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ब्रेकिंग न्यूज : खेत में ट्रैक्टर पलटने से चालक की दर्दनाक मौत, खेत में फंसे ट्रैक्टर को निकालते वक्त हुआ हादसा

नारायणपुर : बगीचा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बच्छरांव में शुक्रवार को साढ़े 9 बजे खेत मताई करते समय ट्रैक्टर की मुंडी पलटने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार साढ़े 9 बजे बच्छरांव निवासी भीम का खेत में रोपा के लिए खेत मताई का कार्य चल रहा था इसी दौरान चालक विफ़नाथ से ट्रैक्टर खेत में फंस गया जिसे निकालने का बहुत प्रयास कर रहा था इतना में ही गांव का दशरथ पिता लालदेव उम्र 24 वर्ष ने कहा मैं जानता हूं निकाल दुंगा। ट्रेक्टर के केज व्हील में बल्ली फंसा कर दशरथ ट्रेक्टर में बैठ कर  एक्सीलेटर देकर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था इसी दौरान ट्रैक्टर पलट गई और उसमें दबने से मौत हो गई। ट्रैक्टर भी बच्छरांव की है। समाचार लिखे जाने तक ट्रेक्टर मालिक का नाम और नम्बर पता नही चल पाया है।
इस संबंध में नारायणपुर थाना प्रभारी ने बताया कि बच्छरांव में खेत में ट्रैक्टर फंस गया था जिसे निकालने के लिए केज व्हील में बल्ली अड़ा कर एक्सीलेटर दिया इसी दौरान ट्रैक्टर पलट गई। ट्रैक्टर पलटने से उसमें दबकर दशरथ की मौत हो गई। शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम डॉक्टर के द्वारा कर दिया गया है, आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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CG Big News : हर कदम पर खतरा ही खतरा.! चिनार नदी पर अब तक नहीं बना पुल..स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूदकर रोज आवाजाही कर रहे ग्रामीण..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कांकेर. जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर बांसकुंड गांव में बहने वाली चिनार नदी में आजादी के 70 दशक बाद भी अब तक गांव वालों को पुल नसीब नहीं हुआ है. बांसकुंड गांव के तीन आश्रित गांव ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर के 500 ग्रामीण बरसात के 3 महीने जिला मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय, और ग्राम पंचायत से कट जाते हैं. ग्रामीण चिनार नदी पर बने स्टॉपडैम से आवागमन करते हैं. इस बार भी ग्रामीण स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूद कर रोज आना-जाना कर रहे. इस दौरान ग्रामीणों के जान काे खतरा बना रहता है.

वहीं, ग्रमीणों ने बताया कि ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर तीन गांव के ग्रामीण आजादी के बाद से लगातार चिनार नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं. लंबे संघर्ष के बाद हाटकर्रा गांव से ऊपर तोनका 4 किमी सड़क तो बनवा दी, लेकिन जिम्मेदार पुल बनाना भूल गए. यही कारण है कि ग्रामीण रोज स्टॉपडैम के 16 पिलर को फांद कर आना जाना करते हैं. खाद-बीज या दैनिक उपयोग के राशन समान को ग्रामीण कांधे पर लादकर रोजाना 16 पिलरों को लांघ कर पार करते हैं.

स्टॉपडैम के पिलरों को लांघ कर स्कूल आते-जाते हैं बच्चे

दरअसल, ग्रामीणों ने बताया कि नदी उफान पर होने से स्कूल में पढ़ाने बारिश में शिक्षक नहीं आ पाते हैं. ऊपर तोनका और नीचे तोनका गांव में प्राथमिक पाठ शाला है, लेकिन हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी पढ़ने छात्रों को नदी पार कर बांसकुंड आना होता है. बच्चे भी पानी कम रहने पर इसी तरह रोज स्टॉपडैम के पिलरों को लांघ कर स्कूल आते-जाते हैं. राशन लेने जाने में भी दिक्कत होती है. आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो पाता. गांव में ही बरसात के दिनों में इलाज करते हैं.

पिछले साल पिलर लांघते नदी में गिरा था स्कूली बच्चा

वहीं, स्टॉप डेम में 16 पिलर है. मतलब एक बार ग्रामीण आ रहे तो आना-जाना कर उन्हें 32 बार पिलरों में कूदना पड़ेगा. अगर ग्रामीण 4 बार भी आना-जाना किए तो 128 बार उन्हें छलांग लगाना पड़ेगा और ये जोखिम भरा भी है. ग्रामीण बताते हैं कि बरसात में यहां हर साल हादसे होते रहते हैं. पिछले साल एक स्कूली बच्चा पिलर लांघते समय नदी में गिर गया था. ग्रामीण वहां पर मौजूद थे इसलिए उसे बचा पाए. उसके बाद एक शिक्षक भी गिर गया था, जो खुद तैर कर बच गए.

दरअसल, इस बार ग्रामीणों ने नहीं बनाया अस्थायी पुल

ग्रामीणों का कहना है कि चिनार नदी पर 10 साल पहले स्टॉपडैम जरूर बनाया गया था, जिसमें गेट नहीं होने से पानी नहीं रूकता था. परेशान ग्रामीणों ने जुगाड़ तरकीब निकाली. अनुपयोगी स्टॉपडैम पर बारिश के पहले बांस-बल्ली से कच्चा पुल बनाते हैं. इसी कच्चे पुल से जब तक नदी में पानी रहता है ग्रामीण आना-जाना करते हैं. हालांकि इस साल ग्रामीणों ने कच्चा पुल नहीं बनाया है और इस तरह स्टॉपडैम के पिलरों को छलांग लगाकर ग्रामीण आवागमन कर रहे हैं.

जल्द पक्का पुल बनाया जाएगा : सीईओ

फिलहाल, इस मामले में जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी का कहना है कि ग्रामीण पुल की मांग पहले से कर रहे हैं. हमने शासन स्तर पर पुल का प्रस्ताव भेजा है. जल्द ही ग्रामीणों को पक्का पुल मिल जाएगा. हम लगातार अंदरुनी क्षेत्रों में सड़क और पुल-पुलियों का जाल बिछा रहे हैं. ग्रामीणों को परेशानी न हो इसीलिए जल्द वहां पक्का पुल बनाया जाएगा.

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Cabinet Meeting Breaking : साय सरकार ने छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के प्रारूप का किया अनुमोदन..पढ़ें पूरी ख़बर

Cabinet Meeting Breaking/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में अहम अनुशंसाएं की गई, जिनका दूरगामी असर होगा. इसमें से एक छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर संशोधन विधेयक है, जिससे अंतर्राज्यीय लेनदेन में इनपुट सेवा वितरक के नियम और प्रभावी होंगे, वहीं छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक से अवैध प्लाटिंग पर लगाम कसी जाएगी.

विधानसभा के मानसून सत्र से पहले साय सरकार की मंत्रालय (महानदी भवन) में हुई यह बैठक काफी महत्वपूर्ण रही. इसमें मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के उचित प्रबंधन हेतु अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके वर्ष 2005, 2006, 2007, 2008 तथा 2009 बैच के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किये जाने हेतु 30 सांख्येतर पद निर्मित कर वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया.

वहीं मंत्रिपरिषद द्वारा जनजातीय समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवा, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों के संस्थागत विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन (PanIIT) के मध्य एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन को मंजूरी प्रदान की गई.

इस ज्वाइंट वेंचर कंपनी के माध्यम से अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समुदायों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों को संस्थागत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से सशक्त एवं विकसित किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी का ज्वाइंट वेंचर वंचित समुदायों के विकास के लिए आदिवासी उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना आदि के अप्रयुक्त फंड का अभिसरण कर आजीविका एवं सामाजिक आर्थिक बदलाव के लिए कार्य करेगा.

कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य पैन आईआईटी द्वारा किया जाएगा. प्रशिक्षित युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कौशल के साथ फॉरेन लैग्वेज सिखाने का कार्य किया जाएगा.

पैन आईआईटी द्वारा प्रशिक्षण देने के लिए जिला प्रशासन एवं विभागों द्वारा आवश्यक शासकीय भवनों का पहचान किया जाएगा एवं उसे ज्वाइंट वेेन्चर कंपनी को हस्तांतरित किया जाएगा.

पैनआईआईटी, आईआईटी के पूर्व छात्रों द्वारा बनाई गई सोसायटी है जो राज्य सरकारों के साथ गैर लाभकारी संयुक्त उपक्रम बनाकर, राष्ट्रनिर्माण मिशन, व्यवसायिक, आजीविका शिक्षा व्यवस्था एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वंचित समुदायों के आय में सुधार लाने का कार्य करती है.

इसके अलावा मंत्रिपरिषद द्वारा पुराने वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.

इसके साथ मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम-1994 के नियम, 55 में संशोधन का अनुमोदन किया गया. जिसके तहत वाहन स्वामी अपने पुराने वाहन के फैंसी या च्वाइस नंबर को नए या किसी अन्य राज्य से लाए गए उसी श्रेणी के वाहन में उपयोग कर सकेंगे, इसके लिए आवश्यक शुल्क का भुगतान करना होगा. यदि पुराना नंबर सामान्य नंबर था तो छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 के नियम 55(2)(ग) के अनुसार आवश्यक शुल्क भरने के बाद इसका उपयोग संभव होगा.

यह सुविधा केवल नए वाहन के पंजीयन या अन्य राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर आए वाहनों पर लागू होगी, पहले से राज्य में पंजीकृत वाहनों पर नहीं. शासकीय वाहनों के लिए भी यह सुविधा मिलेगी, इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा.

बैठक में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.

वहीं मंत्रिपरिषद ने राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार के जरिए सशक्त बनाने के लिए छात्र स्टार्ट-अप और नवाचार नीति लागू करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इस नीति का उद्देश्य छात्र-केंद्रित नवाचार और इन्क्यूबेशन सिस्टम बनाना, साथ ही बौद्धिक संपदा जागरूकता बढ़ाना है. जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार केंद्र स्थापित करना और कृषि, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य व विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान देना भी इस नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं.

इस नीति का लक्ष्य है राज्य के 100 तकनीकी संस्थानों के 50 हजार छात्रों तक पहुंच बनाना, 500 प्रोटोटाइप्स का समर्थन करना, 500 बौद्धिक संपदा अधिकार फाइल करना और 150 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट करना. इससे युवाओं को नई सोच और तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी.

किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप पर अनुमोदन किया गया.

वहीं मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र (State Capital Region) के विकास के लिए संबंधित प्राधिकरण की स्थापना हेतु विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर अटल नगर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए इस क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए यह प्राधिकरण कार्य करेगा. यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के लिए योजना बनाना, निवेश को बढ़ावा देना, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का काम करेगा.

2031 तक इस क्षेत्र में लगभग 50 लाख लोग रहने की संभावना है, इसलिए भूमि का प्रभावी उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते हुए शहरी विकास सुनिश्चित करना जरूरी है. इस तरह राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों को बेहतर, सतत और सुव्यवस्थित बनाने में मदद करेगा.

इसके अलावा छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. इससे अंतर्राज्यीय लेनदेन में इनपुट सेवा वितरक के नियम और अधिक प्रभावी तथा केंद्र सरकार के वित्त अधिनियम, 2025 के संशोधनों के अनुरूप यह होगा.

इसके साथ मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रोत्साहित करने तथा न्यायालयों में लंबित कर संबंधी मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है.

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. इससे नक्शा बंटवारे और अभिलेखों के अद्यतनीकरण में सहूलियत होगी अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी, जियो-रेफरेंस मैप से भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे. नामांतरण की प्रक्रिया आसान होगी. भूमि धारक की मृत्यु पर संयुक्त खाताधारकों और वारिसों को नामांतरण में सहूलियत होगी. भवन या भूखंड का हस्तांतरण भूमि के अनुपात में हो सकेगा. औद्योगिक नीति, आवास योजना और नगरीय विकास की प्रक्रियाएं सरल होंगी.

इसके अलावा मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.

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CG Crime : लग्जरी कार में नशीली इंजेक्शन की कर रहे थे तस्करी..एक गिरफ्तार, एक हुआ फरार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh Crime News/सरगुजा। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है. सरगुजा में विभागीय उड़नदस्ता टीम ने एक लग्जरी कार से नशीली दवाओं की तस्करी का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में 4 लाख 35 हजार रुपए मूल्य की नशीली दवाओं के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार हो गया.

मिली जानकारी के अनुसार, आबकारी उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना मणिपुर क्षेत्र अंतर्गत सुंदरपुर वेयरहाउस के पास सफेद रंग की हुंडई वरना कार में दो व्यक्ति भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन लेकर ग्राहकों को सप्लाई कर रहे हैं. इनमें से एक की पहचान मुख्य आरोपी देवेंद्र सिंह और दूसरे की गंगाराम मुंडा के रूप में हुई.

दरअसल, सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी. टीम को देखकर मुख्य आरोपी देवेंद्र सिंह मौके से फरार हो गया, लेकिन उसका साथी गंगाराम मुंडा पुलिस के हत्थे चढ़ गया. गाड़ी की तलाशी लेने पर 2,413 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी कीमत लगभग 4 लाख 35 हजार रुपये आंकी गई है.

फिलहाल आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी है.

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CG Accident Breaking : MP से CG आ रही बोर खनन वाहन गहरी खाई में गिरी..4 लोगों की मौत..8 लोग अभी भी दबे..रेस्क्यू जारी..पढ़ें पूरी ख़बर

CG Accident Breaking / कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया. मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही बोर वाहन दुर्घटना का शिकार हो गई. वाहन गहरे खाई में जा गिरी. भयावह हादसे के बाद चार मृतकों के शव बरामद किए गए हैं. 8 लोगों वाहन के नीचे दबे हुए हैं. मौके पर रेस्क्यू जारी है.

फिलहाल, बोर वाहन मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही थी. इसी दौरान कुकदूर थाना क्षेत्र के अगरपानी चाटा में वाहन अनियंत्रित होकर गहरे खाई में गिर गई. सूचना पर पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गया है. घटनास्थल से चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं. वहीं 8 लोग वाहन के नीचे दबे हुए हैं, जिन्हें बाहर निकालने की कोशिश जारी है.

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*नदी नाले पर पुल नही होने से गावों को टापू बनते सुना होगा....यदि सड़क की वजह से टापू बनते नही सुना है तो अब जान लीजिए....बादलखोल अभ्यारण्य में बसे यह तीन पंचयात.....पढ़ें पूरी खबर विस्तार से:-*

नारायणपुर : नदी पर पुल नहीं होने के कारण गांवों को टापू बनते सुना होगा। लेकिन क्या कभी यह सुना है कि सड़क के कारण गांव बरसात में टापू बन जाता है। यदि नहीं सुना है तो जान लिजिए कि बगीचा ब्लाक में स्थित बुटूंगा,कलिया,गायलुंगा ग्राम पंचयात को। इन तीनो पंचयात की बड़ी समस्या सड़क का जर्जर होना है। स्टेट हाइवे पर स्थित साहीडाँड़ से अगर इन तीनो पंचयात में जाना है तो दोनों सड़कें पर नाला है, पर पुल नही है। आवागमन भी होता है। लेकिन नदी को पार करने के पहले और बाद कीचड़ भरी सड़क को पार करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। इस सड़क पर  बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं।  कच्ची सड़क होने के कारण यह पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। आने-जाने वाले बाइक या आटो कीचड़ में फंस कर कई बार पलट चुके हैं। इस रास्ते से गुजरना खतरा मोल लेने के बराबर है।  बरसात में यदि गांव में कोई बीमार पड़ता है तो यंहा निवासरत ग्रामीणों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात में साइकिल से भी चलना मुश्किल भरा होता है। इस गांव के लोगों को कच्ची सड़क होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।  बादलखोल अभ्यारण्य के बीच बसे यह तीनों पंचायत  चारो ओर जंगल और पहाड़ घिरा हुआ है।जिला मुख्यालय जाने के लिए दो ही रास्ता है वह भी जर्जर है। ऐसे में लोगों का जीवन टापू जैसा हो जाता है। ऐसा भी नहीं है कि ग्रामीणों ने सड़क के लिए गिड़गिड़ाए नहीं हो। लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं।

ग्रामीणों की पीड़ा ऐसा क्या गुनाह हुआ जो .....

सरपंच हीरा लाल प्रधान,उप सरपंच शिव यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्रवासीयों ने ऐसा क्या गुनाह कर दिया है कि न तो संबधित विभाग सड़क बनवाने में रुचि रखता है और न ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देते है।बादलखोल अभ्यारण्य अधिकारी और कर्मचारियों की प्रतिवर्ष की लाफ़रवाही के कारण बरसात आने पर हमारी तीनो पंचयात के हजारों ग्रामीणों की परेशानी बढ़ जाती है। डर लगा रहता है कि गांव में कोई इन्शान बीमार न पड़ जाए। अगर कोई बीमार पड़ जाता है तो अस्पताल तक पहुचाने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

ज्ञात है कि यह तीन पंचायत के ग्रामीण बरसों से कच्ची सड़क पर चलने को विवश हैं। खासकर बरसात के मौसम में इस सड़क की बदहाली चरम पर होती है। बरसात के मौसम में गांव से मुख्य सड़क पर आने-जाने में ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस बदहाल सड़क की सुध नहीं ली है। सड़क के बदहाल होने के कारण क्षेत्र की बड़ी आबादी पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को यंहा के ग्रामीणों को तकलीफ जानने की भी उन्हें फुर्सत नहीं मिलती है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का दंभ भरने को विवश हैं। उन्होंने जिला प्रशासन का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है और साहीडाँड़ से बुटूंगा एवं बच्छरांव से गायलुंगा गांव को जोड़ने वाली बदहाल सड़क की व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि हर दिन कीचड़ भरी सड़कों से गुजरना पड़ रहा है, लेकिन बादलखोल अभ्यारण्य के अधिकारियों ने अब तक इन सड़को को मरम्मत कराना मुनासिब नही समझा है सड़कें मरम्मत नहीं करने से स्थानीय छात्र छात्राओं को  स्कूल जाने में कठिनाइयां का सामना करना पड़ रहा हैं। और साथ ही लोगों के  दैनिक जीवन और कार्यों पर प्रभाव पड़ रहा है

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सड़क नहीं होने से उनके गांव को पिछड़ा गांव कहकर रिश्तेदार भी यहां आने से कतराते हैं। यहां तक कि बच्चे इस गड्ढे वाली सड़क से ही प्रतिदिन स्कूल जाते हैं। और कई बार गिरकर चोटिल हो चुके है

बादलखोल अभ्यारण्य की यह दोनों सड़के जगह जगह इतने ज्यादा गहरे और चौड़े गड्ढे हो चुके हैं और उनमें बारिश का पानी भरे होने से सड़क तालाब का रूप ले चुकी हैं प्रशासन को क्षेत्र की जनता की समस्या को समझते हुए सड़क मरम्मत का कार्य बादलखोल अभ्यारण्य को निर्देशित करे ताकि लोगो की आवागमन की समस्या से निजात मिल सके।

सड़क को लेकर ग्रामीणों और गेम रेन्जर में हो चुकी है नोक झोंक

बुटूंगा, कलिया,गायलुंगा पंचयात पहुचने के लिए साहीडाँड़  और बच्छरांव से बादलखोल अभ्यारण्य की  सड़क से होकर गुजरना होता है,यह सड़क पूरी तरह से कच्ची सड़क है, इसे प्रधानमंत्री सड़क से जोड़ने का सभी ने प्रयास किया परन्तु विभाग से कई वर्षों के बाद भी आज पर्यंत तक एनओसी नही दिया गया। इस सड़क की मरम्मत को लेकर तीनो पंचयात के ग्रामीण सुशासन तिहार के लगे साहीडाँड़ समाधान शिविर में गेम रेन्जर नारायणपुर से निवेदन किया गया परन्तु उनके द्वारा सटीक जवाब न देने से ग्रामीणों रेन्जर के बीच जमकर नोक झोंक हुई,जनपद सीईओ के पहल से मामला को शांत कराया गया था, ओर जल्द सड़क में बने बड़े बड़े गड्ढे को मरम्मत करने की सहमति बनी थी परन्तु डेढ़ माह   बीतने के वावजूद भी मरम्मत कार्य नही किया गया।

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CG Breaking : आज कैबिनेट बैठक.! CM विष्णुदेव साय आज ले सकते हैं अहम फैसले..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार आज कैबिनेट बैठक करने जा रही है। इसके लिए सभी मंत्रियों को मंत्रालय बुलाया गया है। सीएम साय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कृषि, खाद्य, शिक्षा जैसे विभागों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते है। हाल ही में शराब घोटाले में आबकारी विभाग के अधिकारियों के सस्पेंशन की कार्रवाई की गई है।

दरअसल, इस घोटाले में अफसरों की मिलीभगत देखने को मिल रही है। विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा है, इसे लेकर भी मंत्रालय में मंत्रियों के बीच अनौपचारिक चर्चा हो सकती है। कैबिनेट की यह बैठक छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले हो रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि सत्र को लेकर कुछ प्रस्ताव भी इस बैठक में पास किए जा सकते हैं।

फिलहाल, इससे पहले 30 जून को साय कैबिनेट की बैठक की गई थी। बैठक में कृषक उन्नति योजना, पेंशन भुगतान और पेंशन फंड समेत कई अहम फैसले लिए गए। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक हब बनाने, भंडारण क्षमता बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने की योजना को मंजूरी मिली है।

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CG Breaking : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को श्रावण मास शुभारंभ अवसर पर दी शुभकामनाएं..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान शिव की आराधना के पवित्र श्रावण मास के 11 जुलाई से शुभारंभ के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।

वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्व का समय होता है। इस मास में श्रद्धालु विशेष रूप से सोमवार का व्रत रखते हैं और गहन भक्ति भाव से भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करते हैं। सावन के दौरान शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु कांवर यात्रा पर निकलते हैं।

फिलहाल मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की कि भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे तथा यह पावन मास प्रदेशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा और शांति का संचार करे।

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*ट्रेन हादसे में मृतक का शव पहुंचा गृह ग्राम चटकपुर, परिजनों ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुंच कर लगाई थी गुहार, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार.........*

जशपुरनगर / ट्रेन हादसे से जान गंवाने वाले युवक नवरतन राम का शव आखिरकार उनके गृह ग्राम चटकपुर पहुंच गया। शव पहुंचने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 21 वर्षीय नवरतन राम, पिता बिहारी राम का निधन आंध्रप्रदेश के गुडूर रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में हो गया था। शव को लाने में शुरुआत में परिजनों को कठिनाई हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने सीएम कैंप कार्यालय बगिया में गुहार लगाई।परिजनों की मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कैंप कार्यालय से आवश्यक निर्देश जारी किए गए। सीएम कैंप कार्यालय के निर्देश के बाद कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने तत्परता दिखाई और आवश्यक समन्वय कर शव वाहन की व्यवस्था कराई गई।और आज तड़के सुबह नवरतन राम का शव गुडूर, आंध्रप्रदेश से उनके गांव चटकपुर पहुंचा। मृतक के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणजन जुटे रहे। पूरे गांव में गमगीन माहौल देखा गया। परिवार ने शोक संतप्त हृदय से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन का आभार जताया, जिनके प्रयासों से शव समय पर गांव पहुंच सका।परिजनों ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई और मदद पहुंचाई, जिसके लिए वे सदैव कृतज्ञ रहेंगे।


सीएम कैंप कार्यालय बगिया बना लोगों के लिए वरदान

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बगिया को सीएम कैंप कार्यालय का दर्जा दिए जाने के बाद यह क्षेत्र आमजन के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रहा है। यहां प्रतिदिन दर्जनों ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं, और उन्हें तत्काल राहत भी मिल रही है।ग्रामीणों का कहना है कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब बगिया में ही मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रतिनिधियों के माध्यम से उनकी बात सीधे शासन-प्रशासन तक पहुंच रही है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि न्याय की उम्मीद भी बढ़ी है।

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पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई कई राज्यों के सीएम की बैठक......बंगाल-झारखंड के विवादों पर हुई सकरात्मक चर्चा.....अगली बैठक पूरी में

रांची : पश्चिम बंगाल की वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने रांची में आयोजित 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों को आपस में समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित अंतर्राज्यीय मुद्दों को आपसी सहयोग से सुलझाना है।

पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने जानकारी दी कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच चल रहे विभित्र मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। बैठक में मयूराक्षी नदी पर बने मसांजोर डैम को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों राज्यों के बीच इस मसले को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है, लेकिन भट्टाचार्य के अनुसार, इस बार बातचीत रचनात्मक रही
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमा पर फेसिंग (बाड़बंदी) को लेकर भी अहम चर्चा हुई। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। भट्टाचार्य ने यह भी बताया कि बांग्लादेश के साथ पश्चिम बंगाल की सीमा काफी लंबी है, इसलिए फेंसिंग का कार्य रणनीतिक रुप से महत्वपूर्ण है और इसे चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक के अंत में यह भी तय किया गया कि पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक ओडिशा के पुरी में आयोजित की जाएगी, जिसके बाद इसे पश्चिम बंगाल में आयोजित किया जाएगा। यह बैठक पूर्वी भारत के राज्यों के बीच आपसी सहयोग, विकास और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण मंच के रुप में देखी जा रही है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कई राज्यों के सीएम की बैठक हुई।

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*छत्तीसगढ़ पर्यटन ने कोलकाता में दर्ज कराई प्रभावशाली उपस्थिति*

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों में आज एक महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ी है। कोलकाता में चल रहे ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अपनी विशिष्ट और समृद्ध विरासत के साथ शानदार उपस्थिति दर्ज करायी। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कोलकाता के टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट को छत्तीसगढ़ के टूर पैकेज के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला के साथ मंच साझा किया। 

इस अवसर पर अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध राज्य को भारत के इस प्रमुख पर्यटन मंच पर प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। हमारा राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। छत्तीसगढ़ को आज भी ‘अनदेखा भारत‘ कहा जाता है और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे चित्रकोट जलप्रपात, कांगेर घाटी, सिरपुर, बस्तर का धुड़मारास के साथ-साथ भोरमदेव, डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा आदि धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स से आग्रह किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में छत्तीसगढ़ को भी शामिल करें।

उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को अब उद्योग का दर्जा प्राप्त है और पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, रिसॉर्ट्स, ट्राइबल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। हमारा उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सतत विकास को भी मजबूत करना है। श्री शर्मा ने यह भी बताया कि कोलकाता में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का स्थायी सूचना केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे कोलकाता के टूर ऑपरेटर्स और पर्यटकों को सीधी और सुविधा-सम्पन्न सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। इस मौके पर कोलकाता के 50 टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट पंजीकृत हुए।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने उपस्थित अतिथियों, टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर के समक्ष प्रेजेंटेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदरता,संस्कृति एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा टूरिज्म को लेकर लिए गए निर्णय से भी अवगत कराया।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा जी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि भारत को समझने के लिए छत्तीसगढ़ को जानना जरूरी है। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि छत्तीसगढ़ आइए, इसे महसूस कीजिए और भारत की आत्मा से मिलिए। 

इस अवसर पर सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी थापा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री नासिर असलम वानी,थाईलैंड की महावाणिज्यदूत सुश्री श्रीपोन तांतिपन्याथेप के साथ ही वेस्ट बंगाल टूर ऑपरेटर एवम ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन कोलकाता के लगभग 500 से भी अधिक सदस्य उपस्थित थे।

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आज रात दिखेगा बक मून.!जानें भारत में कब और कैसे देखें ये अद्भुत पूर्णिमा

Buck Moon 2025: आज 10 जुलाई की रात आसमान में एक खास खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा – बक मून. यह साल की सबसे चमकीली और बड़ी पूर्णिमा में से एक मानी जाती है. अमेरिका में इसे थंडर मून (Thunder Moon) भी कहा जाता है. इसका नाम जुलाई महीने में होने वाली तेज़ गरज और बिजली की वजह से पड़ा है.

भारत में कब दिखाई देगा? (Buck Moon 2025)

बक मून भारत में 10 जुलाई की रात से लेकर 11 जुलाई की सुबह तक आसमान में देखा जा सकेगा. इसका सबसे खूबसूरत दृश्य रात 10:40 बजे से लेकर 11:55 बजे के बीच दिखाई देगा, जब चंद्रमा पूर्ण रूप से गोल, चमकदार और बेहद भव्य नजर आएगा.

नाम का रहस्य क्या है? (Buck Moon 2025)

बक मून नाम उत्तरी अमेरिका की आदिवासी परंपराओं से लिया गया है. जुलाई के महीने में हिरणों (Buck) के नए सींग उगने लगते हैं, इसलिए इस पूर्णिमा को बक मून कहा जाता है. वहीं थंडर मून नाम इस समय होने वाले मानसून जैसे गरज-चमक वाले मौसम से जुड़ा है.

क्या है खास? (Buck Moon 2025)

यह चंद्रमा सामान्य से थोड़ा बड़ा और पीले रंग का दिखाई दे सकता है, क्योंकि यह क्षितिज के करीब होगा.

यह सुपरमून नहीं है, लेकिन फिर भी बेहद खूबसूरत और फोटो-जेनिक होगा.

अगर आप इस दृश्य को देखना चाहते हैं, तो किसी खुले आसमान वाली जगह का चयन करें.

कैमरा तैयार रखें और इस अनोखी खगोलीय घटना को अपनी आंखों और दिल में कैद कर लें.

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CG News : सूरजपुर दोहरे हत्याकांड.! मुख्यमंत्री साय ने दी प्रधान आरक्षक के परिवार को 20 लाख की आर्थिक सहायता..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। सूरजपुर जिले में हाल ही में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद राज्य सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित प्रधान आरक्षक मोहम्मद तालिब के परिजनों को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है।

वहीं यह सहायता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा मानवीय दृष्टिकोण से दी गई है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आभार जताते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री द्वारा पीड़ित परिवार की पीड़ा को समझते हुए जो सहायता दी गई है, वह न केवल उनके लिए एक राहत है, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।” 

फिलहाल मंत्री जायसवाल ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह कदम न्याय, करुणा और सहानुभूति की मिसाल है। इससे न केवल पीड़ित परिवार को नई आशा और संबल मिलेगा, बल्कि समाज में यह संदेश भी जाएगा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने नागरिकों के साथ हर हाल में खड़ी है।

दरअसल स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर शोकसंतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार न्याय दिलाने और दोषियों को सजा दिलवाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।

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कांसाबेल‌ के  प्रभारी मंडल संयोजक फकीर राम यादव को कलेक्टर ने थमाया कारण बताओ नोटिस  

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने फकीर राम यादव प्रभारी मण्डल संयोजक, विकास खण्ड-कांसाबेल, जिला-जशपुर (छ.ग.)
को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया 

पत्र में उल्लेख है कि ग्रीष्म ऋतु के पश्चात् दिनाँक 15.06.2025 से विभागीय छात्रावास/आश्रमों का संचालन किया जा रहा है। वर्षा ऋतु प्रारंभ हो चुकी है, फलस्वरूप छात्रावास-आश्रमों के आस-पास जहरीले जीव-जन्तु घुमते रहने की संभावना रहती है। अनुसूचित जनजाति आश्रम, बगिया का अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बगीचा, जिला-जशपुर (छ.ग.) द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिसमें आश्रम की खिड़कियों का कांच टूटा हुआ पाया गया। आश्रम परिसर के बाउण्ड्री के किनारे लंबी घांस एवं झाड़ी पायी गई, जिसकी नियमित कटाई-छंटाई नहीं होना पाया गया है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि आश्रम में निवासरत समस्त छात्रों के बिस्तरों के नीचे साफ-सफाई 03-04 दिनों से नहीं की गई। अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम, बगिया की नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं होने के कारण दिनाँक 08.07.2025 को आश्रम में निवासरत कक्षा तीसरी के विद्यार्थी अमृत साय को सांप के काटने से मृत्यु हो गई, जिसकी सूचना आपके द्वारा अपने उच्चाधिकारियों को समय पर नहीं दी गई।

आप विकास खण्ड कांसाबेल के प्रभारी मण्डल संयोजक का कार्य सम्पादन कर रहे हैं। उपरोक्त उल्लेखित स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि आपके द्वारा नियमित रूप से छात्रावास-आश्रमों का निरीक्षण नहीं किया जाता और न ही छात्रावास आश्रमों के साफ-सफाई एवं व्यवस्था के संबंध में अधीक्षकों को निर्देश दिया जाता है। इस प्रकार आपके द्वारा अपने कर्त्तव्यों एवं दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन नहीं किया जा रहा है। आपका उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम-1965 के नियम-3 के विपरीत है। अतः क्यों न आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावे। उक्त संबंध में अपना समाधान कारक जवाब 03 दिवस के अंदर प्रस्तुत करें। समयावधि में एवं सम्प्रेष्यन कारक जवाब प्राप्त न होने की दशा में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।

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कलेक्टर ने बगिया आश्रम छात्रावास के भृत्य रामकुंवर सिदार को किया निलंबित 

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने  रामकुंवर सिदार, नियमित भृत्य शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम, बगिया, विकास खण्ड-कांसाबेल, जिला-जशपुर (छ.ग.) के द्वारा आश्रम परिसर की साफ-सफाई नियमित रूप से नहीं की गई, जिसके कारण सांप के घुसने का पता नहीं चल पाया और संस्था में कक्षा तीसरी में अध्ययनरत छात्र अमृत साय का सर्प दंश से निधन हो गया।

अतः कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही बरते जाने के आरोप में छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत् श्री रामकुंवर सिदार, नियमित भृत्य, शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम, बगिया, विकास खण्ड-कांसाबेल, जिला-जशपुर (छ.ग.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

निलंबन अवधि में श्री रामकुंवर सिदार को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा इनका मुख्यालय कार्यालय मण्डल संयोजक, कांसाबेल, जिला-जशपुर (छ.ग.) निर्धारित किया जाता है।

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

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बड़ी कार्यवाही : कलेक्टर ने अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम छात्रावास बगिया के प्रभारी अधीक्षक ठाकुर दयाल सिंह को किया निलंबित 

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने ठाकुर दयाल सिंह, शिक्षक (एल.बी.), प्रभारी अधीक्षक, शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम, बगिया, विकास खण्ड-कांसाबेल, जिला-जशपुर (छ.ग.) (मूल पदस्थापना- पूर्व माध्यमिक शाला, शब्दमुण्डा, विकास खण्ड-कांसाबेल) के द्वारा कक्षा तीसरी में अध्ययनरत छात्र अमृत साय के सर्प दंश की सूचना उच्चाधिकारियों को विलम्ब से दिया गया। परिसर की देख-रेख करने में लापरवाही बरती गई। नियमित रूप से परिसर की साफ-सफाई नहीं कराई गई। छात्र के ईलाज में देरी की गई जिसके कारण छात्र का निधन हो गया।

अतः कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही बरते जाने के आरोप में छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत् श्री ठाकुर दयाल सिंह, शिक्षक (एल.बी.), प्रभारी अधीक्षक, शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम, बगिया, विकास खण्ड-कांसाबेल, जिला-जशपुर (छ.ग.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

निलंबन अवधि में श्री ठाकुर दयाल सिंह को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा इनका मुख्यालय कार्यालय विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी, कांसाबेल, जिला-जशपुर (छ.ग.) निर्धारित किया जाता है।

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

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*फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को मिला रेडी टू ईट निर्माण का कार्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे अनुबंध पत्र*

रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में  5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।रायगढ़ जिले की रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।

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रायगढ़ के सत्यनारायण बाबा धाम कोसमनारा में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय: प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की

रायपुर /गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का दिन श्रद्धा, आस्था और मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। कोसमनारा स्थित यह धाम लोगों की आस्था का केंद्र है और यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण के मार्ग पर गुरुजनों के आशीर्वाद और जनआशीर्वाद के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और महापौर श्री जीवर्धन चौहान भी उपस्थित थे।

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