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*मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन*

रायपुर : 15 जुलाई 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत श्रीमती निहारिका बारीक, आयुक्त मनरेगा और संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है।

अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।

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CG Big New : साय सरकार के नेतृत्व में सफल हो रही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना..1 करोड़ घरों को रोशन करने का है लक्ष्य..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है, जिसका उद्देश्य घर-घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाकर न केवल लोगों को आत्मनिर्भर बनाना बल्कि उनको विद्युत शुल्क के बोझ से भी मुक्ति दिलाना है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस योजना को जो गति और विस्तार मिला है वह प्रशंसनीय है। राज्य सरकार ने जिस तत्परता और पारदर्शिता के साथ इस योजना को लागू किया है उसका परिणाम है कि हजारों परिवार आज बिजली बिल से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2024 को की थी। इस योजना में प्रत्येक पात्र परिवार को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराया जा रहा है।

वहीं, मुख्यमंत्री साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का आगाज

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने इस योजना को ‘जन-जन की योजना’ बना दिया है। मार्च 2024 से ही राज्य में सोलर रूफटॉप लगाने का कार्य तेजी से आरंभ कर दिया गया। सरकार ने इस योजना को मिशन मोड में लागू कर 2025 के मध्य तक ही राज्य के 1 लाख से अधिक परिवारों को इससे जोड़ दिया है। राज्य सरकार ने लक्ष्य रखा है कि हर ब्लॉक में कम से कम 1000 सोलर छतें लगाई जाएँगी। डिस्कॉम (DISCOM) यानि वो विद्युत वितरण कम्पनियाँ जो घरों, व्यवसायों और उद्योगों को बिजली की आपूर्ति करती हैं और ग्राम पंचायतों को जोड़कर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जन-जन के लिए ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन के ज़रिये आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।

बता दें कि, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की सफलता के लिए विष्णु देव साय सरकार की रणनीति

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजना को लागू करने के लिए राज्य ऊर्जा विभाग, CREDA (छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण) और बिजली वितरण कंपनियों को साझा मंच पर लाकर एक “सौर मिशन टास्क फोर्स” का गठन किया गया है।“सूर्य घर, रोशन घर” जैसे नारों से गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्कूलों, पंचायत सभाओं, और हाट-बाजारों में सूचना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। स्थानीय नेताओं और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी सुनिश्चहित की गई है।“सोलर मित्र योजना” के तहत 5000 युवाओं को रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन युवाओं को पंचायत स्तर पर अनुबंध के आधार पर नियुक्त कर स्वरोजगार की दिशा में बढ़ावा । योजना की गति के निगरानी और पारदर्शिता के लिए जिला स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है। एकीकृत ऑनलाइन डैशबोर्ड पर प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है।

ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन

वहीं, छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर सब्सिडी 2 किलोवाट तक की प्रणाली के लिए ₹30,000 प्रति किलोवाट के मान से 2 किलोवाट के लिए कुल सब्सिडी ₹60,000 तक दिया जा रहा है। 3 किलोवाट की प्रणाली के लिए पहले 2 किलोवाट के लिए ₹30,000 प्रति किलोवाट और अतिरिक्त किलोवाट के लिए ₹18,000 इस तरह कुल ₹78,000 सब्सिडी दी जा रही है। 1 करोड़ घरों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है।बिजली पर निर्भरता कम कर हर घर को ऊर्जा की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।राज्य सरकार ने केंद्र की सब्सिडी के साथ-साथ 10,000 रुपये अतिरिक्त सहायता देना प्रारंभ किया। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक लोन पर शून्य ब्याज दर की पहल की गई है। इस योजना का लाभ उठाते हुए आम-जन अपनी घरेलू जरूरत की बिजली खुद उत्पन्न कर अतिरिक्त बिजली ग्रिड को सप्लाई करके आर्थिक राहत के साथ-साथ अतिरिक्त लाभ भी कमा रहे है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

दरअसल, छत्तीसगढ़ के सैकड़ों परिवार अब बिजली के बिल से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। जिनका औसत मासिक बिल 800 से 1200 रुपये होता था, अब उन्हें 0 रुपये का बिल मिल रहा है। दुर्गम और आदिवासी अंचलों में जहां बिजली की आपूर्ति अनियमित थी, वहां सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध हो रही है। गांव के लोग टॉर्च और लालटेन के युग से निकलकर अब एलईडी बल्ब और पंखे चला रहे हैं। रसोईघर और घर के अन्य कार्यों के लिए अब महिलाएं विद्युत उपकरणों का उपयोग कर पा रही हैं, जिससे समय की बचत हो रही है।सोलर इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और वेंडर नेटवर्क के माध्यम से हज़ारों युवाओं को रोजगार मिला है।सौर उपकरणों की बिक्री व इंस्टॉलेशन क्षेत्र में MSME और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सोलर ऊर्जा से होने वाले पर्यावरणीय लाभ

फिलहाल, सौर ऊर्जा के माध्यम से प्रति घर औसतन 500 किलो CO₂ उत्सर्जन में कमी आती है जिसका पर्यावरण में धनात्मक प्रभाव होता है इस प्रभाव को देखते हुए समाज में भी पर्यावरणीय जागरूकता में वृद्धि देखी जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, ग्रीन एनर्जी की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।इस योजना से लाभान्वित इसे आम नागरिकों के लिए एक ऐसा वरदान बता रहे है, जो उन्हें न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में उनको आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहभागी बना रही है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर मुख्यमंत्री की भावी योजनाएं

वर्ष 2030 तक का

 छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें वर्ष 2026 तक 10 लाख घरों में रूफटॉप सोलर लगाया जाना है। राज्य के हर गांव में कम से कम 1 सामुदायिक सोलर यूनिट स्थापित की जाएगी। वर्ष 2030 राज्य को ऊर्जा निर्यातक बनाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। इसके लिए सोलर पैनल निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।कृषि पंप, स्कूल और पंचायत भवन भी सौर ऊर्जा से जोड़े जाएंगे। EV चार्जिंग स्टेशन में सौर ऊर्जा की भूमिका बधाई जाएगी।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना छत्तीसगढ़ में एक सामाजिक और ऊर्जा क्रांति का प्रतीक बन चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व, जनकल्याणकारी सोच और प्रशासनिक चुस्ती के चलते यह योजना न केवल सफलता की ओर अग्रसर है, बल्कि देशभर के लिए एक मॉडल बन चुकी है।

एक ओर जहां यह योजना आम जनता को बिजली के बोझ से मुक्त कर रही है, वहीं दूसरी ओर यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को सच करने की दिशा में भी एक ठोस कदम है। छत्तीसगढ़ आज ऊर्जा क्रांति की राह पर चल पड़ा है, अब सूरज की रोशनी से उजाला ही नहीं, विकास का मार्ग भी खुल रहा है।

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CG Big News : निजी स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी होगी पालक- शिक्षक बैठक..अगस्त से होगी शुरू..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में भी पालक-शिक्षक बैठक आयोजित की जाएगी. इसमें बच्चों की अकादमिक प्रगति समेत अन्य विषयों पर चर्चा होगी. पहली बैठक अगस्त के पहले सप्ताह में होगी. पालक-शिक्षक बैठक के संबंध में स्कूल शिक्षा सचिव ने सभी कलेक्टरों, संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. पालकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने, बच्चों की प्रगति से अवगत कराने एवं बच्चों में भविष्य की संभावनाओं का आंकलन कर पालकों के साथ समन्वय बनाने के उद्देश्य से शासन ने पालक-शिक्षक बैठक नियमित रूप से कराए जाने का निर्णय लिया है.

फिलहाल, विभाग का मानना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप ड्रॉप आउट रोकने में पालकों की भूमिका अहम हो सकती है. पालक-शिक्षक पहली बैठक अगस्त के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएगी. इसमें बच्चों की पढ़ाई की प्रगति की जानकारी पालकों को दी जाएगी. वहीं पालक भी अध्ययन-अध्यापन को लेकर अपने सुझाव दे सकेंगे. बैठक में घर में पढ़ाई का वातावरण बनाने, स्कूल में बच्चे ने क्या पढ़ाई की इसकी जानकारी पालकों को रोजाना हो, बच्चों के आयु एवं कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण तथा पोषण के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी.

कब-कब होगी बैठक

प्रथम बैठक अगस्त के पहले सप्ताह में.

दूसरी बैठक- तिमाही परीक्षा के पश्चात 10 दिन के भीतर.

तीसरी बैठक छमाही परीक्षा के पश्चात 10 दिन के भीतर.

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कलेक्टर ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश दिए....आश्रम छात्रावास का निरीक्षण कर रिपोर्ट शीघ्र जमा करें.....

जशपुर : 16 जुलाई 2025 : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को आगामी 15 अगस्त की तैयारी के संबंध में जिला स्तरीय अधिकारीयों की समीक्षा बैठक ली।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी रणजीता स्टेडियम में हर्षोल्लास से स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना है। कलेक्टर ने रणजीता स्टेडियम में मंच, बैठक व्यवस्था, आमंत्रण पत्र, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पेयजल, बिजली आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी विकास खंड कार्यालय और जनपद पंचायत कार्यालय में ध्वजारोहण किया जाना है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी शासकीय भवनों में रोशनी भी किया जाना है।
कलेक्टर ने कहा कि अपने विभाग के उत्कृष्ट कर्मचारियों का नाम भेजते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उस कर्मचारी ने अपने क्षेत्र में बढ़िया काम किया है और उसका नाम के साथ उल्लेख भी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि जिन कर्मचारियों को पहले 15 अगस्त और 26 जनवरी में प्रमाण पत्र मिल चुका है उनका नाम दूसरी बार नहीं भेजने के निर्देश दिए हैं। जिन कर्मचारियों को एक भी बार प्रमाण पत्र नहीं मिला है और बढ़िया काम कर रहे उनका नाम भेजने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक सभी एसडीएम जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी आश्रम छात्रावास में निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है। बालक छात्रावास के पुरुष अधिकारियों और बालिका छात्रावास के महिला अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सभी नोडल अधिकारियों को प्रत्येक माह अपने निर्धारित आश्रम छात्रावास का निरीक्षण करना है।

उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता,साफ सफाई, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों का स्वास्थ्य जांच, बिस्तर, चादरें साफ सुथरा है कि नहीं घास फूस झाड़ियां कटे हैं कि नहीं बच्चे सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करते हैं कि नहीं बालिका छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था है कि नहीं सभी बातों का गंभीरता से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। 

कलेक्टर ने कहा कि जिन आश्रम छात्रावास में समस्या है उसको भी प्रशासन के संज्ञान में लाने के निर्देश दिए हैं। 
कलेक्टर ने कहा कि सभी नोडल अधिकारियों को चेक लिस्ट दिया गया है उसको गंभीरता से भरकर जमा करने निर्देश दिए हैं।

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विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों और बिरहोर परिवारों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे : कलेक्टर

 रायपुर : 16 जुलाई 2025 : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर पीएम जनमन और धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान की विस्तार से समीक्षा की उन्होंने कहा की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों और बिरहोर परिवारों को आयुष्मान कार्ड , राशनकार्ड, पेंशन, जन-धन खाता पीएम किसान सम्मान निधि योजना, क्रेडिट कार्ड,जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना,प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना  सहित बसहाटों तक पूल पुलिया सड़क,बीजली, पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि योजना का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने कृषि विभाग को किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड प्राथमिकता से बनाने के निर्देश दिए हैं। 

स्वास्थ्य विभाग को जिन हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उनका शिविर लगाकर बनाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक सभी एसडीएम जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा ग्राम कुटमा में लोक सेवा केन्द्र,वन विभाग की योजनाओं का लाभ देने के लिए कहा है।
कलेक्टर ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बसाहटों में मल्टी एक्टिविटी सेंटर बनाया जा रहा है जहां एक ही जगह पर अनेक सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। सेन्टर में आंगनबाड़ी, आजीविका मूलक गतिविधियां, हेल्थ सेंटर और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान कार्ड बनाने के गांव में शिविर लगाने के लिए कहा है और शिविर से पहले कोटवारों के माध्यम से मुनादी करवाने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन कलेक्टर जनदर्शन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और आवेदनों का निराकरण गंभीरता से करने के निर्देश दिए।

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*ऑपरेशन सिन्दूर पर छत्तीसगढ़ की जनता को गर्व: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया प्रधानमंत्री के प्रति आभार*

रायपुर : ???????? जुलाई ???????????????? : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की कुशल रणनीति और नेतृत्व क्षमता को पूरे देश ने देखा है। यह केवल एक मिशन नहीं था, बल्कि भारत की ताकत, संकल्प और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का जीवंत प्रमाण है। श्री साय आज विधानसभा में ऑपरेशन सिन्दूर के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को ऑपरेशन सिन्दूर के सफल संचालन के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को इस ऑपरेशन की सफलता पर गर्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भारत अब ऐसा राष्ट्र बन चुका है जो अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी परिस्थिति में, किसी भी सीमा तक जाकर, त्वरित, निर्णायक और प्रभावी कार्यवाही करने में सक्षम है। ऐसे अभियान केवल सैन्य या कूटनीतिक सफलता का प्रतीक नहीं होते, बल्कि वे संपूर्ण राष्ट्र की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व का दृष्टिकोण स्पष्ट है — हर भारतीय का जीवन बहुमूल्य है, चाहे वह देश में हो या विदेश में। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऑपरेशन के केंद्र में समन्वय और निर्णय क्षमता की जो धुरी रही, वह हैं - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सक्रिय भागीदारी, व्यक्तिगत निगरानी और स्पष्ट निर्देशों के कारण ही यह मिशन समयबद्ध, सुरक्षित और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो पाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना की बात करते हैं, तो ऐसे मिशन हमें यह विश्वास दिलाते हैं कि भारत केवल अपने नागरिकों की ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता की रक्षा के लिए भी कर्तव्यनिष्ठ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत की साख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रही है। ऑपरेशन गंगा, ऑपरेशन कावेरी, ऑपरेशन देवी शक्ति, और अब ऑपरेशन सिन्दूर — भारत ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि वह वैश्विक संकटों में मूक दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय संकट-निवारक राष्ट्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहलगाम की वीभत्स घटना के पश्चात हमारे प्रदेश के सपूत स्वर्गीय दिनेश मिरानिया का पार्थिव शरीर भी लौटकर आया। मैंने स्वयं उनके परिवार की पीड़ा को देखा। हमारी बहन ने अपनी आँखों के सामने अपना सुहाग उजड़ते देखा — यह पीड़ा कितनी गहरी है, यह पूरा सदन समझ सकता है। आतंकियों ने उन्हें केवल इस कारण मार डाला कि वे नहीं चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर, जो भारत का अभिन्न अंग है, उसमें अन्य प्रांतों के नागरिकों की आवाजाही हो सके। उन्हें धर्म देखकर मारा गया। देश भर की माताओं-बहनों के बिलखने की तस्वीरें सामने आईं और इनके साथ पूरा देश रोया। यह एक ऐसी अमानवीय घटना थी, जिसमें सम्पूर्ण मानवता तार-तार हो गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों का रक्त बहाया, वहीं भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में इस बात का विशेष ध्यान रखा कि पाकिस्तान के आम नागरिकों को कोई क्षति न पहुँचे। हमारे नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत किसी को छेड़ता नहीं, परंतु छेड़ने वालों को छोड़ता भी नहीं। ऑपरेशन सिन्दूर के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हम प्रत्येक रक्त की बूँद का हिसाब लेते हैं। जिन आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया, वे संसद हमले, मुंबई हमले, अक्षरधाम हमला और पुलवामा जैसी भीषण घटनाओं में लिप्त थे। भारत ने आतंकवाद को शह देने वाले देशों को विश्व मंच पर बेनकाब किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव शांति को प्राथमिकता दी है, परंतु संप्रभुता पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उसका माकूल उत्तर दिया जाएगा। जो देश आतंकवादियों की भाषा बोलते हैं, वे आज वैश्विक मंचों पर अलग-थलग पड़ चुके हैं — इसका श्रेय भारतीय नेतृत्व की अडिग इच्छाशक्ति को जाता है। पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को बेनकाब करने हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जिस प्रकार सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों में भेजा, वह भारतीय लोकतंत्र की सुंदरता और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना का आदर्श उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्हें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। उनके व्यक्तित्व में संकल्प, समन्वय और संवेदनशीलता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। रक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु प्रधानमंत्री जी ने जो सतत परिश्रम किया, उसका प्रभाव हमें ऑपरेशन सिन्दूर में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिला। यह ऑपरेशन 140 करोड़ देशवासियों की एकजुटता और अखंडता का प्रतीक बन चुका है और सदा स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर केवल आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई नहीं, बल्कि यह नारी सम्मान और शक्ति का भी प्रतीक है,  मातृशक्ति को समर्पित एक ऐतिहासिक सैन्य-संकल्प है।

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*मुख्यमंत्री श्री साय ने शैक्षणिक भ्रमण पर आए सुकमा जिले के बच्चों से की आत्मीय मुलाकात*

 रायपुर : ???????? जुलाई ???????????????? : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ विधानसभा में नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए सुकमा जिले की सुदूरवर्ती पाँच ग्राम पंचायतों के बच्चों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना और राजधानी रायपुर में उनका आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी सहित सभी मूलभूत सुविधाएँ बस्तर के कोने-कोने तक पहुँचाने हेतु कृतसंकल्पित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से सौहार्दपूर्ण बातचीत करते हुए कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से आपको राजधानी रायपुर को निकट से देखने-समझने का अवसर मिला है। इसी तरह राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र में भी तीव्र गति से विकास कर रही है। उन्होंने बताया कि सुदूर अंचलों में अब सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित हो रहे हैं, और जहां-जहां ये कैंप पहुँचते हैं, वहाँ चौतरफा विकास के द्वार खुलते हैं। अब अधिकांश स्थानों पर शासकीय राशन दुकानों की स्थापना हो चुकी है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुँच रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि निकट भविष्य में बस्तर पूरी तरह से नक्सलमुक्त क्षेत्र होगा।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुस्कराते हुए पूछा — "बस्तर के शेर बच्चों ने रायपुर के जंगल सफारी में शेर देखा या नहीं?" इस मजाकिया अंदाज़ पर बच्चों सहित उपस्थित सभी लोग ठहाके लगाकर हँस पड़े।

श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मनिर्भर बस्तर की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। बस्तर के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें दुग्ध उत्पादन से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सुनिश्चित कर रही है, ताकि क्षेत्र के बच्चों का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध हो सके।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायकगण श्री ईश्वर साहू एवं श्री सुशांत शुक्ला भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत सुकमा जिले की पाँच सुदूर ग्राम पंचायतों—पालाचलमा, पोटकपल्ली, एलमागुंडा, ताड़मेटला एवं गोलापल्ली—के 100 स्कूली बच्चे राजधानी रायपुर के दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर आए हैं। भ्रमण के दौरान इन बच्चों को मंत्रालय, जंगल सफारी, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कराया गया। विदित हो कि नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर के नक्सल प्रभावित पाँच जिलों के बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

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तीरंदाजी केन्द्र एवं एकलव्य खेल अकादमी जशपुर के भवन का किया जा रहा है जीर्णोद्धार 

जशपुर: 15 जुलाई 2025 - खेल विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार समाचार पत्र में दिनांक 15.07.2025 को प्रकाशित खबर शीर्षक "एकलव्य अकादमी पर लटका ताला,के  संबंध में कार्यालय कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जशपुर के पत्र   के माध्यम से  03.07.2025 द्वारा अवगत कराया गया है कि एकलव्य खेल परिसर जशपुर के निरीक्षण में भवन की स्थिति जर्जर पाई गई है, भवन में सीपेज की समस्या है, शौचालय की स्थिति अच्छी नहीं होने  के कारण जीर्णोद्धार की आवश्यकता का उल्लेख किया गया है। उक्त स्थिति के आधार पर छात्रावास में निवासरत बच्चों के साथ किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए भवन जीर्णोद्धार संबंधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिस हेतु छात्रावास में रहने वाले बच्चों को वैकल्पिक सुविधा के तौर पर अन्य निकटस्थ छात्रावासों में आवासीय सुविधा प्रदान की जा रही है। तीरंदाजी केन्द्र एवं एकलव्य खेल अकादमी का संचालन पूर्ववत किया जा रहा है, जिस हेतु तीरंदाजी, तैराकी एवं ताईक्वांडो के प्रशिक्षक अकादमी में पूर्व की भांति कार्यरत समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पूर्णतः भ्रामक तथा निराधार है।

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CG News : दर्दनाक हादसा.! तेज रफ्तार वाहन ने सड़क पर बैठे मवेशियों को रौंदा..17 गायों की मौत, 4 घायल..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर. गौवंशों को बचाने और हादसे रोकने के प्रशासनिक दावों के बीच बीती रात कई गौवंशों को कुचले जाने की खबर सामने आई है। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे 20 से ज्यादा मवेशियों को कुचल दिया, जिससे 17 गायों की मौत हो गई। वहीं 4 मवेशी घायल हो गए। यह घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है।

दरअसल, रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बारीडीह में नंदलाल पेट्रोल पंप के पास सड़क पर 20 से ज्यादा मवेशी बैठे थे। रतनपुर की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे मवेशियों को अपनी चपेटे में ले लिया। 

फिलहाल, हादसे को देखकर ऐसा लगता है जैसे ड्राइवर ने ब्रेक लगाए बिना ही मवेशियों को कुचलते हुए गाड़ी आगे बढ़ा दी, जिससे 17 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 4 मवेशी बुरी तरह से घायल हुए हैं। घटना की सूचना पर रतनपुर पुलिस मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी है।

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CG Big News : तेंदूपत्ता बोनस घोटाला.! EOW ने 14 आरोपियों के खिलाफ पेश किया 4500 पेज का चालान..मामले की जांच जारी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. तेंदूपत्ता बोनस घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने 14 आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय दंतेवाड़ा में लगभग 4500 पेज का चालान पेश किया है. बता दें कि इस मामले में EOW ने तत्कालीन वनमंडलाधिकारी अशोक कुमार पटेल समेत 11 आरोपियों (4 वनकर्मी व 7 प्रबंधक) को गिरफ्तार किया है. मामले में ईओडब्ल्यू की जांच जारी है.

वहीं, जांच में सामने आया है कि तत्कालीन वनमंडलाधिकारी अशोक कुमार पटेल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वर्ष 2021-22 के तेंदूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक में संग्राहकों को दी जाने वाली राशि 7 करोड़ का बंदरबांट किया था. अशोक पटेल ने वन विभाग के अधिकारियों और प्राथमिक लघुवनोपज समितियों के प्रबंधकों व पोषक अधिकारियों के साथ मिलकर इस भ्रष्टाचार को अंजाम दिया था. अब तक ईओडब्ल्यू ने तेंदूपत्ता बोनस गबन मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामले की जांच जारी है.

दरअसल, प्रकरण में अब तक की विवेचना में 17 समितियों में से 8 दूरस्थ समितियों के संबंध में जांच की गई, जिस पर 3,92,05,362 रुपए का गबन कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाना पाया गया. उपरोक्त वर्णित आरोप में आज कुल 14 आरोपी लोकसेवक वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) अशोक कुमार पटेल, 04 वनकर्मी / पोषक अधिकारी (चैतूराम बघेल, देवनाथ भारद्वाज, मनीष कुमार बारसे, पोड़ियामी इड़िमा (हिडमा) एवं 09 समिति प्रबंधक (पायम सत्यनारायण उर्फ शत्रु, मोह. शरीफ, सीएच रमना (चिटटूरी), सुनील नुप्पो, रवि कुमार (रवि कुमार गुप्ता), आयतू कोरसा, मनोज कवासी, राजशेखर पुराणिक उर्फ राजू, बी.संजय रेड्डी) के विरूद्ध विशेष न्यायालय दंतेवाड़ा में लगभग 4500 पेज का चालान पेश किया.

फिलहाल, बस्तर क्षेत्र के घोर नक्सल एवं अति संवेदनशील आदिवासी बहुल क्षेत्र में तेंदूपत्ता वहां के निवासियों की आजीविका का अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है. इसके माध्यम से वे अपने परिवार का जीवन-यापन करते हैं. प्रकरण की विवेचना अंतर्गत मड़ईगुड़ा, गोलापल्ली, किस्टाराम, जगरगुण्डा, चिंतलनार, चिंतागुफा, भेज्जी, कोंटा तथा पोलमपल्ली के दूरस्थ अंदरूनी एवं पहुंचविहीन मार्गों में जाकर ग्रामीणों से पूछताछ करने पर ग्रामीणों ने बोनस स्कीम के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की और प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य दिए. इस मामले में अन्य 09 समितियों के संबंध में जांच जारी है.

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*श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत रायपुर से 850 श्रद्धालुओं का तीर्थयात्रा हेतु प्रस्थान — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी शुभकामनाएं*

रायपुर : 15-Jul-2025 / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेशवासियों की आस्था और श्रद्धा को मूर्त रूप देने हेतु प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर संभाग के 850 श्रद्धालु विशेष ट्रेन से अयोध्या धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए। इस पवित्र यात्रा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा के मंगलमयी होने की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धालुओं को हमारे 'भांचा राम' — श्रीरामलला के निःशुल्क दर्शन कराने की यह पुण्य यात्रा अनवरत जारी है। यह यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उस गारंटी को साकार कर रही है, जिसमें उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक को प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था।

उन्होंने कहा कि “श्री रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत सरकार ने मार्च 2024 तक 20,000 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया था, किंतु प्रदेशवासियों की अद्वितीय आस्था, उत्साह, और सरकार की प्रतिबद्धता के चलते यह संख्या 22,000 से अधिक हो चुकी है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹36 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। अब तक बीते डेढ़ वर्षों में 27 विशेष ट्रेनें छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों से श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक, विशेषकर बुज़ुर्ग एवं वंचित वर्ग, अपने जीवन में एक बार प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान के दर्शन कर सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ आज प्रदेशवासियों के जनजीवन से गहराई से जुड़ चुकी है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन आज रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने दोपहर 1:00 बजे हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान के दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 7 जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। तीर्थयात्रियों और उनके परिजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यात्रियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य एवं लोकवाद्य से स्वागत किया गया, वहीं IRCTC के प्रतिनिधियों द्वारा तिलक लगाकर अभिवादन किया गया।

इस अवसर पर विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहिब, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन डॉ. रोहित यादव, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं रेलवे व IRCTC के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि इस योजना की परिकल्पना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेशवासियों को जीवन में एक बार अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इसके लिए 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और IRCTC के मध्य एमओयू संपादित किया गया था। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को रवाना किया था। इसके पश्चात बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों से भी विशेष ट्रेनों का संचालन हुआ। विगत वर्ष इस योजना के माध्यम से लगभग 22,100 श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम के दर्शन किए। योजना के अंतर्गत प्रत्येक संभाग से साप्ताहिक विशेष ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा।

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*राजनांदगांव के नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट:प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभार*

रायपुर, :15-Jul-2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में राजनांदगांव जिले के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निरंतर जनहित में कार्य कर रही है।  प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुगम, सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में प्रदेश की अन्य पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।

राजनांदगांव से आए नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने जिले में प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर, एवं अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बीते डेढ़ वर्षों के भीतर पेयजल विस्तार, सड़क निर्माण, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है। यह जनकल्याण और विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार संतुलित, समावेशी और सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सतत विकास की  ओर अग्रसर करने के लिए कटिबद्ध है।

इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारीगण और राजनांदगांव जिले के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।

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*पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने पर एम.आई.एस. प्रशासक श्री लालमन साय निलम्बित*  

जशपुर :????????-????????????-???????????????? :लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ के उप संचालक ने कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला जशपुर के एम.आई.एस. प्रशासक श्री लालमन साय को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों,  निर्देशों की अवहेलना किये जाने के कारण तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया है।
           कलेक्टर जिला जशपुर के पत्र 26 जून 2025 के अनुसार कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला जशपुर के एम.आई.एस. प्रशासक श्री लालमन साय को सौपे गये पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों,  निर्देशों की अवहेलना किये जाने के कारण कलेक्टर, जिला जशपुर के द्वारा कारण बताओं सूचना जारी किया गया था, जिसका जवाब समाधान कारक नही पाया गया। 
       श्री साय का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 03 के सर्वथा विपरीत है।छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) (क) के अन्तर्गत श्री लालमन साय, एम.आई.एस. प्रशासक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला जशपुर को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। निलम्बन काल में श्री लालमन साय, एम.आई.एस. प्रशासक का मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग सरगुजा नियत किया गया है। निलम्बन अवधि में श्री लालमन साय, एम.आई एस. प्रशासक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

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*निर्माण कार्यों में देरी पर कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई करने दिए निर्देश.....कार्यस्थल पर कार्य सूचना पटल अवश्य करें स्थापित*

जशपुर :कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में सभी जनपद पंचायतों के कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए धीमी गति से संचालित कुछ विकास कार्यों पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए स्वीकृति उपरांत समय सीमा में अप्रारम्भ कार्यों पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ऐसे कार्य जिनमें राशि जारी होने के उपरांत कार्य में प्रगति नहीं है। ऐसे कार्यों से ठेकेदार को हटाकर ब्लैकलिस्ट करते हुए जारी राशि की वसूली संबंधित कार्य एजेंसी से करने के निर्देश दिए। ऐसे कार्यों को अन्य व्यक्ति को प्रदान कर जल्द से जल्द पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के प्रत्येक कार्य पर चर्चा कर उनकी स्थिति की जानकारी ली।
       इस अवसर पर कलेक्टर ने सभी निर्माण कार्यों के स्थलों पर सूचना पटल स्थापित कर उसमें कार्य के संबंध में कार्य का नाम, कार्य एजेंसी, लागत, प्रारम्भ दिनांक, कार्य की अवधि आदि जानकारी अवश्य रूप से लोगों की जानकारी हेतु अंकित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वीकृत कार्यों की विस्तृत जानकारी एवं प्रगति निरंतर फील्ड में जाकर जिओ टैगिंग फ़ोटो के साथ अपलोड करने के भी निर्देश दिए। 
        कलेक्टर ने क्षमता विकास के लिए निरंतर समीक्षा करने एवं कोई भी कार्य 3 वर्ष पूर्व के शेष ना रहें इसके लिए सरपंच एवं सचिवों के साथ समीक्षा करते हुए तीव्र गति से कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, एसडीओ आरईएस, कनिष्ठ अभियंता सहित पंचायतों में संचालित विभिन्न योजना के अधिकारी उपस्थित रहे।

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शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए हिन्दी और गणित के  व्याख्याताओं का उन्मुखीकरण संपन्न 

जशपुर नगर, : यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत जिले में विद्यालयीन शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के निर्देश पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर में आयोजित हुए उन्मुखीकरण में जिले के सभी हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अध्यापन कराने वाले हिंदी और गणित विषय के व्याख्याता शामिल हुए।
यह कार्यक्रम शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा एवं जिला शिक्षा अधिकारी पी. के. भटनागर के निर्देशन में आयोजित किया गया। ‘यशस्वी जशपुर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से जोड़ना और पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना रहा।
कार्यक्रम में ‘यशस्वी जशपुर’ के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने शिक्षकों को माइंड मैपिंग, कंफर्ट जोन से ग्रोथ जोन तक के सफर और आत्मविश्वास बढ़ाने के विषय पर मार्गदर्शन दिया। कंफर्ट जोन से निकलकर किस प्रकार शिक्षक चुनौती लेकर शिक्षा गुणवत्ता में वृद्धि करते सकते हैं, उन्होंने यह समझाया। और यह भी बताया कि यदि शिक्षक अपने मानसिक दायरे से बाहर आकर सीखने और सिखाने की नई पद्धतियों को अपनाएं, तो शिक्षा में व्यापक सुधार संभव है।
ब्रेनस्टॉर्मिंग, उपचारात्मक शिक्षण समूह चर्चा के साथ कार्यशाला में गणित विषय पर गणितीय प्रश्नों को हल करने की सरल ट्रिक्स, टीएलएम के माध्यम से प्रभावशाली शिक्षण, पाठ्यपुस्तकों के कठिन बिंदुओं पर समूह चर्चा भी की गई। हिंदी विषय में शिक्षण के दौरान आने वाली विषयगत कठिनाइयों का समाधान, शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त करने हेतु रणनीतियों पर बात गई।
इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय, मास्टर ट्रेनर संजय दास, राजेन्द्र प्रेमी, अश्विनी सिंह, सुभाष चौरसिया, भूमिका बाघव, प्रदीप भगत,कौशिल्या भट्टर सहित जिले के सभी हिंदी एवं गणित विषय के व्याख्याता उपस्थित रहे।

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*"स्कूटी दीदी" बनीं आत्मनिर्भर भारत की प्रतीक –छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब केवल लाभार्थी नहीं, बन रहीं सामाजिक परिवर्तन की भी वाहक- मुख्यमंत्री*

रायपुर :????????-????????????-???????????????? : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है।

एनु की प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और परंपरागत सोच भी राह नहीं रोक सकती। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मीं एनु ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया, एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, और समय पर ऋण को चुका कर आर्थिक अनुशासन की मिसाल पेश की।

एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'प्रथम संस्था' से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना  आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा।

वर्ष 2023 में एनु ने "महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र" की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं।

एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनु जैसे लोग छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं। राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे हैं।

एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की।

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने भी एनु की कहानी को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन एनु के हौसले को कोई डिगा नहीं सका।उन्होंने एम.ए. की पढ़ाई पूरी कर 'बिहान' और 'प्रथम संस्था' से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भरता पाई, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनीं।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन रही हैं। राज्य सरकार हर ऐसी पहल का स्वागत करेगी जो महिला सशक्तिकरण को गति देगी।

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*रेत खनन में पारदर्शिता : छत्तीसगढ़ में पारदर्शी, वैज्ञानिक और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन व्यवस्था को मिल रहा नया स्वरूप*

रायपुर : ???????? जुलाई ???????????????? : राज्य में रेत खनन नीति को अधिक पारदर्शी, संगठित, पर्यावरण-संवेदनशील और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के शासन काल के दौरान राज्य में संचालित रेत खदानों की संख्या 300 से घटकर लगभग 100-150 रह गई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए और अवैध खनन को बढ़ावा मिला। वर्तमान सरकार द्वारा खनिज नीति में सुधार कर रेत खनन की व्यवस्था को संगठित, नियंत्रित और जनहितकारी बनाया गया है।

पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में तीव्रता

राज्य में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर तीन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण समितियों का गठन किया गया है। पूर्व में केवल एक समिति कार्यरत थी। इस निर्णय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया सुगम हुई है।

वैध खदानों की संख्या में वृद्धि

वर्तमान में 119 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ विधिवत संचालित हैं, जबकि 94 अन्य खदानों की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही, आगामी 1 से 1.5 वर्षों में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति दिए जाने की योजना है, जिससे रेत की आपूर्ति सुलभ बनी रहेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।

IIT रुड़की की रिपोर्ट: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खनन

प्रमुख नदियों पर खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर IIT रुड़की से कराए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि विधिवत और नियंत्रित रेत खनन से नदियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यह रिपोर्ट राज्य की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित खनिज नीति को समर्थन प्रदान करती है।

अवैध खनन पर सख्त कार्यवाही

वर्ष 2024-25 से जून 2025 तक 6,331 अवैध खनन प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से ₹18.02 करोड़ की वसूली, 184 मशीनों की जब्ती, 56 एफआईआर तथा 57 न्यायालयीन परिवाद दायर किए गए। जिला एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्सों द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है, जिसमें खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी सम्मिलित हैं।

विवादों पर त्वरित कार्यवाही

राजनांदगांव और बलरामपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में रेत से संबंधित विवादों एवं घटनाओं पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी में राहत

15 मार्च 2024 को लिए गए निर्णय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रेत पर रॉयल्टी से छूट प्रदान की गई है। इस निर्णय से गरीबों और जरूरतमंदों को प्रत्यक्ष राहत मिली है।

भविष्य की नीति: पारदर्शिता और संतुलन

छत्तीसगढ़ शासन की नीति स्पष्ट है — खनिज संसाधनों के दोहन को जनहित, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के सिद्धांतों पर आधारित करना। संगठित, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार की गई यह नई रेत खनन नीति राज्य के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए सशक्त आधार बनेगी।

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*मुख्यमंत्री श्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट ,राजस्व सम्बंधित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर हुई विस्तृत चर्चा*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें।

केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव श्री मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है।

श्री जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव श्री अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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