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नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब अन्य विभागों में भी अनुकम्पा नियुक्ति का विकल्प,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का आभार-विजय शर्मा

रायपुर।राज्य शासन द्वारा नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों के हित में एक महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय लिया गया है। विगत दिनों मंत्रिपरिषद ने "एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013" की कंडिका 13(3) में संशोधन को मंजूरी दी है।
  उपमुख्यमंत्री श्री  विजय शर्मा ने कहा कि शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर प्रदेश और देश की रक्षा की है। उनके परिजनों को केवल विकल्पहीन नियुक्ति देना न्यायसंगत नहीं था। लंबे समय से शहीद परिवारों की इस मांग को हमने सरकार के समक्ष पूरी गंभीरता से रखा। मुझे प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को पारित किया है। अब शहीदों के परिजनों को विभाग चुनने का अधिकार मिलेगा, जिससे उनकी सुविधा और सम्मान दोनों सुनिश्चित होंगे।
  उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस संशोधन के अनुसार, अब नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे राज्य शासन के किसी भी विभाग में, किसी भी जिला अथवा संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे। पूर्व में यह प्रावधान था कि अनुकम्पा नियुक्ति उसी विभाग  में दी जाए, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक सेवारत था। परंतु शहीदों के परिजनों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस नीति में संशोधन कर यह विकल्प प्रदान किया है।
  उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर इस निर्णय को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के समक्ष मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया। 
 उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा को लगातार शहीद परिवारों और उनके संगठनों से यह मांग प्राप्त हो रही थी कि उन्हें अनिवार्य रूप से पुलिस विभाग में नियुक्ति न देकर, अन्य विभागों में भी विकल्प मिलना चाहिए। उप मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सक्रियता से यह विषय मंत्रिपरिषद में लाया गया और सर्वसम्मति से निर्णय पारित हुआ।
   उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा राज्य के शहीद परिवार ने पुलिस विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति के साथ अन्य विभागों में नियुक्ति की मांग की थी। अब उनके लिए यह रास्ता खुल गया है, जिससे उन्हें सम्मानजनक और सुविधाजनक रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। यह निर्णय न केवल शहीदों के बलिदान को सम्मान देने का कार्य है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का भी प्रमाण है।

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 *लॉजिस्टिक्स नीति 2025 को मिली मंजूरी:छत्तीसगढ़ में लॉजिस्टिक हब बनाने पर निजी निवेशकों को मिलेगा 140 करोड़ तक अनुदान*

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ लॉजिस्टिक्स नीति 2025 को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति के तहत राज्य सरकार लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 140 करोड़ रुपये तक की अनुदान राशि और अन्य कई रियायतें देगी।

लॉजिस्टिक हब, ड्राइ पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो, एयर कार्गाे टर्मिनल और गति-शक्ति कार्गाे टर्मिनल जैसे अधोसंरचना लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 140 करोड़ रुपये होगी। इसके अतिरिक्त बाह्य अधोसंरचना हेतु 50 प्रतिशत अनुदान सहित अन्य रियायतें निवेशकों को दी जाएगी। ट्रांसपोर्ट हब या फ्रेट स्टेशन के लिए यह अनुदान 35 प्रतिशत होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 5 करोड़ रुपये प्रावधानित है। राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करना है, जिससे उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सस्ती और आधुनिक भंडारण सुविधाएं मिल सकें।

मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के लिए उपयुक्त है। इसी का लाभ उठाते हुए राज्य सरकार अब लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करेगी। इससे राज्य की भंडारण क्षमता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी, जिससे व्यापार और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

इस नीति के तहत ड्राइ पोर्ट, कंटेनर डिपो और एयर कार्गाे टर्मिनल की स्थापना से स्थानीय उद्योगों और उत्पादकों को निर्यात बाजार तक पहुंचने का मौका मिलेगा। साथ ही वन संसाधन, वनोपज और औषधीय पौधों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने पर 35 से 45 प्रतिशत तक पूंजी निवेश अनुदान, 50 से 60 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान सहित विद्युत शुल्क और स्टांप शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है। इसी तरह लॉजिस्टिक पार्क के लिए प्रति एकड़ 25 लाख तक अनुदान, बाहरी अधोसंरचना के लिए 50 प्रतिशत सहायता, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। ग्रीन लॉजिस्टिक्स अपनाने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान किया गया है। 500 करोड़ से अधिक निवेश या 1000 से अधिक लोगों को रोजगार देने पर विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। 

इस नीति का उद्देश्य राज्य में लॉजिस्टिक लागत को कम करना, आधुनिक मल्टीमोडल अधोसंरचना विकसित करना, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करना और लॉजिस्टिक सेक्टर में निजी निवेश को बढ़ाना है। यहां उल्लेखनीय है कि पहले औद्योगिक नीति के तहत लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलता था, लेकिन अब भारत सरकार के लीड्स सर्वे के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने स्वतंत्र लॉजिस्टिक नीति बनाकर देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में कदम रख दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस नई पहल से जहां निवेश को नई दिशा मिलेगी, वहीं रोजगार, व्यापार और निर्यात के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश का प्रमुख राज्य होगा।

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*श्री जगन्नाथ महाप्रभु रथ यात्रा महोत्सव – मौसी बाड़ी में हुआ 'लिटिल चैंप' का आयोजन, बच्चों की भक्ति प्रस्तुति ने दर्शकों का मोहा मन, समिति ने विजेताओं को किया सम्मानित.....*

दोकड़ा। श्री जगन्नाथ महाप्रभु रथ यात्रा दोकड़ा में महोत्सव के अंतर्गत मौसी बाड़ी परिसर में रंगारंग 'लिटिल चैंप' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के नन्हे कलाकारों ने भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें श्री जगन्नाथ जी की भक्ति से जोड़ना था। सजीव भक्ति गीतों और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रतियोगिता में विजेता रहे –
 मुस्कान यादव ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया।

अनिका गुप्ता ने मनमोहक भक्ति गीत से द्वितीय स्थान अर्जित किया।

परी गुप्ता एवं उनकी साथी ने सामूहिक प्रस्तुति से तृतीय पुरस्कार अपने नाम किया।

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा द्वारा सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में सांस्कृतिक जागरूकता और आत्मविश्वास दोनों का विकास होता है।

आज होंगे दो विशेष आयोजन

रथ यात्रा महोत्सव की श्रृंखला में आज रंगोली प्रतियोगिता एवं डांडिया नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। रंगोली में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की सहभागिता सुनिश्चित की गई है, वहीं डांडिया नृत्य में स्थानीय युवाओं की जोशपूर्ण प्रस्तुति की उम्मीद है।

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं और ग्रामीणों से इन आयोजनों में सपरिवार शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। रथ यात्रा महोत्सव का यह उत्सव दिन-ब-दिन श्रद्धा, संस्कृति और सौहार्द का एक अनुपम संगम बनता जा रहा है।

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पुलिस विभाग में भारी फेरबदल, 171 कर्मचारियों का हुआ ट्रांसफर..... एक ही थाने में लंबे समय से जमे कर्मचारियों का तबादला ....17 रक्षित पुलिस केन्द्र भेजे गए

जशपुर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है. आरक्षक, प्रधान आरक्षक सहित 171 कर्मचारियों का ट्रांसफर हुआ है. एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं. इन्हें जल्द से जल्द नई पदस्थापना जगह में पदभार लेने के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं. 

17  को भेजा गया रक्षित पुलिस केन्द्र 

एसएसपी ने जो ट्रांसफर लिस्ट जारी की है उसमें 142 आरक्षक 29 प्रधान आरक्षक हैं.ये जिले के विभिन्न थाना चौकी में पदस्थ थे. उन्हें अन्य थानों और चौकी में भेजा गया है.सोलह आरक्षक व एक प्रधान आरक्षक को पुलिस रक्षित केन्द्र भेजा गया है. आदेश जारी होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है. 

लंबे समय से एक ही जगह थे पदस्थ

बताया जा रहा है कि जिन कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया है, उनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जो एक ही जगह पर लंबे समय से पदस्थ थे. उन हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल की सूची तैयार कर उनका ट्रांसफर किया गया है

CG Police Transfer Jashpur :

देंखे पूरी लिस्ट

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*मुख्यमंत्री से मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं के खिले चेहरे.....खूब पढ़ें और आगे बढ़ें, सरकार आपके साथ है- मुख्यमंत्री श्री साय* 


रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां  मंत्रालय महानदी भवन में बौद्धिक भ्रमण पर आए सुकमा जिले के युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और राजधानी रायपुर में उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे खूब पढ़ें और आगे बढ़ें। छत्तीसगढ़ सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री से मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं के चेहरे खिल उठे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले के युवाओं से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने कहा कि नक्सली विकास विरोधी हैं। वे नहीं चाहते कि बस्तर के लोगों को पानी, बिजली, सड़क और विद्यालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें। सरकार की प्राथमिकता बस्तर का विकास है। बहुत जल्द बस्तर से नक्सलवाद खत्म होगा। 

मुख्यमंत्री ने बड़े प्रेम से प्रदेश के सुदूर क्षेत्र से आये इन युवाओं से बातचीत की और उनके बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि उन्हें रायपुर आकर कैसा लग रहा है ? जिसके जवाब में युवाओं ने बताया कि उनके दल के अधिकतर युवा पहली बार राजधानी रायपुर आये हैं। अधिकांश ने इस भ्रमण के दौरान पहली बार जगदलपुर को देखा। पहली बार अपने गांव से रायपुर आकर बहुत अच्छा लग रहा है। नई-नई चीजें देखने को मिल रही हैं। आज उन्हें मंत्रालय को देखने और यहां की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से यह अनुभव आपके लिए लाभदायक रहेगा। इस भ्रमण का पूरा लाभ उठाएं और स्वयं को समृद्ध करें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुकमा के युवाओं से विशेष रुप से उनकी शिक्षा के विषय में चर्चा की। विभिन्न आयुवर्ग के युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे दसवीं, बारहवीं सहित कॉलेज तक में पढ़ रहे हैं। सहज सरल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से युवाओं ने खुलकर संवाद किया। इस दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह बीएससी के सेकेंड ईयर में पढ़ रहा है, वहीं एक छात्र ने स्वयं खड़े होकर मुख्यमंत्री को बताया कि वह भी बीए फाइनल का विद्यार्थी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं की पढ़ाई के प्रति रुचि की सराहना की और इसी तरह पढ़ लिख कर आगे बढ़ने के लिए उनका हौसला बढ़ाया। 

उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत नियद नेल्लानार कार्यक्रम के तहत बस्तर संभाग के युवाओं का बौद्धिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में सुकमा जिले के 95 युवाओं को 2 दिवसीय भ्रमण पर राजधानी रायपुर आये हैं। इस दल में 77 बालक और 18 बालिकाएं शामिल हैं।

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा : पत्थलगांव में ऑडिटोरियम  निर्माण हेतु 4 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत*  

जशपुरनगर /  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा के फलस्वरूप पत्थलगांव में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 4 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है।  कुछ दिन पूर्व ही नगर पालिका जशपुर के वार्ड क्रमांक 16 में ऑडिटोरियम निर्माण हेतु   6 करोड़ 76 लाख 55 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। 
        ऑडिटोरियम निर्माण होने से आम लोगों को सांस्कृतिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों के लिए एक सुव्यवस्थित मंच प्राप्त होगा। यहाँ विभिन्न प्रकार के आयोजन जैसे नाटक, संगोष्ठी, सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं सरकारी कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जा सकेगा। इससे प्रतिभाओं को अपनी कला और विचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिलेगा।
  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जनसुविधा आधारित अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है। मुख्यमंत्री की पहल पर किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, महिलाओं  और आम नागरिकों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए विभिन्न विकास कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिल रही है और योजनाएं भी तेजी से क्रियान्वित हो रही है।

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डेढ़ लाख से अधिक शिक्षक कल स्कूलों में पढ़ाना छोड़ उतरेंगे सड़को पर....शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के बैनर तले 146 विकासखंडों में होगा धरना प्रदर्शन... 

रायपुर //-  कल प्रदेशभर के 146 विकासखंडों में एक बार फिर जमकर हड़ताल होगा, सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर जबरदस्त नारेबाजी होगी, शिक्षक स्कूलों में पढ़ाना छोड़ एक बार फिर सड़को पर उतरकर सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे।
          शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश संचालक संजय शर्मा, मनीष मिश्रा, केदार जैन, वीरेंद्र दुबे, विकास राजपूत एवं जाकेश साहू ने बताया कि शिक्षिका सोना साहू के तर्ज पर एरियर्स राशि सहित क्रमोन्नति वेतनमान, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाली सहित संपूर्ण लाभ, पदोन्नति में डीएड को भी मान्य किए जाने तथा वर्तमान में हुए युक्त युक्तिकरण रद्द कर 2008 का सेटअप लागू करने की मांग को लेकर कल प्रदेशभर के सड़कों में शिक्षकों का जनसैलाब उमड़ेगा।
              प्रदेश संचालक कृष्णकुमार नवरंग एवं राजनारायण द्विवेदी ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेशानुसार सूरजपुर जिले की शिक्षिका सोना साहू को प्रथम नियुक्ति तिथि से क्रमोन्नति वेतनमान दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें पूरी एरियर्स राशि की भुगतान भी कर दी गई है। लेकिन राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के समस्त पात्र शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान देने का जनरल आर्डर नहीं दिया जा रहा है। जिससे प्रदेश के 1 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हैं और उन्हें आर्थिक रूप से हर माह 15 से 20 हजार रुपए का एक बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। संगठन की मांग है कि राज्य सरकार द्वारा सभी शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान देने का जनरल आर्डर जारी किया जाए।
         प्रदेश संचालक भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर, लैलूंन भरतद्वाज एवं प्रदीप पांडे ने कहा है कि शिक्षकों की नियुक्ति 1995 एवं 1998 से हुई है, लेकिन प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना न कर संविलियन तिथि 2018 से की जा रही है। जिससे शिक्षकों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिक्षक साझा मंच की मांग है कि शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवागणना कर पुरानी पेंशन बहाली सहित समस्त लाभ दिया जाए।
          प्रदेश संचालक प्रदीप लहरे, राजकिशोर तिवारी, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू, धरम दास बंजारे एवं अनिल कुमार टोप्पो ने बताया कि डीएड योग्यताधारी शिक्षकों को भी व्याख्याता एवं प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति दी जाए। इसी प्रकार वर्तमान में हुए युक्त व्यक्तीकरण में सेटअप 2008 का पालन नहीं किया गया है।
          बहुत सारी खामियां हैं, प्राथमिक शाला से शिक्षकों की संख्या 3 से घटकर दो कर दी गई है। मिडिल, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी एक-एक शिक्षकों की कटौती कर दी गई है। इस प्रकार प्रदेश के स्कूलों में लगभग 57,000 शिक्षकों के पदों को एक झटके में समाप्त कर दिया गया है। 
*इस बार प्रदेश के 23 शिक्षक संगठन हुए है एक -*
               प्रदेश के 23 शिक्षक संगठन इस बार एक मंच पर आकर शिक्षक साझा मंच बनाए हैं और आंदोलन का ऐलान किए है। जिससे प्रदेश के एक लाख अस्सी हजार शिक्षक विभिन्न मांगों को लेकर इस बार हड़ताल पर हैं। 
        इससे पूर्व भी प्रदेश के राजधानी में शिक्षकों ने जोरदार हल्ला बोला था। 15 से 30 जून तक काली पट्टी लगाकर स्कूल भी जाते रहे तथा शासन को विरोध जताते रहे।
        साझा मंच के प्रदेश संयोजक मंडल ने स्पष्ट और दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकार उनकी मांगों को और हड़ताल को हल्के में न ले अन्यथा प्रदेश भर के समस्त स्कूलों में तालेबंदी कर सभी शिक्षक अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाएंगे जिनकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
       शिक्षक साझा मंच ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से कल के आंदोलन में सत प्रतिशत संख्या में भाग लेने की अपील की है।
*प्रदेश संयोजक मंडल के सदस्यों के नाम -*
                        संजय शर्मा, मनीष मिश्रा, केदार जैन, वीरेंद्र दुबे, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर, लैलूंन भरतद्वाज, प्रदीप पांडे, प्रदीप लहरे, राजकिशोर तिवारी, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू, धरम दास बंजारे, अनिल कुमार टोप्पो

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शिक्षकों का उन्मुखीकरण  कार्यशाला में बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी , प्राचार्य , व्याख्याता, प्रधान पाठक, छात्रावास अधीक्षक, प्रयोगशाला सहायक, ग्रंथपाल, व्यायाम शिक्षक सहित संकुल समन्वयक होंगे सम्मिलित

 

जशपुर /ज़िला कलेक्टर रोहित व्यास और ज़िला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी   अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में  गुणवत्ता उन्नयन हेतु यशस्वी जशपुर कार्यक्रम  के अंतर्गत बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी, प्राचार्य , प्रधानपाठक, सीएससी , प्रयोगशाला सहायक, ग्रंथपाल ,छात्रावास अधीक्षक एवं कक्षा 10वीं व 12वीं में पढ़ाने वाले विषय शिक्षकों के लिए आगामी 03 जुलाई से 18 अगस्त तक उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की जा रही है।आज 30 जून को डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने रिसोर्स पर्सन को प्रेरित करते हुए प्रायोगिक कार्य, अध्ययन के दौरान चीजें के साथ को-रिलेशन , आधारभूत अवधारणाओं की समझ पर फोकस करने को कहा। उन्होंने एक्सीलेंस से सक्सेस के विषय पर भी बात की। डीईओ पी के भटनागर ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष भी जशपुर जिले को हमें गौरवान्वित करना है, आप सभी शिक्षक इसके लिए पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करें।
      कार्यशाला के आयोजन के संबंध में यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विषय शिक्षकों के लिए मास्टर ट्रेनर्स को संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में प्रैक्टिकल एप्रोच के साथ सभी विषयों के अध्यापन, शिक्षक प्रशिक्षण में विज्ञान विषय के 2 घंटे का प्रायोग आधारित सत्र, प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक या उससे अधिक प्रैक्टिकल के साथ अध्यापन, प्रशिक्षक अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग कैसे करें?,ऐसे शिक्षकों  का चिन्हांकन जो माइंड सेट बदल नहीं पा रहे हैं, स्मार्ट शिक्षक बनने, ह्यूमन रिसोर्स के बेस्ट परफॉर्मेंस, विद्यार्थी अधिक इवॉल्व एवं इंटरैक्टिव मोड में जैसे विषय सम्मिलित रहे। उन्होंने माइंड मैपिंग के अंतर्गत कंफर्ट जोन, फियर जोन, लर्निंग जोन और ग्रोथ जोन के  विषय में जानकारी देते हुए कंफर्ट जोन से निकल कर ग्रोथ जोन में आकर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर भी बात की।
         उन्मुखीकरण के संबंध में जानकारी देते हुए यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता  ने बताया कि कार्यशाला में कौशल परीक्षण, ब्रेनस्टॉर्मिंग , अच्छे परिणाम वाले शिक्षकों के विचार व रणनीति, विषय के दौरान आने वाली कठिनाइयां और उपचारात्मक शिक्षा समूह चर्चा, क्षमता विकास स्वयं का आकलन और क्षमता विकास के विभिन्न चरण, एक्शन प्लान शामिल रहेंगे। साथ ही विद्यार्थियों के स्तर एवं रुचि अनुरूप कौशल विकास हेतु कैरियर व गाइडेंस पर चर्चा किया जाना भी कार्यशाला में सम्मिलित रहेगा। अंत में शिक्षकों के पोस्ट टेस्ट के साथ प्रशिक्षण का समापन किया जाएगा। प्रशिक्षण की समय सारणी अनुसार 03 जुलाई से कार्यशाला प्रारंभ होगी सर्वप्रथम प्राचार्यों के लिए प्रशिक्षण का आयोजित किया जाएगा। कार्यशाला के आयोजन के लिए यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय और संजय दास उपस्थित रहे।

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सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय 

रायपुर : 

1 मंत्रिपरिषद ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। कृषक उन्नति योजना के प्रचलित निर्देशों को संशोधित करते हुए इसके दायरे को और विस्तृत कर दिया है। अब इस योजना का लाभ खरीफ 2025 में धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ पंजीकृत धान फसल के स्थान पर अब दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल लगाने वाले किसानों को भी मिलेगा। 

खरीफ 2024 में पंजीकृत कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई थी और समर्थन मूल्य पर धान बेचा था, उनके द्वारा खरीफ 2025 में धान फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का आदि फसल की खेती की जाती है, तो उन्हें भी अब कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। 

2 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भविष्य में सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान संबंधी दायित्वों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन हेतु छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

3 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे राज्य के राजस्व में असामान्य वृद्धि/कमी का समुचित प्रबंधन एवं आर्थिक मंदी के समय वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी। 


4 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में लॉजिस्टिक सेक्टर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस पॉलिसी से छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा तथा निर्यात अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। 

राज्य की भौगोलिक स्थिति का लाभ लेते हुए लॉजिस्टिक सेक्टर तथा ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को लॉजिस्टिक हब की स्थापना के लिए निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश के उद्योगोें, व्यापारियों और किसानों को सस्ती भंडारण सुविधा मिलेगी। प्रदेश में लॉजिस्टिक में लगने वाले लागत कम होने से व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। 

इस नीति के माध्यम से ड्राई पोर्ट/इन्लैंण्ड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहित करने से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा स्थानीय उत्पादकों को निर्यात बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। राज्य के प्रचुर वन संसाधन, वनोपज एवं वनौषधि उत्पाद के निर्यात हेतु इको सिस्टम तैयार होगा। यह पॉलिसी राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी साथ ही राज्य को लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में स्थापित करेगी।

5 मंत्रिपरिषद द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय व जीवनयापन में सहजता बढ़ेगी। अनावश्यक न्यायालयीन प्रकरणों और उनमें होने वाले व्यय में कमी आएगी।  


6 मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विभिन्न विभागों/निगम/मण्डल/कम्पनी/बोर्ड के पूर्व निर्मित एवं जर्जर भवनों तथा इनके स्वामित्व की अनुपयोगी शासकीय भूमि के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए रिडेव्हलपमेंट योजना अंतर्गत 7 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें शांति नगर रायपुर, बीटीआई शंकर नगर रायपुर, कैलाश नगर राजनांदगांव, चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर, सिविल लाइन कांकेर, क्लब पारा महासमुंद, कटघोरा कोरबा शामिल हैं।

7 मंत्रिपरिषद द्वारा वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के अंतर्गत उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक/रिकार्ड कीपर से तृतीय श्रेणी कार्यपालिक, उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति के लिए विहित 05 वर्ष की न्यूनतम अर्हकारी सेवा को केवल एक बार के लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा 02 वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। 

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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए 30 जून से 2 जुलाई तक  जनपद  पंचयात कुनकुरी में शिविर आयोजित

जशपुर : जिले के सभी जनपद मुख्यालयो में एचएसआरपी नंबर प्लेट बनाने के लिए ब्लॉकवार  शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिले के नागरिकों की सुविधा के मद्देनजर यह पहल जिला परिवहन विभाग ने की है

     इसी के तहत कुनकुरी में 30 जून से 2 जुलाई तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) के लिए विशेष शिविर लगाया गया, जिसमें वाहन मालिक आसानी से आवेदन कर सकेंगे. शुल्क निर्धारित है और मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा भी दी जा रही.

     जिला परिवहन अधिकारी श्री निकुंज ने बताया है कि जिले के 2019 से पहले के पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर लगवाने हेतु फॉर्म भरने के लिए परिवहन विभाग द्वारा 30 जून से 2 जुलाई  तक जनपद कार्यालय कुनकुरी, में शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

     ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए वाहन का पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर लाना आवश्यक है। इसके लिए शुल्क भी निर्धारित किया गया है। दो पहिया वाहन के लिए 466 रुपये, तीन पहिया वाहनों के लिए 528 रुपये, चार पहिया वाहनों के लिए 757 रुपये तथा भारी माल वाहनों के लिए 806 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। 

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रथ यात्रा महोत्सव : दोकडा में झारखंड के मशहूर कलाकारों ने लोक संस्कृति का बिखेरा रंग

*श्री जगन्नाथ

दोकड़ा : श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत मौसी बाड़ी प्रांगण में एक भव्य और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें झारखंड के सुप्रसिद्ध कलाकारों और डांस ग्रुप्स ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा द्वारा आयोजित इस रथ यात्रा महोत्सव में 9 दिनों तक चलने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत यह सांस्कृतिक संध्या विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम की शुरुआत उर्मिला महतो के भावपूर्ण लोक गीतों से हुई, जिन्होंने पारंपरिक नागपुरी धुनों पर भक्तिरस से सराबोर प्रस्तुति दी। इसके बाद नितेश कच्छप की सजीव गायकी ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

चिंता देवी ने अपनी लोकगीतों की प्रस्तुति से संस्कृति की आत्मा को स्वर प्रदान किया, जबकि रूपेश बड़ाइक ने सामाजिक और पारंपरिक विषयों पर आधारित गीतों से लोगों को भावविभोर किया।

मांदर सम्राट हुलास महतो ने अपने मांदर वादन और गायन से समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा प्रांगण तालियों की गूंज से भर उठा।

नृत्य प्रस्तुतियों में भी स्थानीय और बाल कलाकारों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। वंशिका एवं लिटिल स्टार, भीम सुमन ग्रुप, बेबी खुशी डांस ग्रुप, और संगम दिव्या डांस ग्रुप ने पारंपरिक और आधुनिक नृत्य का सुंदर संगम प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक झूमते नजर आए।

इस अवसर पर मौसी बाड़ी परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। मंच पर रंगीन रोशनी, पारंपरिक साज-सज्जा और सांस्कृतिक ध्वनि की गूंज ने वातावरण को भक्तिमय और उल्लासमय बना दिया।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर समिति के सदस्यों ने सभी कलाकारों का स्वागत किया ।

समिति के लोगों ने बताया कि रथ यात्रा के पावन अवसर पर प्रतिदिन विशेष पूजा, कीर्तन, भजन संध्या, झांकी, महाप्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे जनमानस में आस्था और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार हो रहा है।

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सौर ऊर्जा से संवरते सपने:भारी-भरकम बिजली बिल से राहत, अतिरिक्त अनुदान दे रही राज्य सरकार

रायपुर. . प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पूरे देश की तरह बिलासपुर जिले के लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित हो रही है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि महंगाई के इस दौर में भारी-भरकम बिजली बिल से भी राहत मिल रही है। बिलासपुर की अशोक नगर निवासी श्रीमती अंजलि सिंह ने अपनी छत पर तीन किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि इस सोलर प्लांट की कुल लागत एक लाख 85 हजार रुपए आई। इसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए की सब्सिडी भी मिली है।
     
श्रीमती अंजलि सिंह ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने से पहले उसके घर का मासिक बिजली बिल ढाई से तीन हजार रुपए तक आता था। लेकिन अब उसका बिजली बिल आधा हो गया है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच से अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में अब राज्य सरकार भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचा रही है।      
     
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कैबिनेट ने अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में 30 हजार रुपए तक का अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय लिया है। बिलासपुर की श्रीमती अंजलि सिंह ने बताया कि पहले बिजली चले जाने पर दिक्कतें होती थीं, बार-बार शिकायत करनी पड़ती थी। अब इन समस्याओं से छुटकारा मिल गया है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने के दस दिनों के भीतर सेट-अप भी लग गया था। उन्होंने योजना के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि सोलर सिस्टम का रखरखाव बेहद सरल है और इसमें कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आता है। उन्होंने हर व्यक्ति के लिए इसे उपयोगी बताते हुए इस योजना से जुड़ने का सुझाव दिया है।

*सरकार से मिल रही सब्सिडी, वेबसाइट या एप से कर सकते हैं पंजीयन*

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित सोलर रूफ-टॉप संयंत्र विद्युत ग्रिड से नेट मीटरिंग के माध्यम से जोड़ा जाता है। उपभोक्ता अपनी जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन कर ग्रिड को सप्लाई कर सकते हैं, जिससे उनका बिजली बिल शून्य होने के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। योजना के अंतर्गत एक किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 30 हजार रुपए और राज्य सरकार से 15 हजार रुपए यानि कुल 45 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। दो किलो वॉट पर केंद्र सरकार से 60 हजार रुपए और राज्य सरकार से 30 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार से 30 हजार रुपए यानि कुल एक लाख आठ हजार रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाइल एप पर पंजीयन कराकर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लिया जा सकता है।

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जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात का प्रसारण...दिखे उत्साहित

जशपुर :- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रस्तुत 'मन की बात' कार्यक्रम का श्रवण आज जशपुर जिले के विभिन्न बूथों पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं, पार्षदों, बूथ अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र के बूथों में कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम को सुना और संवाद किया।

विधायक रायमुनी भगत ने कहा:
"‘मन की बात’ केवल संवाद नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल है। प्रधानमंत्री जी समाज के हर वर्ग की भावनाओं को स्थान देते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हम सभी ने अपने-अपने बूथों में इसे सुनते हुए संकल्प लिया है कि मोदी जी के विचारों को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।"

पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने अपने उद्बोधन में कहा:
"प्रधानमंत्री जी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम जनता के साथ सरकार का आत्मीय संबंध स्थापित करता है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इसे प्रेरणा के रूप में ले और समाज सेवा को प्राथमिकता दे — यही हमारी पहचान है।"

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा:
"जिले के सभी बूथों पर कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक 'मन की बात' कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम हमारी विचारधारा, सेवा और संगठन के मूल्यों को मजबूती देता है। हम इस अभियान को सतत रूप से बूथ स्तर तक सक्रिय बनाए रखेंगे।"

उक्त जानकारी देते हुए जिला मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि कार्यक्रम पश्चात बूथों में संगोष्ठियों का भी आयोजन हुआ, जिसमें कार्यकर्ताओं ने अपने विचार साझा किए और संगठन की आगामी योजनाओं पर चर्चा की।

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*स्वाभिमान और सुरक्षा का प्रतीक बनी चरण पादुका योजना.....तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मान में ‘चरण पादुका योजना’ का पुनः शुभारंभ – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दुर्ग जिले के जामगांव में महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर ‘चरण पादुका योजना’ का पुनः शुभारंभ किया गया। प्रदेश के 12 लाख 40 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की एक और गारंटी का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहक भाइयों-बहनों के जीवन स्तर को सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। चरण पादुका योजना उन परिश्रमी हाथों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है, जो कठिन परिस्थितियों में वनोपज संग्रहण का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का राज्य की अर्थव्यवस्था, वनोपज आधारित रोजगार और स्थानीय समृद्धि में अमूल्य योगदान है। उनकी मेहनत से ही छत्तीसगढ़ की वनोपज परंपरा जीवंत बनी हुई है और लाखों परिवारों को आजीविका का सहारा मिलता है। ‘चरण पादुका योजना’ हमारे संकल्प पत्र "मोदी की गारंटी" का महत्वपूर्ण वादा था, जिसे हमारी सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया है। यह योजना केवल चरण पादुका वितरण भर नहीं, बल्कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के श्रम और स्वाभिमान का सम्मान है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना के माध्यम से हम तेंदूपत्ता संग्राहकों के उस परिश्रम को नमन कर रहे हैं, जो जंगलों की पगडंडियों से होकर प्रदेश की समृद्धि तक पहुँचता है। सरकार उनके हर सुख-दुख में सहभागी है और उनके जीवन में गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है।

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*मुख्यमंत्री श्री साय से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने की सौजन्य मुलाकात*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती ठाकुर के साथ प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के संकल्प के तहत विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित बीजापुर, सुकमा, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में नियद नेल्लानार योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 159 आंगनबाड़ी केंद्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। यह पहल उन दुर्गम क्षेत्रों में शासन की योजनाओं को सीधे अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी अवगत कराया कि महतारी वंदन योजना अंतर्गत मार्च 2024 से जून 2025 की अवधि में 70 लाख से अधिक महिलाओं को ₹10,431.30 करोड़ की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत आधार मिला है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती ठाकुर को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुलाकात के दौरान प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।

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फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल को साकार करने की दिशा में सरकार की ऐतिहासिक पहल....मुख्यमंत्री ने आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई और केन्द्रीय भंडार गृह परिसर का किया लोकार्पण

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा के अंतर्गत ग्राम जामगांव (एम) में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा निर्मित आधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई एवं केन्द्रीय भंडार गृह परिसर तथा स्प्रेयर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अंतर्गत निर्मित हर्बल एक्सट्रेक्शन इकाई का लोकार्पण किया।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि   प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। हमारी सरकार डेढ़ वर्षों से लगातार विकास की दिशा में अग्रसर है। तीन करोड़ जनता से किए गए वचनों को हम प्राथमिकता से पूरा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  तीन नई हर्बल इकाइयों से लगभग दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो हमारे लिए सौभाग्य का विषय है। आयुर्वेदिक औषधियों की कच्ची सामग्रियां जंगलों से एकत्र कर संयंत्रों तक पहुंचाई जाएंगी, जिससे वनवासियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है और आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुर्वेदिक केंद्र के रूप में स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए सरकार ने संग्रहण दर 4,500 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी है, जिससे लगभग 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही पूर्ववर्ती सरकार में बंद की गई ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत आज पांच हितग्राही महिलाओं को चरण पादुका वितरित की गईं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण करना चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही माँ के प्रति सम्मान भाव भी बना रहेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 44.10 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र है, जिससे वनोपज की बहुलता है। यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है। इसके प्रारंभ से वनोपज का संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन सुगम होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का वनोपज अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 67 प्रकार की वनोपज का संग्रहण किया जाता है, जिससे 13 लाख 40 हजार वनवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। श्री कश्यप ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है।

महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुर्वेदिक औषधियों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोकार्पण से पूर्व प्रसंस्करण इकाई परिसर में आंवला का पौधा रोपित किया। इसके साथ ही वन मंत्री श्री कश्यप ने सीताफल का पौधा, सांसद श्री विजय बघेल ने बेल तथा महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने भी सीताफल का पौधा रोपित किया।

उल्लेखनीय है कि आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़कर ‘फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल’ को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। 27.87 एकड़ क्षेत्र में 36.47 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह इकाई प्रतिवर्ष 50 करोड़ रुपए मूल्य के उत्पाद तैयार करेगी। यहां प्रदेश के वनों से प्राप्त औषधीय और लघु वनोपज – जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्मित होंगे। यह इकाई ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र बनेगी।

परियोजना के अंतर्गत 2,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार मिलेगा। वहीं युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खुलेंगे। इकाई में आधुनिक वेयरहाउस की 20,000 मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है, जिससे मौसमी वनोपजों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करती है। यह न केवल वन उत्पादों के स्थानीय मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशिता को भी सशक्त बनाती है।

*मुख्यमंत्री श्री साय की दिखी संवेदनशीलता: अपने हाथों से पहनाई चरणपादुका*

इस अवसर पर मानवीय संवेदनशीलता और सम्मान का अनूठा दृश्य भी देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम बढ़भुम (जिला बालोद) की हितग्राही श्रीमती शकुंतला कुरैटी को स्नेहपूर्वक अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई।मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से प्रेरित होकर वन मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने भी हितग्राहियों – श्रीमती वैजयंती कुरैटी, श्रीमती निर्मला उईके, श्रीमती ललिता उईके तथा श्रीमती अघनतीन उसेंडी को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई। 

इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, विधायकगण श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, श्री सम्पत लाल अग्रवाल, श्री ललित चन्द्राकर, श्री गजेन्द्र यादव एवं श्री रिकेश सेन, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व विधायक श्री दया राम साहू, महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल कुमार साहू एवं संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री एस. मणिकासगन उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री ने मोदी की सुनी  मन की बात' : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचारों ने बढ़ाया उत्साह, छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव की अपील – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना और इसे प्रेरणादायी बताया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जन-भागीदारी और सकारात्मक प्रयासों की चर्चा करते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित लोगों को पहचान और सम्मान मिलता है।
            मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी के साथ स्वास्थ्य और प्रकृति की रक्षा के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उपयोगी जानकारियां साझा की। प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रहे नवाचारों के बारे में बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवन में छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह दृष्टिकोण हम सभी को प्रेरित करता है और यदि हम नियमित रूप से छोटे लेकिन सार्थक कदम उठाएं, तो समाज और देश में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है। 

        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री देश की छोटी-छोटी से लेकर बड़ी उपलब्धियों पर भी अपनी बात साझा करते हैं और उसकी सराहना करते हैं। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग दिवस की भव्यता, पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि, 1975 के आपातकाल और भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वियतनाम यात्रा और भारत के ट्रेकोमा मुक्त होने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत हम सभी का संकल्प है और राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए छत्तीसगढ़ हर मोर्चे पर दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा है।

  इस अवसर पर निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज,  केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर, कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री प्रबोध मिंज, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री  दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैंकरा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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*निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य भेंट*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशनंद गिरि जी महाराज के साथ विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास श्रीमती सावित्री ठाकुर, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैंकरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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