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युक्ति युक्त करण के लिए शिक्षकों की काउंसिलिंग हुईं पूरी,16 जिलों के 45 सौ से अधिक अतिशेष शिक्षकों को मिली नवीन पदस्थापना,

रायपुर: राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार राज्य के 16 जिलों के अतिशेष 4456 सहायक शिक्षकों, प्रधान पाठकों और व्याख़्याताओं की काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अब तक 4456 से अधिक शिक्षकों को नवीन पदस्थापना जारी कर दी गयी है। कोरबा, सुकमा, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर, सक्ति, जशपुर, कोरबा, मुंगेली,
खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, दुर्ग, राजनादगांव, बालोद, बीजापुर और सूरजपुर में काउंसिलिंग पूरी हो चुकी है। अतिशेष शिक्षकों का वरिष्ठता के आधार पर काउंसलिंग की गई। शेष जिलों में काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में शिक्षकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया। 

     राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।
     दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि  बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी।  शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। 

सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।

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ढोढ़ीडाँड़ ईब नदी पर 4.86.85 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण की मिली प्रशासकीय स्वीकृति....पार्षद अमन शर्मा एवं पूर्व जिला पंचयात उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने सीएम श्री साय को जताया आभार

जशपुर/नारायणपुर :- छत्तीसगढ़ में पुलिया निर्माण एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत, 486.85लाख रुपये की लागत से ढोढ़ीडाँड़ के ईब नदी में पुलिया का निर्माण किया जाएगा। इस पुलिया के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है, जिससे अब पुलिया निर्माण का कार्य जल्द शुरू होने की संभावना   है।

कुनकुरी-रनपुर मार्ग पर पुल निर्माण को लेकर मिली प्रशासकीय स्वीकृति  क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है इस ऐतिहासिक सौगात से लोगों में बड़ी खुशी की लहर है,इस ईब नदी में छोटे और संकरा पुल होने से दुर्घटना में कई लोगों की जान जा चुकी है।बरसात मौसम में पुलिया के ऊपर से पानी बहने से आवागमन बाधित होता रहा है, पुलिया के ऊपर से पानी बहने से राहगीरों को घण्टो इंतजार करना पड़ता है। उच्च स्तरीय पुलिया के निर्माण होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिलेगी।

ऐतिहासिक सौगात - कुनकुरी-रनपुर मार्ग में ईब नदी पर होगा पुल का निर्माण 

 भाजपा नेता अमन शर्मा ने बताया कि रनपुर मार्ग पर पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है,क्षेत्र के माननीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के द्वारा ढोढ़ीडाँड़ के ईब नदी में पुलिया निर्माण के लिए ₹486.85 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है।यह सिर्फ एक पुल नहीं,बल्कि सुविधा,विकास और विश्वास का प्रतीक है।उन्होंने आगे  कहा कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता को वादा किया था वह अब बहुत जल्द पुरा होने वाला है डबल इंजन की सरकार की यह पहल गांवों को शहरों से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सुविधाओं तक ग्रामीणों की पहुंच बहुत आसान हो जाएगी।इससे हजारों लोगों को सुविधाएं मिलेगी।

     पूर्व जिला पंचयात उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री को आभार प्रकट करते हुए कहा कि वर्षो पुरानी मांग आज पूरी हो गई,ईब नदी में बने छोटा और संकरा पुल होने से यंहा अनेको बार बड़ी दुर्घटना होने से कई लोगों को गम्भीर चोंटे आई और कई लोगों की मौत हो चुकी है। सीएम श्री साय से पूर्व में यंहा की समस्या से अवगत कराया गया था आज प्राशासकीय स्वीकृति मिलने से अब आने वाला समय मे जल्द ही पुलिया के निर्माण शुरू हो जाएगा इसके बनने से क्षेत्र वासियों को समस्या से निजात मिल जाएगी।

  यंहा ईब नदी पर पुल बनने से  क्षेत्र के लोगों के साथ अन्य जिलों के आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।इससे न केवल आवागमन सुगम होगा,बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है और ग्रामीण वासी सभी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का हृदय से धन्यवाद व आभार व्यक्त कर रहे हैं।

भारी बारिश में पुल पर बहता है पानी 

बारिश के मौसम आते ही तेज बारिश के कारण इस छोटे ओर सकरा पुल पर नदी का पानी बहने लगता है। लोगों में महेशा खतरों का अंदेशा बना रहता है। पिछले साल भी हुई तेज बारिश के कारण इस पुल पर नदी में आई बाढ़ का पानी ऊपर बह रहा था।यंहा पानी बहुत तेज गति से बहता है  जब यंहा के ईब नदी में पानी पुल के ऊपर बहने लगता है, तो आवागमन में खतरा बढ़ जाता है। लोगों को डर बना रहता है कि कहीं पुल पार करते समय पानी में डूब न जाएं। बाढ़ के कारण पुलों को नुकसान होने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है।अब यंहा उच्च स्तरीय पुल के निर्माण होने से भारी बारिश में भी लोग आसानी आवागमन कर सकेंगे।

              पुल बनने से यात्रा होगी सुगम

कुनकुरी,कलीबा,जोकबाहला, रनपुर सरबकोम्बो, भितघरा,बगीचा,अम्बिकापुर जैसे प्रमुख रूटों के लिए इस मार्ग से आवागमन होता है। यहां बारिश के समय पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण अक्सर घंटों तक आवागमन  बाधित रहता है, जिससे आम लोगों को भारी कठिनाई होती है , यँहा ईब नदी में पुल के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। यात्रियों को अब निरंतर, सुगम और सुरक्षित आवाजाही का लाभ मिलेगा, जिससे उनका समय और श्रम दोनों की बचत होगी।

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CG Breaking : मवेशियों की तस्करी का खुलासा..5 आरोपी गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/बलौदाबाजार। जिले में मवेशियों की तस्करी को लेकर चल रही अवैध गतिविधियों पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पिकअप वाहन के जरिए मवेशियों को कत्लखाने ले जा रहे थे। पुलिस की सतर्कता और तत्परता से यह कार्रवाई ग्राम खैंदा के नाला पुल के पास की गई, जहां घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा गया। इस कार्रवाई में बोलेरो पिकअप वाहन समेत 09 नग मवेशियों को भी जब्त किया गया है। 

वहीं गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई बलौदाबाजार पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग मवेशियों को अवैध रूप से कत्लखाने ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए ग्राम खैंदा के पास नाला पुल पर घेराबंदी की और संदिग्ध पिकअप वाहन को रोका। मौके से बरामद हुए 09 मवेशी पुलिस द्वारा रोके गए बोलेरो पिकअप वाहन की जांच करने पर उसमें निर्दयता पूर्वक ठूंसे गए 09 मवेशी मिले। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इन मवेशियों को वध हेतु कत्लखाने ले जा रहे थे। मवेशियों को जिस तरह से वाहन में ठूंसा गया था, वह पशु क्रूरता अधिनियम के स्पष्ट उल्लंघन को दर्शाता है। 

 दरअसल गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुलिस ने वाहन में मौजूद पांच लोगों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। इन सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इनके आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है जो लंबे समय से इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त है। संबंधित धाराओं में मामला दर्ज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, छत्तीसगढ़ गोवध प्रतिषेध अधिनियम, तथा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही, जब्त मवेशियों को तत्काल निकटतम गौशाला में सुरक्षित पहुंचाया गया, जहां उनकी उचित देखरेख की जा रही है। 

फिलहाल पुलिस की सतर्कता से रोकी गई एक बड़ी वारदात बलौदाबाजार जिले में इस प्रकार की यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी मवेशियों की अवैध तस्करी को लेकर कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। लेकिन पुलिस की इस सक्रियता से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है और इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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अब दूर नही है राजधानी,अबूझमाड़ के कुतुल तक पहुँची बस सेवा,विकास की धारा में शामिल होने का मिला अवसर,,,,,ग्रामीणों में दिखा उत्साह, सीएम का जताया आभार....

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की नई रफ्तार देखने को मिल रही है। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत नारायणपुर जिले के अंदरूनी इलाकों में 14 नवीन पुलिस कैंपों की स्थापना के बाद वहां सड़क, पुल-पुलियों एवं मोबाइल कनेक्टिविटी का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। 

 इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा 13 मई 2025 को पहली बार ग्राम कुतुल तक नारायणपुर से सीधी बस सेवा प्रारंभ की गई। यह बस सेवा जिला मुख्यालय से लगभग 49 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुतुल के साथ-साथ कुरूषनार, बासिंग, कुंदला, कोहकामेटा, ईरकभट्टी, कच्चापाल और कोडलियर जैसे दूरस्थ गांवों को भी जोड़ रही है। बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह का माहौल है।

 पहले इन गांवों के लोग पगडंडियों के सहारे आवागमन करते थे। बारिश के मौसम में नदियों और नालों के उफान पर होने से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना अत्यंत कठिन होता था। कई बार ग्रामीणों को बीमार व्यक्ति को कंधे पर उठाकर अस्पताल तक लाना पड़ता था। अब बस सेवा शुरू होने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति और प्रशासनिक कार्यों के लिए नारायणपुर तक समय पर पहुंचने की सुविधा भी मिल रही है। 

 इसी तरह नारायणपुर से मसपुर तक भी 14 गांवों के लिए बस सेवा शुरू की गई है, जिससे इन इलाकों के लोगों को जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क मिला है। योजना के तहत 4जी मोबाइल टॉवर भी लगाए गए हैं, जिनसे ग्राम कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहन्दी, होरादी, गारपा और कच्चापाल के लोग अब मोबाइल नेटवर्क से जुड़ पा रहे हैं। इससे न केवल संचार व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि शैक्षणिक, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं की पहुँच भी बेहतर हुई है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों के बाद अब उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। नियद नेल्लानार योजना ने उनके जीवन में नया प्रकाश फैलाया है।

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मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल,,,,,औजार उपकरण योजना अंतर्गत अनुदान राशि का किया वितरण....

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हस्तशिल्प विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां की कलाकृतियों की मांग विदेशों तक है। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और हस्तशिल्पियों को उनके हुनर की उचित कीमत दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हस्तशिल्पियों को औजार उपकरण योजना अंतर्गत पाँच पांच हजार रुपये की अनुदान राशि का वितरण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ शिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड शिल्पकारों की बेहतरी के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक इलाके में हस्तशिल्पी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। सुशासन तिहार के दौरान मुझे कोंडागांव के शिल्पग्राम जाने का मौका मिला। वहाँ मैंने शिल्पकारों से मुलाकात की और उनकी कला को करीब से देखा। इसी प्रकार रायगढ़ के एकताल में भी शिल्पकार धातु से कलाकृतियाँ बनाते हैं। बस्तर में काष्ठशिल्प से लकड़ी की सुंदर आकृतियाँ बनाई जाती हैं। पूरे प्रदेश में हस्तशिल्पियों का हुनर अद्भुत है। आज इस कार्यक्रम में मुझे जो सुंदर टोपी भेंट की गई, वह छिंद और कांसा से बनाई गई थी। जशपुर में हमारे गाँव के नजदीक कोटामपानी में भी छिंद और कांसा से बहुत सुंदर-सुंदर कलाकृतियाँ बनाई जाती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिल्पकारों को अधिक से अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत है। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि हस्तशिल्प का कार्य ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में होता है। इसलिए हस्तशिल्प विकास के द्वारा हम बहुत बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। मुझे आशा है कि हस्तशिल्प विकास बोर्ड इस ओर कार्य करेगा और शिल्पकारों को प्रशिक्षण के साथ ही उन्हें लोन-सब्सिडी भी अधिक से अधिक दिलाकर रोजगार से जोड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव के डोकरा आर्ट की विदेशों में माँग है। यह जरूरी है कि शिल्पकारों को बाजार के साथ उत्पाद की उचित कीमत मिले। बिना बिचौलियों के हस्तशिल्पियों की पहुँच सीधे बाजार तक हो, ताकि उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिले। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के गढ़बेंगाल के पंडी राम मांझी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ की कला हमारे देश की शान है, इसे पूरी दुनिया में पहचान मिलनी चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कलाकारों के हाथ में चमत्कार है। चाहे वह मिट्टी के खिलौनों की बात हो या बेल मेटल, कसीदाकारी, गोदना और टेराकोटा की, प्रदेश के हस्तशिल्पी अपनी कला के बहुत सुंदर उत्पाद बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में भागीदारी होनी चाहिए। हमारे शिल्पकारों के पास कुदरती हुनर है। बड़े पैमाने पर हस्तशिल्प उत्पादन के लिए डिज़ाइनरों को भी जोड़ने की जरूरत है।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुनील सोनी, श्री आशाराम नेताम, श्री गजेंद्र यादव, विभिन्न निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री जेपी मौर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारी के निर्देश पर तात्कालिक कार्यपालन अभियंता विजय जामनिक के विरूद्व सिटी कोतवाली जशपुर में एफआईआर दर्ज 

जशपुरनगर। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता विजय जामनिक के विरूद्व सिटी कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर में ईब नदी में निर्माणाधीन सुसडेगा व्यपवर्तन योजना में आर्थिक गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है। कोतवाली पुलिस से की गई शिकायत में जल संसाधन विभाग जशपुर के ईई विनोद भगत ने बताया है कि पत्थलगांव ब्लाक के सुसडेगा में ईब नदी में 26 करोड़ 12 लाख 38500 रूपये की लागत से सुसडेगा व्यपर्वतन योजना के लिए वर्ष 2015 में निविदा जारी किया था। टेंडर प्रक्रिया में महाराष्ट्र के नागपुर की खल्लार कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 21.25 प्रतिशत की बिलो दर पर निर्माण का कार्य आदेश प्राप्त किया था। विभाग के नियम के अनुसार बिलो दर की राशि 2 करोड़ 40 लाख 95000 रूपये संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी ने दो टीडीआर के माध्यम से जल संसाधन विभाग में जमा किया था। आरोप है कि विजय जामनिक ने अमानत राशि की इस टीडीआर को तमाम नियमों को दरकिनार करते हुए निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही कंस्ट्रक्शन कंपनी को लौटा दिया। जिसका बेजा लाभ उठाते हुए कंस्ट्रक्शन कंपनी ने निर्माण कार्य को धीमा कर दिया। एएसपी अनिल सोनी ने बताया कि मामले की जांच के बाद विजय जामनिक के विरूद्व भादवि की धारा 409,420 के अंर्तगत अपराध पंजिबद्व कर लिया गया है। जल संसाधन विभाग के ईई विनोद भगत ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यी जांच समिति का गठन किया गया था। जांच में पाया गया कि विजय जामनिक ने ठेकेदार के बिना आवेदन के ही अमानत राशि के टीडीआर को वापस कर दिया। उन्होनें बताया जांच रिपोर्ट को विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज कर,मार्गदर्शन मांगा गया था। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विजय जामनिक के विरूद्व एफआईआर की कार्रवाई कराई गई है। 


  ‘जल संसाधान विभाग जशपुर के ईई विनोद भगत की रिपोर्ट पर मामले की जांच के बाद विजय जामनिक के विरूद्व कोतवाली थाना में अपराध पंजिबद्व किया गया है।’’

अनिल सोनी,एएसपी,जशपुर।


  ‘तीन सदस्यी विभाग जांच समिति की रिपोर्ट और उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार जशपुर के तात्कालिन ईई विजय जामनिक के विरूद्व एफआईआर दर्ज कराया गया है।’’

 विनोद भगत,ईई,जल संसाधन विभाग,जशपुर।

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स्कूल के एक सौ  मीटर के दायरे में तंबाकू,गुड़ाखू, सिगरेट बेच रहे 6 दुकानों पर कुनकुरी में कोटपा एक्ट के तहत प्रशासन ने छापा मार कर की कार्रवाई 

जशपुर : कुनकुरी एसडीएम श्री नन्द जी पांडे और एसडीओपी श्री विनोद कुमार मंडावी के निर्देशन में कुनकुरी विकास खंड में तहसीलदार कुनकुरी प्रमोद पटेल, थाना प्रभारी राकेश यादव की टीम ने स्कूल के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू,गुड़ाखू, सिगरेट बेच रहे दुकानों पर कोटपा एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया। जिसमें 6 दुकान शामिल हैं। उनको समझाइए दिया गया की स्कूल के 100 मी दायरे में किसी प्रकार के तंबाकू सिगरेट गुड़ाखू का विक्रय करना प्रतिबंधित है। इनमें खुशी बिरयानी सेंटर,दिलिप जैन किराना स्टोर, कोलंबो खान और राजेश किराना स्टोर,मिश्रा किराना स्टोर शामिल है।

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मोर गांव मोर पानी महाभियान : जिले में जल संरक्षण के लिए साहीडांड, पतराटोली, बटईकेला एवं सुरेशपुर ग्रामों में प्रशिक्षण हुआ सम्पन्न

जशपुरनगर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन जिले में मोर गांव मोर पानी महाभियान के तहत जल संरक्षण, ग्राम स्तरीय जल सुरक्षा योजनाओं की तैयारी तथा ग्राम जल समितियों की क्षमता वृद्धि हेतु 02 से 06 जून 2025 तक प्रशिक्षण का चरणबद्ध आयोजन किया जा रहा है। जल संरक्षण को लेकर जिले में जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक सार्थक पहल साबित हो रही है।
           इसी तारतम्य में आज जिले के साहीडांड, पतराटोली, बटईकेला एवं सुरेशपुर ग्रामों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान में जनपद पंचायत दुलदुला के क्लस्टर कस्तुरा, जनपद पंचायत कांसाबेल के क्लस्टर कांसाबेल, जनपद पंचायत कुनकुरी ाम क्लस्टर नारायणपुर, जनपद पंचायत मनोरा के क्लस्टर बुमतेल, जनपद पंचायत पत्थलगाव के क्लस्टर डुमरबहार, खरकट्टा, किलकिला और घरजियाबथान में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें मनरेगा सेल द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया, वहीं टीआरआईएफ जशपुर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह गतिविधियाँ जिला जल संरक्षण योजना के अंतर्गत ग्रामीण जल संरचनाओं की योजना निर्माण एवं जल संसाधनों के टिकाऊ उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम हैं।उक्त प्रशिक्षण में संबंधित ग्राम के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं बिहान कैडर की महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया।

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हमारे बुजुर्ग, हमारी धरोहर : स्वास्थ्य मेला अन्तर्गत  कल होगा दाई-बबा दिवस का आयोजन

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जशपुरनगर : राज्य शासन के निर्देशानुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास के दिशा-निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में  04 जून 2025 को स्वास्थ्य मेला अन्तर्गत दाई-बबा दिवस का आयोजन किया जाएगा। उक्त दिवस को आम जनता के बेहतर स्वास्थ्य तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने हेतु तथा उनके बेहतर स्वास्थ्य लाभ के उद्देश्य से प्रत्येक बुधवार को आयोजित किये जाने वाले स्वास्थ्य मेला में दाई-बबा दिवस का आयोजन जिला के प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में व्यापक स्तर पर किया जाएगा।  
             इस आयोजन का उद्देश्य समुदाय स्तर पर बुजुर्गों के सम्मान तथा स्वास्थ्य सेवाओं के पहुंच को सुदृढ़ करना है। उक्त दिवस हमारे बुजुर्ग, हमारी धरोहर थीम के साथ आयोजित होगा। शिविर में रक्तचाप की जांच, रक्त शर्करा की जांच, ऑर्थाेपेडिक, हड्डी एवं जोड़ परामर्श, नेत्र परीक्षण-मोतियाबिंद की स्क्रीनिंग, आयुष आधारित परामर्श-आयुर्वेद, योग, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य एवं याददाश्त जांच, फॉलोअप तथा रेफरल एवं आयुष्मान भारत कार्ड लिंकिंग और अन्य सुविधा उपलब्ध रहेगा।
            इस कार्यक्रम का एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि, उक्त दिवस को बच्चों- पोता-पोतियों
को शामिल कर अपने दादा-दादियों को शिविर तक लाने, उनकी उपचारोपरान्त घर ले जाने का दायित्व दिया जा रहा है। जिससे बच्चों और बुजुर्गों के बीच भावनात्मक संबंध मजबुत हो सके और बच्चे बुजुर्गों की समस्याओं को समझते हुए आयुष्मान अरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य गतिविधियों को भी समझ सकें। साथ ही उक्त शिविर में पोते-पोतियों हेतु शिक्षाप्रद सत्र का भी आयोजन किया जाना है, जैसे हम अपने बड़ो का ध्यान कैसे रखें-संवादात्मक गतिविधियां, चित्रकला-निबंध प्रतियोगिता-मेरे दादा-दादी मेरी प्रेरणा हैं, साथ-साथ संवाद सत्र, सांस्कृतिक एवं प्रेरणास्पद सत्र-बाबा दाई की सीख, बबा-दाई सम्मान समारोह आदि गतिविधियां सामिल है।
            उक्त शिविर में समस्त दाई-बबाओं (बुजुर्गों) को उपस्थित कराकर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने एवं बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में शिविर में जोड़कर बच्चों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य गतिविधियों की समझ बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किया गया है।

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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्वच्छता श्रमदान और एक पेड़ मां के नाम अभियान को बनाए सफल : कलेक्टर


जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी जनपद सीईओ से मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन सहित महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की 
उन्होंने कहा कि जशपुर अनुसूचित जाति बाहुल्य जिला है यहां स्वरोजगार से लोगों को जोड़ने के लिए ज्यादा से ज्यादा समूह का गठन करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने विकास खंड बीपीएम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की गतिविधियों की जानकारी ली। और सभी ग्राम पंचायतों में समूह का गठन करने के लिए कहा है।

इस अवसर पर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रदीप राठिया, जनपद सीईओ बैठक में उपस्थित थे और आनलाइन से तकनीकी सहायता, प्रोगाम अधिकारी और बीपीएम सीधे जुड़े थे।

कलेक्टर ने बगीचा, जशपुर, कुनकुरी, कांसाबेल के बीपीएम को स्व सहायता समूह से छुटे हुए लोगों को जोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत वार सूची लेकर स्व सहायता समूह का गठन करे और अन्य परिवार के सदस्यों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

स्व सहायता समूह की दीदियों को वर्तमान में काम की मांग अनुसार और उनकी रूचि के अनुसार प्रशिक्षण देकर लखपति दीदी बनाने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए मजदूरों का भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए हैं। पौध रोपण करने के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए कहा है। 
पत्थलगांव में जीवों टैगिंग में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। और आधार सीडिंग में तेजी लाने के लिए कहा है।

उन्होंने जनपद सीईओ और विकास खंड अधिकारियों ,तकनीकी सहायकों को फिल्ड विजिट करके चल रहे कार्यों का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं। ज्यादा से ज्यादा फिल्ड में रहकर काम को पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने बताया कि आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित करें अपने गांव के जनप्रतिनिधियों और सरपंच और पंच की सहभागिता से स्वच्छता श्रमदान करके एक पेड़ मां के नाम अभियान को सफल बनाने के लिए कहा है। स्वच्छता श्रमदान में जहां कचरा बहुत है ऐसे जगह का चयन करने के निर्देश दिए हैं जहां प्लास्टिक के कचरा अधिक मात्रा में हैं उस जगह को सफाई करने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने कहा कि हमर सुघ्घर गांव अभियान के तहत 104 गांव का चयन किया गया है। गांव को सुंदर स्वच्छ और निर्मल बनाएंगे ऐसे गांव के सरपंच को 15 अगस्त और 26 जनवरी में सम्मानित किया जाएगा और उनके गांव के विकास कार्य के राशि स्वीकृत भी की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं । और निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। कलेक्टर ने कहा कि जो आवास मित्र कार्य नहीं कर रहे हैं ऐसे आवास मित्रों को हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पेंशन और राशनकार्ड से जिनकी मृत्यु हो चुकी है उसका नाम विलोपन करने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान व्यक्तिगत शौचालय निर्माण और सामुदायिक शौचालय निर्माण की समीक्षा की जितने भी सुशासन तिहार में आवेदन प्राप्त हुए पात्रता के अनुसार शौचालय स्वीकृति करने के निर्देश दिए हैं। ओडीएफ गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा कलेक्शन करवाने के लिए कहा है। बगीचा जनपद सीईओ को सेरिग्रेशन शेड के कार्य को पूरा करने के साथ स्वच्छता ग्राही का चयन और समूह को प्रशिक्षण देकर डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करवाने के निर्देश दिए हैं।
कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला , पत्थलगांव, कांसाबेल के जनपद सीईओ को गांव गांव में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करवाने के निर्देश दिए हैं।

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शैक्षणिक वातावरण में व्यापक सुधार: : बस्तर संभाग में 1611 शालाओं का युक्तियुक्तकरण, बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

रायपुर, : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के उद्देश्य से शालाओं के युक्तियुक्तकरण की दिशा में एक सार्थक पहल की जा रही है। इस पहल के तहत बस्तर संभाग के सात जिलों में कुल 1611 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इससे विद्यालयों की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और शैक्षणिक वातावरण में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा से प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर संभाग के बस्तर, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और सुकमा जिलों में ऐसी शालाओं को चिन्हित किया गया, जहाँ या तो छात्र संख्या बहुत कम थी या एक ही परिसर में अथवा निकट में दो से अधिक शालाएं संचालित हो रही हैं, इन शालाओं को एकीकृत कर उन्हें बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। संयुक्त संचालक शिक्षा ने बताया कि बस्तर संभाग के बस्तर जिले में 274, बीजापुर जिले की 65, कोण्डागांव जिले की 394, नारायणपुर की 80, दंतेवाड़ा जिले की 76, कांकेर जिले की 584 तथा सुकमा जिले की 138 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इससे शिक्षक विहीन एकल शिक्षकीय एवं आवश्यकता वाली अन्य शालाओं मेें अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना हो सकेगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही बच्चों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन जैसे पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कम्प्यूटर लैब और खेल सामग्री भी उपलब्ध हो सकेंगी।

संयुक्त संचालक, शिक्षा, बस्तर संभाग, जगदलपुर ने बताया कि एकीकृत शालाओं में एक ही परिसर में पढ़ाई होने से बच्चों को नियमित स्कूल आना आसान होगा, जिससे छात्रों की उपस्थिति दर में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। इसके अलावा, प्रशासनिक खर्च में भी कमी आएगी और बचत को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने में उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया नियोजित और चरणबद्ध रूप से संपन्न की जा रही है, जिसका उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और विद्यालय परिसरों को संसाधनयुक्त बनाना है। इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जिससे बस्तर संभाग के हजारों बच्चों को लाभ मिलेगा और छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकेगा।

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छत्तीसगढ़ को मीडिया जगत में मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री ,सबसे तेज और सटीक समाचार देना आज की सबसे बड़ी चुनौती – केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान*

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित आईबीसी 24 के नए स्टूडियो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विश्वसनीयता के साथ खबरें देना किसी भी मीडिया संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को इस हाईटेक स्टूडियो से मीडिया जगत में नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर राज्य एवं केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम आदमी तक अधिक से अधिक पहुंचाने का आग्रह किया। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने कहा कि सबसे तेज और सटीक समाचार देना आज की सबसे बड़ी चुनौती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपने उद्योग, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अब मीडिया क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर अंकित होगा।

समारोह को उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, विधायक सर्वश्री अजय चंद्राकर, पुरंदर मिश्रा, संपत अग्रवाल, गोयल ग्रुप के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल, डायरेक्टर श्री राजेंद्र गोयल और आईबीसी मीडिया एडिटर श्री रविकांत मित्तल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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युक्तियुक्तकरण के लिए हो रही काउंसलिंग का संगठनों ने किया विरोध, काउंसलिंग के दौरान शिक्षकों का हल्लाबोल .....डीईओ ने कहा पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है प्रक्रिया

जशपुर :  शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए सोमवार को शहर के शासकीय आत्मानंद हिंदीं माध्यम स्कूल के सभागार में काउंसलिंग की प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने शुरू की। पहले दिन व्याख्याता वर्ग के शिक्षकों की काउंसलिंग की गई। इस बीच,काउंसलिंग के विरोध में शिक्षक संघांे के साझा मंच ने अनिश्चितकालिन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलनरत शिक्षकों ने जिले में युक्तियुक्तकरण के बाद रिक्त हुए पदों की जानकारी सार्वजनिक करने और काउंसलिंग की प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करने की मांग करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर को ज्ञापन सौंपा है। वहीं डीईओ का कहना है कि युक्तियुक्तकरण और काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। उल्लेखनिय है कि युक्तियुक्तकरण के तहत प्रदेश सरकार छात्र व शिक्षकों के अनुपात को संतुलित करने की बात कह रही है। वहीं शिक्षक संघ 2008 के स्वीकृत सेटअप को यथावत रखने की मांग पर अड़े हुए है। सोमवार को एक ओर जहां आत्मानंद स्कूल में युक्तियुक्तकरण का काउंसलिंग किया जा रहा था,वहीं दूसरी ओर रणजीता स्टेडियम के पास शिक्षक संघों के संयुक्त मोर्चा ने इसके विरोध में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मंच के बैनर तले रणजीता स्टेडियम के पास सुबह से ही जिले भर से शिक्षक जुटने लगे थे। दोपहर लगभग 2 बजे शिक्षक रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कांउसलिंग स्थल पहुंच गए। यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आंदोलनरत शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी पीके भटनागर को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मोर्चा ने रिक्त स्थानों की जानकारी सार्वजनिक करने और प्रक्रिया से प्रभावित हो रहे शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग कर रहे हैं। मोर्चा के जिला संचालक संतोष टांडे ने बताया कि डीईओ ने कलेक्टर से चर्चा कर इस संबंध में निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। संयुक्त साझा मोर्चा ने अपनी मांग पूरी ना होने पर सारी रात धरना स्थल पर बैठने की चेतावनी दी है। मोर्चा से जुड़े अजय गुप्ता ने बताया कि मोर्चा युक्तियुक्तकरण का नहीं अपितु इसकी गलत प्रक्रिया और 2008 के सेटअप से की जा रही छेड़छाड़ का विरोध कर रहा है। उन्होनें बताया कि मोर्चा ने अपनी मांगों से जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत करा दिया है। अगर शाम तक इस संबंध में प्रशासन कोई निर्णय नहीं लेता है तो शिक्षक रात भर धरना स्थल पर बैठने के लिए तैयार हैं। महिला शिक्षक तरन्नुम ने बताया कि धरने में बड़ी संख्या महिलाएं भी पहुंची हुई है। इनमें से कुछ महिलाओं के साथ बच्चे भी आए हुए हैं। ऐसे में बीते कुछ दिनों से रूक-रूक कर हो रही वर्षा के बीच रात में महिलाओं के साथ कुछ अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।


  ‘पहले दिन 225 शिक्षकों की कांउसलिंग की प्रक्रिया पूरे पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। इससे किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।’’
                        पीके भटनागर,डीईओ,जशपुर।

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जशपुर जिले में अबतक 7.5 मिमी बारिश दर्ज, बारिश में कुनकुरी में अब तक सर्वाधिक वर्षा हुई

जशपुरनगर :जशपुर जिले में 01 जून से अब तक 7.5 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। जिले में बीते 10 वर्षों की तुलना में 02 जून तक औसत वर्षा 3.5 मिमी हुई है। बीते दिवस जिले में 0.5 मिमी वर्षा हुई है।
       भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 जून से अब तक तहसील जशपुर में 13.7 मिमी, मनोरा में 8.5 मिमी, कुनकुरी में 22.5 मिमी, दुलदुला में 0.0 मिमी, फरसाबहार में 3.0 मिमी, बगीचा में 7.5 मिमी, कांसाबेल में 3.4 मिमी, पत्थलगॉव में 11.0 मिमी एवं सन्ना में 6.0 मिमी वर्षा हो चुकी है। सर्वाधिक वर्षा कुनकुरी तहसील में दर्ज की गई है।

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करडेगा में 10 लाख से अधिक के लागत से हुआ खेल मैदान का निर्माण,बैंडमिंटन, वॉलिवाल एवं फुटवाल सहित अन्य खेलों का हो रहा आयोजन

*समाचार*

*10 लाख से अधिक के लागत से

जशपुरनगर : खेल प्रतिभा तभी उभर कर सामने आएगी, जब खिलाड़ी खेलने के लिए सुविधाएं होगी, खेल के लिए मैदान होगी। खेल एक ऐसा माध्यम है जिसके साथ युवा जहां एक ओर अपने आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से भी तंदुरूस्त रह सकते हैं। किसी भी शहर, गांव, प्रदेश देश की उन्नति युवा वर्ग की अहम भूमिका होती है उसके लिए युवा वर्ग तंदुरूस्त रहे, नशों से दूर रहे तभी युवा इसमें अपनी भागीदारी दर्ज करवा सकता है।
        मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मंशानुरूप जिले में खेल प्रतिभाओं को बढ़ाने के लिए सार्थक पहल किए जा रहे हैं। खेल के क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी दर्ज कराने हेतु जिले के कई स्थानों में खेल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस हेतु मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भी जिले को कई मिनी स्टेडियम की सौगात देते आ रहे हैं। 
          इसी तारतम्य में दुलदुला विकासखण्ड के मुख्यालय से 17 कि.मी. दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत करडेगा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 10 लाख रुपए स्वीकृत कर खेल मैदान निर्माण किया गया है। 
          करडेगा में लोगों को खेलों के प्रति बहुत ज्यादा रूचि देखी जा सकती है परंतु क्षेत्र में कोई खेल मैदान न होने के कारण युवा या तो कंप्यूटर मोबाइल के खेल तक ही सिमट कर रह गए हैं। गांवों में खेल के मैदान न होने से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वॉलीबाल खेल प्रेमियों ने सड़क को ही खेल का मैदान बना लिया। यहीं पर खेल कर  युवा अपना शौक पूरा कर रहे हैं। भागमभाग भरी जिंदगी में इंसान के पास खेलने के लिए समय निकाल पाना मुश्किल हो गया है। इन व्यस्तताओं के बीच थोड़ा बहुत समय निकाल भी लिया जाए तो खेल के लिए जगह नहीं मिल पाती है। मैदान न होने से बच्चे मोबाइल में ही गेम खेलने लगते हैं। खेल का मैदान होना चाहिए, जिससे ग्रामीण स्तर पर खेलों का 
बढ़ावा मिल सके, नशों जैसी बुरी आदतों में जाने न लगे। ग्रामीण क्षेत्र में  प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों के अभाव में ग्रामीण प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जबकि कई खिलाड़ी इसी परिवेश में खेलकर राष्ट्रीय स्तर  पहुंचे हैं। 
           महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना अंतर्गत  ग्राम पंचायत करडेगा में वित्तीय वर्ष 2024-25 राशि 10.010  लाख का स्वीकृत कराया गया खेल मैदान से 1459 मानव दिवस अर्जित किया गया।  सर्वप्रथम उक्त कार्य को ग्राम सभा में शामिल किया गया था। शामिल उपरांत प्राथमिकता के आधार पर कार्य का निरीक्षण तकनीकी अमला द्वारा किया गया, निरीक्षण उपरांत कार्य का प्राक्कलन तकनीकी सहायक द्वारा ग्राम पंचायत प्रस्ताव के आधार पर तैयार किया गया। प्राप्त प्राक्कलन का अनुविभागीय अधिकारी द्वारा उक्त कार्य की तकनीकी स्वीकृति प्रदाय की गई, जनपद स्तर पर प्राक्कलन को स्वीकृति हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुलदुला द्वारा जिला पंचायत प्रेषित किया गया तत् उपरांत तकनीकी स्वीकृति के आधार पर कलेक्टर  के अनुमोदन अनुसार जिला पंचायत जशपुर के द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गई। प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर जनपद पंचायत दुलदुला के द्वारा ग्राम पंचायत को कार्याेदेश जारी किया गया है। रोजगार सहायक के माध्यम से स्टेज -01 में जियो टैंग निर्माण कार्य का किया गया। तत्पश्चात मांग पत्र के आधार पर कार्य प्रांरभ किया गया।  
           ग्राम पंचायत करडेगा में  खेल मैदान के बन जाने से जो बच्चे पूर्व में घर पे खाली बैठा करते थे, मोबाईल एवं खेल की तैयारी के लिए जगह न मिलने कारण बाहर जाया करते थे। वे अब खेल मैदान का भरपूर फायदा उठा रहे हैं। करडेगा खेल मैदान में बैंडमिंटन, वॉलिवाल एवं  फुटवाल जैसे खेलो को खेला जा सकता है। हाई स्कूल विद्यालय के नजदीक होने के कारण  विद्यायर्थी अब अपना समय खेलो पर दे सकते है। भविष्य में होने वाले कई खेल प्रतियोगिताएं यहां कराई जावेगी जिससे जशपुर जिले के खिलाडियों प्रतिभा और निखरेगी।

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आज के जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी आमजनों की समस्याएं , अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याएं सुनी और जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का अधिकारियों को स्वयं अवलोकन कर प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। आज जनदर्शन में कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए।  उन्होंने प्राप्त आवेदनों का निराकृत होने पर उसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को देने के लिए कहा, ताकि उनको अनावश्यक भटकना न पड़े। 
            विदित हो कि जनदर्शन के माध्यम से जिले के नागरिक अपनी समस्याओं और मांगों को सीधे कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर बताते हैं जिनका कलेक्टर के द्वारा यथाशीघ्र निराकरण संबंधित विभागों के माध्यम से कराया जाता है।  
             जनदर्शन में आज राजस्व संबंधी मामले, जमीन कब्जा हटाने, आत्मानंद विद्यालय में प्रवेश देने, प्रधानमंत्री आवास योजना, वन अधिकार पट्टा, आजीविका, राशन कार्ड, ट्रायसाईकल की मांगी सहित सहित विभिन्न मांगों और समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।

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दिव्यांग प्रदीप को मिली सीएम कैंप कार्यालय से  बैटरी चलित ट्राईसायकल ,मुख्यमंत्री श्री साय को दिया धन्यवाद

जशपुरनगर:  ट्राइसाइकिल पाकर दिव्यांग प्रदीप श्रीवास की खुशी बता रही है जैसे जीवन में उन्हें एक नया सहारा मिल गया है। अब वे अपने कुछ कामों को खुद से अंजाम दे सकते हैं। प्रदीप दोनों पैरों से चलने-फिरने में असमर्थ थे। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले फरसाबहार निवासी प्रदीप को इससे उनके समान्य दिनचर्या में भी काफी कठिनाईयों को सामना करना पड़ता था। उन्होंने अपनी परेशानियों का जिक्र करते हुए मदद के लिए सीएम कैम्प कार्यालय में आवेदन दिया। 
   मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आज उन्हें बैटरी चलित ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। ट्राइसाइकिल पाकर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और सीएम कैंप कार्यालय का आभार व्यक्त किया है। सीएम कैंप कार्यालय बगिया मानवीय संवेदनाओं का केंद्र बन गया हैं। कैंप कार्यालय शासन की योजनाओं का आम जनता को लाभ दिलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के साथ ही असहाय, पीड़ितों और जरूरतमंदों को हर संभव मदद करने प्रयासरत है, ताकि समाज के हर वर्ग को न्याय मिल सके।

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बेहतर सुशासन पर लगी मुहर : कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में प्रशासन ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया कार्य,,,,अपने उद्देश्यों पर सफल रहा सुशासन तिहार,98 प्रतिशत से अधिक का हुआ निराकरण

जशपुरनगर :मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बेहतर सुशासन के लिए किए गए वादे के अनुरूप किए गए कार्यों को आम जनता की मुहर लग गई है। 54 दिन तक चलाए गए सुशासन तिहार में लोगों की मांगों एवं समस्याओं के निराकरण की दिशा में किए गए कार्यों से सरकार के प्रति लोगों का विश्वास और भी गहरा हुआ है। जशपुर जिले में कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार के दौरान प्रशासन ने पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करते हुए 98 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया है। 
         सुशासन तिहार के दौरान 132404 आवेदन आए, जिसमें से 130279 आवेदनों का पूरी पारदर्शिता के साथ निराकरण किया गया। इस तिहार में आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान, शासकीय योजनाओं की समीक्षा और निगरानी, विकास कार्यों में तेजी लाना, और जनता, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर आम जनता को लाभान्वित करने के अपने उद्देश्य में सफल रहा है। शासकीय कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस दौरान अपने कर्तव्यों को निर्वहन करते हुए बेहतर कार्य किया। जिसके परिणामस्वरूप 98 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण समयबद्ध तरीके से हो पाया। 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जानने जशपुर के दोकड़ा ग्राम पहुंचे थे। यहाँ उन्होंने समाधान शिविर में सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्यवाही और पीएम आवास सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने दोकड़ा में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज खोलने की घोषणा की। उन्होंने यहाँ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करने, वनवासी कल्याण आश्रम, प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण का जीर्णाेद्धार, डोरियामुड़ा तालाब का सौंदर्यीकरण, पुराने मंगल भवन के जीर्णाेद्धार के लिए र 20 लाख की राशि देने और इस क्षेत्र के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की।
       सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में किया गया। पहला चरण 08 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आयोजित हुआ। जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए हैं।  ये आवेदन समाधान पेटी, शिविर और ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से लिए गए। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर की गई थी। हाटबाजारों में भी आवेदनों का संग्रह किया गया है। दूसरे चरण में इन प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड कर संबंधित विभाग, जनपद और नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजकर उनके गुणवत्तापूर्ण निराकरण की कार्रवाई की गई। 
         तीसरे एवं अंतिम चरण 05 मई से 31 मई तक चली। इस दौरान जिले के 08 से 15 ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया। नगरीय निकायों में भी शिविर लगाए गए। इस दौरान जिले में कुल 54 समाधान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदनों पर अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दी गई। शिविरों में नए आवेदन भी लिए गए और जिन मामलों का समाधान वहीं संभव हुआ, उनका मौके पर ही निराकरण किया गया। जिले में शिविर आयोजन के सुबह श्रमदान, खेल प्रतियोगिता एवं योग प्रशिक्षण सहित विभिन्न कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।  
          शिविरों में आयुष्मान कार्ड, सिकल सेल स्क्रिनिंग, प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन, एन.आर.एल.एम. लखपति दीदी, कृषि, उद्यानिकी, केसीसी, फसल बीमा, राजस्व परामर्श केन्द्र व राजस्व मितान, दिव्यांगों को उपकरण वितरण, उज्जवला योजना, राशन कार्ड, महतारी वंदन योजना से संबंधित जानकारियों को विभागों द्वारा प्रदर्शित कर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत् सामग्रियों का वितरण भी किया गया।

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