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नाबालिक छात्रा के साथ के साथ दुष्कर्म करने वाला व्याख्याता गिरधारी राम यादव निलंबित 

जशपुर 16 नवम्बर 25/ शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने प्रतिवेदन के आधार पर श्री गिरधारी राम यादव, व्याख्याता को किया  निलंबित 

विभाग से मिली जानकारी अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत  नाबालिक छात्रा के साथअमर्यादित एवं अशोभनीय कृत्य किया गया है, जिसके कारण श्री यादव के विरूद्ध पुलिस थाना जशपुर जिला जशपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा, 74, 75 64(2) (m), 65(1), 6, 8 के तहत प्रथम सूचना दर्ज किया गया है।

श्री यादव का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के सर्वथा विपरीत है। अतएव पूर्ण विचारोपरान्त श्री गिरधारी राम यादव, व्याख्याता जशपुर जिला जशपुर को छ०ग० सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा उनका मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक, शिक्षा, सरगुजा संभाग, अम्बिकापुर नियत किया जाता है।

"यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा'

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बिलासपुर शहर में स्थापित होगी भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा,मुख्यमंत्री ने जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर की घोषणा

रायपुर 16 नवम्बर 2025/पुलिस परेड ग्राउंड, बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास शौर्य, बलिदान और गौरव से ओत-प्रोत है। देश की स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीरों का योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय रहा है, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक रूप से अधिकारी थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा की स्थापना तथा शहर के एक प्रमुख चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने, जनजातीय बालक-बालिकाओं के लिए 300 और 200 सीटर के अत्याधुनिक पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास की स्थापना तथा कोटा ब्लॉक में जनजातीय समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपेक्षा को सुधारा है और जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान एवं विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वे स्वयं भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि में गए और समाज की प्रगति के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय ने पूरे देश में स्वाभिमान और गर्व की नई चेतना जगाई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती संग्रहालय और रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन कर देशभर के जनजातीय वीरों और नायकों के योगदान को सम्मानित किया है। यह संग्रहालय डिजिटल स्वरूप में भी उपलब्ध है, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से बेहतर ढंग से परिचित हो सके।

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने ही झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर जनजातीय समाज को नई पहचान दी। उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय की स्थापना कर जनजातीय विकास हेतु विशेष बजट प्रावधान सुनिश्चित किए। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लगभग 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि से देश के 6,600 से अधिक गांवों में तीव्र विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत सड़क, आवास और मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है तथा इस उपलब्धि के लिए राज्य को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर जिले में 329 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास पर जनता को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों, समाजसेवियों तथा स्कैच तैयार करने वाली दीपिका ध्रुव को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन बिलासपुर के लिए सौभाग्य और सम्मान का दिन है, जब 329 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को स्वतंत्रता आंदोलन के महा-नायक बताते हुए नवा रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम की विशेषताओं का उल्लेख किया और सभी से उसे अवश्य देखने की अपील की।

इस अवसर पर विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप लहरिया, श्री अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जनजातीय समाज के श्री हेमंत राज, श्री वीरेंद्र सिंह राज, श्री उमेश कश्यप, श्रीमती वंदना उइके, श्री वेद सिंह मरकाम, संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला शुरू,खरीदी केन्द्रों में किसानों को फूल-माला पहनाकर किया गया स्वागत

रायपुर 15 नवम्बर 2025/छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाअभियान आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। यह अभियान राज्य के सभी जिलों में 31 जनवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी के लिए सम्पूर्ण चाक-चौबंद और पारदर्शी व्यवस्था की गई है।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए इस साल राज्य में 2739 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, भुगतान की सुविधा सुगम बनाने हेतु माइक्रो एटीएम भी स्थापित किए गए हैं। खरीदी के पहले दिन प्रदेश में 18639 क्विंटल धान की खरीदी की गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी किसानों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि किसानों की मेहनत से ही प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेती-किसानी को बढ़ावा देने के लिए निष्ठा, संवेदनशीलता और सजगता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। किसानों की किसी भी प्रकार की असुविधा को रोकने के लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष धान खरीदी को तकनीक-सक्षम बनाते हुए तुँहर टोकन ऐप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क ऐप और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसी व्यवस्थाएँ मजबूत की गई हैं।

धान खरीदी के पहले दिन राज्यभर के खरीदी केंद्रों में किसानों का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया गया। विभिन्न जिलों में मंत्रिगणों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने धान खरीदी का विधिवत् शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने बिलासपुर जिले के सेंदरी धान खरीदी केंद्र में खरीदी की शुरुआत की, वहीं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के महाराजपुर धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी का शुभारंभ किया।

इसी प्रकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने सूरजपुर जिले के चंद्रपुर धान खरीदी केंद्र में विधि-विधान के साथ खरीदी प्रारंभ की और किसानों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले के डौरा-कोचली धान खरीदी केंद्र में पहुँचकर किसानों का आत्मीय स्वागत करते हुए खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की।

सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर जिले के पल्ली धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर खरीदी अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिले के मालगांव धान खरीदी केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और किसानों द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर खरीदी का आरंभ किया। कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने महासमुंद जिले के झालखमरिया धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत की।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच सके, समय पर भुगतान पाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सम्मानजनक हो। आज प्रदेशभर में जिस उत्साह और विश्वास के साथ किसानों ने खरीदी केंद्रों का रुख किया, वह छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। आगामी दिनों में खरीदी प्रक्रिया और अधिक सुगमता के साथ चले, इसके लिए सभी जिला प्रशासन सतर्क और प्रतिबद्ध हैं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार का ध्येय केवल धान खरीदना नहीं, बल्कि किसान के श्रम का सम्मान सुनिश्चित करना है और यही भावना इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।

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मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में किया राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण


बिलासपुर,15 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान शहर के मध्य स्थित रघुराज स्टेडियम में दानदाता गोंड राजा रघुराज सिंह जगत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। पंडरिया जमींदारी के राजा रघुराज सिंह जगत द्वारा शहर के बीचोबीच दान की गई लगभग 5 एकड़  भूमि पर इस ऐतिहासिक स्टेडियम का निर्माण किया गया है। क्रिकेट सहित कई इनडोर खेल प्रतियोगिताएं इसमें आयोजित होती हैं। मालूम हो कि अविभाजित बिलासपुर जिले की पश्चिम सीमा में पंडरिया जमींदारी शामिल थी। वर्ष 1958 में यहां के राजा रघुराज सिंह जगत ने बिलासपुर शहर के बीचोबीच स्थित अपनी बेशकीमती जमीन खेलों के विकास के लिए दान कर दी थी। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा दान में दी गई भूमि पर स्टेडियम बना है। फिजिकल कल्चरल सोसाइटी फिलहाल इसकी देखरेख करती है। राजा रघुराज सिंह क्रिकेट स्टेडियम कई रणजी मैचों का गवाह रह चुका है । स्टेडियम में 1978, 1979 और 1981 में विदर्भ क्रिकेट टीम के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम और रेलवे क्रिकेट टीम के खिलाफ तीन रणजी मैचों की मेजबानी भी कर चुका है। इसके अलावा यहां कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुके खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्टेडियम में खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया। 
   इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव,  विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह,श्री सुशांत शुक्ला,  महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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बिलासपुर में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 329 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर 15 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान पुलिस ग्राउंड में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जिले को विकास की नई सौगात देते हुए 329 करोड़ 77 लाख रूपए से अधिक की लागत वाले 47 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 309 करोड़ 95 लाख रूपए से अधिक की लागत से 42 कार्यों का शिलान्यास तथा 19 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कोनी में 11 करोड़ 91 लाख 17 हजार रूपए की लागत से निर्मित संभागीय आयुक्त कार्यालय का लोकार्पण किया। इसी क्रम में 11 लाख रूपए की लागत से निर्मित राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। स्मार्ट सिटी के तहत 6 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत से तैयार वंदे मातरम उद्यान एवं ड्यूल पाइपिंग अंतर्गत एसटीपी निर्माण कार्य, नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 18 में 30 लाख 33 हजार रूपए की लागत से रिटर्निंग वॉल, इंटरलॉकिंग पोर्च, टाइल्स एवं चैनल लिंक फेंसिंग का कार्य तथा महमंद में 50 लाख रूपए की लागत से प्राथमिक शाला लालखदान के नवीन भवन में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया गया। उन्होंने कोटा भैंसाझार में 4 करोड़ 43 लाख रूपए की लागत से प्रस्तावित भैंसाझार उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास किया। साथ ही टिकरी एवं चिल्हाटी में 30-30 लाख रूपए की लागत से महतारी सदन निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया।

इसके अतिरिक्त श्री साय ने जिले में व्यापक सड़क, पुल-पुलिया एवं सिंचाई संरचनाओं के उन्नयन एवं निर्माण से जुड़े अनेक कार्यों की आधारशिला रखी, जिनमें प्रमुख रूप से 69 करोड़ 79 लाख 94 हजार रूपए से सिरगिट्टी–सरवानी–पासीद–अमलडीहा–बरतोरी–दगोरी मार्ग का उन्नयन, 32 करोड़ 9 लाख 15 हजार रूपए से नेहरू चौक–दर्रीघाट मार्ग (10.70 किमी), 59 करोड़ 55 लाख 27 हजार रूपए से कोनी–मोपका बायपास मार्ग (13.40 किमी),
4 करोड़ 78 लाख 86 हजार रूपए से करमा–बरभांठा–सरगाढोड़ी मार्ग (4.20 किमी), 2 करोड़ 99 लाख 87 हजार रूपए से बिलासपुर–रतनपुर–कटघोरा मार्ग (1.40 किमी) का मजबूतीकरण, 2 करोड़ 89 लाख रूपए से भरदैयाडीह–कलमीटार मार्ग (2.30 किमी), 6 करोड़ 70 लाख 58 हजार रूपए से सीपत नवाडीह चौक–दर्राभाठा–लीलागर पुल मार्ग (4.525 किमी),2 करोड़ 20 लाख 91 हजार रूपए से दबकी नाला पर पुल एवं पहुंच मार्ग, 6 करोड़ 96 लाख 84 हजार रूपए से जांजी गांव–सीआईएसएफ कॉलोनी तक सीसी रोड (1.675 किमी),
तथा 99 लाख 99 हजार रूपए से नवीन सामुदायिक भवन निर्माण शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर जिले के विविध ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में वृहद पुल निर्माण के अनेक कार्यों का शिलान्यास किया गया, जिनमें शिवघाट बैराज से मंगला एसटीपी तक सड़क निर्माण (8 करोड़ 12 लाख 68 हजार रूपए), बगधर्रा–गौरखुरी, सरगोड़–कुरदर, झरना–बैगा मोहल्ला, बागथपरा आदि मार्गों पर करोड़ों रूपए की लागत से वृहद पुल निर्माण, पीएम जनमन योजना अंतर्गत आमागोहन–छपरापारा एवं कुम्हड़ाखोल में महत्वपूर्ण पुल निर्माण, तथा खारंग, कोपरा, बहतराई, पेंडारी, लखराम, अकलतरी जलाशयों एवं नहरों के उन्नयन, लाइनिंग एवं मरम्मत कार्य प्रमुख हैं।

इन सभी विकास कार्यों के माध्यम से बिलासपुर जिले में आधारभूत संरचना, सिंचाई सुविधा, शैक्षणिक ढांचे, शहरी विकास और सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया गया है। यह व्यापक विकास-संकल्प न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में बिलासपुर को आधुनिक, सक्षम और समृद्ध जिले के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव भी रखेगा।

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भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के अवसर पर रणजीता स्टेडियम में हुआ जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन

मुख्य अतिथि सांसद श्री राधेश्याम राठिया सहित सभी अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद करते हुए उन्हें किया नमन

सांसद ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पाती का किया वाचन

जशपुरनगर, 15 नवंबर 2025/ भगवान बिरसा मुंडा के 150 जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात से जिले में जनजातीय क्षेत्रों के विकास हेतु वर्चुअली 129.15 करोड़ से अधिक की लागत के विकासकार्यों का  लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। जिले में रणजीता स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद श्री राधेश्याम राठिया और विधायक श्रीमती रायमुनी भगत एवं श्रीमती गोमती साय सहित अन्य अतिथियों ने छत्तीसगढ़ महतारी, भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीर नारायण सिंह की छायाचित्र पर  दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
      इस अवसर पर शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव  एवं उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव 2025 का आयोजन हुआ। इस मौके पर पद्म श्री जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवती, कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका जशपुर अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्री गंगाराम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव,  कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्री संजय सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के पाती का वाचन किया। 
        इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में देश की आजादी के लिए भगवान बिरसा मुंडा द्वारा किए गए अमूल्य योगदान को नमन करते हुए कहा कि ऐसे महानायक युगों-युगों में विरले ही जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में असंख्य आदिवासी वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर राष्ट्र को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहे हैं। श्रीमती साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत कर आदिवासी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास हेतु अनेक योजनाएँ क्रियान्वित की हैं। उन्होंने कहा कि भारत रत्न, भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय मंत्रालय का गठन कर जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक दूरदर्शी योजनाओं का मार्ग प्रशस्त किया था, जिनका लाभ आज भी जनसमुदाय प्राप्त कर रहा है।  
    विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने अपने उद्बोधन में भगवान बिरसा मुंडा के अद्वितीय संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अमूल्य है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह सहित अनेक आदिवासी महानायकों के बलिदान को नमन किया और देश की एकता व अखंडता के लिए सभी को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी एक साथ मिलकर कार्य करें, तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा संकल्पित विकसित भारत के लक्ष्य को अवश्य ही साकार किया जा सकता है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने इस अवसर पर अपने प्रतिवेदन में जिले के जनजातीय क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों का विस्तार के उल्लेख किया।

*सांसद श्री राधेश्याम राठिया सहित अन्य अतिथियों ने जनजातीय समुदाय के अमर बलिदानियों को  श्रंद्धाजलि अर्पित की*

  सांसद श्री राधेश्याम राठिया सहित अन्य अतिथियों ने इस अवसर पर अमर बलिदानी शम्भुघन फूँगलो असम, तामा डोरा उड़ीसा, डेलन शाह मध्यप्रदेश, यू कियांग नोंगबा मेघालय, रेंडो मांझी उड़ीसा, चक्र बिशोई उड़ीसा, भीमा नायक मध्यप्रदेश, उ तिरोत सिंग मेघालय, राघोजी भांगरे महाराष्ट्र, वीरांगना लीपा अंडमान निकोबार, सुरेंद्र साय उड़ीसा, राणा पूंजा भील राजस्थान, रघुनाथ सिंह मंडलोई मध्यप्रदेश, टंट्या भील मध्यप्रदेश, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह मध्यप्रदेश, हाइपौ जादोनांग मणिपुर, मर्री कामय्या आंध्रप्रदेश, बाबू राव शेडमाके महाराष्ट्र, लक्ष्मण नायक उड़ीसा, हुतात्मा केसरी चंद उत्तराखण्ड, महुआ कोल मध्यप्रदेश, रानी रोपुइलियानी - मिजोरम, नानक जी भील राजस्थान, खाज्या नायक मध्यप्रदेश, वेंकटप्पा नायक कर्नाटक, तिलका मांझी बिहार, सिनगी दई बिहार, तलक्कल चंदू केरल, अल्लूरी सीताराम राजू आंध्रप्रदेश के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

*हर विकासखंड से उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव से 1-1 और शहीद वीर नारायण लोक कला महोत्सव नृत्य प्रतियोगिता के तहत 1-1  नर्तक दलों के दी आकर्षक प्रस्तुति*

    जशपुर विकासखंड से सरना करमा नृत्य दल बालाछापर और आदिवासी सांस्कृतिक लोक नृत्य दल, कोमड़ों। मनोरा विकासखंड से आदिवासी नृत्य दल सोगड़ा और करमा नृत्य दल बुमतेल। दुलदुला विकासखंड से करमा नृत्य दल दुलदुला और करमा नृत्य दल लोरा। कुनकुरी विकासखंड से करमा नृत्य दल घटमुण्डा और करमा नृत्य दल बरडाँड। फरसाबहार विकासखंड से आदिवासी पारंपरिक करमा लोक नृत्य दल बनगाँव और आदिवासी पारंपरिक करमा लोक नृत्य, पण्डरीपानी। कांसाबेल विकासखंड से जयमाता दी करमा नृत्य पार्टी, टाटीडाँड और  करमा दल खुटेरा। बगीचा विकासखंड से आदिवासी करमा दल और  नटकेला  आदिवासी करमा दल टट्केला। पत्थलगांव विकासखंड से आस्था लोक नृत्य पार्टी, माकरचुंवा (तरेकेला) और 
भूमरी मितान लोक नृत्य कोकियाखार

*छात्रों द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्यों ने सभी का मन मोहा*

कार्यक्रम में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सन्ना के छात्रों ने सरस्वती वंदना और देवार करमा लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। वही एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय ढुढरुडांड़ और  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय घोलेंगे के छात्रों द्वारा प्रस्तुत सामूहिक लोक नृत्य और  पूर्णिमा डांस ग्रुप द्वारा प्रस्तुत आकर्षक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के कोनी में नवीन संभागायुक्त कार्यालय भवन का किया लोकार्पण

रायपुर 15 नवंबर 2025 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में नवीन संभागायुक्त कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण अरपा नदी के तट पर लगभग ढाई एकड़ क्षेत्र में किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि संभागायुक्त कार्यालय भवन में बेसमेंट सहित भूतल तथा प्रथम तल का निर्माण किया गया है। प्रत्येक तल का निर्माण क्षेत्र 1620 वर्गमीटर है। भूतल में 10 कक्ष और एक विशाल हॉल निर्मित किए गए हैं। इसी प्रकार प्रथम तल में 12 कक्ष, एक हॉल और अलग से प्रसाधन की व्यवस्था की गई है। भवन में संभागायुक्त एवं अपर आयुक्त के कक्ष, न्यायालय कक्ष, बैठक कक्ष तथा उपायुक्त (राजस्व), विकास, लेखा अधिकारी के कार्यालय कक्षों के साथ पृथक स्टाफ रूम भी शामिल हैं। नए भवन में अधिवक्ताओं और पक्षकारों की सुविधाओं का भी समुचित ध्यान रखा गया है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अटल श्रीवास्तव, श्री दिलीप लहरिया, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने किया भगवान बिरसा मुंडा का स्मरण:जनजातीय गौरव दिवस पर बस्तर पहुंचे सीएम श्री साय

रायपुर 15 नवंबर 2025/ धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के पावन अवसर पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आज जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में विभिन्न जनजातीय समाज के प्रमुखों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री का पारंपरिक सिहाड़ी माला, पगड़ी (साफा) और एक विशाल गजमाला भेंट कर सम्मान किया गया, जिसने पूरे आयोजन में सांस्कृतिक उल्लास भर दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सिटी ग्राउंड, जगदलपुर में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी और भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र सहित जनजातीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पश्चात अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय उत्थान और सम्मान के लिए उठाए गए ऐतिहासिक राष्ट्रीय कदमों का स्मरण करते हुए कहा कि जनजातीय कल्याण की दिशा में तीन बड़े मील के पत्थर रखे गए हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व को याद किया, जिनके कार्यकाल में ही आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों का गठन किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे जनजातीय पहचान को सम्मान देने और उनके त्वरित विकास की दिशा में युगांतरकारी निर्णय बताया। इसके अतिरिक्त, वाजपेयी जी ने ही जनजातीय हितों की रक्षा और विकास हेतु एक अलग ‘जनजातीय कार्य मंत्रालय’ का गठन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित कर पूरे राष्ट्र में जनजातीय नायकों के सम्मान की एक ऐतिहासिक परंपरा स्थापित की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिवासी समुदाय के ‘धरती आबा’ के नाम से पूजनीय बिरसा मुंडा ने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और स्थानीय शोषकों के खिलाफ एक अभूतपूर्व क्रांति का सूत्रपात किया था, जिसे इतिहास में ‘उलगुलान’ के नाम से जाना जाता है।

उल्लेखनीय है कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को हुआ था। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों के पारंपरिक ‘खुंटकट्टी’ (सामुदायिक स्वामित्व) भूमि अधिकारों को छीनने और अत्यधिक लगान थोपने का विरोध प्रारंभ कर दिया था। बिरसा एक महान समाज सुधारक भी थे। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में एकता, स्वाभिमान और आत्म-सम्मान की अद्भुत चेतना जागृत हुई। भारत सरकार ने उनके राष्ट्र एवं समाज को दिए योगदान को सम्मानित करते हुए उनके जन्मदिन 15 नवंबर को प्रतिवर्ष ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों के अमूल्य बलिदान को स्मरण करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार इसी संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ जनजातीय समुदाय के उत्थान की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने जनजातीय समुदाय के पूर्वजों के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और सामाजिक सुधारों से प्रेरणा लेने का आव्हान युवाओं एवं भावी पीढ़ी से किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और सतत संवर्धन को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में जगदलपुर के विधायक श्री किरण देव ने बस्तर अंचल के जनजातीय समुदाय के क्रांतिकारी जननायक शहीद गुंडाधुर, डेबरीधुर, गेंदसिंह आदि के संघर्षों एवं योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने आजादी की लड़ाई और बस्तर के जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अद्भुत त्याग किया। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में जनजातीय समुदाय की एकजुटता और उत्थान के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहे।

कार्यक्रम को जगदलपुर विधायक श्री किरण देव तथा जनजातीय गौरव समाज के संभागीय अध्यक्ष श्री तुलूराम कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, जगदलपुर महापौर श्री संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के गणमान्यजन और नागरिक उपस्थित थे।

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कैबिनेट मंत्री श्री यादव ने रायगढ़ जिले के कोड़ातराई में धान खरीदी योजना का किया शुभारंभ,31 सौ रुपए समर्थन मूल्य देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्यः कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव

रायगढ़, 15 नवम्बर 2025/ किसानों के सम्मान और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने आज धान खरीदी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 का ऐतिहासिक शुभारंभ किया। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के मंत्री श्री गजेन्द्र यादव आज रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखण्ड स्थित ग्राम कोड़ातराई पहुंचे, जहाँ उन्होंने धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी सीजन का विधिवत शुभारंभ किया। मंत्री श्री यादव ने इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन का पूजन किया और अन्न माता के प्रतीक के रूप में किसानों द्वारा लाए गए धान का विधि-विधान से पूजन कर शुभकामनाएँ दीं।
             कैबिनेट मंत्री श्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के गौरव और भविष्य को सुरक्षित करते हुए धान का समर्थन मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है और यह गौरव छत्तीसगढ़ को किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों का सम्मान हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश में सबसे अधिक समर्थन मूल्य देकर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाला पहला राज्य छत्तीसगढ़ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की जरूरतों, समस्याओं और आकांक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। किसान समृद्ध होंगे तो छत्तीसगढ़ और भारत दोनों विकसित बनेंगे। 
             मंत्री श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक किसान आर्थिक रूप से सक्षम, आधुनिक कृषि तकनीक से सशक्त और आत्मनिर्भर बने। सरकार किसानों को खाद, बीज, ऋण, कृषि उपकरण, प्रशिक्षण और डिजिटल सुविधाएँ सरलता से उपलब्ध करा रही है, ताकि खेती अधिक उत्पादक और लाभकारी हो सके। उन्होंने कहा कि आज अपने गृह क्षेत्र से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय कर रायगढ़ पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है, क्योंकि वे यहां के मेहनतकश किसानों से सीधे संवाद कर उनकी स्थिति, आवश्यकताओं और उम्मीदों को नजदीक से समझ पा रहे हैं।
            रायगढ़ जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया आज से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। जिले के सभी पंजीकृत और पात्र किसान निर्धारित उपार्जन केंद्रों में प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान विक्रय कर सकेंगे। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं। कर्मचारियों का प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है, केंद्रवार अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है और धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक सभी सुविधाएँ सुनिश्चित कर दी गई हैं। जिले में कुल 105 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदा जाएगा, जिनमें 15 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए 24 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहाँ तीन पालियों में टीमें तैनात रहकर लगातार जांच और निगरानी कर रही हैं। धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने और किसानों को पारदर्शी सुविधा प्रदान करने के लिए “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप लागू किया गया है। इस ऐप में प्रतिदिन सुबह 8 बजे टोकन उपलब्ध होंगे और सोसायटी संचालक सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी कर सकेंगे। टोकन सात दिनों तक वैध रहेंगे और आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे बिना किसान की सहमति कोई टोकन जारी नहीं हो सकेगा।

*अब किसानों को ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत नही*
राज्य शासन ने किसानों के लिए एक और बड़ी राहत दी है। अब किसानों को उपार्जन केंद्र में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता नहीं है। एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किसान का संपूर्ण डेटा स्वचालित रूप से सत्यापित हो जाएगा, जिससे खरीदी प्रक्रिया और तेज व पारदर्शी बनेगी। इस वर्ष संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन श्रेणी, डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टा धारक और ग्राम कोटवार वर्ग को विशेष अनुमति प्रदान की गई है। खरीदी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा होगी।
              कार्यक्रम के दौरान किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, श्री गोपाल अग्रवाल, श्री ब्रजेश गुप्ता, श्रीमती लक्ष्मी जीवन पटेल, श्रीमती रजनी राठिया, जनपद अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, श्री अरुण धर दीवान, श्री विकास केडिया, श्री पवन शर्मा, श्री पावन अग्रवाल, श्री जतिन साव, श्री सतीश बेहरा, श्री अशोक अग्रवाल, ज्योति भगत, साहनू पैकरा, मानी मोहित सतपथी, महेश उरांव, श्री संजय अग्रवाल, श्री शैलेश माली, जैमिनी गुप्ता, कमल पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पंजीकृत किसान उपस्थित थे। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी तथा पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने कैबिनेट मंत्री श्री यादव का आत्मीय स्वागत किया।

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जनजातीय क्षेत्रों में विकास हेतु प्रधानमंत्री ने जिले वर्चुअली माध्यम से 129.15 करोड़ से अधिक की लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण,भूमिपूजन और शिलान्यास

 जशपुरनगर, 15 नवंबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर जनजातीय क्षेत्रों के विकास हेतु वर्चुअली 129.15 करोड़ से अधिक की लागत के विकासकार्यों का  लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिकात्मक तौर पर इन विकासकार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इनमें 79 करोड़ 35 लाख 22 हजार रुपए लागत के दो एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन का शिलान्यास, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 44 करोड़ की लागत के 16  छात्रावास एवं आश्रम भवन का भूमिपूजन, 01 करोड़ की लागत के जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्र और पीएम जनमन योजना अंतर्गत 4 करोड़ 80 लाख रुपए लागत के 8 बहुउद्देशीय केंद्रों का लोकार्पण कार्य शामिल है। 
    इस अवसर पर पद्म श्री जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवती, कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका जशपुर अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्री गंगाराम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव,  कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
     प्रधानमंत्री ने 79 करोड़ 35 लाख 22 हजार रुपए लागत के जिन  02 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन का शिलान्यास किया। उनमें 39 करोड़ 67 लाख 85 हजार रुपए लागत से जशपुर में बनने वाली एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन और 39 करोड़ 67 लाख 85 हजार रुपए लागत से मनोरा विकासखंड के ग्राम ढेंगनी में बनने वाली एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन  का निर्माण कार्य शामिल है।  
    इसी प्रकार उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 44 करोड़ की लागत के 16  छात्रावास एवं आश्रम भवन का भूमिपूजन किया गया।  प्रत्येक निर्माण की लागत 2 करोड़ 75 रुपए है। इनमें *विकासखंड जशपुर अंतर्गत*-अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम गिरला
*मनोरा विकासखंड अंतर्गत*- अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम झरगांव, अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम गीधा
*दुलदुला विकासखंड अंतर्गत*-अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम चराईडांड़, 
*बगीचा विकासखंड अंतर्गत*-शा०बालक आश्रम बुरजूडीह, अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम डोभ, नवीन आदिवासी बालक आश्रम कुरूमढोंड़ा,नवीन आदिवासी बालक आश्रम कुसुमटोली बच्छरांव,नवीन आदिवासी बालक आश्रम बेड़ेकोना, नवीन आदिवासी बालक आश्रम झपरा, नवीन आदिवासी बालक आश्रम गुरम्हाकोना, नवीन आदिवासी बालक आश्रम चलनी, अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम, हर्राडीपा, शा० प्री मैट्रिक बालक छात्रावास सन्ना, शा० प्री मैट्रिक बालक छात्रावास पण्ड्रापाठ
कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत*-अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम, चोंगरीबहार का निर्माण शामिल है। 
     इसी प्रकार उन्होंने  बगीचा के महादेवडांड़ में 01 करोड़ की लागत के जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्र और  बगीचा विकासखंड में ही पीएम जनमन योजना अंतर्गत 4 करोड़ 80 लाख रुपए लागत के  8 बहुउद्देशीय केंद्रों का लोकार्पण किया। यह केंद्र ग्राम रोकड़ा के जामुनजोबला,  ग्राम सन्ना के बलादरपाठ में, ग्राम कुटमा के लाईनपारा में , ग्राम सारूढाप में , ग्राम महनई के कसईपानी में, ग्राम बुटंगा के रंगपुर में , ग्राम सामरबार के झुमराडोमर में और ग्राम लरंगा  के लोढेनापाठ में निर्मित किया गया  है।

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धान उपार्जन कार्य में लापरवाही ;सहकारी समिति प्रभारी की सेवा समाप्त की हुई कार्यवाही

रायपुर, 15 नवंबर 2025/  प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. गनियारी द्वारा समिति प्रभारी, गनियारी श्री कौशल वर्मा को गंभीर अनुशासनहीनता के कारण तत्काल प्रभाव से सेवा मुक्त कर दिया गया है।

समिति द्वारा पहले ही श्री वर्मा को जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने पर तत्काल कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। पूर्व में शो कॉज नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बावजूद उनके द्वारा न तो कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई गई और न ही लिखित जवाब प्रस्तुत किया गया।

उनकी लगातार अनुपस्थिति से समिति में धान उपार्जन की तैयारी, रबी ऋण वितरण, खाद–बीज वितरण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े आवश्यक कार्य प्रभावित हुए, जिसे समिति ने व्यापक लोकहित के विपरीत और गंभीर दुराचरण माना।

आज बोर्ड की बैठक के निर्णय के अनुसार सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए श्री वर्मा को समिति प्रभारी पद से तुरंत प्रभाव से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है।

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किसानों की सुविधा के लिए जिले में 46 धान खरीदी केंद्र ,सांसद और विधायक की उपस्थिति में किसान गंगाराम का धान तौलाई की गई 

जशपुर 15 नवंबर 25/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंजीकृत सभी किसानों का धान खरीदी करने के निर्देश दिए हैं।
इसी कड़ी में रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने आज जशपुर विकास खंड गम्हरिया धान खरीदी केन्द्र में धान खरीदी का शुभारंभ किया जिले मे आज से धान खरीदी  शुरू हो गया है।

सांसद श्री राठिया और विधायक  जशपुर श्रीमती रायमुनि भगत ने जशपुर विकास खंड के ग्राम झीलिंग के किसान श्री गंगा राम यादव को फूल माला और शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया।
सांसद की उपस्थिति में  किसान गंगाराम के धान की तौलाई भी करवाया गया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी और खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, विपणन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

 जिले में किसानों की सुविधा के लिए 46 धान खरीदी केंद्र बनाया गया है।
धान खरीदी के लिए किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। प्रशासनिक अमले एवं समिति के कर्मचारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर किसान को समय पर, व्यवस्थित और बिना किसी परेशानी के धान बेचने की सुविधा मिले।

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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू : किसानों की मेहनत का सम्मान हमारा संकल्प - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर, 15 नवंबर 2025/भोर की पहली सुनहरी किरणों के साथ आज छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे किसानों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव बताते हुए कहा कि राज्य सरकार धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध रूप में संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी की सभी तैयारियाँ समय पर पूर्ण कर ली गई हैं और प्रदेश के सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएँ पूरी तरह सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

धान खरीदी व्यवस्था को तकनीक-सक्षम बनाते हुए सरकार ने इस वर्ष तुँहर टोकन एप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क एप, और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसे आधुनिक सिस्टम लागू किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कदम पर हमारी प्राथमिकता किसानों को सुविधा, सम्मानजनक खरीदी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का अटूट विश्वास ही छत्तीसगढ़ की प्रगति की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा हमारे किसान हैं। आज शुरू हो रही धान खरीदी उनके परिश्रम को सम्मान देने का अवसर है। 

धान खरीदी की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर में किसानों में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया और मजबूत तकनीकी व्यवस्था से इस बार की खरीदी और अधिक सहज और व्यवस्थित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से दुलदुला में  दो सड़कों का होगा निर्माण

  जशपुरनगर, 15 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में अधोसंरचना विकास कार्यों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। शहरों से लेकर ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, पुल-पुलिया सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृतियाँ तेजी से प्रदान की जा रही हैं तथा स्वीकृत कार्यों का निर्माण भी  द्रुत गति से जारी है। नए पहुंच मार्गों के निर्माण से दूरस्थ गाँव अब शहरों से सुदृढ़ रूप से जुड़ सकेंगे, जिससे लोगों के दैनिक जीवन, स्थानीय अर्थव्यवस्था, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य तथा व्यापार जैसे सभी क्षेत्रों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। 
  इसी क्रम में दुलदुला विकासखंड में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत दो महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण संपर्क और अधिक मजबूत होगा और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 5 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से छेड़डाढ़ से टुकुटोली 5.13 किलोमीटर लंबी संपर्क सड़क तथा 5 करोड़ 95 लाख की लागत से ठूठीआम्बा से कादोपानी झारखंड पहुंच मार्ग तक 5.70 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के लिए निविदा स्वीकृत कर दी गई है। इन दोनों सड़क मार्गों के बीच लगभग 6 ग्राम पंचायतें स्थित हैं, जिनमें करीब 2,000 की आबादी निवास करती है। सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद इन क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।

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बेमेतरा में छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न,भारत के सबसे ऊँचे बैम्बू टावर पर सीएम ने किया ध्वजारोहण,

रायपुर, 15 नवंबर 2025/ बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में कल एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मलेन कार्यक्रम के तहत भारत का सबसे बड़ा और 140 फीट ऊँचा बैम्बू टावर समर्पित “छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह” का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बना। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति रही ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर पर तिरंगा फहराते हुए कहा कि यह संरचना केवल बाँस का निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और व्यापक संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने बाँस का पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा बाँस आधारित कृषि के प्रसार की अपील की। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थापित बाँस उत्पाद निर्माण इकाइयों, फैक्ट्रियों और प्रोसेसिंग केंद्रों का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों और कारीगरों से संवाद कर उनकी आजीविका के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, नवाचार और प्रगति के नए आयाम रच रहा है। विश्व का सबसे ऊँचा बैम्बू टावर बनाकर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि बाँस आधारित उद्योग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक इन सभी क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ पैदा कर रहे हैं। सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की योजनाएँ लागू कर रही है।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते जलवायु और जलसंकट की स्थिति में बाँस की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। उन्होंने बताया जैसे कि बाँस कम पानी में तेजी से बढ़ता है। मिट्टी कटाव रोकता है और हरियाली बढ़ाता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिला पिछले वर्षों में पानी की कमी से जूझता रहा है। ऐसे में पारंपरिक फसलों के साथ बाँस को अपनाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। बाँस आधारित उद्योग युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा बाँस की खेती और उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं, उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में जलसंकट एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में धान के विकल्प के रूप में बाँस की खेती अपनाना किसानों के लिए लाभदायक होगा। यह फसल जल संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार भी उत्पन्न करती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे बाँस की खेती की ओर अग्रसर हों, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। 

कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू, कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा, एसएसपी रामकृष्ण साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष श्री अजय साहू, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री श्री पाशा पटेल, पूर्व विधायक श्री अवधेश चंदेल, श्री राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं बैठक संपन्न,पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर हुई व्यापक चर्चा

रायपुर, 14 नवंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं तथा वर्तमान सरकार के कार्यकाल की पहली बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विमर्श किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लिए 14 नई परियोजनाओं को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।
              मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादन बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सिंचाई नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई रकबा बढ़ने से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि भूजल स्तर में सुधार होगा और पेयजल आपूर्ति को बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
          बैठक में सरगुजा, बस्तर सहित मैदानी इलाकों तक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर व्यापक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की रूपरेखा, लागत और उनके लाभों की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि प्रदेशभर में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए इन परियोजनाओं को गति प्रदान की जाएगी।
          गौरतलब है कि इन परियोजनाओं के माध्यम प्रदेश में लगभग 01 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले के अंतर्गत देउरगांव बैराज सह उदवहन सिंचाई परियोजना, बस्तर जिले के अंतर्गत मटनार बैराज सह उद्धवहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में महानदी पर मोहमेला सिरपुर बैराज योजना, अहिरन से गाजरीनाला जल संवर्धन निर्माण (खारंग अहिरन लिंक परियोजना) कार्य, बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड अंतर्गत छपराटोला फीडर जलाशय परियोजना, कुम्हारी जलाशय जल क्षमता वृद्धि (जलावर्धन) योजना के अंतर्गत समोदा बैराज से कुम्हारी जलाशय तक पाईप लाईन बिछाने का कार्य, दुर्ग जिले के विकासखण्ड धमधा के सहगांव उद्धवहन सिंचाई योजना, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में लमती फीडर जलाशय एवं नहरों का निर्माण कार्य, राजनांदगांव जिले में स्थित मोहारा एनीकट में पेय जल हेतु चौकी एनीकट से मोहारा एनीकट तक पाईप लाईन के माध्यम से जल प्रदाय योजना, जशपुर जिले के मैनी नदी में बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई योजना की स्वीकृति,
जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव बांगों परियोजना अंतर्गत वृहद परियोजना ऑगमेण्टेशन के अंतर्गत परसाही दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई परियोजना, कोरबा जिले के अंतर्गत मड़वारानी बैराज निर्माण सह उदवहन सिंचाई योजना, गरियाबंद जिले के पैरी परियोजना के अंतर्गत सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक नहर (पाईप लाईन) योजना तथा बिलासपुर जिले के खारंग जलाशय योजना के बाएं तट नहर के आर्वधन हेतु पाराघाट व्यपवर्तन योजना से उद्धवहन फीडर सिंचाई का निर्माण कार्य शामिल किया गया है। 
                  बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा  विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उइके सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

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जशपुर में नाबालिग से कई बार दुष्कर्म करने वाला आरोपी शिक्षक फरार, पुलिस का दावा आरोपी गिरधारी राम यादव को जल्द गिरप्तार कर भेजा जाएगा जेंल

 जशपुर : 14नवम्बर 2025 : जशपुर के एक स्कूल में अध्ययनरत् 16 वर्षीय नाबालिग लड़की अपने परिजनों के साथ थाना सिटी कोतवाली जशपुर में उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह जुलाई 2024 से आरोपी गिरधारी राम यादव के यहां रहकर घरेलू काम करती थी, इसके साथ ही वह जशपुर के एक स्कूल में पढ़ाई करती है। आरोपी गिरधारी राम यादव नेे घर में रहने के दौरान अकेला पाकर वह कई बार छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म किया है। मामले में आरोपी के विरूद्ध उक्त धारा सदर का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
                मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी ने कहा है कि:- *आरोपी गिरधारी राम यादव के विरूद्ध उक्त अपराध दर्ज कर लिया गया है, बहुत जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा जायेगा।*

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लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर विधायक, सांसद, कलेक्टर - एसएसपी सहित हजारों नागरिकों ने बंदरचुआँ से 10 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए दोकड़ा तक की पदयात्रा

जशपुरनगर 14 नवम्बर 2025/ भारत रत्न एवं देश के प्रथम उप–प्रधानमंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज जशपुर जिले में भव्य “यूनिटी मार्च” का आयोजन किया गया। रैली ग्राम बंदरचुआँ चौक से प्रारंभ होकर लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए ग्राम दोकड़ा स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में संपन्न हुई। देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द्र के संदेश के साथ निकाली गई यह रैली जशपुर की सबसे जागरूकता–प्रधान और जनसहभागिता वाली रैली रही। मार्च में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद
रायगढ़ श्री राधेश्याम राठिया उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्री रायमुनी भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला पैंकरा,
कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा, वरिष्ठ नागरिक श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन, एनएसएस–एनसीसी, स्काउट–गाइड, विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। इस दौरान भारत माता की जय, सरदार पटेल अमर रहें और वंदे मातरम् के जोशीले उद्घोष से पूरा मार्ग देशभक्ति से गुंजायमान हो उठा।


ग्राम बंदरचुवां से ग्राम दोकड़ा तक 10 किमी की भव्य यात्रा

यूनिटी मार्च ग्राम बंदरचुवां चौक से प्रारंभ होकर बगिया होते हुए मुख्य मार्गों से मैनी नदी पार करते हुए गाँव दोकड़ा में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल तक पहुँची। मार्च के प्रारंभ में सरदार पटेल की छायाचित्र पर अतिथियों ने माल्यार्पण कर नमन किया। रैली के दौरान आसपास के ग्रामीणों ने तालियों और देशभक्ति नारों के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

जनप्रतिनिधियों ने सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण में योगदान को किया स्मरण

समापन समारोह में सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने सरदार पटेल को देश की एकता का आधारस्तंभ बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों का भारत में विलय कर उन्होंने भारत को मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि पटेल की नीतियाँ आज भी देश को मार्गदर्शन देती हैं। महान पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल छोटे से किसान परिवार से ताल्लुक रखते हुए देश सेवा में आगे बढ़े। भारत को एकजुट करने पूरी ताकत झोंक दी। कई रियासत जब देश से अलग होना चाहते थे उस टाइम 500 से अधिक रियासतों को माला जैसे एक सूत्र में पिरोकर भारत देश में मिला दिया। उन्होंने सरदार पटेल के संघर्षों एवं देश प्रेम पर प्रकाश डालकर लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने बगिया के हाई स्कूल में विद्यार्थियों एवं आमजनों को नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ भी दिलाई। साथ ही स्वयं एवं अपने आसपास के लोगों को नशा से दूर रहने प्रेरित किया। पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय और जशपुर विधायक श्री रायमुनी भगत ने भी सरदार पटेल की दूरदर्शिता, प्रशासनिक क्षमता और राष्ट्रभक्ति का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। जब देश में विभाजन का आग सुलग रहा था उस समय उन्होंने सभी प्रांतों और रियासतों को भारत में विलय किए तथा देश को अखंड भारत के रूप में स्थापित किया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी जीवटता के साथ काम किया।

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा – यूनिटी मार्च देश की सामाजिक एकता का प्रतीक

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस यूनिटी मार्च में जनसहभागिता बेहद उत्साहजनक रही। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की सोच ने भारत के प्रशासनिक ढांचे की नींव रखी, जिसे आज भी आदर्श के रूप में देखा जाता है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने युवाओं को सामाजिक सौहार्द्र और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का संदेश दिया।

शपथ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विद्यार्थियों की विशेष प्रस्तुतियाँ

रैली के आरंभ में नशामुक्त भारत और समापन पर आत्मनिर्भर भारत – स्वदेशी अपनाओ की शपथ दिलाई गई। दोकड़ा विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने आकर्षक वेशभूषा में नशामुक्त भारत अभियान के तहत नशा से दूर रहने प्रेरक नाटक प्रस्तुत कीं। देशभक्ति गीत–नृत्य और रंगोली–पेंटिंग प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम को और भी भव्य बनाया।

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