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*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज....लक्ष्य का 75 प्रतिशत हुई बोनी*

रायपुर, 22 जुलाई 2025/ प्रदेश में खेती-किसानी का काम तेजी के साथ जारी है। राज्य में अब तक 36.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 75 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को भी कहा हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक 10.20 लाख मीट्रिक टन खाद और 7.22 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। 21 जुलाई 2025 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 446.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमी है।  

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2025 के लिए प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें समस्त स्त्रोतों से 7.88 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 7.22 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया गया है, जो मांग का 146 प्रतिशत है। जबकि खरीफ वर्ष 2024 में राज्य में बीज निगम से 4.64 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था।

इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.78 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 10.20 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 70 प्रतिशत है।     

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है।

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*समन्वित प्रयासों से सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 22 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव माँगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही, गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही।

नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात, जशपुर नगर गम्हरिया मार्ग पर बांकी नदी पर उच्च स्तरीय पूल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के  कार्य के लिए 4 करोड़ 59 लाख की दी प्रशासकीय स्वीकृति.......* 

जशपुर 22 जुलाई 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के पहल से जशपुर से गम्हरिया मार्ग पर बाकी नदी उच्च स्तरीय पूल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 59 लाख 93 हजार रुपए की मिली प्रशासकीय स्वीकृति 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सड़कों का विस्तार पूल पुलिया का निर्माण, अधोसंरचना के कार्य स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार निरंतर किया जा रहा है।

लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं के साथ आवागमन में सुविधा हो इसके लिए जर्जर सड़कों को सुधारा जा रहा है और पूलिया का निर्माण कार्य के लिए राशि स्वीकृत की जा रही है।

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*1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की पूजा-अर्चना, महाशिवपुराण कथा श्रवण करने जुटे श्रद्धालु.......*

जशपुरनगर। पवित्र श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री फलेश्वर महादेव मंदिर बगिया में 1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं विशेष पूजन अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव के रूप में 22 जुलाई से प्रारंभ होकर 24 जुलाई तक चलेगा।कार्यक्रम के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इस विशेष आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी सम्मिलित होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिवत रूद्राभिषेक, शिवलिंग पूजन एवं महाआरती में भाग लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूरे आयोजन को शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराने हेतु ओडिशा से आए प्रतिष्ठित पंडितों की टीम द्वारा विधिविधान से पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन संपन्न कराया जा रहा है। इस अनुष्ठान के माध्यम से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।विशेष आकर्षण के रूप में श्रीधाम गहिरा की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी 'शास्त्री' द्वारा तीन दिवसीय शिव महापुराण कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। कथा श्रवण के लिए प्रतिदिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। उन्होंने प्रथम दिवस की कथा में शिव महिमा, पार्वती विवाह एवं रुद्रावतार की अद्भुत गाथाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों सहित दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट एवं भक्ति ध्वनि से सुसज्जित किया गया है।

    24 जुलाई को होगा समापन

इस तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का  24 जुलाई को समापन होगा, जिसमें महापूजन, भंडारा एवं पूर्णाहुति के साथ महाआरती आयोजित की जाएगी।

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*महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई ......राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडल*

रायपुर, 22 जुलाई 2025/ खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महासमुंद जिले की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर को आगामी राष्ट्रीय खेलों में तीरंदाजी में स्थान बनाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवलीन जैसी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं और सरकार उन्हें खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।

जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली नवलीन ने इसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत में बदल दिया और खेल को अपना जीवन-मार्ग चुना। उन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

महासमुंद जिले के बागबाहरा की निवासी नवलीन कौर, श्री अरविंद एवं श्रीमती रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री हैं। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे प्रारंभिक वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ रहीं। आस-पड़ोस, रिश्तेदार और परिचित हमेशा उनकी तबीयत के बारे में पूछते रहते थे, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस जिज्ञासा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को एक नई दिशा में ढाल दिया।

वर्ष 2018 में नवलीन ने बागबाहरा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में चौथा स्थान अर्जित किया। वर्ष 2023 में उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

नवलीन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो से खेला जाता है, जिसके लिए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष प्रदान किया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर इसकी शानदार शुरुआत की है। वर्तमान में नवलीन कोच श्री एवन साहू एवं खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के इस दौर में कोई खिलाड़ी यदि तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में कड़ी मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने की दिशा में काम कर रहा है, तो यह न केवल सराहनीय है बल्कि प्रेरणास्पद भी। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि प्रतिबद्धता, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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*वनमंडल के गजरथ ने 29 स्कूल पहुंचकर 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों को  हाथियों के व्यवहार की दी जानकारी* 


 
जशपुरनगर 22 जुलाई 2025/ जशपुर वनमण्डल के गजरथ ने अब तक फरसाबहार विकासखण्ड क्षेत्र के 29 स्कूलों में पहुंचकर लगभग 4059 छात्र-छात्राओं को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधियों की जानकारी दी है। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार  गजरथ यात्रा निरंतर जारी है, विगत दिवस 21 जुलाई को गज रथ फरसाबहार विकासखण्ड के स्कूलों में पहुंचकर कक्षा 6वीं से 12वीं के छात्रों को जागरूक किया है। 
        
विदित हो कि 21 जून 2025 को जशपुर वनमण्डल के गज रथ  यात्रा 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया है। गज रथ  यात्रा हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि के संबंध में विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 6वीं से 12वीं के छात्र-छात्राअें को जानकारी देकर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है।

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*एकादशी पर्व पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में दीप प्रज्वलन का हुआ आयोजन, महाआरती में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब..*

दोकड़ा : एकादशी पर्व के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में भव्य दीप प्रज्वलन एवं महाआरती कार्यक्रम का आयोजन बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस पावन आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं और भगवान श्रीजगन्नाथ जी की महाआरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।कार्यक्रम की शुरुआत संध्या बेला में मंदिर शिखर में दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जहां श्रद्धालुओं ने सैकड़ों दीपों से मंदिर परिसर को जगमगा दिया। श्रद्धालु द्वारा भजन कीर्तन एवं  ‘हरे कृष्णा’, ‘जय जगन्नाथ’ जैसे भक्तिपूर्ण जयघोषों से गूंज उठा।मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने मंदिर समिति के सदस्यों एवं उपस्थित ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया और मंदिर की गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों को संस्कारित करते हैं।

   महाआरती के पश्चात मंदिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में दोकड़ा एवं आसपास के ग्रामों से भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।मंदिर समिति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके आगमन से यह आयोजन और भी गरिमामय बन गया।

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चैतन्य की गिरफ्तारी पर सांसद संतोष पांडे का पूर्व सीएम बघेल पर तीखा हमला..कहा- भूपेश बघेल और उनके बेटे ने समाज सेवा नहीं, बल्कि.,पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। इस मामले में सियासी बयानबाज़ी के बीच कांग्रेस की ओर से किये जा रहे प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल और उनके बेटे ने समाज सेवा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के खजाने को घर में भरने का काम किया है।

दरअसल, सांसद संतोष पांडे ने कहा कि कांग्रेसी आज भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी के समर्थन में हड़ताल कर रहे हैं। क्या भूपेश बघेल और उनका बेटा समाज सेवा कर रहे थे? 2 हजार 500 करोड़ रुपये लगाकर नहीं, छत्तीसगढ़ के खजाने में जो पैसा जाता, उसको मिलबांट कर अपने घर में भरने का काम किया। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और 22 आबकारी के निलंबित अधिकारियों ने मिलकर यह काम किया है। ईडी के अनुसार अपराध में यह सभी शामिल हैं।

फिलहाल, उन्होंने आगे कहा कि भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़िया के नाम पर प्रदेश को ठगने का काम किया है। साथ ही कहा कि सदाचार के संग देवइया, छत्तीसगढ़ कभी भ्रष्टाचार में साथ नहीं दे सके।

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आज कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी.! खनिज संपदा की लूट और जंगल बचाने प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी..पीसीसी चीफ बैज ने आम जनता से की अपील..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh Breaking News/रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनिज संपदा की लूट और जंगलों की कटाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने राज्यव्यापी आर्थिक नाकेबंदी का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रदेश के पांचों संभागों के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर चक्का जाम किया जाएगा। यह आर्थिक नाकेबंदी प्रदेश की जनता के द्वारा छत्तीसगढ़ के संसाधनों की लूट का प्रतिकार होगा।

हालांकि उन्होंने कहा, इस नाकेबंदी से एम्बुलेंस तथा स्कूल वाहनों को अलग रखा गया है। हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संपदा को बचाना है। रायपुर में मुंबई, कोलकाता नेशनल हाईवे पर वीआईपी चौक तेलीबांधा, तथा बिलासपुर, रायपुर हाईवे पर सांकरा, आरंग, अभनपुर, तिल्दा, खरोरा में नाकेबंदी की जाएगी। इसी प्रकार प्रदेश के सभी शहरों में चक्का जाम नाकेबंदी होगी। अडानी छत्तीसगढ़ की संपदा को लूट रहा तथा उसका विरोध करने वालों के यहां ईडी की छापेमारी करवा रहा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र की गिरफ्तारी अडानी और भाजपा की साजिश है।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आर्थिक नाकेबंदी कर भाजपा सरकार के संरक्षण में अडानी के द्वारा जो यहां की खनिज संपदा को लूटा जा रहा है, उसका विरोध होगा। आम जनता से अपील है कि वह भी जंगल कटाई के विरोध में आयोजित इस आर्थिक नाकेबंदी में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले। तानाशाही भाजपा सरकार को मुंहतोड़ जवाब दें, अडानी की दादागिरी के खिलाफ खड़े हों और प्रदेश को अडानी से मुक्त कराने कांग्रेस की लड़ाई में सहभागी बनें।

दरअसल, दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार प्रदेश के जंगलों की कटाई की अनुमति देकर वन संपदा, खनिज संपदा की लूट की छूट अडानी को दी है। भाजपा सरकार के संरक्षण में हो रही जंगलों की कटाई और खनिज संपदा की लूट को रोकने के लिए पूरा प्रदेश एकजुट है। प्रदेश की खनिज संपदा को अडानी जैसे पूंजीपति ट्रकों में भरकर प्रदेश से बाहर ले जा रहे हैं, जिससे छत्तीसगढ़ को जो आर्थिक नुकसान हो रहा है, साथ ही यहां का पर्यावरण भी नष्ट हो रहा है। आदिवासी वर्ग एवं आम जनता हसदेव एवं तमनार के हरे-भरे जंगलों की कटाई के विरोध में लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता भी जंगलों को बचाने की मुहिम में लगे हुए हैं, लेकिन भाजपा की सरकार पुलिस तंत्रों का दुरुपयोग करके जंगल कटाई का विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर रही है, उन पर लाठियां चला रही है, उनका लहू बहा रही है।

फिलहाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार अडानी की गोद में बैठ गई है। अडानी को लाभ पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ के नागरिकों को जख्मी कर रही है। विरोध करने वालों के खिलाफ ईडी, सीबीआई, आईटी, एसीबी, ईओडब्ल्यू और स्थानीय पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है। लोकतंत्र में मिले आंदोलन के अधिकार को खत्म कर रही है, तानाशाही स्थापित कर रही है। लेकिन कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता डरेंगे नहीं। प्रदेश की समृद्धि, संस्कृति और संसाधनों को बचाने के लिए डटकर मुकाबला करेंगे। आर्थिक नाकेबंदी प्रदेश की खनिज संपदा को बचाने की मुहिम है। हमारा संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

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प्रधानमंत्री सूर्य घर आम नागरिकों के लिए वरदान : बिजली बिल शून्य, आय में वृद्धि

रायपुर,21जुलाई 2025:
 प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। बलौदाबाजार शहर के सदर रोड निवासी  राजेश केशरवानी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।अब उन्हें बिजली का बिल नहीं भरना पड़ता। श्री केशरवानी ने  बताया कि इस योजना की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया और समाचार पत्रों से प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन लिया।

आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सरल है, जिसे उन्होंने बिना किसी कठिनाई के पूरा किया। श्री केशरवानी को सोलर सिस्टम स्थापना पर 78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। पिछले छह महीनों से यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हर महीने 2000 से 2500 तक का बिजली बिल भरना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि हर महीने की आय में भी सकारात्मक योगदान प्राप्त करें। श्री केशरवानी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सच्चे अर्थों में बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है।

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*महतारी वंदन योजना से महिलाएं बन रही है आत्मनिर्भर :आर्थिक संबल के साथ गढ़ रहीं बेहतर कल....*

रायपुर, 21 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि परिवार की जरूरतों में भी सहभागी बन रही हैं। 

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पंडरीतराई निवासी श्रीमती रबीना पिस्दा जो एक गृहिणी हैं। उन्हें योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि को वह अपने बेटे की शिक्षा और जरूरी घरेलू कार्यों में उपयोग कर रही हैं। इस वर्ष जब उनके बेटे का पहली कक्षा में प्रवेश हुआ, तो उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से बेटे के लिए बस्ता, स्लेट, पेंसिल, जूते सहित अन्य शिक्षण सामग्री खरीदी। श्रीमती रबीना बताती हैं कि उनके पति कृषि कार्य करते हैं और वह स्वयं भी खेती में हाथ बंटाती हैं। पहले किसी भी प्रकार की बचत कर पाना मुश्किल था, लेकिन इस योजना से अब हर माह थोड़ी-बहुत राशि बचाकर वह अपने बेटे के उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत कर पा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती रबीना ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी हजारों-लाखों महिलाओं के लिए संबल बनी है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।

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*पहाड़ी कोरवाओं के लिए चिरायु योजना बन रही वरदान,इस योजना से देश भर के अच्छे निजी अस्पतालों में कराया जाता है निःशुल्क इलाज*

रायपुर, 21 जुलाई 2025/ चिरायु योजना बच्चों के लिए वरदान बन गई है। खासकर ऐसे परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जो दूसरे शहरों में जाकर किसी निजी अस्पताल में इलाज नहीं करा सकते। आदिवासी बाहुल्य जशपुर जहां विशेष पिछड़ी जनजाति  के लोग भी निवास करते हैं। यह योजना गरीब और जरूरतमंदों के लिए सहारा बन रही है। दिल की बीमारी से जूझ रही पहाड़ी कोरवा अंजलि बाई, अंशिका, रितेश या इनके जैसे कई ऐसे बच्चे हैं जो दिल या किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। चिरायु योजना ने उन्हें नवजीवन देने का काम किया है। 
     
जशपुर जिले के मनोरा विकासखण्ड के जंगलों के बीच बसे एक छोटे से ग्राम सोनक्यारी में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार में जन्मी अंजली बाई। जिनका दिल की बीमारी का इलाज चिरायु योजना से किया गया है। छोटे छोटे काम कर घर का गुजारा चलाने वाले पिता नान्हू राम को जब पता चला की अंजली के दिल में छेद है तो उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था वह क्या करे। प्रारंभिक जांच मनोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होने के बाद चिरायु टीम के द्वारा उनका जांच किया गया। जिसमें पता चला कि अंजली के दिल में छेद है। अंजलि का रायपुर के एक बड़े निजी संस्थान में ले जाकर का उपचार किया गया। जहां सफल ऑपरेशन के बाद अंजली ठीक हो गयी। 

     इसी तहत जिले में कई गरीब परिवारों के बच्चे हैं जिनका सफल इलाज इस योजना के माध्यम से हुआ है। जिला मुख्यालय के पुरानीटोली निवासी सुदर्शन चौहान के पुत्र रितेश का निजी अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उसके दिल में छेद है। निजी अस्पताल में इलाज कराना मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले उनके पिता के लिए काफी मुश्किल था। फिर वे अपने बच्चे को जिला अस्पताल ले गए। जहां अस्पताल में डॉक्टरों के द्वारा चिरायु योजना की जानकारी दी गई और बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया, जहां ऑपरेशन और बेहतर इलाज के बाद आज बच्चा स्वस्थ है। इसी तरह विकासखण्ड कुनकुरी के ग्राम बेहराटोली के निवासी कृतिबाई और धनेश्वर यादव की पुत्री  अंशिका की दिल की गंभीर बीमारी का प्रारंभिक इलाज रायपुर के मेडिकल कॉलेज, सत्यसाईं चिकित्सा संस्थान एवं भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराने के बाद चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में अंशिका का दिल का ऑपरेशन किया गया। जिसमें कुल 14.50 लाख रुपयों का खर्च आया, जिसका वहन चिरायु योजना के अंतर्गत शासन द्वारा किया गया। 

      इसी प्रकार चिरायु अंतर्गत अपोलो चिल्ड्रन हॉस्पिटल चेन्नई में जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 2 वर्षीय अन्वी बाई, 9 वर्षीय अनंत नाायक, 9 वर्षीय कुमार नायक का सफल ईलाज किया गया। इस योजना से जिला मुख्यालय स्थित चीरबगीचा निवासी नोवेल भगत, बीटीआई पारा के गर्वित सिंह का भी रायपुर के निजी अस्पताल में जन्मजात होंठ व तालू के विकृति का निःशुल्क सफल इलाज किया गया है। उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जांच के उपरांत 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति की जानकारी होने के बाद चिरायु योजना से बच्चों का इलाज कराया जाता है। आवश्यकता होने पर बच्चों को देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है।

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*फिशरीज के नये युग की शुरूआत : हसदेव डुबान में बनेगा पहला एक्वा पार्क......उत्पादन प्रोसेसिंग से लेकर एक्वा टूरिजम से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय* 

रायपुर, 21 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ में जल्द ही मछली पालन के क्षेत्र में एक नये युग की शुरूआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के कोरबा जिले में हसदेव बांगो डुबान जलाशय में पहला एक्वा पार्क स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केन्द्र सरकार से 37 करोड़ 10 लाख रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी हैं। यह एक्वा पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैलें सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। इस एक्वा पार्क विकसित हो जाने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। मछली उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, विक्रय, निर्यात और एक्वा टूरिजम से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पार्क की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। 

कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में विकसित होने वाले इस एक्वा पार्क में दो तरह की सुविधाएं होंगी। एतमा नगर में फीड मिल, फिश प्रोेसेसिंग प्लांट, हेचरी और रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम स्थापित होगा। वहीं सतरेंगा में एक्वा टूरिजम को बढ़ाने के लिए म्यूजियम और अन्य सुविधा विकसित की जाएंगी। एतमा नगर में मछलियों के उत्पादन से लेकर उनकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के साथ-साथ उन्हें विदेशों में एक्सपोर्ट करने तक की सुविधा विकसित होगी। हेचरियों में मछलियों के बीज उत्पादन से लेकर फीड मिल में पूरक पोषक आहार भी यहीं बनेगा। फिश प्रोसेसिंग प्लांट में मछलियों की सफाई, हड्डियां हटाकर फिले बनाना और उसे उच्च स्तरीय गुणवत्ता वाले पैकेजिंग सिस्टम से पैक कर विदेशों में निर्यात करने की पूरी व्यवस्था यहां की जाएगी। एतमा नगर के इस प्रोसेसिंग यूनिट से हटकर सतरेंगा में एक्वा म्यूजियम बनेगा। पहले ही सतरेंगा पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का प्रमुख वाटर बॉडी है। एक्वा म्यूजियम बन जाने से विभिन्न प्रकार की मछलियों को पर्यटकों की जानकारी के लिए यहां रखा जाएगा। इसके साथ ही सतरेंगा में एंगलिंग डेस्क, कैफेटेरिया, फ्लोटिंग हाउस तथा मोटर बोट सहित वाटर स्पोर्ट्स की सविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। 

*एक्वा पार्क बनने से प्रदेश में मछली व्यवसाय को मिलेगी नई दिशा - मुख्यमंत्री श्री साय* 

इस एक्वा पार्क की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के मछली पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इस एक्वा पार्क से न केवल मछली पालन की नई उन्नत तकनीकें लोगों तक पहुंचेंगी, बल्कि प्रोसेसिंग-पैकेजिंग यूनिट से छत्तीसगढ़ के मछली व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की तिलपिया मछली की विदेशों में बहुत मांग है और इस एक्वा पार्क में इस मछली के उत्पादन से छत्तीसगढ़ के मछली पालकों के लिए अब सात समुन्दर पार भी व्यापार के द्वार खुलेंगे। उन्होंने एक्वा पार्क की स्थापना को मछली पालन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने वाला निर्णय बताया है। 

*अभी लगभग 800 केज में हो रहा मछली उत्पादन, 160 से अधिक मछुआरें उठा रहे लाभ*

हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में वर्तमान समय में लगभग 800 केज लगे हैं। जहां मछली पालन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में लगभग 9  मछुआ समितियों के 160 सदस्य मछली पालन कर रहे हैं। उन्हें पांच-पांच केज आबंटित किए गए हैं। केज कल्चर से इन सदस्यों को औसतन 90 हजार रूपए सालाना शुद्ध आमदनी मिल रही है। मछुआ समिति के सदस्य श्री दीपक राम मांझीवार, श्री अमर सिंह मांझीवार और श्रीमती देवमति उइके ने बताया कि केज कल्चर से उन्हें न केवल रोजगार मिला है, बल्कि मछलियों का उत्पादन बढ़ जाने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। इस क्षेत्र में हर साल लगभग 1600 मेट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। केज कल्चर से मछली पालन में 70 से 80 लोग सीधे तौर पर रोजगार पा रहे हैं, वहीं 20 से 25 पैगारों-चिल्हर विक्रेताओं को बेचने के लिए हर दिन मछली मिल रही हैं। यहां मछली पालन के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को उन्नत तकनीकों से प्रशिक्षित किया है। हसदेव बांगो डुबान केज कल्चर में मुख्यतः तिलपिया और पंगास मछली का उत्पादन किया जा रहा है। तिलपिया प्रजाति की मछली की अमेरिका में विशेष मांग है और इसका सीमित मात्रा में अभी निर्यात किया जा रहा है। एक्वा पार्क स्थापित कर इस मछली का उत्पादन बढ़ाकर अमेरिका सहित दूसरे यूरोपीय देशों में भी इसका निर्यात बढ़ाने की योजना है। इस मछली का निर्यात बढ़ने से बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणजन इस व्यवसाय से जुडे़ंगे और उनकी आमदनी बढ़ने से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। 

एतमा नगर के साथ ही सतरेंगा में एक्वा पार्क के विस्तार तथा डिमोस्ट्रेशन यूनिट स्थापित हो जाने से पर्यटन बढ़ेगा। देश-प्रदेश से लोग यहां मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट मछलियों के कई प्रकार के व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकेंगे, इससे भी स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।

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*ग्रामीण क्षेत्र की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लर्निंग लाइसेंस एवं एच.एस.आर.पी. शिविर का आयोजन 23 जुलाई को पंचायत भवन बछरांव में* 

जशपुरनगर 21 जुलाई 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार आम जनता की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए सड़क सुरक्षा में जागरूकता लाने के प्रयास से 23 जुलाई 2025 बुधवार को  लर्निंग लायसेंस शिविर एवं एच.एस.आर.पी. (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) शिविर का आयोजन बगीचा विकासखण्ड के पंचायत भवन बछरांव में किया गया है।  
           जिला परिवाहन अधिकारी ने बताया है कि 23 जुलाई 2025 दिन बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय जशपुर पूर्ण रूप से बंद रहेगी। किसी भी प्रकार का शासकीय कार्यों का संपादन नहीं किया जायेगा। उन्होंने समस्त आवेदकों से अपील की है कि लर्निंग लाइसेंस के लिए किसी भी लोक सेवा केन्द्र और च्वाईस सेंटर से ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं या परिवहन विभाग की वेवसाईट  parivahan.gov.in से स्वयं ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं एवं 23 जुलाई 2025 का स्लॉट (अपॉइंटमेंट) लेकर पंचायत भवन बछरांव में उक्त तिथि को आवेदन के साथ उपस्थित होकर इस शिविर का लाभ ले सकते हैं।
             सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत समस्त श्रेणी के मोटर वाहनों पर एच.एस.आर.पी. लगवाया जाना अनिवार्य किया गया है। समस्त वाहन मालिकों आर.सी. कार्ड एवं मोबाईल नम्बर के साथ शिविर स्थल पर उपस्थित होकर नम्बर प्लेट के लिए ऑनलाईन आवेदन करा सकते हैं।

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CG News : प्रेरणा की मिसाल बनीं ड्रोन दीदी गोदावरी साहू..राज्यपाल ने स्मृति चिन्ह और ₹10000 की प्रोत्साहन राशि भेंट की..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नई पहचान बना चुकी ड्रोन दीदी गोदावरी साहू को आज राजभवन में राज्यपाल रमेन डेका ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी भेंट की और उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे ग्रामीण महिलाओं के लिए सच्ची प्रेरणा हैं। इस अवसर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।

दरअसल, मुंगेली जिले के नगर पंचायत सरगांव की निवासी गोदावरी साहू नमो ड्रोन दीदी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तकनीकों को अपनाया और ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में नैनो यूरिया, डीएपी खाद और कीटनाशकों का छिड़काव करना शुरू किया। इससे न केवल फसलों की पैदावार बेहतर हुई, बल्कि समय और श्रम की भी बचत हुई।

फिलहाल, राज्यपाल ने कहा कि गोदावरी साहू की यह यात्रा बताती है कि अगर संकल्प और नवाचार हो तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं और दूसरों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकती हैं। गोदावरी न सिर्फ अपने जीवन को संवार रही हैं, बल्कि आसपास के किसानों की प्रगति में भी भागीदार बन चुकी हैं।

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CG Big News : महिला ने रचा इतिहास.! 16 हजार विलुप्त हो रही छत्तीसगढ़ पारंपरिक संस्कृति साड़ियां फ्री में बांट दी..गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हुई शामिल..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/भिलाई। छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती पारंपरिक संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए भिलाई की समाजसेवी शांता शर्मा ने एक अनोखी पहल कर पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने अब तक 16 हजार महिलाओं और बेटियों को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक अंडी लुगरा साड़ी भेंट की है।

वहीं इस ऐतिहासिक कार्य के लिए उन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। इस अद्वितीय उपलब्धि की घोषणा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया प्रमुख मनीष बिश्नोई ने भिलाई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने शांता शर्मा को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।

दरअसल शांता शर्मा ने बताया कि यह पहल उन्होंने अपनी संस्था रूपाली महतारी गुड़ी के माध्यम से शुरू की। उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा, विशेषकर अंडी लुगरा साड़ी को एक बार फिर समाज में स्थान दिलाना है। वे विभिन्न अवसरों पर जैसे कि छत्तीसगढ़ की सेवा में अग्रणी महिलाओं का सम्मान, नवरात्रि के दौरान नवकन्या भोज या पारंपरिक त्योहारों में इन साड़ियों के साथ छत्तीसगढ़ी गहने भी भेंट में देती रही हैं।

 

फिलहाल इस अभियान की शुरुआत शांता ने पहली साड़ी संगीता शर्मा को भेंट कर की थी और हाल ही में 16 हजारवीं साड़ी लता ऋषि चन्द्राकर को भेंट कर उन्होंने इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को अपने नाम किया। शांता शर्मा का यह कार्य न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने की एक सराहनीय कोशिश भी है। उनके इस प्रयास से निश्चित रूप से अंडी लुगरा साड़ी को फिर से पहचान मिलेगी और यह आम जनजीवन में फिर से प्रचलन में आएगी।

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आर्थिक रूप से जरूरतमंद परिवारों को मिला भोजन का अधिकार .......जिले में 2 लाख 63 हजार से अधिक राशनकार्डधारी हितग्राहियों को दिया जा रहा खाद्यान्न 

विशेष लेख : सहायक संचालक श्रीमती नूतन सिदार

जशपुनगर 21 जुलाई 2025/ किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी आवश्यकता होती है भोजन और आवास‌ इसमें से एक आवश्यकता तो ऐसी है जिसके बिना जीवन संभव नहीं और वह है भोजन
इन आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील सोच रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन और आवास की सुविधा उपलब्ध काई जा रही है।

  खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के तहत् गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों के साथ सभी परिवारों को भोजन का अधिकार सुनिश्चित करने तथा पात्रता अनुसार राशन सामग्री उपलब्ध कराने हेतु छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया। जिसके अतंर्गत जशपुर जिले में 61,472 अन्त्योदय परिवारों को प्रतिमाह 35 किलो चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी प्रकार 1,83,521 प्राथमिकता राशन कार्ड धारियों को 1 से 2 सदस्यों के लिए 10 किलो प्रति सदस्य के मान से प्रतिमाह एवं 3 से 5 सदस्य वाले परिवार को 35 किलो एवं 5 से अधिक सदस्य वाले परिवारों को 7 किलो चावल प्रति सदस्य प्रतिमाह प्रदाय किया जा रहा है। 670 एकल निराश्रित एवं 217 निःशक्तजन राशनकार्ड पर 10 किलो चावल प्रतिमाह निःशुल्क प्रदाय किया जा रहा है।
               राज्य शासन के निर्णय अनुसार जनवरी 2024 से दिसम्बर 2028 तक समस्त अन्त्योदय तथा प्राथमिकता कार्डधारियों हेतु चावल की उपभोक्ता दर निःशुल्क होगी। 
जिले में कुल 2 लाख 63 हजार 195 राशनकार्ड प्रचलित है जिनको खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
इनमें 17 हजार 315 एपीएल कार्ड भी शामिल हैं।
सार्वभौम पीडीएस के अंतर्गत जिले में 17,315 सामान्य परिवारों (आयकरदाता एवं गैर आयकरदाता) को भी खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है। सामान्य राशनकार्डों में खाद्यान्न की पात्रता 1 सदस्यीय परिवार के लिए 10 किलो, 2 सदस्यीय परिवार के लिए 20 किलो, 3 या 03 से अधिक सदस्यीय परिवार के लिए 35 किलो खाद्यान्न प्रतिमाह जिसकी उपभोक्ता दर 10 रूपये प्रतिकिलो निर्धारित
की गई है।


              मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार राज्य शासन और जिला प्रशासन जशपुर में  महिला सशक्तिकरण के दिशा में भी सार्थक पहल हो रहा है। इसके लिए शासन के निर्देशानुसार राशनकार्ड हेतु प्रत्येक परिवार की वरिष्ठ एवं वयस्क महिला को परिवार का मुखिया बनाया गया है। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों के आबंटन राशन सामग्री के समयबद्ध भण्डारण एवं उचित मूल्य दुकानों में उपलब्धता बनाये रखने के साथ-साथ संपूर्ण वितरण व्यवस्था की बेहतर निगरानी के उददेश्य से छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली लागू किया गया है। 
            
सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जिले में कुल 494 उचित मूल्य की दुकानें संचालित है। जिसके माध्यम से हितग्राही लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें सहकारी समिति द्वारा 08, महिला स्व सहायता समूह द्वारा 54, ग्राम पंचायत द्वारा 423, नगरीय निकाय द्वारा 09  उचित मूल्य की दुकाने संचालित है।

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*खलिहान में अभ्यास कर जिले के पांच खिलाड़ियों ने जीता गोल्ड........कुश्ती और एथलेटिक्स के खिलाड़ी तैयार कर रहे अंकित मिंज, सुबह-शाम दे रहे निशुल्क प्रशिक्षण.....*

नारायणपुर : संसाधन के नाम पर सुविधाएं शून्य, पर हौसला चमकने का है। इसी हौसले के साथ नारायणपुर क्षेत्र के पांच खिलाड़ियों ने नेशनल गेम में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इनके कोच अंकित मिंज खलिहान और नारायणपुर के खेल ग्राउंड में कुश्ती और एथलेटिक के खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं।

स्कूल गेम्स एंड एक्टिविटी डेवलपमेंट फेडरेशन का सेकेंड नेशनल चैम्पियनशिप 15 जुलाई को राजीव गांधी स्पोटर्स कॉम्पलेक्स दिल्ली में आयोजित हुआ। जिसमें जशपुर जिले के पांच खिलाड़ियों ने पहला स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रौशन किया है। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में कुश्ती के तीन खिलाड़ी प्रतीक भगत (65 किलोग्राम कैटेगरी), नरेन्द्र यादव (75 किग्रा कैटेगरी) और दुर्गेश राम (60 किग्रा कैटेगरी) के हैं। वहीं एथलेटिक्स में भाला फेंक में जीवन किशोर तिर्की और तावा फेंक में पुरुषोत्तम राम ने पहला स्थान प्राप्त किया है। बता दें कि इनके कोच अंकित मिंज भी साल 2024 में इसी नेशनल फेडरेशन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। वर्तमान में अंकित मिंज से 11 खिलाड़ी खेलों की बारीकियां सीख रहे हैं। अंकित खिलाड़ियों को सुबह-शाम मुफ्त में ट्रेनिंग दे रहे हैं। पांच खिलाड़ियों के नेशनल गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद अब इस इलाके के खिलाड़ी इंटरनेशनल गेम्स की की तैयारी तैयारी कर रहे हैं।

ग्रामीण और आदिवासी बच्चों में स्टेमिना की कोई कमी नहीं: ट्रेनर अंकित

एथलेटिक्स के खेलों में प्रैक्टिस के साथ स्टेमिना की अहम भूमिका रहती है। आम तौर पर शहर में लोग स्टेमिना बढ़ाने के लिए कई तरह के सप्लीमेंट लेते हैं। पर ग्रामीण और आदिवासी बच्चों में स्टेमिना की कोई कमी नहीं है। कोच अंकित मिंज बताते हैं,कि ग्रामीण क्षेत्र के  बच्चे बचपन से ही खेतों में काम कर, जंगल पहाड़ों में जाकर मजबूत रहते हैं। उनका स्टेमिना का जवाब नहीं है। प्रैक्टिस और संसाधन मिले तो बच्चे नेशनल व इंटरनेशनल गेम में भी देश का झंडा ऊंचा कर सकते हैं।

यह सुविधाएं मिलने पर और आगे बढ़ेंगे खिलाड़ी

एथलेटिक्स के खेलों के लिए जशपुर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं की भारी कमी है।  नारायणपुर क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष कई खेलों के खिलाड़ी स्टेट ओर नेशनल स्तर में भाग लेकर पदक लाते रहें है।यदि यंहा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए सुविधा के तौर पर आउटडोर जिम, नेशनल लेवल का जेवलिन, नेशनल लेवल का डिस्कस, नाइट प्रैक्टिस के लिए ग्राउंड में फ्लड लाइट और पीने का पानी की सुविधा मिले, तो और अधिक संख्या में खिलाड़ी रूचि लेंगे और खेल प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी।

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