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भाजपा नेता अमन शर्मा ने कहा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आरोपों को बताया राजनीति का हिस्सा,,,,,पिछली कांग्रेस सरकार ने क्यों नहीं सुधारी सड़कों की हालत?

जशपुर :  जिले में सड़कों की स्थिति को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर भाजपा नेता अमन शर्मा ने जवाब देते हुए कांग्रेस की बयानबाजी को पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। अमन शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र के विकास को लेकर ठोस कदम उठाए हैं और सड़कों के निर्माण व मरम्मत के लिए आवश्यक सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।

अमन शर्मा ने कहा कि जिन सड़कों की कांग्रेस नेता शिकायत कर रहे हैं, उन सभी मार्गों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और टेंडर प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि बागबहार–कोतबा मार्ग (13.20 किमी) के लिए ₹40.02 करोड़, जशपुर–आस्ता–कुसमी मार्ग (28 किमी) के लिए ₹35.87 करोड़ तथा लुडेग–तपकरा–लवाकेरा मार्ग (41 किमी) के लिए ₹118.95 करोड़ की राशि स्वीकृत हो चुकी है। भौतिक कार्य शीघ्र ही शुरू होने वाला है।

अमन शर्मा ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी, तब क्यों इस क्षेत्र के सड़कों की सुध नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में जिले के विकास को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास कार्य कराए हैं और धन की कोई कमी नहीं होने दी गई।

भाजपा नेता ने जोर देते हुए कहा कि विकास के नाम पर कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति करने की कोशिश है और जनता को गुमराह करने का प्रयास है। उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अब भी पुरानी विफलताओं की राजनीति में उलझे हैं और वर्तमान सरकार के विकास प्रयासों को नकारने की कोशिश कर रहे हैं।

अमन शर्मा ने जनता से भरोसा जताया कि भाजपा सरकार हर क्षेत्र में विकास के लिए कटिबद्ध है और जल्द ही सभी जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमने बनाया है, हम ही सवारेंगे। विकास हमारा संकल्प है, राजनीति नहीं।”

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पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया कांग्रेस पर पलट वार,,,,अपनी ही सरकार में सड़क निर्माण का विरोध कर अड़ंगा लगाते रहे कांग्रेसी

जशपुरनगर: जो कांग्रेसी अपने पूरे शासनकाल में जिले में सड़क निर्माण कार्यो का विरोध कर,निर्माण कार्य को बाधित करते रहे,उन्हें जिले में तेजी से विकसित हो रहा सड़को का जाल नहीं दिख रहा है। लेकिन जिले की जनता ना केवल देख रही है बल्कि कांग्रेस के कुशासन और विष्णुदेव साय के सुशासन में फर्क महसूस भी कर रही है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने उक्त बातें कही। कांग्रेस के जिले में सड़कों की बदहाली के आरोप पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान कांग्रेसियों ने पूरी ताकत सड़को के विकास को बाधित करने में झोंका था। जिले की जनता दमेरा चराईडांड,बंदरचुँवा-फरसाबहार और कुनकुरी-लवाकेरा सड़क निर्माण कार्य को बाधित करने के लिए कांग्रेस के तत्कालीन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए तमाशे को नहीं भूली है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेसियो के भय से ठेकेदार यहां से काम छोड़ कर भागने लगे थे। जिले में चारों ओर जर्जर सड़कों से लोगों का चलना मुहाल हो गया था। सत्ता की बागडोर सम्हालते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में सड़को की हालत को सुधारने की दिशा में तेजी से काम करना शुरू किया है। पत्थलगांव से कुनकुरी के बीच का राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। दमेरा चराईडांड,बंदरचुँवा-फरसाबहार,जशपुर सन्ना सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इतना ही नहीं भारतमाला सड़क जो कांग्रेसियो के षड्यंत्र के कारण अटका हुआ था का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। गांव से लेकर शहर तक कि सड़को को संवारने का काम तेजी से चल रहा है। जो सडके बची हुई है उनके निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है और कुछ प्रक्रियाधीन है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सुनील गुप्ता ने कहा कांग्रेसी इस बात का भरोसा रखे कि विष्णु के सुशासन में उन्हें कम से कम जिले की सड़को में चलने के दौरान झटका नहीं लगेगा।

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मुख्यमंत्री ने भोंगापाल में बांस नौका विहार केंद्र का किया शुभारंभ

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के भोंगापाल गांव में प्राचीन शिव मंदिर परिसर में महालक्ष्मी महिला स्वसहायता समूह के सदस्यों को कयाकिंग 05 नग नाव प्रदाय किया और संयुक्त वन प्रबंधन समिति भोंगापाल को तमुर्रा नाला में बांस नौका विहार केंद्र के शुभारंभ के लिए सामग्री बांटी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला समूह के अध्यक्ष सुनीता नाग सहित अन्य सदस्यों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत प्राचीन शिव मंदिर परिसर भोंगापाल में पीपल के पौधे का रोपण किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, बौद्ध धर्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससई, श्री अनिल खोब्रागड़े संयोजक बुद्ध महोत्सव और बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के अनुयायी, प्रबुद्धजन मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री ने देवांगन समाज के महाकुंभ में समाज के लोगों को विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागिता की अपील की

रायपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में देवांगन समाज के महाकुंभ को संबोधित करते हुए कहा कि देवांगन समाज मेहनतकश और खुशहाल समाज है। समाज के लोग उन्नत खेती और व्यवसायी के रूप में छत्तीसगढ़ की विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह समाज न केवल खेती और व्यापार में अग्रणी है, बल्कि शिक्षित और संगठित भी है। शिक्षा, सांस्कृतिक, कला, कृषि, व्यापार सभी क्षेत्रों में समाज के लोगो ने अपना वर्चस्व दिखाया है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा है। मोदी की गारंटी मतलब गारंटी का पूरा होना है। सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षाे में किये गए वायदों को लगभग पूरा कर दिया गया है। सरकार बनते ही सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक आवास की स्वीकृति पर मुहर लगाई गई। छत्तीसगढ़ में नारी सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन के माध्यम से महिलाओं को राशि दी जा रही है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है और सिलाई-कढ़ाई-सब्जी उत्पादन जैसे कार्यों से अपनी आमदनी बढ़ा रही है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजनों की मांगों, शिकायतों और सुझावों के लिए सरकार ने प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार का आयोजन किया। इस सुशासन तिहार में सरकार के मंत्री और उच्च अधिकारी जनता के बीच जाकर मांगो, समस्याओं और सुझाव को सुनकर निराकरण किया। सुशासन तिहार में सुदूर वनांचल क्षेत्रो के साथ मैदानी क्षेत्रों में जाकर लोगो से रूबरू होकर योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी ली। सुशासन तिहार में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का दौरा किया हूं। योजनाओं की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग की। जनता जनार्दन से फीडबैक लिया। तीन चरणों में संपन्न सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है, जिसका निराकरण किया गया है। प्रदेश में सुशासन स्थापित करने में हम कामयाब हुए हैं। सरकार द्वारा राज्य के विकास और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराने भ्रष्टाचार के सभी रास्तो को बंद किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकतर कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में लागू उद्योग नीति की सराहना पूरे देश मे हो रहा है। प्रदेश में साढ़े 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। वर्तमान में नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर प्लांट के निर्माण का कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। राज्य में उद्योगों की स्थापना के साथ राज्य के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 

कार्यक्रम को उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री किरण देव ने भी संबोधित किया। देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रदीप देवांगन ने स्वागत उद्बोधन में देवांगन महाकुंभ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में देवांगन महाकुंभ पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री मोती लाल साहू, श्री पुरन्दर मिश्रा, समाज के पदाधिकारीगण और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान गौतम बुद्ध की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रविवार को बुद्ध जयंती के अवसर पर कोंडागांव जिले के भोंगापाल में भगवान गौतम बुद्ध की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान बोधगया से पधारे बौद्ध साधुवृन्द भंते अश्वजीत महाथेरा, भंते ज्ञानवंश थेरो, भंते शीलवंश थेरो, भंते प्रमोद एवं भंते डीन वियतनाम द्वारा बुद्धम शरणम गछम मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना करवाया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि भोंगापाल 6 वीं शताब्दी का चैत्य है, जहां भगवान बुद्ध की प्रतिमा विराजमान है। यह एक प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल है।

इस मौके पर विधायक केशकाल श्री नीलकंठ टेकाम सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के अलावा कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना, एसपी श्री वाय अक्षय कुमार और अन्य अधिकारी तथा बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय समुदाय के 8 लोगों को दुधारू पशु वितरण कर दुधारू पशु प्रदाय योजना का किया शुभारंभ


रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कोण्डागांव जिले के भोंगापाल से डेयरी समग्र विकास योजना अंतर्गत दुधारू पशु प्रदाय योजना का शुभारंभ किया। जनजातीय समुदाय के 08 चयनित हितग्राहियों को दुधारू पशु का वितरण कर इस महती योजना का राज्य स्तरीय आगाज हुआ। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की मदद से दुधारू पशु प्रदाय योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6 जिलों क्रमशः जशपुर, बलरामपुर, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद और सारंगढ़ बिलाईगढ़ के 325 अनुसूचित जनजाति परिवारों के महिला हितग्राहियों को कुल 650 दुधारू पशु प्रदाय किया जाएगा। इस योजना के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए अनुसूचित जनजाति परिवारों को परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक जीवन स्तर में सुधार होगा। इससे दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

गौरतलब है कि डेयरी सहकारिता के कव्हरेज, सस्टेनेबल डेयरी पारिस्थितिकी तंत्र निर्माण तथा दुग्ध उत्पादन और विपणन से किसानों और पशुपालकों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में एनडीडीबी, छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। इसी कड़ी में आज दुधारू पशु प्रदाय योजना की शुरुआत हुई। इसके माध्यम से दुग्ध और दुग्ध उत्पादों के वितरण में सुधार, पशु प्रजनन, पशु स्वास्थ्य, पशु पोषण से उत्पादकता में वृद्धि, दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण और प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण का कार्य पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयनित जिलों में प्रारम्भ किया जा रहा हैं। योजना अंतर्गत किसानों और पशुपालकों को उन्नत नस्ल के दुधारू गायों का वितरण किया जाएगा। 

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, बौद्ध धर्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससई, श्री अनिल खोब्रागड़े संयोजक बुद्ध महोत्सव और बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के अनुयायी, प्रबुद्धजन मौजूद थे।

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चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के महाधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय,,,इस समाज का है गौरवशाली अतीत:  मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज का अतीत गौरवशाली रहा है। समाज में छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे प्रतापी शासक हुए, वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियाँ हुईं, जिन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज न केवल परिश्रम और स्वाभिमान का प्रतीक है, बल्कि यह समाज छत्तीसगढ़ के विकास का आधार स्तंभ भी है। छत्तीसगढ़ को नई दिशा और विकसित राज्य बनाने में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री साय आज दुर्ग जिले के ग्राम कोलिहापुरी में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा विधायक श्री अजय चन्द्राकर, श्री गजेन्द्र यादव एवं श्री ललित चन्द्राकर विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के अधिकांश लोग मूल रूप से किसान हैं और व्यापक स्तर पर कृषि कार्य से जुड़े हैं। प्रदेश सरकार किसान भाइयों के चेहरों पर हमेशा खुशी देखना चाहती है। सरकार लगातार किसान भाइयों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। इस समय ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में 29 मई से 12 जून 2025 तक चल रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों को किसानों से सीधे जोड़ना और नई कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा सफल कृषि मॉडलों की जानकारी देना है। कृषि वैज्ञानिकों के 100 समूह छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में किसानों से संवाद कर रहे हैं। ये वैज्ञानिक किसानों को ऑर्गेनिक खेती, खाद और ‘सॉयल हेल्थ कार्ड’ के सही उपयोग के बारे में जागरूक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का हर किसान तकनीकी रूप से सक्षम हो और उनकी आय में वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेती-किसानी तभी मजबूत होगी जब किसान भाइयों को उनकी उपज की सही कीमत मिलेगी। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विधानसभा चुनाव के समय गारंटी दी थी कि प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों को दो साल का बकाया बोनस दिया जाएगा। इसे पूरा करते हुए हमने किसानों के खातों में सरकार बनते ही राशि अंतरित की। मोदी जी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है। बीते खरीफ सीजन में राज्य में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी का नया रिकॉर्ड बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत मिल रही है। धान खरीदी के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिससे प्रदेश में खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। प्रदेश में सिंचाई के संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गरीब परिवारों को दो-दो दुधारू पशु दिए जाएंगे, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को सौंपी गई है। किसानों को दूध बेचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए दुग्ध एकत्र करने के लिए भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में मिलेट्स (कोदो, कुटकी और रागी) की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेसिंग संयंत्र की स्थापना की जा रही है। यह अनाज पहले गरीबों का भोजन माना जाता था, लेकिन अब यह पोषणयुक्त होने के कारण उच्च वर्ग में भी लोकप्रिय हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने नई औद्योगिक नीति बनाई है, जिसमें प्रदेश की जरूरत के हिसाब से उद्योग की स्थापना के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। हमारी सरकार का संकल्प है – सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। इसी भावना से हम समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएँ बना रहे हैं और उन्हें कार्यरूप में परिणत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। महतारी वंदना योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई, कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन जैसे कार्यों से अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को एक बार फिर शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने अवगत कराया कि सुशासन तिहार में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का दौरा किया। योजनाओं की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग की और जनता जनार्दन से फीडबैक लिया। तीन चरणों में संपन्न सुशासन तिहार में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निराकरण किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकांश कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन और समाज को बेहतर बनाने का जरिया है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित किए गए हैं। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उन्हें समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कुर्मी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज उन्नत कृषक और व्यापारी समाज है, जो छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह समाज न केवल खेती और व्यापार में अग्रणी है, बल्कि शिक्षित और संगठित भी है। उन्होंने आग्रह किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में सभी सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई समाज मजबूत होता है तो उससे पूरा राष्ट्र मजबूत होता है। शिक्षा, सेवा और जागरूकता से ही समाज और राष्ट्र का सशक्त निर्माण संभव है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि समाज को जोड़कर सही मार्ग दिखाने वालों का समाज में हमेशा सम्मान होता है। आज समाज की नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम को विधायक श्री अजय चन्द्राकर, श्री ललित चन्द्राकर और बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर ने भी संबोधित किया। चन्द्रनाहू क्षत्रीय कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री विनोद चन्द्राकर ने स्वागत उद्बोधन में केन्द्रीय महाधिवेशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर चन्द्रनाहू क्षत्रीय कुर्मी समाज के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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उद्यम वित्तपोषण पर एफएल-सीआरपी का प्रशिक्षण करा कर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

जशपुर : जिला स्तरीय एफएल-सीआरपी  प्रशिक्षण शिविर का द्वितीय बैच 27 से 30 मई, 2025 तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण शिविर उद्यम वित्तपोषण  के अंतर्गत आयोजित किया गया था, जिसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़े चार विकासखंडों दुलदुला, कुनकुरी, कांसाबेल और फरसाबहार के कुल 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

इस चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में एफएल-सीआरपी, सीआरपी-ईपी तथा विकासखंड स्तरीय मेंटर्स (एसी, पीआरपी) ने सक्रिय रूप से भागीदारी की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उद्यम वित्तपोषण की बारीकियों से अवगत कराया गया, जिससे वे जमीनी स्तर पर स्वायत्त आजीविका के प्रयासों को मजबूती से आगे बढ़ा सकें।

प्रशिक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों को शामिल किया गया:
उद्यम वित्तपोषण की मूल अवधारणाएं एफएल-सीआरपी की भूमिका एवं जिम्मेदारियां
 कार्यशील पूंजी वित्तीय अभिलेखों का अद्यतन बैलेंस शीट, कैश फ्लो स्टेटमेंट और लाभ-हानि विवरण

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ना केवल तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान था,बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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समूह से जुड़ने के बाद सरिता बाई के जीवन में आया बदलाव, ईंट बना कर बेच कर सालाना दो लाख रूपए तक का कर रही है मुनाफा

 जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान‘‘ अंतर्गत जिले के महिलाओं की समूह बना कर स्व सहायता समूह के रूप में विकसित किया गया है। जिले के महिलाएं इन समूहों में जुड़कर आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं। कई महिलाएं बिहान अंतर्गत् प्रशिक्षण प्राप्त कर लखपति दीदी बन चुकी हैं। समूह के गठन से महिलाओं का सतत् विकास जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में देखने को मिल रहा है। 
           ऐसे ही लखपति दीदी बनने की राह पर अग्रसर मनोरा विकासखण्ड के ग्राम चड़िया की श्रीमती सरिता बाई की कहानी है। सरिता की जीवन में समूह से जुड़ने के बाद परिर्वतन आई है। उन्होंने समूह से जुड़कर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना का लाभ उठाया। एक लाख का मुद्रा लोन लेकर ईट निर्माण का कार्य शुरू किया और ईट विक्रय से सरिता को सालाना दो लाख रूपए तक की मुनाफा हो रही है। 
         सरिता ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण होने से ईट की मांग अधिक हैै। जिसकी पूर्ति कर 2 लाख रूपए की आमदनी अर्जित की है। उन्होंने बताया कि पहले वह समूह में नहीं जुड़ी थी तो उनका स्थित बहुत ही खराब था। समूह में जुड़ने के बाद समूह से ऋण लेकर छोटा-मोटा काम करती थी। उन्होंने बताया कि समूह में नहीं जुड़ी थी तब घर तक ही सीमित थी। समूह के जुड़ने के बाद शासन के योजनाओं की जानकारी मिली। उसके बाद उन्होंने सीएलएफ से सीएफ राशि लेकर ईंट का निर्माण कर रही थी उसके बाद में मुद्रा लोन समूह के माध्यम से मुद्रा लोन की जानकारी मिली और जशपुर बड़ौदा बैंक से एक लाख का मुद्रा लोन लेकर और समूह से 60 हजार लगाकर ईंट का निर्माण कर रही हैं। अब 70 हजार ईंट का निर्माण कर ली गई है। उन्होंने बताया कि मुद्रा लोन लेने के लिए साधन की तरफ से प्रशिक्षण दिया गया। वे तीन साल से ईंट का निर्माण कर रही हैं।

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Big News : छत्तीसगढ़ में अब मिलर्स को मिलिंग के बदले पैसे नहीं, धान देंगे?..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर. छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2024 25 के तहत समर्थन मूल्य पर खरीदे गए अतिशेष धान का शत-प्रतिशत निराकरण करना राज्य शासन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है. इसे देखते हुए अतिशेष धान का तेजी से निराकरण करने के लिए राइस मिलर्स को मिलिंग कार्य के लिए राशि भुगतान के बदले अतिशेष धान प्रदाय करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है.

वहीं इसमें यह शतं भी रखी जा रही है कि मिलर्स जितनी मात्रा में अतिशेष धान खरीदेंगे, उतनी ही मात्रा में उन्हें मिलिंग कार्य के बदले धान दिया जाएगा. प्रदेश में राइस मिलर्स को मिलिंग कार्य के लिए हर साल लगभग 3 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया जाता है. इस तरह 3 हजार करोड़ रुपए कीमत के अतिशेष धान का निराकरण होने की उम्मीद है.

फिलहाल, प्रदेश में अतिशेष धान के खरीदार नहीं मिल रहे हैं. राइस मिलर्स भी शासन द्वारा निधर्धारित विक्रय दर पर धान खरीदने को तैयार नहीं है. यही वजह है कि अभी तक सिर्फ 12 लाख मीट्रिक टन धान की नीलामी हो पाई है. जबकि इस साल प्रदेश के 82 संग्रहण केन्द्रों में कुल 32 लाख मीट्रिक टन अतिशेष धान की नीलामी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर की जा रही है. 20 लाख मीट्रिक टन धान की नीलामी अभी बाको है. पूरा धान नहीं बिकने की स्थिति में मानसून के दौरान इसके रखरखाव पर भी अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ेगी. छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) के मुताबिक प्रदेश में अब तक 10 हजार स्टेक (लगभग 12 लाख मीट्रिक) धान की नीलामी हुई है. इनमें से करीब 5.5 लाख मीट्रिक टन धान का पैसा मार्कफेड के पास आ चुका है और इसका उठाव भी जारी है. एक स्टेक (1200 क्विंटल) धान रहता है. राज्य शासन द्वारा ग्रेड-1 धान (मोटा) नए बोरे में 2100 रुपए व पुराने बोरे में 2050 रुपए प्रति क्विंटल तथा कॉमन धान (मोटा) नए बोरे में 1950 व पुराने बोरे में 1900 रुपए प्रति क्विंटल विक्रय दरें निधर्धारित हैं. समर्थन मूल्य से कम दर होने के बावजूद धान के खरीदार नहीं मिल रहे हैं. विक्रय दरें और कम करने की मांग भी उठ रही है.

हालांकि राज्य सरकार फिलहाल अतिशेष धान की विक्रय दरे कम करने के पक्ष में नहीं है. वैसे भी समर्थन मूल्य से कम कीमत पर धान की नीलामी से शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान अनुमानित है. शासन द्वारा धान के लिए किसानों को प्रति क्विंटल 3100 रुपए का भुगतान किया गया है. अतिशेष धान 32 लाख मीट्रिक टन का न्यूनतम समर्थन मूल्य लगभग 9 हजार करोड़ रुपए है. अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024-25 में केंद्रीय पूल में चावल जमा लक्ष्य (70 लाख मीट्रिक टन) व नागरिक आपूर्ति निगम के राज्य पूल लक्ष्य (14) लाख मीट्रिक टन) से 125 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभावित है.

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विश्व सायकल दिवस : हॉकी स्टेडियम से निकाली गई सायकल रैली ,विधायक और कलेक्टर आम नागरिकों के साथ सायकल रैली में हुए शामिल 

 

जशपुर : विश्व सायकल दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को प्रात : 7 बजे '' फिट इंडिया,फिट जशपुर के तहत  जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में सायकल रैली का आयोजन हॉकी स्टेडियम जशपुर से निकाली गई।
रैली का शुभारंभ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने किया और सायकल रैली में शामिल होकर लोगों को प्रतिदिन सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया।
रैली हॉकी स्टेडियम से होते हुए बस स्टैंड, पुरानी टोली, महाराजा चौक होते हुए हॉकी स्टेडियम में समापन किया गया।


विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा पहले जमाने में सायकल का उपयोग आम नागरिक बहुत करते थे। धीरे धीरे आधुनिक सुविधाएं बढ़ने के कारण मोटर गाड़ी कार बस का लोग उपयोग करने लगें उन्होंने कहा कि इसके कारण व्यक्ति के शरीर में आलसी पन आ गया है। उन्होंने लोगों को प्रतिदिन सायकल चलाने के लिए अपील की है।

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्व सायकल दिवस आगामी 3 जून को हैं।
इसी कड़ी में भारत सरकार के निर्देशानुसार रविवार को सायकल रैली का आयोजन किया गया।
इसका उद्देश्य स्वस्थ शरीर और निरोग रहने के लिए चालू किया गया है। उन्होंने कहा कि शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को योग, सायकिल चलाना, सुबह का सैर या अन्य गतिविधियों को अपनाना चाहिए ताकि शरीर में स्फूर्ति बनी रहें 
सायकल चलाने से बीपी, हाइपरटेंशन, मानसिक समस्या और जीवनशैली बेहतर रहता है।

कलेक्टर ने कहा बच्चों युवाओं और आम नागरिक को प्रतिदिन या कम से कम रविवार को अनिवार्य रूप से सायकल चलाने की अपील की कलेक्टर ने भी कहा की अपनी दिनचर्या में सायकल को शामिल करेंगे और रविवार को सायकल जरूर चलाएंगे 

इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम, एसडीएम श्री ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास राव मस्के, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो 
आम नागरिक जनप्रतिनिधिगण और स्कूली बच्चे,उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि सायकल चालाना व्यक्ति के बहुत अच्छा एक्सरसाइज है। इससे दिल के फेफड़े और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। मोटापा और डायबिटीज, हाईब्लड प्रेशर और मांसपेशियों में तनाव कम होता है।
सायकल चलाने से प्रदूषण नहीं होता क्योंकि सायकल ईंधन से नहीं चलता है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है जिससे जलवायु परिवर्तन साकारात्मक रहता है।
सायकल में लागत बहुत कम लगता है।
पेट्रोल, डीजल और रख रखाव की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
भीड़ और ट्रैफिक में आसानी से निकला जा सकता। 

बड़े शहरों और महानगरों में सायकल से ट्रैफिक आसानी से पार किया जा सकता है।

सायकल न केवल साधारण परिवहन का साधन है बल्कि यह स्वस्थ पर्यावरण और समाज के लिए बहुत उपयोगी है।

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सेवानिवृत के दिन ही शिक्षक  को दिया गया पेंशन अदायगी का आदेश और साथ मे दी गई विदाई

जशपुर : किसी प्रिय शिक्षक को अलविदा कहना कभी भी आसान तो नहीं होता.यह यादों, कृतज्ञता और उदासी से भरा हुआ क्षण होता है. लेकिन अगर सेवानिवृत के दिन ही पेंशन अदायगी आदेश का भी मिल जाना एक सेवानिवृत शिक्षक के लिए एक बड़े उपहार से कम नहीं है. दरअसल शनिवार को बीइओ कार्यालय बगीचा में,सेवानिवृत हो रहे प्राथमिक स्कूल गुड़लू के शिक्षक ब्लासियुस मिंज को एक सादे समारोह में बिदाई दी गई और पेंशन अदायगी आदेश भी दिया गया. सेवानिवृत शिक्षक ब्लासियुस मिंज ने कहा की पेंशन अदायगी आदेश पाने के लिए चप्पल तक घिसनी पड़ जाती है. लेकिन मैं  खुशनसीब हूं  कि मुझे सेवानिवृत के दिन ही पेंशन मिलने का आदेश भी मिल गया. उन्होंने विभाग की प्रशंसा करते हुए बीईओ बगीचा सुदर्शन पटेल, एबीओ दिलीप टोप्पो,  लिपिक अमृत किसपोट्टा और मनोज बखला सहित पुरे कार्यालय का आभार व्यक्त किया. इस मौके पर बीईओ सुदर्शन  पटेल ने  शिक्षक को  शाल , छाता और उपहार देकर सम्मानित किया.
जानकारों ने बताया बगीचा बीईओ कार्यालय में यह पहला अवसर है जब किसी सेवानिवृत शिक्षक को सम्मानित कर विदाई दी गई है. विदाई के अवसर पर मण्डल सयोजक संतोष गुप्ता, सतीश भगत, रोमा मेहर सहित समस्त  स्टाफ और सीएसी मौजूद रहे.

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जीएसटी कर चोरी करने वाले व्यवसायियों के विरूद्ध  की बड़ी कार्यवाही

रायपुर :मेसर्स बंसल ट्रेडिंग कार्पोरेशन, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग अंबिकापुर द्वारा 29 मई को जांच की कार्यवाही की गई है। भारत सरकार द्वारा संचालित जीएसटी पोर्टल के अनुसार इनका रिस्क स्कोर 10 आ रहा था, जिसका आशय होता है कि फर्म कर अपवंचन में संलिप्त है। जब मौके पर जांच टीम पहुंची तो, देखा कि उनके व्यवसाय स्थल पर व्यवसाय से संबंधित कोई भी लेखा पुस्तक या कोई भी सॉफ्टवेयर जैसे कि टैली का संधारण नहीं पाया गया, जिससे कर अपवंचन की संभावना और भी प्रबल हो गई। आगे जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग रू. 158 करोड़ से अधिक है किंतु उस पर कर का नगद भुगतान शून्य किया गया है।

साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 29.50 करोड़ की गई किंतु माल की सप्लाई मात्र रू. 50 लाख की ही की गई, जिससे यह पता चलता है कि माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है किंतु बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है। जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से रू. 40.00 लाख कर भुगतान करने की मंशा जाहिर की किंतु जीएसटी विभाग के अधिकारियों नें व्यवसायी से लेखा पुस्तक एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से अभी तक कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया है।

इसके साथ-साथ दिनांक 30.05.2025 एवं दिनांक 31.05.2025 को मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग अंबिकापुर द्वारा जांच की कार्यवाही की गई है। इनके यहां जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग रू. 96 करोड़ से अधिक है किंतु उस पर कर का नगद भुगतान नगण्य किया गया है। साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो ज्ञात हुआ कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 11 करोड़ की गई किंतु माल की सप्लाई मात्र रू. 7 करोड़ की ही की गई है।

जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से रू. 17.55 लाख कर भुगतान कर दिया गया है। उक्त व्यवसायी पर स्टेट जीएसटी विभाग द्वारा पूर्व में कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

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मुख्यमंत्री ने कोंडागांव में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की


कोंडागांव, :सुशासन तिहार अंतर्गत शुक्रवार 30 मई को रात में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर  11 अप्रैल तक समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2 साल का बकाया बोनस भी दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रदेश सरकार जो गत वर्षों में छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा लगातार कार्य कर रही है और राज्य में खुशहाली भी आ रही है। श्री साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल की पंचायती राज दिवस सरकार ने पूरे प्रदेश में अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया गया है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक श्री सेवक राम नेताम मौजूद थे।

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हजारों की संख्या में स्कूल बंद होने की बातें  तथ्यहीन,,,,सिर्फ 166 स्कूलों का होगा समायोजन

रायपुर, :शिक्षा विभाग ने कतिपय संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा युक्तियुक्तकरण से हजारों की संख्या में स्कूलों के बंद होने की बात को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि असलियत इससे बिलकुल अलग है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।

यहाँ स्पष्ट करना जरूरी है कि स्कूलों का “समायोजन” और “बंद” होना अलग चीज है। समायोजन का अर्थ है पास के स्कूलों को एकीकृत कर बेहतर संसाधनों का उपयोग। इसका मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है, न कि स्कूल बंद करना। शिक्षा विभाग ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। सच्चाई यह है कि राज्य सरकार स्कूलों को मजबूत करने, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की सुदृढ व्यवस्था में जुटी है।

*शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल*

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि  बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी।  शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। 

सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।

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अतिशेष प्रधानपाठकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया हुई पूरी ,काउंसिलिंग में भाग लेने वालों को तत्काल दिया जा रहा चयनित स्कूल में पदस्थापना का आदेश पत्र

रायपुर :राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अजीत वसंत की उपस्थिति में आज कोरबा जिले के अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया राजीव गांधी आडिटोरियम टांसपोर्ट नगर में चल रही है। प्रथम चरण में वरिष्ठता के आधार पर अतिशेष प्रधानपाठकों की काउंसलिंग की गई। सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्रधानपाठकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया। सहायक शिक्षकों द्वारा भी काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद के विद्यालयों का चयन किया जा रहा है।

 कलेक्टर श्री अजीत वसन्त ने शासन के निर्देशों के अंतर्गत पारदर्शिता के साथ काउंसिलिंग की प्रकिया अपनाए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि जिले में शिक्षक विहीन विद्यालयों और एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षकों का समायोजन होने से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षक उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। काउंसिलिंग में सम्मिलित शिक्षकों द्वारा चयनित विद्यालय में तत्काल नवीन पदस्थापना आदेश भी जारी किया जा रहा है।

*शिक्षिका ने जताई संतुष्टि*
काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद का स्कूल चयन कर नवीन विद्यालय में जाने वाली प्राथमिक शाला जेन्जरा की शिक्षिका श्रीमती देकुमारी साहू ने काउंसिलिंग की प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि अब नवीन विद्यालय ढेलवाडीह में शिक्षक का दायित्व निर्वहन करेंगी। उन्होंने काउंसिलिंग में पसन्द के विद्यालय मिलने पर खुशी प्रकट की।

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रिमझिम बारिश के बीच मुख्यमंत्री पहुंचे धमतरी के समाधान शिविर में, कमल के हार से मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत,,,213 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्याें की घोषणा

रायपुर, : रिमझिम बारिश के बीच आज धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने हाईटेक बस स्टैण्ड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी। आज जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से संचालित सुशासन तिहार का आज धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी के समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिमझिम बारिश के बावजूद जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। कमल के फूलों के हार के साथ हजारों की संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत किया। 

*धमतरी में बड़ी घोषणाएं*

सुशासन त्योहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए 213 करोड़ रुपये के कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रूपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रूपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रूपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।

*सुशासन के मायने अच्छा शासन* 

मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। ‘सुशासन तिहार’ आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। 8 अप्रैल से शुरू हुए इस महाअभियान के प्रथम चरण में राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीणों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में आवेदनों पर कार्यवाही की गई और तृतीय चरण में 08 से 10 ग्राम पंचायतों के बीच समाधान शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। सुशासन तिहार के दौरान अचानक गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की चौपाल में लोगों से फीडबैक लिया गया और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान किया गया। इस दौरान विकास कार्याें का औचक निरीक्षण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। हाल ही में बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 लाख आवास और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अंबिकापुर के कार्यक्रम में 51 हजार से अधिक आवासों का गृहप्रवेश कराया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला का नाम छूट गया है या विवाह के बाद नाम अपडेट करना है, तो उसकी भी सुविधा आगे दी जाएगी। सरकार पूरी संवेदनशीलता से सभी को योजना से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के अंतर्गत बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।

*योजनाओं की जानी हकीकत*

मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही जोधापुर डाकबंगला वार्ड की श्रीमती सुधा मारकण्डे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पक्का मकान मिल गया है और अब पानी टपकने और कीड़े-मकोड़े आदि का डर नहीं है। लखपति दीदी श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि वह आजीविका के लिए मुर्गीपालन के साथ ही मछलीपालन, पशुपालन, मशरूम उत्पादन आदि का व्यवसाय कर रही हैं, इससे उन्हें 12 हजार रूपये की अतिरिक्त आय हो रही है। कला केन्द्र में कराटे और डांसिंग सिखाने वाले वेदप्रकाश साहू ने कहा कि, कलाकेन्द्र स्थापित होने से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के हितग्राही श्री घनाराम रजवाड़े ने कार्ड के जरिए मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। 

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री और धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा, महापौर श्री रामू रोहरा, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, श्री इंदर चोपड़ा, श्रीमती पिंकी शाह, श्री श्रवण मरकाम सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजु एस., आयुक्त, रायपुर संभाग श्री महादेव कांवरे, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने खरीफ फसल की तैयारी और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के दिए निर्देश,,,,देरी से न्याय मिलना, न्याय नहीं मिलने के बराबर है : सीएम

रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज धमतरी में आयोजित समीक्षा बैठक में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लिए तैयार किया गया विजन डाक्यूमेंट एक रोडमैप की तरह है, जिसमें लक्ष्य और दिशा-निर्देश स्पष्ट हैं। अधिकारी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी तन्मयता और जिम्मेदारी के साथ इसे परिणाम तक ले जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय आज रायपुर और धमतरी जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के समापन पर कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान का यह सिलसिला थमना नहीं चाहिए। जन-जन से संवाद और उनकी समस्याओं का समाधान निरंतर जारी रहना चाहिए। अधिकारी कड़ी मेहनत और नवाचारी तरीकों से लोगों की समस्याओं का समाधान करें। आम जनता को देरी से न्याय मिलना, न्याय नहीं मिलने के बराबर है। उन्होंने कहा कि राजस्व त्रुटि सुधार जैसे कामों में अधिकारियों-कर्मचारियों से ही गलती होती है, लेकिन इसका नुकसान आम लोगों को होता है और उन्हें ही परेशान होना पड़ता है। 

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने और समय प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सक्रिय तहसीलदारों वाले क्षेत्रों में राजस्व प्रकरण कम लंबित रहते हैं। साथ ही, अधिकारियों को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने और उनके कार्यों को न्यूनतम समय में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने का निर्देश दिया।

*फ्लैगशिप योजनाओं पर दें ध्यान*

मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम आवास, और जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा सर्वश्रेष्ठ राज्य चुना गया है। साथ ही, नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार धमतरी और रायपुर में पर्यटन स्थल विकसित करने की संभावनाओं को तलाशने को कहा।

*शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जोर*

मुख्यमंत्री ने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दंतेवाड़ा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां डीईओ के बेहतर प्रदर्शन के कारण दसवीं और बारहवीं के परिणाम शानदार रहे, जिसकी प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में प्रशंसा की। स्वास्थ्य विभाग में सतत मॉनिटरिंग और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, साथ ही कृषि प्रधान धमतरी और रायपुर जिले में खरीफ फसल की तैयारी और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर बल दिया।

*अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ*

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को साझा करने को कहा, ताकि राज्य स्तर पर सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रत्येक जिले का रिपोर्ट कार्ड उनके पास है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों ने बड़ी संख्या में आए आवेदनों का समयबद्ध समाधान किया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को अच्छा काम करने पर पुरस्कार और काम नहीं करेंगे तो उनकी खैर नहीं होगी। 

इस मौके पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायक श्री अजय चंद्राकर, विधायक श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, मुख्य सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसव राजु एस. सहित रायपुर और धमतरी के अधिकारी उपस्थित थे।

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