समय पर स्कूल नहीं पहुंचने वाले और नदारद शिक्षकों पर होगी कार्रवाई....बीईओ और बीआरसी को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के दिए गए निर्देश,,,पढ़ाने में रुचि न रखने वाले शिक्षकों की दें रिपोर्ट
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समय पर स्कूल नहीं पहुंचने वाले और नदारद शिक्षकों पर होगी कार्रवाई....बीईओ और बीआरसी को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के दिए गए निर्देश,,,पढ़ाने में रुचि न रखने वाले शिक्षकों की दें रिपोर्ट

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने रविवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेकर शिक्षा सत्र के प्रारंभ से ही बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। और बच्चों को यूनिफॉर्म, किताब ,पात्र बच्चों को छात्रवृत्ति, सायकिल सहित शासन की योजनाओं का लाभ देने के लिए कहा है।

 कलेक्टर ने विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्य करने के लिए कहा है।इसके लिए एनजीओ का भी सहयोग लेने के लिए कहा ताकि बच्चों के शिक्षा स्तर को बेहतर बनाया जा सके। 

इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी, यूनीसेफ, ओपन लिंक फाउंडेशन, प्रथम एजुकेशन सोसाइटी , अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों तथा जिले के समस्त विकास खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारीयों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि अपने क्षेत्र के स्कूलों का नियमित निरीक्षण करेंगे और स्कूल में बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों को उपस्थित समय पर शिक्षक स्कूल पहुंच रहे हैं कि नहीं सतत् निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जो शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते हैं और नदारद रहते हैं ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने सभी संकुल समन्वयक को शिक्षकों की उपस्थिति का अवलोकन करने के लिए टै्रकिंग करने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने सभी स्कूलों में डेली डायरी बनाने के निर्देश दिए हैं और प्रतिदिन की गतिविधियों को दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों के निरीक्षण के दौरान डेली डायरी का अनिवार्य रूप से अवलोकन करें और 
5 वीं से 6 वीं में जाने वाले बच्चों का बेस लाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 

कलेक्टर ने प्राथमिक स्तर के कमजोर बच्चों को विशेष ध्यान देकर उनका शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए हैं। कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षा लगाकर उनका शैक्षणिक स्तर बेहतर करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि ऐसे शिक्षक जो एक्टिव नहीं और बच्चों को पढ़ाने में ध्यान नहीं देते उनकी बीईओ और बीआरसी को प्रत्येक सप्ताह रिपोर्ट देने के दिए निर्देश।
स्कूल में बच्चों को जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए पटवारियों और शिक्षकों के सहयोग से शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जाति प्रमाण बनाने के जरूरी दस्तावेजों का चेक लिस्ट बनाकर जरूरी कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा है 
इसके लिए बच्चों के पालकों का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए है ताकि महत्वपूर्ण और जरूरी दस्तावेज जमा किया जा सके।

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