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हमर सुघ्घर गांव बनाने के लिए सरपंच और सचिवों को जिला पंचायत के सभागार में दिया गया प्रशिक्षण...104 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव रहे मौजूद

जशपुर :  कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन जिला पंचायत के सभागार में हमर सुघ्घर ग्राम प्रतियोगिता के संबंध में विगत दिवस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रदीप राठिया उपस्थित थे।

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक श्री मदन प्रेमी के द्वारा हमर सुघ्घर ग्राम प्रतियोगिता के विभिन्न मापदण्डों जैसे ओ.डी.एफ. प्लस की श्रेणी, व्यक्तिगत शौचालय, संस्थागत शौचालय, स्वच्छता दृष्टिगोचर, सामुदायिक शौचालय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता संदेश, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध, स्वच्छता श्रमदान, वृक्षारोपण इत्यादी पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन हेतु प्रेरित किया गया, प्रशिक्षण में आए सरपंच सचिव को अपने अपने ग्राम पंचायत  में पौध रोपण  स्वच्छता श्रमदान,  रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य कराने के निर्देश दिया गया, तथा ग्राम पंचायतों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य कराने हेतु प्रेरित किया गया।

उक्त प्रशिक्षण का आयेजन दो पाली में किया गया। जिसमें 104 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के विकासखण्ड समन्वयक उपस्थित हुए।

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दोकड़ा के ऐतिहासिक प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर में श्रीपुरी धाम की तर्ज पर भव्य पूजा-अर्चना, निर्जला एकादशी से शुरू हुआ द्वीप प्रज्वलन कार्यक्रम.....

दोकड़ा । श्री जगन्नाथ पूरी धाम की तरह अब दोकड़ा के ऐतिहासिक और प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर में भी भव्य स्तर पर धार्मिक आयोजन और परंपराएं जीवंत की जा रही हैं। यहां निर्जला एकादशी पर्व के अवसर पर शुरू हुआ द्वीप प्रज्वलन कार्यक्रम भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक आकर्षण बन गया है। यह परंपरा न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित कर रही है, बल्कि स्थानीय श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीजगन्नाथ के चरणों में समर्पित कर रही है।इस अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया गया।

श्रीजगन्नाथ धाम के स्वरूप में सजा मंदिर

दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व वर्षों पुराना है। अब यहां श्रीजगन्नाथपुरी धाम की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना की जा रही है। मंदिर समिति और स्थानीय भक्तों के प्रयासों से यहां धार्मिक गतिविधियां तेज़ी से बढ़ रही हैं।

द्वीप प्रज्वलन की अनूठी परंपरा

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर मंदिर शिखर में शुरू हुई द्वीप प्रज्वलन की परंपरा को भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ अपनाया है। सैकड़ों दीपकों से सजा मंदिर परिसर रात के समय अद्भुत आभा से चमक उठा। माना जाता है कि इस दिन जल ग्रहण न कर उपवास रखते हुए भगवान का ध्यान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

भक्तों की उमड़ी भारी भीड़

इस पावन आयोजन में दोकड़ा ही नहीं, आसपास के गांवों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि श्री जगन्नाथ स्वामी की सच्चे मन से आराधना करने पर जीवन की नैया पार हो जाती है। मंदिर समिति के अनुसार, हर साल इस आयोजन का विस्तार किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।

देव स्नान और रथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति के ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह एवं बलराम भगत ने बताया कि आगामी देव स्नान पूर्णिमा और रथ यात्रा के लिए भव्य तैयारियां चल रही हैं। इस बार भक्तों के सहयोग से एक विशाल रथ का निर्माण किया जाएगा, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। रथ यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण है।

मंदिर समिति का योगदान सराहनीय

मंदिर समिति  के सहयोग से यह आयोजन सफल हो पाया है। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस आयोजन को हर वर्ष और अधिक भव्य रूप देने का संकल्प लिया गया है। आने वाले वर्षों में यह स्थल भी धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुख स्थान बना सकता है।दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर अब केवल एक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनता जा रहा है।

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CG Big News : शासन की बड़ी कार्रवाई.! लापरवाही व अनियमितता का मामला..प्रभारी आबकारी अधिकारी निलंबित..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय कार्य में अनियमितता, तय दर से अधिक मूल्य पर मदिरा विक्रय, स्टॉक में गंभीर कमी और बिक्री राशि में लाखों रुपये की गड़बड़ी के मद्देनजर महासमुंद जिले के प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी निधीश कुमार कोष्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत की गई है. निलंबन अवधि में कोष्टी का मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में निर्धारित किया गया है. 

दरअसल, 29 मई 2025 को आबकारी विभाग मुख्यालय रायपुर के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा महासमुंद जिले के घोड़ारी स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण से पूर्व एक छद्म ग्राहक को 500-500 रूपए की कुल 4 नोट यानि कुल 2000 रूपए देकर मदिरा खरीदने भेजा गया. निर्धारित मूल्य 1760 रूपए के स्थान पर विक्रयकर्ता द्वारा 2000 रूपए में मदिरा बेचा गया. पूछताछ में विक्रयकर्ता ने अधिक मूल्य पर विक्रय की बात स्वीकार की. स्टॉक के भौतिक सत्यापन में 1886 नग देशी मदिरा मसाला की कमी और एक लाख 88 हजार रूपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई. वहीं, बिक्री राशि की तुलना में नगदी में 3 लाख 8 हजार रूपए और विदेशी मदिरा में एक लाख 99 हजार रूपए की कमी पकड़ में आई. इस प्रकार कुल 6 लाख 96 हजार रूपए की वित्तीय अनियमितता का मामला पकड़ में आया. उपरोक्त अनियमितताओं को देखते हुए राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महासमुंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है. 

फिलहाल, आबकारी आयुक्त ने बताया कि इससे पूर्व में 3 मई 2025 को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा बागबहरा (महासमुंद) में उड़ीसा निर्मित और केवल उड़ीसा में वैध 351.17 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई थी, जिसमें तीन प्रकरण दर्ज हुए और फरार आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धाराओं 34(2) और 59(क) के तहत कार्यवाही की गई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है, प्रदेश में शासकीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. महासमुंद में की गई यह कार्रवाई, सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है.

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युक्तियुक्तकरण नीति से मिले तरौद स्कूल को चार नए शिक्षक....खबर पाकर खुश हैं गांव के बच्चे, दिखने लगी पढ़ाई की ललक

रायपुर, : कभी शिक्षक की कमी से जूझ रहा बालोद ज़िले का छोटा-सा गांव तरौद में शिक्षा की एक नई उम्मीद जगी है। जहां पहले सिर्फ एक ही शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था, अब यहां चार विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की खबर से गांव में उत्साह का माहौल है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल ने बच्चों, अभिभावकों और पूरे गांव में शिक्षा को लेकर एक नई ऊर्जा भर दी है।

लगभग 60 विद्यार्थियों वाला यह शासकीय हाईस्कूल बीते दो वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा था। पढ़ाई बाधित होती थी, एक शिक्षक से सभी विषयों की जिम्मेदारी निभा पाना नामुमकिन था। बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की पहल ने इस अंधेरे को आशा की किरण दिखाई है।

युक्ति युक्तकरण वास्तव में शिक्षकों और संसाधनों के असमान वितरण को दूर करने की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें जरूरतमंद स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती की जाती है। इसी योजना के तहत अब तरौद के हाईस्कूल में चार नए शिक्षक पदस्थ किए गए हैं, जो अलग-अलग विषयों के हैं। इससे अब हर विषय की पढ़ाई नियमित और गुणवत्ता पूर्ण हो सकेगी।

गांव के सरपंच श्री धर्मेंद्र कुमार रामटेके की बातों से ग्रामीणों की भावनाएं झलकती हैं। पहले स्कूल में पढ़ाई की स्थिति अच्छी नहीं थी। जनभागीदारी समिति कई बार गांव के युवाओं को बुलाकर बच्चों के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था करती थी। शासन ने अब हमारे गांव के स्कूल को चार नए शिक्षक देकर बच्चों के अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था कर दी है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आभारी हैं। श्रीमती महेश्वरी ठाकुर, स्कूल की जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष कहती हैं कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, और शासन ने यह अधिकार लौटाया है। अब हमें चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि हमारे बच्चों को कौन पढ़ाएगा।

स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना की खबर पाकर गांव के बच्चे भी बेहद खुश हैं। पढ़ाई को लेकर उनमें ललक और उत्साह दिखाई देने लगा है। बच्चों को हर विषय में अलग-अलग शिक्षक मिलना किसी सौगात से कम नहीं है। अब वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या अधिकारी बनने के सपने देखने लगे हैं। 
तरौद अब केवल एक गांव नहीं रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा सुधारों का उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की यह पहल पूरे जिले के स्कूलों में चल रही है। शासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर स्कूल में शिक्षक हों, और हर बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। शिक्षा की रोशनी जब दूर-दराज के गांवों तक पहुंचती है, तो उसका असर सिर्फ किताबों तक नहीं रहता। वह पूरे समाज को एक नई दिशा देती है। ग्राम तरौद का यह बदलाव इसी सकारात्मक सोच और योजनाबद्ध प्रयास का नतीजा है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा की यह नई सुबह, निश्चित ही पूरे प्रदेश को प्रगति की ओर ले जाएगी।

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CG Big News : कलेक्टर ने BEO को किया निलंबित..युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में किया बड़ी लापरवाही..सीनियर को बताया जूनियर..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर। बस्तर जिले में चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) जगदलपुर मानसिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई कमिश्नर बस्तर संभाग डोमन सिंह के अनुमोदन पर प्रभारी कलेक्टर प्रतीक जैन द्वारा की गई है.

दरअसल जारी आदेश के अनुसार, भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण हेतु विकासखंड जगदलपुर से जिला स्तरीय समिति को कई स्तरों पर त्रुटिपूर्ण और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की. जैसे नगरनार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कनिष्ठ शिक्षक को वरिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षक को कनिष्ठ दिखाया गया. इसके अतिरिक्त, विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (हिन्दी माध्यम), सेजेस, जगदलपुर की संवर्ग संबंधी जानकारी में भी गलत विवरण प्रस्तुत किया गया, जहां ई संवर्ग की शाला को टी और ई दोनों संवर्ग में रिक्त पदों सहित दर्शाया गया.

फिलहाल, इसके अलावा वरिष्ठता निर्धारण, स्वीकृत और रिक्त पदों की सूचना में भी अनेक विसंगतियाx पाई गईं. भारद्वाज की यह कार्यप्रणाली न केवल राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के विपरीत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील नियम 1966 का भी उल्लंघन है. इन गंभीर त्रुटियों के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जगदलपुर नियत किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा.यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया.

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युक्तियुक्तकरण नीति से दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूली बच्चों को मिला बेहतर शिक्षा का भरोसा ....समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम,पहुंचेगी शिक्षा की रौशनी

रायपुर, : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति ने दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था की नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया को तेज़ी से और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया बेहद सुचारू और निष्पक्ष तरीके से पूरी कर ली गई है। अब तक जिन स्कूलों में या तो शिक्षक नहीं थे या केवल एक शिक्षक की तैनाती थी, अब वहां विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। इससे गणित, विज्ञान और अन्य विषयों अध्ययन-अध्यापन अच्छे से हो सकेगा। 

शिक्षकों ने जताया भरोसा और आभार

इस प्रक्रिया से शिक्षक भी बेहद संतुष्ट नज़र आ रहे हैं। शिक्षिका श्रीमती सिंधु श्रीवास्तव ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान स्क्रीन पर रिक्त पदों की जानकारी दी गई, जिससे स्कूल चयन में कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ शिक्षक श्री मनोज कुमार जैन, जो पहले माध्यमिक शाला देवडोंगर में पदस्थ थे, ने कहा कि सेवानिवृत्ति के करीब होने के बावजूद उनकी इच्छानुसार और पारदर्शी तरीके से स्कूल चयन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से अब ग्रामीण स्कूलों में गणित, रसायन और जीवविज्ञान जैसे विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक मिल सकेंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा।

शिक्षक आत्माराम मंडावी ने बताया कि उन्हें उनके ही ब्लॉक के विद्यालय में युक्तियुक्तकरण के माध्यम से पदस्थ किया गया है, उन्हें यह उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब कलेक्टर, सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं काउंसलिंग प्रक्रिया में उपस्थित रहे, तो प्रक्रिया की विश्वसनीयता स्वतः सिद्ध हो गई।

समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम

शिक्षक वर्ग का मानना है कि इस पारदर्शी तरीके से युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी हुई है। इससे जरूरत वाली शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना होने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर विश्वास भी मजबूत होगा। यह पहल समावेशी शिक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है। राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण नीति ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत की है। शिक्षक समुदाय ने इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन कांकेर को धन्यवाद दिया है।

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युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को तत्काल प्रभाव से  किया गया निलंबित

रायपुर : बस्तर जिले में चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जगदलपुर मानसिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह के अनुमोदन पर प्रभारी कलेक्टर श्री प्रतीक जैन द्वारा की गई है।

जारी आदेश के अनुसार, श्री भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण हेतु विकासखंड जगदलपुर से जिला स्तरीय समिति को कई स्तरों पर त्रुटिपूर्ण और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की। जैसे नगरनार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कनिष्ठ शिक्षक को वरिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षक को कनिष्ठ दिखाया गया। इसके अतिरिक्त, विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (हिन्दी माध्यम), सेजेस, जगदलपुर की संवर्ग संबंधी जानकारी में भी गलत विवरण प्रस्तुत किया गया, जहां ई संवर्ग की शाला को टी एवं ई दोनों संवर्ग में रिक्त पदों सहित दर्शाया गया।

इसके अलावा वरिष्ठता निर्धारण, स्वीकृत एवं रिक्त पदों की सूचना में भी अनेक विसंगतियाँ पाई गईं। श्री भारद्वाज की यह कार्यप्रणाली न केवल राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के विपरीत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 तथा सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील नियम 1966 का भी उल्लंघन है। इन गंभीर त्रुटियों के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जगदलपुर नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

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ब्रेकिंग न्यूज : लापरवाही और अनियमितता के मामले में प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी को शासन ने कार्यवाही कर किया निलंबित

रायपुर, : छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय कार्य में अनियमितता, तय दर से अधिक मूल्य पर मदिरा विक्रय, स्टॉक में गंभीर कमी और बिक्री राशि में लाखों रुपये की गड़बड़ी के मद्देनज़र महासमुंद जिले के प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी श्री निधीश कुमार कोष्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत की गई है। निलंबन अवधि में श्री कोष्टी का मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में निर्धारित किया गया है। 

गौरतलब है कि 29 मई 2025 को आबकारी विभाग मुख्यालय रायपुर के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा महासमुंद जिले के घोड़ारी स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण से पूर्व एक छद्म ग्राहक को 500-500 रूपए की कुल 4 नोट यानि कुल 2000 रूपए देकर मदिरा खरीदने भेजा गया। निर्धारित मूल्य 1760 रूपए के स्थान पर विक्रयकर्ता द्वारा 2000 रूपए में मदिरा बेचा गया। पूछताछ में विक्रयकर्ता ने अधिक मूल्य पर विक्रय की बात स्वीकार की। स्टॉक के भौतिक सत्यापन में 1886 नग देशी मदिरा मसाला की कमी और एक लाख 88 हजार रूपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई। वहीं, बिक्री राशि की तुलना में नगदी में 3 लाख 8 हजार रूपए और विदेशी मदिरा में एक लाख 99 हजार रूपए की कमी पकड़ में आई। इस प्रकार कुल 6 लाख 96 हजार रूपए की वित्तीय अनियमितता का मामला पकड़ में आया। उपरोक्त अनियमितताओं को देखते हुए राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महासमुंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है। 

आबकारी आयुक्त ने बताया कि इससे पूर्व में 3 मई 2025 को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा बागबहरा (महासमुंद) में उड़ीसा निर्मित और केवल उड़ीसा में वैध 351.17 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई थी, जिसमें तीन प्रकरण दर्ज हुए और फरार आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धाराओं 34(2) और 59(क) के तहत कार्यवाही की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है, प्रदेश में शासकीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महासमुंद में की गई यह कार्रवाई, सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात कर नक्सल ऑपरेशन की उपलब्धियों और  विकास की दी जानकारी

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में माओवादी विरोधी अभियानों की अब तक की सफलताओं और बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई रणनीति और केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया गया है। विगत डेढ़ वर्ष में चलाए गए सघन अभियानों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 1,428 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो बीते पांच वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अवगत कराया कि 205 मुठभेड़ों में 427 माओवादी मारे गए, जिनमें संगठन के शीर्ष नेता महासचिव बसवा राजू और सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर जैसे कुख्यात माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही, राज्य में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है, जिससे सुरक्षा नेटवर्क मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि इन सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही हैं। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत चिन्हित 146 ग्रामों में एकीकृत रूप से 18 प्रकार की सामुदायिक सेवाएं और 25 प्रकार की शासकीय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का विश्वास शासन तंत्र में बढ़ा है।

गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो रहा है और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता देती रहेगी।

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जशपुर के सुदूर वनांचल के प्रत्येक व्यक्ति तक योग के महत्व पहुंचाने का लक्ष्य - योग आयोग अध्यक्ष

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 जशपुर  : आगामी 21 जून को  अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय वृहद सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम जिला जशपुर में होना प्रस्तावित है। उक्त कार्यक्रम के तैयारी के संबंध गुरुवार को रेस्ट हाउस जशपुर में बैठक आयोजित की गई जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रुपनारायण सिन्हा का संक्षिप्त प्रवास जिले में था। कार्यक्रम के सफल सम्पादन के लिए अध्यक्ष के निर्देशन एवं जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन, तथा स्थानीय विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद श्री अरविन्द भगत, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्री गंगा राम भगत, भरत सिंह तथा सम्बधित विभागों के अधिकारियों के उपस्थिति में बैठक सम्पन्न हुआ। 

बैठक में कार्यक्रम के रुपरेखा स्थान, आउटरीच एवं सहभागिता इत्यादि विषयों पर परिचर्चा कर कार्ययोजना तैयार की गयी। बैठक मे अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि योग के महत्व को जिला के सुदूर वनांचल के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य हमारा है। आज के परिवेश में योग एक चिकित्सा पद्धति के रुप में अपनायी जा रही है। योग के अष्टांग क्रिया से असाध्य रोग भी ठीक किये जा रहे है तथा
मद्यपान एवं धुम्रपान के उन्मूलन में योग एक कारगर उपाय सिद्ध हो रहा है। उक्त अवसर पर  विधायक द्वारा कहा गया कि योग का अर्थ जोड़ना होता है। अतः हमें जिले के अंतिम व्यक्ति तक योग के महत्व को पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। आज पूरा विश्व योग के महत्व को स्वीकार कर व्यक्ति अपने शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सर्वांगीण विकास, इस विधा का उपयोग कर रहे है। बैठक की बिन्दू सह प्रतिवेदन श्री टी० पी० भावे, उप संचालक समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा आभार श्री ओंकार यादव अनुभागीय अधिकारी  द्वारा व्यक्त किया गया। बैठक में श्री प्रदीप राठिया, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, कार्यपालन अभियंता लोकनिर्माण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विद्युत विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, खाद्य अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला आयुर्वेद अधिकारी, जिला खेल अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं विकास, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, योग समन्वयक श्री अशोक यादव, योग मित्र गणमान्य नगरीक योगाचार्य उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम मरचाई ढ़ोढ़ी  में बदला गया ट्रांसफार्मर,बिजली आपूर्ति  हुई बहाल, 

जशपुरनगर, : मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम  मरचाई ढ़ोढ़ी में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बाधित विद्युत सप्लाई पुनः प्रारंभ हो गई है। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। विद्युत आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रति आभार व्यक्त किया। 
   तहसील  कांसाबेल के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत  नाकबार के ग्राम मरचाई ढ़ोढ़ी  के वार्ड क्रमांक 19 में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली की आपूर्ति ठप हो गई थी।  ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देकर इस समस्या के बारे में बताया और इसके  जल्द समाधान की मांग की। कैंप कार्यालय की त्वरित पहल पर विद्युत विभाग के द्वारा वहां पर ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है। जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के द्वारा बगिया में खोले गए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्या का निवारण  तत्परता से किया जा रहा है। विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्या आने पर इसके तत्काल निराकरण की कार्यवाही शुरू कर दी जाती है।

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मोर माटी मोर गांव महाअभियान के तहत हर घर जल- रैन वाटर हार्वेस्टिंग महाअभियान का लोदाम से शुभारंभ

जशपुर : कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास के दिशा निर्देशन में जिले में मोर माटी मोर गांव महाअभियान के अंतर्गत जल समृद्ध गांव बनाने "हर घर जल - रैन वाटर हार्वेस्टिंग है हल" की थीम पर जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लोदाम में हर घर रैन वाटर हार्वेस्टिंग महाअभियान की शुरुआत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रकृति निस्वार्थ भाव से हमें अपने अनमोल धरोहर देती है पर हम सभी अपने अपने स्वार्थ के अनुरूप इसका दोहन कर रहे है पानी इसमें सबसे महत्वपूर्ण है, जिसके बिना इस पृथ्वी और मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है,इसलिए यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम जल और प्रकृति की रक्षा करे। जल जागृति जशपुर जागरूकता अभियान के माध्यम से जल संरक्षण हेतु प्रशासन ने पहल की है अब हम सभी को मिलकर इसे आगे ले जाना है और जशपुर में जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है।जल बचाने की शुरुवात हमे अपने घर से करना चाहिए। जल आज की बहुत बड़ी आवश्यकता है, आने वाली पीढ़ी के लिए हमें अधिक से अधिक जल बचाना जरूरी है। आज इसी क्रम में यहां हर घर रैन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का काम महाअभियान के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है, ये जन भागीदारी का काम है इसमें सबकी सहभागिता जरूरी है। सभी आगे आए और जल संरक्षण की पावन अभियान में अपना सहयोग प्रदान करे।
रैन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण के साथ साथ सभी हैंडपंप में सोखता गड्ढा निर्माण, जल संरचनाओं में सफाई, गाद निकासी का कार्य, जल संचयन संरचना यथा कंटूर ट्रेंच, लूज बोल्डर चेक डेम, इंजेक्शन वेल, डबरी निर्माण कार्य के माध्यम से जल संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। जल जागृति जशपुर जल संरक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जिले में पूर्व से जल बचाने जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसे लोगों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है।
रैन वाटर हार्वेस्टिंग महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर  क्षेत्र जनपद सदस्य, विभिन्न समाज के समाज प्रमुख, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, जिला मिशन प्रबंधक एन आर एल एम, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, सी ई ओ जनपद पंचायत, आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व सहायता समूह की महिलाएं, ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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अपर कलेक्टर ने प्रेस वार्ता कर युक्तियुक्तकरण के संबंध में दी जानकारी.....जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने किया जा रहा युक्तियुक्तकरण

अतिशेष शिक्षकों, रिक्त पदों और युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत पदस्थापना की दी जानकारी

जशपुरनगर  : युक्तियुक्तकरण के संबंध में आज अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने कलेक्टोरेट सभागार में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सभी संकाओं का समाधान किया और बताया कि युक्तियुक्तकरण किस तरह से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शासन द्वारा लिया गया निर्णय है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद भटनागर सहित पत्रकारगण उपस्थित थे। 
         अपर कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। नगरीय इलाकों में छात्रों की तुलना अधिक शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की शालाओं में स्थिति इसके विपरीत है। वहां शिक्षकों की कमी है, जिसके चलते शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को सुधारने के उद्देश्य ही प्रदेश सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण का कदम उठाया गया है। इससे जिन शालाओं में शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, रसायन, भौतिकी और जीव विज्ञान जैसे विषयों के विषय-विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर युक्तियुक्तकरण के माध्यम से छात्र-शिक्षक अनुपात स्कूलों में संतुलित हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। 
          युक्तियुक्तकरण से होने वाले लाभों के बारे में बताते हुए उन्होनें कहा कि बार-बार प्रवेश से विद्यार्थियों को मुक्ति मिलेगी, ड्रॉपआउट रेट में कमी आयेगी। एक ही परिसर के विद्यालयों में प्रशासनिक कसावट आयेगी। विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता बढेगी। छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों हेतु उपचारात्मक शिक्षा हेतु विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगें। भविष्य हेतु बेहतर अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी। शिक्षा के स्तर में एकरुपता को बढावा मिलेगा।
            युक्तियुक्तकरण के तहत काउसलिंग के तहत उन्होंने स्कूलों में रिक्त पदों, अतिशेष शिक्षकों एवं समायोजन की जानकारी देते हुए बताया कि 2 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 01 थी एवं 17 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 01 प्रधान पाठक की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 16 पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को जानकारी प्रेषित कर दी गई है। इसी प्रकार प्रधान पाठक प्राथमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 33 थी एवं 60 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 33 प्रधान पाठक की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 27 रिक्त पदों की निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। व्याख्याता के कुल अतिशेष पदों की संख्या 191 थी एवं 237 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 151 व्याख्यता की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। 40 अतिशेष पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को प्रेषित करते हुए रिक्त 86 पदों की जानकारी भी संभाग स्तर पर प्रेषित कर दी गई है। रिक्त पदों के अनुसार विषय की व्याख्यता उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी रिक्त पदों पर पदांकन नहीं किया जा सका है। जिसकी जानकारी भी संभाग को दे दी गई है। 
    03 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में शिक्षक पूर्व माध्यमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 336 थी एवं 72 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 34 शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 302 अतिशेष पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को प्रेषित करते हुए रिक्त 38 पदों की जानकारी भी संभाग स्तर पर प्रेषित कर दी गई है। रिक्त पदों के अनुसार विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी रिक्त पदों पर पदांकन नहीं किया जा सका है। जिसकी जानकारी भी संभाग को दे दी गई है। 
      इसी तरह 04 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में सहायक शिक्षक प्राथमिक  शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 555 थी एवं 334 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 334 सहायक शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। उक्त पद जिला स्तरीय होने के कारण जिला स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। 
    अपर कलेक्टर श्री साहू ने बताया कि जिले में पहले 18 स्कूल शिक्षकविहिन तथा 258 स्कूल में मात्र एक शिक्षक पदस्थ थे। जिसे युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत पदस्थापना नियमानुसार कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ई संवर्ग के 28 शालाएँ एवं टी संवर्ग की 271 कुल 299 शालाएँ समायोजित की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लिए 10 से कम दर्ज संख्या एवं 01 किमी से कम दूरी तथा शहरी क्षेत्र के लिए 30 से कम दर्ज संख्या एवं 500 मीटर से कम दूरी वाली शालाओं एवं एक ही परिसर में दो या दो अधिक प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई, हायर सेकेण्डरी शालाएँ समायोजित की गई है। अतिशेष शिक्षकों युक्तियुक्तकरण शासन के द्वारा निर्धारित समय-सीमा में पूरी पारदर्शित एवं निष्पक्षता के साथ किया गया है। 
    अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विकासखण्ड स्तरीय 05 सदस्यीय समिति के द्वारा किया गया है। चिन्हांकन उपरांत जिला स्तरीय 05 सदस्यीय समिति के द्वारा परीक्षण उपरांत शिक्षकों की काऊंसलिंग आयोजित की गई। शिक्षकों की ओपन काऊंसलिंग प्रोजेक्टर के माध्यम से एक ही हॉल में शिक्षकों को बैठाकर पूरी पारदर्शिता के साथ की गई जिसकी विडियोग्राफी भी की गई है।  शिक्षकों को उनके मनपसंद जगहों में पदस्थापना दी गई है। रिक्त पदों की पूरी सूची स्कूलवार एवं अतिशेष शिक्षकों की सूची पदवार काऊंसलिंग हॉल के बाहर नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई थी साथ ही यह सूची संबंधित वाट्सअप ग्रुप में भी प्रसारित की गई थी।

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छुटे हुए हितग्राहियों का बनाया जाएगा आयुष्मान कार्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए निर्देश

जशपुरनगर : मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं आयुष्मान कार्ड ओ.आई.सी के द्वारा आज कलेक्टोरेट सभाक्षक में आयुष्मान कार्ड की समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें छुटे हुए हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सभी आरएचओ एवं सीएचओ की प्रतिदिन की समीक्षा सेक्टर सुपरवाइजर द्वारा किए जाने हेतु निर्देश दिया गया। इस दौरान बताया गया कि जिन हितग्राही की मृत्यु हो गई है या लंबे समय से ग्राम से बाहर है ऐसे हितग्राहियो को सचिव से माध्यम से सत्यापन कर डेटा संकलित किया जाना है। आगामी 30 जून तक शतप्रतिशत कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए है। बैठक में नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत, जिला परियोजना समन्वयक आयुष्मान भारत, समस्त विकासखंड कार्यक्रम प्रबन्धक एनएचएम एवं सेक्टर सुपरवाइजर स्वास्थ्य उपस्थित थे। 
             
ज्ञात हो कि अब तक जिले में 8 लाख 23 हज़ार 7 सौ हितग्राहियों के कार्ड बनाये जा चुके है और 95 हज़ार 01 सौ कार्ड बनाया जाना शेष है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन सामान्य से अपील किया गया है कि जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर बनवा लें।

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CG Corona Breaking : प्रदेश में कोविड के अबतक 30 एक्टिव मरीज..पिछले 24 घंटे में 9 मरिजों की पुष्टि..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh Corona breaking/रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में कोविड के 9 नए मरीज मिले है। गुरुवार को राजधानी रायपुर में 5 और बिलासपुर में 4 पेशेंट में कोविड की पुष्टि हुई हैं। नया वैरिएंट आने के बाद से ये एक दिन में सबसे ज्यादा आंकड़ा है। अब तक ओवरऑल प्रदेश में 30 कोविड मरीज एक्टिव हैं। जिनमें 2 रिकवर हो गए वहीं 28 केस एक्टिव हैं।

दरअसल, इनमें से 27 होम आइसोलेशन में हैं, और 1 मरीज का इलाज निजी हॉस्पिटल में चल रहा है। सबसे ज्यादा 18 एक्टिव केस राजधानी रायपुर, इसके बाद बिलासपुर में 6, दुर्ग में 3 और बस्तर में 1 है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग कोविड JN.1 को लेकर लाइट अलर्ट है।

फिलहाल, मेकाहारा के डॉ. आर के पांडा के मुताबिक, ज्यादातर मरीज होम क्वारंटाइन में ही ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन उन मरीजों को ज्यादा खतरा है, जिन्हें पहले से दूसरी या एक से ज्यादा बीमारियां हैं। खासकर डायबिटीज पेशेंट और चेन स्मोकर्स नए वैरिएंट के चपेट में जल्दी आ सकते हैं।

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CG Big News : अटल प्रतिमा पर असामाजिक तत्वों का उत्पात..जूतों की पहनाया माला..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/खैरागढ़। जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत अवेली से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां अटल चौक में लगी पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर असामाजिक तत्वों ने जूतों की माला पहना दी। ग्रामीणों ने जब सुबह उठ कर प्रतिमा पर जूतों की माला देखी तो तत्काल प्रतिमा के पास एकत्रित हुए और जालबांधा पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्राम कोतवाल के माध्यम से जूतों के हार को उतारा गया और मामले की जांच में जुट गई है।

दरअसल, ग्रामीणों का कहना है कि अटल चौक के पास स्थित मैदान में दो दिवसीय कबड्डी मैच का आयोजन किया गया था जिसका कल समापन था। देर रात लगभग 2 बजे तक मैच चला उसके बाद सभी ग्रामीण अपने अपने घर चले गए। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि, यह घटना रात 2 से सुबह 6 बजे की बीच की है क्योंकि 4 बजे के आस पास अटल चौक के आस पास के क्षेत्र की लाइट बंद हुई थी।

फिलहाल, उसी समय यह घटना हुई होगी। विद्युत विभाग का भी कहना है कि, हमारे द्वारा लाइट बंद नहीं की गई तो आशंका है कि असामाजिक तत्वों के द्वारा ही लाइट बंद करके इस घटना को अंजाम दिया गया। ग्राम पंचायत अवेली के पूर्व सरपंच व भाजपा नेता डोरेलाल साहू ने बताया कि, घटना की सूचना मैने वरिष्ठ भाजपा नेताओं को दे दी है। उन्होंने आगे कहा कि, अगर अपराधी को जल्द ही नहीं पकड़ा जाएगा तो हम सभी ग्रामीण सहित भाजपा नेता उग्र आंदोलन करेंगे।

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जशपुर में शिक्षा की नई उड़ान, नवसंकल्प के छात्रों ने SET पास कर बढ़ाया जिले का मान10 छात्रों ने किया क्वालीफाई 

जशपुर :- जिले के नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के 10 छात्रों ने छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (SET 2024) में शानदार सफलता हासिल की है। यह परीक्षा उच्च शिक्षण संस्थानों में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) पद के लिए आवश्यक होती है। जिले में संचालित इस संस्थान की सफलता से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में खुशी की लहर है।
यह उपलब्धि जिला कलेक्टर रोहित व्यास और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संभव हो पाई है। दोनों अधिकारियों के समर्थन से संचालित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान आज छात्रों के सपनों को उड़ान दे रहा है।
 *छात्रों को मिला विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन* 
संस्थान के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी सफल छात्र नवसंकल्प में चल रहे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की बैचों से जुड़े हुए थे। उन्होंने बताया कि संस्थान से मिली नियमित क्लास, टेस्ट सीरीज और अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन से छात्रों को SET पास करने में बड़ी मदद मिली।
गणित विषय में विशेष सफलता देखने को मिली है। यहां के विषय विशेषज्ञ मनीष गुप्ता ने छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन देकर कठिन विषय को आसान बना दिया। छात्रों ने बताया कि नवसंकल्प से पढ़ाई करके पेपर-1 काफी सरल हो गया।
 *ये हैं सफल छात्र* 
निर्मला पैंकरा (जीव विज्ञान),रिंपा पैंकरा (हिन्दी),संध्या गुप्ता (हिन्दी),सोनालिका पैंकरा (कंप्यूटर विज्ञान),निलेश देव पैंकरा (बॉटनी),होता साय (गणित),अतुल साय (गणित),दीपक सरजाल (गणित),अभिषेक भगत (गणित),दीपक कुजूर (कॉमर्स) इन सभी ने SET परीक्षा पास कर ली है और अब ये PhD में प्रवेश के साथ ही सहायक प्राध्यापक के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र हो गए हैं।
 *शिक्षकों ने दी बधाई* 
छात्रों की इस उपलब्धि पर संस्थान के शिक्षक विनीत तिवारी, विवेक पाठक, शैलेश कोसले, और खुशबू द्विवेदी ने भी बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
 *छात्रों की जुबानी* 'नवसंकल्प ने दिया आत्मविश्वास'
सफल छात्र कहते हैं कि नवसंकल्प संस्थान की पढ़ाई, नोट्स और मॉक टेस्ट ने उन्हें आत्मविश्वासी बनाया। खासकर, जब बाकी कोचिंग संस्थान सिर्फ गाइडलाइन देते हैं, वहां नवसंकल्प में पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक तैयारी भी कराई जाती है।

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मुख्यमंत्री ने ली स्वास्थ्य विभाग की बैठक :आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का दिया निर्देश....

*अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो दवाइयों की पहुंच: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि दवाइयों की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि राज्य में आयुष के जरिए  उपचार की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं , इसे और विस्तारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। 

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय  गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम में देश में 5वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का और बेहतर विस्तार होता रहेगा। श्री जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। 

स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं श्री मुकेश बंसल, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक श्री दीपक अग्रवाल समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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