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रायगढ़ की महिला किसान गायत्री पैंकरा को मिला ‘फसल विविधीकरण चैम्पियन अवॉर्ड,केन्द्रीय कृषि मंत्री ने किया सम्मानित

रायगढ़, 19 नवम्बर 2025/ लैलूंगा विकासखण्ड के ग्राम गमेकेला की प्रगतिशील महिला किसान श्रीमती गायत्री पैंकरा ने टिकाऊ कृषि और बहुफसली खेती का उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इसी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए उन्हें वर्ष 2025 का ‘फसल विविधीकरण चैम्पियन अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। यह सम्मान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रदान किया।
             गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी नीति तथा प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की पहल पर किसानों की आर्थिक तरक्की और उन्नति के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में गायत्री पैंकरा का विशिष्ट कृषि मॉडल उनके 3 एकड़ के आम बागान को केंद्र में रखते हुए विकसित किया गया है, जिसमें एकीकृत खेती, मिट्टी संरक्षण तकनीक, जैविक उर्वरक उपयोग और फसल विविधीकरण के वैज्ञानिक तरीकों का प्रभावी समावेश है। इस अभिनव मॉडल ने उन्हें न केवल जिले में बल्कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाई है। गायत्री पैंकरा सीएलएफ नारी शक्ति महिला उपसंघ मुकडेगा के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़ीं और बिहान योजना के वित्तीय सहयोग एवं कृषि प्रशिक्षणों का लाभ उठाकर उन्नत कृषि की दिशा में निरंतर आगे बढ़ती रहीं। पौधरोपण, भूमि सुधार, मिट्टी संरक्षण और जैविक तरीके से फसल विविधीकरण जैसे कार्य उन्होंने सफलता के साथ पूरे किए, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने खरीफ, रबी और जायद-तीनों मौसमों में विविध फसलें उगाकर लगभग 3.4 लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित की। खरीफ मौसम में धान, मूंगफली, उड़द में 2.15 लाख रुपये, रबी मौसम में आलू, मटर, फूलगोभी, पत्तेदार सब्जियां में 75,000 रुपये और जायद मौसम में लोबिया, भिंडी, उड़द में 50,000 रुपये प्राप्त की। 
            गायत्री पैंकरा ने बिहान योजना के साथ-साथ नाबार्ड, उद्यानिकी विभाग और मनरेगा के सहयोग से विकसित बाड़ी मॉडल ने उनके टिकाऊ कृषि मॉडल को और मजबूती दी है। वह अब जिलेभर में महिलाओं और किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। उन्होंने अपने अनुभवों और प्रशिक्षणों का उपयोग करते हुए न केवल अपनी खेती को उन्नत बनाया, बल्कि आसपास के किसानों को भी वैज्ञानिक खेती, फसल विविधिकरण और टिकाऊ कृषि मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बना छत्तीसगढ़,मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर दी बधाई

रायपुर 19 नवंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बनने वाले छत्तीसगढ़ के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में ऊँचा किया है और उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। 

उल्लेखनीय है कि देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। यह विजय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम की अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की, जिसे छत्तीसगढ़ की ओर से आईएफएस श्रीमती शालिनी रैना एवं दल की नोडल अधिकारी ने ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में टीम की एकजुटता और उत्कृष्ट प्रदर्शन इस उपलब्धि की प्रमुख वजह रहा।

इस वर्ष 253 सदस्यों की मजबूत टीम के साथ छत्तीसगढ़ ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 150 पदक और 578 अंक हासिल किए, जो पहले रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। टीम ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 42 कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना सर्वांगीण प्रभुत्व स्थापित किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया—जिनमें निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में पाँच स्वर्ण जीतकर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का खिताब प्राप्त किया। वहीं संगीता राजगोपालन ने बैडमिंटन और टेनिस में चार स्वर्ण एवं एक रजत जीतकर सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। इसी प्रकार थोटा संकीर्तन ने पाँच स्वर्ण जीतकर महिला ओपन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनीं। सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल ने वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया।

यह ऐतिहासिक सफलता वन मंत्री श्री केदार कश्यप के दूरदर्शी मार्गदर्शन और वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव के प्रेरक नेतृत्व का परिणाम है। उनके निरंतर सहयोग, दिशा और प्रोत्साहन ने टीम को हर बार नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह विजय केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उसकी खेल परंपरा, मेहनत और जज़्बा उसे लगातार चैंपियन बनाए रखते हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन श्री संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे।

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जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को मिला सम्मान,प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार होगा प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री

रायपुर, 19 नवंबर 2025/जल संरक्षण एवं सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर छत्तीसगढ़ के 12 जिलों रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, बालोद, बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग और सूरजपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में कल आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय जनभागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इन जिलों को सम्मानित किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण की दिशा में देशभर में विशेष पहचान बनाई है। पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार के अभिनव प्रयासों और जनभागीदारी ने जल संचयन की दिशा में नए आयाम हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के नागरिकों और जिला प्रशासन को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जल संचयन के प्रति लोगों में आई यह चेतना जल के समुचित उपयोग को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार प्रेरणादायी होगा। 

रायपुर जिले को जल संचय जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। देशभर के नगर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम स्थान पर रहा, जबकि पूर्वी जोन कैटेगरी 01 में रायपुर जिला तीसरे स्थान पर रहा। रायपुर जिले और नगर निगम ने मिलकर सामुदायिक सहभागिता को जल संचय का व्यापक अभियान बनाया। रायपुर नगर निगम द्वारा 33,082 कार्य और जिला प्रशासन द्वारा 36,282 कार्य किए गए हैं।

राजनांदगांव जिले को ईस्ट जोन के अंतर्गत राष्ट्रीय जल अवार्ड में प्रथम स्थान तथा जनभागीदारी केटेगरी 01 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 2 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई है। यहां 58,967 जल संचय के कार्य जनभागीदारी से पूर्ण किए गए हैं। बालोद जिले को केटेगरी 01 में बेस्ट परफॉर्मिंग के लिए पहला स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। यहां 92,742 नई जल संरचनाएँ निर्मित की गई। 
 
महासमुंद जिले को कैटेगरी 2 अंतर्गत प्रथम स्थान के लिए सम्मानित किया है। यहां 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को कैटेगरी 2 के तहत दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 01 करोड़ रूपए की पुरस्कार राशि दी गई है। यहां 30,927 संरचनाओं का निर्माण किया गया है। गरियाबंद जिला को केटेगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। यहां 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव के कार्य किए गए हैं। 
 
बिलासपुर को केटेगेरी 03 में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए की पुरस्कार राशि मिली है। यहां 21,058 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य किया गया है। दुर्ग जिले को केटेगरी-03 में 16वां स्थान प्राप्त हुआ है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 5010 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। बलरामपुर जिले को केटेगरी-03 में 6वें स्थान के लिए सम्मानित किया गया है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 8644 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। 

धमतरी जिले को केटेगरी 3 में 8वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 7674 जन संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। रायगढ़ जिले को केटेगरी 3 में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 19088 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। सूरजपुर जिले को केटेगरी 3 में 12वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है तथा यहां 5797 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है।

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रायगढ़ : जल संरक्षण में राष्ट्रीय अवॉर्ड-रायगढ़ ने देश में हासिल किया दूसरा स्थान, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

रायगढ़, 19 नवम्बर 2025/ जल संरक्षण एवं सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलधियां हासिल कर छत्तीसगढ़ के 12 जिलों ने राष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रचा है। इनमें रायगढ़ जिला भी शामिल है। जिन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित करते हुए देशभर में केटेगरी-3 में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विज्ञान भवन नई दिल्ली में छठवें राष्ट्रीय जल पुरुस्कार एवं जल संचय जन भागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायगढ़ जिले को सम्मानित किया। यह पुरस्कार केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर.पाटिल के हाथों जिला प्रशासन को सौंपा गया। जिले की ओर से यह सम्मान जिले में जल संरक्षण को गति देने के लिए किए गए सतत प्रयास, तकनीकी नवाचार और जनभागीदारी आधारित कार्यों ने रायगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। 
     गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी नीति तथा प्रदेश के वित्तमंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की पहल ने इस अभियान को दिशा और गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस उपलब्धि के लिए वित्त मंत्री ने रायगढ़ जिले के नागरिकों और जिला प्रशासन को अपनी शुभकामनाएं दी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में रायगढ़ ने न केवल अपनी कार्य क्षमता सिद्ध की है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायी मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने आगे भी इसी ऊर्जा और समर्पण से कार्य जारी रखने के लिए टीम को प्रोत्साहित किया। विज्ञान भवन नई दिल्ली में छठवें राष्ट्रीय जल पुरुस्कार एवं जल संचय जन भागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में यह पुरुस्कार जिला प्रशासन की ओर से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने प्राप्त किया। 

*कैसे बदला जल संरक्षण का परिदृश्य*
जिले में जल संरक्षण हेतु किए गए संगठित एवं बहुआयामी प्रयासों ने न केवल भू-जल स्तर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि पारंपरिक एवं नए जल स्रोतों के संरक्षण को भी नई दिशा दी है। जिले में 2000 से अधिक तालाबों का गहरीकरण एवं मरम्मत, 102 अमृत सरोवरों का निर्माण, चेकडैम, स्टॉपडैम, पर्कुलेशन टैंक तथा अन्य जल संरचनाओं का विस्तार-इन सभी कार्यों ने वर्षा जल के प्रभावी संचयन और पुनर्भरण क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है। पहाड़ी तथा मैदानी क्षेत्रों में वैज्ञानिक योजना पर आधारित जल रोकथाम कार्यों के परिणाम स्वरूप कई स्थानों पर सूख चुके जल स्रोत पुनर्जीवित हुए हैं तथा अधिकांश क्षेत्रों में जल स्तर में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। इससे खेती-किसानी की सिंचाई क्षमता भी सुदृढ़ हुई है।
           मनरेगा एवं विभिन्न विभागों के समन्वित सहयोग से जल संरक्षण को एक योजनाबद्ध रूप दिया गया। मैदानी क्षेत्रों में तालाब, डबरियां, कुएँ, पर्कुलेशन टैंक तथा खेत-तालाबों का निर्माण और गहरीकरण कर जल संचयन को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया गया। लगभग 14,000 सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर भू-जल पुनर्भरण को सशक्त बनाया गया। मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से 2,000 से अधिक तालाबों का खुदाई एवं गहरीकरण और लगभग 1,500 डबरियों के निर्माण ने जल संग्रहण क्षमता को कई गुना बढ़ा दिया। केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए जल संचय जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत जिले में वर्षा जल एवं घरेलू जल के संरक्षण से जुड़े लगभग 20,000 कार्य पूर्ण किए गए, जिससे जल संरक्षण को एक सामुदायिक एवं जन-सहभागिता आधारित स्वरूप मिला।
            देश को चार जोन में विभाजित कर जल शक्ति विभाग की टीम ने रायगढ़ जिले का निरीक्षण किया और 60 प्रतिशत कार्यों के परीक्षण के उपरांत संतोष व्यक्त किया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर जिले को कैटेगरी-3 में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। जिले की इस उपलब्धि को सम्मानित करते हुए केंद्र सरकार ने 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। इन सभी प्रयासों ने जल संरक्षण आंदोलन को गति प्रदान की है और जिले को सतत् जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित किया है।

*रायगढ़ बना जल संरक्षण का रोल मॉडल*

स्थानीय जनभागीदारी, प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी जल प्रबंधन के कारण रायगढ़ आज देश के लिए एक सफल मॉडल बनकर उभरा है। यह उपलब्धि केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि जल-संरक्षण के प्रति जिले की प्रतिबद्धता, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की पहचान है। रायगढ़ का यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम और विकास की नई दिशा का प्रतीक है।

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युवती से दुष्कर्म करना पड़ा महंगा : जान से मारने की धमकी देते हुए, उसके साथ दो बार जबरन दुष्कर्म किया,पुलिस ने  आरोपी को किया गिरफ्तार ,भेजा जेल,

 जशपुर 19 नवम्बर 2025 : कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत एक युवती अपने मामा के घर मेहमान गई थी, फिर वहां से शाम करीबन 05.00 बजे पैदल अपने घर जाने के लिए निकली थी, इसी दौरान आरोपी दशरथ यादव, मोटर साइकल से आया, जो कि युवती का पूर्व परिचित था, व थाना कांसाबेल क्षेत्रांतर्गत रहने वाला था,उसके द्वारा युवती को मोटर साइकल में, लिफ्ट देकर, घर पहुंचाने की बात कहने पर, पीड़ित युवती उसके मोटर साइकल में बैठ गई, परंतु आरोपी दशरथ यादव के द्वारा , पीड़ित युवती को रास्ते में एक सुनसान जगह में ले जाया गया, व मारने की धमकी देते हुए, पीड़ित युवती के मना करने के बावजूद, उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर बोला कि इस बात को किसी को मत बताना, मैं  तुमसे शादी करूंगा। फिर आरोपी दशरथ यादव वहां से चला गया । इसके पश्चात दिनांक 24.01.25 को पीड़ित प्रार्थिया युवती गांव के ही बाजार में एक दुकान के पास खड़ी थी, तभी आरोपी दशरथ यादव पुनः , पीड़ित प्रार्थिया के पास आया, व उसे अपनी मोटर साइकल में बैठने के लिए बोला, जिस पर पीड़ित प्रार्थिया के द्वारा मना करने पर, उसे बदनाम करने की धमकी देकर, अपनी मोटर साइकल में बैठने के लिए मजबूर किया, फिर पीड़ित प्रार्थिया युवती को फिर एक सूनसान जगह में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे पीड़ित प्रार्थिया गर्भवती हो गई, परंतु लोक लॉज व भय से उक्त घटना के संबंध में किसी को नहीं बताई, इस दौरान पीड़ित प्रार्थिया की शादी उनके घर वालों ने किसी अन्य युवक से कर दी, परंतु शादी के 06 माह में ही पीड़ित प्रार्थिया ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिससे उसके पति व ससुराल वालों के द्वारा पूछताछ करने पर, उन्हें घटना के संबंध में बताई, ।आरोपी दशरथ यादव के द्वारा पीड़ित प्रार्थिया के साथ जान से मारने की धमकी देते हुए, उसके साथ दो बार जबरन दुष्कर्म किया गया है।
        मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़ित युवती की रिपोर्ट पर पुलिस के द्वारा तत्काल थाना कुनकुरी दुष्कर्म के लिए बी एन एस की धारा 64(1),69,  व 351(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया व त्वरित कार्यवाही करते हुए कांसाबेल क्षेत्र से आरोपी दशरथ यादव उम्र 29 वर्ष को हिरासत में लिया गया।
      पुलिस की पूछताछ पर आरोपी दशरथ यादव के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
     
        मामले की कार्यवाही व आरोपी  की गिरफ्तारी में  थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर प्रसाद वारले, आरक्षक चंद्र शेखर बंजारे व महिला आरक्षक कमला पैंकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
     मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत एक युवती से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, जशपुर पुलिस महिलाओं से संबंधित अपराधों को लेकर अत्यंत संवेदनशील है, ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा*

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ऑपरेशन अंकुश:  शातिर चोर अनीस खलखो आया पुलिस की गिरफ्त में,भेजा जेल,कुनकुरी में चोरी, लूट व मारपीट का 08 प्रकरण दर्ज


जशपुर:19 नवम्बर 2025 : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में  फरार आरोपियों की धर पकड़ हेतु विशेष अभियान ऑपरेशन अंकुश चला रही है, जिसके तहत पुलिस को थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत चोरी, लूट व मारपीट  जैसे के मामले में , फरार स्थाई वारंटी अनीस खलखो की पकड़ने में सफलता मिली है।
         मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि स्थाई वारंटी अनीस खलखो, एक आदतन बदमाश है, उसके विरुद्ध थाना कुनकुरी में 2017से अब तक कुल 08 अपराध पंजीबद्ध हैं, जिनमें  पुलिस के द्वारा कार्यवाही करते हुए, अनीस खलखो को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसका प्रकरण माननीय न्यायालय में प्रक्रियाधीन है, आरोपी अनीस खलखो, माननीय न्यायालय से जमानत मिलने के बाद से फरार था, जिस पर माननीय न्यायालय के द्वारा , कोर्ट में पेशी हेतु बार बार नोटिस जारी किए जाने के बाउजूद, वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहा था, जिस पर माननीय न्यायालय के द्वारा थाना कुनकुरी के चोरी के मामले में अपराध क्रमांक 129/2019 , धारा 379,34 भा द वि के  प्रकरण में आरोपी अनीस खलखो के विरुद्ध स्थाई वारंट जारी किया गया था।

     पुलिस फरार स्थाई वारंटी अनीश खलखो की लगातार पतासाजी कर रही थी, इसी दौरान पुलिस को मुखबीर व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से सूचना मिली, स्थाई वारंटी अनीश खलखो,  धोबी पारा कुनकुरी में स्थित अपने घर में आया हुआ है, जिस पर पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए स्थाई वारंटी अनीश खलखो को उसके घर से घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया व विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
        मामले की कार्यवाही तथा दुष्कर्म के आरोपी व स्थाई वारंटी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, प्रधान आरक्षक गोविंद यादव, आरक्षक भूपेंद्र यादव, रवींद्र प्रजापति , की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
       मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि कुनकुरी क्षेत्र में  एक कुख्यात चोर फरार स्थाई वारंटी अनीस खलखो को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु जशपुर पुलिस का ऑपरेशन अंकुश निरन्तर जारी है।*

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पुलिस विभाग के द्वारा चलाए जा रहे बाल सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत संकल्प के बच्चों ने किया थाने का भ्रमण 

जशपुर 19 नवम्बर 2025 : 
पुलिस विभाग के द्वारा चलाए जा रहे बाल सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत तीसरे दिन संकल्प शिक्षण संस्थान के कक्षा नवी के बच्चों ने सिटी कोतवाली का भ्रमण किया इसमें बच्चों को राइफल्स, मशीनगन, बुलेट्स ,अश्रु गैस आदि की जानकारी दी गई बच्चों ने इसकी प्रदर्शनी भी देखी और कोतवाली के अंदर डी एस पी चंद्रशेखर परमा के द्वारा बच्चों को माल खाना, महिला बंदीगृह ,पुरुष बंदी गृह, कब एक स्टार , कब दो स्टार , कब तीन स्टार पुलिस की वर्दी पर लगाये जाते हैं और उनका रैंक क्या होता है उनके पोस्ट का नाम क्या होता है और किस तरह से एफ आई आर दर्ज होती है और कब एफ आई आर करनी चाहिए, इन सारी बातों की जानकारी दी। बच्चों द्वारा कई तरह के प्रश्न भी उनसे किया गया।बच्चों के जिज्ञासा का समाधान भी डी एस पी  के द्वारा दिया गया। इसके बाद नवीन कानून के बारे में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने सहभागिता दिखाई ।इस दौरान वहां  नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस शशि मोहन सिंह, उपसंचालक अभियोजन अधिकारी सुरेश साहू ,जिला अभियोजन अधिकारी विपिन शर्मा, ए डी पी ओ विवेक शर्मा ,आरती कटकवार और सामाजिक कार्यकर्ता मनीजर राम भी उपस्थित थे। इन सभी के द्वारा नए कानून की जानकारी दी गई और बताया गया कि यदि आपके साथ किसी भी राज्य में कोई घटना घटती है तो आप दूसरे राज्य में भी उसकी एफ आई आर कर सकते हैं। कानून के बदलाव के लिए सरकार के द्वारा बहुत ही सराहनीय कदम उठाया गया है ।अब पहले की तरह अदालतों में भी फैसले के लिए कई वर्षों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। त्वरित निर्णय नवीन कानून के अनुसार होगा। सिटी कोतवाली में नवीन आपराधिक कानून प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। जहां बहुत सारे पोस्टर और बैनर लगे हुए थे ।उसमें भी नए कानून की जानकारी दी गई थी। कार्यक्रम का संचालन आर आई अमरजीत खूंटे के द्वारा किया गया ।  संकल्प के बच्चों के साथ उनकी शिक्षिका सीमा गुप्ता थी। सभी ने पुलिस विभाग को उनकी इस पहल के लिए  धन्यवाद दिया। पुलिस विभाग के द्वारा बच्चों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी।

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बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य सफलतापूर्वक जारी,आज तीसरे दिन धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में 411 क्विंटल एवं कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई

 रायपुर, 19 नवंबर 2025/राज्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। जिले के कृषक उन्हें जारी किए गए टोकन के अनुसार प्रतिदिन धान खरीदी केन्द्रों में सुबह से पहुँचकर अपने धान की बिक्री की प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं। धान खरीदी के तीसरे दिन भी आज 18 नवंबर को सुबह से ही जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कृषकों की चहल कदमी शुरू हो गयी थी। इसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के कोचेरा में आज तीसरे दिन 411 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई। जिसमें 272.80 क्विंटल पतला एवं 138.4 क्विंटल मोटा धान शामिल है। धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में आज ग्राम दुपेचरा के कृषक श्री चोवाराम ने 18 क्विंटल मोटा धान, ग्राम कोचेरा के कृषक श्री दौलतराम ने 254 क्विंटल पतला, श्री दिलीप कुमार 110 क्विंटल पतला, जाम बाई ने 58 क्विंटल पतला, मुरली राम ने 125 विक्ंटल पतला, तानुराम ने 135 विक्ंटल पतला एवं नरोत्तम कुमार ने 30 क्विंटल मोटा, कुमेश्वर कुमार ने 100 क्विंटल पतला धान की बिक्री की। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान की खरीदी की गई। जिसमें से 316 क्विंटल मोटा एवं 44 क्विंटल पतला धान शामिल है। 

 धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु आज सुबह से ही नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग की गई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर, 19 नवंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नए दायित्वों के लिए अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में श्री सलाम को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे अपनी संवेदनशीलता, अनुभव और दक्षता के साथ उत्कृष्ट रूप से निभाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि श्री सलाम स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और समुदाय की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रदेश में निवासरत जनजातीय समाज के उत्थान को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। साथ ही केंद्र में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना से समुदाय के विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी भावना और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ तथा ‘पीएम जनमन योजना’ लागू की, जिनके माध्यम से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को देश में सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। वनोपजों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वनवासी समुदाय की आय में वृद्धि हो और उन्हें वास्तविक आर्थिक मजबूती प्राप्त हो।

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया श्री विष्णु देव साय स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और वनवासी भाई-बहनों की पीड़ा, कठिनाइयों और आकांक्षाओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 32% आबादी जनजातीय है तथा 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता है और उसके अनुरूप मूल्य देने का कार्य मुख्यमंत्री श्री साय ने किया है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया है, बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन श्री संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे वनोपज संग्राहक उपस्थित थे।

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अवैध धान परिवहन और भंडारण पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी,तीन अलग-अलग जगहों पर बाइस बोरी से अधिक धान जप्त

जशपुरनगर 19 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान के परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। राजस्व, खाद्य एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए करीब 2220 बोरी धान जब्त किया गया है। सभी मामलों में विधिसम्मत कार्यवाही प्रारम्भ की गई है।

*एसडीएम पत्थलगांव की निगरानी में अवैध भंडारित 1400 बोरी धान जब्त* -
एसडीएम पत्थलगांव के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने काडरो एवं मुड़ाबाहला के आसपास के सात अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में पाया गया कि पुराने धान को अवैध बिक्री की मंशा से डंप एवं संचित किया गया था। मौके पर लगभग 1400 बोरी धान जब्त कर राजस्व विभाग को सुपुर्द किया गया है।

*संयुक्त टीम ने लोदाम बैरियर में पकड़ा 700 बोरी धान से भरा ट्रक* -
साईटांगरटोली बैरियर लोदाम में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, फूड इंस्पेक्टर एवं उड़नदस्ता टीम द्वारा ट्रक क्रमांक  एपी 16 टीजे 0799 को रोककर जांच की गई। ट्रक में लगभग 700 बोरी धान लोड था। वाहन चालक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने पर वाहन एवं धान को तत्काल जब्त करते हुए लोदाम थाना के सुपुर्द किया गया। फूड इंस्पेक्टर को नियमानुसार आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

*बिना वैध दस्तावेज के परिवहन कर रहे 120 बोरी धान को जब्त किया गया* - 
इसी दौरान साईटांगरटोली बैरियर लोदाम में ही संयुक्त टीम द्वारा एक अन्य वाहन क्रमांक जेएच 01 ईडब्लू 9268 को रोककर पूछताछ की गई। वाहन चालक ने धान गुमला से जशपुर की ओर ले जाने की जानकारी दी, परंतु उसके पास किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज नहीं थे। वाहन में लदे लगभग 120 बोरी धान सहित वाहन को जब्त कर लोदाम थाना में सुपुर्द किया गया। फूड इंस्पेक्टर को प्रकरण बनाने के निर्देश दिए गए।


कलेक्टर की चेतावनी — अवैध धान परिवहन भंडारण वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध धान के परिवहन, भंडारण एवं बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों एवं वाहन मालिकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पंजीकृत किसानों से अपील की है कि वे अपना धान केवल अधिकृत समर्थन मूल्य धान खरीदी केंद्रों में ही विक्रय करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दें।

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जिले में कुपोषण मुक्ति के लिए स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग सक्रियता से करें कार्य - कलेक्टर श्री व्यास

जशपुरनगर 19 नवंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में विगत दिवस जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण मुक्ति, टीबी उन्मूलन, संस्थागत प्रसव, आयुष्मान कार्ड सैचुरेशन, जिले के विशेष प्रोजेक्ट स्वास्थ्य मितान, पीवीटीजी हेल्प डेस्क, रिचिंग एवरी डिलीवरी, योगा इन प्रेग्नेंसी, आईआईटी बॉम्बे पोषण मिशन तथा मानव संसाधन की उपलब्धता सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लक्षित योजनाओं एवं सेवाओं का पूरी तत्परता से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में छूटे हुए लोगों का आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड एवं वय वंदना कार्ड बनाने विशेष अभियान चलाया जाए। शत-प्रतिशत पात्र लोगों का कार्ड बनाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे आयुष्मान कार्ड सैचुरेशन पूर्ण हो सके। इसके साथ ही जिले को टीबी मुक्त करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने पर जोर दिया, जिससे टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में मदद मिले। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, सीएमएचओ डॉ जी एस जात्रा, सिविल सर्जन, सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, कॉर्डिनेटर एवं पीएचसी- सीएचसी के चिकित्साधिकारीगण सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ मौजूद रहे।


*कुपोषण मुक्त करने सक्रियता से करे कार्य* -

कलेक्टर ने कहा कि जिले में कुपोषण मुक्ति के लिए सघन अभियान चलाया जाए। सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुले यह सुनिश्चित करें तथा सीडीपीओ समय-समय पर इनका निरीक्षण अवश्य करें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की बेहतर देखभाल एवं सभी एक्टिविटी सुचारू रूप से संचालित करने हेतु प्रोत्साहित करें। पूरक पोषण आहार नियमित रूप से बच्चों और माताओं को उपलब्ध कराएं। उन्होंने गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी में रखकर समुचित इलाज एवं देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एनआरसी में बेड ऑक्यूपेंसी दर शत-प्रतिशत रहे। गंभीर कुपोषित बच्चों को लगातार 15 दिन तथा अति गंभीर बच्चों को 30 दिन तक एनआरसी में रखकर उपचार किया जाए। सीडीपीओ सप्ताह में एक बार एनआरसी का निरीक्षण कर बच्चों के वजन एवं स्वास्थ्य सुधार की जानकारी लें। एसडीएम की अध्यक्षता में माह में एक बार ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर एवं सीडीपीओ संयुक्त बैठक में शामिल होकर मातृ शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, ओपीडी-आईपीडी तथा जन्म-मृत्यु दर की समीक्षा करें। 


*मातृत्व मृत्यु दर रोकने कराएं शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव* - 

कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। मातृत्व मृत्यु दर रोकने एवं बेहतर देखभाल के लिए स्वास्थ्य अमला सतर्क रहे। प्रसव की निर्धारित तिथि नजदीक आने पर मितानिन रोजाना घर जाकर गर्भवती महिला का स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्थिति की जानकारी लें। हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान कर विशेष स्वास्थ्य परीक्षण, समुचित देखभाल एवं उचित समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए लोगों को अस्पताल में ही सुरक्षित प्रसव कराने के लिए प्रेरित करने हेतु प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य एवं मानव संसाधनों को दुरुस्त करने, दवाइयों की उपलब्धता, आवश्यक टेस्ट एवं सी सेक्शन की सुविधा को सुचारू रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, अतः जिला अस्पताल में अनावश्यक रेफर की आवश्यकता नहीं पड़े।

*अपेक्षा अनुरूप कम परफार्मेंस पर जताई नाराजगी* - 
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य मानव संसाधन की स्थिति की जानकारी ली और जहां खाली स्वीकृत पद हैं वहां भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने निर्देशित किया। आरोग्य मेला, टेली मेडिसिन, टीकाकरण, फैमिली प्लानिंग, हाट बाजार क्लिनिक, आउटरीच गतिविधि, एनसीडी जांच आदि की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कई स्थानों पर आवश्यकता से अधिक चिकित्सा स्टाफ मौजूद होने एवं उसके अनुरूप डिलीवरी, ओपीडी और स्वास्थ्य सेवाएं कम मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई तथा कम स्टाफ वाले स्थानों पर मानव संसाधन को समुचित रूप से शिफ्ट करने के निर्देश दिए।

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राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत : 200 यूनिट तक मिलेगा हाफ बिजली का लाभ,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की घोषणा

रायपुर, 19 नवंबर 2025/ राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता  सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि  में  वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

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राज्य में सहकारी कर्मचारियों के हड़ताल का कोई प्रभाव नही,सभी जिलों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जारी,


 
रायपुर 19 नवंबर 2025/ राज्य के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के अनवरत रूप से जारी है। धान खरीदी शुरू हुए अभी चार दिन ही हुए है, इसके बावजूद भी राज्य के उपार्जन केंद्रों में धान की आवक तेजी से होने लगी है। राज्य में औसतन प्रतिदिन दो से ढाई लाख क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर होने लगा है। सहकारी समिति के कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद भी पूरे राज्य में धान खरीदी अप्रभावित है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। कल 17 नवंबर को राज्य में किसानों से 2,43,831 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई, जिसमें 1,05,342 क्विंटल मोटा, 71,603 क्विंटल पतला तथा 66,886 क्विंटल सरना धान शामिल है।
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न  हो। धान उपार्जन के समानांतर किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस साल धान खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी दी है, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाएं। 

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। रिपोर्ट के आधार पर 17 नवंबर को 725 उपार्जन केन्द्रों में किसानों ने अपना धान बेचा है। बेमेतरा जिले में सर्वाधिक 39,015 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया, जबकि राजनांदगांव जिले ने 35,162 क्विंटल और रायपुर जिले ने 28,272 क्विंटल धान का उपार्जन कर क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। खाद्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 17 नवंबर को बस्तर जिलें में 95.2 क्विंटल बीजापुर में 137.2 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 1.6 क्विंटल, कांकेर में 80, कोण्डागांव में 1147.6, नारायणपुर में 7.2, सुकमा में 24.4, बिलासपुर में 1573.6, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 2550, जांजगीर चांपा में 67.6, कोरबा में 97.2, मुंगेली में 2224, रायगढ़ में 1413.2, सक्ती में 48, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 917.6, बालोद में 19656, बेमेतरा में 39015.2, दुर्ग में 27699.2, कवर्धा में 3682.4, राजनांदगांव में 35162.4, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई में 14322.8, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी में 834.8, बलौदाबाजार में 19419.6, धमतरी में 25227.2,गरियाबंद में 9106.4, महासमुंद में 1073.6, रायपुर में 28272.4, बलरामपुर में 612.4, जशपुर में 224, कोरिया में 1193.6, सरगुजा में 276.8, सूजरपुर में 1456.4, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 212 क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया। जिलों से मिली रही सूचना के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की चॉक-चौबंद व्यवस्था को लेकर किसान प्रसन्न है। उन्हें उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए न तो इंतजार करना पड़ रहा है, न ही धान तौलाई में किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है।

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छत्तीसगढ़ के 24.17 लाख किसानों को आज मिलेगी 494 करोड़ की  पीएम किसान सम्मान निधि की 21 वीं किश्त की राशि

रायपुर, 19 नवम्बर 2025/प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत प्रदेश के किसानों को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल 19 नवम्बर को देशभर के किसानों को पीएम सम्मान निधि योजना की 21 वीं किश्त की राशि ऑनलाईन जारी करेंगे। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 17 हजार 640 किसानों को उनके बैंक खातों में 494 करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित की जाएगी।

पीएम किसान सम्मान निधि के राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन धमतरी में कल 19 नवम्बर को किया जा रहा है। इस समारोह में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। यह कार्यक्रम धमतरी के डॉ.शोभाराम देवांगन शासकीय स्कूल परिसर में 12.30 बजे से आयोजित किया जाएगा। 

 केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत 100 से अधिक आबादी वाले 780 बसाहटों को जोड़ने हेतु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना 4-क के तहत 2242 करोड़ रूपयों से अधिक लागत की लगभग 2442 किलोमीटर लंबी 774 सड़कों के निर्माण कार्य का शिलान्यास एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के अंतर्गत 17,357 स्वसहायता समूहों को चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश निधि, बैंक क्रेडिट लिंकेज निधि के 286 करोड़ रूपयों का वितरण करेंगे। 

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान वॉटरशेड कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित प्रदेश स्तरीय वॉटरशेड महोत्सव का भी शुभारंभ करेंगे। इसके अतिरिक्त वे विभिन्न कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित भी करेंगे।

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प्रदेश में समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय सहज,मन्डी में सभी सुविधाएं उपलब्ध 

सफलता की कहानी 

 

रायपुर, 18 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।
 
           महासमुंद जिला के विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है। 

        सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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गरियाबंद जिला को जोन-1, केटेगरी-2 में मिला जल संचय, जन भागीदारी के कार्य के लिए मिला देश में तीसरा स्थान

रायपुर, 18 नवम्बर 2025/ जल संचय और जन भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला को जोन-1, केटगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के कर कमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत गरियाबंद जिले को विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। इससे न सिर्फ गरियाबंद जिला, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस दौरान केंद्रिय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल, जल शक्ति एवं रेल मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री वी. सोमन्ना एवं जल शक्ति मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी उपस्थित थे। यह पुरस्कार जिले के कलेक्टर श्री बी एस उइके, जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस के बर्मन एवं सहायक अभियंता श्री मनोज ताण्डिल्य ने प्राप्त किया। राष्ट्रीय जल संचय एवं जलभागीदारी कार्य के लिए तीसरा पुरस्कार के रूप में गरियाबंद जिले को एक करोड़ रूपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ। गौरतलब है कि गरियाबंद जिला, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन के बाद ईस्ट जोन का तृतीय बेस्ट जिला चुना गया। 

उल्लेखनीय है कि जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए गरियाबंद को छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ एक करोड़ रूपए का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह उपलब्धि जिले के विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के क्रियान्वयन का परिणाम रहा है, जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले में तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान - कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा - नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरूआत की गई है। भू-जल रिचार्ज के लिए तकनीकी नवाचार  जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, कार्य किए गए है।

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जल संचय, जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान,राष्ट्रपति के हाथों कलेक्टर ने पुरस्कार ग्रहण किया

रायपुर, 18 नवंबर 2025/ जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जिले को उत्कृष्ट कार्य के लिए एक करोड़ रूपए की राशि से सम्मानित किया है। महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने इस पुरस्कार को ग्रहण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। 

गौरतलब है कि जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिला को बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आज आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने महासमुंद जिले में जल संचय, जन भागीदारी में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार दिया। जिससे जिले को एक करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री सीआर पाटिल, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री श्री वी सोमन्ना एवं अन्य अतिथियों के अलावा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। जिले की ओर से कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के साथ जल संसाधन विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण के लिए यह उपलब्धि मिली है।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संपूर्ण महासमुंद जिले वासियों को दिया है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सम्मानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं संपूर्ण जिले वासियों के अथक प्रयासों एवं सक्रिय सहभागिता के फलस्वरूप जल संचयन एवं जन भागीदारी अभियान में जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सका है। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित पूरे जिले वासियों के प्रति आभार प्रकट किया है। श्री लंगेह ने जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान में बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर महासमुंद जिले को भारत के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त होने पर संपूर्ण जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

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मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने हॉकी मेन्स जूनियर वर्ल्ड कप ट्रॉफी 2025 का किया भव्य अनावरण

रायपुर, 18 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विश्व की प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की चमचमाती ट्रॉफी पहली बार भारत टूर के तहत आज छत्तीसगढ़ पहुंची और विधानसभा परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में इसका अनावरण किया गया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि भारत में एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन होना अत्यंत गर्व की बात है और इस ट्रॉफी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए विशेष सम्मान का अवसर है। उन्होंने हॉकी इंडिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ट्रॉफी टूर देशभर में खेलों के प्रति उत्साह एवं प्रेरणा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा इस अभियान का शुभारंभ देश में खेल भावना को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शुरू से ही हॉकी की उर्वर भूमि रहा है। राजनांदगांव, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और कोरबा जैसे जिलों से बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी खेल में अपना भविष्य संवार रहे हैं। ट्रॉफी का यहां आगमन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री साय ने कहा कि यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और सपनों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी इंडिया, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी को बधाई और शुभकामनाएं भी दी।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्रॉफी के भव्य अनावरण के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, संघ के अन्य पदाधिकारी, हॉकी संगठन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

*भारत पहली बार बनेगा जूनियर वर्ल्ड कप का मेजबान*

गौरतलब है कि एफआईएच हॉकी जूनियर मेन्स वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। प्रतियोगिता 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगी और तमिलनाडु के चेन्नई व मदुरै में आयोजित की जाएगी।

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