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CG Breaking : श्री रामलला दर्शन योजना.! आज रायपुर से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी विशेष ट्रेन..CM साय दिखाएंगे हरी झंडी..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रदेशवासियों को श्रीराम लला के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ जन जन के जीवन से जुड़ रही है।

वहीं, इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन दिनांक 15 जुलाई 2025 को रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं इस विशेष दर्शन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं को लेकर रवाना होने वाली इस ट्रेन के प्रस्थान अवसर पर मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं दक्षिण पूर्व-मध्य रेलवे रायपुर मंडल के डीआरएम दयानंद, सीनियर डीसीएम अवधेश त्रिवेदी तथा आईआरसीटीसी साउथ सेंट्रल ज़ोन के ग्रुप महाप्रबंधक पी. राजकुमार भी उपस्थित रहेंगे।

वहीं, प्रदेशवासियों को उनके जीवनकाल में एक बार प्रभु श्रीराम लला के अयोध्या धाम दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपादित किया गया था।

दरअसल, उक्त एमओयू के क्रियान्वयन की श्रृंखला में योजना की विधिवत शुरुआत रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं के साथ 5 मार्च 2024 को हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इसके पश्चात् 11 मार्च को बिलासपुर संभाग के श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन को उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसी क्रम में 19 जून को सरगुजा संभाग की विशेष ट्रेन को सांसद चिंतामणि महाराज ने विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ किया। 26 जून को दुर्ग एवं बस्तर (संयुक्त) संभाग की पहली विशेष ट्रेन, जिसमें 850 श्रद्धालु शामिल थे, दुर्ग रेलवे स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना हुई। इन सभी अवसरों पर श्रद्धालुओं में अत्यंत उत्साह और आस्था का भाव देखने को मिला। साथ ही मीडिया प्रतिनिधिगण, आम नागरिक, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

फिलहाल, विगत वित्तीय वर्ष में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत लगभग 22,100 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। योजना के तहत विशेष साप्ताहिक ट्रेनें आगे भी रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन के लिए नियमित रूप से अयोध्या धाम ले जाती रहेंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को भी गौरवपूर्ण स्थान दिला रही है।

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CG Breaking : चमत्कार.! सावन के पहले सोमवार में शिवपुराण कथा के दौरान शिवलिंग के पास पहुंचे नाग देवता..दर्शन करने श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कांकेर। सावन के पहले सोमवार को कांकेर जिले के ग्राम रामपुर जुनवानी में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यहां शिवपुराण पाठ के दौरान मंदिर में स्थित शिवलिंग के पास अचानक नागदेवता सामने दर्शन दिए । जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु स्तब्ध रह गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

दरअसल, श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन मास के पहले सोमवार को नागदेवता का शिवलिंग के पास दिखना अत्यंत शुभ संकेत है। लोगों ने इसे भोलेनाथ की कृपा बताया और आस्था और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना की।

फिलहाल, यह अद्भुत दृश्य काफी देर तक उपस्थित रहा और किसी को नुकसान पहुंचाए बिना नाग धीरे-धीरे वहां से चला गया। अब इस चमत्कारी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

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नए विधानसभा परिसर में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत जी ने एक पेड़ मां के नाम के तहत किया पौधा रोपण 

रायपुर : ????4 जुलाई ???????????????? : । जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत  नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' वृक्षारोपण कार्यक्रम में सम्मिलित हुई,यहां उन्होंने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधारोपण किया।
      ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन विधानसभा में रखा गया।यहां मुख्यमंत्री सहित सभी विधायकों के द्वारा पौधारोपण करते हुए गुलमोहर का पौधा लगाया।इस दौरान जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने भी पौधारोपण किया।

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राहुल गांधी से आदिवासी नेताओं की मुलाकात पर मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस को घेरा..कहा- क्या दीपक बैज ये पूछने की हिम्मत दिखा पाए कि छत्तीसगढ़ से कांग्रेस ने.,पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। राहुल गांधी की ओर से आज ही में दिल्ली में आयोजित आदिवासी नेताओं के साथ विशेष बैठक को लेकर वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस को सवालों में घेर दिया है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा है कि क्या इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के वास्तविक मुद्दों पर कोई ठोस बात रखी, या यह बैठक भी सिर्फ परंपरागत चरणवंदना और औपचारिकता बनकर रह गई?

राज्यसभा में आदिवासी प्रतिनिधित्व को लेकर उठाए सवाल

मंत्री कश्यप ने कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाते हुए कहा कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए तीन सदस्य भेजे, लेकिन उनमें से एक भी छत्तीसगढ़ का आदिवासी नहीं था. दीपक बैज ने वहां सवाल उठाया कि क्या दीपक बैज ने राहुल गांधी से यह पूछने की हिम्मत की कि आदिवासी नेताओं को कांग्रेस ने राज्यसभा भेजने लायक क्यों नहीं समझा?

उन्होंने कहा, “तीनों राज्यसभा सीटें बाहरी नेताओं को दे दी गईं, क्या यह छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के साथ अन्याय नहीं है?”

पिछली सरकार पर भी लगाए गंभीर आरोप

वहीं, केदार कश्यप ने कहा कि भूपेश सरकार के दौरान तेन्दूपत्ता संग्राहकों, वन अधिकारों और डीएमएफ फंड जैसे मामलों में आदिवासियों के हक को नजरअंदाज किया गया, लेकिन तब कांग्रेस के आदिवासी नेता मौन रहे. उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और वर्तमान अध्यक्ष दीपक बैज पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ना तब कुछ कहा और ना ही अब कुछ कर पा रहे हैं.

धर्मांतरण और सुरक्षा मुद्दों पर भी साधा निशाना

वहीं, भाजपा नेता ने बस्तर और सरगुजा में कथित धर्मांतरण के मुद्दे को भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार के समय इस विषय पर आई प्रशासनिक रिपोर्ट्स को नजरअंदाज किया गया. “बस्तर के कमिश्नर और सुकमा एसपी की चिट्ठियों में खतरनाक हालात की बात थी, लेकिन उनपर कार्रवाई के बजाय धूल जमने दी गई,” मंत्री कश्यप ने कहा.

आदिवासी नेताओं की चुप्पी पर उठाए सवाल

दरअसल, केदार कश्यप ने पूछा कि अगर कांग्रेस के ये आदिवासी नेता अपने ही शासनकाल में जनहित के मुद्दे नहीं उठा सके, तो अब राहुल गांधी के सामने बोलने की अपेक्षा करना हास्यास्पद है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “बैज दिल्ली जाकर ‘सर नमस्ते’ करके ही लौट आए होंगे.”

दरअसल, आज राहुल गांधी ने दिल्ली में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के आदिवासी कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की थी. बैठक में जल, जंगल, जमीन, धर्मांतरण, शिक्षा, और आदिवासी धर्म कोड जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी. कांग्रेस नेताओं ने आदिवासी नेतृत्व को सशक्त करने, और सरगुजा-बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विशेष ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाने की मांग भी रखी थी.

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रॉबर्ट वाड्रा की ED में पेशी.!सांसद बृजमोहन अग्रवाल का तीखा हमला, कहा- 'जैसी करनी वैसी भरनी'..पढ़ें पूरी ख़बर

रायपुर। रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा की प्रवर्तन निदेशालय (ED) में पेशी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि “जैसी करनी वैसी भरनी”, यह कथनी कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं पर बिल्कुल सटीक बैठती है।

वहीं, उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के इतिहास की सबसे भ्रष्ट पार्टी रही है। केवल नेता ही नहीं, उनके रिश्तेदार और नजदीकी भी भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में लिप्त पाए जा रहे हैं। रॉबर्ट वाड्रा का मामला इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। कांग्रेस की राजनीति सिर्फ और सिर्फ सत्ता में रहकर देश को लूटने और अपने स्वार्थ सिद्ध करने तक सीमित रही है।

वहीं, बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज देश की जनता सब देख रही है और समझ रही है कि किस प्रकार एक परिवार ने पूरे देश की राजनीति को अपनी निजी संपत्ति बनाने का माध्यम बना लिया था।

दरअसल, उन्होंने कहा कि जब कानून अपना काम करता है तो कांग्रेस उसे राजनीतिक प्रतिशोध बताने लगती है, जबकि सच्चाई यह है कि कानून के शिकंजे में वे लोग आ रहे हैं जिन्होंने देश की संपत्ति को लूटा है।

फिलहाल, सांसद बृजमोहन ने दो टूक कहा कि भाजपा की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और चाहे कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो, भ्रष्टाचार करने वालों को कानून का सामना करना ही पड़ेगा।

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*मिशन मोड में  विष्णु देव की सरकार का अभियान,मलेरिया पर करारा प्रहार..... ‘शून्य मलेरिया’ की ओर बढ़ते निर्णायक कदम*

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जनस्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ ने मलेरिया के स्थायी उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक अभियान फिर से प्रारंभ किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में, विभाग ने मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक अनुकरणीय रणनीतिक पहल करते हुए जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के 12वें चरण ने न केवल अपने दायरे का विस्तार किया है, बल्कि अपने प्रभाव से यह स्पष्ट कर दिया है कि जब सरकार दृढ़ संकल्प और नीति आधारित कार्रवाई के साथ काम करती है, तो नतीजे ज़मीन पर दिखते हैं।

25 जून से जारी इस चरण के अंतर्गत राज्य के 10 जिलों में गहन जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अब तक 19,402 घरों का दौरा किया गया है और 98,594 लोगों की रक्त जांच की गई है। इनमें से 1,265 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। सबसे अहम बात यह रही कि सभी संक्रमित व्यक्तियों को मौके पर ही दवा की पहली खुराक उपलब्ध कराई गई, वह भी पूरी सावधानी के साथ—पहले मरीजों को स्थानीय खाद्य पदार्थ खिलाया गया, ताकि दवा का प्रभाव सुरक्षित और प्रभावशाली रहे। प्रत्येक मरीज को उपचार कार्ड दिया गया है, ताकि फॉलोअप के जरिए पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अभियान का सकारात्मक असर सबसे अधिक बस्तर संभाग में देखा जा रहा है। 2015 की तुलना में यहां मलेरिया मामलों में 71 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित, सतत और वैज्ञानिक रणनीति का परिणाम है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 27.40 से घटकर 7.11 तक आ गया है, जो दर्शाता है कि मलेरिया पर राज्य ने प्रभावी नियंत्रण पाया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया से जंग अब केवल इलाज की नहीं, यह रणनीति और जनसहभागिता की लड़ाई बन गई है। उनका मानना है कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया है—2027 तक ‘शून्य मलेरिया’ और 2030 तक ‘पूर्ण मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़’—उसे केवल दस्तावेज़ी नहीं, बल्कि यथार्थ के रूप में साकार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभाव से बस्तर संभाग में मलेरिया के मामलों में गिरावट आयी है। “हर संक्रमित व्यक्ति तक पहुंचना, उसका समय पर इलाज करना और भविष्य में संक्रमण की कोई गुंजाइश न रहे — यही हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि हमारा फोकस लक्षणरहित मलेरिया मामलों पर है, ताकि बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके।

इस अभियान की सफलता में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। यह केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि अब एक जनआंदोलन बन चुका है। जांच और इलाज के साथ-साथ लोगों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, जलजमाव की रोकथाम और साफ-सफाई जैसे व्यवहारिक उपायों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह ठोस और संवेदनशील प्रयास, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है, जो न केवल राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और टिकाऊ कदम है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरक मॉडल भी बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह रणनीति अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण के रूप में स्थापित होगी।

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कलेक्टर ने मुक्ति धाम के निरीक्षण दौरान प्रवेश द्वार को ठीक करने एवं छोटा डिवाइडर को बंद करने के दिए निर्देश 

जशपुर 14 जुलाई 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास
 ने जशपुर के मुक्ति धाम में बन रहे प्रतीक्षालय भवन और अन्य निर्माण कार्य का अवलोकन किया।
कलेक्टर ने निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परिसर की नियमित साथ सफाई करने के लिए कहा है। उन्होंने मुक्ति धाम में डस्ट बिन रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुक्ति धाम के प्रवेश द्वार को ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान निर्वाणा होटल के सामने डिवाइडर को बंद करने के लिए कहा है क्योंकि वहां जगह छोटा होने के कारण दुर्घटना होने की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने डिवाइडर बंद करने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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अटल परिसर के निर्माण कार्य गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की,कार्य में प्रगति लाने के दिए निर्देश 

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को जिला संग्रहालय परिसर के पास बन रहे अटल परिसर के निर्माण कार्य का अवलोकन किया और गुणवत्ता को लेकर नगर पालिका अधिकारी पर नाराजगी जाहिर की ।
उन्होंने कार्य एजेंसी को कड़ी हिदायत देते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100 वीं जयंती पर नगरीय निकाय और नगर  पंचायत में अटल परिसर बनाने की  घोषणा की थी और इसी कड़ी में जशपुर में भी बनाया जा रहा है। अटल परिसर राज्य के सभी नगर निगम,नगर पालिका, नगर पंचायत में बनाया जाएगा।

कलेक्टर ने कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत गृह निर्माण मंडल के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय गृह निर्माण मंडल के उप अभियंता श्री आशीष रात्रे और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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कलेक्टर ने जशपुर में बन रहे मिनी इंडोर स्टेडियम के निर्माण कार्य का किआ निरीक्षण  

जशपुर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को जशपुर में 3 करोड़ 50 लाख की लागत से बन रहे मिनी इंडोर स्टेडियम के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। 
उन्होंने कार्य एजेंसी को कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में स्टेडियम का निर्माण कार्य चालू इसके लिए खेल विशेषज्ञों को स्टेडियम का अवलोकन कराए ताकि खिलाड़ियों को खेल संबंधित सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके।‌

इंडोर स्टेडियम में खिलाड़ीयों को बास्केटबॉल, शतरंज,कैरम, टेबल टेनिस सहित अन्य खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी ।

स्टेडियम बन जाने जशपुर के खिलाड़ीयों को खेल अभ्यास करने में सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत गृह निर्माण मंडल के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय, गृह निर्माण मंडल के उप अभियंता श्री आशीष रात्रे और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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कलेक्टर ने कल्याण आश्रम के सीएसआर फंड से बन रहे 35 करोड़ 53 लाख रूपए की लागत से अत्याधुनिक अस्पताल का किया अवलोकन

जशपुरनगर, / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय के निर्माण कार्य का अवलोकन किया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है।

 कार्य एजेंसी गृह निर्माण मंडल को बनाया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियो को निर्देश दिए है और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत माह 7 अप्रैल 25 को अस्पताल का भूमि पूजन किए थे।

 एन टी पी सी लारा के द्वारा सी एस आर फंड से चिकित्सालय के निर्माण के लिए 35 करोड़ 53 लाख रुपए दिया गया है।स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निर्माण मानव समाज के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 
 इस अस्पताल के बन जाने से जशपुर और इसके आसपास के ग्रामीण अंचल के रहवासियों को लाभ मिलेगा।
 इस बार के बजट में   जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना के लिए राशि का प्रावधान किया है।
अत्याआधुनिक सुविधा युक्त होगा स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय*

कलेक्टरेट के समीप बनने वाले स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम में चिकित्सालय अत्याआधुनिक सुविधा युक्त होगा। 100 बिस्तरा के हॉस्पिटल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ओटी, फिजियोथेरेपी, पाइथोलॉजी लैब, सीटी स्केन की सुविधा, डायलीसीस, एक्सरे, इमरजेंसी वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य सुविधा उपलब्ध रहंगी
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत,गृह निर्माण मंडल के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल,नगर पालिका अधिकारी जशपुर श्री योगेश्वर उपाध्याय, गृह निर्माण मंडल के उप अभियंता श्री आशीष रात्रे और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री से जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात,मानव सेवा के कार्यों में समाज की भूमिका की दी जानकारी*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर में दुर्ग जिले से आए जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जैन समाज द्वारा मानव सेवा एवं सामाजिक उत्थान के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विधानसभा परिसर के भ्रमण और सदन की कार्यवाही के अवलोकन के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को निकट से देखने का अवसर मिलना गौरवपूर्ण अनुभव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जैन समाज की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सकारात्मक गतिविधियाँ प्रदेश के समावेशी विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर दुर्ग विधायक श्री गजेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।

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*नवा रायपुर में वेटलैण्ड एवं जैव विविधता संरक्षण पर उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन*

रायपुर, / जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से आज नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और 'वेटलैण्ड मित्र' बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।

आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि राज्य का गिधवा-परसदा पक्षी अभ्यारण्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित रामसर साइट बनने की पात्रता रखता है। इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार जिले के खोखरा ग्राम को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

कार्यशाला के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से “वेटलैण्ड मित्र” के रूप में जुड़कर जैव विविधता और आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। यह भागीदारी राज्य में पर्यावरणीय चेतना को जनआंदोलन का रूप देने में सहायक होगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ़ वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री राजेश कुमार चंदेले सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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*नवीन विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री श्री साय ने किया पौधरोपण*

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना कर गुलमोहर का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री श्री साय 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' वृक्षारोपण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप सहित मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य एवं विधानसभा के सभी सदस्यों ने भी गुलमोहर का पौधारोपण किया।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोंपज संघ श्री अनिल साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय,मुख्य वन संरक्षक श्री राजू अगासमणि भी उपस्थित थे।

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*छत्तीसगढ़ में डीएपी की कमी को पूरा करने एनपीके, एसएसपी और नैनो डीएपी का भरपूर स्टॉक*

रायपुर, / राज्य में रासायनिक उर्वरको कोई कमी नहीं हैं। खरीफ सीजन 2025 के लिए सभी प्रकार के रासायनिक उर्वरक सहकारी समितियों एवं नीजि विक्रय केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वैश्विक परिस्थिति के चलते डीएपी खाद के आयात में कमी को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा इसके विकल्प के रूप में अन्य रासायनिक उर्वरकों की भरपूर आपूर्ति एवं वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। 

राज्य में डीएपी की आपूर्ति में कमी से किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा इसके विकल्प के रूप में 179000 बॉटल नैनो डीएपी, एनपीके उर्वरक का लक्ष्य से 25 हजार मेट्रिक टन अधिक तथा एसएसपी का निर्धारित लक्ष्य से 50 हजार मेट्रिक टन का अतिरिक्त भंडारण किया गया है। पोटाश के निर्धारित लक्ष्य 60 हजार मेट्रिक टन के विरूद्ध अब तक 77 हजार मेट्रिक टन से अधिक म्यूरेट ऑफ पोटाश का भंडारण किया गया है। नैनो डीएपी जो कि ठोस डीएपी के विकल्प के रूप में बीज/थरहा, जड़ उपचार एवं बोआई/रोपाई के पश्चात खड़ी फसल में छिड़काव के लिए  उपयोगी है। नैनो डीएपी की निरंतर आपूर्ति राज्य में सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। 

चालू खरीफ सीजन के लिए डीएपी उर्वरक के निर्धारित 3.10 लाख मेट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 1 लाख 63 मेट्रिक टन से अधिक का भंडारण हो चुका है। डीएपी की आपूर्ति निरंतर जारी है। अभी जुलाई माह में 48 हजार मेट्रिक टन डीएपी उर्वरक की आपूर्ति राज्य को होगी। राज्य के सहकारी क्षेत्र में उर्वरकों का भंडारण प्राथमिकता के आधार पर कराया गया है। राज्य के सहकारी क्षेत्र में डीएपी उर्वरक की उपलब्धता राज्य की कुल उपलब्धता का 62 प्रतिशत है। 

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक कुल 13.18 लाख मेट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है, जो गत वर्ष इसी अवधि में भंडारित 12.79 लाख मेट्रिक टन से लगभग 38 हजार मेट्रिक टन अधिक है। इस वर्ष एनपीके और एसएसपी का लक्षित मात्रा से क्रमशः 25,266 मेट्रिक टन एवं 71,363 मेट्रिक टन अधिक भंडारण किया गया है, जो डीएपी के विकल्प के रूप में उपयोग किया जा रहा है। राज्य में यूरिया 6 लाख मेट्रिक टन अधिक का भंडारण हुआ है। जुलाई एवं आगामी माह में यूरिया के शेष मात्रा की आपूर्ति होगी। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि धान में यूरिया का उपयोग तीन बार किया जाता है। प्रथम बार बोआई/रोपाई के समय में, दूसरी बार कंसा निकलने के समय में बोआई/रोपाई से तीन चार सप्ताह बाद एवं तीसरी बार गभोट अवस्था में बोआई/रोपाई के 7 से 8 सप्ताह बाद, इस प्रकार यूरिया का सितम्बर माह के मध्य तक उपयोग किया जाता है। डीएपी उर्वरक का 1.63 लाख मेट्रिक टन भंडारण हुआ है। जुलाई माह के सप्लाई प्लान के अनुसार राज्य को 48 हजार 850 मेट्रिक टन डीएपी और मिलेगी। 

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जुलाई माह में 25 हजार टन एनपीके की आपूर्ति संभावित है। एनपीके की अतिरिक्त आपूर्ति को मिलाकर कुल अतिरिक्त एनपीके 50 हजार 266 मेट्रिक टन से 22 हजार मेट्रिक टन डीएपी प्रतिपूर्ति होगी। इसी तरह एसएसपी की कुल अतिरिक्त आपूर्ति 1.47 लाख मेट्रिक टन से 50 हजार मेट्रिक टन डीएपी की प्रतिपूर्ति होगी। इस प्रकार राज्य में एनपीके और एसएसपी के अतिरिक्त आपूर्ति से 72 हजार मेट्रिक टन डीएपी की प्रतिपूर्ति सुनिश्चित होगी। 
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे- नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव के अनुरूप किसान डीएपी के बदले उक्त उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सोसायटियों से किसानों को उनकी डिमांड के अनुसार खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है।

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CG Big News : ये लो, पढ़ाई छोड़ धान चुनाई.! घर से धान लेकर स्कूल पहुंचा टीचर, बच्चों से चुनवाए खराब दाने..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/जांजगीर चांपा. स्कूल में बच्चों से काम कराने का मामला सामने आया है. शिक्षक अपने घर से धान लेकर स्कूल आया और उसमें से खराब धान को बच्चों से निकलवाने का काम कराया. यह मामला प्रायमरी स्कूल सिलादेही का है. इस मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा समिति के पदाधिकारी स्कूल पहुंचे और पालकों की उपस्थिति में पंचनामा बनाया. शिक्षा समिति इस मामले की शिकायत कलेक्टर और डीईओ से करने की बात कही है.

दरअसल, शिक्षा समिति ने जांच में पाया कि सहायक शिक्षक गोपी कुमार तिवारी अपने घर से 3.5 किग्रा धान स्कूल लाया था, जिसमें से करगा (खराब धान) को छात्रों से बिनवाया जा रहा था. चौथी एवं पांचवी कक्षा के सभी विद्यार्थी पढ़ना छोड़कर धान से करगा बीन रहे थे. स्वयं शिक्षक गोपी कुमार तिवारी भी धान से करगा बीन रहे थे.

फिलहाल, प्राथमिक शाला सिलादेही में कुल तीन शिक्षक हैं. इस दौरान दो शिक्षक उपस्थित थे एवं एक शिक्षक अर्जित अवकाश पर थे. बच्चों ने बताया कि पिछले आधे घंटे से शिक्षक गोपी कुमार के कहने पर धान से करगा बीन रहे थे. इस मामले का पंचनामा बनाने के दौरान लक्ष्मीप्रसाद देवांगन (शिक्षक), प्रीतम प्रसाद खुरे (प्रधानपाठक), आशीष तिवारी भाजपा मंडल अध्यक्ष, आलेख दुबे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदि मौजूद रहे.

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CG Big News : शराब घोटाला मामले में आरोपी अनवर ढेबर को नहीं मिली राहत..सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला के मुख्य सरगना अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली. आज मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अनवर की जमानत याचिका खारिज कर दी. बता दें कि इस घोटाले में आरोपी बनाए गए 22 आबकारी अधिकारियों को हाल ही में सरकार ने निलंबित किया था. इन सभी पर आरोप है कि शराब घोटाले के सिंडिकेट में ये लोग शामिल थे. इन अफसरों ने 88 करोड़ कमाए थे.

क्या है शराब घोटाला?

वहीं, तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और CM सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है. इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ED ने जांच के बाद 2161 करोड़ के शराब घोटाले की बात का जिक्र कोर्ट में पेश चार्जशीट में किया था.

दरअसल, ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के ज़रिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया. ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के ज़रिए शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया. उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ का घोटाला हुआ. इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था.

फिलहाल, 13 मार्च को शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया था, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया था. इसमें कवासी लखमा, अनवर ढेबर, अनिल टूटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम सांई ब्रेवरेज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं.

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CG News : पैरा मशरूम खाने से एक ही परिवार के 13 लोग बीमार..सभी अस्पताल में भर्ती..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बालोद. पैरा में उगे मशरूम की सब्जी खाने से एक ही परिवार के 13 सदस्य फूड पॉइजनिंग के शिकार हुए हैं. यह मामला डौंडीलोहारा क्षेत्र के ग्राम मुड़खुसरा का है. गांव के हल्बा परिवार ने मशरूम की सब्जी खाई इसके कुछ घंटों बाद सभी को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी. तत्काल सभी को डौंडीलोहारा के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया.

दरअसल ग्रामीणों के अनुसार एक ब्यारे में पैरा के ढेर पर मशरूम उग आया था, जिसे महिलाओं ने तोड़कर सब्जी बनाई. मशरूम की मात्रा कम थी, इसलिए सभी ने थोड़ा-थोड़ा ही खाया, लेकिन खाना खाने के करीब दो घंटे बाद एक-एक कर सभी बीमार पड़ने लगे. परिवार के पुरुष सदस्य उस समय अपने-अपने काम में व्यस्त थे और उन्होंने यह सब्जी नहीं खाई, इसलिए वे सुरक्षित हैं. महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक असर हुआ.

सभी की स्थिति सामान्य : बीएमओ

फिलहाल, बीएमओ डॉ. विनोद चौरका ने बताया कि सभी पीड़ितों को समय रहते अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. उन्होंने आशंका जताई कि यह मशरूम संभवतः किसी जहरीली प्रजाति का रहा होगा, जिससे यह फूड पॉइजनिंग हुई. हालांकि समय पर इलाज मिलने से सभी की स्थिति अब सामान्य है.

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CG Breaking : विधानसभा मानसून सत्र.! खाद संकट पर सदन में भारी हंगामा..विपक्ष का स्थगन अस्वीकार..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शून्यकाल के दौरान नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य में खाद-बीज संकट का मुद्दा उठाया. विपक्ष की ओर से खाद-बीज की कमी के मुद्दे पर स्थगन लाया गया, लेकिन मंत्री के वक्तव्य के बाद विधानसभा अध्यक्ष के स्थगन को अग्राह्य करने पर वेल में आकर कांग्रेस के विधायकों की जमकर नारेबाजी की. विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई.

वहीं, स्थगन की सूचना देते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि पूरे राज्य में खाद की भारी किल्लत है. किसान इससे दुःखी हैं, आक्रोशित हैं. इस पर स्थगन स्वीकार कर चर्चा कराई जाए. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद संकट से किसान हलाकान है. सरकार खाद उपलब्ध कराने में नाकाम है. किसान बाहर बाजार से दोगुने भाव मे खाद खरीदने में मजबूर हैं.

वहीं, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए जागरूक कर रहे हैं, वैकल्पिक खाद के उपयोग की भी जानकारी प्रशिक्षण के जरिए दी गई. फास्फेटिक खाद की आपूर्ति प्रभावित हुई, इसलिए हमने बहुत पहले से वैकल्पिक व्यवस्था की. नैनो उर्वरकों के उपयोग की अनुशंसा की गई है. बड़ी तादाद में इसका भंडारण भी किया जा चुका है.

दरअसल, मंत्री ने बताया कि वैश्विक कारणों से रासायनिक खाद की आपूर्ति प्रभावित हुई. एनपीके उर्वरक का भंडारण लक्ष्य से ज्यादा हुआ है. पोटाश सहित अन्य खाद का भी भंडारण हुआ है. 28 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बोअनी हो चुका है, जो पहले से ज्यादा है.

निलंबन के बाद सदन के बाहर गांधी प्रतिमा के पास बैठकर प्रदर्शन करते विपक्षी सदस्य.

फिलहाल, मंत्री के वक्तव्य के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष का स्थगन अग्राह्य किया, स्थगन अग्राह्य होने और मंत्री के वक्तव्य से असंतुष्ट कांग्रेस के विधायकों ने वेल में आकर जमकर नारेबाजी. विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई.

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