक मांग के मद्देनज़र, हरित ऊर्जा एवं हाई-टेक तकनीकों के लिए आवश्यक खनिज — जैसे निकेल और प्लेटिनम समूह के तत्व — भविष्य की तकनीकों की रीढ़ हैं। छत्तीसगढ़ भारत के रणनीतिक खनिज मानचित्र में एक केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए कटिबद्ध है और हम इसके लिए आवश्यक संस्थागत और संचालनात्मक सहयोग सुनिश्चित कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ की खनिज समृद्धि की स्थिति को और मजबूत करती है, बल्कि आधुनिक तकनीक, राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में उपयोगी खनिजों की खोज की दिशा में अद्भुत संभावनाओं की नींव भी रखती है।

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*अपने घरों में तिरंगा फहराकर राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी आंदोलन का बने हिस्सा.... harghartiranga.com  पर करें फोटो अपलोड, मिलेगा आनलाईन सर्टिफिकेट*

जशपुरनगर 05 अगस्त 2025/ भारत सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। 2 अगस्त से  इस अभियान की शुरुआत हुई है, जो कि 15 अगस्त तक पूरे देश भर में चलाया जाएगा। हर घर तिरंगा अभियान 2025 की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानी एवं तिरंगे के प्रारंभिक स्वरूप के डिजाइनर स्वर्गीय श्री पिंगली वेंकैया जी की जयंती 2 अगस्त के दिन उनके योगदान को स्मरण करते हुए की गई है।  
      हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत सभी भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में तिरंगा फहराकर harghartiranga.com पर तिरंगे के साथ अपनी फोटो अपलोड करें। भारत सरकार की ओर से उन्हें एक ऑनलाइन सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।
      प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने श्री पिंगली वेंकैया जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि तिरंगे के निर्माण में उनका योगदान को सदैव याद किया जाता रहेगा। उनका यह योगदान हम सभी के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने हमेशा की तरह इस बार भी हर घर तिरंगा अभियान को सशक्त बनाने के लिए तिरंगा फहराने की अपील की और कहा कि अपनी सेल्फी या फोटो harghartiranga.com पर अपलोड कर इस राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी आंदोलन के गौरवशाली नागरिक बने।  
       हर घर तिरंगा अभियान आज़ादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में  भारत की आज़ादी के प्रतीक के रूप में इसे फहराने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु शुरू किया गया था। इस पहल के पीछे का उद्देश्य लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाना और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

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बिहार ले जा रही 51 लाख की अवैध शराब पकड़ी:  नेशनल हाइवे से गुजर रहे ट्रक को जशपुर पुलिस ने रोका, तिरपाल हटाते ही दिखी '285 पेटी अवैध शराब'.....चालक सहित ट्रक को लिया कब्जे में

जशपुर 05/अगस्त 2025 :- जशपुर पुलिस को सूचना मिली कि अवैध शराब से लदी झारखंड की ओर जा रहा है पुलिस ने आगडीह पर चेकिंग अभियान चलाई  । वाहन चेकिंक के दौरान एक ट्रक को रोका गया। जब ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें 734 पेटी शराब मिली है। इसकी कीमत करीब 51लाख रुपए आंकी गई है। 

   पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशिमोहन सिंह के दिशा निर्देश पर ऑपरेशन आघात के तहत् जशपुर पुलिस के द्वारा लगातार नशे के सौदागरों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है, इसी क्रम में जशपुर पुलिस ने दिनांक 04.08.25 को ट्रक सहित अवैध शराब का एक बड़ा जखीरा को पकड़ा है, व आरोपी ट्रक चालक को भी गिरफ्तार किया है।

      जशपुर पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी कि एक संदेही ट्रक क्रमांक UP12AT1845 में  बड़ी मात्रा में अवैध शराब को तस्करी कर जशपुर क्षेत्र से होते हुए ले जाया जा रहा है, जिस पर पुलिस के द्वारा उक्त संदेही ट्रक को ट्रेस करते हुए, सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम आगडीह के पास नेशनल हाइवे 43 पर नाका बंदी की गई थी, व संदेही वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान उक्त संदेही ट्रक आता दिखाई देने पर, पुलिस के द्वारा उक्त संदेही ट्रक क्रमांक UP12AT1845 को घेरा बंदी कर रोका गया, पुलिस के द्वारा जब संदेही ट्रक की तलाशी ली गई तब, उसके ट्रॉली में 734 कार्टून में अंग्रेजी शराब मिला, जिसे पुलिस के द्वारा ट्रक सहित जप्त करते हुए, आरोपी ट्रक चालक  चिमा राम उम्र 26 वर्ष को हिरासत में लिया गया।
      पुलिस की पूछताछ पर आरोपी ट्रक चालक चिमा राम ने बताया कि वह उक्त ट्रक को वह चंडीगढ़ पंजाब से लेकर रांची तक आ रहा था, उसे चंडीगढ़ में एक दूसरे व्यक्ति के द्वारा उसे ट्रक दिया गया था, उसे नहीं पता था कि ट्रक में क्या है, उसे ट्रक को रांची तक ले जाना था, जहां से कोई अन्य व्यक्ति ट्रक को लेकर बिहार जाता। आरोपी ट्रक चालक ने बताया कि उसे, इसके लिए 45000रु दिया जाता।
       पुलिस को संदेह है इस प्रकार की शराब की तस्करी में किसी बड़े सेंडिकेट की शामिल होने की संभावना है, जो कि अत्यंत ही शातिर तरीके से अंग्रेजी शराब की तस्करी कर रहे हैं। तस्करी में संलिप्त सिंडिकेट की पता साजी हेतु पुलिस की जांच जारी है 
     जशपुर पुलिस ने  पूर्व में, फरवरी माह में इसी पैटर्न में अवैध रूप से अंग्रेजी शराब की तस्करी करते हुए, दो ट्रकों को पकड़ा था, जिसमें से एक ट्रक को दुलदुला क्षेत्र से व दूसरे ट्रक को अनूपपुर मध्य प्रदेश से पकड़ कर लाया गया था, जिसमें  से लगभग एक करोड़ रुपए कीमत का 1574 पेटी में 14025 लीटर, अंग्रेजी शराब को बरामद कर जप्त किया गया था। उक्त मामलों में भी तस्करों के द्वारा ड्राइवरों को अच्छी रकम का लालच देकर एक निश्चित स्थान से ट्रक को निर्धारित स्थान तक ले जाने  हेतु दिया जाता था, जहां सिंडिकेट के सदस्यों के द्वारा ट्रक को ले लिया जाता था, व ड्राइवर को पैसे देकर वापस लौटा दिया जाता था, वहां से कोई और व्यक्ति ट्रक को लेकर, अन्य निर्धारित स्थान पर ले जाता था, जिससे कि ड्राइवरों को पता न चल सके कि माल कहां से लोड हुआ है, और कहां ले जाया जा रहा है। तस्करों के द्वारा उन्हीं रास्तों का उपयोग किया जाता है जहां, टोल नाका, व पुलिस नाका कम होते हैं।
      वर्तमान प्रकरण में  भी ट्रक चालक अवैध शराब से भरी ट्रक को चंडीगढ़,हिमाचलप्रदेश, लखनऊ, अंबिकापुर, जशपुर, होते हुए, रांची झारखंड तक आ रहा था, जहां से कोई अन्य व्यक्ति ट्रक को  लेकर बिहार  जाता। मगर जशपुर पुलिस की सक्रिय मुखबिर तंत्र से अवैध अंग्रेजी शराब से भरी ट्रक को जशपुर में ही ,नेशनल हाइवे आगडीह के पास पकड़ लिया गया व ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है।पुलिस ने ट्रक से 734 कार्टून, में 6588 ली अवैध अंग्रेजी शराब, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 51 लाख रुपए  है, को जप्त कर लिया है। व तस्करी में प्रयुक्त ट्रक क्रमांक UP12AT1845 को  भी पुलिस ने जप्त कर लिया है, ट्रक की कीमत लगभग 16 लाख रु है।  
  पुलिस के द्वारा आरोपी के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जशपुर में 34(1)(क), व 34(2) आबकारी एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी चिमा राम, उम्र 26 वर्ष, थाना बायतु बाड़मेर, राजस्थान को प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने से विधिवत  गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
     मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर आशीष कुमार तिवारी, सहायक उप निरीक्षक एसन पाल, प्रधान आरक्षक नवीन दत्त तिवारी, आरक्षक उपेन्द्र सिंह नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
    मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस ने सिटी कोतवाली क्षेत्र से अवैध रूप से  भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब की तस्करी करते ट्रक को पकड़ा है व ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है, मामले में किसी अंतरराज्यीय शराब तस्करी सिंडिकेट की शामिल होने की संभावना है, जिसमें पुलिस की जांच जारी है, तस्करी में शामिल अन्य लोगों को भी पुलिस के द्वारा बख्शा नहीं जावेगा।

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*मुख्यमंत्री शिव महापुराण कथा में वर्चुअली हुए शामिल : भगवान मधेश्वर की पावन धरा के विकास हेतु केन्द्र से मिलेंगे 10 करोड़ रुपये.......तीर्थ पर्यटन को मिलेगा नया आयाम - मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 4 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पवित्र श्रावण मास के चौथे सोमवार के शुभ अवसर पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के समीप आयोजित दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया।

श्रावण मास की इस सात दिवसीय दिव्य कथा श्रृंखला का आयोजन 28 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक महामधेश्वर धाम समिति द्वारा किया गया, जिसमें अयोध्या के प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य श्री देवकीनंदन जी महाराज ने शिव महापुराण की अमृतमयी वाणी से हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ से जुड़े सभी संतजनों को प्रणाम करते हुए समिति को भव्य आयोजन के लिए बधाई एवं आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिव और शक्ति छत्तीसगढ़ के कण-कण में समाए हैं और प्रदेश को आध्यात्मिक ऊर्जा इन्हीं  देवस्थलों से प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि मधेश्वर महादेव धाम के विकास के लिए केंद्र सरकार से ₹10 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, तथा राज्य सरकार तीव्र गति से अधोसंरचना विकास और श्रद्धालु सुविधाओं के लिए कार्य कर रही  है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विराजित भगवान शिव के प्रमुख स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मयाली में मधेश्वर पहाड़, कवर्धा में बाबा भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव और जांजगीर-चांपा के खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में भगवान शिव विभिन्न रूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्पूर्ण प्रदेश शिवमय है।

श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पाँच प्रमुख शक्तिपीठों के विकास के लिए शक्ति कॉरिडोर योजना प्रारंभ की गई है। इसमें डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी, रतनपुर की महामाया देवी, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी माता, दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी देवी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तीर्थ पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनी है।

इसी क्रम में पुनः प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें जीवन में आध्यात्मिक संतोष और आस्था का अनुभव हो रहा है।

समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए प्रार्थना की कि बाबा भोलेनाथ की कृपा सदैव सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे। उन्होंने महामधेश्वर धाम समिति को आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धा, संस्कृति और विकास के समन्वय से छत्तीसगढ़ को नया धार्मिक एवं पर्यटन गंतव्य बनाएगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र द्वारा 37 आवश्यक औषधियों के मूल्य में कमी किए जाने के निर्णय का किया स्वागत प्रधानमंत्री के प्रति किया आभार व्यक्त 

रायपुर, 4 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार द्वारा 37 आवश्यक औषधियों के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का यह निर्णय उनके दूरदर्शी और जनकल्याणकारी नेतृत्व की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह निर्णय हृदय रोग, मधुमेह, संक्रमण, बुखार और दर्द जैसी आम लेकिन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नागरिकों को बड़ी राहत देगा।

उन्होंने कहा कि इस मूल्य कटौती से पैरासिटामोल, एटोरवास्टेटिन, एमोक्सिसिलिन जैसी जीवनरक्षक दवाएं अब और अधिक सुलभ और सस्ती हो सकेंगी। छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी और ग्रामीण बहुल राज्य में यह निर्णय गरीबों, श्रमिकों, किसानों, महिलाओं और वृद्धजनों के स्वास्थ्य हेतु अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के केंद्रों के विस्तार, आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्राथमिक से लेकर उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का निर्णय केवल औषधियों की कीमत घटाने का नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को सशक्त बनाने का भी कदम है।

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*राष्ट्रपति भवन से मिला निमंत्रण-पत्र : महामहिम राष्ट्रपति के हाथों 15 अगस्त को प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही सुमन होगें सम्मानित* 

जशपुरनगर 04 अगस्त 2025/ भारत के महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों 15 अगस्त को बगीचा नगर पंचायत के प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वित हितग्राही श्रीमती सुमन तिर्की सम्मानित होगें। हितग्राही सुमन द्वारा अपने आवास को पूर्ण किया गया है।
 उनका नाम सम्मान हेतु चयन हुआ है। इसके लिए राष्ट्रपति भवन से आज उनको निमंत्रण-पत्र मिला है। 
         राष्ट्रपति भवन के निमंत्रण-पत्र को नगर पंचायत बगीचा की ओर से आज श्रीमती तिर्की उनको सम्मान दिया है और उन्हें बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिडाम, श्री मुकेश शर्मा,  श्री पवन सिंह, पार्षद राजकिशोर जायसवाल, पार्षद आशा कुजूर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री क्षितिज कुमार सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के कर्मचारी सुबोध जायसवाल और अजय सिंह उपस्थित थे।

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*कलेक्टर जशपुर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं... निराकरण को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश*

जशपुरनगर 04 अगस्त 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को  प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
   इसके साथ ही उन्होंने यह  निर्देश दिए कि हर आवेदनकर्ता को उनके प्रकरण के निपटारे की सूचना समय पर प्राप्त हो, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि शासन का उद्देश्य है कि  नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिले। जनदर्शन जैसे माध्यमों से आमजन सीधे प्रशासन से जुड़कर अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उनकी शिकायतों का समयबद्ध समाधान मिले।
     आज जनदर्शन में  मुख्य रूप से राजस्व संबंधी मामले, आवास, बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं के निराकरण के मामले सहित विभिन्न विषयों से संबंधित मांगें शामिल थीं।

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*ऋण और खाद-बीज के रूप में किसानों को अब तक 52 करोड़ 04 लाख से अधिक की राशि प्रदान किया गया*

जशपुरनगर 04 अगस्त 2025/ खरीफ सीजन में किसान निश्चिंत होकर खेती-किसानी कार्य मंे लगे हुए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव के निर्देश पर सहकारी समितियां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर खाद और बीच उपलब्ध कराने के साथ ही अल्पकालिन ऋण भी प्रदान कर रही है। राज्य सरकार द्वारा धान प्रति क्विंटल 3100 रूपए और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी करने के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का आदि के फसल लगाने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना का लाभ दिए जाने जैसे किसान हितैषी निर्णयों ने किसानों में खेती को लेकर अलग ही उत्साह नजर आ रहा है।
   इस खरीफ वर्ष में अब तक किसानों को दिए जाने वाले अल्पकालीन ऋण और खाद-बीज के वितरण के रूप में लक्ष्य के विरूद्ध 72.28 प्रतिशत की पूर्ति की जा चुकी है। इस खरीफ वर्ष में अल्पकालीन ऋण और खाद-बीज के वितरण के लिए 72 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें नगद 43.20 करोड़ रूपए और 28.80 करोड़ रूपए का खाद-बीज दिया जाना था। अब तक लक्ष्य के विरूद्ध 52 करोड़ 04 लाख 34 हजार रूपए नगद एवं खाद बीज के लिए वितरण किया जा चुका है। जिसमें 32 करोड़ 86 लाख 17 हजार रूपए नगद ऋण एवं खाद-बीज के रूप में 19 करोड़ 18 लाख 17 हजार रूपए वितरण किया जा चुका है। 
     पिछले वर्ष किसानों को दिए जाने वाले अल्पकालीन ऋण और खाद-बीज के वितरण में लक्ष्य के विरूद्ध 114.81 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल किया गया था। पिछले वर्ष 60 करोड़ 3 हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से 69 करोड़ 38 लाख और 52 हजार रूपए नगद एवं खाद-बीज वितरण और फसल बीमा के रूप में प्रदान किया गया था।

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*हॉफ बिजली बिल योजना: 31 लाख उपभोक्ताओं को पूर्ववत् हॉफ बिजली बिल योजना का मिलता रहेगा लाभ

15 लाख बीपीएल परिवारों को पूर्ववत् योजना का मिलेगा लाभ

रायपुर 4 अगस्त 2025/ राज्य सरकार द्वारा हॉफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत दी जाने वाली छूट की सीमा में युक्तियुक्त संशोधन किया गया है। अब प्रतिमाह दी जाने वाली 400 यूनिट की छूट के स्थान पर 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत रियायत दी जाएगी।

वर्तमान में राज्य के 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 31 लाख परिवार (करीब 70%) ऐसे हैं जिनकी खपत 100 यूनिट प्रतिमाह से अधिक नहीं है। अतएव हॉफ बिजली बिल की छूट सीमा के इस पुनरीक्षण के बावजूद इन 31 लाख जरूरतमंद सामान्य एवं कमजोर वर्ग के उपभोक्ता परिवारों को योजना का लाभ पहले की ही तरह मिलता रहेगा।  प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता परिवार हॉफ बिजली योजना से पूर्ववत् लाभान्वित होते रहेंगे।

इन 31 लाख परिवारों में 15 लाख बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्ववत् हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलता रहेगा। इन परिवारों को 30 यूनिट तक की मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पहले की तरह प्राप्त होती रहेगी, साथ ही वे हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य सभी लाभों से भी यथावत् लाभान्वित रहेंगे।  राज्य सरकार गरीब परिवारों को बिजली खर्च में राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गति दे रही है, जिसके अंतर्गत 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर केंद्र सरकार से ₹78,000/- तथा राज्य सरकार से ₹30,000/- की कुल ₹1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है। 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 75% (₹90,000/-) का अनुदान उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। यह उत्पादन वर्तमान में हॉफ बिजली बिल योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट की छूट) से भी अधिक है।

400 यूनिट तक औसत खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल आमतौर पर ₹1000/- से अधिक होता है, जो सोलर प्लांट की स्थापना के बाद लगभग शून्य हो जाएगा। इस प्रकार के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल योजना से “मुफ्त बिजली बिल” योजना की ओर अग्रसर होंगे, और दीर्घकालिक बचत प्राप्त करेंगे।

*उपभोक्ता स्वयं की छत पर उत्पादित बिजली के अतिरिक्त शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर प्राप्त कर सकेंगे अतिरिक्त आय*

रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ता अपनी छत पर उत्पादित बिजली का उपयोग करने के साथ-साथ शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत शेष लागत उपभोक्ता स्वयं वहन कर सकते हैं, या फिर बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस ऋण की मासिक किस्त लगभग ₹800/- होगी, जो कि वर्तमान में 400 यूनिट पर देय औसत बिजली बिल ₹1000/- से भी कम है।

इस प्रकार, उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को कम करते हुए भविष्य में आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

राज्य सरकार का यह निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत देने, तथा उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त और दूरदर्शी प्रयास है। यह योजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत के पथ पर अग्रसर करेगी।

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*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में हुए शामिल....5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प*

रायपुर, 03 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने आज राजधानी रायपुर में हरिभूमि और आईएनएच मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब से मैंने शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उसी क्षण से मेरी प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए उसमें सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने हेतु राज्य में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई। इसके परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी।

नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है, और राज्य में हमारी सरकार ने इसे तत्परता से अपनाया है। छत्तीसगढ़ में अब 18 स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे न केवल स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को बल मिला है, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम-श्री स्कूल योजना के अंतर्गत छात्रों को हाई-टेक सुविधाएँ मिल रही हैं। विद्यालय भवनों के रखरखाव हेतु ₹133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही, छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं।

नक्सलवाद से विकास की ओर – बस्तर की नई दिशा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उपजाऊ भूमि और जैव विविधता से परिपूर्ण एक समृद्ध प्रदेश है, किंतु यह भी सत्य है कि यह राज्य वर्षों से नक्सलवाद की पीड़ा झेलता आया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नक्सल समस्या से दोहरे मोर्चे—सुरक्षा और विकास—पर समन्वित रणनीति से निपटा जाएगा। सरकार ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की, और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 1500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

साथ ही, सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियान में कई सक्रिय नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। पुनर्वास हेतु ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद का स्थायी समाधान केवल सुरक्षा बलों से नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से संभव है। सरकार इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, और बस्तर में बोधघाट परियोजना के माध्यम से 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा और 200 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लक्ष्य पर कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति हुई है। एक समय था जब राज्य में मात्र 1 मेडिकल कॉलेज था, आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। राज्य में अब तक 19 निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके हैं और 3 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया में है।

उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरु रहा है और आज पुनः वह स्थान प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। विदेशों से छात्र भारत में शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा का केंद्र बने।

2047 का लक्ष्य: विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक "विकसित छत्तीसगढ़" के लिए एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। डॉक्यूमेंट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो तथा राज्य की जीएसडीपी में शिक्षा का योगदान सशक्त और प्रभावशाली बने।

उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से अलंकृत किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में सुश्री के. शारदा, श्री बी. आर. साहू, श्री भरत किशोर यादव,डॉ. धनंजय पाण्डेय, श्री बलदाऊ सिंह श्याम शामिल हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं खेल एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश के शिक्षाविद्, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ  उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा नया भवन का कार्य तीव्र गति से रजत जयंती वर्ष में संभावना है,होगा विधिवत लोकार्पण

*रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया विधानसभा भवन – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर 3 अगस्त 2025/ नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का कार्य तीव्र गति से अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने विधानसभा भवन स्थल पर पहुँचकर निर्माणकार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समय-सीमा, सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि राज्योत्सव (1 नवम्बर) के अवसर पर इसे जनता को समर्पित किया जा सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का यह रजत जयंती वर्ष है, जिसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नवीन विधानसभा भवन का निर्माण कार्य अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। रजत जयंती वर्ष पर राज्य को एक नया, भव्य विधानसभा भवन प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को राज्योत्सव कार्यक्रम हेतु आमंत्रित किया गया है, और उनके करकमलों से इस नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रस्तावित है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नए विधानसभा भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। आज विधानसभा सदन, विधानसभा अध्यक्ष का कक्ष, मुख्यमंत्री का कक्ष तथा सम्पूर्ण परिसर का अवलोकन कर निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय पर नवीन विधानसभा भवन का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।

नवीन विधानसभा भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का समुचित समावेश किया गया है। भवन में तीन प्रमुख विंग निर्मित किए जा रहे हैं – विंग-ए में विधानसभा सचिवालय, विंग-बी में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय सहित विधानसभा सदन व सेंट्रल हॉल, तथा विंग-सी में उप मुख्यमंत्रियों एवं अन्य मंत्रियों के कार्यालय स्थित होंगे।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि नया विधानसभा भवन केवल एक शासकीय संरचना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक भव्यता एवं वैभव का प्रतीक बनेगा।

52 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित यह नवीन विधानसभा भवन आधुनिक तकनीकी विशेषताओं और सांस्कृतिक सौंदर्य से युक्त एक भव्य परिसर होगा। सदन में 200 विधायकों के बैठने की क्षमता के साथ-साथ 500 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम भी होगा। परिसर में 700 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है तथा दो प्रस्तावित सरोवर, प्रत्येक डेढ़ एकड़ क्षेत्र में, विकसित किए जाएँगे। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात यह भवन न केवल छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगा, बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली और उन्नत सुविधाओं के कारण एक मिसाल के रूप में स्थापित होगा।

निरीक्षण के दौरान श्री अजय जामवाल, श्री पवन साय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी उपस्थित थे।

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*सावन की पावन बेला में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हो कर किया भगवान शिव का रूद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की समृद्धि और सुख-शांति की कामना*

रायपुर, 3 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खरसोता में बाल संसद चुनाव एवं एक पेड़ मां के नाम के तहत विद्यालय परिसर में किया गया वृक्षारोपण 

 जशपुर -03 अगस्त 2025 : विकासखंड मनोरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खरसोता में प्राचार्य श्रीमती निर्मला भगत के मार्गदर्शन में बाल संसद चुनाव एवं एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 
इस बात की जानकारी देते हुए विद्यालय के व्याख्याता रोपना उरांव ने बताया कि हमारे विद्यालय में पर्यावरण सुरक्षा मातृभक्ति एवं पर्यावरण की भावना बच्चों में उत्पन्न करने के लिए जूनियर रेड क्रॉस प्रभारी संदीप कुमार भगत एवं युवा इको क्लब प्रभारी श्रीमती मीना बाई के मार्गदर्शन में वृक्षारोपण कार्यक्रम एक पेड़ मां के नाम आयोजित कर पीपल एवं अन्य  पौधों का वृक्षारोपण किया गया तथा बाल संसद (बाल कैबिनेट ) का गठन  रामपति सायं पैंकरा और  अजित मिश्रा व्याख्याता के मार्गदर्शन  में किया गया। छात्रों के द्वारा उत्साह पूर्वक मतदान के माध्यम से शाला प्रतिनिधि चुने गये शाला नायक कुमारी विक्रानी बाई,उपशाला नायक गौरव निराला, अनुशासन मंत्री कुमारी रविना प्रधान,उप अनुशासन मंत्री कुमारी दीपिका राठिया,क्रीड़ा मंत्री पवन राम,उप क्रीड़ा मंत्री भूमिका भगत,स्वच्छता मंत्री आयुषी एक्का,उप स्वच्छता मंत्री अभिषेक कुमार, बागवानी मंत्री कुमारी किरण बाई,उप बागवानी मंत्री नितिका बाई चुने गये। सभी नव निर्वाचित बाल कैबिनेट के सदस्यों का छात्रों में ताली बजाकर स्वागत किया‌। विधालय  के सभी स्टाफ के द्वारा चयनित बाल संसद पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देकर बधाई  दी गयी।

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