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*वाणिज्यिक कर विभाग में पारदर्शिता और सुधार की नई पहल : वर्षों बाद हुए व्यापक तबादले*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की गुड गवर्नेंस नीति के अनुरूप सभी विभागों में शासकीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहितकारी बनाने की दिशा में अनेक पहल की जा रही है। इसी क्रम में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग में वर्षों बाद बड़े पैमाने पर तबादले किये गये हैं। इससे पहले विगत दो-तीन वर्षों में विभाग में एकाध बार ही सीमित संख्या में (केवल 10-15 अधिकारियों के) ही तबादले हुए थे। जीएसटी विभाग के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी एक ही पदस्थापना स्थल पर लंबे समय से कार्यरत थे। कुछ अधिकारी तो लगातार 18 वर्षों तक एक ही स्थान पर पदस्थ थे। यह स्थिति विभाग के कार्य निष्पादन और कर संग्रहण में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता की भावना को बाधित करती है।

विभाग में स्वीकृत 35 राज्य कर उपायुक्त पदों में से 17 अधिकारियों को पदोन्नति उपरांत नवीन पदस्थापना प्रदान की गई। शेष 8 उपायुक्तों में 3 अधिकारी पिछले 10 वर्षों से, 2 अधिकारी 8 वर्षों से तथा 3 अधिकारी 4-5 वर्षों से रायपुर में पदस्थ थे। इसके अतिरिक्त 8 उपायुक्त तथा 4 सहायक आयुक्त 5 वर्षों से अपने गृह जिले में ही कार्यरत थे।
178 राज्य कर अधिकारी/राज्य कर निरीक्षक भी पिछले 4-5 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ थे, जिनमें से 34 राज्य कर  अधिकारी एवं 45 राज्य कर निरीक्षक लगातार 5 वर्षों से अपने गृह जिले में ही नियुक्त थे। टैक्स कलेक्शन विभाग होने के कारण इतनी लंबी अवधि तक एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने से व्यापारिक संस्थाओं से व्यक्तिगत संबंध विकसित होने की संभावना बढ़ती है, जिससे कामकाज पर असर पड़ता है।

वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस स्थिति में आवश्यक सुधार करते हुए राज्य में कर प्रशासन के विकेन्द्रीकरण और सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं। पूर्व में विभाग के वृत्तों की संख्या  30 होते हुए भी विभागीय कार्यालय महज 15 जिलों में ही सीमित थे, जबकि राज्य सरकार के सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय सभी  जिलों में है। इसे कमी को दूर करते हुए  पहली बार दंतेवाड़ा, कोंडागांव, जशपुर और नवगठित जिले सक्ती एवं सारंगढ़ में वृत्त स्थापित कर वहां अधिकारियों की पदस्थापना सुनिश्चित की गई है।

राजस्व संग्रहण को सशक्त बनाने के लिये विभाग में बीआईयू एवं ऑडिट यूनिट का गठन कर उनमें अधिकारियों की तैनाती की गई है। इतने बड़े पैमाने पर तबादलों के बावजूद मानवीय संवेदनाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। विशेषकर पति-पत्नी दोनों अधिकारियों की पदस्थापना एक ही जिले में सुनिश्चित की गई है तथा महिला अधिकारियों को यथासंभव निकटवर्ती जिलों में ही स्थानांतरित किया गया है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा की राज्य सरकार आगामी समय में भी सभी विभागों में ईमानदार, पारदर्शी और निष्ठावान कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिये निरंतर कदम उठाती रहेगी।

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*तपकरा को मिली नई पहचान: मुख्यमंत्री श्री साय ने तहसील कार्यालय का किया शुभारंभ, नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के तपकरा में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी कार्यालय का शुभारंभ किया। विदित हो कि 14 जनवरी को जशपुर जिले के प्रवास पर मुख्यमंत्री ने तपकरा को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा की थी। तहसील बनने से इसका लाभ 33 ग्रामों के किसानों, छात्रों और नागरिकों को मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने तपकरा को नगर पंचायत बनाने, तपकरा स्थित खेल स्टेडियम के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत करने और फरसाबहार में विश्राम गृह निर्माण करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार विकास के हर मोर्चे पर मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। महिलाओं को सशक्त बनाने महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य प्रति मानक बोरा 5,500 रुपए किया गया है। गांव में ही बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं।आगामी पंचायत दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में इसे शुरू करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों के तहत नवाचारों का बेहतर उपयोग कर पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाया गया है। 

कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि यहां तहसील कार्यालय खुलने से किसानों, भूस्वामियों, छात्रों और नागरिकों को विशेष सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि एसडीएम फरसाबहार का लिंक कोर्ट भी आगामी सोमवार से प्रारंभ हो जाएगा।

विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री भरत साय, श्री रोहित साय, आईजी श्री दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, तपकरा सरपंच श्रीमती सविता जायसवाल सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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*प्रदेश में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: बिलासपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी आधुनिक एजुकेशन सिटी – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में बिलासपुर शहर को एक आधुनिक एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर बिलासपुर में एजुकेशनल सिटी की अवधारणा विकसित की गई है। इस परियोजना के लिए बिलासपुर नगर पालिक निगम की लगभग 13 एकड़ भूमि का उपयोग प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बिलासपुर एजुकेशनल सिटी में नालंदा परिसर की स्थापना की जाएगी, जहां 500 छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर फिजिकल एवं डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही तीन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें कुल 48 हॉल सेटअप ( 1 सेटअप में 1 हॉल, 2 कक्ष और 1 टॉयलेट) तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था में एक साथ 4,800 विद्यार्थियों के कोचिंग क्लास अटेंड करने की सुविधा रहेगी।

छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए 700 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, बाहर से आने वाले लगभग 1000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल फैसिलिटी भी निर्मित की जाएगी।

खेलकूद और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एजुकेशनल सिटी में एस्ट्रोटर्फ खेल मैदान तथा सुंदर गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही, वाहनों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि आने-जाने में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये होगी और इसके निर्माण कार्य की कार्य योजना नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, जिससे बिलासपुर एजुकेशनल सिटी प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के पश्चात बिलासपुर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बिलासपुर में एसईसीएल का मुख्यालय और रेलवे का डीआरएम कार्यालय भी स्थित है, जिससे यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, दो विश्वविद्यालय, आठ महाविद्यालय, लोक सेवा आयोग, व्यापम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले करीब 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रदेश के 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में स्थान देती है। हमारी यह अटल प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों, उन्नत अधोसंरचना और प्रेरक वातावरण में अपनी क्षमताओं को संवार सके और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।

बिलासपुर एजुकेशन सिटी का निर्माण इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह न सिर्फ बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का एजुकेशनल हब बनाएगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं को उच्चस्तरीय सुविधाओं में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देगा।

नालंदा परिसर, बहुमंजिला कोचिंग भवन, डिजिटल और फिजिकल लाइब्रेरी, हॉस्टल, ऑडिटोरियम, खेल मैदान और ग्रीन जोन – ये सभी सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को समर्पित होंगी।

मुझे विश्वास है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी और हमारे युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।

      – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

  

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मुख्यमंत्री ने सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लाक कार्यक्रम का किया शुभारंभ......50 प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए सम्पर्क स्मार्ट किट वितरण किए


जशपुरनगर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कांसाबेल विकास खंड के बगिया हाई स्कूल में सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लाक कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जशपुर के 50 प्राथमिक स्कूली बच्चों के लिए सम्पर्क स्मार्ट कीट और टीवी का भी वितरण किया गया।
       इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कांसाबेल जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, भरत सिंह, उपेन्द्र यादव, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह और सम्पर्क फाउंडेशन के नेशनल मैनेजर प्रदीप राणा, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे और शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
      मुख्यमंत्री ने कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज बहुत खुशी हो रही है कि हमारे गृह ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल की शुरुआत की गई है।
         मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए भावुक हो गए और इस बात की खुशी जाहिर की उनके गृह ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म बगिया गांव में हुआ प्राथमिक शिक्षा पहली से पांचवीं तक बगिया प्राथमिक स्कूल में पढ़ाई पूरी की मुख्यमंत्री ने बताया कि 50 साल पहले बगिया स्कूल खपरैल का रहता था। पानी टपकता था पानी टपकने के कारण जगह बदलना पड़ता था लेकिन आज 50 साल बाद बगिया स्कूल का कायाकल्प हो गया है वर्तमान में हाईस्कूल संचालित हो रहा है। 50 वर्षों में बगिया का कितना विकास हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले जमाने में प्राथमिक स्कूलों के बाद हाईस्कूल पढ़ने के लिए लम्बी दूरी करनी पड़ती थी लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा की सुविधा बच्चों को दी जा रही है।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही एक मात्र मूल मंत्र है जिससे व्यक्ति का विकास संभव है। शिक्षक हमारे राष्ट्र के निर्माता होते हैं यही हमें अच्छा डाक्टर, इंजीनियर,वकील, वैज्ञानिक, प्रोसेसर बनाने अहम भूमिका निभा रहे हैं। जैसी मुझे जानकारी मिली है कि संपर्क फाउन्डेशन के संस्थापक अध्यक्ष विनीत नायर जी HCL Technologies के CEO रहे हैं। उन्होंने उनकी मां जनक नायर जो सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी से प्रेरणा पाकर संपर्क कार्यकम का प्रारंभकिया गया है जो कि उतरप्रदेश, हरियाणा राज्यस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड जैसे राज्यों में बच्चों के सिखने सिखाने में बहुमूल्य योगदान दिया जा रहा है। सम्पर्क फाउडेशन खेल-खेल के माध्यम से बच्चों को सीखना सिखाना असान कर रहा है। इसके लिए संम्पर्क फाउडेशन के द्वारा संम्पर्क टी.वी. डिवाइस एवं गणित किट अंग्रेजी किट प्रदान किया जाता है जो आज हमारे जिले के 50 विद्यालयों को वितरण किया जा रहा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि विद्यालयों में इन किट का भरपूर उपयोग किया जाएगा जिससे हमारे बच्चों का न केवल झिझक दूर होगा बल्कि हमारे बच्चों को सीखना सिखाना भी असान हो जायेगा। अतः आप सभी प्रधान पाठक इन सब संसाधनों के उपयोग को सही क्रम और सही ढंग से समझें और बच्चों को आगे बढाएं।
        कलेक्टर ने अवगत कराया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जशपुर जिले के 15 विद्यार्थियों ने 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप 10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर संपूर्ण राज्य में अपना परचम लहराया । कक्षा 10वीं के 94 प्रतिशत विद्यार्थी एवं 12वीं के 94 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर राज्य में सर्वाधिक उत्तीर्णता प्रतिशत वाला जिला रहा है। उच्च शिक्षा के साथ साथ प्राथमिक स्तर पर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 5वीं में 99.5 प्रतिशत एवं 8वीं में 97.3 प्रतिशत के साथ राज्य स्तर पर अपनी विशेष छाप छोडी है।
         जिले में शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन में विभाग के द्वारा जिला स्तर पर समस्त प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यों के उन्मुखीकरण का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए इसरो आईआईटी एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से टाईअप करते हुए कई कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है, प्रतिदिवस शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऐप के माध्यम से उपस्थिति ली जा रही है, दैनंदिनी की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है एवं वर्तमान में जिले के समस्त विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था सुधार हेतु युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही सम्पन्न की गई है।
     इसी क्रम में जिले के 50 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफ एल एन ) हेतु संपर्क फाउन्डेशन के माध्यम से एफ. एल. एन. किट का वितरण किया जा रहा है जो जिले के शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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*मुख्यमंत्री ने एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का किया वर्चुअली शुभारंभ.....जशपुर के कृषि विकास के इतिहास में आज का दिन साबित होगा मील का पत्थर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*

जशपुरनगर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअली शुभारंभ किया। जिला पंचायत में दो दिनों तक चलने वाली इस आयोजन में  देश की कई बड़ी कृषि कंपनियां जैसे-जियो मार्ट रिटेल, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म, आत्माकुर, धरागरी, अवनी आयुर्वेदा इत्यादि उपस्थित रहेंगे। जिनसे जिले के किसान एफपीओ के माध्यम से अपने उपज का उचित मूल्य प्राप्त होने पर फसल विक्रय एग्रीमेंट कर सकेंगे तथा बिचौलिया प्रथा समाप्त होने से किसानों को अपने उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा।
     इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर के कृषि विकास के इतिहास में आज का दिन मील का पत्थर साबित होने वाला है। जिला प्रशासन के अभिनव प्रयास से ‘कृषि क्रांति’ अभियान की शुरूआत हो रही है। हमारा देश कृषि प्रधान है। छत्तीसगढ़ में लगभग 80 प्रतिशत लोग कृषि और कृषि संबंधी कार्यों से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। हमारी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है। चाहे वह समर्थन मूल्य पर 3100 रूपये प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी हो, समर्थन मूल्य पर वनोपज का संग्रहण हो, या प्रोसेसिंग और निर्यात से जुड़ी योजनाएं हों। जशपुर में कटहल, आम, लीची, नाशपाती बहुतायत में होती है। यहां पर सेव की भी फसल होने लगी है।इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और खरीदार कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। यह एक ऐसा मंच है जहाँ से एफ.पी.ओ. (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से किसानों की उपज को सीधा बाजार मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा। 
          मुख्यमंत्री ने सॉइल हेल्थ कार्ड  के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि इससे किस जमीन पर क्या उत्पादन ज्यादा होगा और कितना खाद की जरूरत होगी इसके लिए केंद्र से आए कृषि वैज्ञानिक  पूरे राज्य में जाकर सॉइल हेल्थ के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। राज्य में  कृषि के साथ पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।  डेयरी विकास योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित 6 जिलों में जशपुर भी शामिल है। 
         रायगढ़ से वर्चुअली जुड़े सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि  जशपुर जिला का प्राकृतिक वातावरण आकर्षित करने वाला है। जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण किया जाना चाहिए इससे किसानों को लाभ मिलेगा और उनकी आमदनी में इजाफा होगा। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिला नवाचार को तेजी से अपना रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और कंपनियों के बीच सीधा अनुबंध होगा और उन्हें लाभ मिलेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने अपने संबोधन में कहा कि जिले में  व्यस्थित तरीके से खेती और प्रबंधन किया जाय तो किसानों को निश्चिंत रूप से लाभ मिलेगा। जशपुर आम, मिर्च, नाशपाती में अग्रणी है। उन्होंने धान के साथ दलहन और तिलहन की खेती किए जाने के लिए विषय प्रयास लिए जाने पर जोर दिया।
          कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने  एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के महत्व और इनसे कृषकों को होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़े जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने एक वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से सम्मेलन में तहत होने वाले नवाचार और विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया। इस दौरान आईजी श्री दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह बगिया से और जिला पंचायत में वर्चुअली तौर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत सहित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

*एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में मिलेगी उन्नत तकनीकों की जानकारी*

   सम्मेलन के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीक की जानकारी देने के उद्देश्य से नाबार्ड एवं एपेडा जैसे संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित होकर एग्रीकल्चर मार्केटिंग, जैव उत्पादों का प्रमाणीकरण इत्यादि विषयों पर किसानों को जानकारी देंगे। राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक फसल किस्मों का जीआई टैग, कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के वैज्ञानिक पद्धति से खेती तथा रेशम विशेषज्ञों द्वारा किसानों को रेशम पालन की जानकारी दी जायेगी साथ ही कम्पनी एवं किसान के मध्य कान्ट्रैक्ट फार्मिंग विषय पर चर्चा का आयोजन किया गया है जिसमें कम्पनी एवं कृषकों के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर किया जावेगा।
    कार्यक्रम में फसल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है जिसमें जिले के एफपीओ से जुडे किसान एवं प्रगतिशील किसान अपने फसल जैसे जैविक धान, कुटकी, रागी, नाशपाती, लीची, रामतिल, टाऊ, मिर्च, सुगंधीत धान इत्यादि का किस्मवार गुणवत्ता का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम अंतर्गत आम एवं नाशपाती तथा नवाचार प्रतियोगिता आयोजन किया गया है। विजेता किसान को पुरस्कार राशि का भेंट कर अगामी समय में नवाचार एवं उन्नतशील खेती करने प्रोत्साहित किया जाएगा।

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नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: 41 हजार रुपए के प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल के साथ आरोपी मनीष को पुलिस ने नाकाबंदी कर धर दबोचा.....भेजा जेंल

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुखबीर से पुख़्ता सूचना मिली थी कि ग्राम कोटिया की ओर से एक व्यक्ति , मोटर साइकल क्रमांक CG14 MN 8387 से ग्राम करमा की ओर जा रहा है, उसका नाम मनीष नेगी, निवासी  ग्राम कुरकुंगा थाना नारायणपुर है, वह अपने पास प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल SPASMO PROXYVON PIUS को , बिक्री हेतु  रखा है।
         जिस पर सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर तत्काल थाना नारायणपुर पुलिस के द्वारा ग्राम कोटिया के पास नाकाबंदी कर, संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी, कि इसी दौरान संदेही मोटर साइकल आता दिखाई देने पर पुलिस के द्वारा उक्त मोटर साइकल को, घेराबंदी कर रोका गया, पूछताछ पर संदेही ने अपना नाम मनीष नेगी , उम्र 19 वर्ष बताया,पुलिस के द्वारा जब संदेही मनीष नेगी की चेकिंग की गई, तो उसकी जेब से, प्लास्टिक पॉलीथिन में लिपटा हुआ, 12 पत्ता में 90 नग प्रतिबंधित SPASMO PROXYVON PIUS कैप्सूल मिला, पुलिस के द्वारा जब प्रतिबंधित कैप्सूल रखने के संबंध में दस्तावेजों की मांग की गई तो, उसके द्वारा कोई दस्तावेज नहीं पेश किया जा सका। जिस पर पुलिस के द्वारा आरोपी मनीष नेगी के कब्जे से प्रतिबंधित  सभी प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल SPASMO PROXYVON PIUS व तस्करी में प्रयुक्त मोटर साइकल को जप्त करते हुए हिरासत में लिया गया।
आरोपी मनीष नेगी उम्र 19 वर्ष निवासी कुरकुंगा, थाना नारायणपुर के विरुद्ध थाना में प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल रखने व बिक्री करने पर,21(बी) एन डी पी एस एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।
   पुलिस की पूछताछ पर आरोपी मनीष नेगी के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
 मामले की कार्यवाही व आरोपी की प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल सहित गिरफ्तारी में थाना प्रभारी नारायणपुर निरीक्षक श्री आर एस पैंकरा, प्रधान आरक्षक अजय कुजूर, आरक्षक मनोज एक्का, नगर सैनिक ओम प्रकाश यादव व अमित तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
  मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन आघात के तहत् नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी है, प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। नशे के कारोबार में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा। ऑपरेशन आघात जारी रहेगा।

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विधायक श्रीमती गोमती साय का मायका पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी स्वर्गीय माता को अर्पित की विनम्र श्रद्धांजलि

जशपुरनगर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज  विधायक श्रीमती गोमती साय के मायका ग्राम कोकियाखार, विकासखंड पत्थलगांव पहुंचे और उनकी माता स्वर्गीय श्रीमती बसंती पैंकरा के निधन के 13वें दिन आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने स्वर्गीय श्रीमती बसंती पैंकरा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शोक-संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की।

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दोकड़ा के भव्य रथयात्रा में मुख्यमंत्री के साथ उमड़ा जनसैलाब.....स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना के साथ विकास के कार्यों पर दिया जा रहा है जोर - मुख्यमंत्री 

नारायणपुर : मुख्यमंत्री श्री साय ग्राम दोकडा में भव्य रथयात्रा में अपनी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ शामिल हुए
 
मुख्यमंत्री ने सभी को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी के पूर्व 1942 में दोकड़ा में सुदर्शन सतपथी एवं सुशीला सतपथी द्वारा रथयात्रा की शुरुआत हुई थी। 1968 में मंदिर का भी निर्माण हुआ था। बचपन में हम इस मंदिर में बगिया से पैदल चलकर रथ यात्रा देखने आया करते थे। समय के साथ यह मंदिर जीर्ण अवस्था में आ गया था, जिसका यहां के भक्तों की सहायता से पुनः निर्माण कर भव्य मंदिर बनाया गया है। मंदिर के पुनः निर्माण के बाद यह पहली बार है जब रथ यात्रा का आयोजन हुआ है। जिसमें शामिल होने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ जिसके लिए मैं आभारी हूँ।

      
उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ के पूरी धाम एवं रथ यात्रा की महिमा सभी को बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि आज भी यहां के गरियाबंद जिले के देवभोग में उत्पादित चावल से ही पूरी में श्री जगन्नाथ भगवान को महाप्रसाद के रूप में भोग लगाया जाता है।
       उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भगवान जगन्नाथ की कृपा से शासन द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किये गए वादों को पूरा करने का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत सरकार बनने के साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवासहीनों को आवास प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिलासपुर से 3 लाख लोगों को गृह प्रवेश कराया गया था। आवास निर्माण की गति इतनी तीव्र है कि बाजार में घर बनाने वाले मिस्त्रियों एवं सेंट्रिग प्लेट का समय समय पर आभाव हो जाता है। उन्होंने कहा कि आवास 2.0 प्लस सर्वे के तहत अधिक हितग्राहियों को लाभ देने के लिए पात्रता में छूट प्रदान की जा रही है जिसमें 5 एकड़ असिंचित एवं 2.5 एकड़ सिंचित भूमि धारकों को भी अब आवास हेतु पात्र किया गया है।*
          *शासन द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले लोगों के लिए चरण पादुका योजना पुनः प्रारम्भ की है जिससे ग्रामीण अंचल के लोगों को लाभ प्राप्त होगा। राज्य में महानदी एवं इंद्रावती नदियों को जोड़कर किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था हेतु परियोजना निर्माण किया जा रहा है। बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान तीव्र कर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया गया है। राज्य के 14 सौ से अधिक ग्रामों में सभी सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए अटल सुविधा केंद्र का निर्माण किया जा रहा है इस योजना को एक वर्ष में सभी ग्रामों में लागू कर लोगों को डिजिटल भुगतान से लेकर सभी सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य में डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी की सहायता से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए उत्तम किस्म के दुधारू पशु वितरण की का कार्य प्रारम्भ किया गया है। रेलवे लाइनों के विस्तार के लिए भी शासन द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। जशपुर के युवाओं को बेहतर उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए जिले में मेडिकल, फिजियोथैरेपी, नर्सिंग, उद्यानिकी, कृषि महाविद्यालय जिले में खोले जा रहे हैं।*
मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती कौशल्या ने सभी को रथयात्रा की शुभकामनाएं दी और सभी को धर्म कर्म से जुड़कर लोगों की भलाई के लिए कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अच्छा कर्म का अच्छा फल मिलता है कर्म करते जाएं फल की चिंता न करें उन्होंने दोकड़ा ग्रामवासियों को भव्य रथयात्रा के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कृष्ण कुमार राय, भरत साय ,आकाश गुप्ता, टंकेश्वर यादव ,सुनील गुप्ता, पुरूषोत्तम सिंह ठाकुर, रोहित कुमार साय , सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह आम नागरिक बड़ी संख्या उपस्थित थे।

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नारायणपुर में जय जगन्नाथ के उद्घोष के निकली महाप्रभु की रथयात्रा...भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने निवास से गुंडिचा मंदिर के लिए नौ दिवसीय प्रवास पर निकले.....भारी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

नारायणपुर :- आज नारायणपुर में रथ यात्रा का भव्य आयोजन हुआ  जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को रथ में विराजमान करके गांव भ्रमण कराया गया, 

      नारायणपुर में रथ यात्रा का आयोजन, जो कि एक महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव है, में आज भारी भीड़ देखी गई। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को पारंपरिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच रथ में विराजित किया गया। भगवान महाप्रभु श्री जगन्नाथ बलभद्र,माता सुभद्रा की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा गणेश मंदिर से शुरू होकर गांव के जयस्तम्भ चौक से अटल चौक तक परिक्रमा कर  शिव मंदिर में संपन्न हुई। इसी मंदिर में महाप्रभु 9 दिनों तक विराजमान रहेंगे।

   इस रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। बच्चे-बूढ़े महिलाएं सभी इस उत्सव में भाग लेते हुए जय जगन्नाथ के उद्घोष के बीच रथ की रस्सी खींचते नजर आए।  यहां गांव में जगह जगह सभी लोगों ने भगवान जगन्नाथ के रथ के अंदर रखी प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना कर उनसे अपने-अपने परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया

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दोकडा में श्री जगन्नाथ महाप्रभु की निकली भव्य रथ यात्रा,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निभाई गजपति महाराजा की भूमिका.....

जशपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने ज़िले के ऐतिहासिक व प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथ यात्रा में शामिल हुए रथयात्रा में 
 भव्यता व श्रद्धा के साथ किया गया भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को हजारों श्रद्धालु रस्सी खींचकर दोकड़ा का भ्रमण कराया गया भक्तों ने उत्साह के साथ रथयात्रा में शामिल हुए।

इस वर्ष की रथ यात्रा में एक विशेष आकर्षण रहा  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं गजपति महाराजा की परंपरागत भूमिका निभाई उनके साथ धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी शामिल थी 
यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया गया 

1942 से हो रही रथ यात्रा, सतपथी दंपति ने रखी थी परंपरा की नींव

बताया जाता है कि रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा में सन् 1942 में हुई थी। इसकी नींव स्व. सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व. सुशीला सतपथी ने रखी थी। तब से लेकर आज तक यह परंपरा निर्विघ्न रूप से जारी है और अब यह आयोजन एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है।

ओडिशा के कीर्तन मंडलियों और झांकियों से सजेगा आयोजन

रथ यात्रा के अवसर पर ओडिशा से विशेष रूप से आमंत्रित कीर्तन मंडलियां भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगी। साथ ही अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक झांकियां भी यात्रा में शामिल होंगी, जो भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएंगी।

नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक पर्व, होंगे विविध कार्यक्रम

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के लोगों ने बताया कि रथ यात्रा महापर्व केवल एक दिन का नहीं होगा, बल्कि पूरा नौ दिन तक चलने वाला महोत्सव होगा। इस दौरान मंदिर परिसर एवं दोकड़ा गांव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल व युवा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा मेला

रथ यात्रा के दौरान दोकड़ा में विशाल मेला का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु भाग लेंगे। मेला में मनोरंजन, खानपान, झूले, हस्तशिल्प की दुकानों आदि की भरमार रहेगी।

यह रथ यात्रा ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह दोकड़ा गांव की संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गई है। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव का हिस्सा बनें।

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छत्तीसगढ़ में रेल क्रांति : आने वाले पांच साल तक रेल नेटवर्क हो जाएगा डबल,47 हजार करोड़ रूपए की रेल विकास परियोजनाएं प्रगति पर 


 

32 अमृत भारत स्टेशन में होंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

नई रेल परियोजनाओं का सर्वे अंतिम चरण में

रेल सुविधाओं के साथ ही पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार की बढेंगी संभावनाएं

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को पूरा करने और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए नई-नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल रही है। वर्ष 1853 से लेकर 2014 तक 161 साल में छत्तीसगढ़ में केवल 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से वर्ष 2030 तक प्रदेश में रेल नेटवर्क दोगुना बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर हो जाएगा। 

केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में छत्तीसगढ़ को 6925 करोड़ रूपए राशि आबंटित की गई है। वर्तमान में केन्द्र सरकार की मदद से छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल विकास परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। राज्य को दो नई वंदे भारत ट्रेन रायपुर-विशाखापटनम और रायपुर-नागपुर की सौगात मिली है। इसके अलावा राज्य सरकार ने मेट्रो ट्रेन के लिए सर्वे कराने का भी निर्णय लिया है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में जोनल कार्यालय को मंजूरी दी गई थी। 

छत्तीसगढ़ को नई और प्रगतिरत रेल परियोजना के पूर्ण होेने से राज्य में रेल सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के साथ ही यहां पर्यटन, व्यापार, उद्योग के साथ-साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इन रेल परियोजनाओं से सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।   

*वर्ल्ड क्लास रेल्वे स्टेशन* 

छत्तीसगढ़ राज्य के 32 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त, विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित बनाए जा रहे हैं। हाल में ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना के तहत राज्य के 5 पुनर्विकसित अंबिकापुर, उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर एवं डोंगरढ़ स्टेशनों का लोकार्पण किया गया है। 
अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना में लगभग 1680 करोड़ रूपए की लागत से 32 रेल्वे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें तीन प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर (लागत 435 करोड़), रायपुर (लागत-463 करोड़) एवं दुर्ग स्टेशन (लागत-456 करोड़) का व्यापक पुनर्विकास भी शामिल है। अमृत भारत स्टेशन के अंतर्गत भाटापारा, भिलाई पावर हाउस, तिल्दा नेवरा, बिल्हा, बालोद, दल्लीराजहरा, हथबंद, सरोना, मरोदा, मंदिरहसौद, निपानिया, भिलाई नगर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, बाराद्वार, चाम्पा, नैला, जांजगीर, अकलतरा, कोरबा, उसलापुर, पेंड्रा रोड, बैकुंठपुर रोड, बिलासपुर, महासमुंद, जगदलपुर के स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।  

*प्रगतिरत रेल परियोजनाएं* 

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से स्वीकृत रेल परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार है-  राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन लम्बाई 228 किमी, छत्तीसगढ़ में 48 किमी, लागत 3544.25 करोड़, बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन, लंबाई-206 किमी, छत्तीसगढ़ में 153 किमी, लागत 2135.34 करोड़, खरसिया-धरमजयगढ़ नई रेललाइन, लंबाई-162.5 किमी, लागत 3438.39 करोड़, गौरेला-पेंड्रा रोड-गेवरा रोड परियोजना, लंबाई 156.81 किमी, लागत 4970.11 करोड़, केन्द्री-धमतरी एवं अभनपुर-राजिम आमान परिवर्तन, लंबाई-67.20 किमी, लागत- 544 करोड़, बोरिडांड-अम्बिकापुर दोहरीकरण, लंबाई 80 किमी, लागत-776 करोड़, चिरमिरी-नागपुर न्यू हॉल्ट लाइन, लंबाई-17 किमी, लागत-622.34 करोड़ रूपए शाामिल हैं। 

*बस्तर अंचल में नई स्वीकृत रेल परियोजनाएं*

भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

रावघाट-जगदलपुर रेललाइन की मंजूरी से बस्तर अंचल में यात्रा, पर्यटन, व्यापार और रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ेंगी। यह रेल परियोजना नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। बस्तर में केके रेल लाईन (कोत्तवलसा से किंरदुल) दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। 446 किलोमीटर लम्बाई के रेल लाईन का 170 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में है। छत्तीसगढ़ में इस रेल लाईन का 148 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है।

*सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर भी रेल नेटवर्क में*

कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल तक प्रस्तावित 160.33 किमी लंबी नई रेललाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे कार्य को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सर्वे अब अंतिम चरण में है। इस प्रस्तावित रेललाइन का 138.51 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर से होकर गुजरेगा, जो अब तक रेल कनेक्टिविटी से वंचित रहे हैं। यह परियोजना न केवल आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि इन जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

*नई रेल परियोजनाओं का सर्वे अंतिम चरण में* 

छत्तीसगढ़ में अम्बिकापुर-बरवाडीह 200 किलोमीटर लागत 9718 करोड़, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन 278 किलोमीटर लागत 7854 करोड़, रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन 140 किलोमीटर लागत 3513 करोड़, सरदेगा-भालूमाड़ा नई रेललाइन 37.24 किलोमीटर लागत 1282 करोड़ रूपए और धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा 301 किलोमीटर लागत 16,834 करोड़ रूपए रेल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार हो रहा है। धरमजयगढ़-लोहरदगा और अंबिकापुर-बरवाडीह रेल परियोजना के लिए सर्वेक्षण का काम अंतिम चरण में। 

*छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन की परियोजना* 

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाईन निर्माण के लिए 300 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इस रेल लाईन के बनने से नागपुर-झारसुगुड़ा रेल मार्ग पर चलने वाली माल-गाड़ियों का लोड कम होगा। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति द्वारा छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन को डोंगरगढ़-कबीरधाम-मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग हेतु भू-अर्जन एवं प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

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जिले में पहली बार एग्री -हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन.....कई राज्यों की कंपनियां होंगी शामिल.... मुख्यमंत्री बगिया से वर्चुअल के माध्यम से होंगे शामिल

जशपुरनगर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल 28 जून को एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन में बगिया से ऑनलाइन वर्चुअल के माध्यम से शामिल होंगे। 
       जिले में किसानों के विकास, कृषि- उद्यान एवं रेशम उत्पाद को बढावा देने "कृषि क्रांति" अभियान की शुरूआत जिला प्रशासन की पहल से शुरू की गई है, अभियान अंतर्गत जिला जशपुर में पहली बार क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का दो दिवसीय आयोजन जिला पंचायत जशपुर में किया जा रहा है। 28 तथा 29 जून 2025 तक आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस में क्रेता-विक्रेता परिचय एवं फसल विशेष संग्रहण, संरक्षण, प्रसंस्करण एवं कृषि, उद्यानिकी, रेशम एवं वन उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, मापदण्ड एवं नियमों की जानकारी प्रदान की जाने के साथ फसल प्रदर्शनी का आयोजन की जावेगी, तथा द्वितीय दिवस 29 जून.2025 को विभिन्न राज्यों से आये उद्यमियों को किसान के खड़ी फसलों के भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। सम्मेलन में जिले के प्रगतिशील कृषक, देश के कई राज्यों की उद्यमी, निर्यातक के विशेषज्ञ, लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कई कृषि संबंद्ध कंपनियों से संपर्क किया गया है, जिसमें अधिक से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधी के भाग लेने की संभावना है। जशपुर जिले में जैविक उत्पादों का बहुत बड़ा बाजार है, तथा जंगल में काफी मात्रा में औषधीय, वन उपज उपलब्ध है जिसके साथ ही जिले में अधिक मात्रा में रेशम पालन की जाती है। इस सम्मेलन के माध्यम से जिले के किसानों को अपने उत्पाद को अधिक मूल्य में बेचने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है, तथा किसानों को अपने उत्पाद के वर्तमान स्थिति, चुनौती और बाजार को समझने के साथ भविष्य की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी, किसान एफ.पी.ओ. के माध्यम से उत्पाद संग्रहण कर क्रेता कंपनी को विक्रय करेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। सम्मेलन में नाशपाती, आम फसल कृषकों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जावेगा ।
        यह सम्मेलन किसानों को सशक्त बनाने और बाजार से जोड़ने की पहल है। एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन के तहत जिला पंचायत में सुबह 9 बजे से किसान प्रतियोगिता का आयोजन होगा, जहां जिस किसान के दशहरी, आम्रपाली आम और नाशपाती के 6 फल का औसत सबसे ज्यादा वजन होगा उसे ईनाम दिया जाएगा। इसमें प्रथम पुरस्कार 5 हजार, द्वितीय पुरस्कार 3 हजार और तृतीय पुरस्कार 2 हजार रुपए दिया जाएगा।

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*शाला प्रवेश उत्सव बना बच्चों के लिए खास:- स्कूल में बच्चों को चंदन का तिलक लगाकर किया गया स्वागत, बांटे गए पुस्तक,गणवेश, छाता सहित टाई-बेल्ट*

नारायणपुर : जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड में शासकीय प्राथमिक शाला डीपाटोली में प्रवेश उत्सव बहुत खास तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षा समिति एवं पालकों ने भी लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा। शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शाला समिति अध्यक्ष, पालक समिति अध्यक्ष, पालक एवं पंच गण उपस्थित थे।

नव प्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर, माला पहनाकर एवं  मिठाई खिलाकर किया गया प्रवेश
 सर्वप्रथम मां सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। बच्चों ने‌ अतिथियों का स्वागत माला पहनाकर एवं स्वागत गीत प्रस्तुत करके किया। समस्त अतिथियों और ग्रामीण जनों ने नव प्रवेशी बच्चों को तिलक लगाया और मिठाई खिलाई। नव प्रवेशी बच्चों को पुस्तक एवं साथ में गणवेश प्रदान किया।

शिक्षा समिति अध्यक्ष ने कहा नयी शिक्षा नीति से बच्चों का भविष्य होगा और बेहतर

 मुख्य अतिथि समलेश्वर सिंह ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि, हमें शिक्षकों का सम्मान करते हुए अध्ययन करना चाहिए। जीवन में कुछ पाने के लिए कठोर परिश्रम करनी पड़ती है। शासन के द्वारा बच्चों को प्रधान मंत्री पोषण आहार, पुस्तक, गणवेश दिया जा रहा है, उसका सम्मान और सदुपयोग करना चाहिए। विद्यालय में सिर्फ पढ़ाई-लिखाई ही नहीं होती, बल्कि संस्कार भी दिया जाता है। नयी शिक्षा नीति 2020 का विजन है भारत को एक न्यायसंगत, ज्ञान-आधारित, और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र बनाने का है। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी, बहुआयामी, और छात्रों को 21वीं सदी के लिए तैयार करना है। इसी पर आधारित नवीन पाठ्य-पुस्तकें भी आ गई है। पढ़ाने का तरीका भी बदल गया है बच्चों में बहुआयामी गतिविधियों के साथ शिक्षा देना है। उन्होंने पालकों से निवेदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने बच्चों को नियमित शाला भेजें तथा उनकी स्वच्छता पर ध्यान दें। विद्यालय से लौटने के पश्चात घर में भी पढ़ने हेतु प्रेरित करें।

 समाजसेवी ने बच्चों का अध्ययन निर्बाध गति से चले इसलिए भेंट किया छाता
विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, उन सभी बच्चों को वर्षा से बचने एवं विद्यालय में निरंतरता बनी रहे इसलिए प्रधान पाठक ने समाजसेवी लोगों से संपर्क किया। जिसका परिणाम सुखद था उन्हें बच्चों के लिए छतरी मिले। मिले छतरी का वितरण भी प्रवेश उत्सव के दिन किया।
*प्रधान पाठक ने बच्चों को टाई एवं बेल्ट का किया वितरण*
प्रवेश उत्सव के उपलक्ष्य में प्रधान पाठक ने बच्चों को टाई एवं बेल्ट का वितरण किया। टाई एवं बेल्ट मिलने से बच्चों के चेहरे खिल उठे। 
पालकों ने दिया प्रधान पाठक एवं शिक्षकों को धन्यवाद
पालकों ने कहा कि प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता के विद्यालय में पदस्थापना ने विद्यालय को एक नई दिशा दी है। इनके द्वारा किए गए प्रयास से शाला परिसर सुंदर एवं सुसज्जित हो गया है, चाहे पुष्प वाटिका हो या फिर बागवानी। इनके आने से तथा सहायक शिक्षक महेश तिर्की के संयुक्त प्रयास से विद्यालय निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। इसके साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा दिया जा रहा है तथा बच्चों को खेल एवं योग की शिक्षा दी जा रही है।प्रधान पाठक ने कहा कि नयी शिक्षा नीति के विजन को ध्यान में रखते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हमारी प्राथमिकता

इस अवसर पर प्रधान पाठक ने कहा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास हेतु विभिन्न प्रकार की गतिविधि की जाती है। बच्चों को विषयवस्तु का बेहतर समझ बन सके इस हेतु उनकी मातृभाषा का प्रयोग किया जाता है। शिक्षण कार्य में नवाचारी गतिविधियों को शामिल किया जाता है। अभिव्यक्ति कौशल विकास हेतु प्रत्येक शनिवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जैसे भाषण, वाद-विवाद इत्यादि। बच्चों में सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के विकास हेतु विशेष अवसरों पर नृत्य, संगीत, पारंपरिक खेल का आयोजन किया जाता है।आगे उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है विद्यालय में समृद्ध वातावरण का निर्माण करना ताकि बच्चे सहजता से बेझिझक प्रश्नों को पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत कर सकें। अंत में उन्होंने बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उपस्थित शिक्षा समिति अध्यक्ष, पालकों एवं नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के  ग्राम दोकड़ा आएंगे.....महाप्रभु के रथयात्रा में शामिल हो कर प्रथम सेवक(गजपति) की भूमिका निभाएंगे

दोकडा में भगवान जगन्नाथ,बलभद्र,माता सुभद्रा जी का रथ सज कर तैयार

निरंजन मोहंती

नारायणपुर:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा में हो रहे श्री जगर्ननाथ महाप्रभु के रथ यात्रा में शामिल होने या रहे। 
  प्रत्येक वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि के दिन ओडिशा के पुरी सहित पूरे भारत में यह भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है,भगवान श्री महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा 27 जून दिन शुक्रवार से शुरू हो रही है. इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथों पर सवार होकर नगर के भ्रमण पर निकलते हैं

   रथ यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार है जो ओडिशा और पूरे भारत में मनाया जाता है, इस वर्ष दोकडा की रथ यात्रा में एक विशेष आकर्षण यह रहेगा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं गजपति महाराजा की परंपरागत भूमिका निभाएंगे। उनके साथ धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी शामिल रहेंगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया जाएगा।
   ज्ञात है कि रथ यात्रा में गजपति राजा का यह कार्य धार्मिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है,गजपति राजा भगवान जगन्नाथ के प्रथम सेवक माने जाते हैं और उनका मुख्य उद्देश्य रथयात्रा के दौरान "छेरा पहरा" नामक अनुष्ठान करना होता है। "छेरा पहरा" में, गजपति राजा  झाड़ू से रथों को साफ करते हैं।छेरा पहरा भगवान के प्रति भक्ति और विनम्रता का प्रतीक है,और यह दर्शाता है कि भगवान के सामने सभी एक समान है यंहा न कोई बड़ा न कोई छोटा होता है।
 दोकड़ा में रथ यात्रा पर्व पर विशाल मेला लग रहा है इस रथ यात्रा में स्थानीय सहित दूर-दराज से श्रद्धालुओं की पहुचने की उम्मीद है। यह रथ यात्रा ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है,बल्कि यह दोकड़ा गांव की संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का प्रतीक बन गई है।

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अमरदास बंजारे बने छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष 

 छुरिया :   छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ जिला इकाई राजनांदगांव के जिला प्रभारी बीरेंद्र साहू के अनुशंसा एवं प्रदेश कार्यकारिणी की सहमति पर छुरिया ब्लाक निवासी अमरदास बंजारे को छुरिया ब्लाक इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
          ब्लाक अध्यक्ष बनने पर अमर दास बंजारे ने कहा है कि विकासखंड के शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उनके द्वारा ब्लाक स्तरीय समस्याओं को लेकर शीघ्र ही अपनी टीम के साथ विकासखंड शिक्षाधिकारी से मिला जाएगा।
           उक्त नियुक्ति पर संगठन के पदाधिकारीयों राजेंद्र लाड़ेकर, नरेंद्र तिवारी, गायत्री मंडलोई, प्रमोद कुंभकार, संतोष जैन, नारद सहारे, शंभू राम साहू सहित ब्लाक के अनेक शिक्षकों ने बधाई दी है।

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सीएम श्री साय ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की दी बधाई : कहा सांस्कृतिक एकता और सौहार्द का सशक्त प्रतीक

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के धाम पुरी सहित विभिन्न स्थानों पर रथयात्रा बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाली जाती है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता और सौहार्द्र का सशक्त प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राचीन काल से ही छत्तीसगढ़वासियों की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था रही है। उत्कल समाज के साथ मिलकर सभी छत्तीसगढ़वासी प्रतिवर्ष भक्ति-भाव के साथ भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और भगिनी देवी सुभद्रा की रथयात्रा निकालते हैं। यह महापर्व श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रतीक है, जो हमें एकता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे को दी श्रद्धांजलि*

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रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे के निवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक-संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, धमतरी नगर निगम के महापौर श्री रामू रोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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*सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर जिलों को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी....कोठागुडेम–किरंदुल रेललाइन सर्वे को मिली रफ्तार:लिडार तकनीक से हो रहा सर्वे*

रायपुर : देश के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक – बस्तर अंचल – में विकास की गाड़ी अब तेजी पकड़ रही है। कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल (छत्तीसगढ़) तक प्रस्तावित 160.33 किमी लंबी नई रेललाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) कार्य को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सर्वे अब अंतिम चरण में है।इस प्रस्तावित रेललाइन का 138.51 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जो अब तक रेल कनेक्टिविटी से वंचित रहे हैं। यह परियोजना न केवल आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि इन जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

रेलवे द्वारा अत्याधुनिक लिडार तकनीक के माध्यम से सर्वे कार्य किया जा रहा है। यह रेललाइन परियोजना गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से मॉनिटर की जा रही है, और इसे आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारतीय रेल विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया है, जिनके निर्देशों और समन्वय से यह सर्वे कार्य पुनः गति पकड़ सका। यह रेलमार्ग भविष्य में बस्तर अंचल के लिए सुरक्षा, समावेशन और समृद्धि का प्रतीक बनने जा रहा है।

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