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*छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन, ग्रीन स्टील उत्पादन पर विशेष अनुदान भी मिलेगा: मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 28 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देश के विभिन्न स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में उत्पादन यूनिट स्थापित करने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने आज स्थानीय होटल में आयोजित ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में सहभागिता कर उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में इस उद्योग की भरपूर संभावनाओं और इसके लिए विकसित अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की जानकारी दी। यह समिट कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा पूर्वी क्षेत्र के सदस्यों के लिए आयोजित की गई थी।

समिट में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया गया है। यदि कोई उद्यमी ग्रीन स्टील का उत्पादन कर रहा हो, तो उसे विशेष अनुदान देने का प्रावधान भी छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को स्टील हब बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनके नेतृत्व में देश में स्टील उत्पादन 100 मिलियन टन से बढ़कर 200 मिलियन टन हो गया है, और वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 300 मिलियन टन तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी स्टील की वर्तमान उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

*छत्तीसगढ़: खनिज संसाधनों से समृद्ध, औद्योगिक संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने भरपूर खनिज संसाधनों के कारण समृद्ध है। इनके उचित दोहन से यहाँ औद्योगिक संभावनाओं में अत्यधिक विस्तार संभव है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अधिकतम लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना और राज्य सरकार की स्थानीय लोगों को रोजगार देने हेतु अनुदान योजनाओं से इस दिशा में सार्थक कार्य होगा।

*‘अंजोर विज़न’ दस्तावेज़ में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रमुखता*

मुख्यमंत्री ने उपस्थित उद्यमियों को बताया कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की परिकल्पना पर आधारित अंजोर विजन डाक्यूमेंट तैयार कर लिया गया है। इस दस्तावेज़ में चरणबद्ध रूप से विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। उन्होंने बताया कि इस विज़न दस्तावेज़ में सर्वाधिक फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की कोर इंडस्ट्री – जैसे स्टील एवं पावर – को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

*लक्ष्य प्राप्ति हेतु अधोसंरचना सहित सभी तैयारियाँ पूर्ण*

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अधोसंरचना सहित सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। राज्य में रेलवे अधोसंरचना को सशक्त किया गया है। तेज़ी से रेल नेटवर्क और उससे संबंधित अधोसंरचना का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे स्टील सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 47 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे के विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर कार्य हो रहा है। अब रावघाट से जगदलपुर रेलमार्ग पर भी कार्य आरंभ होगा। किरंदुल से तेलंगाना के कोठागुडेम तक नई रेललाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 138 किलोमीटर का हिस्सा बस्तर से गुजरेगा। रायगढ़ के खरसिया से राजनांदगांव के परमालकसा तक नया रेल नेटवर्क बनाकर कई प्रमुख औद्योगिक केंद्रों तक कच्चे माल की आपूर्ति एवं तैयार माल की ढुलाई की प्रक्रिया आसान की जाएगी, जिससे उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी।

*इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 350 से अधिक सुधार*

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रक्रिया को लागू किया गया है। साथ ही 350 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ स्टील सेक्टर में किए गए निवेशकों को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीन एनर्जी को अपनाने वाले औद्योगिक संस्थानों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। श्री साय ने राज्य में ग्रीन स्टील उत्पादन हेतु हाइड्रोजन जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ माह पूर्व आयोजित एनर्जी समिट में छत्तीसगढ़ में लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 57 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) उत्पादन की दिशा में भी छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है, और नए औद्योगिक पार्क भी स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र को औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने समिट में उपस्थित उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में निवेश करने और यूनिट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।

*प्रशिक्षित जनशक्ति एवं लॉजिस्टिक नीति का लाभ उठाएं*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के सभी विकासखंडों में स्किल इंडिया के सेंटर प्रारंभ कर दिए गए हैं, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित जनशक्ति की कोई कमी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने बताया कि निवेशकों को नई लॉजिस्टिक नीति का भी लाभ मिलेगा। इस नीति के अंतर्गत ड्राय पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो आदि की स्थापना पर भी अनुदान प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया में स्थिति होने के कारण लॉजिस्टिक के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं। एक्सप्रेसवे, रेलवे और राजमार्गों के माध्यम से देश के चारों दिशाओं में बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ स्टील सेक्टर को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने रायपुर-दुर्ग-भिलाई जैसे शहरों को शामिल कर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में एक बड़े स्टील क्लस्टर के विकास की योजना की जानकारी भी दी।

*250 से अधिक औद्योगिक संस्थान हुए समिट में शामिल*

कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित इस ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में पूर्वी भारत के पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ – के 250 से अधिक स्टील और पावर सेक्टर से जुड़े औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उद्योगों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सीआईआई द्वारा आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

समिट में सीआईआई छत्तीसगढ़ के चेयरमैन श्री संजय जैन, को-चेयरमैन श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन श्री बजरंग गोयल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं सचिव उद्योग श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारायणपुर की बेटियों से जुड़ी घटना पर जताई गंभीर चिंता – कहा, “महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि, कानून करेगा निष्पक्ष कार्यवाही”*

रायपुर, 28 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारायणपुर की तीन बेटियों से संबंधित घटना पर गंभीर चिंता प्रकट की है। यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब इन बेटियों को नर्सिंग ट्रेनिंग और जॉब दिलाने का प्रलोभन देकर दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ननों के माध्यम से आगरा ले जाया जा रहा था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में ह्यूमन ट्रैफिकिंग और मतांतरण की आशंका व्यक्त की जा रही है, जो महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और यह न्यायालयीन प्रक्रिया में है। सरकार पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है, तथा कानून अपनी प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लेगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय और समावेशी प्रदेश है जहाँ सभी धर्म और समुदाय के लोग आपसी सद्भाव के साथ रहते हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। हमारी बस्तर की बेटियों से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक रूप देना दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने कहा की कि इस प्रकार की घटनाओं को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए, विशेषकर जब बात हमारी बस्तर की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ी हो।

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*हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत*

रायपुर, 28 जुलाई 2025/ सावन मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के प्राचीन, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के तीर्थ स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में भक्ति और श्रद्धा की गूंज उस समय चरम पर पहुँच गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री विजय शर्मा और श्री अरुण साव उपस्थित थे।

यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कर रहे हैं। पुष्पवर्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में उपस्थित कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना और पूरे आत्मीय भाव से अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा भोरमदेव की पावन धरती पर शिवभक्तों के साथ जुड़ना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं—यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमरकंटक से 151 किलोमीटर पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने वाली पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी, बल्कि मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक एक समग्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटन की प्रक्रिया जारी है, जहाँ एक भव्य श्रद्धालु भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा इस पुण्य अवसर की महत्ता को और भी अभूतपूर्व बना गई है।

पौराणिक परंपरा का गौरव: भक्ति से सराबोर हुआ बाबा भोरमदेव परिसर

सावन मास में भगवान शिव—देवों के देव—के जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर ग्राम चौरा में स्थित 11वीं शताब्दी का यह भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया के प्राचीन जलेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने आते हैं। श्रद्धालु माँ नर्मदा से जल भरकर नंगे पाँव और भगवा वस्त्रों में 150 किलोमीटर से अधिक की दुर्गम यात्रा कर “बोल बम” के जयघोष और भजनों के साथ भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर पहुँचते हैं।

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*वर्षों पुरानी ग्रामीणों की मांग हुई पूरी : जिले के खर्रा नाला में 6 करोड़ 26 लाख की लागत से बनेगा उच्चस्तरीय पुल,मुख्यमंत्री का जताया आभार.....*

जशपुरनगर। जशपुर जिले के विकास को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक महत्वपूर्ण परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल इस योजना के तहत जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र के  घुघरी से ढोढरअम्बा मार्ग पर स्थित खर्रा नाला पर 6 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपए की लागत से उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा।यह पुल निर्माण न केवल क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए अत्यंत आवश्यक था, बल्कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग भी थी।

बरसात के मौसम में हो जाती थी आवागमन अवरुद्ध

बरसात के दिनों में खर्रा नाला पर पानी का बहाव अधिक होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस स्वीकृति से ग्रामीणों को इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।लोक निर्माण विभाग रायपुर द्वारा प्रस्तावित इस योजना को प्रशासनिक स्तर पर मंजूरी मिल गई है, और जल्द ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इस पुल से घुघरी ढोढरअम्बा मरोल महादेवडांड सहित आसपास के गांवों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि कार्यों में भी प्रगति होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा दी गई इस सौगात के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए आभार जताया है। यह पुल निर्माण निश्चित रूप से क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले का हो रहा चहुँमुखी विकास


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार में जशपुर जिले को विकास के नए आयाम मिल रहे हैं,उनके निर्देश पर जिले में लगातार सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाई मिल रही है,बीते डेढ़ सालों  में जिस गति और समर्पण के साथ जिले में विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है, वह इस बात का प्रमाण है कि सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर बदलाव लाना है।लगातार सौगात मिलने एवं कई कार्य प्रारंभ हो जाने से जिले की तस्वीर बदलने लगी है।

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*छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे 400 नए बीएसएनएल टावर*

रायपुर 27 जुलाई 2025/ केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ इलाकों में डिजिटल संचार को सशक्त बनाने हेतु 400 नए बीएसएनएल टावर लगाने की योजना पर कार्य कर रही है। यह जानकारी ग्रामीण विकास और दूरसंचार राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज रायपुर में दी।

डॉ. शेखर ने कहा कि इन टावरों की स्थापना के लिए सुरक्षा बलों और वन विभाग से आवश्यक मंज़ूरी मिलने के बाद चरणबद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया, “बीएसएनएल आज देश में उच्च गुणवत्ता की 4जी सेवाएं दे रहा है, और इस विस्तार के साथ हम देश के अंतिम गांव तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाने के मिशन को साकार कर रहे हैं।”

*योजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष*

डॉ. शेखर ने रायपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग, डाक विभाग, दूरसंचार विभाग और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी योजनाओं के तेज़ और प्रभावशाली क्रियान्वयन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं ग्रामीण आधारभूत संरचना और आवास क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन ला रही हैं।

*महिला सशक्तिकरण के लिए नवाचार*

राज्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘पिंक ऑटो’ जैसे नवोन्मेषी प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत महिलाओं को स्वामित्व वाले पिंक ऑटो प्रदान किए जा रहे हैं। यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है। उन्होंने कहा की स्वसहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और विपणन अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है। 

डॉ. शेखर ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को “मिशन मोड” में लागू किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में सेवाएं घर-घर तक पहुँचाने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि “इन क्षेत्रों में विद्यालयों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे छात्रों को अब JEE, NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है। इसके साथ ही, दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं, जो एक संवेदनशील और समावेशी पहल है।”

*अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं सरकारी योजनाएं*

अपने संबोधन के अंत में डॉ. शेखर ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब समाज के अंतिम पंक्ति के नागरिक तक पहुँच रही हैं। वंचित, आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में भी अब तेज़ विकास और परिवर्तन देखा जा रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि डिजिटल, भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे को एकीकृत रूप से मजबूत कर ‘सबका साथ, सबका विकास’ को धरातल पर उतारा जाए।

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय श्रावण सोमवार को भोरमदेव में करेंगे पुष्प वर्षा से कांवड़ियों का स्वागत*

रायपुर, 27 जुलाई 2025/ श्रावण मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थित बाबा भोरमदेव धाम एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और सनातन आस्था का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  सावन मास के तीसरे सोमवार को हेलीकॉप्टर से भोरमदेव मंदिर परिसर पहुँचकर प्रातःकाल कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं, भक्तों एवं कांवड़ियों का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन करेंगे। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं का पुष्प वर्षा से स्वागत कर रहे हैं — जो जनभावनाओं के प्रति उनकी आत्मीयता और आस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव भी इस पावन अवसर पर उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ सरकार की सनातन परंपरा, लोक आस्था और श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान के भाव को दर्शाता है, जो राज्य के सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है।

उल्लेखनीय है कि श्रावण मास में भोरमदेव मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। तीसरे सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और उनकी आस्था — दोनों ही चरम पर होंगी। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव, बलौदा बाजार, मुंगेली, बिलासपुर सहित अन्य जिलों से हजारों की संख्या में कांवड़िए भोरमदेव धाम पहुँचते हैं। साथ ही, माँ नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक से जल लेकर पदयात्रा करते हुए श्रद्धालु भोरमदेव मंदिर पहुँचते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, भोजन, रात्रि विश्राम, पार्किंग, मार्गदर्शन एवं प्राथमिक चिकित्सा जैसी समुचित व्यवस्थाएँ की गई हैं। मंदिर क्षेत्र को विद्युत सज्जा, भजन संध्या और स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से पूरी तरह भक्तिमय स्वरूप में परिवर्तित कर दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को एक दिव्य आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के सम्मान एवं सेवा की यह परंपरा लगातार नई ऊँचाइयों को छू रही है। पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन करना केवल एक प्रतीकात्मक कृत्य नहीं, बल्कि इस भाव का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ सरकार धर्म, आस्था और संस्कृति के साथ दृढ़ता से खड़ी है, और जनमानस के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

भोरमदेव धाम, जिसे “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” भी कहा जाता है, श्रावण के इस पावन सोमवार को आस्था के महासंगम का केंद्र बनेगा। कांवड़ यात्रा और मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्रियों की उपस्थिति के कारण यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा, प्रशासनिक सक्रियता और सामाजिक सहभागिता का एक अनुपम उदाहरण बन जाएगा — जो आने वाले समय में एक प्रेरक परंपरा के रूप में स्थापित होगा।

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*मुख्यमंत्री श्री साय ने मेडिश्योर हॉस्पिटल का किया शुभारंभ.......स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध”

रायपुर, 27 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कमल विहार सेक्टर-11ए में मेडिश्योर हॉस्पिटल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ सुलभ हो सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने हॉस्पिटल प्रबंधन को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त मेडिश्योर हॉस्पिटल आमजन के लिए एक बड़ी सौगात है। विशेष रूप से बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधा राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को राहत मिलेगी।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू, डॉ. विकास गोयल, डॉ. मीनल गोयल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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*“कुतुब मीनार से ऊँचा जैतखाम सतनामी समाज का गौरव है” – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय.....रायपुर में सतनामी समाज भवन हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा*

रायपुर, 27 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सतनामी समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश पदाधिकारियों के शपथग्रहण समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा समाज के विकास का मूलमंत्र है। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए हम सबको मिल-जुलकर कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में गिरौदपुरी धाम में कुतुब मीनार से भी ऊँचा जैतखाम निर्मित किया गया, साथ ही अनेक विकास कार्य भी संपन्न हुए। इससे न केवल समाज का गौरव बढ़ा है, बल्कि सतनामी समाज को वैश्विक पहचान भी मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है। इसी अनुरूप हमारी सरकार ने भी छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। हमें पूर्ण विश्वास है कि बाबा गुरु घासीदास जी के आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर राजधानी रायपुर में सतनामी समाज के बहुद्देशीय भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, गिरौदपुरी स्थित मड़वा महल के शेष अधूरे कार्यों की पूर्णता हेतु 50 लाख रुपये की मंजूरी भी प्रदान की गई। उन्होंने समारोह में सम्मानित हो रहे प्रतिभावान विद्यार्थियों को पाँच–पाँच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर कक्षा 10वीं और 12वीं के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जब समाज के पदाधिकारी प्रतिबद्धता, निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते हैं, तो समाज की विश्वसनीयता बढ़ती है और समरसता के साथ समाज प्रगति की दिशा में अग्रसर होता है। उन्होंने कहा कि टीम भावना से कार्य करने पर रचनात्मक प्रयासों को बल मिलता है। उन्होंने गिरौदपुरी धाम में नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री एल.एल. कोसले के नेतृत्व में भव्य धर्मशाला निर्माण की पहल के लिए बधाई भी दी।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के आशीर्वाद से उन्हें सार्वजनिक जीवन के इन 40 वर्षों में विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और अब विधानसभा अध्यक्ष जैसे विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर मिला। बाबा जी का “मनखे-मनखे एक बराबर” का संदेश, श्वेत ध्वजा और श्वेत वस्त्र प्रदेश को शांति का प्रतीक बनाते हैं। पंथी नृत्य की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति भी विश्व में छत्तीसगढ़ की शांति व समरसता को स्थापित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी की सहभागिता और बाबा जी के आशीर्वाद से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ देश का सबसे विकसित राज्य बनेगा।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि समाज की उन्नति के लिए सामाजिक एकता और शिक्षा दो महत्त्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और प्रत्येक वर्ष प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में सतनामी समाज उन्नति के नए शिखर पर पहुँचेगा।

खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इन पदाधिकारियों के कंधों पर समाज को सशक्त बनाने की बड़ी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समाज को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उद्योग, व्यापार एवं स्वरोजगार की दिशा में समाज को आगे आने का आह्वान किया। मंत्री श्री बघेल ने जानकारी दी कि देशभर से पधारे सतनामी समाज के आध्यात्मिक गुरुओं की उपस्थिति में गिरौदपुरी धाम में ‘गुरु दर्शन’ के उपरांत एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी समाजजनों की सहभागिता अपेक्षित है।

कार्यक्रम को सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, गुरु खुशवंत साहेब, प्रगतिशील सतनामी समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष श्री एल.एल. कोसले ने भी संबोधित किया।

इस शपथग्रहण समारोह में विधायकगण श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्रीमती उत्तरी जांगड़े, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती कविता प्राण लहरे, उत्तर प्रदेश से श्री कमलेश दास, असम से श्री मदन सतनामी, बिहार से श्री श्याम दास, ओडिशा से सूरज भारती, राजस्थान से मारवाड़ सतनामी समाज के अध्यक्ष श्री महेंद्र सतनामी, मध्यप्रदेश से श्री किशन बंजारे तथा दिल्ली से डॉ. जगजीवन खरे सहित सतनामी समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अध्यात्म गुरुगण उपस्थित रहे। साथ ही, प्रदेश साहू समाज, यादव समाज, कुर्मी समाज, सर्व आदिवासी समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिगण भी इस समारोह में सम्मिलित हुए।

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बाबा भगवान राम ट्रस्ट एवं सर्वेश्वरी समूह महिला संगठन ने स्कूली बच्चों को बांटी पाठ्य सामग्री.....शिक्षा को बढ़ावा देने और  विद्यार्थियों को सशक्त बनाने में मदद...

नारायणपुर :- सर्वेश्वरी महिला समूह संगठन सोगड़ा ने स्कूली बच्चों को स्कूली बैग, कलम, कॉपी वितरण की हैं। महिला समूह की यह एक अच्छी पहल है जो शिक्षा को बढ़ावा देने और बेटियों को सशक्त बनाने में मदद करेगी।कॉपी-पुस्तकों का वितरण, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत होती है जो उनके अभिभावक आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं। इस तरह का वितरण सुनिश्चित करता है कि बेटियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो, जिससे वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें


      ज्ञात हो कि बाबा भगवान राम ट्रस्ट सोगड़ा, जशपुर एवं श्री सर्वेश्वरी समूह महिला संगठन जशपुर ने दिन रविवार 27 जुलाई 2025 को सोगड़ा आश्रम के प्रांगण में स्कूली बच्चों के बीच स्कूल बैग एवं कलम-कापी आदि का वितरण किया। कार्यक्रम सांय 4:30 बजे सोगड़ा आश्रम के गणेश पीठ प्रांगण में आयोजित किया गया था जिसमें लगभग 38 स्कूली बच्चों को उक्त सामग्रिया वितरित की गयी। सर्वप्रथम श्री सर्वेश्वरी समूह के मंत्री डॉ शिवपूजन सिंह के द्वारा स्कूल बैग वितरण का कार्यक्रम प्रांरभ किया गया तत् पश्चात ट्रस्ट के अध्यक्ष गुरूपद संभव राम बाबा जी द्वारा कुछ बच्चों को स्कूल बैग व अन्य सामाग्रियां प्रदान की गयी। तत्पश्चात ट्रस्ट के सदस्यो एवं महिला संगठन के सदस्यों द्वारा सामग्री वितरण का कार्य सम्पादित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को मन लगाकर पढ़ने की सीख दी गयी।

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*पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने सावन माह में प्रस्तुत की सनातन संस्कृति की अनूठी मिसाल, अमरकंटक से भोरमदेव तक पूरी की 151 किलोमीटर कांवड़ यात्रा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने फोन कर भावना बोहरा और कांवड़ियों का बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने भावना बोहरा और कांवड़ियों को फोन कर दी यात्रा की शुभकामनाएं

रायपुर : 21 जुलाई को पंडरिया विधायक भावना बोहरा और उनके साथ 300 से अधिक कांवड़ियों ने माँ नर्मदा मंदिर अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक 151 किलोमीटर की यात्रा शुरू की जो 27 जुलाई को भोरमदेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ जी की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के साथ पूर्ण हुई। छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना हेतु यह कांवड़ यात्रा पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में शुरू की गई और 7 दिनों में घने जंगलों, पर्वतों, बीहड़ रास्तों, उफनती नदियों और घनघोर बारिश को पार करते हुए डोंगरिया महादेव एवं भोरमदेव मंदिर में शिवजी के जलाभिषेक के साथ पूरी हुई। सभी अवरोधों को पंडरिया विधायक भावना बोहरा और उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे कांवड़ियों ने पार किया और मन में एक पवित्र संकल्प एवं भगवान भोलेनाथ के प्रति अपार आस्था के साथ निकली इस यात्रा में हर दिन एक नई उर्जा,उल्लास एवं उत्साह दिखाई दिया। 151 किलोमीटर की यात्रा पूर्ण कर भावना बोहरा और उनके साथ सभी कांवड़ियों ने यह जरुर साबित किया है कि यदि दृढ़ संकल्प और इच्छा शक्ति के साथ मन में भक्ति और आस्था से आप अपने हर लक्ष्य  और संकल्पों को पूरा कर सकते हैं। यह यात्रा छत्तीसगढ़ में अपने आप में एक मिसाल होगी यह पहला अवसर है कि एक महिला जनप्रतिनिधि ने प्रदेश व प्रदेशवासियों की मंगलकामना के लिए 151 किलोमीटर की कठिन यात्रा की और नारी शक्ति का एक सन्देश भी दिया है। 

यात्रा के अंतिम दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा और कांवड़ यात्रियों ने सुबह 7 बजे बोड़ला से अपनी यात्रा प्रारंभ की और दोपहर 12 बजे भोरमदेव मंदिर पहुंची। इस दौरान बोड़ला, में हजारों की संख्या में शिवभक्तों, सामाजिक व हिन्दू संगठनों, भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने पुष्पवर्षा करके उनका भव्य स्वागत किया। हर हर महादेव और बोल बम के नारों के साथ पूरा कवर्धा शिवभक्ति में लीन और भगवामय हो गया। इस दौरान भोरमदेव मंदिर में लगभग 5000 से अधिक शिवभक्तों ने मंदिर आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया ढोल-बाजो और भक्तिमय गीतों, पुष्पवर्षा से भावना बोहरा और उनके साथ पधारे कांवड़ यात्रियों का सभी ने अभिनंदन किया। यह पहला अवसर होगा जब भोरमदेव मंदिर में श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ पहुंची जहाँ लोगों ने खुले दिल से भावना बोहरा और उनके साथ कदम मिलाकर चलने वाले कांवड़ियों की अमरकंटक से भोरमदेव तक कांवड़ यात्रा की प्रशंसा की। 

यह कांवड़ यात्रा माँ नर्मदा मंदिर अमरकंटक से प्रारम्भ होकर लम्हनी, वन ग्राम महामाई, खुड़िया,गौरकांपा, पंडरिया, मोहतरा, पांडातराई, डोंगरिया महादेव,बोड़ला होते हुए भोरमदेव मंदिर में पूर्ण हुई। इस दौरान भोरमदेव मंदिर में भंडारा एवं महाप्रसादी वितरण का भी आयोजन किया गया जिसमें 5000 से अधिक शिवभक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने भी भोरमदेव मंदिर में दर्शन करने हेतु पधारे श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों का अभिनंदन किया और प्रसाद वितरण किया।

इस अवसर पर भावना बोहरा ने कहा कि यह यह क्षण और मेरे लिए गौरव और भावनाओं से भरा है जो मुझे आजीवन स्मरणीय रहेगा। भगवान भोलेनाथ और माँ नर्मदा के आशीर्वाद से और कबीरधाम जिला के शिवभक्तों, कांवड़ यात्रियों के अपार स्नेह,अपनत्व और सहयोग से यह यात्रा आज पूर्ण हुई है जिसके लिए मैं सभी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। विशेष रूप से मैं प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ.रमन सिंह जी का भी आभार व्यक्त करती हूँ जिन्होंने यात्रा के दौरान फोन पर बातचीत करके हम सभी का हौसला बढ़ाया और मंगलमय यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। यह मेरे लिए परम गौरव का क्षण है, छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-शांति और प्रदेश की समृद्धि हेतु जो संकल्प एवं कामना लेकर 21 जुलाई से हमने यह यात्रा प्रारंभ की और लगभग 300 से अधिक कांवड़ यात्रियों ने पुण्य यात्रा में मेरे साथ हर कदम पर अपनी सहभागिता निभाई उसके प्रति मैं सभी का आभार व्यक्त करती हूँ।

इसके साथ ही कबीरधाम जिले के आप सभी मेरे परिवारजनों, सभी सामाजिक व हिन्दू संगठन के सदस्यों, भाजपा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, युवा एवं महिला मोर्चा, तथा क्षेत्रवासियों द्वारा अपनत्व,स्नेह एवं  भव्य और आत्मीय स्वागत ने प्रतिदिन हमारी इस यात्रा को नई उर्जा प्रदान की। इस दौरान घने जंगलों, पर्वतों, बीहड़ रास्तों, उफनती नदियाँ और घनघोर बारिशों का सामना करने के लिए भगवान भोलेनाथ और माँ नर्मदा की भक्ति से हमें निरंतर शक्ति मिली। इस यात्रा से हमें एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण सीख मिली कि सच्ची श्रद्धा और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। श्रावण मास आस्था, अनुशासन और सेवा का अद्वितीय संगम है जहां हर भक्त महादेव के प्रति आस्थावान होकर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन रहते हैं तो वहीं कांवड़ यात्रा एक ऐसी परंपरा है, जो भक्ति, समर्पण और सामाजिक एकता का अनूठा संगम है। यह न केवल भगवान शिव के प्रति हमारी निष्ठा को दर्शाती है, बल्कि हमें मानवता, पर्यावरण संरक्षण और आत्म-शुद्धि के मूल्यों से भी जोड़ती है। 

पंडरिया विधानसभा सहित समस्त छत्तीसगढ़ का प्रत्येक नागरिक मेरे परिवार का सदस्य है। उनकी खुशहाली और समृद्धि की कामना तथा सेवा हमारी प्राथमिकता है। विगत वर्षों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मुझे जाने और वहां की जनता से जुड़ने का अवसर मिला। इस दौरान हर जगह मुझे जनता ने बहुत ही स्नेह और अपने परिवार की भांति आदर-सम्मान दिया उनके इसी आदर सत्कार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु हमने यह यात्रा की। मुझे विश्वास है कि हमारी इस पुण्य यात्रा के लिए पूरे प्रदेश की जनता ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हमें सहयोग दिया है और आगे भी आप सभी का सहयोग और मार्गदर्शन मुझे मिलता रहेगा। यह कांवड़ यात्रा केवल शारीरिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक यात्रा भी रही है। यह भक्तों को आत्म-संयम, धैर्य और दृढ़ता सिखाती है। इस यात्रा से मिले अनुभवों को मैं हमेशा अपने आचरण में निहित रखूंगी और हर जरूरतमंद व्यक्ति की सेवा और सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपरा के प्रसार हेतु अपने दायित्वों को पूरा करती रहूंगी। मैं आप सभी शिवभक्तों और खासकर युवाओं से कहना चाहती हूँ कि आइए, हम सनातन संस्कृति के इस गौरवशाली विरासत को संजोएँ और कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र आयोजनों के माध्यम से अपनी आस्था व एकता को और मजबूत करें।

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*बिल्हा ने देशभर में बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान – स्वच्छता में देशभर में प्रथम, ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने की सराहना*

रायपुर, 27 जुलाई 2025//
छत्तीसगढ़ की नगर पंचायत बिल्हा ने स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में 20,000 से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पूरे भारतवर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए दिनांक 17 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित भव्य पुरस्कार समारोह में भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बिल्हा नगर पंचायत को सम्मानित किया गया था। आज इस गौरवशाली उपलब्धि की प्रतिध्वनि ‘मन की बात’ के राष्ट्रीय मंच तक पहुँची, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 124वें संस्करण में बिल्हा नगर पंचायत की महिलाओं द्वारा किए गए नवाचार और श्रम का उल्लेख करते हुए सराहना की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिल्हा की महिलाओं को वेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई और उन्होंने मिलकर शहर की तस्वीर बदल डाली। यह उल्लेख पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है, जिसने स्वच्छता को न केवल शासकीय योजना के रूप में, बल्कि सामुदायिक आंदोलन के रूप में अपनाया है।

नगर पंचायत बिल्हा की आबादी लगभग 15,000 है, जहाँ 28 स्वच्छता दीदियाँ कार्यरत हैं। ये दीदियाँ नगर के 15 वार्डों में घर-घर जाकर ई-रिक्शा के माध्यम से कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं और फिर कचरे को SLRM सेंटर में ले जाकर गीला और सूखा कचरा पृथक करती हैं। गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को बेचकर ये महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसके अतिरिक्त बिल्हा नगर में 10 विशेष स्वच्छता कमांडो भी नियुक्त किए गए हैं जो ट्रैक्टर और ऑटो टिपर के माध्यम से पूरे शहर में घूमकर कचरा सफाई और जन-जागरूकता का कार्य कर रहे हैं। बिल्हा नगर पंचायत द्वारा जन-जागरूकता अभियान, मुनादी, और घरों-दुकानों से सीधे कचरा संग्रहण जैसे कदमों से आज नगरवासी कचरे को पृथक कर ई-रिक्शा में देने के लिए प्रेरित हो चुके हैं। मुक्तिधाम, तालाब, गार्डन, सामुदायिक भवन आदि में सामूहिक सफाई अभियान भी समय-समय पर चलाए जाते हैं। इस सफलता का श्रेय सभी सफाई कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों, नगर पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों और सकारात्मक सोच वाले जनप्रतिनिधियों को जाता है, जो निरंतर निरीक्षण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत में 20,000 से कम आबादी वाले 2000 से अधिक नगरीय निकाय हैं। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से सफाई व्यवस्था का परीक्षण, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, रोड स्विपिंग, नाइट स्विपिंग, कचरा निपटान, शौचालयों और पार्कों की सफाई व्यवस्था सहित जनता से फीडबैक शामिल था, उसी के आधार पर यह सम्मान मिला है।
इस अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, नगर पंचायत बिल्हा की अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेन्ड्रे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री प्रवीण सिंह गहलोत, उपाध्यक्ष श्री सतीश शर्मा, पीआईसी सदस्य श्री मोहन ढोरिया, तत्कालीन उप अभियंता श्री नरेंद्र दुबे, सफाई दरोगा श्री यशवंत सिंह, स्वच्छता सुपरवाइजर श्री राकेश डागोर, स्वच्छता दीदी श्रीमती पूजा राठौर एवं पीआईयू श्री अंकित दुबे विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो कीर्तिमान स्थापित किया है, वह सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। भारत सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में देशभर के 20,000 से कम आबादी वाले शहरों में प्रथम स्थान प्राप्त कर बिल्हा ने न केवल प्रदेश का मान बढ़ाया है, बल्कि यह सिद्ध किया है कि संकल्प, सहभागिता और सेवा भाव से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बात' कार्यक्रम में बिल्हा की महिलाओं और उनके स्वच्छता नवाचार की प्रशंसा करना इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक बना देता है। यह समस्त छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है।

उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में बढ़ाया है। यह सफलता हमारे नगरीय निकायों की प्रतिबद्धता, कार्यशैली और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य नगर निकायों को भी नई प्रेरणा देगी और हम सब मिलकर स्वच्छता में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।

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*जशपुर पुलिस विभाग में शोक की लहर, नारायणपुर थाना प्रभारी की बिजली करेंट की चपेट में आने से हुई मौत. ...रिफ्रेशर कोर्स कर अपने गृहग्राम सीतापुर सुरगांव आये हुए थे*

नारायणपुर :- स्व. श्री रामसाय पैंकरा जशपुर जिले के थाना नारायणपुर में प्रभारी के पद पर पदस्थ थे। पुलिस मुख्यालय द्वारा आयोजित चंदखुरी में 07 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स में सम्मिलित होने हेतु वे यहां से गए थे, कोर्स समाप्ति उपरांत वे दिनाँक 27.07.2025 को अपने घर सुरगांव थाना सीतापुर आये थे, इसी दौरान घर में बिजली करंट की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई।
                      स्व. श्री रामसाय पैंकरा का जन्म दिनाँक 02.01.1964 को हुआ था, एवं पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर नियुक्ति जिला खरगोन(मध्यप्रदेश) में दिनांक 01.06.1983 को हुई थी, उनकी पदोन्नति वर्ष 1995 में प्रधान आरक्षक के पद पर, वर्ष 2004 में ASI के पद पर, वर्ष 2009 में SI के पद पर एवं 2014 से निरीक्षक के पद पर कार्य कर रहे थे। अगले साल फरवरी 2026 में उनका रिटायरमेंट होना था।
                   एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह ने कहा है कि - इंस्पेक्टर रामसाय पैंकरा का निधन होना पुलिस विभाग के लिए बहुत बड़ी क्षति है, वे बेहद सरल, सौम्य एवं व्यवहारकुशल व्यक्त्वि के धनी थे, अपने कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां को तत्परतापूर्वक पूर्ण करते थे, उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।*

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*'मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की गूंज – बिल्हा की महिलाओं ने बदली शहर की तस्वीर, पीएम ने की सराहना*

रायपुर, 27 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर श्री विकास मरकाम, श्री नवीन मार्कण्डेय, श्री अमित चिमनानी, श्रीमती हर्षिता पांडे, श्री अमित साहू सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘मन की बात’ के 124वें संस्करण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ न केवल जन संवाद का एक सशक्त माध्यम है, बल्कि यह देशभर के नवाचारों, जनप्रयासों और प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाकर लोगों में नई ऊर्जा भरने का कार्य करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है, क्योंकि बिलासपुर जिले के नगर पंचायत बिल्हा में स्वच्छता के क्षेत्र में मातृशक्ति द्वारा किए गए नवाचार का उल्लेख स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम में किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिल्हा की महिलाओं को वेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई और उन्होंने मिलकर शहर की तस्वीर बदल डाली। यह उल्लेख हम सभी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
बिल्हा की महिलाओं ने दिखा दिया कि जब संकल्प और सहयोग एक साथ हों, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं होता। स्वच्छता की इस मिसाल ने पूरे देश में छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। बिल्हा की महिलाओं ने अपने संकल्प से इसे देश का सबसे स्वच्छ शहर बना दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो नवाचार किया है, उसे आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में विशेष रूप से रेखांकित किया। यह दिखाता है कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से बनता हुआ एक सशक्त जनांदोलन है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 7 शहरों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत माननीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जिनमें नगर पंचायत बिल्हा सहित अन्य नगरीय निकाय शामिल हैं। उन्होंने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, निगम आयुक्तों, सीएमओ, स्वच्छता दीदियों और सफाईकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सभी के समर्पण और मेहनत का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में जशपुर जिले के दौरे के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जिले के पाँचों नगरीय निकायों ने स्वच्छता रैंकिंग में अभूतपूर्व छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दो दिन पहले उन्होंने जशपुर में स्वच्छता दीदियों और कर्मियों को स्वयं सम्मानित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में एक सकारात्मक वातावरण बना है और हमारी सरकार ने जिस निष्ठा एवं संकल्प के साथ स्वच्छ भारत मिशन को लागू किया है, उसका परिणाम आज देश के सामने है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के कोने-कोने की साधारण कहानियों को असाधारण प्रेरणा में बदलने वाला राष्ट्रीय अभियान बन गया है जो भारत के लोकतंत्र की जीवंतता का साक्षात प्रमाण है।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने की सौजन्य मुलाक़ात*

रायपुर, 27 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारत सरकार के केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ग्रामीण विकास, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन, आदिवासी अंचलों में संचार सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को धरातल पर साकार करने हेतु राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख पक्के मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे प्रदेश के गरीब परिवारों के आवास का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र आरंभ किए गए हैं, जिससे ग्रामीण जनसंख्या को सहज और सुलभ बैंकिंग सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा कौशल विकास एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने मुख्यमंत्री श्री साय को अपने नारायणपुर तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के दौरे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में केंद्र सरकार की योजनाएं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो रही हैं और स्थानीय जनता को इनका सीधा लाभ मिल रहा है। डॉ. पेम्मासानी ने माओवादी क्षेत्रों में तीव्र गति से हो रहे सकारात्मक बदलाव की सराहना करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य का संकेत बताया। उन्होंने ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए गए बेलमेटल, मिलेट्स और घरेलू उत्पादों की गुणवत्ता अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन समूहों की महिलाएँ 15 से 20 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं, जो ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

डॉ. पेम्मासानी ने जनजातीय समुदाय के पारंपरिक स्वागत का स्मरण करते हुए कहा कि उनके साथ नृत्य करना और स्थानीय संस्कृति से आत्मिक रूप से जुड़ने का अनुभव अविस्मरणीय रहा। उन्होंने परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय के दौरे का भी विशेष उल्लेख किया और वहाँ बच्चों से हुई आत्मीय बातचीत को अत्यंत भावुक क्षण बताया। उन्होंने शासन द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद उपस्थित थे।

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किसान भाईयों की खेती ने पकड़ी रफ्तार : धान के साथ फल फूल और सब्जी की भी अच्छी  खेती कर रहे है.....मुख्यमंत्री ने किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराने के दिए निर्देश 

विशेष लेख : श्रीमती नूतन सिदार

जशपुर 27 जुलाई 25/ बरसात का मौसम है और किसान भाई बंधुओं की खेती-किसानी का समय किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता 
हरेली का त्योहार भी बड़े उत्साह से मनाया गया जहां उन्होंने पारंम्परिक औजार और ईश्वर की पूजा अर्चना कर अच्छी फसल की कामना की।

जशपुर जिले के किसान भी अपने खेतो में थरा लगाकर अच्छी फसल की उम्मीद किए हैं। 
 
किसान दीलिप का कहना है कि खेती बाड़ी अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए तो काफी लाभदाय होता है और किसानों को उपज का सही दाम भी मिलता है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी भी की जा रही है जिससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है। किसानों को अच्छी फसल लेने के लिए मौसम और फसल का चयन बेहद जरूरी है।

हर फसल का एक निर्धारित मौसम होता है जैसे धान वर्षा ऋतु में, गेहूं सर्दियों में। यदि किसान सही समय पर बोवाई और कटाई करते हैं, तो पैदावार अच्छी होती है।

 भूमि की तैयारी
खेती का समय किसान को मिट्टी की उर्वरता बढ़ान और इसके लिए सही मौका देता है। इससे बीज अंकुरित होने की संभावना बेहतर होती है। किसानों को फसल लगाने से पहले अपने खेत की मिट्टी का परिक्षण और कृषि वैज्ञानिकों से सलाह जरूर लेनी चाहिए ताकि मिट्टी के अनुसार फसल लगाई जा सके।

 किसान भाई बंधुओं को कीटनाशक और खाद का सही उपयोग करना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने सभी किसान भाई बंधुओं को सोसायटी के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में खाद बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि खेती बाड़ी करने में कोई समस्या न होने पाए।

यदि किसान सही समय पर जैविक या रासायनिक खाद और कीटनाशक डालते हैं, तो फसल की रक्षा होती है और उत्पादन में वृद्धि होती है।

किसान भाई बंधुओं को बाजार और कीमतें
अगर किसान फसल की बुवाई और कटाई समय पर करते हैं तो बाजार में उस फसल की मांग अधिक हो जाती है जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल सकते हैं। 

 अगर सब्जियां ऑफ-सीजन में तैयार होती हैं तो भाव ज्यादा मिलते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का भी लाभ किसानों को दिया जा रहा है।

खेती-किसानी के मौसम में सरकार बीज, खाद, सिंचाई उपकरण आदि पर सब्सिडी या सहायता देती है। सही समय पर खेती करने से किसान इन योजनाओं का पूरा लाभ ले सकते हैं।

खेती-किसानी का समय अगर वैज्ञानिक और व्यावसायिक समझ के साथ अपनाया जाए तो यह किसानों के लिए बेहद लाभदायक हो सकता है  उत्पादन ज्यादा होगा, लागत कम, और बाज़ार में अच्छे दाम मिलेंगे।
जशपुर जिले की मिट्टी बहुत ही उपजाऊ है किसानों को फल फूल सब्जी से बढ़िया लाभ मिल रहा है। किसान अपनी भूमि पर सीजन अनुसार फसल लेते हैं। धान के साथ साग सब्जी, फल फूल की भी अच्छी खेती कर रहे हैं।

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CG Big News : राज्य स्तरीय उद्यमी सम्मेलन.! 'लघु उद्योग विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक मजबूत आधार, भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में नहीं किया जाएगा बर्दाश्त'- वित्त मंत्री ओपी चौधरी

Chhattisgarh News/रायपुर। राजधानी में आज राज्य स्तरीय उद्यमी सम्मेलन और वार्षिक बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने शिरकत की। इस आयोजन में प्रदेश भर से आए लघु उद्यमियों से संवाद किया गया और उद्योगों को मजबूत बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि लघु उद्योग विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक मजबूत आधार हैं। उन्होंने मंच से स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई बड़ा घोटाला करेगा तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। संगठित भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और घूस मांगने वालों को जेल भेजा जाएगा।

ज्ञात हो कि, वित्त मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने कहा कि पहली से 15वीं सदी तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी और इसका श्रेय हमारे छोटे-छोटे उद्योगों को जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए योजनाबद्ध कार्य हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों के सुझावों को गंभीरता से लेकर उन्हें अमल में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ राज्य की नई औद्योगिक नीति से रोजगार ओर स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ी है।

नई उद्योग नीति से छत्तीसगढ़ में आया 6.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश

वहीं, लघु उद्योग भारती छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित वार्षिक बैठक एवं उद्यमी सम्मेलन में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप, राज्य सरकार का लक्ष्य 2047 तक छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाना है। अब तक 6.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनसे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

उन्होंने यह भी बताया कि उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली विकसित की जा रही है, और बजट में सब्सिडी के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

सम्मेलन में दिखी उत्साहजनक भागीदारी

वहीं, सम्मेलन में लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र मुख्य वक्ता रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीगसढ राज्य औद्योगिक विकास निगम के चेयरमैन राजीव अग्रवाल एवं लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष समीर मुंदरा उपस्थित रहे। सी एस आई डी सी के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने लघु उद्योग भारती के प्रयासों की सराहना की और इसे छोटे उद्योगों के हित में एक प्रेरणादायक कदम बताया। संगठन की इस पहल से प्रदेश में लघु उद्योग क्षेत्र को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष समीर मुंदरा ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के सुझाव रखते हुए छत्तीसगढ़ में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने उद्यमियों के साथ अपने संवाद को अत्यंत सकारात्मक और प्रेरक बताया।

प्रदेश भर की 22 पूर्ण इकाईयों और14 संयोजक इकाईयों ने लिया भाग

दरअसल, कार्यक्रम का प्रथम चरण संगठन की वार्षिक बैठक पर केंद्रित था, जिसमें प्रदेश भर की 22 पूर्ण इकाईयों एवं 14 संयोजक इकाईयों ने भाग लिया। सरगुजा से लेकर बस्तर तक की सभी इकाईयों ने अपने क्षेत्रीय उद्योगों से संबंधित मुद्दों और अनुभवों को साझा किया। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश की नई कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई। लघु उद्योग भारती के संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र ने भारत के ऐतिहासिक औद्योगिक वैभव का उल्लेख करते हुए उद्यमियों को पुनः उस गौरव को प्राप्त करने के लिए संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया।

फिलहाल, प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंघानिया ने स्वागत भाषण में संगठन की रीति-नीति पर प्रकाश डाला। प्रदेश महामंत्री डॉ सीपी दुबे ने दो वर्षों के कार्यकाल में संगठन द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। प्रदेश कोषाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने वित्तीय जानकारी दी, और संयुक्त महामंत्री कैलाश चंद्रवंशी ने नवचयनित पदाधिकारियों का परिचय कराया। कार्यक्रम में ईश्वर पटेल, किशोर पटेल, रवि वर्मा, मोहन पटेल, योगेश पटेल सहित सभी इकाइयों के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।

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CG Breaking : 29 जुलाई से NEET UG 2025 की काउंसलिंग.!छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू..जाने पूरी जानकारी

NEET UG 2025: रायपुर। नीट यूजी 2025 (MBBS/BDS) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्रक्रिया 29 जुलाई 2025 से आरंभ की जा रही है. यह प्रक्रिया चार चरणों में ऑनलाइन आयोजित होगी. राष्ट्रीय चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) द्वारा नीट यूजी 2025 की अंतिम प्रवेश तिथि 3 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है. राज्य में छत्तीसगढ़ चिकित्सा , दंत चिकित्सा और भौतिक चिकित्सा फिजियोथेरेपी स्नातक प्रवेश नियम 2025 के अनुसार किया जाएगा. 

वहीं, राज्य में यू जी काउंसलिंग प्रक्रिया का आयोजन कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ द्वारा किया जा रहा है. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल https://cgdme.admissions.nic.in पर उपलब्ध जानकारी को ही प्रमाणिक मानें और उसी के अनुसार आवेदन करें. किसी प्रकार की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0771-2972977 पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है.

दरअसल, राज्य में समस्त शासकीय और निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों की सीटें उनकी योग्यता और निर्धारित नियमों के अनुरूप राज्य स्तरीय काउंसलिंग समिति , कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा द्वारा आवंटित की जाएंगी. किसी एजेंट या संस्था के माध्यम से प्रवेश देने के दावे अस्वीकार्य होंगे.

फिलहाल, प्रवेश से संबंधित सभी जानकारी, समय-सारणी, सीट मैट्रिक्स और नियमों का प्रकाशन विभागीय वेबसाइट www.cgdme.in पर किया जाएगा. अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट का अवलोकन करते रहें.

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यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत प्रयोगशाला सहायकों का उन्मुखीकरण सम्पन्न — विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रयोगों का हुआ प्रदर्शन 

जशपुर : यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर रोहित व्यास एवं सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में तथा शिक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार भटनागर के निर्देशन में प्रयोगशाला सहायकों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले के विद्यालयों में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों को विज्ञान प्रयोगों की जानकारी देना, उनके कौशल को निखारना तथा प्रयोगशालाओं के उपयोग और अधिक प्रभावी बनाना था।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने सभी प्रयोगशाला सहायकों को लैब के नियमित उपयोग, विद्यार्थियों को प्रयोगो के लिए प्रोत्साहन , अपनी क्षमता के 100 प्रतिशत का उपयोग के लिए प्रेरित किया। साथ ही प्रयोगशाला प्रबंधन की विस्तृत जानकारी देते हुए यह भी बताया कि प्रयोगशाला का किस प्रकार बेहतर उपयोग किया जाए ?, जिससे विद्यार्थियों में बेहतर समझ विकसित हो।
      उन्मुखीकरण में भौतिकी, रसायन एवं जीव विज्ञान विषयों से संबंधित कई प्रयोगों का प्रदर्शन और अभ्यास कराया गया। मास्टर ट्रेनर श्रीमती किरण सिंह, श्रीमती शबाना परवीन के द्वारा रसायन विषय में कराए गए प्रयोग में उपकरणों का ज्ञान, मॉडल किट का प्रयोग, विभिन्न अभिकर्मकों के विलयन तैयार करना, मोलर विलयन बनाना तथा KMnO₄ एवं मोहर लवण मध्य अनुमापन‌ प्रमुख रहे। जीव विज्ञान में श्रीमती रेशमारानी एक्का ने क्वाड्रेट विधि द्वारा पौधों की जनसंख्या घनत्व मापन, केले की पत्तियों से डीएनए पृथक्करण एवं विभिन्न जल स्रोतों का pH मान मापन कराया । प्रयोगों के माध्यम से प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता पर भी चर्चा की गई। भौतिकी में प्रशिक्षक दीपक ग्वाला, संतोष कुमार अम्बस्थ ने  वर्नियर कैलिपर्स, स्क्रूगेज, कांच के आयताकार गुटके, प्रकाश का अपवर्तन, प्रिज्म के प्रयोग, उत्तल लेंस की फोकस दूरी ज्ञात करना जैसे प्रयोग कराए।
कार्यशाला आयोजन में यशस्वी जशपुर टीम के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय, संजय दास की भूमिका महत्वपूर्ण रही । 
यह प्रशिक्षण न केवल प्रयोगशाला सहायकों की दक्षता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ, बल्कि विद्यालयों में विज्ञान शिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा देने की दिशा में एक सशक्त पहल भी रहा।

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