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18 अगस्त का इतिहास : 76 साल बाद भी रहस्य है नेताजी की मौत, जिस प्लेन क्रैश में उनके निधन की बात, उसका रिकॉर्ड ही नहीं

History of 18 Agust ; आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि है। बात ठीक 76 साल पहले 18 अगस्त 1945 की है। जापान दूसरा विश्व युद्ध हार चुका था। अंग्रेज नेताजी के पीछे पड़े हुए थे। इसे देखते हुए उन्होंने रूस से मदद मांगने का मन बनाया। 18 अगस्त 1945 को उन्होंने मंचूरिया की तरफ उड़ान भरी। इसके बाद किसी को फिर वो दिखाई नहीं दिए।

 

5 दिन बाद टोक्यो रेडियो ने जानकारी दी कि नेताजी जिस विमान से जा रहे थे वो ताइहोकू हवाई अड्डे के पास क्रैश हो गया। इस हादसे में नेताजी बुरी तरह से जल गए। ताइहोकू सैनिक अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनके साथ विमान में सवार बाकी लोग भी मारे गए। आज भी उनकी अस्थियां टोक्यो के रैंकोजी मंदिर में रखी हुई हैं।

 

1938 के कांग्रेस अधिवेशन में सुभाष चंद्र बोस। इसी अधिवेशन में सुभाष चंद्र बोस पहली बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। फोटो में उनके साथ गांधीजी, सरदार पटेल और डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भी हैं।

 

 

1938 के कांग्रेस अधिवेशन में सुभाष चंद्र बोस। इसी अधिवेशन में सुभाष चंद्र बोस पहली बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। फोटो में उनके साथ गांधीजी, सरदार पटेल और डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भी हैं।

नेताजी के निधन के 76 साल बाद भी उनकी मौत रहस्य बनी हुई है। उनकी मौत का सच जानने के लिए तीन कमेटियां बनीं। दो ने कहा- नेताजी की मौत प्लेन क्रैश में हुई। 1999 में तीसरा आयोग मनोज कुमार मुखर्जी के नाम पर बना। इस आयोग की रिपोर्ट में ताइवान सरकार के हवाले से कहा गया कि 1945 में कोई प्लेन क्रैश की घटना ही नहीं हुई। इस प्लेन क्रैश का कोई रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि सरकार ने इस रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया था।

 

देश के अलग-अलग हिस्सों में नेताजी के देखे जाने के दावे किए जाते रहे

 

नेताजी के निधन के बाद भी देश के कई इलाकों में उनको देखे जाने के दावे किए जाते रहे। फैजाबाद में गुमनामी बाबा से लेकर छत्तीसगढ़ में उनको देखे जाने की खबरें आईं। छत्तीसगढ़ में ये मामला राज्य सरकार के पास गया, लेकिन सरकार ने मामले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया।

 

जिन गुमनामी बाबा के नेताजी होने का दावा किया जाता है, उनके निधन के बाद उनके पास से नेताजी के परिवार की तस्वीरें, पत्र-पत्रिकाओं में छपे नेताजी से जुड़े लेख, कई अहम लोगों के पत्र, नेताजी की कथित मौत के मामले की जांच के लिए गठित शाहनवाज आयोग एवं खोसला आयोग की रिपोर्ट जैसी चीजें मिलीं।

 

1868: हीलियम की खोज

 

1868 में आज ही के दिन फ्रांस के खगोलशास्त्री जूल्स जैंसेन ने पहली बार हीलियम को ऑब्जर्व किया। भारत के गुंटूर में सूर्यग्रहण के दौरान उन्होंने सूर्य की किरणों को प्रिज्म से निकलते देखा। इस दौरान प्रिज्म से निकले स्पेक्ट्रम में एक पीली स्पेक्ट्रम लाइन दिखाई दी। शुरुआत में उन्होंने सोचा कि ये लाइन सोडियम की वजह से है।

 

जूल्स जैंसेन।

इसी साल जोसेफ नॉर्मन ने भी सूरज की किरणों में इसी तरह की पीली लाइन को देखा। जोसेफ ने सोडियम की लाइन का अध्ययन किया और इस नतीजे पर पहुंचे कि ये लाइन सोडियम से निकलने वाली D1 और D2 लाइन से अलग है। उन्होंने इसे D3 नाम दिया। उन्होंने ये भी पता लगाया कि सूरज की रोशनी में मौजूद किसी तत्व की वजह से ये पीली लाइन दिखाई दे रही है। उन्होंने इसे हीलियम नाम दिया। ग्रीक भाषा में सूरज को हीलियम कहा जाता है।

 

1895 में ब्रिटिश केमिस्ट विलियम रामसे ने पहली बार धरती पर हीलियम मौजूद होने की पुष्टि की। उन्होंने देखा कि रेडियोएक्टिव मिनरल क्लेवीट को गर्म करने पर इसके स्पेक्ट्रम में एक पीली लाइन है। ये पीली लाइन सूरज की रोशनी में मौजूद स्पेक्ट्रम में भी देखी गई है। इस स्टडी के बाद उन्होंने धरती पर हीलियम के होने की पुष्टि की।

 

18 अगस्त को इतिहास में इन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से भी याद किया जाता है...

 

2013: पश्चिम बंगाल में एक बस में हुए विस्फोट में 6 लोगों की मौत हुई।

 

2008: पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अपने पद से इस्तीफा दिया।

 

1951: IIT खड़गपुर की स्थापना हुई। ये देश का पहला IIT है।

 

1934: फिल्म निर्देशक, गीतकार और कवि गुलजार का जन्‍म हुआ।

 

1920: अमेरिका में महिलाओं को वोटिंग का अधिकार मिला।

 

1900: यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली की पहली महिला अध्यक्ष विजय लक्ष्मी पंडित का जन्म हुआ।

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Recipe : चखी है छत्तीसगढ़ी लजीज आलू-दही सब्जी? देखकर ही टपकता है लार, ये है रेसिपी

Chhattisgarhi Aloo Dahi Recipe : छ्त्तीसगढ़ में देसी खान-पान का एक अपना महत्व है. यहां इतने अजब गजब डिश बनाएं जाते हैं कि इसे समझना कठिन हो जाता है, लेकिन स्वाद के मामले में कोई जवाब ही नहीं रहता. कुछ ऐसा ही स्वाद है आलू-दही के लजीज जायके का. यहां आसान रेसिपी बताई गई है.

 

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ अपनी अलग संस्कृति और परंपराओं के साथ-साथ अपने अनोखे व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है. यहां की खासियत यह है कि ज्यादातर सब्जियां दही या खट्टे में बनाई जाती हैं, जो न सिर्फ स्वाद से भरपूर होती हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं. इन्हीं व्यंजनों में से एक है आलू और दही की सब्जी, जिसे यहां के लोग बड़े चाव से खाते हैं. इसकी खासियत यह है कि इसे पकाना आसान है और इसमें घर पर उपलब्ध सामग्री का ही इस्तेमाल किया जाता है.

 

 

सबसे पहले आलू को छिलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद उन्हें साफ पानी में धोकर एक बाउल में रख लें. इसके बाद मसाला तैयार करें. इसके लिए बूंदी, टमाटर, प्याज, लहसुन और हरी मिर्च लें. ये सामग्री स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सब्जी को खास बनाएगी.

 

तड़के का स्वाद

 

 

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कड़ाही में तेल डालकर गर्म करें.जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए तो उसमें सरसों, जीरा और करी पत्ता डालकर तड़का लगाएं. इसके बाद आलू डालें और उन्हें लाल होने तक भूनें.

 

 

मसाले का जादू

 

अब टमाटर और स्वादानुसार नमक डालें. टमाटर के गलने तक पकाएं. फिर उसमें हल्दी, मिर्च और धनिया पाउडर डालें. इन सभी को अच्छे से भूनें ताकि आलू मसाले के साथ अच्छी तरह पक जाएं.

 

दही और बूंदी का मेल

 

जब मसाला और आलू पक जाएं तो उसमें दही डालें और उबलने का इंतजार करें. इसके बाद बूंदी डालें और लगभग 5 मिनट तक उबालें ताकि दही और मसाले का स्वाद बूंदी में अच्छे से समा जाए.

 

 

स्वादिष्ट व्यंजन तैयार

 

अब आपकी पसंदीदा आलू-दही की सब्जी बनकर तैयार है. इसे चावल या रोटी के साथ परोसा जा सकता है. यह सब्जी छत्तीसगढ़ी घरों में बेहद लोकप्रिय है और हर खास मौके पर इसका स्वाद लिया जाता है.

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17 अगस्त का इतिहास : इनसानी कौशल की पराकाष्ठा, अमेरिकी तैराक ने ओलंपिक में जीते थे आठ स्वर्ण पदक

17 अगस्त का इतिहास: इनसानी कौशल की पराकाष्ठा, अमेरिकी तैराक ने ओलंपिक में जीते थे आठ स्वर्ण पदक 

नई दिल्ली। इतिहास में 17 अगस्त की तारीख में दर्ज प्रमुख घटनाओं की बात करें तो 2008 के बीजिंग ओलंपिक खेलों में अमेरिका के तैराक माइकल फेल्प्स ने आठ स्वर्ण पदक जीतकर इंसानी कौशल की एक मिसाल कायम की। सात साल की उम्र से तैराकी सीखने वाले फेल्प्स ने एथेंस ओलंपिक में छह गोल्ड मेडल जीते थे, लेकिन बीजिंग ओलंपिक में उन्होंने तैराकी की सभी स्पर्धाओं में आठ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच डाला। उनका यह कारनामा ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।

 

देश दुनिया के इतिहास में 17 अगस्त की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:- 

 

1836 : ब्रिटेन की संसद में जन्म, विवाह और मृत्यु से संबधित पंजीकरण स्वीकार किये गये। 

 

1858 : हवाई द्वीप में पहला बैंक खोला गया.

 

 

1909 : मदन लाल ढींगरा को वायली और लालकाका की हत्या के मामले में पेंटोनविली कैदखाने में फांसी दी गयी। 

 

1915 : चक्रवाती तूफान से गेलवेस्टोन और टेक्सास में 275 लोगों की मौत.

 

1917 : इटली ने तुर्की के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 

 

1941 : पूर्वी जर्मनी सरकार ने बर्लिन की दीवार का काम पूरा किया। 

 

1947 : भारत की आज़ादी के बाद पहली ब्रिटिश सैन्य टुकडी स्वदेश रवाना। 

 

1978 : तीन अमरीकियों ने हॉट एयर बैलून से अटलांटिक महासागर को पार किया। 

 

1982 : जर्मनी में पहली सीडी (कंपेक्ट डिस्क) लोगों के लिये उपलब्ध की गई। 

 

 

1988 : पाकिस्तान के राष्ट्रपति जिया-उल-हक और अमेरिका के राजदूत अर्नाल्ड राफेल की एक विमान दुर्घटना में मौत। 

 

1999 : तुर्की में ज़ोरदार भूकंप के कारण कम से कम एक हज़ार लोगों की मौत। 

 

2002 : रूस ने दलाई लामा को अपने देश में दौरे के लिए वीजा देने से इन्कार किया.

 

2005 : पूरा बांग्लादेश बम धमाकों से दहला। 63 ज़िलों में लगभग 400 विस्फोट। 

 

2008 - अमेरिका के महान तैराक माइकल फेल्प्स ने बीजिंग ओलंपिक खेलों में तैराकी में आठ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास बनाया। 

 

2020 : भारतीय शास्त्रीय संगीत के सबसे सशक्त हस्ताक्षर पंडित जसराज का निधन।

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Parwal Mithai Recipe : बदलते मौसम में जरूर उठाएं परवल की मिठाई का लुत्फ..बेहद आसान है ये रेसिपी

Sweet Dish From Parwal : कुछ सब्जियां ऐसी हैं जिनकी हम मिठाई घर पर आसानी से बना सकते हैं. ये बेहद स्वादिष्ट भी लगती है. आज हम इस आर्टिकल में परवल की मिठाई की रेसिपी सीखेंगे. त्योहारों में घर आने वाले अपने मेहमानों को परवल मिठाई बनाकर जरूर खिलाएं...     

 

Parwal Mithayi Recipe Tips: मिठाइयां त्योहारों की रौनक को कई गुना बढ़ा देती हैं. फिच चाहे वो हिन्दू फेस्टिवल हो या कोई अन्य. भारत में अलग-अलग शहरों की मिठाइयों की कई वैरायटी फेमस है. वहीं कुछ जगह अपने लजीज मिठाइयों को लेकर प्रसिद्ध हैं. जैसे बिहार का खाजा, आगरा का पेठा, कोलकाता का रसगुल्ला. बंगालियों में एक मिठाई और बहुत फेमस है, जिसे सब्जी से तैयार किया जाता है. इसे परवल की मिठाई कहते हैं. 

 

 

आज हम आपको इसी बंगाली मिठाई की रेसिपी यहां बताएंगे. इसे आप घर में बहुत ही आसानी से बना सकते हैं. वैसे तो परवल एक सब्जी है, और आप सोचेंगे कि सब्जी की मिठाई कैसे अच्छी लग सकती है. तो आपको बता दें, कि परवल से बनी ये मिठाई बेहद स्वादिष्ट होती है. आइए जानें इसे बनाने का तरीका...

 

परवल की मिठाई बनाने की सामग्री- 

 

250 ग्राम परवल

300 ग्राम खोया 

2 कप दूध

250 ग्राम चीनी

बादाम कटा हुआ 

पिस्ता कटा हुआ

केसर के रेशे 4 से 5

इलाइची पाउडर 

चांदी के वर्क

 

परवल की मिठाई बनाने की विधि-

 

1. सबसे पहले परवल की मिठाई बनाने के लिए आप बाजार से ताजे परवल ले आएं. इन्हें पानी से अच्छी तरह धोकर छील लें.

 

2. सभी परवल को छीलने के बाद उसका गूदा और बीज निकाल दें. 

 

3. एक पैन में पानी गरम करें और उसमें परवल को डालकर 5 मिनट तक उबालने दें. इसके बाद सभी परवल को पानी से बाहर निकालकर रख दें. 

 

4. कढाई में खोया डालकर भून लें. इसे धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए हल्का भूरा होने तक भूनें.

 

5. फिर खोया में चीनी मिला दें और थोड़ी देर भूनें. भूनने के बाद इसे ठंडा होने दें.

 

6. अब इस खोया में कटे हुए मेवे, केसर और थोड़ा दूध डालें. फिर इसमें इलाइची पाउडर मिलाएं. 

 

7. इस मिश्रण को अच्छे से तैयार कर लें. इसके बाद एक-एक परवल के अंदर इस मटेरियल को भरें. 

 

8. सभी परवल में भरने के बाद एक पैन में अलग-अलग करके रख दें.

 

9. इसके बाद एक पैन में चीनी और एक कप पानी डालकर गरम करें. इसे आपको एक तार की चाशनी की तरह बना लेना है. अब सभी खोया भरे हुए परवलों के ऊपर चाशनी बनने के बाद डाल देना है. चाशनी में परवलों को कुछ देर पकने दें और 5 मिनट बाद गैस से उतार दें. 

 

10. अब इन्हें ठंडा होने दें. इसके बाद परवल को चाशनी से बाहर निकाल लें और इसके ऊपर से कटा हुआ पिस्ता और बादाम डाल दें. फिर चांदी के वर्क से मिठाई को सजा दें. अब इस स्वादिष्ट मिठाई को मेहमानों को खिलाएं.

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Aaj Ka Itihas 16 August : आज ही के दिन मनाया जाता है पांडिचेरी विलय दिवस..जाने और प्रमुख घटनाएं

Aaj Ka Itihas 16 August 2023: आज के दिन 16 अगस्त को देश और दुनिया में कौन -कौन सी मुख्य घटनाएं घटी थीं।

अक्सर हम सुनते हैं कि हमारा इतिहास बहुत पुराना हैं, लेकिन हमें हमारे देश और दुनिया के इतिहास की पूरी जानकारी नहीं इसलिए हम यहाँ हमारा एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं जो आपको पूरे देश और दुनिया की इतिहास की और आज के इतिहास की जानकारी मिल सके जिससे आपका ज्ञान और बढ़ सके।

 

Aaj Ka Itihas 16 August 2023 Today History: आज का इतिहास में आज हम जानेंगे 16 अगस्त से जुडी घटनाओं के बारे में। बता दें कि इतिहास के पन्नों में 16 अगस्त के दिन भारत और विश्व में घटी ऐसी बहुत सी महत्वपूर्ण घटनायों का जिक्र है जिनके बारे में जानना बेहद दिलचस्प है। कई बार आपने भी इतिहास के विषय में बहुत सी ऐसी ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में पढ़ा और सुना होगा जिसका संबंध 16 अगस्त के इतिहास से संबधित रहा होगा।

 

 

तो आइए कुछ इतिहास के पन्नों को पलट कर जानने की कोशिश करते हैं कि आज के दिन 16 अगस्त को देश और दुनिया में कौन -कौन सी मुख्य घटनाएं घटी थीं।

अक्सर हम सुनते हैं कि हमारा इतिहास बहुत पुराना हैं, लेकिन हमें हमारे देश और दुनिया के इतिहास की पूरी जानकारी नहीं इसलिए हम यहाँ हमारा एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं जो आपको पूरे देश और दुनिया की इतिहास की और आज के इतिहास की जानकारी मिल सके जिससे आपका ज्ञान और बढ़ सके।

 

 

तो आइए जानते हैं कि 16 अगस्त को देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन कौन -कौन सी खास घटनाएं हुईं थीं

 

16 अगस्त की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ ( Important events of August 16)

 

1691 - अमेरिका में योर्कटाउन, वर्जीनिया की खोज की।

1777 - अमेरिका ने ब्रिटेन को बेन्निनगटोन के युद्ध में हराया।

1787 - तुर्की ने रूस के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की।

1858 - अमेरिकी राष्ट्रपति जेम्स बुशनैन को ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया की ओर से एक टेलिग्राफ संदेश ट्रांस अटलांटिक केबल से प्रसारित किया गया।

1906 - दक्षिण अमेरिकी देश चिली में 8।6 की तीव्रता का भूकंप, बीस हजार लोगों की मौत।

1924 - नीदरलैंड-तुर्की के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर।

1943 - बुल्गारिया के जार बोरिस तृतीय अडोल्फ़ हिटलर से मिले।

1946 - मुस्लिम लीग ने प्रत्यक्ष कारवाई दिवस का एेलान किया, इस दौरान हिंसा में कोलकाता में करीब 5000 लोग मारे गये और 15000 लोग घायल हुये।

1960 - साइप्रस को यूनाइटेड किंगडम से मुक्ति मिली। इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रुप में वहां मनाया जाता है।

1990 - चीन ने अपना पहला परमाणु परीक्षण लोप नोर में किया।

1990 - रूस में अभ्यास के दौरान दो सुखोई विमानों की आकाश में टक्कर।

2000 - वेरेण्टर्स सागर में रूस की परमाणु पनडुब्बी दुर्घटनाग्रस्त।

2001 - हब्बल अंतरिक्ष टेलिस्कोप का इस्तेमाल करके सौर मंडल के बाहर स्थित एक ग्रह को खोजा था।

2003 - लीबिया ने लाकरवी बम विस्फोट की ज़िम्मेदारी ली।

2004 - आस्ट्रेलियाई और अमेरिकी टीम ने ओलम्पिक नौकायन में विश्व रिकार्ड क़ायम किया।

2006 - संयुक्त राष्ट्र परिषद ने हैती में अपने अभियान की अवधि को 6 माह के लिए बढ़ाया।

2008 - जम्मू में हिजबुल के तीन आतंकवादी मारे गए।

2008 - कांगो में तैनात 125 भारतीय पुलिस अफ़सरों क संयुक्त राष्ट्र शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

2010 - नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए ए आर रहमान के रचे थीम गीत को स्वीकृति मिली।

2011- लोकपाल आंदोलन के अग्रदूत अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों अरविंद केजरीवाल, किरन बेदी और मनीष सिसौदिया को पुलिस ने अनशन शुरु करने से पुर्व ही गिरफ्तार कर लिया।

2012 - विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांजे को इक्वाडोर ने राजनीतिक शरण दी।

 

 

16 अगस्त को जन्मे व्यक्ति (Born on 16 August)

 

1807 - ईसवी को स्वीडेन के भूगर्भवेत्ता लुई आक्सीज़ का जन्म हुआ था।

1904 - स्वतंत्रता सेनानी, कवयित्री, कहानीकार सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म हुआ था।

1913 - इज़राइल के छटे प्रधानमन्त्री मेनाकेम बेगिन का जन्म हुआ था।

1918 - दूसरी लोकसभा के सदस्य टी. गणपति का जन्म हुआ था।

1970 - भारतीय फिल्म अभीनेता सैफ़ अली ख़ान का जन्म हुआ था।

1970 - हिन्दी फिल्मों की मशहूर हिरोइन और यूएन की पॉपुलेशन फंड की गुडविल एंबेसडर मनीषा कोईराला का जन्म हुआ था।

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Recipe : इस मौसम में बनाएं बेसन की ये स्वादिष्ट रेसिपीज..जाने बनाने की विधि

Recipe : बेसन से बनने वाली मिठाइयां हों या फिर तरह-तरह के नमकीन व्यंजन, बेसन की धाक हर रसोई में जमती है। इस बार आपके लिए लेकर आएं हैं ऐसी ही कुछ बेसन से बनने वाली मजेदार रेसिपीज... बेसन प्याज की...

 

 

इस मौसम में बनाएं बेसन की ये स्वादिष्ट रेसिपीज 

बेसन से बनने वाली मिठाइयां हों या फिर तरह-तरह के नमकीन व्यंजन, बेसन की धाक हर रसोई में जमती है। इस बार आपके लिए लेकर आएं हैं ऐसी ही कुछ बेसन से बनने वाली मजेदार रेसिपीज...

 

 

बेसन प्याज की सब्जी

नाम: सुगंधा अग्रवाल

स्थान: मेरठ

 

 

सामग्री

-बेसन- 1 कप  

-बारीक कटा प्याज- 2

-अदरक-लहसुन पेस्ट- 2 चम्मच

-बारीक कटी मिर्च- 2 

-बारीक कटा टमाटर- 2 

-हल्दी- 1 चम्मच

-गरम मसाला पाउडर- 1 चम्मच

-अजवाइन- 1 चम्मच 

-जीरा- 1 चम्मच 

-धनिया पाउडर- 1 चम्मच

-लाल मिर्च पाउडर- स्वादानुसार

-नमक- स्वादानुसार 

-तेल- आवश्यकतानुसार 

-धनिया पत्ती- गार्निशिंग के लिए

 

विधि-

 

पैन में मध्यम आंच पर तेल गर्म करें और उसमें जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे तो पैन में अदरक-लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च और प्याज डालकर भूनें। हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। टमाटर डालें और मुलायम होने तक उसे लगातार भूनें। पैन में ग्रेवी के लिए आवश्यकतानुसार पानी डालें और पैन को ढक दें। धीमी आंच पर ग्रेवी को पकाएं। इस बीच पकौड़ा बनाने के लिए एक बर्तन में बेसन, प्याज, हरी मिर्च, अजवाइन, अदरक-लहसुन का पेस्ट, धनिया पत्ती, नमक, चुटकी भर लाल मिर्च पाउडर और हल्दी डालकर मिलाएं। आवश्यकतानुसार पानी की मदद से गाढ़ा घोल तैयार करें। एक दूसरी कड़ाही में तेल गर्म करें और बेसन के पकौड़े तैयार करती जाएं। पकौड़ों को तैयार ग्रेवी में डालें। ऊपर से गरम मसाला और धनिया पत्ती डालकर मिलाएं। ग्रेवी पांच मिनट के लिए ढककर छोड़ दें। चावल या परांठे के साथ बेसन की इस सब्जी को सर्व करें।

 

बेसन-मेथी इडली

सामग्री

-बेसन- 2 छोटी कटोरी 

-बारीक कटी मेथी- 50 ग्राम 

-सूजी- 1/2 कटोरी 

-दही-2 चम्मच 

-बारीक कटी मिर्च- 3 

-नमक- स्वादानुसार 

-ईनो- 1 छोटी चम्मच 

-सरसों का तेल- 1 चम्मच

-राई- 1 चम्मच

-सूखी लाल मिर्च- 3

-करी पत्ता- 10

 

विधि

 

बेसन, सूजी, मेथी, हरी मिर्च, दही और नमक को एक बर्तन में डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। आवश्यकतानुसार पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार करें। घोल को पांच मिनट के लिए ढककर रख दें। इस बीच इडली के सांचे में चिकनाई लगाएं। घोल में ईनो डालकर मिलाएं और उसे इडली के सांचे में डालकर इडली को भाप पर पका लें। थोड़ा ठंडा होने पर इडली को सांचे से निकालें और चार टुकड़ों में काट लें। एक नॉनस्टिक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें और उसमें सूखी लाल मिर्च, राई और करी पत्ता डालें। जब राई चटकने लगे तब इडली के सारे टुकड़ों को कड़ाही में डालें। हल्के हाथों से इडली के टुकड़ों को मिलाएं। गैस ऑफ करें। नारियल चटनी व हरी चटनी के साथ पेश करें।

 

बेसन फाफड़ा

सामग्री

-बेसन-1 कप

-मक्के का आटा-1/4 कप 

-गेहूं का आटा-1/4 कप  

-नमक- स्वादानुसार 

-अजवाइन- 1/2 चम्मच

-हींग- दो चुटकी

-खाने वाला सोडा-1/2 चम्मच

-जीरा पाउडर-1/4 चम्मच

-लाल मिर्च पाउडर- 1/2 चम्मच

-मोयन के लिए तेल- 4 चम्मच 

-तलने के लिए तेल- आवश्यकतानुसार

 

विधि

 

एक बड़े बर्तन में बेसन, मक्का का आटा, गेहूं का आटा, नमक, अजवाइन, हींग, खाने वाला सोडा, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, , नमक और मोयन के लिए तेल डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। पानी की मदद से इस मिश्रण को कड़ा गूंद लें। गूंदे हुए मिश्रण को ढककर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। अब गूंदे हुए मिश्रण की छोटी-छोटी लोई बना लें। फाफड़ा बेलने के लिए लकड़ी का चिकना बोर्ड लें। बोर्ड पर लोई को रखकर आहिस्ता-आहिस्ता थोड़ा लंबा बेलें। चाकू की सहायता से फाफड़ा को लंबा-लंबा काटें और चिकनी थाली में रखती जाएं। कड़ाही में तेल गर्म करें और मध्यम आंच पर फाफड़े को अच्छी तरह से तल लें। फाफड़े के ऊपर चाट मसाला छिड़कें और चटनी या सॉस के साथ गर्मागर्म सर्व करें।

 

खांडवी

 

सामग्री

-बेसन- 1 कप 

-फेंटा हुआ दही- 1 कप 

-अदरक पेस्ट- 1 चम्मच 

-हल्दी पाउडर- 1 चम्मच

-नमक- स्वादानुसार 

-बारीक कटी मिर्च- 2 

-कद्दूकस किया नारियल- 2 चम्मच 

-बारीक कटी धनिया पत्ती- 4 चम्मच 

-राई- 1/2 चम्मच 

-तेल- 2 चम्मच

-पानी- 2 कप

 

विधि

एक बड़े बर्तन में बेसन, दही, नमक, अदरक का पेस्ट और हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह से फेंट लें। इस बात का ध्यान रखें कि मिश्रण में गांठ न पड़े। अब इसमें दो कप पानी डालें और फिर से फेंटें। अब एक बर्तन में इस मिश्रण को डालकर तब तक पकाएं, जब तक मिश्रण सतह न छोड़ने लगे। मिश्रण को लगातार मिलाते हुए पकाएं। अब एक समतल ट्रे में तेल लगाएं और उसमें तैयार घोल को डालकर फैला दें। 10 मिनट बाद चाकू से इसे लंबाई में काटें और रोल करें। इन रोल्स को प्लेट में रख दें। तड़का तैयार करने के लिए छोटी कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें राई डालें। जब राई चटकने लगे तो इस तड़के को तैयार खांडवी के ऊपर डालें। धनिया पत्ती, कद्दूकस किए नारियल और बारीक कटी हरी मिर्च से गार्निश कर सर्व करें।

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15 अगस्त का इतिहास : आज ही 1947 को हमें अंग्रेजों से स्वतंत्रता मिली..जाने और प्रमुख घटनाएं

History of 15 Agust : 15 अगस्त का दिन हम सब भारत वासियों के लिए बहुत यादगार और महत्वपूर्ण हैं। हम सब जानते हैं की 15 अगस्त 1947 को हमें अंग्रेजो से स्वतंत्रता मिली इसलिए आज दिन पुरे देश में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। वैसे ही आज के दिन और भी बहुत सी महत्वपूर्ण घटनाएँ घटी आईये उन पर एक नजर डालते हैं।

 

15 अगस्त का इतिहास – 15 August History

 

 

15 अगस्त की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – Important events of August 15

 

पनामा शहर 1519 में बनाया गया।

ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1772 में विभिन्न जिलों में अलग सिविल और आपराधिक अदालत के लिए फैसला लिया।

ईस्ट इंडिया रेलवे ने 1854 में कलकत्ता(अब कोलकाता) से हुगली तक पहली यात्री ट्रेन चलाई, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसका संचालन 1855 में शुरू हुआ।

इंडियन बैंक – स्वदेशी आंदोलन के अंश के रूप में 15 अगस्त 1907 को इसकी स्थापना हुई।

द्वितीय विश्व युद्धः कोरियाई मुक्ति दिवस 1945 में मनाया जाता है

युगवाणी (पत्रिका) – देहरादून (उत्तराखण्ड) से 1947 में प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका। यह आरंभ एक पाक्षिक समाचार पत्र के रूप में प्रकाशित हुआ था जो कालान्तर में पहाड़ का प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्र बना।

स्वतंत्रता दिवस – भारत को 1947 में अंग्रेज़ों से स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1947 में आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

रक्षा वीरता पुरस्कार-परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र 1947 में स्थापित किया गया।

भारत में 1950 को 8.6 के तीव्रता वाले भूकम्प के कारण 20 से 30 हजार लोग मारे गये।

बहरीन ब्रिटेन के शासन से 1971 में आजाद हुआ।

पोस्टल इंडेक्स नंबर अर्थात् पिन कोड 1972 में लागू किया गया।

बांग्लादेश में सैनिक क्रान्ति, मुजीबुर्रहमान की हत्या तथा खोंडेकर मुश्ताक अहमद के नेतृत्व में नयी सरकार का गठन 1975 में हुआ।

फ़रीदाबाद 1979 में हरियाणा का 12 वाँ ज़िला बना।

राष्ट्रव्यापी रंगीन प्रसारण और टीवी के राष्ट्रीय कार्यक्रम का 1982 को दिल्ली में उद्घाटन किया गया।

क्लार्क ने 1989 में दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण की।

जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल आकाश का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण 1990 में किया गया।

सूडान के खार्तूम में 1994 को आतंकवादी कार्लोस पकड़ा गया।

उत्तरी आयरलैंड में 1998 को ओमाग द्वारा की गई बमबारी में 29 लोग मारे गये और 220 अन्य घायल हुए।

उत्तर एवं दक्षिण कोरिया के बिछड़े नागरिक 2000 में आपस में मिले।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2002 में इस्लामाबाद स्थित अपने सूचना केन्द्र को बन्द किया।

लारा 2004 में सबसे तेज 10,000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।

दक्षिण अमेरिकी देश पेरु के मध्य तटीय इलाके में 2007 को 8.0 तीव्रता के भूकंप से 500 से ज्यादा लोगों की मौत और कई लोग बेघर हुए।

स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 2008 में संसद भवन परिसर में स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया।

 

15 अगस्त को जन्मे व्यक्ति – Born on 15 August

 

फ़्राँसीसी सैन्य अधिकारी और राजनीतिक नेता नेपोलियन बोनापार्ट का जन्म 1769 में हुआ।

स्वतंत्रता सेनानी, कवि, प्रकांड विद्वान, योगी और महान दार्शनिक बहुमुखी प्रतिभा के धनी अरविंद घोष का जन्म 1872 को हुआ था।

भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक उस्ताद अमीर ख़ाँ का जन्म 1912 को हुआ था।

भारत की प्रसिद्ध उर्दू साहित्यकार इस्मत चुग़ताई का जन्म 1915 को हुआ था।

प्रसिद्ध साहित्यकार, पत्रकार तथा सम्पादक हंस कुमार तिवारी का जन्म 1918 को हुआ था।

हिंदी फ़िल्मों के प्रसिद्ध भारतीय गीतकार इन्दीवर का जन्म 1924 को हुआ था।

प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवि रामदरश मिश्र का जन्म 1924 को हुआ था।

भोपाल के प्रसिद्ध शायर फजल ताबिश का जन्म 1933 को हुआ था।

चाचा चौधरी’ कार्टून चरित्र बनाने वाले प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट प्राण कुमार शर्मा का जन्म 1938 को हुआ था।

प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री राखी गुलज़ार का जन्म 1947 को हुआ था।

उत्तराखण्ड राज्य के पाँचवे मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल “निशंक” का जन्म 1959 को हुआ था।

भारतीय क्रिकेटर विजय भारद्वाज का जन्म 1975 को हुआ था।

भारत की प्रसिद्ध महिला एथलीट के.एम. बीनामोल का जन्म 1975 में हुआ।

 

15 अगस्त को हुए निधन – Died on 15 August

 

भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी महादेव देसाई का निधन 1942 को हुआ था।

स्वतंत्रता सेनानी सरदार अजीत सिंह का निधन 1947 को हुआ था।

भारतीय राजनीतिज्ञ (पूर्व मुख्यमंत्री गुजरात) अमरसिंह चौधरी का निधन 15 अगस्त 2004 को हुआ था।

 

15 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव – Important events and festivities of 15 August

 

1947 – स्वतंत्रता दिवस।

बांग्लादेश का राष्ट्रीय शोक दिवस।

द्वितीय विश्व युद्ध: कोरियाई मुक्ति दिवस।

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Gobhi Kabab Recipe : नाश्ते में बनाएं टेस्टी गोभी कबाब, जानें बेहद आसान रेसिपी

Gobhi Kabab Recipe: नाश्ते में कुछ डिफरेंट और टेस्टी ट्राइ करना है तो अब फटाफट बनाएं गोभी कबाब. इससे बनाना ज्यादा मुश्किल भी नहीं है और ये खाने में भी बहुत टेस्टी है. जानते हैं गोभी कबाब बनाने की विधि 

 

Gobhi Kabab: नाश्ते में क्रिस्पी गोभी कबाब देख सबके मुंह में पानी आ जाएगा. तो अगर आपके भी घर में बच्चे या बड़े नाश्ते में कुछ अलग डिमांड कर रहे हैं तो फि आप गोभी कबाब ट्राई कर सकती हैं. ये देखने में जितने टेस्टी है खाने में भी उतना ही शानदार है. ऐसे में अगर क्रिस्पी और चटपटा सर्व करने का मन है तो फटाफट गोभी के कबाब बनाएं. इसे बनाना बहुत आसान है और ये कम तेल में बन जाता है.जानिए गोभी बनाने कि विधि-

 

 

गोभी कबाब 

यूं तो कबाब का नाम सुनकर लोगों को लगता है ये कि नॉन वेज है, लेकिन गोभी और आलू से टेस्टी से वेज कबाब बनाया जा सकता है.

 

गोभी कबाब बनाने के लिए सामग्री 

गोभी कबाब बनाने के लिए फूलगोभी, उबले आलू, बारीक कटी हरी मिर्च, आधा कप मोजरेला चीज, नमक, चाट मसाला, लाल मिर्च पाउडर, जीरा और तेल चाहिए होगा.

 

 

गोभी कबाब बनाने कि विधि

- गोभी कबाब बनाने के लिए सबसे पहले आलू को उबाल लें.

- अब फूलगोभी को अच्छे से धोकर कद्दूकस कर लें.

- कद्दूकस की गई गोभी में जीरा, बारीक हरी मिर्च, हरी धनिया, चाट मसाला, नमक और लाल मिर्च डालकर अच्छे से मिक्स करें. 

- इसके बाद इसमें उबाले हुए आलू को अच्छे से मैश कर मिलाएं.

- इसमें मोजरेला चीज डालें और अच्छे से मिलाएं. 

- अब हथेलियों में तेल लगाएं तैयार मिश्रण की बॉल्स बनाकर चपटा कर लें.

- इसी तरह सारे कबाब तैयार करें और प्लेट में रखते जाएं. 

- अब कड़ाही में तेल डालें और गर्म करें.

- जब तेल गर्म हो जाए तो कबाब को मीडियम फ्लेम पर सुनहरा होने तक डीप फ्राई करें.

- आप चाहें तो पैन में कबाब को दोनों तरफ सुनहरा होने तक अच्छे से सेक भी सकते हैं.

- टेस्टी गरमागरम कबाब को हरी या मनपसंद चटनी के साथ सर्व करें.

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14 अगस्त का इतिहास : भारत के लिए आंसुओं में डूबी तारीख..यही वह तारीख है जब देश का विभाजन हुआ

History of 14 Agust : देश-दुनिया के इतिहास में 14 अगस्त की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। भारत के इतिहास में 14 अगस्त की तारीख आंसुओं में डूबी हुई है। यही वह तारीख है जब देश का विभाजन हुआ। 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान और 15 अगस्त, 1947 को भारत को पृथक राष्ट्र घोषित कर दिया गया था। इस विभाजन से न केवल भारतीय उपमहाद्वीप के दो टुकड़े हुए बल्कि बंगाल का भी विभाजन हुआ और बंगाल के पूर्वी हिस्से को भारत से अलग कर पूर्वी पाकिस्तान बना दिया गया। यह 1971 के युद्ध के बाद बांग्लादेश बना। कहने को तो यह एक देश का विभाजन था, लेकिन यह दिलों का, परिवारों का, रिश्तों का और भावनाओं का बंटवारा था। भारत मां के सीने पर बंटवारे का यह जख्म सदियों तक रिसता रहेगा और आने वाली नस्लें तारीख के इस सबसे खौफनाक और रक्तरंजित तारीख की टीस महसूस करती रहेगी।

 

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

 

 

1862 : बंबई उच्च न्यायालय की स्थापना।

1908 : इंग्लैंड के फोकेस्टोन में पहली सौंदर्य प्रतियोगिता का आयोजन।

1917 : चीन ने जर्मनी और आस्ट्रिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।

1938 : बीबीसी की पहली फीचर फिल्म (स्टूडेंट ऑफ प्राग) टेलीविजन पर प्रसारित।

1947 : भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान पृथक राष्ट्र बना।

1968 : मोरारजी देसाई पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-पाकिस्तान से सम्मानित।

1971 : बहरीन को 110 वर्ष के बाद ब्रिटिश शासन से आजादी मिली।

1975 : पाकिस्तान की सेना ने तत्कालीन राष्ट्रपति मुजीब उर-रहमान का तख्तापलट किया।

2003 : पूर्वी अमेरिका और कनाडा में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप।इसका असर न्यूयॉर्क और ओटवा जैसे बड़े शहरों पर भी पड़ा।

2006 : संयुक्त राष्ट्र की पहल पर इजरायल और दक्षिणी लेबनान में पांच सप्ताह से जारी संघर्ष थमा।

2006 : इराक के कहतानिया में बमबारी। 400 लोग मारे गए।

2013 : मिस्र में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प में 638 लोग मारे गए।

 

जन्म

1924 : प्रसिद्ध लेखक एवं पत्रकार कुलदीप नैयर।

1941: भारतीय सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी टीवी रामकृष्णन।

1957: हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता जॉनी लीवर।

1995: भारतीय सर्किट और ऑफ रोड मोटर साइकिल रेसर ऐश्वर्या पिस्से।

 

निधन

1984: भारत के पहले कुश्ती खिलाड़ी जिन्होंने हेलसिंकी ओलम्पिक में कांस्य पदक जीता खाशाबा जाधव।

2011: प्रसिद्ध हिन्दी फिल्म अभिनेता शम्मी कपूर।

2012: भारतीय राजनीतिज्ञ विलासराव देशमुख।

2017: प्रसिद्ध भारतीय कवि एवं साहित्यकार चंद्रकांत देवताले।

2018: छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल बलरामजी दास टंडन।

2022: भारत के निवेशक एवं शेयर व्यापारी राकेश झुनझुनवाला।

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Recipe : नेपाली स्टाइल में ऐसे बनाएं तिल की चटाकेदार चटनी, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रेसिपी

लाइफस्टाइल डेस्क : तिल में कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन पाया जाता है. जोकि सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. इंटरनेट पर इन दिनों नेपाली स्टाइल में तिल की चटनी रेसिपी वायरल हो रही है. आइए जानते हैं तिल की चटनी की रेसिपी.

 

इन दिनों नेपाली स्टाइल में तिल की चटनी काफी वायरल हो रही है. तिल की चटनी एक हेल्दी चटनी है. तिल में कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कि इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं. तिल की चटनी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है. आइए जानते हैं इस चटनी को बनाने का सरल और सही तरीका. 

 

 

सामग्री 

तिल की चटन की बाने के लिए 250 ग्राम टमाटर लें

20 से 25 लहसुन की कलियां छिली हुई. 

1 बड़ा चम्मच सफेद तिल 

1 छोटा चम्मच टिमुर

7 से 8 साबूत लाल मिर्च

1/4 चम्मच हल्दी

1 चम्मच अमचूर पाउडर 

नमक स्वादानुसार 

 

विधि

तिल की चटनी को बनाने के लिए सबसे पहले कढ़ाई गैस पर चढ़ाकर तिल को धीमी आंच पर भून लें. 

 

 

Nutrition Survey

स्टेप 01 

जब तिल गोल्डन हो जाए तो उसे प्लेट में निकालकर ठंडा होने तक रख दें. 

 

स्टेप 02 

अब हरी मिर्च और अदरक को छोटे टुकड़ों में काट लें. 

 

स्टेप 03 

अब हरी मिर्च, अदरक, नमक, तिल और चीनी सभी चीजों को मिक्सी में पीस लें. पेस्ट को गाढ़ा बनाने के लिए थोड़ा पानी मिला सकते हैं. 

 

स्टेप 04 

अब एक पैन में तेल गर्म करें. इस तेल में पेस्ट को डालकर 2 से 3 मिनट के लिए पकने दें. लीजिए आपकी नेपाली स्टाइल में चटनी तैयार है. 

 

तिल की चटनी खाने के फायदे 

तिल की चटनी खाने से इम्यूनि सिस्टम मजबूत होता है वहीं यह स्किन और हड्डियों के लिए फायदेमंद होती है क्योंकि तिल में कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन पाया जाता है. 

 

Disclaimer: 

यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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13 अगस्त का इतिहास : 13 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव और प्रमुख घटनाएं

13 august history : 13 अगस्त का दिन इतिहास में काफी महत्व रखता है.13अगस्त (13 august history) को भारत और विश्व में कई घटनाओं हुई जिनका इतिहास के पन्नों में नाम दर्ज है. आइए जाने देश और दुनिया के इतिहास में आज के दिन यानी 13 अगस्त को क्या-क्या खास घटनाएं हुईं (History of 13 August in India and world) थीं.

13 अगस्त की महत्त्वपूर्ण घटनाएं (Important events of August 13)

फ्रांस के शासक हेनरी चतुर्थ ने 1598 में नांत का प्रख्यात आदेश जारी किया। इस आदेश के आधार पर प्रोटेस्टेन्ट ईसाईयों को पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता दी गयीडच खगोलशास्त्री क्रिश्चियन ह्यूगेंस ने 1642 में मंगल के दक्षिणी ध्रुव की चोटी का पता लगायास्वीडन और डेनमार्क ने 1645 में ब्रह्मसब्ररो शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गएभारत में प्रशासनिक सुधारों के लिए पिट्स इंडिया विधेयक ब्रिटिश संसद में 1784 को पेश हुआदासों के व्यापार को समाप्त करने के लिए ब्रिटेन और हालैंड के बीच 1814 में समझौता हुएअमेरिकी समाचार पत्र “एफ्रो-अमेरिकन” का बाल्टीमोर से 1892 में प्रकाशन शुरू हुआजार्ज डेवी के नेतृत्व में अमेरिकी सेना ने 1898 में फिलिपींस की राजधानी मनीला पर कब्जा कियाइंग्लैंड ने 1902 में ऑस्ट्रेलिया को एक विकेट से हराकर ओवल की प्रसिद्ध जीत दर्ज कीइंग्लैंड के हैरी ब्रेअर्ली, शेफील्ड ने 1913 में स्टेनलेस स्टील का आविष्कार कियानवनिर्मित पोलिश बंदरगाह जिडायनिया पर 1923 में पहला बड़ा समुद्री जहाज आयागुस्ताव स्ट्रेसीमैन जर्मनी की चांसलर 1923 को नियुक्त हुई तथा वेमर गणराज्य में गठबंधन सरकार का गठन हुआभारत में निर्मित पहले विमान हिंदुस्तान ट्रेनर 2 ने पहली उड़ान 1951 में भरीराष्ट्रीय राजमार्ग लोकसभा में 1956 को विधेयक पारित हुआअफ्रीका फ्रांस के कब्जे से 1960 में स्वतंत्र हुआअंतरिक्ष शटल के पहले ग्लाइड का परीक्षण 1977 में किया गयावाशिंगटन में इजरायल एवं फिलिस्तीन के बीच शांति समझौता 1993 में सम्पन्नथाईलैंड के नाखोन रचासिमा में 1993 को होटल ढह जाने से 114 लोग गएसंयुक्त राज्य अमेरिका और उत्तरी कोरिया के बीच 1994 को जेनेवा में परमाणु निरस्त्रीकरण के संबंध में ऐतिहासिक सहमतिलेखिका तसलीमा नसरीन की नई पुस्तक ‘आमार मऐबेला’ (मेरा बचपन) पर बांग्लादेश सरकार ने 1999 को प्रतिबंध लगाया, स्टेफ़ी ग्राफ़ ने टेनिस से सन्न्यास लियारोनाल्ड वेनेशिअन सूरीनाम के नये राष्ट्रपति 2000 में नियुक्तइंटरपोल ने 2002 में नेपाल के 8 माओवादी आतंकवादियों की तलाश के लिए ‘रेड कार्नर’ नोटिस जारी कियायूनानी सभ्यता की नुमाइश के साथ ओलम्पिक 2004 को शुरू हुआग्रीस के एथेंस में 28 वां ओलंपिक खेलों की शुरूआत 2004 को हुईश्रीलंका के विदेश मंत्री लक्ष्मण कादिरगमर की हत्या एवं उसके बाद इमरजेंसी 2005 में लागूविश्व की प्रमुख इस्पात कंपनी टाटा स्टील ने 2008 में वियतनाम में संयुक्त रूप से इस्पात परिसर के निर्माण के लिए वहाँ की दो प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता कियाभारत ने 2008 में मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्वर (एमबीआरएल) वीपन सिस्टम पिनाक का सफल परीक्षण कियाप्रसिद्ध अर्धशास्त्री व रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर चक्रवर्ती संगराजन को 2008 में राज्यसभा के लिए नामित किया गयामध्य रूस, साइबेरिया और पश्चिमी कनाडा के जंगलों में 2010 को लगी भयंकर आग से प्रतिदिन 7 करोड़ टन जहरीला कार्बन मोनो ऑक्साइड के हो रहे उत्सर्जन से उत्तरी ध्रुव पर जहरीले गैसीय बादल इकट्ठा हो गएलंदन में 30वें ओलंपिक खेलों का समापन 2012 में हुआइराक के बगदाद में 2015 को एक ट्रक में बम विस्फोट से 76 लोग मारे गये और 212 अन्य घायल हुए

13 अगस्त को जन्मे व्यक्ति (Born on 13 August)

अंग्रेजी और बंगला भाषा के प्रसिद्ध लेखक तथा महान् शिक्षाशास्त्री रमेश चन्द्र दत्त का जन्म 1848 को हुआ थाप्रसिद्ध राजनीतिज्ञ गंगाप्रसाद वर्मा का जन्म 1863 को हुआ थाभारत के प्रसिद्ध कांतिकारी नरेन्द्र मोहन सेन का जन्म 1887 को हुआ थाप्रख्यात फिल्म निर्माता अल्फ्रेड हिचकॉक का जन्म 1899 को हुआ थाभारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री वैजयंती माला का जन्म 13 अगस्त 1936 को हुआ थाहिन्दी सिनेमा जगत की जानीमानी अभिनेत्रियों में से एक हैं योगिता बाली का जन्म 1952 को हुआ थाभारतीय अभिनेता, निर्माता सुनील शेट्टी का जन्म 1961 को हुआ थाभारतीय अभिनेत्री श्रीदेवी का जन्म 1963 को हुआ था

13 अगस्त को हुए निधन ( Died on 13 August)

भारत की वीरांगना अहिल्याबाई होलकर का निधन 1795 को हुआ थाआधुनिक नर्सिग आन्दोलन की जन्मदाता फ़्लोरेन्स नाइटिंगेल का निधन 1910 को हुआ थाप्रसिद्ध भारतीय महिला क्रांतिकारी भीकाजी कामा का निधन 1936 को हुआ था

13 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव (Important day of August 13)

अंग दान दिवस

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27 जुलाई का इतिहास : आज के दिन फिल्म शोले के गब्बर अमजद ख़ान का हुआ निधन..इतिहास में 27 जुलाई को क्या क्या हुआ?..

History of 27 July : 27 जुलाई के दिन देश दुनिया बहुत सी महत्वपूर्ण घटनाएं हुई जिनमें केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल स्थापना दिवस (foundation day of CRPF), मिसाईलमैन डॉ. अब्दुल कलाम (Missile Man & former President of India, Dr.A.P.J.Abdul Kalam) का निधन आदि प्रमुख हैं अन्य सभी 27 जुलाई की ऐतिहासिक घटनाएं ( Historical events of 27 july ) नीचे लिखी जा रही है

27 जुलाई की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – Important events of July 27

रूस (Russia) और तुर्की ने 1713 में शांति संधि पर हस्ताक्षर किये।

पहली फेडरल एजेंसी द डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेन अफेयर्स की स्‍थापना 1789 में हुई।

दक्षिण आस्ट्रेलिया (South Australia) में एडीलेड की स्थापना 1836 में हुई।

अमेरिकी शहर कैंटन में 1862 को हरिकेन तूफान (Hurricane Cyclone) का कहर, 40 हजार लोगों की मौत।

फिलिप प्राट ने 1888 में पहला इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल का प्रदर्शन किया।

इंडियन नेशनल कांग्रेस (Indian National Congress) की शाखा 1889 में ब्रिटिश इंडिया कमिटी को लंदन में दादाभाई नौरोजी (Dadabhai Naoroji), विलियम वेडरबर्न, डब्ल्यू एस कैन और विलियम डिग्बी के नेतृत्व में खोला गया।

बाल गंगाधर तिलक (Bal Gangadhar Tilak) 1897 में पहली बार गिरफ्तार किये गये।

प्रेडरिक बैंटिन के नेतृत्व में टोरंटो विश्वविद्यालय के जीव-रसायनज्ञों ने 1921 में इंसुलिन के खोज (insulin discovery) की घोषणा की।

ब्रूसेल्स में अंतर्राष्ट्रीय भौगोलिक संघ का गठन 1922 में हुआ।

चीन के यांग जी (Yangtze river) और होआंग नदी (hangho river) में 1935 को आई बाढ़, दो लाख लोगों की मौत।

कार्टून चरित्र बग्स बनी 1940 में पहली बार चलचित्र ए वाइल्ड हेयर में पर्दे पर आया।

अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिक अधिकारों के संघर्ष के नेता मार्टिन लूथर किंग (Martin Luther King) जूनियर जार्जिया के अल्बानी 1962 को जेल में बंद।

चीन के तंगशान में 1976 को हुए विनाशकारी भूकंप में 2,40,000 लोग मारे गए।

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की लगभग 11 साल में पहली अमेरिकी यात्रा 1982 में हुई।

आज ही के दिन खोजकर्ताओं ने 1987 में टाइटेनिक का मलबा खोजा।

निशानेबाज जसपाल राणा ने 1994 में विश्व शूटिंग चैंपियनशिप (world shooting championship) में स्वर्ण पदक जीता।

उक्रेन में 2002 को एक विमान दुर्घटना में 70 व्यक्ति मारे गये।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2003 में यमन को स्कड मिसाइल बेचने वाली उत्तर कोरियाई कंपनी पर नये प्रतिबंध लगाये।

अमरीका (America) के बहुचर्चित हास्य कलाकार बॉब होप का 27 जुलाई को निधन हो गया। वे 100 साल के थे। वे कुछ दिन से निमोनिया से पीड़ित थे।

रूसी प्रक्षेपण यान नेपर 2006 को ज़मीन पर गिरा।

ऑस्ट्रेलिया ( Australia ) के वैज्ञानिकों ने 2007 में लगभग 40,000 साल पहले पाये जाने वाले विशालकाय जीव वोमबैट के जवड़े का जीवाश्म मिलने का दावा किया।

सीपीएन-यूएमएल नेता सुभाष नेमवांग को 2008 में नेपाली राष्ट्रपति रामबरन यादव ने नवर्निवाचित संविधान सभा के अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई।

27 जुलाई को जन्मे व्यक्ति – Born on 27 July

आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाली महिला क्रांतिकारियों में से एक कल्पना दत्त (Kalpna Dutt) का 1913 में जन्म हुआ ।

भारतीय मूल की प्रसिद्ध लेखिका भारती मुखर्जी का 1940 में जन्म हुआ।

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व टेस्‍ट क्रिकेटर और अब तक के सबसे धमाकेदार फील्‍डर जॉन्‍टी रोड्स का 1969 में जन्म हुआ था।

27 जुलाई को हुए निधन – Died on 27 July

भारत विद्या से संबंधित विषयों के प्रख्यात विद्वान राजेन्द्रलाल मित्रा का निधन 1891 में हुआ।

नौवीं लोकसभा के सदस्य कल्याण सिंह कालवी का निधन 1933 में हुआ।

डा.भीमराव अम्बेडकर (B. R. Ambedkar) की पत्नि माता रमाबाई का निधन 1935 में हुआ।

हिन्दी के ख्यातिप्राप्त साहित्यकार और विद्वान् आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (Ramchandra Shukla) के सहयोगी पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल का निधन 1944 में हुआ।

आधुनिक केरल प्रदेश के प्रमुख नेता पत्तम थानु पिल्लई का निधन 1970 में हुआ।

एक भारतीय पक्षी विज्ञानी और प्रकृतिवादी सालिम अली (Birdman of India Salim Ali) का निधन 1987 में हुआ।

प्रसिद्ध अभिनेता फिल्म शोले के गब्बर अमजद ख़ान का निधन 1992में हुआ।

माही क्षेत्र से फ़्राँसीसियों का शासन हटाने वाले प्रमुख व्यक्ति आई. के. कुमारन का निधन 1999 में हुआ।

अमरीका के बहुचर्चित हास्य कलाकार बॉब होप का निधन 2003 में हुआ था।

जाने-माने कवि शिवदीन राम जोशी का निधन 2006 में हुआ था।

पूर्व राष्ट्रपति, मिसाईलमैन डॉ. अब्दुल कलाम (Missile Man & former President of India, Dr.A.P.J.Abdul Kalam) का निधन 2015 में हुआ था।

भारत के जानेमाने तबला वादक लच्छू महाराज (Lachhu Maharaj) का निधन 2016 में हुआ था।

27 जुलाई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव – Important Days of 27 July

केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल स्थापना दिवस (foundation day of CRPF)

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25 जुलाई का इतिहास : 25 जुलाई ऐसी तारीख, जो राष्ट्रपति शपथ के लिए बनी लोकतंत्र की अनौपचारिक परंपरा

History of 25 July : भारत के इतिहास में 25 जुलाई का दिन कई दशकों से एक स्थिर लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है। भारतीय संविधान में यह कहीं नहीं लिखा गया है कि राष्ट्रपति को 25 जुलाई को ही शपथ लेना है, लेकिन अब तक 10 राष्ट्रपतियों ने 25 जुलाई को ही पद की शपथ ली है। इसी कारण यह तारीख एक स्थिर लोकतांत्रिक परंपरा का दिन बन चुका है।

नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के इतिहास में 25 जुलाई का दिन कई दशकों से एक स्थिर लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है। भारतीय संविधान में यह कहीं नहीं लिखा गया है कि राष्ट्रपति को 25 जुलाई को ही शपथ लेना है, लेकिन अब तक 10 राष्ट्रपतियों ने 25 जुलाई को ही पद की शपथ ली है। इसी कारण यह तारीख एक स्थिर लोकतांत्रिक परंपरा का दिन बन चुका है।

यह सिलसिला 1977 से चला आ रहा है। हालांकि, इसके पीछे मुख्य कारण राष्ट्रपति का पूर्ण कार्यकाल है। भारत के छठे राष्ट्रपति के रूप में नीलम संजीव रेड्डी ने 25 जुलाई 1977 को शपथ ली थी। 1997 में फखरुद्दीन अली अहमद का राष्ट्रपति पद पर रहते निधन हुआ था। वे दूसरे राष्ट्रपति थे, जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। उनके निधन के बाद बीडी जत्ती (बासप्पा दनप्पा जत्ती) 11 फरवरी 1977 को कार्यवाहक राष्ट्रपति बने, लेकिन उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा।

लगभग 5 महीने बाद चुनाव कराने पड़े और नीलम संजीव रेड्डी नए राष्ट्रपति चुने गए, जिन्होंने 25 जुलाई को शपथ ली। नीलम संजीव रेड्डी के बाद से हर राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के 5 साल पूरे किए हैं। चूंकि 25 जुलाई को नीलम संजीव रेड्डी ने शपथ ली थी, इसलिए हर अगला चुनाव भी ऐसी योजना से होता है कि नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को हीं शपथ लें।

25 जुलाई को शपथ लेने वाले राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी, ज्ञानी जैल सिंह, आर. वेंकटरमन, डॉ. शंकर दयाल शर्मा, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी, रामनाथ कोविंद और द्रौपदी मुर्मू हैं।

यही कारण है कि हर बार चुनाव पूर्ण होने पर राष्ट्रपति 25 जुलाई को शपथ लेते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर कभी भी शून्यता नहीं आई और हर पांच साल बाद नया राष्ट्रपति बिना किसी अंतराल के शपथ लेता रहा है।

अगर कोई राष्ट्रपति कार्यकाल के बीच में इस्तीफा दे या निधन हो जाए, तो यह परंपरा बाधित हो सकती है। लेकिन 1977 से अब तक ऐसा नहीं हुआ और यही कारण है कि 25 जुलाई अब राष्ट्रपति शपथ के लिए लोकतंत्र की अनौपचारिक परंपरा बन चुकी है।

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Besan Toast Recipe : सुबह या शाम की भूख होगी फौरन गायब.! सिर्फ 10 मिनट में बनाएं हेल्दी और टेस्टी बेसन टोस्ट

Besan Toast Recipe: अगर आप कुछ नया, स्वादिष्ट और हेल्दी बनाना चाहते हैं तो बेसन टोस्ट आपके लिए एक परफेक्ट ऑप्शन है. यह पेट भी भरेगा, सेहत भी बनाएगा और इसका जो स्वाद है वह भी जबरदस्त होता है।

  

Besan Toast Recipe: अगर आप सुबह या शाम के नाश्ते में कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो झटपट बनने वाला हो, हेल्दी हो और टेस्टी भी, तो बेसन टोस्ट एक बेहतरीन और टेस्टी ऑप्शन है. यह एक ऐसी डिश है जो कम तेल में बनती है, न्यूट्रिशियस होती है और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है. इसमें बेसन की अच्छाई होती है और सब्जियों का जबरदस्त स्वाद भी होता है. आप अगर चाहें तो इसे अपने बच्चों को टिफिन में पैक करके भी दे सकते हैं. तो चलिए जानते हैं ब्रेड टोस्ट बनाने की विधि.

बेसन टोस्ट के लिए जरूरी सामग्री

बेसन – 1 कप

प्याज – 1 बारीक कटा हुआ

टमाटर – 1 बारीक कटा हुआ

हरी मिर्च – 1 बारीक कटी हुई (ऑप्शनल)

शिमला मिर्च – 2 टेबल स्पून बारीक कटी हुई

धनिया पत्ती – 2 टेबल स्पून बारीक कटी हुई

नमक – स्वाद अनुसार

लाल मिर्च पाउडर – एक चौथाई टीस्पून

हल्दी – 1 चुटकी

अजवाइन – एक चौथाई टीस्पून

पानी – लगभग आधा कप घोल बनाने के लिए

ब्रेड स्लाइस – 4 से 6

तेल – काफी कम सिर्फ सेकने के लिए

बेसन टोस्ट बनाने की विधि

एक बड़े बाउल में बेसन लें और उसमें प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और अजवाइन डालें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल पकोड़े के घोल जैसा होना चाहिए, न बहुत पतला और न बहुत गाढ़ा.

अब ब्रेड स्लाइस लें और एक साइड पर इस बेसन के घोल को अच्छे से फैलाएं. अगर आप चाहें तो दोनों साइड पर भी लगा सकते हैं.

नॉन-स्टिक तवा या पैन को गरम करें और थोड़ा सा तेल लगाएं. अब घोल लगे ब्रेड स्लाइस को तवे पर रखें और इसे ढककर मीडियम आंच पर सुनहरा होने तक सेकें. अंत में इसे पलटें और दूसरी साइड भी सेकें जब तक दोनों साइड क्रिस्पी न हो जाएं.

आपकी बेसन टोस्ट तैयार है. अब इसे प्लेट में निकालें और हरी चटनी या टमाटर सॉस के साथ सर्व करें.

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23 जुलाई का इतिहास : आज आकाशवाणी के पूर्ण हुए 96 वर्ष..चंद्रशेखर आजाद जयंती..बाल गंगाधर जयंती..जाने आज का इतिहास

History of 23 July : देश-दुनिया के इतिहास में 23 जुलाई की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख भारत की सूचना क्रांति के लिए खास है। देश में आज एफएम और निजी चैनलों की भरमार है। एक वक्त था जब समाचार और मनोरंजन के साधन नाममात्र के थे। आकाशवाणी की स्थापना 1927 में 23 जुलाई को ही की गई थी। उस समय इस सेवा का नाम भारतीय प्रसारण सेवा (इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कार्पोरेशन) रखा गया था। देश में रेडियो प्रसारण की शुरुआत मुंबई और कोलकाता में सन 1927 में दो निजी ट्रांसमीटर से की गई। 1930 में इसका राष्ट्रीयकरण हुआ और 1957 में इसका नाम बदल कर आकाशवाणी रखा गया। प्रसार भारती (ब्रॉडकास्टिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया के नाम से भी जानते हैं) भारत की एक सार्वजनिक प्रसारण संस्था है। इसमें मुख्य रूप से दूरदर्शन एवं आकाशवाणी शामिल है। सरकारी प्रसारण संस्थाओं को स्वायत्तता देने के इरादे से 23 नवंबर 1997 को प्रसार भारती का गठन किया गया था। इसमें मुख्य रूप से दूरदर्शन और आकाशवाणी को शामिल किया गया है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1555: सरहिंद में सिकंदर सूरी को हराकर मुगल शासक हुमायूं दिल्ली पहुंचा।

1829: अमेरिका के विलियम ऑस्टिन बर्ट ने टाइपोग्राफ का पेटेंट कराया। इससे बाद ही टाइपराइटर का विकास हुआ।

1877: हवाई में पहली टेलीफोन और टेलीग्राफ लाइन बिछाई गई।

1881: अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक संघ ने खेल परिसंघ की स्थापना की। यह विश्व का सबसे पुराना खेल परिसंघ है।

1903: मोटर कंपनी फोर्ड ने अपनी पहली कार बेची।

1920: ब्रिटेन के कब्जे वाले पूर्वी अफ्रीका का नामकरण केन्या किया गया।

1927: मुंबई से रेडियो सेवा का नियमित प्रसारण शुरू।

1974: यूनान में सैन्य शासन का अंत और पूर्व प्रधानमंत्री कौन्सटैनटिन कारमनालिस को दोबारा सत्ता संभालने का न्यौता दिया गया।

1998: संयुक्त राज्य अमेरिका ने सात भारतीय वैज्ञानिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया।

2001: मेघावती सुकर्णोपुत्री इंडोनेशिया की राष्ट्रपति बनीं।

2005: मिस्र के शर्म-अल-शेख के रिजॉर्ट में हुए बम धमाकों में 88 लोग मारे गए।

2008: नेपाल के प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामबरन यादव को अपना इस्तीफा सौंपा।

2012: इराक में सिलसिलेवार हमलों में 103 लोग मारे गए।

जन्म

1856: गणितज्ञ, दार्शनिक और राष्ट्रवादी बाल गंगाधर।

1898: ज्ञानपीठ पुरस्कार बांग्ला साहित्यकार ताराशंकर बंदोपाध्याय।

1906: स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद।

1934: मदर टेरेसा की संस्था ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटीज’ की प्रमुख निर्मला जोशी।

1936: पंजाबी भाषा के लोकप्रिय कवि शिव कुमार बटालवी।

1947: भारतीय वायलिन वादक और संगीतकार एल. सुब्रमण्यम।

निधन

1932: भारतीय अभिनेता और फिल्म निर्देशक महमूद।

1993: छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मण प्रसाद दुबे।

2012: स्वतंत्रता सेनानी और समाज सेविका लक्ष्मी सहगल।

2016: भारत में जन्मे प्रसिद्ध चित्रकर एसएच रजा।

दिवस

राष्ट्रीय प्रसारण दिवस

चंद्रशेखर आजाद जयंती

बाल गंगाधर जयंती

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Aloo Appe Recipe : जब भी लगे भूख, बस 15 मिनट में बनाएं ये टेस्टी आलू अप्पे

Aloo Appe Recipe: आलू से कई तरह के डिश बनाए जाते हैं, ऐसे में आज हम आपको इस लेख में आलू से अप्पे बनाने के बारे में बताने जा रहे हैं.

Aloo Appe Recipe: दिन की शुरुआत हो या शाम की हल्की भूख, हर समय कुछ ऐसा चाहिए जो जल्दी बने, स्वाद में लाजवाब हो और सेहतमंद भी हो. ऐसे में आपके लिए आलू से बने ये अप्पे परफेक्ट ऑप्शन है. इसको बनाने में उबले आलू, कुछ मसाले और थोड़ा सा चावल का आटा की जरूरत होती हैं. ये छोटे-छोटे गोल अप्पे न सिर्फ देखने में सुंदर लगते हैं, बल्कि खाने में भी बहुत टेस्टी होते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं इसे बनाने की रेसिपी के बारे में. 

आलू अप्पे बनाने के लिए सामग्री 

उबले हुए आलू – 3 

चावल का आटा या सूजी – 1 कप 

दही – आधा कप

हरी मिर्च – 1-2 बारीक कटी

अदरक – 1 टुकड़ा (गार्निश किया हुआ)

हरा धनिया – 2 (कटा हुआ)

नमक – स्वाद अनुसार

तेल – अप्पे सेंकने के लिए

आलू अप्पे बनाने की विधि 

आलू अप्पे बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में उबले हुए आलू को अच्छे से मैश करें. 

फिर इसमें चावल का आटा (या सूजी), दही, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया और नमक डालकर, सभी को अच्छी तरह मिलाकर एक गाढ़ा बैटर तैयार करें. 

बैटर को 10-15 मिनट के लिए ढक कर रख दें, जिससे ये थोड़ा फूल जाए. 

इसके बाद अब गैस पर अप्पे पैन (Appe Pan) को गरम करें और हर खाने वाले खांचे में थोड़ा-थोड़ा तेल लगाएं. 

अब हर खांचे में 1-1 चम्मच बैटर डालें और इसे ढककर धीमी आंच पर 3-4 मिनट पकाएं, इसे एक चम्मच की मदद से पलटें और दूसरी तरफ से भी सुनहरा होने तक सेंकें. 

तैयार हुए गरमा गरम आलू अप्पे को हरी चटनी या टमाटर की चटनी के साथ परोसें.

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22 जुलाई का इतिहास : आज ही के दिन भारतीय संविधान सभा ने ‘तिरंगे’ को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था..महान गायक ‘मुकेश’ का दिल्ली में जन्म हुआ था

History of 22 July : इतिहास एक दिन में नही बनता लेकिन एक दिन अपने अंदर बहुत कुछ समाकर रखता है. इतिहास में हर दिन का अपना एक विशेष महत्व हैं. ऐसा ही एक दिन है 22 जुलाई.. जो ग्रेगोरी कैलेंडर के अनुसार, साल का 203वाँ (लीप वर्ष में 204वाँ) दिन है. वैसे तो 22 July के दिन भारत और विश्व में बहुत सी घटनाएं हुई थी जो इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर रह गई. लेकिन हम आपके समय की कदर करते हुए आपको कुछ चुनिंदा घटना ही बताएंगे जो आपको बोर नही करेगी. आइए जानते है कि आज के दिन इतिहास में क्या खास हुआ था…

1. 1706 में आज ही के दिन ट्रिटी ऑफ़ यूनियन पर सहमति के साथ ‘ग्रेट ब्रिटेन’ की रचना हुई थी. Kingdom of England और Kingdom of Scotland को राजनीतिक तौर पर जोड़ते हुए Kingdom of Great Britain की रचना हुई थी।

2. 1894 में आज ही के दिन ‘मोटर रेसिंग का पहला मुकाबला’ हुआ था. यह मुकाबला फ्रांस के दो शहर पेरिस और रूआं के बीच हुआ था. आज मोटर रेसिंग फॉर्मूला वन के स्तर तक पहुंच गई है।

3. 1923 में आज ही के दिन हिंदी सिनेमा के महान गायक ‘मुकेश’ का दिल्ली में जन्म हुआ था. इनका पूरा नाम मुकेश चंद माथुर था. इन्होनें कभी-कभी मेरे दिल में, डम डम डिगा डिगा जैसे मशहूर गाने गाए।

4. 1933 में आज ही के दिन अमेरिका के ‘विले पोस्ट’ ने हवाई जहाज़ से पूरी धरती का चक्कर अकेले पूरा किया था. ऐसा करने में उन्हें 7 दिन, 18 घंटे और 49 मिनट लगे थे।

5. 1947 में आज ही के दिन भारतीय संविधान सभा ने ‘तिरंगे’ को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था. हमारे तिरंगे झंडे को स्वतंत्रता सेनानी और डिज़ाइनर पिंगली वेंकैया ने डिज़ाइन किया था।

6. 2009 में आज ही के दिन ’21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्यग्रहण’ भारत में दिखाई दिया था. यह पूर्ण सूर्यग्रहण भारत में कुछ स्थानों पर 6 मिनट 39 सेकंड तक रहा था।

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Gobhi Kabab Recipe : नाश्ते में बनाएं टेस्टी गोभी कबाब, जानें बेहद आसान रेसिपी

Gobhi Kabab Recipe: नाश्ते में कुछ डिफरेंट और टेस्टी ट्राइ करना है तो अब फटाफट बनाएं गोभी कबाब. इससे बनाना ज्यादा मुश्किल भी नहीं है और ये खाने में भी बहुत टेस्टी है. जानते हैं गोभी कबाब बनाने की विधि - 

Gobhi Kabab: नाश्ते में क्रिस्पी गोभी कबाब देख सबके मुंह में पानी आ जाएगा. तो अगर आपके भी घर में बच्चे या बड़े नाश्ते में कुछ अलग डिमांड कर रहे हैं तो फि आप गोभी कबाब ट्राई कर सकती हैं. ये देखने में जितने टेस्टी है खाने में भी उतना ही शानदार है. ऐसे में अगर क्रिस्पी और चटपटा सर्व करने का मन है तो फटाफट गोभी के कबाब बनाएं. इसे बनाना बहुत आसान है और ये कम तेल में बन जाता है.जानिए गोभी बनाने कि विधि-

गोभी कबाब 

यूं तो कबाब का नाम सुनकर लोगों को लगता है ये कि नॉन वेज है, लेकिन गोभी और आलू से टेस्टी से वेज कबाब बनाया जा सकता है.

गोभी कबाब बनाने के लिए सामग्री 

गोभी कबाब बनाने के लिए फूलगोभी, उबले आलू, बारीक कटी हरी मिर्च, आधा कप मोजरेला चीज, नमक, चाट मसाला, लाल मिर्च पाउडर, जीरा और तेल चाहिए होगा.

गोभी कबाब बनाने कि विधि

- गोभी कबाब बनाने के लिए सबसे पहले आलू को उबाल लें.

- अब फूलगोभी को अच्छे से धोकर कद्दूकस कर लें.

- कद्दूकस की गई गोभी में जीरा, बारीक हरी मिर्च, हरी धनिया, चाट मसाला, नमक और लाल मिर्च डालकर अच्छे से मिक्स करें. 

- इसके बाद इसमें उबाले हुए आलू को अच्छे से मैश कर मिलाएं.

- इसमें मोजरेला चीज डालें और अच्छे से मिलाएं. 

- अब हथेलियों में तेल लगाएं तैयार मिश्रण की बॉल्स बनाकर चपटा कर लें.

- इसी तरह सारे कबाब तैयार करें और प्लेट में रखते जाएं. 

- अब कड़ाही में तेल डालें और गर्म करें.

- जब तेल गर्म हो जाए तो कबाब को मीडियम फ्लेम पर सुनहरा होने तक डीप फ्राई करें.

- आप चाहें तो पैन में कबाब को दोनों तरफ सुनहरा होने तक अच्छे से सेक भी सकते हैं.

- टेस्टी गरमागरम कबाब को हरी या मनपसंद चटनी के साथ सर्व करें.

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