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*"यशस्वी जशपुर" कार्यक्रम के अंतर्गत इतिहास विषय के व्याख्याताओं का  उन्मुखीकरण संपन्न 

जशपुर :  कलेक्टर रोहित व्यास  और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित "यशस्वी जशपुर" कार्यक्रम के अंतर्गत इतिहास विषय के व्याख्याताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी प्रशांत कुशवाहा और डीईओ पीके भटनागर के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला में विषयगत ओरिएंटेशन, संशोधित पाठ्यक्रम की समझ, शिक्षण में आने वाली विषय-विशेष की चुनौतियों का समाधान, और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक परिणाम प्राप्त करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता के द्वारा शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु हाई और हायर सेकंडरी विद्यालय के सभी विषय के व्याख्याताओं का उन्मुखीकरण कराया जा रहा है। कार्यक्रम में राजेंद्र प्रेमी ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए शिक्षकों के शैक्षणिक कर्तव्यों, शिक्षा के बदलते स्वरूप और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावों पर प्रकाश डाला।
       विकास पांडेय ने शिक्षकों को "कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर नवाचार की ओर बढ़ने" हेतु एक प्रेरणादायक सत्र प्रस्तुत किया, जो शिक्षकों के मनोबल और नवाचारशील दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करता है।
डॉ. मिथलेश पाठक ने अपने व्याख्यान में इतिहास के व्यापक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कक्षा 12वी के पाठक्रम सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर राष्ट्रीय आंदोलन, भारत-पाक विभाजन, और संविधान निर्माण तक के विषयों की गहन चर्चा की। उन्होंने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में इतिहास की आवश्यकता और अंग्रेज इतिहासकारों के भारतीय इतिहास पर प्रभाव पर भी चर्चा की।
जयेश सौरभ  टोपनो ने वर्ष 2025–26 के  संशोधित पाठ्यक्रम पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि अब राज्य बोर्ड द्वारा एन सी ई आर टी के राष्ट्रीय एकीकृत ढांचे के अनुरूप ही पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किन अध्यायों को हटाया गया है और "छत्तीसगढ़ का इतिहास" को किस तरह से एक प्रमुख अध्याय के रूप में पुनः शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान इतिहास विषय में 100 प्रतिशत परिणाम लाने वाले व्याख्याताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। व्याख्याता महेश केरकेट्टा ने इतिहास में अच्छे अंक लाने वाले छात्रों की रणनीति और अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों को परिणामोन्मुखी योजना बनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के सफल संचालन यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय के द्वारा कराया गया। अंत में, सभी उपस्थित शिक्षकों ने सत्र 2025–26 में 100 प्रतिशत परिणाम प्राप्त करने का संकल्प लेते हुए बच्चों को समर्पित शिक्षण की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम हेतु बनाये गए समय सारिणी अनुसार फीडबैक सहित ऑनलाइन पोस्ट टेस्ट लिया गया।

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*छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक 2025 विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित.....विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम*

रायपुर, 18 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राज्य की आर्थिक स्थिरता और सतत विकास को सुनिश्चित करने हेतु छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक 2025 को सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह विधेयक राज्य के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने विधेयक के उद्देश्यों, प्रावधानों और इससे होने वाले लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विधेयक प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 दस्तावेज तैयार किया है, जिसके अंतर्गत राज्य को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। इसी कड़ी में राज्य की वित्तीय दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष फंड स्थापित किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में खनिज संसाधनों से होने वाली आय में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2001-02 से 2024-25 के दौरान खनिज राजस्व में 30 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं पूंजीगत व्यय में भी लगभग 43 गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में पूंजीगत व्यय में पिछले वर्ष की तुलना में 38 प्रतिशत तथा वर्ष 2023-24 में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय से अर्थव्यवस्था को मल्टीप्लायर इफेक्ट मिलता है, जिससे एक रुपये के निवेश से अर्थव्यवस्था को तात्कालिक रूप से 2.45 रूपए और दीर्घकाल में 3.14 रूपए का लाभ मिलता है। इसी दृष्टिकोण से यह फंड राज्य के पूंजीगत व्यय को सुदृढ़ करने सहायक होगा।

फंड के प्रमुख प्रावधान और लाभ

वित्त मंत्री ने बताया कि यह फंड खनिज संसाधनों से प्राप्त वार्षिक राजस्व का न्यूनतम 1 प्रतिशत और अधिकतम 5 प्रतिशत तक निवेश की व्यवस्था करेगा। फंड से प्राप्त लाभांश को पुनः फंड में निवेश किया जाएगा। इस फंड का उपयोग केवल पूंजीगत व्यय के लिए ही किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में ही मूल राशि से आहरण किया जा सकेगा, वह भी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 10 प्रतिशत तक। फंड की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत नियम बनाए जाएंगे, जिनमें फंड प्रबंधन, निवेश प्रक्रिया और अनुमति योग्य निवेश साधनों का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा।

राज्य के लिए ऐतिहासिक पहल

श्री ओपी चौधरी ने कहा कि ऐसा फंड बनाने वाला छत्तीसगढ़ संभवतः देश का पहला राज्य है। मुख्य बजट 2025-26 में इस फंड के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा जिला खनिज न्यास निधि का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज समेत कई जिलों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।

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*मुख्यमंत्री 19 जुलाई को एस्पायर फार्मास्युटिकल के अत्याधुनिक इकाई का करेंगे उद्घाटन*

रायपुर, 18 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल 19 जुलाई को नवा रायपुर, अटल नगर के सेक्टर-5 में एस्पायर फार्मास्युटिकल के अत्याधुनिक इकाई का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। 

छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और चिकित्सा नवाचार का हब बनाने की दिशा में एस्पायर फार्मास्यूटिकल इकाई का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ‘मेक इन छत्तीसगढ़’ अभियान का हिस्सा है। यह संस्थान अनुसंधान, विकास और निर्यात के लिए भविष्य में छत्तीसगढ़ का केंद्र बनेगा। यह हाई-टेक फार्मा इकाई न केवल नवीनतम तकनीकों से सुसज्जित है, बल्कि यह राज्य के औद्योगिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को भी एक नई दिशा देगी। यह यूनिट फार्मास्युटिकल्स निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाएगी और राज्य को वैश्विक औषधि मानचित्र पर स्थापित करने में मदद करेगी। यह इकाई अत्याधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित तथा स्वचालित और पर्यावरण-संवेदनशील उत्पादन इकाई हैै। इस इकाई में लगभग 100 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। 

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल अति विशिष्ट अतिथि, उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और सांसद श्री विजय बघेल, विधायक सर्वश्री किरण सिंह देव, अजय चन्द्राकर, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, इंद्र कुमार साहू, गुरू खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा, ललित चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन, संतप अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

इसी प्रकार कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन के चेयरमैन श्री दीपक महस्के, छत्तीसगढ़ अधोसंरचना एवं विकास निगम के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के चेयरमैन श्री संजय श्रीवास्तव, महापौर दुर्ग श्रीमती अलका बाघमार, महापौर धमतरी श्री रामू रोहरा, अपैक्स बैंक के अध्यक्ष श्री केदार नाथ गुप्ता, क्रेडा के चेयरमैन श्री भूपेन्द्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव एवं सिडबी के महाप्रबंधक श्री प्रमोद कुमार विजयवर्गीय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

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CG Big News : एक महत्वपूर्ण कदम.! जनविश्वास विधेयक पारित करने वाला देश का दूसरा राज्य बना छत्तीसगढ़..अब आपराधिक मुकदमा नहीं, लगेगा जुर्माना..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज जनविश्वास विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ। यह विधेयक राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस ऐतिहासिक विधेयक का उद्देश्य अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कई ऐसे कानूनों को संशोधित करना है, जो नागरिकों और कारोबारियों द्वारा की गई छोटी-मोटी त्रुटियों को भी आपराधिक कृत्य की श्रेणी मेें शामिल थे।

ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस विधेयक को विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए भारतीय न्याय संहिता की तर्ज पर, छत्तीसगढ़ अब मध्य प्रदेश के बाद दूसरा राज्य बन गया है, जिसने जनविश्वास विधेयक पारित किया है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में रोजगार व्यवसाय को आसान बनाने के साथ-साथ गैर अपराधिक श्रेणी के मामलों में व्यापारियों एवं आम नागरिकों न्यायालयीन मुकदमे से संरक्षित करना और एक सुगम व्यावसायिक एवं जिम्मेदारी पूर्ण वातावरण तैयार करना है। यह विधेयक दंड देने के बजाय व्यवसाय को दिशा देने और ऐसी नीति बनाने में सहायक है, जो व्यावहारिक और संवेदनशील हों।

वहीं, इस विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किए गए छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर जुर्माने (शास्ति) के दायरे में लाता है। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी और अदालतों पर बोझ कम होगा, साथ ही नागरिकों को छोटी गलतियों के लिए आपराधिक मामलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस विधेयक में छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग, नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम, और छत्तीसगढ़ सहकारिता सोसायटी अधिनियम से संबंधित 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में बदलाव किया गया है।

दरअसल, विधेयक का लक्ष्य उद्यमियों को नियामकीय सूचनाओं से संबंधित देरी के लिए आपराधिक मुकदमे के डर से मुक्ति दिलाना है। अब ऐसे मामलों में केवल प्रशासकीय जुर्माना लगेगा, जिससे व्यापार व्यवसाय में आसानी होगी। विधेयक में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 के प्रावधान में भी संशोधन किया गया है। सार्वजनिक स्थल पर शराब के उपभोग के मामले में पहली बार सिर्फ जुर्माना और इसकी पुनरावृत्ति के मामले में जुर्माना और कारावास का प्रावधान किया गया है।

फिलहाल, नगरीय प्रशासन विभाग के अधिनियम के तहत मकान मालिक द्वारा किराया वृद्धि की सूचना नहीं दिए जाने के मामले में आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के प्रावधान को संशोधित कर अब अधिकतम 1,000 रुपये की शास्ति का प्रावधान किया गया है। इसी तरह किसी सोसायटी द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन दाखिल करने के मामले में विलंब की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई के प्रावधान को संशोधित कर नाममात्र के आर्थिक दंड में बदल दिया गया है। विशेषकर महिला समूहों के मामलों में इसे और भी न्यूनतम रखा गया है। यदि कोई संस्था गलती से सहकारी शब्द का उपयोग कर लेती थी, तो उसे आपराधिक मुकदमे और दंड के प्रावधान के स्थान पर अब केवल प्रशासनिक आर्थिक दंड का प्रावधान है।

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Jashpur News : जरूरी कदम उठाने के निर्देश.! कलेक्टर ने पालकों से बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की..पढ़ें पूरी ख़बर

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कलेक्टर रोहित व्यास ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर 10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड के परीक्षा परिणामों और इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों की उपस्थिति पर विस्तार से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षाओं में जिन स्कूलों में आपेक्षिक परीक्षा परिणाम नहीं आए हैं उन स्कूलों के प्राचार्यों को इसमें आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए।

बता दें इसके साथ ही कलेक्टर ने इस शैक्षणिक सत्र में जिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम दर्ज हुई है उन पर नाराजगी जाहिर करते हुए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए और कहा की अगर इसमें सुधार नहीं किया जाता है तो संबंधित स्कूल के प्राचार्यों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने पालकों से अपील करते हुए कहा की अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए नियमित रूप से स्कूल भेजें। 

ज्ञात हो कि स्कूल ही वह माध्यम है जहां बच्चें पढ़ाई कर अपने आने वाला कल को सुंदर बना सकते हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद से स्कूलों में शिक्षकों की कमी की जो समस्या थी, उसे दूर कर लिया गया है। कलेक्टर व्यास ने स्कूलवार बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा के दौरान अगले सत्र में इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए और कहा कि आपेक्षिक परीक्षा परिणाम नहीं आने पर संबंधित स्कूल के प्राचार्यों पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने प्राचार्यों को निर्देश दिए की जो बच्चे किसी कारणवश स्कूल नहीं आ रहे हैं उसके घर जाकर उनसे संपर्क कर स्कूल आने के लिए प्रेरित करें इसके साथ ही उनके पालकों को भी इस बारे में जागरूक करें। सरपंच सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी बच्चों को रोजाना स्कूल आने के लिए बच्चों को जागरूक करने हेतु सहायता लें।

आगे कलेक्टर ने कहा की अपने काम को एक मिशन की तरह मान कर चलें। हमें आने वाले कल के लिए बच्चों को भविष्य संवारना है इस मंशा के साथ कार्य करे तो परिणाम और भी बेहतर होंगे। इसके अलावा कलेक्टर ने स्कूल संबंधी गतिविधियों को विनोबा ऐप पर दर्ज करने और इसे लगातार अपडेट रखने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर ने एक पेड़ मां के नाम के तहत स्कूलों में पौधारोपण को कार्य प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधे के साथ ट्री गार्ड भी लगाएं, ताकि इसकी सुरक्षा हो सके।

वहीं कलेक्टर व्यास ने निर्देश दिए कि पुस्तकालय से बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रदान करें और किसी महापुरूष की जीवनी के बारे में बोलने के लिए प्रेरित करे इससे उसमें प्रतिभा का विकास होगा। इसके साथ ही खेल समाग्रियों को निकटत्म छात्रावास में सुपुर्द करें ताकि इसका समुचित उपयोग हो सके। इसके अलावा कलेक्टर ने संपर्क स्मार्ट क्लास, साइंस क्लब, अटल टिंकरिंग लैब और प्रयोगशाला की सुदृढ़िकरण की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिस विद्यालय में साइंस क्लब की गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई है वहां इसे जल्द कराने के निर्देश प्राचार्याे को दिए। 

दरअसल कलेक्टर व्यास ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए शिक्षा अधिकारियों को सतत रूप से स्कूलों को दौरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल पहुंच मार्ग में पुल-पुलिया और सड़क निर्माण नहीं होने से स्कूल आने में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है तो इसका प्रस्ताव बना कर प्रस्तुत करें।

फिलहाल बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए की कोटपा एक्ट और नशामुक्त भारत अभियान के तहत स्कूल के बाउंड्री वॉल से 100 मीटर के दायरे में तक नो टोबैको जोन घोषित किया गया है। अगर कोई विक्रय करते हुए पाया जाता है तो इस संबंध में अधिकारियों को सूचित करें। कलेक्टर ने बताया कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की तरफ से जिले में खेल मैदान को डेवलप किया जाना है। यह कार्य जन सहयोग से होगा। उन्होंने अधिकारियों से जिले के 20 खेल मैदानों की जानकारी देने को कहा जिसे डेवलप किया जा सकता है।

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Jashpur Breaking : जशपुर के तपकरा क्षेत्र में फिर से गौवंश की हत्या.! 49 किलो गोमांस के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार..बाकी फरार..पढ़ें पूरी समाचार

तपकरा/जशपुरनगर ।। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के तपकरा क्षेत्र में फिर से गौवंश की हत्या का मामला सामने आया है।ताजा मामले में पुलिस ने तपकरा थाना क्षेत्र के 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी में ग्रामीणों की अहम भूमिका बताई जा रही है। ग्रामीणों के सहयोग से आरोपियों को 49 किलो गोमांश के साथ पकड़ा गया है। हांलाकि अन्य आरोपी फरार होने में सफल हो गए।

बता दें कि, आरोपियों के विरूद्ध चौकी करडेगा थाना तपकरा में अप.क्र. 53/25 धारा छ.ग. पशु परि. अधि. 2004 की धारा 4, 5, 10 एवं कृषक पशु क्रूरता अधि. 11 का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।आरोपियों की पहचान सुधीर कुजूर उम्र 48 साल निवासी मयूरचुंदी खरवाडीपा थाना तपकरा एवम वीरसिंह कुजूर उम्र 55 साल निवासी मयूरचुंदी खरवाडीपा थाना तपकरा के रूप में हुई है।

ज्ञात हो कि, मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनाँक 17.07.2025 को ग्राम मयूरचुंदी के जागरूक ग्रामीणों से एसडीओपी कुनकुरी को सूचना मिला कि ग्राम मयूरचुंदी खरवाडीपा का सुधीर कुजूर अपने साथीगणों के साथ एक घर में गौ-वंश का वध कर उसके मांस को विक्रय करने एवं भक्षण करने के उद्देष्य से तैयार कर अपने घर में रखा हुआ है, इस सूचना पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद मंडावी एवं चौकी करडेगा, उपरकछार से संयुक्त पुलिस स्टाॅफ को मौके पर कार्यवाही हेतु रवाना किया गया, पुलिस स्टाॅफ द्वारा मौके पर जाकर घेराबंदी कर दबिश देकर सुधीर कुजूर एवं वीरसिंह कुजूर को अभिरक्षा में लिया एवं उनके कब्जे से गौ-मांस, उसके अवशेष घटना में प्रयुक्त लोहे का औजार, तराजू बाट इत्यादि जप्त किया गया। 

वहीं, आरोपी सुधीर कुजूर ने पूछताछ दौरान अपने मेमोरंडम कथन में बताया कि दिनांक 16.07.2025 के शाम लगभग 07 बजे वह अपने काला रंग के बैल को अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने नव निर्मित मकान में टंगिया से वारकर वध कर दिया एवं उसका मांस को भक्षण करने एवं विक्रय करने हेतु रखा था, आरोपियों ने उसके अवशेष को जमीन में दफन कर दिया। आरोपी के मेमोरंडम कथनानुसार 49 किलोग्राम गौ-मांस, काटने का औजार, तराजू बाट इत्यादि पेश करने पर जप्त किया गया है एवं गौ-मांस खरीदने वाले ग्राहक वीरसिंह कुजूर के कब्जे से 02 किलो गौ-मांस जप्त कर उसे भी गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण के अन्य आरोपीगण फरार हैं। आरोपीगण सुधीर कुजूर एवं वीरसिंह कुजूर के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर उन्हें दिनांक 17.07.2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।        

दरअसल, विवेचना कार्यवाही एवं गिरफ्तारी में एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद मंडावी, स.उ.नि. दिलबंधन भगत, स.उ.नि. भुनेष्वर भगत, प्र.आर. 385 अजय कुजूर लकड़ा, प्र.आर. 228 राजेन्द्र राम, प्र.आर. 418 भगत राम गोरे, आर. 581 धिरेन्द्र मधुकर, आर. 596 शोभनाथ सिंह, आर. 583 षिवषंकर राम का विशेष योगदान रहा है। 

फिलहाल, मामले में एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि- "ग्राम मयूरचुंदी के जागरूक ग्रामीणों की सूचना पर गौ-वंश कर वध कर उसका मांस बनाने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, प्रकरण के अन्य आरोपीगण फरार हो गये हैं, उनकी सघनता से पतासाजी की जा रही है। अपने आस-पास इस तरह का घटना घटित हो रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल मुझे या फिर नजदीकी थाना/चौकी में देवें। ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी रहेगा।"

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CG Big News : शराब घोटाला मामला.! हाईकोर्ट से पूर्व मंत्री कवासी लखमा को लगा झटका..जमानत याचिका खारिज..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। लखमा की ओर से दाखिल की गई जमानत याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया है। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में इस याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए लखमा को जमानत नहीं दी जा सकती है।

बता दें कि शराब घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को इसी साल 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में EOW ने भी केस दर्ज किया है और गिरफ्तारी की। जिसकी जांच के बाद चार्ज शीट पेश की गई। कवासी लखमा ने अपने वकील हर्षवर्धन के माध्यम से अलग-अलग याचिका दायर की है। शुक्रवार को EOW की गिरफ्तारी के केस में बेल पर सुनवाई हुई, जिसमें तर्क दिया गया कि साल 2024 में केस दर्ज किया गया था, जिसमें डेढ़ साल बाद गिरफ्तारी की गई है, जो गलत है। इस दौरान कभी उनका पक्ष ही नहीं लिया गया। लेकिन जब उन्हें गिरफ्तारी का शक हुआ और अग्रिम जमानत अर्जी लगाई, तब अरेस्ट कर लिया गया।

हालांकि, कोर्ट को यह भी बताया गया कि केवल बयानों के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया है। जबकि, उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। पूर्व मंत्री को राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाने का आरोप लगाया गया है।

दरअसल, जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान EOW की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने बताया कि चार्जशीट के मुताबिक कवासी लखमा के बंगले में हर महीने 2 करोड़ रुपए कमीशन पहुंचता था। शराब घोटाला सिंडीकेट की तरह चलता था, जिसमें अधिकारी से लेकर मंत्री तक कमीशन लेते थे। EOW के अधिकारियों ने लखमा के 27 करीबियों से बयान लेकर इस बात का साक्ष्य इकट्‌ठा किया है। जिसमें उनकी भूमिका और मिलीभगत के सारे साक्ष्य मौजूद हैं।

पूर्व मंत्री को घोटाले में मिले 64 करोड़ रुपये

वहीं, शराब घोटाला मामले की जांच में अबतक यह पता है कि पूर्व मंत्री लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से सुनियोजित घोटाले को क्रियान्वित किया गया। इस घोटाले से हासिल की गई रकम को व्यक्तिगत और परिवार के हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अत्यधिक और अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके अलावा मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घोटाले की जांच जारी है।

21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा

ज्ञात हो कि, शराब घोटाले मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे 2 बार ED दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार करने से पहले ED ने उन्हें 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी। उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ा दी थी।

क्या है शराब घोटाला?

वहीं, तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और मुख्यमंत्री सचिवालय की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है। इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ईडी (ED) ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ईडी ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था।

दरअसल, ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के जरिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया। ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के जरिए शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया। उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के जरिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 3200 करोड़ का घोटाला हुआ। इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था।

फिलहाल, 30 जून की चार्जशीट से पहले 13 मार्च को शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया था, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया था। इसमें कवासी लखमा, अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, छत्तीसगढ़ डिस्टिलर, वेलकम डिस्टिलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम साईं ब्रेवरीज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कोतबा को मिली स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सौगात, भवन निर्माण के लिए मिली 4 करोड़ 37 लाख की स्वीकृति.....*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार ठोस पहल की जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले के कोतबा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अब 50 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत किया जाएगा। इसके लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। इस राशि से भवन निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा है विस्तार

कोतबा क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी सौगात मानी जा रही है, क्योंकि अब यहां की जनता को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूरस्थ अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके पहले भी जिले को 220 बिस्तर वाले आधुनिक अस्पताल की स्वीकृति मिल चुकी है, जो जिले की स्वास्थ्य संरचना को एक नई मजबूती देगा। वहीं कुनकुरी विकास के ग्राम गिना बहार में करोड़ों की लागत से 50 बिस्तरीय   मातृ और शिशु अस्पताल की स्थापना भी स्वीकृत की जा चुकी है। जिससे मां और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।इसी कड़ी में जिले को  विगत डेढ़ सालों में 10 अतिरिक्त एंबुलेश एवं दो शव वाहन की सौगात मिल चुकी है। 

स्थानीय जनता में हर्ष, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

कोतबा समेत आस-पास के ग्रामीण अंचलों के लोगों में स्वीकृति मिलने से खुशी की लहर है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी करेगा, बल्कि गरीब व दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधा घर के पास ही उपलब्ध कराएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सौगातें मिल रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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रसायन और विज्ञान के शिक्षकों का हुआ उन्मुखीकरण — डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने कराया प्रयोग आधारित प्रशिक्षण

जशपुर :18 जुलाई 2025 : कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत हायर सेकेंडरी के रसायन और हाई स्कूल के विज्ञान विषय के 158 शिक्षकों के लिए विशेष प्रायोगिक उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन सेजेस हिंदी माध्यम विद्यालय जशपुर में किया गया। कार्यशाला में शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने शिक्षकों को दैनिक जीवन की सामान्य वस्तुओं का उपयोग करते हुए रसायन के कई प्रयोग कराए। इन प्रयोगों के दौरान शिक्षकों की शंकाओ का भी उन्होंने समाधान किया।


प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कई सरल रासायनिक एवं भौतिक  प्रयोग करके दिखाए गए। कराए गए प्रयोग में ग्लूकोज टेस्ट, अमोनिया टेस्ट, स्टार्च टेस्ट, ऑक्सीजन निर्माण, एग्ज़ोथर्मिक रिएक्शन, मोल कॉन्सेप्ट, विस्थापन अभिक्रिया, सेल फंक्शन, ठोसों में संतुलन, नेचुरल एसिड-बेस टेस्ट, इलेक्ट्रोलिसिस, अधिशोषण एवं अवशोषण, परासरण, सूचक पर आधारित प्रयोग एवं परासरण दाब इत्यादि शामिल रहे ‌।

इन प्रयोगों को करने के लिए दैनिक जीवन की सामान्य वस्तुओं नींबू, नमक, शक्कर, पनीर, स्पांन्ज, गुड़हल का फूल, कपूर, नैप्थलीन, मोमबत्ती, माचिस, चुना, फिटकरी, हल्दी, ग्लूकोज, चुकंदर, आलू, कोयला जैसी घरेलू एवं प्राकृतिक वस्तुओं के साथ-साथ सामान्य केमिकल विनेगर, बेकिंग सोडा, अमोनियम क्लोराइड, लिटमस पेपर आदि का उपयोग किया गया।

अंत में शिक्षा गुणवत्ता पर बात करते हुए उन्होंने  कहा कि शिक्षकों को कक्षा में स्वयं प्रयोग कराकर बच्चों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा को विकसित करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि सभी शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों को भी प्रयोग आधारित अध्यापन को विशेष महत्व देंगे। 

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु जिले के शिक्षकों का उन्मुखीकरण 3 जुलाई से ही आयोजित किया जा रहा है, जो 18 अगस्त तक चलेगा।

कार्यशाला के आयोजन में रोजगार अधिकारी सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह, नायब तहसीलदार रोहित गुप्ता का विशेष योगदान रहा। कार्यशाला में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय, संजय दास सहित जिले के विद्यालयों के व्याख्याता उपस्थित रहे।

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*दुखद घटना ने ज्योति से छीना सहारा तो मुख्यमंत्री ने सिर पर रखा हांथ....तपकरा की बालिका की पूर्ण पढ़ाई का मुख्यमंत्री ने लिया जिम्मा*

जशपुर, 18 जुलाई 2025/ राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। तपकरा में हुए ट्रिपल मर्डर केस में अपने स्वजनों को खोने वाली ज्योति ठाकुर की इस दुखद घटना ने सब कुछ छीन लिया था। ऐसे में अपने रिश्तेदारों के घर रह रही ज्योति को अपने भविष्य को लेकर चिंता होने लगी थी। उसकी चिंता को देखकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इसकी जानकारी मुख्यमंत्री श्री साय को दी गयी। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरन्त कार्यवाही की और ज्योति के भविष्य को सुरक्षित करने एवं उसे संरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया। उन्होंने ज्योति के भविष्य को संवारने के लिए उसकी आगे की पूरी शिक्षा की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली है। इसके साथ ही ज्योति को गणवेश और स्कूली किताबें भी उपलब्ध कराई हैं। जिसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ज्योति को प्रदान करते हुए किसी भी प्रकार की समास्या होने पर तुरंत सूचित करने को कहा है। इसके संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधि राजेश चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा एक ऐसी बच्ची जिसकी एक दुखद घटना ने सब कुछ छीन लिया था उसे सहारा देने का एक सराहनीय कदम उठाया है। इससे ज्योति को ना केवल आगे बढ़ने का संबल प्राप्त होगा, उसके भविष्य को भी उज्ज्वल राह प्राप्त होगी। यह पूरे समाज में भरोसा और उम्मीद जगाने वाला कदम है।

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केंद्र सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश के किसानों को मिलेगा लाभ,किसानों के लिए समर्पित डबल इंजन सरकार का बड़ा निर्णय - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 18 जुलाई 2025/ प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।

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*हाथी मानव-द्वन्द न्यूनतम करने कुनकुरी में अर्ली वार्निंग सिस्टम हेतु गज संकेत एप्प का दिया गया प्रशिक्षण*  

*जशपुरनगर 18 जुलाई 2025/ वनमंडल अंतर्गत कुनकुरी में विगत दिवस 16 जुलाई को रायपुर से आए विशेषज्ञ द्वारा अर्ली वार्निंग सिस्टम हेतु गज संकेत एप्प का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमे ंलगभग 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य वन कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ रेपिड रेस्पॉन्स टीम को इस एप्प की जानकारी देना था। 
          ज्ञात हो कि इस एप्प के माध्यम से आम जनता को हाथी के लोकेशन की जानकारी पहले ही प्राप्त हो जाएगी। जिससे ग्रामीण जंगलो की ओर नही जाएंगे। इस एप्प के द्वारा हाथी के लोकेशन के 10 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले सभी क्षेत्र के रजिस्टर्ड ग्रामीणों को दूरभाष एवं मैसेज के द्वारा जानकारी पूर्व में ही प्राप्त हो जाएगा। जिससे हाथी मानव द्वन्द को न्यूनतम किया जा सकेगा।

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*छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी*


 
जशपुरनगर 18 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के द्वारा परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशानुसार परीक्षार्थी परीक्षा प्रांरभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचेगें, ताकि उनका फ्रिस्किंग एवं पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सकेगा। परीक्षा प्रारंभ होने से 15 मिनट पहले परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। जैसे कि, यदि परीक्षा सुबह 10ः00 बजे से शुरू होती है, तो मुख्य द्वार 9ः45 बजे बंद हो जाएगा।
            व्यापम के गाइडलाइन के अनुसार अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आए। फुटवियर के रूप में चप्पल पहने। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा प्रारंभ होने के आधे घंटे पहले और परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधे घंटे में केंद्र से बाहर जाना वर्जित होगा। परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूरी तरह से वर्जित रहेगा। प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट लेकर और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करना होगा, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा हेतु व्यापम की प्रति परीक्षा केन्द्र में जमा हो जाएगी। परीक्षार्थी को परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र. के रूप में मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, की एक मूल पहचान पत्र परीक्षा दिवस में परीक्षा केन्द्र में लाना अनिवार्य होगा। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने प परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे। यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं आता है, तो अभ्यर्थी अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साईज फोटो लेकर परीक्षा केन्द्र में जाऐगें। परीक्षार्थी परीक्षा कक्षा में केवल काले या नीले वाल पॉइंट पेन ही उत्तर अंकित करने हेतु उपयोग में लायेगें। चयन/प्रवेश के समय प्रवेश पत्र मांगा जाता है। इसलिए प्रवेश पत्र को सुरक्षित रखेंगे। व्यापम द्वारा दोबारा प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। निर्देशों का पालन ना करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जाएगा। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी।

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CG Breaking : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई निवास पर ED की दबिश..8 अधिकारियों की पहुंची टीम..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh Breaking News/रायपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के घर शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दबिश दी है. 8 अधिकारियों की टीम ने शराब घोटाला मामले में छापा मारा है. कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ उनके निवास पर पहुंचने लगी है. मौके पर जिला पुलिस ने निवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है. इस कार्रवाई को लेकर उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट भी किया है. 

जानकारी के मुताबिक, बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में ईडी ने एक बार फिर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर में रेड मारी है. सुबह 6 बजे दो गाड़ियों में ईडी के 8 अधिकारी पहुंचे. मामले में जांच जारी है. 

जुटने लगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़

बता दें कि, ईडी की दबिश के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पदुम नगर स्थित निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी है. चरोदा निगम के सभापति कृष्णा चंद्राकर, पूर्व ओएसडी मनीष बंछोर और आशीष वर्मा के साथ समर्थक उनके निवास के पहुंचे हैं.

वहीं, बताया जा रहा है कि आज पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल का जन्मदिन है. ऐसे में पूर्व सीएम कें निवास में सुबह से तैयारिया की जा रही थी. इस बीच ईडी ने दबिश दे दी है. 

भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट 

दरअसल, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ईडी की दबिश को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर किया और सरकार को जमकर घेरा है. 

फिलहाल, विधानसभा के मानसून सत्र से पहले बजट सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई निवास पर ईडी ने छापा मारा था. यह जांच करीब 11 घंटे तक चली थी. उन्होंने खुद बताया था कि टीम उनके निवास से 32-33 लाख रुपए और दस्तावेज टीम ले गई. लगभग भूपेश बघेल के आवास सहित चैतन्य बघेल के घर और प्रदेशभर में कुल 14 ठिकानों पर दबिश दी थी. ईडी की अलग-अलग टीमें रायपुर, भिलाई सहित अन्य जिलों में एक साथ छापेमारी की थी.

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CG Big News : निकायों को फरमान.! अवैध प्लॉटिंग पर तत्काल करें कार्रवाई..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकाय के आयुक्तों एवं नगर पालिका अधिकारियों को अवैध प्लॉटिंग को लेकर सख्त हिदायत दी है. अफसरों को निर्देशित किया गया है कि वे न सिर्फ अवैध प्लॉटिंग की शिकायत मिलते हुए प्लॉटिंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई करें, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराएं.

दरअसल, नगरीय प्रशासन विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश के निकायों में अवैध प्लॉटिंग की लगातार शिकायतें मिल रहीं हैं. जबकि नगर निगम एवं नगर पालिका एक्ट में इसके खिलाफ स्पष्ट प्रावधान हैं. अब अवैध प्लॉटिंग पर नक्शा स्वीकृत करने वाले पर भी कार्रवाई निकाय अफसरों से कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अवैध प्लॉटिंग वाली कॉलोनी में भवन नक्शे की स्वीकृति दी जाती है या विद्युत या जल प्रदाय संयोजन की अनुमति दी जाती है तो उनके खिलाफ भी अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए . अवैध प्लॉटिंग के मामलों में आवश्यक कार्रवाईर के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नगर तथा ग्राम निवेशक विभाग को भी सूचना दी जाए.

फिलहाल, अवैध प्लॉटिंग में कॉलोनी निर्माण के मामले संज्ञान में आते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. अवैध कॉलोनी निर्माण के लिए यदि कोई व्यक्ति अपनी भूमि को या अन्य किसी व्यक्ति की भूमि को भूखंडों में विभाजित करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए. अवैध प्लॉटिंग स्थल पर किए गए निर्माण को ध्वस्त कर निर्माण सामग्रियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाए.

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*छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047 जनता को समर्पित : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा-यह केवल दस्तावेज नहीं, संकल्प है, दिशा है, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है*

रायपुर, 17 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने “छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047” दस्तावेज को प्रदेश की जनता को समर्पित किया। नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यगण, नीति आयोग भारत सरकार, विषय विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दस्तावेज केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का एक ठोस संकल्प और स्पष्ट दिशा है। उन्होंने कहा कि यह विज़न प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत@2047 के संकल्प से प्रेरित है और छत्तीसगढ़ को भारत के अग्रणी एवं विकसित राज्य में शामिल करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सोच बड़ी हो, दिशा स्पष्ट हो और जन-जन की भागीदारी हो, वहाँ विकास तय होता है। आज हम अपने राज्य का विज़न डाक्यूमेंट - छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047 प्रदेशवासियों को समर्पित कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में है जिन्होंने यह विज़न तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं पिछले माह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में इस विज़न की जानकारी दी, जिसे विशेष रूप से सराहा गया।

उन्होंने कहा कि श्रद्धेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य की नींव रखी थी, और प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में यह आगे बढ़ा है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर, जब हम राज्य की स्थापना के रजत जयंती और अटल निर्माण वर्ष मना रहे हैं, यह विज़न जनता को समर्पित किया जाना अत्यंत सार्थक है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज जनभागीदारी का प्रतीक है, जिसमें प्रदेश के तीन करोड़ लोगों के सपने और संकल्प समाहित हैं। इसे तैयार करने में न केवल विशेषज्ञों और विभागों का सहयोग रहा, बल्कि वर्किंग ग्रुप्स, संभाग स्तरीय जनसंवाद और मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ पोर्टल के माध्यम से जनता के सुझाव भी शामिल किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में जब भारत वैश्विक आशाओं का केंद्र बन चुका है, तब छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। हम आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के साथ विकास के नए कीर्तिमान रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊँचा लक्ष्य रखना और मेहनत करना हमने मोदी जी से सीखा है। पहले कहते थे मोदी हैं तो मुमकिन है, अब कहते हैं मोदी हैं तो निश्चित है - 2047 तक का लक्ष्य अब हमारी साझा दिशा है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विकसित भारत की भव्य इमारत को ऊर्जावान बनाने में छत्तीसगढ़ पावर हाउस की भूमिका निभाएगा। हमारा स्टील, इस लक्ष्य को फौलादी बनाएगा। उन्होंने बताया कि स्टील उत्पादन को वर्ष 2030 तक 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन किया जाएगा, और यह गर्व का विषय है कि जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने देश के सबसे ऊंचे ब्रिज में छत्तीसगढ़ के स्टील का उपयोग हुआ है। इसी तरह, कोयला उत्पादन को 207 मिलियन टन से बढ़ाकर 437 मिलियन टन, विद्युत उत्पादन को वर्तमान 30 हजार मेगावाट से देश में शीर्ष स्थान तक पहुँचाया जाएगा। आयरन ओर उत्पादन को 46 से बढ़ाकर 100 मिलियन टन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जहां लिथियम खनिज ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है।

मुख्यमंत्री ने मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को संसाधनों के प्रबंधन का सबसे अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 1853 से 2014 तक केवल 1100 रूट किलोमीटर रेलमार्ग बने थे, जिन्हें वर्ष 2030 तक दोगुना किया जाएगा। बोधघाट परियोजना जैसी योजनाओं से सिंचाई और बिजली उत्पादन को नया विस्तार मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह विज़न स्पष्ट कार्ययोजना के साथ तैयार किया गया है, जिसमें 2030 तक अल्पकालिक, 2035 तक मध्यकालिक और वर्ष 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य रखे गए हैं। 

*राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से संतुलित विकास किया जाएगा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंजोर विज़न @2047 के माध्यम से राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा, इनमें  कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, संस्कृति, लॉजिस्टिक्स और आईटी से लेकर जैविक खेती और शिक्षा तक का समावेश है। रायपुर की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लॉजिस्टिक्स नीति तैयार की गई है जो ई-कॉमर्स को गति देगी।

*राज्य की जीडीपी 5 लाख करोड़ रूपए से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ करने का लक्ष्य*

उन्होंने बताया कि इस विजन के माध्यम से राज्य की जीडीपी को 5 लाख करोड़ रूपए से वर्ष 2030 तक 11 लाख करोड़ और वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि उन्नति मिशन, जैविक खेती, निर्यात आधारित संभावनाएं और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं प्रभावी होंगी। वर्ष 2047 तक किसानों की आय में 10 गुना से अधिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन प्रत्याशा के क्षेत्र में भी ठोस योजनाएँ बनाई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87 प्रतिशत लोग पहले ही कवर हो चुके हैं, लक्ष्य 100 प्रतिशत का है। नवा रायपुर में मेडीसिटी, बस्तर-सरगुजा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तथा राज्य में कई मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद अब कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। 5 हजार नई शिक्षक भर्ती, 1 हजार पीएमश्री स्कूल, 36 आदर्श कॉलेज और ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना पर काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर 2.7 प्रतिशत है, जिसे 2047 तक 1 प्रतिशत से कम लाने का लक्ष्य है। पैन-आईआईटी संस्थानों के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा दी जा रही है। आईटी सेक्टर में सेमीकंडक्टर प्लांट और एआई डाटा सेंटर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक नीतिगत और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं और 6.75 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी

उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी दी जा रही है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर बस्तर और सरगुजा में होम-स्टे व ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 2 करोड़ पर्यटक राज्य में आते हैं, जिन्हें वर्ष 2047 तक 10 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

*44 प्रतिशत वन क्षेत्र देश के ऑक्सीजन हब बनेंगे*

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आधार, राशन कार्ड, बैंकिंग जैसी सेवाएं गाँवों तक पहुँचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण-अनुकूल विकास ही टिकाऊ है और प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2070 तक ‘नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। राज्य के 44 प्रतिशत वन क्षेत्र देश के लिए ऑक्सीजन हब बनेंगे। बस्तर के कलागुड़ा में प्लास्टिक कचरे से बनाई गई सड़क जैसे नवाचार सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने खनन को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि राज्य में पिछले 45 वर्षों में केवल 28,700 हेक्टेयर वनभूमि एफसीए के तहत परिवर्तित हुई है, और इसमें भी वास्तविक कटाई केवल   0.11 प्रतिशत क्षेत्र में हुई है। वहीं, पिछले वर्षों में 68,300 हेक्टेयर वन क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है। खनन से राज्य की जीडीपी का 9.38 प्रतिशत हिस्सा आता है और 2 लाख प्रत्यक्ष व 20 लाख परोक्ष रोजगार सृजित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने सीएसआर और डीएमएफ के जरिए हुए विकास कार्यों को ‘नया उजाला’ बताया और कहा कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि नागरिक सहभागिता पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है ताकि योजनाओं में जनता की भागीदारी बढ़े।

*जब रास्ता स्पष्ट हो, संकल्प दृढ़ हो और मेहनत हो तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता*

मुख्यमंत्री ने राज्य नीति आयोग और अधिकारियों को इस ऐतिहासिक विज़न डाक्यूमेंट को तैयार करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि जब रास्ता स्पष्ट हो, संकल्प दृढ़ हो और मेहनत हो तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस विज़न को साझा सपना मानकर सहभागी बनें और वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करें।

*अल्पकालिक से दीर्घकालिक लक्ष्य तक, आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार: वित्त एवं योजना मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी*

विज़न दस्तावेज़ की संरचना और उसकी रणनीतिक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के वित्त एवं योजना मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न @2047 राज्य के नागरिकों की सुख-सुविधा, समावेशी आर्थिक विकास, सुशासन और निवेश प्रोत्साहन जैसे क्षेत्रों में एक बहुआयामी रणनीति प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि इस दस्तावेज़ में अल्पकालिक (2030 तक), मध्यकालिक (2035 तक) और दीर्घकालिक (2047 तक) लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा को सुनिश्चित करते हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह दृष्टिपत्र 13 प्रमुख सामाजिक-आर्थिक थीम्स पर केंद्रित है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स, कृषि, वनोपज, निवेश, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यटन, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी विषयों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन, मूल्यांकन और अनुश्रवण के लिए रणनीति, मापनीय इण्डिकेटर्स और 200 से अधिक नीतिगत, संस्थागत और अधोसंरचना संबंधी पहलें प्रस्तावित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि अंजोर विज़न के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था के आकार को आगामी पाँच वर्षों में दोगुना करने और वर्ष 2047 तक जीडीपी में 15 गुना तथा प्रति व्यक्ति आय में 10 गुना वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को उद्योग, सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना में निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें 5,000 से अधिक स्मार्ट विलेज और 10 से अधिक स्मार्ट सिटीज़ के निर्माण का खाका तय किया गया है, साथ ही छत्तीसगढ़ को देश का एक अग्रणी आईटी हब बनाया जाएगा।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सेवा क्षेत्र में नवाचार और अवसरों को प्रोत्साहन देना, पर्यटन और आईटी सेक्टर में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान करना, तथा राज्य की अनुकूल भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हुए लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती देना, विज़न की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इन प्रयासों से राज्य में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और आर्थिक संरचना में व्यापक परिवर्तन आएगा।

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि इस विज़न डाक्यूमेंट का निर्माण राज्य नीति आयोग द्वारा विभागों के सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से किया गया है। युवाओं, महिलाओं, कृषकों और विभिन्न हितधारकों से संवाद के माध्यम से इस दस्तावेज़ में उनकी आकांक्षाओं को समाहित किया गया है। देश की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी यथोचित सम्मान देते हुए यह दस्तावेज़ तैयार किया गया है।
वित्त मंत्री ने अंत में यह विश्वास व्यक्त किया कि यह विज़न दस्तावेज़ केवल दिशादर्शक ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य में रूपांतरित करने की एक ठोस रणनीतिक रूपरेखा भी है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका अहम होगी और जिसका मूल्यांकन निरंतर प्रगति सूचकों के माध्यम से किया जा सकेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की। नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्री सर्व श्री रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, श्याम बिहारी जायसवाल, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सासंद श्री बृजमोहन अग्रवाल, नीति आयोग के सीईओ श्री बी.वी आर. सुब्रह्मण्यम, मुख्य सचिव एवं राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री अमिताभ जैन विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इसके अलावा कार्यक्रम में राज्य के पद्म पुरस्कार से सम्मानित अतिथिगण, विधायक गण, जनप्रतिनिधि गण, निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, श्री राहुल भगत, राज्य नीति आयोग के सदस्य श्री के सुब्रह्मण्यम, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी की बड़ी घोषणा: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल योजना को मिली बड़ी सफलता.....920 संपत्तियों का हुआ विक्रय

रायपुर, 17 जुलाई 2025/
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य शासन द्वारा संचालित वन टाइम सेटलमेंट योजना (OTS-2) की अभूतपूर्व सफलता की जानकारी दी। 

मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि OTS-2 योजना की शुरुआत 1 मार्च 2025 से की गई थी। इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा पूर्व में निर्मित रिक्त संपत्तियों को विशेष छूट के साथ आम नागरिकों को सुलभ कराना है। योजना में रिक्तता की अवधि के आधार पर संपत्तियों पर चरणबद्ध छूट दी गई है।

उन्होंने विस्तार से बताया कि 5 से 10 वर्ष पुरानी ऐसी संपत्तियाँ जिनमें कम से कम 20% भाग रिक्त है, उन पर 20% की छूट दी जा रही है, जबकि 20% से अधिक रिक्तता होने की स्थिति में 30% तक की छूट निर्धारित की गई है। वहीं 10 वर्ष से अधिक पुरानी रिक्त संपत्तियों पर भी 30% छूट का प्रावधान है।

वित्त मंत्री ने बताया कि वे संपत्तियाँ जो अब पहली बार योजना में सम्मिलित की गई हैं और जिनके निर्माण को 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें 10% छूट के साथ ऑफर में शामिल किया गया है। ये सभी छूट संपत्तियों के बेस प्राइस पर लागू होती हैं। इसके पश्चात ऑफर आमंत्रित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से भाग लेते हैं, और सबसे उच्चतम मूल्य वाले को संपत्ति आवंटित की जाती है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों में बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप 15 जून 2025 तक कुल 920 संपत्तियों का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया है, जिससे मंडल को 139.47 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि योजना की लोकप्रियता को दर्शाती है और गृह निर्माण मंडल के लिए मील का पत्थर है।

गृह निर्माण मंडल हुआ पूर्णत: ऋणमुक्त

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने यह भी बताया कि गृह निर्माण मंडल पर पूर्व में बैंकों का लगभग 800 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था। राज्य सरकार ने इस ऋण को अपने बजट प्रावधानों से पूरी तरह चुका दिया है, जिससे मंडल आज पूर्णत: ऋण मुक्त हो चुका है। यह मंडल की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने इसे भविष्य की योजनाओं के लिए और अधिक सशक्त बना दिया है।

60% प्री-बुकिंग के बाद ही आरंभ होंगे निर्माण कार्य

आवास मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अब से गृह निर्माण मंडल द्वारा कोई भी नई आवासीय योजना तब तक प्रारंभ नहीं की जाएगी, जब तक उसकी प्री-बुकिंग कम से कम 60% तक न हो जाए। यह रणनीतिक कदम योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने और अनावश्यक निर्माण कार्य से बचने हेतु उठाया गया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब गृह निर्माण मंडल पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए कॉरपोरेट मॉडल को अपनाकर काम कर रहा है, जिसके अंतर्गत न केवल किफायती आवासीय इकाइयाँ बल्कि विभिन्न श्रेणियों के मकान और व्यावसायिक परिसंपत्तियाँ भी विकसित की जा रही हैं। यह नवाचार शहरी विकास और आत्मनिर्भर आवास नीति के अनुरूप है।

जनहित को प्राथमिकता

मंत्री श्री चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि गृह निर्माण मंडल का मूल उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा संचालित योजनाएं विशेष रूप से आमजन, निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल सके।

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युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम .....रासायनिक खाद नहीं मिलने से क्षेत्र के किसानों में सरकार के प्रति भयंकर आक्रोश ....... चार दिनों के भीतर खाद उपलब्ध कराने का अधिकारियों ने किया वादा....

छुरिया/राजनांदगांव :   खुज्जी विधानसभा एवं छुरिया ब्लाक के समितियों में खाद की समस्या को लेकर युवा कांग्रेस एवं किसानों ने आज जंगी प्रदर्शन कर, बेरीकोट तोड़कर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। जहां उच्चाधिकारियों ने पर्याप्त मात्रा में डीएपी एवं युरिया उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद युवा कांग्रेस का धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ । 
   उल्लेखनीय है ब्लाक के अधिकांश सेवा सहकारी समितियों में खाद का संकट गहरा गया है। क्षेत्र में बुवाई एवं रोपाई का कार्य अंतिम चरणों में है। जहां फसल के बेहतर पैदावार के लिए डीएपी, खाद किसानों द्वारा डाला जाता है। लेकिन खेती किसानी कार्य में समितियों में पिछले दो माह से खाद नहीं होने से किसान परेशान है । इन समस्याओं को लेकर खुज्जी विधानसभा के युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजीव गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने खाद उपलब्ध कराने कृषि विस्तार अधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन सौंपने के बाद भी किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कराया गया। 
         फलस्वरूप युवा कांग्रेस एवं किसानों ने गुरूवार को नेशनल हाईवे में चक्काजाम की चेतावनी दी थी । जिसको लेकर पुलिस ने दो जगह बेरीकेट लगाये थे। जहां स्वयं एसडीओ डोंगरगढ़ आशीष कुंजाम, थाना प्रभारी छुरिया, संतोष भूआर्य, चिचोला टीआई कृष्णा पाटले, मोहारा टीआई ढालसिंह, बड़ीसंख्या में पुलिस बल उपस्थित थे। 
         दोपहर बापूटोला पुलिया के पास युवा कांग्रेस एवं किसानों को रोका गया, जहां युवा कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बेरीकेट को तोड़ते हुए दूसरे बेरीकेट के पास पहुंचकर चिचोला नेशनल हाईवे में चक्काजाम करने की मांग करने लगे। जहां लगभग आधे घण्टे तक बापूटोला मोड़ के पास पुलिस एवं युकाईयों में झड़प होती रही।
           युवा कांग्रेस एवं किसान छुरिया चिचोला मार्ग पर स्थित बापूटोला में धरने पर बैठ गए। लगभग दो घण्टे तक चिचोला छुरिया आवागमन मार्ग बाधित रहा। अधिकारियों के समझाईश के बाद युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों को शीघ्र ही खाद उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस अवसर पर खुज्जी विधानसभा के युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजीव गुप्ता, किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शेखर मंडलोई, किसान नेता मदन नेताम, अनिल बाघमारे, छबि यादव, दीनू साहू, राजेन्द्र कतलाम, सुरेश शोरी, रोहित साहू, हौसी साहू, हेमन्त सिन्हा, जितेन्द्र मंडावी,तिलक मंडावी, दीपक निषाद, विनोद मंडावी, धिरेन्द्र तिवारी, गोदावरी, बुधारू मंडावी सहित क्षेत्र के युवा कांग्रेस एवं किसान शामिल हुए ।
???????? चार दिनों में 400 मैट्रिक टन खाद मिलेगा किसानो को -
              युवा कांग्रेस एवं किसानों के धरना प्रदर्शन में तहसीलदार विजय कोठारी एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी राजनांदगांव एस.एल.देशलहरे एवं वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी छुरिया जी.पी.सहाड़े ने बताया कि चार दिनों में समितियों में डीएपी एवं यूरिया का 400 मैट्रिक टन खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, तब जाकर युवा कांग्रेस एवं किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया।

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