बड़ी खबर : NDA ने किया ऐलान..सीपी राधाकृष्णन बने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के दावेदार..पढ़ें पूरी समाचार
नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में आज एक बड़ा ऐलान हुआ। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया है। इस घोषणा को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मीडिया के सामने करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में गहन विचार-विमर्श के बाद राधाकृष्णन का नाम तय किया गया। जेपी नड्डा ने कहा कि एनडीए इस चुनाव में विपक्ष से भी संपर्क साधेगा ताकि उपराष्ट्रपति पद का चयन सर्वसम्मति से हो सके। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले भी विपक्षी दलों के साथ संवाद करती रही है और आगे भी संपर्क बनाए रखेगी।
राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में 20 अक्टूबर 1957 को जन्मे चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनसंघ से शुरू किया। राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में कोयम्बटूर से लोकसभा चुनाव जीते। 2003 से 2006 तक वे तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहे।
इस दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने और भाजपा की जड़ों को दक्षिण भारत में गहराई तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई। 2004–2007 के बीच प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 93 दिनों की रथ यात्रा निकाली, जिसका उद्देश्य नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के खिलाफ जनजागरण और अस्पृश्यता उन्मूलन जैसे मुद्दों को लेकर समाज को जागरूक करना था।
राज्यपाल के रूप में अनुभव सीपी राधाकृष्णन का प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव भी बेहद समृद्ध रहा है। फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक उन्होंने झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। मार्च से जुलाई 2024 तक वे तेलंगाना के अतिरिक्त प्रभारी राज्यपाल रहे। मार्च से अगस्त 2024 तक उन्होंने पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। 31 जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर कार्यरत हैं। उनका यह अनुभव उन्हें एक सक्षम और वरिष्ठ राजनेता के रूप में स्थापित करता है, जो उपराष्ट्रपति पद के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।
संसदीय अनुभव और योगदान लोकसभा सांसद रहते हुए राधाकृष्णन ने संसद में कई समितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे वस्त्र उद्योग पर स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा वे कई वित्तीय और सार्वजनिक उपक्रमों से संबंधित समितियों के सदस्य भी रहे, जहां उन्होंने नीतिगत सुधारों पर सक्रिय भागीदारी की। शैक्षणिक पृष्ठभूमि सीपी राधाकृष्णन ने कोयम्बटूर स्थित वीओ चिदंबरम कॉलेज से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री प्राप्त की है।
एनडीए के निर्णय पर राधाकृष्णन की प्रतिक्रिया
एनडीए द्वारा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राधाकृष्णन ने X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि आज उन्होंने अपनी पत्नी सुमति के साथ मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। सहयोगी दलों का समर्थन एनडीए की ओर से किए गए इस ऐलान के बाद सहयोगी दलों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया आई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने राधाकृष्णन को बधाई देते हुए कहा कि वे एक वरिष्ठ और प्रतिष्ठित नेता हैं जिन्होंने लंबे समय तक देश सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। नायडू ने इस नामांकन का स्वागत करते हुए एनडीए उम्मीदवार को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। राजनीतिक समीकरण और संदेश एनडीए द्वारा राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के पीछे कई राजनीतिक संदेश भी छिपे हैं।
दक्षिण भारत में भाजपा की पैठ मजबूत करना: राधाकृष्णन का संबंध तमिलनाडु से है। भाजपा दक्षिण में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, और इस निर्णय को उसी रणनीति के तहत देखा जा रहा है।
अनुभवी और सर्वमान्य चेहरा: राधाकृष्णन का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव उन्हें विपक्ष के सामने भी एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है।
सहयोगी दलों को साथ रखना: नड्डा द्वारा सर्वसम्मति की अपील से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा इस चुनाव को टकराव के बजाय सहयोग के जरिए आगे बढ़ाना चाहती है। उपराष्ट्रपति चुनाव में अब नजरें विपक्ष पर अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि विपक्ष अपनी ओर से किसे उम्मीदवार बनाता है। यदि विपक्ष कोई मजबूत उम्मीदवार खड़ा करता है तो चुनाव रोचक हो सकता है, लेकिन यदि सर्वसम्मति बनती है तो राधाकृष्णन निर्विरोध उपराष्ट्रपति चुने जा सकते हैं।
