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CG Breaking : मल्लिकार्जुन खड़गे ने रायपुर में किसान, जवान, संविधान सभा को किया संबोधित..पहुंचने पर कांग्रेसियों ने किया भव्य स्वागत..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रायपुर में किसान, जवान, संविधान सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम के मंच में छत्तीसगढ़ सह-प्रभारी जरिता लैतफलांग, पूर्व पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, प्रेम साय सिंह टेकाम सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।

वहीं इससे पहले एयरपोर्ट पहुंचने पर कांग्रेसियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस बीच रायपुर में सुबह से हुई बारिश से कार्यक्रम स्थल के ग्राउंड में कई जगह पानी भर गया है। डोम में भरा पानी टपकने लगा है। फिलहाल बारिश थमने के बाद कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ी हुई है।

फिलहाल कांग्रेस इस सभा के जरिए कांग्रेस DAP और खाद की किल्लत, प्रदेश में बढ़ते अपराध और शराब के अवैध कारोबार जैसे मुद्दों पर सरकार पर हमला बोला। सभा के बाद खड़गे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में पार्टी की बैठक में शामिल होंगे।

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Korba News : बारिश बना लोगों की मुसीबत.! दो मंत्रियों का काफिला रोका गया..कलेक्टर-एसपी ने मोर्चा संभाला..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कोरबा। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। रविवार को बारिश के पानी से परेशान ग्रामीणों और दुकानदारों ने राज्य सरकार के दो मंत्रियों का काफिला रोक लिया। जैसे ही डिप्टी सीएम अरुण साव और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का काफिला पाली क्षेत्र से गुजर रहा था, स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और रास्ता रोक दिया।

फिलहाल, लोगों का कहना था कि जलभराव की समस्या से वे परेशान हैं और मंत्रीगण मौके पर चलकर स्थिति देखें। इस दौरान ग्रामीणों और दुकानदारों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। काफिले में शामिल पुलिस की गाड़ियां एक-एक कर रुक गईं। भीड़ ने सभी वाहनों को रोक दिया और दोनों मंत्रियों से मुलाकात की मांग की। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन लोग नहीं माने। हालात को देखते हुए कलेक्टर और एसपी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

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जशपुर के समर्थ आवासीय दिव्यांग प्रशिक्षण केन्द्र में न्योता भोजन का हुआ आयोजन 

जशपुर/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना न्योता भोजन के तहत 6 जुलाई 25 को समर्थ आवासीय दिव्यांग  प्रशिक्षण केन्द्र जशपुर में जिला जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती नूतन सिदार ने अपने बेटे प्रखर कुमार के जन्म दिवस के अवसर पर दिव्यांग स्कूल जशपुर में न्योता भोजन का आयोजन किया गया और बच्चों को खेल सामग्री,कापी, टिफिन बॉक्स, पानी बाटल भेंट भी बच्चों को किया गया। बच्चों ने उत्साह से न्योता भोजन का आनंद लिया इस अवसर पर बच्चे,समाज कल्याण विभाग और शिक्षक शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 
उल्लेखनीय है कि न्योता भोजन की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह विभिन्न त्योहारों या अवसरों जन्मदिन, वर्षगांठ और राष्ट्रीय पर्व पर स्कूलों आश्रम छात्रावास के बच्चों के लिए न्योता भोजन करवाया जा सकता है।

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CG Breaking : मैनपाट में आज से सांसद और विधायक प्रशिक्षण कार्यशाला..उद्घाटन जेपी नड्डा और समापन अमित शाह करेंगे..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/सरगुजा। मैनपाट में आज से सांसद और विधायक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हो रहा है, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "यहां आज से तीन दिवसीय सांसद, विधायक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा करेंगे तथा समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य नेतागण विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देने आएंगे। यह निश्चित रूप से हम सांसदों तथा विधायकों के लिए लाभकारी होगा। इससे हमारा ज्ञान बढ़ेगा तथा छत्तीसगढ़ के विकास में भी लाभ होगा।"

देर रात सीएम साय ने किया था ट्वीट

फिलहाल, मैनपाट में होने वाले भाजपा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने आज ट्रेन से रायपुर से अंबिकापुर (सरगुजा) के लिए रवाना हुआ। रेल यात्रा का अपना ही आनंद है। हर बार यह स्मृतियों को ताज़ा कर देती है। साथ में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा , रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी जी भी मौजूद रहे।

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दोकडा में पूरी के तर्ज पर हुआ अद्भुत सोना भेष : सोने का पैर, सोने का हाथ... जब ‘स्वर्ण भेष’ में निकले भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ....मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुई शामिल

दोकड़ा।यहां के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी का पारंपरिक सुना वेष बड़े ही श्रद्धा और भव्यता के साथ सजाया गया। इस शुभ दिन पर मंदिर शिखर में द्वीप प्रज्वलन की रस्म भी विधिवत रूप से संपन्न हुई, जो कि देवशयनी एकादशी के आध्यात्मिक महत्व को और गहराता है।
इस खास अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। वे न केवल मंदिर में दर्शन हेतु पहुँचीं, बल्कि ओडिशा भजनों की संगीतमय प्रस्तुति पर झूमती भी नजर आईं। श्रद्धालुओं और उपस्थित जनसमुदाय ने उन्हें आत्मीयता से स्वागत किया।
कार्यक्रम में झारखंड और ओडिशा के प्रसिद्ध लोक कलाकारों द्वारा संगीतमय भक्ति प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने समूचे वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। मंगल वाद्य, कीर्तन मंडलियों और संकीर्तन समूहों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।यह आयोजन श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा द्वारा पारंपरिक रीति-नीति और श्रद्धा के साथ संपन्न कराया गया, जो हर वर्ष की तरह इस बार भी क्षेत्रीय संस्कृति, कला और अध्यात्म का संगम बना। आयोजन में स्थानीय नागरिकों सहित आसपास के ग्रामों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और प्रभु के दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त किया।समिति के ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु के चार मासीय शयन काल की शुरुआत मानी जाती है, इस कारण यह दिन विशेष पुण्यदायक माना गया है। इस अवसर पर सुना वेष के दर्शन करना अत्यंत दुर्लभ और पुण्यफलदायी माना जाता है।

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*भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नवा रायपुर का होगा सुनियोजित विकास: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आवास एवं पर्यावरण विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अतंर्गत संचालित कार्यो की जानकारी लेते हुए अधिकरियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री अंकित आंनद, एन आर डी ए के सी.ई.ओ श्री चंदन कुमार, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण, रायपुर विकास प्राधिकरण के सी.ई.ओ. श्री आकाश छिकारा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास किया जायेगा। नवा रायपुर देश की सबसे आधुनिक व खुबसूरत राजधानी है। देश के आई.आई.एम., ट्रिपल आई.टी., नेशनल लॉ विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थान यहां स्थापित किए गए हैं। भविष्य में नवा रायपुर में बसाहट और बढ़ेगी इसलिए यह आवश्यक है कि आगमाी जरूरतों के हिसाब से यहां नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। भारत सरकार द्वारा परमालकसा - खरसिया नई रेलवे लाईन का निर्माण बलौदाबाजार जिले से होकर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस रेल लाईन को नवा रायपुर से जोड़ने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि इससे नवा रायपुर में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिको को इसका लाभ मिलेगा।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माला परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण विकास के साथ आयात और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु नवा रायपुर अटल नगर में एक लॉजिस्टीक हब की निर्माण आवश्यकता पर बल दिया। अधिकाारियों ने बाताया कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 100 कि.मी. कम हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कि नई औद्योगिक नीति से बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित हो रहे है। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में ऑक्सीजोन निर्माण के अंतर्गत पीपल, बरगद, करंज, नीम, अशोक, अमलतास, गुलमोहर आदि पौधों के रोपण एवं ग्रोथ कि जानकारी ली। बैठक मे अधिकरियों ने बताया कि नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य में राज्य सरकार के विभिन्न आयोग-बोर्ड-निगम आदि के लिए आयोग बिडिंग कॉम्पलेक्स तैयार करने की योजना है। इसके अलावा काम-काजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर में एक और नवीन थाना की स्थापना का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर क्षेत्र में नवीन भवनों के निर्माण के लिए आबंटित भू-खण्डों का समूचित उपयोग किया जाए। 

मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत शामिल - छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा), रायपुर विकास प्राधिकरण के काम-काज की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

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दूसरे का प्रोफाइल पिक लगाकर लड़कियों से करता था दोस्ती.....मिलने के बहाने बुलाकर मोबाइल और रुपये लूटने वाला आया कानून के शिकंजे में......कुनकुरी  एवं नारायणपुर में सिलसिलेवार दो घटनाओं को दिया था अंजाम,गिरफ्तार कर भेजा बाल संप्रेषण गृह

 जशपुर :  पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार थाना कुनकुरी व थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत दो अलग अलग नाबालिक पीड़िताओं ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि, उनके पास एक फर्जी आईडी से फेसबुक व इंस्टाग्राम में फ्रेंड रिक्वेस्ट आया था, जिसको कि नाबालिक पीड़िताओं के द्वारा एक्सेप्ट कर लिया गया था, व उक्त संदेही अंजान व्यक्ति  से फेसबुक व इंस्टाग्राम के माध्यम से चैटिंग की जाती थी, इसी दौरान  26  जून को आरोपी संदेही व्यक्ति  के द्वारा थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत एक नाबालिक पीड़िता को सोशल मीडिया के माध्यम से झांसे में लेते हुए, शाम करीबन 7.30 बजे एक स्थान पर मिलने के लिए बुलाया व इसी दौरान अपचारी बालक नकाब लगाकर मोटर साइकल से आया व नाबालिक पीड़िता को मिलने के लिए  नियत स्थान पर ले गया, जैसे ही अपचारी बालक ने नकाब हटाया, लड़की घबरा गई कि उक्त व्यक्ति, फेस बुक के प्रोफाइल पिक से अलग है और पीड़िता घबराकर भागने लगी, तभी आरोपी अपचारी बालक ने उसे पकड़ लिया व धमकाते हुए, उससे उसके मोबाइल फोन  को लूट कर भाग गया था। उक्त मोबाइल फोन की कीमत 11000 रु थी ।
          इसी प्रकार थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत एक पीड़िता  ने भी थाना नारायणपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 30.06.25 को उसका एक अंजान फेस बुक फ्रेंड, जिससे वह कभी मिली नहीं थी, उसके प्रोफाइल पिक के माध्यम से ही उसे जानती थी।  मुंह में गमछा लगाकर आया व उससे बातचीत कर पीड़िता को अपने मोटर साइकल में बैठा कर दुलदुला से नारायणपुर की ओर एक पर्यटक स्थल घुमाने के नाम पर ,मोटर साइकल में बैठा कर ले गया, इस दौरान वह अपने चेहरे पर गमछा को बांधे रखा था, नारायणपुर पहुंच कर जब आरोपी ने  अपने चेहरे में बंधे गमछा को निकाला , तब पीड़ित प्रार्थिया ने देखा कि वह, वो व्यक्ति नहीं है, जिसकी फोटो फेसबुक के प्रोफाइल पिक्चर में लगी है, जिससे पीड़िता भयभीत हो गई, और भागने लगी, मगर आरोपी ने उसे धमकाते हुए, उससे मोबाइल फोन लूटकर ले लिया व उसके पास रखे 2000 रु को भी लूट लिया , आरोपी अपचारी बालक, पीड़िता को वही छोड़कर वापस नारायणपुर आया तथा  पीड़िता के मोबाइल फोन से फॉरगेट पासवर्ड कर, नया पासवर्ड जनरेट कर पीड़िता के मोबाइल फोन से 25000रु ट्रांजेक्शन कर उक्त रकम को ले लिया व अपने एक दोस्त के खाते में भी पीड़िता के मोबाइल फोन से 5000 रु को ट्रांसफर कर दिया।
        चूंकि दोनों लूट की घटनाएं लगातार हुईं थीं, व दोनों लूट का पैटर्न भी एक था, जिसमें आरोपी के द्वारा फेसबुक के माध्यम से नाबालिक लड़कियों से दोस्ती कर, उन्हें मिलने के बहाने बुलाकर, उनसे मोबाइल व रकम की लूट की गई थी, अतः मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी हेतु एक विशेष पुलिस की टीम बनाई, जिसमें की पुलिस की टेक्निकल टीम भी शामिल थी, पुलिस की टीम के द्वारा घटना में प्रयुक्त फेसबुक आईडी की जांच की गई तो वह फर्जी निकली, तथा फेसबुक में लगी फोटो भी फर्जी थी, पुलिस की टेक्निकल टीम के द्वारा उक्त फर्जी फेसबुक आईडी को ट्रेस करते हुए, उसके  द्वारा ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल किए गए यू .पी. आई. ट्रांजेक्शन आईडी ,से संबंधित बैंक से संपर्क कर  पता साजी की गई तो पता चला उक्त ट्रांजेक्शन   थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत ही एक 17 वर्षीय नाबालिक विधि से संघर्षरत बालक के द्वारा ऑपरेट किया जाता था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर के नेतृत्व में तत्काल पुलिस की टीम के द्वारा कार्यवाही करते हुए, उक्त 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया। तथा उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन व मोटर साइकल को जप्त करते हुए, लूटे गए दोनों मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया गया है।
 यहां यह बताना आवश्यक है कि आरोपी विधि से संघर्षरत बालक के द्वारा पीड़िताओं के मोबाइल से फेस बुक के माध्यम से उसके सहेलियों से भी सम्पर्क किया गया था, व चैट के माध्यम से बीमारी का बहाना बनाकर उनके सहेलियों से भी रुपए ले लिए गए थे।
       पुलिस की पूछताछ पर आरोपी  विधि से संघर्षरत बालक के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने से गिरफ्तार कर विधिवत बाल संप्रेषण गृह जशपुर भेजा गया है।
  पुलिस को संदेह है कि, आरोपी विधि से संघर्षरत बालक के द्वारा और भी इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया गया है, जिसके सम्बन्ध में पुलिस, आरोपी विधि से संघर्षरत बालक से जप्त मोबाइल की डाटा व आरोपी द्वारा संचालित फेस बुक आईडी की जांच कर रही है। भविष्य में इस प्रकार की और भी मामले उजागर होने की संभावना है।
     मामले की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में साइबर सेल से निरीक्षक श्री मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक श्री नसीरुद्दीन अंसारी, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, आरक्षक अनील सिंह, व थाना नारायणपुर से थाना प्रभारी निरीक्षक श्री आर. एस. पैंकरा, उप निरीक्षक श्री आर. के कश्यप, सैनिक ओमप्रकाश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
       मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से फर्जी फेसबुक आईडी के द्वारा नाबालिक लड़कियों से दोस्ती कर, मिलने के बहाने बुलाकर लूट करने वाले एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर, बाल संप्रेषण गृह भेजा है। साथ ही युवाओं से अपील है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल बहुत ही सोच समझ कर करें, अंजान लोगों को सोशल मीडिया पर फ्रैंड बनाते समय सतर्क रहें।

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*मुख्यमंत्री नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के 03 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में हुए शामिल*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने वालों को जनता स्वयं आगे बढ़ाती है। अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में पिताजी के स्वर्गवास के बाद मेरे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बीता। मैं सरपंच भी बनूंगा, यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, जिससे विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ कर गुजरने के लिए संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। जनहित में कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जिन प्रेरणादायी लोगों के जनसेवा के कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला, उनमें ओडिशा के डॉ. अच्युत सामंत और नानाजी देशमुख का उल्लेख करना चाहूंगा। अभावों में पले-बढ़े डॉ. अच्युत सामंत ने आजीवन जनता की सेवा का संकल्प लिया और भुवनेश्वर में एक बड़ा शिक्षण संस्थान स्थापित किया। इस संस्थान में वे लगभग 25 हजार जनजातीय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, चित्रकूट में नानाजी देशमुख ने दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के माध्यम से 500 गांवों को गोद लेकर उनके सर्वांगीण विकास का कार्य किया। वर्ष 2006-07 में जब मैं वहां गया, तब मुझे पता चला कि अब तक 80 गांवों को उन्होंने आत्मनिर्भर बना दिया है। इन गांवों में हर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किया गया। ये उदाहरण हमें यह बताते हैं कि एक व्यक्ति भी कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन हैं। यहां की मिट्टी उर्वरा है और किसान मेहनतकश हैं। छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा था, जिसे हम समाप्त कर रहे हैं। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पुनर्वास नीति बनाई है। जल्द ही राज्य नक्सलमुक्त होगा और बस्तर में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर संभाग के मुलेर ग्राम का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के आदिवासियों को राशन के लिए 25 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता था, जिसमें तीन दिन लगते थे। कल्पना की जा सकती है कि यह इलाका विकास में कितना पीछे था। हमने मुलेर को अलग पंचायत बनाने का निर्णय लिया और वहां राशन दुकान खोली। जब मैं वहां गया, तो लोगों की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों से कहा कि गांवों का विकास किए बिना हम विकसित छत्तीसगढ़ नहीं बना सकते। प्रशिक्षण के इस समय का पूरा लाभ उठाएं। यह सदैव ध्यान रखें कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें। प्रवास और निरीक्षण से प्रशासनिक कसावट आती है और विकास कार्यों को गति मिलती है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में बेहतर कार्य करने के लिए स्वयं को पूरी तरह तैयार करें। पंचायती राज से जुड़े कानूनी प्रावधानों की गहन जानकारी रखें। गांव की उन्नति के लिए केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि अन्य संभावनाओं पर भी सतत विचार करें। दुग्ध उत्पादन जैसे कार्यों से गांव की आर्थिक उन्नति सुनिश्चित होती है। गांव में आर्थिक समृद्धि आने से युवाओं को नई दिशा मिलती है और वे व्यसनों से दूर रहते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आप ग्राम पंचायत के कार्य स्वरूप पर भी चिंतन करें। पंचायती राज संस्था से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को भलीभांति समझें, ताकि आप जनता के हित में बेहतर कार्य कर सकें। पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े सभी स्तर के एक लाख सत्तर हजार लोगों को यहां प्रशिक्षित किया जाएगा। आज आप सभी से इसकी शुरुआत हो रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पेसा : पंचायत उपबंध एवं छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध मार्गदर्शिका, पंचमन पत्रिका तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों हेतु पठन सामग्री का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के प्रांगण में मौलश्री पौधे का रोपण भी किया।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, सचिव श्री भीम सिंह, संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक श्री पी. सी. मिश्रा उपस्थित थे।

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*श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी की विशाल बाहुड़ा रथ यात्रा दोकड़ा में संपन्न, श्रद्धा और भक्ति में झूमे श्रद्धालु ,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने निभाई रथ खींचने की रस्म...*

जशपुरनगर। ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में शनिवार को बाहुड़ा रथ यात्रा बड़े ही धूमधाम एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी की रथ यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विशेष रूप से इस आयोजन में सहभागिता निभाई और रथ यात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ जी का दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने रथ खींचने की रस्म भी निभाई, जिससे भक्तों में उत्साह और श्रद्धा की लहर दौड़ गई।

इस अवसर पर ओडिशा के प्रसिद्ध दुलदूली बाजा एवं कीर्तन मंडली ने अपनी संगीतमयी प्रस्तुति से समां बांध दिया। ढोल-नगाड़ों और भजनों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु थिरक उठे। कीर्तन मंडली की सजीव प्रस्तुति ने जनसमूह को भगवान के चरणों में विभोर कर दिया।रथ यात्रा भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथ मौसी बाड़ी  से चलकर वापस श्री मंदिर पहुंची। परंपरा के अनुसार, अब दो दिन तक महाप्रभु रथ में ही विराजमान रहेंगे। इस दौरान भक्तजन रथ के दर्शन करके पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।

6 जुलाई को भगवान का सुना वेष सौंदर्य श्रृंगार किया जाएगा, उसके पश्चात 7 जुलाई को आधार पना की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद 8 जुलाई को “निलाद्री बीजे” की पारंपरिक रस्म पूरी की जाएगी, जिसके साथ ही महाप्रभु जी विधिवत रूप से श्री मंदिर में पुनः प्रवेश करेंगे।रथ यात्रा के उपरांत रात्रि में मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कीर्तन, भजन संध्या, सांस्कृतिक नृत्य एवं प्रवचन शामिल होंगे। इन आयोजनों में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहर से आए भक्ति मंडलियों की भी विशेष प्रस्तुति देखने को मिलेगी।


यह पूरा आयोजन श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा के तत्वावधान में संपन्न हुआ। समिति के सदस्यगण, स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और स्वयंसेवकों ने रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और भव्य रूप देने में सराहनीय भूमिका निभाई।

श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

दोकड़ा में आयोजित यह रथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कृति और लोक परंपराओं का भी अद्भुत उदाहरण बन गई। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ जी की एक झलक पाने के लिए लंबी दूरी तय की और भक्ति रस में डूबे रहे।

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छत्तीसगढ़ के सभी सहकारी समितियों में एक लाख बॉटल नैनो डीएपी का किया जा रहा भंडारण 

रायपुर, /राज्य में खरीफ सीजन 2025 के दौरान विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते न सिर्फ इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की बल्कि रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रख रही है, जिसके चलते राज्य में रासायनिक उर्वरकों के भण्डरण एवं उठाव की स्थिति बेहतर बनी हुई है। डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एन.पी.के., सुपर फास्फेट और नेनो डी.ए.पी. जैसे वैकल्पिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर किसानों के हितों का ध्यान रखा है। छत्तीसगढ़ में अब तक विभिन्न प्रकार के 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण कर लिया गया है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकें।

 छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ 2025 में पूर्व में कुल 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें यूरिया 7.12 लाख, डी.ए.पी. 3.10 लाख, एन.पी.के. 1.80 लाख, पोटाश 60 हजार तथा सुपर फास्फेट 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में कुल 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। डीएपी की आपूर्ति में कमी के चलते उर्वरक वितरण के लक्ष्य को संशोधित कर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों जैसे- एनपीके, एसएसपी के लक्ष्य में 4.62 लाख मीट्रिक टन की उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिसके चलते खरीफ सीजन 2025 में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की वितरण का लक्ष्य 17.18 लाख मीट्रिक टन हो गया है।

राज्य में अब तक 5.63 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण एवं 3.76 लाख मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। किसानों को अभी 1.86 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हेतु उपलब्ध है। यहां यह उल्लेखनीय है कि यूरिया का उपयोग धान फसल में तीन बार किया जाता है। पहली बार बुवाई अथवा रोपाई के समय कुल अनुशंसित मात्रा का 30 प्रतिशत, दूसरी बार 3 से 4 सप्ताह बाद कन्से निकलने के समय एवं तीसरी बार 7 से 8 सप्ताह बाद गभौट अवस्था में किया जाता है। इस प्रकार यूरिया का उपयोग बुवाई से लेकर सितंबर तक विभिन्न अवस्थाओं में किया जाना है, जिसके अनुरूप राज्य में यूरिया की चरणबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। 
डी.ए.पी. के आयात में राष्ट्रीय स्तर पर कमी को देखते हुए राज्य शासन ने समय रहते वैकल्पिक उर्वरकों की दिशा में ठोस पहल की है, जिसके चलते एन.पी.के. को लक्ष्य बढ़ाकर 4.90 लाख तथा सुपर फास्फेट का 3.53 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया। वर्तमान में एन.पी.के. 11 हजार एवं सुपर फास्फेट 54 हजार मीट्रिक टन, लक्ष्य से अधिक भंडारित है, जिससे 23 हजार 600 मीट्रिक टन डी.ए.पी. में उपलब्ध फॉस्फेट तत्व की पूर्ति होगी।

छत्तीसगढ़ राज्य को चालू माह जुलाई में आपूर्ति प्लान के अनुसार कुल 2.33 लाख मी. टन उर्वरक मिलेगी। जिसमें यूरिया 1.25 लाख, डी.ए.पी. 48,850, एन.पी.के. 34,380, पोटाश 10 हजार एवं सुपर फास्फेट 76 हजार मी. टन शामिल हैं। जुलाई के अंत तक डी.ए.पी. का कुल भंडारण 1.95 लाख मी. टन तक होने की उम्मीद है। राज्य में डी.ए.पी. की कमी से बचाव हेतु 25 हजार मी. टन सुपर फास्फेट एवं 40 हजार मी. टन एन.पी.के. के अतिरिक्त भंडारण का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, नैनो डी.ए.पी. उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु सहकारी क्षेत्र में एक लाख बाटल का भंडारण किया जा रहा है, जिससे 25 हजार मीट्रिक टन पारंपरिक डी.ए.पी. की आवश्यकता की पूर्ति होगी।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अप्रैल माह से ही वैकल्पिक उर्वरकों के प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर पैम्फलेट तैयार कर समस्त सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में प्रदर्शित किए गए डीएपी, उर्वरक के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। इसी कड़ी में कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान एन.पी.के, सुपर फास्फेट एवं नेनो डी.ए.पी. के वैज्ञानिक उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन कर खरीफ 2025 में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है।

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शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में हुआ हिन्दी और गणित के विषय शिक्षकों का उन्मुखीकरण

जशपुर : जिले में विद्यालयीन शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के निर्देश पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार एवं शनिवार को संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर में आयोजित हुए उन्मुखीकरण में जिले के सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अध्यापन कराने वाले हिंदी और गणित विषय के व्याख्याता शामिल हुए।

यह कार्यक्रम शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा एवं जिला शिक्षा अधिकारी पी. के. भटनागर के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है । 
यशस्वी जशपुर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से जोड़ना और पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना रहा।
कार्यक्रम में ‘यशस्वी जशपुर’ के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने शिक्षकों को माइंड मैपिंग, कंफर्ट जोन से ग्रोथ जोन तक के सफर और आत्मविश्वास बढ़ाने के विषय पर मार्गदर्शन दिया। कंफर्ट जोन से निकलकर किस प्रकार शिक्षक चुनौती लेकर शिक्षा गुणवत्ता में वृद्धि करते सकते हैं, उन्होंने यह समझाया। और यह भी बताया कि यदि शिक्षक अपने मानसिक दायरे से बाहर आकर सीखने और सिखाने की नई पद्धतियों को अपनाएं, तो शिक्षा में व्यापक सुधार संभव है।
ब्रेनस्टॉर्मिंग, उपचारात्मक शिक्षण समूह चर्चा के साथ कार्यशाला में गणित विषय पर गणितीय प्रश्नों को हल करने की सरल ट्रिक्स, टीएलएम के माध्यम से प्रभावशाली शिक्षण, पाठ्यपुस्तकों के कठिन बिंदुओं पर समूह चर्चा भी की गई। हिंदी विषय में शिक्षण के दौरान आने वाली विषयगत कठिनाइयों का समाधान, शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त करने हेतु रणनीतियों पर बात गई।
इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय, मास्टर ट्रेनर संजय दास, राजेन्द्र प्रेमी, अश्विनी सिंह, सुभाष चौरसिया, ज्योति श्रीवास्तव , भूमिका बाघव, प्रदीप भगत , लक्ष्मण शर्मा सहित जिले के सभी हिंदी एवं गणित विषय के व्याख्याता उपस्थित रहे।

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*मुख्यमंत्री श्री साय संसदीय पत्रकारिता विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में हुए शामिल*

रायपुर// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर के प्रेक्षागृह में संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और विधानसभा के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने भी 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा को भी सराहा और कहा कि इससे पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है तथा संसदीय रिपोर्टिंग को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और इसके माध्यम से विधानसभा की गतिविधियां और अधिक प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचेंगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में संसदीय पत्रकारिता की महत्ता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारिता अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जो सदन की गोपनीयता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखते हुए जनता तक सटीक एवं निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करती है। डॉ. सिंह ने कहा कि पत्रकार जब पक्ष–विपक्ष से परे रहकर निष्पक्ष रूप से विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन करते हैं और उसे प्रस्तुत करते हैं, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली की गहरी समझ से ही पत्रकार बेहतर ढंग से जनता को विधानसभा की गतिविधियों से अवगत करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय पत्रकारिता में विशेष रूप से विधानसभा की प्रक्रिया से जुड़े समाचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि आमजन तक वे प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ एवं दिवंगत पत्रकारों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश की पत्रकारिता परंपरा ने सदैव विधानसभा की गरिमा बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारों की भूमिका को नारद मुनि की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि पत्रकार समयबद्धता और सजगता के साथ लोकतंत्र के संवाहक होते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से सभी को कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा और संसदीय पत्रकारिता को समझने का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उपयोगी सिद्ध होगा और पत्रकारों के कार्य को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी लंबी संसदीय यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि इस दौरान पत्रकारों के साथ बिताए गए समय और अनुभव अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों की सजगता, सटीकता और संवेदनशीलता की सराहना की, जो वर्षों से संसदीय गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक श्री संजय द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।

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जशप्योर बनेगा ग्लोबल ब्रांड – जशपुर के प्राकृतिक वनोपज को तैयारकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच का मार्ग प्रशस्त

रायपुर/छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल जशपुर की आदिवासी महिलाओं के समूह द्वारा प्राकृतिक वनोपज का प्रसंस्करण कर तैयार की गई विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों का ब्रांड जशप्योर अब जशपुर और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदमताल करने को तैयार है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आत्मसात करते हुए एक अहम निर्णय लिया गया है जिसके तहत जशपुर जिले की महत्वाकांक्षी महिला केंद्रित ब्रांड जशप्योर का ट्रेडमार्क अब उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक निर्णय जशप्योर को व्यापक उत्पादन, संस्थागत ब्रांडिंग और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच दिलाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।

जशप्योर – परंपरा को उद्यमिता से जोड़कर खोली उन्नति की राह

जशप्योर ब्रांड महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला उपक्रम है, जिसे जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक, पोषणयुक्त और रसायनमुक्त खाद्य उत्पादों का निर्माण करते हुए स्थानीय समुदायों को रोजगार उपलब्ध कराना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

इस ब्रांड का लक्ष्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि और वनोपज का प्रसंस्करण कर खाद्य उत्पादों के रूप में तैयार करना तथा रोजगार से जोड़ते हुए व्यावसायिक स्तर पर इन्हें व्यापक पहचान दिलाना है।

जशप्योर के उत्पादों की मुख्य विशेषता यह है कि ये पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, रंग या कृत्रिम स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता और ये सस्टेनेबल पैकेजिंग में उपलब्ध हैं। जशप्योर केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है।

जशप्योर के उत्पाद बना रहे हैं अपनी अलग पहचान

जशप्योर द्वारा महुआ और अन्य वनोपज को शामिल करते हुए कई प्रकार के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें महुआ आधारित उत्पाद जैसे महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, महुआ कुकीज़, रागी महुआ लड्डू, महुआ कैंडी और महुआ नेक्टर कोकोआ शामिल हैं। इसके अलावा, ढेकी कूटा जवा फूल चावल, मिलेट आधारित पास्ता और कोदो, कुटकी, रागी तथा टाऊ से बने विभिन्न उत्पाद भी पूरे भारत में अपनी पहचान बना रहे हैं।

महिला उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा

जशप्योर ब्रांड का उद्देश्य केवल व्यापार नहीं है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने का एक सशक्त प्रयास भी है। इस ब्रांड के माध्यम से महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हुई हैं।
जशप्योर द्वारा निर्मित हर उत्पाद आदिवासी महिलाओं की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। ये उत्पाद देशभर के विभिन्न स्टोर्स पर उपलब्ध हैं, जो ब्रांड की व्यापक पहुँच का प्रमाण हैं।

जशप्योर के सभी उत्पाद पूर्णतः प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, कृत्रिम रंग या स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता। यह उत्पाद श्रृंखला न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पोषण से भरपूर और पर्यावरण-संवेदनशील पैकेजिंग में उपलब्ध है।

जशप्योर के प्रमुख उत्पादों में महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, रागी महुआ लड्डू, महुआ कुकीज़, महुआ कोकोआ ड्रिंक, कोदो, कुटकी, रागी आधारित पास्ता और ढेकी कूटा चावल शामिल हैं।

जशप्योर की सबसे खास बात इसकी महिला प्रधान कार्यशक्ति है। यहां 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी आदिवासी महिलाएं हैं, जो उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस मंच के माध्यम से ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि परंपरागत ज्ञान और तकनीकों को आधुनिक बाजार में प्रस्तुत करने में भी सक्षम हो रही हैं।

वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया

20 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में जशप्योर का स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले उपभोक्ताओं, पोषण विशेषज्ञों और उद्यमियों ने विशेष रुचि के साथ महुआ और मिलेट से बने उत्पादों की सराहना की। इन उत्पादों में कोई एडिटिव, प्रिज़र्वेटिव या स्टेबलाइजर नहीं है, जिससे ये पूरी तरह से प्राकृतिक, सुरक्षित और पोषणयुक्त हैं।

रेयर प्लेनेट के साथ ऐतिहासिक समझौता

जशप्योर की पहुँच अब देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट स्टोर्स तक होगी। रेयर प्लेनेट के साथ हुए समझौते के तहत पहले चरण में पाँच एयरपोर्ट्स पर महुआ और अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू की जा रही है। यह पहल जशप्योर को राष्ट्रीय उपभोक्ताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किए गए, जो राज्य के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

जशप्योर – लोकल टू ग्लोबल की राह पर अग्रसर

जशप्योर से जुड़े जशपुर जिले के युवा वैज्ञानिक श्री समर्थ जैन ने बताया कि जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से "महुआ को अब केवल शराब तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे फॉरेस्ट गोल्ड या ग्रीन गोल्ड के रूप में भी देखा जाएगा।" जशप्योर ने यह साबित कर दिया है कि स्वास्थ्यवर्धक भोजन स्वादिष्ट भी हो सकता है। उनका मानना है कि शासन की इस पहल से जशप्योर को लोकल टू ग्लोबल ब्रांड बनाने में मदद मिलेगी और निश्चित ही यह निर्णय प्रदेश भर में वनोपज और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

ब्रांड ट्रेडमार्क हस्तांतरण के इस ऐतिहासिक निर्णय से जशप्योर को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही कच्चे माल की माँग में वृद्धि होगी और आदिवासी महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इस निर्णय से जशप्योर ब्रांड का ट्रेडमार्क उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा, ताकि इसके दायरे और प्रभाव को और व्यापक बनाया जा सके। इससे जशप्योर के उत्पादों को विश्वस्तरीय बनाने, उत्पादन में वृद्धि के लिए उन्नत मशीनें लगाने और प्रभावी मार्केटिंग सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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CG Breaking : दर्जनों आबकारी अफसर आज कोर्ट में होंगे पेश..2200 करोड़ का आबकारी घोटाला..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले मामले में संलिप्त आबकारी अफसरों के खिलाफ अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. ईओडब्ल्यू ने सभी आबकारी अफसरों को 5 जुलाई को सुबह 11 बजे एसीबी/ईओडब्ल्यू विशेष न्यायालय में पेश होने नोटिस जारी किया है. नोटिस मिलने के बाद आबकारी अफसरों को गिरफ्तारी का डर सता रहा है. यदि ऐसा कुछ होता है तो राज्य निर्माण के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई होगी. यहां खास बात यह है कि एसीबी/ईओडब्ल्यू अफसरों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश नहीं कर रही है, क्योंकि सभी राजपत्रित अधिकारी हैं और वर्तमान में सभी जिलों के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं.

फिलहाल, भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो आबकारी अधिकारी अपने-अपने अधिवक्ताओं के साथ 5 जुलाई शनिवार को कोर्ट में पेश होंगे. इस मामले में आगे न्यायालय का फैसला ही अंतिम होगा. बता दें कि आबकारी विभाग ने गत 18 अप्रैल को अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव विधि विभाग को भेजा था, जिसे विधि विभाग ने 20 मई को मंजूरी दे दी थी. विधि विभाग की मंजूरी के बाद सामान्य प्रशासन विभाग यानी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हस्ताक्षर का इंतजार था, जो अब मिल चुका है. मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर के बाद ईओडब्ल्यू/एसीबी न्यायालय में पूरक चालान पेश करने की तैयारी कर रही है. इस कड़ी में आबकारी अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया और शनिवार को न्यायालय में पेश होने की तिथि निर्धारित की गई.

जमानत लेनी पड़ सकती है अफसरों

को हालांकि जानकार सूत्रों का कहना है कि बिना गिरफ्तारी के ही आबकारी अफसरों को पेश किया जा रहा है. संभवतः उन्हें विशेष न्यायालय से जमानत लेनी पड़ सकती है. यहां मामला अधिकारियों से जुड़ा है, इसलिए इस तरह की संभावना ज्यादा जताई जा रही है. यदि कोई अफसर न्यायालय में गैरमौजूद रहा, तो इसे लेकर भी बड़ा सवाल उठेगा कि कोई फरार है तो फिर जिले का कामकाज कैसे चल रहा है?

शराब घोटाले में इनके नाम शामिल

अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, एपी त्रिपाठी, मेसर्स रतन प्रिया मीडिया प्रा. लिमिटेड, कवासी लखमा, निरंजन दास, जनार्दन कौरव, अनिमेष नेताम, विजय सेन शर्मा, अरविंद कुमार पटले, प्रमोद कुमार नेताम, रामकृष्ण मिश्रा, विकास कुमार गोस्वामी, इकबाल खान, नितिन खंडूजा, नवीन प्रताप सिंह तोमर, मंजूश्री कसेर, सौरभ बख्शी, दिनकर वासनिक, आशीष श्रीवास्तव, अशोक कुमार सिंह, मोहित कुमार जायसवाल, नीतू नोतानी, रविश तिवारी, गरीबपाल दर्दी, नोहर सिंह ठाकुर, सोनल नेताम, अरविंद सिंह, अनुराग द्विवेदी, अमित सिंह, नवीनत गुप्ता, पिंकी सिंह, विकास अग्रवाल, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, यश टुटेजा, नितेश पुरोहित, यश पुरोहित, अभिषेक सिंह, मनीष मिश्रा, संजय कुमार मिश्रा, अतुल कुमार सिंह, मुकेश मनचंदा, विजय भाटिया, आशीष सौरभ केडिया, मेसर्स छग डिस्टलरीस प्रा. लिमि, मेसर्स भाटिया वाइन एवं मर्चेंट्स, मेसर्स वेलकम डिस्टलरीस, सिद्धार्थ सिंघानिया, बच्चा राज लोहिया व अन्य व्यक्तिगत 22 शामिल हैं. इसके अलावा दूसरी एफआईआर में विधु गुप्ता, सुमीत फैसलिटीस, झारखंड आबकारी विभाग के तत्कालीन सचिव व एमडी, मैन पावर सप्लाई एवं मदिरा सप्लाई करने वाली एजेंसियां व अन्य शामिल हैं.

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वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया सम्मान

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली "वॉटर वुमन" के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण और विशेष रूप से सिंदूर पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने शिप्रा पाठक को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर पहचान प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में पौधरोपण अभियान ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया है।इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार :प्रदेश में अब कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं

रायपुर / प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने की दिशा में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से बेहतर परिणाम मिले हैं। प्रदेश में युक्तियुक्तकरण के पूर्व कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के पश्चात प्रदेश के 5936 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में से 4728 विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है जो कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक सार्थक कदम है, जिससे निःसंदेह उन विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।

बस्तर एवं सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में शिक्षकों की कमी के कारण लगभग 1208 विद्यालय एकल शिक्षकीय रह गये हैं। निकट भविष्य में प्रधान पाठक एवं व्याख्याता की पदोन्नति तथा लगभग 5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती के द्वारा शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में पूर्ति कर दी जावेगी, जिससे कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा तथा अन्य विद्यालयों में भी जहां शिक्षकों की कमी है, शिक्षकों की पूर्ति की जाएगी।

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित प्रावधानों के तहत की गई है, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर 2008 के सेटअप की प्रासंगिकता नहीं रह गई है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाये गये, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है।

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प्राचार्यों के नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास कार्यशाला के साथ यशस्वी जशपुर उन्मुखीकरण कार्यक्रम का हुआ प्रारंभ.....प्रेरणा, परिश्रम और नेतृत्व की मिसाल होते हैं प्राचार्य: विनोद गुप्ता

जशपुर : ज़िला कलेक्टर रोहित व्यास एवं ज़िला पंचायत के सीईओ अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन और शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा एवं जिला शिक्षा अधिकारी पी के भटनागर के निर्देशन में शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आज प्राचार्यो के प्रशिक्षण के साथ प्रारंभ हुआ। 

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने आज प्राचार्यों को नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास के विषय पर प्रशिक्षित किया। इस कार्यशाला में न केवल उनके ज्ञान को ताजा किया, बल्कि उन्हें एक बार फिर यह याद दिलाया कि स्कूल की दिशा और दशा का निर्धारण उनके कुशल नेतृत्व पर निर्भर करता है। मैस्लो के पिरामिड सिद्धांत के साथ और माइंड मैपिंग के अंतर्गत कंफर्ट जोन, फीयर जोन, लर्निंग जोन और ग्रोथ जोन जानकारी देते हुए यह बताया कि कंफर्ट जोन से निकलकर कैसे ग्रोथ जोन में आकर बेहतर प्रोडक्टिविटी के साथ विद्यालयीन शिक्षा गुणवत्ता वृद्धि की जा सकती है। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि "जीवन में खुशियां तब मिलती हैं जब व्यक्ति स्वयं आत्म मूल्यांकन कर कर्तव्य पर अपना सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास करता है।" प्राचार्य न केवल विद्यार्थियों के भाग्य विधाता होते हैं, बल्कि वे पूरे विद्यालय के लिए एक रोल मॉडल भी होते हैं। उनका परिश्रम ही पूरे स्टाफ को प्रेरित करता है। जब प्राचार्य परिश्रमी होते हैं तो उनके अधीनस्थ भी उसी ऊर्जा के साथ कार्य करते हैं।   
 
पूरे वर्ष भर की विद्यालय में अध्ययन- अध्यापन की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए यशस्वी जशपुर की एक्टिविटीज के विद्यालय में क्रियान्वयन पर बात की। प्रत्येक कालखंड में  अध्यापन, मूल्यांकन, नियमित उपस्थिति,  प्रतिदिन के रिवीजन हेतु लर्निंग पॉइंट्स लिखते हुए विद्यार्थी दैनंदिनी लेखन पर भी विस्तृत रूप से बात की गई। 

कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा ,अवनीश पांडेय और संजय दास सहित सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

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महतारी वंदन योजना से लाखों महिलाओं का बदल रहा है जीवन.....व्यवसाय कर बन रही आत्मनिर्भर

जशपुरनगर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक जीवन में बदलाव लाने वाली एक क्रांतिकारी पहल बनकर उभरी है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है। ऐसे अनेकों उदाहरण है जिनकी जिंदगी इस योजना के माध्यम से बदली है। महतारी वंदन योजना द्वारा जिले में 2 लाख से अधिक महिलाओं को योजना की शुरूआत मार्च 2024 से जून 2025 तक 342 करोड़ 39 लाख 31 हजार 950 की राशि प्राप्त हो चुकी है।

 योजना महिलाओं की जिंदगी में ला रहा है साकारात्मक बदलाव

यह योजना महिलाओं की आर्थिक निर्भरता की बेड़ी को तोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले पा रही हैं। ऐसे ही सिलाई का काम कर अपना घर चलाने वाली हितग्राही ममता यादव की जिंदगी में महतारी वंदन योजना एक साकारात्मक बदलाव लेकर आई है। इस योजना के माध्यम से प्रति माह मिलने वाले 1000 रूपए और सिलाई के काम के पैसे जोड़कर वह घर की अच्छी तरह से देख-भाल कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे उनको घर चलाने में अब आसानी हो रही है। कुछ पैसे वे बच्चों के भविष्य के लिए भी सुरक्षित कर रही हैं । इसी तहत जिले में श्रीमती सरिता यादव, श्रीमती अनीता सोनकर, बिरसमुनी सिंह, लक्ष्मी बाई, श्रीमती अनीशा बाई जैसी लाखों महिलाएं हैं जिन्होंने इस योजना के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। जहां पहले महिलाएं घरेलू ज़रूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं, आज वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतें खुद पूरी कर पा रही हैं। 
 
 अन्य क्षेत्रों पर निवेश कर योजना की राशि का कर रही हैं सदुपयोग

महतारी वंदन योजना से मिली राशि का महिलाएं केवल घरेलु खर्चों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसे अन्य उत्पादक क्षेत्रों में निवेश कर सुदपयोग भी कर रही हैंं। इस योजना की राशि का महिलाएं अपनी बेटियों का जीवन सुरक्षित बनाने सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश भी कर रही हैं। इसके साथ ही व्यवसाय में हाथ आजमा कर सफलता की सीढ़िया चढ़ रही हैं। इस योजना के आधार पर महिलाओं को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के माध्यम से महिलाओं को महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत 25 हजार तक की राशि एकमुश्त 48 महिनों तक के आसान किस्तों में न्यूनतम ब्याज दर पर दिया जा रहा हैं। जशपुर में 875 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला हैं। जिसका महिलाएं व्यवसाय या अन्य कामों में उपयोग कर रही हैं।

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