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CG Big News : सरकार की सब दावा फेल.! डेडबॉडी ले जाने के लिए नहीं मिला शववाहन..परिजन पिकअप वाहन की व्यवस्था की.. वाहन किराया न होने पर जमीन गिरवी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बलरामपुर। सरकार भले ही लाख दावा कर लें कि प्रदेश के लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है, लेकिन समय-समय पर छत्तीसगढ़ की अलग-अलग इलाकों से आती तस्वीरें सबकुछ बयां कर देती है। ऐसा ही एक मामला बलरामपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर में सामने आया है। यहां डेडबॉडी ले जाने परिजनों को शव वाहन नहीं मिला। परिजनों ने जैसे-तैसे पिकअप वाहन की व्यवस्था की। वाहन का किराया देने परिजनों ने जमीन गिरवी रखी हुई है।

दरअसल, मामला ग्राम पंचायत करवा का है। यहां के रहने वाले अति संरक्षित कोड़ाकू जनजाति के एक युवक को सांप ने काट लिया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डेड बॉडी को घर ले जाने के लिए परिजनों को शव वाहन नहीं मिला।

फिलहाल, परिजनों ने गांव से ही एक पिकअप वाहन मंगाया, जिसका किराया ₹2000 था और दूरी 10 किलोमीटर थी। मीडिया से बातचीत में परिजनों ने कहा कि इसका किराया चुकाने के लिए उन्हें या तो अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ेगी या फिर कुछ दिन बाद धीरे-धीरे वह इसका किराया चुकता करेंगे। वहीं डॉक्टरों ने कहा कि मृतक के परिजन डेड बॉडी ले जाने के लिए अपने सुविधा का इस्तेमाल करते हैं।

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12 जुलाई का इतिहास : जिसने दुनिया को 12 महीने और 365 दिन का कैलेंडर दिया वो आज ही जन्मा था

History of 12 July : कल्पना कीजिए यदि दिन, हफ्ते, महीने और फिर साल नहीं होते तो क्या होता? और यदि ये सब कुछ होता भी लेकिन सही तरीके से नहीं होता तो क्या होता?...इन सवालों का जवाब काफी विस्तार लिए हो सकता है लेकिन फौरी तौर पर हम ये कह सकते हैं कि हमारा दैनिक जीवन ही अस्त व्यस्त होता...समाजिक जीवन चरमरा गया होता...इतिहास की पढ़ाई संभव न होती...आदि..आदि

इन्हीं मुश्किलों को हल करने के लिए कैलेंडर का अविष्कार (Invention of Calendar) हुआ...सभी देशों ने अपनी-अपनी समझ के मुताबिक कैलेंडर बनाए...मसलन भारत में शक संवत है, विक्रम संवत है...इस्लामिक कैलेंडर (Islamic Calender) है...जैन और सिख कलेंडर (Jain and Sikh Calender) भी है...लेकिन क्या आप जानते हैं साल में 12 महीने और 365 दिन वाला कैलेंडर कैसे बना...ये वही कलेंडर है जिसे हम भारतीय ही नहीं पूरा दुनिया फॉलो करती है...दुनिया को ये कैलेंडर दिया था महान रोमन सम्राट जूलियस सीजर (Roman Ruler Julius Scissor) ने...

आज यानि 12 जुलाई की तारीख का संबंध उसी रोमन सम्राट जूलियस सीजर से है जिसने दुनिया को 12 महीने और 365 दिन वाला कैलेंडर दिया. आज ही के दिन 12 जुलाई, 100 ईसा पूर्व को जूलियन सीजर का जन्म हुआ था...जूलियस सीजर की गिनती रोम के महान और पराक्रमी सम्राट के तौर पर होती है...जिसका राज्य ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, एशिया माइनर, साउथ यूरोप और नार्थ अफ्रीका तक फैला था...मतलब जो बात 19 वीं और 20 वीं शताब्दी में ब्रिटिश साम्राज्य के बारे में कही जाती थी कि इनके राज्य में कभी सूर्य अस्त नहीं होता वही बात जूलियस सीजर के शासनकाल पर भी फिट बैठती है. 

जूलियस सीजर एक ऐसा शख्स था जिसने अपने करियर की शुरुआत एक पुजारी के तौर पर की थी...बाद में वो सेना में शामिल हुआ और फिर रोम के साम्राज्य को उसका सबसे वैभवशाली रूप प्रदान किया. उसके सैन्य अभियान अब भी पढ़े और पढ़ाए जाते हैं...महान अंग्रेजी साहित्यकार विलियम शेक्सपियर ने उन्हीं के जीवन पर साल 1601 से 1604 ईस्वी में नाटक लिखा- जूलियस सीजर...चार सदी बाद भी इस नाटक का दुनिया भर में मंचन होता है...

बहरहाल, हम यहां बात करते हैं अपने मूल विषय कैलेंडर की...दरअसल जूलियस के पहले भी रोमन राज्य में कैलेंडर का प्रचलन था लेकिन तब उसमें 10 महीने यानि 304 दिन शामिल थे. इससे शासन-प्रशासन में समस्या होती थी...समय की सही गणना में दिक्कत होती थी. जूलियस सीजर ने खगोलविदों के साथ गणना कर पाया कि पृथ्वी को सूर्य के चक्कर लगाने में 365 दिन और छह घंटे लगते हैं, इसलिए सीजर ने रोमन कैलेंडर को 310 से बढ़ाकर 365 दिन का कर दिया.

जूलियस कैलेंडर (Julian Calendar) में जुलाई और अगस्त ये 2 नए महीने जोड़े गए थे. यानी पहले जो रोमन कैलेंडर था उसमे 10 महीनों का एक साल होता था, वह अब 12 महीनों का एक साल बन गया था. खास बात ये है कि जिस वक़्त ये केलिन्डर बना था उस वक़्त मौसम और महीनो के बीच 3 महीनो का अंतर था इसलिए जूलियस ने 46 BC को 445 दिन का बनाया और 45 BC से नए कैलेंडर को लागू किया.

इसके बाद रोमन साम्राज्य जहां तक फैला हुआ था वहां नया साल एक जनवरी से माना जाने लगा. लेकिन जूलियस कैलेंडर में की गई समय की गणना में भी थोड़ी खामी थी, इसमें लीप ईयर (Leap year) की त्रुटि के कारण, ईस्टर (Easter) की तारीख पीछे हट गई. ऐसे में 16वीं सदी आते-आते समय लगभग 10 दिन पीछे हो चुका था. समय को फिर से नियत समय पर लाने के लिए रोमन चर्च के पोप ग्रेगरी ने साल 1582 में इस पर काम किया। ग्रेगरी ने एक नया कैलेंडर तैयार किया जो इसे ठीक करने के लिए हर चार साल में एक लिप दिवस का उपयोग करता था. इसी कैलेंडर को नाम दिया गया ग्रेगोरियन कैलेंडर.

ग्रेगोरियन कैलेंडर बनने के 170 साल बाद यानी 1752 ई. में अंग्रेजों ने भारत में इस कैलेंडर को लागू किया गया. उस साल 11 कम कर दिए गए थे. यानी 2 सितंबर से सीधे 14 सितंबर की तारीख दी गई थी. आपको बता दे कि, भारत में शक सवंत पर आधारित एक कैलेंडर हैं, जिसे भारतीय राष्ट्रीय पंचांग या 'भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर' के तौर पर जाना जाता हैं. और इसे ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ-साथ 22 मार्च 1957 को अपनाया गया. आज हम इसी कैलेंडर को फॉलो करते हैं. 

चलते- चलते 12 जुलाई की हुई दूसरी महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी निगाह डाल लेते हैं. 

1912 - ‘क्वीन एलिजाबेथ’ (Queen Elizabeth Movie) अमेरिका में प्रदर्शित होने वाली पहली विदेशी फिल्म बनी

1949 - महात्मा गांधी की हत्या (Mahatma Gandhi Assassination) के बाद आरएसएस पर लगाए गए प्रतिबन्ध को सशर्त हटाया गया

1970 - अलकनंदा नदी (Alaknanda River) में आई भीषण बाढ़ ने 600 लोगों की जान ली

1997- नोबल पुरस्कार (Nobel Prize) से सम्मानित मलाला युसुफजई (Malala Yousafzai) का पाकिस्तान में जन्म

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11 जुलाई का इतिहास : 11 जुलाई को मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस, जानें इतिहास

History of 11 July : अगर आप UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आपको इतिहास के बारे में पता होना चाहिए। इतिहास पढ़ना केवल UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए ही नहीं बल्कि सभी सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए जरूरी है। 11 जुलाई के इतिहास में ऐसी कई प्रमुख घटनाएं दर्ज हैं जिनके बारे में जानना आपके लिए जरुरी है। उसमें से एक है कि आज विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। आइए जानें इतिहास।

विश्व जनसंख्या दिवस

आज मनाया जाता है विश्व जनसंख्या दिवस

विश्व जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है। ये दिवस ग्लोबल पापुलेशन मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसकी स्थापना 11 जुलाई, 1989 को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की गवर्निंग काउंसिल द्वारा की गई थी। 11 जुलाई, 1987 को दुनिया की आबादी पांच अरब हो गई थी, उसके बाद से इस दिवस को मनाया जाने लगा। विश्व जनसंख्या दिवस का उद्देश्य विभिन्न जनसंख्या मुद्दों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

प्रमुख घटनाएं

कुछ प्रमुख घटनाएं

ब्रितानी संसद ने 11 जुलाई, 1832 को सती प्रथा के उन्मुलन के खिलाफ शुद्धतावादी हिंदुओं के अपील को खारिज किया। सोवा बाजार क्लब किसी फुटबॉल टूर्नामेंट में भाग लेने वाला पहला भारतीय दल 11 जुलाई, 1889 को बना। विल्फ्रीड लारियर ने 11 जुलाई, 1896 को कनाडा के सातवें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। दुनिया की आबादी ने 11 जुलाई, 1987 को पांच अरब का आंकड़ा पर कर लिया। 11 जुलाई, 1989 को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है।

जानकारी

मुम्बई उपनगरीय में हुए बम विस्फोट

बोस्निया में 11 जुलाई, 1995 को 7000 से ज्यादा लोगों का नरसंहार किया गया था। चांग शांग 11 जुलाई, 2002 को दक्षिण कोरिया की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं थी। मुम्बई उपनगरीय में 11 जुलाई, 2004 को 7 रेल बम विस्फोट हुए।

जन्मदिन

इनका होता है जन्मदिन

भारतीय न्यायाधीश एवं राजनेता सी. शंकरन नायर का जन्म 11 जुलाई, 1857 को हुआ था। भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ एवं प्रथम रक्षामंत्री सरदार बलदेव सिंह का जन्म 11 जुलाई, 1902 को हुआ था। भारतीय लेखक और 54 वें ज्ञानपीठ पुरस्कार के विजेता अमिताव घोष का जन्म 11 जुलाई, 1956 को हुआ। भारतीय फिल्म अभिनेता कुमार गौरव का जन्म 11 जुलाई, 1960 को हुआ था। भारतीय मूल के अमेरिकी लेखक झुम्पा लाहिरी का जन्म 11 जुलाई, 1967 को हुआ।

पुण्यतिथि

इनकी होती है पुण्यतिथि

प्रसिद्ध फ़्राँसीसी नेत्र रोग विशेषज्ञ फ़र्डिनांड मोनोयेर का निधन 11 जुलाई, 1912 को हुआ था। अमेरिकी संगीतकार और पियानोवादक जॉर्ज गेर्शविन का निधन 11 जुलाई, 1937 को हुआ था। परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक, सेकेंड लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे का निधन 11 जुलाई, 1994 को हुआ था। अंग्रेजी अभिनेता और निर्देशक लॉरेंस ओलिवर का निधन 11 जुलाई, 1989 को हुआ था। अमेरिकी समाजवादी लेडी बर्ड जॉनसन का निधन 11 जुलाई, 2007 को हुआ था।

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CG News : जलप्रपात घूमने के दौरान सावधानी बरतने की अपील..4 पर्यटकों की मौत..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बस्तर। बस्तर में बारिश का मौसम आते ही नदी-नाले उफान पर होते हैं और यहां के जलप्रपात अपने पूरे शबाब पर है। चित्रकोट जलप्रपात जिसे मिनी नियाग्रा कहा जाता है। तीरथगढ़ जलप्रपात जिसे बस्तर की जान कहा जाता है। चित्रकोट के पास स्थित मिनी गोवा और मेद्री घूमड़ जैसे पर्यटन स्थल पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। लेकिन यही खूबसूरती कई बार जानलेवा भी साबित होती है।

फिलहाल, इस वर्ष अब तक चार पर्यटक अपनी जान गंवा चुके हैं। मिनी गोवा में डूबने से एक युवक तीरथगढ़ में गिरने से एक पर्यटक और मेंंद्री घूमड़ में एक युवक व एक युवती की मौत हो चुकी है। हर साल पर्यटन स्थलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के दावे किए जाते हैं लेकिन हादसे हर बार उन दावों की पोल खोल देते हैं। बस्तर एएसपी का कहना है कि बारिश के मद्देनजर सभी जलप्रपातों और उफनती जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संबंधित थानों और चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है और निर्देश दिए गए हैं कि पर्यटकों को जलप्रपातों के अधिक करीब न जाने दिया जाए।

हालांकि यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि सुरक्षा इंतजाम कितने कारगर हैं क्योंकि हादसे अब भी थमे नहीं हैं।

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CG News : गांव में पसरा मातम.! बिस्तर में सांप की काटने से मां और बेटी की मौत..सदमे में परिवार..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बलौदाबाजार। बलौदाबाजार में सांप के काटने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं, परिवार में दो लोगों की मौत से परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है। घटना कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम ठाकुरदीया की है।

दरअसल, घटना तड़के 4 बजे की है। ग्राम ठाकुरदीया में धरमू पारदी का पूरा परिवार रहता है। घटना वाले दिन घर में मृतिका सतवती पारदी 35 वर्ष अपनी बेटी देविका 9 वर्ष के साथ फर्श में सोई हुई थी। सुबह 4 बजे एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। सांप के काटने के बाद दोनों को होश आया और हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने तत्काल गंभीर स्थिति में दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी में भर्ती कराया। डाॅक्टरों ने उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बालिका ने दम तोड़ दिया। वहीं, महिला की हालत गंभीर होता देख डाॅक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया। यहां पर उपचार के दौरान महिला की भी मौत हो गई।

फिलहाल, एक ही दिन में मां-बेटी की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस ने मामले में शव का पोस्टमार्टम कराकर घटना की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि बच्ची प्रथामिक शाला में पढ़ाई कर रही थी। वहीं, मां खेती किसानी का काम करती थी। मां बेटी की मौत से परिवार सदमें में है।

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CG Breaking : गुरु पूर्णिमा पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा गुरुजनों का सम्मान..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। भारतीय जनता पार्टी रायपुर जिला द्वारा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 10 जुलाई को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर भाजपा के कार्यकर्ता अपने मंडलों एवं वार्डों में शिक्षा, खेल, धर्म, समाज सेवा एवं अन्य क्षेत्रों में सक्रिय गुरुजनों का उनके निवास अथवा संस्थान में जाकर सम्मान करेंगे। इस विशेष अभियान की तैयारी को लेकर भाजपा रायपुर जिलाध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर जी के नेतृत्व में आज मंडल अध्यक्षों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा,क्रियान्वयन एवं स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

वहीं रमेश सिंह ठाकुर ने कहा “गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। भाजपा सदैव भारतीय परंपराओं और मूल्यों को सम्मान देती आई है। इस अवसर पर हम समाज के उन सभी गुरुजनों को सम्मानित करेंगे, जिन्होंने शिक्षा, खेल, धर्म, समाज या अन्य क्षेत्रों में मार्गदर्शन देकर नई पीढ़ी को दिशा दी है।” यह कार्यक्रम न केवल गुरुजनों के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देगा कि हमें अपने जीवन में गुरु के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए।

फिलहाल बैठक में प्रमुख रूप से जिला उपाध्यक्ष अकबर अली,हरीश सिंह ठाकुर, अनिल बाघ, राहुल राय, वंदना राठौर, मंडल अध्यक्ष गण दिनेश तिवारी, चेतन टावरी,पुरुषोत्तम माेवले,विनय जैन, विशेष शाह, जितेंद्र गंडेचा, दलविंदर बेदी, राम प्रजापति, केदार धनगर, सचिन सिंघल, संतोष सोनी, सचिन मेघानी, अभिषेक तिवारी, योगेश साहू, मनोज जोशी, भीमवंत निषाद, मनीष नागोडे,भागीरथी यादव, मंडल महामंत्री रमेश विश्वकर्मा, सत्यनारायण देवांगन उपस्थित थे।

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अमेरिका में मासूम अन्वय अग्रवाल का निधन..अंबिकापुर पहुंचकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि..पढ़ें पूरी ख़बर

अंबिकापुर। अंबिकापुर के प्रतिष्ठित PRA ग्रुप के संचालक रमेश अग्रवाल के पौत्र और नवीन अग्रवाल व नमिता अग्रवाल के ज्येष्ठ पुत्र अन्वय अग्रवाल का महज 16 वर्ष की आयु में अमेरिका (USA) में आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद घटना से पूरा अंबिकापुर शोकाकुल है।

वहीं इस हृदयविदारक समाचार की जानकारी मिलने के बाद लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज श्री अग्रवाल निवास पहुंचकर अन्वय को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि के दौरान सांसद ने कहा कि "इस नन्हीं सी उम्र में हम सभी को छोड़कर चले जाना अत्यंत ही पीड़ादायक और असहनीय है।"

फिलहाल उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि "मन अत्यंत विचलित है और ह्रदय गहरे दुख से बोझिल हो उठा है।" साथ ही ईश्वर से प्रार्थना की कि वे पुण्यात्मा अन्वय को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। अन्वय अग्रवाल के असमय निधन से अंबिकापुर सहित पूरे व्यापारी एवं सामाजिक जगत में शोक की लहर है। PRA ग्रुप और अग्रवाल परिवार को शोक संवेदनाएं लगातार प्राप्त हो रही हैं।

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10 जुलाई का इतिहास : आज ही के दिन पाकिस्तान ने बांग्लादेश को स्वतंत्र राष्ट्र स्वीकार किया

10 July History : भारत के हाथों 1971 में पाकिस्तान को मिली हार के बाद पूर्वी पाकिस्तान स्वतंत्र हुआ था, लेकिन पाकिस्तान ने इसे एक स्वतंत्र राष्ट्र मानने में दो साल का वक्त लगा दिया।

1973 में पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली ने आज ही के दिन बांग्लादेश को स्वतंत्र देश स्वीकारने वाला प्रस्ताव पारित किया।

10 July History (10 जुलाई का इतिहास): दस जुलाई का दिन कहने को तो 24 घंटे का एक सामान्य सा दिन ही है, लेकिन इतिहास के झरोखे में झांके तो इस तारीख के नाम पर बहुत सी अच्छी बुरी घटनाएं दर्ज हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण घटना हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश के बारे में है। दरअसल भारत के हाथों 1971 में पाकिस्तान को मिली हार के बाद पूर्वी पाकिस्तान स्वतंत्र हुआ था, लेकिन पाकिस्तान ने इसे एक स्वतंत्र राष्ट्र मानने में दो साल का वक्त लगा दिया। 1973 में पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली ने आज ही के दिन बांग्लादेश को स्वतंत्र देश स्वीकारने वाला प्रस्ताव पारित किया।

दस जुलाई की तारीख पर इतिहास में दर्ज अन्य घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1246 : नसीरुद्दीन मुहम्मद शाह दिल्ली की गद्दी पर आसीन हुआ।

1624 : हॉलैंड और फ्रांस के बीच स्पेन विरोधी संधि पर हस्ताक्षर।

1848 : न्यूयॉर्क और शिकागो के बीच पहला टेलीग्राफ लिंक शुरू।

1907 : फ्रांस और जापान के बीच चीन की स्वतंत्रता और अखंडता को बरकरार रखने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर।

1946 : राजशाही खत्म होने के बाद इटली गणतांत्रिक राष्ट्र बना।

1965 : महिलाओं के लिए पहला एनसीसी कालेज ग्वालियर में खुला।

1966 : वायु सेना के लड़ाकू विमान ‘मिग’ का महाराष्ट्र के नासिक जिले में निर्माण शुरू।

1972 : मुम्बई के मडगांव बंदरगाह से पूर्ण वातानुकुलित पोत हर्षवर्धन का जलावतरण।

1983 : ब्रिटेन में मार्गरेट थैचर पुन: प्रधानमंत्री बनीं।

1986 : भारत ने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराकर लॉर्ड्स में पहली टेस्ट जीत हासिल की।

1999 : जेनेवा में अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन की शुरुआत।

2002 : पाकिस्तान ने विश्व की दूसरी सबसे ऊँची चोटी के-2 का नाम बदलकर ‘चोगोरी’ अथवा ‘शाहगोरी’ कर दिया।

2003 : नासा का मंगलयान रोवर लॉन्च।

2005 : भारत और श्रीलंका में शिक्षा एवं सामुदायिक विकास से सम्बद्ध दो समझौतों पर हस्ताक्षर।

2008 : केन्द्र सरकार ने तीनों सेनाओं के लिए ‘एकीकृत स्पेस सेल’ की घोषणा की।

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09 जुलाई का इतिहास : आज के ही दिन हुआ था अभिनय और निर्देशन के ‘गुरु’ का जन्म

नई दिल्ली। साल के सातवें महीने का नौवां दिन इतिहास के पन्नों में बहुत सी अच्छी बुरी घटनाओं के साथ दर्ज है। इनमें कुछ भारतीय सिनेमा से जुड़ी हैं। दरअसल 1925 में आज ही के दिन वसंतकुमार शिवशंकर पादुकोण उर्फ गुरु दत्त का जन्म हुआ था, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में अभिनय और निर्देशन दोनों क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

गुरूदत्त की प्रतिभा का अंदाजा लगाने के लिए यह तथ्य अपने आप में पर्याप्त है कि टाइम पत्रिका ने गुरुदत्त की फिल्मों ‘प्यासा’ और ‘कागज़ के फूल’ को दुनिया की 100 बेहतरीन फ़िल्मों में जगह दी थी। ‘चौदहवीं का चांद’ और ‘साहब बीबी और ग़ुलाम’ को भी उनकी बेहतरीन फिल्मों में रखा जाता है।

हिंदी सिनेमा में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाले एक और समर्थ अभिनेता संजीव कुमार का जन्म भी 9 जुलाई को ही हुआ था। अन्य घटनाओं की बात करें, तो 9 जुलाई 1875 को बंबई में स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना हुई और वर्ष 1816 में इसी दिन अर्जेटीना ने स्पेन से स्वतंत्रता हासिल की। 

देश दुनिया के इतिहास में नौ जुलाई की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1816 : अर्जेटीना ने स्पेन से स्वतंत्रता हासिल की। 

1819 : सिलाई मशीन के आविष्‍कारक इलियास होवे का जन्‍म। 

1875 : बम्बई स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना।

1925 : भारतीय सिनेमा के सबसे सशक्त अभिनेताओं एवं बेहतरीन निर्देशकों में शुमार गुरु दत्त का जन्म। 

1938 : अपने सशक्त अभिनय से हिंदी सिनेमा को समृद्ध बनाने वाले अभिनेता संजीव कुमार का जन्म। 

1951 : देश में पहली पंचवर्षीय योजना

1969 : वन्यजीव बोर्ड ने शेर को देश का राष्ट्रीय पशु घोषित किया। 

1973 में शेर के स्थान पर बाघ को राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया। 

1973 : ब्रिटेन के 300 साल पुराने उपनिवेश बहामास में ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य अस्त हुआ। 

1982 : तमाम सुरक्षा प्रणालियों को गच्चा देकर माइकल फागन नाम का एक शख्स ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ के शयनकक्ष तक पहुंच गया। 

1991 : दक्षिण अफ्रीका को ओलंपिक खेलों में दोबारा हिस्सा लेने की अनुमति मिली। 

2002 : ‘आर्गेनाइजेशन ऑफ़ अफ़्रीकन यूनिटी’ का नाम बदलकर ‘अफ्रीकन यूनियन’ किया गया। 

2004 : एशियाई विकास बैंक ने आतंकवाद से लड़ने हेतु अपने 42 सदस्य देशों के लिए कोष बनाया।

2011 : सूडान एक जनमत संग्रह के बाद अलग देश बन गया, 98.83 फीसदी लोगों ने अलग देश के समर्थन में वोट किया।

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08 जुलाई का इतिहास : आज है बंगाल की दो महान विभूतियों का जन्मदिन..जानें भारत और विश्व में महत्वपूर्ण घटनाएं

8 July History: इतिहास के मामले में आज आठ जुलाई का दिन एक खास है. खासतौर से आज भारत के राज्य पश्चिम बंगाल के लिए दिन महत्वपूर्ण है क्योंकि आज राज्य के में महान राजनीतिज्ञ ज्योति बसु और भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल में से एक सौरव गांगुली का जन्म हुआ था.

कौन थे ज्योति बसु

ज्योति बसु को राज्य के मुख्यमंत्री पद पर सर्वाधिक लंबे समय तक आसीन रहने का रिकार्ड बनाया है. उन्हें कम्युनिस्ट राजनीति के पितामह कहा जाता है.

पूर्व क्रिकेट कप्तात सौरव गांगलु मना रहे हैं आज अपना जन्मदिन

आज ही के दिन पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखने वाले भारत के सफल कप्तानों में से एक सौरव गांगलु का जन्म हुआ था उन्होंने अपने जुझारू एवं आक्रामक तेवर से भारतीय क्रिकेट की सूरत ही बदल दी. सौरव बाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज रह चुके हैं.

देश-दुनिया के इतिहास में आठ जुलाई की को ये महत्वपूर्ण घटना दर्ज हैं

1497: आज ही के दिन पुर्तगाली नाविक वास्को डी गामा अपने जहाज से रवाना हुए थे. वो समुद्र से भारत की यात्रा करने वाले पहले यूरोपीय बने थे.

1792: फ्रांस ने पर्शिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा की गई थी.

1836: आज ही के दिन महान वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन शोध करने सेंट हेलेना पर पहुंचे थे.

1914: कम्युनिस्ट राजनीति के पितामह, वामपंथी नेता एवं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद पर लंबे समय तक कार्यरत रहे ज्योति बसु का जन्म आज ही के दिन हुआ था.

1963: अमेरिका ने क्यूबा के साथ अपने सभी वित्तीय लेनदेन बंद किए थे.

1972: भारतीय क्रिकेट कप्तान के रुप में टीम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले सौरव गांगुली का जन्म आज ही के दिन हुआ था.

1981: फ्रांस के प्रधानमंत्री मॉरिस ने बैंकों और कुछ बड़े उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया.

1994: उत्तर कोरिया के तानाशाह और संस्थापक किम इल सुंग का निधन.

2007: पूर्व प्रधानमंत्री एवं समाजवादी नेता चंद्रशेखर का निधन.

2016: पाकिस्तान के विश्व प्रसिद्ध ईधी फाउंडेशन के संस्थापक अब्दुल सत्तार ईधी का निधन.

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अमृतसर पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका..स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर/पंजाब। राज्यपाल रमेन डेका ने अमृतसर प्रवास पर श्रीहरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में मत्था टेका और देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

वहीं शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधन कमेटी द्वारा डेका को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। तत्पश्चात राज्यपाल ने दुर्गियाना मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।

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CG News : उफान पर लगातार बारिश से नदी नाले.! कोयला लोड ट्रक नाले में बहा..ड्राइवर की लापरवाही..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/गौरेला पेण्ड्रा मरवाही. लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर है. तेज बहाव में पुल पार करना ट्रक ड्राइवर को महंगा पड़ गया. ड्राइवर गाड़ी समेत पुल से नीचे जा गिरा. ट्रक में लोड कोयला पानी में बह गया. वहीं जेसीबी की मदद से ड्राइवर का रेस्क्यू किया गया.

दरअसल, पिछले 4 5 दिनों से बिलासपुर संभाग के अधिकांश इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही. इसके चलते जनजीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है. बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं. बारिश से बिलासपुर से जबलपुर सड़क निर्माण कार्य के कारण लोगों को आने-जाने में समस्या हो रही है.

फिलहाल, बिलासपुर से रतनपुर होते हुए जबलपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण चल रहा है. इस काम में लापरवाही के चलते कई जगहों पर सड़क धंस गई है. पुलिया टूटने लंबा जाम लग गया है. इस निर्माणाधीन मार्ग में कोयले से लोड ट्रक ड्राइवर की बड़ी लापरवाही सामने आई है. इस मार्ग में मझवानी गांव के पास पुल के ऊपर से तेज बहाव में पानी बह रहा. इसी दौरान बिलासपुर की तरफ से आ रहे कोयला लोड ट्रक का ड्राइवर पुल को पार कर रहा था. पानी के तेज बहाव के चलते ड्राइवर समेत ट्रक पुल के नीचे गिर गया. इस घटना का वीडियो इस मार्ग पर चलने वाली बस के सहायक ने अपने मोबाइल से बनाया है.

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CG News : सराहनीय कदम.! सास-ससुर ने विधवा बहू की घर बसाया..पुनर्विवाह कराया..कोरोना काल में हो गई थी विधवा..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/जगदलपुर/बिलासपुर। हिंदू समाज में मान्यता रही है कि बेटी बाबुल की चौखट से विदा होती है, तो उसकी अर्थी ससुराल से निकलती है। भारतीय समाज में पति के स्वर्गवास के बाद पत्नी को जो वैधव्य पीड़ा भोगनी पड़ती है, उसका अहसास सिर्फ उसी को होता है। बिलासपुर के देवांगन समाज के सीता-श्यामलाल देवांगन ने अपनी विधवा पुत्रवधू गायत्री का पुनर्विवाह करवाकर सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की दिशा में भगीरथ प्रयास किया है। नगर में उनके इस कदम की सराहना की जा रही है।

दरअसल, श्यामलाल देवांगन के इकलौते बेटे पारस देवांगन का विवाह रायगढ़ के चुन्नी हरिलाल देवांगन की पुत्री गायत्री के साथ हुआ था। कोरोना काल में पारस की मौत हो गई और गायत्री विधवा हो गई। सीता-श्यामलाल देवांगन जब भी घर में अपने पुत्र की तस्वीर व उसकी विधवा पत्नी को देखते, तो उनकी आंखें भर आती थीं। विधवा गायत्री सास-ससुर की सेवा में लीन थी। उसकी हर संभव कोशिश थी कि सास-ससुर को बेटे के जाने के सदमे से वह उबार ले। गायत्री ने बेटी की तरह दोनों की सेवा की। इस बीच सीता-श्यामलाल देवांगन ने ठान लिया कि पुत्रवधू का जीवन वैधव्य में नष्ट नहीं होने देंगे।

फिलहाल, उन्होंने बहू को बेटी समझ कन्यादान का निश्चय किया। उन्होंने उसके लिए रिश्ता तलाशना शुरू किया। समाज के शिक्षित युवक आशीष ने गायत्री का हाथ थामने पर सहमति दी। सामाजिक रीति-रिवाज से उसका विवाह आशीष से कर दिया गया। सास-ससुर ने अश्रुपूरित आंखों से बहू रूपी बेटी का कन्यादान कर उसे अपनी दहलीज से विदा किया।

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07 जुलाई का इतिहास : आज ही के दिन हुआ था क्रिकेट के सफलतम खिलाड़ियों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी का जन्म

7 जुलाई का इतिहास : दुनिया के इतिहास में 7 जुलाई की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

7 जुलाई का इतिहास : झारखंड की राजधानी रांची के एक परिवार में सात जुलाई को जन्मे महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी योग्यता और जुझारूपन से विश्व क्रिकेट में एक अनूठा मुकाम हासिल किया है. उनकी सफलताओं को देखते हुये उन्हें पद्म भूषण, पद्म श्री और राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. माही के नाम से लोकप्रिय धोनी आईसीसी की तीनों विश्व प्रतियोगिताएं जीतने वाले इकलौते कप्तान हैं. भारतीय सिनेमा के इतिहास में सात जुलाई का एक खास महत्व है.

दरअसल 1896 में इसी दिन फ़्रांस के सिनेमैटोग्राफर ल्युमिर भाइयों ने भारतीय सिनेमा की नींव रखी थी. इन दोनों ने इस दिन बम्बई के वाटसन होटल में छह फिल्मों का प्रदर्शन किया था. इन फिल्मों को देखने के लिए टिकट की कीमत तब एक रुपये रखी गई थी और उस समय के अखबारों ने इसे सदी का चमत्कार बताया था. इस कार्यक्रम को दर्शकों का अपार प्रोत्साहन मिला, जिससे प्रभावित होकर जल्द ही कलकत्ता (अब कोलकाता) और मद्रास (अब चेन्नई) में भी फिल्मों का प्रदर्शन होने लगा और भारतीय फिल्म निर्माण का रास्ता खुला. देश दुनिया के इतिहास में सात जुलाई की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:

1456: जॉन ऑफ आर्क को उनकी मृत्यु के 25 साल बाद दोषमुक्त करार दिया गया.

1656: सिखों के आठवें गुरू हर किशन का जन्म.

1758: आधुनिक त्रावणकोर के निर्माता राजा मार्तंड वर्मा का निधन

1896: भारत में सिनेमा का प्रवेश, मुंबई के वाटसन होटल में ल्यूमिर बंधुओं ने फिल्मों का पहली बार प्रदर्शन किया.

1912: अमेरिकी खिलाड़ी जिम थोर्पे ने स्टॉकहोम ओलम्पिक में चार स्वर्ण जीतकर तहलका मचाया.

1928: स्लाइस्ड ब्रेड की पहली बार बिक्री हुई. इसे मशीन से काट कर तैयार किया गया.

1930: ब्रिटिश लेखक आर्थर कॉनन डॉयल का निधन

1948: बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए दामोदर घाटी निगम की स्थापना.

1978: सोलोमन द्वीप ने यूनाइटेड किंगडम से अपनी आजादी का ऐलान किया.

1985: महज 17 साल की उम्र में बोरिस बेकर ने विम्बलडन जीता

1981: क्रिकेट के सफलतम खिलाड़ियों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी का जन्म.

1999: परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा देश की रक्षा करते हुये शहीद हो गए.

2021: केंद्रीय मंत्रिपरिषद का बहुप्रतीक्षित फेरबदल व विस्तार संपन्न. रविशंकर प्रसाद और सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सहित कुल 12 मंत्रियों की छुट्टी जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण राणे और सर्बानंद सोनोवाल समेत 36 नये चेहरे सरकार का हिस्सा बने.

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06 जुलाई का इतिहास : आज ही के दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पहली बार महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ पुकारा था

06 July History (06 जुलाई का इतिहास): व्यावहारिक नीतिशास्त्र के महान दार्शनिक पीटर सिंगर का जन्म 1945 में छह जुलाई को हुआ था। व्यावहारिक नीतिशास्त्र को नया आयाम देने वाले सिंगर को पशुओं के अधिकार और वैश्विक गरीबी के विश्लेषण के लिए खास तौर पर जाना जाता है। सिंगर को नारीवाद, पर्यावरणवाद और गर्भपात संबंधी अधिकारों की सूक्ष्म विवेचना के लिए भी जाना जाता है।

इसके अलावा भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास में छह जुलाई के दिन एक बड़ा मोड़ आया जब ‘ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध बुद्धिजीवी, शिक्षाविद्, समाजकर्मी कारोबारी एवं राजनीतिज्ञ दादा भाई नौरोजी छह जुलाई 1892 को ब्रिटेन की संसद के लिए चुने गए। किसी भारतीय को पहली बार बरतानवी संसद में अपनी बात रखने का मौका मिला। एक औपनिवेशिक राष्ट्र के लिए यह अवसर बहुत दुर्लभ था जब उसे शासक वर्ग के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला।

देश दुनिया के इतिहास में छह जुलाई की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1787 : सिबपुर में इंडियन बोटेनिकल गार्डन की स्थापना।

1885 : महान वैज्ञानिक लुई पाश्चर ने रेबीज रोधी टीके का पहली बार इस्तेमाल किया।

1892 : दादा भाई नौरोजी ब्रिटेन की संसद में चुने जाने वाले प्रथम अश्वेत एवं भारतीय बने।

1901 : श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जन्म।

1935 : तिब्बत समुदाय के 14 वें एवं वर्तमान गुरु दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो का जन्म।

1944 : नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने महात्मा गांधी को पहली बार ‘राष्ट्रपिता’ के संबोधन से पुकारा।

1947 : सोवियन संघ में एके-47 रायफलों का निर्माण शुरू।

1959 : वेल्लूर अस्पताल में पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई।

1964 : मलावी (पूर्व में न्यासालैंड) को ब्रिटेन से आजादी मिली।

2006 : नाथूला दर्रा 44 साल बाद खोला गया।

1946 : महान नैतिक दार्शनिक पीटर सिंगर का जन्म

1986 : भारतीय राजनीतिज्ञ बाबू जगजीवन राम का निधन

2002: चर्चित भारतीय उद्योगपति धीरूभाई अंबानी का निधन

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CG News : पिता की लोगों से मदद की गुहार.! बच्चे के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 30 लाख रुपए की है जरूरत..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/कोंडागांव। पीलिया पीड़ित बच्चे को लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत है. आर्थिक तौर पर लाचार पिता ने बेटे की जान बचाने के लिए लोगों से मार्मिक अपील की है. केवल पिता ही नहीं बच्चे की जान बचाने के लिए, जिस निजी स्कूल में वह पढ़ाई करता है, उसके प्रबंधन ने भी लोगों से मदद की अपील की है.

फिलहाल, कोंडागांव में निवासरत सन्नी सिंह संधु पेशे से लेथ मशीन ऑपरेटर है. सन्नी संधु के पांच वर्षीय मासूम बेटा कीरत सिंह संधु गंभीर बीमारी से ग्रसित है, जिसकी वजह से उसका लीवर ट्रांसप्लांट करना जरूरी हो गया है. इसके लिए परिवार को 30 लाख रुपए की जरूरत है.

ज्ञात हो कि, कल तक हँसी-खुशी अपने दोस्तों संग खेलने वाले बेटा आज जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है. इलाज के लिए लगने वाले 30 लाख का खर्च मैकेनिक पिता और परिवार के लिए आसान नहीं है, वह भी तब जब बच्चे के दादा भी कैंसर से पीड़ित हैं.

वहीं, कीरत कोंडागांव के चावरा हायर सेकेंडरी स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है. स्कूल प्रबंधन को जब इस बीमारी की जानकारी मिली तो उन्होंने भी बच्चा पालक समिति के माध्यम से सहयोग की अपील की. स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर सिसिलिया ने खुद आगे आकर उच्चस्तरीय समिति से सहयोग की बात रखी.

दरअसल, अब पूरे शहर से यह अपील की जा रही है कि जितना संभव हो सके, इस नन्हे बालक के इलाज के लिए सहयोग करें ताकि उसकी मुस्कान फिर लौट सके.

मासूम की जान बचाने आगे आएं

फिलहाल, कीरत के पिता सन्नी सिंह ने लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा कि मेरा बच्चा सिर्फ 5 साल का है, वो फिर से खेलना चाहता है, स्कूल जाना चाहता है. कृपया उसकी जिंदगी बचाने में हमारी मदद करें. इसके लिए उन्होंने बैंक खाता शेयर करते मासूम की जिंदगी बचाने की गुहार लगाई है.

सहयोग राशि के लिए विवरण –

खाता नाम: गुरु दयाल सिंह

खाता संख्या: 72910100009378

IFSC कोड: BARB0DBTATI

संपर्क: मो. 9893252881

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CG Suicide Breaking : तहसीलदार की अतिथि प्राध्यापक बेटी ने किया खुदकुशी..मिला सुसाइड नोट..जांच में जुटी पुलिस..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/धमतरी। जिला मुख्यालय स्थित शासकीय नारायण राव मेघावाले कन्या महाविद्यालय की अतिथि प्राध्यापक डॉ. सुषमा साहू ने रविवार को खुदकुशी कर ली। उनकी लाश कैलाशनगर स्थित उनके किराए की मकान पर फंदे से लटकी मिली है। डॉ. सुषमा साहू अभनपुर तहसीलदार नारायण साहू की बेटी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।

दरअसल, मिली जानकारी के अनुसार डॉ. सुषमा साहू शासकीय नारायण राव मेघावाले कन्या महाविद्यालय में अतिथि प्राध्यापक पर पदस्थ थी। वह हाल में भी गर्मी की छुट्टी अपने रायपुर निवास में बिताकर लौटी थी।

फिलहाल, रविवार को उन्होंने अचानक फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उनकी लाश कैलाशनगर स्थित उनके किराए की मकान पर फंदे से लटकी मिली है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। हालांकि इसका खुलासा नहीं हो पाया है कि उन्होंने इसमें क्या लिखा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

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CG News : सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्व. जगजीत कौर को दी श्रद्धांजलि, कहा- 'वे एक सरल, धार्मिक एवं सम्मानित व्यक्तित्व की धनी थीं'..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/महासमुंद। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज महासमुंद पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह खालसा (गोल्डी) के निवास पर शोक संवेदना प्रकट की। सांसद अग्रवाल ने खालसा की पूज्य माताजी स्वर्गीय जगजीत कौर जी के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में उनके साथ होने का भरोसा दिलाया। 

 फिलहाल सांसद अग्रवाल ने कहा कि स्वर्गीय जगजीत कौर जी एक सरल, धार्मिक एवं सम्मानित व्यक्तित्व की धनी थीं। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मौके पर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

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